वार्षिकोत्सव समारोह में बुन्देलखंडी ढिमरयाई नृत्य की केन्द्रीय विद्यालय पन्ना के छात्र-छात्राएं।
* केन्द्रीय विद्यालय पन्ना में मनाया गया वार्षिकोत्सव समारोह
* बीहू, ढिमरयाई, गोवा, लिलीपुट डांस एवं नाटक और कव्वाली रहे आकर्षण के केन्द्र
पन्ना। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पन्ना में गत शुक्रवार को विद्यालय का वार्षिकोत्सव समारोह मनाया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं की विभिन्न रंगारंग प्रस्तुतियों ने सबका मन मोह लिया। वार्षिकोत्सव समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कलेक्टर एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुरेश कुमार शामिल हुए। विद्यालय के स्काउट कलर पार्टी द्वारा मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों का हरित स्वागत किया गया। विद्यार्थियों द्वारा स्वागत गीत भी गाया गया। मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर एवं बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना में नृत्य के माध्यम से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ संघ प्रिय, अपर कलेक्टर नीलाम्बर मिश्र, क्षेत्र संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व अंजना सुचिता तिर्की, डीएफओ दक्षिण वन मंडल पुनीत सोनकर, डीएफओ उत्तर वन मंडल गर्वित गंगवार एवं तथा विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य भी उपस्थित रहे।
सफल नागरिक बनने किया प्रोत्साहित
केन्द्रीय विद्यालय पन्ना के वार्षिकोत्सव समारोह में उपस्थित अतिथिगण एवं विद्यालय के शिक्षक।
कलेक्टर एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने कहा कि केन्द्रीय विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अपनी भूमिका को साकार करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने ओजस्वी वक्तव्य से भविष्य में सफल और अच्छा नागरिक बनने के लिए प्रोत्साहित किया। विद्यालय के प्राचार्य अमित दाहिया ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने विद्यालय के उद्देश्यों एवं उपलब्धियों की चर्चा की। इसके अलावा विद्यालय के परीक्षा परिणाम तथा खेल, योग एवं विद्यालय में आयोजित किए जाने वाली अन्य पाठ्येत्तर गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।
मेधावी छात्र-छात्राओँ को किया सम्मानित
केन्द्रीय विद्यालय पन्ना के वार्षिकोत्सव समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं तथा विशेष उपलब्धि पर शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि द्वारा विद्यालय के मेधावी छात्रों को सम्मान पत्र दिया गया, जिसमें सीबीएसई परीक्षा सत्र 2021-22 में कक्षा-10वीं में 99 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में दिव्यांशी पटेल एवं तुषारिका जगवानी और 97 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली शौर्या मिश्रा शामिल रहीं। इसी तरह कक्षा-12वीं की छात्रा हर्षिता खरे, शिखी परमार, स्नेहा अग्रवाल को सम्मानित किया गया। सत्र 2022-23 में निशी गोस्वामी, अनुराग पटेरिया, कृष्णा शर्मा तथा रेहान खान, मान्या अहिरवार, रिया चंद्रपुरिया को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में विद्यालय का नाम रोशन करने वाले विद्यार्थियों का भी सम्मान किया गया। इनमें स्वाती गुप्ता भारतीय सांख्यिकी सेवा, सुप्रिया बागरी नायब तहसीलदार लवकुशनगर, गौरव त्रिपाठी आईआईटी धनबाद तथा यश प्रताप बागरी विकास अधिकारी, भारतीय जीवन बीमा निगम को सम्मान पत्र दिया गया। शिक्षकों को भी विशेष उपलब्धि पर सम्मान मिला। इनमें जितेन्द्र प्रताप सिंह, मृगेन्द्र सिंह, पवन पाठक, प्रदीप पाण्डेय, राकेश दीक्षित शामिल हैं।
बुंदेलखंडी नृत्य से प्रस्तुत की लोक संस्कृति की झलक
केन्द्रीय विद्यालय पन्ना के वार्षिकोत्सव समारोह में नाटक की प्रस्तुति देते हुए विद्यालय के छात्र।
समारोह में प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों द्वारा गोवा नृत्य प्रस्तुत किया गया। बैंकिंग धोखेबाजी से बचने के उपाय बताता अंग्रेजी नाटक की प्रस्तुति भी हुई। टाइगर को सुरक्षित रखने की सीख देती हुई नृत्य नाटिका एवं शरद जोशी का व्यंग्य नाटक ‘एक था गधा’ की बेहतरीन प्रस्तुति भी बच्चों द्वारा दी गई। वाद्य यंत्रों की आकर्षक जुगलबंदी तथा लिलीपुट नृत्य पर दर्शकों ने खूब तालियाँ बजायी। कव्वाली तथा असम के बीहू लोकनृत्य को भी खूब सराहना मिली। बुन्देलखंडी ढिमरयाई नृत्य ने लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया। अंत में शिक्षक विद्याचरण चौरसिया द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (ITI) पन्ना। (फाइल फोटो)
* पन्ना की शासकीय आईटीआई में उपलब्ध सात ट्रेड में ले सकते हैं प्रवेश
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश की समस्त शासकीय एवं प्राइवेट आईटीआई (ITI) में संचालित एनसीव्हीटी/एससीव्हीटी के पाठ्यक्रमों में सत्र 2024 के लिए ऑनलाईन प्रवेश प्रक्रिया 01 मई से प्रारंभ हो चुकी है। प्रवेश हेतु पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन एवं च्वाइस फिलिंग के लिए अंतिम तिथि 20 मई निर्धारित है। आईटीआई में प्रवेश हेतु इच्छुक अभ्यर्थी इंटरनेट के माध्यम से अपने स्तर से अथवा ऑनलाईन सहायता केन्द्रों से www.dsd.mp.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश के इच्छुक सभी पात्र उम्मीदवारों को निर्धारित समयावधि में ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन करवाने वाले उम्मीदवारों को ही सीट आवंटन प्रक्रिया में सम्मिलित किया जाता है। प्रवेश संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए विवरणिका कौशल विकास संचालनालय/मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड की वेबसाइट www.dsd.mp.gov.in पर देख सकते है। शासकीय आईटीआई पन्ना के प्राचार्य राजेश पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि पन्ना सहित जिले में संचालित समस्त शासकीय आईटीआई में प्रवेश हेतु इच्छुक जिले के युवक-युवतियां को सीमित सीट संख्या को दृष्टिगत रखते हुए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में शीघ्रता से शामिल होने की जरुरत है।
नियमानुसार पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की होगी पात्रता
प्राचार्य श्री पटेल ने बताया कि शासकीय आईटीआई पन्ना में सात ट्रेड संचालित हैं। इनमें इलेक्ट्रिशियन, फिटर, वेल्डर, ड्राफ्ट्समैन ट्रेड एनसीव्हीटी (NCVT) से संबद्ध कोर्स दो वर्षीय और कोपा का कोर्स एक वर्षीय है। इसके अलावा मोटर मैकेनिक व्हीकल और मैकेनिक डीजल इंजन एससीव्हीटी (SCVT) से संबद्ध क्रमशः दो तथा एक वर्षीय कोर्स है। आपने बताया कि सभी व्यवसायों (ट्रेड) में 20 प्रतिशत सीट आईएमसी हेतु आरक्षित है जिनके लिए पृथक से च्वॉइस फिलिंग करना अनिवार्य है। ITI (Industrial Training Institute) में प्रवेश लेने वाले एससी, एसटी एवं ओबीसी वर्ग के प्रशिक्षणार्थियों को शासन के नियमानुसार पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति तथा जनरल कैटेगिरी वालों को सम्बल योजना एवं मैरिट छात्रवृत्ति की पात्रता होगी।
समय सारणी पोर्टल पर पृथक से दी जाएगी जानकारी
शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (ITI) पन्ना के प्राचार्य श्री पटेल ने आईटीआई में सत्र 2024 में ऑनलाइन प्रवेश हेतु निर्धारित समय चक्र की जानकारी देते हुए बताया कि, प्रवेश हेतु इच्छुक अभ्यर्थी इंटरनेट के माध्यम से अपने स्तर से अथवा ऑनलाईन सहायता केन्द्रों से www.dsd.mp.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश हेतु पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन एवं च्वॉईस फिलिंग की प्रक्रिया 01 मई से शुरू हो चुकी है, जिसकी अंतिम तिथि 20 मई है। इसके बाद आवेदकों द्वारा प्रवेश पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन में त्रुटि सुधार, इच्छित संस्थाओं तथा व्यवसार्यों की प्राथमिकता क्रम का चयन करना इच्छित संस्थाओं में प्राथमिकता के क्रम में त्रुटि सुधार (च्वाईस लॉक करने से पूर्व तक) की जानकारी विभाग द्वारा समय-समय पर पृथक से समय सारणी पोर्टल www.dsd.mp.gov.in पर जारी की जाएगी। इसी तरह प्रथम चयन सूची डिस्प्ले करना, प्रवेश पोर्टल द्वारा एसएमएस के माध्यम से आवेदकों को सूचित करना और प्रथम चयन सूची के आवेदकों के प्रवेश की जानकारी भी पृथक से उक्त पोर्टल पर प्रदर्शित की जाएगी।
प्राथमिकता के क्रम अधिक ट्रेड और संस्थाओं के भरें विकल्प
प्राचार्य ने राजेश पटेल ने रडार न्यूज़ से चर्चा में आईटीआई में प्रवेश संबंधी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां देते हुए बताया कि एम.पी. ऑनलाईन में रजिस्ट्रेशन तथा इच्छित संस्थाओं में प्राथमिकता के क्रम (च्वॉईस फिलिंग) के लिए आवेदक अधिक से अधिक व्यवसायों/संस्थाओं के विकल्प भरकर आवेदन प्रस्तुत करेंगे। पंजीयन के लिये ईमेल आईडी एवं मोबाइल नंबर पूर्व से निर्धारित कर लेवें। दरअसल, काउंसलिंग पंजीयन, सत्यापन, प्राथमिकता चयन एवं संस्था में रिपोर्टिंग इत्यादि संबंधी आवश्यक निर्देश उसी ईमेल आईडी एवं मोबाईल नंबर पर ही भेजे जाते हैं। आईटीआई में प्रवेश हेतु ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन करवाने वाले आवेदकों के कक्षा दसवीं के अंको के आधार पर मैरिट सूची जारी कर आईटीआई में प्रवेश दिया जाता है। अभ्यर्थियों द्वारा भरी गई प्राथमिकता क्रम के आधार पर मैरिट के अनुसार सीटों एवं संस्था का आवंटन किया जाता है। प्रवेश हेतु चयन सूची को एमपी ऑनलाईन तथा संचालनालय कौशल विकास के पोर्टल पर प्रदर्शित किया जाता है। आवंटन उपरांत आवंटन पत्र जारी किये जाते हैं जिसमें आवंटित विषय/संस्था/पाठ्यक्रम का उल्लेख रहता है। आवेदकों को प्रवेश के लिए एक निश्चित तिथि निर्धारित की जाती है, जिसमें उन्हें प्रवेश लेना आवश्यक है।
मिनी ट्रक की भीषण टक्कर से बुरी तरह क्षतिग्रस्त मृतक का होंडा स्कूटर।
* अमानगंज-पन्ना मार्ग पर रमपुरा नाका के समीप हुआ एक्सीडेंट
पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के अमानगंज थाना अंतर्गत रमपुरा नाका के समीप एक तेज रफ़्तार मिनी ट्रक के अज्ञात चालक ने घोर लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए सामने से आ रहे स्कूटर सवार व्यक्ति को सीधी ठोकर मार दी। भीषण सड़क हादसे में स्कूटर चालक सलिल मिश्रा पुत्र रामकिशोर मिश्रा 50 वर्ष निवासी मोहल्ला किशोरगंज पन्ना की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जबकि होंडा स्कूटर के परखच्चे उड़ गए। सड़क हादसे में प्रौढ़ की मौत पर अमानगंज थाना पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को जांच में लिया है।
प्राप्त जानकारी अनुसार पन्ना के वयोवृद्ध कांग्रेस नेता रामकिशोर मिश्रा के सुपुत्र सलिल मिश्रा पेशे से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) थे। गुरुवार 2 मई को सलिल अमानगंज में चिकित्सकों तथा दवा विक्रेताओं से संपर्क करने के बाद शाम के समय स्कूटर से वापस पन्ना लौट रहे थे। रास्ते में रमपुरा नाका के समीप सामने से आए एक तेज रफ़्तार मिनी ट्रक 407 के अज्ञात चालक ने घोर लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए अचानक गलत दिशा में वाहन को मोड़कर स्कूटर चालक को सीधी ठोकर मार दी। ट्रक की ठोकर इतनी भीषण थी की स्कूटर चालक सलिल मिश्रा उछलकर सड़क से 10 फिट दूर जा गिरे। जबकि उनके स्कूटर के परखच्चे उड़ गए। ट्रक की ठोकर लगने से आईं अत्यंत ही गंभीर चोटों के कारण सलिल की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद मिनी ट्रक का अज्ञात चालक मौके से फरार हो गया।
सलिल मिश्रा।
राहगीरों और पुलिस के द्वारा हादसे की सूचना मृतक के परिजनों को दी गई। पन्ना से परिजनों के पहुँचने पर अमानगंज थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया। सलिल मिश्रा के असामयिक दुखद निधन की खबर आने के बाद से ही पन्ना नगर में शोक की लहर व्याप्त है। जिले में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों, कांग्रेसजनों, मित्रों, शुभचिंतकों, पत्रकारों सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने सोशल मीडिया पर सलिल के निधन पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति अपनी शोक संवेदना व्यक्त की है। पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार मृतक सलिल मिश्रा का अंतिम संस्कार आज (शुक्रवार 3 मई) सुबह 9 बजे पन्ना के रानीगंज मोहल्ला स्थित मुक्तिधाम में किया जाएगा।
नगर परिषद अमानगंज का कार्यालय भवन और नगर परिषद अध्यक्ष सारिका खटीक।
* मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की अमानगंज नगर परिषद का मामला
* भाजपा के ही नेता से अध्यक्ष सारिका खटीक ने बिल भुगतान के एवज में मांगी थी रिश्वत
* दमोह जिले की हटा सीट से बीजेपी विधायक उमा खटीक की पुत्री हैं सारिका
* भ्रष्टाचारियों का चारागाह बने पन्ना जिले में प्रशासनिक अफसरों, जनप्रतिनिधि और नेताओं ने मचा रखी है खुली लूट
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आज एक बड़ी ट्रैप कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। जिले की अमानगंज नगर परिषद में भाजपा की अध्यक्ष सारिका खटीक को लोकायुक्त पुलिस ने 30,000/-(तीस हजार) रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। अध्यक्ष श्रीमती खटीक ने स्थानीय ठेकेदार और अपनी पार्टी के ही युवा नेता राघवेन्द्र राज मोदी से अमानगंज नगर परिषद में मासिक ठेका पर लगे उनके हाइड्रोलिक मैन लिफ्ट क्रेन का भुगतान करवाने के एवज में 40,000/-(चालीस हजार) रुपए की रिश्वत मांगी थी।
शिकायतकर्ता एवं भाजपा नेता राघवेंद्र राज मोदी।
युवा नेता मोदी ने रिश्वत की पहली किश्त के रूप में नगर परिषद अध्यक्ष को 10 हजार रुपए पूर्व में ही दे दिए थे। आज रिश्वत की दूसरी किश्त के रूप शेष राशि 30,000/-(तीस हजार) रुपए लेने के दौरान अमानगंज नगर परिषद सारिका खटीक को लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ लिया। लोकायुक्त पुलिस की इस ट्रैप कार्यवाही की खबर आते ही अमानगंज क़स्बा में जबर्दस्त हड़कंप मच गया। बीजेपी के युवा नेता द्वारा अपनी ही पार्टी की नगर परिषद अध्यक्ष को ट्रैप करवाने से सत्ताधारी दल भाजपा की जमकर किरकिरी हो रही है। वहीं इस ट्रैप कार्रवाई को लेकर जिले के राजनैतिक और प्रशासनिक हलकों में आंतरिक खलबली मची है। उल्लेखनीय है कि सारिका खटीक पड़ोसी दमोह जिले की हटा विभानसभा सीट से भाजपा विधायक उमा खटीक की पुत्री हैं।पन्ना जिले में किसी महिला जनप्रतिनिधि को रिश्वत लेने के मामले में लोकायुक्त पुलिस के द्वारा गिरफ्तार करने का संभवतः यह पहला मामला है।
नगर परिषद अमानगंज में ठेके पर लगी भाजपा के युवा नेता राघवेंद्र राज मोदी की हाइड्रोलिक मैन लिफ्ट क्रेन।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर परिषद अमानगंज में युवा नेता राघवेंद्र राज मोदी की हाइड्रोलिक मैन लिफ्ट क्रेन रुपये मासिक किराया 33,333/-(तैंतीस हजार तीन सौ तैंतीस) रुपए की दर से ठेके पर लगी है। मैन लिफ्ट क्रेन का पिछले चार माह से भुगतान लंबित होने पर भाजपा युवा नेता मोदी ने नगर परिषद अध्यक्ष सारिका खटीक से संपर्क किया। इस दौरान उनके द्वारा भुगतान करवाने के एवज में 40,000/- चालीस हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई। भुगतान के लिए हर बार रिश्वत की मांग से परेशान होकर ठेकेदार राघवेंद्र राज मोदी ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय सागर में लिखित शिकायत की।
तदुपरांत लोकायुक्त पुलिस द्वारा शिकायत की तस्दीक करने पर फरियादी राघवेंद्र से नगर परिषद अमानगंज की अध्यक्ष ने पुनः रिश्वत की डिमांड की। रिकार्ड हुई बातचीत में रिश्वत की राशि के तौर पर 40,000/- चालीस हजार रुपए देने पर सहमति बनीं। फरियादी ने तुरंत पहली किश्त के तौर पर 10 हजार रुपए दिए और शेष राशि गुरुवार 02 मई 2024 को देना तय हुआ। शिकायत की तस्दीक होने पर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में नगर परिषद अध्यक्ष को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ ट्रैप करने का फुलप्रूफ प्लान तैयार कर उसका क्रियान्वयन करने के लिए ट्रैप दल गठित किया गया।
नगर परिषद अमानगंज की अध्यक्ष सारिका खटीक रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ने के बाद पुलिस थाना अमानगंज में दस्तावेजी कार्यवाही करती लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम।
आज नगर परिषद अमानगंज कार्यालय में अध्यक्ष सारिका खटीक दोपहर करीब 2 बजे जब अपने कक्ष में बैठीं थी तभी ठेकेदार राघवेंद्र राज मोदी ने वहां पहुंच गए। मोदी ने पूर्व चर्चानुसार रिश्वत की शेष राशि 30,000/- (तीस हजार) रुपए अध्यक्ष को दे दिए। इस दौरान नगर परिषद कार्यालय के आसपास लोकायुक्त पुलिस टीम मुस्तैदी से तैनात रही। फरियादी से जैसे ही इशारा मिला अगले ही पल लोकायुक्त पुलिस ने वहां दबिश देकर भारतीय जनता पार्टी की नगर परिषद अध्यक्ष सारिका खटीक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
पन्ना जिले की नगर परिषद अमानगंज की भाजपा अध्यक्ष सारिका खटीक।
लोकायुक्त पुलिस की ट्रैप कार्यवाही की खबर आते ही अमानगंज क़स्बा में जबर्दस्त हड़कंप मच गया। मौके पर नगर परिषद अध्यक्ष के परिजन सहित समर्थक जमा होकर ट्रैप कार्रवाई का विरोध में माहौल बनाने लगे। जिसे देखते हुए लोकायुक्त पुलिस टीम सुरक्षा चिंता के मद्देनजर आगे की कार्रवाई निर्विध्न संपन्न करने के लिए नगर परिषद अध्यक्ष अमानगंज को अपने साथ स्थानीय पुलिस थाना ले गई। इस मामले में लोकायुक्त पुलिस ने अमानगंज नगर परिषद अध्यक्ष के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है। समाचार लिखे जाने तक अमानगंज पुलिस थाना में लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई जारी थी।
पन्ना जिले में चौतरफ़ा मची है लूट
अमानगंज थाना में लोकायुक्त पुलिस की कार्यवाही के दौरान नगर परिषद अध्यक्ष के परिजन और समर्थक मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि, पन्ना जिले में करीब डेढ़ वर्ष के अंदर किसी महिला के विरुद्ध घूसखोरी के मामले में लोकायुक्त पुलिस की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इसके पूर्व दिनांक 01 जनवरी 2023 को देवन्द्रनगर थाना प्रभारी निरीक्षक ज्योति सिंह राजपूत को 50,000/- पचास हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा था। लेकिन निरीक्षक ज्योति सिंह राजपूत और एक अन्य आरोपी आरक्षक लोकायुक्त पुलिस की टीम को चकमा देकर मौके से फरार हो गए थे। हालांकि पन्ना जिले में किसी महिला जनप्रतिनिधि को रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस के द्वारा गिरफ्तार करने का संभवतः यह पहला प्रकरण है। आज की इस ट्रैप कार्रवाई को लेकर जनमानस के बीच यही चर्चा सुनाई दे रही है कि भारतीय जनता पार्टी के राज में अति पिछड़ा पन्ना जिला भ्रष्ट प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों, सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं का चारगाह बना हुआ है। सरकारी कार्यालयों सहित समूचे जिले में रिश्वतखोरी, सरकारी राशि का गबन, बजट का बंदरबांट और खनिज संसाधनों की चौतरफा लूट मची है। जिले सरकारी कार्यालयों में बगैर रिश्वत के आम इंसान का कोई काम ही नहीं होता है। बदतर हो चुके हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तो सत्ताधारी दल के नेता को भी रिश्वतखोरों के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस की मदद लेनी पड़ रही है।
MP : पन्ना जिले की नगर परिषद अमानगंज की अध्यक्ष एवं भाजपा नेत्री सारिका खटीक को लोकायुक्त पुलिस ने 30,000/-तीस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। भाजपा नेता एवं ठेकेदार राघवेंद्र राज मोदी से मैन लिफ्ट क्रेन का भुगतान कराने के एवज में मांगी थी 40,000/- रु. की रिश्वत। pic.twitter.com/kaYQpTeI1o
पन्ना के टाउन हॉल में आपदा प्रबंधन और राहत बचाव कार्य पर आधारित मॉक ड्रिल के तहत क्षतिग्रस्त भवन में फंसे लोगों को बाहर निकालते एनडीआरएफ के जवान।
* क्षतिग्रस्त बिल्डिंग की ऊपरी मंजिल में फंसे लोगों को जाबांज जवानों ने सुरक्षित बाहर निकाला
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय में बुधवार को आए 7.1 तीव्रता के भूकंप से शहर के बीचोंबीच स्थित जगन्नाथ स्वामी टाउन हॉल ऑडिटोरियम हॉल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। जिसके मलबे में दस से पंद्रह लोगों के दबे होने की सूचना देकर सर्च एवं रेस्क्यू के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीम एवं अन्य एजेंसियों को बुलाया गया। जांबाज जवानों ने गिरे हुए भवन के भीतर पहुंच बनाने तथा लोगों को निकालने के लिए दीवार एवं छत को काटा फिर मेडिकल टीम ने घायलों को स्थिरता प्रदान करते हुए बाहर निकाला। इसी दौरान कुछ व्यक्ति बिल्डिंग की ऊपर वाली मंजिल पर फंस गए, जिनको एनडीआरएफ ने रोप रेस्क्यू के माध्यम से सुरक्षित नीचे उतारा।
पन्ना के टाउन हॉल में आपदा प्रबंधन और राहत बचाव कार्य पर आधारित मॉक ड्रिल के तहत भूकंप से क्षतिग्रस्त भवन के मलबे से निकाले गए घायलों को एम्बुलेंस तक ले जाते एनडीआरएफ के जवान।
सभी एजेंसियों ने आपसी तालमेल एवं समन्वय से राहत एवं बचाव कार्य को पूरा किया। आपातकालीन तैयारी योजना की समीक्षा के लिए आपदा प्रबंधन और राहत बचाव कार्य पर आधारित मॉक अभ्यास आयोजन के तहत यह काल्पनिक दृश्य रखा गया।
आपदा प्रबंधन की बारीकियां बताईं
आपदा प्रबंधन और राहत बचाव कार्य पर आधारित मॉक ड्रिल के तहत क्षतिग्रस्त भवन की दीवार को काटकर अंदर प्रवेश करते हुए एनडीआरएफ के जवान।
मॉक ड्रिल (आभासी अभ्यास) में 11 एनडीआरएफ के क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र लखनऊ के प्रभारी एवं उप कमांडेंट अनिल कुमार पाल उपस्थित रहे। साथ ही अग्निशमन विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ एवं स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, स्वयंसेवी संस्थाओं की टीमों द्वारा मॉक का संयुक्त अभ्यास किया गया। उप कमांडेंट श्री पाल ने बताया कि इस मॉक अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा में घायल और चोटिल व्यक्तियों के अमूल्य जीवन की रक्षा करना, सभी एजेंसियों का रिस्पांस चेक करना व सभी स्टेकहोल्डर्स के बीच आपसी समन्वय स्थापित करना है। मॉक अभ्यास में 11 एनडीआरएफ के क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र लखनऊ से आयी एनडीआरएफ की 26 सदस्यीय टीम का नेतृत्व निरीक्षक पारसराम जाखड़ एवं सहायक उप निरीक्षक रंजन जायसवाल ने किया।
मॉक ड्रिल से पूर्व बैठक कर बनाई रुपरेखा
मॉक ड्रिल में शामिल एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, पुलिस एवं अन्य एजेंसियों के जवानों और कर्मचारियों को संबोधित करते जिला पंचायत सीईओ पन्ना संघप्रिय।
आपदा प्रबंधन और राहत बचाव कार्य पर आधारित एक मॉक अभ्यास का आयोजन पन्ना कलेक्टर सुरेश कुमार की अध्यक्षता किया गया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ संघप्रिय, एसडीएम संजय नागवंशी, संयुक्त कलेक्टर कुशल सिंह गौतम, डिप्टी कलेक्टर आलोक मार्को एवं समीक्षा जैन, परियोजना सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल से पूर्व प्रथम चरण में एनडीआरएफ अधिकारियों व जिला प्रशासन और एसडीईआरएफ, फायर विभाग, जिला पुलिस, होम गार्ड, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग तथा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के द्वारा बैठक कर मॉक अभ्यास की संपूर्ण रूपरेखा तैयार की गई, जबकि द्वितीय चरण में मॉक अभ्यास किया गया।
* वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने की सिलिकोसिस पीड़ित संघ की पैरवी
* पन्ना समेत मध्य प्रदेश के छह जिलों के सिलिकोसिस पीड़ित मजदूरों की बात उठाई
पन्ना।(www.radarnews.in) फेंफड़ों को पत्थर बना देने वाली जानलेवा बीमारी सिलिकोसिस से पीड़ित मजदूर तिल-तिल मर रहे हैं। इंसाफ मिलने की आस में लंबी होती कानूनी लड़ाई के चलते सिलिकोसिस पीड़ित मजदूरों सांसें लगातार असमय थमती जा रही हैं। हालांकि अब इनका संघर्ष निर्णायक स्थिति में पहुंच चुका है। यह महज संयोग ही है कि अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस यानी मई दिवस या श्रमिक दिवस के एक दिन पूर्व 30 अप्रैल को सिलिकोसिस पीड़ित मजदूरों से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण खबर आई है। देश की सबसे बड़ी अदालत में मंगलवार को सिलिकोसिस से पीड़ित तथा मृत मजदूरों के मुआवजा और समुचित पुनर्वास से जुड़ी विचाराधीन जनहित याचिका क्रमांक 110/2006 पर सुनवाई की गई । प्रकरण में सिलिकोसिस पीड़ित संघ की ओर से सुप्रीम कोर्ट के जानेमाने वकील प्रशांत भूषण ने पैरवी की। कोर्ट में हुई सुनवाई की जानकारी सिलिकोसिस पीड़ित मजदूरों को न्याय दिलाने के लिए संघर्षरत पृथ्वी ट्रस्ट पन्ना की अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता समीना यूसुफ ने दी है।
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने महत्वपूर्ण तथ्य रखते हुए बताया कि, सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले आदेश में सिलिकोसिस के लिए जिम्मेदार देशभर की फैक्ट्रियों की जांचकर एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी गयी थी। परंतु केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने केवल गुजरात की 35 फैक्ट्रियों की जांच रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की है। ये फैक्ट्रियां न केवल पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन कर रही हैं बल्कि इनसे मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही पर्यावरणीय कानूनों का पालन नहीं करने वाली सभी फैक्ट्रियों को तुरंत बंद करवाने की मांग की।
सर्वोच्च न्यायालय ने सिलिकोसिस मृतकों को मुआवजा नहीं देने पर सभी राज्य सरकारों से जवाब मांगा है। मंगलवार की सुंनवाई में सिलिकोसिस से मध्यप्रदेश के धार झाबुआ अलीराजपुर, पन्ना और विदिशा के 274 मृत पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिलने की बात भी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठाते हुए सभी सिलिकोसिस पीड़ितों के पुनर्वास के लिए मांग की गई।
पत्थर खदान, स्टोन क्रेशर समेत कुछ फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के सिलिकोसिस नामक जानलेवा बीमारी से पीड़ित होने की संभावना अधिक रहती है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सुनवाई में सिलिकोसिस मृतकों और पीड़ितों के मुआवजा के मुद्दे पर अपना पक्ष प्रस्तुत किया। सर्वोच्च न्यायालय ने सिलिकोसिस की स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए सभी राज्य सरकारों को निर्देशित किया था, परंतु केवल झारखंड और हरयाणा ने ही रिपोर्ट प्रस्तुत की बाकी राज्यों को भी जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सिलिकोसिस पीड़ित संघ मध्यप्रदेश के 6 जिलो धार, झाबुआ, अलीराजपुर, पन्ना, विदिशा और मंदसौर के कुल 3216 सिलिकोसिस पीड़ितों कि बात उठाई। जिनमें से 1097 जीवित तथा 1148 पीड़ित मृतकों का मामला भी न्यायालय के संज्ञान में लाया गया। साथ ही कर्नाटक के 300 सिलिकोसिस पीड़ितों की मृत्यु और पश्चिम बंगाल के दो जिलों 24 उत्तर परगना और 24 दक्षिण परगना 38 सिलिकोसिस पीड़ितों एवं 20 पीड़ित मृतकों का मामला भी उठाया।
खान सुरक्षा महानिदेशालय ने अपने शपथ पत्र में बताया कि देशभर की 14064 फैक्ट्रियों की जाँच की गई। जिसमें पर्यावरणीय एवं अन्य कानूनों के उल्लंघन के 3076 मामले सामने आए। परंतु किसी भी फैक्ट्री पर कार्यवाही न होने पर अधिवक्ता द्वारा चिंता जताई गई। संघ ने देश के 31 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के सभी सिलिकोसिस पीड़ितों के लिए न्याय की बात करते हुये सभी के लिए पुनर्वास और मृतकों के के लिए मुआवजे की मांग को उठाया है।
एस्ट्रजेनेका के ही फार्मूले पर भारत में बनाई गई कोविशील्ड वैक्सीन।
* कोविशील्ड वैक्सीन से हो सकता है हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक : ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका ने कोर्ट में माना
* भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ने एस्ट्राजेनेका के फॉर्मूले से ही बनाई थी कोविशील्ड वैक्सीन
* देश में कोविशील्ड वैक्सीन के लगाए गए सर्वाधिक 175 करोड़ डोज
* कोविशील्ड वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ने भाजपा को दिया था 52 करोड़ का चंदा
एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स से जुड़ी खबर ने लोगों की चिंता और मानसिक तनाव बढ़ा दिया है। भारत में करोड़ों लोगों ने इस कंपनी की कोविशील्ड वैक्सीन लगवा रखी है। ब्रिटिश फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका ने माना है कि उनकी कोविड-19 (कोरोना) वैक्सीन से गंभीर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। हालांकि ऐसा बहुत रेयर मामलों में ही होगा। एस्ट्राजेनेका ने इस वैक्सीन को यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के साथ मिलकर तैयार किया था। एस्ट्राजेनेका के फार्मूले पर ही भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने कोविशील्ड नाम से वैक्सीन बनाई थी। ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, एस्ट्राजेनेका पर आरोप है कि उनकी वैक्सीन से कई लोगों की मौत हो गई। इसके आलावा कई अन्य को गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ा। कंपनी के खिलाफ हाईकोर्ट में 51 केस की सुनवाई चल रही है। पीड़ितों ने एस्ट्राजेनेका कंपनी से करीब 1 हजार करोड़ की क्षतिपूर्ति मांगी है।
ब्रिटेन के हाईकोर्ट में जमा किए गए दस्तावेजों में कंपनी ने स्वीकारा है कि उसकी कोरोना वैक्सीन से कुछ मामलों में थ्रॉम्बोसिस थ्रॉम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम यानी TTS हो सकता है। इस बीमारी के कारण शरीर में खून के थक्के जम जाते हैं और प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है। भारत में कोविशील्ड नाम से वैक्सीन बनाने वाली सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने वर्ष 2022 सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 52 करोड़ रुपए से अधिक का चंदा दिया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अप्रैल 2021 में ब्रिटिश नागरिक जेमी स्कॉट नाम के शख्स ने यह वैक्सीन लगवाई थी। इसके बाद उनकी हालत खराब हो गई। शरीर में खून के थक्के बनने का सीधा असर उनके दिमाग पर पड़ा। इसके अलावा स्कॉट के ब्रेन में इंटर्नल ब्लीडिंग भी हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टरों ने उनकी पत्नी से कहा था कि वो स्कॉट को नहीं बचा पाएंगे।
पिछले साल स्कॉट ने एस्ट्राजेनेका के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। मई 2023 में स्कॉट के आरोपों के जवाब में कंपनी ने दावा किया था कि उनकी वैक्सीन से TTS नहीं हो सकता है। हालांकि, इस साल फरवरी में हाईकोर्ट में जमा किए दस्तावेजों में कंपनी इस दावे से पलट गई। इन दस्तावेजों की जानकारी अब जाकर सामने आई है। वैक्सीन में किस चीज की वजह से यह बीमारी होती है, इसकी जानकारी फिलहाल कंपनी के पास नहीं है। दस्तावेजों के सामने आने के बाद स्कॉट के वकील ने कोर्ट में दावा किया है कि एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन में खामियां हैं और इसके असर को लेकर गलत/भ्रामक जानकारी दी गई।
वैज्ञानिकों ने सबसे पहले मार्च 2021 में एक नई बीमारी वैक्सीन-इंड्यूस्ड (वैक्सीन से होने वाली) इम्यून थ्रॉम्बोसिस थ्रॉम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम (VITT) की पहचान की थी। पीड़ितों से जुड़े वकील ने दावा किया है कि VITT असल में TTS का ही एक सबसेट है। हालांकि एस्ट्राजेनेका ने इसे खारिज कर दिया।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीका लगवाते हुए एक सख्श। (फाइल फोटो)
दवा कंपनी एस्ट्रजेनेका ने कहा है, ‘उन लोगों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं, जिन्होंने अपनों को खोया है या जिन्हें गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ा। मरीजों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हमारी रेगुलेटरी अथॉरिटी सभी दवाइयों और वैक्सीन के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए सभी मानकों का पालन करती है।’ कंपनी ने आगे कहा, ‘क्लिनिकल ट्रायल और अलग-अलग देशों के डेटा से यह साबित हुआ है कि हमारी वैक्सीन सुरक्षा से जुड़े मानकों को पूरा करती है। दुनियाभर के रेगुलेटर्स ने भी माना है कि वैक्सीन से होने वाले फायदे इसके दुर्लभ साइड इफेक्ट्स से कहीं ज्यादा हैं।’
सबसे अहम बात यह है कि एस्ट्रजेनेका की वैक्सीन का उपयोग अब ब्रिटेन में नहीं हो रहा है। टेलीग्राफ अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, बाजार में आने के कुछ महीनों बाद वैज्ञानिकों ने इस वैक्सीन के खतरे को भांप लिया था। इसके बाद यह सुझाव दिया गया था कि 40 साल से कम उम्र के लोगों को दूसरी किसी वैक्सीन का भी डोज दिया जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन से होने वाले नुकसान कोरोना के खतरे से ज्यादा थे।
बता दें कि, मेडिसिन हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी के मुताबिक ब्रिटेन में 81 मामले ऐसे हैं, जिनमें इस बात की आशंका है कि वैक्सीन की वजह से खून के थक्के जमने से लोगों की मौत हो गई। MHRA के मुताबिक, साइड इफेक्ट से जूझने वाले हर 5 में से एक व्यक्ति की मौत हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, फ्रीडम ऑफ इन्फॉर्मेशन के जरिए हासिल किए गए आंकड़ों के मुताबिक ब्रिटेन में फरवरी में 163 लोगों को सरकार ने मुआवजा दिया था। इनमें से 158 ऐसे थे, जिन्होंने एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन लगवाई थी। वैक्सीन कंपनी की ओर से यह दावा किया गया है कि उन्होंने अप्रैल 2021 में ही प्रोडक्ट इन्फॉर्मेशन में कुछ मामलों में TTS के खतरे की बात शामिल की थी।
राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह।
* राज्यसभा सांसद और कांग्रेस प्रत्याशी सिंह ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आरोपों पर किया पलटवार
* एक्स पर लिखा जनता की उपेक्षा ने चुनाव लड़ने मजबूर किया
* शाह को झूठ बोलने के संस्कार उनके गुरू नरेन्द्र मोदी ने दिये
भोपाल।(www.radarnews.in) केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आरोपों पर राजगढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने पलटवार किया है। शाह के जनाजे वाले बयान पर उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर भावनात्मक पोस्ट लिखते हुए कहा कि, “मेरे गृह क्षेत्र की जनता की उपेक्षा ने मुझे यह चुनाव लड़ने के लिए मजबूर किया। मैं आखिरी दम तक आपके बीच आपकी लड़ाई लड़ता रहूंगा, आप चाहे मुझे कंधे पर उठाएं या सिर आंखों पर बिठाएं, अब आपकी मर्जी है लेकिन मैं सदैव आप का था और आपका रहूंगा।”
दिग्विजय ने कहा है कि, अमित शाह ने खिलचीपुर की आमसभा में 17 बार मेरा नाम लिया। यह उनका मेरे प्रति जो अपार प्रेम है वह दर्शाता है। मैं उनका आभारी हूँ। मुझ पर अमित शाह की इतनी कृपा रही और उनका मेरे प्रति इतना प्रेम है कि वो आए और मेरा जनाजा निकालने की बात कह गए, यानि मेरी अर्थो बीजेपी के नेता निकालना चाहते हैं। और क्यों? क्योंकि मैं आप सबकी चिंता करता हूँ, मैं चाहता तो मना कर देता कि चुनाव नहीं लडूंगा, लेकिन गृह नगर की जनता ने मुझे चुनाव लड़ने को कहा है। मैं अमित शाह का आभारी हूं, लेकिन जो झूठ बोलने के संस्कार उनके गुरू नरेंद्र मोदी ने उन्हें दिये हैं, वह उनके भाषण में नजर आये। एक्स पर दिग्विजय ने अमित शाह के इन झूठों का जिक्र किया है। साथ ही इन सभी झूठों पर तथ्य भी रखा है।
बता दें कि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को राजगढ़ लोकसभा सीट के अंतर्गत खिलचीपुर क़स्बा में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर जमकर हमला बोला था। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने दिग्विजय पर अशोभनीय और अमर्यादित टिप्पणी करते हुए कहा था कि “आशिक का जनाजा है, जरा धूम से निकले।”
अमित शाह के भाषण के ये झूठ और सही तथ्य
दिग्विजय सिंह की सलाह से राहुल गांधी ने घोषणा पत्र में मुस्लिम पर्सनल लॉ डाला।
तथ्य- कांग्रेस के घोषणा पत्र में कोई मुस्लिम पर्सनल लॉ नहीं है।
दिग्विजय ने भगवा आतंकवाद कहा।
तथ्य- मैनें कभी भगवा आतंकवाद शब्द का प्रयोग नहीं किया।
दिग्विजय सिंह ने अफजल गुरु की फांसी का विरोध किया।
तथ्य- मैनें अफजल गुरु की फांसी को जल्द करवाने के लिए पत्र लिखा था।
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के मझगवां में स्थित एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खदान। (फाइल फोटो)
* विश्व में पहली बार हीरे की खदान पर किया गया ड्रोन आधारित डेटा चुंबकीय अधिग्रहण का कार्य
* सर्वेक्षण से अनोखी भूगर्भीय जानकारी मिलने की है संभावना
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) एनएमडीसी, भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय की एक उद्यम है। यह भारत में लौह अयस्क और हीरे का सबसे बड़ा उत्पादक है, जो कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में कई खदानों का संचालन करता है। एनएमडीसी एकमात्र मशीनीकृत हीरा खदान का संचालन कर रहा है। NMDC भारत में ड्रोन आधारित खनिज अन्वेषण शुरू करने वाली भारत की एशिया में पहली कंपनी है। यह 400 से 2500 की बैंडविड्थ के लिडे के साथ जुड़े हाइपरस्पेक्ट्रल सेंसर के अंतर्गत अनुकूलित ऑक्टाकॉप्टर ड्रोन का उपयोग कर रही है जो भारत में अद्वितीय है और अन्वेषण के लिए जियोमेट्रिक्स मैग्नेटोमीटर का उपयोग करती है।
समाज हित के लिए होगा अतुलनीय योगदान
ड्रोन का प्रतीकात्मक चित्र।
एनएमडीसी के संस्करण 2.0 विकास योजनाओं के तहत डिजिटल परिवर्तन को हमेशा प्रोत्साहित करने वाले एनएमडीसी प्रबंधन के सहयोग से आज एनएमडीसी के भू-वैज्ञानिकों की टीम ने मध्य प्रदेश राज्य के पन्ना जिले में मझगवां डायमंडीफेरस किम्बरलाइट खदान पर ड्रोन आधारित चुंबकीय डेटा संग्रह कर हासिल किया। दुनिया में पहली बार ड्रोन आधारित डेटा चुंबकीय अधिग्रहण का कार्य हीरे की खदान पर किया गया है। जिसके सर्वेक्षण से अनोखी भूगर्भीय जानकारी मिलने की संभावना है। आशा ही नहीं पूरा विश्वास है कि मिलने वाली जानकारी का समाज के हित के लिए एक अतुलनीय योगदान होगा।
खजुराहो संसदीय क्षेत्र अंतर्गत पन्ना जिले के एक मतदान केन्द्र पर लोकसभा चुनाव में अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए कतारबद्ध खड़े मतदाता। (फाइल फोटो)
* खजुराहो संसदीय क्षेत्र के 11 लाख 37 हजार 867 मतदाताओं ने किया मताधिकार का उपयोग
* पवई में सर्वाधिक एवं चंदला विधानसभा में सबसे कम मतदान
पन्ना। लोकसभा निर्वाचन अंतर्गत गत 26 अप्रैल को संपन्न हुए मतदान में खजुराहो संसदीय क्षेत्र अंतर्गत कुल 56.97 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पुरूष मतदाताओं के मतदान का प्रतिशत 59.68, महिला मतदाताओं के मतदान का प्रतिशत 53.97 और अन्य मतदाताओं के मतदान का प्रतिशत 38.24 दर्ज किया गया। लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत 19 लाख 97 हजार 483 मतदाताओं में से 11 लाख 37 हजार 867 मतदाताओं ने मताधिकार का उपयोग किया। इनमें 6 लाख 25 हजार 241 पुरूष मतदाता, 5 लाख 12 हजार 613 महिला मतदाता और 13 अन्य मतदाता शामिल हैं।
विधानसभावार मतदान प्रतिशत
खजुराहो लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत पवई विधानसभा में सर्वाधिक 60.59 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि सबसे कम वोटिंग 50.15 प्रतिशत चंदला विधानसभा में दर्ज की गई। राजनगर विधानसभा में 57.44 प्रतिशत, गुनौर विधानसभा में 59.73 प्रतिशत, पन्ना विधानसभा में 58.70 प्रतिशत, विजयराघवगढ़ विधानसभा में 56.41 प्रतिशत, मुड़वारा विधानसभा में 54.64 प्रतिशत और बहोरीबंद विधानसभा में 57.35 प्रतिशत मतदान हुआ। पन्ना जिले में मतदान का प्रतिशत 59.71 दर्ज किया गया। जिले में 7 लाख 72 हजार 382 मतदाताओं में से 4 लाख 61 हजार 178 मतदाताओं ने मतदान किया।
डाक मतपत्र से 2 हजार 733 मतदाताओं ने किया मतदान
लोकसभा निर्वाचन अंतर्गत 26 अप्रैल को मतदान दिवस से पहले खजुराहो संसदीय निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत सभी 8 विधानसभा क्षेत्र में 2 हजार 733 मतदाताओं ने डाक मतपत्र से मतदान किया है। खजुराहो लोकसभा में 1899 बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं ने डाक मतपत्र के जरिए घर से मतदान किया, जबकि 25 अति आवश्यक सेवा श्रेणी के मतदाता एवं पत्रकारों ने पीवीसी में वोट डाला। इसी तरह 809 मतदाताओं द्वारा सुविधा केन्द्र पहुंचकर डाक मतपत्र से मतदान किया गया। इसके अलावा 1053 सर्विस वोटर्स को ईटीपीबीएस के माध्यम से जारी डाक मतपत्र में से अब तक 102 प्राप्त हो चुके हैं। मतगणना दिवस पर 4 जून को सुबह 8 बजे के पहले तक प्राप्त ईटीपीबीएस को मतगणना में शामिल किया जाएगा।
मतदान दलों ने जमा कराई सामग्री
लोकसभा आम निर्वाचन का मतदान संपन्न कराने के बाद मतदान दलों ने वापस लौटकर मतदान सामग्री जमा कराई।
जिले में शुक्रवार को तीन विधानसभा अंतर्गत 901 मतदान केन्द्रों पर लोकसभा आम निर्वाचन का मतदान संपन्न होने के बाद मतदान दलों के वापस पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ। देर रात्रि तक सभी विधानसभा के मतदान दलों ने मतदान सामग्री वापसी स्थल शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय पन्ना में आमद दर्ज कराई। यहां विधानसभावार टेबल पर मास्टर ट्रेनर्स द्वारा पीठासीन अधिकारी की डायरी और मतपत्र लेखा की जांच की गई। इसके उपरांत मतदान दल द्वारा निर्धारित काउन्टर पर सामग्री जमा कराई गई।
ईव्हीएम व वीवीपैट मशीनें स्ट्रांग रूम में बंद
ईव्हीएम और व्हीव्हीपैट मशीनों को पन्ना के शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में स्थित विधानसभावार बने स्ट्रॉग रूम में सुरक्षित रखा गया।
खजुराहो संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में कल शुक्रवार, 26 अप्रैल को हुए मतदान में इस्तेमाल की गई ईव्हीएम और व्हीव्हीपैट मशीनों को शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय पन्ना स्थित विधानसभावार बने स्ट्रॉग रूम में सुरक्षित रख दिया गया है। मतदान सामग्री की वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्ट्रॉग रूम को निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक तथा उम्मीदवारों एवं राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों की मौजूदगी में सील किया गया। इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेश कुमार, पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण एस थोटा, संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में शामिल विधानसभा क्षेत्र के सहायक रिटर्निंग अधिकारी भी मौजूद थे। स्ट्रॉग रूम को निर्वाचन आयोग के प्रेक्षकों, उम्मीदवारों, राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों की मौजूदगी में 4 जून को मतगणना प्रारंभ होने के पहले खोला जायेगा। स्ट्रॉग रूम को सील करने के बाद इसके चारों ओर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जगह-जगह लगे सीसीटीव्ही कैमरे से भी स्ट्रांगरूम की निगरानी की जा रही है। मशीनों को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखने के बाद सभी मतदान केन्द्रों के अभिलेखों की संवीक्षा भी की गई। इस मौके पर अभ्यर्थी एवं उनके प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
कटनी एवं छतरपुर जिले के डाक मतपत्र कोषालय में जमा
मतदान संपन्न होने के उपरांत खजुराहो संसदीय क्षेत्र के कटनी जिले की तीन विधानसभा एवं छतरपुर जिले की दो विधानसभा के पोस्टल बैलेट जिला कोषालय पन्ना में भण्डारित किए गए।
लोकसभा निर्वाचन अंतर्गत 26 अप्रैल को मतदान संपन्न होने के उपरांत मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के निर्देशानुसार खजुराहो संसदीय क्षेत्र के कटनी जिले की तीन विधानसभा एवं छतरपुर जिले की दो विधानसभा के पोस्टल बैलेट जिला कोषालय में भण्डारित किए गए। आज संबंधित जिलों से सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा के बीच डाक मतपत्र के बॉक्स को जिला कोषालय पन्ना में जमा कराया गया। इन्हें मतगणना के एक दिवस पूर्व मतगणना स्थल पर बनाए गए डाक मतपत्र के स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखवाया जाएगा। 4 जून को कटनी एवं छतरपुर जिले के डाक मतपत्र की गणना पन्ना जिला मुख्यालय पर ही की जाएगी, जबकि ईव्हीएम के मतों की गणना संबंधित जिला मुख्यालय पर होगी। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व संजय कुमार नागवंशी सहित डिप्टी कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी डाक मतपत्र समीक्षा जैन, सहायक कोषालय अधिकारी रामप्रताप प्रजापति भी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए जताया आभार
पन्ना जिले के नवागत कलेक्टर सुरेश कुमार।
लोकसभा निर्वाचन 2024 के लिए खजुराहो संसदीय क्षेत्र के पन्ना जिले में निर्विघ्न और शांतिपूर्ण मतदान सम्पन्न होने पर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर सुरेश कुमार ने मतदाताओं, नागरिकों, चुनाव ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों तथा सुरक्षाकर्मियों का आभार जताया है। कलेक्टर श्री कुमार ने समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों तथा राजनैतिक दलों एवं अभ्यर्थियों से मिले सहयोग के लिए भी उनका आभार माना है।