Home Blog Page 220

प्रशासन का दिल और अंतर्रात्मा हैं शासकीय कर्मचारी – मुख्यमंत्री

585
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मान एवं आभार प्रकट किया गया।

शासकीय कर्मचारियों द्वारा मुख्यमंत्री का सम्मान एवं आभार 

भोपाल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शासकीय कर्मचारी प्रशासन का दिल, अंतर्रात्मा और दोनों हाथ हैं। सरकार द्वारा कर्मचारियों के हितों के लिये निरंतर कार्य किये गये हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को अपने परिवार की तरह ही समझा है। भविष्य में भी निरंतर कर्मचारियों के कल्याण के कार्य किये जायेंगे। शासकीय कर्मचारी और सरकार मिलकर प्रदेश को समृद्ध और विकसित बनायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान शनिवार को उज्जैन में प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मान एवं आभार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के विभिन्न 45 संगठनों द्वारा मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान का शासकीय कर्मचारियों को सातवाँ वेतनमान दिये जाने, केन्द्रीय कर्मचारियों के समान महँगाई भत्ता, अध्यापक संवर्ग को शिक्षा विभाग में सम्मिलित करने तथा सेवानिवृत्ति की उम्र 62 वर्ष किये जाने पर आभार व्यक्त किया है। मध्यप्रदेश शासकीय तृतीय वर्ग कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष रमेशचन्द्र शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी वर्गों का समान रूप से ध्यान रखा है और उनके हितों की रक्षा की है। मुख्यमंत्री द्वारा आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिये भी कारगर कदम उठाये गये हैं।

मुख्यमंत्री ने स्वर्ण पदक जीतने पर हिमा दास को दी बधाई

85

पहली बार ट्रैक इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय है हिमा 

भोपाल। रडार न्यूज़ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्व अन्डर ट्वन्टी चैम्पियनशिप में 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने वाली प्रथम भारतीय सुश्री हिमा दास को उनकी अभूतपूर्व सफलता पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। श्री चौहान ने कहा कि सुश्री हिमा की आसाम के धान के खेतों से विश्व विजेता बनने की यात्रा उनकी लगन और प्रतिबद्धता का प्रतिफल है। उनकी सफलता युवाओं के लिये प्रेरणा का स्रोत होगी। सुश्री हिमा दास ने फिनलैंड में चल रही वर्ल्ड अंडर-20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के 400 मीटर ट्रैक इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। दुनिया के किसी भी ट्रैक इवेंट में गोल्ड जीतने वाली वह पहली भारतीय हैं। सुश्री हिमा ने गुरुवार को 400 मीटर ट्रैक इवेंट रेस 51.46 सेकंड में पूरी की।

 

प्रदेश में खदानों के लिये लागू है सिंगल विण्डो प्रणाली – मुख्यमंत्री श्री चौहान

927
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज इंदौर में चौथे राष्ट्रीय खान एवं खनिज सम्मेलन को सम्बोधित किया।

 खनिज उत्पादन में 6 और राजस्व में 23 प्रतिशत की वृद्धि – तोमर 

इंदौर में हुई चौथी राष्ट्रीय माइनिंग और मिनरल कॉनक्लेव 

शामिल हुए 21 राज्यों के खनिज मंत्री 

भोपाल। रडार न्यूज़   मध्यप्रदेश खनिज उत्पादन में देश के 10 प्रमुख राज्य में से एक है। खदानों की नीलामी और दोहन को बढ़ावा देने से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा, लेकिन खदानों का दोहन करें, शोषण नहीं। खनिज का दोहन करते समय पर्यावरण और वन का विशेष ध्यान रखें। मध्यप्रदेश में खदानों के लिये सिंगल विण्डो प्रणाली लागू की गई है। खदान नीलामी में पारदर्शिता लाने के लिये ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात आज इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में चतुर्थ राष्ट्रीय माइनिंग और मिनरल्स कॉन्क्लेव में कही। सम्मेलन में केन्द्रीय खनिज मंत्री सहित 21 राज्यों के खनिज मंत्री शामिल हुए।

4 साल में 43 खनिज ब्लॉकों की नीलामी-

केन्द्रीय खनिज मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि देश के कुल क्षेत्रफल के एक चौथाई भाग में खनिज उपलब्ध हैं। खनिज दोहन से बहुसंख्य लोगों को रोजगार मिल सकता है। श्री तोमर ने बताया कि देश में पिछले 4 साल में 43 खनिज ब्लॉकों की नीलामी हुई है, जिससे भारत सरकार को आने वाले सालों में एक लाख 55 हजार करोड़ रुपये की आय होगी। श्री तोमर ने बताया कि खदानों के आसपास बसे ग्रामीणों और आदिवासियों के पुनर्वास के लिये 11 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। पिछले 4 साल में खनिज उत्पादन में 6 प्रतिशत और राजस्व में 23 प्रतिशत वृद्धि हुई है। लोहा, हीरा, सोना का दोहन बढ़ा है।

केन्द्रीय खनिज राज्य मंत्री श्री हरिभाऊ चौधरी ने कहा कि पिछले 4 साल में नई नीतियों से खदानों की नीलामी में पारदर्शिता आयी है। उन्होंने कहा कि इंदौर कॉन्क्लेव में प्राप्त सुझावों को परीक्षण के बाद राष्ट्रीय-स्तर पर लागू किया जायेगा।

राष्ट्रीय आय में होगी वृद्धि-

सम्मेलन में खनिज उत्पादन कम्पनियों के सीईओ और सीएमडी मौजूद थे।

नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमिताभ कांत ने कहा कि खनिज उत्पादन मेक इन इण्डिया का अभिन्न अंग है। हमारे देश में इतना अधिक खनिज है, जो 600 साल तक खत्म नहीं होगा। केन्द्र सरकार खनिज के माध्यम से राष्ट्रीय आय में बढ़ोत्तरी की नीतियाँ बना रही है। अधिकांश उद्योग प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से खदानों पर निर्भर हैं।

फेडरेशन ऑफ माइनिंग एसोसिएशन ऑफ इण्डिया के अध्यक्ष संजय पटनायक ने कहा कि खदान नीलामी में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। केन्द्रीय इस्पात सचिव डॉ. अरुणा शर्मा ने कहा कि आने वाले वर्षों में खनिज उत्पादन में 25 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना है। उन्होंने कहा कि मशीनीकरण से खनन उद्योग से प्रदूषण 90 प्रतिशत तक कम हुआ है।

खनिज प्रदर्शनी का उद्घाटन-

खनिज मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कॉन्क्लेव में शामिल विभिन्न राज्यों के खनिज मंत्रियों का आभार माना। प्रमुख सचिव खनिज नीरज मण्डलोई ने कॉन्क्लेव की कार्यवाही का संचालन किया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय खनिज मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने विशाल खनिज प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। खनिज पर आधारित कई पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश खनिज निगम के अध्यक्ष शिव चौबे, महापौर श्रीमती मालिनी गौड़ सहित गणमान्य नागरिक और खनिज उत्पादन कम्पनियों के सीईओ और सीएमडी मौजूद थे।

किसानों की आय दोगुनी करने में मनरेगा की महत्वपूर्ण भूमिका-मुख्यमंत्री

9
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में नीति आयोग की कृषि-मनरेगा समिति की बैठक सम्पन्न हुई।

राष्ट्रीय कृषि एवं मनरेगा समिति की पहली कार्यशाला भोपाल में 6 अगस्त को 

भोपाल । नीति आयोग की राष्ट्रीय कृषि एवं मनरेगा समिति के अध्यक्ष तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी सहित नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमिताभ कांत और नीति आयोग तथा राज्यों के अधिकारी मौजूद थे। समिति के अध्यक्ष श्री चौहान ने बिहार और गुजरात राज्य के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से विभिन्न विषयों पर चर्चा की। पश्चिम बंगाल और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने समिति को पत्र के माध्यम से सुझाव प्रेषित किये।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में नीति आयोग की कृषि-मनरेगा समिति की बैठक सम्पन्न हुई।

श्री चौहान ने बैठक में कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने में मनरेगा की महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषि में लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने तथा अपरिहार्य परिस्थिति में फसलों के नुकसान की भरपाई जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विचार किया जाना आवश्यकहै। उन्होंने बताया कि कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने तथा किसानों की आय को दोगुना करने में मनरेगा की भूमिका पर विस्तार से विचार-विमर्श के लिये विभिन्न राज्यों में कार्यशालाएँ आयोजित की जायेंगी। कार्यशालाओं में किसान संगठनों और आम जनता से भी राय ली जायेगी। आयोग की पहली कार्यशाला आगामी 6 अगस्त को भोपाल में होगी। श्री चौहान ने कहा कि लखनऊ, पटना, गुवाहाटी और हैदराबाद में भी कार्यशालाएँ आयोजित की जायेंगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि समिति की 31 अगस्त को दिल्ली में बैठक होगी, जिसमें समिति के निर्णयों का प्रारूप तैयार किया जायेगा। श्री चौहान ने बताया कि प्रारूप के आधार पर ही समिति नीति आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय स्तर पर कृषि में मनरेगा की भूमिका पर समन्वित नीतिगत दृष्टिकोण और अनुशंसाएँ प्राप्त करने के लिये इस समिति का गठन किया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री चौहान को समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। समिति में सात अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग प्रमुख शामिल हैं।

तीन दिवसीय राज्य शॉटगन शूटिंग चैम्पियनशिप का शुभारंभ

292
मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी के 13 से 15 जुलाई तक के तीन दिवसीय राज्य शॉटगन शूटिंग चैम्पियनशिप की तैयारी करते शूटर्स।
भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी बिशनखेड़ी में आठवीं म.प्र राज्य शॉटगन शूटिंग चैम्पियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश राज्य रायफल एसोसिएशन एवं खेल और युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह चैम्पियनशिप 13 से 15 जुलाई, 2018 तक खेली जाएगी। चैम्पियनशिप में खिलाड़ी ट्रेप, डबल ट्रेप एवं स्कीट इवेन्ट में प्रतिभा का प्रदर्शन करेगें। अकादमी के 26 खिलाड़ी भी इस चैम्पियनशिप में भागीदारी करेंगे। म.प्र. राज्य शॉटगन शूटिंग चैम्पियनशिप में शामिल होने वाले खिलाड़ी प्री-नेशनल के लिए क्वॉलीफाय करेगें।

वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ियों ने जीते 5 पदक-

हैदराबाद स्थित हुसैन सागर में 9 से 11 जुलाई, 2018 तक खेली गई तेलंगाना स्टेट ओपन चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण, तीन रजत और एक कांस्य सहित पांच पदक अर्जित किए। चैम्पियनशिप की लैजर रेडियल ओपन स्पर्धा में अकादमी के सेलिंग खिलाड़ी सतीश यादव ने स्वर्ण पदक जीता। जबकि लैजर 4.7 स्पर्धा के बालक वर्ग में अकादमी के खिलाड़ी राम मिलन यादव ने रजत और सतीश यादव ने कांस्य पदक अर्जित किया। इसी इवेन्ट के बालिका वर्ग में अकादमी की खिलाड़ी रितिका दांगी ने रजत पदक प्राप्त किया। चैम्पियनशिप के आप्टीमिस्ट इवेन्ट में अकादमी की खिलाड़ी उमा चौहान ने रजत पदक जीता।

तेलंगाना स्टेट ओपन चैम्पियनशिप में अकादमी के खिलाड़ियों द्वारा अर्जित इस उपलब्धि पर खेल और युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने बधाई दी है। संचालक खेल और युवा कल्याण डॉ. एस.एल. थाउसेन ने भी चैम्पियनशिप में खिलाड़ियों द्वारा किए गए प्रदर्शन की सराहना की है। अकादमी के 17 खिलाड़ियों ने सूबेदार पी.मधु के साथ चैम्पियनशिप में भागीदारी की। उक्त खिलाड़ी वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के मुख्य प्रशिक्षक अर्जुन अवार्डी जी.एल. यादव के मार्गदर्शन में प्रशिक्षणरत हैं।

महिलाओं की सोच और स्थिति में परिवर्तन आया है-राज्यपाल श्रीमती पटेल

8
 राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने भोपाल में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के 37वें स्थापना दिवस पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित किया।

राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) का वार्षिक सम्मेलन सम्पन्न 

भोपाल। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर महिलाओं की सोच, परिस्थिति और कार्यों में परिवर्तन और जागृति आई है। वह सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ना चाहती हैं। अब महिलाओं को आगे बढ़ने में पूरा सहायोग देना जरूरी है। महिलाओं के विकास और समृद्धि से ही देश का विकास संभव है। राज्यपाल आज यहाँ राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के 37वें स्थापना दिवस पर आयोजित वार्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। सम्मेलन में विभिन्न जिलों से आईं 500 से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों एवं कृषि उत्पादन संगठनों के सदस्यों ने भी अपने अनुभव राज्यपाल को बताये। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि महिला शक्ति का भण्डार है। इस शक्ति का देश के हित में उपयोग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाएँ पहले परिवार के बारे में सोचती हैं और सबके बाद अपना सोचती हैं। अब समय आ गया है कि महिलाएँ परिवार का भला सोचने के साथ-साथ अपने विकास और समृद्धि का भी ध्यान रखें। महिलाएँ अपने सम्मान और स्वाभिमान के लिए परिश्रम करें, प्रशिक्षण प्राप्त करें तथा केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा व्यवसाय के लिए उपलब्ध कराये जा रहे बैंक ऋण का भरपूर लाभ उठायें।
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने नाबार्ड के स्थापना दिवस समारोह में महिला स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार उत्पादों और सामग्री का अवलोकन किया।

राज्यपाल ने कहा कि माँ-बाप की जागरूकता का ही परिणाम है कि आज बेटियाँ शिक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर र उच्च पद पर रहकर देश की सेवा कर रही हैं। उन्होंने समारोह में उपस्थित लोगों से बच्चों का बाल विवाह नहीं कराने के लिये संकल्पित होने का आग्रह किया। 

सांसद आलोक संजर ने कहा कि गांधी जी ने गाँवों की तरक्की का जो सपना देखा था, वह आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा हो रहा है। आज समाज में महिलाएँ पुरूषों के साथ कँधे से कँधा मिलाकर हर क्षेत्र में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि नारी सम्मान, ममता और लज्जा की मूर्ति होती है। नारी सम्मान के लिए सरकार को सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही करना चाहिए। इस अवसर पर नाबार्ड के क्षेत्रीय मुख्य महा-प्रबंधक एस.के. बंसल ने नाबार्ड की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। राज्यपाल ने महिला स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार उत्पादों और सामग्री का अवलोकन भी किया।

समारोह में कृषि उत्पादन आयुक्त पी.सी. मीणा, भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक पी.के. जेना, भारतीय स्टेट बैंक के उप-महाप्रबंधक  एस.के. शुक्ला तथा बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह योजना के लाभार्थी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

किसानों का दर्द समझता हूँ, उन्हें पसीने की पूरी कीमत दूँगा – मुख्यमंत्री 

10
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शाजापुर में फसल बीमा दावा राशि के प्रमाण पत्र वितरित किये।

मुख्यमंत्री ने 1.11 लाख किसानों के बैंक खाते में दी 882.74 करोड़ फसल बीमा राशि 

शाजापुर जिले को मिली 117 करोड़ से अधिक लागत के निर्माण कार्यों की सौगात 

भोपाल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज शाजापुर जिले के कालापीपल में फसल बीमा राशि वितरण समारोह में कहा कि मैं किसानों का दर्द समझता हूँ। किसान अलग-अलग मौसम की मार झेलते हुए खेतों में मेहनत कर पसीना बहाता है। उन्होंने कहा कि मैं किसानों को उनकी मेहनत और पसीने की पूरी कीमत दूँगा। किसानों की मेहनत को व्यर्थ नहीं जाने दूँगा। श्री चौहान ने समारोह में राजगढ़ और शाजापुर जिले के एक लाख 11 हजार किसानों के बैंक खातों में खरीफ वर्ष 2017 की 882 करोड़ 74 लाख रुपये फसल बीमा राशि ई-पेमेंट से ट्रांसफर की। उन्होंने किसानों को बीमा दावा राशि के प्रमाण-पत्र भी वितरित किये। श्री चौहान ने शाजापुर जिले के 117 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 22 निर्माण कार्यों का ई-शिलान्यास और ई-लोकार्पण भी किया।

किसानों का बकाया बिजली बिल हुआ शून्य-

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शाजापुर में हुए किसान महासम्मेलन में कन्या-पूजन किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों के विशाल जन-समूह को बताया कि बिजली बिल माफी योजना में किसानों का पुराना सभी बकाया बिजली बिल अब शून्य कर दिया गया है। अब किसानों को हर महीने 200 रुपये तक वास्तविक बिजली का बिल भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि आगामी 5 वर्ष के विकास की कार्य-योजना बनाने के लिये किसानों सहित समाज के सभी वर्गों से सुझाव आमंत्रित किये जायेंगे। श्री चौहान ने इस मौके पर मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना, सरल बिल योजना, बिजली बिल माफी योजना, भावांतर भुगतान योजना और कृषक समृद्धि योजना की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान भाई खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने और अपने बच्चों को कृषि आधारित उद्योग स्थापित करने की दिशा में अग्रसर हों, राज्य सरकार हर कदम पर उनका साथ देगी।

मालवांचल की फसलों का पूरा पेटर्न बदल जायेगा-

श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा के पानी को क्षिप्रा नदी में डालने का असंभव कार्य राज्य सरकार ने संभव कर दिखाया है। देवास, उज्जैन, शाजापुर और आगर जिलों में सिंचाई के लिये नर्मदा-कालीसिंध पार्ट-1 और पार्ट-2 तथा नर्मदा-मालवा-गंभीर पार्ट-1 और पार्ट-2 तथा नर्मदा-मालवा-क्षिप्रा पार्ट-2 लिंक परियोजनाओं से सिंचाई की विस्तृत कार्य-योजना तैयार की गई है। योजना से विभिन्न चरणों में मालवांचल के 14 लाख 20 हजार एकड़ में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित होने से अगले 5 साल में मालवांचल में फसलों का पूरा पेटर्न ही बदल जायेगा। इस मौके पर प्रभारी मंत्री दीपक जोशी, सांसद मनोहर ऊँटवाल और रोड़मल नागर, विधायक इंदर सिंह परमार,  जसवंत सिंह हाड़ा और अरुण भीमावद, ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष विजेन्द्र सिसोदिया, जन-अभियान परिषद के उपाध्यक्ष प्रदीप पाण्डे, अन्य जन-प्रतिनिधि, कृषि उत्पादन आयुक्त पी.सी. मीणा और बड़ी संख्या में किसान बन्धु मौजूद थे।

जघन्य हत्याकांड : युवक का अधजला शव फांसी के फंदे पर लटका मिला

354
घटनास्थल पर मौजूद मृतक के परिजन व आसपास के लोग।

पिछले चार दिनों से लापता था मृतक अरविंद यादव

परिजनों का आरोप पुलिस की घोर लापरवाही बनी बेटे की मौत का कारण

अजयगढ़ में मिनचिन सागर तालाब के समीप जंगल में मिला शव

पन्ना/अजयगढ़। रडार न्यूज़  जिले में जमीनी विवाद के चलते पिछले एक पखवाड़े में घटित दो अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों को अपनी जान गवांनी पड़ी है। सभी की बड़ी ही बेरहमी से हत्या की गई थी। इसी कड़ी में आज एक सनसनीखेज मामला अजयगढ़ में सामने आया है। यहां के माधौगंज में रहने वाले एक नवयुवक अरविंद यादव का अधजला हुआ शव मंगलवार को फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। मृतक बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में शनिवार से लापता था। अजयगढ़ में मिनचिन सागर तालाब के समीप जंगल में एक पेड़ पर बंधी रस्सी के सहारे फांसी के फंदे पर लापता अरविंद यादव पुत्र देवीदीन यादव 18 वर्ष की लाश अधजली हालत में लटकी होने की खबर आते ही सुबह-सुबह कस्बा में सनसनी फ़ैल गई। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि अरविंद की बड़ी ही बेरहमी से हत्या कर उसके शव को जलाकर फांसी के फंदे पर लटकाया गया है।

इस वीभत्स दृश्य को जिसने भी देखा उसका कलेजा कांप उठा। मृतक के शव में कीड़े पड़ चुके थे और भीषण दुर्गंध युक्त तरल पदार्थ का रिसाव होने लगा था। फांसी के फंदे पर लटके नवयुवक के दोनों पैर भी बंधे थे। मृतक के भाई लड़कू यादव का आरोप है कि जमीनी विवाद के चलते सगे चाचा ने अरविंद का अपहरण कर उसकी बड़ी ही बेरहमी से हत्या की है। परिजनों का कहना है कि अजयगढ़ थाना पुलिस ने यदि इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्परता कार्रवाई की होती तो शायद आज अरविंद जीवित होता। यही वजह है कि पीड़ित परिजनों और क्षेत्र के लोगों में पुलिस की भूमिका को लेकर गहरा असंतोष और रोष व्याप्त है। दरअसल अजयगढ़ में पुलिस रेत की वसूली में इस कदर डूबी है कि अपने मूल कार्य पर उसका ध्यान ही नहीं है। जिसका खामियाजा क्षेत्र के निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

हम गिड़गिड़ाते रहे लेकिन पुलिस ने नहीं सुनी-

पिछले दिनों पन्ना जिले के पवई और धरमपुर थाना अंतर्गत जमीनी विवाद के चलते हुए खूनी संघर्ष में चार लोगों की नृशंस हत्या की दहला देने वाली घटनाओं से अजयगढ़ पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया। स्थानीय पुलिस की सक्रियता और संवेदनशीलता का पता इसी बात से चलता है कि अरविंद के परिजनों द्वारा उसके अपहरण की तत्काल सूचना देने के बाद भी अजयगढ़ के समीप इतनी बड़ी घटना हो गई और पुलिस को चौथे दिन इसका पता चला। मृतक के भाई लड़कू यादव का आरोप है हत्या के इस जघन्य मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा कथित तौर पर हद दर्जे की घोर लापरवाही बरती गई। शनिवार की शाम खेत से अरविंद का अपहरण होने की घटना की तत्परता से सूचना देने और संदेही का नाम तथा वजह बताने के बाद भी पुलिस ने इस मामले को तनिक भी गंभीरता से नहीं लिया। अपहृत युवक का सुराग लगाकर उसे समय रहते मुक्त कराने अथवा संदेही को हिरासत में ना लेकर पुलिस ने दूसरे दिन गुमशुदगी का मामला दर्ज करते हुए अपने कर्तव्य की इति श्री कर ली। पीड़ित परिजनों ने मीडियाकर्मियों को बताया कि वे थाना में वे पुलिस अफसरों से अपने भाई को बचाने के लिए गिड़गिड़ाते रहे लेकिन किसी ने भी हमारी नहीं सुनी। फिलहाल अरविंद की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना में लिया है।

 विवाद का हल करने बुलाई थी पंचायत-

यादव परिवार में चल रहे जमीनी विवाद के समाधान के लिए कुछ दिन पूर्व एक सामाजिक पंचायत आयोजित हुई थी। लेकिन इसमें सर्वमान्य हल नहीं निकल सका। फलस्वरूप जमीनी विवाद के चलते अरविंद को कथित तौर पर उसके चाचा ने जान से मारने की धमकी दी थी। गौरतलब है कि लापता नवयुवक अरविंद की जघन्य हत्या मामला प्रकाश में आने और लाश मिलने के पूर्व ही उसका संदेही चाचा अपने परिवार सहित भूमिगत हो गया है। इससे हत्याकांड में उसकी संलिप्तता को लेकर संदेह और गहरा गया है।

इनका कहना है-

पुलिस पर लगाए जा रहे लापरवाही के आरोप पूर्णतः निराधार हैं, अरविंद की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही यह स्पष्ट हो पायेगा कि उसकी मौत कैसे हुई है। मैं वर्तमान में छुट्टी पर हूं इसलिए अधिक जानकारी नहीं दे सकता हूँ।

                                                -बीरेंद्र बहादुर सिंह, निरीक्षक थाना अजयगढ़ जिला पन्ना

कांग्रेस की आमसभा का स्थानीय पार्टी नेताओं ने किया बहिष्कार

2091
गुनौर में कांग्रेस की आमसभा को सम्बोधित करते पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी।

आरक्षित गुनौर सीट पर भी गर्माने लगा क्षेत्रीय और बाहरी का मुद्दा

चुनाव से पहले बाहरी नेताओं की घुसपैठ को रोकने लामबंद हुए टिकिट के दावेदार

पन्ना/गुनौर। रडार न्यूज़  मध्यप्रदेश में पिछले पंद्रह साल से विपक्ष की भूमिका निभा रही कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व को इस बार सत्ता में वापिसी के उम्मीद है। लेकिन विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के खेमे में बढ़ती कलह के कारण जिस तरह घमासान की स्थिति निर्मित हो रही है उसे यदि तत्परता से नहीं रोका गया तो कांग्रेस की उम्मीदों को तगड़ा झटका लग सकता है। बुंदेलखंड अंचल के पन्ना जिले की बात करें तो यहां पवई सीट पर विधायक मुकेश नायक के खिलाफ पहले से ही नेताओं का एक बड़ा धड़ा इस बार स्थानीय कार्यकर्ता को उमीदवार बनाने की खुलकर पुरजोर मांग कर रहा है। ऐसा न होने पर स्थानीय दिग्गज कांग्रेस नेता चुनाव में अपनी ही पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी का विरोध करते नजर आयें तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा। उधर पन्ना जिले की ही अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित गुनौर सीट पर कांग्रेस में बाहरी नेताओं तथा दूसरे दलों से आये लोगों की दखलंदाजी से स्थानीय पार्टी नेता बेहद नाराज हैं। जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार 9 जुलाई को विधानसभा मुख्यालय गुनौर में अनुसूचित जाति जनजाति प्रकोष्ठ के तत्वाधान में आयोजित आमसभा का उन स्थानीय दिग्गज कांग्रेस नेताओं ने सामूहिक रूप से बहिष्कार कर दिया जोकि वहां कई वर्षों से कांग्रेस का चेहरा बने हैं।

संविधान बचाओ आमसभा में मंचासीन कांग्रेस नेतागण।

हाल ही में बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पन्ना के एक युवा नेता के संयोजन में हुई इस आमसभा को लेकर गुनौर के कांग्रेसियों की नाराजगी इस बात को लेकर है कि उन्हें विश्वास में लिए बगैर प्रदेश व जिले के कतिपय नेता खास मकसद से अपने करीबियों के माध्यम से मनमाने तरीके से कार्यक्रम आयोजित करा रहे हैं। इनका कहना कि पिछले 15 सालों में जिन्होंने कांग्रेस के लिए कभी संघर्ष नहीं किया उल्टा हमेशा पार्टी को नुकसान ही पहुँचाया, ऐसे लोग जोकि चुनाव से ठीक पहले पाला बदलकर केवल स्वार्थपूर्ती के लिए आये हैं और क्षेत्रीय भी नहीं हैं उन्हें संगठनात्मक मामलों से दूर रखा जाये। साथ ही पार्टी में किसी भी स्तर पर टिकिट की उनकी दावेदारी पर कोई विचार ना किया जाये। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व और पार्टी के राष्ट्रीय अध्य्क्ष को अपनी इन भावनाओं से अवगत कराने के लिए गुनौर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने पिछले दिनों एक बैठक कर इस आशय का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया है। इस महत्वपूर्ण बैठक में गुनौर के कांग्रेसियों ने अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रामचरण अहिरवार को भी कथिततौर पर हटाये जाने पर कड़ा विरोध किया है। वहीं श्री अहिरवार के समर्थन में जिले के कई कांग्रेस नेता खुलकर आ गये हैं। गुनौर का आज का यह अप्रत्यशित घटना क्रम समूचे विधानसभा क्षेत्र सहित राजनैतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

गुनौर की आमसभा में उपस्थित ग्रामीण।

उल्लेखनीय है कि 9 जुलाई को गुनौर में कांग्रेस की संविधान बचाओ सभा में मुख्य रूप से राष्ट्रीय सचिव एवं प्रभारी कांग्रेस पन्ना सुधांशु त्रिवेदी, बृजलाल खाबरी एवं पूर्व आईएएस शशि कर्णावत बतौर अतिथि शामिल रहीं। कार्यक्रम को लेकर यह चर्चा है कि पूर्व में इसमें शामिल होने के लिए कांग्रेस के मध्यप्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया को भी आना था। स्थानीय कांग्रेसजनों से जब उन्हें गुनौर की वस्तुस्थिति का पता चला तो श्री बाबरिया का दौरा निरस्त हो गया। सर्वविदित है कि अनुसूचित लिए आरक्षित गुनौर विधानसभा सीट पर अब तक भाजप-कांग्रेस दोनों ही दलों के पन्ना एवं पवई के सवर्ण नेता प्रत्याशी चयन में दखल देते हुए अपने इशारों पर चलने वाले कठपुतली प्रत्याशी घोषित कराकर उन्हें विधायक बनवाते रहे हैं।

गुनौर की आमसभा में मंचासीन अतिथिगण।

लेकिन गुनौर में कांग्रेस के खेमे का माहौल इस बार पूरी तरह बदला हुआ है। अतीत के कटु अनुभवों और पूर्व विधायकों स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए टिकिट के दावेदार बाहरी नेताओं की दखलंदाजी को रोकने के लिए आपस में लामबंद हो गए हैं। इनकी एकजुटता और उस पर कायम रहने की प्रतिबद्धता आज संविधान बचाओ आमसभा में अनुपस्थिति के रूप में देखने को मिली। इस आमसभा का बहिष्कार करके गुनौर के कांग्रेसजनों व टिकिट के प्रमुख दावेदारों ने प्रदेश से आये नेताओं को साफ़तौर पर यह संदेश दिया है कि उन्हें किनारे करके कोई भी वहां अपना व्यक्तिगत एजेंडा नहीं चला सकता है। चुनाव के समय अगर इस तरह मनमाने तरीके से व्यक्तिगत कार्यक्रम आयोजित किये गए तो इसका विरोध किया जायगा जिससे पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

यूनियन बैंक के एटीएम को उखाड़ने चोरों ने किया प्रयास

866

पन्ना। रडार न्यूज शहर के रानीगंज मोहल्ला में गोविंद जी मंदिर के समीप स्थित यूनियन बैंक के एटीएम को बीती रात अज्ञात शातिर चोरों द्वारा निशाना बनाया गया। उक्त एटीएम से जब रूपये नहीं निकले तो चोरों द्वारा उसे उखाड़कर अपने साथ ले जाने की कोशिश की गई, हालांकि इसमें उन्हें सफलता नहीं मिली। आज सुबह जब कुछ लोग रूपये निकालने के लिए एटीएम पहुंचे तो उसकी अस्त-व्यस्त हालत देखकर दंग रह गये। स्थानीय लोगों और पड़ोसी दुकानदारों द्वारा कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे उप निरीक्षक श्री यादव ने क्षतिग्रस्त एटीएम मशीन का जायजा लिया इस दौरान यूनियन बैंक शाखा पन्ना के प्रबंधक मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि करीब 3 वर्ष पूर्व पन्ना जिले के ककरहटी कस्बा में स्टेट बैंक के एटीएम को क्षेत्रीय शातिर चोर उखाड़कर ले गये थे। एटीएम मशीन से रूपये निकालने वाले ग्राहकों के साथ होने वाली धोखाधड़ी एवं लूटपाट की घटनाओं के बाद भी कई बैंकों के एटीएम में सीसीटीव्ही कैमरे एवं सुरक्षा गार्ड की तैनाती आदि के पुख्ता इंतजाम नहीं किये गये। जिससे इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। यूनियन बैंक के एटीएम को उखाड़कर ले जाने वाले अज्ञात चोरों का सुराग लगाने वाले कोतवाली थाना पुलिस द्वारा आसपास के सीसीटीव्ही कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे है। साथ ही मुखबिरों के माध्यम से भी सुराग लगाने की कोशिश की जा रही है।