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पन्ना राज परिवार में छिड़ी जंग : राजमाता की रिपोर्ट पर महारानी गिरफ्तार, कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज की; भेजा गया जेल

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पन्ना के राजमंदिर पैलेस का अगला हिस्सा। (फाइल फोटो)

महारानी का गिरफ्तार होना और फिर जेल जाने की खबर बनीं चर्चा का विषय

दर्ज प्रकरण में महाराज राघवेन्द्र सिंह और नाबालिग बच्चों को भी बनाया आरोपी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के पूर्व राज परिवार के सदस्यों के बीच जायदाद को लेकर जारी विवाद अब जंग में तब्दील हो चुका है। राजमाता दिलहर कुमारी ने अपने एकलौते पुत्र एवं महाराज पन्ना राघवेन्द्र सिंह, पुत्रवधू महारानी जीतेश्वरी देवी और नाबालिग नाती-नातिनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। राजमाता ने अपनी रिपोर्ट में बीते दिनों राजमंदिर पैलेस पन्ना में हुई एक घटना की जानकारी देते हुए अपनी बहू एवं अन्य पर मारपीट, गालीं-गलौंज, गलत तरीके से उनके आवास में प्रवेश करने तथा कट्टे से धमकाने का आरोप लगाया है। इस मामले में कोतवाली थाना पन्ना पुलिस के द्वारा कथित तौर पर देर रात महारानी जीतेश्वरी देवी को गिरफ़्तार कर गुरुवार 22 जुलाई को सुबह न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्याययिक अभिरक्षा में पन्ना जिला जेल भेजा गया है। यह घटनाक्रम आज सुबह से ही पन्ना समेत समूचे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पुलिस टीम की अभिरक्षा में पन्ना न्यायालय से बाहर निकलते हुए महारानी पन्ना जीतेश्वरी देवी।
जिला लोक अभियोजन अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्‍य न्‍यायिक दण्‍डाधिकारी पन्‍ना के न्यायालय में महारानी जीतेश्वरी की जमानत का आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया था। जिस पर सुनवाई उपरांत मामले की गंभीरता को देखते हुये सीजेएम ने जमानत आवेदन पत्र निरस्‍त कर जीतेश्वरी को न्‍यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।

क्या है पूरा मामला

राजमाता दिलहर कुमारी। (फाइल फोटो)
अभियोजन के अनुसार पन्ना के पूर्व राजवंश की राजमाता दिलहर कुमारी पति स्‍व. श्री मानवेन्‍द्र सिंह जू देव 75 वर्ष ने अपने सुरक्षा गार्ड राकेश तिवारी एवं सुरेन्‍द्र सिंह के साथ थाना आकर एक लिखित आवेदन पत्र प्रस्तुत किया। राजमाता ने अपने पुत्र राघवेन्‍द्र सिंह, पुत्रवधू महारानी जीतेश्‍वरी देवी, नाबालिग नाती-नातिनों एवं अन्य पर आरोप लगाया है कि दिनांक 19 जून 2021 की रात 3 बजे उक्त लोगों ने गलत तरीके से राजमंदिर पैलेस स्थित उनके आवासीय परिसर में शराब के नशे की हालत प्रवेश किया। कथित तौर पर महारानी ने द्वारा हाथ में कट्टा लेकर गालीं-गलौंज करते हुए महल के दरवाजों और पानी की सप्लाई लाइन में तोड़फोड़ की गई। साथ ही चौकीदार के साथ मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में कोतवाली थाना पन्ना पुलिस ने जीतेश्वरी देवी समेत आधा दर्जन लोगों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 597/21 धारा 147,148, 149, 294, 323, 506, 458, 427 भारतीय दण्ड संहिता एवं 25/27 आर्म्‍स एक्‍ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है।

निचले स्तर पर पहुंचा संपत्ति विवाद

महारानी पन्ना जीतेश्वरी देवी को जिला जेल में दाखिल कराने के लिए ले जाते हुए महिला पुलिस।
उल्लेखनीय है कि पन्ना के पूर्व राजपरिवार का विवादों से पुराना नाता है। हीरा खान बादशाह की उपाधि प्राप्त बुन्देल केसरी स्व. महाराजा छत्रसाल के वंशजों के बीच सम्पत्ति को लेकर विवाद कई दशकों से चल रहा है, जोकि अब बेहद ही निचले स्तर पर पहुँच चुका है। राज परिवार के सदस्यों की आपसी कलह और विवाद के कारण उनकी अपनी छवि तो धूमिल हो ही रही है साथ ही पूर्वजों की प्रतिष्ठा को भी क्षति पहुंच रही है। मालूम होकि, आजादी के पूर्व तक पन्ना रियासत की गिनती देश की चुनिंदा रियासतों में होती थी। इसकी बड़ी वजह बुन्देली राजवंश के पास हीरों का अकूत खजाना होना है।

राघवेन्द्र को भी जाना पड़ा था जेल

महाराज पन्ना राघवेन्द्र सिंह एवं महारानी जीतेश्वरी देवी। (फाइल फोटो)
पन्ना राजपरिवार के करीबियों के अनुसार हालिया घटना की जड़ में भी संपत्ति विवाद है। राजपरिवार के सदस्यों के बीच अक्सर होने वाले विवादों की शिकायतें पहले भी पुलिस के पास पहुंचती रहीं है लेकिन उनमें आपराधिक प्रकरण शायद ही कभी दर्ज होते थे। लम्बे अर्से बाद यह पहली घटना है जब राजपरिवार की सबसे वरिष्ठ सदस्य राजमाता ने अपने ही पुत्र, पुत्रवधु एवं नाती-नातिनों के विरुद्ध रिपोर्ट लिखाई, जिस पर पुलिस ने जांच उपरान्त मामला दर्ज किया है। राजपरिवार के सदस्यों के बीच ताजा भड़के विवाद को इस दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति तक पहुंचाने में पर्दे के पीछे महल के बाहरी लोगों की अहम भूमिका होने की भी चर्चा है। करीब डेढ़ दशक पूर्व तत्कालीन पन्ना महाराज मानवेन्द्र सिंह ने अपने पुत्र राघवेन्द्र सिंह के विरुद्ध धोखाधड़ी से रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस प्रकरण में राघवेन्द्र सिंह कुछ माह तक दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद रहे हैं। अब उनकी माँ की रिपोर्ट पर पत्नी को जेल जाना पड़ा है।
पन्ना के राजमंदिर पैलेस का पिछला हिस्सा। (फाइल फोटो)
बताते चलें कि पन्ना राजपरिवार के सदस्यों के बीच वर्तमान में जारी संपत्ति विवाद के केन्द्र में तीन पक्ष है। जिसमें राजमाता दिलहर कुमारी उनकी पुत्री कृष्णा कुमारी एक साथ हैं जबकि दूसरा पक्ष महाराज राघवेन्द्र सिंह व उनकी पत्नी जीतेश्वरी देवी का है। वहीं राघवेन्द्र की चचेरी बहन कामाख्या कुमारी तीसरे पक्ष का नेतृत्व कर रहीं है जिसमें उनकी अपनी मां महारानी इंदिरा कुमारी शामिल हैं।

तनाव मुक्त जीने की कला : “सोच बदलेगी तो जीवन बदलेगा”- ब्रह्माकुमारी ज्योति बहन जी

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राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र पन्ना में भाई-बहनों को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी ज्योति बहन जी (मध्य में)।

मेडिटेशन के लाभ बताकर नियमित रूप से अभ्यास करने के लिए किया प्रेरित

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in)  स्व चिंतन के बजाय आज हम परचिंतन कर रहे हैं, यह हमारे दुख और तनाव का मूल कारण है। अर्थात कौन क्या कर रहा है, क्यों कर रहा है ? हम इसी में उलझे हुए हैं। हम संकल्प लें कि न किसी की बुराई सुनना है, न देखना और न ही उसका वर्णन करना है। मेडिटेशन अर्थात् ध्यान (राजयोग) के माध्यम से हम परचिंतन को छोड़कर स्वचिंतन/आत्मचिंतन की दिशा में मुड़ सकते हैं। मेडिटेशन से सोच में सकारात्मक बदलाव आता है जिसके स्वभाविक असर से हमारा जीवन हमेशा के लिए बदल जाता है। यह विचार ब्रह्माकुमारी ज्योति बहन जी ने पन्ना में व्यक्त किए।  ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय ग्वालियर केन्द्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी ज्योति बहन जी का अपनी टीम के साथ पन्ना जिले के राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र पर आगमन हुआ। अपने पन्ना प्रवास के दौरान उन्होंने केन्द्र पर नियमित रूप से आने वाले भाई-बहनों को संबोधित करते हुए तनाव मुक्त जीवन जीने की कला सिखाई।
ब्रह्माकुमारी ज्योति बहन जी ने मौजूदा वातावरण एवं जीवनशैली में स्वयं को शान्त, तनाव मुक्त रखते हुए उन्हें खुशनुमा जीवन जीने के तरीके जैसे अनेक जटिल विषयों को बड़ी ही सरलता-सहजता से समझाते हुए बताया कि, जहां भगवान से कनेक्शन होता है लूज वहां  ही हम हो जाते हैं कन्फ्यूज़। जब नहीं होता है भगवान से कनेक्शन तभी हो जाता है टेंशन। इसलिए, अगर भगवान से कनेक्शन हो टाइट तो हर कार्य होगा राइट। परमात्मा से ठीक होगा कनेक्शन तो लोेगों से भी ठीक होगा रिलेशन।
बीके ज्योति बहन जी ने आगे समझाते हुए कहा कि आज दुख, तनाव का कारण हमारे विचार हैं, मेडिटेशन के जरिए विचारों में बदलाव लाकर हम अपने जीवन को बदल सकते हैं। आपने एक उदाहरण के माध्यम से समझाया कि- एक कुम्हार चिलम बना रहा था। पत्नी के कहने पर वह सुराही बनाने लगा तो मिट्टी ने पूंछा कि क्या हुआ ! तो कुम्हार ने कहा कि विचार बदल गया। मिट्टी ने मुस्कुराते हुए कहा कि आपके विचार बदलने से मेरा तो जीवन ही बदल गया। चिलम बन मैं खुद भी गर्म होती और लोगों को भी गर्म करती अब सुराही बन स्वयं भी शीतल रहूंगी और सभी को भी शीतल करूँगी। अर्थात् हमारे विचार, हमारी सोच बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए विचारों के शुद्धीकरण के लिए हमें प्रतिदिन मेडिटेशन अवश्य करना चाहिए।
इस अवसर पर भाई राजेश गमने जी (देवेन्द्रनगर) ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि, राजयोग (मेडिटेशन) से मानसिक रोग ठीक होने के साथ ही शारीरिक रोग भी ठीक हो जाते हैं, क्योंकि मन स्वस्थ तो तन स्वस्थ। इसके पूर्व पन्ना सेवाकेन्द्र संचालिका बी.के. सीता बहन जी के द्वारा ग्वालियर से पधारीं बीके ज्योति बहन जी एवं उनकी टीम में शामिल बी.के. ममता बहन, बी.के. प्रसाद भाई, बी.के. नन्दू भाई का फूल माला एवं पुष्प गुच्छ से आत्मीय स्वागत किया गया। आध्यात्मिक ज्ञान की इस महत्वपूर्ण चर्चा के अंत में बी.के. सीता बहन जी ने सभी उपस्थित भाई-बहनों को उन्हें बताई गई बातों को पालन करने का संकल्प कराया।

न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेज़ी लाने विशेष प्रयास किए जाएंगे : प्रधान जिला न्यायाधीश

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जिला अभिभाषक संघ पन्ना के द्वारा आयोजित स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए प्रधान जिला न्यायाधीश उपेन्द्र कुमार सिंह एवं मंचासीन अन्य न्यायाधीशगण।

नवागत न्यायधीशगणों का अभिभाषक संघ द्वारा किया गया आत्मीय स्वागत

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) कोरोना की वैश्विक महामारी ने हर क्षेत्र को प्रभावित किया है। इस आपदा के कारण न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की प्रगति अत्याधिक अवरुद्ध हुई है, पक्षकारों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके इसके लिए हम सबको और अधिक सक्रियता व समन्वय दिखाते हुए ऐसे प्रयास करने की आवश्यकता है, जिससे प्रकरणों के निराकरण में तेजी आए। ताकि, जनसामान्य को सस्ता और सुलभ न्याय मिल सके। यह बात  पन्ना जिले के नवागत प्रधान जिला न्यायाधीश उपेन्द्र कुमार सिंह ने कही। वे मंगलवार 20 जुलाई को जिला अभिभाषक संघ पन्ना द्वारा आयोजित स्वागत समारोह को संबोधित कर रहे थे।
जिला अभिभाषक संघ पन्ना द्वारा नवागत प्रधान जिला न्यायाधीश सहित नवागत न्यायाधीशगण के सम्मान में कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए गरिमामई स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश उपेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि, न्याय दिलाने में अधिवक्ताओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए आप सभी का सक्रिय सहयोग हमें मिलेगा ऐसी हम अपेक्षा करते हैं। आयोजित किये गए इस स्वागत समारोह मे नवागत प्रधान जिला न्यायाधीश सहित नवागत विशेष न्यायाधीश राम प्रसाद सोनकर, जिला न्यायाधीश देवेन्द्र प्रसाद मिश्रा एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कमलेश कुमार सोनी का जिला अभिभाषक संघ पन्ना के पदाधिकारियों व सदस्यों द्वारा परंपरानुसार आत्मीय स्वागत किया गया।
प्रधान जिला न्यायाधीश श्री सिंह द्वारा अधिवक्ताओं की समस्याओं के शीघ्र निराकरण के प्रयास करने की बात कही गई। साथ ही बुंदेलखंड की माटी की परंपरा के अनुरूप आत्मीय स्वागत के लिए अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशेष न्यायाधीश राम प्रसाद सोनकर ने कहा कि, आप सब के सहयोग के साथ पक्षकारों को न्याय दिलाने का हर संभव प्रयास करेंगे। जिला न्यायाधीश देवेन्द्र प्रसाद मिश्रा ने अपने पिछले कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि, जिस तरह का सामंजस्य हमने पूर्व में देखा है, बार का वैसा ही सहयोग हम सबको मिलेगा, आप सबसे मेरी ऐसी अपेक्षा है।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कमलेश कुमार सोनी ने कहा कि एक न्यायाधीश से अच्छे न्यायिक कार्य की अपेक्षा की जाती है, मेरी यही कोशिश रहेगी कि मैं आपकी अपेक्षा व परीक्षा में खरा उतरूं। कार्यक्रम की शुरुआत में स्वागत उद्बोधन जिला अभिभाषक संघ के पूर्व सचिव लक्ष्मी नारायण द्विवेदी, वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील खरे व विनोद तिवारी द्वारा दिया गया। कार्यक्रम का संचालन अभिभाषक संघ के सचिव आनंद त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम मे जिला न्यायालय के सभी न्यायाधीशगण व अभिभाषकगण उपस्थित रहे।

डेंगू सहित अन्य मच्छर जनित बीमारियों से बचाव करने लोगों को जागरूक करेगा डेंगू निरोधक रथ

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पन्ना में अपने कार्यालय परिसर से डेंगू निरोधक प्रचार-प्रसार रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आर.एस.पाण्डेय।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर रथ को किया रवाना

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) डेंगू निरोधक माह जुलाई 2021 के तहत मंगलवार 13 जुलाई को डेंगू निरोधक रथ का समारोहपूर्वक शुभारम्भ मुख्यालय पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला पन्ना के द्वारा कोविड-19 के प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना डाॅ. आर.एस.पाण्डेय ने अपने कार्यालय परिसर में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में दोपहर 1 बजे हरी झण्डी दिखाकर डेंगू प्रचार रथ को रवाना किया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी स्वास्थ्य डाॅ जी.पी. आर्या जिला क्षय अधिकारी एवं प्रभारी पैथोलाॅजिस्ट डाॅ. प्रितेश ठाकुर, जिला मलेरिया अधिकारी एच.एम.रावत, बीएमओ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ डाॅ. के .पी राजपूत, बीएमओ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पवई़ डाॅ. एम.एल. चौधरी, डीसीएम दीपक सिंह राजपूत, जिला कुष्ठ सलाहकार डाॅ. संजय अहिरवार, फर्मासिस्ट एवं प्रभारी जिला स्टोर कीपर राजेश तिवारी तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिला मलेरिया अधिकारी एच.एम. रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि, यह रथ क्षेत्र में चिन्हित ग्रामों में भ्रमण कर लोगों को मच्छर जनित बीमारियों जैसे डेगूॅ, चिकुनगुन्या, जीका बुखार एवं मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक करने का कार्य करेगा। साथ ही बुखार आने पर जांच कराने एवं समय पर उपचार प्राप्त करने के लिए ग्राम के जनसमुदाय को जानकारी देगा। माईकिंग की सुविधा के साथ एक टीम डेंगू निरोधक रथ पर डेंगू निरोधक माह जुलाई 2021 में चिहिन्त ग्रामों/हाट बाजार में जाकर प्रचार-प्रसार की गतिविधियां संचालित करेगी।

बैंक के अंदर भी सक्रिय हैं शातिर चोर, राइस मिल संचालक के 5 लाख रुपए हुए पार

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देवेन्द्रनगर क़स्बा में सतना-पन्ना मार्ग किनारे स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा। (फाइल फोटो)

*   पन्ना जिले के देवेन्द्रनगर क़स्बा के भारतीय स्टेट बैंक की घटना

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के व्यापारिक केन्द्र देवेन्द्रनगर में चोरियों का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। क़स्बा में लम्बे समय से सक्रिय चोर गिरोह एक के बाद एक लगातार चोरी की सनसनीखेज घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस को न सिर्फ चुनौती दे रहे हैं बल्कि उसकी सक्रियता की पोल भी खोल रहे हैं। देवेन्द्रनगर थाना पुलिस के निकम्मेपन के कारण चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे दिनदहाड़े बैंक के अंदर ग्राहकों को निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम देने लगे हैं। सोमवार 12 जुलाई को चोरी ऐसी ही एक घटना भारतीय स्टेट बैंक शाखा देवेन्द्रनगर में सामने आने के बाद से हड़कंप मचा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राइस मिल संचालक हिमांशु अग्रवाल पिता ओमप्रकाश अग्रवाल 35 वर्ष निवासी सतना सोमवार दोपहर लगभग 12 बजे अपने मित्र अजय शंकर पाण्डेय के साथ देवेन्द्रनगर के भारतीय स्टेट बैंक पहुँचे। जहां उन्होंने अपने खाते से एफडीआर बनवाने के लिए 5 लाख रुपए निकाले थे। उन्होंने रुपयों से भरा बैग अपने मित्र अजय शंकर पाण्डेय को पकड़ने के लिये दिया तभी चंद मिनट में बैंक के अंदर से अज्ञात चोर ने बेहद शातिर तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम देते हुए बैग की चेन खोलकर उसके अंदर से रुपये पार कर दिए।
कुछ देर बाद बाद हिमांशु अग्रवाल ने जब बैग देखा तो उसके अंदर रखे रुपए गायब थे। उन्होंने तुरंत अपने मित्र से पूंछा और बैंक के अंदर मौजूद लोगों से जानकारी ली लेकिन कुछ पता नहीं चला। तब तक अज्ञात शातिर चोर फरार हो चुका था। पीड़ित व्यवसायी द्वारा तुरंत इसकी सूचना देवेन्द्रनगर पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सीसीटीव्ही फुटेज के जरिए चोरी के खुलासे के लिए छानबीन शुरू की है। पीड़ित व्यवसाई हिमांशु अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि सीसीटीव्ही फुटेज में 20-25 वर्षीय एक संदिग्ध युवती नजर आ रही है। बैग ले जाते हुए दिखने वाली अज्ञात युवती पर रुपए चोरी करने का संदेह है। चोरी के खुलासे के लिए देवेन्द्रनगर थाना पुलिस अज्ञात युवती का सुराग लगाने में जुटी है।

पूर्व में भी कई बार बैंक ग्राहक बने निशाना

चोरी की घटना की जानकारी देते हुए पीड़ित व्यवसाई हिमांशु अग्रवाल।
पन्ना जिले में विभिन्न बैंकों के अंदर ग्राहकों को शातिर चोरों के द्वारा निशाना बनाने की कई घटनाएं पूर्व में सामने आई हैं। अमानगंज, देवेंद्रनगर, अजयगढ़ और पन्ना में पिछले कुछ वर्षों में बैंकों के अंदर से लगभग आधा दर्जन ग्राहकों के रुपए चोरी होने की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के बाद भी बैंकों के प्रबंधन ने आंतरिक सुरक्षा-व्यवस्था को पुख्ता करने लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। बैंक में तैनात रहने वाले सुरक्षा गार्ड वहां आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों से न तो पूंछतांछ करते हैं और ना ही उन पर पैनी नजर बनाए रखते हैं। आंतरिक सुरक्षा सबंधी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने को लेकर भी बैंक प्रबंधन उदासीन हैं। चिंताजनक पहलू यह भी है कि,बैंकों के अंदर से ग्राहकों के रुपए चोरी होने की अनेकों घटनाओं के बाद भी ग्राहक आवश्यक सतर्कता और सावधानी नहीं बरत रहे हैं। बैंक के अंदर ग्राहकों का लापरवाही भरा रवैया उनके स्वयं के लिए मुसीबत बन रहा है।

रथयात्रा महोत्सव : दूल्हा बने “जगत के नाथ” चले ब्याह रचाने, राजसी ठाट-बाट के साथ निकली बारात

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सोमवार शाम पन्ना के श्री जगदीश स्वामी मंदिर बड़ा दिवाला से प्रारंभ होकर लखूरन बाग़ के लिए रवाना होती ऐतिहासिक रथयात्रा।

*   पन्ना की ऐतिहासिक रथयात्रा कोरोना की पाबंदियों के बीच निकाली गई

*   भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी जी की बारात में शामिल नहीं हो पाए बाराती

 रथयात्रा मार्ग के घरों की छत पर खड़े होकर श्रद्धालुओं ने किए भगवान के दर्शन

 पन्ना राजघराने के युवराज ने पहली बार निभाई प्राचीन धार्मिक परम्पराएं

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के बुंदेलखण्ड अंचल अंतर्गत पन्ना नगर में प्रतिवर्ष निकलने वाले ऐतिहासिक रथयात्रा के मुख्य समारोह का आयोजन लगातार दूसरे साल कोरोना महामारी के प्रतिबंधों के साए में हुआ। आज शाम श्री जगदीश स्वामी मंदिर बड़ा दिवाला में पन्ना राजघराने के युवराज छत्रसाल सिंह जूदेव दिव्तीय ने परंपरानुसार आरती के पश्चात् भगवान को मंदिर के गर्भगृह से बाहर लाकर सम्मानपूर्वक उनके रथों में विराजमान कराया। युवराज ने चंवर डुलाने के बाद रथ को खींचकर ऐतिहासिक रथयात्रा महोत्सव का पूरे विधि-विधान के साथ शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में मौजूद सशस्त्र पुलिस बल के द्वारा गार्ड ऑफ़ ऑनर देने के बाद भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी जी की बारात राजसी वैभव और गाजे-बाजे के साथ नगर में निकाली गई। रथयात्रा में खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री रामकिशोर नानों कावरे, महारानी जीतेश्वरी देवी, सतानंद गौतम, कलेक्टर संजय कुमार मिश्र, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना मुख्य रूप से शामिल रहे।
भगवान की प्रतिमा को रथ में विराजमान कराने के लिए मंदिर से बाहर लाते समय चंवर डुलाते हुए पन्ना राजपरिवार के युवराज।
भगवान की बारात में बारातियों के शामिल होने पर इस बार भी रोक लागू रही। रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की उमड़ने वाली भीड़ पर रोक लगाने के लिए जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर पन्ना संजय कुमार मिश्रा ने धारा 144 के अंतर्गत पूर्व में नवीन प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया था। इस स्थिति में रथयात्रा मार्ग के दोनों किनारों पर स्थित मकानों की छत पर और घर के दरवाजे पर खड़े होकर श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए। रथों में सवार भगवान बलभद्र, भगवान जगन्नाथ स्वामी और बहन सुभद्रा की एक झलक पाने के लिए रथयात्रा मार्ग के मकानों की छतों पर श्रद्धालु कई घण्टे पूर्व से ही डटे रहे।
पन्ना में घर की छतों पर खड़े होकर भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी जी के दर्शन करते हुए श्रद्धालु।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर अपनी खुशी का इजहार किया। रथयात्रा का पहला पहला पड़ाव लखूरन बाग़ में रहेगा। भगवान बलभद्र, बहन सुभद्रा के साथ यहीं रात्रि विश्राम करेंगे। मंगलवार 13 जुलाई की शाम भगवान रथ में सवार होकर भाई-बहन के साथ जनकपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
उल्लेखनीय है कि देश की तीन सबसे पुरानी व बड़ी रथयात्राओं में पन्ना की रथयात्रा भी शामिल है। ओडि़शा के जगन्नाथपुरी की तर्ज पर यहां आयोजित होने वाले इस भव्य धार्मिक समारोह में राजशी ठाट-बाट और वैभव की अद्भुत झलक देखने को मिलती है। रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ स्वामी की एक झलक पाने समूचे बुन्देलखण्ड क्षेत्र से हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुँचते रहे हैं । लेकिन पिछले कोरोना प्रतिबंधों के चलते यह दुर्लभ और भव्य नजारा इस साल भी पन्ना के बाहर के श्रद्धालुओं को देखने को नहीं मिला। पन्ना जिले के इस सबसे बड़े धार्मिक समारोह के दौरान यहां की अद्भुत और निराली छटा को देखने तथा भगवान जगन्नाथ स्वामी की एक झलक पाने के लिए समूचे बुन्देलखण्ड क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते थे। लेकिन प्रतिबंधों के चलते उन्हें लगातार दूसरे साल इस सौभाग्य से वंचित होना पड़ा। मालुम हो कि पन्ना की यह ऐतिहासिक रथयात्रा लगभग 168 वर्ष पूर्व तत्कालीन पन्ना नरेश महाराजा किशोर सिंह द्वारा शुरू कराई गई थी, जो परम्परानुसार अनवरत् जारी है। इसके अलावा पन्ना जिले के पवई व सिमरिया क़स्बा में भी रथयात्रा निकाली गई।

पहली बार युवराज ने किया परंपराओं का निर्वाहन

ऐतिहासिक रथयात्रा महोत्सव में शामिल पन्ना राजपरिवार के युवराज एवं श्रद्धालुगण।
पन्ना में निकलने वाली ऐतिहासिक रथयात्रा का शुभारंभ परंपरानुसार राजपरिवार के सदस्य के द्वारा किया जाता है। पन्ना राजघराने के महाराजा राघवेन्द्र सिंह जूदेव के अस्वस्थ होने के कारण दिल्ली में इलाजरत होने तथा कुछ माह पूर्व महाराज लोकेन्द्र जूदेव के देहावसान हो जाने से भगवान जगन्नाथ स्वामी जी मंदिर के महंत चिंतित और परेशान थे कि ऐसी स्थिति में रथयात्रा की परंपराओं का निर्वाहन कौन करेगा। पूर्वजों की इस गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा को कायम रखने के लिए महंतों के द्वारा दिए गए सुझाव को मानते हुए महारनी जीतेश्वरी देवी के द्वारा नाबालिग युवराज छत्रसाल सिंह जूदेव दिव्तीय से रथयात्रा महोत्सव की परम्पराओं का विधि-विधान के अनुसार निर्वाहन कराया गया।
पन्ना के श्री जगदीश स्वामी मंदिर बड़ा दिवाला से बाहर आते हुए पन्ना राजपरिवार के युवराज एवं महारानी जीतेश्वरी देवी।
उमस भरी भीषण गर्मी में राजसी पोशाक, साफा और बेशकीमती हीरों से जड़ा हार पहने 14 वर्षीय राजकुमार छत्रसाल सिंह जूदेव दिव्तीय पूरी तरह सहज नजर आए। उन्होंने राजसी गरिमा के साथ विनम्रतापूर्वक रथयात्रा महोत्सव की परंपराओं को जिस तरह परिपक्वता के साथ बखूबी निभाया उसकी सर्वत्र चर्चा हो रही है। संभवतः यह पहला अवसर है जब युवराज ने किसी सार्वजनिक/धार्मिक कार्यक्रम में पन्ना राजपरिवार का प्रतिनिधित्व किया है। उल्लेखनीय है कि बेशकीमती 52 बड़े हीरों के जिस हार को राजकुमार ने पहना था उसे महाराज रूद्र प्रताप जूदेव से लेकर पन्ना के सभी नरेश विशेष अवसरों पर पहनते रहे हैं।

प्रभारी मंत्री रामकिशोर कावरे ऐतिहासिक रथ यात्रा महोत्सव में होंगे शामिल

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पन्ना के सर्किट हाऊस में भाजपा नेताओं के साथ जिले के प्रभारी मंत्री रामकिशोर नानो कावंरे।

भाजपा कार्यकर्ताओं व अधिकारियों की लेंगे बैठक

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश शासन के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), जल संसाधन विभाग तथा पन्ना जिले के नव नियुक्त प्रभारी मंत्री रामकिशोर नानो कावरे रविवार देर शाम पन्ना पहुंचे। जिले का प्रभारी मंत्री बनाए जाने के बाद उनका पन्ना का यह पहला दौरा है। राज्यमंत्री रामकिशोर कावरे को उमरिया जिले के भी प्रभारी मंत्री की जिम्मेदारी मिली है। रविवार 11 जुलाई को वे अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार उमरिया से चलकर कार द्वारा मैहर एवं नागौद होते हुए देर शाम पन्ना पहुंचे। प्रभारी मंत्री रामकिशोर कावरे का रास्ते में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उत्साह पूर्वक जगह-जगह स्वागत किया। प्रभारी मंत्री के प्रथम आगमन के मद्देनजर उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत करने के लिए देवेन्द्रनगर से लेकर पन्ना तक कई जगह सड़क किनारे होर्डिंग लगाए गए एवं स्वागत द्वार बनाये गए थे। राज्यमंत्री श्री कांवरे के पन्ना में प्रवेश करते ही सतना-कटनी तिराहा पर उनका भव्य स्वागत किया गया। सार्किट हाउस पहुँचने तक रास्ते में कई जगह भाजपा नेताओं ने उनकी अगुवानी की। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष रामबिहारी चौरसिया, जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव, पूर्व विधायक राजेश वर्मा उनके साथ रहे।

आज इन कार्यक्रमों में होंगे शामिल

रविवार को एक दिवसीय प्रवास पर पन्ना पहुंचे आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), जल संसाधन विभाग तथा पन्ना जिले के नव नियुक्त प्रभारी मंत्री रामकिशोर नानो कावरे सोमवार 12 जुलाई को विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेगें। उनके विशेष सहायक द्वारा जारी किये गये कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10 बजे मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के निवास पर सौजन्य भेंट करेगें। दोपहर 11 बजे भाजपा कार्यालय में  कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेगें। दोपहर 1 बजे कलेक्टर कार्यालय में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक करेंगें। शाम 4 बजे भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी की रथ यात्रा मे शामिल होगें तथा उसके पश्चात् पन्ना से प्रस्थान कर पवई तहसील कार्यालय का निरीक्षण एवं अन्य स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होकर कटनी के लिए रवाना हो जायेंगें।

कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट के साथ अब जीका वाइरस का भी खतरा, सर्तक और सावधान रहें

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सांकेतिक चित्र।

मच्छर से फैलने वाले जीका वायरस के केरल में मिले मरीज

राज्य सरकार ने सभी जिलों को सतर्कता बरतने जारी किए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्मार्ट उद्यान में मीडिया के प्रतिनिधियों से की चर्चा

भोपाल। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जीका वाइरस से सतर्क और सावधान रहने की आवश्यकता है। राज्य शासन द्वारा सभी जिलों को सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किये गये हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान स्मार्ट उद्यान में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि जीका वाइरस मच्छर से होता है। यह गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से खतरनाक हो सकता है। केरल में जीका वाइरस के मरीज मिलें हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना का डेल्टा प्लस वेरिएंट खतरनाक है। यह एक बार फैलना शुरू हुआ तो कठिन स्थितियाँ निर्मित होंगी। राज्य शासन द्वारा कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। वर्तमान में पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या कम है। कोरोना संक्रमण की स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा हो रही है। संपूर्ण प्रदेश में बड़े पैमाने पर टेस्टिंग जारी है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोरोना का वाइरस अपना रूप बदलता है। अत: अतिरिक्त सावधानी की आवश्यकता है। मास्क की अनिवार्यता, दो गज की दूरी का पालन और कोरोना अनुकूल व्यवहार का पालन करने के लिए निरंतर आग्रह किया जा रहा है। क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियाँ भी प्रदेश में सक्रिय हैं और जनता से निरंतर संवाद में हैं।

प्रक्रियाओं को सरल बनाकर खनिज ब्लाक्स की नीलामी में तेजी लाएं

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केन्द्रीय खनिज मंत्री प्रहलाद जोशी के साथ खनिज संबंधी मुद्दों पर वर्चुअल चर्चा की।
  •   केंद्रीय खनिज मंत्री ने मध्य प्रदेश के खनिज संबंधित विषयों पर की चर्चा

  •    प्रदेश में माइनिंग गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जायेगा : मुख्यमंत्री

भोपाल। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोविड से अर्थ-व्यवस्था प्रभावित हुई है। खनिज गतिविधियाँ अर्थ-व्यवस्था को गति देती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्म-निर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने में अधिकतम सहयोग करना हमारा संकल्प है। प्रदेश में माइनिंग गतिविधियों को गति देने के लिए हर संभव प्रयास किये जायेंगे। हमारा प्रयास होगा कि वर्ष 2022 तक प्रदेश में एक सौ से अधिक खनिज ब्लाक्स की नीलामी हो।
मुख्यमंत्री श्री चौहान केंद्रीय खनिज मंत्री प्रहलाद जोशी से प्रदेश के खनिज संबंधित विषयों पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा कर रहे थे। वीडियो कांफ्रेंस में दिल्ली से केन्द्रीय खनिज राज्य मंत्री राव साहब दानवे भी शामिल हुए। प्रदेश के खनिज मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव खनिज संसाधन सुखवीर सिंह भी उपस्थित थे।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत कार्यवाही जारी

केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि खनिज गतिविधियाँ मूलभूत अर्थ-व्यवस्था में योगदान देती हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशा है कि आत्म-निर्भर भारत के निर्माण के लिए खनिज क्षेत्र में प्रक्रियाओं को सरलीकृत कर खनिज ब्लाक्स की नीलामी में तेजी लाई जाए। इसके लिये विभिन्न कानूनों में आवश्यक सुधार भी किया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत कार्यवाही जारी है। केंद्रीय मंत्री ने मध्यप्रदेश में ब्लाक्स की नीलामी के लिए जारी गतिविधियों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि समय-सारणी निर्धारित कर आगामी नीलामी प्रक्रिया संचालित की जाए।

प्रदेश में कोल गैसीफिकेशन की आवश्यकता

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोयले के भंडार प्रचुर मात्रा में हैं। प्रदेश में कोयला खनन का कार्य भारत सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में इन कंपनियों को कोल गैसीफिकेशन और लिक्विडिफिकेशन के लिए कार्य करने के निर्देश दिए जाएं। इससे पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा के स्रोत को समृद्ध करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग द्वारा बैतूल और छतरपुर जिले में दुर्लभ खनिजों की खोज के लिए सर्वे जारी है। यह कार्य समय-सीमा में पूर्ण किया जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने चूना पत्थर की रॉयल्टी दरों को पुनरिक्षित करने का अनुरोध भी किया।

भोपाल में भारतीय खान ब्यूरो का कार्यालय आरंभ किया जाए

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में खनिज ब्लाकों के खोज कार्य और नीलामी प्रक्रिया में भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण तथा एमईसीएल से तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। भोपाल में भारतीय खान ब्यूरो का कार्यालय आरंभ करने का भी अनुरोध किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उर्वरक उत्पादन के लिए उपयोगी ग्लोकोनाइट खनिज का औसत मूल्य निर्धारित करने की मांग की। बैठक में मॉयल (मैगनीज ओर इंडिया लिमिटेड) द्वारा बालाघाट और छिंदवाड़ा जिलों में 1961 से आरक्षित क्षेत्रों को अनारक्षित करने के संबंध में भी चर्चा हुई।

5 हेक्टेयर से कम क्षेत्र पर खनिज पट्टा स्वीकृत करने की व्यवस्था हो

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 5 हेक्टेयर से कम क्षेत्र पर खनिज पट्टा स्वीकृत नहीं करने के प्रावधान को शिथिल करने और मुख्य खनिजों की 2014 से अधिसूचित रायल्टी दरों का पुनर्निर्धारण करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने छतरपुर के मडदेवरा रॉक फास्फेट ब्लाक में यूरेनियम की संभावना को देखते हुए एटामिक मिनरल डिवीजन द्वारा लगाई गई रोक पर पुनर्विचार करने का अनुरोध भी किया। केन्द्रीय खनिज मंत्री श्री प्रहलाद जोशी ने त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया।

वर्ष 2020-21 में खनिज से प्राप्त हुआ 4446 करोड़ रूपये का राजस्व

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में मुख्य खनिज की 831 खदानों से वर्ष 2020-21 में 2908 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ। गौण खनिज की 6338 खदानों से वर्ष 2020-21 में 1538 करोड़ रूपये

आरक्षण रोस्टर शीघ्र तैयार कर पदों की पूर्ति करें, परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो

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राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल ने आज प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन से विश्वविद्यालयों के संबंध में चर्चा की।

राज्यपाल ने प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा विभाग को दिए निर्देश

भोपाल। (www.radarnews.in) राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने कहा है कि आरक्षण रोस्टर के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाये। समय-सीमा निर्धारित कर सभी कार्यों को पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ रोस्टर के संबंध में चर्चा करें। समस्याओं का प्रभावी समाधान शीघ्र किया जाए। इस कार्य में आवश्यकता होने पर विधि विशेषज्ञों का भी परामर्श प्राप्त करें। रोस्टर को अंतिम रुप दे कर नये पदों की पूर्ति की प्रक्रिया शीघ्र शुरु की जाए। राज्यपाल आज राजभवन में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन से चर्चा कर रहे थे।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि कोविड-19 की वैक्सीन शासकीय और निजी विश्वविद्यालयों के समस्त स्टॉफ को लग गई है। इसकी सुनिश्चितता की जाए। इसी तरह शासकीय और निजी विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं का वैक्सीनेशन कम से कम समय में हो जाए। इसके लिए जरुरी प्रबंध किए जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा अकादमिक कैलेण्डर के अनुसार परीक्षाओं के संचालन के साथ परीक्षा परिणामों की समय बद्धता का भी कड़ाई से पालन हो। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के प्रति लापरवाही और उदासीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
श्री पटेल ने विश्वविद्यालयों में हो रहें निर्माण कार्यों की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि जो कार्य स्वीकृत किए जाए, उनका निर्माण समय-सीमा में पूर्ण होना चाहिए। भवन स्वीकृति के साथ ही निर्माण आवश्यकता के अनुसार बजट का भी प्रावधान किया जाना चाहिए। भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण लंबित कार्यों के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर उनका शीघ्र निराकरण कराया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय बद्धता पर विशेष ध्यान देने समुचित व्यवस्थाएँ करने और कार्य प्रगति की समीक्षा के लिए निगरानी समितियाँ बनाने के लिए कहा है। निगरानी समितियों से कार्य की सतत् मानीटरिंग करते हुए निर्माण की गुणवत्ता और अवधि की समय बद्धता सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के वित्तीय प्रबंधन और ऑडिट की लंबित कंडिकाओं की नियमित समीक्षा होनी चाहिए, जिससे वित्तीय प्रबंधन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हो।