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MP : आग उगलती गर्मी में आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन, मासूम बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़

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फाइल फोटो।

*    दोपहर 1 बजे तक बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से बनाए रखने के निर्देश

*     महिला एवं बाल विकास विभाग की असंवेदनशीलता को लेकर अभिभावकों में आक्रोश

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) पिछले कुछ दिनों से पूरा देश आग उगलती प्रचंड गर्मी में झुलस रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आग बरसाती गर्मी में तापमान पिछले सारे रिकार्ड तोड़ते हुए 52 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मध्य प्रदेश भी भट्टी की तरह तप रहा है। सूरज की तपिश अब जान लेने को उतारू लगती है। प्रचंड गर्मी और लू के प्रकोप के बावजूद प्रदेश में आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हो रहे हैं। एमपी के पन्ना जिले में तो आंगनवाड़ी केन्द्रों पर दर्ज 3-6 वर्ष के मासूम बच्चों की 80 प्रतिशत उपस्थिति सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक अनिवार्य रूप से बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब भीषण गर्मी को देखते हुए कई राज्यों ने स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी है। कहर बरपाती गर्मी के कारण अधिकांश स्थानों पर लोग सुबह 8 बजे के बाद अपने घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है। ऐसे में आंगनवाड़ी केन्द्र पर 80 फीसदी बच्चों की उपस्थिति दोपहर 1 बजे तक अनिवार्य रूप से बनाए रखने संबंधी महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशों को नौनिहालों के स्वास्थ्य और जीवन के साथ खिलवाड़ के तौर पर देखा जा रहा है। परिणामस्वरूप, अभिभावकों में महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसरों की असंवेदनशीलता को लेकर गहरी नाराजगी व्याप्त है।
वर्तमान में पन्ना जिले में जन अभियान परिषद के द्वारा चिन्हित आंगनवाड़ी केंद्रों का सतत भ्रमण किया जा रहा है। बेहाल करने वाली प्रचंड गर्मी को लेकर बेपरवाह महिला एवं बाल विकास विभाग के अदूरदर्शी अफसरों ने भ्रमण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों के सुचारु संचालन की ऑल इज वेल वाली तस्वीर दिखाने के चक्कर में अव्यवहारिक निर्देश जारी करके आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं की मुश्किलें और अभिभावकों की नाराजगी बढ़ा दी है। बता दें कि, महिला एवं बाल विकास विभाग पन्ना के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सभी परियोजना अधिकारी और सुपरवाइजरों को निर्देश जारी कर कहा है कि, जन अभियान परिषद के द्वारा जिन आंगनवाड़ी केंद्रों को भ्रमण के लिए चुना गया है उनमें सभी व्यवस्थायें सुचारू रूप से संचालित होनी चाहिए।
मसलन, सुबह 8:50 पर आंगनवाड़ी खुलने के साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका अनिवार्य रूप से उपस्थित होनी चाहिए। केन्द्र पर दर्ज 3-6 वर्ष के बच्चों में से 80 प्रतिशत बच्चे प्रातः 9 बजे उपस्थित हो। प्रातः 10 बजे बच्चों को नाश्ता प्रदान किया जाए। दोपहर 12 बजे तक अनौपचारिक शिक्षा की गतिविधियां आयोजित की जाएं। तदुपरांत बच्चों को भोजन प्रदान किया जाए। सोशल मीडिया पर जारी निर्देशों में कहा गया है कि आंगनवाड़ी केंद्र दोपहर 1 बजे तक अनिवार्य रूप से बच्चों की उपस्थिति रहनी चाहिए। भ्रमण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों की बदहाली को छिपाकर वाहवाही बटोरने की मंशा से जारी किए गए उक्त निर्देशों को बच्चों के जीवन को गंभीर संकट में डालने वाले फरमान के तौर पर देखा जा रहा है।

पुराने टाइम टेबल के अनुसार आंगनवाड़ी का संचालन

पन्ना जिले में पिछले कुछ दिनों से तापमान 44-46 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने के कारण झुलसा देने वाली गर्मी पड़ रही है। सुबह 8 बजे के बाद से ही आसमान से आग बरसने लगती है। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से लोगों के बीमार पड़ने की ख़बरों के बाद भी जिले में आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। इनके टाइम टेबल में अब तक न तो किसी तरह का कोई बदलाव किया गया और ना ही आंगनवाड़ी के लिए स्कूलों की तर्ज पर ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया है। सबसे ज्यादा हैरानी की बात तो यह है कि, मौसम जानलेवा होने के बाद भी आंगनवाड़ी केंद्रों पर सुबह 9 बजे दोपहर 1 बजे तक 80 फीसदी बच्चों की उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया है। आंगनवाड़ी के मासूम बच्चों की जीवन सुरक्षा को लेकर हद दर्जे की बेपरवाही और बेतुके निर्देशों से जिम्मेदारों की असंवेदनशीलता का पता चलता है।

भीषण गर्मी में आंगनवाड़ी आने-जाने पर पड़ सकते हैं बीमार

फाइल फोटो।
विदित हो कि, जिले के अधिकांश आंगनवाड़ी केंद्रों पर गर्मी से राहत के लिए पंखा-कूलर का भी इंतजाम नहीं है। इस कारण केंद्र पर बच्चों को 4 घंटे तक बेहाल करने वाली गर्मी में रहना पड़ता है। कुछ केंद्रों पर पंखा-कूलर उपलब्ध होने के बाद भी अभिभावक अपने नौनिहालों को आंगनवाड़ी भेजने को तैयार नहीं है। दरअसल, प्रचंड गर्मी में सुबह 9 बजे आंगनवाड़ी जाने तथा दोपहर 1 बजे वापस घर लौटने के दौरान मासूम बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका काफी बढ़ जाती है। ऐसे में अगर बच्चों को कुछ होता है तो फिर उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा ? शासन-प्रशासन को चाहिए कि प्रतिकूल मौसम को देखते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों के टाइम टेबल में या तो अविलंब बदलाव या फिर आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए भी ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया जाए।

इनका कहना है –

‘प्रचंड गर्मी को देखते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए जल्द ही नया टाइम टेबल जारी किया जाएगा। इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही प्रचलन में है। आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित करने का निर्णय शासन स्तर पर लिया जाता है। कोरोनाकाल में अवकाश घोषित कर बच्चों को उनके घरों पर नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराया गया था।’

ऊदल सिंह ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग जिला पन्ना।

‘वर्तमान में पड़ रही अत्याधिक गर्मी से आंगनवाड़ी के बच्चों के बचाव हेतु जिला जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग से चर्चा कर उचित निर्णय लिया जाएगा। मासूम बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह संवेदनशील है।’
सुरेश कुमार, कलेक्टर जिला पन्ना, मध्य प्रदेश।

पार्ट-1 : 40 करोड़ की सड़क में गुणवत्ता के मापदंड बने मज़ाक, रात के अंधेरे में घटिया मटेरियल डालकर चलवा रहे रोलर

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सीआरएम की लेयर में मिक्स मटेरियल की चोरी करते हुए रात में चचरा (अनुपयोगी मटेरियल) डालकर तुरंत रोड रोलर चलवा दिया गया।

 

*     पन्ना जिले में निर्माणाधीन सकरिया-गुनौर से NH- 943 तक CRF सड़क का मामला

*     PWD के तकनीकी अधिकारियों की सांठगांठ के चलते सड़क की गुणवत्ता से समझौता

*      निरीक्षण के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करने आते है अधीक्षण यंत्री और मुख्य अभियंता

शादिक खान, पन्ना। (wwwradarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में केन्द्रीय सड़क निधि योजना (CRF) अंतर्गत लगभग 40 करोड़ की लागत से NH-39 से सकरिया-गुनौर-डिघौरा होते हुए NH- 943 तक निर्माणाधीन मार्ग में बड़े पैमाने पर लीपापोती की जा रही है। लोक निर्माण संभाग पन्ना के तकनीकी अधिकारियों और ठेकेदार के बीच सांठगांठ के चलते सड़क निर्माण में गुणवत्ता के मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए अर्थवर्क से लेकर सीआरएम तक परत दर परत बड़े पैमाने पर भष्टाचार किया जा रहा है। सीआरएम की परत में निर्धारित मापदंड अनुसार मिक्स मटेरियल न डालकर खदानों का ओवर वर्डन (अनुपयोगी सामग्री) बिछाकर तुरंत रोलर चलवा दिया जाता है। सड़क की गुणवत्ता से समझौते का यह खेल बड़ी ही चालकी के साथ रात के अंधेरे में खेला जा रहा है, ताकि सीआरएम में की जाने वाली चोरी का किसी को पता न चल सके। लेकिन रडार न्यूज़ के पास मौजूद वीडियो सड़क निर्माण में चल रही धांधली की पोल खोल रहे हैं।
विधानसभा चुनाव के समय सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी की ओर से डबल इंजन की सरकार में विकास की रफ़्तार बढ़ने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे। मगर, अभी तक विकास की गति में कोई ख़ास अंतर तो नहीं आया, इसके उलट सूबे में भ्रष्टाचार अवश्य ही नित नए रिकार्ड बना रहा है। ‘शिव राज’ की तर्ज पर डॉ. मोहन यादव की सरकार में भी अफसरशाही और भष्टाचार चौतरफा हावी है। प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े ओहदों पर बैठे अफसर सिर्फ उन्हीं मामलों को संज्ञान ले रहे हैं जिनमें सरकार की तरफ से उन्हें निर्देश मिलते हैं। आमजन की ओर से सौंपे जाने वाले आवेदन तथा मीडिया के द्वारा उठाए जाने वाले जनहित से जुड़े मुद्दों पर अफसरों को अब अपनी जिम्मेदारी का बिल्कुल भी एहसास नहीं होता। निराशा और उदासीनता से भरे इस माहौल में अराजकता को बढ़ावा मिल रहा है। ‘मोहन राज’ में सूबे के भ्रष्ट अफसर कितने बेख़ौफ़ है इसका सहज अंदाजा पन्ना जिले में केन्द्रीय सड़क निधि योजना (CRF) अंतर्गत NH-39 से सकरिया-गुनौर से डिघौरा होते हुए NH- 943 तक निर्माणाधीन मार्ग में बड़े पैमाने पर चल रही गड़बड़ी से लगाया जा सकता है। 29 किलोमीटर लंबी और लगभग 40 करोड़ की लागत वाली इस सड़क का निर्माण कार्य ठेकेदार रविशंकर जायसवाल जबलपुर के द्वारा कराया जा रहा है।

अर्थवर्क से लेकर CRM तक गड़बड़ी

पन्ना जिले से गुजरने वाले दो नेशनल हाइवे को जोड़ने वाला सकरिया-डिघौरा मार्ग मुख्य जिला मार्ग (MP-MDR-18-08) है। हैरानी की बात है कि इतने महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण में बुनियादी स्तर से ही बड़े पैमाने पर खुलेआम अनियमितता की जा रही है। ठेकेदार द्वारा स्वीकृत कराए गए प्राकक्लन (स्टीमेट) के तहत निर्धारित मापदंड अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है। परिवहन व्यय सीमित रखने के मकसद से ठेकेदार ने आसपास के खेतों की कम गुणवत्ता वाली मिट्टी का उपयोग अर्थवर्क में किया है। मार्ग पर ट्रैफिक के दबाव को ध्यान में रखकर मिट्टी के स्थरीकरण (मजबूती) के लिए आवश्यकतानुसार ठोस उपाए ईमानदारी से नहीं किए गए। अर्थवर्क के दौरान सड़क के इनिशियल लेवल में गड़बड़ी करते हुए पुराने मटेरियल को अलग करने के बजाए क्रश करके उसी को उपयोग में ले लिया। कुछ इसी तर्ज़ पर मोटी रक़म बचाने के चक्कर में डब्ल्यूएमएम और सीआरएम की परतों में भी अमानक सामग्री का उपयोग किया है। सीआरएम की 15 से 20 सेंटीमीटर की परत में 5-7 सेंटीमीटर मिक्स मटेरियल की चोरी करने के लिए लाइम स्टोन खदानों के अनुपयोगी मटेरियल (ओवर वर्डन) को डाला गया। लोक निर्माण संभाग पन्ना के प्रभारी कार्यपालन यंत्री की मूक सहमति से सड़क निर्माण में गुणवत्ता के मापदंडों की धज्जियां उड़ाने का धतकरम रात के अंधेरे किया जा रहा है। पिछले एक माह से लगातार रात के अंधेरे सकरिया मार्ग पर चचरा (ओवर वर्डन) बिछाने के बाद तुरंत रोलर चलवा दिया जाता है, ताकि सुबह किसी को कुछ समझ में न आए।

हाथ लगाने से निकल रहा पुलियों का कंक्रीट

सीआरएफ योजना अंतर्गत निर्माणाधीन सकरिया-गुनौर-डिघौरा की पुलियों में सिर्फ हाथ लगाने से उखड़ रहा कंक्रीट मटेरियल।
मालूम हो कि, 29 किलोमीटर लम्बाई वाले सकरिया-डिघौरा मार्ग में अभी तक विभिन्न प्रक्रार की 41 नग पुलियों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। इनमें एक पाइप वाली पुलिया (सिंगल-रो पाइप कल्वर्ट) 22, दो पाइप वाली पुलिया (डबल-रो पाइप कल्वर्ट) 16 और बॉक्स कल्वर्ट- 3 नग शामिल हैं। नवनिर्मित पुलियों का हाल यह है कि उनकी फेसबॉल का कंक्रीट हाथ लगाने भर से उखड़ रहा है। गत दिनों रडार न्यूज़ की टीम ने निर्माणाधीन सड़क का अवलोकन किया था। इस दौरान सड़क के साथ-साथ पुलियों के निर्माण में भी गंभीर अनियमितताएं देखने को मिलीं। अधिकांश पुलियों का निर्माण मापदंड अनुसार नहीं कराया गया। पुलियों में डाले गए कंक्रीट में रेत की जगह क्रेशर डस्ट का बड़ी मात्रा में उपयोग किया जा रहा है। भीषण गर्मी में पुलियों का निर्माण करने के बाद नियमित तौर पर अच्छी तरह से उनकी तराई नहीं की जा रही है। बॉक्स कल्वर्ट में अच्छी क्वॉलिटी का सरिया निर्धारित मापदंड अनुसार नहीं डाला गया। पुलियों की फेसबॉल की नींव में कंक्रीट मटेरियल की जगह बड़े-बड़े पत्थर भरे हैं। आश्चर्य की बात है कि, लोक निर्माण संभाग पन्ना के जिम्मेदार तकनीकी अधिकारी इन सब धांधलियों पर आंखें मूंदकर बैठे हैं।

क्वॉलिटी कंट्रोल करने वालों कंट्रोल ठेकेदार की जेब में

कार्यालय कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग संभाग पन्ना। (फाइल फोटो)
सकरिया-गुनौर-डिघौरा मार्ग निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर चल रहे भ्रष्टाचार के मद्देनज़र यह सवाल प्रमुखता से उठ रहा है कि, गुणवत्ता नियंत्रण के नाम पर सड़क के निरीक्षण के लिए आने वाले लोनिवि के अधीक्षण यंत्री तथा मुख्य अभियंता आखिर करते क्या हैं? न तो कार्य की गुणवत्ता में किसी तरह का कोई सुधार आया है और ना ही ठेकेदार से लेकर स्थानीय तकनीकी अफसरों की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ कोई एक्शन लिया जा रहा है। इस रहस्य के संबंध में सूत्र बताते हैं कि, क्वॉलिटी कंट्रोल करने वाले अफसरों पर रसूखदार ठेकेदार ने स्थानीय अधिकारियों की मदद से अपने मनमाफिक कंट्रोल हांसिल कर लिया है। अब प्रभारी उपयंत्री से लेकर शीर्ष अधिकारी तक ठेकेदार की जेब में हैं। इसलिए ठेकेदार बिना किसी डर-भय के जमकर लीपापोती करने में जुटा है। वर्तमान में पन्ना डिवीजन में व्याप्त हद दर्ज़े की अंधेरगर्दी पर ‘अंधेरनगरी और चौपट राजा’ वाली कहावत सटीक बैठती है। दरअसल, विभाग की कमान जिन महाशय के हाथों में सौंपी गई है विभागीय ठेकेदार दबी जुबान उनको भ्रष्टाचार का महारथी बताते हैं।

इनका कहना है-

“सकरिया-डिघौरा सड़क निर्माण में गड़बड़ी से जुड़े आपके पास जो भी साक्ष्य उपलब्ध हैं उनको मुख्य अभियंता सागर को भेज दें। अगर कोई आवेदन हो तो उसे भी आप उनको जाकर दे सकतें। क्योंकि निर्माण कार्य का जांच प्रतिवेदन मैं उन्हीं से मांगूंगा। मैं भी उन्हें फोटो-वीडियो भेजकर कार्य का निरीक्षण करने के लिए बोलता हूं।”

–  आरके मेहरा, प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग, भोपाल म.प्र.।

नवयुवक का सड़क पर मिला शव, हत्या की आशंका; जांच में जुटी पुलिस

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फाइल फोटो।

*       पन्ना जिले के रैपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बिलपुरा मोड़ की घटना

पन्ना/रैपुरा। (www.radarnews.in) जिले के रैपुरा थाना अंतर्गत बिलपुरा मोड़ पर शनिवार-रविवार की रात एक अज्ञात नवयुवक का शव संदिग्ध हालत में मिलने से सनसनी फ़ैल गई। मृतक की पहचान गंभीर आदिवासी उर्फ गुड्डू पिता अर्जुन सिंह 25 वर्ष निवासी बीरमपुरा के रूप में हुई है। युवक के शरीर पर मौजूद गंभीर चोटों को देखते हुए बड़ी ही बेरहमी से उसकी हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने घटना पर मर्ग कायम कर प्रकरण को जांच में लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक के पिता अर्जुन आदिवासी ने रैपुरा थाना पुलिस को बताया है कि, गंभीर आदिवासी उर्फ गुड्डू शनिवार की शाम लगभग 6 बजे अपने साढू भाई के साथ घर पर था। उसने सबके साथ घर पर खाना खाया था। इसके बाद मैं, अपने बेटे और रिश्तेदार को घर पर ही छोड़कर फसल की रखवाली के लिए खेतों की तरफ निकल आया था। गुड्डू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद से कथित तौर पर उसका साढू भाई गायब बताया जा रहा है। जिससे घटना को लेकर संदेह गहरा गया है। मृतक का रिश्तेदार दमोह जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है।
रविवार 19 मई को रैपुरा की मोर्चरी में एमएल चौधरी ने आदिवासी युवक के शव का पोस्टमार्टम किया। उन्होंने बताया कि, मृतक गुड्डू की गर्दन, चेहरे और सिर के पीछे गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। उसका बायां कान कटा हुआ है। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए रैपुरा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर प्रकरण को जांच में लिया है। उल्लेखनीय है कि नवयुवक का शव जिस स्थान पर मिला था वहां समीप ही एक पत्थर भी पड़ा मिला है। जिससे आशंका जताई जा रही है कि अज्ञात हमलावर ने पत्थर से प्रहार कर निर्ममता पूर्वक हत्या की वारदात को अंजाम दिया है।
रैपुरा थाना प्रभारी मनोज कुमार यादव ने बताया कि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहन जांच कर रही है। मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रकरण की जांच उपरांत ही आधिकारिक तौर पर मौत के कारणों का पता चल पाएगा। उधर, गुड्डू आदिवासी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत को लेकर उसके गृह ग्राम बीरमपुरा समेत क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।

बोलती तस्वीरें : गौरवशाली अतीत की कहानी बयां कर रहे ऐतिहासिक स्मारकों के छायाचित्र

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विश्व सहग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य जिला पुरातत्व संग्रहालय हिन्दूपत महल पन्ना में लगाई गई प्राचीन स्मारकों की छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए मुख्य अतिथि कैलाश सोनी।

*    विश्व संग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य पर जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना में लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) विश्व संग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य पर आज जिला पुरातत्व संग्रहालय हिन्दूपत महल पन्ना में राज्य स्तरीय स्मारकों पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई। जिसमें मध्य प्रदेश के प्रमुख पुरातत्वीय स्मारकों के छायाचित्र प्रदर्शित किए गए। 24 मई तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में बेजोड़ स्थापत्य कला, उत्कृष्ट पाषाण शिल्प के एक से बढ़कर एक नायाब नमूने माने जाने वाले भव्य प्राचीन स्मारकों के छायाचित्र प्रदर्शित किए गए। ऐतिहासिक स्मारकों के छायाचित्र प्रदेश के विभिन्न जिलों के राजवंशों के प्रमाणित इतिहास, उनके योगदान के साथ-साथ प्राचीन भारत के समृद्ध और गौरवशाली अतीत की कहानी को बयां कर रहे हैं। छायाचित्र प्रदर्शनी प्राचीन इतिहास एवं कला में दिलचस्पी रखने वालों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनीं है।
संचालनालय पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय मध्यप्रदेश शासन भोपाल के तत्वाधान में विश्व संग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य पर शनिवार 18 मई को जिला पुरातत्व संग्रहालय हिन्दूपत महल पन्ना में छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई। राज्य स्तरीय स्मारकों पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी उद्घाटन कैलाश सोनी, पूर्व योजना अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पन्ना ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना के कार्यालय प्रमुख अनूपब्रम्ह भट्ट, सेवानिवृत्त शिक्षक कुंजबिहारी शर्मा, पूर्व पार्षद योगेन्द्र सिंह परमार, कवि सुरेश सौरभ उपस्थित रहे। 18 मई से शुरू होकर 24 मई तक चलने वाली छायाचित्र प्रदर्शनी के पहले दिन लोगों का प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रहा। राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में शिवपुरी, टीकमगढ़, ओरछा, रायसेन, सांची, उज्जैन, भोजपुर, ग्वालियर, भोपाल, खरगौन, छतरपुर आदि स्थानों के भव्य प्राचीन स्मारकों की बोलती हुई तस्वीरें लगाई गई हैं। इनमें मुख्य रूप से प्राचीन मंदिरों, किलों, मकबरों, हवेली, छतरियां, राजमहल के खूबसूरत छायाचित्र शामिल हैं।
छायाचित्र प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि श्री सोनी ने कहा कि ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत को समेटे खूबसूरत स्मारकों के चित्रों में झलकती उनकी वास्तुकला मन मोहने वाली है। इन चित्रों के माध्यम से लोगों को प्राचीन भारत के समृद्ध और गौरवशाली इतिहास से परिचित होने का अवसर मिलेगा। प्रदर्शनी में अनेक स्मारकों के संरक्षण हेतु कराए गए कार्यों को भी छायाचित्रों के जरिए सुंदर तरीके से प्रदर्शित किया है। स्मारक की जर्जर स्थिति वाले चित्र के ही बगल में संरक्षण कार्य उपरांत उनका वैभव जीवंत होने का छायाचित्र लगाया गया है, ताकि धरोहर को सहेजने के लिए लगातार किये जा रहे गंभीर प्रयासों के बारे में लोग जान सकें।
जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना के कार्यालय प्रमुख अनूपब्रम्ह भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य स्तरीय स्मारकों पर केंद्रित छायाचित्र प्रदर्शनी का भारतीय पर्यटक सिर्फ 20 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क पर शुक्रवार 24 मई तक प्रातः 10 बजे से लेकर सायंकाल 5 बजे तक अवलोकन कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि, छायाचित्र प्रदर्शनी के उद्घाटन कार्यक्रम में जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना के सभी कर्मचारियों एवं सिक्योरिटी गार्ड मुख्य रूप से रमदमन सिंह, अरूण प्रताप बागरी, राजेन्द्र कुमार विश्वकर्मा, कामता प्रसाद रैकवार, आदित्य विश्वकर्मा, कमल वियोगी, धर्मेन्द्र साहू विशेष सहयोग रहा।

CAA के तहत पहली बार पड़ोसी देशों के 14 शरणार्थियों को मिली नागरिकता

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*    केंद्रीय गृह सचिव ने एक समारोह में आवेदकों को सौंपे नागरिकता प्रमाणपत्र

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के नियमों की अधिसूचना जारी होने के बाद आज नई दिल्ली में पहली बार केन्द्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने एक समारोह में 14 शरणार्थियों को नागरिकता प्रमाणपत्र सौंपे। इस अवसर पर गृह सचिव ने आवेदकों को बधाई देते हुए नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 के प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला। इस मौके पर सचिव, डाक, निदेशक (आसूचना ब्यूरो) और भारत के रजिस्ट्रार जनरल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
भारत सरकार ने 11 मार्च, 2024 को नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 को अधिसूचित किया था। इन नियमों में आवेदन करने के तरीके, जिलास्तरीय समिति (DLC) द्वारा आवेदन को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया और राज्यस्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (EC) द्वारा आवेदनों की जांच और नागरिकता प्रदान करने की व्यवस्ता की गई है। इन नियमों के लागू होने के बाद, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदायों से संबंधित व्यक्तियों से आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो धार्मिक उत्पीड़न या इसके डर के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आ गए थे।
प्राधिकृत अधिकारियों के रूप में वरिष्ठ डाक अधीक्षकों/डाक अधीक्षकों की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समितियों (DLC) ने दस्तावेजों के सफल सत्यापन के बाद आवेदकों को निष्ठा की शपथ दिलाई है। नियमानुसार आवेदनों की प्रोसेसिंग के बाद, DLC ने आवेदनों को निदेशक (जनगणना संचालन) की अध्यक्षता वाली राज्यस्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (EC) को भेज दिया है। आवेदनों की प्रोसेसिंग पूर्णतः ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाती है। निदेशक (जनगणना संचालन), दिल्ली की अध्यक्षता में दिल्ली की अधिकार प्राप्त समिति ने उचित जांच के बाद 14 आवेदकों को नागरिकता देने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में, निदेशक (जनगणना संचालन) ने इन आवेदकों को प्रमाण पत्र प्रदान किये।

डीएलएड पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ

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प्रतीकात्मक चित्र।
भोपाल। मध्य प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान तथा अशासकीय महाविद्यालयों में डीएलएड पाठ्यक्रम में शिक्षण सत्र 2024-25 के लिये पंजीयन की प्रक्रिया 13 मई, 2024 से एम पी ऑनलाईन के माध्यम से शुरू कर दी गई है। उक्त संस्थानों में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थी राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल की वेबसाइट https://rsk.mponline.gov.in/ पर जाकर प्रवेश संबंधी समस्त जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद वे अपना ऑनलाइन पंजीयन कर सकते है। प्रथम चरण के पंजीयन की अंतिम तिथि 26 मई 2024 निर्धारित की गई है।

प्रधान जिला न्यायाधीश ने बंदियों की सुनीं समस्याएं, भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता की ली जानकारी

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पन्ना जिले की उप जेल पवई में बंदियों को प्रदान किए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता जांचते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश भावना साधौ।

*    उप जेल पवई का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का किया अवलोकन

पन्ना। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष भावना साधौ ने आज उप जेल पवई का आकस्मिक निरीक्षण कर जेल की विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। साथ ही बंदियों के भोजन व्यवस्था व गुणवत्ता का निरीक्षण कर स्वच्छता व हाइजीन के बारे में सूक्ष्म जानकारी ली। पुरूष एवं महिला बैरकों का निरीक्षण कर बंदियों की समस्याएं सुनीं और न्यायालय एवं प्राधिकरण द्वारा प्रदत्त की जाने वाली सेवाओं तथा जमानत व रिहाई के संबंध में जानकारी ली।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना भावना साधौ ने आज उप जेल पवई का आकस्मिक निरीक्षण किया।
प्रभारी जेल अधीक्षक को बंदियों के स्वास्थ्य के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। इस मौके पर जिला न्यायाधीश एवं प्राधिकरण के सचिव हरप्रसाद बंशकार, जिला न्यायाधीश पवई नवनीत कुमार वालिया, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनील अहिरवार, न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवराज सिंह गवली, जिला विधिक सहायता अधिकारी देवेन्द्र सिंह परस्ते भी उपस्थित रहे। उप जेल अधीक्षक मुनीन्द्र मिश्रा द्वारा बंदियों को प्रदान की गई जानकारी को अमल में लाने के लिए प्रेरित किया गया।

नेशनल लोक अदालत : 283 लंबित और 671 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण

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नेशनल लोक अदालत के दौरान जिला न्यायालय पन्ना में प्रकरणों के निराकरण की जानकारी प्राप्त करतीं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश भावना साधौ।

*    1 करोड़ 21 लाख रूपए से अधिक की अवार्ड राशि पारित

पन्ना। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को जिला न्यायालय पन्ना सहित पवई व अजयगढ़ में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष भावना साधौ द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश ने नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य अधिक से अधिक प्रकरण का निराकरण कर पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से मुक्त करवाने का प्रयास करने का आव्हान किया। नेशनल लोक अदालत में जिला न्यायालय समेत तहसील न्यायालयों की कुल 13 खण्डपीठों में 283 लंबित और 671 प्री-लिटिगेशन स्तर पर लंबित प्रकरणों का राजीनामा के जरिए निराकरण किया गया। दोनों ही तरह के प्रकरणों में 1 करोड़ 21 लाख रूपए से अधिक की समझौता अवार्ड राशि पारित की गई। नेशनल लोक अदालत में प्रकरण का निराकरण होने पर पक्षकारों को पौधे भेंट किए गए।

खण्डपीठवार राजीनामा से लंबित प्रकरण निराकृत

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पन्ना के सचिव व जिला न्यायाधीश हरप्रसाद बंशकार ने जानकारी दी कि नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के राजीनामा के माध्यम से निराकरण हेतु जिला न्यायालय पन्ना में 9 खण्डपीठ व तहसील न्यायालय पवई में 3 खण्डपीठ व तहसील न्यायालय अजयगढ़ में 1 खण्डपीठ का गठन किया गया था। जिसमें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश भावना साधौ की खण्डपीठ क्रमांक 1 में 5 पारिवारिक प्रकरणों, द्वितीय जिला न्यायाधीश अयाज मोहम्मद की खण्डपीठ क्रमांक 2 में 70 प्रकरणों, प्रथम जिला न्यायाधीश इन्द्रजीत रघुवंशी की खण्डपीठ क्रमांक 3 में 2 प्रकरणों, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनील अहिरवार की खण्डपीठ क्रमांक 4 में 37 प्रकरणों, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड शिवराज सिंह गवली की खण्डपीठ क्रमांक 5 में 21 प्रकरणों, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड मोहित बड़के की खण्डपीठ क्रमांक 6 में 26 प्रकरणों, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड निधि शाक्यवार की खण्डपीठ क्रमांक 7 में 20 प्रकरणों, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड इकरा मिनिहाज की खण्डपीठ क्रमांक 8 में 7 प्रकरणों, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड प्रीतम शाह की खण्डपीठ क्रमांक 9 में 20 प्रकरणों सहित जिला न्यायाधीश पवई की खण्डपीठ क्रमांक 10 में 8 प्रकरणों, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठखण्ड कृष्णपाल सिंह सिसोदिया की खण्डपीठ क्रमांक 11 में 23 प्रकरणों, व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड पवई हिमांशी ठाकुर भारद्वाज की खण्डपीठ क्रमांक 12 में 20 प्रकरणों तथा व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड अजयगढ़ श्वेता रघुवंशी की खण्डपीठ क्रमांक 13 में 27 प्रकरणों सहित कुल 283 लंबित प्रकरणों का राजीनामा के जरिए निराकरण किया गया।

प्री-लिटिगेशन में 1 करोड़ 21 लाख की अवार्ड राशि पारित

इसी तरह प्री-लिटिगेशन स्तर पर लंबित प्रकरण अंतर्गत बैंक के 3, विद्युत विभाग 1, दूरसंचार विभाग 24, नगरीय निकायों के संपत्ति व जलकर के कुल 9 सहित अन्य 637 प्रकरणों तथा पवई एवं अजयगढ़ तहसील के 11-11 प्रकरणों सहित कुल 671 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया। लंबित प्रकरणों में 1 करोड़ 13 लाख 59 हजार 264 रूपए और प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में 7 लाख 67 हजार 252 रूपए कुल 1 करोड़ 21 लाख 26 हजार 516 रूपए की समझौता अवार्ड राशि पारित की गई।

इनकी रही उपस्थिति

जिला न्यायालय पन्ना में नेशनल लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर दीप प्रज्ज्वलित करतीं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश भावना साधौ।
नेशनल लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर विशेष न्यायाधीश व नोडल अधिकारी नेशनल लोक अदालत, जिला न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरप्रसाद बंशकार, जिला न्यायाधीश अयाज मोहम्मद, इन्द्रजीत रघुवंशी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनील अहिरवार, जेएमएफसी शिवराज सिंह गवली, मोहित बड़के, प्रीतम शाह, प्रशिक्षु न्यायाधीश श्वेता आर्य, तनिष्का वैष्णव, जिला विधिक सहायता अधिकारी देवेन्द्र सिंह परस्ते व अभिभाषक संघ के अध्यक्ष जेके राव, सचिव रत्नेश खरे, लीगल एड डिफेंस काउन्सिल चीफ आनंद त्रिपाठी, डिप्टी चीफ करन सिंह व पवन कुमार पाण्डेय एवं असिस्टेंट विजयलक्ष्मी, रोहित नायक व शशांक चतुर्वेदी एवं अभिभाषक संघ के सदस्यगण तथा प्राधिकरण के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

भाजयुमो नेता की गुंडागर्दी : शराब के नशे में सरकारी फाइलें फेंकी, महिला नायब तहसीलदार से गाली-गलौज; जातिसूचक शब्द से अपमानित कर जान से मारने की धमकी

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अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं तहसील कार्यालय अजयगढ़ का भवन। (फाइल फोटो)

*     मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की चर्चित अजयगढ़ तहसील की घटना

*     आपराधिक पृष्ठभूमि वाले युवा नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज

*     आरोपी की गिरफ्तारी में देरी के कारण कर्मचारी संगठनों में आक्रोश

*    पूर्व में सार्वजनकि तौर पर अवैध कट्टा लहराते हुए आरोपी का वीडियो हुआ था वायरल 

पन्ना। (www.radarnews.in) अपने कार्यकर्ताओं देवतुल्य बताने वाली भारतीय जनता पार्टी की यूथ विंग के एक पदाधिकारी ने जिले के अजयगढ़ तहसील कार्यालय में जमकर उत्पात मचाया। नशे के डबल डोज़ (सत्ता और शराब) से चूर युवा नेता अंकित मिश्रा उर्फ़ कुलदीप ने नायब तहसीलदार के कक्ष में घुसकर शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए सरकारी फाइलें फेंक दी। मना करने पर बौखलाए आपराधिक पृष्ठ्भूमि वाले युवा नेता ने कथित तौर अनुसूचित जाति की महिला अधिकारी को गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। साथ ही जान से मारने और पूर्व तहसीलदार की तरह लोकायुक्त पुलिस के प्रकरण में फंसाने की धमकी भी दी। नायब तहसीलदार संगीता अहिरवार की लिखित शिकायत मिलने पर पुलिस ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपी युवक के विरुद्ध तत्परता से आपराधिक मामला पंजीबद्ध कर लिया है। हैरान करने वाले इस घटनाक्रम की खबर फैलने के बाद से अधिकारी-कर्मचारी संगठनों समेत अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों में गहरा रोष व्याप्त है।
पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह के साथ आरोपी भाजयुमो नेता अंकित उर्फ़ कुलदीप मिश्रा। (फाइल फोटो)
पार्टी  विद द डिफरैंस कहलाने वाली भाजपा को लोकसभा चुनाव 2024 के बीच हाल ही में मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में अपने दो नेताओं के कृत्यों की वजह से काफी शर्मसार होना पड़ा है। पहला मामला सर्वविदित है। कुछ दिन पूर्व दमोह जिले के हटा से भाजपा विधायक उमा खटीक की बेटी सारिका खटीक को लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने 30,000/- (तीस हजार) रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। सारिका, नगर परिषद अमानगंज जिला पन्ना की अध्यक्ष एवं भाजपा नेत्री है। बहुचर्चित रिश्वत कांड की सबसे महत्वपूर्ण यह रही कि, सारिका खटीक के विरुद्ध बीजेपी के ही स्थानीय युवा नेता राघवेंद्र राज मोदी की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस द्वारा ट्रैप कार्यवाही की गई थी। शिकायत के अनुसार, अमानगंज नगर परिषद अध्यक्ष ने मैन लिफ्ट क्रेन के मासिक बिल भुगतान के एवज में राघवेंद्र से रिश्वत मांगी थी। दूसरा प्रकरण जिले अजयगढ़ क़स्बा का है। महिला नायब तहसीलदार अजयगढ़ ने भारतीय जनता युवा मोर्चा के अजयगढ़ मंडल उपाध्यक्ष अंकित उर्फ़ मिश्रा उर्फ़ कुलदीप पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं।
अनुसूचित जाति से आने वाली नायब तहसीलदार संगीता अहिरवार की ओर से थाना में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया गया है कि, दिनांक 30 अप्रैल की शाम लगभग 4.30 बजे वह अपने कार्यालय में बैठकर न्यायालयीन कार्य कर रही थी। तभी अंकित उर्फ़ मिश्रा उर्फ़ कुलदीप निवासी माधौगंज अजयगढ़ शराब के नशे में धुत होकर आया और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए ईडब्ल्यूएस (EWS) का आदेश तुरंत बनाने का दबाव डालने लगा। नायब तहसीलदार ने उससे पूंछा की आप कौन है, आवेदक हैं या फिर अन्य किसी का आदेश बनना है? कुलदीप ने बताया उसके रिश्तेदार का आदेश बनना है। लेकिन जब रिश्तेदार का नाम पूंछा गया तो वह अचानक भड़क उठा।
महिला नायब तहसीलदार के साथ अभद्रता करने का आरोपी अंकित उर्फ़ कुलदीप मिश्रा।
न्यायालय की डाइस पर हाथ पटकते हुए नेता जी वहां रखीं सरकारी फाइलें-रजिस्टर छीनकर यहां-वहां फेंकने लगे। महिला अधिकारी के मना करने पर बौखलाए भाजयुमो नेता कुलदीप ने मर्यादा लांघते हुए उन्हें मां-बहिन की गालियां दी और जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले दबंग युवा नेता ने नायब तहसीलदार को धमकाते हुए कहा, मैं जो काम लेकर आऊं या फिर मेरे नाम से कोई भी काम लेकर आता है, उसे तत्काल किया करो नहीं तो जान से ख़त्म कर दूंगा। मौके पर मौजूद राघवेंद्र सिंह कम्प्यूटर ऑपरेटर व चालक रमेश कुमार अहिरवार ने हस्तक्षेप करते हुए युवा नेता को समझाया। तब कुलदीप ने जाते हुए नायब तहसीलदार को पुनः धमकाया। दबंग ने वरिष्ठ अधिकारियों से उनकी शिकायत करने तथा पूर्व तहसीलदार की तरह लोकायुक्त पुलिस के प्रकरण में फंसाने की बात कही।
अजयगढ़ थाना पुलिस ने नायब तहसीलदार अजयगढ़ संगीता अहिरवार के लिखित आवेदन पत्र पर भाजयुमो नेता (BJYM) अंकित उर्फ़ मिश्रा उर्फ़ कुलदीप के विरुद्ध धारा 294, 506, 353, 186 ताहि एवं एससीएसटी एक्ट के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को जांच में लिया है। इस घटनाक्रम के बाद से पीड़ित महिला अधिकारी अत्यंत ही भयभीत बताई जा रहीं है। क्योंकि, घटना के सप्ताह भर बाद आरोपी फरार है। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले दबंग आरोपी के विरुद्ध पूर्व से कई प्रकरण पंजीबद्ध है। जन चर्चाओं के अनुसार कुलदीप पूर्व में कुछ माह दिल्ली की तिहाड़ जेल में न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध रहा है।
पन्ना जिले के अजयगढ़ में निकाली गई तिरंगा यात्रा में शामिल भाजयुमो नेता अंकित उर्फ़ कुलदीप मिश्रा। (फाइल फोटो)
पूर्व में आरोपी का सार्वजानिक तौर पर अवैध कट्टा लहराते हुए वीडियो भी वायरल हुआ था। बता दें कि, भाजयुमो से जुड़ने से पूर्व कुलदीप को अजयगढ़ के एक कांग्रेस नेता के साथ अक्सर देखा जाता था। बाद में वह कथित तौर पर सत्ता का संरक्षण पाने के लिए भारतीय जनता पार्टी की युवा शाखा से जुड़ गया। जहां राजनैतिक रसूख बढ़ने के साथ उसकी गुंडई भी लगातार बढ़ती चली गई। देखते ही देखते वह भाजपा के बड़े नेताओं का करीबी बन बैठा। फलस्वरूप हालिया गंभीर घटना के सप्ताह भर बाद भी आरोपी की गिरफ़्तारी न होने से अजयगढ़ थाना पुलिस पर प्रत्यक्ष-परोक्ष तौर पर राजनैतिक दबाव हावी होने की चर्चाओं बल मिल रहा है।

इनका कहना है-

“महिला नायब तहसीलदार के साथ अभद्रता करने एवं शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। आरोपी की आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए भी नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।”

साईं कृष्णा थोटा, पुलिस अधीक्षक, जिला पन्ना (म.प्र.) ।

‘अक्षय बम’ के नामांकन वापस लेने से लोग नाराज, भाजपा के बजाए नोटा को वोट देने की कर रहे हैं बात : सुमित्रा महाजन

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सुमित्रा महाजन 'ताई', पूर्व लोकसभा स्पीकर एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री।

*      ‘बम’ मामले पर बोलीं- ‘इसकी जरुरत नहीं थी, क्योंकि इंदौर में भाजपा को कोई हरा नहीं सकता’

इंदौर। पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ‘ताई’ ने इंदौर सीट से पूर्व कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय कांति बम के नामांकन वापस लेकर बीजेपी में आने पर हैरानी जताई है। वरिष्ठ भाजपा नेत्री का कहना है कि अक्षय ने ऐसा क्यों किया, मैं इस पर कुछ नहीं कह सकती, लेकिन शहर के प्रबुद्धजन मुझे फोन करके पूछ रहे हैं। मुझे उनको समझाना पड़ रहा है। लोग भाजपा के बजाए नोटा को वोट देने की बात कह रहे हैं। महाजन ने यह भी कहा कि इस घटनाक्रम की जानकारी मुझे नहीं थी।
अक्षय बम के नामांकन वापस लेने के बाद कांग्रेस पार्टी इंदौर लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं से नोटा को वोट देने की कर रही है अपील।
इंदौर लोकसभा सीट से लगातार आठ बार की सांसद सुमित्रा महाजन ने एक न्यूज़ चैनल के इंटरव्यू के दौरान कहा कि इंदौर में कांग्रेस के उम्मीदवार के पर्चा वापस लेने के बारे में जानकर मैं आश्चर्यचकित रह गई कि यह क्या हो गया? ऐसा नहीं होना चाहिए था। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने महाजन का वीडियो ट्वीट करते हुए इंदौर के मतदाताओं से ज्यादा से ज्यादा नोटा पर वोट देने की अपील की है। वीडियो में महाजन कह रही है कि इस घटनाक्रम की कोई आवश्यकता नहीं थी, क्योंकि दीवार पर लिखा हुआ है कि इंदौर में भाजपा को कोई भी नहीं हरा सकता।
ताई ने कहा- अक्षय बम को ऐन चुनाव से पहले ऐसा नहीं करना चाहिए था। उसने एक तरह से अपनी पार्टी (कांग्रेस) से भी धोखा किया, लेकिन मैं ऐसे शब्दों का इस्तेमाल क्यों करूं। शहर के कुछ पढ़े-लिखे लोगों ने मुझे फोन करके नाराजगी जताई है।