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कोविड केयर सेण्टर स्थापित : बिस्तरों की संख्या के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटा प्रशासन

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कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर मरीजों को संस्थागत आइसोलेशन की सुविधा प्रदान करने जिले में बनाए गए कोविड केयर सेंटर का फोटो।

*  लॉकडाउन में कोरोना नियंत्रण हेतु किए जा रहे आवश्यक उपाए : कलेक्टर संजय कुमार

प्रतिदिन कोविड टेस्ट 400 की जगह अब 600 होंगे, ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर ज्यादा तीव्र और घातक साबित हो रही है। पूरी तरह से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में लगातार तेजी संक्रमितों की तादाद बढ़ने के कारण जिला चिकित्सालय समेत आंचलिक स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज पहुँच रहे हैं। जिससे बिस्तर कम पड़ने लगे थे और आईसीयू में भी बेड फुल हो रहे थे। कोरोना के कहर से उत्पन्न इन चुनौतियों से निपटने तथा भयावह होते हालात का बेहतर तरीके से सामना करने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा इन दिनों युद्ध स्तर पर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
पन्ना में बाईपास मार्ग किनारे स्थित स्टेट बैंक का प्रशिक्षण केन्द्र जहां कोविड केयर सेंटर स्थापित किया गया।
पन्ना जिला मुख्यालय में अजयगढ़-छतरपुर बाइपास मार्ग किनारे स्थित छात्रावास भवन एवं भारतीय स्टेट बैंक के ट्रेनिंग सेंटर में कोविड केयर सेंटर (सीसीसी) स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें कोविड के मरीजों के लिए अब 500 बिस्तर उपलब्ध हैं। इसके आलावा विशेष परिस्थितियों के लिए पन्ना में ही अन्य भवनों को चिन्हित कर उनका अधिग्रहण भी कोविड केयर सेंटर बनाने के मकसद से किया गया है। जिले में 15 अप्रैल से 22 तक के लिए लगाए गए दूसरे लॉकडाउन का पूर्ण उपयोग प्रशासन के द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने एवं व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए किया जा रहा है। इस काम में जिले के जनप्रतिनिधियों का प्रशासन को भरपूर सहयोग मिल रहा है।

बिस्तर और ऑक्सीज़न की पर्याप्त उपलब्धता

संजय कुमार मिश्र, कलेक्टर, पन्ना।
पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने मोबाइल पर हुई अनौपचारिक बातचीत “रडार न्यूज़” को जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार एवं सेवाएं प्रदान करने की दिशा में पूरी गंभीरता के साथ हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रतिदिन मिलने वाले नए संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या को दृष्टिगत रखते हुए जिला मुख्यालय में कोविड केयर सेंटर स्थापित कर 500 बिस्तर बढ़ाए गए हैं। इसके अलावा सभी तहसील मुख्यालयों में भी 100-100 बिस्तर के कोविड केयर सेंटर स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है। इन सीसीसी (कोविड केयर सेंटर) में ऐसे मरीजों को रखा जाएगा जिनके घर पर होम आइसोलेशन के लिए जगह नहीं है। यहां मरीजों के लिए दवा, चाय, नाश्ता, भोजन आदि की व्यवस्था रहेगी।
आपने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर राज्य शासन-जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्तमान में पन्ना जिले में ऑक्सीज़न की पर्याप्त मात्रा उपलब्धता बनी है। जिले के औद्योगिक क्षेत्र पुरैना में स्थित ऑक्सीज़न बनाने वाली फैक्ट्री को चालू करवाकर प्राथमिकता के साथ पन्ना जिले में कृतिम ऑक्सीज़न की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है। इसके अलावा अतिरिक्त ऑक्सीजन की सप्लाई इस फैक्ट्री के द्वारा सागर संभाग के अन्य सभी जिलों में की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऑक्सीज़न की उपलब्धता को लेकर फ़िलहाल हम निश्चिंत हैं।
पन्ना के फीवर क्लीनिक में कोविड की जांच कराने के लिए जिला चिकित्सालय के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लाइन में लगे लोग।
वहीं कोरोना संक्रमण की जांच कराने के लिए पन्ना समेत आंचलिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर जुटने वाली भीड़ को कम कर स्थिति को सामान्य बनाने के लिए रोजाना होने वाले 400 टेस्ट को बढ़ाकर 600 किया जा रहा है। इसके अलावा टेस्ट के लिए सैम्पल देने की समयावधि अभी तक सुबह 9 से शाम 4 बजे तक थी जिसे बढ़ाकर अब सुबह 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक किया जा रहा है। कलेक्टर श्री मिश्र ने बताया कि कोरोना के आरटी-पीसीआर टेस्ट के लिए सैम्पल देने वालों की जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द प्राप्त हो सके इसके लिए मेडिकल कॉलिज सागर के प्रबंधन से सार्थक बातचीत हुई है। उम्मीद है मरीजों की जांच रिपोर्ट अब पहले से कहीं अधिक जल्दी प्राप्त होगी। उल्लेखनीय है कि, फिलहाल रैपिड एन्टीजन टेस्ट किट आवश्यकता अनुरूप उपलब्ध न हो पाने के कारण आरटी-पीसीआर टेस्ट ही अधिक कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य केन्द्रों पर गंभीर हालत में पहुँचने वाले मरीजों को 24 घण्टे तत्काल इमरजेंसी जांच की सुविधा प्रदान करने के लिए रैपिड एंटीजिन टेस्ट किट को सुरक्षित किया गया है।

टेस्टिंग-ट्रेसिंग-ट्रीटमेंट पर पूरा जोर

सांकेतिक फोटो।
पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने एक सवाल के जबाव में बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण की प्रभावी रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सजग-सतर्क और संवेदनशील है। कोरोना से जारी जंग में नागरिकों का भी आपेक्षित सहयोग प्राप्त हो रहा है, मुझे विश्वास है कि ईमानदार सामूहिक प्रयासों से हम यह लड़ाई अवश्य ही जीतेंगे। फिलहाल कोरोना की तेजी से बढ़ती रफ़्तार को काबू करने के लिए टेस्टिंग-ट्रेसिंग-ट्रीटमेंट पर पूरा फोकस किया जा रहा है। कोरोना जांच के लिए सैम्पल देने वाले व्यक्ति की जब तक रिपोर्ट नहीं आती है तब तक उसे फीवर क्लीनिक से दी गई दवाओं को लेकर घर पर आइसोलेट रहने हिदायत दी जाती है। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने की स्थिति में फीवर क्लीनिक अथवा कोविड कंट्रोल एवं कमाण्ड सेंटर के माध्यम से दवाईयाँ उपलब्ध कराई जा रहीं है।
कोविड-19 के बढ़ते हुए संक्रमण से बचाव हेतु लोगों को अनावश्यक रूप से अस्पताल न आने की सलाह दी जा रही है। इसके अतिरिक्त ऐसे संदिग्ध व्यक्ति जिनको लगातार 108 टेम्परेचर बुखार, सांस लेने में तकलीफ हो, दवाई लेने के बाद भी सुधार न हो एवं SPO2 जांच 94 से कम होने पर उसको डीसीएच लाया जा सकता है। जहां पर तत्काल एंटीजिन किट से कोविड जांच की सुविधा 24Χ7 घण्टे उपलब्ध है। जांच उपरान्त संदिग्ध मरीज को आवश्यकता अनुसार भर्ती करके उपचार की सुविधा दी जाएगी। कलेक्टर संजय कुमार का कहना है कि गत वर्ष की तुलना में इस साल मरीजों की संख्या निश्चित ही बढ़ी है। मगर, राहत की बात है कि मृत्यु दर पहले से कम है। वे अपने इस दावे के समर्थन में कोविड के आंकड़ों का विश्लेषण करने की बात कहते हैं।

होम आईसोलेशन वाले मरीजों के लिए दवा की किट

सांकेतिक फोटो।
कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के कहर से मरीजों की तीव्र गति से बढ़ती संख्या को देखते हुए आगामी कठिन समय में व्यवस्थाएं बनाए रखने के उद्देश्य से होम आइसोलेशन की व्यवस्था को इतना अधिक सुदृढ़ बनाया जा रहा है कि मरीजों को अस्पताल जाने की जरुरत ही न पड़े। होम आइसोलेट होने वाले मरीजों को दी जाने वाली आवश्यक दवाओं की किट बड़ी तादाद में जिले में तैयार कराई गईं है। दवाओं की डिलेवरी का व्यवस्थित प्लान भी बनाया गया है ताकि ग्रामीण अंचल में तत्परता से मरीज को दवा उपलब्ध हो सके। होम आइसोलेशन वाले मरीजों के स्वास्थ्य की निगरानी करने एवं उन्हें आवश्यक परामर्श देने का कार्य कोविड कंट्रोल एवं कमाण्ड सेंटर के द्वारा 24 घण्टे में दो बार वीडियो कॉल करके किया जा रहा है।
पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने बताया कि जिले में रेमडेसिविर इंजेक्शन और आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। साथ ही इनकी लगातार आपूर्ती राज्य स्तर से हो रही है इसलिए किसी को भी घबराने या चिंता करने की जरुरत नहीं है। आपने लोगों से अपील की है कि कोरोना को हारने के लिए ईमानदारी से कोविड-19 के प्रोटोकाल्स का पालन करें लॉकडाउन अवधि में एवं उसके बाद भी अनावश्यक घरों से बाहर निकलें। कुछ समय के लिए विशेष सतर्कता-सावधानी बरतकर और धैर्य-संयम-अनुशासन का स्वमेव कड़ाई से पालन करके कोरोना के गंभीर होते संकट से बचाव किया जा सकता है।

कोरोना का कहर : प्रतिदिन रिकार्ड संख्या में मिल रहे पॉजिटिव मरीज, तेजी से बढ़ती संदिग्ध मौतों से दहशत में आए लोग

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सांकेतिक फोटो।

डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ के संक्रमित होने से चरमराईं स्वास्थ्य सेवाएं

कोरोना की जांच के लिए भटक रहे लोग, चार-पांच दिन बाद मिल रही रिपोर्ट

जांच और रिपोर्ट में देरी के कारण तेजी से फ़ैल रहा है कोरोना वायरस संक्रमण

*  अब तक 1496 मरीजों ने कोरोना से जीती जंग, 722 एक्टिव मरीजों का उपचार जारी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कोरोना वायरस का संक्रमण देश के साथ-साथ मध्यप्रदेश व पन्ना जिले में लगातार विकराल रूप ले रहा है। बेकाबू हुई कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कहर ने अब तक के सभी रिकर्ड तोड़ दिए हैं। जिले में प्रतिदिन मिलने वाले संक्रमित मरीजों का आंकड़ा शुक्रवार 16 अप्रैल को सर्वाधिक रिकार्ड 195 तक पहुँच गया। आज तक की स्थिति में एक हजार से अधिक संदिग्ध मरीजों के कोरोना सैम्पल की जांच रिपोर्ट आना अभी शेष है। जाहिर आने वाले कुछ घण्टों या दिनों संक्रमितों की संख्या बढ़ सकती है। शुक्रवार देर शाम जारी नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) मीडिया बुलेटिन के अनुसार 195 नए पॉजिटिव केस मिलने के बाद पन्ना जिले में संक्रमित मरीजों की अब तक कुल संख्या बढ़कर 2227 हो चुकी है। जिनमें 1496 मरीज़ों के स्वस्थ होने के बाद कोविड के एक्टिव केस 722 बताए जा रहे हैं।
सर्वाधिक एक्टिव मरीज पन्ना शहरी क्षेत्र में 517 हैं जबकि जिले के आंचलिक इलाकों के सिर्फ 205 मरीज हैं। सभी एक्टिव मरीजों को विभिन्न कोविड संस्थानों में भर्ती कर एवं होम आइसोलेशन में चिकित्सकों की देखरेख में आवश्यक उपचार प्रदान किया जा रहा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि 636 लोग होम आइसोलेट हैं। शेष 66 मरीज डसीएचसी, मेडिकल कॉलिज सागर में 07 एवं 13 मरीज दूसरे अस्पतालों में भर्ती हैं।

सप्ताह भर में मिले 750 से अधिक नए मरीज

पन्ना जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति को बयां करता स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जारी दिनांक 16 अप्रैल के मीडिया बुलेटिन का स्क्रीनशॉट।
सिर्फ पिछले चार दिनों में ही कोरोना संक्रमण के क्रमश : 98, 143, 164, 195 केस निकले हैं। जबकि पन्ना जिले में अप्रैल महीने के दूसरे सप्ताह में 9 अप्रैल से 14 अप्रैल तक लगाए प्रथम लॉकडाउन एवं 15 अप्रैल से 22 अप्रैल तक के लिए लगाए गए दूसरे लॉकडाउन के दौरान 16 तक की स्थिति में ही कोरोना संक्रमण के 786 नए मामले सामने आए हैं। इन आंकड़ों के विश्लेषण से बेकाबू होते कोविड-19 संक्रमण की भयावह का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। कोविड के नए मरीजों की चिंताजनक तेजी से बढ़ती तादाद के परिणामस्वरूप स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते दबाव तथा विभागीय अधिकारियों, कई डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टॉफ, उनके परिजनों एवं सीएमएचओ कार्यालय के 4-5 लिपिकों के संक्रमित होने की वजह से पन्ना जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह चरमरा चुकीं हैं।
विगत दिवस कोरोना संक्रमित सिंहपुर निवासी एक व्यक्ति की मौत होने के बाद अंतिम संस्कार करने के लिए उसके शव को ले जाते हुए नगर पालिका का शव वाहन।
इस चुनौतीपूर्ण समय में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत काफी बद्तर है। वहीं पूर्व से चिकित्सकों के बड़ी संख्या में पद रिक्त होना एवं सीमित संसाधन भी इस स्थिति के लिए काफी हद तक जिम्मेवार है। जिले में लगातार तेजी से बढ़ती संक्रमितों की तादाद के बीच कतिपय लोगों की इस महामारी के कारण मौत होने एवं कुछ व्यक्तियों की असमय संदिग्ध मृत्यु होने की खबरें लगातार सोशल मीडिया पर आने के बाद से जनमानस में भय और चिंता व्याप्त है। कोरोना की वैश्विक महामारी के बढ़ते प्रकोप से मची हा-हाकार की देश-प्रदेश से खबरिया चैनलों में जिस तरह की ख़बरें आ रहीं है उससे भी लोग काफी दहशत में है।

कोरोना की टेस्टिंग के लिए परेशान हो रहे लोग

कोविड केयर सेंटर के बाहर भटकते हुए कोरोना की जांच कराने के लिए परेशान लोग एवं मौके पर व्यवस्था बनाता हुआ पुलिसकर्मी।
कोरोना की जांच कराने के लिए कई दिनों से बड़ी तादाद में लोग भटक रहे हैं। स्वास्थ्य संस्थाओं के बाहर जांच कराने वालों की लंबी लाइनें लग रहीं हैं। जिले में प्रतिदिन सिर्फ 400 लोगों की जाँच हेतु सैम्पल लिए जाने के कारण यह स्थिति निर्मित है। रैपिड एंटीजिन टेस्ट किट का पिछले कई दिनों से आभाव होने से 70-80 फीसदी से अधिक आरटी-पीसीआर टेस्ट के लिए सैम्पल लेकर जांच हेतु सागर भेजे जा रहे हैं, जिससे जांच रिपोर्ट आने में 5-6 दिन का समय लग रहा है। जानकारों का मानना है कि मौजूदा स्थिति के मद्देनजर टेस्टिंग कम होना और कोरोना जांच हेतु सैम्पल देने वाले संदिग्ध व्यक्ति की रिपोर्ट आने में काफी वक्त लगने से संक्रमण खतरनाक तेजी से फ़ैल रहा है। यदि टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से दुरुस्त नहीं किया गया तो हालात को काबू करना काफी मुश्किल हो सकता है।

सीटी स्कैन मशीन के लिए उठी मांग

पन्ना में सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने गत दिवस क्राइसिस मैनेजमेंट कमिटी की बैठक कर कोरोना संक्रमण की रोकथाम के उपायों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
लगातार बिगड़ते हालत के बीच फेंफड़ों में कोरोना संक्रमण की जांच के लिए आवश्यक सीटी स्कैन मशीन जिले में न होने से बीमार व्यक्तियों की जांच कराने के लिए उनके परिजन सतना-रीवा-छतरपुर-जबलपुर जाने को मजबूर हैं। सीटी स्कैन कराने के लिए बाहर जानें वाले कुछ लोगों ने बताया कि सतना में जहाँ भी इसकी सुविधा उपलब्ध है वहाँ प्रतिदिन 500-700 नम्बर लग रहे हैं। इस कारण जांच कराने के लिए कई घण्टे तक लंबा इंतजार करना पड़ता है। इस जद्दोजहद में लोग काफी परेशान हो रहे हैं साथ ही उन पर आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है। पन्ना जिला चिकित्सालय में सीटी स्कैन मशीन की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर प्रमुखता से की जा रही है।
गत दिवस क्षेत्रीय सांसद विष्णु दत्त शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई क्राइसिस मैनेजमेंट कमिटी बैठक में भी यह मुद्दा उठा था। काफी देर से ही मगर अब जाकर जनप्रतिनिधियों ने सीटी स्कैन मशीन की स्थापना को लेकर गंभीर प्रयास शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संज्ञान में भी इस बात को लाया गया है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारीयों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए हैं। उम्मीद की जा रही है कि कोविड संक्रमण की जांच के लिए जरुर सीटी स्कैन मशीन की सुविधा पन्ना जिले के मरीजों को शीघ्र ही उपलब्ध होगी।

15 दिन के लिए 3 डॉक्टरों को पन्ना भेजा

कई वर्षों से चिकित्सकों की भारी कमी से जूझ पन्ना जिले में करीब आधा दर्जन से अधिक चिकित्सकों, उनके परिजनों के पिछले कुछ दिनों में संक्रमित होने से स्वास्थ्य सेवाएं संकटकाल में बुरी लड़खड़ा चुकीं हैं। लगातार बढ़ते संक्रमण के मामलों के मद्देनजर पन्ना जिले के हालात को संभालने के लिए संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल ने 16 अप्रैल को एक आदेश जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से सागर जिले के 3 चिकित्सा अधिकारियों को आगामी 15 दिनों के लिए पन्ना जिला चिकित्सालय में पदस्थ किया है। सागर से पन्ना भेजे गए चिकित्सकों में डॉ. विरेन्द्र सिंह ठाकुर, डॉ. संतोष कुमार पटेल एवं डॉ. सुधीर कुमार साहू शामिल हैं।
संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल के द्वारा पन्ना जिला चिकित्सालय में सिर्फ 15 दिनों के लिए पदस्थ किए गए डॉक्टरों के आदेश का स्क्रीनशॉट।
बताते चलें कि पूर्व में पन्ना जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस. पाण्डेय, जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. व्ही.एस. उपाध्याय दोनों का एक ही समय पर कोरोना संक्रमित हुए थे। इसके बाद प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एल.के. तिवारी, कुछ अन्य चिकित्सक एवं उनके परिजनों के कोविड संक्रमित होने के बाद से स्वास्थ्य सेवाएं इस कदर प्रभावित हैं कि हालात संभालना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। बहरहाल गंभीर संकट के समय चंद दिनों के ही लिए ही सही पर तीन डॉक्टरों के आने से पन्ना जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में कुछ हद सुधार तो आएगा।

कोरोना की स्थिति भयावह ! जिले में पहली बार एक दिन में कोविड पॉजिटिव 98 मरीज़ मिले, एक्टिव केस बढ़कर 403 हुए

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सांकेतिक फोटो।

 

*  संदिग्ध मरीजों के लगभग 2000 कोरोना सैम्पल की जांच रिपोर्ट आना शेष

*  कोंग्रेस नेता मनीष शर्मा और युवा क्रिकेटर वसीम सिद्दीकी का दुखद निधन

*  कोरोना काल में हो रहीं असामयिक मौतों से लोगों में भय और चिंता का माहौल

*  प्रशासन की अपील कोविड प्रोटोकॉल्स का जिम्मेदारी एवं ईमानदारी से करें पालन

पन्ना। (www.radarnews.in) कोरोना वायरस संक्रमण जिस भयावह तेज़ी से फ़ैल रहा है वह हालात के बेकाबू होने के पूर्व का स्पष्ट संकेत है। कोरोना की दूसरी लहर का कहर तमाम कोशिशों के बाद भी फिलहाल थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में पांच दिन के लॉकडाउन की समाप्ति की पूर्व संध्या यानी मंगलवार 13 अप्रैल को कोरोना के 98 नए मामले सामने आए हैं। सालभर में पहली बार जिले में एक दिन में इतनी बड़ी तादाद में कोविड पॉजिटिव मरीजों के मिलने से हड़कंप मचा है। यदि पिछले 24 घंटे में जिले में कुल संक्रमित पाए गए मरीजों की संख्या को देखा जाए तो यह आंकड़ा बढ़ सकता है।
कलेक्टर पन्ना एवं सीएमएचओ के द्वारा जनहित में संयुक्त रूप से जारी की गई अपील।
बहरहाल मंगलवार शाम को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी मीडिया बुलेटिन के अनुसार कोविड-19 संक्रमित 98 नए मरीजों की पुष्टि के उपरान्त जिले में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1725 हो चुकी है। जिनमें 1316 उपचार के बाद स्वस्थ्य हो चुके है। कोरोना के एक्टिव केस का आंकड़ा वर्तमान में 403 हो गया। एक्टिव मरीजों में 328 मरीज़ होम आइसोलेट हैं जबकि अन्य 75 मरीजों का इलाज विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं में जारी है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार शाम तक की स्थिति में जिले नए मिले कोविड के 98 नए मरीजों में सर्वाधिक 69 केस पन्ना नगर में निकले है। जिले में कोरोना का सर्वाधिक प्रकोप पन्ना नगर में देखा जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से पन्ना में कोरोना संक्रमण के सर्वाधिक प्रकरण सामने सामने आ रहे हैं। मंगलवार तक की स्थिति में कोरोना जांच के 1989 सैम्पल की रिपोर्ट आना शेष थी। जाहिर है इतनी बड़ी संख्या में सैम्पल की जांच पेंडिंग होने से आने वाले दिनों कोविड मरीजों की संख्या और अधिक बढ़ सकती है।
वसीम सिद्दीकी।
मंगलवार को पन्ना के जाने-माने क्रिकेटर एवं अपना बाजार के संचालक युवा व्यवसाई वसीम सिद्दीकी, तीन अन्य लोगों एवं आंचलिक क्षेत्रों से कुछ बीमार व्यक्तियों के असामयिक दुखद निधन की खबरें सोशल मीडिया पर आने के बाद शोक की लहर दौड़ गई। कोरोना काल में हो रहीं मौतों से लोगों में भय और चिंता व्याप्त है। हालांकि आधिकारिक तौर यह स्पष्ट नहीं हो सका कि उक्त लोगों की मौत किस कारण से हुई है।
मनीष शर्मा।
उधर, इस सदमे से लोग अभी उबरे भी नहीं थे कि आज सुबह जिला कोंग्रेस कमिटी पन्ना के संगठन प्रभारी मनीष शर्मा के दुखद निधन की खबर आते ही लोग पुनः स्तब्ध रह गए। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार थे। पहले युवा क्रिकेटर वसीम सिद्दीकी और फिर कोंग्रेस नेता मनीष शर्मा के निधन से समूचा पन्ना नगर शोक में डूब हुआ है। सोशल मीडिया पर लोग गहरा दुःख व्यक्त कर मृत आत्माओं को श्रद्धांजली दे रहे है साथ ही शोक संतृप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जाहिर कर ईश्वर से उन्हें इस वज्रपात को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। इन दुखद घटनाओं के बाद पन्ना नगर में हर तरफ कोरोना के बढ़ते मामलों, असमय होने वाली मौतों और कोरोना महामारी से बचाव को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की चर्चाएं सुनाई दे रहीं हैं।

आसमान में नज़र आया रमजान मुबारक़ का चाँद, शरू हुई तराबीह की विशेष नमाज़; पहला रोज़ा आज

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सांकेतिक तस्वीर।

 स्व प्रेरणा से कोविड-19 के प्रोटोकॉल का किया जाएगा पालन

 कोरोना महामारी के वैश्विक संकट से मानवता को उबारने की मांगी दुआ

पन्ना। (www.radarnews.in) मंगलवार शाम को आसमान पर मुबारक चाँद के नजर आने के बाद मुकद्द्स रमज़ान पाक का महीना बुधवार 14 अप्रैल से शुरू हो गया। आज रमजान का पहला रोजा (व्रत) है। इस्लाम धर्मावलम्बियों के लिए इस पवित्र महीने का विशेष महत्व है। रमजान इस्लामी कैलेण्डर का नौंवा और पवित्र महीना होता है। इसी महीने में पैग़म्बर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर पवित्र कुरान नाज़िल (अवतरण) हुआ था। रहमतों-बरकतों के महीने रमजान में अल्लाह की इबादत का विशेष महत्व है। मंगलवार 13 अप्रैल को रमजान मुबारक का चाँद दिखने के बाद से ही परम्परानुसार रात्रि में इशा की नमाज़ के बाद तरबीह की विशेष नमाज़ पढ़ी गई।
मुस्लिम धर्मगुरुओं के अनुसार अन्य महीनों की अपेक्षा रमजान के महीने में की गई इबादत जैसे- रोजा रखने, पाँचों वक्त की नमाज़ पढ़ने, तराबीह पढ़ने और कुरान पाक की तिलाबत करने का सबाब (पुण्य लाभ) कई गुना अधिक होता है। उल्लेखनीय है कि लगातार दूसरे वर्ष कोरोना महामारी के प्रकोप के बीच रमजान मुबारक का महीना आया है। मुस्लिम धर्मगुरु व समाज के लोग कोविड-19 को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं, इससे बचाव को लेकर समाज के लोगों ने स्व प्रेरणा से कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए रमजान के महीने को मनाने का निर्णय लिया है।

चाँद देखकर पढ़ी दुआ-दी मुबारकबाद

मंगलवार 13 अप्रैल का दिन बेहद खास रहा। सुबह जहाँ हिन्दू समाज का शक्ति की उपासना का पर्व चैत्र नवरात्रि प्रारंभ हुआ वहीं शाम के समय माह-ए-रमजान का मुबारक चाँद आसमान पर नजर आया। शाम को आसमान में टकटकी लगाए अपलक चाँद के दीदार का बेसब्री से इंतज़ार करते मुस्लिम भाई-बहिनों को जब मग़रिब की नमाज के वक्त मुबारक चाँद नजर आया तो उनके चेहरे ख़ुशी से खिल उठे। चाँद को देखकर छोटे बच्चे ख़ुशी से चहकते हुए नजर आए। इस मुबारक मौके पर मुस्लिम भाई-बहिनों ने विशेष दुआ पढ़ते हुए अल्लाह से कोरोना महामारी के संकट से मानवता को जल्द से जल्द उबारने /निजात दिलाने, पूरी दुनिया के लोगों की सलामती, बीमार व्यक्तियों के स्वास्थ्य लाभ और अमन-चैन-भाईचारे के लिए प्रार्थना की। इसके बाद सभी ने एक-दूसरे को चाँद मुबारक-रमजान मुबारक कहकर मुबारकबाद दी। शाम के समय सोशल मीडिया पर भी अपने परिचितों-दोस्तों व रिश्तेदारों को मुबारकबाद देने का सिलसिला चलता रहा।

BJP से जुड़े भू-माफिया के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने गए कोंग्रेसियों पर ही पुलिस ने दर्ज की FIR

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भू-माफिया की प्रताड़ना का शिकार कमजोर वर्ग के लोगों को थाना में प्रवेश देकर उनकी एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर पन्ना कोतवाली के बाहर प्रदर्शन करते कोंग्रेस नेता। (फाइल फोटो)

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में धारा-144 के उल्लंघन का आरोप

कोंग्रेस जिलाध्यक्ष समेत 11 नेताओं को नामजद एवं 50 अन्य कार्यकर्ताओं को आरोपी बनाया

दोहरे मापदण्ड अपनाने को लेकर सवालों के घेरे में पन्ना पुलिस की कार्रवाई

दर्ज एफआईआर में दिग्विजय सिंह और विक्रांत भूरिया का नाम ही नहीं

सत्ताधारी दल के नेताओं के इशारे पर कोंग्रेसियों को प्रताड़ित करने का आरोप

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) शिवराज सरकार में मध्य प्रदेश पुलिस स्टेट में तब्दील हो चुका है ! पिछले कुछ सालों से जनमानस में यह धारणा लगातार मजबूत हो रही है। इसके पीछे ठोस वजह भी है। प्रदेश में आम लोगों पर पुलिस के बढ़ते दमन-अत्याचार-बर्बरता-अमानवीयता के हैरान और विचलित करने वाले मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। सत्ता की कठपुतली बनीं पुलिस पक्षपात पूर्ण कार्रवाई के लिए बदनाम हो चुकी है। आरक्षक से लेकर पुलिस के आला अफसर ख़ाकी वर्दी का रौब आम इंसान पर तो खूब गांठते हैं लेकिन जब बात ताकतवर और सक्षम लोगों की आती है तब अपवाद स्वरुप कुछेक मामलों को छोड़कर पुलिस के बाज़ बहादुरों की हालत भीगी बिल्ली से भी बदतर हो जाती है।
इसका ताज़ा उदाहरण पन्ना में न्यायालय के आदेश के बाबजूद भाजपा से जुड़े ताकतवर भू-माफिया अंकुर त्रिवेदी के खिलाफ कार्रवाई न होना है। क्योंकि, आपराधिक रिकार्डधारी अंकुर व उनके पिता अवधेश त्रिवेदी उर्फ़ खुन्ना महाराज को कथित तौर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा का खुला संरक्षण प्राप्त है। पन्ना के नजदीक नयापुरा-मुड़िया पहाड़ के आदिवासियों की छल-कपटपूर्वक बेशकीमती जमीनें हड़पने तथा कई पीढियों से निवासरत लोगों को वहाँ से बेदखल करने के मकसद से प्रताड़ित किए जाने के बेहद गंभीर मामलों में पन्ना पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इन मामलों में पीड़ित व्यक्ति गरीब-आदिवासी-दलित और महिलाएं हैं। इससे कमजोर वर्गों पर अत्याचार से जुड़े प्रकरणों पर तत्परता से कार्रवाई को लेकर पन्ना पुलिस की प्रतिबद्धता व संवेदनशीलता का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
पन्ना कोतवाली थाना के बाहर सड़क पर धरने पर बैठकर नारेबाजी करते हुए नयापुरा-मुड़िया पहाड़ के वाशिंदे एवं कोंग्रेस कार्यकर्ता। (फाइल फोटो)
उल्लेखनीय है कि पन्ना से सटी नेशनल हाइवे-39 के किनारे नयापुरा-मुड़िया पहाड़ में स्थित आदिवासियों की लगभग 18 एकड़ बेशकीमती भूमि को भारतीय जनता पार्टी से जुड़े भू-माफिया अंकुर त्रिवेदी के द्वारा हड़पने के विरोध स्वरूप 9 अप्रैल को राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह एवं मध्य प्रदेश युवक कोंग्रेस के अध्यक्ष विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में आदिवासी सम्मेलन मुड़िया पहाड़ में आयोजित हुआ था। इस कार्यक्रम में कोंग्रेस के दिग्गज नेताओं के द्वारा आदिवासियों के साथ हुए अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने और प्रभावितों को इंसाफ दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ने का ऐलान करते हुए मुड़िया पहाड़ से पन्ना कोतवाली थाना तक पैदल मार्च निकाला गया। कोतवाली थाना पहुंचकर कोंग्रेसियों ने मुड़िया पहाड़ के बहुचर्चित मामले में करीब 2 माह पूर्व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व न्यायालय तहसील पन्ना के द्वारा सुनाए गए फैसले पर अमल करते हुए भाजपा नेता अंकुर त्रिवेदी व अन्य के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग की गई। इसके अलावा भू-माफिया की प्रताड़ना का शिकार अन्य पीड़ितों की एफआईआर दर्ज करने का आग्रह किया गया।
इस दौरान कोतवाली थाना का प्रवेश द्वार पुलिस छावनी बना रहा। कोतावली के गेट की बैरीकेटिंग कराके मौके पर तैनात रहे पुलिस अधिकारियों से कोंग्रेसी बार-बार निवेदन करते रहे कि सिर्फ पीड़ितों व उनके अधिवक्ता को अंदर प्रवेश देकर उनकी शिकायत दर्ज की जाए। लगभग आधा घंटे तक शिकायतकर्ताओं को थाना के गेट के अंदर जब इंट्री नहीं दी गई तो पुलिस अफसरों के इस रवैये से आक्रोशित होकर कोंग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाना के सामने सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी थी। काफी देर बाद शीर्ष अधिकारियों से मोबाइल पर निर्देश प्राप्त करने के उपरान्त मौके पर मौजूद पुलिस अफसरों ने शिकायतकर्ताओं को बैरिकेट के अंदर प्रवेश देकर उनके शिकायती आवेदन पत्र प्राप्त किए और कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें थाना के बाहर से ही रवाना कर दिया।
प्रताड़ित व्यक्तियों को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए पन्ना कोतवाली थाना में प्रवेश देने को लेकर पुलिस अधिकारियों से चर्चा करते हुए उनके अधिवक्ता।
सबसे ज्याद हैरानी तो तब हुई जब पुलिस ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु प्रभावशील प्रतिबंधात्मक धारा-144 के उल्लंघन के मामले में कोंग्रेस नेताओं पर तो अपनी सुविधानुसार बिना किसी देरी के मामला दर्ज कर लिया। मगर, भू-माफिया के खिलाफ न्यायालय के आदेश के बाद भी प्रकरण पंजीबद्ध नहीं किया। इसके अलावा माफिया की प्रताड़ना का शिकार बने कमजोर वर्गों की रिपोर्ट भी नहीं लिखी गई। कानून के समक्ष भले ही सब बराबर हों मगर पुलिस की कार्रवाई में आम और ख़ास का अंतर इस तरह के अनेक उदाहरणों से भरा पड़ा है। वहीं जब खुद पुलिस के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की बात आती है तो सबंधित पुलिस कर्मी या अफसर को लाइन अटैच, निलंबित कर अथवा विभागीय जांच बैठाकर मसले के शांत होने का इंतजार किया जाता है और फिर जांच में लीपापोती करके उसे कार्रवाई की आंच से बचाने का खेल-खेला जाता है।

इनके विरुद्ध दर्ज हुआ आपराधिक प्रकरण

पुलिस अधिकारियों से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एवं समीप खड़ीं पन्ना जिला कोंग्रेस अध्यक्ष दिव्यरानी सिंह।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पन्ना के रानीगंज मोहल्ला निवासी दिनेश रैकवार पुत्र सुन्दर लाल रैकवार 26 वर्ष की शिकायत पर कोतवाली थाना पन्ना में कोंग्रेसियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 329/21 धारा 188, 269, 270 आईपीसी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। इसमें जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिव्यरानी सिंह, पन्ना ब्लॉक कोंग्रेस अध्यक्ष अनीश खान, केशव प्रताप सिंह, पूर्व जिला युवक कोंग्रेस अध्यक्ष दीपक तिवारी, वैभव थापक, अक्षय तिवारी, जिला कोंग्रेस कमिटी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कदीर खान, जिला कोंग्रेस कमिटी अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जीतेन्द्र जाटव, पन्ना विधानसभा युवक कोंग्रेस अध्यक्ष सौरभ पटैरिया, जिला कोंग्रेस सेवादल के अध्यक्ष रामबहादुर दिवेदी सहित अन्य 50 से भी अधिक व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि दर्ज प्रकरण में राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह और प्रदेश युवा कोंग्रेस अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया का नाम नहीं है। जबकि प्रदर्शन उनके ही नेतृत्व में हुआ था। जाहिर है इससे पुलिस की कार्रवाई व तौर-तरीकों को लेकर सवाल तो उठेंगे। क्या बड़े नेताओं पर हाथ डालने से कथित तौर पर स्वयं का नुकसान होने के डर से प्रकरण में उन्हें नामजद करने का साहस पुलिस अफसर नहीं कर पाए। या फिर कोई और बात है ? इन सवालों का जवाब तो पन्ना के पुलिस अधिकारी ही दे सकते।

कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने संघर्ष जारी रहेगा

(फाइल फोटो)
बहरहाल, कोंग्रेसियों पर दर्ज प्रकरण को लेकर आम चर्चा है कि सत्ताधारी दल के नेताओं के इशारे पर प्रताड़ित करने की मंशा से यह कार्रवाई की गई है। पूर्व में जिले के धरमपुर ग्राम में जनहित से जुड़ीं मांगों को लेकर प्रदर्शन करने पर कोंग्रेस के युवा नेताओं पर आपराधिक प्रकरण पुलिस ने पंजीबद्ध किया था। इन मामलों को लेकर कोंग्रेसियों का कहना है कि वे दमन के इन हथकण्डों से जरा भी डरने वाले नहीं हैं। हमारे महान नेताओं ने अंग्रेजों के अत्याचार-दमन का साहस के साथ मुकाबला करके सालों-साल जेल में रहकर इस देश को आजाद कराया था। हम उन्हीं के पद चिन्हों पर चलते हुए अन्याय-अत्याचार के खिलाफ गरीबों-शोषितों-पीड़ितों की आवाज को और अधिक मजबूती से उठाएंगे। सत्ताधारी दल के नेताओं व शासन-प्रशासन के द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न-भ्रष्टाचार के खिलाफ आमजन के साथ मिलकर संघर्ष को तेज करेंगे। उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता के विरुद्ध कार्रवाई न होने तथा कोंग्रेसियों पर दर्ज प्रकरण के संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना बीकेएस परिहार से पुलिस का पक्ष जानने के लिए मोबाइल सम्पर्क किया गया लेकिन कई बार रिंग जाने के बाद भी उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।

केन-बेतवा लिंक परियोजना का सोनिया गाँधी ने किया विरोध

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कोंग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी।

केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर इसे “विनाशकारी” बताया

*  लिंक प्रोजेक्ट को मौजूदा स्वरूप में क्रियान्वित न करने केन्द्र सरकार से किया आग्रह

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) बाघ पुनर्स्थापना कार्यक्रम की अपार सफलता के चलते बाघों से पुनः आबाद हुए मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के विशाल भू-भाग को हमेशा के लिए पानी में डुबोने वाली केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में पन्ना वासियों के द्वारा चलाई जा रही मुहिम का व्यापक असर अब दिखने लगा है। पर्यावरण के लिए घातक तथा बाघों समेत दूसरे वन्य प्राणियों से उनका सदियों पुराना प्राकृतिक रहवास छीनने वाली इस विवादित नदी जोड़ो परियोजना का अब राष्ट्रीय स्तर पर भी पुरजोर विरोध शुरू हो गया है। कोंग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी ने केन-बेतवा लिंक के कारण पड़ने वाले विनाशकारी प्रभाव को लेकर गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को उसके मौजूदा स्वरूप में क्रियान्वित नहीं किया जाए क्योंकि इसका पन्ना टाइगर रिजर्व पर भयावह प्रभाव पड़ेगा।
केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में सोनिया गांधी के द्वारा केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को लिखे गए पत्र का स्क्रीनशॉट।
केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को अंग्रेजी में लिखे अपने पत्र में सोनिया गाँधी ने कहा कि इस परियोजना से बाघ अभयारण्य को इतना नुकसान उठाना पड़ेगा कि उसकी क्षतिपूर्ति कभी नहीं हो सकेगी। उन्होंने पत्र में कहा, ‘मैं आपसे यह सुनिश्चित करने का आग्रह करती हूं कि इस परियोजना को इसके मौजूदा स्वरूप में क्रियान्वित नहीं किया जाए। इसको लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और उच्चतम न्यायालय में जनहित याचिकाएं भी लंबित हैं। सोनिया गांधी के अनुसार, मध्य प्रदेश और देश भर के कई पर्यावरणविदों-वन्य जीव प्रेमियों ने इस परियोजना को रोकने की पैरवी की है। कोंग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले एक दशक में पन्ना टाइगर रिजर्व बहुत मुश्किलों और समर्पित प्रयासों से पुनजीर्वित (बाघों से पुनः आबाद) हुआ है। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि इस पीटीआर में करीब 18 लाख पेड़ हैं, जिन्हें इस परियोजना के तहत हटाया (काटा) जाएगा।
पन्ना टाइगर रिजर्व के मध्य से प्रवाहित जीवनदायनी केन नदी को निहारता हुआ बाघ।
उल्लेखनीय है कि पन्ना टाइगर रिजर्व के मध्य से प्रवाहित होने वाली बुंदेलखंड क्षेत्र की जीवन रेखा केन और बेतवा नदियों को जोड़ने की परियोजना पर गत 22 मार्च को जलशक्ति मंत्रालय, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सरकारों के बीच त्रिपक्षीय एमओए पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस करार के बाद से ही पन्ना से लेकर उत्तर प्रदेश के बांदा जिले तक केन-बेतवा लिंक परियोजना का नए सिरे से विरोध शुरू हो गया है।
पूर्व मंत्री एवं भाजपा की वरिष्ठ नेत्री सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले के द्वारा केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट।
मध्य प्रदेश की पूर्व मंत्री एवं भाजपा की कद्दावर नेत्री सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले ने केन-बेतवा लिंक परियोजना का मुखरता से विरोध से किया है। उन्होंने इस परियोजना को पर्यावरण, बाघों के रहवास और पन्ना के लिए बेहद नुकसानदेह बताया है। पन्ना के पूर्व राजघराने की वरिष्ठ सदस्य दिलहर कुमारी ने परियोजना के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का खुला समर्थन किया है और इस लिंक परियोजना को विनाशकारी बताया है।
केन नदी की अविरल धारा का विहंगम दृश्य।
पन्ना जिले का युवा वर्ग बाघों के घर को बचाने के लिए जहां संकल्पित है, वहीं समाज के हर तबके के लोग भी अब इस अभियान से जुड़ रहे हैं। प्रबुद्ध कहा जाने वाला तबका जिले के अधिवक्ताओं ने भी हाथों में स्लोगन लिखे पोस्टर लेकर अपना विरोध दर्ज कराया है। पर्यावरण और बाघों के आशियाने को बचाने के लिए उठ रहीं आवाजों को अब राष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। कोंग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के द्वारा केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट का विरोध करना इस बात का प्रमाण है।

बिग ब्रेकिंग न्यूज़ : पन्ना जिले के नगरीय क्षेत्रों में लॉकडाउन 14 अप्रैल तक बढ़ाया गया

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फाइल फोटो

 कोरोना के प्रभावी नियंत्रण के नाम पर लॉकडाउन में किया 3 दिन का इजाफा

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में जारी लॉकडाउन में इजाफा करते हुए इसे 14 अप्रैल 2021 तक बढ़ाया गया है। पन्ना कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संजय कुमार मिश्र ने ट्वीट करके लॉकडाउन को बढ़ाए जाने के फैसले की जानकारी दी है। इसे कोरोना कर्फ्यू का नाम दिया गया है। पूर्व में पन्ना जिले में शुक्रवार 9 अप्रैल की शाम 6 बजे से लेकर सोमवार 11 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक यानी 60 घण्टे का लॉकडाउन लगाया गया था। जिले के समस्त नगरीय क्षेत्रों में लॉकडाउन बढ़ाए जाने संबंधी अचानक लिए गए इस फैसले से जिला मुख्यालय पन्ना समेत अन्य नगरीय क्षेत्रों के रहवासियों की परेशानी बढ़ना तय है। इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव कमजोर तबके के लोगों और दिहाड़ी मजदूरी पर आश्रित परिवारों पर पड़ेगा। जिले में तेजी से फैलते कोरोना वायरस संक्रमण के प्रभावी नियंत्रण हेतु यह सख्ती की गई है।
पन्ना कलेक्टर के ट्वीट का स्क्रीनशॉट।
विदित हो कि पन्ना जिले में रविवार 10 अप्रैल तक की स्थिति में कोरोना संक्रमण के कुल प्रकरणों की संख्या 1523 हो चुकी थी। जबकि कोरोना के एक्टिव केस का आंकड़ा 285 तक पहुँच गया है। पिछले कुछ दिनों से कोरोना के रोजाना 40 से अधिक नए केस सामने आ रहे हैं। कोरोना संक्रमण के मामले चिंताजनक तेजी से बढ़ने के मद्देनजर जिले में 9 अप्रैल की शाम 6 बजे से जारी लॉकडाउन (कोरोना कर्फ्यू) को बुधवार 14 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है। आने वाले समय में यह देखना काफी महत्वपूर्ण होगा कि लॉकडाउन में वृद्धि के फैसले का कोरोना संक्रमण की रफ़्तार पर कितना असर पड़ता है।

आदिवासियों-दलितों पर इतना अन्याय-अत्याचार पहले कभी नहीं देखा : दिग्विजय सिंह

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पन्ना के समीप नयापुरा-मुड़िया पहाड़ में आदिवासी सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह।

पन्ना में आयोजित सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री ने भरी हुंकार

बोले- आदिवासियों को इंसाफ दिलाने की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ेगी कोंग्रेस

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के करीबी नेता के द्वारा आदिवासियों की जमीनें हड़पने का मुद्दा गर्माया

कोंग्रेसियों ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और पन्ना विधायक के खिलाफ जमकर की नारेबाजी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद विष्णु दत्त के करीबी नेता अंकुर त्रिवेदी के द्वारा पन्ना में नेशनल हाइवे से सटी गरीब आदिवासियों की बेशकीमती 18 एकड़ भूमि को हड़पने का मामला कानूनी लड़ाई से इतर शिवराज सरकार और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ बड़ा सियासी मुद्दा बन चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने इस मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए गरीब आदिवासियों को इंसाफ दिलाने के लिए उनकी लड़ाई को कोंग्रेस पार्टी के द्वारा पूरी ताकत से लड़ने का ऐलान किया है। वरिष्ठ कोंग्रेस नेता की इस हुंकार के बाद बीजेपी बैकफुट पर खड़ी नजर आ रही है। क्योंकि, आदिवासियों की भूमियों को हड़पने का आरोप भाजपा के ही नेता पर है।
शुक्रवार 9 अप्रैल को पन्ना के समीप स्थित नयापुरा-मुड़िया में आयोजित सम्मेलन में राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह शामिल हुए। उन्होंने प्रभावित आदिवासियों एवं भू-माफिया से प्रताड़ित गरीब परिवारों के साथ एकजुटता प्रदर्शित की और उन्हें न्याय दिलाने के लिए कड़ी घूप में कोतवाली थाना तक करीब 5 किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकालकर संघर्ष का शंखनाद किया। सम्मलेन में प्रदेश युवक कोंग्रेस अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।
पन्ना में आदिवासी सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि ब्रिटिश हुकूमत से महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू एवं अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश को आजाद कराकर लोकतंत्र स्थापित किया था । फलस्वरूप चुनाव के जरिए आपको 5 साल के लिए अपना प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिला। भारतीय जनता पार्टी आपका ये अधिकार रुपयों के दम पर खरीदना चाहती है। इसलिए चुनाव के पूर्व तक ये लोग आदिवासियों-दलितों, गरीबों एवं कमजोर वर्गों पर अत्याचार करते हैं और फिर चुनाव के समय तरह-तरह के प्रलोभन देकर भाजपाई आपका ईमान भ्रष्ट करते हैं। सत्ता हांसिल करने की इनकी चाल को आप लोगों को समझना होगा। ये लड़ाई आपकी है लेकिन इसे लड़ना हमारा फर्ज है। आपको अधिकार दिलाना हमारा फर्ज है, कोंग्रेस पार्टी का फर्ज है। हम आपकी लड़ाई लड़कर आपके ऊपर कोई एहसान नहीं कर रहे हैं। आपने उपस्थित लोगों को आश्वस्त किया कि गरीब आदिवासी भाईयों को उनकी जमीन का हक दिलाने के लिए कोंग्रेस पार्टी सुप्रीम कोर्ट तक इस लड़ाई को लड़ेगी। इन पापियों, दुष्टों को उनकी सही जगह पहुँचाने की जिम्मेदारी कोंग्रेस पार्टी ने ली है।

बीडी शर्मा के खासमखास की आईटी करे जांच

आदिवासियों की जमीनों को हड़पने के मुद्दे पर राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने खजुराहो सांसद बीडी शर्मा पर जमकर हमला बोला।
राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने आदिवासियों की जमीनों को भू-माफिया के द्वारा छल-कपट पूर्वक एवं राजनैतिक रसूख का इस्तेमाल कर हड़पने के बहुचर्चित मामले की बारीकियों तथा नियम-कानूनों के उल्लंघन का जिक्र करते हुए बताया कि कथित तौर पर 90 लाख रुपए में अंकुर त्रिवेदी को जमीन बेंचने वाले हीरालाल को सम्पूर्ण राशि का नकद भुगतान किया गया। जबकि केन्द्र की मोदी सरकार ने 2 लाख रुपए से अधिक के नकद लेन-देन पर रोक लगा रखी है। लेकिन मोदी की पार्टी के ही प्रदेशाध्यक्ष बीडी शर्मा के खासमखास ने हीरालाल को 90 लाख की नकद पोटली दे दी। न तो बैंक का चेक काटा ना ही आरटीजीएस किया, आखिर इतना कैश कहाँ से आया ? इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इनके ऊपर छापा क्यों नहीं डालता ? उन्होंने कहा कि यह राशि गरीबों का खून चूसकर जुटाई गई है। मैंने आज तक इतना अन्याय-अत्याचार नहीं देखा। मैं हीरालाल आदिवासी के घर जाकर यह देखना चाहता हूँ कि 90 लाख रुपए मिलने के बाद वह और उसका परिवार आज किस हालत में रह रहा है। एसडीएम को दिए गए बयान में हीरालाल सच्चाई बता चुका है, उसे कुछ नहीं मिला। थोड़ा बहुत खर्चा या अनाज देकर उससे जमीन के क्रय-विक्रय संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए हैं।

कोरोना से लोग बेमौत मर रहे हैं और नौटंकी कर रहे हैं शिवराज

आदिवासी सम्मेलन में उपस्थित नयापुरा-मुड़िया पहाड़ के वाशिंदे एवं कोंग्रेस के नेतागण।
कोंग्रेस के दिग्गज नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के बेकाबू होने के कारण निर्मित बदहाल स्थिति के ज्वलंत मुद्दे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को आड़े हाथों लेते हुए जमकर शाब्दिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि कोरोना से लोग बेमौत मर रहे हैं, स्वास्थ्य संस्थाओं में जीवनरक्षक दवाइयों, ऑक्सीज़न, रेमडेसिविर इंजेक्शन, वेंटीलेटर का आभाव है। मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पतालों में जगह शेष नहीं बची है। चौतरफा मची हा-हाकार के बीच लोगों को अत्यावश्यक स्वास्थ्य सेवाओं उपलब्ध कराने के लिए काम न कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सत्याग्रह की नौटंकी कर रहे हैं। महामारी के कहर से लोगों का जीवन गंभीर संकट में है ऐसे मुश्किल समय में मुख्यमंत्री का मंच से योगासन करना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा को प्रदर्शित करता है।
आपने कहा कि शिवराज सरकार कोरोना की रोकथाम एवं बचाव के लिए समय रहते आवश्यक इंतजाम करने में पूरी तरह से विफल रही है। जिसका खामियाजा निर्दोष प्रदेशासियों को भुगतना पड़ रहा है। रेमडेसिविर इंजेक्शन के आभाव एवं बढ़ती कालाबाजरी को लेकर दिग्विजय ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते कहा कि 1000-1200 रुपए में मिलने वाला इंजेक्शन आज 10,000-15,000 रुपए में भी नहीं मिल रहा है। आज हर तरफ बदइंतजामी के कारण अराजकता का माहौल है।

मोदी ने छवि चमकाने विदेशों में भेजी वैक्सीन

कोविड वैक्सीनेशन सेंटरों में वैक्सीन के आभाव के कारण लोगों को कोरोना का टीका न लग पाने की देश भर से लगातार आ रहीं ख़बरों पर चिंता और हैरानी जताते हुए राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन सबसे पहले देश के लोगों को लगाई जानी चाहिए उसके बाद इसका निर्यात किया जाता। लेकिन आत्ममुग्धता से भरे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि चमकाने के चक्कर में बड़ी मात्रा में वैक्सीन विदेशों को भेज दी। वैक्सीन का निर्यात अभी भी जारी है। देश में लोगों को कोरोना का टीका नहीं लग पा रहा है। देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या लगातार तेजी से बढ़ रही है ऐसे भीषण संकट के समय विदेशों को वैक्सीन भेजना क्या उचित है। यह किस तरह की नीति है ? वैक्सीन के आभाव के कारण देश में टीकाकरण रफ़्तार नहीं पकड़ पा रहा है। अमेरिका और दूसरे देशों में टीकाकरण की स्थिति हमसे कई गुना बेहतर है।
दिग्विजय ने तंज कसते हुए कहा कि मामू शिवराज आजकल खुद के फॉर्म में होने की बात करते हैं। माफियाओं को 10 फिट नीचे जमीन में गाड़ने की बात कहते हैं। मामू में अगर नैतिक साहस है तो अपनी पार्टी के भू-माफिया को गाड़कर दिखाएं। उन्होंने खजुराहो सांसद बीडी शर्मा को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अंकुर के पिता खुन्ना महाराज से बीडी के संबंध चाचा-भतीजे के हैं। फिर भी शर्मा जी झूठ बोलते हैं। मुरैना से आकर बुंदेलखंड में वे अपना सिक्का चला रहे हैं। लेकिन कृषि अधिकारी की अभी जितनी भर्तियां हुईं उसमें पन्ना के युवाओं को नौकरी नहीं लगी बल्कि मुरैना वालों को नौकरी मिली है।

आदिवासियों को कोई छेड़े तो उसे छोड़ते नहीं : विक्रांत

पन्ना के समीप नयापुरा-मुड़िया पहाड़ में आदिवासी सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश युवा कोंग्रेस अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया।
आदिवासी सम्मेलन को मध्यप्रदेश युवक कोंग्रेस के अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने सम्बोधित करते हुए कहा कि पन्ना में लोगों को दमनकारी-शोषक बीडी शर्मा जैसे लोगों ने परेशान कर रखा है। हम बिरसा मुंडा के वंशज हैं, टांट्या मामा के वंशज हैं, रानी दुर्गावती के वंशज हैं। हमारे वंशज जब अंग्रेजों के सामने नहीं झुके तो अब ये क्या लगते हैं। आज अगर हमनें अपनी आवाज बुलंद नहीं की, इनके खिलाफ नहीं लड़े तो आपके साथ खड़ा होने वाला कोई नहीं बचेगा। हम आदिवासी किसी को छेड़ते नहीं है अगर कोई हमें छेड़े तो फिर उसे छोड़ते भी नहीं हैं। ये लड़ाई लंबी होगी क्योंकि सामने भाजपा का प्रदेशाध्यक्ष बैठा है।
युवा ओजस्वी वक्ता विक्रांत भूरिया ने स्पष्ट किया कि हमें चाहे जितना भी संघर्ष करना पड़े लेकिन हम अपने आदिवासी भाईयों की जमींनें उन्हें हर हाल में वापस दिलाएंगे। आदिवासियों की जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को अगर प्रशासन ने नहीं तोडा तो हम उसे तोड़ने की ताकत रखते हैं। भाजपा आदिवासियों को वनवासी बताकर हमसे हमारी पहचान छीन रही है। हम वनवासी नहीं बल्कि इस देश के मूल निवासी हैं और यहां आदिकाल से हैं। यह षड़यंत्र हमसे जल-जंगल-जमीन छीनने का है। आदिवासियों के हक़ की लड़ाई कोंग्रेस पार्टी हमेशा लड़ती रही है और आगे भी मजबूती के साथ लड़ेगी।
इसके पूर्व जिला कोंग्रेस अध्यक्ष दिव्यारानी सिंह एवं नयापुरा-मुड़िया पहाड़ निवासी बृजेश गौतम, वेदराम शर्मा, नारायण वर्मन, मीरा बाई, रश्मि कुशवाहा आदि ने सम्मेलन को संबोधित किया। स्थानीय लोगों ने कोंग्रेस नेताओं को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया किस तरह उन्हें उनकी जमीनों से जबरन बेदखल किया गया। आज भी उन्हें किस तरह से प्रताड़ित किया जा रहा है।

लखपति हीरलाल की झोपड़ी में पहुंचकर बनाया वीडियो

हीरालाल आदिवासी की झोपड़ी के बाहर उसके छोटे भाई कालूराम गौंड़ से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह।
आदिवासी सम्मेलन के समापन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह कोंग्रेस नेताओं के साथ आदिवासी हीरालाल गौंड़ से मिलने उसके घर पहुंचे। कागजों पर अंकुर त्रिवेदी को करीब 95 लाख रुपए की जमीन बेंचने वाले कथित तौर पर उसके ही बंधुआ मजदूर हीरालाल की झोपड़ी और गरीबी देख दिग्विजय दंग रह गए। मौके पर मिले उसके छोटे भाई कालूराम ने बताया कि हीरालाल परिवार समेत नजदीकी गांव में फसल कटाई की मजदूरी करने गया है। इस दौरान श्री सिंह ने अपने मोबाइल फोन से हीरालाल की झोपड़ी की फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी की। करीब 10 मिनिट तक रुकने के बाद दिग्विजय वहाँ से भारी हुजूम के साथ कोतवाली थाना पन्ना के लिए पैदल ही निकल पड़े। इस दौरान खजुराहो सांसद और पन्ना विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

5 किलोमीटर पैदल मार्च कर थाना के सामने किया प्रदर्शन

नयापुरा ग्राम से पैदल मार्च करते हुए पन्ना कोतवाली थाना जाते कोंग्रेस नेता एवं नयापुरा-मुड़िया पहाड़ के वाशिंदे।
तेज धूप-गर्मी में करीब 5 किलोमीटर का पैदल मार्च करते हुए राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह कांग्रेस नेताओं और नयापुरा-मुड़िया पहाड़ के वाशिंदों के साथ पन्ना कोतवाली थाना पहुंचे। जहां कोतवाली के प्रवेश द्वार की बैरिकेटिंग कर पूर्व से ही भारी पुलिस बल मुस्तैदी के साथ तैनात रहा। नयापुरा-मुड़िया पहाड़ के वाशिंदों को माफियाओं के द्वारा प्रताड़ित किए जाने के कुछेक मामलों में पीड़ितों की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की गई। मौके पर मौजूद एसडीओपी पियूष मिश्रा के द्वारा इस पर टालमटोल करने से आक्रोशित कोंग्रेस नेता नोरबाजी करते हुए कोतवाली थाना के ही बाहर सड़क पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान काफी देर तक हंगामा होता रहा और कोतवाली चौराहे पर ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित रही।
भू-माफिया के द्वारा प्रताड़ित गरीब आदिवासियों-दलितों की रिपोर्ट दर्ज कराने पन्ना कोतवाली थाना के बाहर मौजूद कोंग्रेसजन।
सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारी मांग कर रहे थे कि जिन 4-5 लोगों को रिपोर्ट लिखानी है सिर्फ उन्हें अपने अधिवक्ता के साथ अंदर प्रवेश दिया जाए और उनकी एफआईआर दर्ज की जाए। लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर निर्देश प्राप्त करने के चक्कर में मौके पर मौजूद पुलिस के जिम्मेदार अफसर काफी देर तक अनिर्णय की स्थिति में रहे। इस पशोपेश के चलते मौके पर काफी तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई।
पन्ना कोतवाली थाना के बाहर सड़क पर धरने पर बैठकर नारेबाजी करते हुए नयापुरा-मुड़िया पहाड़ के वाशिंदे एवं कोंग्रेस कार्यकर्ता।
काफी देर बाद पुलिस अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं के सिर्फ आवेदन पत्र लिए एफआईआर दर्ज नहीं की। वरिष्ठ कोंग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि एफआईआर दर्ज कराना पीड़ित व्यक्ति का अधिकार है। पन्ना पुलिस के द्वारा यदि राजनैतिक दबाववश आदिवासियों-दलितों की रिपोर्ट 24 घण्टे के अंदर दर्ज नहीं की गई तो कोंग्रेस पार्टी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए न्यायालय जाएगी।

कलेक्टर के समक्ष उठाए मुद्दे

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की मौजूदगी में पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र एवं एडीशनल एसपी से न्याय की गुहार लगाती पीड़ित महिलाएं।
तदुपरांत पूर्व मुख्यमंत्री श्री सिंह कांग्रेस नेताओं एवं मुड़िया पहाड़ के पीड़ितों को लेकर पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र से मिलने कलेक्ट्रट पहुंचे। कलेक्टर के कक्ष में करीब आधा घण्टे की मुलाकत के दौरान दिग्विजय सिंह ने नयापुरा-मुड़िया पहाड़ के वाशिंदों की जमीनों को हड़पे जाने का मुद्दा उठाते हुए पूरे प्रकरण में जिला प्रशासन एवं पुलिस की भूमिका को लेकर गहरा असंतोष जताया। इस मामले में गहन जांच के बाद पूर्व एसडीएम शेर सिंह मीना के द्वारा सुनाए गए फैसले पर अपर कलेक्टर के द्वारा स्थगन दिए जाने के कानूनी पहलुओं पर भी चर्चा की। जिले में आदिवासियों के साथ-साथ दलितों पर बढ़ते अत्याचार को लेकर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त की। राज्य सभा सांसद दिग्विजय ने पन्ना कलेक्टर से कहा कि अन्याय-अत्याचार के खिलाफ कमजोर वर्गों के लोगों को संरक्षण प्रदान किया जाए। आदिवासियों-दलितों एवं महिलाओं से संबंधित प्रकरणों पर प्रशासनिक संवेदनहीनता पर अफ़सोस जताते हुए उनके द्वारा अधिकारियों को राजनैतिक दबाव में न आकर निष्पक्ष तरीके से काम करने की नसीहत दी गई ।

सालभर बाद फिर लॉकडाउन मोड में जिंदगी, एमपी के सभी शहरों में 60 घण्टे का लॉकडाउन शाम 6 बजे से शुरू

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फाइल फोटो

* कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव को लेकर शरू हुई सख्ती

* कटनी, खरगौन, बैतूल, छिंदवाड़ा में 7 दिन और रतलाम में 9 दिन का लॉकडाउन

* पन्ना में लॉकडाउन के पहले सब्जी, किराना की खरीदी को लेकर दिखी अफरातफरी

भोपाल/पन्ना (www.radarnews.in) लगभग एक साल बाद मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के तेजी से फैलने के कारण प्रदेश में पुनः लॉकडाउन शरू हो गया। प्रदेश के सभी शहरों में शुक्रवार 9 अप्रैल की शाम 6 बजे से सोमवार 11 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक यानी 60 घण्टे का लॉकडाउन शुरू हो गया। कटनी, खरगौन, छिंदवाड़ा और बैतूल जिले में 7 दिन तक लॉकडाउन रहेगा। वहीं रतलाम जिले में 9 दिन तक सम्पूर्ण लॉकडाउन घोषित किया गया है। राजधानी भोपाल के कोलार क्षेत्र को भी आज शाम से 9 दिन के लिए लॉक कर दिया है।
कोरोना महामारी की दूसरी लहर देश-प्रदेश में तेजी से कहर बरपा पा रही है। जिसके कारण प्रतिदिन कोविड-19 संक्रमित नए मरीज रिकार्ड संख्या में मिल रहे हैं। मरीज बढ़ने की रफ़्तार के बीच प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के लड़खड़ाने से गंभीर होते हालात के मद्देनजर कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव को लेकर लॉकडाउन के रूप में सख्ती शरू की गई है। पाबंदियों को लगाने के पीछे सरकार की मंशा संक्रमण की बेलगाम रफ़्तार को नियंत्रित करना है। फिलहाल उप चुनाव के कारण दमोह को लॉकडाउन से बाहर रखा गया है। इसके बारे निर्णय चुनाव आयोग को लेना है।

24 घण्टे में रिकार्ड 4882 केस

सांकेतिक फोटो।
मध्य प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर लगातार कहर बरपा रही है। प्रदेश में पिछले 24 घण्टे में कोरोना संक्रमण के रिकार्ड 4882 नए केस सामने आए हैं। यह आंकड़ा शनिवार 10 अप्रैल तक 5 हजार के पार चला जाएगा। प्रदेश में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 4136 हो चुकी है। इसमें 8 अप्रैल को दर्ज 23 मौतें भी शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 30,486 हो गई है।

पन्ना में देखी गई अफरातफरी

पन्ना जिला मुख्यालय शुक्रवार 9 अप्रैल को शाम 6 बजे लॉकडाउन लगने के करीब 2-3 घण्टे पहले बाजार में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। दुकानें बंद होने से पहले लोग दो दिन के लिए सब्जी, किराना एवं अन्य जरूरी सामान की खरीदी को लेकर हैरान-परेशान नजर आए। शुक्रवार शाम 6 बजे से सोमवार 11 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक यानी 60 घण्टे के लॉकडाउन से पहले पन्ना में सब्जी विक्रेताओं ने सब्जी के दाम बढ़ा दिए। स्थिति यह रही कि दो दिन की सब्जी का इंतजाम करने की गरज से जिसे जो मिला और जिस दाम पर मिला उसे लोगों ने खरीद लिया। लॉकडाउन की उल्टी गिनती शुरू होते ही शहर की सड़कों में भीड़ उमड़ पड़ी। लोग 6 बजे से पहले अपने घर पहुँचने की जल्दी में नजर आए।
घड़ी में जैसे ही शाम 6 बजे बजे और लॉकडाउन शरू हुआ पुलिस के वाहन नगर में सायरन-हूटर बजाते हुए, एनाउंसमेंट करके दुकानें बंद कराने लगे। शाम लगभग 7 बजे तक पूरा बाजार बंद हो चुका और सड़कें सूनीं हो चुकीं थी। उल्लेखनीय है कि कोरोना की वर्तमान स्थिति को देखते हुए कुछ लोगों का मानना है कि कोरोना वैक्सीन के आने और करोड़ों लोगों को टीके लगने के बाद भी संक्रमण का बेहद तेजी से फैलना और इस कारण सालभर बाद पुनः लॉकडाउन लगाया जाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि हालात बेहतर होने के बजाए बदतर हुए हैं।

पन्ना में आज 43 नए संक्रमित मरीज मिले

सांकेतिक फोटो।
पन्ना जिले के स्वास्थ्य विभाग के द्वारा देर शाम जारी किए गए नोवल कोरोना वायरस मीडिया बुलेटिन के अनुसार शुक्रवार 9 अप्रैल को पन्ना जिले में संक्रमण के 43 नए केस की पुष्टि हुई है। इस तरह जिले में अब तक कुल कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 1469 हो चुकी है। वर्तमान में जिले में कोविड-19 के एक्टिव मरीजों की तादाद 252 हो गई है। आज पुनः पन्ना शहरी क्षेत्र में ही सर्वाधिक 34 नए मरीज मिले हैं जबकि आंचलिक क्षेत्र में सिर्फ 9 केस निकले हैं।

गरीब आदिवासियों को इंसाफ दिलाने आज पन्ना से “शिवराज सरकार के खिलाफ संघर्ष का शंखनाद” करेंगे दिग्विजय सिंह

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दिग्विजय सिंह, राज्य सभा सांसद।

नयापुरा-मुड़िया पहाड़ का मामला बीजेपी के लिए गले की फांस बना

* बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष के करीबी नेता पर है आदिवासियों की जमीनें हड़पने का आरोप

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में नयापुरा-मुड़िया के गरीब आदिवासियों की बेशकीमती जमीनों को स्थानीय भाजपा नेता द्वारा हड़पने का बहुचर्चित मामला प्रदेश की शिवराज सरकार और भाजपा संगठन के लिए बदनामी का सबब बन चुका है। कोंग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता एवं राज्य रभा सांसद दिग्विजय सिंह इस मुद्दे पर शिवराज सरकार को घेरने और प्रभावित आदिवासियों को इंसाफ दिलाने के लिए आज पन्ना में आयोजित आदिवासी सम्मलेन से संघर्ष का शंखनाद करेंगे। दिग्विजय सिंह के मुख्य आतिथ्य में शुक्रवार 9 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से पन्ना जिला मुख्यालय से सटे नयापुरा-मुड़िया पहाड़ ग्राम में विशाल आदिवासी सम्मलेन आयोजित किया गया है। इस सम्मलेन को लेकर भारतीय जनता पार्टी के खेमे जबरदस्त खलबली मची है।
दरअसल, नेशनल हाइवे क्रमांक-39 के दोनों तरफ स्थित नयापुरा-मुड़िया पहाड़ की लगभग 15 एकड़ से अधिक आदिवासियों की बेशकीमती जमीनों को हड़पने का आरोप स्थानीय दबंग भाजपा नेता अंकुर त्रिवेदी पर है। आपराधिक रिकार्ड वाले दबंग नेता अंकुर त्रिवेदी को भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा का करीबी माना जाता है। आदिवासियों की जमीनों को छल-कपट पूर्वक हड़पने के मामले में सांसद विष्णु दत्त शर्मा पर अंकुर को कथित तौर पर संरक्षण देने के आरोप पीड़ित झुग्गीवासी लगाते रहे हैं। हालांकि, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त ने इस मामले में हमेशा ही स्वयं पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें असत्य और बेबुनियाद बताया है। लेकिन पन्ना के नागरिक और भाजपा संगठन से जुड़े लोग सांसद विष्णु दत्त शर्मा एवं अंकुर त्रिवेदी की नजदीकी का सच भलीभांति जानते हैं। हाल ही में पन्ना के सर्किट हाउस में आयोजित हुई सांसद विष्णु दत्त शर्मा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंकुर उपस्थित रहा है।
शेर सिंह मीना, आईएएस।
आदिवासियों की भूमि को हड़पने के हैरान करने वाले मामले में लगभग 2 माह पूर्व तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तहसील पन्ना शेर सिंह मीना (आईएएस) ने भू-माफिया अंकुर त्रिवेदी के खिलाफ महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए संबंधित भूमियों को उनके मूल भूमि स्वामियों (आदिवासियों) के नाम पर पुनः दर्ज करने का आदेश दिया था। सत्ता और संगठन में पैठ रखने वाले भाजपा नेता के खिलाफ ऐतिहासिक फैसला सुनाने के तुरंत बाद शिवराज सरकार ने ईमानदार युवा आईएएस अधिकारी शेर सिंह मीना को पन्ना से हटाते हुए उनका तबादला शहडोल जिले के लिए कर दिया था। युवा आईएएस पर ट्रांसफर की ग़ाज उस समय गिराई गई थी जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंच से माफियाओं को ललकार रहे थे। माफियाओं को 10 फिट नीचे जमीन में गाड़ने की बेहद सख्त चेतावनी दे रहे थे।
इस बीच पन्ना से आईएएस मीना का तबादला होने की टाइमिंग व समूचे घटनाक्रम को राज्य सरकार की माफियाओं के खिलाफ जारी मुहिम को दोहरी नीति के तौर देखा गया। एसडीएम कोर्ट से आए फैसले पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह अमल न कर जिम्मेदारों के द्वारा जानबूझकर शिथिलता बरती गई। फलस्वरूप उक्त फैसले के खिलाफ भाजपा नेता अंकुर त्रिवेदी ने अपर कलेक्टर के न्यायालय में अपील कर स्थगन प्राप्त करने में कामयाब हो गया। माफिया के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सत्ता के दोहरे चरित्र को उजागर करने वाले इस प्रकरण में कोंग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह शुरू से ही पीड़ित आदिवासियों एवं झुग्गी बस्ती के प्रभावित लोगों के साथ हुए अन्याय के खिलाफ खड़े रहे हैं। उन्होंने समय-समय पर इस प्रकरण को मुखरता के साथ उठाया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को इस संबंध में उनके द्वारा कई पत्र भी लिखे गए।
पन्ना के समीप स्थित नयापुरा की बस्ती जिसे भूमाफिया ने छल-कपट पूर्वक अपने नाम पर दर्ज करा लिया था।
बहरहाल दिग्विजय सिंह के द्वारा आदिवासी सम्मलेन के जरिए शिवराज सरकार को घेरने की रणनीति के तहत नयापुरा-मुड़िया पहाड़ की लड़ाई अदालत से इतर अब सड़क पर लम्बी चलने के आसार है। आने वाले समय में यह मुद्दा जितना तूल पकड़ेगा उससे शिवराज सरकार के साथ-साथ मध्यप्रदेश के भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा की मुश्किलें उतनी ही बढ़ेंगी। सर्विदित है कि मध्यप्रदेश के महाकौशल एवं मालवा अंचल में आदिवासियों की बड़ी आबादी है। कभी कोंग्रेस के समर्थक रहे आदिवासियों को पिछले 15 वर्षों में भाजपा ने अपने पाले में लाने के लिए बड़े जतन किए हैं, इसमें वह काफी हद तक सफल भी रही है। लेकिन भाजपा नेता के द्वारा अपनी राजनैतिक पहुँच के दम पर आदिवासियों की भूमि हड़पने का मुद्दा उठाए जाने से भाजपा को जहां राजनैतिक नुकसान होगा वहीं मुख्य विपक्षी दल कोंग्रेस को इसका दूरगामी लाभ मिल सकता है।