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मेरे पास जादू की छड़ी नहीं, जो आते ही बदलाव ला दूँ , बेहतर पुलिस व्यवस्था देने के लिए ईमानदार प्रयास करूँगा : एसपी

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पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी।

 

* नवागत युवा पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी मीडियाकर्मियों से हुए रूबरू

* बोले, झूठी रिपोर्ट करने वालों के खिलाफ दर्ज करेंगे आपराधिक प्रकरण

* रेत, शराब के अवैध कारोबार और IPL सट्टा के खिलाफ होगी प्रभावी कार्रवाई

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज   मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के नवागत युवा पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने मंगलवार को कहा कि पुलिस के समक्ष खड़ी चुनौतियों से जिले तुरंत को तुरंत बाहर निकालने के लिए उनके पास कोई जादू की छड़ी नहीं है जिसे घुमाकर मैं आते ही बदलाव ला दूँ। लेकिन नागरिकों को बेहतर पुलिस व्यवस्था देने के लिए प्रतिबद्धता जताते हुए उन्होंने ईमानदार प्रयास करने की बात कही। आपने कहा कि लोगों को जल्दी ही बदलाव महसूस होगा। कानून व्यवस्था, जन सुरक्षा और अवैध गतिविधियों से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए इनका डटकर सामना किया जायेगा। इसमें आमजन और मीडिया का सहयोग भी लिया जाएगा।
मालूम हो कि लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद आईपीएस अफसर अनिल सिंह कुशवाह को पन्ना से हटाकर मयंक अवस्थी को जिले का नया एसपी बनाया गया है। पन्ना पुलिस अधीक्षक का पदभार संभालने के बाद श्री अवस्थी ने मंगलवार 19 मार्च को पत्रकारों से भेंट की। वर्ष 2012 बैच के आईपीएस अफसर मयंक अवस्थी ने बताया कि वे इसके पूर्व उज्जैन, भोपाल एवं गुना जिले में अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निवासी युवा आईपीएस अधिकारी मयंक अवस्थी पत्रकारों से चर्चा के दौरान आत्म विश्वास लबरेज नजर आए। आपने एक सवाल का संक्षिप्त जबाब देते हुए कहा कि फ़िलहाल लोकसभा चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके पश्चात् हर चैलेंज को स्वीकार किया जाएगा और उससे कैसे निपटना यह उन्हें अच्छी तरह मालूम है।

निर्दोष व्यक्ति को प्रताड़ित नहीं होने देंगे

पत्रकारों से रूबरू होते पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी एवं समीप बैठीं रक्षित निरीक्षक।
पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने कहा कि महिलाओं, बालिकाओं और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों में पुलिस द्वारा पूरी संवेदनशीलता के साथ तत्परता से कार्रवाई की जाएगी। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अपराधों की रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास किए जाएँगे। उन्होंने कहा कि झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर लोगों को प्रताड़ित अथवा ब्लैकमेल करने वालों से सख्ती से निपटा जायेगा। ऐसे मामलों में विवेचना के दौरान आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित कर दर्ज अपराध की क्लोजर रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी और फिर संबंधित के विरुद्ध झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रकरण पंजीबद्ध किया जाएगा। इससे झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने की प्रवत्ति पर अंकुश लगेगा। हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि निर्दोष व्यक्ति प्रताड़ित न होने पाए।
पुलिस अधीक्षक श्री अवस्थी ने एक सवाल के जबाब में बताया कि पुराने अपराधों के निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिले में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन, भंडारण, शराब एवं अन्य मादक पदार्थों के कारोबार तथा IPL (आईपीएल) सट्टा पर अंकुश लगाने के लिए इनके खिलाफ सतत प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। रेत के अवैध परिवहन और अवैध शराब बिक्री के प्रकरणों में संबंधित वाहन मालिक, चालक एवं शराब ठेकेदार के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किया जाएगा। अवैध गतिविधियों को प्रत्यक्ष-परोक्ष संरक्षण देने वाले पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा। आपने जोर देते हुए कहा कि इस स्थिति को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

1893 व्यक्तियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, 4612 वाहनों की चैकिंग कर 23 लाख रूपए शमन शुल्क वसूला, 421 वारंटी किए गिरफ्तार

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शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई हेतु चैकिंग के दौरान वाहन चालकों की जाँच करते पुलिसकर्मी।

* लोकसभा चुनाव शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने एक्शन मोड में आई पुलिस

* 14 लाख रूपए मूल्य की अवैध शराब तथा 32 अवैध शस्त्र किए बरामद

पन्ना। रडार न्यूज  लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होने के पश्चात् मध्यप्रदेश के खजुराहो संसदीय क्षेत्र अंतर्गत आने वाले पन्ना जिले में शांतिपूर्ण तरीके से निर्वाचन सम्पन्न कराने के पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस अधीक्षक पन्ना अनिल सिंह कुशवाह ने अधीनस्थ अमले अनुविभागीय पुलिस अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को असामाजिक तत्वों, अपराधिक व्यक्तियों, गुण्डा-निगरानीशुदा बदमाशों तथा आदतन अपराधियों के विरूद्ध अभियान चालकर प्रभावी रूप से कार्यवाही करने के निर्देश दिये है। फलस्वरूप जिले में अब तक 1893 व्यक्तियों के विरुद्ध पुलिस द्वारा प्रतिबंधात्मक धाराओं के अंतर्गत ताबड़तोड़ कार्यवाही की गई। इसी दौरान 32 अवैध शस्त्र बरामद किए है। पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए 421 फरार वारंटियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस की ओर से जारी किए गए कार्रवाई विवरण के अनुसार अभियान के दौरान 12124.43 लीटर अवैध शराब पकड़ी गई, जिसका मूल्य 14,28,352/- (चौदह लाख अट्ठाईस हजार तीन सौ बावन) रूपए है। इसके अलावा 4612 वाहनों की चैकिंग की गई। जिसमें वाहनों के विरूद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं के तहत कार्यवाही कर कुल शमन शुल्क 22,71,370 /- रूपए वसूल किया गया है।

अंर्तराज्यीय सीमा पर सघन रूप से चैकिंग

पन्ना जिले में अवैध गतिविधियों की प्रभावी रोकथाम हेतु विधानसभा क्षेत्रवार 3-3 स्थायी निगरानी दल सहित कुल 9 स्थायी निगरानी दल एवं 9 फ्लाइंग स्क्वायड गठित किए गये है। जिसमें तैनात कार्यपालिक दण्ड़ाधिकारी एवं पुलिस दल द्वारा आदर्श आचार संहिता उल्लंघन संबंधी संयुक्त रूप से कार्यवाही की जा रही है। जिले में उत्तरप्रदेश सीमा से लगे हुये थाना अजयगढ़ एवं धरमपुर क्षेत्र के 8 प्रवेश मार्गों पर सुरक्षा की दृष्टि से अंर्तराज्यीय बैरियरों पर सघन रूप से चैकिंग की जा रही है।

143 लायसेंसी शस्त्रों को जमा कराया

वाहन चैकिंग के दौरान नगर में थाना यातायात एवं थाना कोतवाली पन्ना द्वारा संयुक्त रूप से 6 वाहन चालकों शराब पीकर वाहन चलाते हुए पकड़कर कार्रवाई की गई। इसके अलावा 8 वाहनों से हूटर, 4 वाहनों से नेम प्लेट सहित कुल 79 वाहनों के विरूद्ध कार्यवाही कर 34,250 रूपये का शमन शुल्क वसूल किया गया। वहीं 21 अपराधियों के विरूद्ध धारा 110, 4 व्यक्तियों के विरूद्ध धारा 151 एवं 71 व्यक्तियों को धारा 107/116 जफ्ता फौजदारी के अंतर्गत कार्यवाही की गई। पुलिस ने 14 वारंटियों की गिरफ्तारी एवं 17 वारंटियों के जमानती वारंटों का निष्पादन कराया है। लायसेंसी शस्त्रों के अंतर्गत अब तक 143 लायसेंसी शस्त्रों को जमा कराया गया है।

फरार वारंटियों पर कसा शिकंजा, पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए थोकबंद घोषित किया ईनाम, यहाँ देखिये पूरी लिस्ट

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अनिल सिंह कुशवाह, पुलिस अधीक्षक पन्ना।

* पुलिस अधीक्षक ने घोषित किया 2-2 हजार रूपए का ईनाम 

पन्ना। रडार न्यूज   लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान होते ही पुलिस प्रशासन भी एक्शन मोड में आ गया है। पन्ना जिले के नवागत पुलिस अधीक्षक अनिल सिंह कुशवाह ने लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों पर शिकंजा कसते हुए उनकी गिरफ्तारी हेतु 2-2 हजार रूपये का ईनाम घोषित किया है। वारंटियों पर थोकबंद घोषित ईनाम की राशि उस व्यक्ति को दी जाएगी जो स्थायी वारन्टी को बंदी बनाने या बंदी बनवाने या उसके द्वारा बंदीकरण की शक्ति का विरोध किए जाने पर विधि संगत आवश्यक बल प्रयोग कर बंदी बनाने या बनवाने के लिए सही सूचना देगा या बंदी करवाएगा। ऐसे व्यक्ति को 2-2 हजार रूपये के पुरूस्कार से पुरस्कृत किया जाएगा। पुरूस्कार वितरण के संबंध में पुलिस अधीक्षक पन्ना का निर्णय अंतिम होगा।
पन्ना जिले के थाना सलेहा अन्तर्गत फरार वारंटी रमेश्वरी पिता देवीदीन काछी निवासी पटला तमोली, मोनू उर्फ वीरा उर्फ मनु पिता पुन्नू उर्फ पुनउईया ढीमर निवासी लखुरबाब, रामली चौधरी पिता सिमहिया चौधरी निवासी मडौसा, भवानी दहायत पिता सुरेन्द्र दहायत निवासी इटवा, सुरेश कुमार शर्मा पिता भवानी प्रसाद शर्मा निवासी कटरा, अनिल सिंह पिता गब्बर सिंह निवासी कुपना घाट शाहनगर, खद्दर सिंह पिता रबर सिंह बहेलिया निवासी कुपना घाट शाहनगर, राजकुमार पिता सुकरता रेकवार निवासी गंज सलेहा हाल बगौता थाना सिविल लाईन छतरपुर, छन्नू कुशवाहा पिता पतारे कुशवाहा निवासी करही मोड़ पवई एवं बूटी उर्फ इनायत उर्फ नसीम खान पिता मुन्ना खान निवासी भटिया शामिल हैं। इसी प्रकार जिले के थाना पवई अन्तर्गत फरार वारंटी रामकुमार पिता किशोर ढीमर निवासी सुनेही, राजू उर्फ मोहम्मद खां पिता गफ्फूर खां निवासी कटरा मोहल्ला पन्ना, पुष्पेन्द्र पिता फेरन सिंह यादव निवासी मगधपुरा, नत्थू यादव पिता फेरन यादव निवासी मगधपुरा, थाना सिमरिया अन्तर्गत फरार वारंटी निरपत सिंह पिता गजराज सिंह ठाकुर निवासी चंदना चौकी हरदुआ, मिथलेश लोधी पिता रधुवर लोधी निवासी ग्राम बडखेरा, पवन पठान पिता नत्थू पठान निवास बड़ागांव थाना देवेन्द्रनगर, अवधेश पाण्डेय पिता परषोत्तम पाण्डेय निवासी साटा बुद्धसिंह, रावेन्द्र सोनी पिता नरोत्तम सोनी निवासी मोहन्द्रा, विजय यादव पिता रामगोपाल यादव उर्फ रामकृपाल यादव निवासी बदैरा जिला सतना तथा हाशिम खान पिता हनीफ खान निवासी परशुराम तालाब के पास बांदा उत्तर प्रदेश, थाना शाहनगर अन्तर्गत फरार वारंटी छोटू उर्फ छोटे पिता रामू वर्मन निवासी शाहनगर, बेडीलाल पिता गंगा प्रसाद खंगार निवासी शाहनगर।
सांकेतिक फोटो।
थाना रैपुरा अन्तर्गत फरार वारंटी पूरन सिंह पिता जाहिर सिंह यादव निवासी बगरोड, हरिदास दुबे पिता रामचरण दुबे निवासी जरगवां, अनिल कुमार पिता शिव कुमार झारिया निवासी रतना थाना गाडा सरई जिला डिडौरी, अनार सिंह पिता कोमल सिंह लोधी निवासी रूपझिर, जत्तू उर्फ जितेन्द्र सिंह पिता देवेन्द्र सिंह राजपूत निवासी इतवारी टौरी थाना मोतीनगर जि सागर तथा बुद्धु आदिवासी पिता दुर्जन आदिवासी निवासी बड़ागांव थाना रैपुरा शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि इन सभी स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी एवं पतारसी के हरसंभव प्रयास पुलिस की ओर से किए गए है किन्तु अभी तक कोई पता नहीं चल सका। इसके मद्देनजर पुलिस अधीक्षक अनिल सिंह कुशवाह ने पुलिस रेग्युलेशन के निहित प्रावधानों के तहत स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी हेतु 2-2 हजार रूपये के पुरूस्कार की घोषणा की है।

लोकसभा चुनाव | “बूथ मैनेजमेंट” से चुनावी महासमर को जीतने की तैयारी, कांग्रेस अपने पोलिंग स्तरीय कार्यकर्ताओं को देगी प्रशिक्षण

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सांकेतिक फोटो।

* पन्ना में बूथ प्रबंधन पर कांग्रेस की कार्यशाला सह प्रशिक्षण 15 को

* संभागीय समन्वयक राजेन्द्र सिंह अवाना होंगे शामिल, भोपाल से आएँगे प्रशिक्षक

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज    लोकसभा चुनाव 2019 का बिगुल बज चुका है। भारत की दशा और दिशा के लिहाज से पिछले तीन दशक के सबसे अहम बताए जा रहे इस चुनाव को जीतने के लिए दोनों प्रमुख राजनैतिक पार्टियों भाजपा और कांग्रेस के अलावा राज्यों में प्रभाव रखने वाले क्षेत्रीय दल अपनी ओर से पूरा जोर लगाने में जुट गए है, वे इसमें कोई कोर कसर छोड़ना नहीं चाहते। इसके लिए सभी राजनैतिक दलों ने अपनी-अपनी बूथ कमेटियों को मजबूत करने में पूरी ताकत झोंक दी है। देश के हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश की बात करें तो यहाँ लोकसभा की 29 सीटों को फतह करने की रणनीति के तहत बीजेपी और कांग्रेस “बूथ मैनेजमेंट” पर विशेष ध्यान दे रहीं है। सर्वविदित है कि किसी भी चुनाव में “बूथ मैनेजमेंट” का खासा महत्व होता है, बात यदि लोकसभा चुनाव की हो तो इसकी अहमियत कहीं अधिक बढ़ जाती है। एमपी में दोनों ही पार्टियों ने इसके लिए विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया है। भाजपा ने तो बाकायदा नारा भी दे रखा है, “अपना बूथ-सबसे मजबूत”। प्रत्येक लोकसभा सीट पर विधानसभावार पोलिंग स्तरीय कार्यकर्ताओं के लिए राजनैतिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें मास्टर ट्रेनरों द्वारा “बूथ मैनेजमेंट” के गुर सिखाए जा रहे है।

प्रशिक्षण का लाभ उठाएँ – शिवजीत

शिवजीत सिंह, कांग्रेस नेता।
इसी क्रम में खजुराहो संसदीय क्षेत्र अंतर्गत पन्ना जिले में कांग्रेस पार्टी के बूथ प्रशिक्षण सह राजनैंतिक कार्यशाला का कार्यक्रम घोषित हो गया है। प्राप्त जानकारी अनुसार पन्ना विधानसभा के पोलिंग एजेन्टों तथा बूथ कमेटियों का प्रशिक्षण शुक्रवार 15 मार्च 2019 को जिला मुख्यालय पन्ना में स्थित लवकुश वाटिका में दोपहर 2 बजे से आयोजित होगा। पन्ना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रत्याशी एवं प्रशिक्षण प्रभारी शिवजीत सिंह भैयाराजा ने जानकारी देते हुये बताया कि आयोजित प्रशिक्षण सह कार्यशाला में संभागीय समन्वयक राजेन्द्र सिंह अवाना एवं खजुराहो लोकसभा क्षेत्र के पर्यवेक्षक दिनेश सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहेगें। श्री सिंह ने बताया कि बूथ प्रबंधन पर आयोजित कार्यशाला के संबंध में पन्ना विधानसभा क्षेत्रांतर्गत आने वाले तीनों संगठनात्मक ब्लॉकों- पन्ना, अजयगढ़, धरमपुर के ब्लॉक अध्यक्ष, समस्त मण्डलम् अध्यक्ष, सेक्टर अध्यक्ष एवं पोलिंग बूथ स्तरीय कमेटियों के पदाधिकारी शामिल होंगें। जिन्हें भोपाल से आने वाले प्रशिक्षकों द्वारा आवश्यक मार्गदर्शन एवं जानकारियाँ प्रदान की जाएँगी। पन्ना विधानसभा के प्रशिक्षण प्रभारी शिवजीत सिंह ने से राजनैतिक प्रशिक्षण सह कार्यशाला में आपेक्षित कांग्रेस पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं से अनिवार्य रूप से शामिल होकर इसका लाभ उठाने तथा क्षमता-दक्षतावर्धन करने का अनुरोध किया है। श्री सिंह ने पार्टी के समस्त मोर्चा संगठनों के पदाधिकारियों से भी कार्यशाला में शामिल होने की अपील की है।

पवई एवं गुनौर के प्रशिक्षण भी 15 को

सांकेतिक फोटो।
पन्ना जिले के गुनौर और पवई विधानसभा क्षेत्र का प्रशिक्षण भी शुक्रवार 15 मार्च को किया आयोजित किया गया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिव्यरानी सिंह के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गुनौर और पवई विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण संयुक्त रूप से अमानगंज स्थित फॉरेस्ट ऑफिस के सामने मंगल भवन में दोपहर 11 से 2 बजे तक आयोजित होगा। उन्होंने सभी समस्त ब्लॉक अध्यक्षों, मंडलम् एवं सेक्टर अध्यक्षों से पोलिंग बूथ कार्यकर्ताओं की प्रशिक्षण में उपस्थिति सुनिश्चित कराने की अपील की है। पता चला है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा पन्ना जिले के तीनों क्षेत्रों में प्रशिक्षण के व्यवस्थित आयोजन हेतु तीनों ही विधानसभा प्रत्याशियों को प्रशिक्षण प्रभारी बनाया है।

आदर्श आचरण संहिता का पालन सुनिश्चित करें : सीईओ श्री कान्ता राव

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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल.कान्ताराव की अध्यक्षता में निर्वाचन की घोषणा के उपरान्त राजनैतिक दलों के साथ बैठक हुई ।

* मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के साथ बैठक सम्पन्न

भोपाल। रडार न्यूज   मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल. कान्ता राव ने मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि सभी राजनैतिक दल लोकसभा चुनाव में आदर्श आचरण संहिता का पालन कराना सुनिश्चित करें, जिससे लोकसभा निर्वाचन 2019 शान्तिपूर्ण, विश्वनीयऔर पारदर्शिता के साथ कराया जा सकें। राजनैतिक दलों के साथ बैठक में श्री कान्ता राव ने कहा कि प्रदेश में आखिरी के चार चरणों में चुनाव होंगे। प्रदेश में पहला चुनाव चौथे चरण में होगा।

वैकल्पिक पहचान-पत्र रखना अनिवार्य

श्री राव ने कहा कि लोकसभा निर्वाचन में मतदान के लिये इस बार मतदाता पर्ची के साथ वैकल्पिक पहचान-पत्र रखा जाना अनिवार्य रहेगा। चुनाव प्रचार में ईको फ्रेन्डली प्रचार सामग्री उपयोग करने का सभी राजनैतिक दलों से आग्रह किया गया है। चुनाव प्रचार के दौरान शिकायतों के लिये सी-वीजिल एप और 1950 टोल फ्री नंबर पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।

चुनाव प्रचार में सुरक्षा बलों का न हो उपयोग

आयोग द्वारा राजनैतिक दलों को चुनाव प्रचार एवं विज्ञापनों में सुरक्षा बलों के कर्मचारी और अधिकारियों एवं सेना के किसी कार्यक्रम के फोटो का उपयोग नहीं किये जाने के लिये कहा गया है। ई.व्ही.एम. एवं व्ही.व्ही.पैट के परिवहन हेतु उपयोग में लाये जाने हेतु वाहनों में जीपीएस लगाया जायेगा। चुनाव प्रचार में वाहनों, स्थलों, ध्वनि विस्तारक यन्त्रोंआदि की अनुमति के लिये ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन संबंधित अधिकारी को किये जा सकेंगे। प्रदेश में सम्पत्ति विरूपण अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही सभी जिलों में जारी है। राजनैतिक प्रचार में शासकीय वाहनों का उपयोग नहीं हो सकेगा। धार्मिकस्थलों का उपयोग राजनैतिक प्रचार-प्रसार के लिये नहीं होगा।

निर्माण कार्यों की सूची तलब

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री कान्ता राव ने बताया कि चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचरण संहिता लागू होते ही सभी जिला अधिकारियों से जिलों में चल रहे निर्माण कार्यों की सूची 72 घण्टे में उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये हैं। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संदीप यादव एवं अरूण कुमार तोमर, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजेश कौल एवं अभिजीत अग्रवाल और मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

ब्लाइंड मर्डर | नेशनल हाईवे किनारे अज्ञात अधजली क्षत-विक्षत लाश मिलने से फैली सनसनी, 2 माह पूर्व मिलीं दो लाशों का अभी तक नहीं हुआ खुलासा

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कई टुकड़ों में मिले शव को जाँच हेतु मेडिकोलीगल भोपाल भेजने के लिए पैक करता शव विच्क्षेदन गृह में तैनात कर्मचारी।

* पन्ना-सतना के बीच सकरिया ग्राम के समीप वीभत्स स्थिति में मिला शव

* लाश क्षत-विक्षत होने के कारण मृतक महिला है या पुरुष नहीं चल सका पता

* हत्या करने के बाद शव को सकरिया लाकर जलाने का अंदेशा जाता रही पुलिस

* बढ़ते संगीन अपराधों और चोरी की वारदातों से पन्ना की शांति को लगा ग्रहण

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज    मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में दो माह के अंदर तीसरी लाश मिलने से सनसनी व्याप्त है। रविवार 10 मार्च को नेशनल हाईवे-39 किनारे पन्ना-सतना मार्ग पर ग्राम सकरिया के पेट्रोल पंप के सामने सड़क से कुछ दूरी पर बेहद क्षत-विक्षत अवस्था में मिली अज्ञात लाश अत्याधिक जली होने और जंगली जानवरों द्वारा उसे अपना निवाला बनाए जाने के कारण 24 घंटे बाद यह भी पता नहीं चल सका कि लाश महिला की है या पुरुष की। घटनास्थल पर अज्ञात अधजला शव तीन हिस्सों में पुलिस को वीभत्स स्थिति में मिला है। लाश कहाँ से और कैसे आई इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ व्याप्त है। मरने वाले का धड़ और दोनों पाँव अलग-अलग पाए गए। धड़ और पैरों के हिस्से को जंगली जानवरों द्वारा अपना निवाला बनाने की बात कही जा रही है।
प्रारंभिक जांच के आधार यह संभावना जताई जा रही है कि अज्ञात व्यक्ति की बड़ी ही बेरहमी से हत्या करने के बाद साक्ष्य को छिपाने के मकसद से शव को सकरिया में लाकर जलाया गया है। रविवार को दोपहर में पन्ना कोतवाली थाना पुलिस को सकरिया में अज्ञात व्यक्ति का जला हुआ शव पड़ा होने की सूचना मिली थी। इस घटनाक्रम की खबर फैलने के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा है। पन्ना से महज 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सकारिया ग्राम पहुँचकर रविवार को ही पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया। अँधे क़त्ल के संबंध में आसपास के लोगों से बात कर आवश्यक जानकारी हाँसिल करने के प्रयास किये गए। रविवार रात शव को पोस्टमार्टम के लिए पन्ना लाकर जिला चिकित्सालय के शव विच्क्षेदन गृह में रखवाया गया। सोमवार की सुबह शव की हालत को देखते हुए ड्यूटी डॉक्टर ने पोस्टमार्टम संभव न होने की जानकारी दी। जिसके बाद शव को जांच के लिए मेडिकोलीगल संस्थान भोपाल भेजा जा रहा है।

अपराधियों ने फिर दिखाया दुस्साहस

फाइल फोटो।
नेशनल हाईवे-39 किनारे सकरिया ग्राम के समीप अज्ञात व्यक्ति का अधजला शव मिलने की घटना से एक बात स्पष्ट है कि पन्ना पुलिस का अपराधियों में जरा भी खौफ नहीं है। संभवतः अन्य किसी स्थान पर हत्या करने के बाद अज्ञात शातिर आरोपी बड़े ही दुस्साहसिक तरीके से शव को सकरिया लाकर नेशनल हाइवे किनारे जलाकर आसानी से भाग निकले लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। जबकि घटनास्थल के सामने पेट्रोल पंप स्थित है वहीं जिस तरफ लाश मिली है उससे कुछ ही दूरी पर रेल लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। वहाँ पर रेलवे के ठेकेदार का कैम्प भी स्थित है। नेशनल हाइवे पर जहां हर मिनिट में सैंकड़ों वाहन दिन-रात गुजरते है वहाँ सड़क से चंद कदमों की दूरी पर इतनी बड़ी वारदात के होने से पन्ना पुलिस की कार्यप्रणाली और सक्रियता पर सवालिया निशान लगा है।
शव विच्क्षेदन गृह के बाहर पन्ना एसपी और टीआई।
वैसे भी पन्ना जिले की पुलिस पर लंबे समय से यह आरोप लग रहे हैं कि उसका फोकस अपने मूल कार्य पर न होकर रेत परिवहन, मवेशियों का परिवहन करने वाले वाहनों से इंट्री वसूली पर है। अवैध शराब बिक्री, जुआ-सट्टा को लेकर भी पुलिस का रुख नरम है। इस स्थिति का लाभ उठाकर पन्ना में आपराधिक तत्व सक्रिय हो गए हैं। चोरी, लूट, अपहरण और हत्या सरीकी वारदातें इसी का नतीजा हैं। जिसका दुष्परिणाम यह है कि शांति का टापू कहलाने वाला पन्ना जिला पिछले कुछ समय से एक के बाद एक लगातार संगीन वारदातों के सामने आने से दहल रहा है। पन्ना में पुलिस के लिए चोर भी चुनौती बने हैं। बढ़ते अपराधों के कारण यहाँ आमजन भयभीत और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उधर, पन्ना सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में पिछले दिनों हुईं संगीन वारदातों को लेकर मध्यप्रदेश की नई सरकार विपक्ष के निशाने पर है। मौजूदा स्थिति में यदि तुरंत आपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो लोकसभा चुनाव के चलते मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

पहड़ीखेरा में मिली थी जली हुई लाश

मालूम हो कि इसके पूर्व पन्ना जिले के बृजपुर थाना अंतर्गत पहाड़ीखेरा ग्राम से कुछ दूरी पर स्थित गहरा नाला के समीप एक अज्ञात महिला की अधजली लाश क्षत-विक्षत अवस्था में पाई गई थी। वहीं जिले के अमानगंज थाना अंतर्गत ग्राम मेहगवां में गुडियाना मोहल्ला के नाला किनारे स्थित महाराज गिरि के खेत में पुलिस ने खुदाई कराकर एक अज्ञात युवक का शव बरामद किया था। करीब 15-20 पुराने इस शव को लेकर पुलिस ने यह आशंका जताई थी कि अज्ञात युवक की हत्या करने के बाद शव को गड्ढा खोदकर गाड़ा गया है। उधर, पहाड़ीखेरा में गहरा नाला के समीप महिला की जली हुई क्षत-विक्षत भयावह लाश भी सड़क किनारे ही मिली थी। इसके पूर्व उसी स्थान पर विधानसभा चुनाव के समय खूँखार डकैत गिरोह ने दिनदहाड़े कुछ युवकों से लूटपाट करने के बाद सतना जिले के निवासी एक वन सुरक्षा श्रमिक का बंदूक की नोंक पर अपहरण कर लिया था।
पहाड़ीखेरा में मिले शव को देखते पुलिस अधिकारियों का फाइल फोटो।
महज दो से तीन माह के अंतराल में हुईं इन जघन्य घटनाओं से पन्ना जिले की पुलिस की घोर निष्क्रियता-उदासीनता का पता चलता है। चिंताजनक हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूर्व में मिलीं दोनों लाशों का अब तक खुलासा भी नहीं हो पाया है। इस बीच तीसरे अँधे क़त्ल की वारदात सामने आने से सनसनी फैलना और पुलिस पर उंगली उठना स्वाभाविक है। नवागत पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह कुशवाह को इन तमाम घटनाओं और समग्र परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए तत्परता से सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने की ओर ध्यान देना होगा ताकि पुलिस व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त कर अपराधों की रोकथाम की जा सके।

इनका कहना है –

“सकरिया में मिले शव और अँधे क़त्ल के खुलासे के लिए पुलिस द्वारा आसपास के सभी जिलों के थानों को सूचना देकर गुमशुदा व्यक्तियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। इस मामले में मर्ग कायम कर हत्या का प्रकरण दर्ज किया जा रहा है।”

अरविंद कुजूर, निरीक्षक कोतवाली थाना पन्ना।

“लाश के अत्याधिक जलने तथा जानवरों द्वारा उसके कुछ हिस्से को अपना निवाला बनाए जाने से फ़िलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि उक्त शव महिला का है या पुरुष का है। शव को विस्तृत जांच के लिए मेडिकोलीगल भोपाल भेजा जा रहा है। यह बात सही है कि दो माह पूर्व पहाड़ीखेरा ग्राम में मिले महिला और अमानगंज थाना अंतर्गत मिले युवक के शव (अँधे क़त्ल) का अब तक खुलासा नहीं हो पाया है। अमानगंज वाले प्रकरण में हमें डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है, संभवतः इसका जल्दी ही उसका खुलासा हो जाएगा।”

अनिल कुमार सिंह कुशवाह, पुलिस अधीक्षक पन्ना।

गुड न्यूज | पन्ना-पहाड़ीखेरा-चित्रकूट मार्ग का होगा चौड़ीकरण, बनेगी गुणवत्तापूर्ण टू-लाइन सड़क, पन्ना के विकास में मील का पत्थर साबित होगी यह सड़क 

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सांकेतिक फोटो।

* प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों चित्रकूट-कालिंजर और पन्ना को जोड़ेगी सड़क 

* पन्ना से समीपी ग्राम जनकपुर तक डिवाइडर युक्त सड़क का निर्माण 

* सुगम होगा यातायात, बढ़ेंगीं पर्यटन गतिविधियाँ, दुर्घटनाओं में आएगी कमी 

* पुल-पुलियों का भी होगा चौड़ीकरण, आपस में जुड़ेंगे पन्ना-सतना के  27 गाँव 

शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज   किसी नगर, क्षेत्र, प्रदेश या देश के लिए सड़कों का वही महत्व है जो मानव शरीर में धमनियों  और नसों का है, ये शरीर को गति-शक्ति देती हैं वैसे ही अच्छी सड़कें विकास को गति प्रदान करती हैं। इसलिए किसी ने सच ही कहा है कि- “अच्छी सड़कें विकास का संवाहक होती है।” मध्यप्रदेश के अति पिछड़े पन्ना जिले का आपेक्षित विकास न हो पाने का एक बड़ा कारण यहाँ सड़क यातायात को सुगम बनाने वाली गुणवत्तापूर्ण चौड़ीं सड़कों का आभाव होना है। यहाँ की ग्रामीण सड़कों को छोड़िए, नेशनल हाइवे और इंटर स्टेट हाइवे तक कई दशकों से घोर उपेक्षा के कारण बदहाल स्थिति में हैं। पन्ना जिले में पिछले कुछ सालों में सड़क हादसों का ग्राफ तेज़ी से बढ़ने और उनमें कई व्यक्तियों के असमय काल कवलित होने के पीछे यही वजह है। बहरहाल, पन्ना नगर के पिछड़ेपन को लेकर चिंतित लोगों के लिए एक अच्छी खबर है !
फाइल फोटो।
पन्ना की जीवन रेखा कहलाने वाली पन्ना-पहाड़ीखेरा-मझगवाँ (चित्रकूट) सड़क के चौड़ीकरण की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। प्रसिद्ध ऐतिहासिक-धार्मिक-प्राकृतिक महत्व के पर्यटन स्थलों चित्रकूट-कालिंजर और पन्ना को जोड़ने वाली करीब 75 किलोमीटर लम्बी इस सड़क का विस्तृत सर्वेक्षण कर इसे टू-लाइन बनाने का प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग ने तैयार किया है। यह प्रस्ताव मंजूर हुआ तो सड़क की चौंड़ाई बढ़कर 7 मीटर हो जाएगी जोकि वर्तमान में सिर्फ 3.75 मीटर है। सड़क चौड़ीकरण के प्रस्ताव पर शासन की मुहर लगने के प्रति लोक निर्माण संभाग पन्ना के तकनीकी अधिकारी पूरी तरह आश्वस्त है, इसलिए उनके द्वारा पन्ना-पहाड़ीखेरा मार्ग को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना से हस्तांतरित करने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
पन्ना नगर की भौगोलिक स्तिथि के मद्देनजर यहाँ विकास के मार्ग में आने वाली बाधाओं और चुनौतियों को भलीभाँति समझने वाले जानकारों का मानना है कि पन्ना-पहाड़ीखेरा-चित्रकूट मार्ग का चौड़ीकरण शहर के चहुँमुखी विकास और विस्तार के लिहाज से मील का पत्थर साबित होगा। इससे जहाँ पन्ना-चित्रकूट के बीच सड़क यातायात सुगम होगा वहीं पर्यटन गतिविधियाँ बढ़ेंगी, सीमावर्ती इलाके में मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क बेहतर होगा, व्यापार-व्यवसाय भी बढ़ेगा और पन्ना-पहाड़ीखेरा-मझगवाँ के बीच सड़क हादसों में कमी आएगी।

पन्ना के विस्तार को लगेंगे पंख 


सांकेतिक फोटो।
सर्विदित है कि पन्ना जिला मुख्यालय तीन तरफ से जंगल और पहाड़ों से घिरा है। जिससे पन्ना का विकास बाधित है और शहर के अंदर सीमित जगह होने के परिणामस्वरूप जमीनों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। क़स्बानुमा इस छोटे से शहर के विकास और विस्तार की एकमात्र संभवना पन्ना-पहड़ीखेरा मार्ग में ही है। इस मैदानी इलाके में पन्ना से करीब 2 किलोमीटर दूर जनकपुर में रेल्वे स्टेशन का निर्माण भी प्रस्तावित है। यहाँ समीपी ग्राम जनकपुर तक सड़क किनारे दोनों और तेजी से मकानों का निर्माण हो रहा है, जहाँ कभी खेतों में फसलें लहलहाती थीं आज वहाँ कई आवासीय कॉलोनियाँ बन रहीं है। फलस्वरूप साल दर साल इस इलाके में जमीनों की माँग बढ़ रही है। जानकारों का मानना है कि पन्ना-पहड़ीखेरा मार्ग का चौड़ीकरण होने से इस प्रक्रिया में कहीं अधिक तेजी आएगी।
पन्ना से लक्ष्मीपुर ग्राम करीब 10 किलोमीटर दूर तक सड़क के किनारे और आसपास की जमीनों की बिक्री बीघा और एकड़ में न होकर फुट में शुरू हो जाएगी। कुछ ही सालों में पन्ना के सामानांतर एक नया पन्ना (शहर) अस्तित्व में आ जाएगा। इससे पन्ना की कस्बाई छवि टूटेगी और शहर के विस्तार के साथ विकास की असीम संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त होगा। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में इस मार्ग पर पड़ने वाले छोटे पुल-पुलियाँ के कारण बारिश के दिनों में कई घंटों के लिए आवागमन अवरुद्ध हो जाता है। टू-लाइन सड़क निर्माण के प्रस्ताव में सभी पुल-पुलिया 12.50 मीटर चौड़ाई का नवीन निर्माण कराया जाएगा। जिससे लोगों को बारहमासी सुगम आवागमन सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त सतना एवं पन्ना जिले के 27 गाँव आपस में जुड़ जाएँगे।

  इसलिए है, लाइफ लाइन 

सांकेतिक फोटो।
जिला मुख्यालय पन्ना के लिए पन्ना-पहड़ीखेरा मार्ग के महत्व को इस तरह समझा जा सकता है कि सिर्फ इसी मार्ग पर चंद किलोमीटर के फासले पर गाँवों की सघन बसाहट है। जोकि पन्ना के पुरुषोत्तमपुर से शुरू होकर करीब 40 किलोमीटर दूर पहाड़ीखेरा तक फैली है। जबकि पन्ना के आसपास अन्य दिशाओं और मार्गों पर महज 2 किलोमीटर की दूरी पर ही संरक्षित और सामन्य वन क्षेत्र की सीमा शुरू हो जाती है। साथ ही पहाड़ आदि स्थित होने से गिनती के ही गाँव हैं और इनकी दूरी भी अधिक है। इसलिए पन्ना का व्यापार-व्यवसाय में बृजपुर-पहाड़ीखेरा क्षेत्र पर ही निर्भर है। कृषि प्रधान इस इलाके की पहचान उथली हीरा खदानों के लिए भी है। हीरा पट्टी धारित इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों का जीविकोपार्जन या तो कृषि से होता या फिर हीरा खदानों में मजदूरी से चलता है। इसलिए पन्ना-पहड़ीखेरा मार्ग को पन्ना की लाइफ लाइन कहा जाता है।

बढ़ेंगी पर्यटन गतिविधियाँ


सांकेतिक फोटो।
बताते चलें कि पन्ना से चित्रकूट जाने के लिए सबसे कम दूरी का मार्ग पहाड़ीखेरा-मझगवाँ से ही जाता है। पन्ना-पहाड़ीखेरा-मझगवाँ का चौड़ीकरण होने पर सुगम सड़क यातयात सुविधा के चलते भगवान राम की नगरी चित्रकूट और हीरों-मंदिरों तथा बाघों के लिए विश्व विख्यात पन्ना के बीच पर्यटन गतिविधियाँ बढ़ेंगी। यहाँ के ऐतिहासिक-धार्मिक और प्राकृतिक महत्व के दर्शनीय स्थलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक चित्रकूट से पन्ना आएंगे। इससे पन्ना में निश्चित ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यह नागौद-कालिंजर अंतरराज्यीय मार्ग को भी पहाड़ीखेरा से जोड़ता है। चूँकि कालिंजर भी एक ऐतिहासिक पर्यटन स्थल है, जिसके अभेद किले को देखने के लिए बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक प्रतिवर्ष आते हैं। कालिंजर-पन्ना के बीच सड़क यातायात सुविधा बेहतर होने से वहाँ से भी पर्यटक आसानी से पन्ना आ सकेंगे। कुल मिलाकर इससे पन्ना का टूरिस्ट सर्किट मजबूत होगा। जिसका सीधा लाभ यहां के पर्यटन व्यवसाय को मिलेगा।

            महत्वपूर्ण जानकारी 

सड़क का नाम   –  पन्ना-पहाड़ीखेरा-मझगवाँ 
सड़क की लम्बाई  – 75 किलोमीटर
सड़क की चौड़ाई  –  7 मीटर (डामरीकरण परत)
कार्य की लागत  –  2 अरब लगभग 
डिवाइडर युक्त सड़क  – पन्ना से जनकपुर तक 
वर्तमान स्तिथि  – कार्य का प्रस्ताव विचाराधीन 

इनका कहना है-

पन्ना-पहाड़ीखेरा मार्ग को हस्तांतरित करने के संबंध में कुछ समय पूर्व लोक निर्माण विभाग पन्ना ने पत्राचार किया था, इस विषय पर कार्यपालन यंत्री लोनिव का मुझे फोन भी आया था। हमने अपने विभाग प्रमुख से सड़क को हस्तांतरित करने की अनुमति माँगी है, अनुमति मिलते ही इसे हस्तांतरित कर दिया जाएगा। यह बात सही है कि पन्ना-पहाड़ीखेरा की सड़क काफी सकरी है, जिसमें एक बस-ट्रक या मोटरसाइकिल के बीच क्रॉसिंग में परेशानी होती है। इस मार्ग पर ट्राफिक की वर्तमान स्थिति को देखते हुए इसका चौड़ीकरण कार्य आवश्यक हो गया है।

– आर. एस. शर्मा, महाप्रबंधक पीएमजीएसवाई पन्ना-प्रथम

लोकसभा चुनाव | 7 चरणों में 11 अप्रैल से 19 मई के बीच होंगे लोकसभा चुनाव, 23 मई को आएँगे नतीजे

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मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा चुनावों की तारीखों का ऐलान करते हुए।

* 90 करोड़ मतदाता 10 लाख पोलिंग बूथ पर करेंगे मतदान

* मध्य प्रदेश में चार चरणों में होंगे लोकसभा के चुनाव

* खजुराहो संसदीय सीट पर 06 मई को होगी वोटिंग

* चार राज्यों अरुणाचल, सिक्किम, आंध्र प्रदेश, ओडिशा के विधानसभा चुनाव भी होंगे साथ

नई दिल्ली। रडार न्यूज   भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा के साथ ही चार राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। रविवार 10 मार्च की शाम मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि देश में लोकसभा चुनाव सात चरणों में कराया जाएगा। 11 अप्रैल,18 अप्रैल, 23 अप्रैल, 06 मई, 12 मई, 19 मई को वोटिंग होगी। उन्होंने बताया कि इस बार लोकसभ चुनाव में कुल 90 करोड़ मतदाता हैं। जिसमें 8 करोड़ से अधिक नए मतदाता शामिल हैं। डेढ़ करोड़ मतदाता 18-19 वर्ष के हैं। मतदाताओं की सुविधा की दृष्टि से 10 लाख मतदान केंद्र बनाए गए है। कुल मतदाताओं में से 99.3 प्रतिशत के पास मतदाता परिचय पत्र उपलब्ध है। लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही देश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। श्री अरोड़ा ने बताया कि इस बार पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल को होगा और नतीजे 23 मई को आएँगे। उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर में फ़िलहाल विधानसभा चुनाव नहीं होंगे, वहाँ सिर्फ लोकसभा के लिए वोटिंग होगी। जबकि जम्मू कश्मीर की अनंतनाग लोकसभा सीट पर सुरक्षा कारणों के चलते तीन चरण में मतदान होगा।

आचार संहिता उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

सांकेतिक फोटो।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि लोकसभा चुनाव के लिए हेल्पलाइन नंबर-1950 होगा। मोबाइल ऐप के माध्यम से भी आयोग को आचार संहिता के उल्लंघन की जानकारी दे जा सकती है। इन शिकायतों पर 100 मिनिट के भीतर तत्परता से हमारे अधिकारी को कार्रवाई करनी होगी। शिकायतकर्ता की निजता का ध्यान रखा जायेगा। उन्होंने बताया कि यदि प्रत्याशी फार्म 26 की जानकारियाँ नहीं भरता तो उसका नामांकन रद्द हो जाएगा। इसके अलावा बिना पैन कार्ड वाले उम्मीदवारों का नामांकन भी रद्द होगा।

कब कितनी सीटों पर होगी वोटिंग

मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा लोकसभा चुनाव के लिए घोषित कार्यक्रम के अनुसार – 11 अप्रैल को 91, 18 अप्रैल को 97, 23 अप्रैल को 115, 06 मई को 51, 12 मई को 59 और 19 मई को 59 सीटों पर वोटिंग होगी। चुनावी नतीजे 23 मई 2019 को आएँगे। जून माह के पहले सप्ताह तक लोकसभा का गठन हो जाएगा। देश में लोकसभा की 543 सीटें हैं बहुमत के लिए किसी भी दल या गठबंधन को 272 सीटों की जरुरत होगी। मालूम हो कि सिक्किम, आंध्रप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश में लोकसभा के ही साथ विधानसभा चुनाव के लिए एक चरण में 11 को वोटिंग होगी। जबकि ओडिशा में चार चरणों 11, 18, 23, और 29 को मतदान होगा।

यूपी-बिहार और बंगाल में सात चरण में चुनाव

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प्राप्त जानकारी अनुसार इस बार के लोकसभा चुनाव में देश के तीन प्रमुख राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल में सर्वाधिक सात चरण में चुनाव होंगे। जबकि पंजाब, तमिलनाडु, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल, केरल, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, तेलंगाना, अंडमान-निकोबार, दादर नगर हवेली, दमन दीव, लक्ष्यद्वीप, दिल्ली, चंडीगढ़, पुडुचेरी में एक चरण में चुनाव होगा। कर्नाटक, मणिपुर, त्रिपुरा, राजस्थान में दो चरण में, छत्तीसगढ़ और असम में तीन चरण में वोटिंग होगी। मध्यप्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड में चार चरण में और जम्मू-कश्मीर में पांच चरणों में मतदान होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने पत्रकारों को बताया कि लोकसभा चुनाव के साथ चार राज्यों अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, आंध्र प्रदेश, ओडिशा में विधानसभा चुनाव होंगे। जम्मू कश्मीर में फ़िलहाल विधानसभा चुनाव नहीं होंगे, वहां 3 पर्यवेक्षक नियुक्त किये गए हैं जिनकी रिपोर्ट आने के बाद चुनाव की घोषणा की जाएगी।

एमपी में 29 अप्रैल से चार चरण में होगा मतदान

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मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्हीएल कांताराव ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश की कुल 29 लोकसभा सीटों में कुल चार चरणों में मतदान होगा जिसमें पहले चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड अंचल की खजुराहो सीट पर 06 मई को मतदान होगा। चरणवार एवं सीटवार मतदान की तिथियाँ इस प्रकार हैं-
29 अप्रैल लोकसभा सीट- 6 : शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सीधी।
06 मई लोकसभा सीट- 7 : खजुराहो, सतना, रीवा, होशंगाबाद और बैतूल, टीकमगढ़, दमोह।
12 मई लोकसभा सीट- 8 : मुरैना, भिंड, ग्वालियर, गुना, सागर, विदिशा, भोपाल, राजगढ़।
19 मई लोकसभा सीट- 8 : उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, खंडवा, खरगोन, इंदौर, देवास।

गुड न्यूज | सड़क यातायात को सुगम बनाने के लिये 5 वर्ष में बनेंगे 472 पुल और फ्लॉय ओवर

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सांकेतिक फोटो।

* लोक निर्माण विभाग ने 5540 करोड़ की कार्य-योजना को दी सैद्धांतिक मंजूरी

भोपाल। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश में सड़क यातायात सुगम बनाने के लिये आगामी 5 वर्ष में 472 पुल बनाये जाएंगे। लोक निर्माण विभाग ने इसके लिये 5540 करोड़ की सैद्धांतिक मंजूरी जारी की है। लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि पाँच वर्ष में 400 वृहद एवं मध्यम पुल, राज्यभर की रेलवे क्रॉसिंग पर 55 रेलवे ओवर ब्रिज और 17 फ्लॉय ओवर का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि कार्ययोजना में वृहद एवं मध्यम पुल के लिये 2 हजार करोड़, फ्लॉय ओवर के लिये 1940 करोड़ और 55 रेलवे ओवर ब्रिज के लिये 1600 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।

भोपाल में बनेंगे 5 फ्लॉय ओवर

मंत्री, सज्जन सिंह वर्मा। ।
भोपाल में 5 फ्लॉय ओवर ब्रिज प्रस्तावित किये गये हैं। पहला 1500 मीटर लम्बा फ्लॉय ओवर ब्रिज जवाहर चौक से काटजू अस्पताल, रंगमहल चौराहा, रोशनपुरा चौराहा होते हुए राजभवन चौराहे तक 100 करोड़ की लागत से तैयार किया जायेगा। दूसरा 2 हजार मीटर लम्बा लाल घाटी से बैरागढ़ होते हुए भैसाखेड़ी जोड़ तक 160 करोड़ की लागत से तैयार किया जायेगा। तीसरा 3 हजार मीटर लम्बा ब्रिज हमीदिया रोड पर काली मंदिर, तलैया से भारत टॉकीज, रेलवे स्टेशन तिराहा, नादरा बस स्टैण्ड, भोपाल टॉकीज चौराहा होते हुए शाहजहाँनाबाद थाने तक 200 करोड़ की लागत से बनाया जायेगा। चौथा 2 हजार मीटर लम्बा जयश्री बीटकर अस्पताल के सामने रेतघाट से कर्फ्यू वाली माता मंदिर के सामने से होते हुए हमीदिया एवं जीपीओ पोस्ट-ऑफिस तक 120 करोड़ से बनाया जायेगा। पाँचवां 1350 मीटर लम्बा फ्लॉय ओवर ब्रिज रोशनपुरा चौराहा से बाणगंगा चौराहा, पॉलीटेक्निक चौराहा से होते हुए एमएलबी कॉलेज चौराहे तक 90 करोड़ लागत से बनाया जायेगा।

इंदौर में बनेंगे 6 फ्लॉय ओवर ब्रिज

इंदौर शहर में 6 फ्लॉय ओवर ब्रिज प्रस्तावित किये गये हैं। पहला 6-लेन 590 मीटर लम्बा एम.आर.-10 से स्टार चौराहा, विजय नगर चौराहा के मध्य रेडीसन चौराहे तक 40 करोड़ लागत से बनाया जायेगा। दूसरा 546 मीटर लम्बा 6-लेन फ्लॉय ओवर रिंग रोड से रोबोट चौराहा के मध्य खजराना चौराहे तक 35 करोड़ से बनेगा। तीसरा 1170 मीटर लम्बा 4-लेन फ्लॉय ओवर ब्रिज रिंग रोड पर राजीव गाँधी चौराहे से तीन इमली चौराहे के मध्य विजय नगर चौराहे तक 55 करोड़ खर्च कर बनाया जाएगा। इन्दौर में 540 मीटर लम्बा पाँचवां फ्लॉय ओवर ब्रिज ए.बी. रोड पर एम.वाय. तिराहे से गीता भवन चौराहे के मध्य शिवाजी वाटिका चौराहे तक 25 करोड़ लागत से बनेगा। छठवाँ 700 मीटर लम्बा फ्लॉय ओवर पुराने ए.बी. रोड, पलासिया चौराहे पर 35 करोड़ से बनाया जायेगा।

ग्वालियर में बनेंगे दो फ्लॉय ओवर

ग्वालियर में 2 फ्लॉय ओवर प्रस्तावित किये गये हैं। पहला फ्लॉय ओवर 1050 मीटर लम्बाई का शिंदे की छावनी (नदी गेट) से रामदास घाटी तक प्रस्तावित किया गया है। इसके निर्माण पर 50 करोड़ खर्च होंगे। दूसरा फ्लॉय ओवर हजीरा चौराहा (इंटक मैदान) से चार शहर का नाका (आईआईआईटीएम मार्ग) तक प्रस्तावित किया गया है। इसकी लम्बाई 1350 मीटर होगी और निर्माण पर 61 करोड़ खर्च होंगे।

जबलपुर में बनेगा आरओबी

जबलपुर में एक आरओबी और एक फ्लॉय ओवर को 4-लेन में परिवर्तित किया जाना प्रस्तावित है। आरओबी का निर्माण जीएडी योजना क्रमांक-41 से 31, धनवंतरी नगर, कछपुरा तक किया जायेगा। यह 4-लेन का होगा। इसके निर्माण पर 90 करोड़ खर्च होंगे। शहर में गोरखपुर आदिशंकर चौक, पुराना बस स्टैण्ड मार्ग पर निर्मित शास्त्री ब्रिज को 2-लेन से 4-लेन किया जायेगा। इस पर 125 करोड़ खर्च किया जाना प्रस्तावित है।
सांकेतिक फोटो।

छिन्दवाड़ा में बनेगा फ्लॉय ओवर 

छिन्दवाड़ा शहर में एक फ्लॉय ओवर और एक आरओबी का निर्माण प्रस्तावित है। फ्लॉय ओवर शहर में सिवनी रोड रेलवे आरओबी से ईएलसी चौक नागपुर रोड तक बनेगा। इसकी लम्बाई 5 हजार मीटर और लागत 650 करोड़ रुपये होगी। छिन्दवाड़ा-तामिया रोड पर 800 मीटर लम्बा आरओबी बनाया जायेगा। इसके निर्माण पर 64 करोड़ खर्च होंगे।

आमजन के सहयोग से सुनिश्चित होगा प्रदेश का समग्र विकास : मुख्यमंत्री कमलनाथ

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मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सिंगरौली जिला मुख्यालय पर किसान सम्मेलन को संबोधित किया।

* सिंगरौली के औद्योगिक संस्थानों में 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार

* मुख्यमंत्री ने 19 हजार किसानों को सौंपे फसल ऋण माफी प्रमाण-पत्र

भोपाल।रडार न्यूज    मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सिंगरौली में किसान सम्मेलन में कहा कि आमजन के सहयोग से सिंगरौली सहित सम्पूर्ण प्रदेश का समग्र विकास सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होंने युवाओं, किसानों और महिलाओं से विकास में भागीदारी का आव्हान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगरौली जिले में स्थित औद्योगिक संस्थानों में 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने जिला प्रशासन को इस बारे में तुरंत आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में 19 हजार से अधिक किसानों को करीब 87 करोड़ के फसल ऋण माफी प्रमाण-पत्र वितरित किये। उन्होंने युवा उद्यमी योजना में चयनित युवाओं को ऋण स्वीकृति प्रमाण-पत्र और वनाधिकार अधिनियम में पात्र परिवारों को वनाधिकार-पत्र भी प्रदान किये गये।

वृहद सिंचाई परियोजना का शिलान्यास

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 1072 करोड़ 20 लाख लागत की गोपद नदी पर प्रस्तावित गोंड वृहद सिंचाई परियोजना का शिलान्यास किया। परियोजना का निर्माण 4 वर्षों में पूर्ण किया जायेगा। परियोजना के पूर्ण होने पर सिंगरौली जिले की देवसर तथा सरई तहसील के 111 गाँव में 23 हजार 800 हेक्टेयर और सीधी जिले की मझौली तहसील के 54 गाँव में 9,200 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा मिलेगी।

विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री ने सिंगरौली में माइनिंग कॉलेज खोलने की घोषणा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में विकास के लिये सभी प्रमुख कार्य किये जायेंगे। उन्होंने जिला चिकित्सालय के 200 बिस्तरीय अस्पताल में 17 करोड़ के उन्नयन कार्यों और जिले में 5 गौ-शाला निर्माण के लिये पौने 3 करोड़ के कार्यों का भूमि-पूजन किया।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाएँ सम्मानित

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किसानों को फसल ऋण माफी के प्रमाण-पत्र वितरित किये।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को बधाई देते हुए सिंगरौली जिले में स्व-रोजगारी महिलाओं द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सहयोग के बिना किसी भी क्षेत्र में विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। श्री कमल नाथ ने उत्कृष्ट कार्यों के लिये आँगनवाड़ी कार्यकर्ता सुश्री पूजा सोनी, सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री रेहाना सिद्दीकी, सुश्री विजयलक्ष्मी शुक्ला और सुश्री शर्मिला सिंह को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किये।खनिज साधन मंत्री प्रदीप जायसवाल और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने भी किसान सम्मेलन को संबोधित किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में किसान, महिलाएँ, युवा और अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।