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स्वतंत्रता दिवस पर 244 बंदी प्रदेश की जेलों से होंगे रिहा : मंत्री डॉ. मिश्रा

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गृह एवं जेल मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा।

* अब तक 14 से 20 वर्ष का कारावास भोग चुके बंदियों शेष सजा की माफ़

भोपाल। (www.radarnews.in) गृह एवं जेल मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया है कि स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2020 को मध्यप्रदेश की जेलों में आजीवन कारावास से दंडित 244 बंदियों को रिहा करने का प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि इनमें एक महिला और 243 पुरूष बंदी शामिल हैं। रिहा होने वाले बंदी अब तक 14 वर्ष से लेकर 20 वर्ष तक का कारावास भोग चुके हैं। शासन ने शेष अवधि की सजा माफ कर दी है।
मंत्री डॉ. मिश्रा ने बताया कि रिहा होने वाले बंदियों ने जेल में रहते हुए टेलरिंग, कारपेंटरी, लोहारी, भवन-निर्माण की कारीगरी आदि का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। बंदियों को बेहतर आचरण और कार्य-व्यवहार को देखते हुए रिहा किया जा रहा है। मंत्री डॉ. मिश्रा ने रिहा होने वाले बंदियों से अपेक्षा की है कि वे अपने परिवार एवं समाज में पुर्नस्थापित होकर समाज एवं प्रदेश के विकास में सहभागी बनेंगे।

इन जेलों से रिहा किये जाएंगे बंदी

सांकेतिक फोटो।
प्रदेश के गृह एवं जेल मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर केन्द्रीय जेल ग्वालियर से 40, उज्जैन से 36, सतना से 30, भोपाल से 28, इंदौर से 27, जबलपुर और सागर से 18-18, रीवा से 14, बड़वानी से 11, होशंगाबाद से 7, नरसिंहपुर से 10, खुली जेल भोपाल से 2 और खुली जेल होशंगाबाद से एक, जिला जेल छतरपुर और बैतूल से एक-एक बंदी को रिहा किया जायेगा।

एसडीएम और एसडीओपी पर गोलियां चलाने वाले कुख्यात बदमाश कुबेर सिंह को दस वर्ष का सश्रम कारावास

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जिला एवं सत्र न्यायालय पन्ना का फाइल फोटो।

* चाँदीपाठी फायरिंग मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश पन्ना ने सुनाया फैसला

* छतरपुर जिले की हर्रई खदान से रेत के परिवहन के लिए केन नदी के प्रवाह को रोककर बनाया गया था रपटा

* अवैध रपटा को तोड़ने के दौरान बदमाशों ने राजस्व और पुलिस टीम पर गोलियां चलाकर किया था हमला

* प्रकरण के पांच आरोपियों का न्यायालय ने करीब दस माह पूर्व सुनाया था फैसला

* मुख्य अभियुक्त कुबेर सिंह की गिरफ्तारी के बाद न्यायालय ने आज घोषित किया निर्णय

पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना अंतर्गत चाँदीपाठी में लगभग 8 वर्ष पूर्व राजस्व और पुलिस टीम पर की गई फायरिंग के बहुचर्चित प्रकरण में मुख्य अभियुक्त पर सुरक्षित रखे निर्णय को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश पन्ना अनुराग द्विवेदी ने आज घोषित करते हुए कुख्यात बदमाश कुबेर सिंह को हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में दोषी मानकर 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त कुबेर सिंह पिता हिम्मत सिंह ठाकुर 34 वर्ष निवासी ग्राम बंसिया जिला छतरपुर को चार हजार रुपए के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया है।
न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के संबंध में अपर लोक अभियोजक काजी रुकनुद्दीन ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियोजन पक्ष के अनुसार जगदीश प्रसाद तिवारी राजस्व निरीक्षक अजयगढ़ ने दिनांक 10 मार्च 2012 को अजयगढ़ थाना में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि चाँदीपाठी में केन नदी के प्रवाह को रोककर अवैध रूप से रपटा बनाए जाने की शिकायत मिली थी। जिस पर कार्रवाई करने के लिए दिनांक 10 मार्च 2012 को दोपहर लगभग 2 बजे तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अजयगढ़ नाथूराम गौंड़, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अजयगढ़ जगन्नाथ मरकाम, थाना प्रभारी अजयगढ़ मोहम्मद असलम, राजस्व निरीक्षक जगदीश प्रसाद तिवारी, पटवारी संतोष सिंह, प्यारे सिंह, राममिलन प्रजापति आरक्षक चालाक हेतराम, आरक्षक हरीराम, संतोष तोमर एवं आरक्षक संतोष तिवारी मौके पर पहुंचे।
सांकेतिक फोटो।
जहां पर यह पता चला कि अवैध रपटा का निर्माण केन नदी के दूसरे किनारे पर स्थित छतरपुर जिले की हर्रई खदान के संचालक शिवशरण मिश्रा द्वारा रेत के परिवहन हेतु कराया गया था। केन नदी के प्रवाह को जारी रखने के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अजयगढ़ नाथूराम गौंड़ ने मौके पर खड़ी मशीन से रपटा को तुड़वाने का कार्य शुरू कराया तभी नदी के उस पार छतरपुर जिले की ओर से कुबेर सिंह, राम सिंह, गंभीर सिंह बन्दूकें लेकर आए और गालियां देते हुए रपटा तोड़ने का विरोध करने लगे। पुलिस टीम जब इन्हें पकड़ने के लिए हर्रई की तरफ बढ़ी तो सशत्र बदमाश हवाई फायर करते हुए हर्रई बस्ती की ओर भाग निकले। पुलिस टीम के द्वारा हर्रई बस्ती में तलाश करने पर आरोपीगण नहीं मिले।
राजस्व एवं पुलिस टीम पर फायर कर हत्या का प्रयास करने की इस घटना पर अजयगढ़ थाना में कुबेर सिंह निवासी ग्राम बंसिया जिला छतरपुर, मकरंद द्विवेदी उर्फ़ कल्लू द्विवेदी निवासी छतरपुर, राम सिंह निवासी हर्रई जिला छतरपुर, गम्भीर सिंह निवासी ग्राम बिल्हरका जिला बांदा उत्तर प्रदेश, रामकिशोर सिंह एवं भूरा उर्फ़ मोहित सिंह दोनों निवासी ग्राम भीना थाना अजयगढ़ जिला पन्ना के विरुद्ध अपराध क्रमांक 59/12 धारा 307, 353, 186, 294 भारतीय दण्ड संहिता एवं 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था। इस प्रकरण के विचारण उपरान्त प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश पन्ना अनुराग द्विवेदी के द्वारा दिनांक 30 अक्टूबर 2019 निर्णय घोषित कर मकरंद द्विवेदी उर्फ़ कल्लू द्विवेदी निवासी छतरपुर, राम सिंह निवासी हर्रई जिला छतरपुर, गम्भीर सिंह निवासी ग्राम बिल्हरका जिला बांदा उत्तर प्रदेश, रामकिशोर सिंह एवं भूरा उर्फ़ मोहित सिंह दोनों निवासी ग्राम भीना थाना अजयगढ़ जिला पन्ना को दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी।
सांकेतिक फोटो।
प्रकरण के मुख्य अभियुक्त कुबेर सिंह निवासी ग्राम बंसिया जिला छतरपुर के फरार होने की वजह से उसका फैसला सुरक्षित रखा गया था। अभियुक्त कुबेर सिंह पुत्र हिम्मत सिंह ठाकुर 34 वर्ष की गिरफ्तारी पश्चात न्यायालय में उपस्थित होने पर प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश पन्ना अनुराग द्विवेदी ने गुरुवार 7 अगस्त 2020 को बहुचर्चित चाँदीपाठी फायरिंग मामले में मुख्य अभियुक्त कुबेर सिंह पर सुरक्षित रखा फैसला सुनाते हुए उसे दोषी माना है। न्यायालय ने कुबेर सिंह को धारा 307 भादंवि में 10 वर्ष का सश्रम कारावास 2000 रुपए अर्थदण्ड, धारा 353 भादंवि में दो वर्ष का सश्रम कारावास 500 रुपए अर्थदण्ड, धारा 25(1-बी) (ए) आयुध एक वर्ष का सश्रम कारावास 500 रुपए अर्थदण्ड एवं धारा 27 आयुध अधिनियम में तीन वर्ष का सश्रम कारावास 1000 रुपए अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। इस प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक काजी रुकनुद्दीन ने की है।

जिला चिकित्सालय की नर्स समेत 5 नए पॉजिटिव मरीज़ मिले, संक्रमितों की कुल संख्या 112, एक्टिव केस सिर्फ 21

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सांकेतिक फोटो।

* जिला पंचायत में पदस्थ अधिकारी की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

* उपयंत्री के परिवार के 3 सदस्यों के सैम्पल की जांच में संक्रमण की पुष्टि

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के सरकारी उपायों और दावों के बीच पन्ना जिले में कोविड-19 संक्रमित मरीजों की तादाद लगातार बढ़ रही है। इसकी एक बड़ी वजह कोरोना संक्रमण से स्वयं के बचाव को लेकर लोगों के द्वारा लापरवाही बरतना है। बुधवार 5 अगस्त को पन्ना शहर में 5 नए मरीज मिले हैं। इसके अलावा जिले के देवेन्द्रनगर क़स्बा में रहने वाली एक 19 वर्षीय युवती पड़ोसी जिला कटनी में पॉजिटिव निकली है। इस तरह आज कुल 6 नए संक्रमित मरीज मिलने की पुष्टि जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल. के. तिवारी ने की है।
सांकेतिक फोटो।
पन्ना जिले में अब तक कुल संक्रमित व्यक्तियों की संख्या एक सैंकड़ा के आंकड़े को पार कर 112 तक पहुँच चुकी है। कोविड केयर सेंटर में भर्ती रहे कोरोना के 2 मरीजों के उपचार के बाद स्वस्थ होने पर आज उन्हें डिस्चार्ज किया गया। अब तक कुल 91 मरीज इलाज के बाद पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। जिले में कोरोना के एक्टिव (सक्रिय) मरीजों की संख्या वर्तमान में 21 बताई जा रही है। जिनका इलाज पन्ना, अजयगढ़, पवई और मेडीकल कॉलिज सागर में चल रहा है। वहीं सक्रिय कंटेनमेंट जोन की संख्या आज तक की स्थिति में कुल 20 है।

उपयंत्री के मात-पिता एवं पत्नी भी संक्रमित

कोरोना वायरस बुलेटिन जिला पन्ना (दिनांक- 0 5 अगस्त 2020 पेज- 01)
पन्ना शहर के सिविल लाइन इलाके में बाबा बादशाह साईं दरगाह के सामने स्थित कॉलोनी निवासी जिस उपयंत्री की रिपोर्ट सोमवार 3 अगस्त को पॉजिटिव आई थी उसके प्राथमिक सम्पर्क में रहे परिवार के 3 तीन सदस्य भी संक्रमित पाए गए हैं। जिनमें उपयंत्री के पिता 62 वर्ष, माँ 50 वर्ष और पत्नी 28 वर्ष शामिल हैं। जिला पंचायत पन्ना में पदस्थ 55 वर्षीय परियोजना अधिकारी की रिपोर्ट भी आज पॉजिटिव आई है। इसके अलावा जिला चिकित्सालय में कार्यरत 25 वर्षीय नर्स भी संक्रमित मिली है। उक्त नर्स शहर के बेनीसागर मोहल्ले में गायत्री मंदिर के समीप रहती है।
कोरोना वायरस बुलेटिन जिला पन्ना (दिनांक- 0 5 अगस्त 2020 पेज- 02)
वहीं देवेंद्रनगर कस्बा निवासी युवती के सैम्पल की रिपोर्ट कटनी में पॉजिटिव निकलने की जानकारी मिलने पर उसे आज शाहनगर से पन्ना लाकर कोविड केयर सेंटर में मॉडल स्कूल में इलाज हेतु भर्ती कराया गया। आज मिले कोरोना संक्रमित सभी मरीजों के निवास क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित करके संबंधित क्षेत्र में संक्रमण के नियंत्रण हेतु आवश्यक कार्रवाई प्रशासन के समन्वय से करने का दावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा है। इसके साथ ही ब्लॉक एवं जिला स्तरीय आरआरटी टीमों के द्वारा संक्रमित व्यक्तियों की कॉन्ट्रेक्ट हिस्ट्री, ट्रेवल हिस्ट्री की जानकारी जुटाकर उनके प्राइमरी कॉन्टेक्ट वाले चिन्हित लोगों के सैम्पल लिए गए और कन्टेनमेंट जोन में स्क्रीनिंग का कार्य किया गया।

पिता ने दोस्त के साथ मिलकर की जवान बेटे की हत्या, उधारी नहीं चुकाने के विवाद पर मारी गोली

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सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ में रखे गजराज के शव के पास मौजूद हनुमतपुर चौकी प्रभारी एवं मृतक के परिजन।

* पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र के वन ग्राम झिन्ना की घटना

* दोस्त से छोटे बेटे के ऊपर भी चलवाई गोली लेकिन वह बाल-बाल बच गया

* हत्या का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों की सरगर्मी से तलाश में जुटी पुलिस

अजयगढ़/पन्ना।(www.radarnews.in) उधार लिए रुपए नहीं चुकाने पर एक पिता-पुत्र के बीच विवाद हो गया। इस घटनाक्रम से पिता इतना आक्रोशित हो उठा कि उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर पुत्र की हत्या कर दी। देर रात पुत्र जब घर के बाहर चारपाई पर लेटा था तभी पिता ने अपने दोस्त से अवैध शस्त्र से गोली चलवाकर उसकी हत्या करा दी। आरोपियों ने छोटे बेटे देवी सिंह राजगौंड़ के ऊपर भी फायरिंग की लेकिन वह इस जानलेवा हमले में किसी तरह बाल-बाल बच गया। हत्या की यह जघन्य और अप्रत्याशित वारदात पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना की हनुमतपुर पुलिस चौकी अंतर्गत वन ग्राम झिन्ना के मजरा औरियापुरवा में सोमवार देर रात सामने आई है। हत्याकाण्ड को अंजाम देने के बाद से दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। अजयगढ़ थाना पुलिस ने गजराज सिंह राजगौंड़ 25 वर्ष निवासी ग्राम झिन्ना मजरा औरियापुरवा की हत्या पर उसके पिता प्रह्लाद सिंह राजगौंड़ एवं पिता के दोस्त राजेन्द्र सिंह यादव पिता किशोर सिंह यादव दोनों निवासी हीरापुर टपरियन कोतवाली थाना पन्ना के विरुद्ध हत्या का मामला पंजीबद्ध किया है। पुलिस के द्वारा फरार हत्यारोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रह्लाद सिंह राजगौंड़ निवासी ग्राम हीरापुर टपरियन ने दो शादियां की है। उसकी पहली पत्नी और बच्चे ग्राम झिन्ना मजरा औरियापुरवा में रहते हैं। जबकि प्रह्लाद अपनी दूसरी पत्नी के साथ पिछले डेढ़ दशक से ग्राम हीरापुर टपरियन में रह रहा है। रविवार 2 अगस्त की शाम प्रह्लाद सिंह औरियापुरवा पहुंचा और अपने बड़े बेटे गजराज सिंह राजगौंड़ 25 वर्ष से बोला कि, पन्ना में तुमने जिस व्यक्ति से रुपए उधार लिए है उसे चुकता क्यों नहीं करते। प्रह्लाद ने बेटे को उलाहना देते हुए कहा कि समय पर अपना उधार चुकता नहीं करके तुम मेरा नाम बदनाम कर रहे हो। गजराज ने पिता को समझाया कि कोरोना संकट के कारण लॉकडाउन की स्थिति निर्मित होने से फिलहाल रोजगार ठप्प है इसलिए थोड़ी समस्या है लेकिन मैं जल्द ही उधार लिए रुपये चुकता कर दूंगा। इस बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विवाद बढ़ते देख पत्नी और दूसरे बेटे ने हस्तक्षेप करके दोनों को शांत कराया और फिर प्रह्लाद वापस चला गया।
सांकेतिक फोटो।
रविवार की रात गजराज सिंह राजगौंड़ अपने घर के बाहर चारपाई पर सोया हुआ था। सोमवार को देर रात करीब एक बजे प्रह्लाद सिंह राजगौंड़ अपने दोस्त राजेन्द्र सिंह यादव पिता किशोर सिंह यादव दोनों निवासी हीरापुर टपरियन के साथ वापस लौटा और बेटे गजराज को गालियां देते हुए राजेन्द्र से कहकर उसके ऊपर बंदूक से फायर करवा दिया। बंदूक की गोली से निकले छर्रों से सीना छलनी होने के कारण गजराज मौके पर ही तड़पने लगा। उधर, गोली चलने की आवाज सुनकर गजराज का छोटा भाई देवी सिंह राजगौंड़ घर से बाहर निकला तो राजेन्द्र सिंह यादव ने उसे भी जान से मारने के लिए फायर किया लेकिन वह बाल-बाल बच गया। इस बीच दोनों हत्यारोपी मौके से फरार हो गए। खून से लथपथ गजराज चारपाई पर पड़ा काफी देर तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा।
बमुश्किल मोटरसाइकिल की व्यवस्था होने के पर आज तड़के 4 बजे उसे किसी तरह इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ लाया गया। जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने अचेत हालत में लाए गजराज सिंह राजगौंड़ का परीक्षण करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सोमवार की सुबह झिन्ना-बरियारपुर क्षेत्र के लोग जब नींद से जागे तो रात्रि में हुए जघन्य हत्याकाण्ड के सम्बंध में जानकर स्तब्ध रह गए। इस हत्याकाण्ड के बाद से इलाके में सनसनी व्याप्त है। हत्याकाण्ड की सूचना मिलने पर आज सुबह पुलिस अधिकारियों एवं एफएसएल टीम ने ग्राम झिन्ना पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। साथ ही मृतक के परिजनों एवं आसपास रहने वालों से घटना के सम्बंध में पूंछतांछ की गई।

दो मासूम बच्चों का पिता था मृतक

मृतक गजराज सिंह के शव को देखते हुए अजयगढ़ एसडीओपी इसरार मंसूरी।
मामूली से विवाद पर एक पिता के द्वारा दोस्त के साथ मिलकर अपने ही जवान बेटे की गोली मारकर हत्या कराने की अप्रत्याशित घटना चर्चा का विषय बनीं है। मृतक गजराज सिंह राजगौंड़ 25 वर्ष के सम्बंध में पता चला है कि वह कुछ समय पूर्व पन्ना में रहकर मजदूरी करता था। इसी दौरान पन्ना में उसने किसी नसीम भाईजान नाम के व्यक्ति से कथित तौर पर कुछ रुपए उधार लिए थे, जिनकी अदायगी को लेकर यह विवाद हुआ। गजराज शादीशुदा था और उसके दो मासूम बच्चे भी हैं। इस हत्याकाण्ड के समय उसकी पत्नी अपने बच्चों के साथ मायके में थी। देवी सिंह ने बताया कि उसकी भाभी रक्षाबंधन का त्यौहार मनाने के लिए कुछ दिन पूर्व ही अपने मायके गई थी। पुलिस ने गजराज सिंह की हत्या के मामले में उसके छोटे भाई देवी सिंह की रिपोर्ट पर प्रह्लाद सिंह राजगौंड़ और राजेन्द्र सिंह यादव के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है। हनुमतपुर चौकी प्रभारी एवं उप निरीक्षक रवि सिंह जादौन ने बताया कि हत्या के प्रकरण में फरार दोनों आरोपियों की धरपकड़ के लिए हमारे प्रयास जारी हैं। जिन स्थानों पर आरोपियों के छिपे होने की संभावना है उन सभी स्थानों पर पुलिस के द्वारा दबिश दी जा रही। साथ ही मुखबिर तंत्र को भी अलर्ट किया किया गया है। उन्होंने दोनों हत्यारोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की उम्मीद जताई है।

हमारा घर-हमारा विद्यालय योजना से कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा, छात्र-शिक्षक हित में योजना को बंद करने की उठी मांग

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सांकेतिक फोटो।

* शिक्षकों को घर-घर जाकर बच्चों को पढ़ाने की योजना का शुरू हुआ विरोध

* अपाक्स संगठन ने प्रांतीय आव्हान पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा

* कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई कराने की मांग

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश सरकार के शिक्षा विभाग की हमारा घर-हमारा विद्यालय योजना 2020 के क्रियान्वयन से छात्रों और शिक्षकों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा बढ़ गया है। यह दावा अपाक्स संगठन ने किया है। छात्रों और शिक्षकों के स्वास्थ्य से जुड़ीं गंभीर चिंताओं का हवाला देते हुए देते अपाक्स संगठन ने इस योजना को तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग की है। मौजूदा संकट को देखते हुए कोरोना से बचाव के लिए सिर्फ ऑनलाइन पढाई कराने की मांग की जा रही है। इस सम्बंध में गत दिनों अपाक्स संगठन जिला शाखा पन्ना के अध्यक्ष कृष्णपाल सिंह यादव के नेतृत्व में प्रदेश के मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं प्रमुख सचिव शिक्षा के नाम एक ज्ञापन दिया गया। जिसमें बताया गया है कि, हमारा घर-हमारा विद्यालय योजना से छात्रों और शिक्षकों के कोरोना संक्रमित होने का खतरा काफी बढ़ गया है। इस योजना के अंतर्गत शिक्षकों का घर-घर जाकर बच्चों को पढ़ाना कोरोना संक्रमण के प्रसार की वजह बन सकता है।
सांकेतिक फोटो।
उल्लेखनीय है कि पिछले चार माह से कोरोना संकट के कारण लॉकडाउन की स्थिति निर्मित है। लॉकडाउन होने से सभी शिक्षा संस्थान बंद हैं। जिसकी वजह से छात्र-छात्राओं की शिक्षा बाधित है। इन विषम परिस्थितियों में बच्चों की पढ़ाई न रुके इसलिए उन्हें शिक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार के द्वारा इस योजना को पिछले माह से प्रारंभ किया गया है। हमारा घर-हमारा विद्यालय योजना के अंतर्गत कक्षा 1 से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों को घर पर ही शिक्षा प्रदान की जा रही है। राज्य शिक्षा केन्द्र की इस अनूठी योजना का अपाक्स संगठन इसलिए पुरजोर विरोध कर रहा है, क्योंकि कुछ जिलों में कतिपय शिक्षक कोरोना पॉजिटिव हुए हैं। इतना ही नहीं अशोकनगर के शिक्षक संजीव रघुवंशी कोरोना पॉजिटिव होकर अपनी जान गवां चुके हैं।

कोरोना योद्धा घोषित किया जाए

कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करने के बाद पन्ना में नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट कार्यालय से बाहर आते शिक्षक एवं कर्मचारी संघों के पदाधिकारी।
देश और प्रदेश में प्रतिदिन कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए छात्रों उनके पालकों और शिक्षकों में भय व्याप्त है। इस स्थिति में शिक्षकों को घर-घर जाकर पढ़ाने की व्यवस्था को मुक्त करके सिर्फ ऑनलाइन अध्यापन कार्य कराने की मांग अपाक्स संगठन ने की है। प्रांतीय आव्हान पर सौंपे गए ज्ञापन में संगठन ने कोरोना से मृत शिक्षक संजीव रघुवंशी को कोरोना योद्धा घोषित करते हुए उनके आश्रितों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने। इसके अलावा उनके परिवार के किसी योग्य सदस्य को शीघ्र अनुकम्पा नियुक्ति दिए जाने की भी मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में कृष्णपाल सिंह यादव अपाक्स जिला अध्यक्ष पन्ना, एम. ए. कुरैशी जिला सचिव अपाक्स, राजकिशोर शर्मा महामंत्री शिक्षक कोंग्रेस एवं अशोक पाण्डेय अध्यक्ष लघु वेतन कर्मचारी संघ प्रमुख रूप से शामिल रहे।

मध्यप्रदेश में ड्रोन कैमरों से होगी जंगल की निगरानी : मंत्री श्री शाह

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पन्ना जिले के रैपुरा क़स्बा में वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ प्रदेश के वन मंत्री विजय शाह।

* पन्ना जिले के रैपुरा क़स्बा में अल्प प्रवास पर पहुंचे वन मंत्री विजय शाह

* वनों की निगरानी में ड्रोन की मदद लेने की दी गई जानकारी

* विभागीय अमले से मंत्री बोले- शस्त्र के लिए आवेदन करो मिलेगा आसान लोन

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश में वनों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए निगरानी की व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य चल रहा है। जल्द ही अत्याधुनिक ड्रोन कैमरा तकनीक की मदद से जंगलों की सघन निगरानी की जाएगी। ड्रोन कैमरों की मदद से आसमान से जंगल के चप्पे-चप्पे की निगरानी करते हुए हर हलचल पर पैनी नजर रखी जाएगी। जिससे वन अपराधों की प्रभावी रोकथाम संभव हो सकेगी। यह बात प्रदेश के वन मंत्री विजय शाह ने पन्ना में कही। शनिवार को कटनी से चलकर दमोह जाते समय वन मंत्री विजय शाह अचानक रास्ते में कुछ समय के लिए पन्ना जिले के दूरस्थ क़स्बा रैपुरा में रुके। यहाँ वन विभाग के विश्राम गृह में मंत्री श्री शाह विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों से सीधे रूबरू हुए। आपने विभागीय अमले की हौसला अफजाई करते हुए निष्ठा और समर्पण के साथ कर्तव्य का निर्वहन के लिए प्रेरित किया।
जंगल की बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जोखिम उठाकर सेवाएं देने वाले मैदानी अमले की व्यक्तिगत सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर वन मंत्री विजय शाह ने वनकर्मियों से शस्त्र के लिए डीएफओ के माध्यम कलेक्टर को आवेदन पत्र प्रस्तुत करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि शस्त्र लाइसेंस स्वीकृत होने पर राइफल अथवा पिस्टल क्रय करने के लिए संबंधित कर्मचारी को आसान लोन दिया जाएगा। इसके पूर्व वन मंत्री विजय शाह के पन्ना जिले की सीमा में प्रवेश करने पर सर्वप्रथम दक्षिण वन मण्डल पन्ना की डीएफओ मीना कुमारी मिश्रा एवं उत्तर वन मण्डल पन्ना के डीएफओ गौरव शर्मा ने उनका स्वागत किया। रैपुरा के विश्राम गृह पहुँचने पर स्थानीय वन परिक्षेत्राधिकारी अजय कुमार मिश्रा एवं परिक्षेत्र के वन कर्मचारियों के द्वारा फूल मालाओं से वन मंत्री का स्वागत किया गया। इस अवसर आईएफएस अधिकारी आर. सी. विश्वकर्मा उपस्थित रहे।

बाघों की मौत का संज्ञान लेंगे क्या वन मंत्री

रैपुरा में वन विभाग के रेस्ट हाउस में विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों से चर्चा करते हुए प्रदेश के वन मंत्री विजय शाह।
उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले के रैपुरा क़स्बा में प्रदेश के वन मंत्री विजय शाह का आगमन ऐसे समय पर हुआ है, जबकि पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की संदेहास्पद मौतों का मामला सुर्ख़ियों में बना है। पार्क की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था अत्यंत ही लचर स्थिति में होने से यहां बाघों की मौत की घटनाएं चिंताजनक तेजी से बढ़ीं हैं। बाघों की मौत की हैरान करने वाली घटनाओं पर मीडियाकर्मी, वन्यप्राणी विशेषज्ञ और जनप्रतिनिधि कई गंभीर सवाल उठा रहे हैं। दरअसल, पन्ना टाइगर रिजर्व में पिछले कुछ समय से यह देखा जा रहा है कि बाघों की मौत होने के कई दिनों बाद प्रबंधन को इसका पता चलता है, इस कारण बाघ का शव कंकाल की हालत में मिलने से उसकी मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता नहीं लग पा रहा है।
पन्ना टाइगर रिजर्व की गहरी घाट रेन्ज अंतर्गत कुछ दिन पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में मृत बाघ का शव मौत के कई दिन बाद इस स्थिति में मिला।
पार्क प्रबंधन द्वारा कथित तौर पर अपनी कमियों को छिपाने के लिए आपसी संघर्ष में बाघों की मौत होने की कहानी हर बार प्रचारित की जा रही है। लेकिन ठोस साक्ष्य के आभाव में इस पर यकीन करना मुश्किल हो रहा है। कुछ ऐसी ही स्थिति पन्ना जिले के सामान्य वन मण्डल उत्तर एवं दक्षिण की भी है। पिछले दो-ढाई सालों में दोनों सामान्य वन मण्डलों के अंतर्गत बड़ी संख्या में तेंदुओं का शिकार हुआ या फिर संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत की मामले प्रकाश में आये हैं। इसके अलावा जिले के सामान्य एवं संरक्षित वन क्षेत्रों में अतिक्रमण, अवैध खनन एवं वनों की कटाई में बेतहाशा वृद्धि हुई है। अब देखना यह है कि प्रदेश के वन मंत्री विजय शाह क्या पन्ना जिले में विभागीय बदहाली का संज्ञान लेते हैं या फिर वे इसे नजरअंदाज करते हैं।

मोबाइल टॉवर पर रस्सी और पेट्रोल लेकर चढ़ा युवक, कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ा

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पन्ना के दहलान ताल के नजदीक स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक मनोज राय।

* बेशक़ीमती पैतृक भूमि से अवैध कब्ज़ा हटवाने के लिए है परेशान

* तहसीलदार ने 7 दिन के अंदर सीमांकन कराकर कार्रवाई का दिया आश्वासन

* मौके पर कोतवाली पुलिस और नगर पालिका के दमकल विभाग की टीम मौजूद

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) पैतृक कृषि भूमि से अवैध कब्ज़ा हटवाने के लिए कई वर्षों से परेशान एक युवक आज तड़के अपने घर के समीप स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गया। आत्महत्या के इरादे से युवक रस्सी और दो बोतल पेट्रोल भी अपने साथ लिए हुए है। शहर के दहलान ताल के समीप शराब दुकान के बाजू में स्थित मोबइल टावर पर चढ़कर युवक जोर-जोर से आवाज लगाकर खनिज मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह या फिर पन्ना कलेक्टर को मौके पर बुलाने और अवैध कब्ज़ा कर बनाई गई दीवार को गिरवाने की मांग कर रहा है। कई घण्टे से मौके पर मौजूद पन्ना तहसीलदार प्रेम नारायण सिंह एवं कोतवाली थाना निरीक्षक हरी सिंह ठाकुर ने युवक को समझाइश और कार्रवाई का आश्वासन देते हुए उसे नीचे उतारने के लिए काफी प्रयास किया गया। लेकिन युवक के अपनी मांग को लेकर अड़ने से पिछले 8 घण्टे से भी अधिक समय से गतिरोध बना हुआ है।
नवागत पन्ना तहसीलदार प्रेम नारायण सिंह टावर पर चढ़े युवक से बात करते हुए।
मंगलवार 28 जुलाई को सुबह-सुबह जब लोग नींद से जागे तो शहर के दहलान ताल के बाजू में स्थित मोबइल टावर के ऊपर एक युवक के रस्सी और पेट्रोल लेकर चढ़ने की खबर मिलने से दंग रह गए। सोशल मीडिया के जरिए इस अप्रत्याशित घटनाक्रम की खबर फैलते ही टावर के आसपास काफी भीड़ जमा हो गई। शहर के गल्ला मण्डी इलाके में रहने वाले मनोज राय नामक इस युवक का आरोप है कि पन्ना-पहाड़ीखेरा मुख्य मार्ग किनारे जनकपुर नाका के समीप स्थित उसकी पैतृक कृषि भूमि पर स्टेट बैंक के पूर्व कर्मचारी गोविन्द तिवारी ने अवैध कब्जा कर रखा है।
टावर के आसपास मौजूद आमलोगों की भीड़।
कथित तौर पर अवैध कब्जे का यह मामला पिछले कई साल तक पन्ना तहसीलदार के न्यायलय में चला बाद में एसडीएम कोर्ट भी पहुंचा। लेकिन प्रकरण की वर्तमान स्थिति का फिलहाल पता नहीं चल सका। चर्चा है कि मनोज ने अपनी बेशकीमती पैतृक भूमि पर कुछ आवासीय प्लाट भी बेंचें हैं लेकिन उक्त भूखण्ड के फ्रंट की तरफ सबसे शानदार लोकेशन पर कथित तौर पर गोविन्द तिवारी ने बड़े हिस्से में अवैध कब्जा कर रखा है। जिससे पीछे स्थित आवासीय प्लाट खरीदने वाले लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है। इस अवैध कब्जे को हटवाने के लिए करीब 5 वर्ष पूर्व मनोज और उसके परिजनों ने भोपाल में सीएम हाउस के बाहर कई दिनों तक धरना दिया था। तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के हस्तक्षेप से इस परिवार को न्याय मिलने की आस नजर आई थी। लेकिन गुजरते समय के साथ यह धूमिल पड़ती गई। परिणामस्वरुप राजस्व न्यायालयों के चक्कर काट-काटकर थक हार चुका मनोज न्याय न मिलने की हताशा और निराशा में आज सुबह करीब 4 बजे आत्मघाती कदम उठाने के इरादे से रस्सी और पेट्रोल लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। इस टावर में कोई स्थाई चौकीदार तैनात नहीं है।
आज सुबह 6 बजे के आसपास जब युवक के मोबाइल टावर पर चढ़ने की खबर फैली तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मौके पर पहुंचे नवागत पन्ना तहसीलदार प्रेम नारायण सिंह के द्वारा मनोज राय को समझाइश देते हुए सात दिवस के अंदर उसकी भूमि का नए सिरे से सीमांकन कराकर आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया गया। साथ ही मौके पर मौजूद युवक के परिजनों से भी सहानुभूतिपूर्वक बात की गई। लेकिन टावर पर करीब 100 फ़ीट की ऊंचाई पर चढ़ा मनोज राय नीचे उतरने पर राजी नहीं हुआ। उसके द्वारा चिल्ला-चिलाकर मौके पर पन्ना विधायक एवं खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह अथवा पन्ना कलेक्टर को बुलाने और अवैध कब्ज़ा कर बनाई गई दीवार को गिरवाने की मांग लगातार की जा रही है।
मनोज से नीचे उतरने की रो-रोकर मिन्नतें करते एवं गुहार लगाते हुए परिजन।
टावर के नीचे मौजूद मनोज के परिजन भी उससे नीचे उतरने और कोई गलत कदम न उठाने की रो-रोकर मिन्नतें कर रहे हैं। मगर, वह अपनी मांग पर अडिग है। उधर, तहसीलदार और पन्ना टीआई ने अपने स्तर पर समाधान निकालने का प्रयास करते हुए गोविन्द तिवारी से बात कर रास्ते को खुलवा दिया। लेकिन, इसके बाद भी मनोज टावर से नीचे उतरने के लिए राजी नहीं हुआ। दोपहर करीब 11 बजे हल्की बारिश होने के दौरान भी वह टावर पर ही चढ़ा रहा। लगभग 8 घण्टे से भी अधिक समय से बने इस गतिरोध को दूर करने के लिए जिला प्रशासन में शीर्ष स्तर पर अब तक कोई सार्थक पहल नहीं की गई।

पन्ना टाइगर रिजर्व में कल तेंदुआ मृत मिला और आज बाघ की संदिग्ध मौत, शव कंकाल में तब्दील होने पर कई दिनों बाद चला मौत का पता

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पन्ना टाइगर रिजर्व की गहरीघाट रेन्ज अंतर्गत मृत मिले नर का कंकाल में तब्दील हो चुका शव।

* बाघों की सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था में एक बार फिर बड़ी चूक उजागर

* गहरीघाट रेन्ज की मझौली बीट अंतर्गत क्षत-विक्षत हालत में मिला नर बाघ का शव

* महीने भर पूर्व रेडियो कॉलर वाली बाघिन पी-213 की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी मौत

* महज़ आठ माह के अंदर चार बाघों की संदेहास्पद मौत को लेकर सवालों के घेरे में पार्क प्रबंधन

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा है। महीने भर में आज यहां एक और बाघ की मौत होने पता चला है। पार्क की गहरीघाट रेन्ज की मझौली बीट के वन कक्ष क्रमांक- पी-511 में एक नर बाघ का कंकाल मिलने से हड़कम्प मचा है। बाघ का शव बेहद क्षत-विक्षत हालत में मिलने और उससे भीषण दुर्गन्ध उठने से मृत्यु 5-6 दिन पूर्व होने का अनुमान लगाया जा रहा है। लगभग 5 वर्ष की आयु वाले इस व्यस्क बाघ की मौत का पता भी कई दिनों बाद चलने से पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था से जुड़ी बड़ी चूक एक बार फिर उजागर हुई है। पार्क के कोर क्षेत्र में बाघों की मौत की घटनाओं पर फील्ड स्टॉफ की एक ही तरह की लापरवाही बार-बार सामने आने से बाघों की मॉनिटरिंग व्यवस्था की स्थिति अत्यंत ही लचर होने का पता चलता है। चिंताजनक बात ये है कि पार्क प्रबंधन तमाम प्रयासों के बाद भी अब तक इसमें सुधार करने नाकाम साबित हुआ है।
पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के. एस. भदौरिया।
पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के. एस. भदौरिया ने जानाकरी बताया कि गहरीघाट रेन्ज की मझौली बीट में सोमवार 27 जुलाई को नर बाघ का शव मिलने की सूचना पर पन्ना टाइगर रिजर्व के उप संचालक एवं वन्यप्राणी चिकित्सक डॉक्टर संजीव गुप्ता ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर मौके का जायजा लिया। आसपास के इलाके में डॉग स्क्वाड से सर्चिंग कराई गई लेकिन कहीं अवैध गतिविधि के कोई साक्ष्य नहीं मिले। उनके अनुसार प्रथम दृष्टया बाघ की मौत अन्य किसी बाघ से संघर्ष में होना प्रतीत होता है। क्योंकि उसके सभी अवयब सुरक्षित मिले हैं। घटनास्थल के आसपास बाघ के पगमार्क, खरोंच, बैठक के निशान एवं जमीन पर सूखा ब्लड पाया गया। उल्लेखनीय है कि मृत नर बाघ का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसके शव को जंगल में ही जलाकर नष्ट किया गया।

बाघों का कुनबा बढ़ने से बढ़ रहा है संघर्ष

सांकेतिक फोटो।
क्षेत्र संचालक के. एस. भदौरिया ने बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व के अंतर्गत फेस-4 की मॉनिटरिंग के दौरान कोर क्षेत्र में 39 व्यस्क-अर्धवयस्क बाघ पाए गए हैं। जिसका घनत्व 6.05 से 6.09 प्रति 100 वर्ग किलोमीटर है। जबकि क्षेत्रफल के हिसाब से टाइगर रिजर्व की धारण क्षमता 30 बाघ की है। अर्थात पार्क के कोर क्षेत्र में क्षमता से अधिक बाघों का रहवास होने से उनके बीच इलाके पर वर्चस्व लेकर आपसी संघर्ष बढ़ रहा है। बताते चलें कि पन्ना पार्क में एक माह में बाघ की मौत की यह दूसरी बड़ी घटना है। इसके पूर्व 28 जून को पार्क की पन्ना कोर रेन्ज की बीट महुआमोड़ के वन कक्ष क्रमांक-पी-1345 में बाघिन पी-213 की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने का मामला प्रकाश में आया था। रेडियो कॉलर वाले बाघों की 24 घण्टे निगरानी करने वाले टाइगर ट्रेकिंग दल को इस बाघिन की मौत की भनक कई घण्टे बाद लगी थी। जबकि बाघों के पीछे-पीछे वाहन में सवार होकर चलने वाले टाइगर ट्रेकिंग दल की जिम्मेदारी उनके प्रत्येक मूवमेंट पर हर समय पैनी नजर रखते हुए उनके रेडियो कॉलर के सिग्नल की जांच करते रहना है। पिछले आठ माह में पन्ना पार्क में अब तक चार बाघों की संदेहास्पद होना राष्ट्रीय पशु की सुरक्षा एवं मॉनिटरिंग में बरती जा रही लापरवाही को लेकर चिंताओं को बढ़ाने के साथ-साथ कई तरह के गंभीर सवाल खड़े करता है।

एक दिन पूर्व मिला था तेंदुए का शव

फाइल फोटो।
पन्ना टाइगर रिजर्व की पन्ना बफर रेन्ज की बीट बांधीकला उत्तर में रविवार 26 जुलाई को एक व्यस्क नर तेंदुए का शव भी कंकाल की हालत में मिला था। शव के क्षत-विक्षत होने और उससे भीषण दुर्गन्ध उठने से तेंदुए की मौत भी कई दिन पूर्व होने का अनुमान लगाया जा रहा है। फिलहाल तेंदुए की मौत की वजह पता नहीं चल सकी। लेकिन पार्क प्रबंधन ने तेंदुए शिकार की घटना से इंकार करते हुए बताया कि उसके सभी अवयब सुरक्षित पाए गए हैं। तेंदुए की मौत झाड़ियों के अंदर होने के कारण शव से दुर्गन्ध उठने पर घटना का पता चलने की बात कही जा रही है। मालूम हो कि संदिग्ध परिस्थितियों में मृत तेंदुए की मौत की जानकारी पार्क प्रबंधन के द्वारा मीडिया से छिपाई गई। घटना के दूसरे दिन सोमवार को भी प्रबंधन ने इसका प्रेस नोट जारी नहीं किया।

कुख्यात आदतन अपराधी राघवेन्द्र सिंह का जिला बदर, एसपी के प्रतिवेदन पर जिला मजिस्ट्रेट ने की कार्रवाई

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जिला मजिस्ट्रेट एवं पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा और बगल में खड़े पुलिस अधीक्षक पन्ना मयंक अवस्थी। (फाइल फोटो)
पन्ना।(www.radarnews.in) जिले के कुख्यात आदतन अपराधी एवं लिस्टेड बदमाश छोटे राजा उर्फ राघवेन्द्र सिंह पिता शंकर सिंह परमार निवासी ग्राम कुम्हारी थाना पवई को जिला बदर किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट पन्ना कर्मवीर शर्मा ने जिला बदर के आदेश जारी किए हैं। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई पन्ना पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर की गई है। ताकि छोटे राजा उर्फ़ राघवेन्द्र सिंह की आपराधिक प्रवृत्तियों एवं गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन अनुसार कुख्यात लिस्टेड बदमाश छोटे राजा उर्फ राघवेन्द्र सिंह पिता शंकर सिंह परमार निवासी ग्राम कुम्हारी थाना पवई जिला पन्ना विगत वर्ष 2001 से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होकर लोगो मारपीट, गुण्डागर्दी, धमकाकर एवं भय दिखाकर अवैध रूप से रूपयों की वसूली करना, अवैध अथियार रखना, हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, लूट डकैती जैसे गंभीर अपराध कारित कर रहा है। जिससे आमजनता में काफी भय व्याप्त है। अनावेदक के विरूद्ध समय-समय पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर माननीय न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किए गए। अनावेदक के विरूद्ध आपराधिक प्रवृत्तियों एवं गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही भी की गयी किन्तु अनावेदक की गतिविधियों में कोई सुधार नहीं आया है।
जिला मजिस्ट्रेट पन्ना कर्मवीर शर्मा ने मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 5 (क), (ख) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए छोटे राजा उर्फ राघवेन्द्र सिंह पिता शंकर सिंह परमार निवासी ग्राम कुम्हारी थाना पवई जिला पन्ना को जिला बदर के आदेश दिए हैं। आदेश तामीली होने के दिनांक से 5 घंटे के भीतर पन्ना जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमाओं तथा समीपवर्ती जिला दमोह, कटनी, छतरपुर, सतना एवं उत्तर प्रदेश के बांदा एवं चित्रकूट जिले की सीमाओं से 6 माह की अवधि के लिए बाहर रहने का निष्कासन आदेश पारित किया है।
उन्होंने निर्देश दिए है कि अनावेदक इस अवधि के लिए बाहर चला जाए तथा इस अवधि में न्यायालय की लिखित अनुमति के बिना इन जिलों में प्रवेश न करें। यदि अनावेदक के विरूद्ध कोई प्रकरण पन्ना जिले के किसी कोर्ट/दाण्डिक न्यायालय में चल रहा हो तो वह नियत पेशी पर न्यायालय में उपस्थित हो सकेगा परन्तु इसके पूर्व अनावेदक को थाना प्रभारी को लिखित सूचना देनी होगी तथा न्यायालय में पेशी होने के पश्चात इस न्यायालय के आदेश का पालन किया जाएगा। जिला बदर अवधि में आदेश का उल्लंघन करने पर अनावेदक के विरूद्ध मप्र राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 14 एवं 15 के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी।

रेत ठेकेदार ने अपने कर्मचारी से मेरे खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई, उच्च स्तरीय निष्पक्ष जाँच से उजागर हो सकती है सच्चाई : भरत मिलन

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कोंग्रेस नेता एवं अजयगढ़ जनपद अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय।

* कोंग्रेस नेता ने बयान जारी कर बहुचर्चित विवाद पर अपना पक्ष रखा

* दर्ज एफआईआर के आरोपों की जांच वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कराने की मांग

* शिकायत करने से नाराज रेत ठेकेदार पर षड्यंत्र रचकर बदनाम करने का लगाया आरोप

पन्ना/अजयगढ़। (www.radarnews.in) रेत से जुड़े कारोबार को लेकर अक्सर विवादों में रहने वाले पन्ना जिले के वरिष्ठ कोंग्रेस नेता एवं अजयगढ़ जनपद अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय एक बार फिर से सुर्ख़ियों में हैं। श्री पाण्डेय एवं उनके परिजनों के विरुद्ध जिले के रेत ठेकेदार रसमीत मल्होत्रा के कर्मचारी जीतेन्द्र सिंह निवासी करनाल हरियाणा ने उसके साथ मारपीट करने, अपने वाहनों में मुफ़्त में रेत की लोडिंग का दवाब बनाने-धमकाने एवं हर हफ्ते डेढ़ लाख रुपये मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए अजयगढ़ थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिस पर थाना पुलिस ने कोंग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय एवं उनके परिजनों के खिलाफ अपराध क्रमांक 376/20 के अंतर्गत धारा 147,148,149, 294, 323,327, 506, 336 भादवि के तहत प्रकरण कायम किया गया है।
कोंग्रेस नेता एवं अजयगढ़ जनपद अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय के विरुद्ध दर्ज एफआईआर में घटना का विवरण।
पिछले कई दिनों से चर्चाओं में बने इस आपराधिक प्रकरण के सम्बंध भरत मिलन ने अपना पक्ष रखते यह दावा किया है कि मेरे खिलाफ पूर्णतः फर्जी एफआईआर दर्ज कराई गई है। सोशल मीडिया के माध्यम से भेजे गए अपने बयान में उन्होंने साफ़ किया है कि एफआईआर में कथित तौर पर मारपीट और हवाई फायरिंग की घटना का सीसीटीव्ही फुटेज होने की बात कही गई है। ऐसे सभी फुटेज-वीडियो में यह देखा जाना चाहिए कि उसमें मैं और मेरा भाई कहीं पर नजर भी आ रहे हैं ? घटना दिनांक व समय पर बहादुरगंज (घटनास्थल) में क्या मेरे मोबाइल की लोकेशन रही है ? इसकी उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई को सामने लाने की जरुरत ताकि बेबुनियाद और झूठे आरोप लगाकर मुझे बदनाम करने के षड्यंत्र का पर्दाफाश हो सके।
पाण्डेय के अनुसार उनकी झूठी रिपोर्ट विद्वेष और रंजिश के चलते फंसाने तथा बदनाम करने के मकसद से की गई है। प्रेस में जारी अपने बयान में उन्होंने बताया कि रेत ठेकेदार के द्वारा रेत की चोरी करने की शिकायत मैनें अजयगढ़ क्षेत्र के लोगों के साथ मिलकर दिनांक 7 जुलाई को पन्ना कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से की थी। कथित तौर पर इसका बदला लेने के लिए मेरी और मेरे परिजनों की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। एफआईआर की वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार जांच कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि शिकायतकर्ता ने घटना के विवरण में बताया है कि ट्रेक्टर के ड्राइवर द्वारा मुझे फ़ोन किया गया, मेरे फोन नम्बर की कॉल डिटेल की जांच कर ली जाए कि उस रात मेरे फ़ोन में किसके-किसके के कॉल आए थे। वहीं मेरे पास कोई ट्रेक्टर भी नहीं है।
(फाइल फोटो)
शिकायतकर्ता जीतेन्द्र सिंह ने 1,50,000/-(डेढ़ लाख) रुपये का हप्ता वसूली की मांग करने की बात एफआईआर में लिखाई है, जिस पर कोंग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय का कहना है कि अगर मैनें, मेरे भाई या फिर परिवार के अन्य किसी सदस्य द्वारा इस तरह की कोई मांग की गई है तो उसके ऑडियो-वीडियो को सामने लाया जाए। यदि साक्ष्य नहीं हैं तो इस तरह के अनर्गल-असत्य आरोप न लगाए जाएं। षड्यंत्र रचकर झूठी एफआईआर सिर्फ इसलिए दर्ज करवाई गई, ताकि क्षेत्र में मेरी छवि धूमिल हो और वे लोग रेत का अवैध व्यापार करते रहें। प्रेस में जारी बयान के जरिए अजयगढ़ जनपद अध्यक्ष ने पन्ना पुलिस अधीक्षक से इस प्रकरण की तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराने एवं झूठे प्रकरण में खात्मा लगाने की मांग की है।