Home Blog Page 218

पवई-शाहनगर के 158 ग्रामों की प्यास बुझाएगी 211 करोड़ की समूह जल प्रदाय योजना

1167
सांकेतिक फोटो।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया योजना का शिलान्यास

अमहा सिंचाई योजना की नहरों के विस्तार से 333 एकड़ भूमि में अतिरिक्त सिंचाई

पन्ना। रडार न्यूज    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने पुर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार 25 जुलाई 2018 को दमोह से पन्ना जिला पहुंचे। जहां उन्होंने पवई जनपद मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अमहा लघु सिंचाई नहर विस्तारीकरण योजना तथा पवई एवं शाहनगर विकासखण्ड के 158 ग्रामों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु पवई मध्यम सिंचाई परियोजना पर आधारित ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना का शिलान्यास किया। इस दौरान प्रदेश की राज्यमंत्री एवं जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमति ललिता यादव, खजुराहो सांसद नागेन्द्र सिंह, बुदेलखण्ड प्राधिकरण के अध्यक्ष रामकृष्ण कुसमरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव, पूर्व मंत्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह, भाजपा नेता उमेश सोनी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधिगण, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग पवई बी.एल. दादौरिया, महाप्रबंधक मध्य्प्रदेश जलनिगम मर्यादित कुलदीप सिंह कलम, एसडीएम पवई अभिषेक सिंह ठाकुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पवई सतीष सिंह,पत्रकारबन्धु, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

डेढ़ लाख की आबादी को मिलेगा शुद्ध पेयजल

उल्लेखनीय है कि पवई एवं शाहनगर विकासखण्ड के 158 ग्रामों के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की इस ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना की लागत 211.32 करोड़ रूपये है। योजना का क्रियान्वयन मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित भोपाल के माध्यम से किया जा रहा है। जिसकी निर्माण एजेन्सी मेसर्स यूनीप्रो. लिमिटेड हरियाणा है। महाप्रबंधक मध्य्प्रदेश जलनिगम मर्यादित कुलदीप सिंह कलम ने बताया कि योजना में शामिल 158 ग्रामों में से अधिकांश में वर्तमान में हैण्डपम्पों के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। लेकिन ग्रीष्मकाल में इनमें से अधिकांश हैण्डपम्पों में जल स्तर कम हो जाने के कारण पेयजल संकट हो जाता है। इस योजना के माध्यम से इन ग्रामों की लगभग एक लाख 47 हजार 283 की आबादी का प्रारंभ में 14.73 मिलियन लीटर शुद्ध पेयजल प्रतिदिन प्रत्येक घर में उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना 20 वर्ष के लिए रूपांकित जनसंख्या जो वर्ष 2035 तक लगभग 2 लाख 6 हजार 197 होगी, को कुल 20.62 मिलियन लीटर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए तैयार की गयी है। इस योजना के तहत लगभग 35348 घरों में नल कनेक्शन प्रदाय किए जाएंगे।

अमहा लघु सिंचाई नहर विस्तारीकरण योजना
मोहन्द्रा के समीप स्थित अमहा सिंचाई जलाशय।

कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग पवई बी.एल. दादौरिया ने बताया कि अमहा लघु सिंचाई योजना का निर्माण 15 वर्ष पूर्व किया गया था। तालाब में जीवित जल भराव क्षमता 5.02 मिलियन घन मीटर है। योजना से 395 एकड़ खरीफ एवं 1200 एकड़ रबी क्षेत्र की सिंचाई का प्रावधान किया गया था। योजना से रूपांकित क्षेत्र की सिंचाई करने के बाद तालाब में लगभग 0.80 मिलियन घन मीटर पानी रबी सिंचाई के बाद शेष रहता था। इसका मुख्य कारण तालाब का कैचमेंट क्षेत्र पहाड़ियों से घिरा होना है। जिससे माह दिसंबर तक तालाब में पानी की आवक निरंतर रहती है। तालाब में शेष उपलब्ध पानी से ठिंगरी माईनर के अंतिम छोर से 3.25 किलोमीटर नहर की लम्बाई में वृद्धि एवं 2.50 किलोमीटर मोहन्द्रा सबमाईनर का निर्माण किया जाएगा। योजना की प्रशासकीय स्वीकृति मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग द्वारा 105.89 लाख की जारी गयी है। योजना निर्माण के उपरांत ग्राम-ठिंगरी, पडरिया, रानीपुरा एवं मोहन्द्रा की 333 एकड़ भूमि में अतिरिक्त सिंचाई की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री ने किया 270 करोड़ की रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना का शिलान्यास

928

परियोजना से 39 ग्रामों की 12 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि होगी सिंचाई

पन्ना। रडार न्यूज जन आशीर्वाद यात्रा के तहत गुरुवार 26 जुलाई को मध्य रात्रि में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पन्ना जिला मुख्यालय पहुंचकर यहां मंचीय आमसभा के पूर्व छत्रसाल पार्क में आयोजित कार्यक्रम में 269.79 करोड़ की लागत से अजयगढ़ विकासखण्ड में स्वीकृत रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना का शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह भी साथ रहीं। कार्यक्रम में सुश्री कुसुम सिंह महदेले मंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, श्रीमती ललिता यादव प्रभारी मंत्री, बुन्देलखण्ड प्राधिकरण के अध्यक्ष रामकृष्ण कुसमरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव, पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, बुन्देलखण्ड प्राधिकरण के उपाध्यक्ष महेन्द्र सिंह यादव, जिला पंचायत पन्ना के उपाध्यक्ष माधवेन्द्र सिंह, जिला योजना समिति के सदस्य सतानन्द गौतम, उमेश सोनी रैपुरा सहित विभिन्न जनप्रतिनिधिगण, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग पन्ना डी.के. ठाकुर सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।

निर्माण कार्य हुआ प्रारंभ

उल्लेखनीय है कि जिले की पन्ना विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत अजयगढ़ के ग्राम विश्रामगंज में यह रूंज सिंचाई परियोजना निर्माणाधीन है। इसकी प्रशासकीय स्वीकृति 269.79 करोड़ रूपये की जारी हो चुकी है।

सिंचाई परियोजना का नक्शा।

इस परियोजना से 39 ग्रामों की खरीफ मौसम में 2750 एवं रबी मौसम में 9800 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होगी। इस परियोजना के लिए मेसर्स एल एण्ड टी कम्पनी चेन्नई से 16632 लाख रूपये का निर्माण कार्य संबंधी अनुबंध किया गया है। परियोजना का कार्य प्रारंभ हो चुका है। परियोजना में 42 किलो मीटर लम्बी नहर का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। यह नहर 36 ग्रामों से होकर गुजरेगी। इस परियोजना के संबंध में जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इसका जल ग्रहण क्षेत्र 266.17 वर्ग किलो मीटर होगा। इसका कुल भराव क्षमता 72.04 मि.घन मीटर होगी। इसकी लम्बाई मिट्टी बांध 1176 हेक्टेयर तथा पक्के बांध की लम्बाई 147 मीटर होगी। इस बांध में 6 गेट लगाया जाना प्रस्तावित है। परियोजना के शीर्ष कार्य पर 175.68 करोड़, नहर निर्माण कार्य पर 85.03 करोड़ की राशि व्यय होगी। परियोजना पूर्ण होने पर 58099 आबादी को लाभ मिलेगा।

इन ग्रामों में होगी सिंचाई

स्वीकृत रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना से क्षेत्र के लाभान्वित होने वाले 39 ग्रामों में आरामगंज, तरौनी, भुजवई, सिंहपुर, बरियारपुर कुर्मियान, सलैया, अमलहट, मडरका सुकवाहा, मकरी, भकुरी, भदैया, काजीपुर, हरनामपुर, केवटपुर, अमरछी, चन्द्रावल, कीरतपुर, निजामपुर, कल्याणपुर, नारायणपुर, मझगांय, कांलिजर, चंपतपुर, नयागांव, बहिरवारा, सिद्धपुर, माखनपुर, हरदी, बवेरू, छतेनी, भैरहा, कल्यानपुर, रामपुर, नौबसता, हीरापुर, बिलाडी और धरमपुर ग्राम शामिल हैं। परियोजना से सिंचाई के अलावा आसपास के अन्य ग्राम भी लाभान्वित होंगे। पूरे क्षेत्र का जल स्तर ऊपर आ जाएगा। जिससे कृषि और वन क्षेत्र को भी लाभ होगा।

शिवराज ने खोला सौगातों का पिटारा : पन्ना बनेगा मिनी स्मार्ट सिटी | इंजीनियरिंग और एग्रीकल्चर कॉलेज भी खुलेगा

1956
पन्ना की सभा में हांथ उठवाकर भाजपा को विजयी बनाने का संकल्प दिलाते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान।

सकरिया हवाई पट्टी का होगा कायाकल्प उतरेंगे विमान  

मुख्यमंत्री बोले, पन्ना में डायमंड पार्क की स्थापना के जारी हैं प्रयास

पन्ना में बारिश के बीच मध्य रात्रि में हुई जन आशीर्वाद यात्रा की आमसभा

सीएम शिवराज सिंह को सुनने के लिए मौजूद रहे सैंकड़ों लोग

मंत्री कुसुम मेहदेले की सभी मांगों पर मुख्यमंत्री ने सहर्ष लगाई मुहर

पन्ना। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश के अति पिछड़े जिलों में शामिल पन्ना के इतिहास में गुरुवार 26 जुलाई 2018 की मध्य रात्रि बहुप्रतीक्षित विकास की इबारत की घोषणाओं के रूप में हमेशा के लिए स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गई। पन्ना की बदहाली को दूर करने के लिए यहां लोग कई दशकों से जो सपने देख रहे थे प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें साकार करने का ऐलान करते हुए पन्ना को विकास के मामले में देश में हीरे की तरह चमकाने वादा किया है। आगामी विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश में रिकार्ड चौथी बार भाजपा की सरकार बनाने का संकल्प लेकर जन-जन का आशीर्वाद लेने प्रदेशव्यापी यात्रा पर निकले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पन्ना में अपनी मंच सभा में बुधवार को निर्धारित समय 8:30 बजे से करीब चार घंटे की देरी से गुरुवार मध्य रात्रि सवा बारह बजे पहुंचे। पन्ना में शाम से ही रुक-रुककर जारी बारिश के बाबजूद अपने चहेते नेता को सुनने, उनकी एक झलक देखने और विजय का आशीर्वाद देने के लिए छत्रसाल पार्क में सभा स्थल पर देर रात्रि तक सैंकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

पवई में मंच सभा को संबोधित करते मुख्यमंत्री।

जनमानस का अपने प्रति अपार स्नेह देख मुख्यमंत्री अभिभूत हो गये। उन्होंने कई घंटों से प्रतीक्षारत लोगों से विनम्रतापूर्वक क्षमा मांगते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की जनता मेरी भगवान है और में उसका सेवक हूं इसलिए आपके बीच पहुंचकर आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की 200 से अधिक सीटों पर जीत का आशीर्वाद लेने आया हूं। उल्लेखनीय है कि दमोह जिले से जन आशीर्वाद यात्रा ने बुधवार शाम को जब पन्ना जिले में प्रवेश किया तो यहां सुबह से ही बारिश हो रही थी। विपरीत मौसम के बाबजूद मुख्यमंत्री की सभाओं में भारी भीड़ रही। उनका रथ जहां से भी गुजरा रास्ते में हर जगह लोग उन्हें आशीर्वाद देने और स्वागत के लिए सड़क के दोनों और खड़े मिले। सिमरिया से मोहन्द्रा,पवई, अमानगंज और गुनौर होते हुए पन्ना पहुंचे श्री चौहान ने यहां के लोगों से मिले अभूतपूर्व समर्थन का उल्लेख कुछ इस तरह किया कि- “एक और इस सूखी धरती को तृप्त करने आसमान से अमृत रुपी पानी बरस रहा था, वहीं दूसरी और सड़कों पर जनता आशीर्वाद उमड़-घुमड़ कर बरस रहा था।”

पन्ना और यहां के लोगों की जिंदगी को बदलेंगे
पवई में जन आशीर्वाद यात्रा की आमसभा में उपस्थित जनसमूह।

पन्ना जिले के विकास की असीम संभावनाओं को जनाकांक्षाओं के अनुरूप हकीकत में बदलने का ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री शिराज सिंह चौहान ने उन सभी मांगों को उदारता के साथ सहर्ष स्वीकार कर लिया जिनका उल्लेख क्षेत्रीय विधायक और पीएचई मंत्री सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले द्वारा अपने भाषण में किया गया। । मंच से ही मुख्यमंत्री द्वारा खूबशूरत पवित्र नगर पन्ना को राज्य सरकार के बजट से मिनी स्मार्ट शहर बनाने, पर्यटन की दृष्टि से पूर्ण विकसित करने, पन्ना के पॉलीटेक्निक कॉलेज को इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में विकसित करने, एग्रीकल्चर कॉलेज खोलने, सकरिया हवाई पट्टी का कायाकल्प कर उसे शुरू कराने और दुनिया भर में पन्ना की पहचान बने हीरा आधारित व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए डायमंड पार्क का निर्माण कराने की घोषणा की गई। पन्ना जिले के समग्र विकास के दृश्टिकोण से जिन सौगातों का यहां के लोगों को लंबे समय से इंतजार था आज उनकी घोषणा होते ही सभा स्थल में मौजूद लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बहुप्रतीक्षित मांगों को सीएम द्वारा पूर्ण करने की घोषणा पर लोगों ने तालियाँ बजाकर और शिवराज सिंह जिंदाबाद के नारे लगाकर अपनी प्रसन्नता जाहिर की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पन्ना का प्राकृतिक सौंदर्य लाजबाब है। यहां ईको टूरिज़्म और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक अधोसंरचनात्मक कार्य कराये जायेंगे ताकि पर्यटन गतिविधियों से लोगों को रोजगार मिल सके। पन्ना को हिंदुस्तान में विकास के मामले में चमकाने के साथ-साथ पन्ना को बदलने और यहां के लोगों की जिंदगी में सुखद बदलाव लाने के लिए हर सम्भव प्रयत्न किया जायेगा।

भाजपा को विजयी बनाने का दिलाया संकल्प

पन्ना में जन आशीर्वाद सभा के अंत में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उनकी सरकार ने मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर निकालकर तेजी से विकास किया है। प्रदेश में आज अच्छी सड़कें हैं। लोगों को पर्याप्त बिजली मिल रही है। सिंचाई की क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई है। बेहतर निःशुल्क शिक्षा और इलाज की भी समुचित व्यवस्था की गई है। आपने कहा कि मध्यप्रदेश के विकास के साथ-साथ हमने यहां के लोगों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए ईमानदारी से कार्य किया है।

मोहन्द्रा में रथ से लोगों को संबोधित करते सीएम शिवराज सिंह चौहान।

लाखों भूमिहीन गरीबों को आवासीय पट्टे बांटे और अब उनके घरों को पक्का बनाने का काम आवास योजनाओं के माध्यम से किया जा रहा है। जिसके तहत आने वाले चार वर्षों में प्रत्येक गरीब का पक्का मकान बनाने का लक्षय निर्धारित किया गया है। आपने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि 50 साल तक राज करने के दौरान उसने मध्यप्रदेश को तबाह और बर्बाद करने का काम किया है। गरीबी मिटने का नारा देकर कांग्रेस के नेताओं ने गरीबों को ही मिटाने का काम किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा संसद में हाल ही में किये गए आचरण को अमर्यादित-अशोभनीय बताते हुए उनकी तीखी आलोचना की है। अंत में मुख्यमंत्री ने सभास्थल में मौजूद लोगों से हांथ उठवाकर भाजपा को वोट देने और विजयी बनाने का संकल्प दिलाया। इस अवसर जन आशीर्वाद यात्रा प्रभारी प्रभात झा, विनोद गोटिया, श्रीमती साधना सिंह, मंत्रीद्वय सुश्री कुसुम मेहदेले, ललिता यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव, पूर्व मंत्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह, रामकृष्ण कुसमरिया, उपाध्यक्ष माधवेन्द्र सिंह परमार, पन्ना नगर पालिका अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा, भाजपा जिलाध्यक्ष सतानंद गौतम, आशुतोष सिंह महदेले सहित अन्य नेता मंचासीन रहे।

महादंगल : अखाड़े में उतरे देश के नामी पहलवानों ने दिखाए खतरनाक दावं-पेंच

0
जांघिया दांव लगाकर प्रतिद्वंदी को पछाड़ने का प्रयास करता पहलवान।

नयागांव में महिला पहलवानों ने भी ठोकी ताल

कुश्ती कला का प्रदर्शन देखने उमड़े धरमपुर क्षेत्र के हजारों लोग

विजेता प्रतिभागियों को मिली शील्ड और नकद पुरुष्कार

पन्ना। रडार न्यूज  दंगल के भव्य आयोजनों को लेकर पन्ना जिले का धरमपुर क्षेत्र प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर अपनी पहचान कायम कर चुका है। गत दिवस यहां के नयागांव में महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जयंती के उपलक्ष्य पर छत्रसाल व्यायाम शाला पन्ना के तत्वाधान में एवं कांग्रेस नेता मनोज केशरवानी के सौजन्य से विराट ईनामी महादंगल आयोजित हुआ। जिसमें देश के कई जाने-माने पहलवानों ने अखाड़े में उतरकर ताल ठोंकी और प्रतिद्वंदी को पछाड़ने के लिए जोर आजमाइश करते हुए जमकर पसीना बहाया साथ ही एक से बढ़कर एक खतरनाक दावं-पेंच भी दिखाए। महादंगल में महिला पहलवानों के मुकाबले और पंजाब के जल्लाद पहलवान व मेरठ से आये संदीप राणा पहलवान लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहे।

उत्साह के साथ मुकाबलों का आनंद उठाते दर्शक।

हरियाणा के सुशील पहलवान और झांसी के बालमुकुंद पहलवान ने अपने शारीरिक सौष्ठव और शानदार कला कौशल से क्षेत्रवासियों दिल जीत लिया। वहीं हरियाणा, पंजाब और दिल्ली की महिला पहलवानों ने भी अपनी कुश्ती कला का प्रदर्शन किया जिसमें महिलाओं की फाइनल कुश्ती पंजाब की गुरुप्रीत पहलवान ने जीती। संदीप राणा पहलवान ने हरियाणा के पहलवान को हराकर 51000 रुपए और शील्ड के रूप में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। पन्ना जिले से कुश्ती के क्षेत्र में की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले फूलचंद पहलवान को दंगल आयोजन कमेटी द्वारा से सम्मानित किया गया। इसके अलावा पन्ना के हफीज पहलवान और दिल्ली के पहलवान के बीच काफी देर तक बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण मुकाबला चला लेकिन लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकल सका। अर्थात दोनों की कुश्ती बराबर रही।

पहलवानों ने दिखाये ये दावं-पेंच
विराट ईनामी महादंगल में उपस्थित अथितिगण।

महादंगल के इस विशाल आयोजन में कई राज्यों से आये दर्जनों पहलवान अखाड़े में उतरे। जिनके बीच दोपहर 2 बजे से शाम लगभग 6 बजे तक लगभग दो दर्जन से भी अधिक कुश्तियां हुई। इस दौरान पहलवानों ने अपने प्रतिद्वंदी को धूल चटाने के लिए के दमखम दिखाते हुए मुख्य रूप से निकाल दांव, कलाजंग दांव, जांघिया दांव टंगी दांव, सांडितोड़,धोबी पछाड़ और बगलडूब आदि दावं-पेंच खूब आजमाए। अंत में विजेता पहलवानों को शील्ड-मेडल और नगद राशि से सम्मानित किया गया। इस अवसर बतौर अतिथि पूर्व सांसद लोकेन्द्र सिंह,कांग्रेस नेता एवं व्यवसायी मनोज केशरवानी, शिवजीत सिंह भैया राजा पूर्व मंडी उपाध्यक्ष पन्ना, राजेन्द्र नामदेव खेरमाई, मनोज दिवेदी, अजय पाण्डेय, सफीक खान, पप्पू राजा पूर्व सरपंच, रामेश्वर यादव पूर्व सरपंच, प्रेमचंद केशरवानी, पंकज साहू, मुहम्मद अली उपस्थित रहे।

अखाड़े में उतरे बगैर पुलिस जवानों ने बहाया पसीना

विराट ईनामी अंतर्राज्यीय महादंगल को लेकर क्षेत्र के लोगों में अपार उत्साह देखा गया। जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बारिश के बाबजूद हजारों लोग कुश्ती के मुकाबलों को देखने के लिए स्वप्रेरणा से न सिर्फ नयागांव पहुंचे बल्कि 4-5 घंटे तक डटे रहते हुए मुकाबलों का जमकर आनंद उठाया।

महिला पहलवानों के मुकाबलों में जमकर तालियां बजीं।

दर्शकों में बड़ी संख्या में महिलायें, वृद्धजन और बच्चे शामिल रहे। एक तरफ जहां पहलवान अखाड़े में पसीना बहा रहे थे वहीं दूसरी तरफ उत्साहित और रोमांचित दर्शकों की भारी भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस बल को खासी मशक्कत करनी पड़ी। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए अतिथियों ने अपने उद्बोधन में इस आयोजन और व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कुश्ती एक ऐसा प्राचीन खेल है जिससे शारीरिक और मानसिक दोनों तरह का विकास होता है। कुश्ती लड़ने वाले व्यक्ति धूम्रपान, नशाखोरी से दूर रहते हैं और ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं। ऐसे व्यक्ति जिस गांव-जिस शहर में रहते हैं,वहां का नाम देश-विदेश में रोशन होता है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से क्षेत्र में छिपी प्रतिभाओं को स्वयं को निखारने का मौका मिलता है। जिससे वे आगे जाकर अपने गांव- जिले का नाम रोशन करने में कामयाब होते हैं। अंत में महादंगल के संयोजक संजय सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया गया।

पन्ना में एक और तेंदुए की संदिग्ध मौत | बरियारपुर डैम में मिला शव

0
संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मादा तेंदुआ और उसके शव पर स्पष्ट नजर आता गहरा जख्म।

शरीर पर गहरा घाव होने से करंट लगाकर शिकार करने की आशंका

सरकोहा में जिस तेंदुए के अवशेष मिले थे उसका करंट लगाकर किया गया था शिकार

शिकार के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार 3 अन्य की तलाश जारी

डीएफओ ने दो लापरवाह वनकर्मियों को तत्काल प्रभाव सेकिया निलंबित

पन्ना। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में बेजुबान वन्य जीवों के शिकार और संदिग्ध मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक वर्ष से भी कम समय में यहां के दोनों सामान्य वन मंडलों उत्तर और दक्षिण के अंतर्गत अब तक तीन तेंदुओं और एक भालू का शिकार हो चुका है। इसके अलावा एक हांथी और दो तेंदुओं की पानी में डूबने से संदिग्ध परिस्थितियों में असमय मौत होने का मामला प्रकाश में आया है। वहीं पन्ना टाईगर रिजर्व अंतर्गत रेडियो कॉलर वाली एक बाघिन शिकारियों का निशाना बन चुकी है। इसी क्रम में मंगलवार 24 जुलाई को जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में केन नदी पर बने बरियारपुर डैम में मंगलवार को एक मादा तेंदुए का शव मिलने से हड़कम्प मचा है। मादा तेंदुए के शरीर पर पिछले पैरों के पास एक गहरा घाव होने से यह अंदेशा जताया जा रहा है कि इसकी मौत भी करंट लगने से हुई है। हलांकि उक्त तेंदुआ पानी में बहकर यहां तक कैसे पहुंचा इसका अभी पता नहीं चल पाया है। सूचना मिलने पर अजयगढ़ रेंजर अजय वाजपेयी हमराही वन अमले के साथ बरियारपुर डैम पहुंचे। जहां उत्तरप्रदेश की ओर जाने वाली नहर के गेट के पास पानी में जमा कचरे के बीच मृत तेंदुए का शव तैर रहा था। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर उसे पानी से बाहर निकाला गया और पंचनामा आदि कार्रवाई के बाद पन्ना लाकर पोस्टमार्टम के लिए स्मृति वन में सुरक्षित रखवाया गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा मौत का खुलासा
डैम के पानी में कचरे के बीच तैरता मादा तेंदुआ का शव।

युवा मादा तेंदुए के शव की स्थिति और उससे उठ रही दुर्गंध के मद्देनजर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि तेंदुए की मौत 2-3 दिन पूर्व हुई है। उत्तर वन मंडल पन्ना के डीएफओ नरेश सिंह यादव ने बताया कि डैम में जिस स्थान पर तेंदुआ मृत पाया गया वहां से उत्तर वन मंडल की अजयगढ़ रेंज की बरियारपुर बीट 5 किलोमीटर और पन्ना टाईगर रिज़र्व की कुड़ई बीट महज 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आपका कहना है कि तेंदुए का शव देखने पर प्रथम दृष्ट्या ऐसा लगता है कि शिकार नहीं हुआ क्योंकि उसके सभी अंग सुरक्षित हैं। जहां तक जख्म के निशान का सवाल है वह पानी में बहने के दौरान किसी से टकराने या फिर कहीं फंसने के कारण भी हो सकता है।

पन्ना का बरियारपुर डैम।

डीएफओ श्री यादव के अनुसार तेंदुए की मौत कब और कैसे हुई आधिकारिक तौर पर इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने पर हो पायेगा। अभी थोड़ी ही देर बाद पन्ना टाईगर रिज़र्व के वन्य प्राणी चिकित्सक संजीव गुप्ता द्वार स्मृति वन पन्ना में तेंदुए का पोस्टमार्टम किया जायेगा। जिसके बाद मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर की उपस्थिति में शव का वहीं पर दाह संस्कार किया जायेगा। गौरतलब है कि पन्ना जिले में पूर्व में शिकारियों और वन्य जीवों के अंगों की तस्करी करने वाले गिरोह के सक्रीय होने के खुलासे के बीच वन्य प्राणियों के शिकार व संदिग्ध मौत की घटनायें लगातार सामने आ रहीं हैं। अत्यंत ही चिंताजनक यह स्थिति इस बात का साफ संकेत है कि पन्ना जिले के सामान्य और संरक्षित वन क्षेत्रों में विचरण करने वाले बाघ-तेंदुआ और दूसरे वन्य जीव सुरक्षित नहीं हैं।

जंगली सुअर को मारने फैलाया था करंट शिकार बना तेंदुआ
मलबे से तेंदुए के अवशेष अलग करते वनकर्मी।

उत्तर वन मंडल पन्ना की विश्रामगंज रेंज की सरकोहा बीट अंतर्गत कुछ दिन पूर्व मिले तेंदुए के अवशेष का खुलासा करते हुए डीएफओ नरेश सिंह यादव ने बताया कि करीब डेढ़ माह पूर्व उक्त तेंदुए का करंट लगाकर शिकार किया गया था। इस मामले में मुख्य आरोपी करण सिंह यादव निवासी ग्राम कृष्णा कल्याणपुर को गिरफ्तार कर न्यालय में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेजा गया है। उक्त आरोपी ने पूंछतांछ में बताया कि जंगली सुअर के शिकार के लिए करण सिंह यादव व उसके तीन अन्य साथियों ने एक खेत में करंट फैलाया था किंतु उसकी चपेट में तेंदुआ आ गया। इस मामले वन विभाग की टीम तीन अन्य फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए उनकी तलाश में जुटी है। उल्लेखनीय है कि करंट मृत तेंदुए का शव सड़-गलकर कर चंद हड्डियों और जबड़े के अवशेष में तब्दील हो गया था लेकिन संबंधितों को डेढ़ माह तक इसकी भनक तक नहीं लगी। डीएफओ नरेश सिंह यादव ने इसे प्रथम दृष्टया दायित्वों के निर्वाहन में घोर लापरवाही मानते हुए बीट गार्ड सरकोहा भागी लाल पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जबकि सर्किल प्रभारी रानीपुर राजकुमार तिवारी को नोटिस भेजकर जबाब मांगा है। तेंदुए के शिकार के इस गंभीर मामले में विश्रामगंज रेंजर और उप वन मंडलाधिकारी के विरुद्ध अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

चंदन के पेड़ों की कटाई मामले हुई कार्रवाई

चंदन का कटे हुए पेड़ का ठूंठ ।

अजयगढ़ में उत्तर वन मंडल के धरमपुर और अजयगढ़ वन परिक्षेत्र कार्यालय परिसर में स्थित नर्सरी से चंदन के चार पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में वनरक्षक मुकेश कुमार मिश्रा निलंबित किया गया है।इसके अलावा डिप्टी रेंजर जयकरण तिवारी को कारण बताओ नोटिस और स्थाईकर्मी सियाराम रजक को सेवाएं समाप्त करने का नोटिस भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि तेंदुए के शिकार और चंदन के पेड़ों की कटाई की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के सामने आने से उत्तर वन मंडल पन्ना की काफी किरकिरी हुई है। साथ ही इससे वन और वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर मैदानी वन अमले द्वारा बरती जा रही घोर लापरवाही के चलते निर्मित अराजकतापूर्ण स्थिति और अफसरों के लचर प्रबंधन की पोल खुल गई है।

एएनएम हत्याकाण्ड : मासूम बेटे की गवाही से डॉक्टर पिता और ताऊ को आजीवन कारावास

26
सांकेतिक फोटो।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना अनुराग दिवेदी ने सुनाया फैसला

दहेज की मांग को लेकर एक वर्ष पूर्व की गई थी एएनएम पूजा सिंह सेंगर की हत्या

पन्ना। रडार न्यूज मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ कस्बा में करीब एक वर्ष पूर्व हुई एएनएम पूजा सिंह की सनसनीखेज जघन्य हत्या के मामले में विचारण उपरांत अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना अनुराग दिवेदी ने मृतिका के आरोपी पति डॉक्टर राकेश सिंह सेंगर एवं जेठ रमेश सिंह सेंगर को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोनों अभियुक्तों को ढ़ाई-ढ़ाई हज़ार रुपये के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया गया है। दहेज की मांग को लेकर पूजा की हत्या करने मामले आई विटनिस रहे उसके चार साल के मासूम बेटे आर्यन उर्फ राज सिंह द्वारा न्यालय में दी गई गवाही हत्यारोपी पिता और डॉक्टर राकेश सिंह सेंगर और ताऊ रमेश सिंह सेंगर को उनके गुनाह की सजा दिलाने में सबसे अधिक महत्वपूर्ण साबित हुई ।

हत्या के इस बहुचर्चित मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी करने वाले जिला लोक अभियोजन अधिकारी पन्ना प्रवीण कुमार सिंह ने न्यालय द्वारा पारित निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि 18 मई 2017 को राकेश सिंह सेंगर पिता लाल बहादुर सेंगर निवासी कीरतपुर थाना धरमपुर हाल निवासी अजयगढ़ ने स्थानीय थाना पुलिस को सूचना दी थी कि उसकी पत्नि पूजा सिंह सेंगर ने फांसी लगा ली है, जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस द्वारा की गई जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतिका के शरीर में चोटें होने, पूजा को विवाह के बाद से ही पति और ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित करने संबंधी मायके पक्ष के लोगों द्वारा दी गई जानकारी, घटना के साक्ष्य व मृतिका के चार वर्षीय पुत्र द्वारा बताए गये घटनाक्रम के आधार पर पुलिस ने आरोपी राकेश सिंह सेंगर एवं उसके बड़े भाई रमेश सिंह सेंगर के विरूद्ध दहेज प्रताड़ना व हत्या का मामला पंजीबद्ध किया गया था।

मम्मा को पहले पीटा फिर रस्सी से लटका दिया

प्रकरण की विवेचना उपरांत इसे विचारण हेतु न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अपराध की प्रकृति को देखते इसे जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण के रूप में चिन्हित किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय में अभियोजन की ओर से महत्पूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत किए गये। साथ ही साक्षियों के कथन कराये गये। इस घटना के आई विटनिस मृतिका पूजा सिंह सेंगर के चार साल के मासूम बेटे आर्यन उर्फ राज सिंह ने अपने कथनों में बड़ी ही निर्दोषिता के साथ न्यालय को बताया कि- “मम्मा को पापा ने चप्पल और वाइपर से पीटा और फिर ताऊ जी ने उन्हें रस्सी से लटका दिया। मासूम ने बताया कि जिस समय उसकी मां के साथ यह क्रूरता हो रही थी उस समय मैं उसी कमरे में सोफे पर बैठा रोते हुए सबकुछ देख रहा था।” मासूम बच्चे की अहम गवाही और मृतिका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना अनुराग दिवेदी ने अभियोजन के प्रकरण को युक्तियुक्त संदेह से परे मानते हुए पूजा सिंह की हत्या के आरोप में उसके दहेज लोभी पति डॉक्टर राकेश सिंह सेंगर एवं जेठ रमेश सिंह सेंगर को दोषी माना है।

इन धाराओं में हुई सजा

न्यालय ने अभियुक्त डॉक्टर राकेश सिंह सेंगर पिता लाल बहादुर सेंगर 36 वर्ष व उसके बड़े भाई रमेश सिंह सेंगर पिता लाल बहादुर सेंगर 45 वर्ष दोनों निवासी ग्राम कीरतपुर थाना धरमपरु हाल निवासी चौबियाना मोहल्ला अजयगढ़ जिला पन्ना को धारा 302, 34 भादवि में अजीवन कारावास एवं 1 हजार रुपये के अर्थदण्ड, धारा 498ए में 3 वर्ष का कारावास व एक हजार रुपये के अर्थदण्ड के साथ साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत 2 वर्ष के कारावास व 500 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।

केन्द्र के सहयोग से मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल : शिवराज सिंह

17
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुना में विकास पर्व एवं किसान महासम्मेलन को संबोधित किया।

चम्बल एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य इसी वर्ष शुरू होगा :  गडकरी

 5130 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण 

मुख्यमंत्री ने किसानों के खातों में ट्रांसफर किये फसल बीमा योजना के 43.90 करोड़

भोपाल। रडार न्यूज  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को गुना में विकास पर्व एवं किसान महा-सम्मेलन में 5 हजार 130 करोड़ की लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने फसल बीमा योजना में किसानों के बैंक खातों में 43 करोड़ 90 लाख की बीमा राशि ऑनलाईन ट्रांसफर की। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के 43 हजार 882 हितग्राहियों को हित-लाभ भी वितरित किये गये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश अब बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर निकलकर देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल हो गया है। केन्द्र द्वारा प्रदेश को सड़कों के निर्माण के लिये 13 हजार 500 करोड़ रूपये की राशि दी गई, जिससे प्रदेश में बेहतर सड़कों का निर्माण संभव हो सका है। मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कृषि को लाभ का धंधा बनाने तथा कृषि उत्पादन दोगुना करने के संकल्प को प्रदेश में पूरा करने के लिये सभी संभव प्रयास किये जा रहे हैं।

देश में 100 नये राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुना में विकास पर्व एवं किसान महासम्मेलन को संबोधित किया।

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि ग्वालियर क्षेत्र के चम्बल एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य इसी वर्ष शीघ्र शुरू किया जायेगा। इसके लिये जमीन अधिग्रहण का कार्य शुरू हो गया है। इसके बन जाने से अंचल के लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे, उद्योग धंधे विकसित होंगे तथा आवागमन के लिये एक नया मार्ग मिलेगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली और मुम्बई के बीच एक नये हाई-वे का निर्माण किया जा रहा है। जिस पर एक लाख करोड़ रूपये की राशि व्यय होगी। यह हाई-वे राजस्थान, मध्यप्रदेश्, गुजरात, महाराष्ट्र राज्यों से गुजरेगा। इस हाई-वे में मध्यप्रदेश की 250 किलोमीटर की सड़क शामिल है। यह हाई-वे भी प्रदेश के विकास में सहायक होगा। श्री गडकरी ने बताया कि केन-बेतवा-लिंक नदी प्रोजेक्ट के पानी के बँटवारे के संबंध में शीघ्र ही समाधानकारक निराकरण किया जायेगा। केन्द्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि देश में 100 नये राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य शुरू किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान और केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी को समारोह में एनआरएलएम के स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित सामग्री भेंट की गई। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों ने संबल योजना के क्रियान्वयन के लिये मुख्यमंत्री को आभार-पत्र भेंट किया। गुना अभिभाषक संघ द्वारा भी प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट के लिये मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया गया। समारोह में लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री जयभान सिंह पवैया, सांसद रोडमल नागर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अर्चना चौहान, विधायक पन्नालाल शाक्य और सुश्री ममता मीना, अन्य जन-प्रतिनिधि और विशाल जन-समुदाय मौजूद था।

प्रतिभाशाली दिव्यांग छात्र-छात्राओं को भी मिलेंगे लेपटॉप

9
सांकेतिक फोटो।

नि:शक्तजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना से एक हजार दिव्यांग छात्र-छात्राएँ होंगे लाभान्वित 

भोपाल। रडार न्यूज    मुख्यमंत्री नि:शक्तजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत दिव्यांग छात्र-छात्राओं को भी लेपटॉप और ट्रायसाइकिल प्रदान की जाएगी। इस योजना में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक के साथ 9वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले दिव्यांग छात्र-छात्राएँ लाभान्वित होंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  गोपाल भार्गव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना से लगभग एक हजार दिव्यांग छात्र-छात्राएँ लाभान्वित होंगे। पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित इस योजना में 9वीं परीक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त और 10वीं कक्षा अथवा आई.टी.आई. में प्रवेश लिये दृष्टि बाधित, श्रवण बाधित, अस्थि बाधित तथा मंद बुद्धि छात्र-छात्राएँ लाभान्वित होंगे। आई.टी.आई. में प्रवेश लेने पर उन्हीं दिव्यांग छात्र-छात्राओं को लेपटॉप प्रदान किया जाएगा, जिनके द्वारा कम्प्यूटर ऑपरेटर, प्रोग्रामिंग असिस्टेंट अथवा कम्प्यूटर आधारित कोर्स में प्रवेश लिया गया है।

इसी क्रम में ऐसे अस्थि-बाधित छात्र-छात्राओं को मोटर ट्रायसाइकिल प्रदान की जायेगी, जिन्होने 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है और स्नातक पाठयक्रम प्रवेश ले रहे है और जिनका कमर के नीचे का 60 प्रतिशत अथवा अधिक भाग प्रभावित है। इस योजना में स्पष्ट किया गया है कि लाभार्थी को यह सुविधा एक बार प्रवेश के अवसर पर ही प्रदान की जाएगी।

बहेलियों की बस्ती के पास तेंदुए की हड्डियां और जबड़ा मिला | फॉरेंसिक जांच से खुलेगा मौत का राज

40
मलबे से तेंदुए के अवशेष अलग करते वनकर्मी।

पन्ना के उत्तर वन मंडल की घटना, शिकार होने की क्षेत्र में है चर्चा

वन्य प्राणी चिकित्सक के अनुसार एक से डेढ़ माह पूर्व हुई तेंदुए की मौत 

डीएफओ ने लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दिये संकेत

पन्ना। रडार न्यूज  बाघ पुनर्स्थापना कार्यक्रम की ऐतिहासिक सफलता से पूरी दुनिया में विख्यात हुए मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में बड़ी बिल्लियों(बाघ-तेंदुआ) समेत दूसरे वन्य जीवों के शिकार की चिंताजनक घटनाएं लगातार सामने आ रहीं है। यहां हाल ही में भालू के शिकार से संबंधित एक प्रकरण में शिकारियों और वन्य जीवों के अंगों की तस्करी करने वाले गिरोह के सक्रिय होने के सुराग मिले हैं। इन हालात में पन्ना के बाघों और दूसरे वन्यजीवों पर मंडराते गंभीर खतरे के बीच जंगल से एक और बुरी खबर आई है। उत्तर वन मण्डल पन्ना की विश्रामगंज रेंज के अंतर्गत तेंदुए की हड्डियां जबड़ा और नाखून मिले है। जिला मुख्यालय पन्ना से करीब 10 किलोमीटर दूर रानीपुर सर्किल की सरकोहा बीट में जिस स्थान पर तेंदुए के अवशेष पाये गये वहां पास में ही बहेलियों की बस्ती स्थित है। वन्यप्राणी चिकित्सक डॉक्टर एस.के. गुप्ता ने तेंदुए की मौत करीब एक से डेढ़ माह पूर्व होने का अंदेशा जताया है। तेंदुए का शिकार हुआ या फिर उसकी स्वभाविक मौत हुई है, इसका पता लगाने के लिए अवशेषों को जांच हेतु वेटनरी यूनिवर्सटी जबलपुर की फॉरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। वहां से रिपोर्ट आने पर तेंदुए की मौत के वास्तिविक कारणों का अधिकारिकतौर पर पता चल पायेगा। उधर तेंदुए के अवशेष बरामद होने के बाद से ही उसका शिकार होने की चर्चायें क्षेत्र में व्याप्त है। तेंदुए की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का हैरान करने वाला यह मामला शुक्रवार 21 जुलाई 2018 को ऐसे समय प्रकाश में आया है जब आरके गुप्ता, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक भोपाल और राघवेन्द्र श्रीवास्वत, मुख्य वन संरक्षक छतरपुर वृत्त पन्ना जिले के दौरे पर है। दोनों ही वरिष्ठ अधिकारियों ने पन्ना में बढ़ती शिकार की घटनाओं पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए तत्परता से इनकी प्रभावी रोकथाम के लिए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं।

मैदानी वन अमले को नहीं लगी भनक-

जंगल में गुफा के अंदर से तेंदुए के अवशेष अलग करते वनकर्मी।

तेंदुए की संदिग्ध मौत की खबर सबसे पहले पन्ना टाईगर रिज़र्व के अधिकारियों को मिली थी। सरकोहा बीट अंतर्गत जिस स्थान पर अवशेष पाए गए दरअसल वह उत्तर वन मंडल का क्षेत्र है इसलिए सबंधित अधिकारियों को कार्रवाई हेतु सूचित किया गया। शुक्रवार को नरेन्द्र सिंह परिहार, उप वन मंडलाधिकारी विश्रामगंज और रेंजर मनोज सिंह बघेल मौके पर पहुंचे तो जंगल में दो चट्टानों के बीच छोटी सी गुफानुमा गड्ढे से अज्ञात वन्य जीव की कुछ हड्डियां, जबड़ा और नाखून बरामद हुए। पन्ना टाईगर रिज़र्व के वन्य प्राणी चिकित्सक एस. के. गुप्ता ने उक्त अवशेष तेंदुए के होना बताया है। तेंदुए की मौत करीब एक से डेढ़ माह पूर्व होने के कारण उसका शरीर गलकर मिट्टी में मिलने की संभावना जताई जा रही है। उत्तर वन मण्डल के डीएफओ नरेश सिंह यादव ने तेंदुए की मौत की घटना को अत्यंत ही गंभीरता से लिया है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में स्वीकार किया कि प्रथम दृष्टया मैदानी वन अमले द्वारा घोर लापरवाही बरती गई। तेंदुए की मौत को एक से डेढ़ माह होने के बाद भी संबधित बीट गार्ड, सर्किल प्रभारी और रेंजर को इसकी भनक तक नहीं लगी। इससे स्पष्ट है कि मैदानी अमले द्वारा अपने क्षेत्र का भ्रमण नहीं किया गया है। श्री यादव ने इस मामले में लापरवाह कर्मचारियों-अधिकारियों के खिलाफ शीघ्र ही सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने रडार न्यूज़ से चर्चा में कहा कि वनों और वन्य जीवों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुखबिर तंत्र को किया सक्रिय-

सांकेतिक फोटो।

तेंदुए की संदिग्ध मौत के खुलासे को लेकर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है ताकि फॉरेंसिक लैब से जांच रिपोर्ट आने तक वास्तविकता का पता लगाया जा सके। घटनास्थल से करीब 3-4 किलोमीटर की दूरी पर गांधी ग्राम में बहेलियों की बस्ती स्थित होने के मद्देनजर उत्तर वन मण्डल के डीएफओ नरेश सिंह यादव ने तेंदुए के शिकार की संभावना से इंकार नहीं किया है। कई वर्षों तक प्रदेश स्तर पर एंटी पोचिंग स्क्वॉड में सेवायें दे चुके डीएफओ श्री यादव ने इस मामले चुनौती के रूप में लिया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा यदि तेंदुए का शिकार होना पाया गया तो इस मामले का जल्द से जल्द खुलासा करते हुए शिकारियों को जेल पहुंचाया जायेगा। मालूम होकि पिछले 7-8 माह के अंदर पन्ना जिले के संरक्षित व सामान्य वन क्षेत्रों में दो तेंदुओं, एक कॉलर वाली युवा बाघिन और भालू का शिकार हो चुका है। इन घटनाओं से बेजुबान निरीह वन्य प्राणियों पर आसन्न गंभीर खतरे और उससे बेपरवाह वन विभाग में व्याप्त अराजकता पूर्ण स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। शिकारियों और वन्यजीवों के अंगों की तस्करी करने वाले गिरोहों के का नेटवर्क फैलने से हालात इतने ख़राब हो चुके हैं यदि शीघ्र ही संयुक्त रूप से ठोस प्रयास नहीं किये गए तो पन्ना के उत्तर-दक्षिण वन मंडल व टाईगर रिज़र्व में विचरण करने वाले बाघों-तेंदुओं को ज्यादा दिनों तक बचा पाना संभव नहीं होगा।

शिकारियों और तस्करों के निशाने पर पन्ना के बाघ व दूसरे वन्य जीव !

872
फाइल फोटो।

भालू के शिकार की घटना से हुआ चौंकाने वाला खुलासा

तस्कर को बेंचने के लिए शिकारी ने छिपा रखा था भालू का सेक्सुअल पार्ट

पन्ना टाईगर रिज़र्व और समान्य वन क्षेत्र में सुरक्षित नहीं बेजुबान वन्य प्राणी

लगातार चिंताजनक तेजी से बढ़ रहीं हैं शिकार की घटनायें

पन्ना। रडार न्यूज़   मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में दक्षिण वन मंडल की पवई रेंज अंतर्गत करीब डेढ़ माह पूर्व शिकार हुए नर भालू का प्राइवेट पार्ट (जननांग) पॉलीथीन में लिपटा हुआ बरामद किया गया है। वन विभाग की टीम ने शिकारपुरा ग्राम में जिस स्थान से भालू के शरीर के महत्वपूर्ण अवशेष बरामद किये है, वह शिकार के आरोप में पवई जेल में बंद जाहर सिंह आदिवासी के घर के ठीक पीछे स्थित है। शिकार के इस मामले में अब तक हुए हैरान करने वाले खुलासों और सभी कड़ियों को आपस में जोड़कर देखने से यह स्पष्ट है कि पन्ना जिले में वन्यजीवों के शिकार और उनके अंगों की तस्करी का गोरखधंधा चल रहा है। जिसका पता वन विभाग को अब जाकर चला। जानकारी अनुसार मंगलवार को आरोपी जाहर सिंह आदिवासी की पत्नी अंजू आदिवासी उससे मिलने जेल गयी थी, इस दौरान दौरान जाहर ने उसे घर के पास बांस के पेड़ में भालू के कुछ अवशेष छिपाकर रखने की बात बताई। अंजू ने वापिस घर पहुंचकर जब बांस के झाड़ के पास जाकर देखा तो वहां एक पॉलथीन छिपी हुई पाई गई। उसने इसकी जानकारी गांव के लोगों को दी। इस बीच शिकार हुए भालू के गायब अन्य अवशेषों का सुराग लगाने में जुटी वन विभाग को जब यह खबर मिली तो पवई रेंजर शिशुपाल अहिरवार के नेतृत्व में डॉग स्कवॉड के साथ शिकारपुरा पहुंची टीम ने जाहर सिंह के घर के समीप लगे बांस भिर्रा में छिपाकर रखी गई संदिग्ध पॉलीथीन को अपने कब्जे में लिया। जब उसे खोला गया तो उसके अंदर से भालू का सेक्सुअल पार्ट और बाल बरामद हुए।

करंट लगाकर शिकार किये गए भालू का शव।

                   उल्लेखनीय है कि 30 मई 2018 को पवई रेंज की शिकारपुरा बीट में भालू एवं तेंदुए का करंट लगाकर शिकार किये जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया था। उस समय रेंजर से लेकर अधीनस्थ वन कर्मचारी प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे। कुछ दिनों बाद हड़ताल समाप्त होने पर काम पर लौटे पवई रेंजर शिशुपाल अहिरवार द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में तत्परता से कार्रवाई करते शिकार के इन चुनौतीपूर्ण मामलों का खुलासा किया गया। पिछले माह तेंदुऐ के शिकार मामले में शिकारपुरा ग्राम के तीन आरोपियों को पकड़ा गया था। वहीं कुछ दिन पूर्व भालू के शिकार के मामले में जाहर सिंह आदिवासी समेत अब तक तीन आरोपियों से जबड़ा एवं पंजा जप्त कर इन्हें भी जेल भेजा जा चुका है।

दवा बनाने में होता है उपयोग-

बांस भिर्रा में छिपाकर रखी गई पॉलीथीन को निकालते वन कर्मचारी।

वन्य जीवों की कई प्रजातियां आज संकटग्रस्त हैं, जिनके विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है। इसके पीछे वैसे तो कई कारण जिनमें अवैध व्यापार के उद्द्देश्य से किये जाने वाले शिकार के कारण भी कई वन्य प्राणियों का अस्तित्व संकट में है। वन्य जीवों के अंगों का व्यापार करने वाले अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिलने वाली ऊंची कीमत के कारण अवैध शिकार के लिए प्रेरित हो रहे हैं। दरअसल अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वन्य जीवों के अंगों की जबरदस्त मांग है। जानकारों की मानें तो हाथी, बाघ, शेर, तेंदुआ, पेंगोलिन, भालू, सर्प आदि वन्य जीवों की खाल व दांतों का उपयोग सजावट, चमड़ा और गहने बनाने में किया जाता है। जबकि इनकी हड्डियां और जननांगों का उपयोग कई गंभीर बीमारियों और कामोत्तेजक शक्ति बढ़ाने की परम्परागत दवाएं बनाने में किया जाता है।

                          कई अध्ययनों से यह पता चला है कि भारत में वन्य जीवों के अंगों का इस्तेमाल रूहानी (तंत्र-मंत्र) मकसद से भी किया जाता है।अंधविश्वास के चलते कुछ लोग अपनी खुशकिस्मती या गुड लक लाने के लिए वन्य जीवों के अंगों की बनी ताबीज और अंगूठी भी पहनते हैं अथवा उनके अंगों को घर में रखते हैं। भालू के शिकार की घटना पर गौर करें तो शातिर शिकारी जाहर सिंह आदिवासी और उसके साथियों ने जिस तरह भालू के महत्वपूर्ण अंगो को मृत शरीर से अलग करके आपस में बांट लिया था उससे अंगों के अवैध व्यापर की आशंका को बल मिल रहा है। वन विभाग की जांच भी इसी दिशा में चल रही है। सूत्र बताते हैं कि इस मामले की यदि गहन जांच-पड़ताल की जाये तो सम्भवतः वन्य जीवों के अंगो की तस्करी करने वाले बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता है।

कहीं फिर ना उजड़ जाये बाघों का संसार-

सांकेतिक फोटो।

शिकार के चलते वर्ष 2008 में पन्ना टाईगर रिजर्व पूर्णतः बाघ विहीन हो गया था। यहां पुनः बाघों को आबाद करने के लिए पुनर्स्थापना कार्यक्रम चलाया गया। जिसकी ऐतिहासिक सफलता के फलस्वरूप आज यहां बाघों का भरा पूरा संसार आबाद हो चुका है। वर्तमान में इनकी संख्या करीब 35 तक बताई जा रही है। पन्ना जिले में पिछले 7-8 महीने पूर्व टाईगर रिजर्व की गहरीघाट रेंज अंतर्गत फंदा लगाकर एक युवा बाघिन का शिकार किया गया और सामान्य वन मंडल दक्षिण में 3 तेंदुओं की मौत हुई जिनमें दो का शिकार पवई रेंज अंतर्गत क्लच वायर का फंदा लगाकर और जलस्रोत के समीप करंट बिछाकर किया गया था। पवई रेंज की शिकारपुरा बीट में 30 मई 2018 को तेंदुए के साथ ही भालू का शिकार होने का मामला प्रकाश में आया था।

मड़ला स्थित पन्ना टाईगर रिजर्व का प्रवेश द्वार।

भालू के मृत शरीर से जिस तरह उसके महत्वपूर्ण अंगों को निकालने के बाद शिकारियों ने आपस में बंटवारा कर उन्हें छिपाकर रखा उससे यह संकेत मिले हैं कि मौका पाकर वे उन्हें बेंचने की फ़िराक में थे। प्रकरण जांच में होने के कारण दक्षिण वन मंडल के अधिकारी इस संबंध में फिलहाल खुलकर कुछ भी बताने से कतरा रहे हैं पर दबी जुबान वे वन्य जीवों के अंगों की तस्करी को स्वीकार कर रहे हैं। इससे साफ जाहिर है कि पन्ना जिले में शिकारियों और वन्य जीवों के अंगों का अवैध व्यापार करने वाले तस्कर गिरोह पुनः सक्रिय हो गए हैं।

लगातार सामने आईं शिकार की घटनाएं इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि पन्ना जिले में बेजुबान और निरीह वन्य प्राणियों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यहां पर कड़ी सुरक्षा और चौबीस घंटे निगरानी वाले टाईगर रिज़र्व में रेडियो कॉलर वाले बाघ ही जब शिकार बन रहे हैं तो सामान्य वन क्षेत्रों में विचरण करने वाले वन्य जीव कितने महफूज हैं, इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। चिंताजनक बात यह है कि यदि शीघ्र संकटग्रस्त वन्य जीवों की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने के साथ शिकारियों और तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त नहीं किया गया तो वर्तमान हालत को देखते हुए यह कहना अतिश्योक्तिपूर्ण ना होगा पन्ना टाईगर रिज़र्व एक बार फिर बाघ विहीन हो सकता है।

इनका कहना है-

पन्ना टाईगर रिज़र्व सहित सामान्य वन मंडलों में मौजूदा समय बेहद लचर प्रबंधन, जबाबदेही के अभाव और वन्य प्राणियों सहित वन संपदा की सुरक्षा को लेकर बरती जा रही घोर लापरवाही के दुष्परिणाम लगातार सामने आरहे हैं। इस स्थिति में यदि तत्काल आवश्यक सुधार नहीं किया गया तो निश्चित ही पन्ना के बाघों और दूसरे वन्य जीवों को बचा पाना संभव नहीं होगा। क्योंकि पन्ना जिले में पिछले एक साल से कई शिकारी गिरोह सक्रिय हैं। मैं यह दावे के साथ कह रहा हूं यदि पन्ना के बाघों और दूसरे वन्य जीवों की पूरी ईमानदारी के साथ और पारदर्शी तरीके से गणना कराई जाये तो कई बाघ गायब मिलेंगे।
                                   – राजेश दीक्षित, प्रतिनिधि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण।