मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पन्ना जिले के शाहनगर में विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित किया।
* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 83 करोड़ रूपए के 14 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन
* सीएम ने शाहनगर को नगर परिषद बनाने और रैपुरा में नवीन कॉलेज खोलने का किया ऐलान
* सीएम बोले- पन्ना डायमंड अब बन गया है एक ब्रांड, इससे बनेंगे निवेश के नए अवसर
* जीआई टैग मिलने से पन्ना डायमंड को मिली है वैश्विक पहचान
* शाहनगर ब्लॉक में खुलेंगे दो अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्र
पन्ना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पन्ना की रत्नगर्भा भूमि किसी पहचान की मोहताज नहीं है। पन्ना ने खुद के साथ मध्यप्रदेश को भी गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि इन दिनों जहां देखो, उधर अपना पन्ना ही चमक रहा है। पन्ना की पुण्यधरा से निकलने वाले पारस (हीरा) से मध्यप्रदेश पूरे विश्व में मशहूर हो रहा है। मध्यप्रदेश को ‘डायमंड स्टेट’ और ‘टाइगर स्टेट’ का दर्जा दिलाने का श्रेय भी पन्ना को ही जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना डायमंड को जीआई टैग मिलने पर जिलेवासियों को बधाई देते हुए कहा कि जीआई टैग ने पन्ना की पहचान पर अब वैश्विक मुहर लगा दी है। अब पूरी दुनिया यहां के हीरों को ‘पन्ना डायमंड’ के नाम से ही जानेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पन्ना डायमंड’ अब एक ब्रांड के रूप में उभर रहा है। इससे न सिर्फ अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में पहचान बढ़ेगी, बल्कि वैल्यू-चेन, माइनिंग, प्रोसेसिंग, एक्सपोर्ट और जेम-आधारित उद्योग, सबमें निवेश के नए अवसर सामने आएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पन्ना जिले को बहुत जल्द मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलने वाली है। आज पन्ना और छतरपुर के बीच भव्य राजगढ़ पैलेस होटल का शुभारंभ भी हुआ है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पन्ना जिले के शाहनगर में हितग्राही सम्मेलन कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को पन्ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत शाहनगर में हितग्राही सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां करीब 83 करोड़ रूपए की लागत वाले 14 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 9 करोड़ रूपए की लागत से बनी बिसानी-श्यामगिरी-कल्दा-सलेहा वाया मैन्हा मार्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण एवं 74 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले 13 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं। इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री ने 4.25 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले पवई में तिघरा बैराज का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन एवं कन्या पूजन कर हितग्राही सम्मेलन की शुरूआत की। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मारतम् गायन के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पन्ना जिले के शाहनगर में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर रैपुरा में नवीन महाविद्यालय खोलने, वर्तमान ग्राम पंचायत शाहनगर को नगर परिषद बनाने तथा शाहनगर ब्लॉक में दो अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने करीब 135 करोड़ की लागत से टिकरिया-रीठी वाया खमरिया मार्ग का निर्माण करने, शाहनगर-बोरी-चमरईया सड़क मार्ग के चौड़ीकरण सहित पुराने बांधों की नहरों का सर्वे कराकर मरम्मत एवं जीर्णोद्धार का काम कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पवई और शाहनगर महाविद्यालय में विधि और विज्ञान संकाय भी शुरु किया जाएगा तथा शाहनगर के बंद उद्योग फिर से शुरू कराए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पन्ना के विकास को नई उड़ान देने के लिए राज्य सरकार पन्ना में 15 करोड़ की लागत से डायमंड बिजनेस पार्क तैयार कर रही है। यह पार्क पन्ना की अर्थव्यवस्था में एक नया अध्याय लिखेगा। इसके साथ बड़ागांव में 40 हेक्टेयर क्षेत्र में औद्योगिक पार्क का विकास लगभग पूर्ण है। वर्षों से बंद पड़ी एनएमडीसी हीरा खनन परियोजना को हमने पुनः प्रारंभ कराया गया है, जिससे बड़े स्तर पर हीरों का खनन एक बार फिर प्रारंभ हो चुका है।
पन्ना जिले के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना जिले के विकास को नया रूप देगी। केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना से जिले में 1 लाख 35 हज़ार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और 600 से अधिक गांवों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। हमारे पवई को भी इसका भरपूर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पन्ना टाइगर रिज़र्व, विश्व प्रसिद्ध हीरे, समृद्ध वन संपदा, केन नदी का अद्भुत कछार और राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियां सब मिलकर आने वाले वर्षों में जिले की अर्थव्यवस्था को एक नए स्वरूप में ढालने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पन्ना टाइगर रिज़र्व वाइल्ड लाइफ टूरिज्म के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। बाघों की बढ़ती संख्या, पार्क की वैश्विक प्रतिष्ठा और पर्यटकों का रुझान, स्थानीय युवाओं के लिए गाईडिंग, होटल रिसॉर्ट, ट्रांसपोर्ट और हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों में रोज़गार के नए अवसर बना रहा है। सरकार द्वारा होम-स्टे, एडवेंचर टूरिज्म और कनेक्टिविटी सुधारने के प्रयासों से क्षेत्र के विकास को गति मिल रही है। हम पन्ना जिले के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
18 हजार महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण में पन्ना पूरे प्रदेश में अग्रणी है। यहां 10 हज़ार 301 स्व-सहायता समूहों की 1 लाख से अधिक बहनों को 180 करोड़ रुपए से ज़्यादा का बैंक लिंकेज मिला है, जिसमें से लगभग 18 हज़ार महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पन्ना जिले की महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। लाड़ली बहनों को प्रति माह 1500 रुपए राशि भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि पन्ना जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापना के लिए करीब 25 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है और संबंधित निवेशक के साथ एमओयू भी हो चुका है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पवई बांध ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना द्वारा 158 ग्रामों में पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, खजुराहो सांसद वीडी शर्मा, विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह, पवई विधायक प्रह्लाद सिंह लोधी, प्रणय प्रभात पाण्डेय, नीलांशु चतुर्वेदी, सिद्धार्थ तिवारी, संदीप जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पन्ना श्रीमती मीना राजे परमार, नगर परिषद पवई के अध्यक्ष बसंत दहायत सहित जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय पन्ना के बाहर इमिलिहा के ग्रामीणों ने रामबाबू गौतम के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर उग्र नारेबाजी की।
* थाना प्रभारी धरमपुर पर अभद्रता करने, डराने-धमकाने के लगाए आरोप
* अवैध रेत खनन से प्रभावित इमिलिहा के ग्रामीणों ने पन्ना पहुंचकर एसपी के नाम सौंपा ज्ञापन
* रामबाबू पर रेत चोरी, गुंडागर्दी और पुलिस पर दबाव बनाने के मामले में कार्रवाई की मांग
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) बहुमूल्य खनिज संपदा की लूट के लिए बदनाम पन्ना जिले में धरमपुर थाना अंतर्गत इमिलिहा गांव में चल रहे रेत के अवैध खनन-परिवहन को स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत पर थाना प्रभारी द्वारा बंद कराने से जमकर बवाल हुआ। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सतानंद गौतम के छोटे भाई रामबाबू ने धरमपुर थाना प्रभारी पर कथित रूप से अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए अपने समर्थकों के साथ थाने का घेराव कर जमकर हंगामा किया। अगले दिन जब इस मामले का दूसरा पहलू सामने आया तो लोग हैरान रह गए।
इमिलिहा से पन्ना पहुंचे सैंकड़ा भर ग्रामीणों ने भाजपा नेता के भाई पर खुलेआम रेत चोरी, ऊपर से सीनाजोरी करने के बावजूद पुलिस पर अनुचित दबाव बनाने के लिए स्वयं को पीड़ित की तरह पेश करके विक्टिम कार्ड खेलने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने पन्ना पुलिस अधीक्षक के नाम एडिशनल एसपी को ज्ञापन सौंपकर रामबाबू गौतम के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है, रामबाबू अपने बड़े भाई के राजनैतिक रसूख की आड़ में गुंडई करते हुए कई सालों से रेत चोरी कर रहा है।
पन्ना पहुंचकर इमिलिहा के ग्रामीणों द्वारा पुलिस अधीक्षक के नाम सौंपे गए ज्ञापन की कॉपी।
विदित हो कि, मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में पिछले एक दशक से भी अधिक समय से सत्ता के संरक्षण में संगठित तरीके से केन और उसकी सहायक नदियों की रेत को खुलेआम लूटा जा रहा है। धरमपुर के ताज़ा बवाल को कुछ लोग भाजपा के बड़े नेताओं के बीच सुनहरी रेत काले कारोबार में ज्यादा से ज्यादा हिस्सेदारी के साथ क्षेत्र पर वर्चस्व को लेकर अंदरखाने चल रही रस्साकशी से जोड़कर देख रहे है। विवाद की असल वजह चाहे भी लेकिन एकबात तो साफ़ है कि इस हंगामे ने चाल-चरित्र और चेहरे की दुहाई देने वाले सत्तारूढ़ दल बीजेपी की अच्छी-खासी फजीहत करवा दी है। मामला भाजपा नेता के भाई से सीधा जुड़ा होने के कारण पूरा घटनाक्रम राजनितिक, प्रशासनिक हलकों से लेकर आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस विवाद को जातिगत अपमान से जोड़ने की कोशिश की गई थी लेकिन अवैध रेत खनन प्रभावित इमिलिहा के ग्रामीणों द्वारा तथ्यों को सामने लाने से दांव उल्टा पड़ गया।
क्या है पूरा मामला
पन्ना जिले के धरमपुर थाना के बाहर भाजपा नेता के भाई रामबाबू गौतम और उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया।
शनिवार 15 नवंबर 2025 की देर शाम जोर पकड़ती ठण्ड के बीच अचानक पन्ना जिले में सियासी पारा उस समय चढ़ गया जब सोशल मीडिया पर धरमपुर थाना परिसर में चल रहे हंगामे के कई वीडियो तेजी से वायरल हुए। जिनमें भाजपा के पूर्व पन्ना जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम का छोटा भाई रामबाबू अपने समर्थकों के साथ थाने का घेराव कर पुलिस और धरमपुर थाना प्रभारी उप निरीक्षक अनिल सिंह राजपूत के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए नजर आ रहे हैं। एक वीडियो में रामबाबू गौतम गंभीर आरोप लगाते हुए कहते हैं कि, थाना प्रभारी धरमपुर ने थाने में उनके साथ अभद्रता की है।
रामबाबू के अनुसार, थाना प्रभारी श्री राजपूत के बुलाने पर वह दोपहर के समय थाना गया था। जहां बातचीत के दौरान थाना प्रभारी ने उससे रेत परिवहन करने वाले अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली को तत्काल बंद करने लिए कहा, जिस पर वह राजी हो गया। इस दौरान कथित तौर पर थाना प्रभारी ने रामबाबू को नेतागिरी करने पर हड़काते हुए अपनी सहकर्मी से उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा। इस बात पर उनके बीच तीखी नोंकझोंक हो गई। रामबाबू का आरोप है, बिना किसी अपराध के एफआईआर की धमकी देने का विरोध करने पर थाना प्रभारी राजपूत भड़क उठे। उसके साथ दुर्व्यवहार करते हुए दरोगा जी (थाना प्रभारी) ने कथित तौर पर प्राइवेट पार्ट में डंडा डालने और एनकाउंटर करने की धमकी दे डाली।
धरमपुर थाना प्रभारी द्वारा कथित तौर पर की गई अभद्रता के विरोधस्वरूप थाना परिसर में जमा आक्रोशित भीड़।
रामबाबू ने धरमपुर से वापस कीरतपुर पहुंचकर जब यह बात अपने गांव के लोगों को बताई तो जाहिर है, आक्रोश फ़ैल गया। कुछ घंटे बाद रविवार को रात्रि में लगभग 8 बजे रामबाबू ने अपने सैंकड़ा भर समर्थकों के साथ धरमपुर थाना पहुंचकर जमकर हंगामा किया। थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सभी प्रदर्शकारी नारेबाजी करते हुए थाना परिसर में ही धरने पर बैठ गए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले की जांच उपरांत कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
रेत परिवहन रोकने ग्रामीणों ने की थी शिकायत
रेत के अवैध उत्खनन-परिवहन से प्रभावित इमिलिहा के ग्रामीणों द्वारा थाना प्रभारी से की गई शिकायत की कॉपी।
धरमपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बाघिन नदी के इमिलिहा घाट पर रामबाबू गौतम निवासी कीरतपुर एवं उसके साथियों द्वारा रेत का अवैध खनन कर ट्रैक्टरों के जरिए परिवहन करने की लिखित शिकायत स्थानीय ग्रामीणों द्वारा दिनांक 13 नवंबर 2025 को सामूहिक रूप से थाना प्रभारी धरमपुर से की गई थी। शिकायत में बताया गया कि, रात्रि में गांव से होकर रेत का अवैध परिवहन होने से वे लोग सो नहीं पाते। जबकि दिन के समय रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली गांव से होकर गुजरने से घर के बाहर खेलने वाले बच्चों के साथ गंभीर हादसा होने खतरा बना रहता है। रेत से लोड ट्रैक्टर-ट्रॉली गांव से निकालने से मना करने पर उन्हें धमकाया जा रहा है।
धरमपुर थाना प्रभारी उप निरीक्षक अनिल सिंह राजपूत।
प्रभावित ग्रामीणों ने थाना प्रभारी से रेत के अवैध परिवहन को तत्काल बंद कराने की पुरजोर मांग की। उप निरीक्षक अनिल राजपूत ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित होने की आशंका के मद्देनजर रामबाबू को थाना में बुलाकर समझाइश दी गई थी। ग्रामीणों की कड़ी आपत्ति की जानकारी देकर उनसे कहा गया कि आप अपने ट्रेक्टर गांव से निकालना तुरंत बंद कर दें। थाना प्रभारी धरमपुर ने अपनी सफाई में बताया कि उन्होंने रामबाबू से न तो किसी तरह की अभद्रता या दुर्व्यवहार किया और ना ही उसे धमकी दी। समझाइश देने के बाद रामबाबू थाने से चला गया लेकिन कुछ घंटे बाद वह 100-150 लोगों को लेकर वापस लौटा और मुझ पर अनर्गल आरोप लगाकर थाने के बाहर नारेबाजी करने लगा।
थाना प्रभारी पर दबाव बनाने किया हंगामा!
धरमपुर थाना में हंगामा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पन्ना में एडिशनल एसपी को इमिलिहा के ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा।
शनिवार रात धरमपुर थाना में रामबाबू गौतम और उसके समर्थकों द्वारा धरमपुर थाना प्रभारी के ऊपर गंभीर आरोप लगाकर बवाल काटने के बाद अगले दिन रविवार 16 नवम्बर की सुबह रेत के अवैध उत्खनन से प्रभावित इमिलिहा के ग्रामीण बड़ी संख्या में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। थाना प्रभारी के समर्थन में आए ग्रामीणों ने एसपी ऑफिस के बाहर रामबाबू गौतम को रेत माफिया करार देते हुए जमकर नारेबाजी की। ज्ञापन लेने पहुंची एडिशनल एसपी को ग्रामीणों ने बताया कि रामबाबू गौतम एवं उसके साथियों द्वारा इमिलिहा घाट से अवैध रेत उत्खनन-परिवहन करने से तनावपूर्ण स्थिति निर्मित है। मना करने पर अवैध उत्खननकर्ता गाली-गलौज कर उल्टा हमें ही धमकाते हैं। हम ग्रामीणों की आपत्ति पर थाना प्रभारी द्वारा अवैध रेत परिवहन पर तत्परता से प्रभावी रोक लगाने से रामबाबू बौखला गया है। कथित तौर पर थाना प्रभारी पर दबाव बनाने के लिए उसने सुनियोजित तरीके से झूठे आरोप लगाकर थाने में हंगामा कराया।
ग्रामीणों ने बताया, रामबाबू ने कथित तौर पर अपने भाई के राजनैतिक रसूख और कुछ साथियों की मदद से गुंडागर्दी के बल पर बाघिन नदी की रेत पर अवैध कब्ज़ा कर रखा है। स्थानीय लोग अपने घरों के निर्माण के लिए यदि कभी-कभार थोड़ी-बहुत रेत उठाते हैं तो रामबाबू विवाद करने लगता है। पुलिस अधीक्षक के नाम सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने थाना में हंगामा करने और रेत चोरी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि, सतानंद गौतम के भाजपा जिलाध्यक्ष कार्यकाल के दौरान भी उनके छोटे भाई पर रेत के अवैध कारोबार में लिप्त होने की गंभीर आरोप अनेकों बार लगे थे। जिसे उनके भाई हमेशा खारिज करते रहे हैं।
इनका कहना है-
“रामबाबू गौतम और इमिलिहा के ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन पत्रों की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य निकलकर आएंगे उसके आधार पर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।”
पन्ना के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मध्य प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग अध्यक्ष ने विभागीय अधिकारियों और सफाई कामगार एवं संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
* मध्य प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग अध्यक्ष ने सीएमएचओ को दिए निर्देश
* आयोग अध्यक्ष बोले- ‘एक माह में रिक्त पदों पर सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण की करें कार्रवाई’
* नियमों की पर्याप्त जानकारी न होने पर श्रम विभाग के अधिकारी को लगाई फटकार
पन्ना। सभी नगरीय निकायों सहित अन्य विभागों में कार्यरत सफाई कामगारों को शासन की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर प्रदान करें। इनके सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के प्रयासों सहित सफाई कर्मचारियों के पुत्र-पुत्रियों को कौशल उन्नयन प्रशिक्षण की बेहतर सुविधा भी मिले। साथ ही शासन के विभिन्न पुरस्कारों के लिए भी अपेक्षित कार्यवाही की जाए। उक्ताशय के निर्देश मध्य प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त अध्यक्ष प्रताप करोसिया ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभागीय अधिकारियों और सफाई कामगार एवं संगठन के पदाधिकारियों की बैठक में दिए।
आयोग अध्यक्ष श्री करोसिया ने शासकीय विभागों में सफाई कर्मचारियो के स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों की जानकारी ली। साथ ही दैनिक वेतन भोगी और आउटसोर्स पर नियोजित कर्मचारियों के बारे में पूछा। उन्होंने आउटसोर्स पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों की कंपनी के अनुबंध शर्तों के बारे में भी विभागवार जानकारी प्राप्त की। इस दौरान विनियमित कर्मचारियों की वरीयता सूची अद्यतन करने के निर्देश भी दिए। समय-समय पर शासन एवं न्यायालय के जारी निर्देशों के अनुक्रम में 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले पात्र कर्मचारियों को एक माह में नियमित करने के लिए निर्देशित किया। बैठक में नगर पालिका पन्ना के सीएमओ ने बताया कि वर्तमान में नगरीय निकाय अंतर्गत कोई भी आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत नहीं हैं।
बैठक के पूर्व पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार ने मध्य प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग अध्यक्ष प्रताप करोसिया का स्वागत किया।
राज्य सफाई कर्मचारी आयोग अध्यक्ष द्वारा स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आउटसोर्स कर्मचारी के नियोजन वाली कंपनी स्काईबुल द्वारा अनुबंध शर्तों का पालन नहीं करने पर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी दिए। साथ ही कहा कि दो माह तक लगातार वेतन भुगतान न करने तथा एक माह में एक साल की बकाया ईपीएफ राशि जमा नहीं कराने पर कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के संबंध में इसे आधार बनाकर कार्यवाही करें और विभाग स्तर पर सफाई कर्मचारियों की संविदा भर्ती की कार्यवाही प्रारंभ कराएं। उन्होंने आयोग को पालन प्रतिवेदन भेजने के लिए भी निर्देशित किया। साथ ही शासन के सभी निर्देश और परिपत्रों का गंभीरतापूर्वक अध्ययन करने की नसीहत भी दी। आयोग अध्यक्ष द्वारा एक प्रकरण में श्रम विभाग के अधिकारी संजय आर्या को नियम एवं अधिनियमों की पर्याप्त जानकारी न होने पर नाराजगी व्यक्त कर कड़ी फटकार भी लगाई गई।
मृत्यु हितलाभ का समय पर हो निराकरण
राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष द्वारा दैनिक वेतन भोगी एवं विनियमित कर्मचारियों की आकस्मिक मृत्यु पर परिजनों को मिलने वाले हितलाभ के समय पर वितरण सहित उपादान संदाय अधिनियम के तहत ग्रेच्युटी के समय पर भुगतान के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि सभी दैनिक वेतन भोगी सफाई कामगारों को नियम मुताबिक कलेक्टर दर की मजदूरी राशि का पूर्णकालिक अथवा अंशकालिक श्रेणी अनुसार समय पर भुगतान हो। नगर परिषद ककरहटी अंतर्गत ईपीएफ की शेष राशि तत्काल जमा कराने सहित नगर परिषद अजयगढ़ में एक प्रकरण में 15 दिवस में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने के निर्देश दिए।
मजदूरी भुगतान में नियमों का हो पालन
अध्यक्ष द्वारा नियम मुताबिक आवासहीन सफाई कर्मचारियों के आवास और पट्टे सहित आयुष्मान कार्ड और प्रधानमंत्री बीमा योजना की सुविधा का शिविर के जरिए सभी कामगारों को लाभ प्रदान करने के लिए निर्देशित किया गया। इसके अलावा जिला मुख्यालय पर महर्षि वाल्मीकी सामुदायिक भवन के निर्माण तथा सफाई कामगार प्रतिनिधियों के साथ भवन के लिए जमीन चिन्हांकन के निर्देश भी दिए। जिला संयोजक को स्वच्छता परिसरों की साफ सफाई में नियोजित कर्मचारियों को भी मजदूरी राशि के भुगतान में नियमों का पालन कर ईपीएफ कटौती के निर्देश दिए गए। साथ ही शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के बारे में जागरूक करने के लिए निर्देशित कर सभी विभागीय अधिकारियों को दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ गंभीरतापूर्वक दायित्वों के निर्वहन के लिए निर्देशित किया गया। इसके अलावा अनुसूचित जाति छात्रावास में निवासरत बच्चों की सुविधाओं और मंगल भवन की सुविधा के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए।
वितरित करें सुरक्षा उपकरण
बैठक में जिला पंचायत सीईओ द्वारा आयोग अध्यक्ष को स्वच्छता परिसरों के रखरखाव तथा सफाई कामगारों के पंजीकरण के बारे में अवगत कराया गया। परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण शशिकपूर गढ़पाले ने नगरीय क्षेत्र में सफाई कामगारों के मकान और दुकान के पृथक ब्लॉक स्थापना संबंधी कार्रवाई की जानकारी दी। बैठक में आयोग अध्यक्ष ने सफाई कामगार यूनियन के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की। इस दौरान गुनौर नगर परिषद में दैनिक वेतन भोगियों के एरियर्स के बकाया होने की जानकारी से अवगत कराया गया। अध्यक्ष ने नगरीय निकायों में नियमित रूप से सफाई कामगारों के हित संरक्षण की दिशा में सार्थक प्रयास के लिए निर्देशित किया। साथ ही ड्रेस, औजार और सुरक्षा उपकरण वितरित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि समय-सीमा में सभी निर्देशों का अधिकारियों द्वारा अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। समयबद्ध तरीके से सफाई कर्मचारियों की समस्या निराकृत करें। बैठक में कलेक्टर ऊषा परमार ने कर्मचारियों के हित के लिए प्रशासनिक स्तर पर सभी महत्वपूर्ण प्रयासों के बारे में अवगत कराया। साथ ही उपस्थित प्रतिनिधियों से किसी भी समस्या के निराकरण के लिए समय पर अविलंब अवगत कराने की अपेक्षा की। बैठक में मधु वाल्मीकि सहित राजा सारवान, देवेन्द्र वाल्मीकी, रत्नेश पटेरिया एवं लक्ष्मीनारायण चिरोलिया भी उपस्थित रहे।
* गौरवपूर्ण वृद्धावस्था और सम्मानित जीवन अभियान का पूर्व मंत्री मेहदेले ने किया शुभारंभ
पन्ना। (www.radarnews.in) मूल्यनिष्ठ आदर्श समाज निर्माण के पुनीत कार्य में संलग्न प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के समाज सेवा प्रभाग द्वारा गौरवपूर्ण वृद्धावस्था और सम्मानित जीवन अभियान चलाया जा रहा है। आज पन्ना में इस महत्वपूर्ण अभियान का शुभारंभ मध्य प्रदेश शासन की पूर्व मंत्री एवं बुंदेलखंड की कद्दावर नेत्री सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले द्वारा एक गरिमामयी कार्यक्रम में दीप प्रज्वलित करके किया गया। इस अवसर पर श्रीमती साधना अवस्थी पूर्व प्राचार्य, मंजू लता जैन एडवोकेट, श्रीमती निशा जैन पूर्व प्राचार्य, कैलाश सोनी पूर्व योजना अधिकारी शिक्षा विभाग, हरगोविंद सोनी, राजेश मेहदेले, गणेश सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बुजुर्गों को सिर्फ अपनों की आत्मीयता चाहिए
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी सीता बहनजी ने अभियान के महत्व और उद्देश्य के संबंध में बताया कि ब्रह्माकुमारीज़ के समाज सेवा प्रभाग एवं सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के बीच 3 साल के लिए एमओयू साइन किया गया है। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग हमारी धरोहर हैं उनका सम्मान करना ही हमारी संस्कृति है, यह हमारे घर की समाज की शोभा हैं। इनकी सोच पुरानी है लेकिन कहते हैं जितनी चीज पुरानी होती है उतनी ही अच्छी होती है। उनकी सोच अनुभव की खान है, तो सदा हमें उनका सम्मान और आदर करना चाहिए। सभी छोटे,बड़ों को भी यह सीखना चाहिए बुजुर्गों के लिए सुख-सुविधाओं की आवश्यकता नहीं है, उन्हें अपने बेटों, बेटियों बहू और नाती, पोतों की आत्मीयता की आवश्यकता है। उनके हाथ में जब अपने बच्चों का हाथ स्पर्श करता है तो उसे किसी भौतिक सुविधाओं से नहीं मापा जा सकता। बहनजी ने कहा कि, दादा-दादी के साथ बच्चों का जो प्रेम पूर्वक भावनात्मक संवाद होता है उसकी कल्पना वही कर सकते हैं जो संयुक्त परिवार में जीते हैं आज संयुक्त परिवार का विघटन हो रहा है हमें समाज की चेतना को जागृत करने की जरूरत है। ऐसे अभियानों से लोगों में गौरवपूर्ण वृद्धावस्था को सम्मानित जीवन की प्रेरणा मिलेगी।
.. तो प्रेमपूर्ण होगा परिवार का माहौल
पूर्व मंत्री सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले को ईश्वरीय सौगात देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुश्री कुसुम मेहदेले ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय के अभियान और आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए उपस्थित जनों से सीता बहनजी की बातों को अपने जीवन में धारण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे समाज में सुधार आएगा और परिवार का वातावरण प्रेमपूर्ण बनेगा। कार्यक्रम में अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इसके पूर्व ब्रह्माकुमारी बहनजी ने सभी अतिथियों को बैच एवं तिलक लगाकर एवं ईश्वरीय सौगात देकर सम्मानित किया।
पन्ना जिले के पवई में आयोजित सामाजिक न्याय महा आंदोलन को बहुजन समाज के नेताओं ने संबोधित किया।
* ओबीसी महासभा के मंच से अन्याय-अत्याचार-भेदभाव के खिलाफ इंकलाब का ऐलान
* सामाजिक न्याय महा आंदोलन में दिखी पिछड़ा, दलित और आदिवासी समाज की एकता
* बहुजनों के मामलों में पुलिस की कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर आक्रोश
* पूर्व विधायक बोले- ‘देश मनुस्मृति से नहीं, बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान से चलेगा’
पन्ना/पवई। (www.radarnews.in) कुछ पाखंडवादी भारत को मनुस्मृति से चलाना चाहते हैं लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि यह देश मनुस्मृति आधारित जातिगत भेदभाव पूर्ण व्यववस्था को कभी स्वीकार नहीं कर सकता। यह देश मनुस्मृति (मनुविधान) से नहीं बल्कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए सामाजिक न्याय, समानता, स्वतंत्रता और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों पर आधारित संविधान से ही चलेगा। बहुजन समाज कभी भी मनुवादियों और सामंतवादियों के मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगें। यह उद्गार पूर्व चंदला विधायक आरडी प्रजापति ने व्यक्त किए। पूर्व विधायक प्रजापति रविवार 2 नवंबर को मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के पवई में ओबीसी महासभा के तत्वाधान में आयोजित सामाजिक न्याय महा आंदोलन को संबोधित कर रहे थे।
ओबीसी महासभा पन्ना के तत्वाधान में आयोजित सामाजिक न्याय महा आंदोलन में सैंकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए।
उन्होंने पन्ना जिला समेत बुंदेलखंड अंचल तथा देश में कई स्थानों पर बहुजनों (पिछड़ा वर्ग, दलित एवं आदिवासियों) के खिलाफ सामने आई विचलित करने वाली अमानवीय घटनाओं पर गहरा रोष वयक्त करते हुए कहा कि मानवता को तार-तार और देश को शर्मसार करने वाली घटनाओं पर सत्तासीनों की चुप्पी घोर निंदनीय है। बहुजन समाज को अपमानित करके, उन्हें मल-मूत्र खिलाने-पिलाने जैसी अमानवीय घटनाओं को अंजाम देकर और बहू-बेटियों की आबरू पर हमला करके किस तरह का और कौन सा राष्ट्र बनाना चाहते हैं?
पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने अपने चिरपरिचित अंदाज में खजुराहो सांसद एवं भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा पर आरोप लगाया कि उनके आने के बाद से इस क्षेत्र में आरक्षित वर्गों पर अत्याचार की घटनाएं चिंताजनक रूप से बढ़ी हैं। असामाजिक तत्वों-पाखण्डवादियों का आतंक सिर चढ़कर बोल रहा है। आरडी ने भाजपा सांसद वीडी शर्मा (विष्णु दत्त शर्मा) को चेतावनी देते हुए कहा, जिस दिन बहुजन समाज जाग जाएगा उस दिन आप या अन्य कोई पाखंडवादी पंच भी नहीं बन पाएगा।
सांसद-विधायकों के खिलाफ लगाए नारे
पवई स्थित कलेही माता मंदिर परिसर में ओबीसी महासभा के विशाल सामाजिक न्याय महा आंदोलन के मंचीय कार्यक्रम पश्चात पन्ना जिले के ज्वलंत मुद्दों पर ठोस कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपने के लिए पैदल मार्च निकाला गया। सैंकड़ों की संख्या में बहुजन समाज के लोग हाथों में तख्तियां लेकर भाजपा सांसद वीडी शर्मा की गुण्डागर्दी नहीं चलेगी, सांसद वीडी शर्मा होश में आओ और पवई, पन्ना और गुनौर विधायक मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए रैली के रूप करीब एसडीओपी कार्यालय पहुंचें। जहां राज्यपाल के नाम एसडीओपी भावना सिंह दांगी को एक ज्ञापन सौंपा गया। पुलिस अधिकारियों के समक्ष ओबीसी महासभा के नेताओं ने जिले में पिछड़ा, दलित एवं आदिवासी समाज के विरुद्ध हाल ही घटित कई गंभीर घटनाओं पर आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई न होने पर गहरा असंतोष-आक्रोश व्यक्त किया। पुलिस की पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली की कड़ी निंदा करते हुए कहा की पन्ना पुलिस पीड़ितों को न्याय देने के बजाए अपराधियों का बेशर्मी से बचाव कर रही है। इस स्थिति को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
सामाजिक न्याय महा आंदोलन के मंचीय कार्यक्रम पश्चात बहुजन समाज के लोगों ने पवई तक विशाल पैदल मार्च निकालकर एसडीओपी को ज्ञापन सौंपा।
सामाजिक न्याय महा आंदोलन में जिले के पिछड़े, दलित वर्ग और आदिवासी समाज की एकता देखने को मिली। इस कार्यक्रम में शामिल होने पन्ना जिले के गांव-गांव से बहुजन समाज के लोग बड़ी तादाद में पवई पहुंचे थे। इसके अलावा आसपास के जिलों के लोगों ने भी बढ़चकर कार्यक्रम में सहभागिता की। सामाजिक न्याय महाआंदोलन को भीम आर्मी एकता मिशन संगठन एवं जय आदिवासी युवा संगठन (जयस) सहित अन्य संगठनों ने अपना समर्थन दिया। मंचीय कार्यक्रम एवं प्रदर्शन में मुख्य रूप से ओबीसी महासभा कोर कमेटी सदस्य एडवोकेट वैभव सिंह, एडवोकेट धर्मेन्द्र सिंह, डॉ. पुष्पराज पटेल, इंजी. महेन्द्र सिंह लोधी, लोकेन्द्र सिंह गुर्जर, सेवालाल पटेल, कमलेश भाई पटेल, शंकर पटेल, जयस जिलाध्यक्ष मुकेश गौंड़, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष सुनील टाइगर, अरविन्द दांगी (महासचिव), डॉ. बृजेन्द्र यादव (राष्ट्रीय सचिव), डॉ. नारायण पटेल, नारायण प्रजापति, प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह लोधी, चतुर्भुज कुशवाहा, राष्ट्रीय छात्र मोर्चा अध्यक्ष हेमंत साहू, आर.डी. प्रजापति पूर्व विधायक, विनोद पटेल युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष, महिला मोर्चा अंकिता सिंह कुशवाहा, प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा रिचा पटेल, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष लीलाधर कुशवाहा, जिलाध्यक्ष छतरपुर तीरथ कुशवाहा, राजेन्द्र कुमार लोध, सोनेलाल प्रजापति सहित सैंकड़ों की संख्या में बहुजन समाज के लोग शामिल रहे।
पन्ना टाइगर रिजर्व में दिनांक 01 नवम्बर 2010 को आयोजित प्रथम नेचर कैम्प में शामिल प्रतिभागी।
* पन्ना टाइगर रिजर्व नेचर कैम्प्स के गौरवशाली 15 वर्ष पूर्ण
* पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ने से साकार हो रहा जनसमर्थन से बाघ संरक्षण का नारा
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर आज पन्ना टाइगर रिजर्व में “नेचर कैम्प्स” की 15 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का उत्सव मनाया गया। 1 नवम्बर 2010 को तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर आर. श्रीनिवास मूर्ति (सेवानिवृत भारतीय वन सेवा अधिकारी) के मार्गदर्शन में इस अभिनव पहल की शुरुआत की गई थी। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय लोगों, विशेषकर बच्चों को जंगलों और वन्यजीव संरक्षण की भावना से जोड़ना था, ताकि वे पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और गर्व की भावना विकसित कर सकें।
पन्ना टाइगर रिजर्व का मड़ला ग्राम में स्थित प्रवेश द्वार। (फाइल फोटो)
विगत पंद्रह वर्षों में पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा कुल 365 नेचर कैम्प्स सफलतापूर्वक आयोजित किए गए हैं, जिनमें 11,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों, ग्रामीण युवाओं, वनकर्मियों और स्थानीय समुदायों ने इन कैम्पों के माध्यम से जंगल की पारिस्थितिकी, वन्यजीव विविधता, जल एवं मिट्टी संरक्षण, और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के बारे में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। इन कैम्पों ने वन विभाग और स्थानीय समुदायों के बीच विश्वास और साझेदारी को मजबूत किया है। अनेक प्रतिभागी आज “प्रकृति मित्र” बनकर अपने क्षेत्रों में संरक्षण की भावना को आगे बढ़ा रहे हैं। यह पहल पर्यावरण शिक्षा और जनसहभागिता का एक सफल मॉडल बन चुकी है, जिसने संरक्षण की सोच को हर घर तक पहुँचाया है।
पन्ना टाइगर रिजर्व में दिनांक 01 नवम्बर 2010 को आयोजित प्रथम नेचर कैम्प में शामिल प्रतिभागी।
इस उल्लेखनीय यात्रा का श्रेय उन सभी अधिकारियों, शिक्षकों, वनकर्मियों और समुदायों को जाता है जिन्होंने इस परंपरा को जीवंत बनाए रखा। विशेष रूप से आर. श्रीनिवास मूर्ति की दूरदर्शी सोच ने इस अभियान की नींव रखी, जबकि वर्तमान में फील्ड डायरेक्टर नरेश कुमार यादव और उप संचालक मोहित सूद के मार्गदर्शन में यह पहल निरंतर सशक्त और प्रभावशाली रूप से आगे बढ़ रही है। पन्ना टाइगर रिजर्व परिवार सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों को हार्दिक धन्यवाद एवं शुभकामनाएँ देता है। यह 15 वर्ष की यात्रा पन्ना की जनता और वन विभाग के बीच सशक्त संबंध का प्रतीक है और आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति संरक्षण की प्रेरणा देती रहेगी।
* बिना पंजीयन और चिकित्सीय योग्यता के कर रहा था ग्रामीणों का इलाज
पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में कोतवाली थाना अंतर्गत गलत इलाज के कारण महिला की असमय मृत्यु होने के मामले में लगभग 2 माह से फरार चल रहे झोलाछाप डॉक्टर (फर्जी डॉक्टर) को पन्ना पुलिस ने छत्तीसगढ़ के रायपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी फकरूद्दीन अली अहमद खान उर्फ डब्बू पिता मजीद अहमद 44 वर्ष निवासी किशुनगढ़ जिला छतरपुर (हाल निवासी हिनौता, जिला पन्ना) के विरुद्ध कोतवाली थाना पन्ना में क्रमांक 782/25 धारा 24 आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987, धारा 8 (1) मध्यप्रदेश चिकित्सा शिक्षा नियंत्रण अधिनियम 1973 एवं धारा 105 BNS के तहत प्रकरण पंजीबद्ध है। कथित तौर पर आरोपी बिना किसी चिकित्सीय योग्यता एवं पंजीयन के हिनौता ग्राम में अवैध रूप से क्लीनिक संचालित कर ग्रामीणों का उपचार करता था।
सोशल मीडिया पर पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि, दिनांक 24 अगस्त 2025 को जिला चिकित्सालय पन्ना से सूचना प्राप्त हुई थी कि महिला श्यामबाई यादव को मृत अवस्था में लाया गया है। मृतका के परिजन भरतलाल यादव पिता दरबारी यादव निवासी हिनौता थाना कोतवाली पन्ना द्वारा उसकी मृत्यु को संदिग्ध बताया गया। जिस पर थाना कोतवाली में मर्ग क्रमांक 74/25 धारा 194 BNSS पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ की गई।
जांच के दौरान परिजनों ने बताया कि मृतका श्यामबाई को सर्दी-बुखार होने पर उसका इलाज तथाकथित डॉक्टर फकरूद्दीन अली अहमद खान उर्फ डब्बू पिता मजीद अहमद 44 वर्ष निवासी किशुनगढ़ जिला छतरपुर (हाल निवासी हिनौता जिला पन्ना) द्वारा किया गया था। कथित तौर पर आरोपी ने बिना किसी वैध डिग्री या अनुमति के इंजेक्शन व दवाइयाँ देकर इलाज किया था, जिससे महिला की तबीयत बिगड़ गई और उसे मुंह से खून आने लगा। परिजन तत्काल उसे एनएमडीसी के मझगवां स्थित हॉस्पिटल ले गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल पन्ना रेफर किया गया। जिला चिकित्सालय पन्ना में अचेत अवस्था में लाई गई महिला श्यामबाई का परीक्षण करने के उपरांत डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रकरण की जांच के दौरान मृतिका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, उपचार रिकॉर्ड और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, पन्ना से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह प्रमाणित हुआ कि आरोपी बिना वैध पंजीकरण एवं अनुमति के अवैध रूप से उपचार कार्य कर रहा था। इसके पश्चात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 782/25 धारा 24 आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987, धारा 8(1) मध्यप्रदेश चिकित्सा शिक्षा नियंत्रण अधिनियम 1973 एवं धारा 105 BNS के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। जांच में पता चला कि आरोपी फकरूद्दीन अली अहमद खान उर्फ डब्बू ने फार्मासिस्ट की डिग्री धारक था।
कथित तौर पर गलत इलाज के कारण महिला की मौत होने के बाद से आरोपी फरार चल रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा आरोपी झोलाछाप डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक रोहित मिश्रा के नेतृत्व एक पुलिस टीम गठित की गई। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने आरोपी को भिलाही जिला रायपुर (छत्तीसगढ़) से गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से उसका फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, ऐलोपैथिक दवाएं, सिरिंज, मलहम, पट्टियाँ एवं ट्यूब आदि जब्त करने का दावा किया है। प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि, आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने मृतका को लगाई गई दवाएं एवं इंजेक्शन नष्ट कर दिए।
* पन्ना जिले के पवई थाना अंतर्गत शिकारपुरा ग्राम के समीप हुआ हादसा
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में पवई थाना अंतर्गत शिकारपुरा ग्राम के नजदीक रविवार 26 अक्टूबर को कार और बाइक की जोरदार भिड़ंत में ज्वेलरी दुकानदार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में बाइक सवार एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है। पुलिस एवं राहगीरों ने घायल व्यक्ति को 108 एम्बुलेंस से इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पवई पहुंचाया और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सड़क हादसे में ज्वेलर्स की असमय मौत होने की दुखद खबर आने के बाद से पवई समेत क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
पवई क़स्बा के वार्ड क्रमांक 11 निवासी सचिन सोनी पिता स्वर्गीय सुरेश सोनी 38 वर्ष अपने मित्र अनंत राम पिता मिट्ठू लाल प्रजापति 35 वर्ष के साथ बाइक से वापस पवई लौट रहे थे। कटनी-पन्ना मार्ग पर रास्ते में शिकारपुर के समीप पहुंचें तभी सामने से आई सफ़ेद रंग की तेज रफ़्तार बेकाबू कार क्रमांक एमपी- 35 सीए- 0936 सीधी भिड़ंत हो गई। कार की ठोकर इतनी जोरदार थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे। भीषण हादसे में अत्यंत ही गंभीर रूप से घायल सचिन सोनी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि बाइक में पीछे बैठे अनंत राम प्रजापति की हालत नाजुक बताई जा रही है। सड़क हादसे की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने राहगीरों की मदद से घायल युवक को 108 एम्बुलेंस से इलाज के लिए तुरंत पवई स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया। जबकि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए लिए भेज दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में घायल युवक का प्राथमिक उपचार करने के बाद ड्यूटी डॉक्टर ने उसे रिफर कर दिया। अनंत राम को बेहतर इलाज के लिए परिजन कटनी ले गए। सड़क हादसे पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पवई समेत क्षेत्र में शोक का माहौल
पवई में ज्वेलरी की दुकान चलाने वाले सचिन सोनी 38 वर्ष की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत होने की दुखद खबर साने के बाद से पवई नगर सहित क्षेत्र में शोक का माहौल है। सचिन के असामयिक निधन से पत्नी और एकमात्र 7 वर्षीय बेटी पर दुखों पहाड़ टूट पड़ा है। पारिवारिक सूत्रों ने बताया, वह अपने छोटे से परिवार का मुखिया होने के साथ ही कमाने वाला अकेला सदस्य भी था। उनके माता-पिता और बड़े भाई का पहले ही स्वर्गवास हो चुका है। सड़क दुर्घटना में सचिन की मौत के बाद उसकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
बुधवार की शाम बृजपुर थाना की पुलिस टीम पर हमले के बाद पन्ना से अतिरिक्त पुलिस बल को कानून-व्यवस्था की दृष्टि से तुरंत बृजपुर भेजा गया।
* पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम धरमपुर की घटना
* एक मामले में पंचम यादव को गिरफ्तार करने पर भड़क उठे ग्रामीण
* देर रात पुलिस ने कार्रवाई कर लूटी गई बंदूकें बरामद की
* दुस्साहसिक घटना के बाद दहशत में आई पुलिस, छावनी में तब्दील रहा बृजपुर थाना
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में बुधवार देर शाम पुलिस टीम पर 50 से अधिक लोगों की भीड़ ने प्राणघातक हमला कर दिया। आरोपियों ने पुलिस जवानों से दो बंदूकें भी छीन लीं। घटना में गंभीर रूप से घायल थाना प्रभारी महेन्द्र सिंह भदौरिया और आरक्षक रामनिरंजन का उपचार सतना के निजी हॉस्पिटल में जारी है। पुलिस टीम को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने की अप्रत्याशित घटना बृजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम धरमपुर की है। भीड़ के हमले से दहशत में आए पुलिसकर्मी किसी तरह जान बचाकर मौके से भाग निकले। घटना की जानकारी मिलने पर पन्ना से पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू भारी पुलिस बल के साथ बृजपुर पहुंचीं। देर रात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लूटी गई राइफलों को बरामद कर लिया है।
घायल पुलिस आरक्षक रामनिरंजन।
प्राप्र्त जानकारी अनुसार, बुधवार 22 अक्टूबर को बृजपुर थाना पुलिस बल गैर इरादतन हत्या के एक मामले में आरोपी पंचम सिंह यादव पुत्र शिव सिंह यादव को गिरफ्तार करने धरमपुर ग्राम गई थी। कथित तौर पर आरोपी एवं उसके परिजनों ने पुलिस हो हड़काते हुए भगा दिया। इसके बाद थाना प्रभारी महेन्द्र सिंह भदौरिया दल-बल के साथ देर शाम धरमपुर पहुंचे। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस जब बृजपुर के लिए रवाना होने लगी तो अचानक ग्रामीणों ने घेरकर पथराव कर दिया। हिंसक भीड़ ने ने पुलिसवालों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। पथराव और लाठी-डंडों के प्राणघातक हमले से सशस्त्र पुलिस जवान दहशत में आ गए। मौके से जान बचाकर भागने के दौरान ग्रामीणों उनसे दो राइफल छीन लीं। इस घटना में थाना प्रभारी बृजपुर महेन्द्र सिंह भदौरिया और आरक्षक रामनिरंजन को गंभीर चोटें आई हैं।
घायल थाना प्रभारी बृजपुर महेन्द्र सिंह भदौरिया।
पुलिस टीम पर जानलेवा हमला होने की जानकारी मिलने पर एसपी निवेदिता नायडू पन्ना से बड़ी तादाद में अतिरिक्त पुलिस बल लेकर तुरंत बृजपुर पहुंची। घायल पुलिस जवानों को उपचार के लिए रवाना कराया। देर रात पुलिस ने धरमपुर गांव में कई जगह दबिश देकर लूटी गई बंदूकें बरामद कर लीं। छतरपुर रेंज के डीआईजी विजय खत्री ने बृजपुर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। रातभर बृजपुर थाना पुलिस छावनी में तब्दील रहा। क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई ताकि स्थिति स्थिति नियंत्रण में रहे। वहीं गिरफ्तार आरोपी पंचम यादव को भारी सुरक्षा के बीच गुरुवार को पन्ना जिला अस्पताल लाकर मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस टीम पर हमला करने वाले आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास लगातार जारी हैं।
पन्ना जिले के अमानगंज डॉक्टर की लापरवाही से मरीज की मौत होने पर आक्रोशित परिजनों ने जमकर नारेबाजी की।
* पन्ना जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अमानगंज का मामला
* ड्यूटी टाइम पर बंगले में थे डॉक्टर, कई बार बुलाने पर आधा घंटे तक बाहर नहीं आए
* असहनीय दर्द से तड़पते मरीज की इलाज के आभाव में मौत होने से उपजा आक्रोश
* मृतक के परिजनों ने डॉक्टर पर अभद्रता और गाली-गलौज करने के लगाए आरोप
* डॉक्टर ने सीसीटीव्ही फुटेज जारी कर बताया मृतक के परिजनों ने की गाली-गलौज और धक्का-मुक्की
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) पिछले कई सालों से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे पन्ना जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। एक तो डॉक्टरों की भारी कमी, उसमें भी गिनती के जो डॉक्टर कार्यरत हैं, उनके द्वारा कथित तौर पर मरीजों के इलाज में घोर लापरवाही बरतने के कारण मरीजों की असमय मौत होने पर आए दिन जमकर बवाल मच रहा है। मंगलवार रात ऐसा ही मामला जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अमानगंज में सामने आया है। जहां डॉक्टर आशीष तिवारी द्वारा इलाज में घोर लापरवाही बरतने के कारण 55 वर्षीय मरीज अजय पाल सिंह की असमय मौत हो गई। पीड़ित परिजनों का आरोप है, ड्यूटी के समय डॉक्टर आशीष तिवारी अपने बंगले पर थे। कई बार बुलाने के बाद भी काफी देर तक डॉक्टर साहब बाहर नहीं आए जिससे असहनीय दर्द से तड़पते हुए अधेड़ ने दम तोड़ दिया। डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही और अभद्रता करने सहित कई गंभीर आरोप लगाते हुए पीड़ित परिजनों जमकर हंगामा किया। पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार ने मरीज की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए डॉक्टर आशीष तिवारी को तत्काल प्रभाव से अमानगंज बीएमओ के प्रभार से पृथक कर प्राथमिक जांच के आदेश दिए हैं। वहीं मरीज के परिजन की रिपोर्ट पर अमानगंज थाना पुलिस ने डॉक्टर आशीष के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
समय पर समुचित इलाज न मिलने से मृत मरीज से लिपटकर विलाप करते शोक संतृप्त परिजन।
मंगलवार 21 अक्टूबर की रात लगभग 8 बजे ग्राम डहर्रा निवासी अजयपाल सिंह 55 वर्ष को गैस की वजह से असहनीय दर्द होने पर परिजन इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमानगंज ले गए। जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर आशीष तिवारी स्वास्थ्य केन्द्र से नदारद थे। पूछताछ करने पर पता चला डॉक्टर साहब अपने बंगले पर हैं। मरीज को लेकर परिजन डॉक्टर के बंगले पर चले गए। कई बार बुलाने और आधा घंटे से अधिक समय तक इंतजार करने के बाद भी डॉक्टर बंगले से बाहर नहीं आए। नतीजतन असहनीय दर्द से तड़पते अजय पाल सिंह ने इलाज के आभाव में दम तोड़ दिया। कुछ मिनिट बाद डॉक्टर आशीष तिवारी जब बाहर आए तो कथित तौर पर मरीज के परिजनों से कथित तौर पर अभद्रता करने लगे। मृत मरीज के भतीजे सुजय सिंह का आरोप है कि डॉक्टर तिवारी शराब के नशे में थे। उन्होंने मेरे भाई एवं परिजनों के साथ अभद्रता की और हाथ में चप्पल लेकर मारने के लिए दौड़े। इसका विरोध करने डॉक्टर अपने पुनः बंगले में चले गए और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। बंगले के बाहर जुटे मरीज के परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ जमकर हंगामा करते हुए कार्रवाई की मांग की गई।
FIR दर्ज होने के बाद हंगामा हुआ शांत
इलाज के आभाव में मरीज की मौत के मामले की जानकारी मृतक के भतीजे सुजय सिंह ने मीडिया को दी।
रात्रि के साथ बवाल बढ़ने से बेहद तनावपूर्ण स्थिति निर्मित होने पर अमानगंज थाना पुलिस, नायब तहसीलदार अमानगंज और पन्ना से प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर राजेश प्रसाद तिवारी मौके पर पहुंचे। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा आक्रोशित लोगों को समझाइश दी गई लेकिन हंगामा शांत नहीं हुआ। आक्रोशित परिजन कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे। इस गतिरोध को दूर कर प्रदर्शन को समाप्त कराने के लिए सीएमएचओ की ओर से डॉक्टर तिवारी के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने एवं मरीज की मौत की जांच कराने का आश्वासन दिया गया। इसके अलावा मृतक अजय पाल सिंह के परिजनों की शिकायत पर डॉ. आशीष के विरुद्ध गाली-गलौच और अभद्रता करने का मामला अमानगंज थाना में धारा 294 के तहत पंजीबद्ध किया गया है। इस कार्रवाई के बाद हंगामा बमुश्किल शांत हुआ और स्थिति सामान्य हो सकी। उल्लेखनीय है कि, अमानगंज पहुंचे सीएमएचओ ने डॉक्टर आशीष तिवारी को मौके पर बुलाने के लिए कई बार संदेश भिजवाए और मोबाइल पर कॉल भी किये लेकिन वह बंगले से बाहर नहीं आए।
बीएमओ के प्रभार से हटाया
ऊषा परमार, कलेक्टर, जिला पन्ना।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद तिवारी द्वारा गत मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अमानंगज में ग्राम डहरा निवासी अजय पाल सिंह के इलाज में लापरवाही बरतने पर संबंधित चिकित्सक के विरूद्ध कार्रवाई की गई है। जिला कलेक्टर ऊषा परमार द्वारा मामले का संज्ञान लेकर संबंधित चिकित्सक के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे, जिसके तहत चिकित्सकीय कार्य में लापरवाही बरतने पर स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी एवं प्रभारी खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष तिवारी को खंड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अमानगंज के प्रभार से पृथक किया गया है। साथ ही प्राथमिक जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
इनका कहना है-
‘इलाज के अभाव में मरीज की मौत होने का मामला अत्यंत ही गंभीर है, इसमें प्रथम दृष्टया ड्यूटी डॉक्टर आशीष तिवारी की लापरवाही परिलक्षित होने पर उन्हें कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से अमानगंज बीएमओ के प्रभार से पृथक कर दिया गया है। घटना की जांच के लिए जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एमके गुप्ता के नेतृत्व में तीन सदस्यीय दल गठित किया गया है। जिसे तीन दिवस के अंदर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। जांच के तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।’
राजेश प्रसाद तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला पन्ना।
‘मृतक मरीज के परिजनों के आरोप पूर्णतः असत्य और बेबुनियाद हैं। मरीज के इलाज के लिए मैं बाहर आया और उनका परीक्षण भी मेरे द्वारा किया गया था। लेकिन तभी परिजन मेरे साथ अभद्रता कर गाली-गलौच करने लगे। उनमें से कई लोग शराब के नशे में थे, उन्होंने जब मेरे साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई की तो मैं जान बचाकर अपने बंगले के अंदर चला गया। मैं और मेरा परिवार इस घटना से काफी भयभीत था इसलिए मैं रात्रि में बाहर नहीं निकला। मुझे डर था, यदि बाहर गया तो आक्रोशित भीड़ मेरे साथ अप्रिय घटना कर सकती है। मैं जल्द ही वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर उन्हें सत्यता से अवगत कराऊंगा।’