* पड़ोसी जिला दमोह के गैसाबाद का निवासी था प्रेमी जोड़ा
* पन्ना जिले के सिमरिया थाना अंतर्गत पेड़ पर लटके मिले शव
पन्ना।(www.radarnews.in) पड़ोसी जिला दमोह के गैसाबाद निवासी एक प्रेमी युगल का प्यार परवान चढ़ पाता कि इसके पहले ही परिवार और समाज द्वारा स्वीकार न किए जाने भय से इन्होंने दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। साथ जीने का सपना पूरा ना होते देख इस प्रेमी युगल ने पन्ना जिले के सीमावर्ती सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत हीरापुर ग्राम के आमघाट पहुंचकर साथ मरने का फैसला कर पेड़ की डाल पर एक ही रस्सी से फांसी लगा ली। इस तरह एक प्रेम कहानी का दर्दनाक दुखांत हो गया। फांसी के फंदे पर लटके प्रेमी जोड़े के शव का विचलित करने वाला दृश्य जिसने भी देखा उसका कलेजा बैठ गया और आंखें भर आईं। मृतकों की पहचान निवासी गैसाबाद जिला दमोह के रूप में हुई है। घटना का पता चलने पर दोनों मृतकों के परिजन भी मौके पर पहुंच चुके थे।
सिमरिया थाना से प्राप्त जानकारी अनुसार पुलिस को आज शाम करीब 4 बजे ग्रामीणों के द्वारा सूचना दी गई कि हीरापुर ग्राम के आमघाट के समीप एक पेड़ पर फांसी के फंदे पर दो अज्ञात शव लटके हैं। जानकारी मिलते ही सिमरिया थाना प्रभारी सुशील अहिरवार आनन-फानन हमराही बल के साथ मौके पर पहुंचे। तब तक सोशल मीडिया के माध्यम से यह सनसनीखेज खबर आग की तरह पूरे इलाके में फ़ैल गई। उधर लापता मयंक पटेल (परिवर्तित नाम) 18 वर्ष तथा मानसी वर्मा (परिवर्तित नाम) 17 वर्ष की खोजबीन में जुटे उनके परिजनों को जैसे ही इस घटना की भनक लगी वे भी तुरंत आमघाट पहुंचे। सिमरिया थाना प्रभारी ने बताया कि नाबालिग मानसी के रहस्मय तरीके से लापता होने की सूचना बुधवार 16 नवंबर को परिजनों के द्वारा गैसाबाद थाना में दी गई थी। जिस पर पुलिस ने बाकायदा प्रकरण कायम किया था। उधर, मयंक के भी गायब होने से नाबलिग लड़की के परिजनों को पूरा संदेह था कि मानसी उसी के साथ गई है। लेकिन दोनों ही परिवारों ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनके बच्चे आत्मघाती कदम उठा लेंगे। जनचर्चा है कि प्रेमी युगल की मोहब्बत की राह में जातिगत बंधन और समाज के तथाकथित नियम-क़ानून आड़े आ रहे थे। इसलिए इन दोनों का रिश्ता उनके परिवार वालों को मंजूर नहीं था। जिसके चलते हताश-निराश होकर दोनों ने एक साथ मौत को गले लगा लिया।











पुलिस के द्वारा इस घटना को सनसनीखेज अपराध की श्रेणी में रखकर प्रकरण को विवेचना में लिया गया। आरोपियों को गिरफ्तार कर प्रकरण में एसिड अटैक एवं हत्या के प्रयास की धारा का इजाफा किया गया। प्रकरण की सम्पूर्ण विवेचना उपरांत पुलिस के द्वारा चालान न्यायालय में पेश किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय के समक्ष अभियोजन साक्षियों के कथन दर्ज कराए गए। विवेचकों द्वारा की गई प्रकरण की विवेचना, अभियोजन के द्वारा प्रस्तुत साक्षी एवं तर्कों से सहमत होकर अभियोजन का प्रकरण युक्ति-युक्त संदेह से परे मानते हुये अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवई सचिंद्र श्रीवास्तव ने आरोपीगण सुम्मेर उर्फ सुम्मेर राजा पिता बहादुर सिंह 45 साल निवासी ग्राम बराहो थाना पवई जिला पन्ना और गोल्डी राजा उर्फ विश्वनाथ सिंह पिता झल्लू उर्फ मुलायम सिंह उम्र 27 साल निवासी ग्राम डहर्रा पवइया थाना पवई जिला पन्ना को 5-5 वर्ष का कठोर कारावास और 500-500 रुपए के अर्थदण्ड (जुर्माना) से दंडित किया है।

बताते चलें कि रिश्वत की मांग से परेशान ठेकेदार के निशाने पर उपयंत्री के साथ-साथ सहायक यंत्री बीके त्रिपाठी के भी थे। इसलिए रिश्वत में दी जाने वाली कैमिकल युक्त नकद राशि व चेक लेकर ठेकेदार लोकायुक्त पुलिस टीम के साथ सबसे पहले लोक निर्माण उप संभाग पन्ना दिव्तीय के अनुविभागीय अधिकारी/सहायक यंत्री बीके त्रिपाठी के आवास पर पहुंचा था। लेकिन वे घर पर नहीं मिले और मोबाइल फोन पर भी उनसे संपर्क नहीं हो पाया था। शिकायतकर्ता ठेकेदार ने बताया, रिश्वत की मांग करने में चूंकि सहायक यंत्री बीके त्रिपाठी और उपयंत्री मनोज रिछारिया दोनों शामिल थे। इसलिए सहायक यंत्री के आवास या ऑफिस में उन्हें रिश्वत देते समय उपयंत्री मनोज रिछारिया को भी वहां बुलाकर रिश्वत की राशि में उनका हिस्सा सौंपकर दोनों को पकड़वाने की योजना थी। लेकिन समय पर संपर्क न हो पाने के कारण लोकायुक्त ट्रैप कार्रवाई के जाल में फंसने से बीके त्रिपाठी बाल-बाल बच गए। मालूम होकि, जिला मुख्यालय में जिस समय लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम इस बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दे रही थी उस समय प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान पन्ना जिले में ही मौजूद थे। मुख्यमंत्री अमानगंज तहसील अंतर्गत हरदुआ केन ग्राम में स्थित जेके सीमेंट के नवनिर्मित प्लांट का लोकार्पण कर रहे थे।




दीपोत्सव कार्यक्रम खनिज मंत्री के पन्ना स्थित कार्यालय परिसर में आयोजित हुआ। जिसमें कलेक्टर संजय कुमार मिश्र, जिला पंचायत सीईओ संघ प्रिय सहित एसडीएम श्रीमती भारती मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग ऊदल सिंह ठाकुर भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि कोविड की वैश्विक आपदा में अपने माता-पिता को असमय खो चुके बच्चों केे साथ विकट परिस्थितियों में सदैव साथ रहेंगे। बच्चों को पारिवारिक माहौल में देखभाल और पढ़ाई की बेहतर व्यवस्थाओं के संबंध में निर्देश दिए गए। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि बेहतर भविष्य के लिए पढ़ाई का कोई विकल्प नहीं है। इसलिए पूरी तन्मयता के साथ पढ़ाई पर ध्यान केन्द्रित करें। उन्होंने कहा कि दीपावली के पावन पर्व पर बच्चों से मुलाकात कर मन प्रसन्न है।
मंत्री और अधिकारियों ने बच्चों व अभिभावकों के साथ भोजन किया। आधार संस्था द्वारा बच्चों को कंबल और सेलीब्रेशन पैक का वितरण भी किया गया। जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार तहसीलदार द्वारा भी बच्चों को मिष्ठान और उपहार भेंट कर किसी भी समस्या पर तत्काल संपर्क करने के लिए कहा गया।