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शहरी क्षेत्र के प्रत्येक पात्र हितग्राही को आवासीय पट्टा प्रदान करें – शुक्ल

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सांकेतिक फोटो।

मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा में आवासीय पट्टा वितरण की समीक्षा की

रीवा। रडार न्यूज  उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि संबल योजना गरीबों का जीवन बदलने वाली योजना है। श्री शुक्ल रीवा में संबल योजना के तहत आवासीय पट्टा वितरण की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्व तथा नगर निगम के अधिकारी मिलकर शहरी क्षेत्र के संबल योजना के पात्र हितग्राहियों का चयन करें। जो वर्षों से अपना आवास बनाकर रह रहा है तथा संबल योजना के मापदण्डों में पात्र है उन्हें आवासीय पट्टे प्रदान करें। इसके लिये सभी वार्डों में सर्वेक्षण करायें।

मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि संबल योजना की निगरानी के लिये शहरी क्षेत्र में हर वार्ड में निगरानी समितियां गठित की गई हैं। इन्हें 14 अगस्त को आयोजित स्मार्ट कार्ड वितरण कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्रदान करें। बैठक में बताया गया कि राजस्व तथा नगर निगम के अधिकारियों द्वारा आवासीय पट्टे के पात्र परिवारों का सर्वेक्षण किया गया है। इन्हें उपलब्ध राजस्व भूमि के अनुसार आवासीय पट्टे दिये जायेंगे। अन्य विभागों के स्वामित्व वाली भूमि में अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद ही इस संबंध में कार्यवाही की जायेगी।

सुप्रीम कोर्ट पहुंची चुनाव से पहले सस्ती बिजली देने और बिल माफ करने की योजना

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सुप्रीम कोर्ट का फोटो।

नियमित बिजली बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ेगा भार

शिवराज पर आरोप, वोट बैंक को साधने के शुरू की गई सरल बिजली योजना

भोपाल। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से कुछ माह पूर्व राज्य सरकार द्वार 1 जुलाई से लागू की गई सरल बिजली और बिल माफी की बहुप्रचारित योजना विवादों के घेरे में आ गई है। उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण के लिए काम करने वाले कार्यकर्तों का आरोप है कि शिवराज सरकार की इस योजना से बिजली कंपनियों का घाटा बढ़ेगा जिसकी भरपाई नियमित रूप से बिजली बिल भरने वालों को करनी होगी। इससे साफ है कि सरल बिजली योजना से आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ेगा। इन्हीं तथ्यों के आधार पर इस योजना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका लगाई गई है।

सरल बिजली योजना का पोस्टर।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में आसन्न विधानसभा चुनाव से ठीक पहले गरीबों और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सिर्फ 200 रुपये महीने पर सस्ती बिजली और पुराने बकाया बिजली बिलों की माफी का तोहफा देने वाली प्रदेश सरकार की यह योजना अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। पूर्व में इस योजना के खिलाफ नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपाडें द्वारा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया गया था। इस संबंध में हाईकोर्ट का कहना था कि यह प्रदेश सरकार और बिजली कंपनियों के बीच का मामला है। इसमें अगर बिजली कंपनी को कोई आपत्ति हो तो वे सामने आयें। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपाडें और डॉ. एमए खान ने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की गई है। इस पर एक सप्ताह के अंदर सुनवाई होने की संभावना है। इस मामले की पैरवी अधिवक्ता अक्षत श्रीवास्तव करेंगे।

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच का आरोप है कि आने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले शिवराज सरकार ने चुनावी लाभ के उद्देश्य से कमजोर तबकों के वोट बैंक को साधने के लिए यह योजना शुरू की है। इनके अनुसार बकाया बिजली बिलों की माफी का सरकार का निर्णय मनमाना है। जिससे नियमित रूप से बिजली बिल भरने आम उपभोक्ताओं पर प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

5 हजार करोड़ रूपए जमा करने के बाद लागू करें योजना

सांकेतिक फोटो।

प्रदेश में सरल बिजली योजना का अब तक करीब 43 लाख हितग्राहियों को लाभ मिलना शुरू हो गया है। इस योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों को 200 रुपये प्रतिमाह फ्लैट रेट पर बिजली दी जा रही है। इनके बकाया बिजली बिलों को भी माफ़ किया जा रहा है। विधानसभा को देखते हुए लाई गई इस योजना को लेकर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि बिजली वितरण कंपनियों के बजट पर प्रभाव पड़ेगा। इसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा, बिजली की दरों में वृद्धि होगी और लोगों का बिजली बिल बढ़ जायेगा। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपाडें और डॉ. एमए खान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका में यह तर्क दिया गया है कि वर्ष 2003 में भी इसी तरह मुफ्त बिजली देने के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण ली गई थी। तब कोर्ट ने तत्कालीन सरकार को 100 करोड़ रुपये चुकाने का आदेश दिया था।

इस फैसले के अनुसार शिवराज सरकार को वर्तमान में बिजली कंपनियों को 5179 करोड़ रूपए जमा करने के बाद ही इस योजना को लागू करना चाहिए। लेकिन हाईकोर्ट ने पिछले दिनों इस संबंध में दायर उनकी याचिका खारिज कर दी। राज्य सरकार के इस फैसले के पीछे चुनावी लाभ लेने की मंशा स्पष्ट है। लिहाजा, हाईकोर्ट को सरकार से इस योजना लागू करने के लिए अग्रिम राशि जमा करानी चाहिए थी। हाईकोर्ट द्वारा याचिका को खारिज करने के बाद नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की उम्मीदें सुप्रीम कोर्ट पर टिकीं हैं। इन्हें भरोसा है कि उनकी याचिका दी गई दलीलों से सहमत होते हुए देश की सर्वोच्च अदालत उक्त आदेश को पलटेगी।

पत्नी का इलाज कराने जा रहे बाइक चालक की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत

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सांकेतिक फोटो।

नीलगाय के अचानक सामने आने से हुआ हृदयविदारक हादसा

मृतक की कैंसर पीड़ित पत्नी को भी आईं चोटें, बाल-बाल बचा पुत्र

अजयगढ़ (पन्ना)। रडार न्यूज    पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुंवरपुर के समीप हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक चालक अधेड़ शिव प्रसाद पटेल उम्र 45 वर्ष का दर्दनाक दुखांत हो गया। गुरुवार की शाम तकरीबन 7: 30 बजे हुए इस हादसे के समय शिव प्रसाद पटेल कैंसर से पीड़ित अपनी पत्नी का इलाज कराने के लिए उसे पुत्र हरगोविंद पटेल के साथ लेकर ग्राम भापतपुर कुर्मियान से बाइक से अजयगढ़ जा रहा था। अजयगढ़ से उन्हें बस से जबलपुर के लिए रवाना होना था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अजयगढ़ से करीब 12 किलोमीटर दूर हुए इस दुखद हादसे के संबंध में जानकारी देते हुए हरगोविंद पटेल ने बताया कि पापा बाइक चला रहे थे और वह सबसे पीछे बैठा अपनी बीमार मां को पकड़े हुए था। जैसे ही वे लोग ग्राम कुंवरपुर के नाला के समीप पहुंचे तभी एक नीलगाय तेजी से दौड़ती हुई बाइक से आकर टकरा गई। जिससे असंतुलित होकर सड़क पर गिरे पिता शिव प्रसाद पटेल उम्र 45 वर्ष के सिर में अत्यंत ही गंभीर चोटें आने से उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इसके अलावा उसकी बीमार माँ को भी चोटें आईं है। इस हादसे में हरगोविंद पटेल को आश्चर्यजनक रूप से एक खरोंच भी नहीं आई। उसकी घायल मां को इलाज के लिए अजयगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। शुक्रवार की सुबह अजयगढ़ में मृतक शिव प्रसाद का पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस द्वारा शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस दर्दनाक हादसे के संबंध में जब लोगों को पता चला तो क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

आदिवासियों को साधने घोषणाओं की लगाई झड़ी | परंपरागत वेशभूषा में जमकर थिरके शिवराज

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आदिवासी दिवस समारोह में आदिवासियों के साथ नृत्य किया।

आदिवासियों के विकास पर खर्च  होगी बजट की 24 प्रतिशत राशि 

136 आदिवासी विद्यालयों का नवोदय की तर्ज पर होगा उन्नयन

मुख्यमंत्री बोले, आदिवासी समाज का सम्मान कम नहीं होने दूँगा

आदिवासी नायकों की आई याद, प्रतिमाएँ स्थापित कराने किया ऐलान

भोपाल। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश में लगातार चौथी बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी तरफ से कोई कसर छोड़ना नहीं चाहते। इसलिए वे चुनाव से ठीक पहले एंटी इनकंबेंसी को बेअसर करने, हर समाज-वर्ग को साधने और रूठों को मनाने में जुटे हैं। मिशन 2018 के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने सभी को खुश करने के लिए चुनाव पूर्व घोषणाओं की झड़ी लगा दी है। अपनी जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान वे हर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचकर स्थानीय जनाकांक्षाओं और लोगों की बहुप्रतीक्षित मांगों को पूरा करने का ऐलान कर रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आदिवासियों के उत्थान के लिए कई घोषणाएं की गईं। जाहिर है इसके पीछे मकसद कांग्रेस का आधार वोट बैंक माने जाने वाले जनजाति वर्ग में सेंध लगाते हुए उन्हें भाजपा के पाले में लाना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आदिवासियों से अपनापन जताकर उन्हें रिझाने के लिए उनकी परंपरागत वेशभूषा में आदिवासी कलाकारों साथ मंच पर जमकर नृत्य किया। अपनी इस कवायद में शिवराज कितने सफल होते हैं इसका पता तो कुछ महीने बाद ही चलेगा। बहरहाल सीएम द्वारा की गई घोषणाओं से आदिवासी समाज में अच्छा सन्देश गया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज धार में आयोजित राज्य-स्तरीय समारोह में कहा कि आदिवासियों का सम्मान कम नहीं होने दूँगा। आदिवासी नायकों की प्रतिमाएँ स्थापित की जायेंगी। प्रदेश में हर वर्ष आदिवासी दिवस मनाया जायेगा। आदिवासी समाज के विकास पर बजट की 24 प्रतिशत राशि खर्च की जायेगी। आदिवासी क्षेत्रों को बारहमासी सड़कों से जोड़ा जायेगा।

 2 लाख 24 हजार भू-अधिकार पत्र दिए

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने धार के आदिवासी दिवस समारोह में आदिवासी बोली से छपी पुस्तक का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को आजादी दिलाने में आदिवासी समाज के नायकों बिरसा मुण्डा, टंटया भील, भीमा नायक, खाजया नायक, राणा पूजा भील, शंकर शाह, रानी दुर्गावती जैसे महानायकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिये अंग्रेजों का डटकर मुकाबला किया था। इन्हीं की वजह से आज हम स्वतत्र हैं। मैं ऐसे महापुरूषों को प्रणाम करता हूँ। उन्होंने बताया कि वनाधिकार अधिनियम में प्रदेश के 2 लाख 24 हजार वनवासी भाईयों को भू-अधिकार पत्र दिये गये हैं। प्रदेश में अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को आईआईटी, इंजीनियरिंग, पीएमटी और पीएटी के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिये हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। अनुसूचित जनजाति वर्ग के गरीब छात्र-छात्राओं की उच्च शिक्षा की फीस भी राज्य सरकार भरेगी, उनके माता-पिता को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 136 विशिष्ट आदिवासी आवासी विद्यालयों का केन्द्रीय नवोदय विद्यालय की तर्ज पर उन्नयन करने का आश्वासन दिया।

 

महत्वपूर्ण घोषणाएँ

    • कक्षा एक से 9 तक की छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क शिक्षा दी जायेगी।

    • धार और भोपाल में आदिवासी समाज का सामुदायिक भवन बनाने के लिये भूमि उपलब्ध कराई जायेगी।

    • आदिवासियों के ऊपर चल रहे न्यायालीन मुकदमे वापस लिये जायेंगे।

    • आदिवासी महिलाओं को प्रसूति सहायता योजना में लाभांवित किया जायेगा।

    • आरक्षित पदों की पूर्ति की कार्यवाही शीघ्र की जायेगी।

    • आदिवासी समाज के लिये आबादी के हिसाब से बजट का प्रावधान किया जायेगा।

    • आदिवासी समाज के नर्सरी से 12वीं कक्षा तक बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने के विशेष प्रयास किये जायेंगे।

    • आदिवासी ग्रामों में खनिज, रेत, गिट्टी पर संपूर्ण अधिकार ग्राम

 

आदिवासी कलाकार दलों को सम्मान राशि

आदिवासी दिवस समारोह धार में विभिन्न आदिवासी नर्तक दलों ने आकर्षक प्रस्तुति दी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने आदिवासी समुदाय से आग्रह किया कि खेती की उन्नत तकनीक अपनाकर उत्पादन बढ़ायें, खेती को लाभ का धंधा बनाने की कोशिश करें, राज्य सरकार हरसंभव मदद करेगी। श्री चौहान ने आदिवासी क्षेत्र के 500 की आबादी वाले गाँव में साफ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करवाने का आश्वासन दिया। श्री चौहान ने समारोह में शामिल विभिन्न आदिवासी कलाकार दलों को सम्मान निधि स्वरूप 25-25 हजार रूपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की।

नशामुक्ति के लिए कार्य करने की अपील

मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज से अपील की कि एकजुट होकर नशामुक्ति के लिये कार्य करें। राज्य सरकार उन्हें साहूकारों के चंगुल से मुक्त करवायेगी। उन्होंने कार्यक्रम के प्रारंभ में आदिवासी जननायक टंटया भील और बिरसा मुण्डा के चित्र पर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर आईआईटी तथा नीट में चयनित छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किये। इसी के साथ विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र तथा ऋण राशि के चेक वितरित किये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने तेन्दूपत्ता संग्राहक श्रीमती रेशम बाई पति खुमान को चरण पादुका पहनाई और उन्हें वाटर बॉटल तथा साड़ी प्रदाय की।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री विक्रम वर्मा, सांसद श्रीमती सावित्री ठाकुर, विधायक श्रीमती नीना वर्मा, श्रीमती रंजना बघेल,  भंवर सिंह शेखावत, बेल सिंह भूरिया और कालू सिंह ठाकुर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मालती मोहन पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष मुकाम सिंह किराड़े, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय मौजूद था।

लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई | प्लाटून कमांडर 2 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

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घूसखोर प्लाटून कमांडर सुरेश कुमार सोनी के बयान दर्ज करतीं लोकायुक्त पुलिस इंस्पेक्टर सागर मंजू सिंह।

ड्यूटी यथावथ रखने नगर सैनिक से डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट के नाम पर मांगी थी रिश्वत

पन्ना बस स्टैण्ड में लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई से मचा हड़कंप

पन्ना। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश में घूसखोरी चरम पर है, यहां दाम कराये काम की नीति अघोषित तौर पर लागू होने के कारण आम लोगों से लेकर निचले स्तर के कर्मचारी तक काफी परेशान हैं। इनके छोटे-मोटे जायज काम भी बगैर रिश्वत के नहीं होते हैं। रिश्वत ना देने पर लोगों के कामों में बेबजह अड़ंगे लगाकर उसे बाधित किया जाता है या फिर दूसरे हथकंडे अपनाकर लोगों को रिश्वत देने के लिए मजबूर किया जाता है। अच्छी बात यह है कि घूसखोरी के लाइलाज हो रहे मर्ज की कुछ हद तक प्रभावी रोकथाम के लिए कतिपय लोग आगे आकर इसका विरोध कर रहे हैं। नोटों के भूखे भ्रष्ट अफसरों को सबक सिखाने के लिए उनके द्वार लोकायुक्त पुलिस की मदद लेकर रिश्वत लेने वालों को रंगे हांथ गिरफ्तार कराया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार 8 अगस्त 2018 को पन्ना में एक नगर सैनिक से ड्यूटी यथावथ रखने के एवज में 2000 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए होमगार्ड के प्लाटून कमांडर सुरेश कुमार सोनी को लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने रंगे हांथ गिरफ्तार किया है। जिला मुख्यालय पन्ना के बस स्टैण्ड में हुई इस कार्रवाई से वहां हड़कंप मच गया। मौके पर लोगों की भीड़ बढ़ते देख लोकायुक्त पुलिस टीम आगे की कार्रवाई के लिए घूसखोर प्लाटून कमांडर को स्थानीय कोतवाली थाना ले गई।

थाना में वर्दी उतरवाकर जप्त की

उल्लेखनीय है कि नगर सैनिक राममोहन तिवारी वर्तमान में पन्ना के अवध बिहारी मंदिर की सुरक्षा में तैनात है। उसकी तैनाती होमगार्ड पन्ना के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट कार्यालय से 3 माह के लिए की गई थी। नगर सैनिक राममोहन तिवारी ने बताया कि इस अवधि के पूर्व ही उसे परेशान करने और रुपये ऐंठने की मंशा से अन्यत्र तैनात करने की धमकी दी जा रही थी। प्लाटून कमांडर सुरेश कुमार सोनी द्वारा ड्यूटी यथावथ रखने के एवज में उससे डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट के. के. नारौलिया को देने के लिए 2000 रुपए की मांग की गई। पन्ना के होमगार्ड ऑफिस में ड्यूटी लगाने के नाम पर लंबे समय से जारी रिश्वत की मांग से परेशान होकर नगर सैनिक राममोहन तिवारी ने इसकी लिखित शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर से की थी। जिसकी तस्दीक करने के बाद आज दोपहर में प्लाटून कमांडर सुरेश कुमार सोनी को योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप किया गया। नगर सैनिक राममोहन तिवारी से बतौर रिश्वत लिए गए कैमिकल युक्त नोटों को प्लाटून कमांडर सुरेश कुमार सोनी द्वारा अपनी खाकी वर्दी की जेब में रखने पर कोतवाली थाना में उसकी वर्दी उतरवाकर उसे साक्ष्य के रूप में लोकायुक्त पुलिस ने जप्त किया है। इस मामले में फिलहाल प्लाटून कमांडर के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट से हुई पूंछतांछ

रिश्वत के मामले होमगार्ड पन्ना के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट के. के. नारौलिया का नाम आने से लोकायुक्त पुलिस इंस्पेक्टर सागर मंजू सिंह द्वारा कोतवाली थाना में श्री नारौलिया और आरोपी प्लाटून कमांडर सुरेश कुमार सोनी से सघन पूंछतांछ की गई। बंद कमरे में हुई इस पूंछतांछ का ब्यौरा पता नहीं चल सका। लेकिन यह चर्चा जरूर है कि डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट ने खुद को खुद को पाक-साफ साबित करने के लिए इस मामले से अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। श्री नारौलिया का कहना है कि उनके द्वारा किसी से भी रिश्वत की मांग नहीं की गई। प्लाटून कमांडर ने अपने निहित आर्थिक स्वार्थ की पूर्ती के लिए उनके नाम का उपयोग किया है, जिसका पता उन्हें लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई से ही चला है। मालूम हो कि होमगार्ड पन्ना के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट के. के. नारौलिया अत्यंत विवादित अधिकारी हैं। इनके खिलाफ पूर्व में कई गंभीर शिकायतें पुलिस के और विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज हैं। लेकिन अब तक हर बार वे बचते रहे हैं।

इनका कहना है

“प्रथम दृष्ट्या रिश्वत लेने के आरोप में प्लाटून कमांडर सुरेश कुमार सोनी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। यह बात सही है कि रिश्वत होमगार्ड के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट के नाम पर ली गई थी लेकिन सिर्फ किसी के नाम लेने मात्र से किसी को आरोपी नहीं बना सकते यदि मामले की जांच में यदि श्री नारौलिया के खिलाफ यदि साक्ष्य पाए जाते हैं तो हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
                   मंजू सिंह, लोकायुक्त पुलिस इंस्पेक्टर सागर

एनएमडीसी लिमिटेड ने पन्ना जिला अस्पताल को सौंपा ‘शव वाहन’

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सिविल सर्जन डॉ. बी.एस. उपाध्याय की उपस्थिती में सी.ई.ओ., जनपद पंचायत पन्ना सुश्री तपस्या जैन को वाहन सहित अन्य दस्तावेज़ सौंपते हीरा खनन परियोजना के परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा।

नैगम सामाजिक दायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करते रहेंगे- श्री शर्मा

पूर्व में भी जिला चिकित्सालय को दिया था शव वाहन और आर्थिक सहयोग

पन्ना। रडार न्यूज  नैगम सामाजिक दायित्व के निर्वहन में सदैव अग्रणी रहने वाली एनएमडीसी लिमिटेड हीरा खनन परियोजना ने सी.एस.आर मद के तहत पन्ना जिला चिकित्सालय को नया ‘शव वाहन’ प्रदान किया है। मंगलवार 7 अगस्त, 2018 को पन्ना कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में एनएमडीसी लिमिटेड, हीरा खनन परियोजना मझगवां के परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा ने पन्ना जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. बी.एस. उपाध्याय की उपस्थिती में पन्ना जिला कलेक्टर के अधिकृत प्रतिनिधि एवं सी.ई.ओ. जनपद पंचायत पन्ना सुश्री तपस्या जैन को वाहन सहित अन्य दस्तावेज़ सौंपे गए। नया ‘शव वाहन’ मिलने से पन्ना जिला चिकित्सालय की अत्यंत ही महत्पूर्ण आवश्यकता की पूर्ती हो गई है। जिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान जिन मरीजों की मृत्यु हो जाती है उनके पार्थिव शरीर (शव) को अब आसानी से उनके घर पहुंचाना संभव हो जायेगा। जिससे शोक संतृप्त परिजनों को परेशान नहीं होना पड़ेगा।

उल्लेखनी है कि ‘हीरक जयंती वर्ष’ में प्रवेश कर चुकी सार्वजनिक क्षेत्र की नवरत्न कंपनी एनएमडीसी लिमिटेड की मझगवां, पन्ना में स्थापित हीरा खनन परियोजना जिले के विकास हेतु समय-समय पर जिला प्रशासन को अपना सहयोग प्रदान करती आई है । परियोजना द्वारा पूर्व में भी पन्ना जिला चिकित्सालय को एक शव वाहन’ प्रदान किया था। इसके अलावा एनएमडीसी लिमिटेड हीरा खनन परियोजना ने पन्ना जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए सी.एस.आर मद से उपकरण, पलंग आदि सामग्री की खरीदी हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया था।

पन्ना जिला चिकित्सालय प्रबंधन को नया ‘शव वाहन’ सौंपते हुए हीरा खनन परियोजना मझगवां के परियोजना प्रबंधक राजीव शर्मा ने कहा कि एनएमडीसी लिमिटेड अपने नैगम सामाजिक दायित्व को लेकर सदैव सजग और संवेदनशील रहते हुए उसे ईमानदारी के साथ पूरा भी करती है। परियोजना के आस-पास के क्षेत्र में समुदाय के सामाजिक और आर्थिक विकास सहित लोगों आवश्यक सुविधाएं एनएमडीसी लिमिटेड द्वारा प्रदान की जा रहीं हैं। परियोजना प्रबंधक श्री शर्मा ने कहा कि हम आगे भी इसी तरह अपने नैगम सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते रहेंगे। इस अवसर पर जिला अस्पताल, पन्ना के प्रशासक हरीशंकर त्रिपाठी, हीरा खनन परियोजना के उप महाप्रबंधक वित्त करुण नांगिया, श्रमिक संघ के महामंत्री समर बहादुर सिंह एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे ।

छतरपुर और सिवनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज स्वीकृत | कैबिनेट ने लगाई मुहर

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सांकेतिक फोटो।

पुलिस विभाग में क्षमता वृद्धि के लिए 6350 नये पद मंजूर 

45 हजार शालाओं को एकीकृत कर 20 हजार स्कूलों के रूप में होगा संचालन

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय 

भोपाल। रडार न्यूज  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में छतरपुर और सिवनी में नये शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मंजूरी दी गई। मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर कैबिनेट की मुहर लगते ही छतरपुर जिले की जनाकांक्षाओं से जुड़ी बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो गई। मालूम हो कि यहां मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग बड़ा मुद्दा बन चुकी थी जिसे लेकर पिछले कई महीनों से धरना-प्रदर्शन और आंदोलन चल रहे थे। आज मेडिकल कॉलेज को मंत्रि-परिषद की मंजूरी मिलने की खबर आने के बाद से छतरपुर जिले में हर्ष की लहर व्याप्त है। मौजूदा प्रदेश सरकार से छतरपुर को यूनिवर्सिटी के बाद मिली इस दूसरी बड़ी सौगात पर लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आभार जताया है। आज आयोजित हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में इसके आलावा शैक्षणिक सत्र 2018-19 से स्कूल शिक्षा विभाग के एक ही परिसर में संचालित 45 हजार 384 स्कूलों को एकीकृत कर 20 हजार 656 स्कूल के रूप में संचालित करने की स्वीकृति प्रदान की। इस निर्णय से प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के तहत एक ही परिसर में संचालित विभिन्न शालाओं को एकीकृत करते हुये एक शाला के रूप में संचालित किया जायेगा।

उद्योग संवर्धन नीति

मंत्रि-परिषद ने उद्योग संवर्धन नीति 2014 एवं म.प्र राज्य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2015 में संशोधन संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। संशोधन अनुसार बंद ईकाईयों के प्रबंधन में परिवर्तन के बाद पुनर्संचालित करने पर विशेष पैकेज का निर्णय लिया गया। मंत्रि-परिषद के निर्णय अनुसार औद्योगिक रूप से पिछड़े प्राथमिकता वाले विकासखण्डों में स्थापित होने वाली इकाईयों को विशेष सहायता के लिये निवेश प्रोत्साहन सहायता के तहत भौगोलिक गणक मान्य किया जायेगा। उद्योग संवर्धन नीति 2014 के तहत अपात्र उद्योगों की सूची की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किये गये है। म.प्र राज्य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2015 के तहत पट्टे की अवधि में वृद्धि के लिये नियमों में संशोधन किया गया है। उद्योग संवर्धन नीति अंतर्गत निजी क्षेत्र में दिव्यांगजनों को रोजगार देने पर वित्तीय सहायता के लिये प्रावधान और पर्यटन परियोजनाओ को उद्योग के समान लाभ देने पर वित्तीय सहायता का विकल्प शामिल करने का निर्णय लिया गया। मंत्रि-परिषद ने उद्योग संवर्धन नीति के अनुसार खाद्य प्रसंस्करण उद्योगो के विकास की योजना को एक अप्रैल 2017 के बाद भी वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक 120 करोड़ रूपये की सीमा तक निरंतर रखने की अनुमति प्रदान की।

मंत्रि-परिषद के अन्य निर्णय

मंत्रि-परिषद ने पुलिस विभाग की क्षमता में वृद्धि के लिये 6350 नये पदो की मंजूरी दी है। बैठक में 12वीं पंचवर्षीय योजना में क्रियान्वित नर्मदा नदी के दोनों तटों पर एक-एक किलोमीटर पट्टी तक फल-पौधरोपण की योजना को एक अप्रैल 2017 के बाद भी वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक 346 करोड़ 86 लाख रूपये की व्यय सीमा तक निरंतर रखने की स्वीकृति भी दी गई।

इंदौर में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस फॉर आई स्थापित करने और शासन व्यय पर इसके लिये 102 नये पदों के सृजन की मंजूरी बैठक में दी गई। सहकारिता विभाग के अंतर्गत संचालित ”नवीन सहकारी संस्थाओं को अंशपूजी सहायता योजना” को वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक कुल 11 करोड़ 20 लाख की व्यय सीमा में निरंतर रखने की मंजूरी मंत्रि-परिषद ने दी। बैठक में मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना 2018 के तहत ”सरल बिजली बिल स्कीम” एवं ”मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम, 2018” में संन्निर्माण कर्मकारों को शामिल करने का अनुसमर्थन किया गया।

भाषाई शिक्षकों के लिये 286 पद सृजित

मंत्रि-परिषद ने जिला छिंदवाडा की तहसील चाँद और चौरई की वर्तमान सीमाओं में परिवर्तन करते हुये 27 ग्रामों को तहसील चाँद से अपवर्जित करते हुये तहसील चौरई में शामिल कर तहसीलों का पुनर्गठन करने का निर्णय लिया। विशेष पिछड़ी जनजाति के भाषाई शिक्षकों के लिये 286 संविदा शिक्षक वर्ग-3 के नये पद सृजित करने की मंजूरी भी दी। तहसील खनियादाना जिला शिवपुरी स्थित ग्राम अछरोनी में स्टेडियम निर्माण के लिये खेल एवं युवक कल्याण विभाग को भूमि उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया।

छोटे किसानों को नगरीय क्षेत्रों में सब्जी और मौसमी फलों के विक्रय में सहायता के लिये मंत्रि-परिषद ने राज्य के सभी 379 नगरीय निकायों में किसान बजार निर्मित करने के प्रस्ताव को अनुमोदन दिया। किसान बाजारों का संचालन और संधारण नगरीय निकायों द्वारा करने के निर्णय को भी मंजूरी दी गई।

फर्जीवाड़ा | मृत लोगों के शौंचालय बनवाये, दूसरे की फोटो लगाई, तीसरे के खाते में राशि डाली

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फाइल फोटो।

पन्ना जिले की पवई जनपद अंतर्गत गूढ़ा ग्राम पंचायत का मामला

स्वच्छ एमपी अभियान को पलीता लगा रही भ्रष्टाचार की गंदगी

पन्ना/मोहन्द्रा। रडार न्यूज  व्यक्तिगत शौंचालयों का निर्माण कराकर गावों को खुले में शौंच से मुक्त कर उन्हें हर-हाल में ओडीएफ घोषित कराने की उपलब्धि हांसिल करने के प्रशासनिक टॉरगेट ने इस महत्कांक्षी अभियान को अनियमितताओं की गंदगी से पाट कर रख दिया है। केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता वाले स्वच्छ भारत अभियान के क्रियान्वयन में पन्ना जिले में लगातार व्यापक पैमाने पर गंभीर अनियमिततायें आरहीं हैं।जिम्मेदार अधिकारी इन गड़बड़ियों को जानबूझकर नजरअंदाज करते हुए किसी तरह अपने नंबर बढ़ाने के लिए ओडीएफ का कागजी तमगा हांसिल करने की जुगत भिड़ाने में जुटे हैं। जमीनी हकीकत की अनदेखी कर गावों को अगर ओडीएफ घोषित कर भी दिया गया तो क्या वे वाकई खुले में शौंच से पूर्णतः मुक्त हो पायेंगे? यह एक बड़ा और महत्वपूर्ण सवाल है। पन्ना जिले में शौंचालय निर्माण की अनियमितताओं पर गौर करें तो यहां की पवई जनपद पंचायत अंतर्गत गूढ़ा ग्राम पंचायत का मामला इन दिनों सुर्ख़ियों में है। यहां कई वर्ष पूर्व मर चुके व्यक्तियों के नाम पर शौंचालय का निर्माण करवाया गया। मृत व्यक्तियों के नाम से बने इन शौंचालयों में गांव के दूसरे व्यक्तियों को खड़ा कर फोटो खिंचवाई गई और फिर किसी तीसरे व्यक्ति के खाते में शौंचालयों की राशि डालकर उसका आहरण किया गया। कथित तौर पर गूढ़ा ग्राम पंचायत के सहायक सचिव द्वारा की गई इस अनियमितता की शिकायत ग्रामीणों ने करीब एक माह पूर्व 9 जुलाई 2018 को जनसुनवाई में पन्ना के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और पवई एसडीएम से की थी। इस मामले अब तक क्या कार्यवाही की गई, इसकी जानकारी शिकायतकर्ताओं को नहीं दी जा रही है। उधर जनपद पंचायत पवई के सीईओ इस गड़बड़ी के संज्ञान में आने के बाद भी मामले से अनभिज्ञ होने का अभिनय कर रहे हैं।

क्या है मामला           केस क्रमांक-1:-

मृतक तांतू तनय सुलईयां रैकवार के शौंचालय के सामने फोटो में नजर आता कुंजी चौधरी।

ग्राम पंचायत गूढ़ा के तांतू तनय सुलईयां रैकवार की मृत्यु पांच वर्ष पूर्व सितंबर 2013 में हो गई थी। तांतू की समग्र आईडी क्रमांक 35000181 पर उसके नाम से शौंचालय बनवाया गया। मजेदार बात यह है कि तांतू के शौंचालय के सामने गांव के ही कुंजी चौधरी को खड़ा कराकर सत्यापन के लिए उसकी फोटो उतारी गई और खाता क्रमांक- 30716336582 पर शौंचालय निर्माण की राशि 12000 रुपये दिनांक 4 मार्च 2017 को जारी की गई। उल्लेखनीय है कि गांव में अब तांतू के परिवार का कोई सदस्य भी जिंदा नहीं है। पंचायत ने फिर शौंचालय किसका बनया यह जांच का विषय है।

केस क्रमांक-2 :-

मृतिका तुलसियांबाई के नाम स्वीकृत शौंचालय के सामने फोटो खड़ी द्रोपती पति निंदू ढीमर।

तुलसियां पिता मंजू ढीमर की मृत्यु नवंबर 2012 में हो गई थी। उसकी समग्र आईडी क्रमांक 35000009 पर शौंचालय स्वीकृत कर बनवाया गया। फोटो खिंचवाने के लिये गांव की द्रोपती पति निंदू ढीमर को शौंचालय के सामने खड़ा कराया गया। जबकि किसी तीसरे व्यक्ति के खाता क्रमांक- 3466723586 में 4 मार्च 2017 को शौंचालय निर्माण की राशि जारी की गई। अर्थात मृत व्यक्ति तुलसियां पिता मंजू ढीमर के नाम पर फर्जीवाड़ा करने के लिए दो अन्य लोगों की इस्तेमाल किया गया। यहां गौर करने बाली बात ये है कि 6 वर्ष मर चुकी महिला का न तो पति था न कोई संतान। फिर भी उसके नाम पर फर्जी शौंचालय बनवाकर राशि का बंदरबांट किया गया।

केस क्रमांक-3 :-

मृतक किशोर पिता मरुआ चौधरी की जगह पुसऊआ पिता घमंडी चौधरी की फोटो अपलोड है।

किशोर पिता मरुआ चौधरी की मृत्यु जुलाई 2015 में हो गई थी। पर उसकी समग्र आईडी क्रमांक 34998937 पर रोजगार फर्जी तरीके से व्यक्तिगत शौंचालय स्वीकृत किया गया। जबकि शौंचालय के सामने जिस व्यक्ति को खड़ाकर फोटो उतारी गई वह गांव का ही पुसऊआ पिता घमंडी चौधरी है। किशोरा चौधरी के शौंचालय की राशि किसी अन्य के खाता क्रमांक- 30716336752 पर 24 अप्रैल 2017 को जारी की गई। बताते चलें कि किशोरा के परिजन जीवित हैं लेकिन उनके बैंक खाते में राशि ट्रांसफर नहीं की गई। इस खुलासे के बाद से मृतक के परिजन हैरान हैं। मृतक किशोरा के नाम की राशि उसके आश्रितों के बजाय किसी अन्य व्यक्ति खाते जारी कराने से साफ जाहिर है कि यह सब बड़े ही सुनियोजित तरीके से गबन की मंशा से किया गया है।

केस क्रमांक- 4 :-

मृतक धुक्का पिता गयादीन राय के स्थान पर उसके पुत्र रामप्रकाश को खड़ा कर फोटो खिंचवाई गई।

इसी तरह धुक्का पिता गयादीन राय की मृत्यु 19 नवंबर 2016 को हो गई थी। उसके शौंचालय के सामने उसके पुत्र रामप्रकाश को खड़ा कर फोटो खिंचवाई गई। मालूम हो कि रामप्रकाश राय का बैंक में खाता ही नहीं है। उसके पिता के शौंचालय निर्माण की राशि 12000 रुपये का भुगतान अन्य परिजनों के नाम पर ना करके अन्य किसी के बैंक खाता क्रमांक- 31745313788 में दिनांक 1 अप्रैल 2017 को जारी की गई। मृतक धुक्का के नाम पर शौंचालय निर्माण की राशि किसी अन्य व्यक्ति को जारी होने के खुलासे के बाद से उसके परिजन उक्त राशि प्राप्त करने के लिए ग्राम पंचायत के नुमाइंदों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अपने कारनामों को छिपाने के लिए उन्हें गोलमोल जबाब दिए जा रहे हैं।

इसलिए नहीं होती कार्यवाही

शौंचालय निर्माण में फर्जीवाड़े को उजागर कर उसकी शिकायत करने वाले ग्रामीण इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की उपेक्षा के चलते परेशान हैं। इनका आरोप है कि फर्जी समग्र आईडी से लेकर कागजों पर शौंचालय बनवाने तक कई स्तर पर हुए घपले को दबाने के लिए अफसर शिकायत पर कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। दरअसल पन्ना में पंचायतों व्याप्त अथाह भ्रष्टाचार को लेकर यह आम धारणा है कि विकास कार्यों की राशि जारी होने पर जनपदों में लगने वाले 20-25 प्रतिशत कमीशन के चलते यहां भ्रष्टाचार की जानबूझकर अनदेखी की जाती है। इसके अलावा मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों या फिर किसी अन्य अवसरों पर वरिष्ठ अधिकारियों के अघोषित निर्देशों पर ग्राम पंचायतों से जो भीड़ लाई जाती है उसका कोई बजट तो पृथक से होता नहीं है, इसलिए उक्त अतिरिक्त खर्चों की पूर्ती के लिए जनपद से लेकर जिला पंचायत और प्रशासनिक अधिकारियों ने इन्हें मनमानी करने की खुली छूट दे रखी है। शिकवा-शिकायत होने पर जांच की आड़ में भी पंचायतों के नुमाइंदों से आमतौर पर वसूली ही होती है। भ्रष्टाचार को लेकर बनी इस मूक सहमति के कारण जीरो-टॉलरेंस के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। आमजन को सुनवाई की झूठी तसल्ली देने के लिए यहां जनसुनवाई हर सप्ताह की जाती है, जिसमें आने वाले 95 फीसदी आवेदनों को एक प्रतिवेदन लगाकर नस्तीबद्ध कर दिया जाता है। इन हालत क्या ग्राम पंचायत गूढ़ा के फर्जीवाड़े पर कार्यवाही होगी, अगर होगी तो कब तक? कहना मुश्किल पर समझना आसान है।

इनका कहना है

आपने जनपद सीईओ सर से शौंचालय निर्माण की शिकायत के संबंध चर्चा की थी, इसलिए मिलने आया हूं। मैनें जानबूझकर कोई गड़बड़ी नहीं की है, जिनके खातों में राशि जारी की गई है वे मृतकों के परिजन हैं। कतिपय लोग जानबूझकर झूठी शिकायत कर मुझे बदनाम और परेशान कर रहे हैं।” 

                     जेपी चनपुरिया, जीआरएस ग्राम पंचायत गूढ़ा।

पूर्व की शिकायत कहां गई आप इसमें ना पड़ें, मैं जो कह रहा हूं उसे सुनें ग्रामीणों से पुनः शिकायत करवा दें, क्या मामला है मैं उसे देख लूंगा, आप परेशान ना हों।

                       सतीष सिंह नागवंशी, सीईओ जपं पवई।

मुझे शिकायत का तो याद नहीं है लेकिन आपके द्वारा दी गई इस महत्वपूर्ण जानकारी की जांच कराई जाएगी, उसमें यदि किसी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

                                                गिरीश मिश्रा, सीईओ जिपं पन्ना।

प्रदेश के 6 जिलों में सामान्य से अधिक, 34 में सामान्य वर्षा दर्ज

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सांकेतिक फोटो।

सर्वाधिक वर्षा 665.6 मिलीमीटर मंडला में दर्ज 

भोपाल। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश में इस वर्ष मानसून में एक जून से 5 अगस्त तक 6 जिलों में सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश के 34 जिलों में सामान्य वर्षा दर्ज हुई है। कम वर्षा वाले जिलों की संख्या 11 है। सर्वाधिक वर्षा 665.6 मिलीमीटर मंडला में और सबसे कम 238.6 मिलीमीटर अलीराजपुर में दर्ज की गई है। सामान्य से अधिक वर्षा वाले जिले मुरैना, सिंगरौली, टीकमगढ़, नीमच, दतिया और भिण्ड हैं।

सामान्य वर्षा वाले जिले जबलपुर, सिवनी, मण्डला, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, पन्ना, रीवा, छतरपुर, शिवपुरी, सतना, उमरिया, मंदसौर,, झाबुआ, इंदौर, खण्डवा, बुरहानपुर, बड़वानी, उज्जैन, रतलाम, देवास, शाजापुर, श्योपुरकलां, आगर-मालवा, ग्वालियर, गुना, भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन, राजगढ़, होशंगाबाद और सीधी हैं। कम वर्षा वाले जिले बालाघाट, डिण्डोरी, कटनी, अनूपपुर, धार, अलीराजपुर, हरदा, बैतूल, शहडोल खरगोन और अशोकनगर हैं।

 प्रदेश के प्रमुख जलाशयों का जल-स्तर

जलाशय

उच्चतम जल-स्तर
(मीटर में)

वर्तमान जल-स्तर

(मीटर में)

बरगी-जबलपुर

422.76

420.55

तवा-होशंगाबाद

355.39

347.22

बारना-रायसेन

348.55

342.87

इंदिरा सागर-खण्डवा

262.13

253.19

ओंकारेश्वर

196.60

192.22

बाणसागर-शहडोल

341.64

335.28

संजय सरोवर-सिवनी

519.38

514.30

राजीव सागर-बालाघाट

344.40

339.80

गांधी सागर-मंदसौर

399.89

388.44

मनीखेड़ा-शिवपुरी

346.25

334.55

गोपीकृष्ण-गुना

434

428.63

माही-झाबुआ

451.50

443.30

हलाली सम्राट अशोक सागर-विदिशा

459.61

455.85

कोलार-सीहोर

462.20

448.04

केरवा-भोपाल

509.93

507.25

राजघाट-ललितपुर

371

368.00

पेंच-छिन्दवाड़ा

625.75

622.70

कलियासोत-भोपाल

505.67

494.20

 

मुख्यमंत्री ने नीमच जिले में किया 86 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास

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सांकेतिक फोटो।

 जावद विधानसभा क्षेत्र के मोरवन में आयोजित हुआ कार्यक्र

भोपाल। रडार न्यूज   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नीमच जिले में 85 करोड 96 लाख रुपये लागत के 44 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। श्री चौहान ने जावद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मोरवन में आयोजित कार्यक्रम में 80 करोड़ 35 लाख रुपये के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मनासा विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने 5 करोड़ 61 लाख रुपये लागत के 6 निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह, पर्यटन राज्य मंत्री सुरेन्द्र पटवा, सांसद प्रभात झा और सुधीर गुप्ता, विधायक  कैलाश चावला, ओमप्रकाश सकलेचा और दिलीप सिंह परिहार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अवंतिका जाट, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, अन्य जन-प्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित थे।