* पुलिस ने सीसीटीव्ही फुटेज जारी कर अफवाहों और तनाव फैलाने वालों से सतर्क रहने की अपील
* पुलिस ने जनभावना का ध्यान रखते हुए अज्ञात के खिलाफ के किया था मामला दर्ज
* घटना को लेकर समुदाय विशेष के खिलाफ फैलाई जा रही थी नफरत
पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश में अब आए दिन दो समुदायों के बीच टकराव की स्थिति निर्मित होने, छोटी-छोटी घटनाओं पर सांप्रदायिक तनाव फैलने से माहौल बिगड़ने, आपसी सौहार्द एवं शांति को क्षति पहुंचने की चिंताजनक ख़बरें सामने आ रहीं है। अच्छी बात यह है कि कई स्थानों पर इस तरह के मामलों में पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन बेहतर आपसी सामंजस्य, सूझबूझ और किसी दवाब में न आकर तत्परता से आवश्यक कार्रवाई करते हुए आपसी सौहार्द, कानून व्यवस्था तथा शांति को हर हाल में कायम रखने की चुनौती का सफलतापूर्वक मुकाबला करता दिख रहा है। पन्ना जिले की पुलिस ने भी ऐसा ही काम किया है। शनिवार को जिले के पवई क़स्बा में हनुमान जयंती के उपलक्ष्य पर निकाली गई शोभायात्रा के दौरान मांस के टुकड़े मिलने के मामले में साक्ष्य के साथ अहम खुलासा हुआ है। बताया गया कि सड़क पर पड़े मिले मांस को कुत्ते ने उगला था। पुलिस को अपनी गहन पड़ताल में फिलहाल किसी भी तरह की साजिश के साक्ष्य नहीं मिले। पुलिस ने अपने दावे के समर्थन में सीसीटीव्ही कैमरे का फुटेज जारी किया है। सच्चाई सामने लाने के साथ पुलिस ने नागरिकों से किसी तरह की अफवाहों में न आने और तनाव फैलाने वालों से सतर्क रहते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।

दरअसल, जिले के पवई में क़स्बा में शनिवार 12 अप्रैल 2025 की शाम हनुमान जयंती के अवसर पर हिंदुत्ववादी संगठनों द्वारा निकाली गई शोभायात्रा प्रमुख मार्गों से होते हुए सीएम राइस विद्यालय पहुंची थी। इसी दौरान रात्रि में करीब 9 बजे मार्ग पर मांस का टुकड़े पड़े मिलने पर बवाल मच गया। जिससे हिंदुत्ववादी संगठनों के कार्यकर्ता आक्रोशित हो उठे। शोभायात्रा को रोककर उग्र नारेबाजी शुरू कर दी। विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला यह कृत्य सुनियोजित साजिश के तहत किया गया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक सहित उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की थी। माहौल बिगड़ता देख प्रशासन हरकत में आया और नगर परिषद पवई के सफाई कर्मचारियों को बुलवाकर तत्काल सड़क को धुलवाया गया। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर समझाइश देकर शोभायात्रा को पुनः प्रारंभ कराया।

इस घटना के बाद नगर में कई तरह की चर्चाएं होने लगीं थी। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने घटनास्थल वाले इलाके को समुदाय विशेष की बस्ती बताते हुए उनके खिलाफ बेहद आपत्तिजनक-अपमानजनक टिप्पणी की गई। समुदाय विशेष के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रसित चंद लोगों ने घटना को लेकर उनके खिलाफ नफरत फैलाते हुए तनावपूर्ण माहौल बनाना शुरू कर दिया। इधर, जनमानस की भावनाओं को देखते हुए पुलिस द्वारा स्वतः संज्ञान लेते हुए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने तथा माहौल को बिगाड़ने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध दर्ज कर तत्परता से जांच शुरू की गई।

पुलिस ने जब घटनास्थल के के पास लगे हुए सीसीटीव्ही कैमरे के फुटेज खंगाले तो सड़क पर मांस के टुकड़े फेंकने के आरोप पूर्णतः असत्य साबित हुए। सीसीटीव्ही फुटेज से यह तथ्य सामने आया कि रात्रि लगभग 8.30 बजे शोभायात्रा पहुंचने के पूर्व वहां दो बच्चे खेलते नजर आ रहे हैं। इस बीच कुछ बाइक सवार उस रास्ते से गुजरते हैं और उस समय तक सड़क पूरी तरह साफ दिखाई देती है। इसके बाद एक कुत्ता उस स्थान पर आता है और अपने मुंह से सड़क किनारे कुछ उगला कर चला जाता है। जिसके तुरंत बाद सड़क पर कुछ पड़ा हुआ नजर आता है।

पवई थाना प्रभारी निरीक्षक त्रिवेंद्र त्रिवेदी ने पत्रकारों को बताया कि सीसीटीव्ही कैमरे देखने पर उक्त स्थान के आसपास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की मौजूदगी नहीं पाई गई। आसपास के लोगों से बारीकी से अन्य तथ्यों की जानकारी ली गई तो यह पता चला कि रात्रि 8.30 बजे के आसपास कोई भी बाहरी व्यक्ति उस मोहल्ले में नहीं आया। जांच में पाया गया कि उक्त मांस के टुकड़े मुर्गे के चूजे के अपशिष्ट एवं चमड़ी थे जिसे कुत्ते द्वारा सड़क पर उगला गया। उन्होंने बताया, इसके बाद भी घटना के अन्य पहलुओं पर भी बारीकी से जांच की जा रही है यदि किसी व्यक्ति के द्वारा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का कृत्य करना पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। पुलिस द्वारा लोगों से किसी प्रकार की अफवाहों एवं माहौल को बिगाड़ने वाले लोगों से सतर्क रहकर शांतिपूर्ण तरीके से आगामी त्यौहारों को मनाने की अपील की गई है, जिससे क्षेत्र में शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण स्थापित रहे।
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कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कवि साहित्यकार लक्ष्मी नारायण चिरोल्या ने किया। आभार प्रदर्शन कार्यक्रम के संयोजक मोहम्मद आजाद कादरी द्वारा किया गया। कार्यक्रम की आयोजक वार्ड क्रमांक-06 की पार्षद रहीसा बेगम रहीं। इस अवसर पर नगर परिषदअध्यक्ष प्रतिनिधि लल्लू गुप्ता ,पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा, हीरा लाल गुप्ता, बब्लू कुशवाहा, राकेश गर्ग एडवोकेट, नारायण दास रजक ,शहजाद राइन, आकाश जाटव, जयराम पाठक, मोहम्मद महबूब राइन, होशियार पठान, रियाज उल्ला, डिप्टी रेंजर राजाराम कोंदर, मोहम्मद लियाकत राइन, तबरेज राइन ,गोलु बेग, अफसर खान, किसवर खान, मोहम्मद शाहरुख, मुबीन राइन, पत्रकार एवं समाजसेवी संजय सिंह राजपूत, पत्रकार राजेश रावत, पत्रकार वीरेंद्र सिंह यादव, मनीष सारस्वत, अनिल गुप्ता, चंद्र प्रकाश सेन, अकरम खान, प्रदीप साहू साहिल राइन, मेराज अली सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।




बता दें कि, 2018 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बेहद चौंकाने वाला निर्णय लेते हुए पूर्व मंत्री सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले की परंपरागत सीट पन्ना से उनका टिकिट काटकर वर्तमान विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह को दे दिया गया था। तभी से मेहदेले अपनी पार्टी से नाराज चल रहीं। अपने मुखर अंदाज के लिए जानीं जाने वाली मेहदेले की नाराजगी समय-समय पर उनके बेबाक बयानों से साफ़ जाहिर होती रही है। राजनीतिक रूप से हांसिये पर चल रहीं वरिष्ठ नेत्री मेहदेले ने पिछले कुछ समय से अपनी सामाजिक सक्रियता काफी बढ़ा दी है। वे प्रदेश में लोधी समाज समेत पिछड़े वर्ग की अन्य जातियों को गोलबंद करने की मुहिम में पूरी शिद्दत के साथ जुटीं है। इसका पता उस समय चला जब पिछले साल 2024 में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की जयंती के अवसर पर पन्ना में आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री कुसुम मेहदेले ने एमपी में लोधी समाज का सीएम बनाने को लेकर बयान दिया था। उनके इस बयान ने सूबे की सियासत में हलचल मचा दी थी। सुश्री महदेले ने कहा था कि, मध्य प्रदेश में लोधी-कुर्मी समाज के लोग अच्छी खासी तादाद में है। हम विधानसभा की एक तिहाई सीटें जीतकर अपना मुख्यमंत्री बना सकते हैं। इस बयान के बाद से ही मेहदेले की मुहिम पर प्रदेश की दोनों ही मुख्य पार्टियां अपनी नजर बनाए हुए हैं।