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मध्यप्रदेश : ‘मोहन राज’ में रेत माफिया का अमृतकाल !

* पन्ना जिले में बगैर अनुमति के खेतों और शासकीय भूमि पर आधा सैंकड़ा रेत खदानें संचालित
* रेत के विपुल भंडार पर यूफोरिया माइन्स एंड मिनरल्स कंपनी खुलेआम डाल रही डकैती
* नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध खदानों से प्रतिदिन निकाल रहे 7 से 8 करोड़ की रेत
* कलेक्टर, एसडीएम और खनिज विभाग के अफसरों पर रेत माफिया को लूट की खुली छूट देने का आरोप
* भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा और पूर्व खनिज मंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में सक्रिय खनन माफिया को किसका संरक्षण?
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के राज में पन्ना जिले में सक्रिय रेत माफिया के हौसले काफी बुलंद हैं। जिले के अजयगढ़ तहसील क्षेत्र अंतर्गत माफिया का दुस्साहस इतना अधिक बढ़ चुका है कि वो लोग अब खुलेआम नियम कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए रेत की डकैती डाल रहे हैं। अजयगढ़ में केन नदी किनारे स्थित आधा दर्जन गांवों में खेतों और राजस्व भूमि पर पिछले दो माह से बगैर किसी वैधानिक अनुमति के संचालित आधा सैंकड़ा खदानों से रातदिन बेतहाशा रेत निकाली जा रही है। बहुमूल्य खनिज संपदा की बड़े पैमाने पर चल रही संगठित लूट पर जिला प्रशासन सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि पूरी निर्लज्जता के साथ तमाशबीन बने बैठे हैं। जिम्मेदारों की रहस्मयी अकर्मण्यता से आक्रोशित ग्रामीणों ने अंधाधुंध अवैध खनन की त्रासदी से अपने प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। साथ ही मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के युवा नेताओं ने इस ज्वलंत मुद्दे पर ग्रामीणों की जायज मांग के समर्थन में आंदोलन करने का ऐलान किया है।
बुंदेलखंड अंचल की जीवनदायिनी केन नदी को अनियंत्रित रेत खनन से तबाह-बर्बाद करने वाले माफिया अब उसके तटबंध और कछार का वजूद मिटाने के एक सूत्रीय अभियान में जुटे हैं। बारिश के चलते केन नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद से ही पन्ना जिले के तराई अंचल (अजयगढ़ तहसील क्षेत्र) में नदी किनारे स्थित भानपुर, बीरा, चंदौरा, जिगनी, बरौली और रामनई गांव में रेती की खेती का खेल शुरू हो गया है। इन गांवों के खेतों (निजी भूमि) तथा राजस्व भूमि पर पिछले दो माह से बगैर किसी लीज स्वीकृति के आधा सैंकड़ा रेत खदानें खुलेआम संचालित हो रहीं है। एक अनुमान के मुताबिक अवैध खदानों से माफिया रोजाना 7-8 करोड़ की रेत निकाल रहे हैं।
रेत की लूट के मामले में ब्लैक लिस्ट कंपनी यूफोरिया माइन्स एंड मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड भोपाल (म.प्र.) का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। कथित तौर पर पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में ब्लैक लिस्टेड इस कंपनी की पर्दे के पीछे से कमान संभालने वाले कतिपय बड़े खिलाड़ी पिछले 5-6 साल से लगातार एमपी के पन्ना व छतरपुर तथा यूपी के बांदा जिले में अलग-अलग व्यक्तियों एवं कंपनियों के नाम पर केन नदी की रेत का ठेका और रेत भंडारण की अनुमति लेकर इसकी आड़ में बड़े ही सुनियोजित तरीके से खनिज संपदा की डकैती डाल रहे हैं। भोपाल के श्यामला हिल्स इलाके के पते पर रजिस्टर्ड इस कंपनी से जुड़े लोगों की सीधी पहुंच प्रदेश के सत्ता प्रतिष्ठान में शीर्ष तक होने की आमचर्चा है।
खेतों और राजस्व भूमि को कर रहे खोखला

अजयगढ़ तहसील में केन नदी पट्टी (केन प्रवाह) क्षेत्र के अनेक गांवों में चंबल के बीहड़नुमा मिट्टी के टीलों की भौगोलिक संरचना है। जानकारों का मानना है, सैंकड़ों सालों में बाढ़-अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण नदी के तटबंध में कटाव होने से प्रवाह में आए बदलाव के फलस्वरूप निर्मित ऊँचें-नीचे मिट्टी के टीलों के अंदर धीरे-धीरे रेत का विपुल भंडार जमा हो गया। इस इलाके में नदी के अंदर और बाहर भूमि में मौजूद रेत भंडार को लूटने का खेल काफी लंबे समय से चल रहा है। यहां जून माह तक यानी मानसून के सक्रिय होने के पूर्व तक रेत माफिया केन नदी की जलधारा को जगह-जगह रोककर प्रतिबंधित मशीनों को नदी में उतारकर रेत के लिए केन की कोख और सीना खुलेआम छलनी कर रहे थे। लेकिन बारिश शुरू के बाद नदी का जल स्तर बढ़ने से माफिया अब रेत के लिए नदी किनारे स्थित खेतों और राजस्व भूमि को खनन से खोखला करने में जुट गए हैं।
नदी किनारे स्थित भानपुर, बीरा, चंदौरा, जिगनी और रामनई गांव के खेतों तथा शासकीय भूमि पर बिना किसी अनुमति के पिछले दो माह से तकरीबन आधा सैंकड़ा खदानों से रातदिन रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। अति पिछड़े इस इलाके में वृहद पैमाने पर खुलेआम चल रही रेत की डकैती का हाल यह है, मानों जिला प्रशासन ने माफिया को अघोषित तौर पर खुली छूट दे रखी है। नियम-कानून और व्यवस्था यहां पूरी तरह बेमानी बन चुकी है। नदी किनारे स्थित गांवों को बारिश के सीजन में जल भराव से सुरक्षा प्रदान करने वाले मिट्टी के टीलों और नदी तटबंध को अंधाधुंध तरीके से खदान में तब्दील किए जाने कारण स्थानीय ग्रामीणों को अतिवृष्टि की स्थिति में बाढ़ की विभीषिका का सामना करना पड़ सकता है।
अनियंत्रित रेत खनन से बढ़ रहा जलसंकट

बताते चलें कि, पन्ना जिले का अजयगढ़ तहसील क्षेत्र जल संकट की दृष्टि से काफी संवेदनशील है। जिसे दृष्टिगत रखते हुए तहसील क्षेत्र में अटल भूजल योजना संचालित की जा रही है। विडंबना यह है कि एक ओर अजयगढ़ क्षेत्र में 50 से लेकर 100 फिट गहरी खदानें खोदकर रेत का अनियंत्रित दोहन किया जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ अटल भूजल योजना के तहत भूजल प्रबंधन पर पानी की तरह सरकारी पैसा बहाया जा रहा है। विशेषज्ञों द्वारा किए गए अनेक अध्ययनों से यह साफ़ हो चुका है कि अजयगढ़ क्षेत्र में जारी रेत की अंधाधुंध लूट केन नदी के वजूद को मिटाने के साथ केन पट्टी क्षेत्र में भूजल स्तर को लगातार पाताल की ओर धकेल रहा है। इसका दुष्प्रभाव अवैध रेत खनन वाले गांवों में गर्मी के मौसम में साल दर साल गंभीर होते जल संकट के रूप में देखा जा सकता है।
रामनई में अवैध खनन के खिलाफ आक्रोश

सीमावर्ती रामनई गांव वर्तमान में रेती की अवैध खेती का केन्द्र बनकर उभरा है। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की सीमा से सटे पन्ना के इस अंतिम गांव में तकरीबन 3 किलोमीटर के दायरे में दो दर्जन गहरी खाईनुमा खादानों से रोजाना 250-300 डंपर रेत निकाली जा रही है। रामनई में सैंकड़ा भर पोकलेन मशीनें निजी कृषि भूमि और राजस्व भूमि को रातदिन रेत खदान में तब्दील करने में जुटी हैं। नियम-कानूनों की धज्जियाँ उड़ाते हुए यहां अवैध खनन का खेल यहां खुलेआम चल रहा है। रेत के अनियंत्रित दोहन से गांव के प्रसिद्ध झरने के अस्तित्व पर गंभीर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। यह बारहमासी प्राकृतिक झरना गांव के लोगों की पेयजल व्यवस्था, निस्तार, खेतों की सिंचाई और मवेशियों की प्यास बुझाने का मुख्य स्रोत है।
जमीन के अंदर से फूटे झरने की जलधारा पर गांव की बड़ी आबादी निर्भर है। लेकिन रामनई की जमीन के अंदर से ज्यादा से ज्यादा रेत निकालने की होड़ में माफिया के द्वारा झरने के ऊपरी भाग और अगल-बगल में एलएनटी मशीनों से अंधाधुंध खुदाई कराई जा रही है। जिससे प्राकृतिक झरने की जलधारा को काफी क्षति पहुंची है। धार्मिक स्थल के नजदीक स्थित प्राकृतिक झरना रामनई के ग्रामीणों की आस्था से भी जुड़ा है। स्थानीय लोग बारहमासी झरने को ईश्वर द्वारा उन्हें विशेष रूप प्रदत्त सौगात के तौर पर देखते हैं। ग्रामीण रमाशंकर, रामकेश, कल्लू, राजबहादुर (राजू) यादव जिगनी आदि ने बताया कि भारी विरोध के बावजूद रेत माफिया के द्वारा झरना के आसपास अवैध रेत खनन कराया जा रहा है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और प्रशासन माफिया की विनाशलीला पर तमाशबीन बने बैठे हैं। ग्रामीणों के विरोध करने पर माफिया द्वारा उन्हें झूठे आपराधिक प्रकरण में फंसाने की धमकी दी जा रही है। माफिया की मनमानी से आक्रोशित ग्रामीणों ने अपने जलस्रोत को बचाने के लिए आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दे रहे हैं।
प्रशासन पर लूट की खुली छूट देने के आरोप

जिले के जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों पर अजयगढ़ क्षेत्र में सक्रिय रेत माफिया के सामने सरेंडर करते हुए उसे बहुमूल्य खनिज संपदा की लूट की खुली छूट देने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। अवैध रेत खनन से प्रभावित गांवों के रहवासी पन्ना कलेक्टर, अजयगढ़ एसडीएम और जिले के खनिज विभाग के अफसरों पर शिकायत के बाद भी रेत माफिया के खिलाफ कोई एक्शन न लेने से खासे नाराज हैं। कुछ दिन पूर्व पन्ना में एक ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस के तेज़-तर्रार नेता भरत मिलन पाण्डेय ने एसडीएम संजय नागवंशी को अवैध रेत खनन के ज्वलंत मुद्दे पर अपने चिर-परिचित अंदाज में जमकर खरी-खोटी सुनाई थी।
कांग्रेस नेता भरत मिलन ने स्पष्ट शब्दों में एसडीएम से कहा था कि, ‘रेत माफिया को भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का संरक्षण प्राप्त होने की वजह से आपके द्वारा और कलेक्टर साहब के स्तर पर रेत की लूट के खिलाफ जानबूझकर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। पन्ना कलेक्टर कठपुतली की तरह भाजपा नेताओं के इशारों पर नाच रहे हैं। पूर्व में रेत माफिया के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्यवाही करने वाले ईमानदार अधिकारी कुशल सिंह गौतम को अजयगढ़ से अचानक हटाने का निर्णय बताता है कि व्यवस्था भारी भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी है। जिले के शीर्ष अधिकारी रेत की लूट को निर्विध्न तरीके से जारी रखने के लिए काम कर रहे हैं ।’ कांग्रेस नेता के इन गंभीर आरोपों को एसडीएम सिर झुकाकर ख़ामोशी से सुनते रहे।
उल्लेखनीय है कि, रेत के अवैध खनन के खिलाफ कार्यवाही को लेकर महीने भर के अंदर ग्रामीणों तथा कांग्रेस नेताओं की ओर से दो ज्ञापन सौंपे गए हैं। इस संबंध रडार न्यूज़ ने पन्ना कलेक्टर सुरेश कुमार से मोबाइल पर बात की। चर्चा के दौरान कलेक्टर ने अवैध रेत खनन को लेकर अनभिज्ञता भरे अंदाज में जांच करवाकर कार्यवाही करने की बात कही। जब उनसे पूंछा गया कि, अवैध रेत खदानें संचालित होने की क्या आपको कोई जानकारी नहीं है? इस सवाल को सवाल सुनते ही कलेक्टर साहब ने फोन काट दिया।
माफिया पर मौन हैं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि
पन्ना जिले के सीमावर्ती इलाके में काफी लंबे समय से कायम माफियाराज पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण आश्चर्यजनक रूप से मौन साधे हुए हैं। जीवनदायनी केन नदी और निजी तथा शासकीय भूमि को अवैध खनन से तबाह-बर्बाद कर हजारों करोड़ रुपये मूल्य की रेत की लूटने वाले माफिया के खिलाफ क्षेत्रीय सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और पन्ना विधायक एवं पूर्व खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने पिछले पांच साल में सार्वजनिक तौर पर शायद ही कभी एक शब्द बोला हो। इसके पीछे कारण चाहे जो भी हो लेकिन अपने निर्वाचन क्षेत्र के सबसे ज्वलंत मुद्दे पर माननीयों का अखण्ड मौनव्रत जारी रहने से उनकी भूमिका को अधिकांश लोग संदेह की नजर से देखते हैं। अवैध खनन के संगठित खेल से जुड़े कुछ बाजिव सवाल भी इस संदेह के गहराने की तरफ इशारा करते हैं। मसलन, सत्ताधारी दल के ताक़तवर नेताओं के निर्वाचन क्षेत्र को अवैध खनन से खुलेआम खोखला करने का दुःस्साहस रेत माफिया आखिर किसके संरक्षण के दम पर कर रहा है? अवैध खनन से प्रभावित ग्रामीणों के शिकायतें करने, ज्ञापन सौंपने के बाद भी रेत माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही क्यों नहीं होती?
करीब दो माह पूर्व बीरा-सुनहरा की अवैध रेत खदानों से प्रशासन की टीम के द्वारा पकड़ी गई पोकलेन मशीनों और डंपरों को रेत माफिया के द्वारा आतंक के बल पर दिनदहाड़े छुड़ा ले जाना क्या पन्ना जिले में कानून व्यवस्था के ध्वस्त होने का प्रमाण है? पिछले पांच साल में एक भी ऐसी फोटो या वीडियो नहीं आया जब दोनों जनप्रतिनिधियों ने अवैध रेत खनन क्षेत्र में पहुंचकर माफिया को ललकारा हो या फिर लोगों को यह सन्देश दिया हो कि अवैध खनन की समस्या को लेकर वे पूरी तरह संजीदा है। जिले का मीडिया रेत माफिया के तांडव की लगातार ख़बरें प्रकाशित-प्रसारित कर रहा है फिर भी माननीय इससे जानबूझकर मुंह फेरे हुए हैं। सिर्फ इतना ही नहीं पन्ना जिले की पवई सीट से भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी और गुनौर से भाजपा विधायक डॉ. राजेश वर्मा अजयगढ़ क्षेत्र में खुलेआम जारी रेत की बेतहाशा लूट पर हैरानी जताते मामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संज्ञान में लाने के बयान दे चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी खनिज संपदा की लूट, पर्यावरण के विनाश और राजस्व की चोरी से सीधे तौर पर जुड़े अवैध रेत खनन के ज्वलंत मुद्दे पर क्षेत्रीय सांसद और पन्ना विधायक के मुंह से एक शब्द भी नहीं निकला। गत दिनों पन्ना के प्रवास पर मुख्यमंत्री भी इस मुद्दे पर पूरी तरह खामोश ही रहे।
बता दें कि, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने पिछले साल
पन्ना जिले के अपने दौरे पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा और पन्ना विधायक एवं पूर्व खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह पर रेत माफिया को संरक्षण देकर बेहिसाब काली कमाई करने का गंभीर आरोप लगाया था। कांग्रेस नेताओं के आरोपों को दोनों ही जनप्रतिनिधियों ने सिरे से नकारते हुए उल्टा उन्हीं पर रेत माफिया के साथ खड़ा होने का प्रत्यारोप लगाया था।
सरपंचों से बोले सीईओ- ‘पंचायत का संचालन स्वयं करें, किसी प्रतिनिधि को अपने अधिकारों का दुरूपयोग न करने दें’
* जिला पंचायत में सरपंचों का एक दिवसीय प्रशिक्षण हुआ आयोजित
* सरपंचों को उनकी शक्तियां, कर्तव्य और पंचायत के कार्यों की दी जानकारी
पन्ना। पंचायती राज व्यवस्था अंतर्गत जिला पंचायत कार्यालय पन्ना में जिले के अनुसूचित जनजाति वर्ग, अनुसूचित जाति वर्ग, महिला सरपंचों एवं अन्य इच्छुक सरपंचों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें सरपंचों को उनके अधिकारों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में जिले के 104 ग्राम पंचायत के सरपंच उपस्थित हुए। ग्राम पंचायत की संरचना, शक्तियां एवं कार्य तथा सरपंच की शक्तियां एवं कर्त्तव्य के बारे में विस्तार से प्रस्तुतीकरण सीईओ जिला पंचायत संघ प्रिय द्वारा दिया गया। ग्राम पंचायत के पास उपलब्ध राशि के व्यय की प्रक्रिया एवं व्यय करने में सरपंचों की भूमिका के संबंध में जानकारी दी गई। सरपंचों को समझाया गया कि ग्राम पंचायत का संचालन वे स्वयं करें, किसी अन्य प्रतिनिधि को अपने अधिकारों का दुरुपयोग न करने दें। प्रशिक्षण में शासन द्वारा संचालित की जाने वाली योजनाओं की जानकारी एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में ग्राम पंचायत की भूमिका के बारे में अवगत कराया गया।
पंचायतों की आय बढ़ाने साधन विकसित करें
सरपंचों को उपयोगी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य स्वीकृत करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया एवं स्वयं के आय के स्रोत बढ़ाने हेतु साधनों को विकसित करने का निर्देश दिया गया। ग्राम पंचायत कार्यालय में संधारित किए जाने वाले अभिलेखों की जानकारी सभी सरपंचों को दी गई। ग्राम पंचायत द्वारा स्वीकृत किए जाने वाले नवीन निर्माण कार्यों की प्रक्रिया के बारे में सभी को बताया गया एवं पंचायत में प्रगतिरत निर्माण कार्यों की निगरानी के संबंध में निर्देशित किया गया। ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत सभी विभागों के कर्मचारियों की मॉनिटरिंग के लिए सरपंचों को अवगत कराया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे परमार एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष संतोष यादव द्वारा किया गया। प्रशिक्षण में सीईओ जिला पंचायत संघ प्रिय सहित अतिरिक्त सीईओ अशोक चतुर्वेदी, परियोजना अधिकारी पीयूष मिश्रा एवं संजय परिहार, मास्टर ट्रेनर प्रतीक तिवारी भी उपस्थित रहे।
कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं का लिया जायजा

* जन्माष्टमी और हरछठ पर्व के व्यवस्थित आयोजन को लेकर दिए आवश्यक निर्देश
पन्ना। कलेक्टर सुरेश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सांई कृष्ण एस थोटा ने आज शाम नगर के श्री जुगल किशोर मंदिर एवं श्री बल्देव मंदिर पहुंचकर आगामी जन्माष्टमी एवं हरछठ पर्व मनाए जाने की तैयारियों व व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस मौके पर जिला स्तरीय शांति समिति एवं मंदिर समिति के सदस्यगण सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।
जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं व आमजनों के आगमन व निकास और कार्यक्रम आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं सहित अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। समिति के सदस्यों से त्यौहारों के दृष्टिगत कार्यक्रमों के बेहतर आयोजन के संबंध में चर्चा की। साथ ही पेयजल, पार्किंग और भण्डारा व प्रसाद वितरण की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उपस्थित अधिकारियों और समिति के पदाधिकारियों को सुव्यवस्थित कार्यक्रम आयोजन के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम के दौरान वृहद स्तर पर भीड़ एकत्रीकरण के मद्देनजर भी उचित प्रबंधन व जरूरी व्यवस्थाओं के लिए निर्देशित किया गया।
नवाचार : MP में अब रेशम से पॉवडर, क्रीम, सेरी बैंडेज एवं सिजेरियन ड्रेंसिंग बनाये जायेंगे
* फाई ब्रोहित कंपनी और शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज भोपाल के बीच हुआ अनुबंध
* जरूरी अनुसंधान एवं विकास कार्यों के लिये शासन को भेजा 50 करोड़ रूपये का मांग पत्र
भोपाल। कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की ‘रेशम से समृद्धि योजना’ में नवाचार किये जा रहे हैं। नर्मदापुरम (होशंगाबाद) जिले के रेशम विकास केन्द्र मालाखेड़ी में रेशम से दवाइयों का उत्पादन करने के लिये कार्यवाही तेज कर दी गयी है। यहाँ दवाइयाँ बनाने के लिये गत माह फाई ब्रोहित कंपनी तथा सरदार वल्लभ भाई पटेल शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, भोपाल के बीच एक अनुबंध हुआ। इस अनुबंध के तहत मालाखेड़ी रेशम विकास केन्द्र में रेशम के धागे से पॉवडर, क्रीम, सेरी बैंडेज एवं सिजेरियन बैंडेज आदि का निर्माण (उत्पादन) किया जाएगा। रेशम के धागे से दवाइयों के अलावा अन्य प्रकार के उत्पादन करने के प्रयास भी किये जा रहे है। इस दिशा में जरूरी अनुसंधान एवं विकास कार्यों के लिये 50 करोड़ रूपये की आवश्यकता का मांग पत्र राज्य शासन को भेजा गया है।
आयुक्त रेशम मोहित बुंदस ने बताया कि रेशम के विकास एवं विस्तार से जुड़ी सेवाओं के त्वरित क्रियान्वयन (संपादन) के लिये रेशम से समृद्धि योजना में ‘न्यू सिल्क ईको सिस्टम’ विकसित किया गया है। इसके लिये मध्यप्रदेश सिल्क फेडरेशन को 100 करोड़ रूपये उपलब्ध कराने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। रेशम विकास गतिविधियों के क्रियान्वयन में जरूरत के अनुसार इस राशि का उपयोग किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि रेशम संचालनालय की योजनाओं का क्रियान्वयन अब मध्यप्रदेश सिल्क फेडरेशन के माध्यम से किया जायेगा। इसके लिये मप्र सिल्क फेडरेशन को जरूरी धनराशि (ग्रान्ट के रूप में) उपलब्ध कराने का प्रस्ताव राज्य शासन को दिया गया है।
रेशम समृद्धि योजना से किसानों की सहायता
आयुक्त रेशम श्री बुंदस ने बताया कि रेशम विकास के लिये एक और नवाचारी कदम उठाया जा रहा है। प्रदेश में रेशम विकास गतिविधियों का क्रियान्वयन अब क्लस्टर मोड में करने की शुरूआत कर दी गई है। रेशम गतिविधियों की पुनर्संरचना करते हुये न्यू सिल्क ईको सिस्टम करने के साथ ही पचमढ़ी में सिल्क टेक पार्क भी प्रारंभ किया गया। इसमें चार प्रकार के रेशम ककून का उत्पादन किया जा रहा है। म.प्र. सिल्क फेडरेशन को राज्य की स्टार्ट-अप नीति के तहत इन्क्यूबेटर बनाया गया है। रेशम विकास गतिविधियों के सुचारू क्रियान्वयन के लिये शासकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय भोपाल के फैशन टेक्नोलॉजी विभाग तथा आईआईएम इन्दौर के मध्य न्यू सिल्क ईको सिस्टम के क्रियान्वयन के लिए एक एमओयू किया गया है। रेशम से समृद्धि योजना में किसानों को उनकी आजीविका बढ़ाने के लिए मुफ्त रेशमकीट बीज, सरलता से ऋण उपलब्ध कराकर उनका निर्यात बढ़ाने के लिये सहायता भी दी जा रही है। शासकीय महिला पॉलिटेक्टिनक महाविद्यालय के फैशन टेक्नालॉजी विभाग में ब्राण्डिंग प्रमोशन योजना में सिल्क केटेनेशन, सिल्क स्टूडियो तथा सिल्क टूरिज्म शुरू किया गया है।
आईआईएम मॉडल पर रेशम विकास गतिविधियों के प्रयास
आयुक्त रेशम ने बताया कि रेशम संचालनालय द्वारा आईआईएम इंदौर के मॉडल पर रेशम विकास गतिविधियाँ क्रियान्वित की जा रही हैं। प्रदेश के रेशम उत्पादक किसानों द्वारा उत्पादित रेशम ककून का प्रतिस्पर्धा के जरिये समुचित मूल्य दिलाने के लिये नर्मदापुरम् (होशंगाबाद) जिले में अक्टूबर 2023 से रेशम ककून मण्डी की स्थापना भी की गई है।
घुड़सवारी अकादमी के खिलाड़ियों ने 21 पदक जीते, 12 खिलाड़ियों ने नेशनल के लिए किया क्वालीफाई

* खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई
भोपाल। जयपुर में चल रही घुड़सवारी प्रतियोगिता में जूनियर नेशनल क्वालीफायर 2024 में मध्यप्रदेश राज्य घुड़सवारी अकादमी के 12 खिलाड़ियों ने नेशनल के लिए क्वालीफाई किया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने अकादमी के खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। जयपुर आर्मी एरिया में 61 केवलारी में चल रही घुड़सवारी प्रतियोगिता सप्त शक्ति हॉर्स शो-2024, 11 अगस्त से प्रारंभ होकर 19 अगस्त तक चलेगा। इसके बाद क्रॉस कंट्री नेशनल 1 स्टार और 2 स्टार लेवल की प्रतियोगिता 21 से 29 अगस्त तक आयोजित होगी।
राजू सिंह ने 3 गोल्ड मेडल जीते

अभी तक की प्रतियोगिताओं में राज्य घुड़सवारी अकादमी के खिलाड़ियों ने 21 पदक जीते। इसमें 12 स्वर्ण, 7 रजत, 2 कांस्य पदक हासिल कर अकादमी के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ठ प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में अकादमी के खिलाड़ी राजू सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धा में 3 गोल्ड मेडल जीते हैं। राजू सिंह आगामी आने वाली एशियाई चैंपियनशिप-2025 थाईलैंड के लिए वह एशियन गेम्स-2026 टोक्यो जापान के लिए तैयारी भी कर रहे हैं।
वीरांगना रानी अवंती बाई के शौर्य और साहस को नमन कर निकाली विशाल तिरंगा यात्रा

* अजयगढ़-धरमपुर अंचल में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई वीरांगना की 193वीं जयंती
* रैली के दौरान रिमझिम बारिश में भी युवाओं में दिखा उत्साह, खोरा में मंचीय कार्यक्रम आयोजित
अजयगढ़। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़-धरमपुर अंचल में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की 193 वीं जयंती पर क्षेत्र के युवाओं के द्वारा राष्ट्रीय एकता भाईचारा सम्मेलन, तिरंगा यात्रा एवं विशाल वाहन रैली का आयोजन किया गया। बीते 21 दिनों तक चले वृहद पौधारोपण अभियान उपरांत शुक्रवार 16 अगस्त 2024 को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार टिकुरहा ग्राम में क्षेत्रीय युवा एकत्र हुए जहां वीरांगना अवंती बाई और स्वामी ब्रह्मानंद के छायाचित्र पर पुष्प अर्पण कर क्षेत्रीय कलाकारों के द्वारा देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में वीरांगना रानी अवंती बाई के शौर्य, अदम्य साहस और बलिदान को यादकर उनके पद चिन्हों पर चलने के युवाओं का आव्हान किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के बाद तिरंगा यात्रा एवं वाहन रैली प्रारंभ हुई। इस दौरान रिमझिम बारिश में भी युवाओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। बारिश के बीच डीजे की धुन में झूमते नाचते हुए युवा आगे बढ़ते रहे। वाहन रैली का जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों के द्वारा जगह-जगह पुष्प वर्षा, तिलक वंदन जलपान से स्वागत किया गया।
जयंती समारोह में रामजी दुल-दुल घोड़ी मंडली ने अपनी अनोखी कला की प्रस्तुति से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया। तिरंगा यात्रा एवं वाहन रैली के खोरा ग्राम पहुँचने पर स्थानीय लोगों ने जोरदार स्वागत किया। कस्बा भ्रमण उपरांत विशाल रैली सामुदायिक भवन में पहुंची जहां निरीक्षक हरि सिंह ठाकुर, पूर्व सैनिक एवं सरपंच राम शिरोमणि लोधी, डॉ. केपी राजपूत, पूर्व प्राचार्य रामकिशोर अहिरवार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी नंदपाल सिंह, मनोज प्रताप सिंह, चंद्रशेखर सिंह, संजय अहिरवार के द्वारा वीरांगना अवंती बाई लोधी और स्वामी ब्रह्मानंद के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर मंचीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। अतिथियों के सम्मान उपरांत पूर्व सैनिक एवं ग्राम पंचायत दिया के सरपंच राम शिरोमणि लोधी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी नंदपाल सिंह लोधी, युवा नेता संजय कुमार, सेवानिवृत्ति प्राचार्य रामकिशोर अहिरवार, युवा नेता संजय अहिरवार एवं सामाजिक कार्यकर्ता शेख अंजाम ने लोगों को संबोधित करते हुए एकता भाईचारा एवं जागरूकता का संदेश दिया।

इस अवसर पर कार्यक्रम की आयोजक टीम के सदस्यों राम सिंह लोधी, राजेश सिंह लोधी, रामधाम सिंह लोधी, चंदन सिंह लोधी, शुभम सिंह राजपूत, महेंद्र सिंह लोधी, राजेंद्र सिंह लोधी, रोशन सिंह राजपूत, धर्मेंद्र सिंह राजपूत, रामपाल सिंह राजपूत, सतीश सिंह, विनय सिंह, संजय कुमार, रामकृष्ण गुड्डू, रतन सिंह, शुभकांत सिंह सरपंच, रजमन सिंह सरपंच, धीरेंद्र सिंह पूर्व बेटा जनपद सदस्य प्रतिनिधि, पप्पू सिंह लोधी, कौशल किशोर लोधी, दीपेंद्र सिंह राजपूत, दिनेश सिंह राजपूत, बीपी सिंह राजपूत, शिव कुमार सिंह, मलखान सिंह, अखिलेश सिंह, राहुल सिंह, अरविंद सिंह, वीरेंद्र सिंह, राज सिंह आदि को पुष्प माला से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रिटायर्ड प्रचार बाबूलाल वर्मा ने की। मंच का संचालन शिक्षक चंद्रशेखर लोधी के द्वारा किया गया एवं आभार प्रदर्शन संजय सिंह राजपूत ने किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल रहे। इसी क्रम में अगला जिला स्तरीय कार्यक्रम 25 अगस्त को पन्ना में आयोजित किया गया है।
78वां स्वतंत्रता दिवस : कलेक्टर ने मुख्य समारोह में किया ध्वजारोहण, शान से लहराया तिरंगा

* जिले भर में उत्साह-उमंग और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया आजादी का महापर्व
पन्ना। देश का 78वां स्वतंत्रता दिवस समारोह 15 अगस्त को मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में हर्षोल्लास के साथ गरिमामय तरीके से मनाया गया। जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन स्थानीय पुलिस परेड ग्राउण्ड में हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं कलेक्टर सुरेश कुमार ने सुबह 9 बजे ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। इस दौरान राष्ट्रगान की धुन बजाई गई। ध्वजारोहण के पश्चात कलेक्टर श्री कुमार ने खुली जिप्सी में पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण एस थोटा के साथ परेड का निरीक्षण किया।

मुख्य अतिथि ने प्रदेश की जनता के नाम संबोधित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का वाचन किया और आकाश में गुब्बारे छोड़े। समारोह में परेड की विभिन्न टुकड़ियों द्वारा पुलिस बैण्ड की सुमधुर ध्वनि के बीच आकर्षक मार्च पास्ट का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और प्रजातंत्र रक्षकों का सम्मान भी हुआ। मुख्य अतिथि ने परेड कमाण्डरों से परिचय प्राप्त किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की दी प्रस्तुति

स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में परेड के साथ स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा सामूहिक रूप से पीटी का प्रदर्शन किया गया और सारे जहां से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा सामूहिक गीत का गायन किया गया। जवाहर नवोदय विद्यालय सहित शहर के छः स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गईं। सशस्त्र और गैर शस्त्र परेड का प्रदर्शन भी किया गया। अतिथियों द्वारा कार्यक्रम के समापन पर पुरस्कारों का वितरण किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के सीनियर वर्ग में सीएम राइज स्कूल को प्रथम, शासकीय आरपी उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को द्वितीय और सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को तृतीय स्थान मिला। इसी तरह जूनियर वर्ग में डायमंड पब्लिक स्कूल को प्रथम, महर्षि विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को द्वितीय और जवाहर नवोदय विद्यालय को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
होमगार्ड को परेड प्रदर्शन में प्रथम पुरुष्कार
मुख्य अतिथि द्वारा बेहतर परेड प्रदर्शन के लिए भी पुरस्कार वितरित किए गए। सशस्त्र बल परेड वर्ग में होमगार्ड की टुकड़ी को प्रथम, जिला पुलिस बल पुरूष की टुकड़ी को द्वितीय और विशेष सशस्त्र बल की 10वीं वाहिनी सागर हॉल कैंप पन्ना को तृतीय स्थान मिला। इसी तरह गैर शस्त्र परेड के सीनियर वर्ग में शासकीय छत्रसाल महाविद्यालय की एनसीसी टुकड़ी को प्रथम, उत्तर वन मंडल की टुकड़ी को द्वितीय और छत्रसाल महाविद्यालय की एनसीसी महिला टुकड़ी को तीसरा स्थान मिला, जबकि जूनियर वर्ग में शासकीय मनहर कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के रेड क्रॉस दल को प्रथम एवं गाइड दल को द्वितीय तथा डायमण्ड पब्लिक स्कूल के स्काउट दल को तृतीय स्थान मिला।
विशेष टर्नआउट श्रेणी के पुरुष्कार प्रदान किए

इसके अतिरिक्त विभिन्न शासकीय दायित्वों के निर्वहन में बेहतर कार्य के लिए भी अधिकारी-कर्मचारियों का सम्मान किया गया। जिला प्रशासन द्वारा पहली बार प्रारंभ किए गए विशेष टर्नआउट पुरस्कार की श्रेणी में उपनिरीक्षक सोनम शर्मा को प्रथम और छत्रसाल महाविद्यालय की एनसीसी दल नायक लवली अहिरवार को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। सामूहिक पीटी प्रदर्शन के लिए भी सामूहिक रूप से व कार्यक्रम संचालन के लिए भी विशेष पुरस्कारों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में नपाध्यक्ष मीना पाण्डेय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष संतोष सिंह यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शासकीय सेवक, गणमान्य नागरिक और पत्रकारगण उपस्थित थे।
आजादी का पर्व अमर शहीदों के बलिदान और शौर्य के पुनर्स्मरण का दिन है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

* मुख्यमंत्री “आजादी का महापर्व” सांस्कृतिक संध्या में हुए शामिल
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वतंत्रता दिवस अमर शहीदों के बलिदान, साहस और शौर्य को पुन: स्मरण का दिन है। देश के वीर सपूतों ने मातृभूमि को अपने रक्त से सींचकर हमें स्वतंत्रता दिलाई है। रानी दुर्गावती, चंद्रशेखर आजाद, झांसी रानी लक्ष्मी बाई और पृथ्वीराज जैसे वीर बलिदानियों के शौर्य को सदैव स्मरण रखने की जरूरत है। स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में पृथ्वीराज चौहान की वीरता, संघर्ष और विजय पताका का उदाहरण हमारे लिए गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश का इतिहास रानी दुर्गावती जैसी कई वीरांगनाओं की शौर्य गाथाओं से भरा पड़ा है। स्वतंत्रता संग्राम, स्वतंत्रता सेनानियों और वीरों के बलिदान, व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाशित पुस्तकें देश और प्रदेश के लिए बड़ा दस्तावेज हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व के हमारे वीर शासकों ने नवीन तकनीक का उपयोग नहीं किया लेकिन आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर देश के अभिमान को बचाए रखा। हमें समय की प्रासंगिकता को दृष्टिगत रखते हुए नवीन तकनीक का उपयोग करना चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वतंत्रता दिवस पर रवींद्र भवन सभागार में आयोजित “आजादी का महापर्व” सांस्कृतिक संध्या को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संस्कृति एवं पर्यटन धर्मेन्द्र सिंह लोधी, विधायक भगवानदास सबनानी और प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिव शेखर शुक्ला उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका पलक मुछाल और गायक पलाश मुछाल का स्वागत किया।
पुलिस बैण्ड ने देशभक्ति की कर्णप्रिय धुनों पर मनमोहक प्रस्तुतियां देकर बांधा समां




