विश्व हेपेटाइटिस दिवस : लीवर की खतरनाक और जानलेवा बीमारी के प्रति लोगों को किया जागरूक

हड़ताल का असर : आजीविका मिशन के स्व सहायता समूहों से जुड़ीं 50 हजार महिलाओं की आजीविका प्रभावित !

* नियमितीकरण और 90 प्रतिशत वेतनमान की मांग को लेकर जारी है हड़ताल
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के 18 संघों के सदस्य अपनी लंबित मांगों के निराकरण को लेकर सामूहिक रूप से दिनांक 22 जुलाई 2021 से निरंतर अनिश्चित कालीन कामबंद हड़ताल पर है। बारिश के सीजन में सप्ताह भर से जारी संयुक्त मोर्चा की इस हड़ताल का व्यापक असर देखा जा रहा है। एक और जहां पंचायत से संबंधित कामकाज ठप्प पड़े है, वहीं रोजगार मूलक निर्माण कार्य भी बंद हैं। इसके आलावा आजीविका मिशन से जुड़ीं ग्रामीण महिलाओं की आजीविका बुरी तरह प्रभावित है। इसका सीधा दुष्प्रभाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं जनजीवन पर पड़ रहा है।
पन्ना जिला मुख्यालय में जनपद कार्यालय के बाहर हड़ताल पर बैठे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन पन्ना के संघ अध्यक्ष कमल श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य शासन के द्वारा संविदा को एक अभिशाप मानते हुये इससे मुक्ति दिलाने के लिए पूर्व में समस्त संविदा कर्मियों का नियमितीकरण करने एवं 90 प्रतिशत वेतनमान देने का वादा किया गया था। लेकिन कई वर्ष व्यतीत होने के बाद भी राज्य सरकार अपने ही वादे को पूरा ना करके वादाखिलाफ़ी कर रही है। इसलिए हमें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
वर्तमान में मिशन के कर्मचारियों द्वारा पूर्व की भांति नियमितीकरण आदि की मांग पुरजोर तरीके से की जा रही है। आजीविका मिशन संघ जिला इकाई पन्ना के अध्यक्ष कमल श्रीवास्तव की मानें तो एनआरएलएम के स्व सहायता समूहों से जुड़ी लगभग 50,000 महिलाओं की आजीविका हड़ताल के कारण प्रभावित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जटिल समस्या खड़ी हो रही है। आजीविका मिशन के अध्यक्ष ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि, हड़ताली कर्मचारियों की लंबित जायज मांगों का यथाशीघ्र निराकरण किया जाये जिससे हड़ताल समाप्त हो और स्थिति सामान्य हो सके।
जमानत मिलने पर पन्ना महारानी जीतेश्वरी देवी की जेल से रिहाई
पन्ना। (www. radarnews.in) प्रधान जिला न्यायाधीश ने मंगलवार को पन्ना के पूर्व राजपरिवार की महारानी जीतेश्वरी देवी के जमानत आवेदन पत्र को मंजूर करते हुए जेल से रिहा करने का आदेश जारी किया गया। इसके बाद देर शाम महारानी जीतेश्वरी जमानत पर जिला जेल पन्ना से बाहर आ गईं। महारनी को पुलिस के द्वारा उनकी सास राजमाता दिलहर कुमारी की रिपोर्ट पर कोतवाली थाना पन्ना में दर्ज आपराधिक प्रकरण क्रमांक 597/21 धारा 147, 148, 149, 294, 323, 506, 458, 427 आईपीसी एवं 25/27 आर्म्स एक्ट के मामले में 22 जुलाई को गिरफ्तार करते हुए न्यायालय पेश किया था।
गिरफ्तारी के तुरंत बाद महारानी जीतेश्वरी की जमानत के लिए उनके अधिवक्ताओं के द्वारा मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के न्यायालय में अर्जी दाखिल की गई थी। जमानत के आवेदन पत्र पर सुनवाई करने के उपरांत मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी ने उसे नामंजूर करते हुए महारानी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया था। महारानी को जेल भेजे जाने के पश्चात उनके अधिवक्ताओं के द्वारा प्रधान जिला न्यायाधीश के न्यायालय में जमानत की अर्जी प्रस्तुत की गई। जिस पर मंगलवार 27 जुलाई को सुनवाई करते हुए प्रधान जिला न्यायाधीश के द्वारा जमानती आवेदन पत्र को मंजूर करते हुए रिहाई के आदेश जारी किए गए। न्यायालय से जमानत मिलने पर पांच दिन तक जिला जेल में रहने के बाद मंगलवार देर शाम महारानी जीतेश्वरी देवी की जेल से रिहाई हो गई।
नेशनल हाईवे पर शव रखकर 5 घण्टे तक किया चक्का जाम, हत्या की FIR दर्ज होने के बाद बहाल हुआ आवागमन

* सड़क दुर्घटना के बाद बाइक चालक को जिंदा जलाने का आरोप
* सतना में इलाज के दौरान युवक की मौत होने से उपजा आक्रोश
* दो दिन पूर्व देवेन्द्रनगर-सलेहा मार्ग पर मंटोला के समीप हुआ था एक्सीडेंट
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में देवेन्द्रनगर-सलेहा मार्ग पर ग्राम मंटोला के समीप रविवार 25 जुलाई को हुई सड़क दुर्घटना में बाइक चालक ने मौके पर युवकों ठोकर मार दी थी। इससे आक्रोशित युवकों ने बाइक चालक उमेश मिश्रा पिता राजेश मिश्रा 35 वर्ष निवासी ग्राम इटवां दुबहियाँ के साथ कथित तौर पर मारपीट करते हुए बाइक में आग लगा दी और दिनदहाड़े चालक को जिंदा जलाने की नियत से जलती हुई बाइक के ऊपर उसे फेंक दिया। अत्यंत ही गंभीर रूप से झुलसे उमेश की इलाज के दौरान सतना में मौत हो गई।
बेरहमी का शिकार बने युवक की मौत से गुस्साए परिजनों ने मंगलवार 27 जुलाई को मृतक का शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। इस बीच नेशनल हाईवे क्रमांक-39 पर सतना-पन्ना के बीच 5 घण्टे तक घंटे तक ट्रैफिक पूरी तरह प्रभावित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतार लग गई। पन्ना से मौके पर पहुंचे अपर कलेक्टर जे.पी. धुर्वे के ने हत्या का प्रकरण पंजीबद्ध होने की जानकारी देते हुए आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया, उसके बाद बमुश्किल ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पन्ना जिले के देवेन्द्रनगर थाना अंतर्गत रविवार 25 जुलाई को ग्राम मंटोला के समीप उमेश मिश्रा पिता राजेश मिश्रा 35 वर्ष निवासी ग्राम इटवां दुबहियाँ संदिग्ध परिस्थितियों में आग से झुलसा हुआ अचेत अवस्था में पड़ा मिला था। घटनास्थल पर उसकी बाइक भी जली हुई बरामद हुई। उमेश की नाजुक हालत को देखते हुए उसे इलाज हेतु सतना में भर्ती कराया गया। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर अपुष्ट खबर आई कि पैदल जा रहे युवकों को ठोकर मारने के बाद बाइक में आग लग गई। हालांकि, मामला संदिग्ध होने के कारण सोशल मीडिया पर आई इस खबर पर लोगों को भरोसा नहीं हुआ। कथित तौर पर घायल उमेश मिश्रा के द्वारा अपने परिजनों को बताया गया कि बाइक की ठोकर लगने से नाराज युवकों के द्वारा उसके साथ मारपीट की गई और बाइक में आग लगाने के बाद जिंदा जलाने की नियत से जलती हुई बाइक के ऊपर फेंक दिया था।
सतना में इलाज के दौरान उमेश की मौत होने पर आज उसके शव को गृह ग्राम इंटवा तिल्हा लाया गया। जहां मृतक के आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। देवेन्द्रनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत पन्ना-सतना जिले की सीमा के नजदीक दोपहर करीब 1 बजे चक्का जाम किए जाने की खबर मिलते ही देवेन्द्रनगर थाना टीआई धर्मेन्द्र सिंह व तहसीलदार राजेन्द्र मिश्रा तुरंत मौके पर पहुँच गए। दोनों अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाईश देते हुए चक्का जाम खुलवाने का काफी प्रयास किया लेकिन पीड़ित परिजन न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों के विरुद्ध हत्या का मामला पंजीबद्ध करने की मांग पर अड़े रहे। इस गतिरोध के चलते कुछ ही देर में सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कई किलोमीटर लम्बी कतारें लग गई। चक्का जाम और हंगामे के चलते वाहनों का आवागमन ठप्प होने बारिश के मौसम में रास्ते में फंसे सैंकड़ों यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

वहीं जब स्थानीय अधिकारियों से बात नहीं बनीं तो पन्ना से एसडीओपी व अजाक डीएसपी अजय बाघमारे भी मौके पर चक्काजाम खुलवाने के लिए भेजा गया। इन अधिकारियों ने भी प्रदर्शनकारियों को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन महिलाएँ अपनी मांग पर अडिग रहीं। जबर्दस्त जनाक्रोश को देखते हुए पुलिस के द्वारा मौके पर ही परिजनों के बयान दर्ज किए व घटना की निष्पक्ष जांच कराकर साक्ष्य एकत्रित कर आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही की बात कही गई। इस पर भी प्रदर्शनकारी सड़क से हटने के लिए राजी नहीं हुए। गुजरते समय के साथ बढ़ते तनाव और दबाव के बीच एहतियातन तौर पर कानून व्यवस्था को बनाये रखने प्रदर्शन स्थल पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया।
देवेन्द्रनगर तहसीलदार राजेन्द्र मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदर्शन को उग्र होते देख शाम करीब 6 बजे पन्ना से अपर कलेक्टर जे.पी. धुर्वे मौके पर पहुंचे। उनके द्वारा देवेन्द्रनगर थाना में हत्या का प्रकरण पंजीबद्ध होने की जानकारी दी गई और जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया गया। तब कहीं जाकर प्रदर्शनकारी ग्रामीण चक्काजाम समाप्त कर शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुए। इस तरह लगभग 5 घण्टे बाद नेशनल हाईवे क्रमांक-39 पर सतना-पन्ना के बीच पुनः वाहनों का आवागमन शुरू हो सका।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय उत्तर पूर्व में अपनी तरह के पहले उत्कृष्टता केंद्र के औपचारिक उद्घाटन के लिए तैयार
* अरुणाचल प्रदेश के प्रतिनिधि मण्डल ने केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से की मुलाकात
नई दिल्ली। (www.radarnews.in) बायोटेक्नोलॉजी विभाग ने “उत्कृष्टता केंद्र के रूप में जैव-संसाधनों व सतत् विकास केंद्र” की स्थापना के लिए प्रतिष्ठित परियोजना को मंजूरी दी थी और जल्द ही इसके औपचारिक उद्घाटन के लिए काम पूरा हो गया है। यह परियोजना अरुणाचल प्रदेश के पापुम पारे जिला स्थित किमिन में है और नए भवन के निर्माण के साथ-साथ अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण पूरा हो चुका है। लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस परियोजना की वित्त पोषण एजेंसी भारत सरकार का बायोटेक्नोलॉजी विभाग है।
लोकसभा के वरिष्ठ सदस्य तापिर गाव, राज्यसभा के सांसद नबाम रेबिया और अरुणाचल प्रदेश राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद के अध्यक्ष बामंग मंघा के नेतृत्व में अरुणाचल प्रदेश के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें अपनी और साथ ही विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश के लोगों व सामान्य रूप से पूरे उत्तर पूर्व क्षेत्र की जनता की ओर से धन्यवाद दिया।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने न केवल उत्तर पूर्व को उच्च प्राथमिकता दी है, बल्कि ढांचागत विकास व संचालित परियोजनाओं के मूल्यवर्धन के लिए नवीनतम तकनीक का उपयोग करने का भी आह्वाहन किया है। इसे देखते हुए इस उद्देश्य के लिए यह महत्वपूर्ण है कि इस क्षेत्र में खुद के प्रौद्योगिकी संसाधन केंद्र हों और प्रस्तावित उत्कृष्टता केंद्र का लक्ष्य इस उद्देश्य को पूरा करना है।”
मंत्री ने आगे कहा कि मोदी सरकार के दौरान अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी व सैटेलाइट इमेजिंग सहित विभिन्न प्रकृति की प्रौद्योगिकियों के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के माध्यम से कई परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया है और इन्हें त्वरित गति से शुरू किया गया है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि एक समय में निधियों के दुरुपयोग को लेकर आरोप-प्रत्यारोप होते थे। लेकिन अब हमारे पास सैटेलाइट इमेजिंग के माध्यम से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त करने व ई-ऑफिस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साधनों के जरिए परियोजनाओं को मंजूरी देने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए एक तंत्र है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि बायोटेक्नोलॉजी विभाग के जैव-संसाधन केंद्र की स्थापना से पूरा उत्तर पूर्वी क्षेत्र अपने फल व जैविक खाद्य क्षमता का अधिकतम सीमा तक उपयोग करने में सक्षम होगा। इसके अलावा यह कई विशाल क्षेत्रों की खोज करने व विविध आवासों और विविध वनस्पतियों सहित अब तक कम ज्ञात या अज्ञात नई प्रजातियों को खोजने में भी सहायता करेगा। इसका प्रभाव पूरे उत्तर पूर्वी क्षेत्र के लोगों की सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार पर पड़ेगा।
प्रतिभावान खिलाड़ियों के चयन हेतु जिला स्तर पर टैलेंट सर्च अभियान 01 अगस्त से
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चयनित होने वाले खिलाड़ियों का विभिन्न खेल एकेडमी में प्रवेश के लिए करेंगे चयन
पन्ना। (www.radarnews.in) खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी पन्ना से प्राप्त जानकारी के अनुसार संचालक खेल एवं युवा कल्याण भोपाल द्वारा वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जिला स्तर पर खिलाडियों का टैलेंट सर्च अभियान आयोजित करने के संबंध में चर्चा की गई। इस संबंध में बताया गया कि दिनांक 01 अगस्त से 20 अगस्त तक जिला स्तर पर खिलाड़ियों का टैलेंट सर्च अभियान चलाया जायेगा। इसमें भाग लेने के लिये ग्रामीण एवं विकासखण्ड स्तर के प्रतिभावान खिलाड़ी अपना ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन करा कर जिला स्तर पर होने वाले प्रतिभा चयन कार्यक्रम में भाग ले सकेंगे। चयनित खिलाड़ियों को जिला चयन समिति द्वारा मध्य प्रदेश में संचालित विभिन्न खेल एकेडमी में प्रवेश के लिये चयन करेंगे। सम्पन्न हुई वीडियों कांफ्रेसिंग में पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा, योजना अधिकारी शिक्षा विभाग, क्रीड़ा अधिकारी शिक्षा श्रीमती अंजली श्रीवास्तव, खेल विभाग से जिला प्रशिक्षक, पांचों विकासखण्ड से समन्वयक, पीटीआई एवं संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
भारत को टोक्यो ओलंपिक में मीराबाई चानू ने पहला पदक दिलाया, महिलाओं की भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीता
* आज मेरे परिश्रम का फल मिला और मेरा सपना साकार हुआ है: मीराबाई चानू
● मीराबाई चानू ने कुल 202 किलोग्राम भार उठाया हैं, जिसमें उन्होंने स्नैच में 87 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 115 किलोग्राम भार उठाया है।
● राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पदक जीतने के साथ ओलंपिक में भारत की शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त की और चानू को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी
● खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मीराबाई चानू को बधाई देते हुए कहा कि आपने देश को गौरवान्वित किया
नई दिल्ली। भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने आज महिलाओं की 49 किलोग्राम वर्ग की भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीतकर टोक्यो ओलंपिक में भारत को पहला पदक दिलाया। उन्होंने स्नैच में 87 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 115 किलोग्राम सहित कुल 202 किग्रा भार उठाया। मणिपुर की 26 वर्षीया चानू, 2018 में पीठ की चोट के बाद सावधानी से उबरते हुए, देश की पहचान बन गई। राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, खेल मंत्री श्री अनुराग ठाकुर और देश के कोने-कोने से भारत के लोगों ने मीराबाई को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और खेल मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने भारोत्तोलक मीराबाई चानू को फोन किया और उन्हें पदक जीतने व देश का नाम रौशन करने के लिए बधाई दी।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने चानू की शानदार जीत की कामना की। श्री कोविंद ने ट्वीट में, “भारोत्तोलन में रजत पदक जीतकर टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत के लिए पदकों की शुरुआत करने के लिए मीराबाई चानू को हार्दिक बधाई दी।”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ओलंपिक में भारत के पदक जीतने पर शुरुआत पर खुशी व्यक्त की और चानू को उनके प्रदर्शन के लिए बधाई दी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हैशटैग चीयर 4 इंडिया के साथ ट्वीट किया, “टोक्यो2020 के लिए एक सुखद शुरुआत के लिए नहीं कहा जा सकता था! मीराबाई चानू के शानदार प्रदर्शन से भारत उत्साहित है। भारोत्तोलन में रजत पदक जीतने के लिए उन्हें बधाई। उनकी सफलता हर भारतीय को प्रेरित करती है।”
खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मीराबाई चानू को बधाई देते हुए कहा, “आपको बहुत-बहुत धन्यवाद, 135 करोड़ भारतीयों के चेहरे पर बड़ी मुस्कान लाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और पूरे देश की ओर से बहुत-बहुत धन्यवाद। पहला दिन, पहला पदक; आपने देश को गौरवान्वित किया है।”
रजत पदक विजेता भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा आयोजित फेसबुक लाइव में मीडिया से बातचीत की। बातचीत के दौरान सुश्री मीराबाई ने प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि उन्होंने इस दिन के लिए बहुत त्याग किया है और आज उनकी सारी मेहनत का फल मिला और उनका सपना साकार हो गया है।
मजदूरों-कामगारों की समस्याओं के समाधान के लिए काम कर रहा है भारतीय मजदूर संघ
पन्ना में भारतीय मजदूर संघ का स्थापना दिवस मनाया गया
पन्ना।(www.radarnews.in) भारतीय मजदूर संघ के स्थापना 23 जुलाई 1955 को हुई थी, भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा अपने संगठन का स्थापना दिवस उत्साह पूर्वक मनाया गया। स्थापना दिवस के अवसर पर पन्ना शहर स्थित लवकुश वाटिका में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बीएमएस के नेता मगन लाल तथा परिवार समन्वय प्रमुख लक्ष्मीकांत शर्मा, संरक्षक विनोद तिवारी, अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जड़िया, महामंत्री विनोद मिश्रा द्वारा दीप प्रज्जवलन करते हुये किया गया।
स्थापना दिवस के कार्यक्रम में संरक्षक विनोद तिवारी द्वारा भारतीय मजदूर संघ के स्थापना की पृष्ठ भूमि की जानकारी दी गई तथा कहा गया कि संघ समाज के प्रत्येक वर्ग में समरसता के साथ देश के उत्थान के लिये समर्पित होकर मजदूरों के हित में काम कर रहा है। मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष जगदीश प्रसाद जड़िया ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ देश ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा मजदूर संगठन है जो कि राष्ट्र को सर्वोपरी मानते हुये काम कर रहा है और मजदूरों तथा कामगारों की समस्याओं के समधान के लिये काम कर रहा है।
मध्यप्रदेश सीमेंट वर्क समिति के महामंत्री मगनलाल ने कहा कि समाज के अंतिम छोर में बैठे परिवार का सर्वोदय करके पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा बताये गये रास्ते पर भारतीय मजदूर संघ निरंतर कार्यरत है। आयोजित स्थापना दिवस के कार्यक्रम में प्रदेश कार्य समिति सदस्य श्रीमती ऊषा सोनी, बाबूलाल यादव, अंकुर त्रिवेदी, श्रीमती आशा गुप्ता जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा, श्रीमती चन्द्रप्रभा तिवारी, श्रीमती रूप नगायच, राजेन्द्र कुशवाहा मंडल अध्यक्ष, जीतेन्द्र बाल्मीक अध्यक्ष कामगार मजदूर संघ, रिक्की बाल्मीक, राकेश बाल्मीक, रवि बाल्मीक, आनंद बाल्मीक, वीरेन्द्र रावत, शिव कुमार मिश्रा कर्मचारी संघ अध्यक्ष, अवध चौबे, श्रीमती प्रिया द्विवेदी अध्यक्ष आंगनवाड़ी सहित महिला कार्यकर्ता व नगर के प्रतिष्ठित नागरिक उपस्थित रहे।
चांदमारी पहुंचे कोंग्रेसियों का आरोप भूख और कुपोषण के कारण हुई आदिवासी बच्चों की मौत

* चार आदिवासी बच्चों की असमय मौत पर व्यक्त की शोक संवेदना
* गरीब आदिवासियों को इंसाफ दिलाने के लिये संघर्ष का किया एलान
* मृत बच्चों के परिवारों को एक-एक लाख रूपये की सहायता राशि मिले : श्रीमती पाठक
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय से सटी आदिवासी बस्ती चाँदमारी में मासूम बच्चों की असमय मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। ग्राम पंचायत पुरुषोत्तमपुर के अंतर्गत आने वाली छोटी सी इस बस्ती में कुछ समय पूर्व सप्ताह भर के अंदर 3 मासूम असमय काल-कवलित हो गए थे। बीते रोज यहां एक और मासूम बच्चे की किलकारी हमेशा के लिए खामोश हो गई। लगभग 2 साल की उम्र के इस बच्चे की मौत के बाद से आदिवासी बस्ती में मातम पसरा है। अपने नौनिहालों को लेकर माता-पिता एवं अभिभावक अत्यंत ही चिंतित और भयभीत हैं। चौथे बच्चे की मौत का मामला तब सामने आया है, जब जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा बस्ती में शिविर लगाकर बीमार बच्चों एवं वयस्कों को समुचित उपचार मुहैया कराने के साथ अन्य बुनियादी आवश्कतों की पूर्ती करने की जानकारी देते हुए स्थिति पूर्णतः सामान्य होने का दावा किया गया था।
बस्ती के लोगों की बदहाल स्थिति से जुड़ीं तथ्यपरक ख़बरें मीडिया में आने पर क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश के खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह भी कुछ दिन पूर्व स्थानीय लोगों के बीच पहुंचे थे। उन्होंने ग्रामीणों की तमाम समस्याएं दूर करने के साथ-साथ उन्हें हर सम्भव मदद का भरोसा दिलाया था। प्रशासनिक अधिकारियों और शासन की नुमाइंदों के दौरों के बाद भी चांदमारी (मानसनगर) के हालात में कोई ख़ास तब्दीली नहीं आई है। सुपात्र होने के बाद भी शासन की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित स्थानीयलोग भीषण गरीबी-बेरोजगारी-भूख-बीमारी और कुपोषण के कारण तिल-तिल मरने को मजबूर हैं। चांदमारी की हालत, दिया तले अंधेरा होने वाली कहावत को अब तक चरितार्थ करते रहे हैं। क्योंकि, पन्ना के बेहद करीब होने के बाद भी आदिवासियों की इस बस्ती के मीडिया के सुर्ख़ियों में आने से पूर्व तक जिम्मेदार अफसर, जनप्रतिनिधि एवं विपक्ष के नेता वहाँ के बदतरीन हालात से पूरी तरह अनभिज्ञ थे।
उल्लेखनीय है कि, चांदमारी में पखवाड़े भर के अंदर जिस चौथे मासूम बच्चे की मौत हुई है वह कुपोषित होने के साथ-साथ टीबी की बीमारी से पीड़ित बताया जा रहा है। छोटी सी आदिवासी बस्ती में निवासरत 70 से अधिक आदिवासी खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित पाये गये है। आदिवासी बस्ती में सड़क, नालियां तथा सफाई के प्रबंध नही होने से गंदगी की वजह से गरीब आदिवासियों एवं उनके बच्चों को बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। जिन 4 मासूम बच्चों की मौत हुई है उनमें से दो मासूम बच्चों को टीबी जैसी बीमारी का होना भी पाया गया है। आदिवासी बस्ती में मासूमों की लगातार मौत होने के बाद जिला कांग्रेस कमेटी की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती शारदा पाठक आज पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के साथ चांदमारी पहुंची। जहां पर उन्होने गत दिवस मृत हुये बच्चे सत्यम आदिवासी के माता पिता से मुलाकात की तथा पूर्व में मृत तीन अन्य बच्चों के घर तक पहुंचकर अपनी संवेदना व्यक्त की।

इस दौरान कांग्रेस नेताओं द्वारा ग्रामीण आदिवासियों से बातचीत की गई तथा कहा गया कि जिन बच्चो की मौत हुई है उसका कारण भूख और कुपोषण है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जो अपने आप को मामा बताते है, उनके राज्य में पन्ना शहर से लगी छोटी सी आदिवासी बस्ती के हालात सरकार की व्यवस्थाओं की कलई खोलने वाले है। उन्होने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सरकार द्वारा आदिवासी तथा गरीब भूखे न रहे इसके लिये खाद्य सुरक्षा कानून बनाया गया था किंतु दुर्भाग्य की बात यह है कि इस छोटी सी बस्ती में 70 से अधिक ऐसे आदिवासी है जिन्हें आज तक खाद्यान्न नही मिला है। उनके जरूरी कागजात तक नहीं बनाये गये है वृद्ध एवं बेवा महिलाएं कागजों के आभाव में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से वंचित हो रही है। चांदमारी बस्ती के साथ पूरे जिले में आदिवासियों एवं गरीबों के साथ इसी तरह से अन्याय हो रहा है।
श्रीमती शारदा पाठक ने कहा कि हमारी सरकार एवं जिला प्रशासन से मांग है कि चांदमारी बस्ती में निवासरत जिन बच्चों की असमय मौत हुई है उसकी उच्चस्तरिय जांच हो,दोषियों की जिम्मेदारी तय करते हुये उन पर कार्यवाही की जाये साथ ही साथ मृत बच्चो के परिवारों को एक एक लाख रूपये की कम से कम सहायता राशि दी जाये। साथ ही साथ यह सुनिश्चित किया जाये कि यहां पर रहने वाले लोगो एवं गरीब आदिवासियों के आधार कार्ड, समग्र आईडी, वोटर आईडी, बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र, जिन बेवा महिलाओं के पतियों के मृत्यु प्रमाणपत्र बनाये जाये तथा बस्ती में बुनियादी सड़क पानी की व्यवस्थाएं की जाये तथा गरीब आदिवासियों के रोजगार के प्रबंध हों। उन्होने कहा कि सोमवार को इस पूरे मामलें को लेकर बस्ती के आदिवासियों के साथ कांग्रेस पार्टी जिला कलेक्टर से मुलाकात करेगी।
इस मौके पर उपस्थित कांग्रेस पार्टी के जनपद अध्यक्ष अजयगढ़ भरत मिलन पाण्डेय, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी शिवजीत सिंह, डीके दुबे, पवन जैन, मनीष मिश्रा, मनोज गुप्ता, दीपक तिवारी, वैभव थापक, नृपेन्द्र सिंह, मृगेन्द्र सिंह, अक्षय तिवारी, रेहान खान, मनोज त्रिपाठी, दारा आदिवासी, जयराम यादव, मनोस सेन, सुनील अवस्थी, राजू यादव, सोलू पाण्डेय, देबू आदिवासी, राजाबाबू पटेल, सुनील रजक, सत्यम पाण्डेय, इजाज मोहम्मद, फैज मोहम्मद, फैयाज मोहम्मद सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आकाशीय बिजली गिरने से दो महिलाओं समेत 3 की मौत, 11 व्यक्ति घायल








