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सतना में 287 करोड़ 75 लाख की लागत से बनेगा मेडिकल कॉलेज

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सतना में मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चौहान ने रखी आधार-शिला

सतना। रडार न्यूज़ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आने वाले कुछ साल में सतना के स्वरूप को बदलकर अत्याधुनिक रूप दिया जाएगा। सतना को आगे बढ़ाने और विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह बात बी.टी.आई. मैदान, सतना में मेडिकल कॉलेज और नल-जल योजनाओं के शिलान्यास समारोह में कही। मेडिकल कॉलेज और 750 बिस्तरीय अस्पताल भवन की लागत 287 करोड़ 75 लाख है। मुख्यमंत्री ने तीन नल-जल योजनाओं का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सतना के विकास में मेडिकल कॉलेज मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी 75 प्रतिशत अंक लायेंगे, मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने पर उनकी फीस सरकार भरेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज सह 750 बिस्तरीय अस्पताल में चौबीस घंटे इमरजेंसी सेवाएँ मिलेंगी। इसमें 10 आपरेशन थियेटर होंगे। यहाँ 100 व्यक्तियों के ठहरने के लिए धर्मशाला भी बनाई जाएगी।

सतना के औधोगिक विकास पर पौने 17 करोड़ खर्च होंगे
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सतना में मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन समारोह को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सतना के औद्योगिक विकास के लिए 16 करोड़ 74 लाख की राशि खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले चार साल में गरीबों को झुग्गी-झोपड़ी से मुक्ति दिलाकर उन्हें पक्के मकान बनाकर दिए जायेंगे। श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार गरीबों के जीवन में उजाला लाने का प्रयास कर रही है। गरीबों के बिजली के बिलों की भरपाई राज्य सरकार करेगी और उनको हर माह 200 रूपये फ्लैट रेट पर बिजली देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पहले मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य से विकासशील राज्य बनाया, उसके बाद विकसित राज्य बनाया और अब मध्यप्रदेश को समृद्ध राज्य बनाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों एवं मीसाबंदियों का सम्मान किया।

सांसद गणेश सिंह और अन्य जन-प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य प्रभात झा, विधायक शंकरलाल तिवारी, महापौर श्रीमती ममता पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुधा सिंह सहित अन्य जन-प्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे।

 35 लाख 56 हजार आवासहीनों को मिले भू-खण्ड पट्टे

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सांकेतिक फोटो।
 भोपाल। रडार न्यूज़     राज्य शासन द्वारा आवासहीन व्यक्तियों को आवास के लिये भू-खण्ड उपलब्ध कराने के लिये चलाये जा रहे भू-खण्ड अधिकार में 17 जुलाई तक 35 लाख 56 हजार 45 भूमिहीन व्यक्तियों को आवास के लिये भू-खण्ड दिये जा चुके हैं। राज्य शासन द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि यदि किसी व्यक्ति ने 31 दिसम्बर, 2014 के पहले निवास और उसके अनुषांगिक प्रयोजन के लिये भवन का निर्माण कर लिया है, तो वह जमीन उसे आवंटित कर दी जायेगी। इस संबंध में अधिनियमों में जरूरी संशोधन किये जा चुके हैं। यह आवासीय भू-खण्ड आबादी क्षेत्र में, घोषित आबादी में, दखलरहित भूमि में व्यवस्थापन, वास-स्थान दखलकार अधिनियम और नगरीय क्षेत्रों में पट्टाधृति अधिकार के अंतर्गत दिये गये हैं।

राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने जानकारी दी है कि एक जनवरी 2018 के बाद जिला श्योपुर में 1510, मुरैना में 301, भिण्ड में 49 हजार 850, शिवपुरी में 46 हजार 372, गुना में 6284, अशोकनगर में 13 हजार 191, दतिया में 2200, देवास में 34 हजार 83, रतलाम में 12 हजार 718, शाजापुर में 38 हजार 637, आगर में 12 हजार 668, मंदसौर में 23 हजार 417, नीमच में 39 हजार 875, उज्जैन में 24 हजार 992, इंदौर में 1065, धार में 5566, झाबुआ में 2290, खरगोन में 84 हजार 293, बड़वानी में 12 हजार 427, बुरहानपुर में 6805 और अलीराजपुर में 1247 व्यक्ति को आवासीय पट्टे वितरित किये जा चुके हैं।

इसी तरह जिला भोपाल में 8 हजार 441, सीहोर में 9 हजार 329, रायसेन में 59 हजार 956, राजगढ़ में 60 हजार 352, विदिशा में 50 हजार 730, बैतूल में 5 हजार 137, होशंगाबाद में 446, हरदा में 21 हजार 964, सागर में 8 हजार 230, दमोह में एक लाख 33 हजार 28, छतरपुर में 3029, टीकमगढ़ में 609, पन्ना में 1259, जबलपुर में 6 हजार 620, कटनी में 3 हजार 450, नरसिंहपुर में 49 हजार 972, छिन्दवाड़ा में 4 हजार 818, मण्डला में एक हजार 699, डिण्डोरी में 14 हजार 531, सिवनी में 5 हजार 987, बालाघाट में 2 हजार 820, रीवा में 9 हजार 452, सिंगरौली में एक हजार 185, सीधी में 14 हजार 931, सतना में 7 हजार 746, शहडोल में 4 हजार 711, अनूपपुर में 358 और उमरिया में 16 हजार 298 भूमिहीन व्यक्तियों को आवासीय भूमि के पट्टे वितरित किये गये हैं। शेष 7 लाख 99 हजार 700 आवासहीनों को पट्टे देने की कार्यवाही जारी है। उल्लेखनीय है कि भू-खण्ड अधिकार अभियान के अंतर्गत एक जनवरी, 2018 के पहले 26 लाख 63 हजार 935 और एक जनवरी, 2018 के बाद 8 लाख 92 हजार 110 भू-खण्ड के पट्टे आवास के लिये पात्र भूमिहीन व्यक्तियों को वितरित किये जा चुके हैं।

एनएमडीसी लिमिटेड हीरा खनन परियोजना को मिला “अवार्ड ऑफ एक्सलेन्स”

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हीरा खनन परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा को प्रशस्ति पत्र और मेमेंटों सौंपते उप महाप्रबंधक कार्मिक बी. के. माधव एवं वरिष्ठ प्रबंधक खनन संजय कुमार।

अधिकतम संख्या में अप्रेंटिस नियोजित करने के लिए किया गया सम्मानित

पन्ना। रडार न्यूज  उज्जवल किस्म के हीरों के उत्पादन के लिए दुनियाभर में विख्यात पन्ना जिले के मझगवां कस्बा में स्थित एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खनन परियोजन से एक अच्छी खबर आई है। “विश्व युवा कौशल दिवस” के अवसर पर अधिकतम संख्या में अप्रेंटिस नियोजित करने के लिए मध्य प्रदेश शासन द्वारा एनएमडीसी लिमिटेड, हीरा खनन परियोजन को “अवार्ड ऑफ एक्सलेन्स” प्रदान कर सम्मानित किया गया है । कौशल विकास निदेशालय के अंतर्गत तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा 15 जुलाई 2018 को भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में परियोजना को यह सम्मान प्रदान किया गया । हीरा खनन परियोजना की ओर से यह पुरस्कार संजय कुमार वरिष्ठ प्रबंधक, खनन ने ग्रहण किया ।

मंगलवार 17 जुलाई 2018 को उप महाप्रबंधक कार्मिक बी. के. माधव एवं वरिष्ठ प्रबंधक खनन संजय कुमार ने हीरा खनन परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा को प्रशस्ति पत्र और मेमेंटों प्रस्तुत किया । इस अवसर पर परियोजना प्रबंधक एवं उप महाप्रबंधक कार्मिक ने इस सम्मान के लिए राज्य प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्राचार्य आईटीआई पन्ना को धन्यवाद ज्ञापित किया है ।

“विश्व युवा कौशल दिवस” के अवसर पर कौशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा भोपाल में आयोजित कार्यक्रम का फोटो।

उल्लेखनीय है कि हीरक जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुकी एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खनन परियोजना सदैव ही क्षेत्र में सामुदायिक विकास हेतु ईमानदार और सार्थक प्रयास करती रही है। नैगम सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत परियोजना निकटवर्ती ग्रामीनजनों को शिक्षा, स्वास्थ्य,परिवहन, पेयजलए युवाओं के कौशल विकास जैसी जीवनपयोगी मूलभूत सेवाएं प्रदान कर रही है। अप्रेंटिस एक्ट 1961 के अंतर्गत एनएमडीसी लिमिटेड विविध तकनीकी एवं गैर तकनीकी शिक्षण क्षेत्र में युवाओं को व्यवहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती आई है और भविष्य में भी सतत रूप से अवसर प्रदान करती रहेगी ।

आईटीआई या पॉलिटेक्निक कॉलेज से डिप्लोमा प्राप्त करने वाले तकनीकी एवं गैर तकनीकी शिक्षण क्षेत्र में युवाओं को अप्रेंटिसशिप के माध्यम से एनएमडीसी लिमिटेड, हीरा खनन परियोजना द्वारा अच्छे माहौल में व्यवहारिक कार्य अनुभव प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया जाता है। इससे युवाओं का कौशल उन्नयन होने से उनकी कार्यकुशलता और कार्यक्षमता बढ़ती है।

नर्मदा मैया बदलेगी सीहोर जिले के सिंचाई से वंचित क्षेत्र की तस्वीर

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आष्टा जिला सीहोर में नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना के प्रथम एवं द्वितीय चरण का भूमि-पूजन किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा 3415 करोड़ की नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना का शिलान्यास 

डेढ़ लाख से ज्यादा बीमित कृषकों के खातों में 482 करोड़ रुपये की राशि हुई जमा 

भोपाल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सीहोर जिले की महत्वाकांक्षी नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना का शिलान्यास किया। परियोजना के पहले और दूसरे चरण में इंदिरा सागर जलाशय से लगभग 295 मीटर ऊँचाई तक पानी लिफ्ट कर किसानों के खेतों तक पाइप लाइन से पहुँचाया जायेगा। इसके लिए पहला पंपिंग स्टेशन कन्नौद तहसील के धरमपुरी में बनाया जाएगा। दूसरे पंपिंग स्टेशन से आष्टा तहसील के सिंगारचोली गाँव के पास निर्मित जंक्शन स्ट्रक्चर में डालकर खेतों तक पहुँचाने की व्यवस्था होगी। योजना से सीहोर जिले की आष्टा, जावर तथा इछावर तहसील के 187 गाँव का लगभग ढाई लाख एकड़ रकबा सिंचित होगा। 
आष्टा में आज संपन्न शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि परियोजना के पूरा होने पर सीहोर जिले के किसानों की तकदीर और क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी। परियोजना से किसानों को ढाई हेक्टेयर तक के चक में पाइप लाइन से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। योजना से सीहोर जिले के उन किसानों को सिंचाई का लाभ मिलने लगेगा, जो भौगोलिक रूप से नर्मदा नदी से ऊँचाई पर बसे हैं। किसानों को सिंचाई के लिए पानी जल्दी मिल सके, इसके लिए नहरों के स्थान पर पाइप लाइन से सिंचाई की व्यवस्था की जा रही है।

नर्मदा-क्षिप्रा-कालीसिंध-पार्वती को जोड़ने पर 20 लाख करोड़ खर्च होंगे-

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा-क्षिप्रा-कालीसिंध-पार्वती नदियों को जोड़ा जा रहा है। इस पर करीब 20 लाख करोड़ की लागत आएगी और साढ़े सात लाख हेक्टेयर ऐसे क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी, जहाँ किसान केवल अच्छी वर्षा होने पर ही फसल ले पाते थे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने पर क्षेत्र में पीने के पानी की समस्या से भी निजात मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकार हर हाल में किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज ही सीहोर जिले के एक लाख इक्यावन हजार से अधिक किसानों के खातों में फसल बीमा योजना की 482 करोड़ से अधिक राशि जमा करवाई गई है। पिछले साल बेचे गए गेहूँ पर 200 रुपये प्रति क्विंटल के मान से बोनस दिया गया। श्री चौहान ने विभिन्न फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इसका लाभ भी प्रदेश के किसानों को मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश की सोयाबीन को चीन निर्यात करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, इससे भी प्रदेश के किसानों को फायदा होगा।

मध्यप्रदेश के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए शुरू की गई संबल योजना की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह योजना देश भर में अनूठी है। अभी तक प्रदेश में करीब दो करोड़ असंगठित श्रमिकों ने योजना में अपना पंजीयन करवाया है। गरीब परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा, चिकित्सा देने की व्यवस्था संबल योजना में की गई है।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अब बिजली के भारी-भरकम बिल गरीबों को परेशान नहीं करेंगे। प्रदेश के सभी जिलों में शिविर लगाकर गरीबों के बिजली के बिल माफ किए जा रहे हैं। इसके बाद उन्हें हर माह 200 रुपये महीने के मान से बिजली बिल दिए जाएंगे। इसमें चार बल्ब, दो पंखे, एक कूलर और टी.वी. चलाया जा सकेगा। अंसगठित क्षेत्र के पंजीकृत श्रमिकों को रहने के लिए जमीन तथा मकान बनाकर दिए जाएंगे। श्री चौहान ने प्रदेश के विकास के लिए सभी के सहयोग की अपेक्षा की है।

 194 करोड़ से ज्‍यादा के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन-

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर जिले के आष्टा में नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना के प्रथम और द्वितीय चरण के भूमि-पूजन कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया।

इसके पहले मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 119 करोड़ 11 लाख रुपये की लागत से 22 कार्यों का भूमि-पूजन तथा 75 करोड़ 9 लाख लागत के 6 निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने सभा-स्थल के समीप वृक्षारोपण कर नागरिकों से एक पौधा अवश्य लगाने की अपील की। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह, नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लालसिंह आर्य, सांसद मनोहर ऊँटवाल, विधायक रणजीत सिंह गुणवान, सुदेश राय, जसवंत सिंह हाड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला मरेठा और पाठ़य-पुस्तक निगम के अध्यक्ष रायसिंह सैंधव उपस्थित थे।

स्टार्ट अप की नई राह पर चलकर नई सृष्टि की रचना करें – मुख्यमंत्री 

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्टार्टअप इंडिया मध्यप्रदेश यात्रा को झण्डी दिखाकर रवाना किया।

स्टार्ट अप इंडिया मध्यप्रदेश यात्रा को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना 

आष्टा-सीहोर के लिये सड़क मार्ग से रवाना हुई यात्रा

भोपाल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने युवाओं से आव्हान किया कि स्टार्ट अप की नई राह पर चलकर नई सृष्टि की रचना करें। इसमें पूँजी आदि का सहयोग दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ और समृद्ध राज्य बनाना है। श्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास में स्टार्टअप इंडिया मध्यप्रदेश यात्रा को फ्लेग ऑफ कर रहे थे। उन्होंने हरी झण्डी दिखाकर यात्रा को रवाना किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नये विचारों के साथ कुछ नया करने की जिद्, जुनून और जज्बा रखने वालों के लिये स्टार्ट अप इंडिया है। अभियान में नये विचारों की नई राह पर चलने के लिये युवाओं को प्रेरित, प्रोत्साहित करने के प्रयास किये जायेंगे। श्री चौहान ने कहा कि पिटी-पिटाई लीक पर चलकर नया नहीं किया जा सकता। मध्यप्रदेश को विकास के नये आयाम तक पहुँचाने के लिये नयी राह पर चलना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार नवाचारों को क्रियान्वित करने के हर प्रयास के मार्ग की सभी बाधाओं को दूर करेगी। युवाओं को पूँजी आदि का पूरा सहयोग और सहायता स्टार्ट अप कार्यक्रम में मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को पहले बीमारू से विकसित राज्य बनाया, फिर विकासशील फिर अब समृद्ध राज्य बनाना है। इसमें स्टार्टअप की महती भूमिका है। इस अवसर पर बताया गया कि स्टार्टअप इंडिया मध्यप्रदेश यात्रा भोपाल से प्रारंभ होकर मण्डीदीप, विदिशा, होशंगाबाद, जबलपुर, कटनी, रीवा, सतना, सागर, गुना, ग्वालियर, उज्जैन होते हुये इंदौर में सम्पन्न होगी। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजौरा भी उपस्थित थे।

बहुचर्चित पुराना पन्ना हत्याकाण्ड: नशे की गोली खिलाकर 4 लोगों की हत्या करने वाले अभियुक्तों को उम्रकैद

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सजा के ऐलान के बाद पुलिस टीम के साथ न्यालय से बाहर आते अभियुक्तगण।

गहने और रूपए लूटने के लिए गला घोंटकर की गई थी हत्या

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना ने सुनाया महत्पूर्ण फैसला

पन्ना। रडार न्यूज़  मध्यप्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय के नजदीकी ग्राम पुराना में करीब करीब चार वर्ष पूर्व एक ही परिवार के चार सदस्यों को नशे की गोली खिलाकर बेहोश होने पर गला घोंटकर बेरहमी से हत्या करने के बहुचर्चित मामले सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना अनुराग द्विवेदी ने निर्णय पारित करते हुए 4 अभियुक्तों गोविंद सिंह उर्फ राजा ठाकुर ने अपने दोस्तों शेख रईस, शेख अनीस व शेख फारूक निवासी छतरपुर को हत्या, लूट सहित अन्य धाराओं में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी हत्यारोपियों को अर्थदंड से भी दण्डित किया है। हत्यारोपियों में शामिल शेख रईस, शेख अनीस व शेख फारूक सगे भाई हैं। उक्त आरोपीगणों ने एक साथ मिलकर सविता सैनी व उसके तीन बच्चों की पुराना पन्ना स्थित उनके ही घर पर हत्या कर दी थी। इस जघन्य हत्याकाण्ड को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक गहने, रूपए और अन्य सामान लूट ले गए थे। न्यायालय द्वारा सुनाए गए इस महत्पूर्ण फैसले के संबंध में आशुतोष कुमार द्विवेदी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 23 नवम्बर 2014 को मुकेश राय निवासी पुराना पन्ना द्वारा कोतवाली थाना पन्ना में टेलीफोन से सूचना दी गई कि पुराना पन्ना में सावित्री सैनी अपने तीन बच्चों के साथ रहती थी जो तीन चार-दिन से दिखाई नहीं दे रही हैं। उसके घर में ताला लगा हुआ है पर अंदर की लाईट जल रही है और मकान से बदबू आ रही है। थाना प्रभारी कोतवाली पन्ना हमराही स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे जहां पर मकान का ताला चैक करने पर ताला खुला हुआ लटका मिला। जब मकान के अंदर जाकर पुलिस वालों ने देखा तो अंदर पहले कमरे में मृतक पुष्पेन्द्र सैनी व करन सैनी तथा दूसरे कमरे में सावित्री सैनी और उसकी बेटी शिल्पा सैनी की लाशें पडी हुई थी। दोनों कमरे में कपडे व सामान बिखरा पड़ा था। इस मामले में अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध धारा 302,34 का अपराध पंजीबद्ध किया गया तथा विवेचना के दौरान मृतिका से दुश्मनी एवं घनिष्ठ संबंध रखने वालों की जानकारी एकत्र की गई। मृतिका सावित्री की कॉल डिटेल खंगालने पर पता चला कि उसके के मोबाईल नंबर पर आरोपी गोविंद सिंह उर्फ राजा ठाकुर से बात हुई और आरोपी गोविंद सिंह के नंबर से तीन अन्य नंबरों पर बात होना पाया गया।

मिठाई में मिलाकर खिलाई थी नशीली दवा-

मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी कोतवाली पन्ना ने संदेही आरोपी गोविंद सिंह उर्फ राजा ठाकुर व उसके साथी शेख रईस, शेख अनीस व शेख फारूक को छतरपुर बस स्टैंड से पकड़कर उनसे पूंछतांछ की तो आरोपीगणों ने अपना अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उन्होंने पुलिस को बताया कि मृतिका के घर पर लूट करने के उद्देश्य से हम लोगों ने सुनियोजित तरीके से रबडी मिठाई में नशीली गोलियों का चूर्ण मिलाकर सभी को खिला दिया था और बेहोश होने पर सभी मृतकों की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद घर में रखे जेवरात सोना, चांदी, लेपटाप, मोबाईलए नगद रूपये लूटकर ले गए थे। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए शासन द्वारा उक्त प्रकरण को जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण के रूप में चिन्हित किया गया। प्रकरण का विचारण न्यायालय अनुराग द्विवेदी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जिला पन्ना के न्यायालय में हुआ। अभियोजन के द्वारा आरोपी के विरूद्ध अपराध संदेह से परे प्रमाणित किया गया। अभियोजन के द्वारा आरोपी के किए गए कृत्य के लिए अधिकतम दंड दिये जाने का निवेदन किया गया।

इन धाराओं के तहत माना दोषी-

न्यायालय के द्वारा अभियोजन के तर्कों तथा न्यायिक दृष्टांतों से सहमत होते हुए आरोपीगण क्रमश गोविंद सिंह पिता मुन्ना सिंह ठाकुर 26 वर्ष निवासी ग्राम सिदोखर थाना सुमेरपुर जिला हमीरपुर उत्तरप्रदेश, व तीन सगे भाइयों शेख अनीश 26 वर्ष, शेख रहीस पिता 28 वर्ष, व शेख फारूख ऊर्फ चाहत पिता शेख लियाकत 21 वर्ष सभी निवासी शेखन की बगिया छतरपुर थाना सिटी कोतवाली छतरपुर को भादवि की धारा 450, 302, 394, 201 में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा सभी अभियुक्तों को 2500-2500 रुपये के अर्थदंड से भी दण्डित किया है। इस प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी प्रवीण कुमार सिंह जिला लोक अभियोजन अधिकारी पन्ना द्वारा की गई।

दर्दनाक हादसा : हैवी ट्रक के साथ घिसटी महिला, धड़ से अलग हुआ पैर

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घटनास्थल का दृश्य।

पन्ना जिले के पहाड़ीखेरा में हुआ दिलदहला देने वाला सड़क हादसा

बाइक में ठोकर लगने से बेलगाम ट्रक के नीचे आई महिला

सतना जिले से पन्ना के सिद्ध स्थल बंदर खोह जा रही थी दर्शन करने

हरिशंकर पाण्डेय, डीके साहू। पहाड़ीखेरा/पन्ना। रडार न्यूज़     एक बेलगाम हैवी ट्रक की ठोकर लगने से बाइक सवार मां-बेटे सड़क पर गिर गए। इन्हें संभलने का मौका मिलता कि उसके पहले ही तेज रफ्तार ट्रक नीचे फंसी महिला को करीब 20 फुट तक घसीट ले गया। रोंगटे खड़े कर देने वाले इस सड़क हादसे का शिकार बनी सुनीता दाहिया पति राजेन्द्र दाहिया 45 वर्ष निवासी ग्राम पटरहाई थाना रामपुर बघेलान जिला सतना का बायां पैर ट्रक की स्टीयरिंग राड में फंसने धड़ से अलग हो गया। उसका दाहिना हांथ-पैर भी अत्यंत ही गंभीर रूप से फ्रेक्चर हो गया। ट्रक के नीचे फंसी असहनीय दर्द से तड़पती खून से लथपथ बेबश और लाचार सुनीता दाहिया अपनी जान बचाने के लिए गुहार लगाती रही। पुलिस द्वारा बुलाये गए मैकेनिकों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद महिला को जब बाहर निकला तब तक वह बेसुध हो चुकी थी।

हैवी ट्रक के नीचे फंसी सुनीता दाहिया को निकालने के लिए मशक्कत करते लोग।

इस दर्दनाक हादसे में बाइक चालक विक्रम दाहिया सुनीता की देवरानी के बेटे को आश्चर्यजनक रूप से एक खरोंच भी नहीं आयी। जबकि उसकी बड़ी मां को अत्यंत ही गंभीर हालत में महिला डायल-100 पुलिस वाहन से पन्ना जिला चिकित्सालय लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद आनन-फानन में सुनीता को मेडीकल कॉलेज रीवा के लिए रेफरल किया गया। कमर के ठीक नीचे से पैर अलग होने के कारण जिंदगी और मौत से जूझ रही सुनीता की हालत पन्ना के डॉक्टरों ने अत्यंत ही चिंताजनक बताई है। सोमवार को सुबह-सुबह हुए इस हृदयविदारक हादसे का पता जिसे भी चला सुनीता की हालत के बारे में सोचकर उसका कलेजा बैठ गया। वहीं सोशल मीडिया पर आये हादसे के विचलित कर देने वाले फोटो देखकर लोग सहम गए। कुछ लोगों का कहना है श्रद्धालु सुनीता दाहिया के साथ जो हुआ वह  मौत से भी भयावह और पीड़ादायक है। लोग उसकी जिंदगी के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं।

भाग निकला ट्रक चालक-

ट्रक के नीचे बेबश और असहाय पड़ी सुनीता दाहिया।

सोमवार 16 जुलाई की सुबह करीब 7 बजे विक्रम दाहिया अपनी बड़ी मां सुनीता दाहिया पति राजेन्द्र दाहिया उम्र 45 वर्ष निवासी ग्राम पटरहाई थाना रामपुर बघेलान जिला सतना को लेकर बाईक से पन्ना जिले के अहिरगवां ग्राम के समीप स्थित बंदर खोह हनुमान जी के दर्शन कराने ले जा रहा था। रास्ते में पहाड़ीखेरा चौकी से महज एक किलोमीटर दूर पन्ना रोड पर सामने से आरहे हैवी ट्रक क्रमांक-RG-05 -JA7381 के अज्ञात चालक ने घोर ने लापरवहीपूर्वक चलाते हुए बाईक में सीधी ठोकर मार दी। जिससे सड़क में गिरी सुनीता ट्रक के नीचे आने से उसके साथ कुछ दूर तक घिसट गई। आसपास मौजूद लोग यह दर्दनाक दृश्य देखकर चींखते-चिल्लाते हुए जब महिला को बचाने दौड़े तो आरोपी ट्रक चालक मौके से भाग निकला। इस हादसे कीसूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचे ब्रजपुर थाना प्रभारी अवधेश प्रताप सिंह बघेल व चौकी प्रभारी बी.पी. मिश्रा ने अन्य ट्रकों के चालकों व मिस्त्रीयों को ले जाकर एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रक के नीचे स्टीयरिंग राड में बुरी तरह फंसी महिला को बाहर निकालकर तत्काल उपचार के लिए पन्ना भेजा गया। इस घटना पर पुलिस अज्ञात आरोपी ट्रक चालक के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण कायम करते हुए ट्रक को जब्त किया है।

रथयात्रा महोत्सव : “जगत के नाथ” दूल्हा बन चले ब्याह रचाने

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अपने रथों में आरूढ़ भगवान बलभद्र, बहिन देवी सुभद्रा व भगवान जगन्नथ स्वामी के दर्शन लाभ लेते धर्मप्रेमी।

पन्ना में धूमधाम से निकली भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा

भगवान की बारात के लिए दुल्हन सा सजा शहर, बराती बने धर्मप्रेमी

बुंदेलखंड की 164 वर्ष से अधिक पुरानी है परम्परा का हुआ निर्वहन

पन्ना। रडार न्यूज़  भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा ऐतिहासिक परम्परानुसार बड़े ही धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ शनिवार शाम 6 बजे बड़ा दिवाला मंदिर से निकली। 164 वर्ष पुराने बुन्देलखण्ड अंचल के इस सबसे बड़े धार्मिक आयोजन में हजारों धर्मप्रेमी बाराती बनकर शामिल हुए। दूल्हा बने भगवान जगन्नथ स्वामी के दर्शन पाकर और इतनी बड़ी संख्या में धर्मप्रेमियों के जुटने से मंदिरों की पवित्र नगरी पन्ना का कण-कण पुलकित हो उठा। धार्मिक रीति- रिवाजों के अनुसार रविवार की शाम शहर के जगदीश स्वामी मंदिर से जब भगवान बलभद्र, शक्तिस्वरूपा देवी सुभद्रा और दूल्हा बने भगवान जगन्नाथ स्वामी की प्रतिमाएं मंदिर के गर्भगृह से निकालकर उन्हें शाही रथों पर आसीन किया गया, तो वहां भगवान की एक झलक पाने उपस्थित श्रृद्धालु धर्मप्रेमी भाव-विभोर हो उठे। मंदिर प्रांगण भगवान जगन्नाथ स्वामी के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। भगवान की मनमोहक छवि की एक झलक पाने भक्तों में होड़ मच गई। मंदिरों की नगरी पन्ना में डेढ़ सौ वर्ष से अधिक समय से आयोजित हो रहे ऐतिहासिक रथयात्रा महोत्सव की बात ही कुछ निराली है। तभी तो वर्षों से रथयात्रा महोत्सव में शामिल होकर धर्मलाभ उठाने यहां प्रतिवर्ष बुन्देलखण्ड अंचल के अन्य जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। परम्परानुसार भगवान के बड़े भाई बलभद्र, बहिन देवी सुभद्रा व भगवान जगन्नाथ स्वामी की प्रतिमाओं को पन्ना राज परिवार के सदस्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान के साथ रथारूढ कराया गया।

रथों को खींचने भक्तों में मची होड़ –

रथयात्रा महोत्सव का परम्परानुसार शुभारंभ कराने के लिए उपस्तिथ पन्ना राजपरिवार के सदस्य।

भगवान के रथों में सवार होने के साथ जैसे ही रथयात्रा शुरू हुई, उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने गगनभेदी जयकारों के साथ जगत के नाथ के दर्शन किए। साथ ही रथयात्रा में शामिल भक्तों के बीच रथों को खींचने की होड़ मच गई। भगवान जगन्नाथ स्वामी जी का कीर्तन करते हुए भक्तों ने रथों को खींचकर धर्मलाभ उठाया। ऐसी मान्यता है कि जो भी व्यक्ति पूरे श्रद्धाभाव के साथ कीर्तन करते हुए भगवान के रथों को खींचता है। वह पुर्नजन्म से मुक्त हो जाता है। धर्माचार्यों का मानना है कि यह एक ऐसा अद्वितीय पर्व है जब भगवान जगन्नाथ चलकर जनता के बीच आते हैं, भगवान दसों अवतार का रूप धारण करते हैं और सभी भक्तों को दर्शन देकर समान रूप से तृप्त करते हैं।

पुरी की तर्ज पर निकली पन्ना की रथयात्रा-

पन्ना नगर में ऐतिहासिक रथयात्रा महोत्सव की रौनक जगन्नाथपुरी की तर्ज पर होती है। भगवान के रथों के आगे तुरही एवं शंख तथा घण्टों व घरियाल के सुमधुर स्वरों ने पूरे नगर को भक्ति के सागर में सराबोर कर दिया। इस अवसर पर पन्ना महाराज राघवेन्द्र सिंह, राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्य लोकेन्द्र सिंह, प्रदेश शासन की मंत्री सुश्री कुसुम सिंह मेदहेले, नगर पालिका अध्यक्ष मोहन लाल कुशवाहा, पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व विधायक श्रीकांत दुबे, बाबूलाल यादव, शारदा पाठक, महेन्द्र प्रताप सिंह यादव, रवेन्द्र शुक्ला, मार्तण्ड देव बुंदेला, मनोज गुप्ता, कलेक्टर मनोज खत्री, पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के आलाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

जगह-जगह उतारी आरती-

जगदीश स्वामी जी मंदिर से प्रथम पड़ाव लखूरन बाग के लिए ऐतिहासिक रथयात्रा के मार्ग में पड़ने वाले मंदिरों में तथा जगह-जगह धर्मप्रेमी जनता द्वारा पूरे श्रद्धाभाव के साथ भगवान की आरती उतारी और अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए जगत के नाथ से प्रार्थना की।

मोबाइल पर देर तक बातें करने से नाराज था पति, गलतफहमी दूर कर दम्पति को मिलाया

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पत्नी विनय कुमारी को माला पहनाता शिवनारायण लोधी एवं समीप खड़े न्यायधीश, काउन्सलर व अधिवक्ता।

नेशनल लोक अदालत :

समझाईश और सुलह से कई बिखरे परिवार फिर हुए एक

पन्ना। नेशनल लोक अदालत अंतर्गत गठित अलग-अलग खण्डपीठों ने कई दम्पत्तियों के बीच उपजी गलतफहमी, आपसी वाद-विवाद और मनमुटाव को दूर करने के लिए समझाईश देकर व सुलह कराकर बिखरे हुए परिवारों को फिर से एक करा दिया। लंबे समय बाद एक हुए दंपतियों ने न्यायालय कक्ष में ही एक-दूसरे को माला पहनाकर एक बार फिर से प्रेमपूर्वक दाम्पत्य जीवन निर्वहन करने का संकल्प लिया। इन दंपतियों के पुनर्मिलन के भावनात्मक दृश्य के साक्षी बने न्यायधीशों, परिवार परामर्श केन्द्र के काउन्सलर व अधिवक्ताओं ने उन्हें एक नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं और बधाई दी है।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना श्री राजेश कुमार कोष्टा के कुशल मार्गदर्शन में एडीआर सभागृह में लोक अदालत का शुभारंभ किया गया।

नेशनल लोक अदालत की खंडपीठ क्रमांक-6 में आवेदक शिवनारायण लोधी ने लिखित आवेदन दिया, उसने बताया कि मेरी पत्नी फोन पर कई घंटो तक बात करती रहती है। मेरे घर आने पर तुरन्त फोन बन्द कर देती है। अनावेदिका विनय कुमारी ने बताया कि मैं आशा कार्यकर्ता हूॅ फोन में बात करना मेरे लिए जरूरी है, मेरा पति मुझ पर बेवजह शक करता है। दोनों पक्षों को खण्डपीठ पीठासीन न्यायाधीश श्रीमती वंदना सिंह की समझाईश, सुलहकर्ता सदस्यों परिवार परामर्श केन्द्र के परामर्श प्रभारी, काउन्सलर के प्रयासों से विनय कुमारी अपनी शर्त के मुताबिक पति के साथ रहने को तैयार हो गई। इसके अलावा अन्य 10 मामलों में खण्डपीठ पीठासीन न्यायाधीश श्रीमती वंदना सिंह की समझाईश सुलहकर्ता सदस्यों परिवार परामर्श केन्द्र के परामर्श प्रभारी, काउन्सलर के प्रयासों से बिखरे परिवार एक इनमें से कुछ एक हुए परिवारों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार कोष्टा के सम्मुख आपस में माला पहनाकर एवं न्यायाधीश द्वारा स्मृति स्वरूप पौधे देकर भविष्य में सदा खुश रहने के लिए प्रेरित किया गया।

मासूम बच्ची के माता-पिता हुए एक-

लोक अदालत के शुभारंभ कार्यक्रम में उपस्थित न्यायधीश।

शनिवार 14 जुलाई 2018 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत पन्ना में ग्राम ललपुरवा तहसील अजयगढ़ जिला पन्ना के रहने वाले पुष्पेन्द्र सिंह व उनकी पत्नी श्रीमती देवकुॅवर के मध्य आपसी वाद-विवाद व मनमुटाव के कारण विगत एक वर्ष से कुटुम्ब न्यायालय पन्ना में दो प्रकरण धारा 9 व भरण-पोषण के विचाराधीन थे। पति-पत्नी के बीच में दो वर्षीय मासूम बच्ची माता-पिता के झगड़े में अपना बचपन खोती जा रही थी। नेशनल लोक अदालत हेतु गठित खण्डपीठ क्रमांक-1 के जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार कोष्टा की समझाईश से एवं सुलहकर्ता सदस्य अधिवक्ता आर.सी. तिवारी एवं प्रवीण खरे (सीनियर) के प्रयासों से वे पुनः एक साथ रहने को तैयार हो गये। उन्होंने न्यायालय कक्ष में ही एक-दूसरे को माला पहनाकर एक बार फिर से प्रेमपूर्वक दाम्पत्य जीवन निर्वहन करने का संकल्प लिया।

स्मृति स्वरूप पौधे दिये-

वहीं नेशनल लोक अदालत में खण्डपीठ क्रमांक-2 पीठासीन अधिकारी श्री अमिताभ मिश्र के समझाईश फलस्वरूप कई मामलों में राजीनामा हुआ एवं पक्षकारगण आपस में एक दूसरे को पुष्प माला पहनाकर गले मिले। श्री मिश्र द्वारा पक्षकारगणों को स्मृति स्वरूप पौधे दिये गये। खण्डपीठ क्रमांक-3 पीठासीन अधिकारी अनुराग द्विवेदी के समझाईश एवं सुलहकर्ता सदस्यों के समझाईश फलस्वरूप कई मामलों में राजीनामा हुआ एवं पक्षकारगण आपस में एक दूसरे को पुष्पमाला पहनाकर गले मिले एवं श्री द्विवेदी द्वारा स्मृति स्वरूप पौधे दिये गये। खण्डपीठ क्रमांक- 4 पीठासीन अधिकारी आमोद आर्य की समझाईश एवं सुलहकर्ता सदस्यों के समझाईश फलस्वरूप कई मामलों में राजीनामा हुआ एवं पक्षकारगण आपस में एक दूसरे को फूल माला पहनाकर गले मिले एवं श्री आर्य द्वारा स्मृति स्वरूप पौधे दिये गये।

सड़कें बनीं दरिया | पानी-पानी हुआ मोहन्द्रा

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जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से बारिश के बाद पानी में डूबा मोहन्द्रा बस स्टैण्ड मार्ग।

जलभराव से आवागमन हुई परेशानी, कई दुकानों में घुसा पानी

पानी की निकासी के बाद सड़कों पर फैला कीचड़ और गंदगी

आकाश बहेरे, मोहन्द्रा। रडार न्यूज़  मानसून की पहली जोरदार बारिश मोहन्द्रा के लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई। शनिवार को करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश होने से लोगों को उमस भरी बेहाल करने वाली गर्मी से फौरी तौर पर राहत तो मिल गयी लेकिन वर्षा जल निकासी की समुचित व्यवस्था ना होने से सड़कों पर जल भराव के चलते लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।

अपना सामान समेटता फुटपाथी दुकानदार।

सबसे अधिक समस्याग्रस्त इलाका मोहन्द्रा का बस स्टैण्ड है। जहां कि सड़कें बारिश के पानी में पूरी तरह डूबी रहीं। यहां का दृश्य किसी नदी की तरह प्रतीत हो रहा था। व्यवसायिक गतिविधि वाले गावं के इस मुख्य इलाके में जलभराव के कारण बारिश का पानी कई दुकानों के अंदर तक पहुंच गया। जिसे लेकर दुकानदार तनाव के बीच अपने सामान को सुरक्षित करने के लिए खासी मशक्कत करते नजर आये। सबसे ज्यादा मुसीबत में फुटफाथी दुकानदार रहे जिनका सामान ही सड़क में भरे पानी में तैरने लगा। बेचारे छोटे दुकानदार जल्दी-जल्दी अपनी दुकान समेटकर बमुश्किल अपना सामान सुरक्षित कर पाए।

गंदगी से बजबजा रहीं नालियां-

बारिश के कई घंटों बाद भी सड़कों में पानी भरा रहा।

इस बीच नालियों की सफाई के अभाव में गंदा पानी गीले और सूखे कचरे के साथ घुटनों तक सड़कों पर बहता रहा। बस्ती के अंदर भी यही हाल है। नालियां कचरे से पटी पड़ी है। कई जगह नालियां जाम है। गावं की हालत यह है कि थोड़ी देर भी बारिश हो जाए तो लोगों का सड़क पर पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। नतीजतन पूरे गांव में कंक्रीट सड़क से पानी के बह जाने के बाद भी सीसी सड़कें कीचड़ से सराबोर है। मोहन्द्रा के बस स्टैंड में अस्पताल रोड, बाजार रोड व पान मंडी में बारिश हो जाने के बाद पैर रखने के लिए भी जगह नहीं होती। स्थानीय लोगों की मानें तो नालियों कि साफ-सफाई हुए अरसा गुजर गया। सरपंच-सचिव ने बारिश के पूर्व नालियों की साफ सफाई की सुध नहीं ली और अब भी जटिल हो चुकी इस समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है। बरसात का मौसम होने के चलते नालियों में जमा पानी से मच्छर भी तेजी से बढ़ रहे है।

सफाई नहीं हुई सिर्फ आश्वासन मिले-

स्वच्छ भारत अभियान के ढिंढोरे के बीच हर तरफ फ़ैली गंदगी से मौसमी बीमारियों के प्रकोप का खतरा बढ़ गया है। मोहन्द्रा में बस्ती के अंदर बड़े क्षेत्र में गंदे पानी की निकासी के लिए नालियां नहीं है और जहां नालियां हैं वे सफाई के आभाव में चोक पड़ी हैं। नालियों से उठती भीषण दुर्गंध से घर के अंदर तक लोगों का जीना मुहाल है। जरा सोचिये रास्तों से गुजरने वालों की क्या हालत होती होगी। इन हालत में गावं में मलेरिया और डेंगू फैलने से इंकार भी नहीं किया जा सकता। बाजार रोड में मंदिर के सामने नालियों का पानी बहता है। वहां इसी गंदे पानी से ऊपर होकर लोग मंदिर में प्रवेश करने को मजबूर हैं। कुछ रोज पहले सामुदायिक भवन में जिला और जनपद सीईओ ने लोगों से समस्यायें सुनीं जिसमें गांव में साफ-सफाई करवाने की मांग की गई थी। देखने वाली बात है कि आश्वासन मिलने के कितने दिनों बाद साफ-सफाई होती है।

निभानी होगी अपनी जिम्मेदारी-

बारिश का पानी निकलने के बाद सड़क पर फैला कचरा और गंदगी।

गांवों में लंबे समय से काम कर रहे पन्ना जिले के प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता रामऔतार तिवारी का मानना है कि आपेक्षित जनसहयोग बिना के कोई भी व्यवस्था कारगर तरीके से नहीं चल सकती है। हमारे गांवों में भीषण गंदगी और जल भराव की समस्या काफी जटिल हो चुकी है। श्री तिवारी के अनुसार इस समस्या से निपटने के लिए ग्राम पंचायत के साथ आम लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए ईमानदारी से उसके निर्वहन को अपनी आदत बनाना होगा।अर्थात जहां नालियों हैं उन्हें चोक होने से रोकने के लिए पॉलीथीन या कोई ऐसी चीज नालियों में ना डालें।

आवागमन में होने वाली परेशानी को बयां करती तस्वीर।

हर दिन अपने घर की ही तरह अपने पड़ोस में साफ-सफाई रखें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। मच्छरों की रोकथाम के लिए अपने आसपास नालियों में जला हुआ मोबिऑइल डालें। यह सुनिश्चित करें कि नाली का पानी कहीं अवरूद्ध ना हो। कचरे को नियत स्थान पर ही फेकें। साथ ही नालियों को क्षतिग्रस्त होने से रोकने के लिए उनके ऊपर कोई निर्माण ना करें और उन्हें ढंककर रखें। नालियों के निर्माण में कोई अनावश्यक अवरोध पैदा न करें। वहीं पंचायत को भी चाहिए कि नालियों और बस्ती की नियमित अंतराल पर साफ़-सफाई कराई जाए। गंदे पानी की निकासी के लिए प्राथमिकता से नालियों के निर्माण सहित स्वछता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाये जाएं। समुदाय को स्वछता के प्रति जागरूक करते हुए इसके लिए लोगों को प्रेरित करने आवश्यक वातावरण का निर्माण किया जाये। सामाजिक कार्यकर्ता रामऔतार तिवारी का कहना है कि इन दो तरफा प्रयासों से स्वछता भी आएगी और गावं का कायाकल्प भी संभव हो सकेगा।

इनका कहना है-

साफ-सफाई के कार्य निरंतर चल रहे हैं, मोहन्द्रा ग्राम की भी समुचित सफाई कराई जायगी। इसके लिए पंचायत सचिव को तुरंत निर्देश देता हूं।

               –सतीश सिंह नागवंशी, सीईओ जनपद पंचायत पवई जिला पन्ना।”