* दो दिन के अंदर तीन हत्याओं से दहल उठा शांति का टापू
* पुलिस की लचर कार्यशैली को लेकर जनमानस में आक्रोश
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में सनसनीखेज आपराधिक घटनाओं के लगातार सामने आने से जबरदस्त हड़कंप मचा है। पिछले कुछ समय से पुलिस की घोर निष्क्रियता के फलस्वरूप जिले में सक्रिय अपराधियों, चोर-बदमाशों के हौसले काफी बुलंद हैं। आए दिन आपराधिक तत्व बड़े ही दुस्साहसिक अंदाज में सनसनीखेज वारदातों को अंजाम देकर जिले को दहलाने के साथ-साथ पुलिस को खुली चुनौती दे रहे हैं। करीब महीने भर के अंतराल में जिले में डबल मर्डर की दूसरी वारदात सामने आई है। शाहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बीजाखेड़ा ग्राम में बुधवार 15 नवंबर की सुबह एक निःसंतान वृद्ध दंपत्ति के शव उनके ही घर के आंगन में खून से लथपथ स्थिति में मिले। इसके एक दिन पूर्व जिले के धरमपुर थाना अंतर्गत लामी ग्राम में युवा किसान को दिनदहाड़े अज्ञात हमलावर ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। विचलित करने वाली इन वारदातों की खबर आने के बाद से ही इलाके के लोग अत्यंत ही भयभीत और चिंतित नजर आ रहे हैं। कथित तौर पर दोहरे हत्याकांड की एक अन्य वारदात पिछले माह जिले के सलेहा थाना अंतर्गत लमकुश ग्राम में सामने आई थी। जहां अज्ञात व्यक्ति पर एक नवयुवक और नाबालिग छात्रा की दिनदहाड़े गला रेतकर हत्या करने का आरोप पीड़ित परिजनों ने लगाया था। अभी हाल ही में पन्ना अधीक्षक ने आधिकारिक तौर पर जानकारी देते हुए बताया था कि लमकुश की घटना के तमाम साक्ष्यों एवं विवेचना के आधार पर अब तक यह निष्कर्ष निकला है कि प्रेम प्रसंग के चलते छात्रा की हत्या करने के बाद युवक ने आत्मघाती कदम उठाया था। लोग अभी इस हैरतअंगेज वारदात को भूले भी नहीं थे कि इस बीच डबल मर्डर की दूसरी वारदात के सामने आने से जनमानस में पन्ना पुलिस की लचर कार्यशैली को लेकर तीव्र आक्रोश और असंतोष व्याप्त है।
कातिल और क़त्ल की वजह अज्ञात

जिले के शाहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बीजाखेड़ा ग्राम से अज्ञात कारणों के चलते वृद्ध दंपत्ति की निर्ममता पूर्वक हत्या किये जाने का मामला सामने आया है। मृतक दरवेश शाह पिता निजाम शाह और उसकी पत्नी रैन बाई 70 वर्ष के शव बुधवार 15 नवंबर की सुबह इनके ही घर के बाहर आंगन में पड़े मिले। दंपत्ति गांव के स्कूल के समीप स्थित साईं मोहल्ले में रहते थे। खून से लथपथ स्थिति में मिले शवों को देखकर यह माना जा रहा है कि दंपत्ति के क़त्ल की वारदात को अज्ञात व्यक्ति के द्वारा देर रात्रि में अंजाम दिया गया है। जनचर्चा है पुलिस को इस जघन्य वारदात की सूचना सुबह ही मिल गई थी लेकिन शाहनगर थाना पुलिस को दोपहर करीब 3 बजे मौके पर पहुंचने की फुर्सत मिली। जिससे घटनास्थल का मुआयना, पंचनामा आदि कार्रवाई देर से होने के कारण बुधवार को शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। पता चला है घटना दिनांक को शाहनगर थाना प्रभारी व्हीव्हीआईपी ड्यूटी के सिलसिले में मुख्यालय से बाहर थे। अंधे क़त्ल के खुलासे के लिए गुरुवार 16 नवंबर को पुलिस की एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड को बुलाकर घटनास्थल की जांच कारवाने और शवों का शाहनगर में पोस्टमार्टम कराये जाने की बात कही जा रही है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में दोहरे हत्याकांड की वजह और अज्ञात कातिल का सुराग नहीं लग सका।
हत्यारोपी पुलिस अभिरक्षा से फरार

जिले के अजयगढ़ क़स्बा में बुधवार 15 नवंबर 2022 को दोपहर के समय उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस टीम को चकमा देकर हत्या और आर्म्स एक्ट का कैदी फरार हो गया। जिला जेल पन्ना में निरुद्ध कैदी शेखर बहेलिया पिता रतनलाल बहेलिया 59 वर्ष निवासी सुकमा थाना रीठी जिला कटनी को पेशी करवाने के लिए पुलिस टीम जेएमएफसी न्यायालय अजयगढ़ में लेकर आई थी। दोपहर के समय कैदी को वापस पन्ना लाने के लिए पुलिस टीम जब अजयगढ़ बस स्टैण्ड पहुंचीं तभी कैदी लापरवाह पुलिस जवानों को चकमा देकर फरार हो गया। महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में 5 वर्ष पूर्व शेखर बहेलिया ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। यह शातिर आरोपी महाराष्ट्र पुलिस के साथ कई साल से लुकाछिपी का खेल-खेल रहा था। कुछ माह पूर्व शेखर को जिले की अजयगढ़ थाना पुलिस ने आर्म्स एक्ट के मामले में गिरफ्तार किया था।
किसान को गोली मारने वाले बेसुराग

जिले के धरमपुर थाना अंतर्गत लामी ग्राम में युवा किसान के ऊपर गोली चलाने की घटना के 36 घंटे बाद भी पुलिस अज्ञात हमलावर का पता नहीं लगा सकी। सोमवार 14 नवंबर को रामलखन लोध पिता रामकुमार लोध खेत में जब पशुओं को चारा खिला रहा था तभी समीप स्थित झाड़ियों से चली गोली सीधे रामलखन के चेहरे पर लगी थी। इस घटना में गंभीर रूप से जख्मी युवक को प्राथमिक इलाज के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ से उसे पन्ना के लिए रेफरल किया गया था। जहां इलाज के दौरान रामलखन की असमय मौत हो गई थी। पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा सकी कि युवा किसान के ऊपर फायर किसने और क्यों किया था। इस घटना के बाद से इलाके में सनसनी व्याप्त है। उधर, जिले के कोतवाली थाना पन्ना व देवेंद्रनगर थाना अंतर्गत आए दिन चोरी की वारदातों के सामने आने से व्यापारी और आमजन खासे चिंतित और परेशान हैं।
कहां व्यस्त है पन्ना पुलिस ?
शांति का टापू कहलाने वाले पन्ना जिले को अपराधी और बदमाश अपने कृत्यों से लगातार अशांत कर रहे हैं जिससे यह सवाल प्रमुखता से उठ रहा है कि पन्ना जिले की पुलिस आखिर कर क्या रही है ? इस सवाल का जवाब जानने के लिए जिले में चल रहीं अवैध गतिविधयों और उन्हें संरक्षण देने को लेकर पुलिस पर लग रहे आरोपों पर गौर करने की जरुरत है। कांग्रेस के सीनियर नेता एवं पूर्व मंत्रीद्वय मुकेश नायक और राजा पटैरिया ने कुछ समय पूर्व अपने पन्ना प्रवास के दौरान जिले में व्याप्त अराजकता का मुद्दा उठाते हुए शासन-प्रशासन पर जमकर हमला बोला था। पूर्व मंत्री राजा पटैरिया ने तो यहाँ तक आरोप लगाया था कि पन्ना जिले में क़ानून व्यवस्था बद्तर स्थिति में है। जिले में बड़े पैमाने अवैध तरीके से निकाली जा रही रेत का परिवहन करने वाले वाहनों से सभी थानों की पुलिस मासिक एंट्री वसूली में जुटी है। साथ ही सत्तारूढ़ दल के नेताओं की इशारे पर राजनैतिक विरोधियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई करने के आरोप भी लगाए थे। इसके अलावा शराब ठेकेदारों की अवैध शराब बिक्री को कथित तौर पर संरक्षण देने और क्रिकेट सट्टा, पशु तस्करी आदि गैरकानूनी गतिविधियों को स्वार्थ पूर्ती के चक्कर में नजरअंदाज करने के आरोप पन्ना पुलिस पर लग रहे हैं। हालांकि पुलिस के अधिकारी इन तमाम आरोपों को ख़ारिज करते हुए आपराधिक तत्वों के खिलाफ लगातार सख्ती से कार्रवाई करने की बात कहते हैं। उल्लेखनीय है कि उपनिरीक्षक घनश्याम मिश्रा से बीजाखेड़ा की वारदात के संबंध जानकारी प्राप्त करने के लिए मोबाइल फोन पर संपर्क करने पर उन्होंने स्वयं के व्यस्त होने की बात कहते हुए थाना में सम्पर्क स्थापित करने की बात कही। वहीं पुलिस अधीक्षक पन्ना धर्मराज मीना ने कहा आप कार्यालय में आकर मिलें आपको आवश्यक जानकारी दी जायेगी।
MP के पन्ना जिले में शाहनगर थाना अंतर्गत बीजाखेड़ा ग्राम में आज सुबह निःसंतान वृद्ध दंपत्ति के शव उनके घर में खून से लथपथ हालत में मिलने से सनसनी फ़ैल गई। अज्ञात हत्यारे के द्वारा बड़ी ही बेरहमी से दोनों का क़त्ल किया गया। दोहरे हत्याकांड के पीछे की वजह फ़िलहाल पता नहीं चल सकी। pic.twitter.com/MuDrX5AzDq
— Radar News (@RadarNews4) November 15, 2022






पुलिस के द्वारा इस घटना को सनसनीखेज अपराध की श्रेणी में रखकर प्रकरण को विवेचना में लिया गया। आरोपियों को गिरफ्तार कर प्रकरण में एसिड अटैक एवं हत्या के प्रयास की धारा का इजाफा किया गया। प्रकरण की सम्पूर्ण विवेचना उपरांत पुलिस के द्वारा चालान न्यायालय में पेश किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय के समक्ष अभियोजन साक्षियों के कथन दर्ज कराए गए। विवेचकों द्वारा की गई प्रकरण की विवेचना, अभियोजन के द्वारा प्रस्तुत साक्षी एवं तर्कों से सहमत होकर अभियोजन का प्रकरण युक्ति-युक्त संदेह से परे मानते हुये अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवई सचिंद्र श्रीवास्तव ने आरोपीगण सुम्मेर उर्फ सुम्मेर राजा पिता बहादुर सिंह 45 साल निवासी ग्राम बराहो थाना पवई जिला पन्ना और गोल्डी राजा उर्फ विश्वनाथ सिंह पिता झल्लू उर्फ मुलायम सिंह उम्र 27 साल निवासी ग्राम डहर्रा पवइया थाना पवई जिला पन्ना को 5-5 वर्ष का कठोर कारावास और 500-500 रुपए के अर्थदण्ड (जुर्माना) से दंडित किया है।

बताते चलें कि रिश्वत की मांग से परेशान ठेकेदार के निशाने पर उपयंत्री के साथ-साथ सहायक यंत्री बीके त्रिपाठी के भी थे। इसलिए रिश्वत में दी जाने वाली कैमिकल युक्त नकद राशि व चेक लेकर ठेकेदार लोकायुक्त पुलिस टीम के साथ सबसे पहले लोक निर्माण उप संभाग पन्ना दिव्तीय के अनुविभागीय अधिकारी/सहायक यंत्री बीके त्रिपाठी के आवास पर पहुंचा था। लेकिन वे घर पर नहीं मिले और मोबाइल फोन पर भी उनसे संपर्क नहीं हो पाया था। शिकायतकर्ता ठेकेदार ने बताया, रिश्वत की मांग करने में चूंकि सहायक यंत्री बीके त्रिपाठी और उपयंत्री मनोज रिछारिया दोनों शामिल थे। इसलिए सहायक यंत्री के आवास या ऑफिस में उन्हें रिश्वत देते समय उपयंत्री मनोज रिछारिया को भी वहां बुलाकर रिश्वत की राशि में उनका हिस्सा सौंपकर दोनों को पकड़वाने की योजना थी। लेकिन समय पर संपर्क न हो पाने के कारण लोकायुक्त ट्रैप कार्रवाई के जाल में फंसने से बीके त्रिपाठी बाल-बाल बच गए। मालूम होकि, जिला मुख्यालय में जिस समय लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम इस बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दे रही थी उस समय प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान पन्ना जिले में ही मौजूद थे। मुख्यमंत्री अमानगंज तहसील अंतर्गत हरदुआ केन ग्राम में स्थित जेके सीमेंट के नवनिर्मित प्लांट का लोकार्पण कर रहे थे।




दीपोत्सव कार्यक्रम खनिज मंत्री के पन्ना स्थित कार्यालय परिसर में आयोजित हुआ। जिसमें कलेक्टर संजय कुमार मिश्र, जिला पंचायत सीईओ संघ प्रिय सहित एसडीएम श्रीमती भारती मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग ऊदल सिंह ठाकुर भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि कोविड की वैश्विक आपदा में अपने माता-पिता को असमय खो चुके बच्चों केे साथ विकट परिस्थितियों में सदैव साथ रहेंगे। बच्चों को पारिवारिक माहौल में देखभाल और पढ़ाई की बेहतर व्यवस्थाओं के संबंध में निर्देश दिए गए। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि बेहतर भविष्य के लिए पढ़ाई का कोई विकल्प नहीं है। इसलिए पूरी तन्मयता के साथ पढ़ाई पर ध्यान केन्द्रित करें। उन्होंने कहा कि दीपावली के पावन पर्व पर बच्चों से मुलाकात कर मन प्रसन्न है।
मंत्री और अधिकारियों ने बच्चों व अभिभावकों के साथ भोजन किया। आधार संस्था द्वारा बच्चों को कंबल और सेलीब्रेशन पैक का वितरण भी किया गया। जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार तहसीलदार द्वारा भी बच्चों को मिष्ठान और उपहार भेंट कर किसी भी समस्या पर तत्काल संपर्क करने के लिए कहा गया।



विदित हो कि प्रधामंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित होने वाली संरचनाओं का निर्माण गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने की मंशा से कार्य की मॉनिटरिंग की दोहरी व्यवस्था की गई है। अर्थात क्रियान्वयन एजेंसी के तकनीकी अधिकारियों के अलावा कंसलटेंसी एजेंसी का तकनीकी अमला भी कार्य की निगरानी और उपयोग की जाने वाली निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच नियमित रूप से करता है। बावजूद इसके बिरवाही-रानीपुरा मार्ग पर निर्मित पुल के एप्रोच स्लैब के धराशाई होने से साफ़ जाहिर है जिम्मेदारों के द्वारा कार्य की निगरानी ईमानदारी से नहीं की गई। कथित तौर पर ठेकदार से मिलीभगत चलते तकनीकी अधिकारियों ने पुल निर्माण कार्य को गुणवत्ता के मानकों की कसौटी पर ना कसकर घटिया कार्य करने की छूट दी। कार्य की गुणवत्ता से समझौता किए जाने के परिणामस्वरुप पांच साल की गारंटी वाला पुल बनने के तीन माह के अंदर ही क्षतिग्रस्त हो गया। नवनिर्मित पुल पहली बारिश तक नहीं झेल सका। बहरहाल क्षतिग्रस्त पुल ने पन्ना में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों में चल रही लीपापोती के खेल को उजागर कर दिया है। जिससे निर्माण कार्यों की दोहरी मॉनिटरिंग व्यवस्था सवालों के घेरे में है। उल्लेखनीय है कि जब इस संबंध में प्रधानमंत्री सड़क योजना पन्ना के महाप्रबंधक महेश कुमार कोरी से विभाग का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया तो कई बार रिंग बजने के बाद भी उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ।