* जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम में हुए अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर
* जनवार ग्राम में 25 एकड़ भूमि पर कॉलेज निर्माण प्रस्तावित
पन्ना। शासन द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में पन्ना जिले को महत्वपूर्ण सौगात प्रदान की गई है। सोमवार 25 अगस्त को जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में पन्ना सहित चार जिलों में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर स्थापित होने वाले नए चिकित्सा महाविद्यालय के लिए संबंधित निवेशक समूहों के साथ अनुबंध पत्रों पर हस्ताक्षर एवं आदान-प्रदान भी किए गए। पन्ना में विवेकानंद बोधी नॉलेज फाउंडेशन की रूचि कपूर को इस आशय का पत्र सौंपा गया।
स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए यह पहल मील का पत्थर साबित होगी। पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने की शुरुआत के फलस्वरूप मेडिकल कॉलेज में 75 प्रतिशत सीटें विद्यार्थियों को निःशुल्क उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मात्र 1 रुपए में 25 एकड़ जमीन देकर पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज खोलने का नवाचार किया है, जिसके तहत जनवार में 100 एमबीबीएस सीट क्षमता के चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
पन्ना में निजी भागीदारी से पीपीपी मॉडल पर बनने वाले मेडिकल कॉलेज के अनुबंध हस्ताक्षर कार्यक्रम के मौके पर जिला मलेरिया कार्यालय के निकट स्थित जिला प्रशिक्षण केन्द्र में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर सुरेश कुमार सहित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तिवारी और जिला परिवार कल्याण अधिकारी एवं आयुष्मान के नोडल अधिकारी डॉ. एन.के. गुप्ता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों को वय वंदना कार्ड का वितरण किया गया। साथ ही मातृ-शिशु सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाली योजनाओं और डिजिटल नवाचार के रूप में स्मार्ट चैटबॉट की कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी दी गई। अन्य नवीन स्वास्थ्य कार्याक्रमों के बारे में भी अवगत कराया गया। इस कार्यक्रम में उपस्थितजनों ने एलईडी स्क्रीन के जरिए जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा।
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जिला अस्पताल पन्ना की व्यवस्था सुधारने को लेकर जिले के जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी तनिक भी संवेदनशील नहीं हैं। डॉक्टरों के रिक्त पदों की पूर्ति करवाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए जनप्रतिनिधि आजकल स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की बात आने पर मेडीकल कॉलेज का झुनझुना बजाने लगते हैं। पड़ोसी जिला छतरपुर समेत अन्य जिलों में जहां 7 से 10 वर्ष पूर्व मेडिकल कॉलेज स्वीकृत हुए थे वे आज किस स्थिति में हैं, क्या उनका लाभ मिल रहा है, लोगों को इस पर गौर करने की जरुरत है। दरअसल भोपाल, दिल्ली के नामी निजी अस्पतालों में अपना इलाज करवाने वाले जनप्रतिनिधियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि पन्ना में डॉक्टर है या नहीं हैं और जिला चिकित्सालय की व्यवस्था कैसी है। वहीं उपलब्ध संसाधनों में ही व्यवस्था को बेहतर बनाने और समय-समय पर जिला अस्पताल का नियमित रूप से आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को जांचने-परखने से प्रशासनिक अधिकारियों को भी कोई लेना-देना नहीं है। जानकर बताते हैं यदि डॉक्टर्स टाइम से ड्यूटी पर आएं, जिन विभागों में 2 या उससे अधिक विशेषज्ञ हैं उनमें एक डॉक्टर्स भर्ती मरीजों का चेकअप करें और एक डॉक्टर ओपीडी मरीजों का परीक्षण करें तथा शाम की ओपीडी में नियमित रूप से डॉक्टर्स उपस्थिति दर्ज कराएं तो काफी हद तक मरीजों को राहत मिल सकती है।
जिला अस्पताल पन्ना में पदस्थ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीलम पटेल पिछले कुछ समय से चाइल्ड केयर लीव पर हैं। हालांकि, वे अस्पताल परिसर में ही स्थित अपने शासकीय आवास पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में पहुंचने वाली महिला रोगियों को लगातार परामर्श दे रहीं थी। जिसकी शिकायत एक व्यक्ति द्वारा कलेक्टर से करने और बंगले में जुटी मरीजों की भीड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने से नाराज डॉ. नीलम पटेल ने गुरुवार दोपहर 3 बजे से मरीजों को देखना पूर्णतः बंद कर दिया। महिला चिकित्सक के इस निर्णय महिला मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। मरीजों का कहना है जिले की आबादी लगभग 12 लाख है, इसमें आधी आबादी यानी महिलाओं के लिए जिले में सिर्फ तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। डॉक्टरों के वर्षों से खाली पड़े पदों को की पूर्ती के लिए जनहित सार्थक पहल करने के बजाए अनावश्यक शिकवा-शिकायत करके महिला चिकित्सक को परेशान करना गलत है। वहीं डॉ. नीलम पटेल का कहना है, मैं अपने अवकाश का उपभोग कैसे करतीं हूं यह मेरा निजी निर्णय है, इसमें अन्य कोई व्यक्ति हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। उन्होंने शिकायतकर्ता पर उन्हें बदनाम करने का आरोप भी लगाया है। इस घटनाक्रम को लेकर लोगों के बीच चर्चाएं डॉ. नेहा खटीक, डॉ. श्रद्धा दक्ष की तरह डॉ. नीलम पटेल को भी सुनियोजित तरीके से परेशान करके पन्ना से भगाने की साजिश की जा रही है।







दिव्तीय पृष्ठ-02

सांस्कृतिक कार्यक्रम के सीनियर वर्ग में शासकीय आर.पी. उत्कृष्ट उ.मा. विद्यालय क्रमांक 1 पन्ना को प्रथम, सांदीपनि विद्यालय पन्ना को द्वितीय और महर्षि विद्या मंदिर उ.मा. विद्यालय पन्ना को तृतीय स्थान मिला। इसी तरह जूनियर वर्ग में सरस्वती उ.मा. विद्यालय पन्ना को प्रथम, ब्लू स्काई स्कूल पन्ना को द्वितीय और लिस्यू आनंद विद्यालय को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। सशस्त्र बल परेड वर्ग में जिला पुलिस बल पुरूष की टुकड़ी को प्रथम, विशेष सशस्त्र बल की 10वीं वाहिनी को द्वितीय और होमगार्ड की टुकड़ी को तृतीय स्थान मिला। इसी तरह गैर शस्त्र परेड के सीनियर वर्ग में वन विभाग उत्तर वन मंडल की टुकड़ी को प्रथम, शासकीय छत्रसाल महाविद्यालय पन्ना की एनसीसी टुकड़ी को द्वितीय एवं एनसीसी सीनियर महिला टुकड़ी को तृतीय स्थान मिला, जबकि जूनियर परेड वर्ग में एनसीसी जूनियर विंग को प्रथम, शासकीय मनहर कन्या उ.मा. विद्यालय पन्ना के गाइड दल को द्वितीय एवं स्काउट दल को तृतीय स्थान मिला। कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों एवं शिक्षकगण ने मानव श्रृंखला बनाकर देशप्रेम की भावना विकसित करने और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान का संदेश दिया। इसमें उपस्थित अतिथियों ने भी सहभागिता कर तिरंगा लहराया।
उल्लेखनीय है कि, शासन के निर्देशानुसार जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में पहली बार एलईडी स्क्रीन के माध्यम से मुख्यमंत्री के संदेश के लाइव टेलीकास्ट की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान सुबह आधा घंटे तक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उद्बोधन को उपस्थितजनों द्वारा कार्यक्रम स्थल पर देखा एवं सुना गया। इसके उपरांत मुख्य अतिथि एवं जिला कलेक्टर द्वारा अपने संक्षिप्त उद्बोधन में जिलेवासियों को आजादी के पर्व की बधाई दी गई।






सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार उत्तर वन मण्डल की अजयगढ़ रेंज अंतर्गत अटल भू-जल योजना से कुछ माह पूर्व निर्मित करीब 25 लाख की लागत का तालाब पहली बारिश में ही गुब्बारे की तरह फूट गया। अजयगढ़ रेंज की धवारी बीट में भी नवनिर्मित तालाब फूटा है। धावरी बीट में ही वर्ष 2025 में कैम्पा मद तथा आरडीएफ (विकास) से वर्ष 2022 से हुए पौधरोपण के नजदीक स्थित परकोलेशन टैंक और परकोलेशन पिट भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। धरमपुर रेंज अंतर्गत सिल्हाई बीट में निर्मित परकोलेशन टैंक के फूटने के वीडियो और तस्वीरें भी निकलकर आई हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो अजयगढ़ एवं धरमपुर रेंज की अन्य बीटों में भी अटल भू-जल योजना के तालाब फूटे हैं। साथ ही उत्तर वन मण्डल के अन्य वन परिक्षेत्रों देवेन्द्रनगर, पन्ना एवं विश्रामगंज में अन्य योजनाओं से बने तालाबों-परकोलेशन टैंक, परकोलेशन पिट के क्षतिग्रस्त होने की चर्चाएं भी दबी जुबान विभाग के अंदरखाने चल रही हैं।
अवैध शराब पकड़ने की सूचना मिलने पर सोमवार मध्य रात्रि में क्षेत्र के आबकारी निरीक्षक हरीश पांडेय रैपुरा पहुंचे। इस दौरान जब उनकी मौजूदगी में शराब परिवहन परमिट में दर्ज बैच नम्बर एवं शराब की पेटियों-बोतलों में अंकित बैच नंबर की जांच की गई तो दोनों में कथित भिन्नता पाई गई। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि, बैच नंबर में भिन्नता पाए जाने पर प्रथम दृष्टया अवैध शराब का मामला प्रतीत होने के बाद भी आबकारी निरीक्षक ने आबकारी एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध नहीं किया। नियमानुसार कार्यवाही न होने आक्रोशित भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ता पूरी रात और मंगलवार 12 अगस्त को रात्रि 11 बजे तक रैपुरा थाना के बाहर धरना-प्रदर्शन करते रहे। स्थानीय पुलिस बल द्वारा उन्हें थाना परिसर को खाली करने के लिए धमकाया गया जिसके चलते कई बार पुलिस से उनकी नोंकझोक भी हुई। कार्यकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया जब तक प्रकरण पंजीबद्ध करने की न्यायोचित मांग पूरी नहीं होती वे थाना परिसर में ही डटे रहेंगे।
