हमलावरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए कोतवाली थाना पन्ना के परिसर में बैठे मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के कर्मचारी।
* सहायक अभियंता की शिकायत पर FIR दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
* मारपीट का वीडियो न बना सकें इसलिए विद्युत कर्मियों से जबरन छीन लिए थे मोबाइल
पन्ना। विद्युत कंपनी की टीम द्वारा बिजली चोरी पकड़ने से कुछ चोर इतना बौखला गए कि सरेआम सीनाज़ोरी करते हुए कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पीड़ित कर्मचारी मारपीट की घटना का वीडियो न बना पाएं इसलिए बिजली चोरों ने हमले के पूर्व गाली-गलौंज करते हुए उनके मोबाइल फोन जबरन छुड़ा लिए थे। विद्युत विभाग की टीम पर हमले की यह घटना मध्य प्रदेश के पन्ना की है। सहायक अभियंता राहुल बिरला की रिपोर्ट पर कोतवाली थाना पन्ना पुलिस ने तीन हमलावरों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है। घटना के बाद से ही फरार आरोपियों की पुलिस के द्वारा सरगर्मी से तलाश की जा रही है। इधर, बिजली चोरों की गुंडागर्दी को लेकर विद्युत कंपनी अमले समेत स्थानीय नागरिकों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर कई लोग हमलावरों के कृत्य की निंदा करते हुए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
कोतवाली थाना पन्ना के परिसर में मौजूद विद्युत कंपनी के कर्मचारी।
पन्ना के वार्ड क्रमांक 15 कटरा मोहल्ला में अवैध विद्युत कनेक्शन की शिकायत मिलने पर मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड पन्ना शहर के सहायक अभियंता राहुल बिरला बुधवार 11 जून की शाम लगभग 4.30 बजे अपनी टीम के साथ कार्रवाई करने पहुंचे। गली के अंदर मौके पर विद्युत पोल में वायर डालकर (कटिया फंसाकर) बिजली चोरी करते हुए पाए जाने पर लाइनमैन भरत गुप्ता व रवि बाल्मीक द्वारा वायर को सावधानीपूर्वक निकालकर जब्त किया गया। वहीं एई (असिस्टेंट इंजीनियर) बिरला और कंप्यूटर ऑपरेटर शिवराज यादव बगल में स्थित अब्दुल कय्यूम के घर के पास प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई कर रहे थे, तभी सोएब खान, सोहेल खान एवं एक अन्य व्यक्ति पहुंचा और एकराय होकर बेवजह गाली-गलौंज करने लगे। विद्युत चोरी के प्रकरण दर्ज न करने की धमकी देते हुए आरोपीगणों ने शासकीय कार्य को बाधित किया।
विद्युत चोरी पकड़ने गई टीम के साथ मारपीट होने की घटना की जानकारी मिलने पर विद्युत कंपनी के कर्मचारी बड़ी संख्या में कोतवाली थाना पन्ना में जमा हो गए।
गालियां देने से मना करने पर विद्युत चोरों ने एई बिरला के ऊपर डंडे से प्रहार किया जो कि बीच-बचाव करने के दौरान लाईनमैन भरत गुप्ता के बाएं हाथ पर लगा। सोएब खान ने डंडे से भरत गुप्ता के ऊपर हमला किया। एक अन्य हमलावर ने असिस्टेंट इंजीनियर (सहायक अभियंता) राहुल बिरला की कॉलर पकड़कर गर्दन पर फंदा कस दिया। दम घुटने के कारण बिरला को छटपटाते देख बचाने आए कंप्यूटर ऑपरेटर शिवराज यादव पर अज्ञात हमलावर ने अपना गुस्सा निकाला। अज्ञात आरोपी ने शिवराज यादव के गालों पर कई थप्पड़ मारे। आसपास मौजूद लोगों एवं विद्युत कंपनी के कर्मचारियों के बीच-बचाव करने पर हमलावरों ने बमुश्किल असिस्टेंट इंजीनियर राहुल बिरला को छोड़ा।
मीडिया को मारपीट की घटना की जानकारी देते हुए मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड संभाग पन्ना के सहायक अभियंता राहुल बिरला।
हमलावरों ने विद्युत कंपनी की टीम को धमकी दी है, कुलिया के अंदर बिजली चोरी के प्रकरण अगर बनाओगे तो इस बार बच गए लेकिन अगली बार जान से ख़त्म कर देंगे। किसी तरह अपनी जान बचाकर कोतवाली थाना पहुंची विद्युत कंपनी की टीम ने पुलिस को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। इस बीच आरोपियों के रिश्तेदार कोतवाली थाना परिसर पहुंचे और विद्युत अधिकारी-कर्मचारियों से छुड़ाए गए मोबाइल फोन उन्हें वापस लौटा दिए। पीड़ित असिस्टेंट इंजीनियर की रिपोर्ट पर कोतवाली थाना पन्ना पुलिस ने आरोपी सोएब खान, सोहेल खान पिता जम्मू खान एवं एक अन्य व्यक्ति समेत कुल तीन हमलावरों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 132, 121(1), 296, 351, 3(5) के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है। बिजली चोरों के द्वारा विद्युत टीम पर हमला करने की दुस्साहसपूर्ण घटना को लेकर लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर लोग हमलावरों की हरकत को एक तो चोरी ऊपर से सीनाज़ोरी बताते हुए घटना की कड़े शब्दों में निंदा कर रहे हैं। उधर, तीनों आरोपी घटना के बाद से ही फरार बताए जा रहे हैं।
पन्ना। जिला मुख्यालय पन्ना समेत आंचलिक नगरीय क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध कॉलोनियों का निर्माण करने वालों के विरुद्ध कलेक्टर सुरेश कुमार द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है। जिससे कॉलोनाइजरों में जबरदस्त हड़कंप मचा है। इसी क्रम में कलेक्टर न्यायालय द्वारा नगर पालिका परिषद पन्ना क्षेत्र अंतर्गत अवैध कॉलोनी निर्माण पर अब तीन व्यक्तियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। जिनमें मीना पाण्डेय पत्नी अरविन्द कुमार पाण्डेय उर्फ विष्णु पाण्डेय निवासी रानीगंज मोहल्ला, पूनम यादव पत्नी स्व. महेन्द्र प्रताप सिंह यादव निवासी वार्ड नंबर 14 बेनीसागर तथा सुमन गुप्ता पत्नी मनोज कुमार गुप्ता निवासी वार्ड नंबर 11 बेनीसागर मोहल्ला सभी तहसील एवं जिला पन्ना शामिल हैं। जारी नोटिस में इन्हें आगामी जुलाई माह में नियत पेशी तिथि पर पक्ष समर्थन के लिए उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर सुरेश कुमार ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पन्ना के प्रतिवेदन पर ग्राम पन्ना के सर्वे नंबर 403/1/1 रकवा 0.018 हे., सर्वे नंबर 403/2/1 रकवा 0.124 हे., सर्वे नंबर 405/1 रकवा 0.035 हे., सर्वे नंबर 405/2 रकवा 0.175 हे. कुल किता 4 कुल रकवा 0.3520 हे. भूमि पर संयुक्त रूप से निर्धारित प्रावधानों का उल्लघंन कर छोटे-छोटे भू-खण्ड विक्रय कर अवैध कॉलोनी के निर्माण पर नोटिस जारी किया है। उक्त कार्रवाई मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 339-क, 339-ख एवं 339-ग तथा म.प्र. नगर पालिका कॉलोनी विकास नियम 2021 के प्रावधानों के विपरीत कॉलोनी निर्माण करने पर की गई है।
इस संबंध में जारी नोटिस के माध्यम से कॉलोनी को अनधिकृत कॉलोनी घोषित करने, उपरोक्त भूमि तथा संबंधितजन के स्वामित्व की किसी अन्य भूमि को प्रश्नाधीन कॉलोनी में नागरिक अधोसंरचना के विकास कार्य पूर्ण करने के लिए अटैच करने तथा अनधिकृत कॉलोनी निर्माण का अपराध कारित करने पर कारावास व जुर्माना के लिए सक्षम न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत करने सहित थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने बावत् बिन्दुवार प्रत्युत्तर अनिवार्य रूप से चाहा गया है। निर्धारित पेशी तिथि व समय पर उपस्थित न होने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई कर प्रकरण में प्रस्ताव अनुसार आगामी आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि कॉलोनी निर्माण का रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र, कॉलोनी विकास की अनुज्ञा, नगर तथा ग्राम निवेश से ले आउट स्वीकृति व अनापत्ति प्रमाण पत्र एवं रेरा में पंजीयन कराए बगैर तथा किसी भी प्रकार का आंतरिक विकास किए बगैर अवैध कॉलोनी निर्माण करने पर जारी नोटिस के माध्यम से अन्य व्यक्तियों को भी अनधिकृत कॉलोनी घोषित करने के संबंध में अपनी आपत्ति निर्धारित तिथि के पूर्व न्यायालय में प्रस्तुत करने के संबंध में सूचित किया गया है। इसके अलावा तहसीलदार पन्ना, सीएमओ एवं उप पंजीयक पन्ना को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
* भूमि का कब्ज़ा दिलाए जाने संबंधी आदेश तामील करवाने मांगी थी घूस
* पत्नी के नाम दर्ज भूमि का कब्ज़ा पाने 8-9 साल से भटक रहा था किसान
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश में भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ लोकायुक्त संगठन की कार्रवाई लगातार जारी है। लोकायुक्त की धरपकड़ के बाद भी रिश्वतखोरी के मामले हर दिन सामने आ रहे हैं। सरकारी कार्यालयों में रिश्वत का खेल बेख़ौफ़ तरीके से जारी है। ताजा मामला पन्ना जिले के रैपुरा में सामने आया है, जहां लोकायुक्त टीम ने रैपुरा तहसीलदार चंद्रमणि सोनी को 3,000/- (तीन हजार) रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। तहसीलदार ने निजी भूमि से अवैध कब्ज़ा हटवाकर भूमि स्वामी को कब्ज़ा दिलाए जाने संबंधी आदेश तामील करवाने के एवज में किसान से रिश्वत मांगी थी। आज सुबह लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई की खबर आते ही रैपुरा में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते तहसीलदार आवास के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोकयुक्त की टीम तहसीलदार चंद्रमणि को ट्रैप करने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए उनके कार्यालय ले गई।
शिकायतकर्ता कृषक कल्याण सिंह लोधी।
जानकारी अनुसार, द्रोपदी बाई पिता रामनाथ लोधी निवासी ग्राम गाता तहसील पटेरा जिला दमोह की भूमि पन्ना जिले की रैपुरा तहसील अंतर्गत पिपरियाकला ग्राम में स्थित है। भूमि पर स्थानीय व्यक्ति ने अवैध कब्ज़ा कर लिया था। जिसे अवैध कब्जे से मुक्त करवाकर उसका कब्ज़ा प्राप्त करने के लिए द्रोपदी बाई का पति कल्याण सिंह पिछले 8-9 साल से रैपुरा तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहा था। कुछ दिन पूर्व किसान कल्याण सिंह ने भूमि का कब्ज़ा दिलाने संबंधी आदेश तामील करवाने तहसीलदार ने संपर्क किया। इस दौरान तहसीलदार चंद्रमणि सोनी ने उससे बाबू जी से संपर्क करने के लिए कहा। तभी तहसीदार का ड्राइवर कल्याण सिंह के पास पहुंचा और उसके द्वारा काम करवाने के एवज में दस हजार 10,000/- रुपए की मांग की गई। बातचीत में 9,000/- (नौ हजार) रुपए में आदेश तामील करवाने पर सहमति बनीं। पहली किश्त के रूप में किसान ने तहसीलदार के ड्राइवर को 4,000/- चार हजार रूपये दिए। शेष राशि जल्दी ही दूसरी किश्त में देने बात कही।
लोकायुक्त सागर की टीम तहसील कार्यालय रैपुरा में तहसीलदार चंद्रमणि सोनी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध करने की कार्यवाही करते हुए।
कई सालों से परेशान किसान कल्याण सिंह लोधी ने घूसखोरों को सबक सिखाने के लिए लोकयुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय सागर में संपर्क किया। योजनाबबद्ध तरीके से लोकायुक्त संगठन ने किसान को तहसीलदार के पास रिश्वत राशि पर चर्चा करने के लिए भेजा गया। किसान कल्याण सिंह ने इस दौरान अपनी परेशानी का हवाला देते हुए तहसीलदार से दूसरी किश्त की राशि कम करने की गुहार लगाई। तहसीलदार चंद्रमणि सोनी ने बातचीत के दौरान दूसरी किश्त में रियायत देते हुए कहा, तुम्हारे पास जितनी राशि उपलब्ध हो उतनी ही दे देना। इस तरह शिकायत की तस्दीक होने पर लोकायुक्त टीम ने तहसीलदार को रंगे हाथ पकड़ने का फुलप्रूफ प्लान तैयार किया।
रिश्वत लेने के मामले में तहसीलदार रैपुरा को पकड़ने की कार्यवाही की जानकारी देते हुए लोकायुक्त सागर की टीम।
प्लान के मुताबिक आज (सोमवार 9 जून 2025) को सुबह लगभग 9 बजे कल्याण सिंह ने रैपुरा में तहसीलदार चंद्रमणि सोनी के आवास पहुंचकर रिश्वत की दूसरी किश्त में 3000 (तीन हजार रुपए) दिए। अगले ही पल वहां लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर तहसीलदार को पकड़ लिया। प्रारंभिक कार्यवाही के बाद लोकायुक्त की टीम तहसीलदार को उनके कार्यालय ले गई। समाचार लिखे जाने तक लोकायुक्त की टीम तहसीलदार चंद्रमणि सोनी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध करने की दस्तावेजी कार्यवाही में जुटी थी।
2 साल पहले पटवारी और कम्यूटर ऑपरेटर हुआ था ट्रैप
18 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए रैपुरा तहसील के पटवारी और कम्प्यूटर ऑपरेटर। (फाइल फोटो)
पन्ना जिले की दूरस्थ तहसील रैपुरा में रिश्वत के बगैर आम आदमी का जायज काम भी नहीं होता है। यहां व्याप्त घूसखोरी एवं भ्रष्टाचार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि, लगभग 2 वर्ष पूर्व लोकायुक्त की टीम ने 18 हजार रुपए की रिश्वत लेने के मामले में तहसील कार्यालय के कम्प्यूटर ऑपरेटर भागीरथ सेन व पटवारी रामअवतार वर्मा को गिरफ्तार किया था। इनके द्वारा एडवोकेट उमेश कुमार प्रजापति से उनके 3 क्लाइंट के गरीबी रेखा कार्ड (बीपीएल कार्ड) बनाने के एवज में रिश्वत की डिमांड की गई थी। इस कार्यवाही से रैपुरा तहसील कार्यालय के भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों ने कोई सबक नहीं सीखा। आज रिश्वत लेते हुए रैपुरा तहसीलदार चंद्रमणि सोनी के पकड़े जाने से तो यही साबित होता है।
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व से युवा बाघ पी-243 को लेकर अच्छी खबर आई है। सिर पर चोट लगने से गंभीर रूप से घायल युवा बाघ समुचित इलाज मिलने और लगभग डेढ़ माह तक वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर संजीव गुप्ता की सतत निगरानी रहने के बाद अब पूरी तरह ठीक हो चुका है। वर्तमान में बाघ की हालत सामान्य होने पर मंगलवार 3 जून को उसे जंगल में स्वछंद विचरण के लिए छोड़ दिया गया। बाघ को बाड़े की कैद से आजाद करने के दौरान पीटीआर (Panna Tiger Reserve) के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। अब जंगल की खुली हवा में सांस ले रहे इस युवा बाघ की निगरानी पार्क हाथियों और कर्मचारियों द्वारा की जा रही है।
पन्ना टाइगर रिजर्व के भ्रमण के दौरान पर्यटकों की नजर गंभीर रूप से जख्मी युवा टाइगर पी-243 पर पड़ी थी। पर्यटकों द्वारा बाघ के फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने से जब यह खबर फैली तो हड़कंप मच गया। वन्यजीव प्रेमियों (Wildlife Lovers) ने बाघ की हालत को लेकर गहरी चिंता जताते हुए पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े किये। साथ ही तुरंत उसका इलाज करवाने की मांग उठाई थी। पन्ना पार्क प्रबंधन की ओर से बरती जा रही घोर उदासीनता के कारण बाघ का जीवन संकट में पड़ने से जुड़ीं ख़बरों को स्थानीय मीडिया द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित-प्रसारित की गईं। तब कहीं जाकर पन्ना टाइगर रिजर्व के जिम्मेदार अफसर गहरी नींद से जागे और तिल-तिल मरते बाघ के इलाज की सुध ली।
पन्ना पार्क (पन्ना टाइगर रिजर्व) के परिक्षेत्र हिनौता में विगत माह 20 अप्रैल 2025 को घायल बाघ को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर बड़गड़ी स्थित बाड़े में रखा गया था। जहां वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर संजीव गुप्ता ने उसका उपचार कर सतत निगरानी की। फलस्वरूप लगभग डेढ़ माह बाद युवा टाइगर पी-243 के घाव (Wound) ठीक होने पर मंगलवार 3 जून 2025 की शाम उसे बाड़े की कैद से आजाद कर दिया। पन्ना टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक अंजना सुचिता तिर्की ने प्रेस में जारी विज्ञप्ति में बताया, वर्तमान में युवा बाघ के घाव ठीक होने पर मंगलवार शाम 6 बजे स्वछंद विचरण हेतु बाड़े का दरवाजा खोला गया। करीब 2 घण्टे बाद देर शाम 8 बजे बाघ बाड़े से निकलकर पुनः जंगल में चला गया। इस दौरान पन्ना टाइगर रिजर्व के उप संचालक मोहित सूद, परिक्षेत्र अधिकारी हिनौता एवं हाथी महावत उपस्थित रहे। क्षेत्र संचालक ने जानकारी दी है कि, बाघ पी-243 की निगरानी पार्क के हाथियों एवं कर्मचारियों द्वारा की जा रही है।
पन्ना टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र गंगऊ अभ्यारण की टीम द्वारा सेही (साही) के अवैध शिकार मामले में गिरफ्तार आरोपी।
* आरोपियों के कब्जे से सेही के कांटे और कुल्हाड़ी जब्त
* गंगऊ अभ्यारण की बगौंहा बीट अंतर्गत हुआ था शिकार
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना में गंगऊ अभ्यारण (Gangau Sanctuary) अंतर्गत गत दिनों सामने आई सेही (Porcupine) के अवैध शिकार (Poaching) की हैरान करने वाली घटना का वन अमले ने तत्परता से खुलासा किया है। मैदानी वन अमले ने सेही (साही) के मांस की दावत उड़ाने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से शिकार की घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी एवं सेही के कांटे जब्त किए हैं। पकड़े गए आरोपियों में हर प्रसाद उर्फ धन्ना आदिवासी पिता दसुआ आदिवासी 24 वर्ष, परसू कोंदर पिता सुकइयां कोंदर 48 वर्ष और प्रीतम कोंदर पिता रघुवर कोंदर 26 वर्ष सभी निवासी बगौंहा पुलिस थाना मड़ला जिला पन्ना शामिल हैं। तीनों आरोपियों को 28 मई 2025 को न्यायलय में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल वारंट पर न्यायिक अभिरक्षा (Judicial Custody) में पन्ना जिला जेल भेजा गया। सेही के शिकार को लेकर वन्यजीव तस्करी (Wildlife Trafficking) की आशंका जताई जा रही थी जो कि गलत साबित हुई है, अब तक की जांच से पता चला है आरोपियों का मकसद मांस की दावत उड़ाना था। सेही के शिकार की चिंताजनक घटना का तत्परता से खुलासा कर सभी आरोपियों की गिरफ़्तारी को वन परिक्षेत्र गंगऊ अभ्यारण टीम की सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।
जंगल गश्त के दौरान हुआ था खुलासा
पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve) अंतर्गत माह मई 2025 में 2 तेंदुओं (Leopards), 1 मादा भालू (Female Bear) की रहस्यमयी मौतों से मचे हड़कंप के बीच सेही के शिकार की चौंकाने वाली घटना सामने आई थी। दिनांक 20 मई को परिक्षेत्र गंगऊ अभ्यारण की बगौंहा बीट के कक्ष क्रमांक- 247 में पैदल गश्त के दौरान वनमार्ग किनारे सेही के कांटे, आंतें, मल और खून से सनी हुई लकड़ी वन अमले को मिली थी। सूचना मिलने पर परिक्षेत्राधिकारी (रेन्जर) अमर सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया था। प्रथम दृष्टया मामला अवैध शिकार का प्रतीत होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत जानकारी दी गई थी। पन्ना पार्क के मौजूद हालात के मद्देनजर सेही के शिकार की घटना ने वन्यजीव प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी थी, क्योंकि कुछ लोग इसे लेकर वन्यजीव तस्करी की आशंका जता रहे थे।
बेज़ोअर के लिए शिकार की थी आशंका
बता दें कि सेही का अवैध शिकार मांस के अलावा उसके पेट में पाए जाने वाले आंशिक रूप पचे खाद्य पदार्थों से निर्मित गोले (पथरी) लिए भी किया जाता है। जिसे बेज़ोअर कहा जाता है। कथित तौर पर औषधीय गुणों से भरपूर बेज़ोअर सोने से अधिक कीमती होता है। इधर, सेही शिकार मामले में शामिल संदेही व्यक्ति घटना के बाद से ही फरार होने के कारण यह साफ़ नहीं हो पा रहा था कि इस प्रकरण में बेजुबान वन्यजीव का शिकार मांस के लिए किया गया था या फिर बेज़ोअर हांसिल करने के मकसद से उसे बेरहमी से मारा गया। जबकि कुछ लोग आशंका जाता रहे थे कि बेज़ोअर की तस्करी के लिए सेही का शिकार किया गया है।
दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा
वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सजग एवं संवेदनशील वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेन्जर) अमर सिंह ने सेही (साही) के शिकार की घटना को चुनौती के रूप में लेते हुए संदेही की धरपकड़ के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। संदेही के घर एवं परिजनों पर 24 घण्टे पैनी नजर रखते हुए उसके छिपने के संभावित ठिकानों का पता लगाया। आखिरकार मैदानी वन अमले की सप्ताह भर की कड़ी मशक्कत रंग लाई। गत दिनों मुखबिर से सटीक सूचना मिलने पर रेंजर ने हमराही बल परिक्षेत्र सहायक हरपाल सिंह सौर, बीटगार्ड कम्मोद सिंह एवं सुरक्षा श्रमिकों के साथ मौके पर पहुंचकर दबिश देते हुए संदेही प्रीतम कोंदर पिता रघुवर कोंदर 26 वर्ष निवासी निवासी बगौंहा थाना मड़ला जिला पन्ना को हिरासत में लिया।
जंगल में मृत पड़ी मिली थी सेही
संदेही प्रीतम कोंदर को मड़ला लाकर शिकार की घटना के संबंध में कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने कथित तौर पर जुर्म कबूल कर लिया। रेंजर अमर सिंह ने बताया कि, आरोपी प्रीतम घटना दिनांक को जंगल से जब तेंदूपत्ता लेकर वापस घर लौट रहा था तो रास्ते में उसे सेही मृत पड़ी मिली थी। सेही के कांटे आसपास बिखरे थे और उसका सिर गायब था। शायद किसी वन्यजीव द्वारा उसका शिकार किया गया था। सेही का धड़ मिलने पर मांस की दावत उड़ाने के लालच में आकर प्रीतम ने जंगल में ही कुल्हाड़ी (Axe) से उसके टुकड़े किये। फिर ग्राम बगौंहा के स्वजातीय हर प्रसाद उर्फ धन्ना आदिवासी पिता दसुआ आदिवासी 24 वर्ष और परसू कोंदर पिता सुकइयां कोंदर 48 वर्ष को मांस का कुछ हिस्सा बांट दिया था। प्रीतम के खुलासे के आधार पर पीटीआर (Panna Tiger Reserve) की टीम ने बिना किसी देरी के हर प्रसाद उर्फ धन्ना आदिवासी एवं परसू कोंदर को भी गिरफ्तार कर लिया। सेही शिकार मामले के मुख्य आरोपी प्रीतम कोंदर के कब्जे से वन अमले ने कुल्हाड़ी, सेही के कांटे एवं अन्य दोनों आरोपियों से सेही (साही) के कांटे (Porcupine Thorn) जब्त किए है। रेंजर ने बताया कि सेही का शिकार मांस के लिए किया गया था, प्रकरण की अब तक की जांच में वन्यजीव अंग तस्करी से संबंधित किसी तरह का कोई संकेत नहीं मिला है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पन्ना में श्री जुगल किशोर लोक का भूमि-पूजन करने के बाद हितग्राही सम्मेलन को संबोधित किया।
* श्री जुगल किशोर लोक बनने से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
* पन्ना में किया निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण
* बृजपुर में कॉलेज खोलने और अजयगढ़ हॉस्पिटल उन्नयन की घोषणा
पन्ना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बुंदेलखंड में बड़ा बदलाव आने वाला है, केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से पन्ना दमोह छतरपुर सहित समूचा बुंदेलखंड समृद्ध होगा। किसानों की जिंदगी बदलेगी, पूरे क्षेत्र में खुशहाली आएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार 29 मई को पन्ना में महाराजा छत्रसाल जयंती और पन्ना नगर के गौरव दिवस पर समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार के माध्यम से सुशासन की मिसाल बनेगी। प्रदेश में पन्ना सहित 19 धार्मिक नगरों में शराब दुकान बंद की गई है। सरकार शराब दुकान बंद कर दूध की दुकानें खोलेगी, गोपालन पशुपालन को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां श्री जुगल किशोर लोक के साथ ही 90 करोड़ की लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा शीघ्र ही पन्ना को मेडिकल कॉलेज सहित अन्य सौगातें भी मिलेगी।
राह वीर को मानवता के लिए मिलेंगे 25 हजार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पन्ना की धरती शूरवीरों की धरती हैं यहाँ पर हीरे के अपार भंडार हैं। महाराज छत्रसाल ने भी सोच समझकर पन्ना को राजधानी बनाया। उन्होंने कहा कि पन्ना में सबसे अच्छे हीरे पाए जाते हैं। जुगलकिशोर लोक बनने से श्रद्धालुजन दूर-दूर से आकर यहां दर्शन करेंगे जिससे पन्ना में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और नगर समृद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पन्ना के गौरव दिवस के अवसर पर मैं मध्यप्रदेश सरकार की ओर से शुभकामनाएँ देता हूँ। उन्होंने महाराजा छत्रसाल एवं लोकमाता अहिल्याबाई के चित्र पर मल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़क हदासों में अस्पताल पहुंचाने पर राह वीर योजना में मानवता के आधार पर 25 हजार का पुरस्कार सरकार देगी।
जुगुलकिशोर लोक में अन्य मंदिर होंगे शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पन्ना में जनसभा को संबोधित करने के पूर्व तिरंगा यात्रा में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा जगन्नाथ यात्रा को धर्मस्व और धार्मिक न्यास में शामिल किया जाएगा। राज्य सरकार महाराजा छत्रसाल की जयंती मनायेगी। पाठ्यक्रमों में महाराजा छत्रसाल की जीवनी को शामिल कर उनकी वीरता और जीवन के पहलुओं से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने अजयगढ़ के अस्पताल का उन्नयन करने तथा जुगल किशोर महालोक में गोविंद मन्दिर, बलदाऊ मन्दिर, प्राणनाथ और राम जानकी मंदिर के विकास कार्यों में शामिल करने की घोषणा की। तालाबों के जीर्णोद्धार और स्टेडियम को पूर्ण करने सहित बृजपुर में नवीन कॉलेज खोलने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने तय किया है की प्रदेश के नगरों में सभी जगह गीता भवन बनाए जाएंगे। गीता भवन में सभागार, लायब्रेरी आदि बनाई जाएगी। उन्होंने 131 नव विवाहित दंपत्तियों को भावी जीवन के लिए शुभकामनाएँ दी। कार्यक्रम को खजुराहो सांसद वीडी शर्मा ने भी संबोधित किया।
महाराजा छत्रसाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पन्ना नगर पालिका परिषद् के राजेन्द्र उद्यान में महाराज छत्रसाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रसाल जयंती पर पन्ना प्रवास के दौरान नगर के राजेन्द्र उद्यान पर बुंदेलखण्ड केशरी महाराजा छत्रसाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प वर्षा कर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री प्राणनाथ मंदिर ट्रस्ट के सदस्य एवं पदाधिकारियों से ट्रस्ट के कार्यों और गतिविधियों की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्रसाल की गादी पर भी माल्यार्पण किया। इस अवसर पर महाराजा छत्रसाल के वंशज पूर्व पन्ना राजघराने के महाराजा छत्रसाल दिव्तीय विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बाघिन का पोस्टमार्टम होने के बाद शव का विनष्टीकरण करने के लिए उसे चिता पर लिटाकर जलाने की तैयारी करते मैदानी वन कर्मचारी।
* उत्तर वन मण्डल अंतर्गत देवेन्द्रनगर रेन्ज की घटना
* डीएफओ का दावा, आपसी संघर्ष में हुई बाघिन की मौत
शादिक खान, पन्ना/ रुपेश जैन, बृजपुर । (www.radarnews.in) टाइगर एवं लैपर्ड स्टेट कहे जाने वाले मध्य प्रदेश में वन्य प्राणियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में फिलहाल पन्ना जिले के हालात सबसे अधिक चिंताजनक बने हुए हैं। यहां पन्ना टाइगर रिजर्व में 2 तेंदुओं, 1 मादा भालू की रहस्यमयी मौत और सेही (साही) के शिकार की घटना के बाद अब उत्तर वन मण्डल अंतर्गत बाघिन (Tigress) का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। बेजुबान वन्यजीवों की मौत से जुड़ी सभी घटनाएं महीने भर के अंदर की हैं, जिन्हें लेकर वन्यजीव प्रेमी दुखी और हैरान हैं। उत्तर वन मण्डल पन्ना के डीएफओ गर्वित गंगवार ने बाघिन की मौत आपसी संघर्ष में होने का दावा किया है। लेकिन 24 घण्टे बाद भी उस बाघिन-बाघ अथवा अन्य किसी वन्यजीव की पहचान नहीं हो सकी जिसके साथ कथित संघर्ष में 10 वर्षीय बाघिन को अपनी जान गंवानी पड़ी। बाघिन की मौत शव मिलने के 2-3 पूर्व होने का अनुमान है।
पन्ना के उत्तर वन मण्डल की देवेन्द्रनगर रेंज अंतर्गत मिला बाघिन का शव।
उत्तर वन मण्डल पन्ना के डीएफओ गर्वित गंगवार ने जानकारी देते हुए बताया कि परिक्षेत्र देवेन्द्रनगर की उमरझला बीट अंतर्गत बुधवार 28 मई 2025 की शाम 5 बजे एक बाघिन (लगभग 10 वर्ष) का शव मिला था। बाघिन के सिर व शरीर पर कई जगह गहरे घाव पाए गए हालांकि उसके सभी अंग सुरक्षित थे। स्टॉफ द्वारा आसपास सर्चिंग करने पर किसी तरह की अवैध गतिविधि का कोई संकेत नहीं मिला। वहीं आज (गुरुवार 29 मई) सुबह डॉग स्क्वॉड से भी घटनास्थल की सर्चिंग कराई गई। प्रारंभिक जांच में बाघिन की मृत्यु आपसी द्वंद (संघर्ष) में होना प्रतीत होता है। डीएफओ गंगवार का कहना है, बाघिन की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है यह बात अब तक की जांच से स्पष्ट है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में बताया, मृत बाघिन का आपसी संघर्ष किस बाघिन या बाघ के साथ हुआ था फिलहाल इसका पता नहीं चल सका। आपसी संघर्ष की पुष्टि के लिए घटनास्थल के आसपास कैमरा ट्रैप लगाकर इसमें शामिल रहे दूसरे बाघ-बाघिन की पहचान करने की बात कही जा रही है। साथ ही घटना के सभी पहलुओं की गहन पड़ताल करते हुए आसपास के गांवों में संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जाएगा।
पन्ना।(www.radarnews.in) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज (गुरुवार 29 मई 2025) को पन्ना प्रवास पर आएंगे। इस अवसर पर महाराजा छत्रसाल जयंती, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के हितग्राही सम्मेलन, विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण तथा सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को दोपहर 2.20 बजे छतरपुर जिले के गौरिहार से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 2.40 बजे पुलिस लाइन पन्ना स्थित हेलीपैड पहुंचेंगे। इसके उपरांत विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में सहभागिता कर अपरान्ह 4.45 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा छतरपुर जिले के मउसहानिया रवाना होंगे।
सीएम इन विकास कार्यों की देंगे सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज पन्ना प्रवास के दौरान नगर के शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 90 करोड़ 60 लाख रूपए लागत राशि के 40 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा 75 करोड़ 72 लाख रूपए लागत राशि के 32 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं 14 करोड़ 88 लाख रूपए लागत राशि के 8 निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोक निर्माण विभाग (भवन) के 3, लोक निर्माण विभाग के 10, जिला शहरी विकास अभिकरण के 2, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के 5 तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इसके अलावा लोकार्पित होने वाले विकास कार्यों में लोक निर्माण विभाग (भवन) अंतर्गत गुनौर आईटीआई में 3 ट्रेड भवन, कल्दा में आदिवासी सीनियर कन्या छात्रावास, छत्रसाल महाविद्यालय पन्ना के कॉमर्स ब्लॉक में मल्टीपरपज हॉल का रेनोवेशन कार्य, साइंस ब्लॉक में 2 हाल, वाराण्डा व टॉयलेट भवन का निर्माण तथा कन्या छात्रावास के पीछे 30 मीटर लम्बाई की बॉउण्ड्रीवॉल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहनगर में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट, शाहनगर विकासखण्ड के ग्राम बोरी में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन तथा आवास गृह इत्यादि का निर्माण तथा शाहनगर में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय का निर्माण सहित अन्य कार्य शामिल हैं।
पन्ना टाइगर रिजर्व का मड़ला ग्राम में स्थित प्रवेश द्वार। (फाइल फोटो)
* पन्ना टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की रहस्यमयी मौतों के बीच सेही के शिकार ने बढ़ाई चिंता
* सेही के पेट में पाए जाने वाले आंशिक पचे खाद्य पदार्थ के गोले बेज़ोअर से बनाई जाती हैं औषधियां
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व अंतर्गत वन्यजीवों की रहस्यमयी मौतों के बीच सेही (साही) के अवैध शिकार (Poaching) का मामला सामने आने से हड़कंप मचा है। स्वाभाव से शर्मीले और मासूम से दिखने वाले इस खतरनाक वन्यजीव का शिकार पन्ना पार्क के गंगऊ अभ्यारण में हुआ है। वन और वन्य प्राणियों की सुरक्षा के मुद्दे पर गंभीर सवालों से घिरे पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने अपनी नाकामी और बदनामी के डर से सेही शिकार (Porcupine Hunting) प्रकरण पर चुप्पी साध रखी है। घटना पर गंगऊ परिक्षेत्र कार्यालय में अज्ञात शिकारी के विरुद्ध वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध हुआ है। वन अमले ने घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस डॉग और मुखबिर तंत्र के सहयोग से शातिर शिकारी का सुराग भी लगा लिया है लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी होना शेष है। पन्ना पार्क के मौजूद हालात के मद्देनजर सेही के शिकार की घटना ने वन्यजीव प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है। कुछ लोग इस घटना को वन्यजीव तस्करी की आशंका से जोड़कर देख रहे हैं। दरअसल सेही का अवैध शिकार मांस के अलावा उसके पेट में पाए जाने वाले गोले (पथरी) लिए भी किया जाता है। जिसे बेज़ोअर कहा जाता है। कथित तौर पर औषधीय गुणों से भरपूर बेज़ोअर सोने से अधिक कीमती होता है। फ़िलहाल आधिकारिक तौर पर इस बात का पता नहीं चल सका कि सेही का शिकार मांस के लिए हुआ या फिर बेज़ोअर के लालच में किया गया।
पन्ना टाइगर रिजर्व अंतर्गत गंगऊ अभ्यारण की बगौंहा बीट सेही के शिकार की घटना का पता जंगल में मिले उसके कांटों और आंतों से चला।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पन्ना टाइगर रिजर्व अंतर्गत आने वाले गंगऊ अभ्यारण की बीट बगौंहा कक्ष क्रमांक- 247 में मंगलवार 20 जनवरी को दोपहर के समय मैदानी वन अमले को पैदल गश्त के दौरन वनमार्ग किनारे बड़ी तादाद में सेही के कांटे, उसकी आंतें और खून लगी हुई लकड़ी मिली थी। सूचना मिलने पर परिक्षेत्राधिकारी (रेन्जर) अमर सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया। प्रथम दृष्टया मामला शिकार का प्रतीत होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई। घटना को गंभीरता से लेते हुए पन्ना टाइगर रिजर्व के उप संचालक मोहित सूद एवं सहायक संचालक देवेन्द्र अहिरवार भी मौके पर पहुंचें। पन्ना से आये पुलिस डॉग स्कवॉड से आसपास के इलाके की सर्चिंग कराई गई। इस दौरान अज्ञात शिकारी के संबंध में कुछ अहम सुराग मिले। लेकिन संदेही व्यक्ति घटना के बाद से ही फरार है। इसलिए अभी तक यह साफ़ नहीं हो पाया है कि सेही का शिकार मांस के लिए किया गया था या फिर बेज़ोअर हांसिल करने के मकसद से उसे बेरहमी से मारा गया। वन विभाग की टीम और मुखबिर तंत्र सरगर्मी से फरार आरोपी की तलाश में जुटा है। शिकार की घटना के संबंध में पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक एवं उप संचालक से संपर्क किया गया लेकिन उनके मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुए।
सेही का शिकार करने से कतराते हैं टाइगर-तेंदुआ
सेही (साही) ।
बड़ी बिल्लियों यानी शेर और बाघ को जंगल का राजा कहा जाता है। बेहद ही खूंखार, आक्रमक स्वाभाव वाले इन मांसाहारी जीवों से अधिकांश जंगली जानवर ख़ौफ़ खाते हैं। जंगल में शेर, बाघ या तेंदुआ की आसपास मौजूदगी की भनक लगने मात्र से ही अधिकांश वन्यजीव मत्यु के भय से कंपित होने लगते हैं। लेकिन कुछ वन्यजीव ऐसे भी हैं जिनपर हमला करने से पहले टाइगर (बाघ) और तेंदुआ सौ बार सोचते हैं। अथवा दर्दनाक मौत के डर से उनका शिकार करने की जल्दी हिम्मत नहीं जुटा पाते। ऐसे ही एक जीव का नाम है सेही जिसे साही भी कहा जाता है। दरअसल मासूम से दिखने वाले इस रहस्यमयी और अद्भुत जीव के शरीर पर पाए जाने वाले बेहद नुकीले कांटे इसे खतरनाक बना देते हैं। जब भी कोई जानवर सेही पर हमलावर होता है तो यह अपने बचाव में काटों को खड़ा करके फैला लेता है। बाघ-तेंदुए या अन्य कोई जीव जब सेही का शिकार करते हैं तो इसके काटों से गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं, क्योंकि हल्का सा दाब पड़ने पर ये शरीर से अलग होकर दूसरे वन्यजीव के शरीर में धंस जाते हैं। पंजों में कांटा लगने पर बड़ी बिल्लियां के शिकार करने की क्षमता पर सीधा असर पड़ता है। जाहिर है कि बिना शिकार के मांसाहारी जीव ज्यादा दिन तक जीवित नहीं रह सकते।
बेज़ोअर के लिए होता है सेही का शिकार
सेही का शिकार उसके शरीर में मौजूद आंशिक रूप से पचे खाद्य पदार्थों के गेंदनुमा आकृति वाले गोले के लिए किया जाता है। जिसे बेज़ोअर के नाम से जाना जाता है। कुछ लोग सेही का मांस भी खाते हैं। बेज़ोअर को लेकर फैली भ्रांतियों और अंधविश्वास के चलते इसे लोग इसे शक्तिशाली औषधीय गुणों से भरपूर मानते हैं। बेज़ोअर का उपयोग पारंपरिक औषधियां बनाने में किया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खासकर दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में बेज़ोअर की काफी डिमांड है। कथित तौर चीन में बेज़ोअर का उपयोग पारंपरिक औषधियां बनाने में किया जाता है। कुछ लोगों का मानना है इसके औषधीय गुणों में कैंसर, डायबिटीज, बुखार आदि बीमारियों का प्रभावी उपचार मौजूद है। हालांकि इसके वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। बेज़ोअर की तस्करी के लिए सेही का शिकार तेजी से बढ़ रहा है। वन्यजीवों के व्यापार पर नजर रखने वाली संस्थाओं के अनुसार इंटरनेशनल मार्केट में बेज़ोअर के कुछ ग्राम के पाउडर का मूल्य सैंकड़ों-हजारों डॉलर तक हो सकता है।
कमजोर सुरक्षा से संकट में बाघों का संसार
फाइल फोटो।
उल्लेखनीय है कि पन्ना टाइगर रिजर्व में सेही के अवैध शिकार की घटना तब सामने आई है जब वहां पखवाड़े भर के अंदर 2 तेंदुओं और 1 भालू की रहस्यमयी मौत का मुद्दा पहले से ही काफी गर्माया हुआ है। बेजुबान वन्यजीवों की मौतों को लेकर वन्यजीव प्रेमियों तथा खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन के प्रति खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। साथ ही तीनों घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई है। इधर, अपने खिलाफ बन रहे माहौल को देखते हुए पार्क के जिम्मेदार अधिकारियों ने सेही के शिकार मामले की मीडिया को भनक तक नहीं लगने दी। अपनी नाकामी और लापरवाही छिपाने के लिए पूर्व में भी मादा तेंदुआ शावक का शव मिलने की जानकारी को कई दिनों तक मीडिया से साझा नहीं किया था। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन के रवैये की सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना होने पर पारदर्शिता का भरम बनाए रखने के लिए मृत मादा तेंदुआ का शव मिलने के 5वें दिन प्रेस नोट जारी किया गया था। बहरहाल हालिया घटनाओं को देखते हुए कई लोगों का मानना है कि पन्ना टाइगर रिजर्व का मौजूदा प्रबंधन वन और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर संवेदनशील नहीं है। वर्तमान में पन्ना पार्क में जब तकरीबन एक सैंकड़ा बाघ आबाद हैं साथ ही तेंदुए भी अच्छी खासी तादाद में हैं तब सुरक्षा व्यवस्था व्यवस्था चाक-चौबंद होने के बजाए बेहद ही लचर स्थिति में नजर आ रही है। इस कारण न सिर्फ वन अपराध बढ़ रहे बल्कि बाघ समेत दूसरे वन्यजीवों पर संकट भी लगातार गहरा रहा है।
पन्ना टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र हिनौता अंतर्गत दक्षिण हिनौता बीट में मृत पड़ा नर तेंदुआ।
* अब व्यस्क नर तेंदुए की मौत, आबादी क्षेत्र से सटे जंगल में मिला शव
* पखवाड़े भर के अंदर 2 तेंदुओं और 1 भालू की मौत से वन्यजीव प्रेमी चिंतित
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve) अंतर्गत बेजुबान वन्य प्राणियों की रहस्यमयी मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मादा तेंदुआ शावक (Female Leopard Cub) एवं मादा भालू (Female Bear) के बाद अब एक पूर्ण व्यस्क नर तेंदुए (Male Leopard) की संदिग्ध मौत का मामला प्रकाश में आया है। घटना पन्ना टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र हिनौता की बीट दक्षिण हिनौता की है। जंगल का यह इलाका आबादी क्षेत्र के काफी नजदीक स्थित होने से प्रतिबंध के बावजूद यहां अवैध मानवीय दखल हमेशा ही बना रहता है। हाल ही में इसका भयंकर दुष्परिणाम इंसान और बेजुबान वन्यजीवों के बीच बढ़ते द्वन्द की ख़ौफ़नाक घटना के रूप में सामने आया था। बहरहाल, पार्क में पखवाड़े भर के अंदर 2 तेंदुओं और 1 भालू की संदिग्ध मौत को लेकर वन और वन्यजीव प्रेमी चिंतित और हैरान हैं।
पन्ना टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक द्वारा जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि परिक्षेत्र हिनौता की बीट दक्षिण हिनौता के कक्ष क्रमांक 537 में शुक्रवार दिनांक 23 मई 2025 को गश्ती के दौरान एक नर तेंदुआ (लगभग 9 वर्ष) मृत पाया गया। जिसका वन अपराध प्रकरण क्रमांक 585/23 कायम कर मामले को जांच में लिया। घटनास्थल के आस-पास सतना से डॉग स्क्वॉड बुलाकर सर्चिंग कराई गई लेकिन मौके पर किसी भी अवैधानिक गतिविधि के संकेत नहीं मिले। मृत तेंदुआ का पोस्टमार्टम पन्ना टाइगर रिजर्व के वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार गुप्ता ने किया। इस दौरान पन्ना टाइगर रिजर्व के उप संचालक मोहित सूद, संबंधित परिक्षेत्राधिकारी एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। पोस्टमार्टम के बाद तेंदुए के शव का सम्मानपूर्वक अन्तिम संस्कार किया गया।
उप संचालक श्री सूद ने एक सवाल के जवाब में बताया, तेंदुए की मृत्यु शव मिलने के लगभग 24 से 36 घंटे पूर्व होने का अनुमान है। तेंदुए के सभी अंग पूर्णतः सुरक्षित पाए गए और आसपास किसी भी तरह की अवैध गतिविधि के संकेत नहीं मिले इसलिए शिकार की घटना तो किसी भी पहलू से प्रतीत नहीं होती। मृत तेंदुए के शरीर पर अथवा आसपास दूसरे तेंदुए या बाघ से आपसी संघर्ष होने के निशान भी नहीं थे। वहीं पोस्टमार्टम (शव परीक्षण) में तेंदुए की मौत जहर के कारण होने के संकेत भी नहीं पाए गए। जिससे व्यस्क तेंदुए की मौत फिलहाल अबूझ पहेली बनी हुई है। श्री सूद ने बताया, घटना की प्रारंभिक जांच एवं पोस्टमार्टम से मौत के कारणों का पता नहीं चल सका। तेंदुए के शरीर के विभिन्न अवयव जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। उम्मीद है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर तेंदुए की मौत की असल वजह पता चल सकेगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हिनौता दक्षिण बीट में मानवीय दखल के मद्देनजर पार्क प्रबंधन आसपास रहने वाले लोगों से भी घटना के संबंध में पूछतांछ कर सकता है।
पन्ना टाइगर रिजर्व अंतर्गत आने वाले गंगऊ अभ्यारण के परिक्षेत्र गंगऊ में मृत मादा भालू का शव।
बता दें कि इसके पूर्व पन्ना टाइगर रिजर्व अंतर्गत परिक्षेत्र पन्ना बफर की झिन्ना बीट के जंगल में 12 मई को एक मादा तेंदुआ शावक (लगभग 4 माह) वनमार्ग किनारे मृत पड़ा मिला था। तेंदुए शावक का सड़-गल चुका था। वहीं गंगऊ अभ्यारण के परिक्षेत्र गंगऊ की बांधी बीट में 16 मई 2025 की सुबह मादा भालू (लगभग 8 वर्ष) की मौत हो गई थी। पार्क प्रबंधन ने उक्त दोनों वन्य जीवों की मृत्यु प्रथम दृष्टया किसी बीमारी की वजह से होना बताया था।
टाइगर के हमले में वृद्धा की हो गई थी मौत
फाइल फोटो।
उल्लेखनीय है कि पन्ना टाइगर रिजर्व के हिनौता परिक्षेत्र की दक्षिण हिनौता बीट कोर क्षेत्र अंतर्गत आती है। पन्ना टाइगर रिजर्व के भ्रमण पर आने वाले पर्यटक बाघ और दूसरे वन्य जीवों को स्वछंद विचरण करते हुए देखने के लिए दक्षिण हिनौता बीट जंगल का भ्रमण करते हैं। पन्ना पार्क का यह जंगल हिनौता ग्राम से काफी नजदीक स्थित है इसलिए हिनौत के ग्रामीण जलाऊ लकड़ी, मवेशियों के चारे समेत अन्य जरूरतों के लिए नजदीकी जंगल पर निर्भर हैं। जंगल के इस इलाके में प्रवेश पर प्रतिबंध लागू होने बावजूद वहां मानवीय गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। जिसका दुष्परिणाम मानव और वन्यजीव संघर्ष की खौफनाक घटना के रूप में लगभग 5 माह पूर्व सामने आया था। दिसंबर 2024 में हिनौता गांव की आधा दर्जन महिलाएं रोज की तरह जंगल से अपने मवेशियों के लिए चारा लेने गई थीं। जहां टाइगर फैमिली के हमले में 65 वर्षीय फुलिया साहू की दर्दनाक मौत हो गई थी। दिल दहला देने वाली इस घटना की प्रत्यक्षदर्शी रहीं अन्य महिलाएं अपनी जान बचाकर भाग निकली थीं। स्तब्ध करने वाली इस घटना ने दक्षिण हिनौता बीट जंगल में मानवीय दखल की चिंताजनक स्थिति और पन्ना पार्क की लचर सुरक्षा व्यवस्था को उजागर कर दिया था। अब इसी बीट में तेंदुए की रहस्यमयी मौत की घटना सामने आने पर कई तरह आशंकाएं जताई जा रही हैं।