* विधिक प्रकरणों में शासन की ओर से न्यायालय में की गई कुशलता पूर्वक पैरवी
* उत्कृष्ट सेवाओं की सरहाना कर खनिज मंत्री व सांसद ने शील्ड और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) गणतंत्र दिवस पर पुलिस परेड ग्राउण्ड पन्ना में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि खनिज साधन एवं श्रम मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने उत्कृष्ट कार्य के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित किया। इसी क्रम में जिला लोक अभियोजक पन्ना किशोर श्रीवास्तव को बेहतर तरीके से दायित्व का निर्वहन करने के लिए प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।
मिला दोहरा सम्मान
जिला लोक अभियोजक किशोर श्रीवास्तव को न्यायालय में विधिक प्रकरणों में शासन की ओर से कुशलता पूर्वक पैरवी करने के लिए गणतंत्र दिवस पर पन्ना कलेक्टर का हस्ताक्षरित प्रशस्ति पत्र और जिला पुलिस बल पन्ना की ओर से उत्कृष्ट सेवा सम्मान शील्ड खनिज साधन मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा के द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर कलेक्टर संजय कुमार मिश्र, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना सहित जनप्रतिनिधि व अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
अभियोजन को न्याय दिलाने में निभा रहे अहम भूमिका
गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में जिला लोक अभियोजक पन्ना किशोर श्रीवास्तव को सम्मानित किए जाने पर उपस्थित लोगों के द्वारा तालियां बजाकर प्रसन्नता व्यक्त की गई। उल्लेखनीय है कि, विद्वान अधिवक्ता एवं जिला लोक अभियोजक किशोर श्रीवास्तव पिछले कुछ वर्षों से लगातार सनसनीखेज, चिन्हित अपराधों एवं अनेकों बहुचर्चित प्रकरण में अभियोजन (शासन) की ओर से पैरवी करते हुए अपने प्रभावी तर्कों एवं साक्ष्यों से न्यायालय को सहमत कर अभियोजन के मामले को युक्ति-युक्त संदेह से परे साबित कर पीड़ितों (अभियोजन) को न्याय दिलाने में अहम भूमिका अदा कर रहे हैं। जिला लोक अभियोजक किशोर श्रीवास्तव को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किए जाने पर पन्ना के अधिवक्ताओं, अधिकारियों-कर्मचारियों, पत्रकारों, गणमान्य नागरिकों एवं जनप्रतनिधियों ने उन्हें बधाई दी है।
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बीके सीता बहनजी ने कहा कि, आज मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में तिल दान करने की प्रथा है तो आज हम अपनी सारी बुराईयों एवं विकारों का दान करके अपना जीवन पवित्र बनायें। बहनजी ने स्नान का महत्व बताया कि, सिर्फ एक दिन ही शाही स्नान नहीं बल्कि हम रोज अपने तन-मन को आध्यात्मिक ज्ञान से, अच्छे विचारों से, श्रेष्ठ भावनाओं से, ज्ञान गंगा जल से अपने मन को धोंएं जिससे हमारा जीवन पवित्र एवं सुख-शांति से सम्पन्न बन जाएगा। पन्ना के सारंग धाम मेले में अनेक ग्रामवासियों ने चरित्र निर्माण प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं जीवन को पवित्र बनाने के लिए व्यसनों एवं बुराईयों को छोड़ने की प्रतिज्ञा की।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि देशपाल पटेल ने अपने उद्बोधन में माता फातिमा शेख और सावित्रीबाई फूले के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उठाए गए क्रांतिकारी क़दमों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आजादी के पहले देश में महिलाओं को शिक्षा से वंचित रखा गया था। परंपरावादी रूढ़िवादी लोगों के द्वारा महिलाओं को घर के अंदर ही रहने के लिए विवश किया गया ताकि उनकी हुकूमत (पितृ सत्ता वर्चस्व) कायम रहे। समाज सुधारक माता फातिमा शेख और सावित्री बाई फुले ने संयुक्त रूप से इसका जबरदस्त विरोध करते हुए देश की बालिकाओं-महिलाओं को शिक्षा दिलाने का बीड़ा उठाते हुए देश में पहला बालिका विद्यालय महाराष्ट्र के पुणे शहर में 1848 को खोला गया। क्योंकि इनका मानना था कि शिक्षा से ही महिलाओं का सशक्तिकरण सम्भव हो सकता है।
श्री पटेल ने कहा कि, आज भारत की प्रत्येक वर्ग की महिलाएं इनके द्वारा किए गए शैक्षिक कार्य व समाज सुधार कार्यों के प्रति आभारी हैं। समाज सुधारक और शिक्षिका फातिमा शेख के प्रयासों से प्रेरणा लेते हुए महात्मा फूले परिषद के सभी सदस्यों ने संकल्प लिया कि आने वाले समय में देश के सभी समाज के महापुरुष, समाज सुधारकों की जयंती धूमधाम से मनाएंगे। कार्यक्रम के अंत सुधीर कुशवाहा, अध्यक्ष महात्मा क्षमता फुले परिषद द्वारा सभी उपस्थितों का आभार व्यक्त किया गया। जयंती कार्यक्रम में बड़ी संख्या उपस्थित लोगों द्वारा माता सावित्री बाई फुले अमर रहे, माता फातिमा शेख अमर रहे के नारे लगाए गए।