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ब्रह्माकुमारीज़ ने सजाई 12 ज्योतिर्लिंगों की भव्य झांकी, दर्शन लाभ लेने उमड़े श्रद्धालु

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द्वादश ज्योतिर्लिंगों की भव्य झांकी के शुभारंभ अवसर पर पन्ना नगर के सभी प्रमुख मंदिरों के पुजारियों को ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा सम्मानित किया गया।

  पन्ना के श्री जुगल किशोर मंदिर प्रांगण में 28 फरवरी तक प्राप्त कर सकेंगे दर्शन

  आध्यात्मिक प्रवचन में बताया जाएगा शिव जयंती महोत्सव और महाशिवरात्रि का महत्व

पन्ना। (www.radarnews.in) महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विद्यालय द्वारा नगर के श्री जुगल किशोर जी मंदिर प्रांगण में द्वादश ज्योतिर्लिंगम (बारह ज्योतिर्लिंगों) की भव्य झांकी सजाई गई है। झांकी का शुभारंभ सोमवार 24 फरवरी की सुबह एक गरिमामयी कार्यक्रम में हुआ। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी, धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी, ब्रह्माकुमारी संस्था पन्ना की प्रमुख सीता बहिनजी सहित ब्रह्माकुमारी संस्था पन्ना से जुड़े भाई-बहनें बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने द्वादश ज्योतिर्लिंगों की अनूठी झांकी के दर्शन कर आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। श्रद्धालुओं ने झांकी के आयोजन को लेकर ब्रह्माकुमारीज़ संस्था की सराहना की है। श्रद्धालुओं का कहना है कि जिन शिव परमात्मा के दर्शन के लिए देश के अलग-अलग स्थानों की मीलों दूर की तीर्थ यात्रा करनी पड़ती है, उनके दर्शन अपने शहर में एक ही स्थान पर प्राप्त होना बहुत ही गौरव और सौभाग्य की बात है।
द्वादश ज्योतिर्लिंगों की भव्य झांकी के शुभारंभ अवसर पर पन्ना नगर के सभी प्रमुख मंदिरों के पुजारियों को ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा सम्मानित किया गया।
ब्रह्माकुमारी संस्था पन्ना की प्रमुख सीता बहिनजी ने बताया कि श्री जुगुल किशोर जी मंदिर प्रांगण में सोमवार 24 फरवरी से लेकर शुक्रवार 28 फरवरी 2025 तक चलने वाली झांकी में श्रद्धालु प्रतिदिन सुबह 6 बजे से 10 बजे तक और दोपहर 12 बजे से रात्रि 10 तक भव्य द्वादश ज्योर्तिलिंगम दर्शन प्राप्त कर सकेंगे। इस अवधि में प्रतिदिन रात्रि में 8 बजे से आध्यात्मिक प्रवचन होंगे। जिसमें परमात्मा शिव के अवतरण और महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य बताया जाएगा।
पन्ना के श्री जुगुल किशोर जी मंदिर में श्रद्धालु 24 फरवरी से लेकर 28 फरवरी 2025 तक प्रतिदिन निर्धारित समय पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों की भव्य झांकी के दर्शन लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी बहन जी ने झांकी लगाने के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए जीवन जीने के सूत्र साझा किए। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्था का परिचय देते हुए इसके उद्देश्यों एवं सेवा कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही, महाशिवरात्रि से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों का आध्यात्मिक रहस्य भी बताया, जैसे कि शिवरात्रि पर धतूरा चढ़ाने, जागरण करने एवं अन्य परंपराओं का गूढ़ महत्व को सरलता से समझाया। उन्होंने बताया कि ये सभी परंपराएं आत्मा की पवित्रता और परमात्मा से संबंध की ओर इंगित करती हैं। झांकी के शुभारंभ कार्यक्रम में मंदिर के सभी पुजारियों का सम्मान किया गया। जिसमें गायत्री परिवार से बुद्ध सिंह; श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर से दिनेश गोस्वामी, श्री जुगल किशोर मंदिर से संतोष तिवारी (मुसद्दी), प्रेम नारायण त्रिपाठी, प्रशांत मिश्रा, मुकेश शर्मा और श्री प्राणनाथ मंदिर से श्याम बिहारी दुबे मुख्य रूप से शामिल थे। सभी ने इस आयोजन की सराहना की और आध्यात्मिक संदेश को समाज तक पहुंचाने की प्रेरणा दी।
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जेके सीमेंट प्लांट हादसा: कंपनी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए- मुंजारे

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पन्ना के सर्किट हाउस में पत्रकारों से जेके सीमेंट प्लांट हादसे पर चर्चा पर करते हुए बालाघाट के पूर्व सांसद कंकर मुंजारे।

 पूर्व सांसद का आरोप- दिल दहलाने वाले हादसे का सच छिपाने शवों को गुपचुप तरीके से ठिकाने लगाया

 मृत मजदूर के परिजनों का हवाला देकर जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को जमकर धिक्कारा

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जेके सीमेंट प्लांट पन्ना में हुए भीषण हादसे में करीब 50 मजदूर असमय काल के गाल में समा गए थे। लगभग इतने ही मजदूर घायल हुए थे। दिल दहलाने वाले इस हादसे का सच छिपाने के लिए जिला प्रशासन की सांठगांठ से सीमेंट प्लांट प्रबंधन ने शवों को गुपचुप तरीके से ठिकाने लगा दिया। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर चूंकि दूसरे राज्यों के थे इसलिए मृतकों की वास्तविक संख्या पर बड़ी आसानी से पर्दा डाल दिया गया। हालांकि प्रत्यक्षदर्शी मजदूर पहले ही इस सच्चाई को बयां कर चुके हैं। यह दावा बालाघाट के पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने किया है। उन्होंने, हादसे के लिए ठेका कंपनी के अधिकारियों की तरह स्थानीय स्थानीय प्लांट प्रबंधन और जेके सीमेंट कंपनी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स के खिलाफ भी आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की पुरजोर मांग की है।
पन्ना के तीन दिवसीय दौरे पर आए बालाघाट के पूर्व सांसद एवं संघर्षशील नेता कंकर मुंजारे ने शनिवार 22 फरवरी को सर्किट हाउस में स्थानीय पत्रकारों से कई ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की। इसके पूर्व उन्होंने सिमरिया क़स्बा पहुंचकर सीमेंट प्लांट हादसे में मरने वाले जिले के एकमात्र मजदूर रोहित खरे के शोक संतृप्त परिजनों से भेंटकर अपनी संवेदना व्यक्त की। बता दें कि, मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की अमानगंज तहसील अंतर्गत हरदुआ केन ग्राम में स्थित जेके सीमेंट प्लांट की दूसरी यूनिट प्रोजेक्ट वर्क के दौरान 30 जनवरी 2025 को सुबह करीब 10 बजे निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत की सेटरिंग (शटरिंग) बड़ा हादसा हुआ था। जिला प्रशासन ने इस हादसे में सिर्फ 4 मजदूरों की मौत एवं 19 के घायल होने की आधिकारिक तौर पर पुष्टि की थी।
पूर्व सांसद ने मृत मजदूर रोहित खरे के परिजनों से हादसे को लेकर हुई बातचीत के हवाले से बताया कि अगर स्थानीय लोग सीमेंट फैक्ट्री के बाहर खरे दम्पत्ति के साथ एकजुटता दिखाते हुए हंगामा न करते तो शायद रोहित की मौत को भी अन्य मजदूरों की तरह ही दबा दिया जाता। क्योंकि हादसे के कुछ देर बाद रोहित की मां जब फैक्ट्री के प्रवेश द्वार पर पहुंची तो पहले उन्हें बताया गया कि उनका पुत्र काम पर आया ही नहीं है। रोहित की मां ने कंपनी के गेट पर तैनात कर्मचारियों पर सरासर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए आसपास मौजूद लोगों को बताया कि रोहित मुझे बताकर फैक्ट्री जाने के लिए घर से निकला था। इस खुलासे के बाद स्थानीय लोगों के हंगामा करने पर बमुश्किल शाम 4 बजे खरे दंपत्ति को बताया गया कि हादसे में उनके बेटे की मौत हो चुकी है। परिजनों को मौके पर रोहित के शव को देखने भी नहीं गया और भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच शव को पोस्टमार्टम के लिए पन्ना रवाना कर दिया था। मुंजारे ने बताया कि रोहित अपने परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य था। हादसे में उसकी असमय मौत से खरे परिवार के ऊपर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है।

संवेदनहीन हैं पन्ना के जनप्रतिनिधि

जेके सीमेंट प्लांट में हुए हादसे में मृत पन्ना जिले के एकमात्र श्रमिक रोहित खरे के सिमरिया स्थित आवास पहुंचकर पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने शोक संतृप्त परिजनों को ढांढ़स बंधाया।
पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने पन्ना जिले के भाजपा सांसद-विधायकों को धिक्कारते हुए कहा कि वे अपनी अंतरात्मा को जेके सीमेंट कंपनी को बेंच चुके है। इतना बड़ा हादसा होने के बाद सांसद-विधायक ने हादसे की सच्चाई को सामने लाने और मृतकों को इंसाफ दिलाने के लिए निष्पक्ष कार्रवाई को लेकर आवाज उठाना तो दूर आज तक घायलों एवं मृतकों के परिजनों से मिलना भी उचित नहीं समझा। उन्होंने कहा कि पन्ना जिले के जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता हैरान करने वाली है। जनता के दुःख-दर्द से इनका दूर-दूर तक कोई सरोकार नहीं है, इन्हें तो सिर्फ जेके सीमेंट के हितों की चिंता है। मुंजारे ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मुख्य विपक्ष की भूमिका का ईमानदारी से निर्वहन नहीं कर रही है, नतीजतन प्रदेश की सरकार पूरी तरह से निरंकुश हो चुकी है। और हर तरफ अराजकता का माहौल है। आपने कहा कि, जेके सीमेंट हादसे, रेत के अवैध खनन सहित पन्ना जिले के अन्य ज्वलंत मुद्दों को लेकर आगामी 11 मार्च को राजधानी भोपाल में विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
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MP News: बलात्कार के केस में मुकरी पीड़िता, कोर्ट ने सुनाई 10 साल की कठोर कैद

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फाइल फोटो।

 एक हजार रुपए के अर्थदण्ड से भी किया गया दण्डित

 द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश पन्ना ने सुनाया महत्वपूर्ण फैसला

पन्ना। (www.radarnews.in) कोर्ट में झूठे (मिथ्या) कथन करने के एक मामले में पन्ना के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री सुरेन्द्र मेश्राम ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। रेप का केस दर्ज करवाने के बाद पीड़िता कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान घटना से मुकर गई थी। लेकिन उसने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान देना और आदेश पत्रिका पर हस्ताक्षर करना स्वीकार किया था। इस तरह न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पन्ना के समक्ष दिए गए बयान (कथन) और विशेष न्यायालय में दिए गए बयान विरोधाभासी होने के कारण फरियादिया के विरुद्ध जानबूझकर मिथ्या साक्ष्य देने का अपराध पंजीबद्ध किया गया था। मामले के विचारण उपरांत न्यायालय द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पन्ना ने महिला को धारा 195 भादंसं. के आरोप में दोषसिद्ध पाये जाने पर 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय द्वारा आरोपिया को एक हजार रूपए के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया गया। कोर्ट के इस फैसले की सर्वत्र सराहना हो रही है।

यह है पूरा मामला

सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी पन्ना ने प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटी) पन्ना में म.प्र. राज्य विरूद्ध महेन्द्र अंतर्गत धारा-376(2)(एन) एवं धारा 506 भादंवि. तथा धारा-3(2)(5) अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम का प्रकरण विचाराधीन था। इस प्रकरण में अभियुक्त महेन्द्र के विरूद्ध पीड़िता (फरियादिया) ने उसके साथ बार-बार बलात्कार करने और ब्लैकमेल कर परेशान करने के संबंध में एक लिखित आवेदन पत्र पुलिस अधीक्षक पन्ना को दिया था। जिसके आधार पर थाना अजयगढ़ में अपराध पजीबद्ध किया गया।
प्रकरण की विवेचना के दौरान महिला (फरियादिया) के कथन न्यायालय के समक्ष लेखबद्ध किए गए। जिसमें फरियादिया ने अभियुक्त महेन्द्र पर बार-बार बलात्कार करने और पति को जान से मारने की धमकी देने का कथन (बयान) किया। पुलिस द्वारा सम्पूर्ण विवेचना पश्चात् प्रकरण विचारण हेतु न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय में केस की सुनवाई के दौरान आरोपी महेन्द्र ने अपराध करने से इंकार किया। फरियादिया को साक्ष्य हेतु न्यायालय में तलब किया गया। फरियादिया न्यायालय में उपस्थित हुई और अपने साक्ष्य में मुकरते हुए बताया कि आरोपी महेन्द्र ने उसके साथ कोई घटना नहीं की। लेकिन उसने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान देना तथा आदेश पत्रिका पर हस्ताक्षर करना स्वीकार किया। इस तरह पीड़िता द्वारा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पन्ना के समक्ष दिए गए बयान और विशेष न्यायालय में दिए गए बयान विरोधाभासी पाए गए।

कोर्ट ने दर्ज किया था झूठे कथन करने का प्रकरण

प्रतीकात्मक चित्र।
विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटी) पन्ना के द्वारा महिला के विरूद्ध जानबूझकर मिथ्या साक्ष्य देने के लिए दंडात्मक कार्यवाही करने निष्कर्ष अंकित किया। जिस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पन्ना द्वारा महिला के विरूद्ध धारा 340, 344 दण्ड प्रक्रिया संहिता एवं धारा 193, 195 भारतीय दण्ड विधान के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। इस प्रकरण का विचारण द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पन्ना श्री सुरेन्द्र मेश्राम के न्यायालय में हुआ। जिसमें शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक लक्ष्मी नारायण द्विवेदी ने की। अभियोजन ने साक्ष्य को क्रमबद्ध तरीके से लेखबद्ध कराकर न्यायालय के समक्ष आरोपी महिला के विरूद्ध अपराध को संदेह से परे प्रमाणित किया। साथ ही आरोपी के कृत्य को गंभीरतम श्रेणी का मानते हुये कठोर से कठोरतम दंड से दंडित किया जाने का अनुरोध किया। अभिलेख पर आए साक्ष्य, अभियोजन के तर्कों एवं न्यायिक दृष्टांतो से सहमत होते हुए न्यायालय द्वारा आरोपी महिला को धारा 195 के अपराध में दोषसिद्ध पाते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,000 हजार रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
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मध्य प्रदेश: एसडीओ ने किसान के साथ किया अमानवीय व्यवहार, पानी मांगने पर जड़ा थप्पड़; कार की डिक्की में जबरन ठूंसा

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किसान को जबरन अपनी कार की डिक्की के ठूंसते हुए एसडीओ और उसके साथी।

*  पूर्व सीएम कमलनाथ ने एसडीओ की क्रूरता पर प्रदेश सरकार को जमकर सुनाया

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के एक वायरल वीडियो में जल संसाधन (सिंचाई) विभाग के एसडीओ श्रीराम बघेल अन्नदाता किसानों के साथ बदसलूकी करते और एक किसान को जबरन अपनी कार की डिक्की में ठूंसते हुए दिख रहे हैं। एसडीओ की गुंडई को लेकर सोशल मीडिया पर लोग खुलकर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने एक्स अकाउंट पर घटना का वीडियो पोस्ट करते हुए इस मामले को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर लिखा- ‘यह प्रशासनिक संवेदनहीनता और क्रूरता की पराकाष्ठा है। स्वतंत्र देश में आखिर किसी नागरिक के साथ इस तरह का व्यवहार कैसे किया जा सकता है? किसान पर अत्याचार करने वालों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।’ इसके बाद एसडीओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
शादिक खान, (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से एक विचलित करने वाला वीडियो सामने आया है। इसमें जल संसाधन विभाग के एसडीओ श्रीराम बघेल किसानों से अभद्रता करते नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं वह सरेआम गुंडई करते हुए एक किसान को जबरन कार की डिक्की में बंद करने की कोशिश करते भी दिख रहे हैं।
घटना केवलारी के मलारी ग्राम की है जहां किसानों ने नहर का गेट खोलने की शिकायत की थी। इससे भड़के एसडीओ अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीओ श्रीराम बघेल किसानों से न सिर्फ अभद्र भाषा में बात कर रहे हैं, बल्कि एक किसान धमकाते हुए जबरन कार की डिक्की में बंद करने की कोशिश भी करते दिख रहे हैं। वीडियो में वह किसान को कथित तौर पर कहते नजर आ रहा है कि तुम अपनी सीमा में रहना। मैं किसी भी हद तक जाऊंगा। तुम्हारी ऐसी-तैसी कर दूंगा।

एमपी का प्रशासन किसान विरोधी और संवेदनहीन

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ।
इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एसडीओ के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग की है। कमलनाथ ने एक्स पर लिखा कि, मध्य प्रदेश का प्रशासन दिन पर दिन किसान विरोधी और संवेदनहीन होता जा रहा है। सिवनी में एक किसान को जानवरों की तरह पड़कर जल संसाधन विभाग के एसडीओ और उनकी टीम कार की डिग्गी में डाल रहे हैं। किसान उसके साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार न करने के लिए गिड़गिड़ा रहा है लेकिन उस पर दया करने की बजाय सरकारी अमला हंस रहा है और उसका मजाक उड़ा रहा है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने आगे लिखा, यह प्रशासनिक संवेदनहीनता और क्रूरता की पराकाष्ठा है। स्वतंत्र देश में आखिर किसी नागरिक के साथ इस तरह का व्यवहार कैसे किया जा सकता है? किसान पर अत्याचार करने वालों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए और मुकदमा दर्ज कर आपराधिक प्रकरण शुरू किया जाए।
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6 हजार हजार करोड़ का नए कर्ज लेने पर कमलनाथ बोले: ‘मध्य प्रदेश को कर्ज के दलदल में डुबोने वाली भाजपा सरकार को जनता माफ़ नहीं करेगी’

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पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ।

 प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी राज्य सरकार पर साधा निशाना

शादिक खान।(www.radarnews.in) बहुप्रचारित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के आयोजन से ठीक पहले मोहन यादव सरकार द्वारा छह हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया जा रहा है। मध्य प्रदेश पर तेज़ी से बढ़ते कर्ज को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि, लगातार कर्ज लेने के बावजूद मध्य प्रदेश सरकार इवेंटबाजी और फिजूलखर्ची में कोई कमी नहीं कर रही है। प्रदेश की जनता इस आर्थिक कुप्रबंधन के लिए भाजपा सरकार को कभी माफ नहीं करेगी। जबकि पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि निवेश के झूठे प्रचार-प्रसार के लिए की जा रही यह मशक्कत न सिर्फ एमपी बीजेपी के झूठ को बेनकाब करेगी, बल्कि पहले से कर्जदार प्रदेश को और ज्यादा कर्जदार बना देगी।
पूर्व सीएम कमल नाथ ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए शनिवार 15 फरवरी को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि- ‘मध्य प्रदेश दिन पर दिन कर्ज के दलदल में डूबता जा रहा है। प्रदेश के ऊपर अब तक 4.10 लाख करोड़ रुपए का कर्ज हो चुका है। और अब खबर आ रही है कि प्रदेश सरकार 18 फरवरी को 6000 करोड रुपए का और कर्ज लेने वाली है। भाजपा सरकार की कर्ज लेने की इस नीति से प्रदेश बड़े राजकोषीय संकट की ओर बढ़ रहा है।’

धन अर्जित करने बेंची जा रही सार्वजनिक संपत्ति

वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने आगे कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि कई मामलों में सरकार ने सार्वजनिक संपत्ति बेंचकर या लीज पर देकर धन अर्जित करने का प्रयास किया है। सरकार अपने खर्च पूरे करने के लिए पूरी तरह कर्ज पर निर्भर होती जा रही है। इसकी मुख्य वजह यह है कि सरकार अपने मौजूदा संसाधनों का विवेकपूर्ण तरीके से इस्तेमाल नहीं कर रही है। अगर प्रदेश की आर्थिक गतिविधि सही दिशा में संचालित की जाए तो प्रदेश की अर्थव्यवस्था बढ़ेगी जिससे अंततः प्रदेश सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा।

इवेंटबाजी पर फिजूलखर्ची में कोई कमी नहीं आई

उन्होंने कहा कि अगर बेरोजगारों को रोजगार मिले और उद्योग तथा व्यापार को सकारात्मक माहौल में काम करने दिया जाए तो निश्चित तौर पर आर्थिक गतिविधि बढ़ेगी। लेकिन प्रदेश की खराब कानून व्यवस्था के कारण यह काम संभव नहीं हो पा रहा है। और सबसे दुख की बात यह है कि लगातार कर्ज लेने के बावजूद मध्य प्रदेश सरकार इवेंटबाजी पर अपनी फिजूलखर्ची में कोई कमी नहीं कर रही है। प्रदेश की जनता इस आर्थिक कुप्रबंधन के लिए इन्हें कभी माफ नहीं करेगी।

कर्जदार प्रदेश को कर रहे और ज्यादा कर्जदार

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि, जैसे कि उम्मीद थी। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से ठीक पहले डॉ. मोहन यादव सरकार एक बार फिर 6000 करोड़ रुपए का नया कर्ज लेने जा रही है। झूठे निवेश के झूठे प्रचार-प्रसार के लिए की जा रही यह मशक्कत फिर एमपी बीजेपी के झूठ को न केवल बेनकाब करेगी, बल्कि कर्जदार प्रदेश को और ज्यादा कर्जदार करेगी।
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मध्य प्रदेश | नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार अगले सप्ताह करेंगे बुंदेलखंड अंचल का सघन दौरा

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नेता प्रतिपक्ष मध्यप्रदेश उमंग सिंघार का बुंदेलखंड अंचल का दौरा कार्यक्रम।

 11 से 13 फरवरी तक विदिशा, सागर, छतरपुर, पन्ना एवं दमोह जिलों का करेंगे भ्रमण

 कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं जनसामान्य भेंट कर स्थानीय मुद्दों और समस्याओं की लेंगे जानकारी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार लगातार प्रदेश के अलग-अलग जिलों का दौरा कर उनके विधानसभा मुख्यालयों में पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में वे अगले सप्ताह बुंदेलखंड अंचल के सघन दौरे पर आ रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष का दौरा मंगलवार 11 फरवरी 2025 को विदिशा से शुरू होकर गुरुवार 13 फरवरी को दमोह जिले के देवरी में समाप्त होगा। 3 दिन के इस दौरे पर नेता प्रतिपक्ष विदिशा, सागर, छतरपुर, पन्ना एवं दमोह जिले में पहुंचकर कांग्रेस कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं जनसामान्य भेंट कर स्थानीय ज्वलंत समस्याओं तथा जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की जानकारी लेंगे।
बता दें कि, गंधवानी विधायक उमंग सिंघार प्रतिपक्ष बनने के बाद से ही प्रदेश सरकार की जन विरोधी नीतियों, ज्वलंत समस्याओं एवं जनहित से जुड़े मुद्दों के साथ जिला स्तरीय मसलों को भी विधानसभा में प्रमुखता से उठाकर आमजन की आवाज़ को लगातार बुलंद करने तथा राज्य सरकार को जवाबदेह बनाने का काम बखूबी कर रहे हैं। इसलिए नेता प्रतिपक्ष के बुंदेलखंड दौरे को लेकर अंचल के कांग्रेस कार्यकर्ताओं, सिविल सोसायटी सहित आम लोगों में व्यापक उत्साह देखा जा रहा है।

कार्यकर्ताओं से इन स्थानों पर करेंगे भेंट

दौरा कार्यक्रम के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार नेता प्रतिपक्ष श्री सिंघार मंगलवार 11 फरवरी को सुबह 10 बजे विदिशा पहुंचकर स्थानीय सर्किट हाउस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं व जनसामान्य से भेंट करेंगे। इसके बाद कुरवाई, बीना, खुरई रेस्ट हाउस में कांग्रेसजनों से मुलाकत करेंगे। खुरई से प्रस्थान कर शाम 6 सागर पहुंचकर स्थानीय सर्किट हाउस में पार्टी कार्यकर्ताओं से भेंट करेंगे। सागर में रात्रि विश्राम करने के बाद अगले दिन श्री सिंघार बुधवार 12 फ़रवरी को अल्प प्रवास पर बण्डा, बड़ामलहरा, खरगापुर, महारजपुर, छतरपुर, राजनगर पहुंचकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भेंट करेंगे। नेता प्रतिपक्ष रात्रि विश्राम खजुराहो में करेंगे।
अगले दिन गुरुवार 13 फरवरी को वे खजुराहो से प्रस्थान कर प्रातः 9 बजे पन्ना पहुंचेंगे। पन्ना में श्री जुगुल किशोर जी मंदिर के दर्शन करने के पश्चात स्थानीय सर्किट हाउस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनसामान्य से चर्चा करेंगे। तदुपरांत नेता प्रतिपक्ष पन्ना से प्रस्थान कर अमानगंज, पवई, दमोह, जबेरा एवं देवरी पहुंचकर कार्यक्रतों से मुलाकत करेंगे। नेता प्रतिपक्ष रात्रि विश्राम देवरी रेस्ट हाउस में करेंगे।
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जेके सीमेंट हादसा: सीमेंट कंपनी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई पुलिस!

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सीमेंट प्लांट में हुए हादसे पर ठेका कंपनी के 3 अधिकारियों पर FIR दर्ज, गिरफ्तार कर भेजा जेल

भीषण हादसे में दर्दनाक मौत मरने वाले गरीब मजदूरों को ‘मोहन राज’ में क्या मिल पाएगा इंसाफ?

जेके सीमेंट कंपनी के खिलाफ जल्द ही बड़ा आंदोलन करेगी कांग्रेस पार्टी : विधायक बरैया

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) जेके सीमेंट प्लांट पन्ना में हुए दिल दहला देने वाले हादसे पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर जो आशंकाएं जताई जा रही थीं, वे अब सच साबित होती दिख रही हैं! हादसे के पांच दिन बाद पुलिस ने निर्माण कार्य करने वाली ठेका कंपनी स्वास्तिक इंफ्रा लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड के 3 अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया, लेकिन सीमेंट कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का साहस नहीं जुटा सकी। पुलिस को इस हादसे में सीमेंट कंपनी के अधिकारियों की कोई लापरवाही नजर नहीं आई है। पुलिस की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों समेत आम जन में व्यापक असंतोष देखा जा रहा है। लोग पूछ रहे हैं इन परिस्थितियों में क्या जेके सीमेंट कंपनी के लापरवाह अफसरों को न्याय के कठघरे में लाया जा सकेगा? हादसे में बेमौत मरने वाले गरीब मजदूरों को क्या इंसाफ मिल पाएगा? इंसानी मौत को मुआवजे तक सीमित करने वाले अफसर क्या मृतकों के परिजनों के आंसुओं और असहनीय दर्द को समझ पाएंगे? शासन-प्रशासन में ऊंचे पदों पर बैठे जिम्मेदारों के अपने अगर इस हादसे का शिकार बने होते तो क्या तब भी इसी तरह की कार्रवाई होती? ऐसे अनेक अनुत्तरित सवाल हैं जोकि आम जन को बेचैन कर रहे हैं।
जिले की अमानगंज तहसील अंतर्गत हरदुआ केन ग्राम में स्थित जेके सीमेंट प्लांट की दूसरी यूनिट प्रोजेक्ट वर्क में निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत की सेटरिंग (शटरिंग) गिरने से 4 मजदूरों की मौत और 19 घायल हो गए थे। 30 जनवरी को हुए इस हादसे पर पुलिस ने सिमरिया थाना में मर्ग कायम कर प्रकरण को जांच में लिया था। मामले की जांच उपरांत पुलिस ने 3 फरवरी को मुंबई की ठेका कंपनी स्वास्तिक इंफ्रा लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट हेड सोनू कुमार पाण्डेय निवासी उड़ीसा, सिविल इंजीनियर ललित कुमार सिंह शिवहरे बिहार और सेफ्टी इंचार्ज शिवम कुमार पाण्डेय निवासी गोपालगंज बिहार के खिलाफ अपराध क्रमांक 45/25 गैर इरादतन हत्या की धारा 105, 125, 125ए बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। लेकिन निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले सीमेंट कंपनी के लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में पुलिस के अधिकारी मीडिया के सवालों का जवाब देने को भी तैयार नहीं हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना आरती सिंह से संपर्क करने पर उन्होंने टेक्स्ट मैसेज भेजने के लिए कहा। मैसेज के माध्यम से जब यह बताया गया कि जेके सीमेंट हादसे पर कार्रवाई को लेकर बात करनी है तो मैडम का फोन रिसीव नहीं हुआ।

निगरानी करने वालों पर कब होगी कार्रवाई

जेके सीमेंट प्लांट में दूसरी यूनिट के निर्माण की निगरानी के लिए कई अधिकारियों को तैनात किया गया है। जिनमें प्रोजेक्ट हेड, सिविल इंजीनियर, मैकेनिकल इंजीनियर, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर एवं सेफ्टी इंचार्ज शामिल बताए जाते हैं। ठेका कंपनियां इन्हीं अधिकारियों की देखरेख में कार्य कर रही हैं। इनका दायित्व कार्य की गुणवत्ता के साथ सुरक्षा के मानकों की निगरानी करना है। ठेका कंपनियां अगर कार्य की गुणवत्ता या सुरक्षा मानकों की उपेक्षा कर रही थीं तो प्रबंधन को जानकारी देकर तुरंत काम रुकवाना था। लेकिन 30 जनवरी को निर्माणधीन बहुमंजिला इमारत में भीषण हादसा होने पर जो तथ्य सामने आए वह ठेकेदार के साथ निर्माण की निगरानी करने वालों द्वारा बरती गई आपराधिक लापरवाही को उजागर करते हैं।
इमारत की 7वीं मंजिल की छत की ढलाई के समय अत्यधिक ऊंचाई पर मजदूरों के काम करने के दौरान सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित कराने में जिम्मेदारों की ओर से घोर अनदेखी की गई। हादसे के दूसरे दिन जेके सीमेंट प्लांट पहुंची प्रभारी संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा इंदौर की प्रारंभिक जांच में इसका खुलासा हुआ था। लेकिन पुलिस महकमे को जेके सीमेंट कंपनी के जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही अब तक नजर नहीं आई। पुलिस ने ठेका कंपनी के 3 अधिकारियों पर तो अपराध दर्ज कर लिया, मगर जेके सीमेंट के अफसरों को कथित तौर पर जानबूझकर छोड़ दिया। आधी-अधूरी कार्रवाई को लेकर लोग पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े करने के साथ संदेह की नजर से देख रहे हैं।

मृतकों की वास्तविक संख्या का हो खुलासा : बरैया

सर्किट हाउस पन्ना में पत्रकारों से चर्चा करते कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया।
कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने जेके सीमेंट फैक्ट्री पन्ना में हुए भीषण हादसे में मरने वाले मजदूरों व घायलों की वास्तविक संख्या को छिपाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पन्ना जिला प्रशासन के संरक्षण में सीमेंट प्लांट प्रबंधन ने हादसे की भयावहता को दबा दिया ताकि सच सामने न सके। मृतकों तथा घायलों की संख्या प्रशासन द्वारा बताए गए आंकड़े से कहीं अधिक है। हताहतों की वास्तविक संख्या के खुलासे सहित जेके सीमेंट प्रबंधन के जुल्म के खिलाफ कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक क्षेत्रवासियों, मजदूरों की आवाज को बुलंद करेगी। गुरुवार 6 जनवरी को अल्प प्रवास पर पन्ना पहुंचे कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा में बताया कि जेके सीमेंट कंपनी में मजदूरों के शोषण, सुरक्षा से समझौते, स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता, जबरन भूमि अधिग्रहण और सड़क हादसों में लगातार हो रहीं मौतों के ज्वलंत मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी जल्द ही जिला स्तर एवं प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन करेगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से हादसे की निष्पक्ष जांच के लिए विधायकों का दल गठित कराया जाएगा। विधायकों की टीम अपनी जांच में हादसे के सच को तथ्यों के साथ उजागर करेगी।
विधायक बरैया ने हादसे पर सीमेंट कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध न होने पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। प्रदेश की मोहन यादव सरकार को उद्योगपतियों एवं माफियाओं के हितों का संरक्षण करने वाली सरकार बताते हुए उन्होंने कहा कि इस सरकार को आम जन से कोई सरोकार नहीं है। प्रेस वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शिवजीत सिंह भइया राजा, राजेश तिवारी एडवोकेट, प्रभारी भूपेन्द्र राहुल, वरिष्ठ नेता सेवालाल पटेल, पुरुषोत्तम जड़िया, वैभव थापक, जीवन लाल, कदीर खान, राज बहादुर पटेल, संजय पटेल, सरदार यादव सहित अन्य कांग्रेस नेता उपस्थित रहे।

18 लाख की सहायता राशि का चेक सौंपा

पन्ना जिले हरदुआ केन ग्राम में स्थित जेके सीमेंट प्लांट। (फाइल फोटो)
जेके सीमेंट कंपनी प्रबंधन द्वारा गत 30 जनवरी को सीमेंट प्लांट की निर्माणाधीन सेटरिंग गिरने से सिमरिया निवासी रोहित खरे की मृत्यु पर परिजनों को 18 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि का चेक सौंपा गया है। कंपनी ने अंत्येष्टि के लिए 50 हजार की सहायता राशि भी पृथक से प्रदान की। गत गुरूवार को अमानगंज तहसील स्थित जेके सीमेंट प्लांट कंपनी में निर्माणाधीन सेटरिंग गिरने से चार मजदूरों की मृत्यु हुई थी एवं 19 मजदूर घायल हो गए थे। घायल मजदूरों को तुरंत इलाज के लिए कटनी एवं एक मजदूर को जबलपुर रेफर किया गया था। कटनी में भर्ती 13 मजदूर क्रमशः चंद्रपाल सिंह 27 वर्ष, प्रेमचंद 30 वर्ष, मिंटू शाह 40 वर्ष, जहरुल 32 वर्ष, मोहम्मद सालम 31 वर्ष, रूपेश कुमार 21 वर्ष, कंछेदी कुशवाहा 29 वर्ष, मोहम्मद इशाक 28 वर्ष, तौकीर 18 वर्ष, रामबृज महतो 45 वर्ष, तहमीर 28 वर्ष, एमडी नूरशिद 29 वर्ष एवं शेख शकूर 40 वर्ष को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। जेके सीमेंट प्लांट में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में निर्णय अनुसार मृतकों को 18 लाख रुपए की मुआवजा राशि एवं घायलों को एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाना थी। साथ में मृतकों को अंत्येष्टि के लिए 50 हजार की आर्थिक सहायता राशि देने का निर्णय भी लिया गया था।
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बसंत पंचमी विशेष| वाणी को वीणा बनाएं, बाण नहीं : ब्रह्माकुमारी सीता बहनजी

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ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा अजयगढ़ क़स्बा में बसंत पंचमी पर्व पर निकाली गई माँ सरस्वती की झांकी के दौरान लोगों को ईश्वरीय सन्देश दिया गया।

 ब्रह्माकुमारी संस्था ने अजयगढ़ क़स्बा में निकाली मां सरस्वती की भव्य झांकी

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्‍वरीय विश्‍वविद्यालय के राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र पन्ना द्वारा जिले के अजयगढ़ क़स्बा में स्थित प्रसिद्ध माँ सरस्वती मंदिर में आज बसंत पंचमी का पर्व आध्यात्मिक रीति से मनाया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी सीता बहनजी ने उपस्थित भाई-बहनों को बड़े ही सरल-सहज तरीके से बंसत पंचमी का आध्यात्मिक रहस्य बताया। कार्यक्रम के अंत में नगर में भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें शामिल माँ सरस्वती की झांकी आकर्षण का केन्द्र रही। कलश यात्रा एवं झांकी में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल रहे।
ब्रह्माकुमारी संस्था के तत्वाधान में अजयगढ़ के सरस्वती मंदिर में बसंत पंचमी पर्व आध्यात्मिक रीति से मनाया गया।
बसंत पंचमी के कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजन तथा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया है। तदुपरांत ब्रह्माकुमारी सीता बहनजी ने सभी को बसंत पंचमी का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहा कि, मां सरस्वती से हमें प्रेरणा लेनी है, उनके समान निर्मल, पवित्र, शुद्ध मन रखना है। जब मन शुद्ध पवित्र होता है तो हमारे पास लक्ष्मी स्वत: आ जाती है। इस दिन पीले रंग का विशेष महत्व है पीला रंग समृद्धि सफलता और खुशहाली का प्रतीक है। साथ ही हमें मां सरस्वती से प्रेरणा लेनी है, अपने मन–वचन–कर्म को पवित्र बनाने की। जब हमारे जीवन में पवित्रता आती है तो जीवन सुख-शांति से भरपूर हो जाता है।

सकारात्मक विचारों से खुशहाल होगा जीवन

बंसत पंचमी कार्यक्रम में भाइयों को ईश्वरीय सौगात प्रदान करते हुए ब्रह्माकुमारी सीता बहनजी।
आपने बताया कि, मां सरस्वती को हंस की सवारी पर दिखाया गया है जो की पवित्रता का सूचक है, यह व्यर्थ और समर्थ को अलग करने में सक्षम होता है। आज हम सभी प्रतिज्ञा करें कि जीवन को व्यर्थ और नकारात्मक संकल्प बोल एवं कर्मों से सदा मुक्त करेंगे। मां सरस्वती को वीणा वादिनी भी कहा जाता है। वीणा तो सभी को बजाना नहीं आती है, परंतु एक वीणा हम सभी के पास है! वह है हमारा मुख, तो इससे हम सदा सुखदाई बोल ही बोलें, हंस के समान पवित्र सकारात्मक विचार ही धारण करें। अगर हम अपना जीवन सकारात्मक विचारों से भर लेंगे तो हमारे जीवन में सदा बहार रहेगी और हम सदा खुशहाल रहेंगे।

जन-जन को दिया ईश्वरीय संदेश

कलश यात्रा में माँ सरस्वती की चैतन्य झांकी आकर्षण का केन्द्र रही।
आध्यात्मिक सत्संग पश्चात मंदिर सरस्वती मंदिर से ही भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें शामिल माँ सरस्वती की झांकी आकर्षण का केन्द्र रही। कलश यात्रा एवं झांकी में शामिल भाई-बहनों ने नगर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए जन-जन को ईश्वरीय संदेश दिया। वापिस मंदिर परिसर पहुंचकर कलश यात्रा का समापन हुआ। कार्यक्रम में वीरेंद्र कुमार जैन, संजय सुल्लेरे, लक्ष्मी गुप्ता, छेदीलाल रजक सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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भाजपा नेता सुधीर अग्रवाल बने वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष

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सुधीर अग्रवाल, नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष वैश्य महासम्मेलन।

 सामाजिक बंधुओं, परचितों एवं शुभचिंतकों ने दी बधाई

 बोले- ‘समाज की बेहतरी के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करूंगा’

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश वेयरहाउस एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (एमपीडब्ल्यूएलसी) के पूर्व चेयरमैन एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुधीर अग्रवाल को वैश्य समाज के महत्वपूर्ण संगठन वैश्य महासम्मेलन का सर्वसम्मति से प्रदेश अध्यक्ष चुना गया है। यह घोषणा बीते दिवस पूर्व मंत्री एवं महासम्मेलन के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष उमाशंकर गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित संगठन की कोर कमेटी बैठक में की गई। कुशल संगठक एवं कर्मठ नेता सुधीर अग्रवाल को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने से न केवल संगठन में नए जोश और उत्साह का संचार हुआ है, बल्कि वैश्य समाज के हर वर्ग में ख़ुशी की लहर व्याप्त है। श्री अग्रवाल के गृह जिला पन्ना के लोगों ने भी इस निर्णय का हृदय से स्वागत करते हुए उन्हें बधाई दी है।

समाज को एकजुट कर आपसी सपंर्क-संवाद बढ़ाएंगे

वैश्य महासम्मेलन प्रदेश अध्यक्ष पद के दायित्व को स्वीकर करते हुए सुधीर अग्रवाल ने कहा, मेरे लिए पद कोई मायने नहीं रखता, कार्य मायने रखता है। हमारे समाज का हर बच्चा, हर व्यक्ति, हर सदस्य मेरे लिए प्रदेश अध्यक्ष के बराबर है। सभी का सम्मान और ताकत एक जैसी है। हम सभी मिलकर काम समाज की बेहतरी के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपना कार्य करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि, हमारा उद्देश्य संगठन को और मजबूत करना है, इसके लिए समाजजनों के बीच आपस में संपर्क और संवाद को बढ़ाने का प्रयत्न किया जायेगा। क्योंकि मेलजोल जितना बढ़ेगा संगठन का उतना ही विस्तार होगा। श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि, संगठन के आरंभ से लेकर आज तक उमाशंकर गुप्ता मध्य प्रदेश वैश्य महासम्मेलन के पर्याय रहे हैं, और आगे भी उनके मार्गदर्शन में संगठन की प्रत्येक गतिविधि और निर्णय संभव होंगे।
बधाईयों का लगा तांता
वरिष्ठ बीजेपी नेता सुधीर अग्रवाल वैश्य महासम्मेलन का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर मनोज केशरवानी जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी कैलाश मोदी, जिला कार्यकारी अध्यक्ष दिनेश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष रामेश्वर गुप्ता, संभागीय अध्यक्ष महिला इकाई आशा गुप्ता, महिला इकाई जिला अध्यक्ष मंजू लता जैन, नगर अध्यक्ष आशू जैन, युवा जिला इकाई अध्यक्ष डॉक्टर राकेश सोनी, पूर्व जिला अध्यक्ष गुड्डे चिरौलिया, पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. रवि शंकर मोदी, गहोई समाज जिला अध्यक्ष डॉक्टर महेश खैरहा, जिला कोषाध्यक्ष गोपाल बरसईयां, पन्ना तहसील अध्यक्ष शैलेश प्रताप साहू, जिला महिला इकाई प्रभारी आशा साहू, महिला इकाई नगर अध्यक्ष सुमन गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष राजेश गुप्ता (अजयगढ़), जिला उपाध्यक्ष जगदीश जड़िया, अनिल कंथारिया तहसील अध्यक्ष अमानगंज नीरज बड़ेरिया प्रभारी, अजीत जैन पवई तहसील अध्यक्ष, सत्येंद्र त्रिसोलिया तहसील अध्यक्ष शाहनगर बृजेश जैन प्रभारी, धर्मेंद्र अवधिया तहसील अध्यक्ष गुनौर राजकुमार सोनी प्रभारी, सौरभ अग्रवाल तहसील अध्यक्ष सिमरिया सोनू अग्रवाल प्रभारी, प्रियेस अग्रवाल तहसील अध्यक्ष रैपुरा उमेश सोनी तहसील प्रभारी, रमेश गुप्ता तहसील अध्यक्ष अजयगढ़ कार्यकारी अध्यक्ष संजय गुप्ता, डॉक्टर प्रमोद जैन देवेंद्रनगर तहसील अध्यक्ष, विनोद अग्रवाल महामंत्री, युवा इकाई तहसील अध्यक्ष ललित गुप्ता, जितेश गुप्ता, जितेंद्र गुप्ता, रूपेश मोदी, राकेश गुप्ता, डॉक्टर संजय सोनी, दिलीप गुप्ता, डॉक्टर अमित सिंघाई, सुन्नू गुप्ता, रामकृपाल गुप्ता, राहुल जैन बृजपुर, मुरारी गुप्ता, रामहित साहू, नरेंद्र जैन, डॉक्टर सन्मति जैन, विकास चौरसिया तहसील प्रभारी, कैलाश गुप्ता (गब्बर), संदेश अग्रवाल सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
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जेके सीमेंट प्लांट हादसा | मृतकों की संख्या छिपाने का गंभीर आरोप, बाल-बाल बचे युवकों का दावा: 170 मजदूर फैक्ट्री के अंदर गए, 40 वापस लौटे; प्रशासन सिर्फ 4 की मौत बता रहा

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जेके सीमेंट प्लांट पन्ना में गुरुवार 30 जनवरी को हुए हृदय विदारक हादसे का सच क्या लोगों से छिपाया गया है? क्या प्रशासन और प्लांट प्रबंधन ने मिलकर हादसे की भीषणता को दबाने का काम किया? क्या मृतकों और घायलों का सही आंकड़ा छिपाया गया है? यह सवाल हादसे के बाद से ही लगातार हर किसी के जेहन में उठ रहे हैं। हादसे के चश्मदीदों के हैरान करने वाले दावों और बेहद गंभीर आरोपों से इन सवालों को बल मिला है। वहीं सोशल मीडिया पर घटना के विचलित करने वाले वायरल वीडियो, मृतकों एवं घायलों की संख्या से जुड़े संदेशों तथा मीडिया को सीमेंट फैक्ट्री में प्रवेश न देने सहित अन्य कई विचारणीय पहलू है, जिससे संदेह लगातार गहरा रहा है। भीषण हादसे में प्रशासन ने अब तक 4 मजदूरों की मौत और 15 का घायल होना बताया है। लेकिन हादसे के 48 घंटे बाद भी आमलोग प्रशासन द्वारा बताए गए हताहतों के आंकड़ों पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में अमानगंज तहसील अंतर्गत हरदुआ केन ग्राम में स्थित जेके सीमेंट कंपनी के प्लांट की दूसरी यूनिट प्रोजेक्ट कार्य में गुरुवार 30 जनवरी को निर्माणधीन बहुमंजिला इमारत की छत ढालने का कार्य चल रहा था। इस दौरान सुबह लगभग 10 बजे अचानक छत की शटरिंग और स्लैब मटेरियल गिरने से वहां काम कर रहे कई मजदूर नीचे दब गए थे। मौके पर चींख-पुकार और अफरातफरी मच गई। हादसे के समय सीमेंट प्लांट में सैंकड़ों मजदूर एवं कर्मचारी मौजूद थे। ह्रदय विदारक हादसे के तुरंत बाद कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें कुछ मजदूर लोहे के सरिया में फंसे नजर आ रहे थे।
दिल दहला देने वाले हादसों के वीडियो वायरल होने की भनक लगने पर जेके सीमेंट प्लांट प्रबंधन ने बड़ी तादाद में मजदूरों-कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया था। एसडीआरएफ टीमों के द्वारा पुलिस बल, स्वास्थ्य विभाग के अमले और सीमेंट कंपनी कर्मचारियों के साथ संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्य करते हुए नीचे दबे मजदूरों को निकाला था। प्रशासन के आलावा प्लांट के अंदर मीडिया, मजदूरों के परिजन समेत अन्य किसी के भी अंदर जाने पर पूर्णतः रोक लगा दी गई थी। यहां तक कि एम्बुलेंस वाहनों को कई घंटे तक गेट पर रोककर रखा, अंदर प्रवेश नहीं करने दिया था। इस कदम से भड़के मजदूरों के परिजनों द्वारा मृतकों एवं घायलों की संख्या और पहचान उजागर करने की मांग लेकर प्लांट के बाहर हंगामा करते हुएप्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश प्रकट किया गया। सोशल मीडिया पर भी लोग इसी मांग को लेकर खुलकर गुस्सा जाहिर कर रहे थे। लगातार बढ़ते तनाव-दबाव के बीच हादसे के लगभग 6 घंटे बाद प्रशासन द्वारा 4 मजदूरों की मौत और 15 के घायल होने की आधिकारिक तौर पर पुष्टि की गई। लेकिन अधिकांश लोग प्रशासन द्वारा बताई गई मृतकों-घायलों की संख्या को संदिग्ध मान रहे हैं।

… शेष मजदूर मलबे में दब गए

जेके सीमेंट प्लांट हादसे को लेकर प्रत्यक्षदर्शी मजदूरों के दावे बेहद हैरान करने वाले हैं। बिहार के मजदूर विवेक कुमार का एक वीडियो वायरल है, जिसमें वह बता रहे हैं कि, सुबह 7:30 बजे मैं काम पर पहुंच गया था। लगभग 10:30 बजे हादसा हुआ। जिसमें कई मजदूर दबकर मर गए। सुबह 170 मजदूरों ने छत निर्माण कार्य के लिए प्लांट के अंदर इंट्री की थी, जिसमें 40 लोग सुरक्षित निकल पाए। शेष मजदूर शटरिंग और स्लैब के मलबे में दफ़न हो गए। सिर्फ 4 लोगों की लाश बरामद हुई है। हादसे में बाल-बाल बचे युवा श्रमिक विवेक ने बताया हादसे के बाद जब हम लोगों ने अपने साथियों को खोजने के लिए मलबे की तरफ रुख किया तो प्रबंधन ने उन्हें बलपूर्वक रोक दिया। हताहतों में शामिल अधिकांश मजदूर बिहार राज्य के बताए जा रहे हैं। चश्मदीद ने हादसे की वजह बताते हुए कहा, निर्माणधीन छत की शटरिंग सही तरीके से नहीं लगी थी, उसके ऊपर जब कंक्रीट डाला गया तो भार बढ़ने पर शटरिंग भरभरा कर गिर गई। युवक का आरोप है यहां सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन की प्रशासन और पुलिस से सांठगांठ है। इसलिए हादसों पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं होती है। फैक्ट्री के अंदर बगैर सुरक्षा प्रबंध के मजदूरों से रात-दिन प्रेशर में काम कराया जा रहा है। श्रमिक विवेक कुमार ने सभी मृतकों के आश्रितों को 1-1 करोड़ का मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है।

शवों को छिपाने का आरोप

भीषण हादसे के एक अन्य चश्मदीद बिहार निवासी युवा श्रमिक माचा ने जेके सीमेंट प्लांट प्रबंधन पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए बताया कि मृत मजदूरों के शवों छिपाकर गुपचुप तरीके से दफनाने का प्रयास किया जा रहा है। यहां किसी को कोई नहीं बता रहा है कि कुल कितने लोग मरे है, हम लोगों को अपने साथियों को देखने के लिए अंदर जाने से रोका दिया था। श्रमिक माचा ने हादसे की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने तथा मृतकों के आश्रितों के सम्मानपूर्वक जीवन यापन के लिए पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की है। बता दें कि, हादसे में मृत मजदूरों एवं घायलों को लेकर किये गए दावों तथा आरोपों के संबंध में सीमेंट प्लांट प्रबंधक एपी से सिंह बात करने का काफी प्रयास किया गया लेकिन उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ। उधर प्रशासन चश्मदीदों के दावों को सिरे से खारिज करते हुए पूर्णतः असत्य और भ्रामक बता रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा हादसे में 4 मजदूरों की मौत और 15 के घायल होने की पुष्टि की गई है।

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MP News : पन्ना की जेके सीमेंट फैक्ट्री में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन स्लैब गिरने से 4 मजदूरों की मौत, 15 घायल

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