* पन्ना के श्री जुगल किशोर मंदिर प्रांगण में 28 फरवरी तक प्राप्त कर सकेंगे दर्शन
* आध्यात्मिक प्रवचन में बताया जाएगा शिव जयंती महोत्सव और महाशिवरात्रि का महत्व
पन्ना। (www.radarnews.in) महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विद्यालय द्वारा नगर के श्री जुगल किशोर जी मंदिर प्रांगण में द्वादश ज्योतिर्लिंगम (बारह ज्योतिर्लिंगों) की भव्य झांकी सजाई गई है। झांकी का शुभारंभ सोमवार 24 फरवरी की सुबह एक गरिमामयी कार्यक्रम में हुआ। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी, धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी, ब्रह्माकुमारी संस्था पन्ना की प्रमुख सीता बहिनजी सहित ब्रह्माकुमारी संस्था पन्ना से जुड़े भाई-बहनें बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने द्वादश ज्योतिर्लिंगों की अनूठी झांकी के दर्शन कर आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। श्रद्धालुओं ने झांकी के आयोजन को लेकर ब्रह्माकुमारीज़ संस्था की सराहना की है। श्रद्धालुओं का कहना है कि जिन शिव परमात्मा के दर्शन के लिए देश के अलग-अलग स्थानों की मीलों दूर की तीर्थ यात्रा करनी पड़ती है, उनके दर्शन अपने शहर में एक ही स्थान पर प्राप्त होना बहुत ही गौरव और सौभाग्य की बात है।

ब्रह्माकुमारी संस्था पन्ना की प्रमुख सीता बहिनजी ने बताया कि श्री जुगुल किशोर जी मंदिर प्रांगण में सोमवार 24 फरवरी से लेकर शुक्रवार 28 फरवरी 2025 तक चलने वाली झांकी में श्रद्धालु प्रतिदिन सुबह 6 बजे से 10 बजे तक और दोपहर 12 बजे से रात्रि 10 तक भव्य द्वादश ज्योर्तिलिंगम दर्शन प्राप्त कर सकेंगे। इस अवधि में प्रतिदिन रात्रि में 8 बजे से आध्यात्मिक प्रवचन होंगे। जिसमें परमात्मा शिव के अवतरण और महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य बताया जाएगा।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी बहन जी ने झांकी लगाने के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए जीवन जीने के सूत्र साझा किए। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्था का परिचय देते हुए इसके उद्देश्यों एवं सेवा कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही, महाशिवरात्रि से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों का आध्यात्मिक रहस्य भी बताया, जैसे कि शिवरात्रि पर धतूरा चढ़ाने, जागरण करने एवं अन्य परंपराओं का गूढ़ महत्व को सरलता से समझाया। उन्होंने बताया कि ये सभी परंपराएं आत्मा की पवित्रता और परमात्मा से संबंध की ओर इंगित करती हैं। झांकी के शुभारंभ कार्यक्रम में मंदिर के सभी पुजारियों का सम्मान किया गया। जिसमें गायत्री परिवार से बुद्ध सिंह; श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर से दिनेश गोस्वामी, श्री जुगल किशोर मंदिर से संतोष तिवारी (मुसद्दी), प्रेम नारायण त्रिपाठी, प्रशांत मिश्रा, मुकेश शर्मा और श्री प्राणनाथ मंदिर से श्याम बिहारी दुबे मुख्य रूप से शामिल थे। सभी ने इस आयोजन की सराहना की और आध्यात्मिक संदेश को समाज तक पहुंचाने की प्रेरणा दी।
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दौरा कार्यक्रम के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार नेता प्रतिपक्ष श्री सिंघार मंगलवार 11 फरवरी को सुबह 10 बजे विदिशा पहुंचकर स्थानीय सर्किट हाउस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं व जनसामान्य से भेंट करेंगे। इसके बाद कुरवाई, बीना, खुरई रेस्ट हाउस में कांग्रेसजनों से मुलाकत करेंगे। खुरई से प्रस्थान कर शाम 6 सागर पहुंचकर स्थानीय सर्किट हाउस में पार्टी कार्यकर्ताओं से भेंट करेंगे। सागर में रात्रि विश्राम करने के बाद अगले दिन श्री सिंघार बुधवार 12 फ़रवरी को अल्प प्रवास पर बण्डा, बड़ामलहरा, खरगापुर, महारजपुर, छतरपुर, राजनगर पहुंचकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भेंट करेंगे। नेता प्रतिपक्ष रात्रि विश्राम खजुराहो में करेंगे।
अगले दिन गुरुवार 13 फरवरी को वे खजुराहो से प्रस्थान कर प्रातः 9 बजे पन्ना पहुंचेंगे। पन्ना में श्री जुगुल किशोर जी मंदिर के दर्शन करने के पश्चात स्थानीय सर्किट हाउस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनसामान्य से चर्चा करेंगे। तदुपरांत नेता प्रतिपक्ष पन्ना से प्रस्थान कर अमानगंज, पवई, दमोह, जबेरा एवं देवरी पहुंचकर कार्यक्रतों से मुलाकत करेंगे। नेता प्रतिपक्ष रात्रि विश्राम देवरी रेस्ट हाउस में करेंगे।
जिले की अमानगंज तहसील अंतर्गत हरदुआ केन ग्राम में स्थित जेके सीमेंट प्लांट की दूसरी यूनिट प्रोजेक्ट वर्क में निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत की सेटरिंग (शटरिंग) गिरने से 4 मजदूरों की मौत और 19 घायल हो गए थे। 30 जनवरी को हुए इस हादसे पर पुलिस ने सिमरिया थाना में मर्ग कायम कर प्रकरण को जांच में लिया था। मामले की जांच उपरांत पुलिस ने 3 फरवरी को मुंबई की ठेका कंपनी स्वास्तिक इंफ्रा लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट हेड सोनू कुमार पाण्डेय निवासी उड़ीसा, सिविल इंजीनियर ललित कुमार सिंह शिवहरे बिहार और सेफ्टी इंचार्ज शिवम कुमार पाण्डेय निवासी गोपालगंज बिहार के खिलाफ अपराध क्रमांक 45/25 गैर इरादतन हत्या की धारा 105, 125, 125ए बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। लेकिन निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले सीमेंट कंपनी के लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में पुलिस के अधिकारी मीडिया के सवालों का जवाब देने को भी तैयार नहीं हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना आरती सिंह से संपर्क करने पर उन्होंने टेक्स्ट मैसेज भेजने के लिए कहा। मैसेज के माध्यम से जब यह बताया गया कि जेके सीमेंट हादसे पर कार्रवाई को लेकर बात करनी है तो मैडम का फोन रिसीव नहीं हुआ।
जेके सीमेंट प्लांट में दूसरी यूनिट के निर्माण की निगरानी के लिए कई अधिकारियों को तैनात किया गया है। जिनमें प्रोजेक्ट हेड, सिविल इंजीनियर, मैकेनिकल इंजीनियर, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर एवं सेफ्टी इंचार्ज शामिल बताए जाते हैं। ठेका कंपनियां इन्हीं अधिकारियों की देखरेख में कार्य कर रही हैं। इनका दायित्व कार्य की गुणवत्ता के साथ सुरक्षा के मानकों की निगरानी करना है। ठेका कंपनियां अगर कार्य की गुणवत्ता या सुरक्षा मानकों की उपेक्षा कर रही थीं तो प्रबंधन को जानकारी देकर तुरंत काम रुकवाना था। लेकिन 30 जनवरी को निर्माणधीन बहुमंजिला इमारत में भीषण हादसा होने पर जो तथ्य सामने आए वह ठेकेदार के साथ निर्माण की निगरानी करने वालों द्वारा बरती गई आपराधिक लापरवाही को उजागर करते हैं।







शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में अमानगंज तहसील अंतर्गत हरदुआ केन ग्राम में स्थित जेके सीमेंट कंपनी के प्लांट की दूसरी यूनिट प्रोजेक्ट कार्य में गुरुवार 30 जनवरी को निर्माणधीन बहुमंजिला इमारत की छत ढालने का कार्य चल रहा था। इस दौरान सुबह लगभग 10 बजे अचानक छत की शटरिंग और स्लैब मटेरियल गिरने से वहां काम कर रहे कई मजदूर नीचे दब गए थे। मौके पर चींख-पुकार और अफरातफरी मच गई। हादसे के समय सीमेंट प्लांट में सैंकड़ों मजदूर एवं कर्मचारी मौजूद थे। ह्रदय विदारक हादसे के तुरंत बाद कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें कुछ मजदूर लोहे के सरिया में फंसे नजर आ रहे थे।
जेके सीमेंट प्लांट हादसे को लेकर प्रत्यक्षदर्शी मजदूरों के दावे बेहद हैरान करने वाले हैं। बिहार के मजदूर विवेक कुमार का एक वीडियो वायरल है, जिसमें वह बता रहे हैं कि, सुबह 7:30 बजे मैं काम पर पहुंच गया था। लगभग 10:30 बजे हादसा हुआ। जिसमें कई मजदूर दबकर मर गए। सुबह 170 मजदूरों ने छत निर्माण कार्य के लिए प्लांट के अंदर इंट्री की थी, जिसमें 40 लोग सुरक्षित निकल पाए। शेष मजदूर शटरिंग और स्लैब के मलबे में दफ़न हो गए। सिर्फ 4 लोगों की लाश बरामद हुई है। हादसे में बाल-बाल बचे युवा श्रमिक विवेक ने बताया हादसे के बाद जब हम लोगों ने अपने साथियों को खोजने के लिए मलबे की तरफ रुख किया तो प्रबंधन ने उन्हें बलपूर्वक रोक दिया। हताहतों में शामिल अधिकांश मजदूर बिहार राज्य के बताए जा रहे हैं। चश्मदीद ने हादसे की वजह बताते हुए कहा, निर्माणधीन छत की शटरिंग सही तरीके से नहीं लगी थी, उसके ऊपर जब कंक्रीट डाला गया तो भार बढ़ने पर शटरिंग भरभरा कर गिर गई। युवक का आरोप है यहां सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन की प्रशासन और पुलिस से सांठगांठ है। इसलिए हादसों पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं होती है। फैक्ट्री के अंदर बगैर सुरक्षा प्रबंध के मजदूरों से रात-दिन प्रेशर में काम कराया जा रहा है। श्रमिक विवेक कुमार ने सभी मृतकों के आश्रितों को 1-1 करोड़ का मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है।
भीषण हादसे के एक अन्य चश्मदीद बिहार निवासी युवा श्रमिक माचा ने जेके सीमेंट प्लांट प्रबंधन पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए बताया कि मृत मजदूरों के शवों छिपाकर गुपचुप तरीके से दफनाने का प्रयास किया जा रहा है। यहां किसी को कोई नहीं बता रहा है कि कुल कितने लोग मरे है, हम लोगों को अपने साथियों को देखने के लिए अंदर जाने से रोका दिया था। श्रमिक माचा ने हादसे की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने तथा मृतकों के आश्रितों के सम्मानपूर्वक जीवन यापन के लिए पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की है। बता दें कि, हादसे में मृत मजदूरों एवं घायलों को लेकर किये गए दावों तथा आरोपों के संबंध में सीमेंट प्लांट प्रबंधक एपी से सिंह बात करने का काफी प्रयास किया गया लेकिन उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ। उधर प्रशासन चश्मदीदों के दावों को सिरे से खारिज करते हुए पूर्णतः असत्य और भ्रामक बता रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा हादसे में 4 मजदूरों की मौत और 15 के घायल होने की पुष्टि की गई है।