आसमान में नज़र आया रमजान मुबारक़ का चाँद, शरू हुई तराबीह की विशेष नमाज़; पहला रोज़ा आज

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सांकेतिक तस्वीर।

 स्व प्रेरणा से कोविड-19 के प्रोटोकॉल का किया जाएगा पालन

 कोरोना महामारी के वैश्विक संकट से मानवता को उबारने की मांगी दुआ

पन्ना। (www.radarnews.in) मंगलवार शाम को आसमान पर मुबारक चाँद के नजर आने के बाद मुकद्द्स रमज़ान पाक का महीना बुधवार 14 अप्रैल से शुरू हो गया। आज रमजान का पहला रोजा (व्रत) है। इस्लाम धर्मावलम्बियों के लिए इस पवित्र महीने का विशेष महत्व है। रमजान इस्लामी कैलेण्डर का नौंवा और पवित्र महीना होता है। इसी महीने में पैग़म्बर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर पवित्र कुरान नाज़िल (अवतरण) हुआ था। रहमतों-बरकतों के महीने रमजान में अल्लाह की इबादत का विशेष महत्व है। मंगलवार 13 अप्रैल को रमजान मुबारक का चाँद दिखने के बाद से ही परम्परानुसार रात्रि में इशा की नमाज़ के बाद तरबीह की विशेष नमाज़ पढ़ी गई।
मुस्लिम धर्मगुरुओं के अनुसार अन्य महीनों की अपेक्षा रमजान के महीने में की गई इबादत जैसे- रोजा रखने, पाँचों वक्त की नमाज़ पढ़ने, तराबीह पढ़ने और कुरान पाक की तिलाबत करने का सबाब (पुण्य लाभ) कई गुना अधिक होता है। उल्लेखनीय है कि लगातार दूसरे वर्ष कोरोना महामारी के प्रकोप के बीच रमजान मुबारक का महीना आया है। मुस्लिम धर्मगुरु व समाज के लोग कोविड-19 को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं, इससे बचाव को लेकर समाज के लोगों ने स्व प्रेरणा से कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए रमजान के महीने को मनाने का निर्णय लिया है।

चाँद देखकर पढ़ी दुआ-दी मुबारकबाद

मंगलवार 13 अप्रैल का दिन बेहद खास रहा। सुबह जहाँ हिन्दू समाज का शक्ति की उपासना का पर्व चैत्र नवरात्रि प्रारंभ हुआ वहीं शाम के समय माह-ए-रमजान का मुबारक चाँद आसमान पर नजर आया। शाम को आसमान में टकटकी लगाए अपलक चाँद के दीदार का बेसब्री से इंतज़ार करते मुस्लिम भाई-बहिनों को जब मग़रिब की नमाज के वक्त मुबारक चाँद नजर आया तो उनके चेहरे ख़ुशी से खिल उठे। चाँद को देखकर छोटे बच्चे ख़ुशी से चहकते हुए नजर आए। इस मुबारक मौके पर मुस्लिम भाई-बहिनों ने विशेष दुआ पढ़ते हुए अल्लाह से कोरोना महामारी के संकट से मानवता को जल्द से जल्द उबारने /निजात दिलाने, पूरी दुनिया के लोगों की सलामती, बीमार व्यक्तियों के स्वास्थ्य लाभ और अमन-चैन-भाईचारे के लिए प्रार्थना की। इसके बाद सभी ने एक-दूसरे को चाँद मुबारक-रमजान मुबारक कहकर मुबारकबाद दी। शाम के समय सोशल मीडिया पर भी अपने परिचितों-दोस्तों व रिश्तेदारों को मुबारकबाद देने का सिलसिला चलता रहा।