जेके सीमेंट प्लांट हादसा | मृतकों की संख्या छिपाने का गंभीर आरोप, बाल-बाल बचे युवकों का दावा: 170 मजदूर फैक्ट्री के अंदर गए, 40 वापस लौटे; प्रशासन सिर्फ 4 की मौत बता रहा
जेके सीमेंट प्लांट पन्ना में गुरुवार 30 जनवरी को हुए हृदय विदारक हादसे का सच क्या लोगों से छिपाया गया है? क्या प्रशासन और प्लांट प्रबंधन ने मिलकर हादसे की भीषणता को दबाने का काम किया? क्या मृतकों और घायलों का सही आंकड़ा छिपाया गया है? यह सवाल हादसे के बाद से ही लगातार हर किसी के जेहन में उठ रहे हैं। हादसे के चश्मदीदों के हैरान करने वाले दावों और बेहद गंभीर आरोपों से इन सवालों को बल मिला है। वहीं सोशल मीडिया पर घटना के विचलित करने वाले वायरल वीडियो, मृतकों एवं घायलों की संख्या से जुड़े संदेशों तथा मीडिया को सीमेंट फैक्ट्री में प्रवेश न देने सहित अन्य कई विचारणीय पहलू है, जिससे संदेह लगातार गहरा रहा है। भीषण हादसे में प्रशासन ने अब तक 4 मजदूरों की मौत और 15 का घायल होना बताया है। लेकिन हादसे के 48 घंटे बाद भी आमलोग प्रशासन द्वारा बताए गए हताहतों के आंकड़ों पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में अमानगंज तहसील अंतर्गत हरदुआ केन ग्राम में स्थित जेके सीमेंट कंपनी के प्लांट की दूसरी यूनिट प्रोजेक्ट कार्य में गुरुवार 30 जनवरी को निर्माणधीन बहुमंजिला इमारत की छत ढालने का कार्य चल रहा था। इस दौरान सुबह लगभग 10 बजे अचानक छत की शटरिंग और स्लैब मटेरियल गिरने से वहां काम कर रहे कई मजदूर नीचे दब गए थे। मौके पर चींख-पुकार और अफरातफरी मच गई। हादसे के समय सीमेंट प्लांट में सैंकड़ों मजदूर एवं कर्मचारी मौजूद थे। ह्रदय विदारक हादसे के तुरंत बाद कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें कुछ मजदूर लोहे के सरिया में फंसे नजर आ रहे थे।
दिल दहला देने वाले हादसों के वीडियो वायरल होने की भनक लगने पर जेके सीमेंट प्लांट प्रबंधन ने बड़ी तादाद में मजदूरों-कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया था। एसडीआरएफ टीमों के द्वारा पुलिस बल, स्वास्थ्य विभाग के अमले और सीमेंट कंपनी कर्मचारियों के साथ संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्य करते हुए नीचे दबे मजदूरों को निकाला था। प्रशासन के आलावा प्लांट के अंदर मीडिया, मजदूरों के परिजन समेत अन्य किसी के भी अंदर जाने पर पूर्णतः रोक लगा दी गई थी। यहां तक कि एम्बुलेंस वाहनों को कई घंटे तक गेट पर रोककर रखा, अंदर प्रवेश नहीं करने दिया था। इस कदम से भड़के मजदूरों के परिजनों द्वारा मृतकों एवं घायलों की संख्या और पहचान उजागर करने की मांग लेकर प्लांट के बाहर हंगामा करते हुएप्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश प्रकट किया गया। सोशल मीडिया पर भी लोग इसी मांग को लेकर खुलकर गुस्सा जाहिर कर रहे थे। लगातार बढ़ते तनाव-दबाव के बीच हादसे के लगभग 6 घंटे बाद प्रशासन द्वारा 4 मजदूरों की मौत और 15 के घायल होने की आधिकारिक तौर पर पुष्टि की गई। लेकिन अधिकांश लोग प्रशासन द्वारा बताई गई मृतकों-घायलों की संख्या को संदिग्ध मान रहे हैं।
… शेष मजदूर मलबे में दब गए
जेके सीमेंट प्लांट हादसे को लेकर प्रत्यक्षदर्शी मजदूरों के दावे बेहद हैरान करने वाले हैं। बिहार के मजदूर विवेक कुमार का एक वीडियो वायरल है, जिसमें वह बता रहे हैं कि, सुबह 7:30 बजे मैं काम पर पहुंच गया था। लगभग 10:30 बजे हादसा हुआ। जिसमें कई मजदूर दबकर मर गए। सुबह 170 मजदूरों ने छत निर्माण कार्य के लिए प्लांट के अंदर इंट्री की थी, जिसमें 40 लोग सुरक्षित निकल पाए। शेष मजदूर शटरिंग और स्लैब के मलबे में दफ़न हो गए। सिर्फ 4 लोगों की लाश बरामद हुई है। हादसे में बाल-बाल बचे युवा श्रमिक विवेक ने बताया हादसे के बाद जब हम लोगों ने अपने साथियों को खोजने के लिए मलबे की तरफ रुख किया तो प्रबंधन ने उन्हें बलपूर्वक रोक दिया। हताहतों में शामिल अधिकांश मजदूर बिहार राज्य के बताए जा रहे हैं। चश्मदीद ने हादसे की वजह बताते हुए कहा, निर्माणधीन छत की शटरिंग सही तरीके से नहीं लगी थी, उसके ऊपर जब कंक्रीट डाला गया तो भार बढ़ने पर शटरिंग भरभरा कर गिर गई। युवक का आरोप है यहां सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन की प्रशासन और पुलिस से सांठगांठ है। इसलिए हादसों पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं होती है। फैक्ट्री के अंदर बगैर सुरक्षा प्रबंध के मजदूरों से रात-दिन प्रेशर में काम कराया जा रहा है। श्रमिक विवेक कुमार ने सभी मृतकों के आश्रितों को 1-1 करोड़ का मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है।
शवों को छिपाने का आरोप
भीषण हादसे के एक अन्य चश्मदीद बिहार निवासी युवा श्रमिक माचा ने जेके सीमेंट प्लांट प्रबंधन पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए बताया कि मृत मजदूरों के शवों छिपाकर गुपचुप तरीके से दफनाने का प्रयास किया जा रहा है। यहां किसी को कोई नहीं बता रहा है कि कुल कितने लोग मरे है, हम लोगों को अपने साथियों को देखने के लिए अंदर जाने से रोका दिया था। श्रमिक माचा ने हादसे की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने तथा मृतकों के आश्रितों के सम्मानपूर्वक जीवन यापन के लिए पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की है। बता दें कि, हादसे में मृत मजदूरों एवं घायलों को लेकर किये गए दावों तथा आरोपों के संबंध में सीमेंट प्लांट प्रबंधक एपी से सिंह बात करने का काफी प्रयास किया गया लेकिन उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ। उधर प्रशासन चश्मदीदों के दावों को सिरे से खारिज करते हुए पूर्णतः असत्य और भ्रामक बता रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा हादसे में 4 मजदूरों की मौत और 15 के घायल होने की पुष्टि की गई है।
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MP News : पन्ना की जेके सीमेंट फैक्ट्री में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन स्लैब गिरने से 4 मजदूरों की मौत, 15 घायल
* एसडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सरिया में फंसे हताहतों को निकाला
* हृदयविदारक हादसे के विचलित करने वीडियो वायरल होने से स्तब्ध हुए लोग
* श्रमिकों की सलामती जानने फैक्ट्री के बाहर जुटे परिजन कई घंटे तक रहे परेशान
* परिजनों ने प्रशासन एवं फैक्ट्री प्रबंधन के रवैये प्रबंधन के रवैये पर जताया आक्रोश
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में स्थित जेके सीमेंट फैक्ट्री में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा गया। सीमेंट प्लांट के निर्माणाधीन हिस्से में छत की स्लैब डाली जा रही थी, जहां बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक स्लैब और शटरिंग गिर गई, जिसकी चपेट में कई मजदूर आ गए। दर्दनाक हादसे में 4 मजदूर असमय कालकवलित हो गए। जबकि 15 मजदूर घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के समय फैक्ट्री में सैंकड़ों मजदूर काम कर रहे थे। एसडीआरएफ की टीम द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर घायलों एवं मृतकों को बाहर निकाला गया। घायलों को इलाज के लिए पड़ोसी जिला कटनी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। हादसे के लगभग 6 घंटे बाद मृतकों तथा घायलों की संख्या को लेकर आधिकारिक तौर पर पुष्टि किए जाने के कारण सोशल मीडिया पर आज दिनभर हैरान करने वाली अफवाहें फैलती रहीं। सोशल मीडिया पर मृतकों की संख्या दर्जन भर से ज्यादा और 50 से अधिक मजदूरों के घायल होने के सनसनीखेज़ अपुष्ट संदेशों और ख़बरों के छाए रहने से पन्ना से लेकर राजधानी भोपाल तक जबरदस्त हड़कंप मचा रहा। हृदयविदारक हादसे के विचलित करने वाले वीडियो वायरल होने से लोग स्तब्ध है। फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों की सलामती के बारे में जानने के लिए परिजन सबसे ज्यादा परेशान रहे। आक्रोशित परिजनों द्वारा फैक्ट्री के बाहर हंगामा करने से मौके तनावपूर्ण माहौल निर्मित हो गया।
निर्माणाधीन सातवीं मंजिल पर हुआ हादसा

जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत हरदुआ केन ग्राम में स्थित जेके सीमेंट प्लांट की वर्तमान में दूसरी यूनिट के निर्माण का कार्य प्रगति पर है। रोज की तरह आज सुबह फैक्ट्री के श्रमिक निर्माण कार्य में जुटे थे। दूसरी यूनिट की सातवीं मंजिल पर छत डालने के लिए शटरिंग पर कार्य चल रहा था। इसी दौरान सुबह करीब 10 बजे अचानक छत की स्लैब का बड़ा हिस्सा टूटकर शटरिंग सहित गिर गया। सबकुछ इतनी तेजी से हुआ कि हादसे के समय मचान पर काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। शटरिंग के साथ कुछ मजदूर गिरे और नीचे की मंजिलों के सरिया में जा फंसे। साथ ही वहां काम कर रहे कई मजदूर स्लैब मटेरियल और शटरिंग की चपेट में आकर नीचे दब गए। दर्दनाक हादसे के बाद सीमेंट प्लांट के अंदर अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई। सोशल मीडिया पर जब हादसे के वीडियो आये तो समूचे जिले में जबरदस्त हड़कंप मच गया। हताहतों की संख्या वाले अपुष्ट संदेशों तथा खबरों के तेज़ी से वायरल होने पर लोग हादसे की भयवहता को लेकर काफी चिंतित और हैरान रहे।
4 जिलों की एसडीआरएफ टीमों ने संभाला मोर्चा

हादसे के बाद सुरक्षा की दृष्टि से जेके सीमेंट प्लांट के अंदर प्रवेश को पूरी तरह रोक दिया गया। हादसे की जानकारी मिलने पर आसपास के थानों से भारी पुलिस बल, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। राहत एवं बचाव कार्य के लिए पन्ना समेत पड़ोसी जिलों कटनी, दमोह, छतरपुर से एसडीआरएफ टीमों को बुलाया गया। राज्य आपदा राहत बल (SDRF) की टीमों, पुलिस जवानों, स्वास्थ्य विभाग और सीमेंट फैक्ट्री कर्मचारियों द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सरिया में फंसे मृत मजदूरों के शवों तथा मलबे में दबे घायलों को बाहर निकाला। वहीं निर्माणधीन यूनिट में हताहत मजदूरों की खोज के लिए सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। राहत और बचाव कार्य में लगी टीमों को सातवीं मंजिल पर पहुँचने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ी। भीषण हादसे में अपने साथियों की दर्दनाक मौत से सीमेंट फैक्ट्री के अंदर मौजूद ठेका श्रमिक भड़क उठे। श्रमिकों के आक्रोश से घबराए फैक्ट्री प्रबंधन ने बवाल की आशंका को देखते हुए बड़ी संख्या में श्रमिकों व कर्मचारियों को परिसर से बाहर निकाल दिया। हालांकि काफी देर से फैक्ट्री के गेट के बाहर घायलों को ले जाने के लिए खड़े एम्बुलेंस वाहनों को अंदर प्रवेश नहीं दिया। प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद एम्बुलेंस वाहनों को बमुश्किल इंट्री मिल सकी। हादसे की जानकारी मिलने पर पवई विधायक प्रहलाद लोधी, कमिश्नर सागर डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत, डीआईजी छतरपुर रेंज ललित शाक्यवार ने सीमेंट प्लांट पहुंचकर राहत और बचाव कार्य की जानकारी ली।
हादसे में इनकी हुई मौत
पन्ना जिले में सीमेंट प्लांट के निर्माण से लेकर वर्ष 2022 के अंत में इसकी पहली यूनिट शुरू होने के बाद से फैक्ट्री के अंदर अब तक कई हादसे हो चुके हैं। अपुष्ट जानकारी के मुताबिक प्लांट परिसर में अब तक हुए हादसों में तकरीबन दो दर्जन मजदूर अपनी जान गंवा चुके है। जबकि सीमेंट फैक्ट्री के मालवाहक हैवी वाहनों की चपेट में आकर लगभग इतने ही मजदूर काल के गाल में समा चुके हैं। सीमेंट प्लांट में आज हुए हादसे के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार 3 मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल मजदूर ने इलाज के दौरान कटनी के निजी हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। मृतकों में अंसार आलम 34 वर्ष, मसूद पिता नसरूदीन 36 वर्ष, मुश्फिक पिता मोहम्मद मंसूर सभी निवासी पूर्णिया बिहार और पन्ना जिले के सिमरिया निवासी रोहित खरे 32 वर्ष शामिल हैं। जबकि मिट्ठू साहू, शाहनवाज खान, बद्दू नामदेव, मोहम्मद तौकीर, शाह आलम, कंछेदी कुशवाहा, साहिल रजा, इंद्रपाल सिंह, नुरसद आलम, शेख सकूर, तहमीद मोहम्मद, प्रेमचंद्र राजभर मोहम्मद तौकीर सहित अन्य श्रमिक घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए कटनी के निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
मृतकों के आश्रितों को मिलेंगे 18-18 लाख
सीमेंट फैक्ट्री में हादसे की खबर फैलने के बाद बाहर बड़ी संख्या में मजदूरों के परिजन जमा हो गए। हर कोई अपनों की खैर-खबर जानने के लिए परेशान नजर आया। फैक्ट्री के सभी गेट बंद होने, हताहतों की संख्या व पहचान को लेकर सही जानकारी न मिलने से चिंतित परिजन भड़क उठे। प्रशासन और जेके सीमेंट प्रबंधन के रवैये से आक्रोशित परिजनों ने हादसे पर लीपापोती करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कुछ देर बाद मृतकों के परिवारवालों को अंदर ले जाया गया। जहां पीड़ित परिजनों से पुलिस अधीक्षक पन्ना सांई कृष्ण एस थोटा व अपर कलेक्टर नीलाम्बर मिश्र द्वारा चर्चा उपरांत मुआवजा राशि तथा अन्य राशि तय की गई। पन्ना पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मृतकों के आश्रितों को 18-18 लाख रुपये, बीमा राशि 4 लाख तथा अन्त्येष्टी सहायता के तौर पर 50-50 हज़ार रुपए सीमेंट कंपनी द्वारा प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक घायल को 1-1 लाख रुपए, सम्पूर्ण इलाज व इलाज अवधि की पूरी वेतन कंपनी देगी। मृतकों एवं घायलों का परिवहन खर्च भी सीमेंट कंपनी वहन करेगी। पुलिस ने हादसे के दोषियों के खिलाफ सिमरिया थाना में आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की जानकारी दी है। अपर कलेक्टर नीलाम्बर मिश्र ने बताया कि, जल्द ही एक टीम गठित कर हादसे की बारीकी से जांच कराई जाएगी। साथ ही प्लांट के अंदर हादसों की रोकथाम को लेकर सुरक्षात्मक उपायों को कड़ाई से लागू कराया जाएगा।
जेके सीमेंट के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश

पन्ना की जेके सीमेंट फैक्ट्री में लगातार हो रहे हादसों को लेकर जहां कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं, वहीं फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारी, उनके परिजन इससे काफी चिंतित और भयभीत है। जिले के आमलोगों में जेके सीमेंट प्रबंधन की कारगुजारियों के साथ इससे जुड़े हादसों को लेकर जबरदस्त आक्रोश पनप रहा है। बता दें कि, सीमेंट प्लांट की स्थापना और लाइम स्टोन खनन लीज के लिए अधिकांश किसानों की जमीनों को कंपनी द्वारा बिचौलियों के जरिए नाममात्र की राशि पर क्रय करने से प्रभावित परिवार अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। प्रभावित परिवारों के बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने के वादे को भी कंपनी ने ईमानदारी से नहीं निभाया। इससे बड़ी विडंबना ओर क्या होगी, पन्ना जिले में काम के आभाव में प्रतिवर्ष हजारों गरीब मजदूर परिवार दूसरे राज्यों के लिए पलायन करने को विवश हैं। इधर स्थानीय सीमेंट फैक्ट्री में काम करने के लिए दूसरे राज्यों से मजदूर लाए जा रहे हैं। पन्ना के लोगों को जेके सीमेंट प्लांट से प्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर अब तक नहीं मिले। स्थानीय लोगों का मानना है, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उन्हें विकास के सब्जबाग दिखाकर जेके सीमेंट से अपने स्वार्थ साधने में जुटे हैं। सत्ताधारी दल के बड़े नेता-जनप्रतिनिधि, जिले के सीमेंट फैक्ट्री के ठेके लेने और उसकी दलाली के चक्कर जनता के हितों पर लगातार कुठारघात कर रहे हैं।
जुआ फड़ पर छापेमारी : नगर परिषद अध्यक्ष पति समेत 14 जुआरियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
* कांग्रेस ने पकड़े गए नेताओं को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा का करीबी बताया
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में देवेन्द्रनगर थाना पुलिस ने जुआ फड़ पर छापामार कार्यवाही करते हुए 14 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में भाजपा नेता एवं नगर परिषद अध्यक्ष देवेन्द्रनगर के पति ललित गुप्ता, भाजयुमो नेता कृष्णा पाठक एवं सरकारी कर्मचारी समेत अन्य व्यक्ति शामिल हैं। पुलिस ने जुआरियों व जुआ फड़ से 11640 रुपये और ताश के 52 पत्ते जब्त कर पब्लिक गेम्बलिंग (मध्य प्रदेश) एक्ट 1976 की धारा 13A के तहत प्रकरण कायम किया है। जुआ खेलते हुए भाजपा नेताओं के पकड़े जाने की खबर आने के बाद से सत्ताधारी दल को शर्मिंदगी का झेलनी पड़ रही है। उधर, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी की यूथ विंग ने पकड़े गए नेताओं के भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद वीडी शर्मा के साथ कुछ फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जमकर हमला बोला है। युवा कांग्रेस ने जुआ फड़ से गिरफ्तार नेताओं को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा (विष्णु दत्त शर्मा) का करीबी बताया साथ ही आरोप लगाया कि इन्हीं के संरक्षण में जुआ फड़ संचालित हो रहा था। इस घटनाक्रम को लेकर जिले में भाजपा संगठन के अंदर जबरदस्त हड़कंप मचा है। सत्ताधारी दल के कुछ नेता पुलिस की कार्यवाही से खासे नाराज़ बताए जा रहे हैं।
मुखबिर से मिली सूचना पर की कार्यवाही
देवेंद्रनगर थाना प्रभारी एवं निरीक्षक रामहर्ष सोनकर द्वारा मुखबिर की सूचना पर शनिवार 25 जनवरी की शाम हमराही पुलिस बल के साथ क़स्बा में सलेहा रोड किनारे स्थित आशीष चाय वाले की दुकान के बगल में स्थित कमरे पर छापामार कार्यवाही की गई। कमरे के अंदर जमे जुआ फड़ पर दबिश देकर पुलिस ने 14 जुआरियों को ताश के पत्तों पर रुपयों से हार-जीत का दांव लगाते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जुआ फड़ एवं आरोपियों के कब्जे से 11640 रुपये और ताश के 52 पत्ते जब्त किए है। पकड़े गए जुआरियों नगर परिषद अध्यक्ष देवेन्द्रनगर शिवांगी गुप्ता के पति एवं बीजेपी नेता ललित गुप्ता , कृष्णा पाठक पिता सज्जन पाठक 27 वर्ष, फतेह खान पिता होशियार खान 23 वर्ष, ऋषि सोनकर पिता छोटेलाल सोनकर 22 वर्ष, पुष्पेन्द्र जैन पिता स्व. महेन्द्र कुमार जैन 46 वर्ष, शहजान पिता शहजादे खान 21 वर्ष, राजेश जैन पिता छल्लू लाल जैन 38 वर्ष, आशू उर्फ अंकित शुक्ला पिता रामखिलावन शुक्ला 29 वर्ष, शिवजी मिश्रा पिता रमेश मिश्रा 29 वर्ष, नीलेश शुक्ला पिता रामायण शुक्ला 32 वर्ष, सोम शुक्ला पिता संतोष कुमार शुक्ला 29 वर्ष, आराध्य जैन पिता धन्य कुमार जैन 22 वर्ष, अरविन्द विश्वकर्मा पिता स्व. राजू विश्वकर्मा 23 वर्ष एवं विकाश गौतम पिता अभिमन्यु गौतम 32 वर्ष सभी निवासी देवेन्द्रनगर शामिल हैं।
कोर्ट में उपस्थित होने का नोटिस देकर किया रिहा

जुआ फड़ एवं जुआरियों के कब्जे से मिली राशि और ताश के पत्तों को पुलिस द्वारा गवाहों के समक्ष जब्त कर धारा 13 जुआ एक्ट के तहत प्रकरण कायम किया गया। आरोपीगणों का कृत्य सात वर्ष से कम की सजा से दण्डनीय होने पर पुलिस ने धारा 35 (3) बीएनएसएस का नोटिस देकर नियत दिनांक को न्यायालय पन्ना में उपस्थित रहने हेतु पाबंद कर सभी को रिहा कर दिया।
गणतंत्र दिवस : प्रभारी मंत्री ने ध्वजारोहण कर परेड की ली सलामी
* जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया राष्ट्रीय पर्व
पन्ना। देश का 76वां गणतंत्र दिवस समारोह पन्ना जिले में भी हर्षोल्लास एवं गरिमामय ढंग से मनाया गया। जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन पुलिस लाइन ग्राउण्ड पन्ना में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सुबह 9 बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराकर परेड की सलामी ली। इस दौरान राष्ट्रगान की धुन बजाई गई और हर्ष फायर किया गया। ध्वजारोहण के पश्चात प्रभारी मंत्री श्री परमार ने खुली जिप्सी में पुलिस अधीक्षक सांई कृष्ण एस थोटा एवं जिपं सीईओ व प्रभारी कलेक्टर संघ प्रिय के साथ परेड का निरीक्षण किया। रक्षित निरीक्षक खिलावन सिंह कंवर भी साथ थे। मुख्य अतिथि ने नागरिकों के नाम संबोधित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का वाचन कर आकाश में गुब्बारे छोड़े। समारोह में परेड की विभिन्न टुकड़ियों द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद अतिथियों ने टोली नायकों से परिचय प्राप्त किया।
गैर शस्त्र परेड सीनियर वर्ग में एनसीसी महिला टुकड़ी प्रथम
गणतंत्र दिवस के जिला स्तरीय कार्यक्रम में विभिन्न स्कूल के बच्चों ने देश भावना से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। अपार उत्साह के साथ बच्चों द्वारा सामूहिक पीटी प्रदर्शन भी किया गया। गणतंत्र दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शासकीय विभागों की अलग-अलग थीम पर केन्द्रित झांकियां भी आकर्षण का केन्द्र रहीं। कार्यक्रम उपरांत उत्कृष्ट परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं झांकी के लिए पुरस्कार वितरित किए गए। सशस्त्र परेड में जिला पुलिस बल पुरूष की टुकड़ी को प्रथम, एसएएफ 10वीं वाहिनी विसबल की टुकड़ी को द्वितीय और होमगार्ड की टुकड़ी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ, जबकि गैर शस्त्र परेड सीनियर वर्ग में एनसीसी महिला सीनियर डिवीजन की टुकड़ी को प्रथम, एनसीसी सीनियर डिवीजन छत्रसाल महाविद्यालय पन्ना की टुकड़ी को द्वितीय और एनएसएस महिला दल छत्रसाल महाविद्यालय पन्ना की टुकड़ी को तीसरा स्थान मिला। निःशस्त्र परेड जूनियर वर्ग में शासकीय मनहर कन्या उ.मा. विद्यालय पन्ना के गाइड दल को प्रथम, अरविन्दो, डायमण्ड पब्लिक एवं सरस्वती शिशु मंदिर पन्ना के स्काउड दल को द्वितीय तथा शौर्या दल की टुकड़ी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इसी तरह सांस्कृतिक कार्यक्रमों के वरिष्ठ वर्ग में शासकीय मनहर कन्या उ.मा. विद्यालय पन्ना को प्रथम, नेशनल पब्लिक स्कूल पन्ना को द्वितीय एवं पीएम श्री जवाहर नवोदल विद्यालय रमखिरिया को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ, जबकि कनिष्ठ वर्ग में ब्लू स्काई पब्लिक स्कूल को प्रथम, महारानी दुर्गा राज्य लक्ष्मी को द्वितीय तथा लिस्यू आनंद सीनियर सेकेण्डरी स्कूल को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
जिला पंचायत की झांकी को प्राप्त हुआ प्रथम स्थान
गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में 09 विभागों द्वारा विभिन्न थीम पर आधारित आकर्षक झांकियों का प्रदर्शन भी किया गया है। इस दौरान जिला पंचायत की झांकी को प्रथम, महिला एवं बाल विकास विभाग की झांकी को द्वितीय और पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की झांकी को तीसरा स्थान मिला। गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा उत्कृष्ट कार्य तथा शासकीय दायित्वों के बेहतर निर्वहन के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में गत 16 दिसम्बर को विजय दिवस पर पुलिस बैण्ड के बेहतर प्रदर्शन पर 21 हजार रूपए की नगद पुरस्कार राशि भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक सहित आमजन एवं स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
प्रत्येक सुपात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ समय पर और सुविधाजनक तरीके से मिले : मंत्री श्री परमार
* प्रभारी मंत्री ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा
* अभियान चलाकर शासकीय भूमियों से अतिक्रमण हटाने दिए निर्देश
पन्ना। विभागीय अधिकारी आम जनता के हित में कार्य कर समयावधि में कार्यों को पूर्ण करें। जिले के विकास संबंधी विभिन्न मागों और समस्या के बारे में तत्काल अवगत कराएं। जिले के समग्र विकास के लिए गंभीरता एवं पूर्ण जिम्मेवारी के साथ कार्य करें। उक्ताशय के निर्देश उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने विभागीय समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों को दिए। समीक्षा बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को जनहितैषी एवं लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले। वास्तव में वंचित लोगों तक सुविधाजनक तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही सरकार की मंशा है।
प्रभारी मंत्री श्री परमार ने बैठक में निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन परिणाममूलक हो। कार्यों की प्राथमिकता तय कर लक्ष्यपूर्ति करें। हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं में घर पहुंच सेवाएं भी उपलब्ध कराएं। आवश्यक होने पर योजनाओं के लाभ के लिए घर व परिवार का सर्वे भी करें। प्रभारी मंत्री द्वारा गत बैठक के पालन प्रतिवेदन पर भी चर्चा कर जरूरी निर्देश दिए गए। साथ ही अभियान चलाकर शासकीय संस्था परिसर व अन्य शासकीय भूमियों से अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश दिए।
उन्होंने चौपाल के माध्यम से किसानों की समस्याओं के निराकरण, अन्न उत्सव के उपरांत भी प्रतिमाह नियमित रूप से राशन प्राप्त करने के लिए उद्घोषणा कराने, जैविक खाद के उपयोग और प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को जागरूक एवं प्रेरित करने तथा कृषक भ्रमण के जरिए व्यवहारिक प्रशिक्षण देने की बात भी कही। इसी तरह यूरिया के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए किसानों को जागरूक करने, राजस्व अधिकारियों द्वारा छात्रावासों के औचक निरीक्षण व छात्रावासों के जरूरी मरम्मत कार्य समय पर पूर्ण कराने, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से समस्त आबादी वाले गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए भी कहा। एक प्रकरण में गत वर्ष देवेन्द्रनगर के शासकीय विद्यालय में प्राचार्य-शिक्षक विवाद पर प्राचार्य के विरूद्ध कार्यवाही के लिए संभागायुक्त को प्रस्ताव प्रेषित करने के लिए भी कहा।
शिविरों में 27 हजार से अधिक प्रकरण निराकृत
समीक्षा बैठक में प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ संघ प्रिय ने प्रभारी मंत्री को मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान अंतर्गत आयोजित शिविरों की जानकारी दी। बताया गया कि जिले के समस्त 386 ग्राम पंचायतों में आयोजित शिविर के दौरान 32 हजार 269 आवेदन दर्ज किए गए हैं। इनमें से 27 हजार 538 आवेदन स्वीकृत हुए, जबकि लंबित 1 हजार 968 आवेदनों का निराकरण प्रक्रियाधीन है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि भविष्य में भी योजनाओं का क्रमबद्ध तरीके से लाभ सुनिश्चित करने के लिए अभिलेख व दस्तावेजों का व्यवस्थित संधारण किया जाए। स्वास्थ्य विभाग की हितग्राहीमूलक योजनाओं में समय पर लाभ प्रदान करने तथा जनहित में तकनीक का बेहतर उपयोग कर लाभांवित करने के लिए कहा।
विधि महाविद्यालय के लिए मांगा प्रस्ताव
मंत्री श्री परमार ने कहा कि सीएम राइज स्कूलों का जिले में बेहतर संचालन सुनिश्चित हो। सर्वसुविधायुक्त इन स्कूलों में शासन द्वारा उपलब्ध बजट के आधार पर समय सीमा में गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूर्ण करने की कार्यवाही करें। प्रत्येक स्कूल के लिए डीपीआर एवं बजट आवंटन के पूर्व उपयुक्तता के आधार पर भूमि का चयन किया जाए। इसी तरह जिले के चयनित पीएम श्री विद्यालयों में भी विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास के लिए मूलभूत सुविधाओं हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाए। डीपीसी को नवीन शिक्षा नीति अनुसार प्रवेश व एकेडमिक गतिविधियों की प्रक्रिया समय पर सम्पादित करने तथा नियमित रूप से भ्रमण के लिए निर्देशित किया गया। उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान जिला मुख्यालय स्थित पीएम श्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस में नवीन व्यवसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेशित छात्र-छात्राओं को बेहतर अध्यापन व प्रशिक्षण के जरिए रोजगार उपलब्ध कराने तथा एआई पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए सीट क्षमता में बढ़ोत्तरी की चर्चा की गई। महाविद्यालय की बाउंड्रीवाल की ऊंचाई बढ़ाने तथा खोरा के नवीन शासकीय महाविद्यालय में मूलभूत व्यवस्थाओं के लिए बजट उपलब्धता के संबंध में भी विचार विमर्श किया गया। साथ ही महाविद्यालय के लिए खेल मैदान विकसित करने तथा विधि महाविद्यालय की स्थापना के लिए भी जरूरी प्रस्ताव प्रेषित करने के निर्देश दिए।
बंद नल-जल योजनाओं को तत्काल शुरू कराएं
प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजनाओं की समीक्षा के दौरान समस्त जनपद पंचायत सीईओ एवं अन्य अधिकारियों को पूर्ण हो चुके कार्यो का भौतिक सत्यापन करने के लिए कहा। विकास कार्यों संबंधी किसी भी कमी अथवा समस्या के बारे में समस्त जनप्रतिनिधियों से तत्काल संबंधित अधिकारी को अवगत कराने की अपेक्षा की। उन्होंने बंद एकल नल जल योजनाओं को तत्काल शुरू कराने एवं जरूरी मरम्मत कार्य, हर घर जल के लिए कार्ययोजना अनुरूप कार्य करने तथा मझगांय बांध में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने शासकीय भूमियों के व्यवस्थित संधारण, बाहर से आए लोगों के आधार अपडेशन के दौरान राजस्व अधिकारी द्वारा दस्तावेज चेक करने, नेशनल पार्क क्षेत्र में बाघजनित घटनाओं की रोकथाम के लिए कार्ययोजना बनाने सहित मड़ला घाटी में स्वीकृत एलिवेटेड रोड के निर्माण कार्य की बाधाओं को दूर करने के संबंध में भी चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने जिला पंचायत अंतर्गत गठित विभिन्न सात समितियों की समय पर बैठक आयोजित कराने के लिए कहा।
समीक्षा बैठक में विधायक पन्ना बृजेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक पवई प्रह्लाद लोधी, विधायक गुनौर राजेश वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे, नपाध्यक्ष मीना पाण्डेय, बृजेन्द्र मिश्रा सहित पुलिस अधीक्षक सांई कृष्ण एस थोटा, क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व अंजना सुचिता तिर्की, वनमण्डल अधिकारी उत्तर गर्वित गंगवार, दक्षिण अनुपम शर्मा, एसडीएम संजय नागवंशी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
निष्पक्ष निर्वाचन और मतदाताओं की सहभागिता लोकतंत्र का मूल आधार : राज्यपाल मंगुभाई

* 15वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी हुए पुरस्कृत
* आयोग, कम मतदान वाले केन्द्र चिन्हित कर जनजागृति के विशेष प्रयास करे
* राज्यपाल ने मतदाता दिवस की दिलाई शपथ, चित्र प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन प्रणाली और मतदाताओं की सहभागिता, लोकतंत्र का मूल आधार है। निर्वाचन आयोग द्वारा इस दिशा में किए जा रहे कार्य सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आयोग, कम मतदान वाले केन्द्रों को चिन्हित कर मतदान प्रतिशत बढ़ाने जनजागृति के विशेष प्रयास करें। राज्यपाल श्री पटेल शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में 15वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को मतदाता दिवस की शपथ दिलाई।
राज्यपाल श्री पटेल ने निर्वाचन प्रक्रिया में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सभी स्तर के अधिकारी-कर्मचारी और आयोग द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया। नवीन मतदाताओं को ईपिक कार्ड का वितरण भी किया गया। राज्यपाल ने आयोग द्वारा लगाई गई चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार के वीडियों संदेश का प्रसारण भी किया गया।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रदेश के 52 जिलों में महिलाओं का पंजीकरण पुरूषों की तुलना में अधिक हुआ है। यह लोकतंत्र के समावेशी स्वरूप की बढ़ती ताकत का प्रतीक है। आयोग को ऐसे मतदान केन्द्रों को चिन्हित करना चाहिए जहां विगत कई चुनाव से कम मतदान हो रहा है। ऐसे मतदान केन्द्रों में जाकर कारणों को समझें। वहां की जनता से बात करें। उन्हें लोकतंत्र में मताधिकार के महत्व की जानकारी दे और मतदान प्रतिशत बढ़ाने विशेष नवाचार करें। राज्यपाल ने आयोग द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग से संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2025 में प्राप्त आवेदनों के 99.9 प्रतिशत ऑनलाइन निराकरण की सराहना की।
लोकसभा निर्वाचन के लिए ये अधिकारी हुए सम्मानित
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने लोक सभा निर्वाचन 2024 को सफलता पूर्वक संपन्न कराने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी झाबुआ नेहा मीना, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रतलाम राजेश बाथम, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अशोकनगर सुभाष कुमार द्विवेदी को सम्मानित किया। लोकसभा निर्वाचन-2024 के स्वीप गतिविधियों में नवाचार और उत्कृष्ट कार्य हेतु भोपाल कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, ग्वालियर की कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रूचिका चौहान को भी सम्मानित किया गया। इसी प्रकार लोकसभा निर्वाचन-2024 में उत्कृष्ट कानून-व्यवस्था के लिए शिवपुरी के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रविन्द्र कुमार चौधरी और पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौर, श्योपुर के तत्कालीन कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ और पुलिस अधीक्षक अभिषेक आनंद, भिण्ड कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजीव श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक असित यादव को सम्मानित किया।
लोकसभा निर्वाचन संचालन 2024 में प्रदेश स्तर से कानून व्यवस्था बनाए रखने में उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस महानिरीक्षक, कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा एवं राज्य पुलिस नोडल अधिकारी अंशुमान सिंह को भी सम्मानित किया। इसी प्रकार स्वीप गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य के लिए शहडोल जोन के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डी.सी. सागर और आईटी इनिशिएटिव एवं स्वीप गतिविधियों का विशेष श्रेणी पुरस्कार नर्मदापुरम की कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सोनिया मीना को सम्मानित किया।
मतदाता पुनरीक्षण के लिए ये अधिकारी हुए सम्मानित

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2025 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अलीराजपुर के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अभय अरविन्द बेडेकर और उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रियांशी भंवर, रायसेन के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अरविन्द दुबे और उप जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष शर्मा, दतिया के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संदीप कुमार माकिन और उप जिला निर्वाचन अधिकारी भूमिजा सक्सेना को सम्मानित किया गया। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2025 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले निर्वाचक और सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों में रायसेन सिलवानी के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सौरभ मिश्रा और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भरत सिंह मांडले, दतिया भांडेर के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी संतोष तिवारी और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सुनील प्रभास, शिवपुरी करेरा के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अजय शर्मा और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कल्पना शर्मा को सम्मानित किया गया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ सम्मानित
इसी प्रकार विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2025 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ मतदान केन्द्र क्रमांक 177-छाछकुआँ जिला धार के बीएलओ घनश्याम चौहान, मतदान केन्द्र क्रमांक 43-मा.विद्यालय सोमारूण्डीकला जिला रतलाम के तोलाराम निनामा, मतदान केन्द्र क्रमांक 223-सिद्धीखुर्द जिला सिंगरौली के अरूण कुमार पनिका, मतदान केन्द्र क्रमांक 326-कुशमहांकला जिला उमरिया के धर्मेन्द्र कुमार तिवारी, मतदान केन्द्र क्रमांक 183- अम्बेडकर वार्ड जिला सागर के जयंत कुमार विश्वकर्मा, मतदान केन्द्र क्रमांक 135-भोजपुर जिला रायसेन के मनीष कीर, मतदान केन्द्र क्रमांक 81-हरदा जिला हरदा की सीमा सोनी और मतदान केन्द्र क्रमांक 167-दीक्षितपुरा जिला जबलपुर के मनीष जैन को सम्मानित किया गया। लोकसभा निर्वाचन 2024 संक्षिप्त पुनरीक्षण 2025 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के उपजिला निर्वाचन अधिकारी राजेश यादव, अनुभाग अधिकारी अनुकृति मिश्रा, सहायक अनुभाग अधिकारी सुजाता चिन्चोलकर, सहायक प्रोग्रामर प्रवास जैन और प्रोग्रामर विनय देशमुख को सम्मानित किया गया।
निबंध प्रतियोगिता के विजेता हुए सम्मानित
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 15वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के उपलक्ष्य में जिला स्तर पर “वोट जैसा कुछ नहीं, वोट जरूर डालेंगे हम” विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में चयनित शासकीय होल्कर विज्ञान महाविद्यालय इंदौर के रजनीश त्रिपाठी को प्रथम, शासकीय संजय गांधी स्मृति महाविद्यालय, गंजबासौदा विदिशा की सृष्टि तिवारी को द्वितीय और प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय छिन्दवाड़ा के मयंक विश्वकर्मा को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया। राज्यपाल ने नवीन मतदाताओं कुशआग्रे सेन, अभिलाषा केसरिया, आकृति लुइटेल, ऋषि श्रीवास्तव और गौरव जाट को ईपिक कार्ड वितरित किए।
राज्यपाल का पुष्प गुच्छ से किया स्वागत

राज्यपाल श्री पटेल का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुखवीर सिंह ने पुष्प-गुच्छ से स्वागत, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। श्री सिंह ने लोकसभा निर्वाचन 2024, मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम 2025 की विस्तार से जानकारी भी दी। कलेक्टर भोपाल कौशेन्द्र विक्रम सिंह ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव अभिषेक सिंह, भोपाल संभाग आयुक्त संजीव सिंह, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजेश कौल, स्टेट आईकन राजीव वर्मा, गोविन्द नामदेव, दिव्यंका त्रिपाठी दहिया, संजना सिंह और देशना जैन मंचासीन थे।
पहुंचविहीन दुर्गम गांव ललार में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने लगाई चौपाल
* ग्रामीणजनों की समस्याएं सुनकर निराकरण के दिए निर्देश
पन्ना। कलेक्टर सुरेश कुमार ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक सांई कृष्ण एस थोटा के साथ ललार गांव पहुंचकर ग्रामीणजनों से संवाद किया और समस्याएं सुनकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। अधिकारीद्वय ने ग्रामीणजनों से ग्राम के विकास संबंधी कई विषयों पर सामूहिक चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेकर आंगनबाड़ी केन्द्रों व विद्यालय संचालन एवं राशन वितरण के बारे में पूंछा। साथ ही सचिव एवं रोजगार सहायक को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ समस्त पात्र लोगों को प्रदान करने के निर्देश दिए। जनकल्याण अभियान के शिविरों में मिलने वाली अधिसूचित 45 योजनाओं व 63 सेवाओं के बारे में भी जानकारी ली। संबंधित पटवारी को फौती नामांतरण के समस्त प्रकरणों का अविलंब निराकरण सुनिश्चित कराने के लिए निर्देशित किया।
पीटीआर को दी गांव की 25 हेक्टेयर गैर वन भूमि
जिला कलेक्टर ने सभी कृषकों को खसरे की नकल व नक्शा की प्रति प्रदान करने के निर्देश दिए। इस दौरान जल जीवन मिशन की सिंघौरा-2 परियोजना में प्रभावित वन भूमि के बदले ग्राम ललार की लगभग 25 हेक्टेयर गैर वन भूमि पन्ना टाइगर रिजर्व (पीटीआर) को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। ग्रामवासियों द्वारा केन नदी के रपटा से आवागमन का एकमात्र रास्ता होने और गंगउ डैम से बगैर सूचना के पानी छोड़े जाने पर होने वाली समस्याओं के बारे में अवगत कराए जाने पर इनके निराकरण का भरोसा दिया गया। स्थानीय नागरिकों की मांग पर सामुदायिक भवन निर्माण के लिए आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र तैयार कराने की बात भी कही। इसके अलावा आगामी दिनों में शिविर के जरिए बैंकिंग सेवाओं तथा स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदान करने के बारे में भी ग्रामवासियों को अवगत कराया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा ग्रामीणजनों को जरूरी सुरक्षा प्रबंध के संबंध में आश्वासन दिया गया। भ्रमण के दौरान पन्ना टाइगर रिजर्व एवं जल निगम के अधिकारीगण तथा ग्राम पंचायत सरपंच भी उपस्थित रहे।
पन्ना टाइगर रिजर्व में सक्रिय है सागौन माफिया, जांच में अवैध कटाई का खुलासा

* राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल ने पन्ना बफर रेंज जंगल में की अवैध कटाई की जांच
* अजयगढ़ बीट के दो कम्पार्टमेंट की दो दिन चली जांच में मिले सागौन के 24 ठूंठ
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश का पन्ना टाइगर रिजर्व पिछले कुछ समय से गलत कारणों की वजह से चर्चा में बना है। कुछ समय पूर्व पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर एरिया (प्रतिबंधित क्षेत्र) में चारा लेने गई वृद्ध महिला पर टाइगर फैमिली द्वारा हमलाकर शव के कई अंगों को अपना निवाला बनाने की खौफनाक घटना सामने आई थी। हाल ही में पार्क के कोर क्षेत्र में घुसे आवार कुत्तों को टाइगर पर भौंकते हुए पर्यटकों ने देखा था और अब पन्ना टाइगर रिजर्व की पन्ना बफर रेंज अंतर्गत जलाऊ तथा इमारती लकड़ी की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। अवैध कटाई को लेकर समाचार पत्रों में आई ख़बरों में दावा किया गया था कि पन्ना बफर रेंज के लगभग 12 किलोमीटर क्षेत्र में 300 से अधिक वृक्षों की कटाई हुई है। जिसमें बहुतायत में सागौन के पेड़ शामिल हैं।
अवैध कटाई से जुड़े खुलासे को प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव द्वारा अत्यंत ही गंभीरता से लेते हुए राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल को मामले की जांच के लिए पन्ना भेजा गया। राज्य स्तरीय जांच दल द्वारा पन्ना बफर रेंज की सिर्फ एक बीट अजयगढ़ के दो वन कक्षों (कम्पार्टमेंट) 219 तथा 220 की दो दिन तक सघन जांच-पड़ताल की गई। इस दौरान सागौन की अवैध कटाई के साक्ष्य के तौर पर 24 ठूंठ चिन्हित किए। वहीं पखवाड़े भर पूर्व 29 दिसंबर को अजयगढ़ बीट में ही जलाऊ लकड़ी के 28 ठूंठ पाए गए थे। इससे एक बात तो साफ़ तौर पर जाहिर है कि पन्ना बफर रेंज के जंगल की अवैध कटाई लगातार जारी है, जिस पर प्रभावी रोक लगा पाने में मैदानी वन अमला पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है।
प्राप्त जानकारी अनुसार वन विभाग का राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल वनक्षेत्रपाल अमित साहू के नेतृत्व में गुरुवार 16 जनवरी को अवैध कटाई की जांच के सिलसिले में पन्ना पहुंचा। चार सदस्यीय दल के द्वारा पहले दिन पन्ना बफर रेंज की अजयगढ़ बीट के वन कक्ष क्रमांक 219 की जांच की गई। दूसरे दिन तीन टीमें गठित कर वन कक्ष क्रमांक 219 के शेष एरिया और 220 के चप्पे-चप्पे की सघन जांच की गई। इस दौरान अवैध कटाई के साक्ष्य के तौर पर कुल 24 ठूंठ (कटे हुए पेड़ों के अवशेष) पाए गए। अपनी बदनसीबी पर रोते ठूंठ और आसपास का नज़ारा चींख-चींखकर जंगल में जारी वृक्षों के क़त्ल-ए-आम की कहानी बयां कर रहे थे। जांच टीम के द्वारा सभी ठूंठों की नापजोख करने के पश्चात हैमर से उन पर नंबर दर्ज कर चिन्हांकन किया। जांच के दौरान पन्ना बफर रेंज के वन परिक्षेत्राधिकारी अमर सिंह, बीटगार्ड राघवेन्द्र यादव एवं अजयगढ़ के मीडियाकर्मी उपस्थित रहे। राज्य स्तरीय जांच टीम शुक्रवार शाम वापस भोपाल के लिए रवाना हो गई। जांच दल के द्वारा अवैध कटाई की रिपोर्ट सप्ताह भर के अंदर प्रधान मुख्य वन संरक्षक को सौंपी जाएगी।
अवैध कटाई को इस तरह समझें
राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा पन्ना टाइगर रिजर्व की पन्ना बफर रेंज की सिर्फ एकमात्र अजयगढ़ बीट के दो वनकक्षों की दो दिन जांच की गई। जिसमें सागौन की अवैध कटाई से संबंधित 24 ठूंठ पाए गए। इसके पहले 29 दिसंबर 2024 को रेंजर अमर सिंह को बीट निरीक्षण रोस्टर अनुसार अजयगढ़ बीट का निरीक्षण करने पर जलाऊ लकड़ी के 28 ठूंठ मिले थे। जिस पर वन अपराध प्रकरण कायम किया गया था। यहां गौर करने वाली बात यह है कि, पखवाड़े भर पूर्व अजयगढ़ बीट में निस्तारी (जलाऊ लकड़ी) ठूंठ मिलने के बाद भी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में घोर लापरवाही बरती गई। जिसका फायदा उठाकर सागौन तस्कर 24 वृक्षों को काटकर बड़ी मात्रा में बेशकीमती लकड़ी को जंगल से निकालकर सुरक्षित ठिकाने तक ले जाने में सफल हो गए। यह तो सिर्फ एक बीट की कहानी है! बता दें कि, पन्ना बफर रेंज का कुल क्षेत्रफल 10 हजार हेक्टेयर से अधिक है, जिसमें कुल 19 बीटें आती है और इन बीटों में 58 वन कक्ष (कम्पार्टमेंट) हैं। जानकारों का मानना है यदि सभी 19 बीटों के 58 वनकक्षों की गहन जांच कराई जाए तो अवैध कटाई सहित अन्य वन अपराधों का हैरान करने वाला सच सामने आ सकता है।
रात्रि में मुख्यालय से गायब रहते हैं रेंजर साहब
पन्ना जिले में कई वर्षों से पदस्थ पन्ना बफर रेंज प्रभारी अमर सिंह को लेकर पन्ना टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में अंदरखाने चर्चा है कि वर्तमान में वह पार्क के अधिकारियों के सबसे भरोसेमंद और चहेते रेंज ऑफिसर हैं। वहीं कुछ लोग तो मानते हैं कि मौजूदा पीटीआर प्रबंधन की आंख, कान और मुंह अमर सिंह बने हुए हैं। इसलिए पीटीआर के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके मामले में अघोषित तौर पर सात खून माफ़ जैसा नजरिया अपना रखा है। जिसका अंदाजा सिर्फ इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक ही तरह के मामलों में पार्क की अन्य रेंज और पन्ना बफर रेंज के रेंज ऑफिसर के लिए मानक-मापदंड अलग-अलग रहते हैं। जहां अन्य रेंज ऑफिसर के लिए अपने मुख्यालय में निवास करना अनिवार्य है वहीं प्रभारी रेंजर अमर सिंह को इसमें छूट प्राप्त है। चर्चा है कि वह प्रतिदिन बिना किसी अनुमति के अपना मुख्यालय छोड़कर लगभग 25 किलोमीटर दूर एनएमडीसी हिनौता में निवासरत अपने परिवार के साथ रात्रि विश्राम करने के लिए जाते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं वन परिक्षेत्र अंतर्गत वन मार्गों के निर्माण के लिए रेंजर साहब द्वारा मनमाने तरीके से बड़े पैमाने पर मुरुम की खुदाई कराई गई। इसकी जानकारी के बाद भी पार्क के जिम्मेदार अधिकारियों ने किसी तरह का कोई एक्शन लेना उचित नहीं समझा ।









