* खनिज निरीक्षक की रिपोर्ट पर मड़ला थाना पुलिस ने की कार्रवाई
* पन्ना-छतरपुर मार्ग पर पांच घण्टे बहाल हो पाया वाहनों का आवगमन
* बीच सड़क में डम्प गिट्टी को हटाने के लिए बुलानी पड़ी जेसीबी मशीन
* खनिज निरीक्षक ने बगैर पिटपास के गिट्टी परिवहन करते हुए पकड़े थे दो डम्फर
* कार्रवाई के डर से बीच सड़क में गिट्टी अनलोड करके डम्फर लेकर भाग निकले थे चालक
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) बगैर ई-टीपी के अवैध तरीके से गिट्टी का परिवहन करते हुए पकड़े जाने पर दो डम्फरों के चालक कार्रवाई से बचने के लिए आज सुबह मड़ला घाटी में बीच सड़क पर गिट्टी पलटाकर मौके से डम्फर लेकर फरार हो गए थे। नेशनल हाईवे क्रमांक-39 में वाहनों के आवागमन को बाधित करने और शासकीय कार्रवाई में व्यवधान डालने के इस गंभीर मामले में मड़ला थाना पुलिस ने खनिज निरीक्षक पन्ना देवेन्द्र महोबे की रिपोर्ट पर डम्फर के मालिक और दोनों चालकों समेत कुल चार लोगों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है। इस मामले में पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों आशुतोष शिवहरे निवासी बड़ा बाजार पन्ना और चालक मैय्यादीन कुशवाहा निवासी पुरुषोत्तमपुर को कुछ ही घण्टे बाद गिरफ्तार भी कर लिया है।
इन आरोपियों के द्वारा डम्फर की गिट्टी मड़ला घाटी में बीच सड़क पर अनलोड करके डम्फर लेकर भाग निकलने से पन्ना-छतरपुर मार्ग में करीब 5 घण्टे तक बड़े वाहनों के पहिये पूरी तरह थमे रहे। मौके पर जेसीबी मशीन बुलाकर गिट्टी को हटवाने के बाद दोपहर में लगभग 11 बजे वाहनों की आवाजाही पुनः शुरू हो सकी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार खनिज निरीक्षक देवेन्द्र महोबे सोमवार 24 अगस्त की सुबह खनिज सामग्री का परिवहन करने वाले वाहनों की चैकिंग के लिए दलबल के साथ अचानक मड़ला घाटी पहुँच गए। इस दौरान गिट्टी का परिवहन कर छतरपुर से पन्ना की ओर जा रहे दो डम्फरों को उनके द्वारा रोककर ई-टीपी मांगी गई। डम्फर चालकों के पास ई-टीपी न मिलने पर खनिज निरीक्षक सख्ती दिखाते हुए डम्फरों को कार्रवाई के लिए जैसे ही पन्ना लाने लगे तभी डम्फर मालिक मौके पर पहुँच गया। बगैर पिटपास के गिट्टी परिवहन कर शासन के राजस्व की चोरी करने के बावजूद डम्फर मालिक उल्टा धौंस दिखाते हुए कार्रवाई का विरोध करने लगा।

इस दौरान मालिक के कहने पर डम्फर चालक बीच सड़क पर ही गिट्टी को अनलोड करके डम्फर लेकर मौके से भाग निकले। इससे पन्ना-छतरपुर मार्ग पर मड़ला घाटी में भैरव टेक के समीप सड़क के दोनों तरफ बड़े वाहनों के पहिये थम गए। सुबह लगभग 6 बजे मड़ला घाटी में लम्बा जाम लग गया। जिसमें सैंकड़ों वाहन दोनों तरफ फंसे गए। खनिज निरीक्षक की सूचना पर मौके पर पहुंची मड़ला थाना पुलिस के द्वारा गिट्टी को हटवाने के लिए जेसीबी मशीन बुलाई गई। इस तरह करीब 5 घण्टे बाद दोपहर में लगभग 11 बजे पन्ना-छतरपुर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पुनः शुरू हो सकी।
इस अप्रत्याशित घटनाक्रम की गंभीरता को देखते वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर खनिज निरीक्षक पन्ना देवेन्द्र महोबे के द्वारा मड़ला थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस मामले में पुलिस ने डम्फर के मालिक एवं चालकों समेत कुल चार आरोपियों के खिलाफ धारा 353, 341, 441, 294, 186, 506, 34 आईपीसी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्परता से कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों आशुतोष शिवहरे निवासी बड़ा बाजार पन्ना और चालक मैय्यादीन कुशवाहा निवासी पुरुषोत्तमपुर को गिरफ्तार भी कर लिया है। वहीं शेष दो फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। उल्लेखनीय है कि आज दिन भर यह घटनाक्रम चर्चा का विषय बना रहा।
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पिपरियाकलां के वाशिंदों के द्वारा बनाए गए वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना और देखा जा सकता है कि उनके गांव का ट्रांफार्मर पिछले 15 दिनों से ख़राब पड़ा। ग्रामीणों के द्वारा मध्य पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के जूनियर इंजीनियर के कहने पर अपने बकाया बिलों का भुगतान किया जा चुका है, इसके बाद भी उनके गांव के ख़राब ट्रांसफार्मर को बदला नहीं गया। बैचेन करने वाली इस उमस भरी गर्मी में अँधेरे में रहने और मच्छरों के डंक सहन करने को मजबूर इन ग्रामीणों को “न दिन में चैन मिल रहा है और न रात को आराम नसीब हो पा रहा है। गेहूं पिसाई से लेकर मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए उन्हें आसपास के दूसरे गांवों में जाना पड़ता है। बिजली संकट से निजात न मिलने से परेशान ग्रामीण वीडियो में क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश की शिवराज सरकार के प्रति खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कह रहे हैं कि उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
बिजली संकट से बेहाल क्षेत्र के लोगों को इससे निजात दिलाने के लिए गत दिवस सिमरिया के युवाओं ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। इस सम्बंध में एक ज्ञापन भी सिमरिया तहसीलदार को सौंपा गया। जिसमें मध्य पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए उपभोक्ताओं की घोर उपेक्षा किये जाने पर असंतोष जताया है। ज्ञापन सौंपने वालों में अंकित पाठक, अभिनव यादव, मोनू पाठक, प्रदोष पाठक, अशोक पटेल, दादू पाण्डेय, शुशेन्द्र पटेल, सनी पाठक, अनुराग दुबे, हैप्पी पाठक, राघवेन्द्र लोधी, नीलेश पटेल, स्वतंत्र पाठक, आदि युवा शामिल रहे।






जबकि कोरोना वायरस महामारी के चलते महानगरों से वापस लौटने को मजबूर हुए जिले हजारों श्रमिकों को इस मुश्किल समय में अपने गुजारे के लिए रोजगार की सबसे ज्यादा जरुरत है। आपदा की इस घड़ी में गरीब श्रमिकों के घर का चूल्हा जलता रहे, उन्हें भूखा न सोना पड़े इसके लिए शासन-प्रशासन के द्वारा उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। लेकिन निहित स्वार्थपूर्ति में जुटे अधिकारी पन्ना में रेत ठेकेदार से श्रमिकों को रोजगार दिलाने में जानबूझकर अनदेखी कर रहे हैं। पिछले ढाई माह से पन्ना के अजयगढ़ क्षेत्र में जिस ताबड़तोड़ अंदाज में मशीनों से रेत का खनन एवं लोडिंग का काम चल रहा है, यदि मशीनों पर सख्ती से प्रतिबंध लगाते हुए इन्हें जप्त कर लिया जाए तो सैंकड़ों श्रमिकों को आसनी से रोजगार मिल सकता है।












उल्लेखनीय है कि महारष्ट्र की राजधानी मुम्बई स्थित मध्यलोक भवन में संयुक्त आवासीय आयुक्त के पद पर पदस्थ रहे संजय कुमार मिश्रा की नवीन पदस्थापना पन्ना कलेक्टर के रूप किए जाने का आदेश 21 अगस्त की शाम को आया था। स्थानांतरण आदेश जारी होने के अगले ही दिन शनिवार 22 अगस्त को उन्होंने पन्ना पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया। वहीं पन्ना कलेक्टर रहे कर्मवीर शर्मा की नवीन पदस्थापना जबलपुर कलेक्टर के रूप में किये जाने पर आज उन्होंने भी जबलपुर पहुंचकर विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया है।





