Home Blog Page 112

वन विभाग के गश्ती दल पर सागौन माफिया ने किया हमला, तीन वनकर्मी घायल

0
जिला चिकित्सालय में भर्ती घायल वनकर्मियों का हालचाल लेते हुए विभागीय अधिकारी-कर्मचारी।

पन्ना के समीप जंगल में दर्जन भर लोगों ने कुल्हाड़ी-लाठी से किया हमला

घायल वनकर्मियों ने जंगल में छिपकर बचाई जान, 3 हमलावर गिरफ्तार

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश में सरकार के निर्देश पर इन दिनों माफियाओं-तस्करों और अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख़्त कार्रवाई की जा रही है। बाबजूद इसके एमपी में वन माफिया के हौसले काफी बुलंद हैं। बेखौफ वन माफिया आए दिन वन अमले के ऊपर जानलेवा हमला कर कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए भय और आतंक फैला रहे हैं। देवास जिले की जघन्य घटना इस बात का प्रमाण है।
देवास में गत दिनों वन माफिया ने एक वनरक्षक पर बड़ी ही बेरहमी से हमला कर उसकी जान लेने ली थी। इस सनसनीखेज हत्याकाण्ड से प्रदेश का वन विभाग अभी पूरी तरह से उबरा भी नहीं था कि, शनिवार 13 फरवरी की शाम पन्ना जिले से सागौन माफिया के हमले की खबर के आने के बाद से जंगल के रखवाले (वनकर्मी) अपनी खुद सुरक्षा को लेकर अब चिंतित नजर आ रहे हैं। लगातार हो रहे हमलों के कारण वनकर्मियों में भय व असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
हमलावरों के द्वारा कुल्हाड़ी से प्रहार कर वनरक्षक छत्रपाल लोधी को गंभीर रूप से घायल किया गया।
पन्ना के उत्तर वन मण्डल की विश्रामगंज रेंज वन अपराध के लिहाज से संवेदनशील रेंज है। शनिवार 13 फरवरी की शाम करीब 6 बजे पन्ना से सटे कौआ सेहा के जंगल में वनरक्षक छत्रपाल लोधी, स्थाईकर्मी स्वामीदीन व सुरक्षा श्रमिक गोविन्द यादव संयुक्त रूप से गश्ती कर रहे थे। इस दौरान बकरी चराने वाला एक व्यक्ति कुल्हाड़ी लिए मिला। वनकर्मियों ने जंगल में अवैध कटाई की आशंका को देखते हुए उसकी कुल्हाड़ी जब्त कर ली और फिर जंगल में कुल्हाड़ी लेकर न आने की समझाइश देते हुए उसे कुल्हाड़ी वापस लौटा दी।
इसके बाद वनकर्मी आगे जंगल की और बढ़ गए। कुछ समय बाद उक्त व्यक्ति समीपी ग्राम खजुरी कुड़ार से 10-12 अज्ञात लोगों के साथ आया। लाठी-डण्डे व कुल्हाड़ी से लैस उक्त सभी ने लोगों ने एकराय होकर वनकर्मियों के ऊपर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। निहत्थे वनकर्मियों को हमलावरों ने बड़ी ही बेरहमी से पीटा। घायल वनकर्मी अपनी जान बचाने के लिए किसी तरह मौके से घने जंगल की ओर भाग निकले और अँधेरे में छिपे रहे।
रात्रि में जंगल में इस हालत में मिला घायल वनकर्मी।
इधर, सुरक्षा श्रमिक गोविन्द यादव जंगल से निकलकर देर शाम पन्ना पहुंचा, उसके द्वारा प्रभारी रेन्जर लीलाधर शाह को इस घटनाक्रम की जानकारी दी गई। आनन-फानन में दलबल के साथ मदद के लिए मौके पर पहुंचे प्रभारी रेंजर के द्वारा जंगल में छिपे घायल वनरक्षक छत्रपाल लोधी व स्थाईकर्मी स्वामीदीन की खोजबीन की गई। दोनों को काफी चोटें होने के कारण उन्हें जंगल के अंदर से टांगकर वाहनों तक लाया गया। इसके पश्चात् दोनों को पन्ना लाकर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। उत्तर वन मण्डल पन्ना के डीएफओ गौरव शर्मा, एसडीओ विश्रामगंज दिनेश गौर समेत अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों ने रात्रि में ही जिला चिकित्सालय पहुंचकर उनका हाल-चाल जाना।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस घटना को चुनौती के रूप में लेते हुए पुलिस एवं वन विभाग की टीम ने देर रात संयुक्त रुप से खजुरी कुड़ार ग्राम में तत्परता से दबिश देकर रमेश आदिवासी, इन्द्र प्रताप आदिवासी, महेश आदिवासी को धर दबोंचा। इनके जरिए अन्य हमलावरों की पहचान भी कर ली गई। पुलिस और वन विभाग की टीम संदेही आरोपियों की तलाश में सरगर्मी से जुटी है। पन्ना कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध धारा 147, 148, 353, 332, 186, 506, आईपीसी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।

हमला होने की खबर आते ही मचा हड़कंप

वनकर्मियों की सुरक्षा की मांग को लेकर पन्ना में शनिवार को धरना देने के उपरांत ज्ञापन सौंपते हुए वन कर्मचारी संघ अध्यक्ष महीप रावत एवं रेंजर आर.एस. पटेल।
प्रदेश में वनकर्मियों पर बढ़ते हमले व हत्या की घटना से चिंतित और आक्रोशित मध्यप्रदेश वन कर्मचारी संघ ने शनिवार 13 फरवरी को एक दिन का उपवास रखकर धरना देने का आव्हान किया था। वन कर्मचारी संघ के प्रांतव्यापी प्रदर्शन के तहत पन्ना के दक्षिण वन मण्डल कार्यालय परिसर में जिले के वन कर्मचारियों एवं रेंजरों ने सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक धरना दिया। तत्पश्चात मैदानी वन अमले की सुरक्षा की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। यह महज एक संयोग ही है कि इसके लगभग एक घण्टे बाद पन्ना में वनकर्मियों के ऊपर जंगल में हमला हो गया। देर शाम जब इस हमले की खबर आई तो वन महकमे में पन्ना से लेकर भोपाल तक हड़कंप मच गया।
फाइल फोटो।
उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले में वनकर्मियों पर हमले की यह पहली घटना नहीं है। हाल के वर्षों में जिले में वन अपराधों में तेजी से इजाफा होने के साथ-साथ वनकर्मियों पर हमले की घटनाएं भी बढ़ी हैं। वन्यजीवों के शिकार, वन भूमि में अतिक्रमण, अवैध खनन एवं अवैध कटाई सरीके गंभीर प्रकृति वाले वन अपराधों को रोकने में जिले का वन विभाग नाकाम साबित हुआ है।
निहत्थे अथवा लाठी-डण्डे के सहारे जंगल की सुरक्षा करने वाले वनकर्मी अगर वन अपराधों की रोकथाम के प्रयास करते हैं तो वन माफिया/तस्कर उन पर हमला करने से नहीं चूकते। इन परिस्थितियों में वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं हो पा रहा है। शासन को जंगल को बचाने के लिए प्रदेश में वन माफिया के खिलाफ विशेष मुहिम चलाने के साथ-साथ वनकर्मियों को सुरक्षा उपकरणों से सुसज्जित करने पर ध्यान देने की जरुरत है। ताकि विषम परिस्थितियों में वे आत्मरक्षा कर सकें और वन माफिया से मुकाबला करने में भी सक्षम व समर्थ हो सकें।

वन माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त करेंगे

गौरव शर्मा, डीएफओ, उत्तर वन मण्डल पन्ना।
पकड़े गए एवं फरार हमलावरों के संबंध में उत्तर वन मण्डल पन्ना के डीएफओ गौरव शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच-पड़ताल में सागौन की अवैध कटाई के संगठित अपराध में इनकी अहम भूमिका होने के संकेत मिले हैं। ये लोग जंगल में सागौन की अवैध कटाई करके उसे वन माफिया/तस्कर को बेंचते का काम करते हैं। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वन माफिया/सागौन माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने का प्रयास किया जाएगा।
फाइल फोटो।
डीएफओ श्री शर्मा ने वनकर्मियों पर बढ़ते हमलों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि वनकर्मी आमतौर पर निहत्थे व अकेले ही जंगल की सुरक्षा करते हैं, हालिया घटनाओं को देखते यह निश्चित तौर पर काफी जोखिम भरा काम है। जंगल में मोबाइल नेटवर्क भी नहीं मिलता जिससे संकट की स्थिति में वनकर्मियों के पास समय पर मदद नहीं पहुँच पाती है। एक सवाल के जवाब में आपने कहा कि मौजूदा चुनौतियों को देखते मैदानी वनकर्मियों की आत्मरक्षा/सुरक्षा को लेकर वन विभाग के शीर्ष अधिकारी संवेदनशील है, वनकर्मियों आवश्यक सुरक्षा उपकरण शीघ्र मुहैया कराने की कवायद वन बल प्रमुख के स्तर पर की जा रही है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर भी सुरक्षा सामग्री क्रय कर वनकर्मियों को प्रदान की जाएगी।

जलाभिषेकम् राष्ट्रीय महत्व का कार्यक्रम – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

0
केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भोपाल के मिंटो हाल मे वर्चुअल माध्यम से जलाभिषेकम् कार्यक्रम में 57 हजार से अधिक कार्यों का लोकार्पण किया।

एमपी में ‘जलाभिषेकम्’ से बनीं 57 हजार जल-संरचनाओं से सिंचित होगी 2.50 लाख हे. भूमि

भोपाल। (www.radarnews.in) केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि, ‘जलाभिषेकम्’ स्थानीय ही नहीं राष्ट्रीय महत्व का कार्यक्रम है। जल ही जीवन है और जगत के अस्तित्व का आधार भी है। किसानों की आय दोगुना करना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा जन-भागीदारी से किए जा रहे जल-संरक्षण कार्य इस लक्ष्य को प्राप्त करने तथा आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में सहायक होंगे। उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्य-तिथि पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ‘हर खेत को पानी और हर हाथ को काम’ की मंशा को पूर्ण करते ‘जलाभिषेकम्’ के कार्य गाँव, गरीब और किसान की बेहतरी में सहायक सिद्ध होंगे। मनरेगा दुनिया की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है और कोविड काल में इसका महत्व और बढ़ा है।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ‘जलाभिषेकम्’ अभियान के अंतर्गत प्रदेश में निर्मित 57 हजार से अधिक जल-संरचनाओं के वर्चुअल लोकार्पण कार्यक्रम को नई दिल्ली से संबोधित कर रहे थे। भोपाल के मिंटो हॉल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि एवं किसान-कल्याण तथा ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर दिल्ली से वर्चुअली शामिल हुए।

बूंद-बूंद पानी रोकना जरूरी

केन्द्रीय कृषि एवं किसान-कल्याण तथा ग्रामीण विकास व पंचायत राज मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश नेतृत्व, प्रबंधन और कई योजनाओं में देश में प्रथम है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की गाँव, गरीब और विकास के प्रति संवेदनशीलता के परिणाम स्वरूप ही यह उपलब्धि संभव हो पाई हैं। प्रदेश में आवास उपलब्ध कराने, सड़क निर्माण के साथ-साथ कोरोना नियंत्रण में भी अच्छा कार्य हुआ। सभी जरूरतमंद श्रमिकों को रोजगार देकर राहत दी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में उपयोगी संरचनाओं का निर्माण संभव हो पाया। जलवायु परिवर्तन के कारण बदलते मौसम चक्र को देखते हुए बूंद-बूंद पानी को रोकना जरूरी है। जलाभिषेकम् अभियान में बनी जल-संरचनाएँ इस कार्य में सहायक होंगी।

मनरेगा योजना ताकत बनकर उभरी

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरूवार को मिंटो हाल मे जलाभिषेकम् कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि आज ‘जलाभिषेकम्’ के अंतर्गत महात्मा गांधी नरेगा और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत की 57 हजार जल-संरचनाओं का वर्चुअल लोकार्पण हुआ है। इन जल-संरचनाओं से प्रदेश की 2.50 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और वह भी बिना एक इंच जमीन डुबाए। इन छोटी-छोटी जल-संरचनाओं ने ऐसा काम कर दिया, जो बड़े डेम नहीं कर पाए। कोरोना के कठिन काल में मनरेगा योजना ताकत बनकर उभरी है। हमारे गाँवों में लौटे प्रवासी श्रमिकों को इस माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया गया, निर्माण कार्य हुए और बड़े क्षेत्र में जल सुविधा का विस्तार हुआ। इन सब गतिविधियों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खजाना खोलकर राज्य को भरपूर सहयोग दिया है।

कोरोना काल में बड़ी संख्या में जल-संरचनाएँ बनीं

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोरोना काल में 57 हजार 653 जल-संरचनाओं का निर्माण हुआ। इनमें से 53 हजार 517 मनरेगा में और 4,136 वॉटरशेड क्षेत्रों में बनी। इन पर 2 हजार करोड़ से अधिक की राशि व्यय की गई। इन जल-संरचनाओं में 17 हजार 604 व्यक्तिगत खेत-तालाब हैं, 2,365 सामुदायिक खेत-तालाब, 5,119 तालाब, 1,972 परकोलेशन टेंक, 5,773 स्टॉप डेम-चैक डेम, 19 हजार 8 कपिलधारा कूप और 5,288 सामुदायिक कूप हैं। अभियान में 864 बावड़ियों का जीर्णोद्धार भी किया गया है। इन जल-संरचनाओं से लगभग ढाई लाख हेक्टेयर भूमि में कृषि सिंचाई सुविधा विकसित हुई है और भूमिगत जल-स्तर भी बढ़ा है।

बुंदेलखंड में निर्मित ऐतिहासिक तालाबों का होगा जीर्णोद्धार

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति ही जल संस्कृति है। उन्होंने रहीम और तुलसीदास जी का संदर्भ देते हुए कहा कि बुंदेलखण्ड में महाराज छत्रसाल द्वारा व्यापक स्तर पर तालाबों का निर्माण कराया गया। बुंदेलखण्ड में निर्मित चंदेलकालीन ऐतिहासिक तालाबों को चिन्हित कर उनके जीर्णोद्धार का कार्य आरंभ किया जा रहा है। प्रदेश में नदियों के पुनर्जीवन का कार्य भी चल रहा है।
कार्यक्रम के आंरभ में मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा कन्या-पूजन किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया ने लोकार्पित जल-संरचनाओं की जानकारी दी। लोक निर्माण, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री गोपाल भार्गव, लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी राज्य मंत्री बृजेन्द्र सिंह यादव तथा नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री ओ.पी.एस. भदौरिया आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम से प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतें जुड़ी और कार्यक्रम का विभिन्न संचार माध्यमों से सीधा प्रसारण किया गया।

हम सबको मिलकर बनाना है मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर प्रदेश – राज्य मंत्री रामखेलावन

0
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के राज्यमंत्री रामखेलावन पटेल पन्ना में विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए, उनके बगल में (बाईं तरफ) बैठे कलेक्टर एवं दाईं ओर बैठे जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव।

छात्रावास एवं छात्रगृह शीघ्र प्रारंभ किए जाएंगे

पन्ना। (www.radarnews.in) प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के राज्यमंत्री रामखेलावन पटेल अल्प प्रवास पर पन्ना जिले के भ्रमण पर आए। यहां उन्होंने संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि हम सबको मिलकर मध्यप्रदेश को देश का पहला आत्मनिर्भर प्रदेश बनाना है। उन्होंने जिले में संबंधित विभागों द्वारा की गयी लक्ष्यपूर्ति के प्रति संतोष जाहिर करते हुए कहा कि जिले में जो भी मेरे मंत्रालय से संबंधित विकास के कार्य कराए जाने हैं उनके प्रस्ताव भेजें।

आवास की सूची का आमसभा में हो वाचन

उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वच्छता कार्यक्रम के तहत बनाए जाने वाले शौचालयों के लिए प्राप्त होने वाले बजट से 50 प्रतिशत निर्माण कार्य एवं 50 प्रतिशत पानी की उपलब्धता पर व्यय किया जाना चाहिए। गांवों में बनाए जाने वाले सार्वजनिक शौचालय के रखरखाव के लिए एक व्यक्ति रखा जाए। उन्होंने कहा कि गांव में डुंडी पिटवाकर आमसभा बुलवाई जाए। इस आमसभा में प्रधानमंत्री आवास एवं अन्य हितग्राहीमूलक योजनाओं की सूची का वाचन करने के साथ नये हितग्राहियों के नाम जोड़े जाएं। राज्यमंत्री रामखेलावन पटेल कहा कि वर्तमान में नवीन निर्माण कार्यो के लिए बजट की उपलब्धता में कठिनाई है। आगामी आने वाले समय में नवीन निर्माण कार्यो के लिए पर्याप्त आवंटन दिया जाएगा। उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजने की बात कही। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही छात्रावास एवं छात्रगृह प्रारंभ किए जाएंगे।

बैंकों को भेजे स्वरोजगार योजनाओं के प्रकरण

कलेक्टर संजय कुमार मिश्र द्वारा संबंधित विभागों की जानकारी देते हुए बताया कि पिछडा वर्ग के 3332 छात्र-छात्राओं को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति वितरित की गयी है। जिले में एक छात्र गृह स्थापित है वर्तमान में कोरोना के कारण इसका संचालन बंद है। अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के लिए 549 विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किए गए हैं। जिले में पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक दो छात्रावास स्थापित है। कोविड-19 के कारण संचालित नही है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग को रोजगार मुहैया कराने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 170 स्वरोजगार के आवेदन कराकर बैंकों को प्रेषित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री पिछडा वर्ग एवं अल्पसंख्यक आर्थिक कल्याण योजना अन्तर्गत 36 प्रकरण तैयार कराकर बैंकों को प्रेषित किए गए हैं। इन प्रकरणों पर कार्यवाही करते हुए बैंकों द्वारा प्रकरणों को स्वीकृति प्रदान की जा रही है।

दीवारों पर चस्पा कराई सूची

विमुक्त घुमक्कड एवं अर्द्धघुमक्कड जनजाति वर्ग के लिए पन्ना विकासखण्ड में बालक एवं कन्या दो छात्रावास एवं शाहनगर विकासखण्ड में एक कन्या छात्रावास प्रस्तावित है। इसके लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। जिले की विभिन्न जनपदों से इस वर्ग की बस्तियों के विद्युतीकरण के प्रस्ताव मंगाए गए हैं। विमुक्त घुमक्कड एवं अर्द्धघुमक्कड सिविल सेवा परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहन राशि देने की योजना का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। कलेक्टर श्री मिश्र ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छूटे हुए हितग्राहियों को आवास प्लस में शामिल कर लिया गया है। इन सूचियों को ग्राम पंचायत भवन की दीवारों पर प्रदर्शित कराया गया है। जिससे लोगों को शिकायत करने का मौका न मिले। कलेक्टर श्री मिश्र ने जिला पंचायत कार्यालय भवन बनाए जाने की स्वीकृति एवं बजट के संबंध में मंत्री से अनुरोध किया गया।

जिला पंचायत का नवीन भवन बनाने की मांग

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव ने जिले में संबंधित वर्गों के लिए संचालित की जा रही योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए जिला पंचायत कार्यालय के लिए नवीन भवन की मांग को दोहराया। सम्पन्न हुई बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष रामबिहारी चौरसिया, सुशील त्रिपाठी, तरुण पाठक, अमित गुप्ता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के, अपर कलेक्टर जे.पी. धुर्वे, संबंधित अधिकारीगण एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

कैसे मिटेगा कुपोषण का कलंक ! आंगनवाड़ी में नाश्ता और भोजन न मिलने से मायूस हैं मासूम नौनिहाल

0
पूरक पोषण आहार से वंचित पाण्डेय पुरवा ग्राम की आंगनवाड़ी कि मासूम बच्चियां केन्द्र के बाहर बैठीं खाली कटोरी को चाटते हुए।

* पन्ना के पाण्डेय पुरवा ग्राम की आंगनवाड़ी में 15 दिन से नहीं हुआ पूरक पोषण आहार का वितरण

फरवरी माह के टेक होम राशन में विभाग ने की 60 फीसदी की कटौती

प्रत्येक माह 10 बोरी टेक होम राशन मिलता था इस बार सिर्फ 4 बोरी मिला

मवेशियों के तबेला वाले जर्जर मकान में किराए के कमरे में संचालित हो रहा आंगनवाड़ी केन्द्र

शादिक खान, ऋषि कुमार मिश्रा- पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश में कोरोना महामारी के लंबे चले लॉकडाउन के कई माह बाद 26 जनवरी से आँगनवाड़ी केन्द्रों को खोला गया है। पन्ना जिले के अजयगढ़ ब्लॉक अंतर्गत आने वाली चर्चित ग्राम पंचायत विश्रामगंज के पाण्डेय पुरवा ग्राम के बच्चे आँगनवाड़ी केन्द्र के खुलने से कल तक काफ़ी खुश नजर आ रहे थे लेकिन आज वे काफी मायूस और दुखी हैं। इसका कारण पाण्डेय पुरवा आंगनवाड़ी केन्द्र पर बच्चों को पिछले15 दिनों से नाश्ता और भोजन (पूरक पोषण आहार) नसीब न होना है। महिला एवं बाल विकास विभाग की उदासीनता के चलते आंगनवाड़ी में मासूम बच्चों तथा गर्भवती /धात्री महिलाओं के पोषण से जुड़ीं सेवाएं लगभग ठप्प पड़ीं हैं।
पैर के ऊपर अपनी खाली कटोरी रखे हुए निराश मुद्रा में आंगनवाड़ी के बाहर बैठीं मासूम बच्चियां।
विभाग के द्वारा पाण्डेय पुरवा की आंगनवाड़ी को फ़रवरी माह के लिए आवंटित टीएचआर (टेक होम राशन) में भी 60 फीसदी की कटौती की गई है। जाहिर सी बात है कि टीएचआर (राशन पैकेट) में भारी कटौती किये जाने व नाश्ता-भोजन का वितरण न होने के कारण इस केन्द्र में दर्ज माताओं और बच्चों को जरुरी पोषण नहीं मिल रहा है। इसका सीधा दुष्प्रभाव उनके पोषण, स्वास्थ्य एवं विकास पर पड़ना तय है। सवाल यह भी है, पन्ना जिले के माथे पर लगा कुपोषण एवं एनीमिया का कलंक इन हालात में कैसे मिट पाएगा।
पन्ना जिला मुख्यालय से बमुश्किल 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित तराई अंचल का ग्राम पाण्डेय पुरवा निर्माणाधीन रुन्ज मध्यम सिंचाई परियोजना प्रभावित पूर्ण विस्थापित होने वाले गाँवों में शामिल है। मंगलवार 9 फरवरी को दोपहर में 1:27 बजे पन्ना के पत्रकार जब पाण्डेय पुरवा के आंगनवाड़ी केन्द्र पर पहुंचें तो वहाँ सिर्फ 5 बच्चे उपस्थित मिले जबकि केन्द्र पर कुल 122 बच्चे दर्ज हैं। जिसमें 3 से 6 वर्ष के बच्चों की दर्ज संख्या 66 है। कुपोषित श्रेणी के बच्चों की संख्या 10 है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संध्या गुप्ता ने बताया कि आज 16 बच्चे आए थे लेकिन कुछ बच्चे थोड़ी देर पहले ही अपने घर वापस चले गए।
भैंसों के तबेला वाला जर्जर कच्चा मकान जिसके एक कमरे में संचालित है आंगनवाड़ी केन्द्र।
नदी किनारे स्थित इस गाँव की आंगनवाड़ी मवेशियों के तबेले वाले बेहद जर्जर कच्चे मकान के एकमात्र किराए के कमरे में संचालित हो रही है। बच्चों की सुरक्षा व आंगनवाड़ी संचालन के लिहाज से उक्त कमरा सही नहीं है। केन्द्र के बाहर मायूस बैठीं दो बच्चियां एक खाली कटोरी को अपनी जीभ से चाट रहीं थी और अंदर एक अलमारी में रखे बर्तनों पर धूल की हल्की सी परत चढ़ी हुई नजर आ रही थी।
आंगनवाड़ी केन्द्र पाण्डेय पुरवा में 15 दिन पूरक पोषण आहार वितरण न होने की वजह से अलमारी में सजाकर रखे गए बर्तन।
सहज जिज्ञासावश बच्चों से नाश्ता और भोजन वितरण को लेकर सवाल पूँछा तो कार्यकर्ता ने बोल पड़ीं- “सर हमारे केन्द्र पर 26 जनवरी 2020 से बच्चों को नाश्ता और भोजन वितरण नहीं हुआ।” उन्होंने बताया कि बच्चों की भोजन व्यवस्था के लिए सांझा चूल्हा कार्यक्रम के तहत अनुबंधित महिला स्व सहायता समूह के पदाधिकारियों का कहना कि उन्हें अभी तक भोजन वितरण के लिए सक्षम अधिकारी से लिखित आदेश नहीं मिला। इसलिए समूह द्वारा पूरक पोषण आहार वितरण करने से फिलहाल साफ़ इंकार किया जा रहा है।
संध्या के अनुसार इस मामले की जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाईजर से लेकर परियोजना अधिकारी अजयगढ़ तथा कार्यक्रम अधिकारी को भी है। दरअसल, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर आंगनवाड़ी के खुलने के बाद से अब तक उक्त सभी अधिकारी अलग-अलग तिथियों में पाण्डेय पुरवा केन्द्र का निरीक्षण कर वहाँ की बदहाली को स्वयं देख चुके हैं। मगर, किसी भी अधिकारी ने अब तक नाश्ता एवं भोजन वितरण की तात्कालिक वैकलल्पिक व्यवस्था करना उचित नहीं समझा।
आंगनवाड़ी केन्द्र की बदहाली और टाट-फट्टी तथा टेबल के आभाव को बयां करती हुई तस्वीर।
जिम्मेदारों ने समूह के अध्यक्ष-सचिव को नोटिस जारी करके अपने कर्तव्यों-दायित्वों की इतिश्री कर ली है। केन्द्र पर बच्चों की कम उपस्थिति, उनकी निराशा एवं पोषण को लेकर बेखबर अफसर समूह का जवाब आने का इंतजार कर रहे हैं। सरकारी काम-काज के तौर-तरीकों व जिम्मेदारों में संवेदनशीलता के आभाव के मद्देनजर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि गरीब परिवारों के मासूम बच्चों को आंगनवाड़ी में नाश्ता और भोजन कब तक नसीब हो पाता है। इस केन्द्र की बदहाली को लेकर जिम्मेदारों की उपेक्षा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि, बच्चों के बैठने के लिए टाट-फट्टी तक नहीं है।

स्वास्थ्य व पोषण में कैसे होगा सुधार

आंगनवाड़ी केन्द्र के बाहर बच्चों का वजन करते हुए कार्यकर्ता एवं सहायिका।
पाण्डेय पुरवा ग्राम के मासूम बच्चों और महिलाओं के पोषण से जुड़ीं योजनाओं का वर्तमान में सही तरीके से कियान्वयन न होना बच्चों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक विकास, स्वास्थ्य व पोषण की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है। क्योंकि गाँव की आंगनवाड़ी में दर्ज बच्चों पर दोहरी मार पड़ रही है। एक ओर नौनिहालों को जहाँ नाश्ता-भोजन (पूरक पोषण आहार) नहीं मिल रहा है वहीं इस महीने उन्हें निर्धारित मात्रा में टीएचआर अर्थात आंगनवाड़ी से मिलने वाले खिचड़ी, हलवा, बाल आहार, बेसन लड्डू इत्यादि के पैकेट से वंचित होना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि, इस केन्द्र को प्रतिमाह औसतन 10 बोरी टीएचआर वितरण हेतु मिलता था। लेकिन चालू माह फरवरी के लिए परियोजना कार्यालय अजयगढ़ के द्वारा सिर्फ 4 बोरी टीएचआर पाण्डेय पुरवा केन्द्र को आवंटित किया गया।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को यह मालूम नहीं कि टीएचआर में इतनी बड़ी कटौती क्यों की गई। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि जितना टीएचआर मिला है उसका पहले आओ-पहले पाओ की तर्ज पर जिस भी मात्रा में जितने बच्चों, गर्भवती /धात्री महिलाओं को वितरण संभव हुआ वितरित कर दिया। लेकिन यह सवाल अनुत्तरित है कि सही मात्रा पोषण आहार से वंचित बच्चे सुपोषित कैसे होंगे, पन्ना के माथे पर लगा कुपोषण का कलंक कैसे मिटेगा और गर्भवती /धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार के उद्देश्य की पूर्ती आखिर कैसे संभव होगी।

इनका कहना है –

“पाण्डेय पुरवा की आंगनवाड़ी में नाश्ता और भोजन वितरण न होने की जानकारी मुझे केन्द्र के निरीक्षण के समय मिली थी, संबंधित समूह को नोटिस जारी कर जवाब माँगा गया है। यह बात सही जिस कमरे में आंगनवाड़ी संचालित उसकी स्थिति अच्छी नहीं है, उसे जल्द ही किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराया जाएगा।”

– ऊदल सिंह ठाकुर, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला पन्ना।

पुलिस को मिली बड़ी सफलता : वाहनों से बैटरी चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

0
बैटरी चोर गिरोह के पर्दाफाश की पत्रकारों को जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक पन्ना धर्मराज मीना एवं दाईं तरफ बैठे एडिश्नल एसपी पन्ना बी.के.एस.परिहार।

*   5 आरोपी गिरफ्तार, चोरी की घटनाओं में 2 बालकों की संलिप्तता के साक्ष्य मिले

*    पुलिस ने चोरी गई 58 बैटरी, 1 मोटर साइकिल एवं इंडिका विस्टा कार जप्त की

*    आरोपियों से कुल मशरूका कीमत 8 लाख 50 हजार रूपये का जप्त हुआ

  एसपी बोले- चोरी की बैटरी खरीदने वालों के खिलाफ भी करेंगे कार्रवाई

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की पुलिस ने वाहनों से बैटरी चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। लंबे समय से पन्ना समेत आसपास के जिलों में सक्रिय रहे इस गिरोह के 5 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से चोरी गई 58 बैटरी, चोरी की 1 मोटर साइकिल एवं इंडिका विस्टा कार जप्त की है। इस तरह शातिर चोरों से पुलिस ने कुल 8 लाख 50 हजार रूपये मूल्य का सामान जप्त किया है। बैटरी चोर गिरोह के पर्दाफाश को पन्ना पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। उधर, इस गिरह की धरपकड़ की खबर आने से जिले के वाहन मालिकों ने राहत की साँस ली है।
बैटरी चोर गिरोह का पर्दाफाश कर आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम के सदस्यगण।
उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले में लगातार वाहनों की बैटरी चोरी होने की शिकायतें पुलिस को प्राप्त हो रहीं थी। शिकायतकर्ताओं की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध पन्ना जिले में अलग-अलग थानों में कुल 26 प्रकरण कायम कर विवेचना में लिए गये। गत दिनों देवेन्द्रनगर में चोरी की कई घटनाएं घटित होने से परेशान स्थानीय लोगों के एक प्रतिनिधि मण्डल ने पन्ना आकर नवागत पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना से भेंट की। पुलिस कप्तान को अपनी परेशानी से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की गई।
फलस्वरूप जिले में लगातार वाहनों से बैटरी चोरी होने की वारदातों को पुलिस अधीक्षक पन्ना धर्मराज मीना द्वारा गंभीरता से लेते हुये आरोपियों की गिरफ्तारी एवं चोरी गई बैटरियों की बरामदगी हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना बी.के.एस.परिहार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी देवेन्द्रनगर निरीक्षक डी.के. सिंह, थाना प्रभारी सलेहा अभिषेक पाण्डेय एवं थाना प्रभारी अमानगंज राकेश तिवारी के नेतृत्व में 3 पुलिस टीमों का गठन किया गया।

मुखबिर की सुचना पर मिली कामयाबी

पुलिस अधीक्षक ने बैटरी चोर गिरोह के पर्दाफाश के संबंध सोमवार 8 फरवरी को पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि रात्रि गश्त में कसावट लाने और मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने पर उक्त गिरोह के बारे में अहम जानकारी मिली। मुखबिर के बताये स्थान पर कटन तिराहा पुरानी सीमेन्ट की फैक्टरी के पास पुलिस टीम द्वारा तत्परता पूर्वक पहुंचकर दबिश दी गई तो 3 संदिग्ध व्यक्ति इंडिका विस्टा कार के पास खड़े मिले। पुलिस टीम को देखकर भागने की कोशिश करने के दौरान घेराबन्दी कर उन्हें पकड़ा गया।
शातिर बैटरी चोर गिरोह से बरामद कार, मोटर साइकिल एवं चोरी की 58 नग बैटरी।

आसपास के जिलों में भी की चोरी

पुलिस अधीक्षक ने प्रेसवार्ता में बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूँछताछ करने पर पन्ना जिले के विभिन्न गाँवो एवं कस्बों से वाहनों की बैटरियों को चोरी करने की वारदात को अंजाम देना कबूल किया है। उनके द्वारा चोरी की गई बैटरी में से कुछ बैटरी सतना छतरपुर में बेंची गईं एवं कुछ बैटरी छिपाकर रखा होना बताया। आरोपियों ने वाहनों से बैटरी चोरी की घटनाओं को पन्ना के अलावा सतना, नागौद एवं अऩ्य क्षेत्रों में भी अंजाम दिया गया। इसके अलावा 2 मोटरसाइकिल चोरी करने की बात कबूल की गई। पुलिस टीम द्वारा इस गिरोह में शामिल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

और भी खुलासे होने की संभावना

चिंताजनक बात यह कि चोरी की वारदातों में 2 बालकों की संलिप्तता की पुष्टि हुई है। शातिर चोर गिरोह के 2 आरोपी अभी फरार है, जिनकी तलाश पुलिस टीम द्वारा की जा रही है । पुलिस अधीक्षक श्री मीना ने बताया, पकड़े गए आरोपियो से पूँछताछ जारी है जिससे अन्य घटनाओं का खुलासा होने की संभावना है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि चोरी की बैटरी खरीदने वालों के विरुद्ध भी नियमानुसार प्रकरण पंजीबद्ध करने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कप्तान ने बैटरी चोर गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीमों की सराहना करते हुए 5 हजार रूपये का नकद पुरुष्कार देने की घोषणा की है।

स्व-सहायता समूहों को हर माह 150 करोड़ रूपए देने की व्यवस्था – मुख्यमंत्री शिवराज

0
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर में राज्य आजीविका मिशन अंतर्गत हितग्राहियों को चैक वितरित किये।

 समूह की दीदियों द्वारा बनाई गई चाय भी पी

 मोती महल में लगाई गईं प्रदर्शिनियों का मुख्यमंत्री ने किया अवलोकन

भोपाल। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्व-सहायता समूहों को हर माह 150 करोड़ रूपये देने की व्यवस्था सरकार ने की है। आगे भी समूहों को सहायता मिलती रहेगी। श्री चौहान ने “आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश” पर केन्द्रित प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान यह बात स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से कही।
मोती महल परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा “लोकल फॉर वोकल” के तहत ग्रामीणों को आत्म-निर्भर बनाने के लिये किए गए प्रयास एवं ग्वालियर जिले के लिए “एक जिला एक उत्पाद” के तहत चिन्हित सैण्ड स्टोन टाइल्स, स्मार्ट सिटी के तहत किए गए महत्वपूर्ण कार्य, ग्वालियर शहर को स्वच्छता में अव्वल बनाने के लिये किए जा रहे प्रयास तथा अमृत योजना के तहत हो रहे सीवर और पेयजल के कामों को प्रदर्शित किया गया था।

दीदी कैफे पर कुल्हड़ से पी चाय

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर एवं राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्व-सहायता समूह की दीदी कैफे से जुड़ी महिलाओं द्वारा बनाई गई चाय भी कुल्हड़ से पी। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह, नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री ओ.पी.एस.भदौरिया एवं लोक निर्माण राज्य मंत्री सुरेश धाकड़, सांसद विवेक नारायण शेजवलकर सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर प्रवास पर कार्यक्रम को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश राज्य आजीविका मिशन और जिला पंचायत ग्वालियर द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी सराहनीय है। मुख्यमंत्री श्री चौहान को प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान समूह से जुड़ी प्रियंका राजपूत ने बताया कि आपके निर्देशन में स्व-सहायता समूह आगे बढ़ रहे हैं। साथ ही समूह की सभी बहनों के आधार-कार्ड बनाए जा चुके हैं।

3 हजार लोग बनेंगे स्मार्ट सिटी के साथी

श्री चौहान ने कहा कि आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के अंतर्गत एक जिला एक उत्पाद सैण्ड स्टोन टाइल्स के प्रोडक्ट के माध्यम से लगाई गई प्रदर्शनी सराहनीय है। इस दौरान संभाग आयुक्त आशीष सक्सेना ने बताया कि तीन हजार लोगों को स्मार्ट सिटी में साथी बनाया जायेगा। इससे स्मार्ट सिटी की गतिविधियों को और आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

स्मार्ट सिटी की प्रदर्शनी

स्मार्टसिटी की प्रदर्शनी के माध्यम से ग्वालियर में महत्वपूर्ण कार्यो की श्रृंखला में हेरिटेज के कार्य़, ग्रीन स्पेस की उपलब्धता तथा सुदृढ़ यातायात के लिये स्मार्ट रोड एवं मोबिलाइजेशन से संबंधित कार्यों को दर्शाया गया था। इन परियोजनाओ से जहाँ शहर की विरासत को संरक्षण कर सहेजा जा रहा है, वहीं उन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर शहर के नागरिकों को अत्याधुनिक सुविधाएँ भी मिल रही हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज, केन्द्रीय मंत्री तोमर व सांसद सिंधिया ने सफाईकर्मी के घर किया भोजन

0
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर तथा राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ सफाईकर्मी रामसेवक के घर भोजन किया।

*    घर की मरम्मत के लिए सफाईकर्मी रामसेवक को दी आर्थिक सहायता

भोपाल। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार को ग्वालियर प्रवास के दौरान कई कार्यक्रमों में शामिल हुए। मुख्यमंत्री चौहान ने दोपहर का भोजन सफाईकर्मी रामसेवक के घर किया। उनके साथ केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी सहित अन्य जन-प्रतिनिधियों ने भी भोजन किया।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सफाईकर्मी रामसेवक को आवास मरम्मत के लिए आर्थिक सहायता का चेक सौंपा।

मुख्यमत्री ने की भोजन की तारीफ़

गुड़ी गुढ़ा का नाका नादरिया माता मंदिर के पास रहने वाले रामसेवक नगर निगम में सफाईकर्मी हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रामसेवक के परिवार की जानकारी ली और उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने रामसेवक को मकान की मरम्मत के लिए रेडक्रॉस से 20 हजार रुपये का चैक भी प्रदान किया। इस दौरान रामसेवक के परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। रामसेवक की बेटी और पत्नी ने तिलक लगाकर सभी अतिथियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खाने की तारीफ करते हुए कहा कि भोजन में परिवार के सदस्यों का स्नेह भी मिला।

कृषि विरोधी काले कानूनों और किसानों दर्ज मुकदमे वापस लेने किया प्रदर्शन

0
गुनौर में एसीएम को ज्ञापन सौंपते हुए भारतीय किसान यूनियन से जुड़े किसान।

*    पन्ना जिले के गुनौर, रैपुरा व अजयगढ़ कस्बा में किसानों ने सौंपे ज्ञापन

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों के द्वारा शनिवार 6 फरवरी को देशव्यापी चक्का जाम के आव्हान पर मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में तहसील मुख्यालयों पर किसानों ने शांतिपूर्वक विरोध-प्रदर्शन किया। जिले की गुनौर, रैपुरा व अजयगढ़ तहसील के किसानों के द्वारा कृषि विरोधी काले कानूनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए इन्हें तत्काल वापस लेने एवं किसानों पर दर्ज मुकदमों को समाप्त करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपे गए।
गुनौर में भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के अध्यक्ष बसंत लाल पटेल व किसान क्रांति सेना के संभागीय अध्यक्ष शंकर पटेल के संयुक्त नेतृत्व में क्षेत्र के किसानों ने तहसील कार्यालय के पहुंचकर कृषि कानूनों पर अपना विरोध दर्ज कराते हुए नारेबाजी की। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर पिछले दो माह से भी अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए गुनौर के किसानों ने कहा कि जब तक काले कानूनों और दर्ज मुकदमों को वापस नहीं लिया जाता तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे।
किसानों का कहना है, केन्द्र सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़कर हमारी जायज मांग को मान लेना चाहिए क्योंकि इसी में सबका और देश का हित है। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से आनंद शुक्ला, नन्द किशोर पटेल, आनंद पटेल, राम अवतार उपाध्याय, एड. के. के. पटेल, रामखिलावन लोधी, श्रीराम लोध, मनीष यादव, बद्री पटेल, संतोष लोधी, जगदीश पटेल, मुरलीधर पटेल, शंकर भाई पटेल, डॉक्टर धर्मराज कश्यप, बीरन यादव, अरविन्द पटेल, बृजभान पटेल, पवन पटेल, सोकेंद्र पटेल, बालमुकुन्द लोधी आदि किसान शामिल रहे।

आंदोलन को कुचलना बंद करे केन्द्र सरकार

अजयगढ़ तहसील मुख्यालय में अनुसूचित जाति-जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग युवा मंच के तत्वाधान में प्रधानमंत्री के नाम पर किसानों के द्वारा ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें किसान आंदोलन को लेकर केन्द्र सरकार के रवैये की तीखी आलोचना की गई है। किसानों का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमांओं पर अपने हितों के संरक्षण के लिए शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे किसानों पर मोदी सरकार बर्बरता करना बंद करे। प्रदर्शन करना हमारा लोकतान्त्रिक अधिकार है।
विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए अजयगढ़ क्षेत्र के किसान।
किसानों पर आंसू गैस के गोले दागना, वॉटर कैनन का उपयोग, लाठी चार्ज और मुकदमे दर्ज करके केन्द्र सरकार खुलकर तानाशाही कर रही है। इससे पूरी दुनिया में सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की छवि ख़राब हो रही है। किसान आंदोलन को कुचलने के हथकंडे अपनाने के बजाए मोदी सरकार अपनी गलती सुधारने पर ध्यान दे तो शायद बेहतर होगा। क्योंकि कृषि विरोधी-किसान विरोधी काले कानून जब तक वापस नहीं होंगें तब तक देश के किसान सड़कों पर उतरकर आंदोलन करते रहेंगे।

आमसभा कर सौंपा ज्ञापन

वहीं रैपुरा क़स्बा में किसानों ने एक आमसभा करने के बाद तहसील कार्यालय तक पैदल मार्च किया। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन का नेतृत्व एनपी लोधी ने किया। प्रदर्शन में शामिल किसानों ने तहसीलदार रामप्रताप सिंह को कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बेनी प्रसाद लोधी, मुन्नालाल लोधी, डॉक्टर स्वप्निल जैन, नन्हाई लोधी, अरुण लोधी, शीतल प्रसाद लोधी तथा किसान यूनियन के सदस्य एवं पदाधिकारी शामिल रहे।

MP में 30 हजार शिक्षकों को नियुक्ति का इंतजार, चयन के बाद डेढ़ साल से अटकी भर्ती प्रक्रिया

0
भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण करने की मांग को लेकर पन्ना में प्रदर्शन करते हुए चयनित शिक्षक।

सरकार की उपेक्षा से नाराज चयनित शिक्षकों ने पन्ना में किया प्रदर्शन

भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश उच्च माध्यमिक व माध्यमिक शिक्षक भर्ती हेतु प्रोफेशनल एग्ज़ामिनेशन बोर्ड द्वारा चुनावी वर्ष 2018 में आयोजित की गई चयन परीक्षा उत्तीर्ण करने के डेढ़ साल बाद भी 30594 अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिली। क्योंकि, वर्ष 2019 में कोरोना महामारी के प्रकोप का हवाला देकर राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को बीच में ही रोक दिया था। चयनित शिक्षकों की भर्ती तभी से अधर में अटकी है। भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण कराकर ज्वॉइनिंग देने की मांग चयनित पिछले शिक्षक कई माह से कर रहे हैं। लेकिन राज्य सरकार इसे लगातार अनसुना कर युवाओं के भविष्य और रोजगार की जानबूझकर उपेक्षा कर रही है। शिवराज सरकार के इस रवैये से नाराज चयनित शिक्षक अपने हक़ के लिए अब सड़कों पर उतरकर आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।
शुक्रवार 5 फरवरी को पन्ना जिला मुख्यालय में चयनित शिक्षक संघ के बैनर तले प्रभावित अभ्यर्थियों के द्वारा हाथों में तख्तियाँ लेकर जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारी चयनित शिक्षकों ने स्थानीय इन्द्रपुरी कॉलोनी स्थित चन्द्रशेखर पार्क से संयुक्त कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालकर मुख्यमंत्री के नाम अपर कलेक्टर जे.पी.धुर्वे को अपना ज्ञापन सौंपा। चयनित शिक्षकों ने ज्ञापन के जरिए मुख्यमंत्री से अवरुद्ध पड़ी भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूर्ण कर नियुक्ति प्रदान करने की पुरजोर मांग की है।

यहाँ पर अटकी है भर्ती प्रक्रिया

ज्ञापन के माध्यम से चयनित शिक्षकों ने बताया कि मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले वर्ष 2018 में स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजाति कल्याण विभाग के द्वारा शिक्षकों की भर्ती हेतु प्रोफेशनल एग्ज़ामिनेशन बोर्ड के माध्यम से चयन परीक्षा आयोजित कराई गई थी। प्रोफेशनल एग्ज़ामिनेशन बोर्ड के द्वारा उच्च माध्यमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के क्रमशः 19220 तथा 11374 पदों की पूर्ती हेतु परीक्षाएं आयोजित की गई।
पीईबी ने दोनों ही परीक्षाओं का परिणाम वर्ष 2019 में घोषित कर दिया। उच्च माध्यमिक शिक्षकों की चयन सूची एवं प्रतीक्षा सूची जारी होने के पश्चात दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कराई गई। लेकिन कुछ समय बाद कोरोना महामारी का हवाला देकर काउंसलिंग की कार्रवाई को बीच में ही रोक दिया गया।
कई माह गुजरने के बाद और कोरोना का प्रकोप कम होने के बाद भी अब तक काउंसलिंग समेत आगे की भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण करने की कार्रवाई शुरू नहीं की गई। जबकि माध्यमिक शिक्षक के 11374 पदों की भर्ती अभी परीक्षा परिणाम की घोषणा पर ही अटकी है। परीक्षा परिणाम घोषित करने के बाद इसकी चयन सूची जारी नहीं की गई इस कारण काउंसलिंग भी नहीं हो सकी।

चयनित शिक्षक बोले- बहुत हुआ इंतजार

भर्ती प्रक्रिया को पुनः शुरू करने को लेकर सरकार के उदासीन रवैये से नाराज चयनित शिक्षकों का सब्र अब जवाब देने लगा है। आर्थिक-सामाजिक समस्याओं व भविष्य की चिंताओं से घिरे चयनित शिक्षकों ने पन्ना में पत्रकारों से स्पष्ट शब्दों में कहा, अब बहुत इंतजार कर लिया यदि शीघ्र ही राज्य सरकार के द्वारा चयनित हमारी जायज मांग पर गंभीरता पूर्वक विचार करके शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को पुनः शुरू करने के निर्देश जारी नहीं किए गए तो हमें अपने हक़ के लिए पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए विवश होना पड़ेगा। जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी राज्य सरकार की होगी।

प्रदर्शन में ये रहे शामिल

चयनित शिक्षकों ने भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण करने की मांग को लेकर पन्ना में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। (छायाकार : मनीष सारस्वत) 
चयनित शिक्षक संघ के बैनर तले प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से हरिचरण यादव, अभिलाषा सोनी, किशोरीलाल सुनकर, दीपक मिश्रा, कुलभूषण शर्मा, सत्येन्द्र मिश्रा, शिवदत्त द्विवेदी, सुनील श्रीवास, तीरथ पटेल, हर्षिता सिंह, राहुल चौरसिया, सुनील कुमार गर्ग, धीरेन्द्र कुमार शुक्ला, अनिल चौधरी, मुकेश कोरी, अरविंद गुप्ता, लक्ष्मी प्रसाद अहिरवार, रामरतन कोरी, संजय कुमार, राजेश लोध, रामसिंह लोधी, प्रशांत यादव, सत्येन्द्र मिश्र, शिवचरण राजपूत, कीर्ति तिवारी, वंदना सोनी, सुरेन्द्र कुमार, आरती, अरविंद प्रजापति, मोनिका, नीरज शुक्ल, धर्मेन्द्र सोनकर, नंद कुमार लोधी सहित अन्य चयनित शिक्षक शामिल रहे।

चिकित्सा के पेशे को कलंकित करने वाला संवेदनहीन डॉक्टर 4 हज़ार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार

0
लोकायुक्त पुलिस सागर की अभिरक्षा में बैठे डॉक्टर गुलाब तिवारी लाल घेरे में एवं बाईं ओर खड़ा शिकायतकर्ता मुकेश कुशवाहा।

लोकायुक्त पुलिस सागर ने मरीज़ की शिकायत पर पन्ना में की कार्रवाई

फ़िशर नामक बीमारी का ऑपरेशन करने के लिए मांगी थी 5 हजार की रिश्वत

जिला चिकित्सालय पन्ना में कई दिन तक भर्ती रखने के बाद भी नहीं किया ऑपरेशन

रिश्वत न मिलने पर निर्दयी डॉक्टर ने ऑपरेशन किए बगैर ही कर दिया था डिस्चार्ज

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) हमारे समाज में डॉक्टर को ईश्वर का दर्जा दिया गया है, क्योंकि वह एक ऐसा शख्स होता है, जो मौत के मुहाने पर खड़े किसी बीमार व्यक्ति को नई जिंदगी दे सकता है। लेकिन इस पेशे में व्यवसायिकता के हावी होने से मौजूदा दौर में ऐसे डॉक्टर मिलना बेहद कठिन हो गया है। अपवादों को छोड़ दें तो डॉक्टर अब बगैर फीस के ठीक से इलाज नहीं करते हैं। हैरानी की बात तो यह है, सरकारी अस्पताल में भी मरीज़ को इलाज के लिए फीस रुपी रिश्वत देनी पड़ रही है। ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय में प्रकाश में आया है। एनल फिशर नामक अत्याधिक पीड़ा देने वाली बीमारी से पीड़ित एक प्रौढ़ व्यक्ति से ऑपरेशन के नाम पर चार हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में लोकायुक्त पुलिस संगठन सागर की टीम ने आज पन्ना जिला चिकित्सालय के शल्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर गुलाब तिवारी को गिरफ्तार किया है।
पन्ना जिले में प्रशासनिक व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं घूसखोरी के खिलाफ वर्ष 2021 में पखवाड़े भर के अंतराल लोकायुक्त पुलिस सागर की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इसके पूर्व जनवरी माह में लोकायुक्त पुलिस ने जिले के तहसील मुख्यालय अजयगढ़ के प्रभारी तहसीलदार उमेश तिवारी को कथित तौर भवन निर्माण की अनुमति देने के एवज में एक लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा था। शुक्रवार 5 फरवरी को हुई ट्रैप कार्रवाई में डॉ. गुलाब तिवारी के पकड़े जाने की खबर आने के बाद से जिले के स्वास्थ्य महकमे जबर्दस्त हड़कंप मचा है। दरअसल लोकायुक्त पुलिस के द्वारा ट्रैप कार्रवाई को चिकित्सक के सरकारी आवास में अंजाम दिया गया। जहाँ से महज 50 से 100 फिट की दूरी पर पन्ना के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का शासकीय आवास एवं कार्यालय, सिविल सर्जन का आवास तथा जिला चिकित्सालय स्थित है।

असहनीय दर्द से पीड़ित मरीज पर नहीं आया रहम

घूसखोर डॉक्टर को पकड़वाने शिकायतकर्ता मुकेश कुशवाहा (बाएं) एवं उनका रिश्तेदार मनोज कुशवाहा।
जिला चिकित्सालय पन्ना के सहायक शल्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुलाब तिवारी को मरीज से रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार करने वाली टीम का नेतृत्व करने वाले लोकायुक्त पुलिस सागर के डीएसपी राजेश खेड़े व शिकायकर्ता मुकेश कुशवाहा 45 वर्ष की मानें तो रिश्वत के लिए डॉक्टर के द्वारा उसके साथ हद दर्जे का अमानवीय बर्ताव किया गया। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के उज्जैन के निवासी मुकेश कुशवाहा एनल फिशर नामक बीमारी से पीड़ित हैं। मुकेश ने बताया कि वह कुछ समय पूर्व पन्ना जिले के तारा सकतपुरा ग्राम में रहने वाले अपने रिश्ते के भांजे मनोज कुशवाहा से मिलने आए थे। जहाँ अचानक उसकी पुरानी तकलीफ काफी बढ़ गई।
इलाज के सिलसिले में वह पन्ना जिला चिकित्सालय आया और डॉ. गुलाब तिवारी से मिला। मुकेश का परीक्षण करने के उपरांत डॉ. तिवारी ने उसका ऑपरेशन करने के लिए उसे दिनांक 20 जनवरी को भर्ती कर लिया। जिला चिकित्सालय कई दिन तक भर्ती रखने के बाद 29 जनवरी को ऑपरेशन किए बगैर ही डिस्चार्ज कर दिया गया।

झूठ बोलते रहे डॉक्टर व नर्सेस

ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व करने वाले लोकायुक्त पुलिस सागर के डीएसपी राजेश खेड़े से बात करते हुए डॉक्टर गुलाब तिवारी।
मुकेश ने बताया कि इस दौरान डॉ. गुलाब तिवारी एवं ड्यूटी में तैनात रहने वालीं नर्स झूठ बोलकर छलावा करते हुए उससे कहती रहीं कि कुछ खाना-पीना नहीं अगले दिन तुम्हारा ऑपरेशन होना है। पीड़ित मरीज का आरोप है डॉक्टर श्री तिवारी के द्वारा ऑपरेशन करने के एवज में उससे 5 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की गई। रुपए न देने पर असहनीय दर्द के बावजूद उसे डिस्चार्ज कर घर में जाकर सिकाई करने के लिए कहा गया। घूसखोर डॉक्टर की संवेदनहीनता का शिकार बने पेशे से मजदूर मुकेश ने उसे सबक सिखाने की ठानी। इसके लिए उसने अपने रिश्तेदार मनोज कुशवाहा की मदद से लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय सागर में सम्पर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराई।

टेबल पर रखवाए थे रुपए

सरकारी अस्पताल इलाज के नाम पर रिश्वत की मांग से जुड़े इस मामले को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर रामेश्वर सिंह यादव द्वारा अत्यंत ही गंभीरता से लेते हुए शिकायत की तस्दीक कराई गई। इस दौरान डॉ. गुलाब तिवारी और मरीज मुकेश कुशवाहा के बीच हुई चर्चा में डॉक्टर साहब ऑपरेशन करने के एवज 4 हजार रुपए बतौर रिश्वत लेने के लिए राजी हो गए। शिकायत सही पाए जाने पर लोकायुक्त पुलिस के द्वारा ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देने की रूपरेखा तैयार की गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पन्ना के परिसर में स्थित डॉक्टर गुलाब तिवारी का शासकीय आवास।
फलस्वरूप पूर्व निर्धारित योजना के मुताबिक शुक्रवार 5 फरवरी को मुकेश पुनः जिला चिकित्सालय में भर्ती हुआ और दोपहर में करीब 3 बजे वह कैमिकल युक्त 4 हजार के नोट लेकर डॉ. गुलाब तिवारी को देने के लिए उनके शासकीय आवास पहुंचा। कथित तौर मुकेश ने डॉक्टर के कहने पर उक्त नोट उनकी टेबल पर रख दिए, तभी अगले ही पल लोकायुक्त पुलिस की टीम ने वहाँ दबिश देकर डॉ. गुलाब तिवारी को गिरफ्तार कर रिश्वत में लिए गए नोटों को जब्त कर लिया। लोकायुक्त पुलिस ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है।

इनका कहना है –

डॉ. एल.के. तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला पन्ना।
“ऑपरेशन करने के एवज में मरीज से रिश्वत लेते हुए डॉक्टर का गिरफ्तार होना अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। पन्ना जिला चिकित्सालय या फिर आंचलिक स्वास्थ्य केन्द्रों में कभी किसी भी मरीज से उपचार या अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के एवज में किसी भी प्रकार की रिश्वत न ली जाए इसके लिए सभी कर्मचारियों-अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी जाएगी। यदि फिर भी किसी की शिकायत मिलती है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी।”

–  डॉ. एल.के. तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला पन्ना।