मुख्यमंत्री कमलनाथ के छिन्दवाड़ा पहुँचने पर जन आभार रैली में भव्य एवं आत्मीय स्वागत
* पूरे शहर में सजाये वन्दनद्वार, अपने चहेते नेता अगवानी में की पुष्प वर्षा
भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री कमलनाथ के आज छिन्दवाड़ा पहुँचने पर नागरिकों ने जन आभार रैली में उनका भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया। श्री नाथ के स्वागत के लिये अपार जनसमुदाय इमलीखेड़ा हवाई पट्टी के बाहर उमड़ पड़ा। लोगों में आत्मीय स्वागत की आतुरता स्पष्ट देखने को मिली।

मुख्यमंत्री कमल नाथ नागरिकों का अभिवादन स्वीकार करते हुए हवाई पट्टी से जन आभार रैली में पोला ग्राउण्ड के लिये रवाना हुए। पूरे मार्ग को जगह-जगह वन्दनद्वारों से सजाया गया था। सैंकड़ों की तादाद में विभिन्न समुदायों, व्यापारियों, संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शासकीय विभागों के कर्मचारियों, समाज के प्रत्येक वर्ग के प्रतिनिधियों के समूह द्वारा स्टॉल सजाकर स्वागत द्वार बनाये गये। सभी ने मुख्यमंत्री कमल नाथ पर पुष्प वर्षा के साथ ही माल्यार्पण कर उनका आत्मीय स्वागत किया। रैली में लोक नृतकों ने जगह-जगह लोक नृत्य भी प्रस्तुत किये।
युवाओं और महिलाओं की चुनौतियाँ अब हमारी
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि किसानों, युवाओं और महिलाओं के हितों के संरक्षण और विकास के लिये मध्यप्रदेश सरकार सदैव तत्पर रहेगी। उनकी चुनौतियाँ अब हमारी होंगी। प्रदेश में कृषि आधारित अर्थ-व्यवस्था को मजबूत किया जायेगा। युवाओं के लिये बेहतर रोजगार, महिलाओं की उन्नति और सुरक्षित वातावरण निर्माण के लिये राज्य सरकार वचनबध्द है। मुख्यमंत्री श्री नाथ छिंदवाड़ा में विशाल आभार सभा को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा 2.70 अरब की लागत के 36 निर्माण कार्यो का भूमि-पूजन और लोकार्पण
भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री कमल नाथ ने आज छिन्दवाड़ा में 11 विभागों के 2 अरब 70 करोड़ 24 लाख रूपये लागत के 36 निर्माण कार्यो का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। इसमें एक अरब 99 करोड़ 62 लाख रूपये के 22 निर्माण कार्यो का भूमि-पूजन और 70 करोड़ 62 लाख रूपये लागत के 14 निर्माण कार्यो का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री कमल नाथ ने किसान कल्याण तथा कृषि विभाग के अंतर्गत जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्व विद्यालय जबलपुर के एक अरब 34 करोड़ 44 लाख रूपये लागत के कृषि उद्यानकी महाविद्यालय का भूमि-पूजन किया।
मुख्यमंत्री ने संभागीय परियोजना यंत्री लोक निर्माण पी.आई.यू. विभाग के 19 करोड़ 75 लाख रूपये लागत के 9, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 5 करोड़ 84 लाख रूपये लागत के 4, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 3 करोड़ 19 लाख रूपये लागत के 5, नगर पालिक निगम छिन्दवाड़ा के 13 करोड़ 35 लाख रूपये लागत के एक और नवीन एवं नवीकरणीय विभाग के 22 करोड़ 2 लाख रूपये लागत के एक निर्माण कार्य का भी भूमि-पूजन किया। उन्होंने संभागीय परियोजना यंत्री लोक निर्माण पी.आई.यू. विभाग के 7 करोड़ 11 लाख रूपये लागत के 5, लोक निर्माण विभाग के 54 करोड़ 70 लाख रूपये लागत के एक, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 2 करोड़ 32 लाख रूपये लागत के 5 और पुलिस विभाग के 6 करोड़ 49 लाख रूपये लागत के 3 निर्माण कार्यो का लोकार्पण भी किया।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह ने सम्हाला कार्यभार, बोले- “हर नागरिक को बुनियादी सुविधाएँ मिलें, यह सुनिश्चित हो”

* अधिकारियों को दी हिदायत सहन नहीं होगा भ्रष्टाचार
भोपाल। रडार न्यूज नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह ने आज अपने मंत्रालय का कार्यभार सम्हालने के बाद अधिकारियों की बैठक में कहा कि प्रदेश के हर नागरिक को बुनियादी सुविधाएँ मिलें, यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार सहन नहीं होगा और बेहतर काम करने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा। जयवर्धन सिंह ने अपरान्ह में अपने मंत्रालय का कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। श्री सिंह ने अधिकारियों से कहा कि इस प्रदेश का हर नागरिक हमारा वोटर है। एक कल्याणकारी सरकार से उसकी जो अपेक्षाएं हैं, वह पूरी हों, यह जवाबदारी हमारी है। उन्होंने कहा कि “हर शहर और नगर की अपनी खूबियाँ होती हैं। उनका संरक्षण करने के साथ वहाँ की कमियाँ दूर हों, यह हमारा लक्ष्य है। श्री सिंह ने कहा कि वे शीघ्र ही नगरीय विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे और उसके बाद समग्र विकास का रोडमेप तैयार किया जायेगा।“
फिजूलखर्ची रोकने की कवायद शुरू : वाहन क्रय सहित अन्य खर्चों में कटौती, मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश पर वित्त विभाग ने जारी किये आदेश
* प्रतिबंध से अस्पताल, आंगनवाड़ी, आश्रम विद्यालय को दी छूट
भोपाल। रडार न्यूज प्रदेश में फिजूलखर्ची पर रोक लगाने की कवायद शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश पर वित्त विभाग ने विभिन्न खर्चों पर प्रतिबंध लगाने संबंधी आदेश जारी कर दिये हैं। प्रदेश में अब नवीन वाहनों की खरीदी पर इस वित्तीय वर्ष की शेष अवधि में पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही एयरकण्डीशनर समेत अन्य विलासिता संबंधी उपकरणों की खरीदी पर भी रोक लगा दी गई है।
वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश में राजस्व विभाग (शासकीय मुद्रणालय) को छोड़कर अन्य विभागों, निगम, मण्डलों आदि द्वारा वर्ष 2019 के लिये डायरी, कैलेण्डर के मुद्रण पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसी के साथ, कार्यालयों की मरम्मत, संधारण, कार्यालयीन सामग्री और अन्य कार्यों पर वित्तीय नियंत्रण रखने के लिये खर्चे की सीमा तय की गई है। वर्ष 2018-19 का इन मदों-कार्यों के लिये आवंटित बजट अथवा वर्ष 2017-18 में इन मदों-कार्यों पर हुए व्यय में से, जो भी कम है, उसे खर्चे की सीमा के रूप में निर्धारित किया गया है। खर्चे की यह सीमा कार्यालयीन फर्नीचर, पुस्तकें, पत्रिकाएँ और लेखन सामग्री की खरीदी, आतिथ्य व्यय, मुद्रण एवं प्रकाशन, कंसल्टेंसी सर्विसेस, विशेष सेवाओं के लिये मानदेय, सुरक्षा, सफाई, परिवहन व्यवस्था, मशीन और उपकरणों का संधारण, वाहन संधारण, फर्नीचर संधारण आदि के लिये निर्धारित की गई है।
अस्पताल, आंगनवाड़ी, आश्रम विद्यालय को छूट
राज्य सरकार ने आवश्यक श्रेणी में व्ययों को प्रतिबंध से छूट प्रदान की है। विदेशी सहायता प्राप्त परियोजनाएँ, केन्द्रीय क्षेत्रीय योजनाएँ और प्राप्त केन्द्रीय अनुदान को प्रतिबंध से छूट दी गई है। इसके साथ ही, छात्रावास, आश्रम विद्यालय, अस्पताल, जेल, पशु चिकित्सालय और आँगनवाड़ी में लगने वाली आवश्यक दवाइयाँ और खास सामग्री की पूर्ति मद में भी व्यय सीमा में प्रतिबंध की छूट रहेगी। राज्य शासन ने अस्पतालों में उपचार कार्य में उपयोग में आने वाली सामग्री लिनिन, गॉज, बैण्डेज और अन्य सामग्री की खरीदी पर भी छूट प्रदान की है। वित्त विभाग ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में मितव्ययता संबंधी आदेश के साथ विभागों को आवश्यक निर्देश भी जारी किये हैं।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने “नन्ही खुशियाँ ” बस को दिखाई हरी झण्डी
भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री कमल नाथ ने आज यहाँ निवास पर “नन्ही खुशियाँ” कार्यक्रम में शामिल हो रहे बच्चों को शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों की बस को हरी झण्डी दिखा कर रवाना किया। श्री नाथ ने सामाजिक सरोकार की इस पहल की सराहना की। बच्चों ने मुख्यमंत्री श्री नाथ को बधाई दी। एक समाचार पत्र द्वारा यह कार्यक्रम अनाथ बच्चों को एक दिन की खुशियाँ देने के लिये आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में करीब 55 बच्चे शॉपिंग मॉल में घूमेंगे और लंच भी करेंगे।
“प्रशासनिक अधिकारियों के अनुभव की विविधता ही उनकी पूंजी”
* मुख्यमंत्री कमल नाथ ने मुख्य सचिव बी. पी. सिंह को दी औपचारिक विदाई
भोपाल। रडार न्यूज मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि भारत ही शायद ऐसा एकमात्र देश है, जहाँ प्रशासनिक अधिकारी को अपने सेवाकाल के दौरान सर्वाधिक अनुभव होते हैं। अनुभव की विविधता ही उनकी पूंजी बन जाती है और सेवाकाल समाप्त होते-होते वे ज्ञान का जलाशय बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह भी विचार करने की आवश्यकता है कि समृद्ध अनुभवों का लाभ प्रदेश और समाज को कैसे और किस रूप में मिले। श्री नाथ ने आज यहां मंत्रालय में सेवानिवृत हो रहे मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह को औपचारिक विदाई दी। श्री नाथ ने कहा कि श्री सिंह ने कर्तव्यनिष्ठा और कर्मठता के साथ प्रदेश को अपनी सेवाएँ दी हैं । प्रशासनिक सेवा में उनके योगदान को याद रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को अचीवमेंट और फुलफिलमेंट का हमेशा ध्यान रखना चाहिये और लक्ष्य तय करना चाहिये। उन्होने कहा कि दोनों में संतुलित मिलाप होना चाहिये। प्रशासनिक सेवा से जुड़े अधिकारियों को हमेशा फुलफिलमेंट की तरफ बढ़ना चाहिए क्योंकि उन्होंने सेवा में चयनित होकर अचीवमेंट तो पहले ही हासिल कर लिया है। श्री नाथ ने विनोदपूर्ण लहजे में कहा कि हर प्रशासनिक सेवक सेवानिवृत्त होता है लेकिन राजनीति में सेवानिवृत्ति जनता तय करती है।
मुख्यमंत्री साफ नजरिया रखने वाले राजनेता
सेवानिवृत्त हो रहे मुख्य सचिव श्री सिंह ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री कमल नाथ के साथ काम करने का बहुत कम समय मिला। उन्होंने कहा कि श्री नाथ एक साफ नजरिया रखने वाले राजनेता है। उनके निर्देशों में स्पष्टता होती है। इसलिए उनके परिणाम भी अच्छे और जल्दी मिलते हैं । मुख्यमंत्री ने श्री सिंह को स्मृति स्वरूप उपहार भेंट किया। अपर मुख्य सचिव प्रभांशु कमल ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन श्रीमती अरुण रश्मि शमी ने आभार व्यक्त किया।
हीरों की नीलामी | मजदूर बना करोड़पति, 42 कैरेट का नायाब हीरा 2.55 करोड़ में बिका
* झाँसी के ज्वेलर्स राहुल अग्रवाल ने सर्वोच्च बोली लगाकर हीरा खरीदा
* 57 साल बाद मजदूर मोतीलाल को मिला था दूसरा सबसे बड़ा हीरा
* पन्ना में एक और मजदूर को मिला उज्जवल क़िस्म का हीरा
शादिक खान, पन्ना। रडार न्यूज हीरों के खनन लिए विश्व विख्यात मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में करीब ढ़ाई माह पूर्व मजदूर मोतीलाल प्रजापति को मिला उज्जवल किस्म का बेशकीमती नायाब हीरा 2 करोड़ 55 लाख रुपये में बिका है। 42 कैरेट 59 सेंट वजन के इस हीरे को पन्ना में चल रही हीरों की नीलामी में झाँसी, उत्तर प्रदेश के ज्वेलर्स राहुल अग्रवाल ने सर्वोच्च बोली लगाकर खरीदा है। इस हीरे के लिए 6 लाख रुपये प्रति कैरेट की दर से बोली लगाई गई। उधर, नीलामी में उम्मीद से अधिक राशि मिलने से मजदूर मोतीलाल और उसके भाई रघुवीर प्रजापति करोड़पति बन गए हैं। हीरे की चमक से दुर्दिन रुपी अँधेरा मिटने और सम्मानपूर्वक खुशहाल जिंदगी की तमन्ना पूरी होने की ख़ुशी दोनों भाईयों के चेहरों पर साफ़ झलक रही है। इनकी जिंदगी ने जिस तेजी से करवट ली है, उससे एक बार फिर यह यह साबित हुआ है कि “रत्नगर्भा वसुंधरा पन्ना में लोगों की किस्मत चमकते देर नहीं लगती, यहां किस्मत जब किसी पर मेहरबान होती है तो वह एक झटके में ही रंक से राजा बन जाता है।”
महीने भर की मेहनत में हुए मालामाल

मालूम होकि जिला मुख्यालय पन्ना के समीप ग्राम कृष्णा कल्याणपुर में पट्टा लेकर हीरे की उथली खदान लगाने वाले मजदूर मोतीलाल प्रजापति और उसके भाई को महज महीने भर की मेहनत में ही 9 अक्टूबर 2018 को 42 कैरेट 59 सेंट का उज्जवल किस्म का बेशकीमती नायाब हीरा मिला था। पन्ना जिले की उथली हीरा खदानों में पिछले 57 साल में मिले नायब हीरों की सूची में यह दूसरा सबसे बड़ा और जैम क्वॉलिटी का हीरा है। जिला मुख्यालय पन्ना में स्थित देश के एकमात्र हीरा कार्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार पूर्व में 15 अक्टूबर 1961 में पन्ना के ही रसूल मोहम्मद को महुआटोला की उथली खदान में 44 कैरेट 55 सेंट का सबसे बड़ा हीरा मिला था।
सम्मानपूर्वक करेंगे जीवन यापन

बहुमूल्य हीरे को अच्छा भाव मिलने की खबर फैलने के बाद से मोतीलाल प्रजापति और उसके भाईयों के घर पर उत्सव जैसा माहौल है। रंक से राजा बने प्रजापति परिवार के सदस्यों की ख़ुशी का ठिकाना नहीं है। पन्ना के बेनीसागर मोहल्ला स्थित इनके घर पर दोपहर से ही परचितों और रिश्तेदारों का आना-जाना लगा है। श्रमिक मोतीलाल ने “रडार न्यूज” को बताया कि ईश्वर की असीम अनुकंपा उसे बहुमूल्य हीरे के रूप में छप्पर फाड़कर मिल गया है। वह खुद को भाग्यशाली मानता कि उसे महज महीने भर की मेहनत में ही बेशकीमती बड़ा हीरा मिल गया जबकि अधिकांश लोग पूरी जिंदगी खदान खोदते रहते हैं और उन्हें एक अदद हीरा नहीं मिलता। मोतीलाल ने कहा कि हीरे की बिक्री से जो राशि प्राप्त होगी उसे वह और उसके भाई आपस में बांट लेंगे। अपने बच्चों का विवाह करने के बाद शेष राशि से वह कोई व्यवसाय करेंगे ताकि मजदूरी छोड़कर सम्मानपूर्वक जीवनयापन संभव हो सके।
एक और मजदूर की चमकी किस्मत




छिन्दवाड़ा कलेक्टर डॉ. श्रीनिवास शर्मा ने जनसभा में जिले में भविष्य के लिये स्वीकृत विकास और जन-कल्याणकारी कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कार्य की लागत और पूर्ण होने की समय-सीमा भी बताई। बताया गया कि जिले में कृषि महाविद्यालय खोला जायेगा। जुन्नारदेव, तामिया, हर्रई एवं बिछुआ में कृषि उपज उप मंडी प्रारंभ की जायेगी। छिन्दवाड़ा नगरीय क्षेत्र में एक मार्च से प्रति दिन नियमित रूप से पेयजल की सप्लाई की जायेगी। छिन्दवाड़ा शहर के इंदिरा तिराहे से गांगीवाड़ा तक 8.10 किलोमीटर लंबे मार्ग को 22 करोड़ की लागत से चौड़ा किया जायेगा। छिन्दवाड़ा नगरीय क्षेत्र में मुख्यमंत्री आश्रय योजना के एक हजार 223 हितग्राहियों को एक माह के भीतर आवासीय पट्टे दिये जायेंगे। वन विभाग द्वारा जिले के एक हजार 100 युवाओं को रोजगारमूलक प्रशिक्षण दिया जायेगा। छिन्दवाड़ा में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के भवन और प्रयोगशाला का निर्माण करवाया जायेगा।
कलेक्टर ने बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत जिले में लगभग 1,426 करोड़ रूपये का निवेश पेयजल व्यवस्था के लिये किया जायेगा। इसमें मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा जिले के 711 गाँवों में 1017 करोड़ की लागत से समूह पेयजल योजना क्रियान्वित कर आगामी 30 महीने में सभी ग्रामों के प्रत्येक घर में नल कनेक्शन से पानी उपलब्ध कराया जायेगा। इससे विकासखण्ड मोहखेड़ के 153, छिन्दवाड़ा के 107, परासिया के 131, चौरई के 180, बिछुआ के 70, अमरवाड़ा के 63 और जामई के 7 ग्रामों के ग्रामवासी लाभान्वित होंगे। निगम के माध्यम से ही मोहगाँव बांध के जल-स्रोत से 369 करोड़ रूपये लागत की 288 गाँवों की समूह पेयजल योजना बनायी जायेगी। इससे पांढुर्णा के 159 और सौंसर के 129 गाँव के ग्रामवासी लाभान्वित होंगे। ग्राम शिकारपुर में 20 लाख की लागत से आगामी 3 माह में दो नये हैंड पम्प और वर्तमान नल-जल योजना के पुनरूद्धार-सुदृढ़ीकरण का कार्य पूरा किया जायेगा।
जिले के ग्रामों में स्थापित 990 नल-जल योजनाओं में सुधार की आवश्यकता वाली 150 योजनाओं का आगामी 3 माह में सुधार और नये पेयजल-स्रोतों का निर्माण किया जायेगा। जिले के 3 नगरीय निकायों परासिया, चांदामेटा और बड़कुही एवं 5 ग्रामों भाजीपानी, भमोड़ी, जाटाछापार, इकलहरा और अम्बाड़ा में संचालित पेंचव्हेली समूह पेयजल योजना में 22 करोड़ का निवेश कर इसका उन्नयन किया जायेगा। साथ ही 7 नये गाँव नजरपुर, जमकुंडा, सुकरी, दातला, डुंगरिया, पनारा और पालाचौरई को इस योजना से जोड़ा जायेगा। सिंचाई विभाग के अंतर्गत बहुउद्देश्यीय पेंच परियोजना के डिस्ट्रीब्यूटरी केनाल के पास केनाल की ऊपरी जमीनों में बड़ी संख्या में कम गहरे कुएँ खोदकर सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी तथा चोटल डैम के निचले क्षेत्र में पेंच और कुलबहरा नदी पर श्रृंखलाबद्ध रूप से बैराज और स्टाप डेम बनाये जायेंगे, जिससे नदियों के किनारे सिंचाई हो सके।










कमलेश्वर पटेल – पंजायत और ग्रामीण विकास विभाग