Home Blog Page 168

गुड न्यूज : मध्यप्रदेश को पोषण अभियान की तीन श्रेणियों में मिले राष्ट्रीय पुरस्कार

0
सांकेतिक फोटो।

* केंद्रीय महिला-बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रदान किये पुरस्कार

भोपाल। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश को पोषण अभियान 2018 -19 में उल्लेखनीय कार्य के लिए महिला-बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आज नई दिल्ली में तीन श्रेणियों में राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किये गये। केंद्रीय महिला-बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास अनुपम राजन को ये पुरस्कार प्रदान किये। पोषण अभियान की दो श्रेणी में प्रदेश को देश में पहला तथा एक अन्य श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।

इन कार्यों के लिए मिला पुरुष्कार

पोषण अभियान में राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रदेश को आईसीडीएस कॉमन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को उत्कृष्टता से लागू करने और आँगनवाड़ियों में सतत क्षमता विकास अभिसरण समुदाय आधारित गतिविधियों के लिए एक-एक करोड़ रुपए के प्रथम पुरस्कार मिले हैं। समग्र कार्य में उत्कृष्टता के लिए प्रदेश को दूसरे स्थान पर 75 लाख रुपए का पुरस्कार मिला है।
राज्य के 16 जिलों में लागू आईसीटी आरटीएम सिस्टम से 27 हजार 817 आँगनवाड़ी कार्यकर्ता सीधे मोबाइल से भारत सरकार के सर्वर में डाटा भेजते हैं। इससे सीधे ऑनलाइन डिजिटल मॉनिटरिंग की जाती है। इस अवसर पर केंद्रीय सचिव महिला-बाल विकास रविंद्र पवार, अतिरिक्त सचिव अजय तिर्की, संयुक्त सचिव सज्जन सिंह यादव तथा प्रदेश के आयुक्त महिला-बाल विकास एम.बी. ओझा उपस्थित थे।

श्रेष्ठ जिला बड़वानी-श्रेष्ठ विकासखण्ड बहोरीबंद

भारत सरकार द्वारा पोषण अभियान में श्रेष्ठ जिले के रूप में बड़वानी और श्रेष्ठ विकासखंड के रूप में बहोरीबंद जिला कटनी को पुरस्कृत किया गया है। कटनी एवं विदिशा जिले के 10 क्षेत्रीय केन्द्रों में आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, एएनएम, आशा तथा पर्यवेक्षक को 50- 50 हजार रुपए नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। प्रदेश में पोषण अभियान के तहत पाँच घटक में कार्य किया गया। ये घटक हैं आईसीडीएस कॉमन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर, इन्क्रीमेंटल लर्निंग अप्रोच, सामुदायिक आधारित गतिविधियाँ, अभिसरण कार्य-योजना और जन-आंदोलन।

एमपी के 25 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा, पन्ना समेत 6 जिलों में सामान्य से कम हुई बारिश

0
सांकेतिक फोटो।
भोपाल। (www.radarnews.in) प्रदेश में इस वर्ष मानसून में एक जून से 23 अगस्त तक 25 जिलों में सामान्य से अधिक, 20 जिलों में सामान्य एवं शेष जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है। सर्वाधिक वर्षा मंदसौर जिले में और सबसे कम वर्षा सीधी जिले में दर्ज की गई है।
सामान्य से अधिक वर्षा वाले जिले मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, शाजापुर, भोपाल, झाबुआ, राजगढ़, बड़वानी, रतलाम, उज्जैन, गुना, बुरहानपुर, सीहोर, अलीराजपुर, खण्डवा, इंदौर, नरसिंहपुर, जबलपुर, रायसेन, श्योपुर-कलां, अशोकनगर, सिंगरौली, धार, खरगोन और देवास हैं।
सामान्य वर्षा वाले जिले विदिशा, होशंगाबाद, मण्डला, रीवा, सागर, दमोह, उमरिया, बैतूल, भिण्ड, डिण्डौरी, मुरैना, टीकमगढ़, हरदा, शिवपुरी, सतना, अनूपपुर, छतरपुर, सिवनी, दतिया और ग्वालियर हैं।सामान्य से कम वर्षा वाले जिले पन्ना, छिंदवाड़ा, बालाघाट, कटनी, शहडोल और सीधी हैं।

SDO फॉरेस्ट के बंगले के सामने अवैध तरीके से चल रही थी आरा मशीन, खबर छपने के 48 घण्टे बाद वन विभाग ने फर्नीचर दुकान में मारा छापा, इस बीच गायब हुई आरा मशीन और लकड़ी

0
छापामार कार्यवाही के दौरान विश्कर्मा फर्नीचर मार्ट पवई में राखी लकड़ी की जांच करते कार्यवाही में शामिल वन कर्मचारी।

* पन्ना जिले के पवई क़स्बा स्थित रघुवीर फर्नीचर मार्ट का मामला

* कार्यवाही के नाम पर क्या सिर्फ दिखावा कर रहे हैं दक्षिण वन मण्डल के अफसर

* खबर छापने वाले पत्रकार का आरोप रात में शिफ्ट की गई आरा मशीन और लकड़ी

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में वन विभाग के कतिपय अधिकारी और मैदानी कर्मचारी नोट छापने में जुटे है। जिसे जहां और जब भी मौका मिल रहा है वह डकैती डालने अथवा डलवाने से नहीं चूक रहा है। आर्थिक हितों को साधने की इस होड़ में वन विभाग में वर्षों से जमे कुछ कर्मचारी अघोषित तौर पर निर्माण सामग्री सप्लायर बन चुके तो वहीं कुछ ने सागौन तस्करों और पत्थर-हीरा खनन माफियाओं से हाथ मिला लिया है। परिणामस्वरूप रुपयों की इनकमिंग को जारी रखने के लिए अपने ईमान को बेंच चुके कुछ अफसरों पर अब खुलकर अवैध गतिविधियों की अनदेखी करने के बेहद गम्भीर आरोप लग रहे हैं। ताजा मामला दक्षिण वन मण्डल अंतर्गत आने वाले पवई कस्बा में फॉरेस्ट विभाग के एसडीओ के बंगले के सामने कथित तौर पर अवैध रूप से आरा मशीन संचालित होने का है। कई वर्षों से चल रही इस आरा मशीन के संबंध में दो दिन पूर्व एक दैनिक समाचार पत्र में पवई से सचित्र समाचार प्रकाशित किया गया। जिसमें स्पष्ट तौर यह आरोप लगाया गया है कि पवई के वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए विश्वकर्मा फर्नीचर मार्ट में आरा मशीन संचालित की जा रही है।
कथित तौर पर यह आरा मशीन विश्कर्मा फर्नीचर मार्ट पवई में छापे के पूर्व तक संचालित रही, जिसका फोटो धनंजय श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।
वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इसकी वैधानिकता की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के बजाए जानबूझकर अनदेखी कर रहे है। यह खबर प्रकाशित होने के लगभग 48 घण्टे बाद वन विभाग की एक टीम द्वारा शुक्रवार 23 अगस्त को दोपहर के समय विश्वकर्मा फर्नीचर मार्ट में छापामार कार्यवाही की गई। खबर प्रकाशित करने वाले स्थानीय पत्रकार धनंजय श्रीवास्तव ने वन विभाग की कार्यवाही की सूचना और इससे जुड़े कुछ चित्र सोशल मीडिया में पोस्ट करते हुए यह दावा किया है कि छापा पड़ने के 16 घण्टे पूर्व ही आरा मशीन और एक ट्रक सतकठा की लकड़ी को रातों-रात गायब कर दूसरी जगह पर शिफ्ट करा दिया गया। फर्नीचर दुकान में छापा पड़ने के समय संचालक रघुवीर विश्वकर्मा भी फरार है। धनंजय के अनुसार कार्यवाही में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी शामिल नहीं है। इस मामले में वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों की भूमिका सवालों के घेरे में है। क्योंकि, उनकी नाक के नीचे यदि अवैध तरीके से आरा मशीन चल रही थी तो यह संभव ही नहीं है कि उन्हें इसकी जानकारी न हो।
उल्लेखनीय है कि, समाचार लिखे जाने तक वन विभाग की छापामार कार्यवाही जारी थी। इस दौरान दक्षिण वन मण्डल की डीएफओ मीना कुमारी मिश्रा और उप वन मण्डलाधिकारी पवई आर.के. अवधिया से उनके मोबाइल फोन पर कॉल कर जानकारी प्राप्त करने हेतु सम्पर्क किया गया लेकिन कई बार घण्टी बजने के बाद भी उनके मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुए। जिससे यह पता नहीं चल सका है कि विश्कर्मा फर्नीचर मार्ट में किसी तरह की अनियमितता पाई गई या नहीं। कार्यवाही करने गई वन विभाग की टीम को वहां आरा मशीन मिली या नहीं इसका भी फिलहाल आधिकारिक तौर पता नहीं चल सका। कथित तौर आरा मशीन और फर्नीचर दुकान के संचालन में गड़बड़ी के आरोप सही है गलत इसका पता तो जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा। बहरहाल पवई के विश्कर्मा फर्नीचर मार्ट में छापा पड़ने की खबर आने के बाद से जिले भर के फर्नीचर निर्माताओं-विक्रेताओं में हड़कंप मचा है।
उधर, इस मामले के टूल पकड़ने के बाद वन विभाग से जुड़े कुछ लोग ऑफ रिकार्ड यह भी कह रहे हैं कि  अनुचित मांग पूरी न करने पर सनसनीखेज आरोप गढ़ते हुए कार्यवाही को लेकर दबाब बनाया गया है। इन आरोपों-प्रत्यारोपों में कितनी सच्चाई है यह तो दोनों पक्ष ही बेहतर जानते हैं, लेकिन दक्षिण वन मण्डल के अफसरों को चाहिए कि धनंजय से बात कर उस स्थान पर भी छापा मारा जाए जहां पर कथित तौर पर आरा मशीन और एक ट्रक सतकठा लकड़ी को छापे से पूर्व शिफ्ट किया गया है। ताकि इन बेहद गम्भीर प्रकृति के आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।वहीं जब इस मामले में विश्कर्मा फर्नीचर मार्ट के संचालक रघुवीर विश्कर्मा से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उनसे सम्पर्क नहींहो सका।

 

स्कूल से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों की अब खैर नहीं, मुख्य सचिव ने कठोर कार्यवाही करने के दिए निर्देश

0
मुख्य सचिव एस.आर.मोहंती की अध्यक्षता में मंत्रालय में मध्यप्रदेश समग्र शिक्षा अभियान की कार्यकारिणी समिति की बैठक हुई।

* शाला की 10 प्रतिशत कॉपियाँ प्रधानाध्यापक चेक करेंगे

* समग्र शिक्षा अभियान की कार्यकारिणी समिति की बैठक सम्पन्न

भोपाल। (www.radarnews.in) प्रदेश के मुख्य सचिव एस.आर. मोहन्ती ने शालाओं में शिक्षकों की उपस्थिति का विशेष ध्यान रखने को कहा है। उन्होंने शालाओं से अनुपस्थित रहने या अपने दायित्व के प्रति लापरवाह शिक्षकों पर कठोर कार्यवाही और शालाओं में चल रहे विशेष कॉपी चेकिंग अभियान का भी कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि, प्रत्येक शाला में पाँच से दस प्रतिशत विद्यार्थियों की कॉपियाँ प्रधानाध्यापक द्वारा चेक करने की व्यवस्था को शत-प्रतिशत लागू किया जाए। निर्देशों का पालन न करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें। श्री मोहन्ती ने कहा कि जिले की जिन शालाओं का दक्षता स्तर 90 प्रतिशत से अधिक है, उनकी उपलब्धियों का जिला स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव आज मंत्रालय में मध्यप्रदेश समग्र शिक्षा अभियान की कार्यकारिणी समिति की बैठक में बोल रहे थे।

शाला सुधार के करें प्रयास

श्री मोहन्ती ने संकुल स्तर पर पंजीकृत समितियाँ गठित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि शालाओं के अधोसंरचना सुधार और शालाओं को बेहतर करने के लिए अनेक व्यक्ति दान देने के इच्छुक रहते हैं। परंतु वह दान कहाँ दें, इसके लिए कोई उपयुक्त व्यवस्था वर्तमान में विद्यमान नहीं है। संकुल स्तर पर गठित इन पंजीकृत समितियों से दान स्वीकार करने और शालाओं में सुधार के कार्यों को मूर्तरूप देने की उपयुक्त व्यवस्था स्थापित हो सकेगी।

रिक्त पदों की पूर्ति करने दी सहमति

बैठक में जिला शिक्षा केन्द्र, विकासखण्ड स्रोत केन्द्र कार्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति प्रथमत: आउटसोर्स आधार पर या संविदा से करने पर सहमति दी गई। संविदा पर कार्यरत अमले के यात्रा भत्तों के पुनरीक्षण और विशेष परिस्थितियों में एक से अधिक बार स्थान परिवर्तन के प्रस्ताव का समिति ने अनुमोदन दिया। बैठक में सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और शिक्षक-शिक्षा से सबंधित योजनाओं की समीक्षा और उनके आगामी क्रियान्वयन संबंधी निर्णय लिए गए।
जानकारी दी गई कि इस वर्ष सभी शिक्षकों को परिचय पत्र उपलब्ध कराये जायेंगे। राज्य तथा प्रत्येक विकासखण्ड स्तर पर कैरियर मार्गदर्शन और काउंसलिंग शिविर लगाए जायेंगे। प्रदेश की 574 शालाओं में व्यवसायिक शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। एससीआरटी के सहयोग से शालाओं में स्पोर्टस करिकुलम लागू होगा। प्रदेश की प्राथमिक, माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक शालाओं में पुस्तकालय स्थापित करने के लिए अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

उपलब्धियों की दी गई जानकारी

एक परिसर एक शाला के अन्तर्गत 35113 शालाओं का व्यवस्थापन 16076 परिसरों में किया गया। इससे अधिक विद्यार्थियों को बेहतर अधोसंरचना व प्रबंधन का लाभ प्राप्त हुआ। प्रदेश की 99 प्रतिशत शालाओं में एक ही दिन पालक-शिक्षक संघ की बैठकें आयोजित की गईं जिनमें 34 लाख पालकों की उपस्थिति रही। विद्यार्थियों में आत्म-विश्वास, तार्किक सोच विकसित करने के लिए क्रियान्वित उमंग लाईफ स्किल एजुकेशन में 1874 शालाओं के 5 लाख 62 हजार विद्यार्थियों को सम्मिलित किया गया। बैठक में नेशनल एचीवमेंट सर्वे के निष्कर्ष, दक्षता उन्नयन, शिक्षकों की एक्सपोजर विजिट, शाला सिद्धि योजना, मिशन 1000, शाला दर्पण योजनाओं की जानकारी भी दी गयी।
बैठक में प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा रश्मि अरूण शमी, प्रमुख सचिव अनुसूचित जनजाति कल्याण श्रीमती दीपाली रस्तोगी, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत, आयुक्त राज्य शिक्षा केन्द्र आयरिन सिंथिया, आयुक्त महिला-बाल विकास एम.बी. ओझा उपस्थित थे।

जब धरती के सबसे विशालकाय जीव पर तेंदुए ने किया हमला, खूँखार तेंदुए ने 4 हाथियों को किया घायल, हाथी से नीचे गिरे वन्यप्राणी चिकित्सक की बाल-बाल बची जान, तेंदुए के जबरदस्त आतंक से घबराए हाथी चिग्घाड़ते हुए पीछे हटे

0
तेंदुए के हमले से भयभीत हाथी अमानगंज के रेस्ट हाउस में इस तरह एक किनारे खड़े रहे।

* दुर्घटना के बाद बीच में ही रोकना पड़ा तेंदुए का रेस्क्यू ऑपरेशन

* अमानगंज कस्बा के रेस्ट हाउस परिसर में सुबह से घुसा था तेंदुआ

* करीब 12 घंटे बाद अंधेरा होने पर जंगल की ओर भाग निकला तेंदुआ

* अमानगंज के नागरिेकों और पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने राहत की सांस

शादिक खान, राजदीप गोस्वामी। पन्ना/अमानगंज। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में गुरूवार 22 अगस्त की सुबह एक तेंदुआ जंगल से निकलकर अमानगंज कस्बा के रेस्ट हाउस में घुस गया। सुबह करीब 7 बजे स्थानीय निवासी हरीशंकर तिवारी और बृजलाल गुप्ता जब वहां पूजा के लिये फूल तोड़ने पहुंचे तो अचानक झाड़ियों से निकले तेंदुए ने हमला कर दोनों को घायल कर दिया। दोनों को मामूली खरोंचें आई हैं। इस घटनाक्रम के बाद लोगों को रिहायशी इलाके में तेंदुए की मौजूदगी का पता चला। दोपहर 11 बजे जिला मुख्यालय से पन्ना टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए जब अमानगंज पहुंची तब तक रेस्ट हाउस के बाहर सैकड़ों की तादात में लोग जमा हो चुके थे।
स्थानीय स्वास्थय केन्द्र में भर्ती तेंदुए के हमले में घायल व्यक्ति।
भीड़ के भारी शोर-शराबे के चलते रेस्ट हाउस के पीछे खेतों की ओर छिपे बैठे तेंदुए को बेहोश करने के लिए वन्यप्राणी चिकित्सक डाॅं संजीव गुप्ता हाथी पर सवार होकर उसके नजदीक पहुंचे तभी अचानक आश्चर्यजनक रूप से तेंदुए ने ऊंची छलांग लगाते हुए हाथी के ऊपर हमला कर दिया। इससे घबराकर हाथी पीछे की ओर मुड़ा तभी अचानक उसके ऊपर सवार डाॅ. संजीव गुप्ता असंतुलित होकर नीचे गिर गए। खूंखार तेंदुआ उन पर हमला करने की फिराक में था लेकिन महावतों ने सूझबूझ से काम लेते हुए चार हाथियों की मदद से उन्हें घेरकर बाल-बाल बचा लिया।

कभी निर्मित नहीं हुई ऐसी भयावह स्थिति

हमलावर तेंदुए के आक्रामक तेवर देखकर पन्ना टाइगर रिजर्व का अमला भी काफी डर गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जब-जब हाथियों ने तेंदुए के पास पहुंचने की कोशिश की तब-तब उसने अपने से कई गुना ताकतवर और विशालकाय हाथियों पर पूरी ताकत के साथ हमला बोला। आमतौर पर बाघ और तेंदुआ हाथी से उलझने की हिमाकत नहीं करते। लेकिन यह तेंदुआ इतना दुस्साहसिक और खतरनाक था कि उसके हमलावर अंदाज को देखकर हाथी भी घबरा गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार खूंखार तेंदुए ने एक-एक कर चारों हाथियों के ऊपर 5 से 7 बार हमला कर उन्हें घायल कर दिया। तेंदुए के आतंक से हाथी इतने घबरा गए कि वे उसके पास जाने की हिम्मत नहीं कर पाए। तेंदुए के हमलावर तेवर देख हाथी चिग्घाड़ते हुए डरकर पीछे हटने लगे। रेस्क्यू टीम के सदस्यों का कहना है कि इस तरह की विचित्र और भयावह स्थिति पहले कभी निर्मित नहीं हुई। इन परिस्थितियों के मद्देनजर तेंदुए के रेस्क्यू ऑपरेशन को शाम 5 बजे के बाद रोकना पड़ा।
फाइल फोटो।
रेस्क्यू टीम का नेतृत्व कर रहे वन्यप्राणी चिकित्सक के घायल होने पर पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने पड़ोसी जिला सतना से रेस्क्यू टीम को मदद के लिए बुलाया है। लेकिन इस टीम के पहुंचने से पहले ही अंधेरा होने पर तेंदुआ स्वतः ही जंगल की ओर भाग गया। एहतियात के तौर पर अमानगंज रेस्ट हाउस और उसके आस-पास के इलाके में पन्ना टाइगर रिजर्व के अमले को तैनात किया गया है। उधर, तेंदुए के आक्रामक तेवरों और हाथियों पर उसके हमलों की खबर फैलने के बाद अमानगंज कस्बा में जबरदस्त दहशत का माहौल है। फिलहाल तेंदुआ भले ही जंगल की तरफ भाग गया लेकिन फिर भी कई लोगों को रात बढ़ने के साथ उसके पुनः वापस लौटने और हमला करने का डर सता रहा है।

हाथी से गिरा तो लगा बच नहीं पाऊंगा

चार हाथियों पर हमला कर उन्हें पीछे हटने के लिए मजबूर करने वाले खूँखार तेंदुए को देखने अमानगंज रेस्ट हाउस के बहार उमड़ी भीड़।
पन्ना टाइगर रिजर्व के वन्यप्राणी चिकित्सक डाॅ. संजीव गुप्ता ने अपनी अब तक की शासकीय सेवा के दौरान पन्ना सहित कई जिलों में बाघ से लेकर दूसरे वन्यप्राणियों के कई बार सफलता पूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन किए है। लेकिन गुरूवार 22 अगस्त को अमानगंज रेस्ट हाउस के पीछे तेंदुए को रेस्क्यू करने के दौरान उनके साथ जो कुछ हुआ उसे सुनकर शरीर में सिहरन पैदा होने लगती है। मौत के मुंह से बचकर किसी तरह सकुशल निकले डाॅ. संजीव गुप्ता ने रडार न्यूज से चर्चा में बताया कि तेंदुए पर प्रेशर बनाने के लिए चारों हाथियों को उसके पास ले जाकर सामने खड़ा कराया था ताकि उसे आसानी से ट्रंकुलाइज किया जा सके। लेकिन जिस तरह से तेंदुए ने एक-एक कर हाथियों पर हमला बोला वह हैरान करने वाला था।
एक हांथी के ऊपर सवार होकर जब डाॅ. संजीव कुमार गुप्ता तेंदुए को बंदूक से बेहोशी की डाॅट मारने का प्रयास कर रहे थे तभी अचानक तेंदुए ने काफी ऊंची छलांग लगाते हुए हाथी के मुंह के पास हमला कर दिया। इससे घबराकर अचानक हाथी पीछे की ओर मुड़ा और तभी संतुलन बिगड़ने से डाॅ. गुप्ता के हांथों से बंदूक छूट गई और वह खुद भी नीचे जा गिरे। जिस जगह पर यह घटना हुई वहां मिट्टी दलदली होने के कारण हाथियों को चलने में दिक्कत हो रही थी। इन परिस्थियों में डाॅ. गुप्ता के ऊपर तेंदुआ पुनः हमला बोल सकता था लेकिन महावतों ने सूझ-बूझ का परिचय देते हुए तुरंत चारों हाथियों की मदद से सुरक्षा घेरा बनाकर उन्हें सकुशल बाहर निकाल लिया। तेंदुए की दहशत का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि उसे ट्रंकुलाइज करने वाली बंदूक खेत में तब तक पड़ी रही जब तक कि तेंदुआ भाग नहीं गया।

वनकर्मी और पुलिस जवान भी दहशत में रहे

अमानगंज के सरकारी रेस्ट हाउस के परिसर से भागकर खेतों की ओर जाता तेंदुआ।
हाथी के ऊपर से गिरने के कारण डाॅ. संजीव कुमार गुप्ता के सिर और सीने में चोटें आई है। उनके सहायक तफ्सील खांन भी तेंदुए के हमले में मामूली चोटें आई है। दोनों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अमानगंज ले जाया गया। इस दुर्घटना के चलते शाम तकरीबन 5 बजे तेंदुए के रेस्क्यू ऑपरेशन को रोक दिया गया है। हाथियों पर तेंदुए के हमले और डाॅ. गुप्ता की जान बाल-बाल बचने की घटनाओं के प्रत्यक्षदर्शी रहे मौके पर तैनात पन्ना टाइगर रिजर्व के मैदानी कर्मचारी और पुलिस के जवान इससे खुद भी काफी भयभीत नजर आए। अच्छी बात यह रही कि सतना की रेस्क्यू टीम के अमानगंज पहुंचने से पहले ही शाम तकरीब 7 बजे जब अंधेरा छाने लगा तभी तेंदुआ रेस्ट हाउस परिसर से निकलकर खेतों की ओर भाग गया। जहां कुछ किलोमीटर तक खेतों के बाद जंगल की सीमा शुरू हो जाती है।

शिकार का लालच देने खेत में बांधा बकरा

तेंदुए को पकड़कर ले जाने के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम पिंजड़ा वाला ट्रक अपने साथ लेकर आई थी।
हमलावर तेंदुए को पकड़ने के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम ने अमानगंज के रेस्ट हाउस के पीछे एक खेत में बकरा बंधवाया, लेकिन चालक तेंदुआ शिकार के लालच में नहीं आया। इस तरह एक के बाद एक सब तरकीब और प्रयास विफल हो गए। तब तक दिन ढ़लने से तेंदुए को ट्रंकुलाइज कर पकड़ने संभावनाएं भी लगभग समाप्त हो चुकी थीं। इस स्थिति में पन्ना टाइगर रिजर्व के उप संचालक ने कुछ पटाखे मंगवाए। ताकि उन्हें फोड़ने पर उनके शोर से डरकर तेंदुआ भाग जाए। इस बीच शाम के साथ अंधेरा बढ़ने पर काफी मशक्कत के बाद तेंदुआ आखिरकार स्वतः ही खेतों के रास्ते जंगल की और भाग निकला।

अधिकारी मौके पर रहे मौजूद

अमानगंज के सरकारी रेस्ट हाउस में बैठकर तेंदुए को पकड़ने की योजना बनाते पीटीआर के अफसर एवं समीप बैठे गुनौर एसडीएम।
तेंदुआ वापस रिहायशी इलाकों की ओर न आए और वह सुरक्षित जंगल तक पहुंच जाए इसके लिये पन्ना टाइगर रिजर्व के उप संचालक ने एक निगरानी टीम को उसके पीछे रवाना किया है। करीब 12 घंटे बाद अमानगंज से तेंदुआ के भागने पर स्थानीय लोगों और पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन सहित पुलिस जवानों ने राहत की सांस ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पन्ना टाइगर रिजर्व के उप संचालक रामहरि ईश्वर जरांडे, दक्षिण वन मण्डल पन्ना की डीएफओ मीना कुमारी मिश्रा, गुनौर एसडीएम भूपेन्द्र रावत, गुनौर एसडीओपी अभिमन्यु मिश्रा, सहायक संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व पूरे समय मौके पर मौजूद रहे।

इनका कहना है –

’’शाम करीब 7 बजे अंधेरा होने पर तेंदुआ अपने आप रेस्ट हाउस के पीेछे स्थित नाले को पार कर जंगल की ओर भाग निकला। निगरानी के लिये उसके पीछे एक टीम को भेजा गया है। हाथी के ऊपर तेंदुआ के हमला करने से नीचे गिरे डाॅ. संजीव कुमार गुप्ता को हल्की चोटें आई है। सुबह जिन दो लोगों पर तेंदुए हमला किया था उन्हें भी मामूली जख्म आए हैं। हाथियों ने जब भी तेंदुए के पास जाने का प्रयास किया तब-तब उसके द्वारा हमला किया गया।’’

– रामहरि ईश्वर जरांडे, उप संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व।

आबादी क्षेत्र में घुसा तेंदुआ, हमला कर दो लोगों को किया घायल, दहशत में आए रहवासी

0
फाइल फोटो।

* अमानगंज कस्बा के रेस्ट हाउस में तेंदुए की मौजूदगी से मचा हड़कंप

* तेंदुए का रेस्क्यू करने पन्ना टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर पहुंची

* घायलों को आईं मामूली सी खरोंचें, स्वास्थय केन्द्र में भर्ती कराया

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) जिले के वन क्षेत्रों से सटे रिहायशी इलाकों में वन्यजीवों के घुसने की घटनाएं लगातार सामने आ रहीं हैं, जिससे मानव एवं वन्यजीव संघर्ष की स्थिति निर्मित हो रही है। कुछ माह पूर्व पन्ना जिला मुख्यालय के समीपी ग्राम जरुआपुर के एक घर में तेंदुआ घुस गया था। जहाँ पर उसने कुछ लोगों पर हमला किया था और आधा दर्जन बकरियों को मार डाला था। आज सुबह-सुबह अमानगंज क़स्बा में तेंदुए के घुसने की खबर मिली है। स्थानीय रेस्ट हाउस के अंदर पेड़ों की ओट में छिपे बैठे तेंदुए ने गुरुवार की सुबह करीब 7 बजे वहां पर फूल तोड़ने पहुंचे दो लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। तब कहीं जाकर लोगों को तेंदुए की अमानगंज में मौजूदगी का पता चला। यह खबर फैलते ही सुबह-सुबह लोग दहशत में आ गए। तेंदुए के हमले में दो लोगों के घायल होने की सूचना आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत डायल 100 पर पुलिस को दी।
अमानगंज रेस्ट हाउस के बाहर तेंदुए को देखने के लिए जमा भीड़।
जानकारी मिलने पर पन्ना टाइगर रिजर्व का स्थानीय अमला भी मौके पर पहुँच गया। दोनों घायलों को मामूली खरोंचें आई हैं। वनकर्मियों द्वारा इन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थय केन्द्र अमानगंज में भर्ती कराया गया है। उधर, सुबह से तेंदुए को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग रेस्ट हाउस के बाहर खड़े हैं। भारी-भीड़ के शोर-शराबे के चलते तेंदुआ रेस्ट हाउस परिसर के अंदर ही छिपा बैठा है।
स्थानीय स्वास्थय केन्द्र में भर्ती तेंदुए के हमले में घायल व्यक्ति।
पन्ना टाइगर रिजर्व के उप संचालक ईश्वर रामहरि जरांडे ने रडार न्यूज़ से चर्चा में बताया कि पन्ना से रेस्क्यू टीम को भेजा गया है। मौके पर हमारे वनकर्मी सुरक्षा की दृष्टि से तैनात हैं। हाथियों को भी अमानगंज भेजा जा रहा है, सर्वप्रथम हाथियों की मदद से तेंदुए को जंगल की ओर भागने का प्रयास किया जायेगा यदि मौके पर उसे बेहोश कर पकड़ने की स्थिति बनती है तो फिर उसे ट्रेंकुलाइज किया जाएगा। आपने बताया कि तेंदुए के हमले घायल दोनों व्यक्तियों को मामूली खरोंचे आई हैं उनकी हालत पूरी तरह सामान्य है।

युवा टाइगर ने सड़क किनारे किया गाय का शिकार, राहगीरों को सुबह-सुबह देखने मिला रोमांचित करने वाला नजारा

0
अपने शिकार को खाने के लिए घसीट कर सुरक्षित स्थान की ओर ले जाता बाघ।

* पन्ना से 12 किलोमीटर दूर मझगवां मार्ग पर दरेरा मोड़ के समीप किया शिकार

* बाघ और राहगीरों की सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर वनकर्मी और हाथी किए तैनात

* जंगल के राजा द्वारा करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से हो रहा वायरल

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघ पुनर्स्थापना कार्यक्रम की ऐतिहासिक सफलता के चलते यहां पर बाघों का उजड़ा हुआ संसार पुनः आबाद तो हुआ ही है साथ ही बाघों की तादाद भी लगातार तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान में यहाँ के जंगलों में आधा सैंकड़ा से भी अधिक बाघ विचरण कर रहे हैं। बाघों की वंश वृद्धि के फलस्वरूप पन्ना के वन क्षेत्रों से लगे मार्गों पर राहगीरों को अक्सर ही वनराज के नजदीक से निः शुल्क दर्शन हो जाते हैं। पन्ना के आसपास अचानक बाघ को कभी सड़क पार करते, कभी बेफिक्र अंदाज में सड़क पर बैठे हुए या फिर बाघ को सड़क किनारे किसी जानवर का शिकार करते हुए देखना राहगीरों को रोमांच से भर देता है। राहगीरों के लिए यह पल उनके जीवन का सबसे सुखद और कभी न भूलने वाला अनुभव बन जाता है।
बुधवार 21 अगस्त की सुबह पन्ना के कुछ युवाओं को एनएमडीसी मझगवां मार्ग पर ऐसा ही अदभुत नजारा देखने को मिला। पन्ना से लगभग 12 किलोमीटर दूर एनएमडीसी मझगवां मार्ग पर जरुआपुर ग्राम और दरेरा मोड़ के बीच एक युवा टाइगर सड़क किनारे गाय का शिकार करने के बाद उसे घसीटते हुए जब सड़क के दूसरी तरफ ले जा रहा था तो वहाँ से गुजर रहे कुछ लोगों ने इस अविस्मरणीय दृश्य को अपने मोबाइल फोन के कैमरे में कैद कर लिया। कुछ ही देर में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सड़क किनारे बाघ के शिकार करने की खबर मिलने पर पन्ना से उसे देखने के लिए गए एडवोकेट गोपाल मिश्रा गोगी ने बताया कि बाघ अपने शिकार को सुकून से खाने के लिए उसे घसीटते हुए सड़क के एक किनारे से दूसरे किनारे पर ले गया। वह मृत गाय को खखरी पार कर जंगल में ले जाने के लिए मशक्कत कर रहा था। श्री मिश्रा ने बताया कि बाघ से सुरक्षित दूरी पर चार पहिया गाड़ी के अंदर रहते हुए उनके द्वारा अपने मोबाइल से वीडियो बनाया गया। इस दौरान रिंकू गुप्ता भी उनके साथ रहे। कुछ ही देर में पन्ना टाइगर रिजर्व के वनकर्मी भी मौके पर पहुँच गए।
सड़क के किनारे खड़े होकर बाघ को देख रहे राहगीरों को वनकर्मियों द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर वहाँ से हटाया गया। हालांकि पन्ना-मझगंवा मार्ग पर आवागमन जारी है। पन्ना टाइगर रिजर्व के उप संचालक ईश्वर रामहरि जरांडे ने रडार न्यूज़ से चर्चा में बताया कि बाघ और राहगीरों की सुरक्षा के लिए एहतियात के तौर पर मौके पर अतिरिक्त वनकर्मियों और हाथियों को निगरानी के लिए तैनात किया गया है। मझगवाँ मार्ग पर आवगमन पूर्व की तरह जारी है, लेकिन बाघ की मौजूदगी को देखते हुए वहां आसपास किसी को भी रुकने की इजाजत नहीं है। आपने बताया कि जिस बाघ ने गाय का किल किया है वह बगैर रेडियो कॉलर का है।

जेल में विचाराधीन बंदी ने लगाई फांसी, कपड़ों में मिला सुसाइड नोट, आत्महत्या की वजह जानकर हैरान रह जाएँगे आप !

0
फाइल फोटो।

* प्रेमिका से बलात्कार और आत्महत्या के लिये उसे दुष्प्रेरित करने के आरोप में जेल में था बंद

* सुसाइड नोट में नाबालिग प्रेमिका के परिजनों पर झूठा प्रकरण दर्ज कराने का लगाया आरोप

* न्यायिक अभिरक्षा में 15 दिन पूर्व जिला जेल पन्ना में दाखिल हुआ था नवयुवक मुकेश

* जेल के अंदर दुष्कर्म के बाद आत्महत्या की घटना सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर लगा प्रश्न चिन्ह

* विचाराधीन बंदी की आत्महत्या मामले की न्यायिक जांच के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दिये आदेश

पन्ना। (www.radarnews.in)  मध्य प्रदेश के पन्ना की जिला जेल में बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था में एक बार फिर बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। अपने कुप्रबंधन के लिये बुरी तरह बदनाम पन्ना जेल में आज एक बंदी ने फाँसी ली। करीब पखवाड़े भर पूर्व इस जेल के अंदर एक बंदी के साथ दूसरे बंदी द्वारा कथित तौर पर अप्राकृतिक दुष्कर्म करने की हैरान करने वाली घटना को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि आज दोपहर लगभग 12 बजे जिला जेल पन्ना में बंद एक विचाराधीन बंदी मुकेश प्रजापति पिता भालू प्रजापति 19 वर्ष निवासी ग्राम पड़ेरी थाना गुनौर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बंदी के पास से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें उसने अपनी मौत की वजह उस युवती के परिजनों को बताया है, जिसके साथ बलात्कार करने और उसे आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में वह जेल में बंद था। महज 15 दिन पूर्व ही जेल में दाखिल हुये बंदी मुकेश प्रजापति के द्वारा दिनदहाड़े फांसी लगाकर आत्महत्या करने की खबर आते ही पन्ना में सनसनी फैल गई। न्यायिक अभिरक्षा में बंदी की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुये जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिये है। उधर, कोतवाली थाना पन्ना पुलिस ने इस घटना पर मर्ग कायम कर विवेचना में लिया है।

पिलर के सरिया में तौलिया बांधकर लगाई फांसी

जिला जेल पन्ना के बाहर बेटे की मौत पर रोते-बिलखते मुकेश प्रजापति के परिजन।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुकेश प्रजापति पुत्र भालू प्रजापति 19 वर्ष निवासी ग्राम पड़ेरी पर अपने गांव की ही एक नाबालिग युवती के साथ बलात्कार करने एवं उसे आत्महत्या करने के लिये दुष्प्रेरित करने का आरोप था। इस मामले में उसके खिलाफ गुनौर थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 179/219 धारा 376(2)(द), 306, 354(ध) आईपीसी एवं धारा 5/8 पास्को एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार किया था। पुलिस द्वारा मुकेश प्रजापति को न्यायालय में पेश किये जाने पर दिनांक 06 अगस्त 2019 को उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल पन्ना में भेजा गया था। मंगलवार 20 अगस्त को विचाराधीन बंदी मुकेश ने दोपहर करीब 12 बजे जेल के शौंचालय के ऊपर निकले पिलर के सरिया में गमछा बांधकर फांसी लगा ली।

जेल प्रहरियों को मौत होने के बाद पता चला

विचाराधीन बंदी द्वारा आत्महत्या करने की सूचना मिलने पर जिला जेल पन्ना के अंदर जाते न्यायिक मजिस्ट्रेटगण ।
जेल के अंदर दिनदहाड़े विचाराधीन बंदी फांसी के फंदे पर लटककर मर गया और जेल प्रबंधन को इसकी भनक तक नहीं लगी। कुछ देर बाद जब मुकेश की खोजबीन शुरू हुई तो उसे फांसी के फंदे पर लटका हुआ देख ड्यिूटी पर तैनात जेल प्रहरियों के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। कुछ दिन पूर्व जेल के अंदर एक बंदी के साथ कथित तौर पर हुए अप्राकृतिक दुष्कर्म के मामले को दबाने का गंभीर आरोप झेल रहे जेल प्रबंधन द्वारा आज इस घटना की आनन-फानन में वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई। कोतवाली थाना पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया। घटना की सूचना मिलने पर कुछ देर में न्यायिक मजिस्ट्रेट भी जिला जेल पहुंच गए। शव की तलाशी लेने पर मृतक के कपड़ों से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसे जांच अधिकारी को सौंपा गया है।

परिजन बोले बेटे को झूठे प्रकरण में फंसाया

शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाते मृतक के परिजन।
जेल में बंद रहे नवयुवक मुकेश प्रजापति के द्वारा आत्महत्या करने की खबर मिलते ही उसके परिजन रोते-बिलखते हुये शाम के समय पन्ना पहुंचे। यहां उन्होंने मीडियाकर्मियों को बताया कि जिस नाबालिग युवती के बलात्कार और उसे आत्महत्या के लिये दुष्प्रेरित करने के मामले में मुकेश को आरोपी बनाया गया है, उसके साथ काफी समय से मुकेश का प्रेम प्रसंग चल रहा था। कथित तौर युवती के परिजनों को इस पर कड़ा एतराज था। माता-पिता के साथ मजदूरी करने महानगर गई नाबालिग युवती इसी महीने के पहले सप्ताह में काफी समय बाद अपने गांव पड़ेरी लौटी थी। महज दो या तीन दिन बाद ही उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मुकेश के जीजा संतोष कुमार प्रजापति ने बताया कि इस मामले में युवती के परिजनों ने उनके साले को झूठा फंसा दिया था। इससे वह काफी व्यथित था और प्रेमिका की मौत का भी उसे आघात पहुंचा था। उनका कहना है कि जेल के अंदर मिले मुकेश के सुसाइड नोट से इस बात की पुष्टि होती है। मृतक के चचेरे भाई रवि कुमार प्रजापति ने पत्रकारों को बताया कि शव की तलाशी लेकर उसने ही सुसाइड नोट पुलिस को सौंपा था। रवि की मानें तो सुसाइड नोट में मुकेश ने अपनी मौत के लिये प्रेमिका के पिता, चाचा एवं दादा को जिम्मेदार ठहराया है।

घटना पर जेल प्रबंधन ने साधी चुप्पी

शव विछेदन गृह के बाहर पोस्टमार्टम होने के इंतजार में खड़े न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी।
जिला जेल पन्ना में एक माह के अंदर के अंदर सामने आई दो बड़ी अप्रत्याशित घटनाओं ने यहां की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। बंदियों की सुरक्षा में बरती जा रही अक्षम्य लापरवाही और बेहद लचर प्रबंधन को लेकर चौतरफा उठ रहे गंभीर सवालों पर पन्ना जेल के अधीक्षक ने चुप्पी साध ली है। यहाँ बड़ा सवाल यह है कि, पन्ना जेल की चार दीवारी के अंदर बंदी महफूज नहीं है। एक माह के अंदर सामने आई इन दोनों घटनाओं से तो इसी बात के स्पष्ट संकेत मिलते हैं। जेल के अंदर के हालात मौजूदा समय में बद से बदतर हो चुके हैं। आज की घटना के बाद जेल प्रबंधन ने अपनी कारगुजारियों को छिपाने के लिये मीडिया के सवालों पर चुप्पी साध ली है। ऑफ रिकार्ड सिर्फ इतना कहा जा रहा है कि वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की सूचना दी जा चुकी है उनसे जो भी निर्देश प्राप्त होंगे उसके अनुसार आगे की कार्यवाही की जायेगी।

इनका कहना है-

’’मंगलवार को दोपहर में करीब डेढ़ बजे कोेतवाली थाना पुलिस को जेल के अंदर विचाराधीन बंदी मुकेश प्रजापति के द्वारा आत्महत्या करने की सूचना मिली थी। इस घटना पर पुलिस ने मर्ग कायम किया है, मृतक का सुसाइड नोट मिला है जिसके आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आयेंगे उसके अनुसार कार्यवाही की जायेगी।’’

– रामसुहावन रावत, एसडीओपी पन्ना।

बंदर खदान से निकले हीरों को देखने पन्ना पहुंचे निवेशक, इस खनिज ब्लाॅक में है 34.20 मिलियन कैरेट हीरों का भण्डार

0
पन्ना के महेन्द्र भवन में लगी हीरों की दो दिवसीय एग्जिबिशन का नजारा।

* डायमण्ड ब्लाॅक की नीलामी में शामिल निवेशक हीरों का कर रहे अवलोकन-अध्ययन

* कड़ी सुरक्षा के बीच पन्ना के महेन्द्र भवन में लगी हीरों की एग्जिबिशन

* डायमण्ड ब्लाॅक की नीलामी प्रक्रिया में शामिल खनिज क्षेत्र की आधा दर्जन दिग्गज कम्पनियां

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बंदर डायमण्ड ब्लाॅक की नीलामी प्रक्रिया में शामिल खनिज क्षेत्र की आधा दर्जन दिग्गज कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने पन्ना पहुंचकर इस खदान से निकले कच्चे हीरों का अवलोकन एवं अध्ययन शुरू कर दिया है। इन हीरों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पन्ना के पुराने कलेक्ट्रेट (महेन्द्र भवन पैलेस) में प्रदर्शित किया गया है। बंदर डायमण्ड ब्लाॅक में निवेश से पूर्व इच्छुक कम्पनियां इस सौदे की हर पहलु की बारीकी से पड़ताल कर अपने स्तर पर आंकलन कर रही है।
हीरों का अवलोकन-अध्ययन करने के पूर्व आपस में चर्चा करते निवेशकगण।
इसी क्रम में बंदर डायमण्ड ब्लाॅक में अन्वेषण के दौरान बहुराष्ट्रीय हीरा खनन कम्पनी रियो टिंटो को प्राप्त हुए 2700 कैरेट हीरों को देखने और परखने के लिए देश की जानी-मानी खनन कम्पनियों के प्रतिनिधि विशेषज्ञों के साथ पन्ना आए है। इन्हें बंदर प्रोजेक्ट में मिले हीरों के साथ-साथ पन्ना की उथली खदानों से प्राप्त हीरों को भी दिखाया जा रहा है। महेन्द्र भवन पैलेस के सभागार में लगी हीरों की एग्जिबिशन (प्रर्दशनी) में मंगलवार 20 अगस्त को सुबह करीब 11 बजे अडानी और फ्यूरा ग्रुप के प्रतिनिधियों द्वारा हीरों का अवलोकन-अध्ययन किया जा रहा था। बंदर डायमण्ड ब्लाॅक की नीलामी प्रक्रिया में शामिल अन्य कम्पनियों के प्रतिनिधियों के भी महेन्द्र भवन पहुंचने का सिलसिला जारी है।

तीन प्रकार के हीरे किए प्रदर्शित

बंदर डायमण्ड निवेश हेतु इच्छुक कम्पनियों के लिए दो दिवसीय एग्जिबिशन में प्रदर्शित किए गये हीरे।
मध्य प्रदेश शासन के खनिज साधन विभाग के सचिव नरेन्द्र सिंह परमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस एग्जिबिशन में कुल तीन प्रकार के हीरों को रखा गया है। जिनमें जैम क्वालिटी, ऑफ कलर, डार्क ब्राउन हीरे शामिल है। एक सवाल के जवाब ने श्री सिंह ने बताया कि बंदर डायमण्ड ब्लाॅक में 34.20 मिलियन कैरेट हीरों का विशाल भण्डार है। जिसका अनुमानित मूल्य 60 हजार करोड़ रूपये है। आपने बताया कि बंदर डायमण्ड ब्लाॅक में बहुराष्ट्रीय हीरा खनन कम्पनी रियो टिंटो को प्रास्पेक्टिंग के दौरान पूर्व में 2700 कैरेट वजन के कच्चे हीरे मिले थे। जिन्हें इस कम्पनी के द्वारा पन्ना के हीरा कार्यालय के माध्यम से पन्ना के जिला कोषालय में जमा कराया गया था। बंदर डायमण्ड ब्लाॅक की प्री-बिड प्रक्रिया में शामिल खनन कम्पनियों के प्रतिनिधियों अथवा निवेशकों के द्वारा पन्ना में 20 एवं 21 अगस्त को बंदर खदान से प्राप्त हीरों के साथ-साथ पन्ना के उथली खदानों से निकले हीरों का भी अध्ययन एवं अवलोकन किया जा रहा है। इसके पश्चात निवेशकों के द्वारा छतरपुर जिले की बक्सवाहा तहसील अंतर्गत स्थित बंदर डायमण्ड ब्लाॅक का निरीक्षण किया जायेगा। मध्यप्रदेश खनिज साधन विभाग के सचिव नरेन्द्र सिंह परमार ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि हमारा पूरा जोर इस बात पर है कि 60 हजार करोड़ रूपये मूल्य के हीरों के इस भण्डार की नीलामी में शामिल निवेषकों को हम इससे कहीं अधिक ऊंची बोली लगाने के लिए प्रेरित करें ताकि सरकार को अधिक से अधिक राजस्व प्राप्त हो सके।

डायमण्ड पार्क निर्माण के खुलेगें द्वार

हीरों की एग्जिबिशन की व्यवस्थाओं को देखते खनिज साधन विभाग के सचिव नरेन्द्र सिंह परमार एवं पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।
पन्ना में हीरों की दो दिवसीय एग्जिबिशन का आयोजन मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन के द्वारा किया गया है। इस एग्जिबिशन को लेकर पन्ना के कलेक्टर कर्मवीर शर्मा और इस जिले के लोग खासे उत्साहित है। वर्तमान में सम्पूर्ण एशिया महाद्वीप में हीरों की एकमात्र मेकनाईजड खदान पन्ना जिले के मझगवां में एनएमडीसी लिमिटेड द्वारा संचालित की जा रही है। बंदर डायमण्ड ब्लाॅक की नीलामी प्रक्रिया यदि सफलतापूर्वक सम्पन्न होती है तो पड़ोसी जिला छतरपुर में भी हीरों का बड़े पैमाने पर खनन शुरू हो जायेगा।
हीरों की एग्जिबिशन की सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैदी से तैनात सुरक्षाबल।
इससे बुन्देलखण्ड अंचल में हीरों का उत्पादन बढ़ने के फलस्वरूप पन्ना में कई दशकों से की जा रही डायमण्ड पार्क की स्थापना संबंधी बहुप्रतीक्षित मांग पूरी होने की संभावनाओं के द्वार खुल जायेगें। पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने बताया कि फिलहाल पन्ना में डायमण्ड पार्क निर्माण की राह में सबसे बड़ी बाधा यहां हीरों का कम मात्रा में उत्पादन होना है। बंदर डायमण्ड ब्लाॅक में खनन कार्य शुरू होने से निष्चित ही क्षेत्र में हीरों का उत्पादन कई गुना बढ़ जायेगा। जिससे यहां डायमण्ड पार्क की स्थापना के लिए हीरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

खास खबर : 60 हजार करोड़ के हीरा भण्डार वाली बंदर खदान की नीलामी प्रक्रिया शुरू, बोली लगाने के पूर्व खदान से निकले हीरों को देखने आज पन्ना आएँगे निवेशक

0
सांकेतिक फोटो।

* अंतर्राष्ट्रीय कम्पनी रियो टिंटो ने जमा कराए थे बंदर खदान में मिले हीरे

* पन्ना में निवेशकों के स्वागत की लिए जिला प्रशासन ने बिछाया रेड कारपेट

* प्रदेश के खनिज साधन विभाग के सचिव की देखरेख में सभी तैयारियाँ हुई पूरी

* निवेशक 20 एवं 21 अगस्त को कर सकेंगे कच्चे हीरों का अवलोकन-अध्ययन

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) बेशकीमती रत्न हीरों के खनन के लिए मध्य प्रदेश का पन्ना जिला दुनियाभर में विख्यात है, यदि सबकुछ सही रहा तो पन्ना का पड़ोसी जिला छतरपुर भी बहुत जल्द हीरों के खनन के लिए जाना जाएगा। छतरपुर जिले की बक्स्वाहा तहसील में स्थित बंदर डायमण्ड ब्लॉक की नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस खदान में 60 हजार करोड़ रुपए का मूल्य का हीरा भण्डार होने का अनुमान है। बंदर हीरा खदान से वर्ष 2017 में अंतर्राष्ट्रीय हीरा खनन कम्पनी रियो टिंटो के बाहर निकलने के बाद राज्य सरकार ने इसकी नए सिरे से नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस खदान से बहुमूल्य रत्न हीरों के खनन के लिए खनन क्षेत्र की कई दिग्गज कम्पनियों ने रूचि दिखाई है। करीब 10 वर्ष तक बंदर खदान में हीरों के अन्वेषण (खोज) के दौरान रियो टिंटो कम्पनी को यहाँ 2700 कैरेट वजन के कच्चे हीरे मिले थे। इन हीरों को कम्पनी ने पन्ना में लाकर जमा कराया था। बंदर डायमण्ड ब्लॉक के लिए बोली लगाने हेतु इच्छुक निवेशक (कंपनियां) भारी-भरकम निवेश करने से पूर्व इस खदान से निकले कच्चे हीरों को देखने-परखने 20 अगस्त एवं 21 अगस्त को पन्ना आ रहे हैं।

पन्ना में जमा हैं बंदर खदान से निकले हीरे

फाइल फोटो।
उल्लेखनीय है कि खनन कम्पनी रियो टिंटो द्वारा प्रास्पेक्टिंग लाइसेंस लेकर करीब 10 वर्ष तक बंदर प्रोजेक्ट में गहरी खुदाई कर हीरों की खोज की गई थी। बंदर प्रोजेक्ट को छोड़ने के ठीक पहले रियो टिंटो कम्पनी के अधिकारियों ने खोज में मिले 2700 कैरेट वजन के कच्चे हीरों को 2400 पैकेट में पन्ना हीरा कार्यालय माध्यम से पन्ना के जिला कोषालय में जमा कराया था। अब बंदर हीरा प्रोजेक्ट की प्री-बिड में शामिल कंपनियाँ (निवेशक) इसके लिए बोली लगाने के पूर्व खदान से निकले कच्चे हीरों का अवलोकन एवं अध्ययन करने पन्ना आ रहे हैं। पन्ना कलेकटर कर्मवीर शर्मा ने बताया कि हीरों को दिखाने के लिए 16 अगस्त तक आवेदन जमा कराने वाले निवेशकों को दो दिन 20 अगस्त एवं 21 अगस्त को कच्चे हीरों का अवलोकन एवं अध्ययन पुराने कलेक्ट्रेट (महेन्द्र भवन) के सभागार में कराया जाएगा।

निवेशकों के स्वागत की तैयारियां हुई पूरी

महेन्द्र भवन पन्ना का फाइल फोटो।
निवेशकों के स्वागत के लिए रेड कॉरपेट बिछाकर महेन्द्र भवन पैलेस को दुल्हन की तरह सजाया-संवारा गया है। मध्य प्रदेश शासन के खनिज साधन विभाग के सचिव की देखरेख में यहाँ सभी आवश्यक तैयारियों को अंतिम रुप दिया गया। हीरों के अवलोकन एवं अध्ययन की पूरी प्रक्रिया को बेहतर तरीके से निर्विध्न संपन्न कराने के लिए कई जिलों से खनिज विभाग के अधिकारी एवं विशेषज्ञ तीन दिन से पन्ना में डटे हैं।
निवेशकों की बैठक व्यवस्था का जायजा लेते पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।
पन्ना के कोषालय में जमा हीरों को मंगलवार 20 अगस्त को निकालकर दोपहर 11:30 बजे से सायंकाल 4:00 बजे तक निवेशकों को कड़ी सुरक्षा के बीच महेन्द्र भवन पैलेस में निवेशकों को दिखाया जाएगा। निवेशकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस प्राचीन भवन में खास इंतजाम किए गए है। निवेशकों के लिए हीरों के अध्ययन-अवलोकन की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए यहाँ करीब 50 अधिकारियों-कर्मचारियों को ड्यूटी पर तैनात करते हुए अलग-अलग दायित्व सौंपे गए हैं।

इन कम्पनियों के प्रतिनधि आएँगे पन्ना

हीरों के अवलोकन एवं अध्ययन के लिए आने वाले निवेशकों के स्वागत के लिए महेन्द्र भवन पैलेस के गेट पर बनाया गया स्वागत द्वार।
छतरपुर जिले के बंदर डायमण्ड ब्लॉक में अन्वेषण (खोज) के दौरान प्राप्त 2700 कैरेट कच्चे हीरों को 2400 पैकेट में पन्ना लाकर रियो टिंटो एक्सप्लोरेशन कम्पनी द्वारा माह फरवरी 2017 में जिला हीरा कार्यालय के माध्यम से पन्ना के कोषालय में जमा कराया गया था। खान मंत्रालय के अनुसार बंदर हीरा खदान में 34.20 मिलियन कैरेट हीरे का भण्डार है। हीरों के अकूत भण्डार वाली इस खदान को अपना बनाने की तमन्ना रखने वाली कम्पनियों में प्रमुख रूप से अडानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड, अरविंदो रियलटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रायवेट लिमिटेड, एस्सेल माइनिंग, फ्यूरा, वेदांता ग्रुप, एनएमडीसी लिमिटेड शामिल है। मंगलवार 20 अगस्त एवं बुधवार 21 अगस्त को बंदर खदान के कच्चे हीरों के अवलोकन एवं अध्ययन हेतु इन कंपनियों के प्रतिनिधियों पन्ना आएंगे। इसके उपरांत हीरों को पूरी सुरक्षा के साथ जिला कोषालय पन्ना में रखा जाएगा।