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पन्ना जिला जल अभावग्रस्त घोषित, नलकूप और कुआं खनन पर प्रतिबंध

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सांकेतिक फोटो।

 

*   प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर होगी 2 साल की जेल और लग सकता है जुर्माना

पन्ना। (www.radarnews.in) कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी संजय कुमार मिश्र ने पन्ना जिले में तत्काल प्रभाव से पेयजल परिरक्षण अधिनियम लागू कर आगामी समय में उत्पन्न होने वाली पेयजल समस्या के निराकरण के लिए नलकूप खनन पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया है। जिले को 15 जुलाई तक अथवा पर्याप्त वर्षा होने तक जल अभावग्रस्त घोषित किया गया है।
अब अधिनियम के उपबंध लागू होने के फलस्वरूप कलेक्टर अथवा प्राधिकृत अन्य अधिकारी की अनुमति के बगैर सिंचाई, उद्यानिकी, औद्योगिक प्रयोजन सहित भवन निर्माण के लिए नलकूप और कुओं का खनन पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। शासकीय विभागों द्वारा नलकूप के खनन पर प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
किसी व्यक्ति द्वारा आदेश के उल्लंघन पर अधिनियम की धारा 9 के अंतर्गत 2 वर्ष के कारावास अथवा 2 हजार रूपये तक का जुर्माना या दोनों सजाओं से दण्डित किया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में नलकूप खनन की अनुमति के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को प्राधिकृत किया गया है, जिसके तहत पन्ना एसडीएम द्वारा पन्ना एवं देवेन्द्रनगर तहसील, पवई एसडीएम द्वारा पवई एवं सिमरिया तहसील, अजयगढ़ एसडीएम द्वारा अजयगढ़ तहसील, गुनौर एसडीएम द्वारा गुनौर एवं अमानगंज तहसील तथा शाहनगर एसडीएम द्वारा शाहनगर एवं रैपुरा तहसील क्षेत्र के लिए अनुमति प्रदान की जाएगी।

महाशिवरात्रि : शिव सन्देश की अलख जगाने नगर में निकाली भव्य शोभायात्रा

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ब्रह्माकुमारी संस्था पन्ना के द्वारा महाशिरात्रि पर्व पर नगर में निकाली गई भव्य शोभायात्रा में शामिल भगवान शिव-शंकर की झांकी आकर्षण का केन्द्र रही।

*   मनुष्य की आत्म-ज्योति जगाने अवतरित हुए परमात्मा शिव – बहन जी

*   ब्रह्माकुमारी संस्था ने आध्यात्मिक रीति से मनाया महाशिवरात्रि का पावन पर्व

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मूल्य निष्ठ समाज के निर्माण हेतु प्रयासरत आध्यात्मिक संस्था प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र पन्ना में परमात्मा शिव के अलौकिक अवतरण का स्मरण दिवस महाशिवरात्रि का पावन पर्व आध्यात्मिक रीति से बड़े ही धूमधाम एवं हर्षोल्लाष के साथ मनाया गया। मंगलवार 01 मार्च को महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य पर राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र पन्ना में सुबह सर्वप्रथम शिवजी के पूजन के साथ शिव ध्वजारोहण एवं दीप प्रज्जवलन किया गया। इस अवसर उपस्थित सभी भाई-बहनों ने दैवीय-गुणों को धारण करने की प्रतिज्ञा ली।
तदुपरांत नगर में परमपिता परमात्मा शिव की भव्य शोभायात्रा निकालकर जन-जन को महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य बताया और भगवान शिव का सन्देश दिया गया। कार्यक्रम में श्रीमती निशा जैन पूर्व प्राचार्य उत्कृष्ट विद्यालय, श्रीमती शशि परमार जिला अध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा, श्रीमती मंजूलता जैन, सेवकराम प्राचार्य डायमण्ड पब्लिक स्कूल पन्ना, डॉ. आशीष कुमार खरे, डॉ.निधि जैन एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। महाशिवरात्रि के प्रातः कालीन कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय (राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र) पन्ना की प्रमुख बीके सीता बहन जी ने सभी उपस्थित जनों को महाशिवरात्रि का गूढ़ आध्यात्मिक रहस्य बड़े ही सरल-सहज तरीके बताया गया।

अंधकार का विनाश करने के लिये प्रकट हुए शिव

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विद्यालय पन्ना में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आध्यात्मिक रीति से शिव पूजन किया गया।
इस अवसर पर बहन जी ने बताया कि, शिवरात्रि क्यों मनाते हैं- शिवरात्रि निराकार परमपिता परमात्मा शिव के दिव्य अलौकिक जन्म का स्मरण दिवस है। हम इस संसार में किसी का भी जन्मोत्सव मनाते हैं तो उसे जन्म दिवस कहते हैं भले ही वह रात्रि में पैदा हुआ हो, मानव जन्मोत्सव को जन्म-रात्रि नहीं वरन् जन्म-दिवस के रूप में मनाते हैं परन्तु शिव के जन्म-दिवस को शिवरात्रि ही कहते हैं। वास्तव में यहां शिव के साथ जुड़ी हुई रात्रि स्थूल अंधकार का वाचक नहीं है। यह आध्यात्मिक दृष्टिकोण से कल्प के अंत के समय व्याप्त घोर अज्ञानता और तमो प्रधानता का प्रतीक है।
जब सृष्टि पर अज्ञान अंधकार छाया होता है। काम, क्रोध आदि विकारों के वशीभूत मानव दुःखी व अशांत हो जाता है, धर्म, अधर्म का रूप ले लेता है, भ्रष्टाचार का चारों ओर बोलबाला होता है तब ज्ञान सूर्य परमात्मा शिव अज्ञानता रूपी अंधकार का विनाश करने के लिये प्रकट होते है। विकारी, अपवित्र दुनिया को निर्विकारी, पावन दुनिया बनाना तथा कलियुग, दुःख धाम के बदले सतयुग, सुखधाम की स्थापना करना सर्वसमर्थ परमपिता परमात्मा शिव का ही कार्य है।

अपने विकारों को शिव पर चढ़ाकर निर्विकारी बनें

महाशिवरात्रि पर्व का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए ब्रह्माकुमारी संस्था पन्ना की प्रमुख बीके सीता बहन जी।
बीके सीता बहन जी ने बताया कि, परमपिता परमात्मा शिव बिन्दु रूप हैं इसलिए भक्त-जन शिवलिंग की आराधना करते हैं, उन पर दूध मिश्रित लस्सी, बेल-पत्र और अक के फूल चढ़ाते हैं। अक के फूल एव धतूरा चढ़ाने का रहस्य यह है कि, हम अपने विकारों को उन्हें देकर निर्विकारी बन पवित्रता के व्रत का पालन करें। कलियुग के अंत और सतयुग के आदि के इस संगमयुग पर ज्ञान-सागर, प्रेम व करूणा के सागर, पतित-पावन, स्वयंभू परमात्मा शिव हम मनुष्यात्माओं की बुझी हुई ज्योति जगाने हेतु अवतरित हो चुके हैं। वे साकार प्रजापिता ब्रह्मा के माध्यम द्वारा सहज ज्ञान व सहज राजयोग की शिक्षा देकर विकारों के बंधन से मुक्त कर निर्विकारी पावन देव पद की प्राप्ति कराकर दैवी स्वराज्य की पुनः स्थापना करा रहे हैं। इसलिए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय 86 वीं महाशिवरात्रि का पावन पर्व बहुत धूमधाम से मना रहा है।
बहनजी ने इस पावन अवसर पर लोगों से आव्हान किया, आईये हम सभी इसमें शामिल हो, निर्विकारी एवं व्यसन मुक्त बनने की प्रतिज्ञा लें। कार्यक्रम में उपस्थित रहे गणमान्य नागरिकों ने भी अपने विचार व्यक्त किए एवं कार्यक्रम की सराहना की।

नगर में गूंजा परमात्मा शिव का सन्देश

महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विद्यालय द्वारा परम्परागत तरीके से पवित्र नगर पन्ना में भव्य शोभायत्रा निकाली गई। जिसमें संस्था से जुड़े भाई-बहन बड़ी संख्या में शामिल हुए। अधिकांश लोगों ने श्वेत वस्त्र धारण कर रखे थे। शोभायत्रा में अनुशासित तरीके से कतारबद्ध होकर चल रहे भाई-बहनों के द्वारा जन-जन को परमपिता परमात्मा शिव के अवतरण का दिव्य संदेश दिया गया। शोभायात्रा में शामिल शिव-शंकर की झांकी आकर्षण का केन्द्र रही।
महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विद्यालय पन्ना के द्वारा नगर के मुख्य मार्गों से भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
शोभायात्रा में सम्मलित भाई-बहनें हाथों में तख्तियां, पोस्टर-फ्लैक्स, ध्वज लेकर चल रहे थे। जिनके माध्यम से नगरवासियों को बताया गया कि अंधकार रुपी कलयुग जा रहा है और आलौकिक ज्योतिर्मय सतयुग आ रहा है। भव्य शोभायत्रा नगर के जिस भी मार्ग से होकर निकली लोग इसे देखने कुछ देर के लिए वहीं रुक गए। इस दौरान समूचा नगर भगवन शिव के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। शोभायत्रा मुख्य मार्गों से होते हुए वापस ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विद्यालय पहुंचकर संपन्न हुई। तदुपरांत प्रसाद वितरण किया गया।

विडंबना : सरकारी राशन लेने के चक्कर में नहीं कर पाते मजदूरी, गरीब हितग्राहियों का गुजारा हुआ मुश्किल

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पन्ना जिला मुख्यालय के समीप स्थित गहरा एनएमडीसी की राशन दुकान की अव्यवस्थाओं से परेशान हितग्राही।

*    सेल्समैन की मनमानी से संकट में गरीबों परिवारों की खाद्य सुरक्षा

*    पन्ना के गहरा एनएमडीसी उचित मूल्य दुकान का मामला

*    राशन दुकान खुलने का दिन और समय निर्धारित नहीं

*    मजदूरी छोड़कर अनाज के लिए भटकने को मजबूर हैं हितग्राही

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत चिन्‍हांकित परिवारों को पात्रतानुसार रियायती दर पर खाद्यान्न (अनाज) वितरण की व्यवस्था का पारदर्शी, नियमानुसार एवं प्रभावी क्रियान्वयन होने का दावा करता है लेकिन पन्ना जिले में जमीनी सच्चाई इसके ठीक उलट है। अति पिछड़े इस जिले में पात्र गरीब परिवारों को सरकारी राशन प्राप्त करने के लिए प्रत्येक माह काफी परेशान होना पड़ता है। उदाहरण के तौर पर, गहरा एनएमडीसी के वाशिंदों को सस्ता राशन प्राप्त करने के लिए अपनी मजदूरी से हाथ धोना पड़ रहा है। भोजन के लिए सरकारी अनाज पर निर्भर रहने वाले गरीब परिवारों के लिए यह स्थिति कितनी पीड़ादायक साबित हो रही है, इसका अंदाजा एक हितग्राही द्वारा व्यक्त की गई उसकी व्यथा से लगाया जा सकता है, “गरीब को जिन्दा रहने के लिए लिए राशन और मजदूरी दोनों ही जरुरी है। सिर्फ सूखा अनाज तो खाया नहीं जा सकता, उसे पकाने (भोजन बनाने) के लिए ईंधन, तेल, मसाले आदि सामग्री लगती है, इन सब की पूर्ती के लिए रुपए चाहिए और रुपए तो सिर्फ मजदूरी करने पर ही मिलेंगे।”
दरअसल, गहरा एनएमडीसी के गरीबों के सामने राशन या मजदूरी दोनों में से किसी एक को चुनने की विचित्र दुविधा भरी परिस्थिति स्थानीय उचित मूल्य दुकान के विक्रेता की मनमानी पूर्ण निरंकुश कार्यप्रणाली के चलते निर्मित हुई है। कमोबेश यही स्थिति अन्य जगह भी नजर आती है। इस समस्या का मूल कारण राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 2013 का सही तरीके से पालन न होना है।
जिला मुख्यालय पन्ना से लगा गहरा एनएमडीसी ग्राम कुछ समय पूर्व ही नगर पालिका पन्ना (शहरी क्षेत्र) में शामिल हुआ है। स्थानीय गरीब परिवारों को साल भर पहले तक कुंजवन की उचित मूल्य दुकान से राशन मिलता था लेकिन जब से इनकी बस्ती में राशन दुकान शुरू हुई है तब से लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यवस्था चौपट है। गहरा एनएमडीसी की आदिवासी बस्ती में माध्यमिक विद्यालय के नजदीक स्थित सरकारी उचित मूल्य दुकान के संचालन में व्याप्त अंधेरगर्दी-मनमानी से हितग्राही खासे परेशान और नाराज हैं।
सोमवार 28 फरवरी को गहरा के भ्रमण पर पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ताओं व पत्रकारों को स्थानीय लोगों ने बताया कि फरवरी माह में उनकी राशन दुकान का ताला एक दिन भी नहीं खुला। राशन दुकान के खुलने और राशन वितरण का दिन-समय निर्धारित न होने से हितग्राही राशन प्राप्त करने के लिए दुकान के चक्कर काटने को मजबूर हैं। राशन दुकान के बाहर सेल्समैन एवं शिकायत निवारण व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों का मोबाइल नम्बर दर्ज नहीं है। वहीं हितग्राहियों के मांगने पर भी विक्रेता अपना मोबाइल नम्बर उन्हें उपलब्ध नहीं कराते। उचित मूल्य दुकान के स्तर पर गठित सतर्कता समिति में सम्मलित पदाधिकारियों की सूची को भी प्रदर्शित नहीं किया गया। स्थानीय लोगों को सतर्कता समिति के संबंध में कोई जानकारी तक नहीं है।
आपको पढ़ने और सुनने में यह समस्या मामूली सी लग सकती है लेकिन इसका व्यापक दुष्प्रभाव गहरा एनएमडीसी के गरीबों को झेलना पड़ रहा है। यहां के कई हितग्राही परिवार 3-4 किलोमीटर के दायरे में निवास करते हैं। उचित मूल्य दुकान खुलने का दिन-समय आदि निर्धारित न होने कारण स्थानीय लोग राशन प्राप्त करने के चक्कर में प्रत्येक माह कई दिनों तक मजदूरी करने (काम पर) नहीं जा पाते। इस समस्या के कारण गहरा के श्रमिकों को लंबी अवधि का नियमित रूप से काम नहीं मिलता। नतीजतन प्रभावितों को अपना गुजारा महीने में बमुश्किल चंद दिन मिली मजदूरी की मामूली सी राशि अर्थात तंगहाली में करना पड़ता है।
बेतहाशा महंगाई के इस दौर में महज चंद दिनों की मजदूरी से गरीबों के लिए अपना व परिवार का भरण-पोषण करना कितना कठिन और चुनौतीपूर्ण होता है, उसे शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल पर समझना आसान है। स्वयंसेवी संस्था विकास संवाद के पन्ना जिला समन्वयक रवि पाठक, सामुदायिक कार्यकर्ता राम विशाल गौंड़ एवं पत्रकारों को गहरा के रहवासियों ने अपने राशन कार्ड दिखाते हुए राशन वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए साथ ही गहरा असंतोष व्यक्त किया है।

मजाक बने खाद्य सुरक्षा कानून के प्रावधान

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 2013 के प्रावधानों को मुंह चिढ़ाती गहरा एनएमडीसी की राशन दुकान के बोर्ड में दर्ज आधी-अधूरी जानकारी।
बता दें कि, सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत राशन वितरण व्यवस्था के पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु खाद्य सुरक्षा कानून 2013 में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। कानून में शिकायत निवारण एवं निगरानी की व्यवस्था में जिला स्तर पर जिला कलेक्टर को जिला शिकायत निवारण अधिकारी बनाया गया है। सतत निगरानी करने के जिला, विकासखंड एवं उचित मूल्य दुकान स्तर पर कानून के तहत निर्धारित सुविधाओं एवं सेवाओं की देखरेख करने के लिए प्रावधान किये गए है। इस कानून के प्रावधान के अनुसार उचित मूल्य की दुकान के स्तर पर ग्राम सभा के माध्यम से सतर्कता समिति के गठन का प्रावधान है।
उचित मूल्य दुकान स्तरीय समिति के सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष निर्धारित है। इस समिति की मासिक बैठक किये जाने का प्रावधान है। इस समिति मे अध्यक्ष, सह अध्यक्ष, सचिव एवं सदस्य सम्मलित है। कानून में समिति को राज्य शासन द्वारा आवंटन से जुड़े आदेशों की जानकारी देने का प्रवाधान किया गया है। इस समिति द्वारा पत्रों को लाभ मिले और कोई वंचित न रहे, समस्याओं को जिला शिकायत अधिकारी को लिखित मे सूचित करने एवं इस कानून में सम्मलित हकदारियों का निगरानी करने का कार्य समिति को सौंपा गया है।
खाद्य सुरक्षा कानून 2013 में उचित मूल्य दुकान के स्तर पर गठित सतर्कता समिति मे सम्मलित पदाधिकारियों की सूची को प्रदर्शित किये जाने का प्रवाधान किया गया है। इसके अलावा राशन रेट सूची, शिकायत निवारण व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों के संपर्क नंबर, राशन विक्रेता का संपर्क नंबर व दुकान खुलने एवं बंद होने का दिन तथा समय को लिखे जाने का प्रवाधान है। लेकिन पन्ना जिले में कहीं भी इन प्रावधानों पर अमल नहीं किया जा रहा है। एनएमडीसी गहरा का मामला इसका एक उदाहरण मात्र है।

धरातल से गायब निगरानी समितियां

आमतौर पर जिले भर में विकासखंड स्तर एवं राशन दुकान स्तर की निगरानी समितियां धरातल से गायब हैं। वहीं राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और लाभार्थियों के हितों से जुड़े प्रावधानों का पालन कराने में जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर उदासीनता बरत रहे हैं क्योंकि, मामला उनके अपने निहित स्वार्थों की पूर्ती से जुड़ा है। इसका दुष्परिणाम गरीबों के राशन वितरण में गड़बड़ी-कालाबाजारी के रूप लगातार सामने आ रहा है। राशन दुकान के सेल्समैन से लेकर व्यवस्था में शामिल कतिपय भ्रष्ट अधिकारी सब मिलकर गरीबों के राशन को डकारने में जुटे हैं।

इनका कहना है –

“गहरा एनएमडीसी राशन दुकान की अव्यवस्थाओं के संबंध में आपने जानकारी दी है, दुकान की जांच कराकर अव्यवस्थाओं को दूर किया जाएगा और हितग्राहियों को नियमित रूप से निर्धारित समय पर सुगमता से राशन वितरण सुनिश्चित कराया जाएगा।”

– सत्यनारायण दर्रो, एसडीएम, पन्ना।

“राशन दुकान के बाहर विक्रेता एवं संबंधित अधिकारियों के संपर्क नंबर लिखे होना आवश्यक है। राशन दुकान स्तरीय निगरानी समिति सदस्यों के नाम भी प्रदर्शित होने चाहिए। गहरा एनएमडीसी राशन दुकान के विक्रेता से बात करके राशन हितग्राहियों की समस्या का निदान किया जाएगा।”

– सरिता अग्रवाल, खाद्य निरीक्षक, पन्ना।

“भाईचारे को लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह में है महात्मा गांधी जैसी प्रतिबद्धता”

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दिग्विजय सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्य सभा सांसद।

पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह जी के जन्मदिन पर विशेष 

पूर्व विधायक का पुत्र ट्रैक्टर चोरी के आरोप में गिरफ्तार !

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फाइल फोटो।
  •   पन्ना जिले के अमानगंज थाना का मामला

पन्ना।(www.radarnews.in) जिले में चोरों की बढ़ती सक्रियता के चलते आये दिन चोरी की घटनाएं सामने आ रहीं हैं। विगत दिवस अमानगंज थाना अंतर्गत ग्राम झरकुआ से एक ट्रैक्टर चोरी होने का मामला प्रकाश में आया था। थाना पुलिस ने चोरी की इस घटना का तत्परता से 48 घण्टे के अंदर खुलासा करने का दावा किया है। आम चर्चा है, पुलिस ने चोरी के आरोप में गुनौर (अमानगंज) विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक के पुत्र को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी गया ट्रैक्टर बरामद किया है।
उल्लेखनीय है कि शिवचरन पिता छवलाल अहिरवार 45 साल निवासी झरकुआ ने गुरुवार 24 फरवरी को अमानगंज थाना में लिखित आवेदन पत्र दिया था कि मेरा पावरट्रैक ट्रैक्टर क्रमांक एमपी-35-एए-3683 कीमत करीब 4 लाख रुपए कोई अज्ञात आरोपी चुरा ले गया है। इस घटना पर थाना अमानगंज में अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण को विवेचना में लिया गया। चोरी की घटना के खुलासे के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के द्वारा गठित टीम ने मुखबिर की सूचना के आधार पर झरकुआ गांव के ही एक युवक को हिरासत में लेकर  कड़ाई से पूंछतांछ की। पुलिस का दावा है कि उक्त युवक ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने ट्रैक्टर चोरी कर मुगरहा हार में छिपा कर रखा है। आरोपी से चोरी गए ट्रेक्टर को जप्त कर पुलिस ने उसे न्यायालय पेश किया है।

मजदूर का हीरा हड़पने के मामले में हीरा पारखी के खिलाफ कोर्ट ने दर्ज किया धोखाधड़ी का केस

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फाइल फोटो।

*   मजिस्ट्रेट प्रियंक भारद्वाज ने परिवाद पर विचारण उपरांत दिया आदेश

*   अगली सुनवाई में अनावेदक हीरा पारखी को सम्मन भेजकर तलब करने कहा

पन्ना। (www.radarnews.in) जिला हीरा कार्यालय पन्ना के हीरा पारखी आभाष चन्द्र सिंह के द्वारा गरीब मजदूर का हीरा छल-कपट पूर्वक बदलकर बेईमानी से हड़पने का अपराध प्रथम दृष्टया दर्शित होने पर न्यायालय ने उनके विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 420 के अंतर्गत अपराध का संज्ञान लिया है। परिवादी बृजकिशोर विश्वकर्मा निवासी कछियाना मोहल्ला अजयगढ़ जिला पन्ना की ओर न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद पत्र पर जांच कथन एवं विचारण के उपरांत न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पन्ना प्रियंक भारद्वाज ने अनावेदक हीरा पारखी आभाष चन्द्र सिंह के खिलाफ भादंसं की धारा 420 के अंतर्गत अपराध का संज्ञान लेते हुए विधिवत प्रकरण पंजीबद्ध करने का आदेश दिया है।
न्यायालय के इस आदेश के बाद सेवानिवृत्त हीरा पारखी की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है। इस मामले की अगली सुनवाई हेतु 28 अप्रैल 2022 की तारीख नियत की गई है। न्यायालय ने अगली सुनवाई में अनावेदक को उपस्थित होने के लिए सम्मन भेजकर तलब करने के निर्देश दिए हैं।
सांकेतिक फोटो।
परिवादी के मामले के संबंध में प्राप्त जानकारी अनुसार बृजकिशोर विश्वकर्मा 65 वर्ष निवासी कछियाना मोहल्ला अजयगढ़ ने हीरा कार्यालय पन्ना से अनुमति लेकर दहलान चौकी क्षेत्र में निजी भूमि पर हीरा खदान लगाई थी। जिसमें दिनांक 11 अक्टूबर 2012 को उसे 2.5 कैरेट (ढाई कैरेट वजन) का उज्जवल किस्म का हीरा मिला था। वृद्ध हीराधारक ने अपने हीरे को जिला हीरा कार्यालय में जमा कर रसीद प्राप्त की। माह अक्टूबर 2012 में ही उक्त हीरे को जिला हीरा कार्यालय के द्वारा नीलामी में रखा गया लेकिन वह नीलाम नहीं हुआ।
पुनः माह जनवरी 2013 हीरे को नीलामी में शामिल किया लेकिन कोई खरीददार नहीं मिला। लगभग तीन साल बाद बृजकिशोर विश्वकर्मा ने दिनांक 13 जनवरी 2016 को 1,00,500/- (एक लाख पांच सौ) रुपये में अपना ही जमाशुदा हीरा स्वयं खरीद लिया। रॉयल्टी राशि 11,581/- रुपए एवं आयकर की राशि 1992 रुपए दिनांक 11 फरवरी 2013 को चालान के माध्यम से स्टेट बैंक पन्ना में जमा कर दिया था।
परिवादी दिनांक 14 फरवरी 2013 को अपनी पत्नी कुसुम विश्वकर्मा, देवीदयाल, मुन्ना कुशवाहा, नन्हे सिंगरौल के साथ हीरा कार्यालय पहुंचा जहां तत्कालीन हीरा पारखी (अनावेदक) आभाष चन्द्र सिंह के द्वारा आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के बाद एक हीरा बृजकिशोर को दिया गया। उक्त हीरे को लैंस चैक किया गया जोकि परिवादी के द्वारा जमा किया गया हीरा नहीं था, बदला हुआ दूसरा हीरा था। इस संबंध में हीरा पारखी को बताया गया। हीरा पारखी ने उससे कहा कि यह हीरा उसे वापस कर दो, धोखे से बदल गया होगा। हीरे ट्रेजरी जमा रहने जानकारी देकर परिवादी से कहा गया कि, 2-3 दिन बाद आना उसका हीरा मिल जाएगा और उक्त बात किसी को मत बताना।
हीरा पारखी की बातों पर भरोसा कर परिवादी उसे हीरा वापस देकर अपने घर लौट गया। बृजकिशोर के हवाले से परिवाद पत्र में बताया गया है कि, दिनांक 19 फरवरी 2013 को वह पुनः हीरा कार्यालय पहुंचा और अपना हीरा माँगा तो आभाष सिंह गालियां देते हुए बोला हीरा वापस ले चुका है उसके पास पावती मौजूद है।
सांकेतिक चित्र।
परिवादी द्वारा अपने परिवाद पत्र एवं जांच कथन में यह स्पष्ट रूप से व्यक्त किया गया है कि अनावेदक (हीरा पारखी) ने उसका हीरा बदल दिया था और बाद में हीरा वापस करने की बात कहकर उसने हीरा वापस नहीं किया। तथा परिवादी से हीरा प्राप्ति की धोखे से पावती ले ली थी। विद्वान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पन्ना प्रियंक भारद्वाज ने परिवाद के विचारण उपरान्त यह पाया कि अनावेदक ने दिनांक 14 फरवरी 2013 को योजनाबद्ध तरीके दिनांक 13 फरवरी 2013 की तारीख दर्शाकर छल-कपटपूर्वक बेईमानी से बृजकिशोर विश्वकर्मा का हीरा हड़पने के आशय से उससे पावती पर हस्ताक्षर करा लिए थे। जबकि परिवादी (बृजकिशोर) दिनांक 13 फरवरी 2013 को हीरा कार्यालय गया ही नहीं था। परिवादी का हीरा वापस करने का आश्वासन देने के बाद उसे वापस नहीं किया।
इस तरह हीरा पारखी आभाष सिंह ने परिवादी की मूल्यवान सम्पत्ति बेईमानी से हड़प कर छल किया जो भादंसं की धारा 420 के अंतर्गत अपराध किया जाना प्रथम दृष्टया दर्शित है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि आभाष सिंह के विरुद्ध भादंसं की धारा 420 के तहत अपराध का संज्ञान लिए जाने के पर्याप्त आधार विद्यमान हैं।

उपयंत्री को 15 हजार की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने किया गिरफ्तार

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उपयंत्री अरविंद त्रिपाठी के आवास पर कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम।

*   निर्माण कार्य का मूल्यांकन करने के एवज की थी रिश्वत की मांग

*   सरपंच पति की लिखित शिकायत पर की गई ट्रैप कार्रवाई

*   पन्ना जिले के पवई क़स्बा में लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई से मचा हड़कंप

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिले की पवई जनपद पंचायत में पदस्थ उपयंत्री अरविंद त्रिपाठी को पन्द्रह हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। निर्माण कार्य का मूल्यांकन करने के एवज में ग्राम पंचायत सिमरा खुर्द के सरपंच पति से बतौर कमीशन रिश्वत की दूसरी किश्त में पन्द्रह हजार रुपए लेते हुए उपयंत्री अरविंद त्रिपाठी को आज उनके आवास पर दबिश देकर पकड़ा गया। लोकायुक्त पुलिस के द्वारा की गई इस ट्रैप कार्रवाई की खबर आने के बाद पवई से लेकर पन्ना तक प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा रहा। घूसखोर उपयंत्री के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व करने वाले लोकायुक्त पुलिस सागर के डीएसपी राजेश खेड़े ने जानकारी देते हुए बताया कि, जनपद पंचायत पवई अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सिमरा खुर्द में मनरेगा के तहत खेल मैदान का निर्माण हुआ है। जिसका मूल्यांकन करने के एवज में उपयंत्री अरविंद त्रिपाठी के द्वारा सरपंच पति रामकिशोर पटेल से 20 हजार रुपए की मांग की गई थी। निर्माण कार्य का मूल्यांकन न होने के कारण भुगतान अटकने से परेशान रामकिशोर के द्वारा उपयंत्री को रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 5 हजार रुपए दिए गए। साथ ही इसकी लिखित शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर से की गई। गुरुवार 24 फरवरी को रामकिशोर पटेल ने पवई में स्थित उपयंत्री अरविंद त्रिपाठी के आवास पहुंचकर उसे रिश्वत की दूसरी किश्त के रूप में शेष राशि 15 हजार रुपए दिए तभी लोकायुक्त पुलिस टीम ने दबिश देकर उपयंत्री को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

सहायक यंत्री पर भी सरपंचों ने लगाए थे आरोप

फाइल फोटो।
उल्लेखनीय है कि, पन्ना जिले के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में कमीशनखोरी एवं भ्रष्टाचार हावी है। यहां पंचायतों के निर्माण कार्य स्वीकृत होने के साथ ही कमीशन का खेल शुरू हो जाता है। निर्माण कार्य के बिल भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण कराने के लिए पंचायतों के नुमाइंदों को सम्बंधित उपयंत्री एवं सहायक यंत्री को कार्य की लागत के हिसाब से मोटी रकम घूस/कमीशन के रूप में देनी पड़ती है। बताते चलें, निर्माण कार्यों में कमीशन रुपी रिश्वत को लेकर परेशान हो रहे पवई जनपद के आधा दर्जन सरपंचों ने कुछ समय पूर्व सहायक यंत्री के खिलाफ कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा था।
जिसमें विस्तार पूर्वक यह बताया गया था कि निर्माण कार्य की राशि में कमीशन/रिश्वत ऐंठनें लिए उन्हें किस हद तक परेशान किया जा रहा है। सरपंचों के बेहद गंभीर आरोपों पर जिले के अधिकारियों के द्वारा क्या कार्यवाही की गई अब तक इसका पता नहीं चल सका। जिम्मेदारों के द्वारा भ्रष्टाचार/घूसखोरी के मामलों को लेकर जानबूझकर उदासीनता बरतने अथवा उसे नजरअंदाज करने का ही यह नतीजा है कि जिले के सरकारी कार्यालयों में बिना दाम, आम आदमी का कोई काम नहीं हो रहा है।

निजी वेयर हाउस संचालक संघ ने पीईजी भुगतान प्रणाली पर प्रमुख सचिव से की मुलाकात

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प्रमुख सचिव खाद्य फैज अहमद किदवई से बुधवार को निजी वेयर हाउस संचालक संघ द्वारा PEG भुगतान प्रणाली पर चर्चा की।

*     अपनी समस्याओं और सुझावों को लेकर सौंपा ज्ञापन

भोपाल। (www.radarnews.in) प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण फैज़ अहमद किदवई से निजी वेयर हाउस संचालक संघ ने बुधवार को मंत्रालय में मुलाकात की। संघ ने भारत सरकार द्वारा पीईजी भुगतान प्रणाली के संबंध में दिए गए दिशा निर्देशों के संबंध में अपनी समस्याओं एवं सुझावों के संबंध में उन्हें ज्ञापन भी सौंपा।
प्रमुख सचिव श्री किदवई ने संघ की मांगो पर तीन-तीन माह में निविदा दर प्राप्त करने, भंडारणकर्ता से भुगतान प्राप्त होने पर ही शुल्क राज्य भंडार गृह निगम द्वारा लेने, प्रतिमाह संयुक्त निरीक्षण की जिम्मेदारी तय करने, डब्ल्यूपीआई आधारित वृद्धि आदि के संबंध में उचित एवं सहज कार्रवाई का आश्वासन दिया।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं ओ डब्ल्यू एस के लिए, खाद्यान्न भंडारण के लिए पीईजी योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा गोदामों को किराए पर लेने के दावों को वर्ष 2022-23 से सीधे डीएफपीडी को उसी की प्रतिपूर्ति के लिए उनके अनंतिम खाद्य सब्सिडी दावों के साथ प्रस्तुत किया जा सकता है। साथ ही मार्च 2022 तक के दावों का निराकरण फूड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा किया जा सकेगा और एफसीआई को ही इसकी प्रतिपूर्ति दी जाएगी।
नए प्रावधानों के अनुसार पीईजी योजना के तहत एफसीआई मार्च 2022 तक के दावों का राज्य सरकार को सीधे भुगतान करेगा एवं उसके बाद राज्य सरकार खाद्य सब्सिडी दावों के साथ सीधे केन्द्रीय खाद्य विभाग को प्रस्तुत करेगी।

मनरेगा से बढ़ाये जायेंगे रोजगार के अवसर : मुख्यमंत्री श्री चौहान

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय में रोजगार गारंटी परिषद की सामान्य सभा की बैठक में समीक्षा की।
  •   म.प्र. राज्य रोजगार गारंटी परिषद की सामान्य सभा की हुई बैठक

भोपाल। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मनरेगा से रोजगार के अवसर बढ़ाने का कार्य प्राथमिकता से किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को मनरेगा से जोड़कर हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गांरटी परिषद की सामान्य सभा की बैठक में योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। वन मंत्री कुंअर विजय शाह, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास उमाकांत उमराव सहित अन्य अधिकारी और सदस्य उपस्थित थे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया बैठक में वर्चुअली शामिल हुए।

मजदूरों को समय पर करें मजदूरी भुगतान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में लेबर बजट का बेहतर ढंग से उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सबको रोजगार दिलाने के लिए बेहतर कार्य हो रहा है। मनरेगा के क्रियान्वयन में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को समय पर मजदूरी का भुगतान किया जाये। केन्द्र सरकार से राशि उपलब्ध होने पर मजदूरी देने में विलम्ब नहीं हो।

पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार कराने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में मछली पालन तेजी से बढ़े। मनरेगा से जोड़कर हितग्राहियों को लाभान्वित करें। बकरी पालन को भी बढ़ावा दिया जाये। पुष्कर धरोहर समृद्धि अभियान में पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार करें। तालाबों का चिन्हांकन का कार्य तेजी से करें। इससे जल-स्तर बढ़ने के साथ प्रदेश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने सोशल ऑडिट करने और राशि का दुरूपयोग पाये जाने पर वसूली की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

प्रदेश में डिजिटल और स्किल विश्वविद्यालय की स्थापना होगी : उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव

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उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की।

उज्जैन में डिजिटल और भोपाल में स्किल विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव

भोपाल। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रदेश में डिजिटल और स्किल विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। डॉ. यादव ने आज विभागीय समीक्षा के दौरान उक्त बात कही।
मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में डिजिटल और भोपाल में स्किल विश्वविद्यालय की स्थापना किए जाने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि देश की पहली डिजिटल यूनिवर्सिटी केरल में स्थापित है। डॉ. यादव ने उज्जैन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और विभागीय अधिकारी केरल विश्वविद्यालय का दौरा कर कन्सेप्ट पेपर तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसी तरह बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और विभाग के अधिकारी राजस्थान कौशल विश्वविद्यालय का दौरा करेंगे।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना काल में डिजिटल शिक्षा से युवा परिचित हुए। डिजिटल विश्वविद्यालय के माध्यम से घर-घर तक शिक्षा की पहुँच आसान होगी। विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में भी शिक्षा प्राप्त हो सकेगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा शैलेन्द्र सिंह और आयुक्त उच्च शिक्षा सोनाली वायंगणकर उपस्थित थे।