सिमरिया के मुख्य बाजार में सड़क किनारे स्थित स्टेट बैंक के एटीएम का मलवा जिसे लुटेरों ने विस्फोटक से उड़ाया। (फाइल फोटो)
* पन्ना जिले के सिमरिया क़स्बा की में सामने आई लूट की सनसनखेज वारदात
* पुलिस के निकम्मेपन के कारण जिले में तेजी से बढ़ रहीं हैं लूटपाट की घटनाएं
* सिमरिया थाना के नजदीक एटीएम में विस्फोट होने के बाद भी सोती रही पुलिस
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में बीती रात दो अज्ञात बदमाश बड़े ही दुस्साहसिक अंदाज में लाखों रुपये की लूट की सनसनीखेज वारदात को अंजाम देकर मोटरसाइकिल से भाग निकले। जिले के सिमरिया क़स्बा के मुख्य बाजार में स्थित स्टेट बैंक के एटीएम में तैनात गार्ड के सीने पर कट्टा तानकर अज्ञात बदमाशों ने स्टेट बैंक के एटीएम को विस्फोटक से उड़ा दिया और फिर उसमें रखे लाखों रुपये समेटकर फरार हो गए। सिमरिया पुलिस थाना के नजदीक हुई लूट की इस अप्रत्याशित वारदात का आज सुबह जब लोगों को पता चला तो इलाके के लोग दहशत में आ गए। लूट की हैरान करने वाली इस घटना के बाद से स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस थाना से महज पांच सौ मीटर की दूरी पर इतना तेज धमाका होने के बाद भी रात्रिकालीन ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मी सोते रहे। घटनास्थल के समीप ही पुलिस के डायल-100 वाहन का प्वाइंट निर्धारित है लेकिन वारदात के समय वह रात्रि गश्त पर गई थी। मौका पाकर अज्ञात शातिर बदमाश लूटपाट कर बाइक से भाग निकलने में सफल रहे।
बदमाशों का निशाना बने एटीएम के मलबे को देखते हुए स्थानीय लोग।
एटीएम लूट की घटना की जानकारी मिलने पर पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने तुरंत सिमरिया पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। लूट की पूरी वारदात सीसीटीव्ही कैमरों में कैद हुई है। एटीएम के गार्ड सुखेन्द्र चौधरी के द्वारा लुटेरों के कद-काठी के सम्बंध दी गई दी गई जानकारी और सीसीटीव्ही कैमरों के फुटेज के आधार पर पुलिस अज्ञात बदमाशों का सुराग लगाने में जुटी है।
एटीएम को विस्फोट से उड़ाकर रुपये लूटने की घटना की पत्रकारों को जानकारी देते हुए पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी।
पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने जानकारी देते हुए बताया कि स्टेट बैंक के एटीएम को विस्फोट से उड़ाकर रुपए लुटने की वारदात में प्रोफेशनल अपराधी शामिल हैं। उनके द्वारा पूरी वारदात महज 15 मिनिट के अंदर अंजाम दिया गया है। आपने बताया कि इसी तरह की घटनाएं पड़ोसी जिला दमोह, गैसाबाद और सतना के अमरपाटन में सामने आई हैं। आपने कहा कि इन सभी घटनाओं के पैटर्न को देखते हुए इसमें एक ही गैंग का हाथ होने की सम्भावना है। फिलहाल पुलिस की प्रारम्भिक जांच में यह साफ़ नहीं हो सका कि एटीएम में रखे कुल कितने रुपयों की लूट हुई है। अपुष्ट जानकारी के अनुसार एक दिन पूर्व एटीएम में 22-23 लाख रुपये डाले गए थे। पुलिस की फोरेंसिक टीम को जांच के दौरान क्षतिग्रस्त एटीएम में कुछ रुपये मिले हैं। इस तरह एटीएम से आहरित राशि और मौके पर मिले रुपयों की गणना के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही जा रही है। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने “रडार न्यूज” से चर्चा में कहा कि यह घटना हमारे लिए बड़ी चुनौती जिसका हर हाल जल्द से जल्द खुलासा किया जाएगा।
एटीएम गार्ड ने समय पर नहीं दी सूचना
एटीएम में घटना के समय तैनात रहा गार्ड सुखेन्द्र चौधरी।
एटीएम को विस्फोटक से उड़ाकर रुपए लूटने के घटनाक्रम से हो रही चौतरफा बदनामी के चलते पुलिस महकमे में एटीएम में तैनात गार्ड सुखेन्द्र चौधरी की लापरवाही को लेकर नाराजगी व्याप्त है। पता चला है कि रविवार की रात करीब पौने 2 बजे जब दोनों बदमाश एटीमए में पहुंचे तो गार्ड गेट को वायर से बांधकर अंदर लेटा हुआ था। दोनों युवकों की अंदर आने को लेकर हड़बड़ाहट को देखते हुए गार्ड को उन पर संदेह हुआ लेकिन उसने पुलिस को कॉल नहीं किया। एटीएम के अंदर दाखिल होने के बाद एक बदमाश गार्ड सुखेन्द्र के सीने पर कट्टा तानकर उसे थोड़ा दूर ले गया। इस दौरान बदमाश ने गार्ड का मोबाइल फोन तोड़ दिया। जबकि इस बीच दूसरा बदमाश एटीएम को उड़ाने के लिए विस्फोटक लगाता रहा। एटीएम में विस्फोट कर रुपये लेकर बदमाशों के भागने के बाद गार्ड अगर चाहता तो अपने दूसरे मोबाइल से पुलिस को तुरंत कॉल कर मौके पर बुला सकता था। लेकिन वह भयभीत होने के कारण ऐसा नहीं कर सका या फिर लापरवाही के चलते उसने कॉल नहीं किया। वजह चाहे जो भी हो मगर पुलिस के अधिकारियों का मानना है कि गार्ड यदि तुरंत सूचना देता तो लुटेरों को रंगे हाथ दबोंचा जा सकता था।
दो माह में दो लूट और बैंक में चोरी
बदमाशों की लूटपाट से क्षतिग्रस्त एटीएम में बचे हुए कुछ नोट।
गौरतलब है कि पन्ना जिले में दो माह से भी कम समय में लूट की दो सनसनीखेज घटनाएं सामने आई हैं। जिसमें एक घटना सिमरिया थाना के ही अंतर्गत मोहन्द्रा-रैपुरा घाटी के नीचे उपयंत्री के साथ हुई थी। आधा दर्जन अज्ञात बदमाश उपयंत्री के साथ मारपीट कर उसके बीस हजार रुपये और मोबाइल फोन लूट ले गए थे। वहीं पन्ना में मॉर्निंग वॉक के दौरान एक महिला का मंगलसूत्र छीनकर एक युवक भाग निकला था। पुलिस ने इन दोनों वारदातों का तत्परता से खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। लेकिन पिछले दिनों अमानगंज के सेन्ट्रल बैंक के अंदर से व्यापारी का नोटों से भरा बैग चुराने वाले शातिर अपराधी अब तक नहीं पकड़े गए। इस बीच सिमरिया में एटीएम को विस्फोटक से उड़ाकर लूटपाट करने की घटना का सामने आना इस बात संकेत है कि अपराधियों में पन्ना पुलिस का जरा भी खौफ नहीं हैं। साथ ही एक के बाद एक लगातार घटित हो रहीं इन चौंकाने वाली घटनाओं से थानों में तैनात पुलिस कर्मियों का निकम्मापन भी उजागर होता है। अपराधों की रोकथाम को लेकर पुलिस की बेहद लचर कार्यप्रणाली के चलते जहां अपराधियों के हौसले बुलंद हैं वहीं वर्तमान में आमलोग अपनी जानमाल की सुरक्षा को लेकर अत्यंत ही चिंतित और भयभीत नजर आ रहे हैं।
* पन्ना के संक्रमित युवक की पत्नी, दो बच्चों और साली की रिपोर्ट आई पॉजिटिव
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) जिले में कोरोना संक्रमण के सक्रिय मरीजों की संख्या शून्य होने के बाद एक बार फिर नए पॉजिटव मरीज मिलने से एक्टिव केस की बढ़ने लगी है। आज जिले में कोरोना के छः नए मरीज मिले हैं। जिसमें चार व्यक्ति एक ही परिवार के सदस्य बताए गए हैं। ये सभी जिला मुख्यालय पन्ना के रहने वाले है। जबकि दो मरीज शाहनगर विकासखण्ड अंतर्गत मिले हैं। इस तरह जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर अब 67 हो गई है। अब तक 58 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ होकर हॉस्पिटल से अपने घर जा चुके हैं। यानी जिले में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या महज 9 है। और ये सभी जिला चिकित्सालय के आइसोलेशन में भर्ती हैं।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार 17 जुलाई को पन्ना में कुमकुम टॉकीज के पीछे बेनीसागर मोहल्ले में रहने वाले 28 वर्षीय युवक के सैम्पल की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। कुछ समय पूर्व उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से लौटे इस युवक के संक्रमित पाए जाने पर इसके प्रथम सम्पर्क में आने वाले व्यक्तियों के रूप में परिवार के सदस्यों एवं पन्ना के ही रानीगंज मोहल्ले में स्थित इसके ससुराल पक्ष के लोगों के सैम्पल जांच हेतु लिए गए थे। और शुक्रवार को ही शहर के इन दोनों इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित करते हुए सील कर दिया गया था।
डॉ. एल. के. तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।
जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल. के. तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार 18 जुलाई की शाम को 210 सैम्पल की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इसमें आज 6 व्यक्तियों की रिपोर्ट पॉजिटिव और शेष सभी निगेटिव आई है। शुक्रवार को कोरोना जांच में संक्रमित पाए गए पन्ना के बेनीसागर मोहल्ला निवासी युवक की पत्नी, दो बेटों एवं साली की रिपोर्ट आज पॉजिटिव आने की खबर से हड़कम्प मच गया। जबकि युवक के ससुराल पक्ष के तीन रिश्तेदारों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। पन्ना जिला मुख्यालय में ऐसा पहली बार हुआ है जब एक साथ एक ही परिवार के चार व्यक्तियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस तरह शहर के उक्त परिवार के कुल पांच सदस्य अब तक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
सांकेतिक फोटो।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना डॉ. एल. के. तिवारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दो केस शाहनगर विकासखण्ड अंतर्गत मिले हैं। जिसमें कल्दा पठार के श्यामगिरी गांव में रहने वाले 35 वर्षीय युवक और ग्राम महगवां घाट निवासी 57 वर्षीय प्रौढ़ महिला जांच में कोरोना संक्रमित निकली है। कोरोना संक्रमित सभी नए मरीजों को उपचार हेतु जिला चिकित्सालय पन्ना के कोविड केयर वार्ड में भर्ती कराया गया है। आज छः नए मरीजों की पुष्टि के बाद जिले में कोरोना संक्रमण के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 67 हो चुकी है। जिले में कोरोना की टेस्टिंग का ग्राफ बढ़ने से आने वाले दिनों में पॉजिटिव केस की संख्या में इजाफा होने की सम्भावना जताई जा रही है।
भोपाल।(www.radarnews.in) गृह विभाग ने सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिये हैं कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के दृष्टिगत अंतर्राज्यीय सीमा पर विशेष निगरानी रखी जाये और प्रदेश में आने वालों की ट्रेसिंग सुनिश्चित करें। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने कोरोना समीक्षा बैठक में उक्त आशय के निर्देश दिये हैं।
अपर मुख्य सचिव गृह एस.एन. मिश्रा ने निर्देश में कहा है कि अंतर्राज्यीय सीमाओं पर स्थित जिलों के लिये यह जरूरी है कि वह पड़ौसी राज्य के जिलों में संक्रमण की स्थिति का निरंतर अनुश्रवण करें। जहाँ जरूरी हो वहाँ अंतर्राज्यीय सीमा पर लोगों की आवाजाही नियंत्रित करने के उपाय किये जायें। उन्होंने बताया कि अनेक जिलों में यह व्यवस्था की गई है कि पड़ौसी राज्यों के संक्रमित प्रभावित जिलों से आने वाले लोग जिले के कंट्रोल-रूम में अपने आगमन की सूचना देते हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी यथोचित जाँच हो पाती है। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा है कि इस निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करवाया जाये।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद खनिज साधन विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह।
* विभागीय समीक्षा बैठक मे खनिज मंत्री ने दिये निर्देश
भोपाल। (www.radarnews.in) खनिज साधन मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि अवैध उत्खनन और परिवहन को सख्ती से नियंत्रित किया जाये। साथ ही राजस्व वसूली में सुधार की गुंजाईशे तलाशें, जिससे शासन की राजस्व आय में बढ़ोत्तरी हो सकें। उन्होंने निर्देश दिये की सभी रेत खदानों के जो भंडारण मंजूर हैं उनके भंडारण का भौतिक सत्यापन कर यह सुनिश्चित किया जाए की रेत खदान में मंजूरी अनुसार भंडारण हो रहा है या नहीं। खनिज मंत्री बुधवार को विभागीय समीक्षा कर रहे थे।
नदियों के किनारे पौधरोपण किया जाए
खनिज मंत्री श्री सिंह ने विभागीय संरचना के संबंध में निर्देश दिये कि विभाग के सुदृढ़ीकरण के लिये रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाये। उन्होंने कहा कि पन्ना खदान कार्यालय को स्ट्रांग बनाये, जिससे खदान की मॉनिटरिंग बेहतर तरीके से हो सके। खनिज मंत्री ने बताया कि वृक्षारोपण करने का यह उचित समय है, अत: नदियों के किनारे वृक्षारोपण किया जाये, जिससे नदी के कटाव को रोका जा सके। उन्होंने विभागीय कार्यों को सुव्यवस्थित रूप से करने के लिये भोपाल में खनिज काम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। खनिज मंत्री श्री सिंह ने कहा कि विभाग अंतर्गत शिथिल खदानों को निरस्त कर नये सिरे से नीलामी की जाये।
10 घनमीटर तक रेत रायल्टी फ्री
सचिव, खनिज साधन एवं प्रबंध संचालक सुखवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश में खनिज खदानों की संख्या 7285 है। जिसमें से 4271 खदानों मे कार्य प्रारंभ है। शेष 3014 खदानें शिथिल स्थिति में है। प्रदेश की 1432 रेत की खदानें है, जिनका 125 रूपये प्रति घनमीटर से आरक्षित मूल्य निर्धारित किया गया है। जिलेवार समूह बनाकर ऑनलाइन निविदायें आमंत्रित की जाती हैं जिसमें एक जिले में एक ठेकेदार को ही रेत खनन का अधिकार दिया गया है, जो तीन वर्ष के लिए अनुबंधित होता है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति, बी.पी.एल परिवार को स्वयं के उपयोग के लिए 10 घनमीटर रेत की उपलब्धता को रायल्टी मुक्त रखा गया है और स्थानीय श्रमिकों का नियोजन अनिवार्य किया गया है। जिससे रोजगार के अधिक से अधिक अवसर प्राप्त हो सकेगें। बैठक में सचिव नरेन्द्र परमार, संचालक विनीत कुमार आस्टीन, उप सचिव सरिता बाला, उप सचिव नागवंशी, ई.डी. खनिज निगम दिलीप कुमार एवं सीजीएम खनिज निगम अतुल शर्मा उपस्थित थे।
खनिज साधन मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कार्यभार ग्रहण किया।
भोपाल। (www.radarnews.in) प्रदेश के खनिज साधन एवं श्रम विभाग के मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने मंत्रालय में गुरूवार को धार्मिक विधि-विधान से कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर श्रम विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, सचिव खनिज साधन एवं प्रबंध संचालक सुखवीर सिंह, अधिकारीगण एवं जन प्रतिनिधि उपस्थित थे। मंत्री श्री सिंह को सभी लोगों ने बधाई एवं शुभकामनायें दी।
जबेरा विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम पन्ना कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी।
* सर्रा रेन्जर को धमकाने एवं शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला
* रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री और वन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) प्रदेश के दमोह जिले की जबेरा सीट से भाजपा के विधायक धर्मेन्द्र सिंह लोधी के द्वारा वनमण्डल नौरादेही सागर के परिक्षेत्र सर्रा के वन परिक्षेत्र अधिकारी तिलक सिंह रायपुरिया को मोबाइल फोन पर धमकाने और शिकार के मामले में गिरफ्तार अपनी पार्टी के एक कार्यकर्ता को छुड़ाने के लिए दबाव बनाने का ऑडियो वायरल होने के बाद इस प्रकरण ने काफी तूल पकड़ लिया है। सत्ता और पद के नशे में चूर जबेरा विधायक की इस आपत्तिजनक हरकत के खिलाफ प्रदेश भर के रेंजर और वनकर्मी लामबंद हो चुके हैं। फलस्वरूप विधायक धर्मेन्द्र सिंह लोधी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग लगातार तेज हो रही है। इसी क्रम में आज पन्ना में रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन ने कर्तव्यनिष्ठ वन परिक्षेत्र अधिकारी सर्रा तिलक सिंह रायपुरिया को न्याय दिलाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए जबेरा विधायक धर्मेन्द्र सिंह लोधी के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कराने की मांग की है।
पन्ना टाइगर रिजर्व के उप संचालक को अपनी मांग के सम्बंध ज्ञापन देते हुए रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं वन कर्मचारी संघ अध्यक्ष।
बुधवार को पन्ना में रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नबी अहमद के नेतृत्व पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा को मुख्यमंत्री और वनमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख है कि दिनांक 10 जुलाई 2020 को प्रातः 10:29 बजे वन परिक्षेत्र अधिकारी सर्रा को मोबाइल नम्बर 7000299476 से जबेरा विधायक धर्मेन्द्र सिंह लोधी के द्वारा कॉल किया गया। विधायक ने शिकार के प्रकरण में गिरफ्तार अपनी पार्टी के एक कार्यकर्ता को छोड़ने की बात कही। रेंजर सर्रा तिलक सिंह रायपुरिया ने जब वन अपराध में गिरफ्तार आरोपी को छोड़ने से इंकार किया तो विधायक जी भड़क उठे। उनके द्वारा रेंजर के साथ गाली-गलौंज करते हुए देख लेने एवं हजार लोगों के साथ घेराव करने की धमकी दी गई। रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन का कहना है कि इस घटनाक्रम के बाद परिक्षेत्र स्तर पर पदस्थ मैदानी अमले में भय का माहौल व्याप्त है।
स्थानांतरण की सिफारिश पर न हो अमल
पन्ना कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के बाद बाहर आते हुए रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं वन कर्मचारी संघ अध्यक्ष।
फोन पर रेंजर को धमकाने से जब बात नहीं बनीं तो भाजपा के जबेरा विधायक ने सर्रा रेंजर का तबादला करने मुख्य वन संरक्षक वृत्त सागर को एक पत्र लिख दिया। रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन पन्ना का कहना है कि यदि इस प्र्रकरण में रेंजर सर्रा तिलक सिंह रायपुरिया का तत्काल स्थानांतरण किया गया तो इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं में बढ़ोत्त्तरी होने की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। जिसका व्यापक दुष्प्रभाव मैदानी वन अमले के मनोबल पर पड़ेगा। इन परिस्थितियों में मैदानी वन कर्मचारी भयमुक्त होकर निष्पक्ष रूप से अपने कर्तव्य का निर्वहन नहीं कर पायेंगे।
हस्तक्षेप करना और धमकाना गलत है
ज्ञापन सौंपने के बाद पन्ना में पत्रकारों से चर्चा करते हुए रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन सम्भागीय अध्यक्ष आर. एस. पटेल एवं जिलाध्यक्ष नवी अहमद।
रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया है कि, वनकर्मी जंगल के बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितयों में लम्बे समय तक परिवार से दूर रहकर वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा करते हैं। वन क्षेत्रों में अवैध कटाई, अवैध अतिक्रमण तथा वन्यप्राणी सम्बंधी अपराधों की रोकथाम के कार्य में वन विभाग का मैदानी अमला न्यूनतम सुविधा एवं साधन के साथ दूरस्थ वनक्षेत्रों में मौसम की परवाह किये बगैर निरंतर जुटा रहता है। निष्ठापूर्वक कर्तव्य का निर्वहन करने वाले कर्मचारियों का उत्साहवर्धन कर उनका मनोबल बढ़ाने के बजाए स्थानीय स्तर पर कतिपय जनप्रतिनिधियों द्वारा शासकीय कर्मचारी को उसके नियमानुसार किये गए कार्य में दखल देते हुए नियम विरुद्ध कार्य करने के लिए दवाब डालना या धमकी देने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है। यह अनुचित और आपत्तिजनक है। इससे शासकीय कर्मचारी का मनोबल गिरता है और गैरकानूनी कृत्य करने वालों को बढ़ावा मिलता है। रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन का मानना है कि कानून का पालन सुनिश्चित कराने से रोकने वालों के विरुद्ध यदि कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो इससे अराजकता फ़ैल सकती है।
विधायक के खिलाफ हो कार्रवाई
ज्ञापन सौंपने के बाद आगे की रणनीति पर चर्चा करते हुए रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं वन कर्मचारी संघ अध्यक्ष महीप कुमार रावत।
सर्रा रेंजर को धमकाने एवं शासकीय कार्य में बाधा डालने के मामले में रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन एवं वन कर्मचारी संघ पन्ना ने ज्ञापन के माध्यम से संयुक्त रूप से जबेरा विधायक धर्मेन्द्र सिंह लोधी विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की पुरजोर मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि इस मामले में नियमानुसार न्याय प्रक्रिया पूर्ण कार्रवाई कराना सुनश्चित किया जाए। जिससे परिक्षेत्र स्तर पर तैनात वन विभाग का मैदानी अमला स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं भय मुक्त होकर नियमानुसार अपने शासकीय कर्तव्यों का निर्वहन कर सके। ज्ञापन सौंपने वालों मुख्य रूप से रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन सम्भागीय अध्यक्ष आर. एस. पटेल, जिलाध्यक्ष नवी अहमद, आर. एस.नर्गेश, गौरव नामदेव, कैलाश बमनिया, आनंद शिवहरे, एम. के. मानिकपुरी, अजय बाजपेई शामिल रहे। रेंज ऑफिसर्स एसोसिएशन की मांग का पन्ना के वन कर्मचारी संघ ने समर्थन किया है। वन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष महीप कुमार रावत भी ज्ञापन सौंपने वालों में शामिल हैं।
* 11 लाख लोगों के सर्वे में 20 हजार से अधिक सर्दी-जुखाम-बुखार से पीड़ित मिले
* रोको-टोको अभियान को कड़ाई के साथ चलाया जाए- कलेक्टर
शादिक खान,पन्ना।(www.radarnews.in) किल कोरोना अभियान के दौरान किए सर्वे में छूटे हुए व्यक्तियों के सर्वे के लिए तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाए। इस सर्वे में उन लोगों पर विशेष ध्यान रखा जाए जो पिछले 10 दिनों में देश या प्रदेश के रेड जोन वाले क्षेत्रों से जिले में आए हैं। ऐसे लोगों के अधिक से अधिक सैम्पल लेकर कोरोना की जांच कराई जाए। यह निर्देश पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने किल कोरोना अभियान के दौरान अब तक की गयी कार्यवाही की समीक्षा करते हुए दिए हैं। समीक्षा के बैठक दौरान उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान कितने सर्दी, जुखाम, बुखार के मरीज चिन्हित कर सैम्पल लिए गए तथा फीवर क्लीनिक में आने वाले कितने मरीजों को चिन्हित कर सैम्पल लिए गए। इन दोनों तरह के चिन्हित व्यक्तियों की पृथक-पृथक जानकारी तैयार कर सार्थक एप में दर्ज कराने के निर्देश सीएमएचओ को दिए हैं। कलेक्टर ने समीक्षा बैठक में जिले में रोको टोको अभियान को कड़ाई से चलाने की बात भी कही है।
कलेक्टर श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि किल कोरोना अभियान के दौरान किए गए सर्वे में यदि कोई व्यक्ति छूट गया है तो ऐसे व्यक्तियों के लिए तीन दिवसीय सर्वे अभियान चलाया जाए। सर्वे अभियान में उन लोगों पर विशेष ध्यान रखा जाए जो पिछले 10 दिनों में देश या प्रदेश के रेडजोन वाले क्षेत्रों से आए हैं। उनके अधिक से अधिक सैम्पल लेकर जांच की जाए। इस संबंध में खण्ड चिकित्सा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में तीन दिवसीय अभियान चलाकर कोरोना संक्रमित होने के संदेहास्पद व्यक्तियों की पहचान कर सैम्पिलिंग का कार्य करें। इस सर्वे का उद्देश्य यह है कि सर्वे के दौरान यदि कोई भी व्यक्ति सर्वे से छूट गया हो उसका भी स्वास्थ्य परीक्षण किया जा सके।
किल कोरोना अभियान की समीक्षा बैठक में शामिल स्वास्थ्य विभाग पन्ना के अधिकारीगण।
समीक्षा बैठक में किल कोरोना अभियान सर्वे के संबंध में बताया गया कि 14 जुलाई 2020 तक जिले में 10 लाख 82 हजार 963 व्यक्तियों का सर्वे किया जा चुका है। इसमें 20 हजार 530 व्यक्तियों में सर्दी, खांसी एवं बुखार के लक्षण पाए गए। सर्वेक्षित व्यक्तियों में 26 लोगों का डेंगू एवं मलेरिया परीक्षण किया गया।
5 से अधिक लोग न हों एकत्र
कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर पन्ना।
पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने जिले रोको-टोको अभियान के संबंध में निर्देश दिए कि नगरपालिका, स्वास्थ्य, पुलिस विभाग के कर्मचारी-अधिकारी संयुक्त रूप से इस अभियान को चलाएं। घर से बाहर बगैर चेहरा ढके निकलने वाले एवं सोशल डिस्टेंसिंग न रखने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाए। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस में प्रकरण दर्ज किए जाएं। आगामी आने वाले समय में लगातार त्यौहार होंगे। त्यौहारों के दौरान भी कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं। एक स्थान पर 5 से अधिक व्यक्ति एकत्र न हों। सम्पन्न हुई बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी, अस्पताल अधीक्षक सह सिविल सर्जन डाॅ. व्ही.एस. उपाध्याय के साथ संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
सीमावर्ती दूरस्थ गांव रामनई में संचालित रेत की अवैध खदान में रेत के टीलों को खोखला करती हुई जेसीबी मशीन।
* दो दर्जन से अधिक दैत्याकार मशीनों से रात-दिन जारी है रेत का खनन
* मानसून सीजन में रेत खनन पर प्रतिबंध बेअसर और मशीनों की धरपकड़ नहीं
* खेतों और शासकीय भूमि पर एक भी खदान स्वीकृत नहीं फिर भी निकाल रहे रेत
* पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखण्ड के सीमावर्ती गांवों में एक माह से जारी है रेत की लूट
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के बुन्देलखण्ड अंचल अंतर्गत आने वाला अति पिछड़ा पन्ना जिला लम्बे समय से बहुमूल्य खनिज सम्पदा की लूट और भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है। यहां सक्रिय माफिया, जनप्रतिनिधि-नेताओं और प्रशासनिक अफसरों का अघोषित गठबंधन एक सूत्रीय एजेण्डे के तहत पन्ना को खनन से खोखला कर नोट छापने में जुटा हैं। इनकी सांठगांठ के चलते बड़े पैमाने पर बेरोकटोक जारी खनिज सम्पदा का अनियंत्रित दोहन इस जिले के पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधनों, मानव जीवन और शांति के लिए खतरा साबित हो रहा। खनन के इस खेल में तमाम नियम कानून बेमानी बन चुके हैं और इसके विरोध में उठने वालीं आवाजें नक्कारख़ाने की तूती बनकर रह गईं हैं। इसका ताज़ा और सबसे बड़ा उदाहरण पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखण्ड अंतर्गत अंतर्राज्जीय सीमा से सटे चार गांवों जिगनी, चंदौरा, रामनई, बीरा में निजी एवं शासकीय भूमि पर पिछले एक माह से जारी रेत का अवैध उत्खनन है।
केन नदी किनारे स्थित जिगनी गांव में निजी भूमि पर संचालित रेत खदान में ताबड़तोड़ अंदाज में खनन करती हुई पोकलैण्ड मशीनें।
इन चार गांवों में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा के द्वारा तमाम नियम-कानूनों की धज्जियाँ उड़ाते हुए पूर्णतः अवैध तरीके से निजी एवं शासकीय भूमि पर रेत की खदानें खुलेआम संचालित की जा रहीं हैं। केन नदी किनारे स्थित इन गांवों में दो दर्जन से अधिक दैत्याकार मशीनें रात-दिन ताबड़तोड़ तरीके खनन कर अब तक हजारों घनमीटर रेत निकाल चुकीं है। स्थानीय लोगों की मानें तो रोजाना 100-120 ट्रक रेत उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों को बेंची जा रही है। इन सीमावर्ती गांवों में निजी या शासकीय भूमि पर एक भी खदान स्वीकृत न होने के बावजूद पन्ना का प्रशासन बहुमूल्य खनिज सम्पदा की लूट की महीने भर से अनदेखी कर ठेकेदार रसमीत के लिए रेती की खेती को लाभ का धंधा बनाने और इसमें अपने हित साधने का काम बखूबी कर रहा है।
जिगनी गांव में बड़े पैमाने पर जारी अवैध उत्खनन को बयां करती यह तस्वीर। केन नदी किनारे स्थित खेतों को यहां रेत के लिए इस तरह खदान में तब्दील किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले की 27 रेत खदानों के समूह का ठेका लेने वाले होशंगाबाद जिले के ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा ने अजयगढ़ विकासखण्ड की गिनती की पांच खदानों के लिए एक माह पूर्व अनुबंध निष्पादित किया था। रेत की खदानों के लिए उच्चतम बोली न लगाने के बावजूद रसमीत पिछली कमलनाथ सरकार सरकार की कृपा से ठेका हांसिल करने में सफल रहा। और शिवराज सरकार के पुनः सत्तासीन होते ही रसमीत मल्होत्रा को खनन की अनुमति के रूप में लूट की अघोषित छूट मिली हुई है। रेत खदानों के अनुबंध निष्पादन की आड़ में अवसर का अनुचित लाभ उठाते हुए जमकर मनमानी की जा रही है।
नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन के समीप अजयगढ़-छतरपुर बाइपास मार्ग किनारे स्थित खनिज विभाग पन्ना का नवीन कार्यालय।
बताते चलें कि ठेकेदार ने जिन खदानों में खनन का अनुबंध निष्पादन किया है उनमें जिगनी और रामनई खदान में पिछले कई माह से रेत ही नहीं है। पन्ना जिले के प्रशासनिक और खनिज अधिकारियों को इसकी जानकारी है। लेकिन इसके बाद भी इन खदानों के लिए अनुबंध हो गया। हद तो तब हो गई जब ठेकेदार ने रेत के लिए इन गांवों में केन नदी किनारे स्थित निजी और शासकीय भूमि (गोचर भूमि) पर अवैध तरीके से आधा दर्जन से अधिक खदानें खोद डालीं। केन नदी के कछार क्षेत्र में चम्बल के बीहड़नुमा संरचना वाले रेत के टीलों के अनियंत्रित खनन से अतिवृष्टि की स्थिति में जिगनी, चंदौरा, रामनई और बीरा गांव में नदी के पानी का भराव होने से बाढ़ और भू-कटाव जैसे मुश्किल हालत बन सकते हैं।
पन्ना जिले के खनिज अधिकारी आर. के. पाण्डेय।
रामनई निवासी शिवदास लोधी और जिगनी गांव के कल्लू यादव का कहना उनके गांवों में रेत खनन के नाम पर शासन-प्रशासन के संरक्षण में जारी विनाशलीला से बहुसंख्यक लोग दुखी और आक्रोशित हैं। लेकिन ग्रामीणों के संभावित विरोध को दबाने के लिए चालाक ठेकेदार ने इन गांवों के प्रभावशाली लोगों को अवैध खनन में शामिल कर लिया है। शिवदास और कल्लू यादव की मानें तो रेत ठकेदार के द्वारा इन गांवों को अंग्रेजों और ईस्ट इण्डिया कम्पनी की तर्ज पर लूट जा रहा है। वे कहते हैं कि इस मामले में सबसे निराशाजनक भूमिका पन्ना जिला प्रशासन और खनिज विभाग की है। निजी और शासकीय गोचर भूमि में बगैर किसी लीज स्वीकृति के आधा दर्जन से अधिक रेत खदानें एक माह से खुलेआम संचालित हैं लेकिन इन अवैध खदानों को सख्ती से बंद कराकर प्रकरण पंजीबद्ध करने और खनन कार्य में लगीं दो दर्जन से अधिक मशीनों को जब्त करने का नैतिक साहस अजयगढ़ व पन्ना के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने अब तक नहीं दिखाया है। परिणामस्वरूप मानसून के सीजन में रेत का अवैध खनन क्षेत्र में नए रिकार्ड कायम कर रहा है।
जिगनी गांव में कई स्थानों पर निजी भूमि में रेत खदान धड़ल्ले से संचालित है, ऐसी ही एक अवैध खदान से रेत निकालती पोकलैण्ड मशीन।
बरौली निवासी जैनुद्दीन का कहना है उनके और रामनई गांव के लोगों ने रामनई में शासकीय गोचर भूमि से बड़े पैमाने पर ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा के द्वारा रेत का अवैध खनन करने की लिखित शिकायत पन्ना कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से दिनांक 26 जून 2020 को की गई थी। लेकिन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई यह हमें आज तक नहीं बताया गया। शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने का दावा कर अपनी पीठ थपथपाने वाले पन्ना जिला प्रशासन पर ग्रामीणों के यह आरोप वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यशैली कार्यशैली के स्याह पक्ष को उजागर करते हैं। अवैध उत्खनन के इतने गंभीर मामले में शिकायतकर्ताओं को आवश्यक जानकारी न देने से प्रशासन की कार्रवाई की लेकर पारदर्शिता, निष्पक्षता और जांच करने वाले अफसरों की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, शिकायत के पूर्व तक जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर शासकीय गोचर भूमि में रेत खनन की लम्बे समय तक अनदेखी करते रहे हैं। उधर, शिकायत बाद रामनई में रेत का खनन अब निजी भूमि में भी शुरू हो चुका है।
चंदौरा गांव में निजी पर रेत की खदान संचालित करने के लिए ऊपरी मिट्टी हटाई गई ताकि रेत का खनन संभव हो सके।
जैनुद्दीन का आरोप है कि रामनई की शासकीय गोचर भूमि में स्थित रेत के टीलों का अंधाधुंध खनन होने से इलाके के दुधारू पशुओं को बारिश के बाद भोजन के गंभीर संकट से जूझना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि रेत के टीलों के ऊपर जमा मिटटी निकाली जा चुकी है। इसके अलावा दूसरी बड़ी क्षति रामनई में प्रवाहित प्राकृतिक झरनों के स्रोत को क्षति पहुँचने के रूप में सामने आई है। गांव की बड़ी आबादी गर्मी के मौसम में इनके पानी का उपयोग पेयजल के रूप में करती है और साल भर लोग इसके पानी से निस्तार करते हैं। जैनुद्दीन बताते हैं कि मनमाने रेत खनन ने इस झरने को लगभग तबाह कर दिया है। केन नदी का कछार भी तहस-नहस हो चुका है। रेत के टीलों की खुदाई से केन नदी का जल स्तर बढ़ने पर नदी के बहाव में बदलाव होने और रामनई गांव में पानी भरने का खतरा पैदा हो गया है। मालूम हो कि रेत ठेके की अनुबंध शर्तों, मशीनों से खनन की अनुमति और रेत के अवैध उत्खनन के मामले में ठेकेदार के विरुद्ध अब तक की गई कार्रवाई के सम्बंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए जिला खनिज अधिकारी पन्ना आर. के. पाण्डेय से पिछले दिनों कई बार सम्पर्क किया गया लेकिन वे जानकारी देने से बचने के लिए लगातार बहानेबाजी कर रहे हैं। उधर, ग्रामीणों के आरोपों के संबंध में रेत ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो सका।
इसलिए बने अंधेरगर्दी के हालात
सांकेतिक फोटो।
पन्ना के युवा समाजसेवी रामबिहारी गोस्वामी का आरोप है कि पन्ना जिले में खनिज सम्पदा की बेतहाशा लूट का मुख्य कारण इसमें दोनों प्रमुख दलों भारतीय जनता पार्टी और कोंग्रेस के नेताओं-जनप्रतिनिधियों या फिर उनके परिजनों की संलिप्तता होना है। दोनों ही पार्टियों में कई ऐसे नेता हैं जिनकी आय का स्रोत खनिज से जुड़ा व्यवसाय है। फिर चाहे वह पत्थर खदान की लीज हो या स्टोन क्रेसर, रेत भंडारण की अनुमति अथवा रेत के अवैध खनन-परिवहन का कारोबार हो। प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत से ही खनिज सम्पदा की लूट का पूरा खेल चलता है। इसलिए जिले के तथाकथित ओहदेदार नेता आमतौर पर खनिज विभाग की अनियमितताओं से जुड़े मुद्दों पर बोलने या फिर इस खनिज सम्पदा की लूट-खसोट का विरोध करने से बचते हैं। यह ख़ामोशी तब तक बरकरार रहती है जब तक कि उनके स्वार्थ पूरे होते रहते हैं। कभी अगर विरोध करना भी पड़े तो ये काफी सयंम बरतते हैं। वर्ष 2018 में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में पन्ना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके रामबिहारी गोस्वामी चुटकी लेते हुए कहते हैं कि पन्ना में रेत के धंधे ने पिछले 6-7 सालों में कोंग्रेस और भाजपा नेताओं के कारोबारी रिश्तों को फेविकोल के जोड़ की तरह मजबूत बना दिया है, ये लोग मोसेरे भाइयों की तरह आपस में मिल-बांटकर काम कर रहे हैं।
पन्ना का नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन। (फाइल फोटो)
रामबिहारी बताते हैं कि बीते कुछ सालों में कतिपय पत्रकार भी खनन के खेल में कूद पड़े हैं। अजयगढ़ से लेकर पन्ना तक कुछ पत्रकार रेत के धंधे में शामिल हैं या फिर पत्थर खदान चलाते हैं। इसके अलावा कुछ पत्रकार दरबारी-सरकारी और गोदी मीडिया की भूमिका में रहते हुए कृतज्ञता के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। कुल मिलाकर दूसरे जिलों की अपेक्षा पन्ना में विरोध की आवाजें काफी सीमित है और यहां के बहुसंख्य लोगों में जागरूकता का नितांत आभाव है। प्रशासनिक अधिकारी इस बात का पूरा फायदा उठाते हुए नेक्सस बनाकर जिले को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अलीबाबा चालीस चोर सरीके इस गिरोह में अफसर, नेता, पुलिस, माफिया और मीडिया सब शामिल हैं। इसलिए पन्ना में इतनी अंधेरगर्दी व्याप्त है। श्री गोस्वामी कहते हैं कि रेत के ठेकों के नाम पर सरकारों ने एक तरह से लूट के लाइसेंस बाँट रखे हैं। फलस्वरूप रेत के दाम आज आसमान छु रहे हैं। प्रदेश सरकार की गलत और जनविरोधी नीतियों के कारण आम आदमी के लिए अपना घर अब सपना बनकर रह गया है।
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश शासन के मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह बुधवार 8 जुलाई को भोपाल से प्रस्थान कर पन्ना आएंगे। उनका कार्यक्रम जिला प्रशासन को प्राप्त हो चुका है। इस सम्बंध में दी गई जानकारी के अनुसार मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिमरिया के रास्ते पन्ना जिले में प्रवेश करेंगे। मंत्री बनने के बाद श्री सिंह के गृह जिले में प्रथम आगमन को लेकर उनके समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में आपार उत्साह देखा जा रहा है। सिमरिया से लेकर पन्ना तक समर्थकों ने उनके स्वागत की भव्य तैयारियां की हैं। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाये और फ्लैक्स लगाए गए हैं। कई जगह कलश दीपों से भी उनका परम्परागत तरीके से स्वागत किया जायेगा। मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के सिमरिया से होते हुए पन्ना आगमन को लेकर उनके पुराने निर्वाचन क्षेत्र पवई विधानसभा के कार्यकर्ताओं, नेताओं और समर्थकों में ख़ुशी की लहर व्याप्त है। बुधवार को मंत्री श्री सिंह के स्वागत के लिए पवई विधानसभा क्षेत्र के लोगों के सिमरिया क़स्बा में बड़ी संख्या में जुटने की सम्भावना जताई जा रही है।
कार्यक्रम के अनुसार 8 जुलाई को दोपहर में 1:30 मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिमरिया पहुंचेंगे और फिर वे सिमरिया में आयोजित स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इनमें सिमरिया तिराहा, रेस्ट हाउस, श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर, पुरैना रोड, देवरा रोड, तिघरा मोड, चिखला मंदिर, निवारी गेट एवं रैकरा गेट में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेंगे। अपरांह 2 बजे सिमरिया से प्रस्थान कर अपरांह 2:30 बजे अमानगंज आएंगे। यहां आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेने के बाद अपरांह 3 बजे अमानगंज से पन्ना के लिए प्रस्थान कर अपरांह 3:30 बजे पन्ना आएंगे। मंत्री श्री सिंह स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेने के बाद वे रात्रि विश्राम पन्ना में ही करेंगे। गृहनगर और निर्वाचन क्षेत्र पन्ना में मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के स्वागत को लेकर यहां के लोगों के उत्साह का अंदाजा जगह-जगह लगे फ्लैक्स और स्वागत द्वार को देखकर ही लगाया जा सकता है। अपने विधायक को मंत्री बनाये जाने से पन्ना के लोग काफी खुश हैं। लोगों को यह उम्मीद है कि पन्ना के विकास को लेकर जो घोषणाएं पूर्व में की गईं थीं बृजेन्द्र प्रताप उन्हें प्राथमिकता से पूरा कराकर अति पिछड़े इस क्षेत्र और जिले के विकास को गति प्रदान करने का काम करेंगे।
* लॉकडाउन खुलते ही फैलने लगा कोरोना, सतर्कता से ही बचाव संभव
* अब प्रत्येक व्यक्ति संदिग्ध है इसलिए जरा सी लापरवाही पड़ सकती है भारी
* कोरोना की रोकथाम के लिए के लक्षण वाले मरीजों की जांच और उपचार पर फोकस
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अब तक संक्रमित मरीजों की कुल संख्या आधा सैंकड़ा का आंकड़ा पार कर 57 तक पहुँच गई है। पिछले चौबीस घण्टे में ही जिले में कोरोना संक्रमण के 19 नए मामले सामने आए हैं। कुछ लोग इसे कोरोना विस्फोट के तौर पर देख रहे हैं, क्योंकि जिले में पहली बार इतने कम समय में कोरोना के इतने अधिक संक्रमित मरीज मिलने की पुष्टि हुई है। इसलिए स्वास्थ्य महकमे से लेकर आम लोगों में हड़कम्प मचा है। लॉकडाउन हटने अथवा इसकी पाबंदियों में आंशिक छूट मिलने के बाद कोरोना वायरस संक्रमण का प्रसार तेजी से हो रहा है इसके स्पष्ट संकेत टेस्टिंग बढ़ने से मिले हैं।
डॉ. एल. के. तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।
वर्तमान में जारी किल कोरोना अभियान के तहत जिले में बीमार व्यक्तियों के सर्वे का कार्य चल रहा है। इस अभियान के तहत प्रत्येक दिन औसतन सौ संदिग्ध व्यक्तियों के सैम्पल लिए जा रहे हैं। अब तक 1622 व्यक्तियों के सैम्पल लिए गए जिसमें 1334 सैम्पलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। परिणामस्वरूप कोविड-19 संक्रमित रोगियों की संख्या में अचानक चिंताजनक इजाफा देखने को मिला है। इससे हर कोई हैरान है। लेकिन पन्ना जिले के स्वास्थ्य विभाग के मुखिया यानी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल. के. तिवारी का मानना है कि कोरोना का सबसे बुरा दौरा आना अभी बाकी है। आने वाले महीनों अगस्त और सितम्बर में मरीजों की संख्या काफी बढ़ सकती है।
सांकेतिक फोटो।
उन्होंने रडार न्यूज़ से चर्चा में बताया कि संक्रमण की रोकथाम को लेकर हमारे प्रयास सतत जारी हैं। आने वाली पीक की कठिन चुनौती का सामना करने के लिए फिलहाल अधिक से अधिक लोगों का परीक्षण कराया जा रहा है और पूरा फोकस ऐसे ऐसे लोगों पर है जिनमें कोरोना के लक्षण दिखते हैं उनका कोविड टेस्ट किया जा रहा है। यदि जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो ऐसे मरीजों को कोविड केयर सेन्टर में भर्ती कर तुरंत बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है। डॉ. तिवारी का कहना है कि लक्षण वाले मरीजों से कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहता है जबकि बगैर लक्षण वाले मरीजों से कोरोना के प्रसार का खतरा अपेक्षाकृत काफी कम होता है। इसलिए लक्षण वाले मरीजों का इलाज करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिता में है। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक कोरोना के 33 मरीज इलाज के बाद पूर्णतः स्वस्थ होकर हॉस्पिटल से अपने घर लौट चुके हैं। अन्य मरीज जो हॉस्पिटल के आइसोलेशन में भर्ती हैं वे भी स्वस्थ हैं।
इसलिए बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले
सांकेतिक फोटो।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों पर सीएमएचओ डॉ. एल. के. तिवारी कहते हैं कि जब तक लॉकडाउन लागू था तब तक बाहर से आने वाले व्यक्ति के जिले की सीमा में प्रवेश करते ही हमें पता चल जाता था लेकिन अनलॉक होने के बाद यह व्यवस्था समाप्त हो चुकी है। अब जो लोग बाहर से आ रहे हैं वे पहले अपने घर जाते हैं फिर बाद में स्वास्थ्य केन्द्र में आते हैं। ऐसे किसी व्यक्ति के जांच में पॉजिटिव पाए जाने पर उसकी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग में पता चलता है कि वह अपने परिजनों से सम्पर्क रहा है। आपका मानना है कि इस तरह की लापरवाही से कम्युनिटी में संक्रमण का प्रसार हो रहा है।
सांकेतिक फोटो।
इसके अलावा एक अन्य बड़ा कारण लोगों की आदतों आपेक्षित बदलाव न आना है। जब कोरोना संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके थूक के बेहद बारीक कण हवा में फैलते हैं, इन कणों में कोरोना वायरस के विषाणु होते हैं। संक्रमित व्यक्ति के करीब जाने पर ये विषाणुयुक्त कण साँस के जरिये आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। विशेषज्ञ बता चुके हैं कि कोरोना वायरस विभिन्न तरह की सतह पर कई घण्टों तक जीवित रहता है। अगर आप किसी ऐसी जगह या वस्तु को छुते हैं, जहां पर ये कण गिरे हैं और फिर उसके बाद उसी हाथ से अपनी नाक, मुँह या आँख को छूते हैं तो ये कण आपके शरीर में पहुँच जाते हैं। ऐसे में खांसते-छींकते समय टिश्यू का उपयोग करना, बिना हाथ धोए अपने चेहरे को न छूना और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना इस खतरनाक वायरस को फैलने से रोकने के लिए बेहद महत्पूर्ण है।
अपना बचाव कैसे करें ?
सांकेतिक फोटो।
उल्लेखनीय है कि हवाई जहाज पर सवार होकर आया यह कोरोना वायरस हमारे गांवों तक पहुँच चुका है और अब इसके समुदाय में फैलने के संकेत मिल रहे हैं। वहीं प्रदेश और देश में भी कोरोना संक्रमण के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके मद्देनजर पन्ना सीएमएचओ डॉ. एल. के तिवारी कहते हैं कि- “अनलॉक की प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी है इसलिए हमें अब यह मानकर चलना चाहिए कि प्रत्येक व्यक्ति संदिग्ध है। क्योंकि कई मरीज लक्षण रहित होते हैं अर्थात ऐसे मरीजों में प्रत्यक्ष तौर पर बीमारी के लक्षण नहीं दिखते हैं। इस तरह के मरीज कम्युनिटी में मिक्स हो चुके है इसलिए जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। इस स्थिति में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए हमें अपने व्यवहार में बदलाव लाना जरुरी हो गया है। आपने लोगों से अपील की है कि, सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों का कड़ाई से पालन करें। अपने घरों से बाहर तभी निकलें जब बहुत आवश्यक हो। मास्क या फेस कवर अच्छी तरह पहनकर ही बाहर निकलें। जहाँ तक संभव हो भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। कम से कम दो गज की दूरी बनाकर रखें। अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह से कई बार धोएं। खाँसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में सम्पर्क करें।” इन बातों का ध्यान रखते हुए आवश्यक सावधानी बरतकर कोरोना से हम अपना बचाव कर सकते हैं।