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PTR ने 147 ईको विकास समितियों को वितरित किए 2 करोड़ 41 लाख रुपए

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परिचर्चा के समापन पर ईको विकास समितियों को ग्राम विकास हेतु जारी राशि के चेक वितरित करतीं पन्ना टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक अंजना सुचिता तिर्की।

  ग्राम विकास में समितियों द्वारा खर्च की जाएगी राशि

  समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्यों को बताया जैव विविधता का महत्व

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस (International Biodiversity Day) के उपलक्ष्य पर पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve) द्वारा मंगलवार दिनांक 20 से शुक्रवार 23 मई तक 2025 तक लगातार कार्यक्रम आयोजित किये गए जिनका समापन आज ईको विकास समितियों (Eco Development Committees) के अध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ परिचर्चा से हुआ।
पन्ना टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक अंजना सुचिता तिर्की ने प्रेस में जारी विज्ञप्ति में जानकारी देते हुए बताया कि पीटीआर की 147 इको विकास समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ परिचर्चा कार्यक्रम मड़ला के कर्णावती सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष, सचिव एवं सदस्यों व ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण किया साथ ही जैव विविधता (Biodiversity) के महत्व के बारे में जागरूक किया।
पन्ना टाइगर रिजर्व को वित्तीय वर्ष 2024-25 में पर्यटन (Tourism) से प्राप्त आय की लाभांश राशि का 33 प्रतिशत ईको विकास समितियों के विकास हेतु वितरित किया गया। कार्यक्रम में पार्क की 147 समितियों को 1,64,604/- प्रति समिति दर से कुल रुपये 2,41,96,788 /- के चेक वितरित किये। इस राशि का भविष्य में समितियों के द्वारा ग्राम के विकास में उपयोग में किया जाएगा। कार्यक्रम में पन्ना टाइगर रिजर्व के पन्ना बफर परिक्षेत्र के रेन्जर अमर सिंह एवं रेन्जर राहुल पुरोहित सहित पार्क के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

भावी सिविल इंजीनियरों ने फील्ड विजिट कर निर्माण कार्य की बारीकियां जानीं

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शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय पन्ना के सिविल इंजीनियरिंग ब्रांच के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने फील्ड विजिट के दौरान रेलवे लाइन के निर्माण कार्यों का अवलोकन।

विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने पॉलीटेक्निक कॉलेज ने कराया फील्ड विजिट

पन्ना। (www.radarnews.in) विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना भी बहुत जरुरी है। तकनीकी शिक्षा में तो व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य अंग है। विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और धरातल की चुनौतियों से निपटने का उनमें कौशल विकसित करने के लिए गत दिवस शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय पन्ना द्वारा सिविल इंजीनियरिंग ब्रांच के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत विद्यार्थियों को ‘फील्ड विजिट’ कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने रेलवे के निर्माणाधीन ब्रिज (पुल) का भ्रमण कर साइट इंजीनियर से कार्य की बारीकियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
पॉलिटेक्निक कॉलेज पन्ना के प्राचार्य अरविंद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि संस्था में संचालित सिविल इंजीनियरिंग ब्रांच के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत विद्यार्थियों को शनिवार 17 मई को उनके “फील्ड विजिट” विषय अंतर्गत विषय के व्यावहारिक ज्ञान हेतु पन्ना जिले के जनकपुर रोड पर निर्माणाधीन रेलवे ब्रिज का विजिट कराया गय । इस विजिट के दौरान विद्यार्थियों को साइट इंजीनियर अभिषेक द्वारा ब्रिज निर्माण के तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्रदान की गई तथा रेल परियोजना के विषय में विस्तार से बताया गया।
साइट इंजीनियर अभिषेक मिश्रा द्वारा विद्यार्थियों को रेल लाइन निर्माण में उपयोग होने वाली निर्माण सामग्री यथा गिट्टी, सीमेंट, रेत, के निर्धारित मानकों के अनुरूप होने कि आवश्यकता एवं महत्व पर जानकारी प्रदान की। साइट पर उपस्थित ठेकेदार रंजन सिंह ने रेलवे विभाग अंतर्गत निर्मित विभिन्न स्ट्रक्चर का अवलोकन करवाते हुये विद्यार्थियों को साइट पर उपयोग हो रही विभिन्न मशीन एवं उपकरणों के परिचालन की विधि से परिचित करवाया। फील्ड विजिट के दौरान सिविल ब्रांच के अतिथि व्याख्याता सुभाष पांडे उपस्थित रहे जिनके द्वारा विद्यार्थियों को फील्ड विजिट का महत्व बताते हुये विषय के सैद्धान्तिक एवं व्यावहारिक दोनों ज्ञान पर प्रकाश डालते हुये व्यावहारिक ज्ञान पर अधिक ध्यान देने हेतु प्रेरित किया गया।

झोलाछाप डॉक्टर ने नाबालिग युवती के साथ क्लीनिक में किया बलात्कार

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पन्ना जिले का बृजपुर पुलिस थाना। (फाइल फोटो)

*      नर्स का काम सिखाकर नौकरी लगवाने का दिया था झांसा

पन्ना/बृजपुर। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना में एक झोलाछाप डॉक्टर पर क्लीनिक में काम करने वाली 17 वर्षीय नाबालिग युवती के साथ जबरन बलात्कार करने का आरोप लगा है। पीड़िता की रिपोर्ट पर पुलिस ने बलात्कार समेत अन्य धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर आरोपी को तत्परता से गिरफ्तार कर लिया। घटना पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र के पहाड़ीखेरा ग्राम की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पहाड़ीखेरा के बस स्टैंड के समीप झोलाछाप डॉक्टर शिवप्रसाद वर्मा पिता पराग वर्मा निवासी हरसौली थाना कर्वी जिला चित्रकूट उत्तर प्रदेश बिना किसी वैध पंजीयन के लगभग 4-5 माह से अपने क्लीनिक में मरीजों का इलाज कर रहा था। कुछ समय पूर्व नाबालिग युवती अपने पिता के साथ दवा करवाने शिवप्रसाद के क्लीनिक पर आई थी। इस दौरान फर्जी डॉक्टर ने युवती के पिता से बेटी की तारीफ की और नर्स का काम सिखाकर नौकरी लगवाने का झांसा दिया गया। पढ़ी-लिखी बेटी के बेहतर भविष्य की उम्मीद में पिता उसे डॉक्टर के क्लीनिक पर भेजने लगा।
पन्ना जिले का बृजपुर पुलिस थाना। (फाइल फोटो)
गत दिवस झोलाछाप डॉक्टर शिवप्रसाद वर्मा 55 वर्ष ने बेटी की उम्र की नाबालिग कर्मचारी को क्लीनिक में ही जबरन अपनी हवश का शिकार बना डाला। पहाड़ीखेरा से वापस घर पहुंचकर पीड़िता ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी परिजनों को दी। जिसके बाद नाबालिग ने पिता के साथ पहाड़ीखेरा पुलिस चौकी पहुंचकर घटना की रिपोर्ट लिखाई। बृजपुर थाना प्रभारी महेन्द्र सिंह भदौरिया एवं चौकी प्रभारी पहाड़ीखेरा कमल सिंह ने घटना की गंभीरता के मद्देनज़र तत्परता से कार्रवाई कर बलात्कार के आरोपी फर्जी डॉक्टर शिवप्रसाद वर्मा को दबिश देकर चित्रकूट से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया आरोपी अपने क्लीनिक में ही निवास करता था। अजयगढ़ एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया ने बताया आरोपी डॉक्टर के खिलाफ बृजपुर थाना में दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल पन्ना भेजा गया।

गांव-गांव संचालित हैं अवैध क्लीनिक

उल्लेखनीय है कि पन्ना में सैंकड़ों की संख्या में झोलाछाप डॉक्टर जिला और तहसील मुख्यालय समेत गांव-गांव धड़ल्ले से अवैध क्लीनिक संचालित कर रहे हैं। चिकित्सक की डिग्री और पंजीयन के बगैर क्लीनिक खोलकर मरीजों का इलाज करने वाले फर्जी डॉक्टरों को जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों का अघोषित संरक्षण प्राप्त है। इसके एवज में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पन्ना के कर्मचारी तथा संबंधित बीएमओ झोलाछाप डॉक्टरों से वसूली करते हैं। अवैध क्लीनिक का निरीक्षण उपरांत और नोटिस भेजकर कार्यवाही का दवाब बनाते हुए मोटी रकम ऐंठी जाती है। हाल ही में जिले के अजयगढ़ में दो झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्यवाही की गई है। लेकिन सालभर में गिनती के फर्जी डॉक्टरों पर कार्यवाही के पीछे का मकसद सिर्फ और सिर्फ कार्रवाई के नाम पर दिखावा करना और दवाब बनाने से ज्यादा कुछ नहीं है। जिले में फर्जी डॉक्टरों की संख्या सैंकड़ों में होने के बावजूद एक साल में बमुश्किल दर्जनभर पर कार्रवाई होना अगर दिखावा नहीं तो और क्या है। जबकि इनके गलत इलाज के कारण हर साल कई लोग बेमौत मर जाते हैं। विडंबना यह कि गलत इलाज के कारण होने वाली मौतों केअधिकांश मामले जागरूकता के आभाव, आपसी समझौता एवं भ्रष्टाचार के कारण दब जाते हैं। वहीं अवैध क्लीनिकों में गर्भपात करवाए जाने की भी चर्चाएं हैं।

PTR में मादा तेंदुआ शावक की मौत, 3 दिन बाद सड़ा-गला शव मिला

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पन्ना टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र पन्ना बफर की झिन्ना बीट में मृत मिले मादा तेंदुआ शावक का शव।

*    आलोचना होने पर पार्क प्रबंधन ने पांचवें दिन मीडिया से साझा की जानकारी

*    गंगऊ रेंज में मादा भालू की रहस्यमयी मौत से मचा हड़कंप

*    जंगल की नियमित गश्त के दावों और निगरानी तंत्र की लगातार खुल रही पोल

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve) की पन्ना बफर रेंज के जंगल में मादा तेंदुआ शावक (लगभग 4 माह) का शव मिला है। तेंदुए की मौत 3-4 दिन पूर्व होने का अनुमान है, क्योंकि उसके शरीर के अधिकांश अंदरूनी अंग सड़कर ख़राब हो चुके थे। विशेषज्ञ चिकित्सकों से मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव को जला दिया गया। प्रथम दृष्टया चिकित्सकों का मांनना है कि शावक की मृत्यु किसी बीमारी के कारण होना प्रतीत होता है। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन पर इस मामले में अपनी लापरवाही को उजागर होने से रोकने के लिए तेंदुआ शावक (Leopard cub) की मौत की खबर को छिपाने-दबाने के आरोप लगे हैं। कड़ी आलोचना से घिरे पार्क प्रबंधन द्वारा शावक की मौत की आधिकारिक जानकारी घटना के पांचवें दिन यानी शुक्रवार 16 मई 2025 को मीडिया को दी गई। वहीं इसी दिन गंगऊ अभ्यारण (Gangau Sanctuary) पन्ना के परिक्षेत्र गंगऊ की बांधी बीट में मादा भालू (Female Bear) की रहस्यमयी मौत होने होने की जानकारी मिली है।
पन्ना टाइगर रिजर्व द्वारा प्रेस में जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि, सोमवार 12 मई 2025 परिक्षेत्र पन्ना बफर की झिन्ना बीट के कक्ष क्रमांक पी-282-283 की सीमा पर वनमार्ग में एक मादा तेंदुआ शावक (आयु लगभग 4 माह) के मृत होने की सूचना वन अमले को स्थानीय ग्रामीणों से प्राप्त हुई। परिक्षेत्र अधिकारी अमर सिंह ने मौके पर पहुंचकर आसपास के इलाके की सघन सर्चिंग कराई। क्षेत्रीय वनमंडल सतना के डॉग स्क्वॉड (Dog Squad) से भी घटनास्थल की सर्चिंग कराई गई। मौके पर किसी तरह की कोई संदिग्ध गतिविधि के साक्ष्य नहीं मिले। वहीं मादा तेंदुए शावक के नाख़ून, दांत, मूंछ के बाल और खाल आदि सुरक्षित थे। अगले दिन मंगलवार 13 मई को बड़ौर में पन्ना टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक (Field Director) अंजना सुचिता तिर्की समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारियों की मौजूदगी में वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव गुप्ता एवं अजयगढ़ के पशु चिकित्सक डॉ. मोतीलाल प्रजापति द्वारा तेंदुआ शावक के शव का परीक्षण किया गया। पोस्टमार्टम होने के बाद शव को जला दिया। क्षेत्र संचालक ने बताया, प्रथम दृष्टया चिकित्सकों का मानना है कि मादा तेंदुआ शावक की मृत्यु किसी बीमारी से होना प्रतीत होता है। शावक के अंगों के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे जा चुके हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर ही तेंदुआ शावक की मौत की असल वजह का पता चल सकेगा।

3 दिन तक वनमार्ग पर सड़ता रहा शव

मादा तेंदुआ शावक की संदिग्ध मौत के घटनाक्रम से पन्ना टाइगर रिजर्व के नियमित गश्त के दावों की पोल खुल गई है। नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया, शव से भीषण दुर्गन्ध उठ रही थी और उसमें कीड़े पड़ चुके थे। ग्रामीणों का अनुमान है कि शावक की मृत्यु 3-4 दिन पूर्व हुई थी। यहां गौर करने वाली बात यह है कि, वनमार्ग पर मृत तेंदुए का शव 3-4 दिन तक सड़ता रहा लेकिन कथित नियमित गश्ती करने वाले मैदानी वन अमले को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। जब वनमार्ग पर पड़े को तेंदुए शावक को लेकर वन अमला कई दिन तक पूरी तरह से बेखबर रहता है तो जरा सोचिए घने जंगल या झाड़ियों के अंदर वन्यजीवों की मृत्यु होने का पता कितने दिन बाद चलता होगा और तब तक शव की क्या हालत होती होगी? जानकारों की मानें तो वन्य जीवों की मृत्यु होने पर उनके शव सही स्थिति में न मिलने के कारण पोस्टमार्टम में मृत्यु की असली वजह पता नहीं चल पाती है।

वनकर्मियों के सामने भालू ने दम तोड़ा

पन्ना टाइगर रिजर्व अंतर्गत आने वाले गंगऊ अभ्यारण के परिक्षेत्र गंगऊ में मृत मादा भालू का शव।
मादा तेंदुआ शावक की संदिग्ध मौत की खबर को छिपाने के आरोपों के बीच शुक्रवार की सुबह गंगऊ परिक्षेत्र से मादा भालू की रहस्यमयी मौत की खबर आने पर पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन में जबरदस्त हड़कंप मच गया। मादा भालू (लगभग 8 वर्ष) की मौत बांधी बीट के जंगल में हुई। पन्ना टाइगर रिजर्व के उप संचालक (Deputy Director) मोहित सूद ने जानकारी देते हुए बताया कि, शुक्रवार 16 मई 2025 की सुबह मैदानी वन अमले को मादा भालू जीवित अवस्था में दिखा था। वह काफी असहज और बैचेन था। वन अमले की निगरानी के बीच चंद घंटे बाद लगभग पौने 11 बजे मादा भालू की अचानक मौत हो गई। घटनास्थल की पुलिस डॉग स्क्वॉड से सर्चिंग कराने पर किसी तरह की कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं पाई गई। वन्यप्राणी चिकित्सक से शव का परीक्षण करवाने के बाद उसे जला दिया गया। पीटीआर प्रबंधन को प्रथम दृष्टया लगता है कि, भालू की मौत बीमार और वृद्ध होने की वजह से हुई। हालांकि पोस्टमार्टम में मादा भालू की मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। भालू के अंगों के सैंपल जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने पर ही भालू की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

… तो पुनः बाघ विहीन हो सकता है पन्ना

फाइल फोटो।
पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन वन और वन्यजीवों की सतत रूप से सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्धता तो जाहिर करता है लेकिन धरातल पर इसका असर दूर-दूर तक कहीं नजर नहीं आता। पन्ना पार्क की सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था वर्तमान में सबसे लचर स्थिति में है। हालिया घटनाएं इसकी तस्दीक करती हैं। बता दें कि पन्ना टाइगर रिजर्व के पर्यटक जोन में हिनौता ग्राम की आधा दर्जन महिलाएं बिना किसी रोकटोक के नियमित रुप से घास काटने जाती थीं। इसका खुलासा तब हुआ जब हाल ही में एक वृद्ध महिला की टाइगर फैमिली के हमले में दर्दनाक हो गई। दिल दहला देने वाली इस खौफनाक घटना ने पार्क की कथित चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी सच्चाई को उजागर कर दिया था। चंद रोज पहले कोर एरिया भैरव टेक घाटी जंगल में लगी आग को पार्क के अफसरों ने समय रहते गंभीरता से नहीं लिया। अफसरों की हद दर्जे की लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि प्रचण्ड गर्मीं में हवा के साथ तेजी से फैली आग ने जंगल के बड़े इलाके को जलाकर ख़ाक कर दिया। आग लगने की घटना से प्रत्यक्ष-परोक्ष तौर पर बेजुबान वन्यजीव भी प्रभावित हुए।
हद तो तब हो गई जब कुछ दिन पूर्व पार्क के पर्यटक जोन में स्वछंद विचरण कर रहे आवारा कुत्ते का वीडियो वायरल हुआ। पालतू और आवारा कुत्ते-बिल्ली पन्ना पार्क में रहने वाले वन्यजीवों के लिए बहुत बड़ा खतरा हैं। क्योंकि इनके सम्पर्क में आने पर टाइगर फैमिली समेत दूसरे वन्य प्राणियों में घातक बीमारी रैबीज, कैनाइन डिस्टेंपर, अन्य संक्रामक और गंभीर बीमारियां के फैलने जोखिम बढ़ जाता है। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन इसकी रोकथाम के लिए पार्क की सीमा से सटे ग्रामों के कुत्ते-बिल्लियों एवं पालतू मवेशियों के टीकाकरण (Vaccination) पर प्रतिवर्ष लाखों रूपए खर्च करता है। लेकिन विडंबना यह है कि वर्तमान में पन्ना पार्क क्षेत्र में वन और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर जिस तरह घोर लापरवाही बरतने की घटनाएं लगातार सामने आ रही उसे देखते हुए यह कहना अतिश्योक्तिपूर्ण न होगा अगर यही हाल रहा तो पन्ना टाइगर रिजर्व पुनः बाघ विहीन हो सकता है।

लापरवाही बरतने पर दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सेवा से पृथक

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पन्ना। महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत पन्ना ग्रामीण बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा कार्य में लापरवाही बरतने पर दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सेवा से पृथक करने की कार्यवाही की गई है। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी अवधेश कुमार सिंह द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र से लगातार अनुपस्थित रहने, केन्द्र संचालन में लापरवाही तथा विभागीय निर्देशों के अनुसार आंगनबाडी केन्द्रों का संचालन न करने वाली कार्यकर्ता-सहायिकाओं के विरूद्ध कार्यवाही के निर्देश जारी किए गए थे। इसके तहत नगर परिषद देवेन्द्रनगर के वार्ड क्रमांक 12 स्थित केन्द्र की कार्यकर्ता आरती नामदेव एवं आंगनवाडी केन्द्र ललार की कार्यकर्ता पूनम त्रिपाठी को आंगनवाडी केन्द्र से निरंतर अनुपस्थित रहने, केन्द्र संचालन में लापरवाही बरतने और केन्द्र का विधिवत संचालन न करने पर सेवा से पृथक किया गया है।

प्रदेश की मेरिट लिस्ट में चमकने वाले पन्ना के 8 हीरों का का हुआ सम्मान

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*      मेधावी छात्र-छात्राओं को पुष्पगुच्छ और शील्ड देकर देकर किया सम्मानित

पन्ना। माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा आयोजित हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी की परीक्षा में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले पन्ना जिले के 8 मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर सुरेश कुमार द्वारा किया गया। मेधावी छात्र सम्मान कार्यक्रम में हाई स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा 2025 में प्रदेश में सातवां स्थान प्राप्त करने पर सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवेन्द्रनगर की छात्रा प्रिया पटेल, नौवां स्थान प्राप्त करने पर रैनबो पब्लिक स्कूल की छात्रा ओशी जैन एवं शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अजयगढ़ के छात्र महेन्द्र यादव, दसवां स्थान प्राप्त करने पर बीपी मेमोरियल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शाहनगर के छात्र सौरभ कुशवाहा एवं सरस्वती ज्ञान मंदिर हाई स्कूल गुनौर के छात्र राज सिंह राजपूत का सम्मान किया गया। इसी तरह हायर सेकेण्डरी परीक्षा में कला संकाय के शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पन्ना के छात्र रंजीत कुमार पटेल को चौथा स्थान प्राप्त करने पर, शासकीय मॉडल उ.मा. विद्यालय अजयगढ़ की छात्रा चंचल विश्वकर्मा को नौवां स्थान प्राप्त करने पर तथा शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पन्ना के छात्र प्रकाश कुशवाहा को प्रदेश की प्रावीण्य सूची में दसवां स्थान प्राप्त करने पर कलेक्टर द्वारा सम्मानित किया गया। कलेक्टर ने बच्चों के साथ ग्रुप फोटो भी खिंचाई।

मेहनत और साहस सफलता के मूल मंत्र: कलेक्टर

कलेक्टर ने प्रावीण्य सूची में आने वाले छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों, शिक्षकों को बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों से परीक्षा की तैयारी एवं अनुभवों को साझा करते हुए उनके भविष्य के लक्ष्य की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मेहनत और साहस के दो मूल मंत्रो के साथ आगे बढ़ें। कलेक्टर ने मेधावी छात्रों के अभिभावकों से भी उनके त्याग और सहयोग की जानकारी लेकर इच्छा के अनुसार तय किए गए लक्ष्य के अनुसार आगे बढ़ने में मदद करने की बात कही। कलेक्टर ने बच्चों से कहा कि सफलता पर रुकें नहीं, बल्कि सफलता को निरंतर बनाए रखने के लिए मेहनती प्रयास जारी रखें। अपने माता-पिता और गुरुजनों का सदैव आदर करें। जिला कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थी एवं शिक्षकों के सार्थक प्रयास से इस वर्ष के परीक्षा परिणाम में उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने सभी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं तथा शैक्षिक गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार के लिए आवश्यक प्रयास की बात कही।

सफलता की निरंतरता को बनाए रखें: यादव

जिला पंचायत उपाध्यक्ष संतोष सिंह यादव ने भी सम्मान कार्यक्रम के अवसर पर छात्र-छात्राओं को बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लगन और परिश्रम से आगे की पढ़ाई कर सफलता की निरंतरता बनाए रखें। जिला शिक्षा अधिकारी रविप्रकाश खरे ने परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए परीक्षा पूर्व किए गए विभागीय स्तर पर समन्वित प्रयासों की जानकारी से अवगत कराया। साथ ही जिला कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ द्वारा समय समय पर प्रदान किए गए मार्गदर्शन के प्रति आभार भी जताया। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी, सहायक संचालक शिक्षा अमित जैन, एडीपीसी भारती श्रीवास्तव, परियोजना अधिकारी संजय सिंह परिहार सहित संबंधित विद्यालय के प्राचार्य और शिक्षक एवं अभिभावक भी उपस्थित थे।

वन विभाग में बड़ा खेला: अब छतरपुर वृत्त के मुख्य लिपिक ने अपने हस्ताक्षर से जारी कर दी खनिज सर्वेक्षण अनुमति

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*     नियमानुसार वन क्षेत्र में खनिज भंडार का पता लगाने अनुमति जारी करते हैं सीसीएफ

*     फीलगुड के चक्कर में बड़े बाबू ने नियम-प्रक्रिया की उड़ाई धज्जियां

*     वन एवं वन्यजीव प्रेमी ने शासन-प्रशासन से साक्ष्यों के साथ की शिकायत

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के वन (जंगल) विभाग में जंगलराज चल रहा है। राजधानी भोपाल में बैठे और फील्ड में तैनात भारतीय वन सेवा, राज्य वन सेवा के कुछ अफसरों से लेकर विभागीय लिपिक तक खुलकर मनमानी कर रहे हैं। इनके हैरान-परेशान करने वाले कारनामें आए दिन मीडिया की सुर्खियां बन रहे हैं। सबसे ज्यादा अंधेरगर्दी का आलम वन विभाग के वन वृत्त छतरपुर अंतर्गत देखा जा रहा है। छतरपुर वृत्त में चल रहीं कारगुजारियों को देखते हुए इस पर दिया तले अंधेरा होने वाली कहावत सटीक बैठती है। बता दें कि, छतरपुर जिला प्रदेश की मोहन सरकार में वन विभाग के राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार का गृह जिला है। बुंदेलखंड अंचल के इस इलाके (छतरपुर वृत्त) के वन-वन्यजीव संरक्षण के बजट के साथ ही जंगल, पहाड़, नदियों में मौजूद बहुमूल्य संपदा की संगठित लूट चल रही है। पद और पॉवर का दुरूपयोग यहां हर स्तर पर देखा जा सकता है। वन विभाग के लिपिकों द्वारा मनमाने तरीके से खनिज भंडार की खोज तथा खनन की अनुमति जारी करना इसका एक उदाहरण मात्र है।
वृत्त अंतर्गत आने वाले टीकमगढ़ वन मंडल के बाद अब वन संरक्षक वन वृत्त छतरपुर कार्यालय के मुख्य लिपिक द्वारा नियम-प्रक्रिया का मखौल उड़ाते हुए अपने हस्ताक्षर से वन क्षेत्र में खनिज भंडार के सर्वेक्षण की अनुमति जारी करने का मामला प्रकाश में आया है। मुख्य लिपिक राघवेंद्र प्रसाद (आर.पी.) द्विवेदी द्वारा एंजियोटेक कंसल्टेंट को अपने हस्ताक्षर से वन क्षेत्र में खनिज भंडार के सर्वेक्षण और सतह पर उपलब्ध कंकड़-पत्थरों के नमूने लेने की अनुमति जारी की गई। जबकि इस तरह की अनुमति देने के लिए शासन ने सीसीएफ (मुख्य वन संरक्षक) को अधिकृत किया है। वन एवं वन्यजीव प्रेमी द्वारा मामले की सप्रमाण शिकायत करने पर जिम्मेदार अधिकारी कार्यवाही न कर अपने बाबू को बचाने कुतर्कों का सहारा ले रहे हैं। अफसरों के इस रवैये से भ्रष्टाचार करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
एंजियोटेक कंसल्टेंट जबलपुर को वन संरक्षक वन वृत्त छतरपुर कार्यालय के लिपिक द्वारा अपने हस्ताक्षर से जारी अनुमति का दिव्तीय पृष्ठ।
प्राप्त दस्तावेजों और जानकारी के अनुसार वन वृत्त कार्यालय छतरपुर के मुख्य लिपिक राघवेंद्र प्रसाद द्विवेदी द्वारा की जा रही अनियमितता और जालसाजी की हद तो तब पार हो जाती है, जब वह स्वयं के हस्ताक्षर से पत्र क्रमांक/तकनीकी/2024/3408 एवं 3409 दिनांक 12/12/2024 जारी करते हुए आवेदक संस्थान एंजियोटेक कंसल्टेंट जबलपुर को खनिज भंडार का पता लगाने की अनुमति जारी कर देते हैं। एंजियोटेक को वन मंडल छतरपुर की बड़ामलहरा रेंज अंतर्गत जालोथर के मानचित्र पर चिन्हांकन अनुसार 2.28 वर्ग किलो मीटर क्षेत्र में टोपोग्राफिक सर्वे, जियोलॉजिकल मैपिंग एवं ऊपरी सतह पर पड़े हुए 100 से 200 ग्राम वजन के (कंकड़-पत्थर) के सैंपल एकत्रित करने हेतु भारत सरकार के खनन मंत्रालय के पत्र क्रमांक F.No.- 10/12/2015- NMET/468 दिनांक 28 अक्टूबर 2024 के तारतम्य में सशर्त अनुमति दी गई। जबकि मध्य प्रदेश शासन वन विभाग के परीपत्र क्रमांक/एफ 5- 16/1981/10- 3/डी/3019 दिनांक 23/12/2010 के अनुसार वन क्षेत्र में खनिज भंडार का पता लगाने के लिए वन क्षेत्र में पूर्वेक्षण/भ्रमण/सर्वेक्षण की अनुमति प्रदान करने के लिए अधिकारिता वृत्त कार्यालय के भारसाधक अधिकारी के रूप में सीसीएफ को प्रदान की गई है।
वन क्षेत्र में खनिज भंडार की खोज/खनन की अनुमति देने के सम्बंध में मध्य प्रदेश शासन वन विभाग के दिशा-निर्देश।
जाहिर है मुख्य लिपिक ने यह धतकरम नियम-प्रक्रिया की अनभिज्ञता में नहीं बल्कि फीलगुड के चक्कर में जानबूझकर किया है। मनमानी और भ्रष्टाचार से जुड़े इस मामले की लिखित शिकायत वन एवं वन्यजीव प्रेमी ने मुख्यमंत्री, वन मंत्री, प्रमुख सचिव वन विभाग, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) समेत अन्य आला अधिकारियों से की है। विदित हो कि, छतरपुर वृत्त अंतर्गत टीकमगढ़ वन मंडल में इसी तरह का मामला उजागर होने पर अपने हस्ताक्षर से अनुमति जारी करने वाले लिपिक को हाल ही में निलंबित कर दिया। अब देखना ये है कि वृत्त कार्यालय में जमे भ्रष्ट बाबू के विरुद्ध भी तत्परता कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है या फिर उन्हें अभयदान दे दिया जाता है। वहीं शिकायतकर्ता द्वारा मुख्य लिपिक राघवेन्द्र प्रसाद द्विवेदी के विरुद्ध कार्यवाही नहीं होने पर उच्च न्यायालय जाने की बात कही जा रही है। उल्लेखनीय शिकायतकर्ता के गंभीर आरोपों के संबंध में मुख्य लिपिक राघवेन्द्र प्रसाद द्विवेदी का पक्ष जानने के लिए प्रयास किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

इनका कहना है-

छतरपुर वृत्त का मामला मेरे संज्ञान में आया था, शिकायत को फिलहाल मुख्य वन संरक्षक प्रशासन देख रहे हैं। वन बल प्रमुख को भी प्रकरण से अवगत कराया जा चुका है क्योंकि यह संरक्षण शाखा से संबंधित है। बेहतर होगा आप प्रधान मुख्य वन संरक्षक संरक्षण से संपर्क करें वे आपको प्रकरण की वस्तु स्थिति की जानकारी दे सकते हैं।

हरि शंकर मोहंता, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, भू-प्रबंधन।

वन भूमि में खनिज भंडार के सर्वेक्षण की अनुमति देने की शिकायत प्राप्त होने पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है। सप्ताह भर के अंदर जांच रिपोर्ट आ जाएगी, रिपोर्ट के तथ्यों के आधार पर नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही की जाएगी। यह मामला पूर्व मुख्य वन संरक्षक के अनिल सिंह जी के कार्यकाल का है। मुझे पता चला है कि जिस एजेंसी को सर्वेक्षण की अनुमति दी गई थी उसने सर्वे और सैंपल एकत्र करने का कार्य नहीं किया है। टीकमगढ़ में एजेंसी को लिपिक द्वारा खनन की अनुमति जारी की गई थी जबकि यह मामला सर्वे की अनुमति का है। बहरहाल हमें जांच रिपोर्ट का इंतजार करना होगा।

नरेश सिंह यादव, वन संरक्षक, वृत्त छतरपुर।

ग्राम पंचायत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बनाएं कार्ययोजना: मंत्री पटेल

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पन्ना। त्रि-स्तरीय पंचायत राज व्यवस्था को प्रभावी एवं उद्देश्यपरक बनाने की दिशा में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। ग्राम पंचायतें स्वयं विकास की कार्ययोजना तैयार कर तरक्की की दिशा में आगे बढ़ें। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने यह बात पन्ना विकासखंड की ग्राम पंचायत इटवांखास के बंदरखोह में शुक्रवार को आयोजित पंच-सरपंच सम्मेलन एवं जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नदी पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में स्वयं का पंचायत भवन और वैवाहिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों के लिए सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही पांच हजार से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों में 2 सामुदायिक भवन की स्वीकृति भी मिलेगी। कैबिनेट मंत्री श्री पटेल ने कहा कि सभी सरपंच अपने अधिकारों के साथ कर्त्तव्यों के प्रति भी जागरूक रहकर जिम्मेदार बनें। पंचायत के सभी विकास कार्यों को समय पर पूर्ण कराएं। ग्राम विकास की बेहतर कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वयन कराएं। मंत्री ने जानकारी दी कि नवीन प्रावधान अनुसार अब तीन मंजिला पंचायत भवनों का निर्माण भी कराया जा सकेगा। सरपंचों को 25 लाख रुपए तक के वित्तीय अधिकार प्रदान किए गए हैं। भविष्य में जिला और जनपद पंचायत के भवन भी आगामी 50 वर्ष की आवश्यकताओं के मुताबिक तैयार किए जाएंगे। यहां रिकार्ड रूम का भी बेहतर तरीके से संधारण हो सकेगा। वर्ष 2026 तक आवास प्लस योजना में सर्वे के माध्यम से आवास से वंचित सभी ग्रामीण परिवारों को स्वयं के पक्के आवास की सुविधा भी मिलेगी।

पर्यावरण संरक्षण का लें प्रण

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बंदरखोह में प्राचीन बाघिन नदी के उद्गम स्थल पर पूजन अर्चन भी किया। साथ ही नदी के स्वच्छ जल को कलश में अर्पण कर आमजनों से जल गंगा संवर्धन अभियान में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्ष और नदियों का संगम भी जीवन का स्त्रोत है। मंत्री ने स्वयं के पवित्र नर्मदा नदी की पद यात्रा के संस्मरण साझा करते हुए आमजनों से प्रदेशव्यापी जल गंगा संवर्धन अभियान में सहभागिता की अपील की। साथ ही कहा कि स्वच्छ एवं बेहतर पर्यावरण के लिए हमें प्राचीन जल संरचनाओं सहित पौध रक्षा का प्रण लेना होगा। इस अवसर पर विधायक पन्ना बृजेन्द्र प्रताप सिंह एवं गुनौर विधायक डॉ. राजेश वर्मा ने लोगों से जल गंगा संवर्धन अभियान में सक्रिय सहभागिता कर अभियान को सफल बनाने का आव्हान किया। इस अवसर पर भाजपा नेता, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

किलकिला नदी के उद्गम स्थल पर किया पूजन

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने पन्ना शहर के निकट स्थित किलकिला नदी के उद्गम स्थल पहुंचकर पूजन किया। जल गंगा संवर्धन आभियान अंतर्गत ग्राम पंचायत जनवार के छापर गांव में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने किलकिला नदी के विकास और पुनरुद्धार कार्यों की जानकारी भी ली। साथ ही उपस्थित ग्रामीणजनों की समस्याएं सुनकर तत्काल निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस दौरान उन्होंने जल कलश में नदी का जल अर्पण कर जल संरक्षण का संकल्प भी दिलाया। मंत्री श्री पटेल के आगमन पर महिलाओं ने कलश यात्रा निकलकर जल संरक्षण का संदेश दिया। जनप्रतिनिधि और अधिकारियों द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया। कैबिनेट मंत्री ने ग्राम पंचायत बिलखुरा के निर्माणाधीन पंचायत भवन अटल ग्राम सेवा सदन का निरीक्षण भी किया। नवीन अटल ग्राम सेवा सदन का निर्माण साढ़े 37 लाख रूपए की लागत से किया जा रहा है।

सामूहिक विवाह सम्मेलन: 915 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, 13 निकाह भी हुए

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  मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नव दंपत्तियों को दिया सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद

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पन्ना। अक्षय तृतीया पर्व पर बुधवार 30 अप्रैल को पन्ना जिले के पवई विकासखंड की ग्राम पंचायत बनौली स्थित मां कंकाली माता मंदिर परिसर में वृहद स्तर पर गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह सम्पन्न कराए गए। सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग की मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना के तहत संपन्न हुए इस सामूहिक विवाह सम्मेलन के दौरान 915 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इसमें 13 निकाह भी शामिल हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में वर्चुअल शामिल होकर वर-वधुओं को शुभकामनाएं देते हुए सुखमय गृहस्थ जीवन की कामना की। उन्होंने अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर बेटियों के वैवाहिक जीवन में प्रवेश को शुभ अवसर बताया। साथ ही विवाह प्रसंग की इस बेला को चिरस्थायी बनाए रखने का आग्रह किया।

महिला सशक्तिकरण का मॉडल है मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम से अनावश्यक खर्च से मुक्ति मिलने के साथ ही त्यौहार जैसे उल्लासमय वातावरण में विवाह सम्पन्न होना सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार द्वारा बेटियों एवं महिलाओं के हित में कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। महिला सशक्तिकरण का मध्य प्रदेश का मॉडल देश में सराहनीय है। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग धंधों के माध्यम से रोजगार के अवसरों में बढ़ोत्तरी सहित स्वसहायता समूह के जरिए महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण एवं किसानों के कल्याण के लिए भी कटिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बेटियों से नए परिवार में प्रवेश पर माता-पिता के सम्मान तथा वर्तमान डिजिटल परिवेश की उपयुक्त सामग्री को ही ग्रहण करने की सलाह भी दी।

अब तीन फसलें लें रहे क्षेत्र के किसान

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि मां कंकाली के आशीर्वाद से यहां निरंतर वृहद स्तर पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। उन्होंने भगवान परशुराम की जयंती पर परिणय सूत्र में बंधने वाले नव दंपत्तियों को सुखी, संपन्न और वैभवशाली जीवन की शुभकामनाएं दीं। सांसद श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में देश व प्रदेश तरक्की की और अग्रसर है। सांसद ने कहा कि इस क्षेत्र में अब सिंचाई की पर्याप्त सुविधाएं मिलने से किसान तीन फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा नव दंपतियों को प्रतीकात्मक रूप से 49 हजार रुपए राशि के चेक का वितरण किया गया। वन विभाग के सहयोग से नवयुगलों को पौधे भी वितरित किए गए। कार्यक्रम को पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे ने भी संबोधित किया।

इनकी रही उपस्थिति

कार्यक्रम में विधायक पवई प्रहलाद लोधी, जनपद पंचायत अध्यक्ष पवई मोहिनी मिश्रा, बृजेंद्र मिश्रा, रविराज यादव, सतानंद गौतम, अरुण चौरसिया सहित कलेक्टर सुरेश कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना चौहान, एसडीएम समीक्षा जैन, तहसीलदार प्रीति पंथी, जनपद पंचायत सीईओ अखिलेश उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी-ंउचयकर्मचारी भी उपस्थित रहे।

कांग्रेस नेता डॉ. सरफराज झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष नियुक्त

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डॉ. सरफराज फारुकी का पन्ना में अपने निवास पर स्वागत करते हुए जिला कांग्रेस महामंत्री मार्तण्ड देव बुंदेला एवं महिला कांग्रेस की प्रदेश सचिव रमा बुंदेला।

 पार्टी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारयों ने स्वागत कर दी बधाई

पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मक़सूद खान ने पार्टी के कर्मठ और जुझारू कार्यकर्ता डॉ. सरफराज फारुकी को झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ पन्ना का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया है। डॉ. फारुकी की राजनैतिक सक्रियता को देखते हुए उनकी नियुक्ति मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के आदेशानुसार, झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष निकेश चौहान की सहमति एवं प्रदेश कांग्रेस महामंत्री प्रभारी समस्त प्रकोष्ठ जेपी धनोपिया की अनुशंसा पर की गई है। पूर्व में फारूकी लोकसभा, विधानसभा चुनाव में प्रभारी की भूमिका के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी के कई महत्वपूर्ण पदों पर रहकर पार्टी हित में कार्य कर चुके हैं। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने डॉ. फारुकी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपंने के साथ उम्मीद जताई है कि वह कांग्रेस पार्टी की विचारधारा शहर से लेकर गांव की गलियों और घर-घर जाकर पार्टी की रीती-नीतियों से लोगों को अवगत कराएंगे। साथ ही समय-समय पर की जाने वाली गतिविधियों-कार्यक्रमों से प्रदेश कार्यालय को अवगत कराएंगे।
कांग्रेस पार्टी झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ पन्ना के नव नियुक्त जिलाध्यक्ष युवा नेता डॉ. सरफराज फारुकी।
कांग्रेस पार्टी के समर्पित और निष्ठावान सिपाही डॉ. सरफराज फारूकी की नियुक्ति पर जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। बुधवार 16 अप्रैल 2025 को फारुकी के पन्ना आगमन पर कांग्रेस नेताओं द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया। जिला कांग्रेस महामंत्री मार्तण्ड देव बुंदेला एवं महिला कांग्रेस की प्रदेश सचिव रमा बुंदेला ने अपने निज निवास पर फारुकी का शाल-श्रीफल, माल्यार्पण और मिठाई खिलाकर स्वागत किया। युवा नेता फारुकी को झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ का जिलाध्यक्ष बनाए जाने पर पूर्व विधायक पन्ना श्रीकांत दुबे, जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना के कार्यकारी जिला अध्यक्ष अनीश खान, वरिष्ठ कांग्रेस नेता दीपचन्द अग्रवाल, जगतपाल सिंह बॉबी, रामकरण पाण्डेय, जिला कांग्रेस प्रवक्ता राकेश शर्मा, जुबैर खान, सीताराम प्रजापति, भूरे भाईजान, राजू राजा, काज़ी रुकनुद्दीन, हंस राज बागरी, नितिन गुप्ता, प्रमोद तिवारी, राकेश कुमार मीणा, कोमल कुमारी, त्रिलोक सिंह यादव, जावेद शेख, अरविंद सिंह सहित पार्टी के अन्य नेताओं, इष्ट मित्रों एवं शुभचिंतकों ने बधाई दी है।