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इस स्कूल में बालिकाओं और शिक्षकों को लगता है डर, जानिए आखिर क्या है वजह !

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छायाकार : मनीष सारस्वत।

* स्कूल का पुराना जर्जर भवन धराशायी हुआ तो हो सकता है बड़ा हादसा

* बच्चियों के सिर पर मंडरा रहे गंभीर खतरे को लेकर उदासीन है जिम्मेदार

* हेडमास्टर ने सबको भेजे पत्र लेकिन सालभर से कोई देखने तक नहीं आया

शादिक खान, भानू गुप्ता पन्ना। रडार न्यूज  हमारी व्यवस्था क्या हादसा होने के बाद ही जागती है ? यह सवाल अक्सर ही उठता रहता है, क्योंकि यह देखने में आया है कि कई मामलों में हादसों अथवा दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु समय रहते पुख्ता इंतजाम नहीं किये जाते हैं। जिम्मेदारों की इस आपराधिक लापरवाही के कारण कई बार निर्दोष लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ती या फिर बड़ी क्षति उठानी पड़ती है। बात अगर छोटे बच्चों की सुरक्षा की हो तो जिम्मेदारों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे इसमें किसी तरह की कोताही न बरतकर तत्परता से आवश्यक उपाय करेंगे। लेकिन, शासकीय मनहर कन्या माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला पन्ना के मामले ऐसा हुआ नहीं है। दरअसल इस शाला का प्राचीन भवन अत्यंत ही जर्जर स्थिति में होने से इसके किसी भी समय धराशायी होने का खतरा बना है।
प्रधानाध्यापिका नम्रता जैन।
शाला में पढ़ने वाली 170 बच्चियाँ और यहाँ पदस्थ शिक्षकगण हादसे की आशंका को लेकर अत्यंत चिंतित और भयभीत हैं। शाला की प्रधानाध्यापिका नम्रता जैन ने इस संबंध में जिला परियोजना समन्वयक सर्व शिक्षा अभियान पन्ना, जिला शिक्षा अधिकारी, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण संभाग पन्ना और कलेक्टर पन्ना को पत्र भेजकर हालात की गंभीरता से अवगत कराया। लेकिन किसी ने आवश्यक सुरक्षा प्रबंध करना तो दूर शाला में जाकर वहाँ बच्चियों के सिर पर मँडराते खतरे की जानकारी लेना भी उचित नहीं समझा। इस पत्राचार को साल भर का समय हो रहा है लेकिन कथित जिम्मेदार व संवेदनशील अफसर अब तक जिला मुख्यालय की इस शाला में नहीं पहुँच सके। क्या इनकी नींद हादसा होने के बाद ही टूटेगी। उधर, हर दिन गुजरते समय के साथ बच्चियों और शिक्षकों की धड़कनें तेज हो रहीं है।

जर्जर भवन में लग रहीं कक्षाएं

प्रधानाध्यापिका द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को लिखा गया पत्र।
मध्यप्रदेश के पन्ना शहर के बीचों-बीच स्थित शासकीय मनहर कन्या माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला एक ही भवन में संचालित है। इसका आगे का हिस्सा करीब 100 वर्ष पुराना होने के कारण समुचित मरम्मत के आभाव में जर्जर हो चुका है। बारिश के दिनों में यहाँ के कमरों में पानी भर जाता है, जिससे करंट फैलने का खतरा बना रहता है। प्रधानाध्यापिका नम्रता जैन ने “रडार न्यूज” को बताया कि शाला के पिछले हिस्से में स्थित नवीन भवन में सिर्फ 6 कमरे स्थित हैं इसलिए 2 कक्षाएं पुराने जर्जर भवन में लगाना मजबूरी है। यहाँ हादसे की आशंका को लेकर बालिकाएँ और शिक्षक काफी डरे हुए रहते हैं। गौरतलब है कि श्रीमती जैन ने वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट तौर पर उल्लेख किया है कि “शाला भवन पुराना है, इसका अग्रिम भाग जीर्ण -शीर्ण हो गया है। कभी भी किसी भी समय यह धराशायी हो सकता है तथा दुर्घटना हो सकती है। भवन में कक्षाएं लगती हैं, इसके अग्रिम भाग की मरम्मत तुरंत कराया जाना आवश्यक है। कृपया भवन का निरीक्षण कर तुरंत आवश्यक मरम्मत कराने की कृपा करें।” लेकिन कई माह गुजरने के बाद भी किसी को इस ओर ध्यान देने की फुर्सत ही नहीं मिली। यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति तब है जब बात सैंकड़ों बच्चियों की जिंदगी की है। वरिष्ठ अधिकारियों की हद दर्जे की उदासीनता से परिलक्षित होता है कि इनके लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा महज जुमला बन चुका है।

अभिभावक नहीं कराते बेटियों का दाखिला

विष्णु त्रिपाठी, जिला परियोजना समन्वयक।
शासकीय मनहर कन्या माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला पन्ना के भवन के अगले हिस्से की जर्जर स्थिति के चलते यहां साल दर साल दाखिला घट रहा है। माध्यमिक शाला की प्रधानाध्यपिका नम्रता जैन की मानें तो अपनी बेटी की सुरक्षा की चिंता और शाला की बाहर से बदहाल स्थिति देखकर अभिभावक बच्चियों को यहाँ प्रवेश दिलाने से कतराते है। जिसका दुष्परिणाम छात्राओं की संख्या घटने के रूप में सामने आ रहा है। उल्लेखनीय है कि शाला भवन का अगला हिस्सा न सिर्फ जर्जर है बल्कि यह बाहर से देखने पर यह काल कोठरी नुमा लगता है। इसके कम ऊंचाई के प्रवेश द्वार और संकीर्ण तंग कमरे शाला के पिछले भाग की सुंदरता पर ग्रहण लगा रहे हैं। बाहरी भाग के प्राचीन स्थापत्य के कारण छोटे से इस शाला परिसर में शौंचालय और पार्किंग आदि की व्यवस्था भी नहीं बन पा रही है। यहाँ पढ़ने वाली छात्राएं भी शाला की बदहाली को लेकर हादसे की आशंका से डरी हुई हैं, इनकी माँग है कि शाला के जर्जर हिस्से को गिराकर नवीन निर्माण कराया जाए ताकि शाला की सुंदरता के साथ-साथ आवश्यक व्यवस्थाएँ बेहतर हो सकें।

इनका कहना है-

“शासकीय मनहर कन्या माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला पन्ना के भवन के जर्जर होने की जानकारी आपके द्वारा दी गई, मैं सहायक यंत्री को मौके पर भेजकर निरीक्षण कराऊँगा, सहायक यंत्री के प्रतिवेदन अनुसार भवन की मरम्मत अथवा उसे गिराकर नवीन निर्माण हेतु आवश्यक कार्यवाही तत्परता से की जाएगी।”

विष्णु त्रिपाठी, जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र पन्ना।

फैसला : छेड़छाड़ के मामले में राजीनामा होने के बावजूद न्यायालय ने आरोपी को सुनाई सजा, जुर्माना भी लगाया

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सांकेतिक चित्र।
पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में छेड़छाड़ के एक मामले में पीड़िता तथा आरोपी के बीच समझौता होने के बाबजूद न्यायालय ने अभियुक्‍त विष्‍णु साहू पिता रामकिशोर उर्फ बड़े साहू निवासी ग्राम छतैनी थाना धरमपुर को आईपीसी की धारा 354 में दोषी मानते हुए न्‍यायालय उठने तक की सजा सुनाई है। न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट प्रथम श्रेणी अजयगढ़ अरविन्‍द कुमार बरला ने निर्णय पारित करते हुए अभियुक्त को 500 रूपये अर्थदण्‍ड से भी दण्डित किया है। न्यायालय के इस निर्णय की काफी चर्चा हो रही है।
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी पन्ना आशुतोष कुमार द्विवेदी ने न्यायालय के निर्णय के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि दिनाँक 13 अक्टूबर 2017 को फरियादिया अपने खेत में बने मकान में थी, तभी आरोपी विष्‍णु साहू उसे अकेला देखकर बुरी नियत से उसका हाथ पकड़कर खींचने लगा। छेड़छाड़ का विरोध करते हुए फरियादिया के चींखने-चिल्लाने पर घर के लोग आ गए। इस बीच आरोपी मौके से फरार हो गया।
पीड़िता के द्वारा घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना धरमपुर में दर्ज कराई गई। जिस पर पुलिस ने आरोपी विष्‍णु साहू के विरुद्ध अपराध क्रमांक 139/17 पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना उपरांत अभियोग-पत्र न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किया गया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान फरियादिया तथा आरोपी के बीच समझौता हो गया था, लेकिन न्‍यायालय के द्वारा अभियोजन के तर्को तथा न्‍यायिक दृष्‍टांतों से सहमत होते हुए आरोपी के विरूद्ध अपराध संदेह से परे प्रमाणित पाया। जिस पर अभियुक्‍त विष्‍णु साहू को धारा 354 भादवि में न्‍यायालय उठने तक की सजा और 500 रूपये के अर्थदण्‍ड से दंडित किया गया। इस प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी अजयगढ़ जिला पन्‍ना उमेश सोनी द्वारा की गई।

मध्यप्रदेश | इस आईएएस अफसर को महँगी पड़ी विधायक की उपेक्षा, राज्य सरकार ने फील्ड से हटाकर मंत्रालय में की पोस्टिंग

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* पन्ना जिला पंचायत सीईओ डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा का हुआ तबादला

पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों की पूंछपरख बढ़ गई है, ख़ासकर विधायकों को काफी महत्व दिया जा रहा है। जनहित से जुड़ीं इनकी सिफारिशों पर प्राथमिकता से अमल करने के निर्देश राज्य सरकार ने दिए हैं। फलस्वरूप, विधायक की अनुशंसा को नजरअंदाज कर इनकी उपेक्षा करना अफसरों को महँगा पड़ रहा है। इसका ताज़ा मामला पन्ना जिले में सामने आया है। यहाँ की आरक्षित गुनौर सीट से विधायक शिवदयाल बागरी की जिला पंचायत पन्ना के सीईओ डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा (आईएएस) से नाराजगी की ख़बरों के बीच राज्य सरकार ने उनका तबादला कर दिया है। वर्ष 2013 बैच के आईएएस अधिकारी श्री मिश्रा को पन्ना से हटाकर मंत्रालय भोपाल में उप सचिव के रूप पदस्थ किया गया है। जिला पंचायत सीईओ का स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद से यह आम चर्चा है कि इसके माध्यम से राज्य सरकार और विधायक शिवदयाल बागरी ने अपने-अपने तरीके से जिले में व्याप्त अफसरशाही को कड़ा संदेश दिया है। प्रदेश में सरकार के बदलाव के साथ अधिकारियों को भी अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव लाना होगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा को स्वीकार्य नहीं किया जा सकता है।

क्या है मामला

मालूम हो कि तीन विधानसभा सीट वाले पन्ना जिले में शिवदयाल बागरी कांग्रेस के इकलौते विधायक है। इनके और पन्ना के जिला पंचायत सीईओ डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा (आईएएस) के बीच पिछले कुछ समय से किस बात को लेकर अनबन चल रही थी इसका स्पष्ट तौर पता तो नहीं चल सका। लेकिन, प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो विधायक श्री बागरी ने कुछ दिन पूर्व अपने निर्वाचन क्षेत्र गुनौर के दो पंचायत सचिवों के स्थानांतरण सहित अन्य कार्यों के संबंध पन्ना आकर जिला पंचायत सीईओ से उनके कार्यालय में भेंट की थी। मुलाकात के दौरान विधायक की सिफारिशों पर सीईओ ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए शीघ्र कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। कथित तौर पर बाद में उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को बुलाकर विधायक से सिफारिश कराने के लिए उन्हें कड़ी फटकार लगा दी।
इस घटनाक्रम का पता चलने पर गुनौर विधायक द्वारा गहरी अप्रसन्नता व्यक्त की गई। 26 जनवरी को श्री बागरी ने छिंदवाड़ा जाकर इसकी जानकारी मुख्यमंत्री कमलनाथ को दी। फलस्वरूप, पन्ना के जिला पंचायत सीईओ डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा (आईएएस) का 30 जनवरी को स्थानांतरण आदेश जारी हो गया। फ़िलहाल जिला पंचायत सीईओ के रूप में किसी की पदस्थापना नहीं की गई है। इस घटनाक्रम के बाद जिले के प्रशासनिक हलकों में हलचल बड़ गई है। क्योंकि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद पन्ना जिले में जिला पंचायत सीईओ के स्थानांतरण के रूप में यह पहली प्रशासनिक सर्जरी है। अगला नंबर किसका होगा इसे लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों खलबली मची है। खासकर उन अधिकारियों में जिनकी भूमिका विधानसभा चुनाव में संदिग्ध होने की जन चर्चायें हैं।

शिक्षा में सुधार पर अपने विभाग में असफल

आईएएस अधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा पन्ना जिले में स्कूलों की शैक्षणिक व्यस्था को बेहतर बनाने के लिए पिछले कुछ माह से लगातार स्वयं स्कूलों का निरीक्षण कर रहे थे और इसके लिए उन्होंने टीमें भी बनाई थीं। जिसके चलते कई शिक्षकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई। सीईओ की इस मुहिम से जिले के शिक्षा महकमे में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई। कतिपय लापरवाह और कामचोर शिक्षकों समेत कुछ शिक्षक संगठन इसे लेकर सीईओ से अंदर ही अंदर नाराज चल रहे थे। विनम्र स्वाभाव के ईमानदार अफसर की छवि वाले जिला पंचायत सीईओ गिरीश कुमार मिश्रा कम समय में अपने प्रयासों से शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं में तो कुछ हद तक सुधार करने में सफल रहे हैं, लेकिन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और अराजकता पर प्रभावी अंकुश लगाने वे कामयाब नहीं हो सके। आधे-अधूरे तथा अत्यंत ही गुणवत्ता विहीन प्रधानमंत्री आवासों व शौंचालयों की लक्ष्यपूर्ति के लिए कागजों पर उन्हें पूर्ण बता दिया गया। कई पंचायतों में तो व्यक्तिगत शौंचालयों का निर्माण भी नहीं हुआ और राशि निकाल कर गबन कर लिया गया। पंच परमेश्वर योजनान्तर्गत पंचायतों में अधिकांशतः घटिया कार्य कराये गए।
फर्जी उपलब्धियाँ अर्जित करने के लिए पंचायतों को खुले में शौंच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित कर दिया गया। इसी तर्ज पर फर्जी आवास लक्ष्यपूर्ति दिखाकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने शासन से लाखों रुपये की सम्मान राशि प्राप्त कर ली। उधर, सरकारी स्कूलों में बच्चों को मीनू आधारित गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन भी नसीब नहीं हुआ। मासूमों का निवाला व्यवस्था में व्याप्त कमीशनखोरी की भेंट चढ़ता रहा और जिम्मेदार तमाशबीन बने रहे।

इनका कहना है-

“पन्ना जिले में मुझे एक वर्ष नौ माह का समय हो चुका है, मेरा स्थानांतरण पूर्णतः सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत हुआ है। इसमें किसी जनप्रतिनिधि या राजनैतिक दल के नेता की शिकवा-शिकायत अथवा विरोध जैसा कुछ भी नहीं है। पता नहीं क्यों मेरे स्थानांतरण को लेकर झूठी अफवाह फैलाई जा रही है, लोग कुछ भी छाप रहे हैं।”

डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत पन्ना।

 

मध्यप्रदेश में निराश्रित गौ-वंश की रक्षा के लिये एक हजार गौ-शाला खोलने का निर्णय

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मुख्यमंत्री कमलनाथ को आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का संदेश देने के लिए ब्रह्मचारी डॉ. नीलम जैन, सुश्री रेखा जैन और प्रेयश कुमार जैन ने मुलाकात की।

* आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को दिया आशीर्वाद

* अन्य संस्थाओं ने भी बताया सराहनीय निर्णय

भोपाल। रडार न्यूज   मुख्यमंत्री कमलनाथ को आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने निराश्रित गौ-वंश के लिये एक हजार गौ-शालाएँ खोलने के निर्णय पर अपना आशीर्वाद दिया है। आचार्य श्री का यह संदेश लेकर आज ब्रह्मचारी बहन डॉ. नीलम जैन, सुश्री रेखा जैन एवं प्रेयश कुमार जैन ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की।आचार्य विद्यासागर महाराज ने अपने आशीर्वाद संदेश में इस बात पर खुशी जाहिर की कि इससे मूक-पशु गाय का संरक्षण होगा। उन्हें आश्रय मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ के इस निर्णय को प्रेरक बताया। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने मुख्यमंत्री को सागर जेल में कैदियों के लिये बनाए विशेष प्रशिक्षण सेल के शुभारंभ कार्यक्रम में भी आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री कमल नाथ के निराश्रित गौ-वंश के लिये गौ-शालाएँ खोलने के निर्णय की पूरे प्रदेश में व्यापक सराहना हुई है। गौ-शालाओं के संचालकों को मुख्यमंत्री की इस पहल से उम्मीद हुई है कि प्रदेश में गो-धन और वंश की रक्षा हो सकेगी।

सराहनीय और संघर्षमय पहल

ग्वालियर के लाल टिपारा में नगर निगम की गौ-शाला में 7 हजार गौ-वंश की देखभाल कर रही श्री कृष्णायन संस्था के महंत स्वामी ऋषभ देवानंद ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ की पहल सराहनीय और संघर्षमय पहल है। उन्होंने सुझाव दिया कि गौ-वंश के संरक्षण के लिए गोचर की व्यवस्था और प्रबंधन के साथ ही इस काम में सेवाभावी संतों को जोड़ा जाये, तो मुख्यमंत्री अपने प्रोजेक्ट गौ-शाला को साकार कर सकेंगे।

अच्छी सोच के साथ सकारात्मक पहल

इंदौर में अहिल्या माता गौ-शाला संचालित करने वाले रवि सेठी ने कहा कि वे वर्षों से गौ-संरक्षण एवं गौ-उत्पाद के क्षेत्र में सेवा की भावना से काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गौ-संरक्षण और निराश्रित गायों के लिये जो कदम उठाया है वह अच्छी सोच के साथ सकारात्मक पहल है। उनके इस अभियान में अहिल्या माता गौ-शाला पूरा सहयोग प्रदान करेगी।

प्रयास साकार होंगे और गौ-धन की रक्षा होगी

छतरपुर जिले के ग्राम पंचायत कुर्रा पट्टी के ग्राम सपन पट्टी में राधारानी गौ-शाला संचालित करने वाले उत्तम यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस निर्णय से गौ-माता के संरक्षण के प्रयास न केवल साकार होंगे बल्कि गौ-धन की रक्षा हो सकेगी। श्री यादव ने बताया कि उनकी 11 लोगों की समिति वर्तमान में 30-35 गायों का पालन कर रही है।

कार्रवाई | ट्रक समेत बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब जब्त, अवैध परिवहन कर धार से रीवा ले जाई जा रही थी शराब

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कोतवाली थाना पन्ना पुलिस द्वारा पकड़ा गया शराब से लोड ट्रक।

* ट्रक चालक के खिलाफ पन्ना पुलिस ने दर्ज किया आबकारी एक्ट का मामला

पन्ना। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में पुलिस ने अवैध शराब परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंग्रेजी शराब से लोड एक ट्रक को पकड़ा है। धार से रीवा जा रहे ट्रक क्रमांक MP-07-HB-1638 में 7,42,500 रुपये मूल्य की अँग्रेजी शराब लोड बताई जा रही है। इस ट्रक को 24 जनवरी को रीवा वेयर हाउस पहुँचना था लेकिन यह निर्धारित समयावधि में वहाँ नहीं पहुँचा। शराब के अवैध परिवहन की नियत से संदेहात्मक स्थिति में इस ट्रक को सोमवार को जब पकड़ा गया तो उसका चालक पहले ही फरार हो चुका था। ट्रक में मौजूद हेल्पर सरदार लाल पिता मंगीलाल 40 निवासी गुड़भेली थाना बड़ोद जिला आगर मध्यप्रदेश को कोतवाली थाना पन्ना पुलिस ने हिरासत में लेकर पूँछतांछ की गई। दस्तावेजों की जाँच में अवैध परिवहन का मामला उजागर होने पर पुलिस ने ट्रक समेत शराब को जब्त कर चालक के खिलाफ आबकारी एक्ट का प्रकरण कायम किया है।

7 लाख रूपए है मूल्य

अवैध परिवहन करते पकड़ी गईं शराब की पेटियां।
कोतवाली थाना पन्ना के निरीक्षक अरविन्द कुजूर ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार 28 जनवरी को पन्ना में सत्यम पैलेस के सामने सतना-कटनी तिराहा पर यातायात पुलिस के चेक प्वॉइंट पर यातायात पुलिसकर्मियों द्वारा धार से रीवा जा रहे अँग्रेजी शराब से लोड ट्रक को सड़क किनारे खड़ा कराकर सूचना दी गई। कोतवाली पुलिस की टीम जब मौके पर पहुँची तो ट्रक क्रमांक MP-07-HB-1638 में त्रिपाल से ढ़ंककर रस्सी बांधकर अंदर गोवा स्प्राइट विह्स्की की 1100 पेटी रखी थी। कुल 9900 वल्क लीटर्स अँग्रेजी शराब कीमत 7,42,500 को दिनाँक 24 जनवरी को रीवा के वेयर हाउस पहुँचना था। ट्रक में मौजूद हेल्पर मंगीलाल ने पूंछतांछ में बताया कि चालक पीछे रोड में उतरकर कहीं चला गया। शराब से भरा ट्रक समय से रीवा न पहुँचकर अवैध परिवहन की नियत से पन्ना में संदेहात्मक स्थिति में पाये जाने पर पुलिस ने ट्रक के फरार चालक के विरूद्द अपराध क्रमाँक-68/19 धारा 34(2) आबकारी एक्ट का प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया है। अवैध रुप से परिवहन की जा रही शराब को पकड़वाने में यातायात थाना पन्ना के एएसआई जी.पी. तिवारी व आरक्षक 63 सुनील पाण्डेय की अहम भूमिका रही।

मध्य प्रदेश | स्मार्ट सिटी की तरह स्मार्ट गाँव भी बनाये जायेंगे

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मुख्यमंत्री कमलनाथ से जायका के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।

* मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिला जायका मिशन दल

* मोनो रेल प्रोजेक्ट तथा वन संरक्षण में निवेश की इच्छा जताई

भोपाल। रडार न्यूज  मुख्यमंत्री कमलनाथ से आज जायका मिशन दल ने मुलाकात की। श्री नाथ की जायका के प्रतिनिधि-मण्डल से स्मार्ट सिटी की तरह स्मार्ट गाँव बनाने के संबंध में चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि प्रस्तावित परियोजनाओं का परीक्षण कर सभी औपचारिकताएँ पूरी कर जल्द ही उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये, जिससे अगले तीन वर्ष में योजनाएँ मूर्त रूप ले सकें। मुख्यमंत्री ने जायका मिशन दल से प्रदेश में मोनो रेल परिचालक प्रोजेक्ट तथा वन संरक्षण, संयुक्त वन प्रबंधन और जैव-विविधता परियोजना में निवेश की इच्छा व्यक्त की। इस मौके पर मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती उपस्थित थे।

3000 करोड़ की परियोजना प्रस्तावित

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान जायका के मिशन दल ने बताया कि जापान द्वारा मध्यप्रदेश में समूह जल-प्रदाय योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये वित्तीय सहायता देने की सहमति दी गयी है। जायका से वित्तीय सहायता के लिये 3000 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित है। परियोजना में मंदसौर, नीमच एवं रतलाम जिले के 9 विकासखण्ड के 1735 गाँव में लगभग 20 लाख ग्रामीण आबादी को घरेलू नल कनेक्शन के जरिये पेयजल उपलब्ध होगा। जायका मिशन दल में सुश्री मिसातो तकाहासी कन्ट्री ऑफिसर, कजुनोरी नकाई इंजीनियर, केनीचीरो इवाहोरी प्रोग्राम स्पेशलिस्ट, सुब्रतो तलुकदार प्रिंसिपल डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट, जायका कन्सलटेंट फर्म निप्पॉन कोई कम्पनी लिमिटेड के मयासुकी फुजी, टीम लीडर रिसा किकुची, सब लीडर हीदेहीसा तमुरा, फेसिलिटी प्लानिंग और ऑपरेशन एण्ड मेटेंनेंस अकीरो नटोरी शामिल थे।

दो बैल, डेढ़ वर्ष से क्यों हैं कैद, इनकी बेबसी-बदहाली के बारे में जानकर हैरान रह जाएँगे आप !

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* अपने मालिक के अपराध की सजा भुगत बेजुबान निरीह बैल

* वन भूमि पर खेती करने वाले परिवारों से वनकर्मियों ने किया था जब्त

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज    मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में पिछले डेढ़ वर्ष से भी अधिक समय से दो बैल वन विभाग की कैद में हैं। वे अपने मालिक द्वारा किये गए वन अपराध की अघोषित सजा काट रहे हैं। छोटे से आँगन वाले तंग कमरे रहने को मजबूर इन मूक पशुओं की हालत अत्यंत ही दयनीय है। इनकी बेबसी और बदहाली किसी संवेदनशील व्यक्ति को बेचैन कर सकती है। चार दिवारी के अंदर लम्बे समय से कैद होने के कारण बाहरी सम्पर्क से पूरी तरह कट चुके दोनों बैल आजाद होने के लिए हर पल छटपटा रहे हैं। लेकिन, उन लोगों ने इनकी अब तक कोई सुध नहीं ली जिनके कारण इन्हें कैद होना पड़ा। पशु मालिक के मुँह मोड़ने से बद्तर स्थिति में रहने और रुखा-सूखा खाने को मजबूर इन बैलों के पास जब भी कोई पहुँचता है तो वे उसे अपना मुक्तिदाता मानकर आशा भरी निगाहों से उसके पास आकर अनुशासित खड़े हो जाते हैं। लेकिन, इन्हें हर बार निराशा होना पड़ता है। बहरहाल, लम्बे इंतजार के बाद दोनों बैलों के वन विभाग की कैद से आजाद होने का एक अवसर आया है, बशर्ते सोमवार 28 जनवरी 2019 को होने वाली नीलामी में कोई इन्हें खरीद ले।

वन भूमि की जुताई करते पकड़े थे बैल

फाइल फोटो।
पन्ना जिले के उत्तर वनमंडल की देवेन्द्रनगर रेंज में आने वाले पहाड़ीखेरा सर्किल अंतर्गत फूटी झिर नामक स्थान पर वन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2016-17 में बारिश के समय पौधरोपण कार्य कराया था। जिसके कुछ ही दिन बाद आसपास के आदिवासी परिवारों ने वहाँ अतिक्रमण कर पौधारोपण को नष्ट करने लिए वन भूमि की हल से जुताई कर दी। वन विभाग के अमले ने अवैध कब्जाधारियों को प्लांटेशन से खदेड़ते हुए उनके खिलाफ वन अपराध का प्रकरण कायम किया और हल खींचने रहे दोनों बैलों को मौके से पकड़ कर अपनी अभिरक्षा ले लिया। तभी से दोनों बैल पहाड़ीखेरा में स्थित वन परिक्षेत्र सहायक के कार्यालय परिसर में स्थित एक छोटे से आँगन वाले पुराने खण्डहरनुमा कमरे में कैद हैं। रेंजर सुरेन्द्र शेण्डे ने बताया कि बैलों को छुड़ाने के लिए उनके मालिक (पशुपालक) ने कोई प्रयास नहीं किया। जबकि, मैदानी कर्मचारियों ने पशुपालक परिवार से इस संबंध में कई बार चर्चा की। अपने ही बैलों के प्रति पशु मालिक के उपेक्षापूर्ण बर्ताव को देखते हुए इन्हें राजसात कर नीलाम करने तक अभिरक्षा में सुरक्षित रखने के अलावा हमारे पास दूसरा कोई विकल्प नहीं था। श्री शेण्डे मानते हैं कि इस प्रक्रिया में निश्चित ही काफी समय लगा है।
वनकर्मियों ने नहीं की देखभाल
हैरत की बात है कि एक और जहाँ देश भर में गौवंश संरक्षण को लेकर हंगामा बरपा है वहीं पहाड़ीखेरा डेढ़ वर्ष से कैद बैलों की सुध लेने या उन्हें आजाद कराने कोई संगठन, समाजसेवी या जनप्रतिनिधि आगे नहीं आया। जबकि क्षेत्र में सभी को इसकी जानकारी थी। उधर, इन बदनसीब बेजुबानों से उनका मालिक तो पहले ही मुँह मोड़ चुका था। इन परिस्थितियों में वन विभाग के अमले ने भी बैलों के साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया। परिक्षेत्र सहायक पहाड़ीखेरा समेत अधीनस्थ कर्मचारी इन्हें स्वयं की गलती से निर्मित समस्या मानते हैं। इसलिए, बैलों की देखभाल को लेकर इन्हें कोई सरोकार नहीं है। इन मूक पशुओं की बदहाली का पता पिछले दिनों तब चला जब पन्ना के पत्रकारों की एक टीम पहाड़ीखेरा के भ्रमण पर पहुँची। वहाँ परिक्षेत्र सहायक पहाड़ीखेरा के कार्यालय परिसर में स्थित खण्डरनुमा कमरे को खुलवाकर जब देखा तो दोनों बैल आँगन के एक कोने में रखे प्याँर को खा रहे थे। इनके लिए भूसा-पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई। बैलों को इतने दिनों तक भोजन के नाम पर मुफ्त में मिला रुखा-सूखा प्याँर खिलाकर उनके साथ क्रूरता की जा रही है। उचित देखभाल तथा भोजन के आभाव में दोनों ही बैलों की काया जर्जर हो चुकी है। इनके शरीर की अधिकांश हड्डियाँ दिखने लगी है। युवावस्था में ही ये बैल बीमार-वृद्ध से नजर आ रहे हैं।
इन्हें जिस कमरे में रखा गया है वहाँ हर तरफ बिखरे गोबर-मूत्र को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि कई महीनों से सफाई नहीं हुई है। परिक्षेत्र सहायक के.पी. मिश्रा बैलों की देखभाल न होने के आरोप से इंकार करते हैं लेकिन उनके पास इस बात कोई जबाब नहीं कि बैलों की यह हालत फिर कैसे हुई। इनकी सेवा में श्रमिक तैनात होने का दावा किया गया। जिसकी जमीनी सच्चाई यह कि पत्रकार जब कार्यालय परिसर में ही स्थित वन विभाग के रेस्ट हाउस पहुँचे तो वहाँ कमरों में तीन सुरक्षा श्रमिक आराम फरमाते हुए मिले। इससे जाहिर है कि तीन-तीन सुरक्षा श्रमिक तैनात होने के बाद भी बैलों का जानबूझकर ख्याल नहीं रखा गया। इन बैलों का दर्द पिंजरे के पंछी से भी गहन है क्योंकि पिंजरे की कैद में पंछी को अच्छा खाने को तो मिलता ही है और उसकी देखभाल करने वाला भी कोई रहता है। लेकिन, कैद की यातना सहन कर रहे इन निर्दोष बैलों को अच्छा भोजन तक नसीब न होने से ये तिल-तिल मर रहे हैं।
अब पीछा छुड़ाने में जुटा वन विभाग
बैलों की दुर्दशा को पत्रकारों के द्वारा पिछले दिनों अपने कैमरों में कैद करने के बाद उत्तर वन मंडल के अधिकारियों को यह एहसास हो गया था कि इनकी देखभाल में बरती गई लापरवाही के मुद्दे पर वह घिर सकते हैं, इसलिए डेढ़ साल बाद आनन-फानन में बैलों की नीलामी की तिथि घोषित कर दी गई। मालूम हो कि लम्बे समय से सीमित जगह में कैद रहने और खाने-पीने की कोई व्यवस्था न होने से दोनों बैल अब किसी उपयोग के लायक नहीं बचे हैं। छोटे से स्थान में कैद रहने से इनका शरीर काफी हद तक जकड़ चुका है। इसलिए, नीलामी में कोई इन्हें खरीदेगा इस बात की उम्मीद न के बराबर है। वन विभाग के अमले का भी यही मानना है। लेकिन, इन बैलों से हरहाल में पीछा छुड़ाने का मन बना चुके विभागीय अधिकारी इस स्थिति में अपने लोगों के नाम पर न्यूनतम बोली लगाकर इन्हें स्वछंद विचरण के लिए छोड़ सकते है। अब देखना यह है कि डेढ़ वर्ष से कैद दोनों बैलों को खरीदने के लिए सोमवार को कोई वास्तविक खरीददार सामने आता है या फिर वन अमले की योजनानुसार नीलाम होने पर उन्हें आजादी के रूप में आवारा भटकने की सजा मिलेगी।

गुड न्यूज | शहरी गरीब युवाओं के लिये शुरू होगी युवा स्वाभिमान योजना : कमलनाथ

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मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिन्दवाड़ा जिला मुख्यालय पर गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण किया।

* मुख्यमंत्री ने नागरिकों को दी गणतंत्र दिवस की बधाई

* मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिन्दवाड़ा में ली गणतंत्र दिवस परेड की सलामी

* बोले, विषम परिस्थितियों में कार्य संभाला लेकिन वादे पूरे करने में आड़े नहीं आयेगी वित्तीय बाधा

भोपाल रडार न्यूज    मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि शहरी क्षेत्र के गरीब युवाओं को अस्थायी रोजगार देने के लिये युवा स्वाभिमान योजना लागू की जा रही है। इसमें शहरी क्षेत्र के गरीब युवाओं को एक साल में 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। गणतंत्र दिवस पर नागरिकों के नाम अपने संदेश में नई योजना की चर्चा करते हुए कमलनाथ ने कहा कि युवा शक्ति के हाथ में प्रदेश का भविष्य है। उन्होंने कहा कि युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत केवल युवा प्रतिभाओं को निखारने की है ताकि वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार के अवसरों का पूरा-पूरा लाभ उठा सकें।

पंजीयन 10 फरवरी से होगा प्रारंभ

कमलनाथ ने कहा कि रोजगार के दौरान युवाओं को उनके पसंद के क्षेत्र में कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उनके हाथ में कौशल होगा, तो वे विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों का पूरा-पूरा लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि योजना में 10 फरवरी से युवाओं का पंजीयन प्रारंभ होगा और फरवरी माह में ही रोजगार और कौशल देने का काम शुरू हो जायेगा। मुख्यमंत्री ने नागरिकों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने संविधान के निर्माण से जुड़ी सभी महान विभूतियों एवं स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों का स्मरण किया। उन्होने छिन्दवाडा में गणतंत्र दिवस परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने काम शुरू करते ही पात्र किसानों का दो लाख रूपये तक का कर्ज माफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक नीति में बदलाव करते हुए शासन की सहायता लेने वाले उद्योगों में कम से कम 70 प्रतिशत रोजगार प्रदेश के ही लोगों को दिया जायेगा।

वृद्धजनों, दिव्यांगों की पेंशन बढ़ेगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्धजनों, दिव्यांगों एवं कल्याणियों को दी जाने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 300 रूपये से बढ़ाकर 1000 रूपये कर दी जायेगी। इसे पूरा करने में पहला कदम बढ़ाते हुए अप्रैल के पहले सप्ताह से मिलने वाली पेंशन की राशि बढ़ाकर 600 रूपये प्रतिमाह कर दी जाएगी। हर साल इसमें बढ़ोत्तरी होगी।

तेन्दूपत्ता मजदूरी होगी 2500 रुपये

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले तेन्दूपत्ता सीजन से तेन्दूपत्ता मजदूरी और बोनस का नकद भुगतान होगा। तेन्दूपत्ता की मजदूरी दर 2000 रूपये प्रति मानक बोरा को बढ़ाकर 2500 रूपये प्रति मानक बोरा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवारा पशुओं के लिये गौशाला खोलने की योजना पर काम शुरू हो गया है। फरवरी माह में योजना को अंतिम रूप देकर क्रियान्वयन शुरू कर दिया जाएगा। जनजातीय कल्याण की चर्चा करते हुए कमलनाथ ने कहा कि जनजातीय भाइयों के पास जमीनों का सबसे बेहतर उपयोग करने के लिये जनजातीय कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में अनुसूचित जनजाति के सांसदों और विधायकों की एक समिति बनाई गई है। इस समिति की अनुशंसा पर सरकार काम करेगी।
अध्यात्म विभाग के गठन की चर्चा करते हुए कमलनाथ ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक विरासत एवं दर्शन प्रणाली एक वैश्विक धरोहर है। इस धरोहर के संरक्षण, संवर्धन और वर्तमान परिप्रेक्ष्य में देश-विदेश की बहुलतावादी संस्कृति के विकास को नये आयाम देने का काम यह विभाग करेगा।

वित्तीय प्रबंधन को मजबूत बनायेंगे

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि सरकार ने विषम वित्तीय परिस्थितियों में कार्य संभाला है लेकिन जनता से किये गये वादों को पूरा करने में वित्तीय बाधा आड़े नहीं आने दी जायेगी। वित्तीय प्रबंधन को मजबूत बनाने के अनेक कदम उठाये जायेंगे। करों की चोरी की रोकथाम और राजस्व बढ़ाने की व्यवस्था को पुख्ता कर एवं आय के नए साधनों को लागू कर वित्तीय संसाधन जुटाये जायेंगे। सरकार ऐसी योजनाओं को बदलेगी या समाप्त करेगी, जो आम लोगों के लिये अब जरूरी नहीं रह गई हैं।

अधोसंरचना विकास पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधोसंरचना विकास के कार्य जैसे सड़क, बिजली, सिंचाई, जल-प्रदाय, नगरीय अधोसंरचना आदि विकसित करने के लिये अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं से धनराशि जुटाई जाएगी। इन क्षेत्रों में कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। सामाजिक क्षेत्र की प्राथमिकताओं की चर्चा करते हुए श्री कमल नाथ ने कहा कि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई, अस्पतालों में बेहतर इलाज और कुपोषण के विरूद्ध समाज के साथ मिलकर व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

समृद्ध गांव बनायेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, बिजली, सड़क, स्वच्छता और कुटीर तथा ग्रामोद्योगों से स्थानीय स्तर पर रोजगार जैसी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा कर गांवों को समृद्ध और स्वावलम्बी बनाया जायेगा। इसके लिये ग्राम पंचायतवार योजनाएं बनाकर स्थानीय लोगों की भागीदारी से उन पर अमल किया जायेगा। ‘लोगों की सरकार’ के स्थान पर ‘लोग ही सरकार’ के सिद्धांत पर त्रि-स्तरीय पंचायत राज संस्थाओं को सशक्त बनाया जायेगा। ग्राम सभाओं को और अधिक सशक्त बनाते हुए विशेष महिला ग्राम सभाएं आयोजित की जायेंगी।

परिवर्तन के साथ नई कार्य संस्कृति जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन में नयी कार्य-संस्कृति लाना जरूरी है। नये नजरिये और दृष्टिकोण के साथ परिवर्तन आयेगा। उन्होंने सभी शासकीय और पुलिस कर्मचारियों तथा अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे जन सेवा का कार्य पूरी ईमानदारी के साथ करेंगे। सरकारी विभागों और सरकारी अमले के कामों का मूल्यांकन जनता करेगी। जनता का मूल्यांकन ही सही माना जायेगा। मध्यप्रदेश शासन-प्रशासन और आम लोगों के बीच समन्वय का उदाहरण पेश करेगा। सरकार हर वर्ग की चिंता करेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार से लोगों को नाउम्मीदी नहीं होगी। प्रचार कम, काम ज्यादा होगा। आने वाले पांच सालों में प्रदेश को पूरी तरह विकसित प्रदेश बनाने की राह पर तेजी से काम करने के लिये राज्य सरकार संकल्पित है।

राज्यपाल ने राज्य स्तरीय समारोह में किया किया ध्वाजारोहण, प्रदेश में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

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राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर लाल परेड ग्राउण्ड पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में परेड का निरीक्षण किया।
भोपाल। रडार न्यूज राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने 70 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण किया और नागरिकों को सम्बोधित किया। राज्यपाल ने ध्वजारोहण के पश्चात् गणतंत्र दिवस परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। हर्ष फायर के बीच पुलिस बैण्ड दल ने उपनिरीक्षक सुनील कटारे के निर्देशन में ‘‘जन गण मन’’ की धुन बजाई । राज्यपाल ने हर्ष के प्रतीक रंगीन गुब्बारे भी छोड़े।

आकर्षक परेड का प्रदर्शन

हर्ष फायर के बाद परेड कमाण्डर एस.डी.ओ.पी. जावरा जिला रतलाम आशुतोष बागरी (भापुसे) और परेड टू-आई सी. उप पुलिस अधीक्षक अशोक नगर संदीप कुमार निंगवाल के नेतृत्व मे गणतंत्र दिवस परेड का प्रदर्शन किया गया । परेड में श्वान दल सहित 20 प्‍लाटूनों ने आकर्षक परेड की।

सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति

परेड के पश्चात् विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये । लोक संस्‍कृति विभाग के कलाकारों ने भील जनजाति का मनमोहक भगोरिया लोकनृत्‍य प्रस्‍तुत किया । इसके बाद 20 विभागों ने विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का संदेश देती हुई आकर्षक झांकियों का प्रदर्शन किया।

सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये पुरस्कार घोषित

गणतंत्र‍ दिवस परेड में सशस्त्र बलों में सर्वोत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन करने पर म.प्र. विशेष सशस्त्र बल की टुकड़ी को प्रथम, सीआईएसएफ की टुकड़ी को द्वितीय एवं जेल विभाग (पुरुष) टुकड़ी को तृतीय पुरस्‍कार घोषित किया। गैर शस्‍त्र दलों में एन.सी.सी. एयर विंग दल को प्रथम, एन.सी.सी.सीनियर गर्ल्स को द्वितीय तथा शौर्य दल को तृतीय पुरस्‍कार घोषित किया गया। इसी प्रकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रेणी में डीपीएस स्कूल नीलबड़ को प्रथम, शासकीय उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय आनंदनगर को द्वितीय, सेंट जेवियर स्कूल भेल को तृतीय तथा शारदा विद्या मंदिर केरवा रोड के बच्चों को सांत्वना पुरस्कार के लिये चयनित किया गया। विभागीय गतिविधियों पर आधारित विकास प्रदर्शिनियों की श्रृंखला में पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग की झाँकी को प्रथम, पर्यटन विभाग की झाँकी द्वितीय एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की झाँकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।

फसल ऋण माफी योजना : फर्जी ऋण प्रकरणों में कटनी और सागर जिले में 4 के खिलाफ एफआईआर दर्ज

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सांकेतिक फोटो।

* दो समिति प्रबंधकों, शाखा प्रबंधक तथा सोसायटी अध्यक्ष को बनाया आरोपी

* किसान की शिकायत पर जाँच उपरांत तत्परता से की गई कार्यवाही

* पंचायत में सूची चस्पा होने से फर्जी ऋण प्रकरण का हुआ भंडाफोड़

भोपाल। रडार न्यूज   जय किसान फसल ऋण माफी योजना के अंतर्गत प्रदेश में फर्जी ऋण प्रकरणों में दोषी पाये जाने वाले व्यक्तियों पर तत्परता से वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। आज कटनी जिले में जरवाही समिति प्रबंधक लक्ष्मीकांत दुबे के विरुद्ध फर्जी ऋण प्रकरण में माधव नगर थाने में 24 जनवरी को सहकारी निरीक्षक गीतेश मेहरा द्वारा आईपीसी की धारा 420, 409, 201 तथा 120 के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। सागर जिले में गत दिवस जिला सहकार केन्द्रीय बैंक की गौरझामर शाखा से संबंधित प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसायटी में फर्जी ऋण प्रकरण पाये जाने पर सोसायटी प्रबंधक, शाखा प्रबंधक तथा सोसायटी अध्यक्ष को दोषी करार दिया गया है। इन दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता-1860 की धाराओं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
कटनी जिले के ग्राम गैतरा निवासी कृषक छोटे लाल ने कलेक्टर को शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया था। कृषक ने जानकारी दी थी कि जय किसान फसल ऋण माफी योजना में ग्राम पंचायत में चस्पा की गयी हरी सूची में 4 लाख 39 हजार 222 रुपये 54 पैसे का कर्ज आवेदक के ऋण खाते में दिखाया गया है। यह पूर्णत: गलत है, क्योंकि आवेदक समस्त ऋण 31 मार्च, 2018 के पूर्व चुकता कर चुका है। आवेदन पर कलेक्टर द्वारा जाँच कराये जाने पर ऋण मामला फर्जी पाया गया।