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विश्व मलेरिया दिवस : पन्ना जिले से वर्ष 2027 तक मलेरिया के उन्नमूलन का लिया संकल्प

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मलेरिया जागरुकता सप्ताह के उपलक्ष्य पर मच्छर जनित बीमारियों को लेकर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जागरुकता वाहन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना करते हुए सीएमएचओ पन्ना।

*   आयोजित कार्यशाला में मच्छरों की प्रभावी रोकथाम के बताए गए उपाए

*    मच्छर जनित बीमारियों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने प्रचार वाहन किया रवाना

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कोरोना संकट के बीच इस साल भी 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के उपलक्ष्य पर पन्ना में कोविड के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जिला स्तर पर मुख्य कार्यक्रम आईपीडीपी हाॅल पन्ना में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना डाॅ. जी.पी. आर्या, जिला मलेरिया अधिकारी एच.एम.रावत, जिला कुष्ठ सलाहकार डाॅ. संजय अहिरवार और विभिन्न कर्मचारी एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सीएमएचओ डाॅ.जी.पी.आर्या ने बताया गया कि जिले में उप स्वास्थ्य केन्द्र एवं आशा कार्यकर्ता के पास मलेरिया की जांच की सुविधा उपलब्ध है। इस वर्ष प्राइवेट सेक्टर से भी मलेरिया की रिपोर्ट देने के लिए सहयोग लिया जा रहा है। इस अवसर पर वर्ष 2027 तक पन्ना जिले से मलेरिया को मिटाने के लिए संकल्प लिया गया। कार्यशाला में मच्छरों को पैदा ना होने देने तथा उनके प्रभावी नियंत्रण हेतु किए जाने वाले आवश्यक उपायों के संबंध आवश्यक जानकारी दी गई।
मच्छरों को पैदा होने से रोकने के लिए अपने घरों की एवं आसपास की नालियों की साफ़-सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। घर में रखीं पानी की टंकियों-बर्तनों आदि की सप्ताह में एक बार सफाई कर उनके पानी को बदलने, पानी को अच्छी तरह ढंककर रखने, घर के आसपास की नालियों में पानी की समुचित निकासी एवं उनकी साफ़-सफाई बनाए रखने, वर्षाकाल में पानी का ज्यादा समय तक एक जगह भराव न होने देने के लिए आवश्यक उपाए करने तथा सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया।
पन्ना में जिला स्तर पर मलेरिया दिवस पर आयोजित हुई कार्यशाला में उपस्थिति स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी।
जिला मलेरिया अधिकारी एच.एम.रावत ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को ठण्ड लगकर बुखार आता है तो उसे मलेरिया की जांच अवश्य करानी चाहिए। ग्राम स्तर से लेकर जिला स्तर तक एवं अन्य बड़ी सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में सभी जगह मलेरिया निःशुल्क जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध है। आपने लोगों से मच्छरों के डंक से स्वयं को बचाने के लिए नियमित रूप से मच्छरदानी लगाकर सोने, शाम के समय नीम की सूखी पत्तियां जलाकर धुंआ करने आदि की सलाह दी। साथ ही मच्छरों को पैदा होने से रोकने के लिए नियमित रूप से आवश्यक उपाए करने की अपील की है।
उल्लेखनीय है कि 25 अप्रैल से दिनांक 1 मई 2021 तक मलेरिया जागरुकता सप्ताह का मनाया जा रहा है। आम नागरिकों को मच्छर जनित बीमारियों के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम के अंत में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.जी.पी.आर्या द्वारा मलेरिया जागरुकता वाहन को हरी झण्डी दिखाकर जिले के भ्रमण पर रवाना किया गया।

आंचलिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी कार्यक्रम हुए

इस वर्ष विश्व मलेरिया दिवस की थीम “शून्य मलेरिया लक्ष्य तक पहुंचना है” रही। इस थीम के जिले में साथ खण्ड स्तर पर भी विश्व मलेरिया दिवस का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर खण्ड चिकित्सा अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देवेन्द्रनगर में डाॅ.अभिषेक जैन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ में डाॅ.पवन द्विवेदी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अमानगंज में डाॅ. अमित मिश्रा, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पवई में डाॅ. एम.एल.चैधरी, एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहनगर में डाॅ. सर्वेश कुमार लोधी द्वारा कार्यशालाओं का आयोजन विश्व मलेरिया दिवस पर किया गया तथा नगरीय क्षेत्र में माईकिंग की व्यवस्था की गई।
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जनता कर्फ्यू : पाबंदियां बढ़ाकर लगाया टोटल लॉकडाउन, आज से किराना-फल-सब्जी दुकानें और होम डिलेवरी भी बंद

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फाइल फोटो

*   बंद रहेंगी दूध की दुकानें सिर्फ 4 घण्टे तक होम डिलेवरी की अनुमति

*   इमरजेंसी कार्य के आलावा व्यक्ति की आवाजाही पूर्ण प्रतिबंध लगाया

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर के कहर से बेकाबू होते हालात के मद्देनजर पन्ना जिले में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु जनता कर्फ्यू के नाम पर 22 से 30 अप्रैल तक लगाए गए लॉकडाउन (जनता कर्फ्यू) को अब पहले से कहीं अधिक सख्त कर दिया गया है। जिला दण्डाधिकारी कार्यालय पन्ना से रविवार 25 अप्रैल की देर शाम संशोधित आदेश जारी कर जिले के अंदर जनता कर्फ्यू के दौरान फल-सब्जी-किराना-राशन की दुकानों और उक्त सामग्री की होम डिलेवरी को भी तत्काल प्रभाव से पूर्णतः बंद कर दिया है। इसके अलावा अन्य कई गतिविधियों को बी बंद किया गया है। पन्ना कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी संजय कुमार मिश्र ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत दिनांक 21 अप्रैल को जारी जनता कर्फ्यू के अपने आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए रविवार 25 अप्रैल को देर शाम संशोधित आदेश जारी किया है। इस आदेश में जनता कर्फ्यू के दौरान (30 अप्रैल तक) दूध की दुकानों को खोलने पर पूर्णतः पाबंदी लगा दी गई है। हालांकि दूध विक्रेताओं को इस अवधि में प्रतिदिन सुबह 7 बजे से दोपहर 11 बजे तक के लिए दूध की होम डिलेवरी करने की छूट दी गई है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी पन्ना के द्वारा जारी जनता कर्फ्यू का संशोधित आदेश का प्रथम पृष्ठ।
जनता कर्फ्यू के दौरान ऑटो रिक्शा/ई रिक्शा/टैक्सी, को बंद किया गया है। इसके अलावा जिले के नगरीय निकाय क्षेत्रों में स्थित समस्त शासकीय-अशासकीय कार्यालयों, प्रतिष्ठानों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, पार्क, स्टेडियम, दुकानों एवं अन्य समस्त सार्वजानिक गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है। अब सिर्फ इमरजेंसी कार्य के अतिरिक्त व्यक्ति की आवाजाही पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के द्वारा जारी इस आदेश का उल्लंघन आपदा अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के प्रावधानों के अंतर्गत एवं भारतीय दण्ड संहिता की धारा 186 अंतर्गत दण्डनीय होगा। उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम को लेकर 9 अप्रैल से लॉकडाउन जारी है। पूर्व में इसे कोरोना कर्फ्यू का नाम दिया गया अब जनता कर्फ्यू कहा जा रहा है। लॉकडाउन की अवधि और सख्ती (पाबंदी) बढ़ाए जाने के चलते पहले से ही परेशान जिले के गरीब एवं कमजोर तबके के लोगों की मुश्किलों में इजाफा होना तय है।
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पुलिस की बर्बरता : MP में लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर पुलिस ने दो दुकानदारों को बेरहमी से पीटा

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सांकेतिक फोटो।

*   सख़्ती के नाम पर अत्याचार करने का अधिकार किसने दे दिया ?

*   आवश्यक कार्य से घर से बाहर निकलने वालों को भी किया जा रहा अपमानित

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए लगाए लॉकडाउन (कोरोना कर्फ्यू/जनता कर्फ्यू) में पन्ना पुलिस अब लोगों के साथ बर्बरता से पेश आ रही है। लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोप में पुलिस के द्वारा दो दुकानदारों को बेरहमी से पीटा गया। पुलिस के अत्याचार का शिकार बने एक गरीब सब्जी विक्रेता का वीडियो सोशल मीडिया वायरल है। पीड़ित युवक रुंधे हुए गले से पुलिस की क्रूरता की कहानी बयां करते हुए अपना चोटिल पैर वीडियो में दिखा रहा है। सब्ज़ी का ठेला लगाकर किसी तरह अपने तीन सदस्यीय परिवार का भरण-पोषण करने वाला प्रमोद वर्मन पुलिस की हैवानियत के कारण अब चल-फिर नहीं पा रहा है। इसके आलावा पन्ना में ही कोतवाली चौराहा के समीप स्थित प्रीतम दूध डेयरी संचालक के छोटे भाई के साथ भी मारपीट की गई। दोनों ही घटनाएं शनिवार 24 अप्रैल की हैं।
मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार के राज में कोरोना माहमारी के दौर में आम आदमी पर पुलिस की बर्बरता सारी हदें पार कर चुकी है। मध्यप्रदेश में पिछले कई दिनों से लगातार लॉकडाउन (कोरोना कर्फ्यू/जनता कर्फ्यू) के चलते दिहाड़ी पर जीवनयापन करने वाले बहुसंख्यक गरीब-मजदूर, छोटे दुकानदार पहले से काफी परेशान हैं। कोरोना संक्रमण से बचाव की जद्दोजहद में गरीबी-बेरोजगारी-महंगाई-भुखमरी से जूझते बेबस और लाचार आम इंसान के साथ पुलिस की गुण्डागर्दी की ख़बरें बेहद ही हैरान और विचलित करने वाली है। पिछले दिनों इंदौर तथा खण्डवा से वायरल हुए वीडियो में आमलोगों के साथ पुलिस को बेरहमी करते हुए पूरे देश ने देखा। मीडिया की सुर्ख़ियों में रहीं इन दोनों घटनाओं की चौतरफा कड़ी निंदा-आलोचना होने के बाद भी पुलिस के रवैये में कोई ख़ास बदलाव नहीं आया है। पन्ना में प्रकाश में आईं घटनाओं से तो यही खबर मिलती है।
पन्ना पुलिस के अत्याचार का शिकार बना गरीब सब्जी विक्रेता प्रमोद बर्मन।
मध्यप्रदेश में बेकाबू होते कोरोना संकट की प्रभावी रोकथाम में फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में पुलिस अधिकारी-कर्मचारी जहां अपनी जान जोखिम में डालकर रात-दिन जनसेवा के अपने कर्तव्य को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाते हुए मानवता की मिशाल पेश कर रहे हैं वहीं कुछ पुलिस वाले ऐसे भी हैं जोकि अपने कृत्यों से जन साधारण के लिए खाकी वर्दी को भय-आतंक का पर्याय बनाकर पूरे महकमे को शर्मसार कर रहे हैं। ऐसी ही मानसिकता के आधा दर्जन पुलिसकर्मियों ने पन्ना के जगात चौकी तिराहा पर शनिवार 24 अप्रैल को दोपहर लगभग 12:30 सब्जी विक्रेता प्रमोद वर्मन 35 वर्ष के साथ लाठी-डण्डों से बेदम मारपीट की गई। इस गरीब का ग़ुनाह सिर्फ इतना है कि उसने लॉकडाउन के दौरान सब्जी बेंचने के लिए निर्धारित समयावधि का उल्लंघन किया था। दरअसल, हाथ ठेले में सब्जी रखकर उसे प्रतिदिन चलते-फिरते बेंचने के लिए पन्ना में दोपहर 12 बजे तक की छूट दी गई है।
प्रमोद के अनुसार वह और उसके साथी सब्जी विक्रेता दोपहर में 12 बजे वापस घर जाने के लिए निकले थे तभी एक ग्राहक सब्जी खरीदने आ गया। इस दौरान अन्य सब्जी विक्रेता आगे निकल गए जबकि प्रमोद ग्राहक को सब्जी देने के चक्कर थोड़ा लेट हो गया। तभी सायरन बजाते हुए पुलिस का एक वाहन जगात चौकी तिराहा पर आकर रुका। उससे उतरे आधा दर्जन पुलिसकर्मी प्रमोद के पास दौड़ते हुए आये और लाठी-डण्डों से उसकी जमकर पिटाई कर दी। वर्दी के रौब में कानून को अपने हाथ में लेकर लाठियां बरसाते पुलिस वालों से सब्जी विक्रेता माफ़ी मांगकर खुद को छोड़ने के लिए मिन्नतें करता रहा लेकिन निर्बल को सजा देने के स्वघोषित/अघोषित अधिकार से लैस क्रूर पुलिसकर्मियों को उस पर ज़रा भी रहम नहीं आया। प्रमोद को सरेआम बेइज्जत कर बुरी तरह पीटने-गालियां देने के बाद पुलिसकर्मी धमकी देते हुए वापस लौट गए। पुलिस के ताबड़तोड़ डण्डों के प्रहार से सब्जी विक्रेता के पैर में आई गंभीर चोट-सूजन के कारण फिलहाल वह चलने-फिरने में असमर्थ है।

लॉकडाउन में बेरोजगार हुई माँ, घर खर्च चला रहा था बेटा

पुलिस के द्वारा लाठी-डण्डों से की गई मारपीट के कारण पैर में आई चोट को दिखाता हुआ प्रमोद बर्मन।
पन्ना पुलिस के अत्याचार का शिकार बने गरीब सब्जी विक्रेता ने बताया कि उसकी माँ घरों में बर्तन साफ़ करने का काम करती है। लॉकडाउन के कारण फिलहाल वृद्ध माँ बेरोजगार हो चुकी है, अब घर का खर्च चलाने का पूरा भार प्रमोद के कन्धों पर आ गया है। परिवार के भरण-पोषण के लिए वह लॉकडाउन के बाद से ही हाथ ठेला में सब्जी रखकर गली-गली घूम-घूम कर उसे बेंचने का काम करता रहा है। लेकिन बीते दिवस पुलिस के द्वारा बेदम पिटाई करने के बाद से वह अपने पैरों पर खड़ा भी नहीं हो पा रहा है। कोरोना महामारी के चलते मचे हा-हाकार के बीच अब उसे अपने परिवार के लिए दो जून की रोटी के इंतजाम और स्वयं के इलाज की चिंता सता रही है। पीड़ित युवक ने उसे इस हालत में पहुंचाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

दुकान बंद करते समय पुलिस वाले आए और पीटने लगे

पन्ना में कोतवाली चौराहा के समीप स्थित प्रीतम दूध डेयरी।
पन्ना के कोतवाली चौराहा के समीप स्थित प्रीतम दूध डेयरी के संचालक का छोटा भाई शनिवार को सुबह करीब 10:30 बजे अपनी दुकान बंद कर ही रहा था कि तभी उसकी दुकान के सामने एक पुलिस वाहन आकर रूका। वाहन से नीचे उतरे पुलिस के दो जवान अंदर बैठे उप निरीक्षक या सहायक उप निरीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारी के कहने पर नवयुवक को दुकान के अंदर ले जाकर पीटने लगे। इस दौरान उसे पूर्व में भी चेतावनी देने के बाबजूद हर हाल में सुबह 10 बजे दुकान बंद न होने पर लॉकडाउन का उल्लंघन करने का उलाहना देते हुए 4-5 डण्डे मारे गए। साथ ही गालियां भी दी गईं।

पूंछतांछ किए बगैर ही करने लगते हैं अपमानित

पन्ना में वर्ष 2020 में लॉकडाउन के दौरान एक गरीब व्यक्ति के साथ पुलिस इस हद तक बर्बरता की थी कि वह स्थाई रूप से विकलांग ही हो गया।
पन्ना में पुलिस वाले कुछ समय से आम लोगों के साथ लगातार अमानवीय बर्ताव कर रहे हैं। किसी आवश्यक कार्य से घर से बाहर निकलने वाले व्यक्ति से पूंछतांछ किए बगैर ही उसे राह चलते घर के अंदर जाने के लिए दुत्कारते हुए अपमानित किया जा रहा है। लॉकडाउन की निगरानी के लिए दिन भर पुलिस के वाहन सायरन/हूटर बजाते हुए नगर भ्रमण करते रहते है। इस दौरान राह में आते-जाते मिलने वाले इक्का-दुक्का लोगों को भी देखकर वाहन के अंदर बैठे पुलिस कर्मचारी-अधिकारी रौब भरे अंदाज में अभद्र तरीके से माइक पर उन्हें हड़काने लगते हैं। पुलिस को इस बात से जरा भी मतलब नहीं रहता है कि कोरोना संक्रमण के भयंकर खतरे के बीच अगर कोई व्यक्ति घर से बाहर निकला है तो यह पता लगाया जाए कि क्या वह सिर्फ तफरी करने अनावश्यक निकला है या फिर कोई जायज वजह है जिसके चलत उसे घर से बाहर निकलना पड़ा।

कोरोना की रोकथाम को लेकर दोहरे मापदण्ड

(फाइल फोटो)
गौर करने वाली बात यह है कि आम आदमी को पुलिस के द्वारा लॉकडाउन के दौरान ऐसे समय पर अपमानित किया जा रहा है जब महज कुछ ही दिन पूर्व तक पड़ोसी जिला दमोह में उपचुनाव के चलते सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के नेतागण हजारों लोगों को जोड़कर सभाएं करते रहे हैं। देश कोरोना से मचे त्राहिमाम के बीच प्रधामनंत्री नरेन्द्र मोदी समेत विपक्ष के नेताओं के द्वारा बंगाल, असम समेत पांच राज्यों में बड़ी चुनावी सभाएं-रोड शो किए गए। उत्तराखंड के हरिद्वार में कुंभ मेला जैसे वृहद धार्मिक कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति दी गई। जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के जुटने से कोरोना संक्रमण के मामले भी सामने आए हैं। कुल मिलाकर कोरोना वायरस संक्रमण के फैलाव को लेकर एक तरफ जानबूझकर हद दर्जे की आपराधिक लापरवाही पर समूचा तंत्र लम्बे समय तक तमाशबीन बना रहता है वहीं दूसरी तरफ आमलोगों पर इतनी अधिक सख्ती की जा रही है ? बेकाबू हो चुके कोरोना कहर के बीच जाहिर है महामारी के नियंत्रण के नाम पर अपनाए गए दोहरे मापदण्डों को लेकर सत्तसीनों व सिस्टम की कड़ी आलोचना भी होगी और इनकी भूमिका को लेकर सवाल भी उठते रहेंगे।

इनका कहना है –

“पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थाना प्रभारियों एवं पुलिस अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि लॉकडाउन का उल्लंघन करते पाए जाने वाले व्यक्तियों के साथ किसी भी तरह का बुरा बर्ताव (हिंसा) ना कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करें। इन निर्देशों का पालन न करने वाले पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”

– बी.के.एस.परिहार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला पन्ना।

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संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिला युवक, घटना की जांच में जुटी पुलिस

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ग्राम जनवार में घटनास्थल एवं युवक के शव का मुआयना करते हुए पुलिस अधिकारी।

*    पन्ना के समीपी जनवार ग्राम में बीती रात घटित हुई घटना

पन्ना। (www.radarnews.in) कोतवाली थाना पन्ना अंतर्गत आने वाले जनवार ग्राम में आज सुबह एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सनसनी फ़ैल गई। मृतक के चेहरे पर चोट के निशान थे। युवक की पहचान संजय आदिवासी तनय गुलजारी आदिवासी 30 वर्ष निवासी जनवार के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस एवं एफएसएल टीम ने जनवार पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। पंचनामा कार्रवाई उपरान्त शव को पोस्टमार्टम के लिए पन्ना लाया गया। पुलिस ने बीती रात घटित इस घटना पर फिलहाल मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है।
संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की असमय मौत होने पर रोतीं-बिलखती हुई परिवार की महिलाएं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार संजय आदिवासी तनय गुलजारी आदिवासी 30 वर्ष निवासी जनवार रविवार 25 अप्रैल की सुबह गांव में ही स्थित कर्णावती एग्रो प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड के कार्यालय के सामने मृत अवस्था में पड़ा मिला। शव के समीप ही कार्यालय भवन के बाहर से छत पर आने-जाने के लिए एक नसैनी (सीढ़ी) लगी थी। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि शराब के नशे में रहे संजय आदिवासी की मौत इसी नसैनी से छत पर चढ़ने या उतरने के दौरान पैर फिसलने से हुई है। जमीन में गिरने के कारण उसके चेहरे में चोट आई है। बीती रात घटित इस घटना को लेकर जनवार में ग्राम में कई तरह की चर्चाएं व्याप्त है। युवक की मौत की सच्चाई का पता लगाने के लिए पुलिस के द्वारा घटना के संबंध में आसपास रहने वाले लोगों एवं मृतक के परिजनों से भी पूंछतांछ की गई। कोतवाली थाना पुलिस के द्वारा मर्ग कायम कर घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तथा मामले की जांच पूर्ण होने पर युवक की मौत के कारणों का आधिकारिक तौर खुलासा होने की उम्मीद की जा रही है।
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किल कोरोना अभियान : डोर-टू-डोर सर्वे के पहले दिन कोरोना संदिग्ध 338 लोगों के सैंपल लिए, 46 पॉजिटिव निकले

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पन्ना नगर के वार्ड क्रमांक 14 में कोरोना संदिग्ध मरीज का जांच हेतु सैम्पल लेते हुए स्वास्थ्यकर्मी एवं समीप खड़े टीम प्रभारी एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग पन्ना ऊदल सिंह।

*   पन्ना नगर में वार्डवार तीन टीमें बीमार व्यक्तियों की जांच में जुटीं

पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के सभी नगरीय क्षेत्रों में किल कोरोना अभियान-2 शुक्रवार 23 अप्रैल शुरू हो चुका है। इस अभियान के तहत बीमार व्यक्तियों के डोर-टू-डोर सर्वे हेतु वार्डवार गठित टीमों के द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण की प्रभावी रोकथाम हेतु संदिग्ध मरीजों की जांच एवं संक्रमित मरीजों को आवश्यक उपचार मुहैया कराया जा रहा है। पन्ना नगर में इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए 3 टीमें नियुक्त की गई है। जिसमें एक टीम के प्रभारी उदल सिंह जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, दूसरी टीम की प्रभारी दीपा चतुर्वेदी तहसीलदार एवं तीसरी टीम का प्रभारी परियोजना अधिकारी संजय सिंह परिहार को बनाया गया है। इस सर्वे की मॉनिटरिंग जिला पंचायत सीईओ बालागुरु के. के द्वारा की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पन्ना नगर में पहले दिन इन टीमों के द्वारा कोरोना संदिग्ध कुल 338 लोगों के सैंपल रैपिड एंटीजन किट से लिए गए। जिसमें 46 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कोरोना संक्रमित निकले व्यक्तियों को तत्काल मेडिसिन किट एवं निर्देशन पत्र सौंपकर ओम आइसोलेट करवाया गया। संबंधित व्यक्तियों की जानकारी कोविड कण्ट्रोल एवं कमाण्ड सेंटर को दी गई। जहां से समय-समय पर मेडिकल टीम के द्वारा उनसे संपर्क कर निगरानी की जायेगी और आवश्यक परामर्श दिया जाएगा।
चिन्हित बीमार व्यक्तियों की कोरोना जाँच हेतु सैम्पल लेती मेडिकल टीम के साथ प्रभारी अधिकारी संजय सिंह परिहार।
डोर टू डोर जांच अभियान में जुटीं टीमों में प्रभारी अधिकारी के साथ पैरामेडिकल टीम, एएनएम, आशा कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं। सर्वप्रथम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा एएनएम के साथ अपने कार्य क्षेत्र में घर-घर जाकर संदिग्ध मरीजों की पहचान की जाती है, इसके बाद जांच टीम द्वारा चिन्हित परिवारों के पास पहुंचकर उनके सैंपल लिए जाते है। उल्लेखनीय है कि जागरूक लोग तो आसानी से सैंपल दे देते हैं पर कुछ लोग अज्ञानतावश सैंपल देने में आनाकानी करते हैं जिन्हें जांच टीम के प्रभारी अधिकारी द्वारा समझाइश देकर सैंपल लिए जा रहे हैं। इस अभियान के चलते पन्ना नगर में कोरोना की चेन टूटने और पॉजिटिविटी दर कम होने की उम्मीद की जा रही है।
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किल कोरोना अभियान-2 : कोरोना के कहर को रोकने अब घर-घर जाकर बीमार व्यक्तियों की जांच के लिए सैम्पल लेंगी टीमें

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सांकेतिक चित्र।

*   पॉजिटिविटी दर कम करने ट्रेसिंग-टेस्टिंग-ट्रीटमेंट पर फोकस

*   पन्ना कलेक्टर ने वार्डवार सर्वे हेतु टीमें गठित करने दिए निर्देश

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर का कहर बेहद तेजी से लगातार बढ़ रहा है। कोरोना वायरस का नया रूप ज्यादा से ज्यादा लोगों को तेजी से प्रभावित कर रहा है। जिससे बेकाबू होते हालात के बीच स्थिति को संभालने और कोरोना की प्रभावी रोकथाम के लिए मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में संक्रमण की अधिकता वाले नगरीय निकाय क्षेत्रों एवं विकासखण्डों में किल कोरोना अभियान का दूसरा चरण शुरू करने का निर्णय लिया गया है। किल कोरोना अभियान-2 के तहत जिले सभी नगरीय निकाय क्षेत्रों एवं आवश्यकतानुसार ग्रामीण अंचल में जहां कोरोना संक्रमित व्यक्ति तथा सर्दी, जुकाम और खांसी से प्रभावित व्यक्तियों की संख्या अधिक है वहाँ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा स्वास्थ्य विभाग अमले के सहयोग से घर-घर सर्वे कर प्रभावित व्यक्तियों को चिन्हित किया जाएगा। तत्पश्चात दूसरी टीम के द्वारा कोरोना के लक्षण वाले/ लक्षण रहित या मंद लक्षण वाले व्यक्तियों के घर पहुंचकर उनकी जांच हेतु सैम्पल लिया जाएगा। साथ ही सामान्य सर्दी-जुखाम-बुखार से पीड़ित व्यक्तियों को मेडिकल किट (दवाईयां) उपलब्ध कराई जाएंगी।
किल कोरोना अभियान के प्रथम चरण यानी पिछले वर्ष पन्ना जिले में घर-घर जाकर बीमार व्यक्तियों का सर्वे गठित टीमों द्वारा कुछ इस तरह किया गया। (फाइल फोटो)
पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने रडार न्यूज़ को जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी व्यक्ति का सैम्पल जांच में पॉजिटिव निकलता है अर्थात वह कोरोना संक्रमित पाया जाता है तब ऐसे व्यक्तियों को चिकित्सक के परामर्श अनुसार मेडिकल किट उपलब्ध कराने, आवश्यकता होने पर उनके होम आयसोलेशन या कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराने की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क (कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग) में आने वाले लोगों को चिन्हित कर जांच हेतु उनके भी सैम्पल लेने तथा संबंधितों के लिए अन्य सभी जरुरी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराया जाएगा। मालूम हो कि प्रदेश में किल कोरोना अभियान का प्रथम चरण वर्ष 2020 में 1 से 15 जुलाई तक चलाया गया था।

टीमों की निगरानी की सौंपी जिम्मेदारी

सांकेतिक फोटो।
किल कोरोना अभियान-2 के तहत पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने जिले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को वार्डवार बीमार व्यक्तियों का घर-घर जाकर सर्वे करने एवं संदिग्ध कोरोना संक्रमित मरीजों की जांच हेतु सैम्पल लेने के लिए पन्ना सहित सभी शहरी क्षेत्रों के लिए टीमें गठित करने के निर्देश दिए हैं। इस महत्वपूर्ण अभियान की माॅनीटरिंग के लिए सुश्री दीपा चतुर्वेदी तहसीलदार पवई एवं संजय सिंह परिहार परियोजना अधिकारी मनरेगा को प्रभारी नियुक्त किया गया है। कोरोना के बढते संक्रमण को देखते हुए कलेक्टर श्री मिश्र ने उक्त अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गठित टीमों के द्वारा किए जाने वाले सर्वे एवं सैम्पल लेने के कार्य की सतत सघन माॅनीटरिंग कर यह सुनिचित करें कि एक भी बीमार व्यक्ति छूटने न पाए। आपने कहा कि इससे जिले में कोरोना की पाॅजिटिविटी दर को कम करने मदद मिलेगी।

पन्ना शहरी क्षेत्र में सर्वाधिक एक्टिव केस

उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय पन्ना पिछले कुछ समय से कोरोना वायरस संक्रमण का हॉट स्पॉट बना हुआ है। स्थिति यह है कि कोरोना संक्रमण के सर्वाधिक नए मामले पन्ना शहरी क्षेत्र में प्रतिदिन सामने आ रहे हैं। गुरूवार 22 अप्रैल की स्थिति में पन्ना में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 723 हो चुकी है। जबकि जिले भर में एक्टिव केस की कुल संख्या 1282 है। इसी तरह कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या भी पन्ना शहरी क्षेत्र में ही सर्वाधिक है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 22 अप्रैल तक जिले में कोरोना से कुल 13 लोगों की जान गई। जिसमें 9 व्यक्ति पन्ना शहरी क्षेत्र से थे।

घर पर रहकर संक्रमण की चेन को तोड़ने में करें सहयोग

संजय कुमार मिश्र, कलेक्टर, पन्ना।
पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने कहा कि जिले में कोरोना संक्रमण के प्रभावी नियंत्रण एवं संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए जन सहयोग जरुरी है। संक्रमण को फैलने से रोकना हम सबकी जिम्मेदारी है। संकेत की इस घड़ी में कोरोना नियंत्रण हेतु सभी वर्ग अपनी सहभागिता सुनिश्चित करते करें और 22 अप्रैल से लेकर 30 अप्रैल अपने घरों में रहकर स्व-प्रेरणा से जनता कर्फ्यू का पालन करें। संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिये अनावश्यक कार्य के लिये घर से न निकलें, मास्क का उपयोग जरूर करें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, अपने हाथ सेनेटाइज करें या साबुन से बार-बार धोयें। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आप सबके सहयोग-धैर्य और संयम से कोरोना के खिलाफ निश्चित ही यह जंग हम अवश्य जीतेंगे।

 

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MP में कोरोना संक्रमण की पॉजिटिविटी रेट के आधार पर होगी कलेक्टरों की रैंकिंग

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह एवं मध्य प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता के.के. मिश्रा। (फाइल फोटो)

*  सीएम शिवराज के इस फैसले को सीनियर कोंग्रेस नेता ने सही ठहराते हुए यह आशंका भी जताई … !

भोपाल। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण बेहद तेजी से फ़ैल रहा है, जिससे संक्रमितों की तादाद लगातार चिंताजनक रूप से बढ़ रही है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर सरकार के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य एवं उपचार सेवाएं भी चरमरा रहीं हैं। प्रतिदिन रिकार्ड संख्या में नए संक्रमित मरीज मिलने और मौतों के बढ़ते आंकड़ों से कोरोना के कहर को लेकर चिंतित राज्य सरकार ने अब जिलों में संक्रमण के नियंत्रण की पूरी जिम्मेदारी एक तरह से कलेक्टरों को सौंप दी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बकायदा यह ऐलान किया है कि कोरोना संक्रमण की जिलों की पॉजिटिविटी रेट के आधार पर कलेक्टरों की रैंकिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बुधवार 21 मार्च को अपने निवास से जिला कलेक्टरों को वर्चुअली संबोधित करते हुए यह बात कही। कोंग्रेस के सीनियर लीडर के.के. मिश्रा ने सीएम शिवराज के इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मौजूदा हालात में इसे सही ठहराया है। लेकिन इससे जुड़ी आशंका के साथ उन्होंने बाजिव सवाल भी उठाया है।
मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमितों की मौत के सरकारी आंकड़ों और वास्तविक स्थिति में भारी अंतर को उजागर करती दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर।
कोंग्रेस नेता के.के. मिश्रा ने रडार न्यूज़ से कहा कि, मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण के कारण भयावह स्थिति बनीं है। मुख्यमंत्री ने इसके मद्देनजर महामारी की प्रभावी रोकथाम हेतु कलेक्टरों की रैंकिंग पॉजिटिविटी रेट के आधार तय करने का जो निर्णय वह उचित है। लेकिन किसी कलेक्टर ने अपनी रैंकिंग बढ़ाने के चक्कर में अगर आंकड़ों की “बाजीगरी” की तो इसकी निगरानी कैसे होगी और इसके लिए जबावदेह कौन होगा ? यह भी स्पष्ट किया जाना जरुरी है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण की वास्तविक स्थिति और इससे होने वाली मौतों की सही संख्या को छिपाने की ख़बरें पहले से आती रहीं है। ऐसे में रैंकिंग के चक्कर में आंकड़ों की बाजीगरी से जुड़ी आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता है।
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कमिश्नर पहुंचे जिला चिकित्सालय, कोरोना संक्रमित मरीजों के परिजनों की समस्याएं सुनीं, बोले- “मरीजों के उपचार में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी”

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पन्ना के कोविड कमाण्ड सेंटर का निरीक्षण करते हुए कमिश्नर सागर मुकेश कुमार शुक्ल।

*    कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति एवं उपचार सेवाओं की समीक्षा की

*    ऑक्सीजन बेड एवं सामान्य बेड की संख्या बढ़ाने के दिए निर्देश

*    कोविड केयर सेंटर में डाॅक्टरों की रोस्टर बनाकर ड्यूटी लगाई जाए

*    कोरोना संक्रमित मरीजों के सैम्पल उसी दिन जांच के लिए सागर लैब भेजें

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की तादाद चिंताजनक तेजी से लगातार बढ़ने के साथ ही सरकारी स्वास्थ्य एवं उपचार सेवाओं बदहाली की ख़बरें लगातार सामने आ रहीं है। जिला चिकित्सालय के कोविड हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती मरीजों के इलाज में लापरवाही बरते जाने, ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित होने, कोरोना के संदिग्ध मरीजों की टेस्टिंग न बढ़ने से जाँच कराने के लिए बीमार व्यक्तियों की प्रतिदिन लंबी लाइन लगने और कई दिन तक भटकने-परेशान होने के बाद बमुश्किल सैम्पल देने के 4-5 दिन बाद रिपोर्ट मिलने की शिकायतें अब आम हो चुकीं हैं। जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक सुधार कराने के लिए निर्देश दे रहे हैं, लेकिन धरातल पर हालात में कोई खास बदलाव होता नहीं दिख रहा है।
इन परिस्थितियों के बीच मंगलवार 20 अप्रैल को सागर संभाग आयुक्त मुकेश कुमार शुक्ल एक दिवसीय पन्ना प्रवास पर पहुंचे। उन्होंने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं संक्रमित मरीजों के उपचार के संबंध में चर्चा कर समीक्षा की। कमिश्नर सागर श्री शुक्ल ने जिला चिकित्सालय का का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन भी किया। इस दौरान वहाँ भर्ती कोरोना मरीजों के परिजनों से कमिश्नर ने जब चर्चा की तो पता चला कि उन्हें किस तरह की समस्याओं से हर दिन जूझना पड़ रहा है। उन्होंने समस्याओं का तत्काल निदान किए जाने के निर्देश संबंधितों को दिए हैं।

3 माह के लिए मेडिकल स्टॉफ की भर्ती करें

कमिश्नर ने बैठक में कहा कि कोरोना मरीजों के उपचार में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। डाॅक्टरों का रोस्टर तैयार कर कोविड हेल्थ केयर सेंटर में डाॅक्टरों की ड्यूटी लगाई जाए। वर्तमान में आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षित मेडिकल स्टाॅफ को आगामी तीन महीने के लिए नियुक्त किया जाए। उन्होंने आक्सीजन आपूर्ति के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि आक्सीजन की पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पड़ोसी जिलों से भी आक्सीजन लें।

कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज को दें प्राथमिकता

जिला चिकित्सालय पन्ना में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कमिश्नर सागर मुकेश कुमार शुक्ल।
श्री शुक्ल ने कोरोना मरीजों के लिए उपलब्ध बेडों (बिस्तरों) की जानकारी लेने के उपरांत निर्देश दिए कि बेडों की संख्या बढाई जाए। इसके लिए छात्रावासों से पलंग प्राप्त करें। वर्तमान में उपलब्ध आक्सीजन बेडों की संख्या भी बढाने की कार्यवाही करें। पुरैना में स्थापित आक्सीजन प्लांट से सप्लाई होने वाली आक्सीजन के लिए पन्ना को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अन्य सामान्य बीमारियों के स्थान पर कोरोना की बीमारी को प्राथमिकता में रखते हुए उपचार किया जाए। फीवर क्लीनिकों में लिए जा रहे कोरोना संदेहस्पद मरीजों के नमूने उसी दिन जांच के लिए सागर लैब भेजे जाए। नमूने भेजने में किसी भी तरह का बिलम्ब न किया जाए। उन्होंने जिला चिकित्सालय में कोरोना उपचार से संबंधित सामग्री की उपलब्धता के बारे में जानकारी प्राप्त कर संतोष जताया।
संभागीय आयुक्त मुकेश कुमार शुक्ल ने जिला चिकित्सालय का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन करने के साथ भर्ती कोरोना मरीजों के परिजनों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनी और तत्काल निदान किए जाने के निर्देश संबंधितों को दिए। उन्होंने होम आइसोलेट मरीजों के संबंध में चर्चा करते हुए उनके उपचार और उसके स्वास्थ्य की जानकारी के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

होम आइसोलेट मरीजों की समस्या का हो रहा समाधान

कमिश्नर सागर मुकेश कुमार शुक्ल ने पन्ना पहुंचकर कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति एवं उपचार सेवाओं की समीक्षा की।
सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि कोविड कमाण्ड सेंटर स्थापित किया गया है। इस सेंटर के माध्यम से प्रत्येक मरीज से दो बार टेलीफोन से सम्पर्क स्थापित कर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली जाती है। यदि स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत बताई जाती है तो संबंधित क्षेत्र के चिकित्सक दल के माध्यम से मरीज के स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कोविड कमाण्ड सेंटर का अवलोकन करने के साथ की गयी टेलीफोनिक व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं कलेक्टर बालागुरू के, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा के साथ राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
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कुम्भ मेले से वापस लौटने वाले सभी श्रद्धालुओं को प्रशासन को देनी होगी सूचना

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कोरोना संकटकाल में आयोजित हुए कुम्भ के मेले में पवित्र स्नान के लिए जुटी श्रद्धालुओं की भारी भीड़। (फाइल फोटो)

*   एडीएम ने की अपील, अधिकारियों को निगरानी रखने के दिए निर्देश

पन्ना। (www.radarnews.in) तेजी से फैलते कोरोना संक्रमण को देखते हुए इसकी रोकथाम को लेकर शासन-प्रशासन के स्तर पर आवश्यक उपाए करने के साथ-साथ विशेष सतर्कता/सावधानी भी बरती जा रही है। लोगों से लगातार कोविड के प्रोटोकाल्स का पालन करने की अपील की जा रही है। इसी क्रम में हरिद्वार के कुम्भ मेले से वापस लौटने वाले श्रद्धालुओं से अपने निवास स्थल, नगर या ग्राम पहुंचते ही पहुंचने की सूचना जिला कलेक्टर कार्यालय को देने के लिए कहा गया है। ताकि उनके आइसोलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। इस संबंध में रविवार 18 अप्रैल को पन्ना के अपर कलेक्टर जे.पी. धुर्वे ने कुंभ मेले से वापस आने वाले श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा है कि अपने निवास स्थल, नगर या ग्राम पहुंचते ही पहुंचने की सूचना जिला कलेक्टर कार्यालय को दें।
उन्होंने जिले के जागरूक नागरिकों से भी कहा है कि ऐसे व्यक्तियों की जानकारी जिला कलेक्टर कार्यालय को दें जिससे प्राप्त जानकारी के आधार पर श्रद्धालुओं को सेल्फ आइसोलेशन कराने की व्यवस्था करा सकें। अपर कलेक्टर श्री धुर्वे जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि हरिद्वार कुंभ के मेले से वापस आने वाले श्रद्धालुओं पर निगरानी रखें। साथ ही शासन के निर्देशों के पालन में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए की गयी कार्यवाही की जानकारी कलेक्टर कार्यालय को प्रेषित करें।
उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के कहर से देश में प्रतिदिन संक्रमण के नए मामलों का रिकार्ड टूटने और इस महामारी से मरने वालों की तादाद बेहद तेजी से बढ़ने के कारण देश के कई स्थानों में जब लॉकडाउन लगा था ऐसे समय में इतने वृहद स्तर पर हरिद्वार में कुम्भ मेले के आयोजन की अनुमति दिए जाने एवं उसमें लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने पर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे थे। कुम्भ मेले में बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमितों के मिलने के बाद राज्य एवं केन्द्र सरकार की तीखी आलोचना शुरू हो गई थी।चुनावी रैलियों एवं कुम्भ के मेले में जुटने वाली भीड़-भाड़ को लेकर सोशल मीडिया पर कई दिनों से लोग लगातार तल्ख़ टिप्पणी कर रहे थे।
देश में कोरोना से मची हा-हाकार के बीच आयोजित हुए कुम्भ मेले को लेकर प्रधानमंत्री की अपील के बाद अब संन्यासी अखाड़ों के संत प्रतीकात्मक स्नान करेंगे। वैसे भी संन्यासी अखाड़ों के सभी शाही स्नान पूरे हो चुके हैं। और कुम्भ मेले से श्रद्धालु वापस लौटने लगे हैं। जूना पीठाधीश्वर अवधेशानंद गिरि ने कहा कि हरिद्वार महाकुंभ मेला निर्धारित अवधि से पहले खत्म नहीं होगा। लेकिन कोविड के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए संन्यासी अखाड़ों के संत प्रतीकात्मक स्नान करेंगे।

 

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कोविड केयर सेण्टर स्थापित : बिस्तरों की संख्या के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटा प्रशासन

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कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर मरीजों को संस्थागत आइसोलेशन की सुविधा प्रदान करने जिले में बनाए गए कोविड केयर सेंटर का फोटो।

*  लॉकडाउन में कोरोना नियंत्रण हेतु किए जा रहे आवश्यक उपाए : कलेक्टर संजय कुमार

*  प्रतिदिन कोविड टेस्ट 400 की जगह अब 600 होंगे, ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर ज्यादा तीव्र और घातक साबित हो रही है। पूरी तरह से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में लगातार तेजी संक्रमितों की तादाद बढ़ने के कारण जिला चिकित्सालय समेत आंचलिक स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज पहुँच रहे हैं। जिससे बिस्तर कम पड़ने लगे थे और आईसीयू में भी बेड फुल हो रहे थे। कोरोना के कहर से उत्पन्न इन चुनौतियों से निपटने तथा भयावह होते हालात का बेहतर तरीके से सामना करने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा इन दिनों युद्ध स्तर पर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
पन्ना में बाईपास मार्ग किनारे स्थित स्टेट बैंक का प्रशिक्षण केन्द्र जहां कोविड केयर सेंटर स्थापित किया गया।
पन्ना जिला मुख्यालय में अजयगढ़-छतरपुर बाइपास मार्ग किनारे स्थित छात्रावास भवन एवं भारतीय स्टेट बैंक के ट्रेनिंग सेंटर में कोविड केयर सेंटर (सीसीसी) स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें कोविड के मरीजों के लिए अब 500 बिस्तर उपलब्ध हैं। इसके आलावा विशेष परिस्थितियों के लिए पन्ना में ही अन्य भवनों को चिन्हित कर उनका अधिग्रहण भी कोविड केयर सेंटर बनाने के मकसद से किया गया है। जिले में 15 अप्रैल से 22 तक के लिए लगाए गए दूसरे लॉकडाउन का पूर्ण उपयोग प्रशासन के द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने एवं व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए किया जा रहा है। इस काम में जिले के जनप्रतिनिधियों का प्रशासन को भरपूर सहयोग मिल रहा है।

बिस्तर और ऑक्सीज़न की पर्याप्त उपलब्धता

संजय कुमार मिश्र, कलेक्टर, पन्ना।
पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने मोबाइल पर हुई अनौपचारिक बातचीत “रडार न्यूज़” को जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार एवं सेवाएं प्रदान करने की दिशा में पूरी गंभीरता के साथ हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रतिदिन मिलने वाले नए संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या को दृष्टिगत रखते हुए जिला मुख्यालय में कोविड केयर सेंटर स्थापित कर 500 बिस्तर बढ़ाए गए हैं। इसके अलावा सभी तहसील मुख्यालयों में भी 100-100 बिस्तर के कोविड केयर सेंटर स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है। इन सीसीसी (कोविड केयर सेंटर) में ऐसे मरीजों को रखा जाएगा जिनके घर पर होम आइसोलेशन के लिए जगह नहीं है। यहां मरीजों के लिए दवा, चाय, नाश्ता, भोजन आदि की व्यवस्था रहेगी।
आपने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर राज्य शासन-जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्तमान में पन्ना जिले में ऑक्सीज़न की पर्याप्त मात्रा उपलब्धता बनी है। जिले के औद्योगिक क्षेत्र पुरैना में स्थित ऑक्सीज़न बनाने वाली फैक्ट्री को चालू करवाकर प्राथमिकता के साथ पन्ना जिले में कृतिम ऑक्सीज़न की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है। इसके अलावा अतिरिक्त ऑक्सीजन की सप्लाई इस फैक्ट्री के द्वारा सागर संभाग के अन्य सभी जिलों में की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऑक्सीज़न की उपलब्धता को लेकर फ़िलहाल हम निश्चिंत हैं।
पन्ना के फीवर क्लीनिक में कोविड की जांच कराने के लिए जिला चिकित्सालय के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लाइन में लगे लोग।
वहीं कोरोना संक्रमण की जांच कराने के लिए पन्ना समेत आंचलिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर जुटने वाली भीड़ को कम कर स्थिति को सामान्य बनाने के लिए रोजाना होने वाले 400 टेस्ट को बढ़ाकर 600 किया जा रहा है। इसके अलावा टेस्ट के लिए सैम्पल देने की समयावधि अभी तक सुबह 9 से शाम 4 बजे तक थी जिसे बढ़ाकर अब सुबह 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक किया जा रहा है। कलेक्टर श्री मिश्र ने बताया कि कोरोना के आरटी-पीसीआर टेस्ट के लिए सैम्पल देने वालों की जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द प्राप्त हो सके इसके लिए मेडिकल कॉलिज सागर के प्रबंधन से सार्थक बातचीत हुई है। उम्मीद है मरीजों की जांच रिपोर्ट अब पहले से कहीं अधिक जल्दी प्राप्त होगी। उल्लेखनीय है कि, फिलहाल रैपिड एन्टीजन टेस्ट किट आवश्यकता अनुरूप उपलब्ध न हो पाने के कारण आरटी-पीसीआर टेस्ट ही अधिक कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य केन्द्रों पर गंभीर हालत में पहुँचने वाले मरीजों को 24 घण्टे तत्काल इमरजेंसी जांच की सुविधा प्रदान करने के लिए रैपिड एंटीजिन टेस्ट किट को सुरक्षित किया गया है।

टेस्टिंग-ट्रेसिंग-ट्रीटमेंट पर पूरा जोर

सांकेतिक फोटो।
पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने एक सवाल के जबाव में बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण की प्रभावी रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सजग-सतर्क और संवेदनशील है। कोरोना से जारी जंग में नागरिकों का भी आपेक्षित सहयोग प्राप्त हो रहा है, मुझे विश्वास है कि ईमानदार सामूहिक प्रयासों से हम यह लड़ाई अवश्य ही जीतेंगे। फिलहाल कोरोना की तेजी से बढ़ती रफ़्तार को काबू करने के लिए टेस्टिंग-ट्रेसिंग-ट्रीटमेंट पर पूरा फोकस किया जा रहा है। कोरोना जांच के लिए सैम्पल देने वाले व्यक्ति की जब तक रिपोर्ट नहीं आती है तब तक उसे फीवर क्लीनिक से दी गई दवाओं को लेकर घर पर आइसोलेट रहने हिदायत दी जाती है। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने की स्थिति में फीवर क्लीनिक अथवा कोविड कंट्रोल एवं कमाण्ड सेंटर के माध्यम से दवाईयाँ उपलब्ध कराई जा रहीं है।
कोविड-19 के बढ़ते हुए संक्रमण से बचाव हेतु लोगों को अनावश्यक रूप से अस्पताल न आने की सलाह दी जा रही है। इसके अतिरिक्त ऐसे संदिग्ध व्यक्ति जिनको लगातार 108 टेम्परेचर बुखार, सांस लेने में तकलीफ हो, दवाई लेने के बाद भी सुधार न हो एवं SPO2 जांच 94 से कम होने पर उसको डीसीएच लाया जा सकता है। जहां पर तत्काल एंटीजिन किट से कोविड जांच की सुविधा 24Χ7 घण्टे उपलब्ध है। जांच उपरान्त संदिग्ध मरीज को आवश्यकता अनुसार भर्ती करके उपचार की सुविधा दी जाएगी। कलेक्टर संजय कुमार का कहना है कि गत वर्ष की तुलना में इस साल मरीजों की संख्या निश्चित ही बढ़ी है। मगर, राहत की बात है कि मृत्यु दर पहले से कम है। वे अपने इस दावे के समर्थन में कोविड के आंकड़ों का विश्लेषण करने की बात कहते हैं।

होम आईसोलेशन वाले मरीजों के लिए दवा की किट

सांकेतिक फोटो।
कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के कहर से मरीजों की तीव्र गति से बढ़ती संख्या को देखते हुए आगामी कठिन समय में व्यवस्थाएं बनाए रखने के उद्देश्य से होम आइसोलेशन की व्यवस्था को इतना अधिक सुदृढ़ बनाया जा रहा है कि मरीजों को अस्पताल जाने की जरुरत ही न पड़े। होम आइसोलेट होने वाले मरीजों को दी जाने वाली आवश्यक दवाओं की किट बड़ी तादाद में जिले में तैयार कराई गईं है। दवाओं की डिलेवरी का व्यवस्थित प्लान भी बनाया गया है ताकि ग्रामीण अंचल में तत्परता से मरीज को दवा उपलब्ध हो सके। होम आइसोलेशन वाले मरीजों के स्वास्थ्य की निगरानी करने एवं उन्हें आवश्यक परामर्श देने का कार्य कोविड कंट्रोल एवं कमाण्ड सेंटर के द्वारा 24 घण्टे में दो बार वीडियो कॉल करके किया जा रहा है।
पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने बताया कि जिले में रेमडेसिविर इंजेक्शन और आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। साथ ही इनकी लगातार आपूर्ती राज्य स्तर से हो रही है इसलिए किसी को भी घबराने या चिंता करने की जरुरत नहीं है। आपने लोगों से अपील की है कि कोरोना को हारने के लिए ईमानदारी से कोविड-19 के प्रोटोकाल्स का पालन करें लॉकडाउन अवधि में एवं उसके बाद भी अनावश्यक घरों से बाहर निकलें। कुछ समय के लिए विशेष सतर्कता-सावधानी बरतकर और धैर्य-संयम-अनुशासन का स्वमेव कड़ाई से पालन करके कोरोना के गंभीर होते संकट से बचाव किया जा सकता है।
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