* दोपहर 1 बजे तक बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से बनाए रखने के निर्देश
* महिला एवं बाल विकास विभाग की असंवेदनशीलता को लेकर अभिभावकों में आक्रोश
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) पिछले कुछ दिनों से पूरा देश आग उगलती प्रचंड गर्मी में झुलस रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आग बरसाती गर्मी में तापमान पिछले सारे रिकार्ड तोड़ते हुए 52 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मध्य प्रदेश भी भट्टी की तरह तप रहा है। सूरज की तपिश अब जान लेने को उतारू लगती है। प्रचंड गर्मी और लू के प्रकोप के बावजूद प्रदेश में आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हो रहे हैं। एमपी के पन्ना जिले में तो आंगनवाड़ी केन्द्रों पर दर्ज 3-6 वर्ष के मासूम बच्चों की 80 प्रतिशत उपस्थिति सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक अनिवार्य रूप से बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब भीषण गर्मी को देखते हुए कई राज्यों ने स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी है। कहर बरपाती गर्मी के कारण अधिकांश स्थानों पर लोग सुबह 8 बजे के बाद अपने घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है। ऐसे में आंगनवाड़ी केन्द्र पर 80 फीसदी बच्चों की उपस्थिति दोपहर 1 बजे तक अनिवार्य रूप से बनाए रखने संबंधी महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशों को नौनिहालों के स्वास्थ्य और जीवन के साथ खिलवाड़ के तौर पर देखा जा रहा है। परिणामस्वरूप, अभिभावकों में महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसरों की असंवेदनशीलता को लेकर गहरी नाराजगी व्याप्त है।
वर्तमान में पन्ना जिले में जन अभियान परिषद के द्वारा चिन्हित आंगनवाड़ी केंद्रों का सतत भ्रमण किया जा रहा है। बेहाल करने वाली प्रचंड गर्मी को लेकर बेपरवाह महिला एवं बाल विकास विभाग के अदूरदर्शी अफसरों ने भ्रमण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों के सुचारु संचालन की ऑल इज वेल वाली तस्वीर दिखाने के चक्कर में अव्यवहारिक निर्देश जारी करके आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं की मुश्किलें और अभिभावकों की नाराजगी बढ़ा दी है। बता दें कि, महिला एवं बाल विकास विभाग पन्ना के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सभी परियोजना अधिकारी और सुपरवाइजरों को निर्देश जारी कर कहा है कि, जन अभियान परिषद के द्वारा जिन आंगनवाड़ी केंद्रों को भ्रमण के लिए चुना गया है उनमें सभी व्यवस्थायें सुचारू रूप से संचालित होनी चाहिए।
मसलन, सुबह 8:50 पर आंगनवाड़ी खुलने के साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका अनिवार्य रूप से उपस्थित होनी चाहिए। केन्द्र पर दर्ज 3-6 वर्ष के बच्चों में से 80 प्रतिशत बच्चे प्रातः 9 बजे उपस्थित हो। प्रातः 10 बजे बच्चों को नाश्ता प्रदान किया जाए। दोपहर 12 बजे तक अनौपचारिक शिक्षा की गतिविधियां आयोजित की जाएं। तदुपरांत बच्चों को भोजन प्रदान किया जाए। सोशल मीडिया पर जारी निर्देशों में कहा गया है कि आंगनवाड़ी केंद्र दोपहर 1 बजे तक अनिवार्य रूप से बच्चों की उपस्थिति रहनी चाहिए। भ्रमण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों की बदहाली को छिपाकर वाहवाही बटोरने की मंशा से जारी किए गए उक्त निर्देशों को बच्चों के जीवन को गंभीर संकट में डालने वाले फरमान के तौर पर देखा जा रहा है।
पुराने टाइम टेबल के अनुसार आंगनवाड़ी का संचालन
पन्ना जिले में पिछले कुछ दिनों से तापमान 44-46 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने के कारण झुलसा देने वाली गर्मी पड़ रही है। सुबह 8 बजे के बाद से ही आसमान से आग बरसने लगती है। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से लोगों के बीमार पड़ने की ख़बरों के बाद भी जिले में आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। इनके टाइम टेबल में अब तक न तो किसी तरह का कोई बदलाव किया गया और ना ही आंगनवाड़ी के लिए स्कूलों की तर्ज पर ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया है। सबसे ज्यादा हैरानी की बात तो यह है कि, मौसम जानलेवा होने के बाद भी आंगनवाड़ी केंद्रों पर सुबह 9 बजे दोपहर 1 बजे तक 80 फीसदी बच्चों की उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया है। आंगनवाड़ी के मासूम बच्चों की जीवन सुरक्षा को लेकर हद दर्जे की बेपरवाही और बेतुके निर्देशों से जिम्मेदारों की असंवेदनशीलता का पता चलता है।
भीषण गर्मी में आंगनवाड़ी आने-जाने पर पड़ सकते हैं बीमार






पन्ना जिले से गुजरने वाले दो नेशनल हाइवे को जोड़ने वाला सकरिया-डिघौरा मार्ग मुख्य जिला मार्ग (MP-MDR-18-08) है। हैरानी की बात है कि इतने महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण में बुनियादी स्तर से ही बड़े पैमाने पर खुलेआम अनियमितता की जा रही है। ठेकेदार द्वारा स्वीकृत कराए गए प्राकक्लन (स्टीमेट) के तहत निर्धारित मापदंड अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है। परिवहन व्यय सीमित रखने के मकसद से ठेकेदार ने आसपास के खेतों की कम गुणवत्ता वाली मिट्टी का उपयोग अर्थवर्क में किया है। मार्ग पर ट्रैफिक के दबाव को ध्यान में रखकर मिट्टी के स्थरीकरण (मजबूती) के लिए आवश्यकतानुसार ठोस उपाए ईमानदारी से नहीं किए गए। अर्थवर्क के दौरान सड़क के इनिशियल लेवल में गड़बड़ी करते हुए पुराने मटेरियल को अलग करने के बजाए क्रश करके उसी को उपयोग में ले लिया। कुछ इसी तर्ज़ पर मोटी रक़म बचाने के चक्कर में डब्ल्यूएमएम और सीआरएम की परतों में भी अमानक सामग्री का उपयोग किया है। सीआरएम की 15 से 20 सेंटीमीटर की परत में 5-7 सेंटीमीटर मिक्स मटेरियल की चोरी करने के लिए लाइम स्टोन खदानों के अनुपयोगी मटेरियल (ओवर वर्डन) को डाला गया। लोक निर्माण संभाग पन्ना के प्रभारी कार्यपालन यंत्री की मूक सहमति से सड़क निर्माण में गुणवत्ता के मापदंडों की धज्जियां उड़ाने का धतकरम रात के अंधेरे किया जा रहा है। पिछले एक माह से लगातार रात के अंधेरे सकरिया मार्ग पर चचरा (ओवर वर्डन) बिछाने के बाद तुरंत रोलर चलवा दिया जाता है, ताकि सुबह किसी को कुछ समझ में न आए।



संचालनालय पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय मध्यप्रदेश शासन भोपाल के तत्वाधान में विश्व संग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य पर शनिवार 18 मई को जिला पुरातत्व संग्रहालय हिन्दूपत महल पन्ना में छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई। राज्य स्तरीय स्मारकों पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी उद्घाटन कैलाश सोनी, पूर्व योजना अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पन्ना ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना के कार्यालय प्रमुख अनूपब्रम्ह भट्ट, सेवानिवृत्त शिक्षक कुंजबिहारी शर्मा, पूर्व पार्षद योगेन्द्र सिंह परमार, कवि सुरेश सौरभ उपस्थित रहे। 18 मई से शुरू होकर 24 मई तक चलने वाली छायाचित्र प्रदर्शनी के पहले दिन लोगों का प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रहा। राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में शिवपुरी, टीकमगढ़, ओरछा, रायसेन, सांची, उज्जैन, भोजपुर, ग्वालियर, भोपाल, खरगौन, छतरपुर आदि स्थानों के भव्य प्राचीन स्मारकों की बोलती हुई तस्वीरें लगाई गई हैं। इनमें मुख्य रूप से प्राचीन मंदिरों, किलों, मकबरों, हवेली, छतरियां, राजमहल के खूबसूरत छायाचित्र शामिल हैं।
छायाचित्र प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि श्री सोनी ने कहा कि ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत को समेटे खूबसूरत स्मारकों के चित्रों में झलकती उनकी वास्तुकला मन मोहने वाली है। इन चित्रों के माध्यम से लोगों को प्राचीन भारत के समृद्ध और गौरवशाली इतिहास से परिचित होने का अवसर मिलेगा। प्रदर्शनी में अनेक स्मारकों के संरक्षण हेतु कराए गए कार्यों को भी छायाचित्रों के जरिए सुंदर तरीके से प्रदर्शित किया है। स्मारक की जर्जर स्थिति वाले चित्र के ही बगल में संरक्षण कार्य उपरांत उनका वैभव जीवंत होने का छायाचित्र लगाया गया है, ताकि धरोहर को सहेजने के लिए लगातार किये जा रहे गंभीर प्रयासों के बारे में लोग जान सकें।
जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना के कार्यालय प्रमुख अनूपब्रम्ह भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य स्तरीय स्मारकों पर केंद्रित छायाचित्र प्रदर्शनी का भारतीय पर्यटक सिर्फ 20 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क पर शुक्रवार 24 मई तक प्रातः 10 बजे से लेकर सायंकाल 5 बजे तक अवलोकन कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि, छायाचित्र प्रदर्शनी के उद्घाटन कार्यक्रम में जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना के सभी कर्मचारियों एवं सिक्योरिटी गार्ड मुख्य रूप से रमदमन सिंह, अरूण प्रताप बागरी, राजेन्द्र कुमार विश्वकर्मा, कामता प्रसाद रैकवार, आदित्य विश्वकर्मा, कमल वियोगी, धर्मेन्द्र साहू विशेष सहयोग रहा।










