* मुख्यमंत्री ने भारतमाता के 37 फीट ऊँची कांस्य प्रतिमा का किया अनावरण
भोपाल .(www.radarnews.in) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल के शौर्य स्मारक में भारतमाता की कांस्य प्रतिमा का अनावरण करते हुये कहा कि भारत माता हमे शक्ति दें कि मध्य प्रदेश वैभवशाली, गौरवशाली और संपन्न देश के निर्माण में अपना सशक्त योगदान दे सके। श्री चौहान ने कहा कि देश पर सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर सपूत सैनिकों की स्मृति में निर्मित शौर्य स्मारक में भारत माता की दिव्य और भव्य प्रतिमा स्थापित करने का मेरा संकल्प आज साकार हुआ।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शौर्य स्मारक पर वीरों को श्रद्धा सुमन अर्पित करने आये सरसंघ चालक मोहन भागवत सहित अनेक लोगों के मन में अक्सर यह भाव आता था कि यहाँ भारतमाता की मूर्ति होनी चाहिए। यह सपना आज साकार हुआ। उन्होंने कहा शौर्य स्मारक आने वाला हर व्यक्ति वीर सपूतों को श्रद्धांजलि देकर भारतमाता को प्रणाम कर देश भक्ति के भाव से भर जायेगा।

संस्कृति, पर्यटन एवं आध्यात्म मंत्री उषा ठाकुर ने भी शौर्य स्मारक पर वीर सपूतों को पुष्पचक्र अर्पित करने के बाद भारतमाता को पुष्पांजलि अर्पित की। भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर, पूर्व महापौर आलोक शर्मा, साधना सिंह और प्रमुख सचिव संस्कृति, पर्यटन और जनसम्पर्क शिवशेखर शुक्ला भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर भारतमाता की मूर्ति बनाने वाले मूर्तिकार राजकुमार पण्डित का शाल श्रीफल से सम्मान किया।
अशोक चक्र राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत भी उकेरा

उल्लेखनीय है कि भोपाल में 13 एकड़ क्षेत्र में निर्मित शौर्य स्मारक का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अक्टूबर 2016 को किया था। स्मारक की प्रथम वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यहाँ भारतमाता की प्रतिमा स्थापना का संकल्प लिया था। प्रतिमा स्थापना के लिये विशेषज्ञों, वास्तुविदों, शिल्पकारों, चित्रकारों, आकल्पनकारों और संस्थानों आदि से प्रस्ताव आमंत्रित करने के बाद आर्शीवचन की मुद्रा में राष्ट्रध्वज सहित कमल पर भारतमाता की लगभग 25 फीट (पेडस्टल सहित 37 फीट) कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है। प्रतिमा के पेडस्टल पर अशोक चक्र के साथ राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत भी उकेरा गया है। वहीं स्मारक में भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना से संबंधित संक्षिप्त ऐतिहासिक जानकारी, चित्र, अस्त्र-सशस्त्रों के छायाचित्र, टेबलटॉप मॉडल स्केल मॉडल शौर्यपदक विवरण, शौर्य से संबंधित प्रकाशन, लघु फिल्म प्रदर्शन आदि के माध्यम से जनसामान्य को भारतीय सेना की शौर्यगाथाओं से परिचित कराया जाता है। अब तक 26 लाख 50 हजार से अधिक लोग यहाँ आ चुके हैं।
शौर्य स्तम्भ पर शहीदों को नमन

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतमाता की मूर्ति के अनावरण के पूर्व शौर्य स्तम्भ पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को नमन किया। इस मौके पर संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
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सुखपाल के दुखद निधन की खबर आने पर शोक संतृप्त परिजन हरदुआ चौकी पहुंचे और उनके द्वारा इस घटना पर एक्सीडेंटल मौत का मामला दर्ज न कर हत्या का प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग की गई। चौकी प्रभारी हरदुआ फर्जन्द अली ने घटना को गंभीरता से लेकर तत्परता से आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिलाते हुए मृतक के परिजनों को समझाकर वापस घर भेज दिया।
सोमवार को दोपहर में लगभग 2:30 दमोह से सुखपाल का शव आने के इंतजार में हरदुआ चौकी के समीप स्थित चौराहे पर बड़ी तादाद में मृतक के परिजन और रिश्तेदार एकत्र थे। कुछ देर बाद मातमी माहौल के बीच जैसे ही दलित युवक का शव हरदुआ पहुंचा तभी संयोगवश कार का मालिक एवं किराना व्यापारी कमलेश लोधी अपने शिक्षक भाई गोविन्द प्रसाद लोधी के साथ वाहन के दस्तावेज लेकर चौकी पुलिस को देने पहुँच गया। कमलेश को सामने से आता हुआ देख शोक संतृप्त परिजन गुस्से से भड़क ऊठे। आक्रोशित भीड़ ने कमलेश लोधी और उसके भाई गोविन्द प्रसाद लोधी की बेदम पिटाई शुरू कर दी ।
हमलावर भीड़ ने दोनों को इतना मारा की मारते-मारते अधमरा कर दिया। जान बचाने के लिए दोनों भाई पुलिस चौकी के अंदर घुस गए। लेकिन भीड़ भी बलपूर्वक अंदर घुस गई और पुनः दोनों को बेरहमी से पीटते हुए बाहर निकाल लाई। किराना व्यापारी और उसके भाई को पीट-पीटकर मारने पर उतारू आक्रोशित भीड़ से दोनों को बचाने के लिए चौकी प्रभारी फर्जन्द अली, प्रधान आरक्षक प्रेमलाल शर्मा और दो पुलिस आरक्षक काफी देर तक जूझते रहे। इस बीच वरिष्ठ अधिकारियों को बवाल की सूचना देकर उनसे तुरंत मदद मांगी गई। अतिरिक्त बल आने तक चार निहत्थे पुलिसकर्मी खुद भी भीड़ की हिंसा का शिकार बने लेकिन अपनी जान की परवाह किये बगैर उन्होंने बड़े ही साहसिक तरीके से भीड़ का मुकाबला कर किराना व्यापारी कमलेश लोधी और उसके शिक्षक भाई गोविन्द प्रसाद लोधी को किसी तरह बचाते हुए भीड़ के हाथों बड़ा अपराध होने से रोक लिया।
जिले के आधा दर्जन थानों से बड़ी तादाद में अतिरिक्त पुलिस बल और पुलिस अधिकारियों के हरदुआ पहुँचने पर हिंसा शांत हो गई। हालांकि इसके बाद सड़क हादसे में मृत युवक का शव पुलिस चौकी परिसर के अंदर रखकर भीड़ के द्वारा हत्या का मामला पंजीबद्ध करने की मांग की गई। मौके पर तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए उप पुलिस अधीक्षक अभिषेक गौतम ने पीड़ित परिजनों को समझाइश दी गई, जिसके बाद वे शव लेकर अपने गांव के लिए रवाना हो गए। इस मामले में सिमरिया थाना पुलिस ने कार के चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और व्हीकल एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है।
वहीं पुलिस चौकी हरदुआ का घेराव, तोड़फोड़ और शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए हंगामा करने पर बलवा सहित विभिन्न धाराओं के तहत भीड़ के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। उप पुलिस अधीक्षक अभिषेक गौतम ने बताया कि शाम 5 बजे के बाद से हरदुआ सहित क्षेत्र में स्थिति सामान्य है और पूरी तरह शांति कायम है। आपने कहा कि हिंसा करने वालों में कुछ को नामजद किया गया है, वहीं घटना के वायरल वीडियो के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
















