* विक्ट्री साइन दिखाते हुए कहा, सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं
* भावार्थ को समझे बिना शब्द विशेष को प्रचारित कर भाजपा पर दुष्प्रचार करने का लगाया आरोप
* पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजा पटैरिया का वीडियो वायरल होने मचा पर था सियासी बवाल
* पटैरिया बोले- “संविधान बचाना है तो मोदी की हत्या करने के लिए तत्पर रहो, हत्या इन द सेंस उनको हराने का काम करो”
शादिक खान, पन्ना/ अजित बढ़ौलिया, पवई। (www.radarnews.in) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर दिए गए गए विवादित बयान मामले में पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजा पटैरिया को मंगलवार (13 दिसम्बर) की सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें दमोह जिले के हटा क़स्बा स्थित आवास से सुबह करीब 6 बजे पन्ना जिले की पुलिस टीम ने अपनी गिरफ्त में लिया और पवई के लिए रवाना हो गई। इसके बाद उन्हें पुलिस ने भारी गहमागहमी के बीच पवई न्यायालय में पेश किया। न्यायालय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी पवई ने जमानत याचिका ख़ारिज करते हुए पटैरिया को 26 दिसंबर तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा में सब जेल पवई भेज दिया।
जेल जाने के पूर्व उन्होंने विक्ट्री साइन दिखाते हुए कहा कि सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं हो सकता है। आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल भाजपा के लोगों द्वारा मेरे तथाकथित भाषण के वायरल वीडियो को कांट-छांटकर आधा-अधूरा से प्रसारित किया गया। मेरी छवि धूमिल करने और कांग्रेस पार्टी को बेवजह बदनाम करने के उद्देश्य से शब्द विशेष को प्रचारित कर विषय की सत्यता एवं भावार्थ को समझे बिना जानबूझकर दुष्प्रचार किया गया। पूरा वीडियो सुनने से यह स्पष्ट होता है कि, बीजेपी नेताओं ने वक्तव्य को गलत ढंग से पेश किया। जबकि उनकी ऐसी कोई मंशा ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि मैं महात्मा गांधी का अनुयायी हूं, हिंसा करना तो दूर हिंसा के संबंध में सपने में सोच भी नहीं सकता। झूठ, डर, नफ़रत फ़ैलाने और समाज को बांटने वाली भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ विचारधारा की अपनी लड़ाई को लोकतांत्रिक तरीके से अंतिम सांस तक जारी रखूंगा। पूर्व मंत्री राजा पटैरिया के वकील गोविंद नारायण बघेल पत्रकारों को बताया कि उनके मुवक्किल की जमानत के लिए पवई के एडीजे कोर्ट में अपील की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पटैरिया का 11 दिसंबर 2022 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। पन्ना जिले के पवई क़स्बा के रेस्ट हाउस में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित मण्डलम-सेक्टर स्तरीय पदाधिकारियों की बैठक के बताए जा रहे वीडियो में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच राजा पटैरिया यह कहते हुए दिख रहे हैं कि- “संविधान को बचाना है तो मोदी की हत्या करने के लिए तत्पर रहो, हत्या इन द सेंस चुनाव हराने का काम करो।” इस वीडियो के वायरल होने से पवई, पन्ना से लेकर भोपाल और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक सियासी बवाल मच गया था। कथित उकसावे वाले विवादित बयान के वीडियो पर हमलावर हुए भाजपा नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल ने भोपाल में सोमवार 12 दिसंबर को पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना से मिलकर कार्रवाई की मांग की थी। मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने प्रकरण में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पवई थाना में लोक निर्माण विभाग के उपयंत्री की शिकायत पर राजा पटैरिया के खिलाफ अपराध क्रमांक 472/2022 धारा 451, 504, 505(1) (b), 505 (1) (c), 506, 153-B(1) (c), 115, 117 IPC के तहत प्रकरण दर्ज किया था।
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पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय ग्वालियर के उप संचालक पी.सी. महोबिया के मार्गदर्शन में माह नवंबर 2022 में दोनों मकबरों की क्लीनिंग और बायोसाइड ट्रीटमेंट रसायनज्ञ नीलेश लोखंडे की देखरेख में कराया गया। रडार न्यूज़ से चर्चा में श्री लोखंडे ने बताया पार्क के अंदर स्थित दोनों मकबरे अन्य की मकबरों की तुलना काफी अच्छी स्थिति में हैं। इनके संरक्षण कार्य अंतर्गत फ़िलहाल जगह-जगह उग आई घास-खरपतवार की साफ़-सफाई कराई गई। काले धब्बों-काई आदि को घिसाई करवाकर साफ़ कराया। जिसके बाद कैमिकल (बायोसाइड) ट्रीटमेंट करया गया। जीवनाशी रसायनों के छिड़काव के असर से प्राचीन मकबरे अगले कुछ सालों तक दीमक आदि कीट-पतंगों और छोटे-मोटे जीवों से पूर्णतः सुरक्षित रहेगा। साथ ही इन पर खरपतवार भी नहीं उगेंगे। इनके मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए सावधानीपूर्वक सिर्फ साफ़-सफाई और बायोसाइड ट्रीटमेंट कराने मात्र से ही दोनों मकबरों का सौंदर्य चमक उठा है। जिससे यह उम्मीद की जा रही है कि बुंदेली स्थापत्य कला के ये नायब नमूने राजेन्द्र उद्यान की सैर पर आने वाले लोगों के बीच आकर्षण का केन्द्र साबित होंगे।


पवई के आंबेडकर पार्क में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे अरुणपाल सिंह बुंदेला, जिला पंचायत सदस्य मंमता शर्मा, धीरेन्द्र लटौरिया, अजय श्रीवास्तव, गोलूजैन, महमूद खान, गुमान यादव, सेवा लाल पटेल, ध्रुव लोधी, मनीषा आदिवासी, सुधा विश्वकर्मा, जीवनलाल सिद्धार्थ, जीतेन्द्र जाटव, रामकुमार कबीरपंथी, धीरेंद्र वर्मा, कन्हैया वंशकार, राहुल अहिरवार ने बाबा साहब के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। पुण्यतिथि सह विचार गोष्ठी कार्यक्रम के आयोजक प्रमोद बाल्मीकी की सभी वक्ताओं ने सफल आयोजन के लिए मुक्त कण्ठ से प्रशंसा की गई। इस अवसर पर निधि पटैरिया ने बाबा साहब के द्वारा महिला अधिकारों के लिए किये गए कानूनी प्रावधानों पर केंद्रित गीत प्रस्तुत कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिसे सभी उपस्थितों ने जमकर सराहा। अंत में आभार प्रदर्शन शंभू अहिरवार ने किया। इस अवसर पर रोहनी उपाध्यक्ष, अजयपाल, चेनसिंह राठौर झिरमिला सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग उपस्थित थे। जसविंद राठौर बिसानी और अर्जुन कट्टी अस्वस्थ होने के बाद भी दर्जन भर साथियों सहित इस कार्यक्रम में शामिल हुए।





प्रदर्शनी में श्रीमती निशा जैन पूर्व प्राचार्य उत्कृष्ट विद्यालय पन्ना, शिवादत्त सिंह शोध छात्र व मनहर कन्या उच्चतर विद्यालय की लगभग 200 छात्रायें व शिक्षक-शिक्षिकायें उपस्थित थीं। डॉ. गोविन्द बाथम द्वारा उपस्थित छात्राओं व नागरिकों को अपनी धरोहरों को संरक्षित करने व पुरावशेषों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन सुलतान सिंह अनन्त द्वारा किया गया। कार्यक्रम अनूप कुमार ब्रह्मभट्ट, रामप्रकाश वैद्य, रमदमन सिंह, अरूण प्रताप बागरी, राजेन्द्र विश्वकर्मा, धर्मेन्द्र साहू व लक्ष्मण आदि उपस्थित रहे।






पारित आदेश में कहा गया है कि परिवादिया की ओर से प्रस्तुत कथन एवं परिवादी साक्षियों के कथन के अवलोकन उपरांत अभियुक्त अभियुक्त एपी सिंह एवं संजय सिंह के विरूद्ध उक्त धाराओं के संबंध में अपराध का संज्ञान लिए जाने हेतु प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार विद्यमान होने से उपरोक्त धाराओं का संज्ञान लिया जाता है। किन्तु शेष अभियुक्तगण रजनीश रावत, तत्कालीन तहसीलदार अमानगंज रतन सिंह, तत्कालीन उप पंजीयक जीवेन्द्र प्रसाद द्विवेदी एवं पटवारी मुकेश सोनी के विरूद्ध कोई अपराध नहीं बनने से उनके विरूद्ध कार्यवाही समाप्त की जाती है। विद्वान् विशेष न्यायाधीश पन्ना आरपी सोनकर ने अभियुक्त एपी सिंह मैनेजर एवं संजय सिंह सहायक मैनेजर जेके सीमेंट के विरूद्ध धारा 294 भादंसं विकल्प में धारा 3 (1) (ध) अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 धारा 506 (भाग-दो) भादंसं विकल्प में धारा 3 (2) (5क) अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 एवं धारा 427 भादंसं के अधीन अपराध पंजीबद्ध करने का आदेश जारी किया है।