* भूमि का कब्ज़ा दिलाए जाने संबंधी आदेश तामील करवाने मांगी थी घूस
* पत्नी के नाम दर्ज भूमि का कब्ज़ा पाने 8-9 साल से भटक रहा था किसान
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश में भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ लोकायुक्त संगठन की कार्रवाई लगातार जारी है। लोकायुक्त की धरपकड़ के बाद भी रिश्वतखोरी के मामले हर दिन सामने आ रहे हैं। सरकारी कार्यालयों में रिश्वत का खेल बेख़ौफ़ तरीके से जारी है। ताजा मामला पन्ना जिले के रैपुरा में सामने आया है, जहां लोकायुक्त टीम ने रैपुरा तहसीलदार चंद्रमणि सोनी को 3,000/- (तीन हजार) रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। तहसीलदार ने निजी भूमि से अवैध कब्ज़ा हटवाकर भूमि स्वामी को कब्ज़ा दिलाए जाने संबंधी आदेश तामील करवाने के एवज में किसान से रिश्वत मांगी थी। आज सुबह लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई की खबर आते ही रैपुरा में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते तहसीलदार आवास के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोकयुक्त की टीम तहसीलदार चंद्रमणि को ट्रैप करने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए उनके कार्यालय ले गई।

जानकारी अनुसार, द्रोपदी बाई पिता रामनाथ लोधी निवासी ग्राम गाता तहसील पटेरा जिला दमोह की भूमि पन्ना जिले की रैपुरा तहसील अंतर्गत पिपरियाकला ग्राम में स्थित है। भूमि पर स्थानीय व्यक्ति ने अवैध कब्ज़ा कर लिया था। जिसे अवैध कब्जे से मुक्त करवाकर उसका कब्ज़ा प्राप्त करने के लिए द्रोपदी बाई का पति कल्याण सिंह पिछले 8-9 साल से रैपुरा तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहा था। कुछ दिन पूर्व किसान कल्याण सिंह ने भूमि का कब्ज़ा दिलाने संबंधी आदेश तामील करवाने तहसीलदार ने संपर्क किया। इस दौरान तहसीलदार चंद्रमणि सोनी ने उससे बाबू जी से संपर्क करने के लिए कहा। तभी तहसीदार का ड्राइवर कल्याण सिंह के पास पहुंचा और उसके द्वारा काम करवाने के एवज में दस हजार 10,000/- रुपए की मांग की गई। बातचीत में 9,000/- (नौ हजार) रुपए में आदेश तामील करवाने पर सहमति बनीं। पहली किश्त के रूप में किसान ने तहसीलदार के ड्राइवर को 4,000/- चार हजार रूपये दिए। शेष राशि जल्दी ही दूसरी किश्त में देने बात कही।

कई सालों से परेशान किसान कल्याण सिंह लोधी ने घूसखोरों को सबक सिखाने के लिए लोकयुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय सागर में संपर्क किया। योजनाबबद्ध तरीके से लोकायुक्त संगठन ने किसान को तहसीलदार के पास रिश्वत राशि पर चर्चा करने के लिए भेजा गया। किसान कल्याण सिंह ने इस दौरान अपनी परेशानी का हवाला देते हुए तहसीलदार से दूसरी किश्त की राशि कम करने की गुहार लगाई। तहसीलदार चंद्रमणि सोनी ने बातचीत के दौरान दूसरी किश्त में रियायत देते हुए कहा, तुम्हारे पास जितनी राशि उपलब्ध हो उतनी ही दे देना। इस तरह शिकायत की तस्दीक होने पर लोकायुक्त टीम ने तहसीलदार को रंगे हाथ पकड़ने का फुलप्रूफ प्लान तैयार किया।

प्लान के मुताबिक आज (सोमवार 9 जून 2025) को सुबह लगभग 9 बजे कल्याण सिंह ने रैपुरा में तहसीलदार चंद्रमणि सोनी के आवास पहुंचकर रिश्वत की दूसरी किश्त में 3000 (तीन हजार रुपए) दिए। अगले ही पल वहां लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर तहसीलदार को पकड़ लिया। प्रारंभिक कार्यवाही के बाद लोकायुक्त की टीम तहसीलदार को उनके कार्यालय ले गई। समाचार लिखे जाने तक लोकायुक्त की टीम तहसीलदार चंद्रमणि सोनी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध करने की दस्तावेजी कार्यवाही में जुटी थी।
2 साल पहले पटवारी और कम्यूटर ऑपरेटर हुआ था ट्रैप

पन्ना जिले की दूरस्थ तहसील रैपुरा में रिश्वत के बगैर आम आदमी का जायज काम भी नहीं होता है। यहां व्याप्त घूसखोरी एवं भ्रष्टाचार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि, लगभग 2 वर्ष पूर्व लोकायुक्त की टीम ने 18 हजार रुपए की रिश्वत लेने के मामले में तहसील कार्यालय के कम्प्यूटर ऑपरेटर भागीरथ सेन व पटवारी रामअवतार वर्मा को गिरफ्तार किया था। इनके द्वारा एडवोकेट उमेश कुमार प्रजापति से उनके 3 क्लाइंट के गरीबी रेखा कार्ड (बीपीएल कार्ड) बनाने के एवज में रिश्वत की डिमांड की गई थी। इस कार्यवाही से रैपुरा तहसील कार्यालय के भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों ने कोई सबक नहीं सीखा। आज रिश्वत लेते हुए रैपुरा तहसीलदार चंद्रमणि सोनी के पकड़े जाने से तो यही साबित होता है।
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उप संचालक श्री सूद ने एक सवाल के जवाब में बताया, तेंदुए की मृत्यु शव मिलने के लगभग 24 से 36 घंटे पूर्व होने का अनुमान है। तेंदुए के सभी अंग पूर्णतः सुरक्षित पाए गए और आसपास किसी भी तरह की अवैध गतिविधि के संकेत नहीं मिले इसलिए शिकार की घटना तो किसी भी पहलू से प्रतीत नहीं होती। मृत तेंदुए के शरीर पर अथवा आसपास दूसरे तेंदुए या बाघ से आपसी संघर्ष होने के निशान भी नहीं थे। वहीं पोस्टमार्टम (शव परीक्षण) में तेंदुए की मौत जहर के कारण होने के संकेत भी नहीं पाए गए। जिससे व्यस्क तेंदुए की मौत फिलहाल अबूझ पहेली बनी हुई है। श्री सूद ने बताया, घटना की प्रारंभिक जांच एवं पोस्टमार्टम से मौत के कारणों का पता नहीं चल सका। तेंदुए के शरीर के विभिन्न अवयव जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। उम्मीद है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर तेंदुए की मौत की असल वजह पता चल सकेगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हिनौता दक्षिण बीट में मानवीय दखल के मद्देनजर पार्क प्रबंधन आसपास रहने वाले लोगों से भी घटना के संबंध में पूछतांछ कर सकता है।

पन्ना टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक अंजना सुचिता तिर्की ने प्रेस में जारी विज्ञप्ति में जानकारी देते हुए बताया कि पीटीआर की 147 इको विकास समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ परिचर्चा कार्यक्रम मड़ला के कर्णावती सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष, सचिव एवं सदस्यों व ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण किया साथ ही जैव विविधता (Biodiversity) के महत्व के बारे में जागरूक किया।
पन्ना टाइगर रिजर्व को वित्तीय वर्ष 2024-25 में पर्यटन (Tourism) से प्राप्त आय की लाभांश राशि का 33 प्रतिशत ईको विकास समितियों के विकास हेतु वितरित किया गया। कार्यक्रम में पार्क की 147 समितियों को 1,64,604/- प्रति समिति दर से कुल रुपये 2,41,96,788 /- के चेक वितरित किये। इस राशि का भविष्य में समितियों के द्वारा ग्राम के विकास में उपयोग में किया जाएगा। कार्यक्रम में पन्ना टाइगर रिजर्व के पन्ना बफर परिक्षेत्र के रेन्जर अमर सिंह एवं रेन्जर राहुल पुरोहित सहित पार्क के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
पॉलिटेक्निक कॉलेज पन्ना के प्राचार्य अरविंद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि संस्था में संचालित सिविल इंजीनियरिंग ब्रांच के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत विद्यार्थियों को शनिवार 17 मई को उनके “फील्ड विजिट” विषय अंतर्गत विषय के व्यावहारिक ज्ञान हेतु पन्ना जिले के जनकपुर रोड पर निर्माणाधीन रेलवे ब्रिज का विजिट कराया गय । इस विजिट के दौरान विद्यार्थियों को साइट इंजीनियर अभिषेक द्वारा ब्रिज निर्माण के तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्रदान की गई तथा रेल परियोजना के विषय में विस्तार से बताया गया।
साइट इंजीनियर अभिषेक मिश्रा द्वारा विद्यार्थियों को रेल लाइन निर्माण में उपयोग होने वाली निर्माण सामग्री यथा गिट्टी, सीमेंट, रेत, के निर्धारित मानकों के अनुरूप होने कि आवश्यकता एवं महत्व पर जानकारी प्रदान की। साइट पर उपस्थित ठेकेदार रंजन सिंह ने रेलवे विभाग अंतर्गत निर्मित विभिन्न स्ट्रक्चर का अवलोकन करवाते हुये विद्यार्थियों को साइट पर उपयोग हो रही विभिन्न मशीन एवं उपकरणों के परिचालन की विधि से परिचित करवाया। फील्ड विजिट के दौरान सिविल ब्रांच के अतिथि व्याख्याता सुभाष पांडे उपस्थित रहे जिनके द्वारा विद्यार्थियों को फील्ड विजिट का महत्व बताते हुये विषय के सैद्धान्तिक एवं व्यावहारिक दोनों ज्ञान पर प्रकाश डालते हुये व्यावहारिक ज्ञान पर अधिक ध्यान देने हेतु प्रेरित किया गया।