* दोषी अटेंडेंट की सेवा समाप्त और कक्षा शिक्षक छह माह के लिए निलंबित
* आयोग ने को बच्चों के साथ शारीरिक दंड या मानसिक उत्पीड़न की मनाही को दोहराया
नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की अनुशंसा पर मध्यप्रदेश के रीवा जिले में एक निजी विद्यालय में शिक्षक और कर्मचारियों द्वारा पांच वर्षीय छात्र के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार के मामले में राज्य सरकार ने पीड़ित को 50,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। आयोग द्वारा जिलाधीश को नोटिस और शर्तानुसार समन भेजे जाने के पश्चात यह सूचित किया गया कि दोषी अटेंडेंट की सेवा समाप्त कर दी गई है और कक्षा शिक्षक को छह माह के लिए निलंबित कर दिया गया है।
ज़िला अधिकारियों से प्राप्त रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि कक्षा शिक्षक ने बच्चे को एक अटेंडेंट के पास भेजा, जिसने उसे अपने गंदे कपड़े खुद धोने और उन्हें ही दोबारा पहनने पर मजबूर किया, जिससे बच्चा बीमार हो गया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 238 और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसकी जांच जारी है।
आयोग ने इस संबंध में 23 जनवरी, 2025 को मामला दर्ज किया था। रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आधार पर आयोग ने टिप्पणी की कि स्पष्ट रूप से आरोपी अटेंडेंट और कक्षा शिक्षक ने बल का प्रयोग किया होगा, जिससे बच्चे को पूरी कक्षा के सामने मानसिक और शारीरिक पीड़ा के साथ-साथ अपमान भी सहना पड़़ा। ‘बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009’ की धारा 17 के अंतर्गत किसी भी बच्चे के साथ शारीरिक दंड या मानसिक उत्पीड़न करने की मनाही है।
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बरियारपुर कुर्मियान पहुंच मार्ग की पुलिया एवं सड़क का कुछ हिस्सा शुक्रवार की सुबह जब अचानक पानी में बहा तब वहां बारिश हो रही थी। सड़क के क्षतिग्रस्त होने के 4 दिन पूर्व से उक्त इलाके सहित समूचे पन्ना जिले में रुक-रूककर लगातार भारी बारिश होने के कारण हर तरफ पानी-पानी हो चुका था। केन की सहायक नदियों-नालों के उफान पर होने से पानी की निकासी पर्याप्त मात्रा में संभव नहीं हो पा रही थी। इन परिस्थितियों में बरियारपुर कुर्मियान पहुंच मार्ग पर बने स्लैब कल्वर्ट (पुलिया) के आसपास भरे पानी का दवाब अत्याधिक बढ़ने के कारण सड़क एवं पुलिया को जोड़ने वाले हिस्से एप्रोच स्लैब के नीचे की मिट्टी का कटाव हो गया। जिससे सड़क और पुलिया का खोखला हो चुका हिस्सा पानी में बह गया।










