Home Blog Page 89

पन्ना के शरद पूर्णिमा महोत्सव में भागीदारी सौभाग्य का विषय: शिवराज

0
पन्ना के श्री प्राणनाथ जी मंदिर में आयोजित शरदपूर्णिमा महोत्सव के कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान।

*   पारम्परिक महारास में भी देर रात शामिल हुए मुख्यमंत्री

पन्ना। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज शरद पूर्णिमा के अवसर पर पन्ना में देर रात कार्यक्रम में शामिल होते हुए महारास में भागीदारी की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज शरद महोत्सव में पन्ना आकर इस तीर्थ स्थल के दर्शन और एक आध्यात्मिक संत के जीवन और उनके कार्यों को जानने का अवसर मिला है। यह मेरे लिये सौभाग्य का विषय है।
मुख्यमंत्री ने प्राणनाथ प्यारे की जय के उद्धघोष के साथ संबोधन प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि संपूर्ण दुनिया एक परिवार है। प्राणनाथ जी की हम सभी पर कृपा है। कहा भी गया है सियाराम में सब जग जानी। इस भावना के अनुसार हम सभी प्राणनाथ प्यारे के प्रिय हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह के अलावा खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, सांसद व्ही.डी. शर्मा, जन-प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

प्राणनाथ जी के आगमन से पावन हुई यह धरा

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्राणनाथ जी गुजरात से मध्यप्रदेश आए। उनके आगमन से यह धरा पावन हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी प्रार्थना है कि सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया। सभी सुखी हों, सभी निरोग हों और सभी का कल्याण हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्राणनाथ जी ने महाराजा छत्रसाल का भी मार्गदर्शन किया। सत्रहवीं सदी में उन्हें पराक्रम के लिये प्रोत्साहित किया। छत्रसाल जी के लिये कहावत है- ‘‘छत्ता तेरे राज में, धक-धक धरती होय, जित-जित घोड़ा मुख करे, तित-तित फत्ते होय’’।

निजानंद संप्रदाय में प्रेम की बड़ी महिमा है

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पन्ना प्रणामी पंथ का पवित्र धाम है। यहाँ श्री गुम्बट जी मंदिर के प्रांगण को ब्रह्र चबूतरा (रास मण्डल) कहा जाता है। यहीं पर श्री प्राणनाथ जी ने परम स्नेही सुन्दरसाथ को श्री राज जी-श्यामा जी की अलौकिक अखण्ड रासलीला, जागिनी रास का दर्शन करवाया था। इसलिये इसे जागिनी लीला भी कहा जाता है। तबसे अंतर्राष्ट्रीय शरद पूर्णिमा महोत्सव प्रतिवर्ष होता है। निजानंद संप्रदाय में प्रेम की बड़ी महिमा है। यहाँ प्रेम ही सब कुछ है। शरद पूर्णिमा में श्री कृष्ण ने प्रेम को ही प्रतिष्ठा प्रदान की। पाँच दिवसीय शरद पूर्णिमा महोत्सव पूरी भक्ति, प्रेम और श्रद्धा का प्रतीक है।

छत्रसाल जयंती का आयोजन संस्कृति विभाग कराए

खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने शरद पूर्णिमा के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान के आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त की। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि पहली बार कोई मुख्यमंत्री परिवार सहित इस पावन नगरी में पधारे हैं। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्राणनाथ महाराज छत्रसाल के आध्यात्मिक गुरू थे। श्री सिंह ने छत्रसाल जयंती पर संस्कृति विभाग द्वारा कार्यक्रम का सुझाव भी दिया। सांसद व्ही. डी शर्मा ने कहा कि प्राणनाथ जी के मंदिर में शरद महोत्सव में हिस्सा लेना सौभाग्य का क्षण हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ पन्ना आकर स्थानीय नागरिकों को प्रत्यक्ष रूप से शरद महोत्सव की शुभकामनाएँ देने का अवसर मिला है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मंदिर समिति के वॉईस चेयरमेन प्रमोद शर्मा ने संबोधित करते हुुये विस्तार से अपनी बात रखी। इस अवसर पर कार्यक्रम में जिला पंचायत प्रधान रविराज सिंह, जिला भाजपा अध्यक्ष पन्ना रामबिहारी चौरसिया सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही प्रणामी सुन्दरसाथ बड़ी संख्या में मौजूद थे।

खनिज मंत्री के अशोभनीय व्यवहार से आक्रोशित कांग्रेस ने प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

0
पन्ना के नवीन कलेक्ट्रेट भवन के बाहर प्रदेश के खनिज मंत्री के अशोभनीय व्यवहार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस के नेतागण।
  •    मंत्रिमंडल से बृजेन्द्र प्रताप को बर्खास्त करने की उठाई मांग

पन्ना। (www.radarnews.in) सतना जिले की रैगांव विधानसभा में हो रहे उपचुनाव में बीते दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में आयोजित आमसभा के मंच पर प्रदेश के खनिज मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह के द्वारा सार्वजनिक रूप से नारी शक्ति के साथ अशोभनीय व्यवहार किए जाने संबंधी सोशल मीडिया में वायरल वीडियो को लेकर खासा बवाल मचा है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस वीडियो को संज्ञान लेते हुए इसे बेशर्म हरकत करार दिया है। जिसके बाद नारी शक्ति की अस्मिता और गरिमा को ठेस पहुँचाने से जुड़े अशोभनीय व्यवहार के मामले पर मंगलवार 19 अक्टूबर को पन्ना जिला कांग्रेस अध्यक्ष शारदा पाठक के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों के द्वारा प्रदर्शन कर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
कांग्रेस पार्टी ने ज्ञापन के माध्यम से मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह को मंत्रिमंडल से तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि जो कृत्य रैगांव में हुआ है वह संपूर्ण नारियों के सम्मान के प्रति उनकी सोच पर प्रश्न चिन्ह लगाता है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए कार्यवाही की मांग की।
इस अवसर पर कांग्रेस नेता शिवजीत सिंह भैया राजा, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मी दहायत, युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष स्वतंत्र प्रभाकर अवस्थी, जिला कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग अध्यक्ष कदीर खान, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षगण अनीश खान पन्ना, राकेश गर्ग अजयगढ़, शंकर द्विवेदी धरमपुर, डीके दुबे, श्रीकांत दीक्षित, मनीष मिश्रा, शशीकांत दिक्षित, अंकित शर्मा, रेहान मोहम्मद, मृगेंद्र सिंह गहरवार, अक्षय तिवारी मनोज सेन, सौरभ पटेरिया, दीपक तिवारी, वैभव थापक, दीपू दीक्षित, गोपाल मिश्रा, भूपेंद्र सिंह परमार, अज्जू गर्ग, रवि तिवारी, गीता बंशकार, मुन्नीलाल बंशकार, हीरालाल विश्वकर्मा, उर्मिला तिवारी, नरेश कुशवाहा, शंकर कुशवाहा, अंकित राय, मिस्टर राइन, सुधा विश्वकर्मा, नत्थू सेन, सुषमा दुबे, पूनम मिश्रा, मनोज त्रिपाठी, फैज मोहम्मद, अनुराग मिश्रा, रामअवतार तिवारी, बीएन जोशी, सुनील अवस्थी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

विधवा और उसके कथित प्रेमी की बहन-बहनोई ने की जघन्य हत्या

0
दोहरे हत्याकाण्ड के संबंध में जानकारी देता हुआ मृतक पुरुषोत्तम लोधी का भतीजा।

*    पन्ना जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र की घटना

*    लाठी एवं बल्लम से हमला कर वारदात को अंजाम दिया

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के सिमरिया थाना अंतर्गत मजरा टपरन बनौली में बीती रात आशनाई के चक्कर में एक विधवा और उसके कथित प्रेमी की जघन्य हत्या कर दी गई। दोहरे हत्याकाण्ड की इस सनसनीखेज वारदात को मृतिका की छोटी बहन और बहनोई के द्वारा लाठी-बल्लम से हमला कर अंजाम दिया गया। सिमरिया थाना पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए रात्रि में ही तत्परता से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया था। पुलिस दोनों के विरुद्ध हत्या का मामला पंजीबद्ध किया है।
पवई एसडीओपी रक्षपाल सिंह यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि मजरा ग्राम टपरन बनौली में रहने वाली बेवा अनेश बाई आदिवासी और उसकी सगी छोटी बहन का विवाह एक ही गांव और परिवार में हुआ था। कुछ समय पूर्व अनेश बाई के पति की मृत्यु हो गई गई थी। बेवा अनेश बाई 45 वर्ष के घर पर पुरुषोत्तम लोधी निवासी ग्राम बड़खेरा का अक्सर आना-जाना रहता था। दोनों के बीच कथित तौर पर अवैध संबंध होने का संदेह था। इससे होने वाली बदनामी के चलते अनेश बाई के परिजनों ने पूर्व में कई बार कड़ा एतराज जताया था। लेकिन इसके बाद भी उनकी आशनाई जारी रही।
मंगलवार 19 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे पुरुषोत्तम लोधी जब अनेश बाई से मिलने उसके घर पहुंचा तो इससे नाराज़ उसकी सगी छोटी बहन-बहनोई ने मिलकर दोनों के ऊपर लाठी और बल्लम नुमा हथियार से प्राणघातक हमला कर दिया। अत्यंत ही गंभीर रूप से जख्मी पुरुषोत्तम लोधी 40 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि अनेश बाई आदिवासी को लहूलुहान स्थिति में देर रात इलाज के लिए पन्ना जिला चिकित्सालय लाया गया। बेवा अनेश बाई के पन्ना में मृत्यु पूर्व कथन दर्ज कराए गए। तत्पश्चात बेहद नाजुक हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज हेतु पन्ना से मेडीकल कॉलिज रीवा के लिए रेफरल कर दिया गया। प्राणघातक हमले में गंभीर रूप से जख्मी अनेश बाई को रात्रि में रीवा ले जाते समय रास्ते में सतना के समीप उसने दम तोड़ दिया।
सिमरिया थाना प्रभारी संदीप भारती ने बताया कि, दोहरे हत्याकांड के दोनों आरोपियों को रात्रि में ही पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया था। हत्या की वारदात में प्रयुक्त हथियार भी उनसे बरामद कर लिए हैं। आज पवई में पुलिस के द्वारा पुरुषोत्तम लोधी के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस के द्वारा जघन्य हत्याकाण्ड पर आरोपियों के विरुद्ध हत्या का मामला पंजीबद्ध किया गया है।
पवई में शव विच्छेदन गृह के बाहर पत्रकारों से दोहरे हत्याकाण्ड के संबंध बात करते हुए क्षेत्रीय विधायक प्रह्लाद लोधी।
उधर, पवई में शव विच्छेदन गृह के बाहर मृतक पुरुषोत्तम लोधी के भतीजे ने स्थानीय पत्रकारों को घटना के संबंध में बताया कि उसके चाचा का अनेश बाई के घर पर आना-जाना था। मंगलवार को अनेश बाई को उसके परिजनों के द्वारा प्रताड़ित करने की सूचना चाचा पुरुषोत्तम लोधी को मोबाइल फोन पर मिली थी। मदद के लिए पुरुषोत्तम लोधी जब टपरन-बनौली पहुंचे तो अनेश बाई के परिजनों ने दोनों की निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी। इस घटना के सामने आने से उपजे आक्रोश के बीच आज पवई विधायक प्रह्लाद लोधी पवई पहुंचकर पुरुषोत्तम के परिजनों से मिले। उन्होंने हत्याकाण्ड के आरोपियों के खिलाफ पुलिस से सख्त कार्यवाही करने की मांग की है।

तालाब की खुदाई में निकले मिट्टी के घड़े में मिला मुगलकालीन ख़जाना !

0
तालाब की खुदाई में मिले प्राचीन सिक्कों का पंचनामा बनाकर उन्हें अपने कब्जे में लेते हुए एसडीएम अजयगढ़ कुशल सिंह गौतम।

*   अजयगढ़ क्षेत्र में 700 नग प्राचीन सिक्के मिलने से मचा हड़कंप

*   खजाना मिलने की खबर फैलने से मौके पर बड़ी संख्या में पहुंचे लोग

मुस्तक़ीम खान/रवि यादव, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील अंतर्गत फरस्वाहा ग्राम के सिद्ध स्थल के समीप चल रहे तालाब खुदाई कार्य के दौरान आज बड़ी तादाद में प्राचीन सिक्के मिलने पर क्षेत्र में कथित तौर पर मुगलकालीन बेशक़ीमती खजाना मिलने की खबर फ़ैल गई। जंगल की आग की तरह फैली इस खबर ने लोगों को सुखद आश्चर्य से भर दिया। फलस्वरूप खजाने को देखने की उत्सुकता वश बड़ी संख्या में आसपास के लोग मौके पर पहुँच गए। इधर, सिक्के मिलने की खबर जब अजयगढ़ एसडीएम कुशल सिंह गौतम को लगी तो वे आनन-फानन पुलिस बल के साथ तुरंत फरस्वाहा पहुंचे और प्राप्त प्राचीन मुद्राओं का पंचनामा बनाकर उन्हें अपने कब्जे में ले लिया। सिक्कों की संख्या 700 के करीब बताई जा रही है। तांबे जैसे प्रतीत हो रहे सिक्कों पर उर्दू/अरबी सरीकी इबारत लिखी नजर आ रही है।
तांबे जैसे दिख रहे सिक्के पर उर्दू/अरबी सरीकी इबारत लिखी है।
उल्लेखनीय है कि फरस्वाहा ग्राम में तालाब की खुदाई का कार्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत पंचायत के द्वारा कराया जा रहा है। एसडीएम अजयगढ़ कुशल सिंह गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि सिक्के तालाब की खुदाई दौरान निकले मिट्टी के घड़े के अंदर मजदूरों को मिले थे। प्रथम दृष्टया सिक्के मुग़लकालीन लग रहे है। आपने बताया कि सिक्कों के संबंध तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त करने के लिए उनका परीक्षण पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञों से कराया जाएगा। जिससे वस्तु स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
फरस्वाहा ग्राम के तालाब की खुदाई में मिले प्राचीन सिक्के, जिन्हें मुग़लकालीन मुद्रा बताया जा रहा है।
अजयगढ़ क्षेत्र में आज दिन भर लोगों के बीच सिक्कों के रूप में प्राचीन खजाना मिलने की खबर चर्चा का विषय बनीं रही। मालूम हो कि, पन्ना जिला ऐतिहासिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। जिले में जगह-जगह मौजूद पुरा संपदा इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है। जिसके मद्देनजर कुछ लोग तालाब के आसपास और भी प्राचीन संपदा मिलने की संभावना जताते हुए पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञों से स्थल का सर्वेक्षण कराकर उनकी निगरानी में खुदाई कराने की बात कह रहे हैं।

काल चक्र को भेदकर सटीक भविष्यवाणी करने वाले प्रकाण्ड विद्वान थे गौतम जी : आनंद

0
श्यामारडाड़ा ग्राम में ज्योतिषाचार्य पंडित अयोध्या प्रसाद गौतम जी की प्रतिमा की स्थापना के कार्यक्रम में बड़ी तादाद में सम्मलित हुए अनुयायी।

*   श्यामारडाड़ा ग्राम में ज्योतिषाचार्य पं. अयोध्या प्रसाद गौतम जी की प्रतिमा की स्थापना

*   आयोजित कार्यक्रम में अनुयायियों व संबंधियों सहित क्षेत्र के सैंकड़ों लोग हुए शामिल

पन्ना। (www.radarnews.in) दिव्य ज्योतिष के प्रणेता एवं ज्योतिष मठ संस्थान भोपाल के संस्थापक सुप्रसिद्ध पंचांगकर ज्योतिषाचार्य पंडित श्री अयोध्या प्रसाद गौतम जी की प्रतिमा की स्थापना सोमवार 18 अक्टूबर को पन्ना जिले की देवेन्द्रनगर तहसील अंतर्गत उनके गृह ग्राम श्यामारडाड़ा में विधि-विधान के साथ समारोह पूर्वक की गई। इस भव्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्री गौतम जी के शिष्यगण, अनुयायी, संबंधीजन एवं क्षेत्र के लोग श्रद्धापूर्वक सम्मलित हुए। इस अवसर पर भाव-विभोर अनुयायियों ने गुरु जी का पुण्य स्मरण करते हुए उनके अविस्मरणीय योगदान को याद किया।
अपने जीवन काल में अनेकों सटीक भविष्वाणी करने वाले ज्योतिषाचार्य पंडित श्री अयोध्या प्रसाद गौतम जी ने अपने ज्ञान और साधना से बहुत से लोगों को जीवन की कठिनाइयों-समस्याओं से उबारने में यथा संभव सहायता की। साथ ही लोगों को सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। गौतम जी ने जीवनपर्यन्त यात्राएं कर देश एवं विदेश के लोगों को वैदिक ज्ञान-विज्ञान तथा ज्योतिष शास्त्र के अनेक रहस्यों, अनछुए पहलुओं से परिचित कराकर ज्योतिष के प्रति उनके भरोसे को अटूट बनाने का कार्य किया।
ज्योतिषाचार्य पंडित अयोध्या प्रसाद गौतम जी की प्रतिमा।
कार्यक्रम में सम्मलित हुए प्रख्यात जादूगर आनंद ने गुरु जी (गौतम जी) की प्रतिमा को नमन करने के पश्चात पत्रकारों से चर्चा में कहा कि, पंडित श्री अयोध्या प्रसाद गौतम जी जैसे महपुरुष बिरले ही पैदा होते हैं। मैं सौभाग्यशाली हूं कि, जब तक वे शरीर रूप में इस धरा पर रहे मुझे उनसे कई बार मिलने, अपनी जिज्ञासाओं को जानने का अवसर प्राप्त हुआ। जादूगर आनंद ने कहा कि, गौतम जी काल चक्र को भेदकर सटीक भविष्यवाणी करने वाले प्रकाण्ड विद्वान् थे। वे पन्ना के असली हीरे थे, उन्होंने अपने दिव्य ज्ञान के प्रकाश से समूचे बुंदेलखंड और मध्यप्रदेश को गौरान्वित किया था।
पूर्व सांसद एवं पूर्व मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने अपनी अनुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि, यह पूजनीय स्थल अनेक प्रकार की सकरात्मक ऊर्जा और शांति से परिपूर्ण है। यहां आकर महसूस होता है गुरूजी का आशीर्वाद हमारे साथ है।

निकाली गई भव्य कलश यात्रा

ज्योतिषाचार्य पंडित श्री अयोध्या प्रसाद गौतम जी के गृह ग्राम श्यामारडाड़ा में उनकी प्रतिमा की स्थापना के पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली गई। तत्पश्चात विधि-विधान के साथ मंत्रोच्चार के बीच गुरु जी की प्रतिमा की स्थापना की गई एवं ग्रह नक्षत्र तथा राशि प्रतिष्ठा समारोह आयोजित हुआ।
इस अवसर पर गुरूजी के ज्येष्ठ सुपुत्र डॉ. प्रकाश गौतम ने कहा कि, हमारे माता-पिता इस धरती पर साक्षात ईश्वर का रूप हैं। हम चाहे जितना भी पूजा-पाठ या धर्म-कर्म कर लें यदि हम अपने माता-पिता और बुजुर्गों का आदर-सम्मान नहीं करते तो सब व्यर्थ है। उस पूजा-पाठ या धर्म-कर्म का हमें कोई लाभ होने वाला नहीं है। आपने कहा कि हमारे माता-पिता पूज्यनीय हैं, उनका आशीर्वाद प्राप्त कर जीवन में हम सबकुछ प्राप्त कर सकते हैं। सनातन धर्म भी ऐसा ही करने की लिए प्रेरित करता है, इसलिए गुरूजी की प्रतिमा की स्थापना कराई गई है।
“पंडित अयोध्या प्रसाद गौतम पंचांग” का विमोचन करते हुए पूर्व सांसद एवं पूर्व मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, जादूगर आनंद एवं पंडित विनोद गौतम।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों के कर कमलों से 2022 ईस्वी का “पंडित अयोध्या प्रसाद गौतम पंचांग” का विमोचन पंडित विनोद गौतम के द्वारा कराया गया। अंत में कृष्ण कुमार गौतम ने सभी उपस्थित महानुभाव के प्रति आभार ज्ञापित किया। तत्पश्चात सभी लोगों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।

 

श्रमजीवी पत्रकार संघ ने मुख्यमंत्री के नाम छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा

0
अपनी मांगों के निराकरण हेतु पन्ना में मुख्यमंत्री के नाम पर कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित करते हुए श्रमजीवी संघ से जुड़े पत्रकार।

*   दिवंगत पत्रकार मनोज रावत व सतीश जयसवाल को अर्पित की श्रद्धांजलि

*   मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की पन्ना में महत्वपूर्ण बैठक संपन्न

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया के निर्देशानुसार श्रमजीवी पत्रकार संघ पन्ना की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार 18 अक्टूबर को स्थानीय सर्किट हाउस में संपन्न हुई। बैठक में श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश सचिव रामकिशोर अग्रवाल, सागर संभाग के कार्यकारी अध्यक्ष हमीद खान, छतरपुर इकाई के जिला अध्यक्ष श्याम खरे विशेष रूप से उपस्थित रहे। पत्रकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों एवं संगठनात्मक मजबूती को लेकर विचार-विमर्श हेतु आयोजित बैठक में पन्ना के दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार मनोज उर्फ़ बब्लू रावत व सतीश जयसवाल को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। दोनों साथियों के असामयिक निधन पर पत्रकारों ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए इसे पन्ना की पत्रकारिता के लिए अपूर्णीय क्षति बताया। अपने साथियों की आत्मा की शांति हेतु पत्रकारों के द्वारा दो मिनिट का मौन धारण कर ईशवर से प्रार्थना की गई। इस अवसर सभी शोक संतृप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। तत्पश्चात स्वर्गीय पत्रकार मनोज रावत व सतीश जयसवाल के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।

संगठनात्मक गतिविधियों की दी गई जानकारी

बैठक में श्रमजीवी पत्रकार संघ जिला इकाई पन्ना के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार दीपक दिलीप शर्मा ने संगठनात्मक गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और पत्रकारों से जुड़े मुद्दों को प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों को अवगत कराया। श्री शर्मा ने शीघ्र ही जिले में सदस्यता अभियान प्रारम्भ करने की जानकारी दी गई। बैठक के समापन के बाद सभी पत्रकारों ने नवीन कलेक्ट्रेट भवन पहुंचकर 6 सूत्रीय मांगों के संबंध में एक ज्ञापन प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के प्रतिनिधि को सौंपा गया। इस अवसर पर कई पत्रकार उपस्थित रहे।

सभी पत्रकारों को दी जाए अधिमान्यता

ज्ञापन के माध्यम से यह मांग की गई है कि, पन्ना जिले में पत्रकार कॉलोनी के लिए भू-खण्ड आरक्षित कर पत्रकारों को सस्ते दाम पर प्लाट उपलब्ध कराए जायें। पत्रकारों को मकान निर्माण हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। पत्रकारों की त्रैमासिक बैठक आयोजित कर समस्याओं का निराकरण किया जाए। कोरोना काल मे बंन्द अधिमान्य पत्रकारों तथा वरिष्ठ नागरिकों की रेल रियायत यात्रा फिर से बहाल की जाये। पत्रकार साथियों को अधिमान्यता प्रदान करने वाली प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए समस्त पत्रकारों को अधिमान्यता दिलाई जाए।

अपहरण एवं हत्या के आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा, जुर्माना भी लगाया

0
फाइल फोटो।
  •  विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटीज) पन्ना श्री आर.पी. सोनकर ने सुनाया फैसला

पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के बहुचर्चित पुन्नू चौधरी हत्याकाण्ड में विशेष न्यायालय (एट्रोसिटीज) पन्ना ने मंगलवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। पुन्नू चौधरी व छक्कू चौधरी निवासी ग्राम टिकरिया का अपहरण करने और पुन्नू को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने के मामले में विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम पन्ना, श्री आर.पी. सोनकर ने अभियुक्तगण रमेश सिंह राठौर, सीताराम राठौर, मूरत सिंह गौंड़ निवासी ग्राम सिजहटी, अरुण कुमार मुसरहा, दुधपाल सिंह यादव निवासी ग्राम टिकरिया व दशरथ सिंह गौंड़ निवासी ग्राम कंधेली थाना शाहनगर जिला पन्ना को दोष सिद्ध पाते हुए प्रत्येक अभियुक्त को आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दण्डित किया है।
अभियुक्तगण ने बड़ी ही बेरहमी से पुन्नू चौधरी की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी थी, क्योंकि उसके चाचा छक्कू चौधरी ने दुधपाल यादव से ऊंची आवाज़ में बात की थी। छक्कू का यह रवैया दुधपाल सिंह को नागवार गुजरा था। दुधपाल ने इसे अपना अपमान समझा और बदला लेने के लिए अन्य लोगों के साथ मिलकर अपहरण व हत्या की जघन्य वारदात को अंजाम दिया था।
शासन की ओर से प्रकरण की पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक पन्ना जीतेन्द्र सिंह बैस ने अभियोजन के मामले की जानकारी देते हुए बताया, बड़ी बाई चौधरी पत्नी बिसलिया चौधरी निवासी ग्राम टिकरिया ने दिनांक 12 फरवरी 2014 को थाना शाहनगर में लिखित आवेदन पत्र दिया था। जिसमें यह उल्लेख किया था कि, शाम करीब 6 बजे स्थानीय बस स्टैण्ड में लड़के पुन्नू व देवर छक्कू के साथ दुधपाल यादव, सीताराम राठौर, दशरथ गौंड़ व 7-8 अन्य लोग मारपीट कर दोनों को जबरदस्ती घसीटकर सिजहटी की ओर ले गए हैं। आवेदन पत्र की जांच उपरांत शाहनगर थाना में अपराध क्रमांक 22/2014 धारा 365 आईपीसी के तहत कायम किया गया।
अपहरण के मामले की जांच के दौरान दिनांक 13 फरवरी 2014 छक्कू चौधरी ने थाना पहुंचकर रिपोर्ट लिखाई कि घटना दिनांक को टिकरिया बस स्टैण्ड में उसके और भतीजे पुन्नू के साथ दुधपाल, सीताराम, शंकर राठौर व 2-3 अन्य लोगों ने मारपीट की। फिर दोनों के हाथ-पैर बांधकर दो जीपों से अकला गौंड़ के खेत में ले गए। जहां दुधपाल ने पुन्नू के ऊपर तेल डाला और सीतराम ने माचिस से आग लगा दी, जिससे पुन्नू वहीं जलकर मर गया। आरोपी उसे भी जलाने वाले थे लेकिन छक्कू चौधरी के विनती करने पर आरोपियों ने उसे छोड़ दिया। छक्कू ने पुलिस को बताया, पुन्नू की जली हुई लाश अकला गौंड़ के खेत में पड़ी है।
शाहनगर थाना पुलिस द्वारा घटना पर मर्ग कायम कर शव की शिनाख्ती उपरान्त पोस्टमार्टम कराया गया। आरोपियों को गिरफ्तार कर प्रकरण का चालान (अभियोग पत्र) न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। मामले का विचारण माननीय विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम पन्ना के न्यायालय में किया गया।
सांकेतिक चित्र।
अभियोजन द्वारा प्रकरण में प्रस्तुत दस्तावेज एवं अभियोजन साक्षियों के कथनों से आरोपियों के विरूद्ध आरोपित अपराध संदेह से परे प्रमाणित किया गया। जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्कों तथा न्‍यायिक-दृष्‍टांतो से सहमत होते हुए अभियुक्‍त- रमेश सिंह राठौर पुत्र गोले सिंह राठौर 57 वर्ष, सीताराम राठौर पुत्र गोकुल राठौर 45 वर्ष, मूरत सिंह गौंड़ पुत्र टिडई सिंह गौंड़ 65 वर्ष निवासी ग्राम सिजहटी, अरुण कुमार मुसरहा पुत्र बिहारी लाल मुसरहा 35 वर्ष, दुधपाल सिंह यादव पुत्र मंगल प्रसाद यादव 45 वर्ष निवासी ग्राम टिकरिया व दशरथ सिंह गौंड़ पुत्र वीरेन्द्र सिंह गौंड़ 35 वर्ष, निवासी ग्राम कंधेली थाना शाहनगर जिला पन्ना को पुन्नू चौधरी व छक्कू चौधरी के साथ मारपीट-बल्वा करने, दोनों का अपहरण करने और पुन्नू को जिन्दा जलाकर हत्या करने के अपराध में दोषसिद्ध किया गया है।
उपरोक्त सभी अभियुक्तगण को आईपीसी की धारा 147 में छह माह के कठोर कारावास, धारा 148 में एक वर्ष के कठोर कारावास, धारा 323 सहपठित धारा 149 में छह माह के कठोर कारावास, धारा 364 सहपठित 149 (दो काउंट) प्रत्येक काउंट में दस-दस वर्ष के कठोर कारावास, धारा 302 सहपठित 149 में आजीवन कारावास, धारा 201 में तीन वर्ष के कठोर कारावास से एवं प्रत्येक अभियुक्त को 5500-5500 रुपए के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया गया है। साथ ही रमेश सिंह राठौर, सीतराम राठौर, दुधपाल यादव तथा अरुण कुमार मुसरहा को धारा 3(2)(5) अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के आरोप (दो काउंट) में भी प्रत्येक काउंट के लिए पृथक-पृथक आजीवन कारावास से तथा एक-एक हजार रुपए के अर्थदण्‍ड से भी दंडित किया गया है।

जेल ब्रेक : चादर की रस्सी के सहारे ऊपर चढ़े फिर ऊंची दीवार कूदकर जेल से फरार हुए तीन कैदी, सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल

0
फाइल फोटो।

किचिन में खाना पकाने की ड्यूटी के दौरान कैदियों के भागने से मचा हड़कंप

ऊंचाई से कूदने के कारण चोटिल हुए तीनों कैदी कुछ ही घण्टे बाद पकड़े गए

पैर और कमर में चोटें आने पर इलाज के लिए स्वास्थ्य केन्द्र में कराया भर्ती

शादिक खान, पन्ना/पवई।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की पवई उप जेल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सोमवार को उप जेल से लूट, हत्या के प्रयास और बलात्कार जैसे मामलों में विचाराधीन तीन कैदी दीवार फांदकर फरार हो गए। दोपहर करीब तीन बजे घटित सनसनीख़ेज घटना की खबर फैलने के बाद पवई सहित आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। जेल की किचिन में खाना पकाने की ड्यूटी के दौरान भागने वाले कैदियों की पहचान नुनागर थाना शाहनगर निवासी अनिरुद्ध सिंह उर्फ पिंटू, लक्ष्मीकांत विश्वकर्मा और रीठी जिला कटनी निवासी महेंद्र सिंह आदिवासी के रूप में की गई है। जेल की ऊंची दीवार से नीचे कूदने के कारण कथित तौर पर कैदी लक्ष्मीकांत का पैर फैक्चर होने से वह भाग नहीं सका जिसे जेल गार्ड ने आसानी से पकड़ लिया। कुछ घण्टे बाद पुलिस ने इलाके की चौतरफा घेराबंदी करके सर्चिंग अभियान चलाकर कैदी अनिरुद्ध सिंह उर्फ पिंटू व महेंद्र सिंह आदिवासी को भी गिरफ्तार कर लिया। इनके भी पैर और कमर में चोटें आई हैं। जेल से भागे तीनों कैदियों की धरपकड़ से सभी ने राहत की सांस ली है। लेकिन इस घटना ने उप जेल पवई प्रबंधन द्वारा की गयी सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी है।
उप जेल ब्रेक की सूचना मिलने पर पन्ना से पुलिस अधीक्षक धर्मराज सिंह मीना ने शाम के समय पवई पुहंचकर घटना की जानकारी प्राप्त की और जेल का मुआयना किया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस के द्वारा आसपास के इलाके की तगड़ी घेराबंदी करके और सघन सर्चिंग अभियान चलाकर रात्रि में तीसरे कैदी महेंद्र सिंह आदिवासी निवासी रीठी जिला कटनी को भी गिरफ्तार कर लिया। इधर, जेल से भागने वाले कैदियों के विरुद्ध प्रहरी उद्देश्य लारिया ने पुलिस थाना पवई में आईपीसी की धारा 224 के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कराया है।
उप जेल पवई के सहायक अधीक्षक एमपी मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि, कैदियों के लिए शाम का खाना पकाने आधा दर्जन कैदियों की ड्यूटी लगाई गई थी। जिसमें उक्त तीन कैदी भी शामिल रहे। सोमवार 11 अक्टूबर को दोपहर करीब सवा 3 बजे कैदी अनिरुद्ध सिंह उर्फ पिंटू, लक्ष्मीकांत विश्वकर्मा और महेंद्र सिंह आदिवासी जेल से फरार हो गए। इसकी जानकारी किचिन में काम कर रहे दूसरे कैदियों के द्वारा दी गई। ड्यूटी पर मौजूद प्रहरियों ने जब मौके पर जाकर देखा तो चादर से बनी रस्सी में लोहे का एंगल बंधा हुआ मिला। ऐसा माना जा रहा है कि इसी रस्सी के सहारे जेल की दीवार फांद कर तीनों कैदी फरार हुए।
जेलर ने बताया कि ऊंचाई से कूदने के कारण कैदी लक्ष्मीकांत विश्वकर्मा चोटिल हो गया जिसे जेल गार्ड ने तुरंत ही पकड़ लिया था। इसके बाद कुछ घण्टे के अंतराल में अनिरुद्ध सिंह उर्फ पिंटू व महेन्द्र सिंह आदिवासी को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके भी पैर व कमर में चोटें आई हैं। चर्चा है कि, पुलिस की कड़ी घेराबंदी और चोटिल होने की वजह से ये दोनों भी ज्यादा दूर तक भाग नहीं सके। सहायक जेल अधीक्षक मिश्रा ने बताया, कैदियों के फरार होने की घटना के समय वे पन्ना में थे। दरअसल, जिला जेल पन्ना के अधीक्षक के अवकाश पर होने के कारण अतिरिक्त प्रभार की ड्यूटी के सिलसिले में वह पन्ना गए हुए थे। कैदियों के फरार होने की सूचना मिलने पर तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी देकर वे शाम को वापस पवई लौट आए।

स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती हैं तीनों चोटिल कैदी

जेल की ऊंची दीवार से कूद कर फरार होने वाले कैदियों की धरपकड़ के बाद उनके चोटिल होने की बात सामने आई है। पवई के जेलर एमपी मिश्रा ने बताया कि करीब 20 फिट ऊँची जेल की दीवार से नीचे कूदने कारण चोटें आना स्वाभाविक है। तीनों चोटिल कैदियों को इलाज के लिए पुलिस अभिरक्षा में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पवई में भर्ती कराया गया है। उनके पैर और कमर में चोटें बताई जा रहीं है।

लापरवाह प्रहरियों को किया निलंबित

सांकेतिक फोटो।
पन्ना जिले की उप जेल पवई से एक साथ तीन खतरनाक कैदियों के फरार होने की घटना सामने आने पर सोमवार को जेल मुख्यालय भोपाल तक हड़कंप मच गया। परिणामस्वरूप सतना से देर रात केन्द्रीय जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर ने पवई पहुंचकर घटना की जानकारी प्राप्त की और प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में जवाबदेही तय करते हुए प्रहरी अखिलेश मिश्रा व दादूलाल सेन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। केन्द्रीय जेल अधीक्षक तोमर ने पवई जेल की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कमियों को दूर करके चाक-चौबंद बनाने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है पवई जेल से पूर्व में भी कैदी फरार हो चुके हैं। इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति से स्पष्ट है कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता नहीं है।

दर्दनाक सड़क हादसा जिसने हर किसी को रुला दिया

0
सड़क हादसे मासूम बच्चे की मृत्यु होने पर पंचनामा कार्यवाही करते हुए अजयगढ़ थाना पुलिस।

*   पन्ना जिले के अजयगढ़ में मासूम बच्चे को बेलग़ाम ट्रक ने कुचला

*   बेवा मां की सूनी हुई गोद, इकलौती संतान था 3 वर्षीय बालक राहुल

*   सड़क हादसे से आक्रोशित लोगों ने स्टेट हाइवे पर किया चक्काजाम

पन्ना/अजयगढ़। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में शुक्रवार 8 अक्टूबर की सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। पीडीएस के खाद्यान्न से लोड एक बेलग़ाम ट्रक ने सड़क पार कर रहे मासूम बच्चे को कुचल दिया। तहसील मुख्यालय अजयगढ़ के शांतिनगर इलाके में हुए इस हृदय विदारक हादसे में बुरी तरह जख़्मी 3 वर्षीय बालक की सांसें मौके पर ही थम गईं। सड़क हादसे में मासूम बच्चे के असमय काल-कवलित होने से उसकी बेवा मां की गोद सूनी हो गई है। क्योंकि, बालक राहुल गुप्ता अपनी मां की इकलौती संतान था। विचलित करने वाले इस हादसे के बारे में जिसने भी सुना उसकी आंखें छलक उठीं। देखते ही देखते गम और गुस्से से भरे मोहल्ले वासियों ने घटनास्थल पर ही कटनी-कानपुर स्टेट हाइवे पर चक्काजाम कर दिया। आनन-फानन मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जनाक्रोश के मद्देनजर सूझबूझ से काम लेते हुए पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदना और सहानुभूति दिखाते हुए तत्परता से डेढ़ लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिलाई गई।
अजयगढ़ के लोगों को झकझोर कर रख देने वाले इस हादसे के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार शांतिनगर में रहने वाली बेवा आशा गुप्ता का 3 वर्षीय पुत्र राहुल गुप्ता पिता स्व. संतोष गुप्ता अपने घर के सामने सड़क किनारे खेल रहा था। सुबह करीब साढ़े 9 बजे राहुल को सड़क पार करते समय सामने से आए तेज रफ़्तार ट्रक क्रमांक एमपी-16-एच- 0128 के चालक ने अत्यंत ही लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए उसे कुचल दिया। सड़क हादसे में अत्यंत ही गंभीर रूप से घायल मासूम बच्चे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जिससे आक्रोशित मोहल्ले के लोगों ने स्टेट हाइवे पर चक्काजाम कर दिया।
अजयगढ़ में पोस्टमार्टम के दौरान शव विच्छेदन गृह के बाहर मौजूद पुलिस जवान एवं शोक संतृप्त परिजन।
हादसे की सूचना मिलने पर अजयगढ़ एसडीएम कुशल सिंह गौतम, एसडीओपी बलराम सिंह परिहार, तहसीलदार शिवदयाल प्रजापति, थाना प्रभारी अरविंद कुजूर तत्काल दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाइश देकर चक्काजाम खुलवाया। और सड़क हादसे में मृत हुए बच्चे के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। तहसीलदार शिवदयाल प्रजापति ने मौके पर ही 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत ही दयनीय होने के मद्देनजर अजयगढ़ थाना प्रभारी अरविंद कुजर ने ट्रक मालिक बात कर मृतक के परिवार को नगद एक लाख रुपए की सहायता दिलवाई गई। इसके अलावा तहसीलदार शिवदयाल प्रजापति द्वारा शासन की योजना के तहत 4 लाख की आर्थिक सहायता शोक संतृप्त परिजनों को शीघ्र दिलाने का आश्वासन दिया गया।पुलिस ने इस घटना पर ट्रक के चालक के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को जांच में लिया है।

महत्वपूर्ण फ़ैसला : कोर्ट में झूठी गवाही देना शिक्षकों को बहुत महंगा पड़ा 

0
फाइल फोटो।

*   मारपीट करने वाले आरोपी से राजीनामा हो जाने पर दिए थे झूठे बयान

*   स्पेशल जज ने शिक्षकों के कृत्य को संज्ञान लेकर कार्यवाही के दिए आदेश

*   मारपीट करने वाले आरोपी को कोर्ट ने सुनाई सजा और जुर्माना भी लगाया

पन्ना। (www.radarnews.in) शिक्षक को जाति सूचक गालियां देकर मारपीट करने के मामले में विशेष न्यायालय पन्ना ने फैसला सुनाते हुये आरोपी नारायण पटेल को दोषी मानते हुए 3 वर्ष का कठोर कारावास एवं 3 हजार रूपये के अर्थदण्‍ड से दंडित किया है। इस प्रकरण में आरोपी से राजीनामा हो जाने पर उसे सजा से बचाने के लिए फरियादी शिक्षक जगदीश प्रसाद अहिरवार और घटना के प्रत्‍यक्षदर्शी साक्षी रामप्रसाद बेड़िया व रामलखन प्रजापति को कोर्ट में झूठी गवाही देना बहुत महंगा पड़ा गया। विशेष न्‍यायाधीश (एट्रोसिटीज) पन्‍ना, श्री आर.पी.सोनकर ने शासकीय सेवकों के इस कृत्य को संज्ञान लेते हुए जांच उपरांत फरियादी एवं साक्षियों के विरूद्ध अभियोग चलाने का आदेश दिया है। विशेष न्‍यायाधीश द्वारा पारित यह महत्वपूर्ण फैसला लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी कपिल व्‍यास ने अभियोजन के मामले की जानकारी देते हुए बताया कि, जगदीश प्रसाद अहिरवार, प्रभारी प्रधान अध्‍यापक, शासकीय माध्‍यमिक शाला बम्‍हौरी ने पुलिस थाना अमानगंज में नारायण पटेल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें जगदीश ने बताया था, दिनांक 25 अगस्त 2016 को 21:40 बजे वह स्कूल में शासकीय कार्य कर रहा था तभी नारायण पटेल पिता नत्‍थू पटेल आया और जातिगत गाली देते हुये बोला कि, मेरे बच्‍चे का चैक क्यों नहीं काट देता है। तब मैंने बताया कि उसके बच्‍चे का दाखिला उनके स्‍कूल में नहीं है। इतना सुनते ही नारायण पटेल ने जगदीश की कॉलर पकड़कर पीठ व पेट में हाथ-घूसों से मारपीट की गई। और अश्‍लील गाली देते हुये बोला कि मेरे बच्‍चे का चैक काट देना नहीं तो जान से खत्‍म कर दूंगा।
घटना की रिपोर्ट के आधार पर थाना अमानगंज में अपराध क्रमांक 229/16 पर धारा 294, 353, 332, 506 आईपीसी एवं धारा 3(2-9) का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की विवेचना उपरांत धारा 3(2-10) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्‍याचार निवारण) अधिनियम, 1989 का इजाफा कर अभियोग पत्र (चालान) न्‍यायालय के समक्ष प्रस्‍तुत किया गया।
प्रकरण की सुनवाई विशेष न्‍यायालय में पन्ना में हुई। जिसमें शासन की ओर से प्रकरण की पैरवी विशेष लोक अभियोजक जितेन्‍द्र सिंह बैस द्वारा की गई। विशेष लोक अभियोजक ने न्‍यायालय के समक्ष विभिन्न साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर आरोपी के विरूद्ध अपराध संदेह से परे प्रमाणित किया गया। न्‍यायालय ने अभिलेख पर आए साक्ष्‍यों, अभियोजन के तर्को तथा न्‍यायिक-दृष्‍टांतो से सहमत होते हुए अभियुक्‍त नारायण पटेल पुत्र नत्‍थू पसाद पटेल 45 वर्ष निवासी बम्‍हौरी,थाना अमानगंज, जिला पन्‍ना, मध्य प्रदेश को धारा 3(1)(ध) एवं 3(2)(5क) एससीएसटी एक्‍ट में क्रमश: 1 वर्ष व 3 वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 3 हजार रूपये के अर्थदण्‍ड से भी दंडित किया गया है।
सांकेतिक चित्र।
उल्लेखनीय है कि, इस प्रकरण में अभियुक्त नारायण पटेल से राजीनामा हो जाने के कारण फरियादी जगदीश प्रसाद अहिरवार, प्रत्‍यक्षदर्शी साक्षी रामप्रसाद बेड़िया व रामलखन प्रजापति ने शासकीय सेवक (शिक्षक) होते हुये उसे सजा से बचाने के लिए कोर्ट में झूठे बयान दर्ज कराए गए। जिसे विद्वान विशेष न्‍यायाधीश (एट्रोसिटीज) पन्‍ना, आर.पी.सोनकर ने संज्ञान लेते हुए फरियादी एवं साक्षियों के विरूद्ध जांच कराकर धारा 340/344 दंप्रसं एवं धारा 193 आईपीसी के अन्‍तर्गत परिवाद पत्र तैयार कर दंडात्‍मक कार्यवाही करने हेतु मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट की ओर प्र‍ेषित किये जाने का आदेश अपने फैसले में दिया है। विशेष न्‍यायाधीश के इस महत्वपूर्ण फैसले को न्‍यायालय में झूठी गवाही देने या फिर उससे मुकरने वालों को कड़ा संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है।