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अंतरिम व्यवस्था बनाकर तत्काल प्रारंभ करें पदोन्नति

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मप्र अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने की मांग

मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम सौंपा 42 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन

पन्ना। रडार न्यूज  राज्य में विधानसभा चुनाव के पहले विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी वर्षों से लंबित अपनी जायज मांगों को पूरा कराने के लिए सक्रिय हो गये है। प्रदेश सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत् कर्मचारी संगठनों ने पिछले कुछ समय से अपने प्रदर्शन-आंदोलन भी तेज कर दिये है। वहीं मध्यप्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले विभिन्न कर्मचारी संगठन एकजुटता के साथ अपने हितों की आवाज बुलंद कर रहे है। इसी क्रम में बुधवार को जिला मुख्यालय पन्ना में संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष अलोक कुमार खरे, संयोजक कमलेश त्रिपाठी और संरक्षक केपी सिंह यादव के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वार अपनी महत्वपूर्ण मांगों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान व मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को तीन पेज का एक ज्ञापन सौंपा गया है। इस 42 सूत्रीय ज्ञापन के माध्यम से यह मांग की गई है कि वर्ष 2016 में पदोन्नति पर लगाई गई रोक को हटाकर न्यायालय के निर्णय के परिप्रेक्ष्य में अंतरिम व्यवस्था कर पदोन्नति को तत्काल प्रारंभ किया जाये। ताकि पात्रतानुसार विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिल सके। लम्बे समय से चली आ रही लिपिकों की वेतन विसंगतियों को दूर करते हुए मंत्रालय के कर्मचारियों के समान वेतनमान, समयमान वेतनमान-पदोन्नति एवं सभी प्रकार के लाभ प्रदान किये जायें। सातवें वेतनमान के अन्य सभी प्रासंगिक लाभ केन्द्र सरकार के समान दिया जाये। वेतनमान में ग्रेड-पे केन्द्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार के समान दिया जाये। अग्रवाल वेतन आयोग की कर्मचारी हितैषी अनुसंशाओं को लागू करते हुए कार्यभारित कर्मचारियों को नियमित किया जाये एवं सेवानिवृत्ति पर अवकाश नगदीकरण का लाभ प्रदान किया जाये।

संविदा कर्मचारियों को करो नियमित-

मध्यप्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने प्रदेश के सभी विभागों के संविदा कर्मचारियों को तत्काल नियमित करने तथा नियमित कर्मचारियों की तरह वेतन-भत्ते और सभी सुविधायें देने की मांग प्रमुखता से की है। जिन संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की सेवायें समाप्त की गई है उनकी सेवा तत्काल प्रभाव से बहाल करने का मुद्दा भी उठाया है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 5200-20200 का वेतनमान देते हुए ग्रेड-पे में सुधार किया जाये, इनकी सेवानिवृत्ति की आयु को बढ़ाकर 64 वर्ष करने की मांग की गई है। संयुक्त मोर्चा का कहना है कि वाहन चालकों की भर्ती पर लगे प्रतिबंध को हटाते हुए अनुबंध पर टैक्सी लगाने की प्रथा को बंद किया जाये। इसके अलावा सीएम की घोषणानुसार स्वास्थ्य विभाग में ग्रामीण अंचल में कार्य करने वाले मैदानी अमले को ग्रामीण भत्ता देते हुए डाॅक्टरों के समान रात्रिकालीन भत्ता दिया जाये साथ ही ब्रह्मस्वरूप समिति की सिफारिशों का लाभ देने सहित अन्य मांगें शामिल है।

ये रहे शमिल-

ज्ञापन सौंपने वालों में बीपी परौहा, राजकिशोर शर्मा, आरडी चैरसिया, मुरारीलाल थापक, महीप रावत, विमल यादव, मनोज पाण्डेय, केपी यादव, अशेाक पाण्डेय, आरपी प्रजापति, महाराज सिंह सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी शामिल रहे।

अभी करो-अर्जेंट करो, हमको ‘‘परमानेंट करो‘‘

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जीआरएस ने प्रचण्ड गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन

नियमितीकरण की मांग को लेकर हड़ताल पर डटे प्रदेशभर के ग्राम रोजगार सहायक

पन्ना। रडार न्यूज  पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं को ग्राम स्तर पर क्रियान्वित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले ग्राम रोजगार सहायक (सहायक सचिव) नियमितीकरण की मांग को लेकर 15 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। ग्राम रोजगार सहायक संगठन के प्रांतीय आव्हान पर मध्यप्रदेश के समस्त जीआरएस के एक साथ अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल पर जाने से पंचायतों में कामकाज लगभग ठप्प हो गया है। अल्प मानदेय पर काम करने वाले ग्राम रोजगार सहायकों की मांग है कि उनका नियमितीकरण करते हुए दूसरे विभागों के कर्मचारियों की तरह सम्मानपूर्वक जीवन यापन के लिए पर्याप्त वेतन-भत्ते और आवश्यक सुविधायें प्रदान की जायें। ग्राम रोजगार सहायकों की एकजुटता के चलते इनकी प्रांतव्यापी हड़ताल का दो दिन में ही व्यापक असर दिखने लगा है। उधर हड़ताली जीआरएस लगातार अपने आंदोलन को तेज कर रहे है।

जमकर की नारेबाजी-

हड़ताल के तीसरे दिन गुरूवार 17 मई 2018 को जिला मुख्यालय पन्ना में जनपद पंचायत कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे ग्राम रोजगार सहायकों ने अपनी जायज मांग को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ठ कराने के लिए 43 डिग्री सेल्सियस तापमान में प्रचण्ड धूप और लू के धपेड़ों के बीच अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जीआरएस बुलंद आवाज में नारा लगा रहे थे कि- ‘‘अभी करो अर्जेंट करो हमको पर्मानेंट करो‘‘। ग्राम रोजगार सहायक संघ पन्ना के ब्लाॅक अध्यक्ष कृष्ण यादव ने अनिश्चितकालीन हड़ताल के संबंध में चर्चा के दौरान बताया कि जिले की सभी 395 ग्राम पंचायतों के सहायक सचिव हड़ताल पर है। प्रदेश अध्यक्ष रोशन सिंह परमार के निर्देशानुसार वर्तमान में सभी विकासखण्ड मुख्यालयों में संबंधित ब्लाॅक इकाईयों द्वारा 15 मई से लगातार धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।

अल्प मानदेय में नहीं होता गुजारा-

जीआरएस संघ के मीडिया प्रभारी रामदास शर्मा का कहना है कि ग्राम रोजगार सहायकों को जितना काम करना पड़ता है उसके एवज में जो मानदेय दिया जाता है वह काफी कम है। जबरदस्त मंहगाई के इस दौर में 9 हजार रूपये के अल्प मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना हमारे लिए काफी मुश्किल हो रहा है। परिणामस्वरूप प्रदेशभर के जीआरएस आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे है। श्री शर्मा का कहना है कि शासन-प्रशासन के समक्ष जीआरएस के संविलियन और नियमितीकरण करने की मांग को कई बार प्रमुखता से रखा गया। लेकिन इस न्यायोचित मांग का समय पर निराकरण न होने से हमें मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा है।

मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन-

जीआरएस संघ के जिला उपाध्यक्ष कमलेश पाठक का कहना है कि जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती तब तक अपने हितों की रक्षा के लिए पूरी एकजुटकता के साथ इसी तरह संघर्ष करते रहेगें। जनपद कार्यालय पन्ना के बाहर प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से बलराम पटैरिया, उपाध्यक्ष कु. रूचि बुंदेला, सतीष तिवारी, भूपत यादव, इब्राहीम खान, संतोष साहू, सचिन सिंह परमार, नारायण चंद्र, द्वारका ओमरे, रामस्वरूप यादव, जयकिशोर विश्वकर्मा, देवीदयाल सेन, अभिलाषा चैबे, गीता द्विवेदी, गायत्री दुबे ,वर्षा सिंह, रंजना मिश्रा, सहित बडी संख्या में ग्राम रोजगार सहायक शामिल रहे।

बाईक रैली निकालकर डेंगू से बचाव का दिया संदेश

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1 लाख 35 हजार परिवार आयुष्मान योजना से होगें लाभांवित

पन्ना। रडार न्यूज डेंगू बीमारी से बचाव हेतु जागरूकता बाइक रैली का आयोजन किया गया। मलेरिया अधिकारी कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर नगरपालिका अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा द्वारा बाइक रैली को रवाना किया गया। प्रमुख चैराहों से होते हुये रैली का समापन मलेरिया कार्यालय में हुआ। इस रैली का उददेश्य डेंगू बीमारी के प्रति लोगों मंे जागरूकता पैदा करना है। शहर में माइकिंग कार्य, पंपलेट का वितरण भी किया गया। रैली के उपरांत आईपीडीपी सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें नगर के पार्षद, मीडिया प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयुष्मान भारत योजना के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गई। इस योजना का लाभ वंचित गरीब श्रेणी के वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर चिन्हित परिवारांे को 5 लाख रूपये तक का स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा लाभ प्रदान किया जावेगा। योजना का सुभारंभ 15 अगस्त 2018 को मान प्रधानमंत्री द्वारा किया जावेगा। इस योजना के क्रियान्वयन हेतु स्वास्थ्य विभाग एवं पंचायत विभाग के सहयोग से डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। पन्ना जिले के 1 लाख 35 हजार 604 परिवार इस योजना से लाभांवित होगें। इस योजना के लिये जिले के 922 गांवो में सर्वे एवं सत्यापन का कार्य आशा, एएनएम कार्यकर्ताओ तथा पंचायत सचिव द्वारा किया जा रहा हैं। सर्वे के दौरान प्राप्त परिवारों के अपडेशन का कार्य विकासखण्ड एंव जिला स्तर पर जारी हैं, जो कि आगामी 30 मई तक पूरा कर लिया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एलके तिवारी, जनप्रतिनिधि, मीड़िया प्रतिनिधि, जिला मलेरिया अधिकारी, स्टाफ और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

पन्ना के कल्दा पठार में हुआ दर्दनाक सड़क हादसा

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पिकअप वाहन पलटने से 4 की मौत, 26 गंभीर घायल

नई बहू की विदा कराकर मालवाहक से वापिस लौट रहे थे आदिवासी

मातम में बदली विदाई की खुशियां, घायलों में आदिवासी परिवार की बहू भी शामिल

पन्ना। रडार न्यूज बुन्देलखण्ड का पचमड़ी कहलाने वाले पन्ना के कल्दा पठार में बुधवार 16 मई को दोपहर करीब 12 बजे चांपा मोड़ के समीप यात्रियों से खचाखच भरा एक तेज रफतार पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। पिकअप चालक की घोर लापरवाही के कारण हुए इस दर्दनाक हादसे में चार व्यक्ति असमय कालकवलित हो गये। जबकि 26 लोगों को चोटें आई हैं। नई-नवेली बहू की विदाई (गौना) कराकर वापिस लौटते समय हुए इस भीषण सड़क हादसे के बाद से कल्दा-श्यामगिरी पठार क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। घायलों में आदिवासी परिवार की बहू भी शामिल है। दूरस्थ पठारी इलाके में हुए सड़क हादसे के घायलों को स्थानीय ग्रामीणों की मदद से प्राथमिक उपचार हेतु नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र सलेहा एवं पन्ना लाकर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। दोनों ही जगह घायलों का उपचार जारी है। हादसे के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार शाहनगर थाना क्षेत्र के ग्राम पोसी निवासी आदिवासी परिवार अपनी बहू की विदाई कराकर कल्दा पठार से पिकअप वाहन क्रमांक एमपी-21-जी-2088 में सवार होकर खुशी-खुशी वापिस घर लौट रहा था। तभी रास्ते में कल्दा-श्यामगिरी मार्ग पर चापा मोड़ के समीप अचानक पिकअप वाहन चालक भागचंद पिता लछ्छू गड़ारी का संतुलन बिगड़ गया जिससे तेज रफतार वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे इस तहर पलटा कि वह चारों खाने चित्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर चींख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। हादसा इतना दर्दनाक था कि पिकअप में पीछे बैठे कई यात्री इसके नीचे दब गये और कई लोग दूर-दूर तक जा गिरे। जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अत्यंत ही गंभीर रूप से घायल दो यात्रियों को उपचार हेतु पन्ना लाते समय उनमें से एक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया जबकि दूसरे घायल का इलाज के दौरान जिला चिकित्सालय पन्ना में दुखांत हो गया। समाचार लिखे जाने तक पिकअप वाहन पलटने से मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई और 26 यात्री घायल बताये जा रहे है। मृतकों में भैया लाल आदिवासी पिता कड़ोरा आदिवासी 60 वर्ष, पचोला आदिवासी पिता निर्पत आदिवासी 75 वर्ष, नरेश आदिवासी पिता लालमणी आदिवासी 30 वर्ष तीनों निवासी ग्राम पोसी एवं कुल्लन आदिवासी 40 वर्ष निवासी मगरपुरा शामिल है।

 महिलाएं और बच्चे भी शामिल  –

    पिकअप हादसे के घायलों में मुख्य रूप से कल्लू आदिवासी 70 वर्ष, रामा आदिवासी 50 वर्ष, रामनाथ आदिवासी 50 वर्ष, राजेश आदिवासी 12 वर्ष, शिव आदिवासी 18 वर्ष, अभिषेक 8 वर्ष, राहुल 8वर्ष, मोहित आदिवासी, रवि आदिवासी 12 वर्ष, संदीप आदिवासी 7 वर्ष, लल्ली आदिवासी 12 वर्ष, बाबूलाल 70 वर्ष, तेजबाई आदिवासी 22 वर्ष, सोनेलाल आदिवासी 12 वर्ष, कुंजीलाल 48 वर्ष, रतन लाल, दयाराम 50 वर्ष, मंत्री आदिवासी 40 वर्ष, सुखबीर आदिवासी 10 वर्ष, बाबूलाल 35 वर्ष और वाहन चालक भागचंद पिता लछ्छू गडा़री शामिल है। सभी घायलों के हाथ-पैर ,सिर में गंभीर चोट आईं हैं। घायलों का प्राथमिक उपचार सलेहा प्राथमिक स्वास्थ्य में डॉक्टर अजय अजय चैधरी द्वारा किया गया। तत्पश्चात गंभीर घायलांे को समुचित उपचार हेतु एम्बूलेंस तथा निजी वाहनों से तत्परता से जिला चिकित्सालय पन्ना के लिए रेफर किया गया। सड़क हादसे के मृतकों के शव को पोस्टमार्टम हेतु सलेहा में रखा गया है। लोगों का मानना है दूरस्थ पठारी इलाके में हुऐ इस भीषण सड़क हादसे के गंभीर घायलों को यदि तत्परता से प्राथमिक उपचार मिल जाता तो शायद उनकी जान बच जाती। हालांकि इस हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य को लेकर तुरंत सक्रिय हो गया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पन्ना से पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल, गुनौर एसडीएम अभिषेक ठाकुर, गुनौर एसडीओपी बीएस धुर्वे ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्यों एवं घटनास्थल का जायजा लिया।

घायलों को देखने पहुंचे कमिश्नर-

शाहनगर के श्यामगिरी मोड़ पर हुई दुःखद घटना के घायलों से मिलने सागर संभाग के संभागायुक्त मनोहरलाल दुबे, पुलिस महानिरीक्षक सतीश कुमार सक्सेना, कलेक्टर मनोज खत्री एवं जिला पंचायत सीईओ गिरीश मिश्रा जिला अस्पताल पन्ना पहुंचे। वहां उन्होंने घायलों को आश्वासन देते हुए जिला चिकित्सालय की टीम को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीकेएस परिहार सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे। इस घटना में गंभीर रूप से घायल पुरूषोत्तम आदिवासी को मेडिकल काॅलेज रीवा रिफर किया गया है। जबकि शेष घायलों को जिला चिकित्सालय पन्ना में भर्ती किया गया है। यह सभी जुगरवारा पंचायत के पोसी गांव के निवासी हैं। कलेक्टर श्री खत्री ने बताया कि इस हादसे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के व्यक्ति सहानुभूति प्रकट की है। मुख्यमंत्री की ओर से मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रूपये की आर्थिक सहायता और गंभीर घायलों को 25-25 हजार रूपये सहायता राशि देने की घोषणा की गई।

एक वर्ष पूर्व हुई थी शादी-

आदिवासी समाज में शादी के एक वर्ष बाद बहू का गौना (विदाई) होने की परम्परा चली आ रही है। फलस्वरूप बहू का गौना कराने ग्राम पोसी के आदिवासी अपने रिश्तेदारों के साथ मालवाहक पिकअप वाहन में सवार होकर 15 मई को कल्दा आये थे। आदिवासी परम्पराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार सभी रस्में पूरी होने पर बहू को लेकर पिकअप वाहन से बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे पोसी के आदिवासी रवाना ही हुए थे कि थोड़ी ही देर बाद आई भीषण हादसे की दुःखद खबर से विदाई की खुशियां मातम में बदल गईं। इस हादसे की खबर जब लड़की तेज बाई के परिजनों को लगी तो हा-हाकार मच गया। थोड़ी ही देर में यह दुःखद समाचार जंगल की आग की तरह पूरे पठारी इलाके में फैल गया। जिससे देखते ही देखते घटना स्थल पर सैकड़ों लोग जमा हो गये।

इन गांवों में 14 साल बाद भी नहीं मिटा उपेक्षा का अंधेरा

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योजनाओं के सिर्फ नाम बदले, विद्युतीकरण की कछुआ चाल नहीं बदली

लाईट न होने से बच्चों की पढ़ाई और खेती प्रभावित

पन्ना। रडार न्यूज प्रदेश में और केन्द्र में सरकार बदलने पर ग्रामीण विद्युतीकरण की महत्वकांक्षी योजना के नाम बदलने में सत्तासीनों ने रूचि दिखाई है लेकिन विद्युतीकरण को गति देने में इनकी जरा भी दिलचस्पी नहीं है। जनप्रतिनिधियों-नेताओं के दावों के उलट जमीनी हकीकत यह है कि पन्ना जिले के कई गांव आज भी विद्युत विहीन है। इन गांवों के वाशिंदे उपेक्षा के घोर अंधेरे में रहने को मजबूर है। परिणामस्वरूप ग्रामीणों का आज और उनकी भावी पीढ़ी का सुनहरा भविष्य अंधेरे की भेंट चढ़ते हुए चौपट हो रहा है। पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखण्ड अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खोरा के मजरा ग्राम छोटी बनकी एवं गलदहा इसका एक उदाहरण मात्र है। ग्राम पंचायत खोरा महज पांच किलोमीटर से कम की दूरी पर स्थित इन दोनों गांवों में पिछले 14 साल में बिजली नहीं पहुंच सकी। दोनों गावों के विद्युतीकरण का कार्य सिर्फ सर्वे तक ही सीमित होकर रह गया है। अंधेरे में रहने को विवश यहां के ग्रामीणों ने मंगलवार को पन्ना में कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचकर तत्परता से विद्युतीकरण कार्य कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि लाईट न होने के कारण वे अपनी फसलों की सही तरीके से सिंचाई नहीं कर पाते। इसलिए शासन की तमाम योजनाओं के बावजूद उनके लिए खेती आज भी घाटे का धंधा बनी हुई है। शाम ढ़लते ही उनके गांव अंधेरे में डूब जाने से बच्चों की पढ़ाई भी खासी प्रभावित हो रही है। कलेक्टर मनोज खत्री ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरतापूर्वक लेेेते हुए विद्युत विभाग के कार्यपालन यंत्री ओपी सोनी को सौभाग्य योजना अंतर्गत मजरा ग्राम छोटी बनकी एवं गलदहा का शीघ्रता से विद्युतीकरण कराने के निर्देश दिये है। अब देखना यह है कि अंधेरे में डूबे दोनों गांवों को बिजली से रोशन करने में और कितना वक्त लगता है।

मध्यप्रदेश में ग्राम रोजगार सहायक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

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पन्ना जिले की 395 ग्राम पंचायतों में कामकाज प्रभावित

पन्ना। रडार न्यूज ग्राम रोजगार सहायक संघ के आव्हान पर प्रदेशभर के जीआरएस अपने नियमितीकरण और संविलियन की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल पर चले गये है। ग्राम रोजगार सहायकों की हड़ताल के पहले दिन ही पंचायतों का कामकाज काफी प्रभावित रहा। प्रांतव्यापी इस हड़ताल का पन्ना जिले में खासा असर देखा जा रहा है। जिला मुख्यालय में जनपद पंचायत कार्यालय के बाहर ब्लाॅक इकाई पन्ना के समस्त ग्राम रोजगार सहायक धरने पर बैठ गये है। जीआरएस संघ के मीडिया प्रभारी रामदास शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप ग्राम रोजगार सहायक प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर कार्य कर रहे हैं। शासन की समस्त जनकल्याण्कारी योजनाओं को अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को लाभान्वित करने का कार्य किया जा रहा है। ग्राम रोजगार सहायकों को संविलियन कर नियमित किया जाये। इस मांग को लेकर सभी रोजगार सहायक दिनांक 15 मई से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हंै। वहीं जनपद पंचायत पन्ना के शासकीय व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर होकर शासकीय कार्यों को न करने का संकल्प लिया। ग्राम रोजगार संगठन के मंच के बैनर तले ब्लाॅक अध्यक्ष कृष्ण यादव, जिला उपाध्यक्ष कमलेश पाठक, बलराम पटैरिया, उपाध्यक्ष कु. रूचि बुंदेला, सतीष तिवारी, भूपत यादव, इब्राहीम खान, संतोष साहू, सचिन सिंह परमार, नारायण चंद्र, द्वारका ओमरे, रामस्वरूप यादव, जयकिशोर विश्वकर्मा, देवीदयाल सेन, अभिलाषा चैबे, गीता द्विवेदी, गायत्री दुबे ,वर्षा सिंह, रंजना मिश्रा, सहित बडी संख्या में रोजगार सहायक मौजूद रहे। इस दौरान भारतीय संघ द्वारा ग्राम रोजगार सहायक संगठन की मांगों का समर्थन करते हुए नियमितिकरण की मांग को जायज बताया मजदूर संघ के महामंत्री जगदीश प्रसाद जड़िया एवं उपाध्यक्ष ओपी चैबे सहित संगठन के सदस्य मौजूद रहे।

कांग्रेस की सरकार में किसानों को मिलेगा अनाज का सही मूल्य – गुर्जर

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किसान कलश यात्रा लेकर प्रदेशाध्यक्ष दिनेश गुर्जर पहुंचे पन्ना

गर्मजोशी के साथ यात्रा का किया गया स्वागत, शहर में निकाली रैली

पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश में किसानों की बदहाली किसी से छिपी नहीं है, प्रदेश के मुख्यमंत्री अपने आपको किसान पुत्र कहते है लेकिन उनके राज में यदि सबसे ज्यादा कोई परेशान है तो वह किसान है। सरकार किसानों का अनाज कम रेट पर खरीदते हुये उनके साथ जो छलावा कर रही है वह बंद होना चाहिये। भाजपा सरकार भावांतर योजना से मध्यप्रदेश के किसानों के बजाय अनाज व्यापारियों को आर्थिक लाभ पहुंचा रही है। यह आरोप मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष दिनेश गुर्जर ने मंगलवार को पन्ना में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में लगाये है। राजधानी भोपाल से 5 मई 2018 से शुरू हुई किसान कलश यात्रा के अंतर्गत प्रदेशाध्यक्ष श्री गुर्जर आज पन्ना पहुंचे। यहां छतरपुर नाका पर  जिला किसान कांग्रेस के अध्यक्ष शशिकांत दीक्षित सहित कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं द्वारा यात्रा का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। तत्पश्चात छतरपुर नाका से ही एक विशाल रैली पूरे शहर में निकाली गयी। श्री गुर्जर ने यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बताया कि किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने एवं सरकार के द्वारा उनके साथ किये जा रहे अन्याय की जानकारी देने के लिये यह किसान कलश यात्रा पूरे प्रदेश में निकाली जा रही है। जोकि प्रदेश के सभी जिलों में पहुंच कर शिवराज सरकार की किसान विरोधी नीतियों-योजनाओं का पर्दाफास करेगी। इस यात्रा का समापन आगामी 6 जून को मध्यप्रदेश के मंदसौर में होगा। जहां पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राहुल गांधी एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ शामिल हो कर प्रदेश के अन्नदाता किसानों से सीधे रूबरू होगें। उन्होनें कहा कि भाजपा के राज में खेती घाटे का धंधा बन चुकी है। खेती की लागत पहले से ही अधिक है उस पर खाद-बीज का सही दाम तक नहीं मिल रहा है। हालत इतनी खराब है कि आज किसान भाई अपने परिवार का भरण-पोषण तक नहीं कर पा रहे हैं।

हक मांगने पर किसानों को मिलती है गोली-

श्री गुर्जर ने जोर देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर अन्नदाता किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिलाया जायेगा। शिवराज सरकार पर हमला बोलते हुए प्रदेश के किसान कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुर्जर ने कहा कि मध्यप्रदेश में अराजकतापूर्ण की स्थिति निर्मित है, क्योंकि किसान जब अपनी जायज मांगें के लिये आंदोलन करते है तो उन्हें पुलिस की गोलियों से भूंज दिया जाता है। मंदसौर जिले का वीभत्स हत्याकाण्ड इसका ज्वंलत उदाहरण है जहां 6 किसानों की पुलिस की गोली से हत्या कर दी गयी। श्री गुर्जर ने कहा कि अपने हक के लिए आवाज उठाने पर गोली से मार दिये गये उन सभी किसानों के परिवारों को किसान कांग्रेस न्याय दिला कर ही दम लेगी। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों में मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं पूरी निष्ठा व समर्पण के साथ कार्य करने का आव्हान किया।

इन्होंने किया संबोधित-

मंचीय कार्यक्रम को कांग्रेस अध्यक्ष दिव्यारानी सिंह, भरतमिलन पाण्डेय, धीरेन्द्र द्विवेदी, ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह, शारदा पाठक, शिवजीत सिंह, अनुराधा शेंडगे, केशव प्रताप सिंह, मीना यादव, अनीस खान, आशीष बागरी, जयनरेश द्विवेदी, दीपक तिवारी, सिद्धार्थ बुदेला, जीतेन्द्र जाटव, वैभव थापक, रामदीन तिवारी, रवि तिवारी, बाला लोधी आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर अजयवीर सिंह, रामकिशोर मिश्रा, शिवदयाल बागरी, राजेश तिवारी, दीपचंद्र अग्रवाल, मनीष शर्मा, सूर्यप्रकाश वर्मा, मार्तण्ड देव बुंदेला, डी.के.दुबे, केशरी अहिरवार, श्रीकांत दीक्षित, अंगद प्रजापति, हाकिम सिंह बुंदेला, अबरार मोहम्मद, सुशील चनपुरिया, कमलेश रावत, रेहान मोहम्मद, सियाराम अग्रवाल, मनोज सेन, सुनील अवस्थी, जीतू तिवारी, भोले कुशवाहा, चंदन रावत, हीरालाल विश्वकर्मा, दीपू दीक्षित, रसीद सौदागार, मनोज त्रिपाठी, बृजमोहन यादव, लोकेन्द्र यादव, डमरूलाल सेन, शहीद चच्चा, विमलेश सेन, हिम्मत बागरी, रमेश अग्रवाल, संदीप विश्वकर्मा, रवि कुशवाहा, बी.एल.पाण्डे, विनयकांत पाण्डेय, भन्नू राजा, महबूब खान, रतन सिंह, सहित काफी संख्या में कांग्रेसजन, किसान एवं महिलाएं उपस्थित रहीं। इस कार्यक्रम का संचालन मनीष मिश्रा ने किया।

कुड़िया नाला डायवर्जन कलेक्टर ने किया निरीक्षण

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दस दिन के अंदर कार्यपूर्ण करने के दिये निर्देश

पन्ना। रडार न्यूज  पन्ना शहर को पेयजल आपूर्ति करने वाले सबसे बड़े तालाब लोकपाल सागर को भरने के लिए कुड़िया नाला डायवर्जन का कार्य इन दिनों प्रगति पर है। इस बरसाती नाले के पानी को फिजूल बहने से रोकने और उससे लोकपाल सागर की प्यास बुझाने के उद्देश्य से नहर बनाई जा रही है। कलेक्टर मनोज खत्री की विशेष पहल पर लोकपाल सागर तालाब के गहरीकरण के साथ ही उसे निर्धारित क्षमता तक भरने का कार्य एक साथ चल रहा है। रविवार को कलेक्टर श्री खत्री द्वारा सुबह-सुबह लोकपाल सागर पहुंचकर गहरीकरण कार्य का पहाड़कोठी में चल रहे कुड़िया नाला नहर निर्माण का अवलोकन किया गया। इस दौरान उन्होंने निर्माण एजेन्सी प्रमुख कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग पन्ना को लोकपाल सागर तालाब में जलभराव बढ़ाने के लिए कुडिया नाला डायवर्जन का कार्य 10 दिन के अन्दर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि इस प्रचीन तालाब के गहरीकरण कार्य में नगरवासी भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे है। अब तक गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने तालाब के जीर्णोद्धार के लिए अपनी ओर से आर्थिक सहयोग और मशीनरी उपलब्ध कराई है। लोकपाल सागर तालाब पन्ना शहर की आधी से अधिक आबादी की पेयजल और निस्तार हेतु पानी की जरूरत को पूरा करता है। इसके अलावा पन्ना के समीपी करीब दर्जनभर गांवों के किसान इस तालाब के पानी से अपने खेतों की सिंचाई करते है। झीलनुमा लोकपाल सागर को भरने के लिए बनी किलकिला फीडर नहर के दोनों तरफ जबरदस्त अतिक्रमण होेने तथा नहर के ध्वस्त हो जाने के कारण बारिश का पानी इसमें नहीं पहुंच पा रहा है। परिणामस्वरूप पिछले दो दशक से भी अधिक समय से लोकपाल सागर तालाब में निर्धारित क्षमता तक जलभराव न होने के कारण अल्पवर्षा की स्थिति में किसानों और लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है। कुड़िया नाला से होकर निकलने वाली नहर से लोकपाल सागर तालाब के जलभराव में वृद्धि होने की उम्मीद की जा रही है।

कर्नाटक के नतीजों से कांग्रेस बन गई ‘‘पीपीपी‘‘ पार्टी !

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चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी द्वारा की गई भविष्यवाणी हुई सच साबित

किसकी बनेगी सरकार सस्पेंस बरकार, किंगमेकर बनकर उभरी जेडीएस

नई दिल्ली। रडार न्यूज कर्नाटक में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कांग्रेस पार्टी को लेकर की गई भविष्यवाणी सही साबित हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने वहां एक रैली में कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा था कि, 15 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद कांग्रेस पार्टी ‘‘पीपीपी कांग्रेस‘‘ रह जायेगी। इस ट्रिपल पी का मतलब समझाते हुए उन्होंने यह भविष्यवाणी की थी कि अब पंजाब, पुडुचेरी और परिवार में ही कांग्रेस रह जाएगी। कर्नाटक के चुनाव के अब तक आये नतीजों से पीएम नरेन्द्र मोदी की यह भविष्यवाणी सही साबित हुई है। कांग्रेस के हाथ से कर्नाटक निकल गया है। दक्षिण भारत के इस महत्वपूर्ण राज्य में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। कर्नाटक में कमल खिलने से भाजपा के खेमे में खुशी की लहर देखी जा रही है। हालांकि मतगणना से पहले तक कांग्रेस दावा कर रही थी कि, हर सूरत में सरकार वही बनाएगी, लेकिन रुझान इसके ठीक विपरीत हैं। कर्नाटक के चुनाव प्रचार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह भविष्यवाणी भी की थी कि राज्य में सत्तारुढ़ कांग्रेस इस चुनाव में मटियामेट हो जाएगी। अब तक की स्थिति कुछ ऐसी ही दिख रही है। वहीं दूसरी ओर कर्नाटक चुनाव से पहले कहा जा रहा था कि अगर कांग्रेस जीतती है तो यह उसके लिए वापसी की शुरुआत होगी। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक सवाल के जवाब में पिछले दिनों यह भी कहा था कि, अगर मौका मिलेगा तो वे प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं। कर्नाटक चुनाव के नतीजों से कांग्रेस और राहुल गांधी की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है। कर्नाटक में कांग्रेस की हार के साथ ही भाजपा और पीएम मोदी का कांग्रेस मुक्त भारत का नारा एक कदम और आगे बढ़ गया है। आपको बता दें कि कर्नाटक में 222 सीटों के लिए हुए चुनाव में अब तक बीजेपी को 106, कांग्रेस-77 जेडीएस-37 सीटों पर आगे हैं।

क्या कांग्रेस-जेडीएस की बनेगी सरकार-

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के परिणामों की तस्वीर अभी तक पूरी तरह साफ नहीं हुई नहीं है। अब तक के रूझानों से यह साफ है कि भारतीय जनता पार्टी यहां सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। लेकिन भाजपा बहुमत के जादुई आंकड़े के पार जाकर अंतिम क्षणों में उससे दूर होती जा रही है। इस स्थिति को चुनावी विश्लेषक कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर की साझा सरकार की संभावना के रूप में देख रहे है। कर्नाटक और दिल्ली से भी यह खबरें आ रहीं है कि दोनों ही पार्टियों में सरकार के गठन को लेकर सहमति बन चुकी है। बताते चलें कि शुरू से ही जेडीएस को किंगमेकर की भूमिका में देखा जा रहा था जोकि सच साबित होती दिख रही है।

ट्रक के नीचे 3 घंटे से दबे क्लीनर की क्रेन की मदद से बची जान

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शाहनगर के आमा मोड़ पर फिर हुआ हादसा

शाहनगर। रडार न्‍यूज पन्ना-कटनी मुख्य मार्ग पर शाहनगर के समीप आमा मोड़ पर लगातार हादसे हो रहे हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। कुछ दिनों पूर्व ही यहां बारातियों से भरा ट्रक पलटा था, आज एक और ट्रक इसी मोड़ पर दुर्घटना का शिकार होकर पलट गया। इस दर्दनाक हादसे में ट्रक के क्लीनर ने अपनी जान बचाने के लिये ट्रक से उतरने का प्रयास किया, लेकिन ट्रक के नीचे ही फंस गया। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना शाहनगर थाना पुलिस को दी। मौके पर एम्बुलेंस के साथ पहुंची पुलिस ने ट्रक में फंसे क्लीनर रामजी यादव 25 वर्ष निवासी जमुनहाई को बचाने के लिये काफी मशक्कत की गई। लेकिन क्लीनर का पैर ट्रक के नीचे फंसा होने के कारण सारे प्रयास नाकाम रहे। अंततः थाना प्रभारी शाहनगर रामेश्वर दयाल आठ्ईया ने पड़ोसी जिला कटनी में फोन कर क्रेन की मदद मांगी। कटनी से कटनी से आई हैवी के्रन ने जब ट्रक को सावधानीपूर्वक ऊपर उठाया, तब कहीं जाकर उसके नीचे दबे गंभीर घायल क्लीनर रामजी को बाहर निकाला गया और उसे उपचार के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहनगर में भर्ती कराया गया। इस कवायद में करीब 3 घंटे लग गये। इस दौरान ट्रक के नीचे दबा क्लीनर जिंदगी और मौत से जूझता रहा। क्लीनर को ट्रक से निकालने के बाद उसे तुरंत ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहनगर में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। घटना के बाद शाहनगर थाना प्रभारी ने आये दिन हो रहे हादसों को रोकने के लिये आमा मोड पर स्पीड ब्रेकर बनाने की बात कही. यदि प्रशासन इस दिशा में समय रहते कार्रवाही करता तो इन हादसों को रोका जा सकता था।