Home Blog Page 15

पन्ना में निजी भागीदारी से पीपीपी मॉडल पर बनेगा मेडिकल कॉलेज

0

*    जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम में हुए अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर

  जनवार ग्राम में 25 एकड़ भूमि पर कॉलेज निर्माण प्रस्तावित

पन्ना। शासन द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में पन्ना जिले को महत्वपूर्ण सौगात प्रदान की गई है। सोमवार 25 अगस्त को जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में पन्ना सहित चार जिलों में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर स्थापित होने वाले नए चिकित्सा महाविद्यालय के लिए संबंधित निवेशक समूहों के साथ अनुबंध पत्रों पर हस्ताक्षर एवं आदान-प्रदान भी किए गए। पन्ना में विवेकानंद बोधी नॉलेज फाउंडेशन की रूचि कपूर को इस आशय का पत्र सौंपा गया।
स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए यह पहल मील का पत्थर साबित होगी। पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने की शुरुआत के फलस्वरूप मेडिकल कॉलेज में 75 प्रतिशत सीटें विद्यार्थियों को निःशुल्क उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मात्र 1 रुपए में 25 एकड़ जमीन देकर पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज खोलने का नवाचार किया है, जिसके तहत जनवार में 100 एमबीबीएस सीट क्षमता के चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
पन्ना में निजी भागीदारी से पीपीपी मॉडल पर बनने वाले मेडिकल कॉलेज के अनुबंध हस्ताक्षर कार्यक्रम के मौके पर जिला मलेरिया कार्यालय के निकट स्थित जिला प्रशिक्षण केन्द्र में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर सुरेश कुमार सहित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तिवारी और जिला परिवार कल्याण अधिकारी एवं आयुष्मान के नोडल अधिकारी डॉ. एन.के. गुप्ता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों को वय वंदना कार्ड का वितरण किया गया। साथ ही मातृ-शिशु सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाली योजनाओं और डिजिटल नवाचार के रूप में स्मार्ट चैटबॉट की कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी दी गई। अन्य नवीन स्वास्थ्य कार्याक्रमों के बारे में भी अवगत कराया गया। इस कार्यक्रम में उपस्थितजनों ने एलईडी स्क्रीन के जरिए जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा।
2

वायरल फीवर का प्रकोप: स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं, प्रतिदिन जिला अस्पताल पहुंच रहे 800 मरीज

0
वायरल फीवर के प्रकोप के चलते जिला चिकित्सालय पन्ना में पिछले कुछ दिनों से इलाज करवाने के लिए सैंकड़ों की संख्या में पहुंच रहे मरीज।

  वार्ड फुल होने से फर्श पर लेटकर इलाज कराने को मजबूर हुए लोग 

*    भीषण उमस और गर्मी के चलते मौसमी बीमारियां हुई बेकाबू

*     डीएच की ओपीडी में पर्याप्त समय न देकर अपने घर की ओपीडी चला रहे डॉक्टर्स

*     संवेदनहीन जनप्रतिनिधियों और निकम्मे प्रशासन ने पब्लिक को अपने हाल पर छोड़ा

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) वर्तमान में पन्ना जिले में भीषण उमस एवं तेज गर्मी पड़ने से मौसमी बीमारियों का जबरदस्त प्रकोप देखा जा रहा है। पखवाड़े भर से जिला चिकित्सालय पन्ना में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। चिकित्सालय के अंदर-बाहर हर तरफ सिर्फ मरीज और उनके तीमारदार ही नजर आ रहे हैं। पहले से ही बदहाल जिला अपस्पताल की चिकित्सा एवं उपचार सेवाएं मरीजों की भीड़ के चलते बुरी तरह से चरमरा गईं है। अस्पताल के सभी वार्ड पहले से ही फुल चल रहे थे अब तो फर्श भी मरीजों से पट चुका है। सप्ताह भर के ओपीडी रिकार्ड अनुसार प्रतिदिन औसतन 800 से अधिक मरीज इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि, वर्तमान में जिला अस्पताल आने वाले कुल मरीजों में 60-70 फीसदी लोग कई घंटों तक लाइन में लगने के बाद भी डॉक्टर से अपना परीक्षण ही नहीं करा पाते अथवा डॉक्टर से परामर्श लेने से वंचित रह जाते हैं। दरअसल लंबे अर्से से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर्स इस आपदा को अपनी निजी प्रैक्टिस चमकाने के अवसर में बदलने में जुटे हैं। उनके द्वारा अपने बंगले की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ाने की मोनोपोली के तहत अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को कम से कम समय दिया जाता है। जिला चिकित्सालय में इलाज के लिए भटकते मरीजों को हर दिन जिस परेशानी से गुजरना पड़ता है उसे शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है। डॉक्टरों के रिक्त पदों की पूर्ति करवाकर व्यवस्था सुधारने के बजाए संवेदनहीन जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने आमजनता को उसके हाल पर छोड़ दिया है।

सर्दी-खांसी और बुखार से पीड़ित अधिकांश मरीज

मध्य प्रदेश के अत्यंत ही पिछड़े एवं गरीब जिलों में शामिल पन्ना की बहुसंख्यक आबादी इलाज एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्भर है। विडंबना यह है कि जिला अस्पताल में डॉक्टरों के अधिकांश पद रिक्त होने के साथ आंचलिक अस्पतालों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी डॉक्टरों के लगभग 80 से 90 फीसदी पद वर्षों से खाली पड़े हैं। जिससे आंचलिक क्षेत्र के सामान्य मरीज और आंचलिक स्वास्थ्य संस्थाओं के रेफरल मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद में प्रतिदिन बड़ी संख्या में जिला अस्पताल पहुंचते हैं। वर्तमान में वायरल फीवर के जबरदस्त प्रकोप की वजह से जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या में तीन गुना तक बढ़ गई। मरीजों की संख्या के बढ़ते दवाब के कारण जिला अस्पताल की उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह चरमरा गईं है। स्थिति यह है कि सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक अस्पताल में मरीजों का मेला सा लगता है। इस दौरान ओपीडी पर्ची बनवाने से लेकर डॉक्टर से चिकित्सीय परीक्षण कराने, पैथोलॉजी टेस्ट का सैम्पल देने और फिर निःशुल्क सरकारी दवाएं प्राप्त करने तक हर जगह मरीजों को मुसीबत की लंबी कतार में लगना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के एक डॉक्टर ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि, तेज धूप और उमस के कारण वायरल फीवर के मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। अधिकांश मरीज बुखार, सर्दी-खांसी, सिरदर्द, बदन दर्द और जुकाम की शिकायत लेकर आ रहे हैं। कुछ मरीज पेट संबंधी समस्याओं एवं मच्छर जनित बीमारियों से भी पीड़ित रहते हैं।

ओपीडी मरीजों को कम समय दे रहे डॉक्टर्स

जिला चिकित्सालय पन्ना में वार्ड फुल होने के कारण कई मरीजों का फर्श पर लिटाकर किया जा रहा इलाज।
जिला अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को वर्तमान में सबसे ज्यादा परेशान डॉक्टर से परीक्षण कराने के लिए होना पड़ रहा है। हालात इतने अधिक खराब हैं कि वर्तमान में 60-70 फीसदी मरीज हॉस्पिटल में डॉक्टर को दिखा ही नहीं पाते। मरीज पहले कई घंटे तक डॉक्टर का उनके कक्ष के बाहर इंतजार करते हैं, बाद में जब डॉक्टर वार्ड में भर्ती मरीजों के चेकअप से फ्री होकर अपने कक्ष में आते हैं तब मरीजों को बाहर कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान मरीजों की तकलीफ और निराशा तब काफी बढ़ जाती है जब अपना नंबर आने की प्रतीक्षा के बीच दोपहर में 2 बजने पर डॉक्टर साहब सुबह की ओपीडी ड्यूटी पूरी करके अपने घर चले जाते हैं। जिला अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सक बमुश्किल 1-2 घंटे ही ओपीडी मरीजों को देखते है। इसलिए अधिकांश मरीजों का नम्बर नहीं लग पाता। इस स्थिति में मरीजों के पास 3 विकल्प बचते या तो वे विशेषज्ञ चिकित्सकों के बंगले में जाकर उनसे परीक्षण करवाने के लिए 400/- (चार सौ) रुपए शुल्क अदा करें। जिनके पास इलाज के लिए रुपये नहीं उन्हें अगले दिन पुनः हॉस्पिटल जाकर अपना नंबर आने का इंतज़ार करना होता है। क्योंकि जिला अस्पताल में शाम की ओपीडी वर्षों से कागजों चल रही है। तीसरा और आखिरी विकल्प किसी झोलाछाप डॉक्टर की सेवाएं लेने का बचता है लेकिन इसके अपने जानलेवा जोखिम हैं। जिला अस्पताल के प्रमुख डॉक्टर्स के बंगलों में जाकर उन्हें दिखाने वाले मरीजों से जुटाई गई जानकारी अनुसार, इन दिनों प्रत्येक डॉक्टर रोजाना 50 से अधिक मरीज देख रहे हैं।

पन्ना जिला चिकित्सालय के ओपीडी मरीजों की दैनिक संख्या

दिनांक
पंजीकृत मरीज

12 अगस्त 2025

855

13 अगस्त 2025

786

14 अगस्त 2025

682

18 अगस्त 2025 

1145

19 अगस्त 2025

943

20 अगस्त 2025

917

21 अगस्त 2025

874

अस्पताल का निजी नर्सिंग होम की तरह उपयोग

पन्ना जिले में वायरल फीवर कहर बरपा रहा है, जिसके चलते पहले से बदहाल सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं चरमराने लगीं।
सरकारी डॉक्टर्स जिला अस्पताल का उपयोग अपने निजी नर्सिंग होम की तरह कर रहे हैं। वे अपने बंगले पर जिन मरीजों को शुल्क लेकर देखते हैं उनमें जिनकी हालत गंभीर होती है उनको जिला अस्पताल जाकर वहां भर्ती हो जाने का परामर्श दिया जाता है। अस्पताल की ड्यूटी के दौरान सभी विशेषज्ञ डॉक्टर रोजाना वार्डों में जाकर इन्हीं मरीजों एवं अन्य भर्ती मरीजों का परीक्षण करने में प्रतिदिन 3-4 घंटे लगा देते हैं। इसलिए ओपीडी मरीजों के लिए समय कम पड़ जाता है। जिला अस्पताल के प्रमुख डॉक्टर्स को लेकर आमलोगों के बीच यह धारणा लगातार मजबूत हो रही है कि वे अपने प्राइवेट प्रैक्टिस को बढ़ावा देने के लिए ड्यूटी टाइम पर जानबूझकर ओपीडी मरीजों को बहुत कम समय देते हैं। मानव सेवा के अपने धर्म को छोड़कर कतिपय डॉक्टर्स पूरी तरह से विशुद्ध व्यवसायिकता पर उतर आए हैं, जिसका दुष्प्रभाव आर्थिक रूप से कमजोर एवं निम्न मध्यम वर्गीय तबके के लोगों पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल में एक ही विभाग के एक से अधिक डॉक्टर्स का वार्डों में जाकर भर्ती मरीजों का चेकअप करने पर जानकारों द्वारा कई बार कड़ी आपत्ति जताई गई लेकिन इस पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी।

व्यवस्था सुधार से जिम्मेदारों को नहीं सरोकार

जिला अस्पताल पन्ना की व्यवस्था सुधारने को लेकर जिले के जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी तनिक भी संवेदनशील नहीं हैं। डॉक्टरों के रिक्त पदों की पूर्ति करवाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए जनप्रतिनिधि आजकल स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की बात आने पर मेडीकल कॉलेज का झुनझुना बजाने लगते हैं। पड़ोसी जिला छतरपुर समेत अन्य जिलों में जहां 7 से 10 वर्ष पूर्व मेडिकल कॉलेज स्वीकृत हुए थे वे आज किस स्थिति में हैं, क्या उनका लाभ मिल रहा है, लोगों को इस पर गौर करने की जरुरत है। दरअसल भोपाल, दिल्ली के नामी निजी अस्पतालों में अपना इलाज करवाने वाले जनप्रतिनिधियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि पन्ना में डॉक्टर है या नहीं हैं और जिला चिकित्सालय की व्यवस्था कैसी है। वहीं उपलब्ध संसाधनों में ही व्यवस्था को बेहतर बनाने और समय-समय पर जिला अस्पताल का नियमित रूप से आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को जांचने-परखने से प्रशासनिक अधिकारियों को भी कोई लेना-देना नहीं है। जानकर बताते हैं यदि डॉक्टर्स टाइम से ड्यूटी पर आएं, जिन विभागों में 2 या उससे अधिक विशेषज्ञ हैं उनमें एक डॉक्टर्स भर्ती मरीजों का चेकअप करें और एक डॉक्टर ओपीडी मरीजों का परीक्षण करें तथा शाम की ओपीडी में नियमित रूप से डॉक्टर्स उपस्थिति दर्ज कराएं तो काफी हद तक मरीजों को राहत मिल सकती है।

शिकायत के बाद महिला डॉक्टर ने मरीज देखना बंद किया

जिला अस्पताल पन्ना में पदस्थ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीलम पटेल पिछले कुछ समय से चाइल्ड केयर लीव पर हैं। हालांकि, वे अस्पताल परिसर में ही स्थित अपने शासकीय आवास पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में पहुंचने वाली महिला रोगियों को लगातार परामर्श दे रहीं थी। जिसकी शिकायत एक व्यक्ति द्वारा कलेक्टर से करने और बंगले में जुटी मरीजों की भीड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने से नाराज डॉ. नीलम पटेल ने गुरुवार दोपहर 3 बजे से मरीजों को देखना पूर्णतः बंद कर दिया। महिला चिकित्सक के इस निर्णय महिला मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। मरीजों का कहना है जिले की आबादी लगभग 12 लाख है, इसमें आधी आबादी यानी महिलाओं के लिए जिले में सिर्फ तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। डॉक्टरों के वर्षों से खाली पड़े पदों को की पूर्ती के लिए जनहित सार्थक पहल करने के बजाए अनावश्यक शिकवा-शिकायत करके महिला चिकित्सक को परेशान करना गलत है। वहीं डॉ. नीलम पटेल का कहना है, मैं अपने अवकाश का उपभोग कैसे करतीं हूं यह मेरा निजी निर्णय है, इसमें अन्य कोई व्यक्ति हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। उन्होंने शिकायतकर्ता पर उन्हें बदनाम करने का आरोप भी लगाया है। इस घटनाक्रम को लेकर लोगों के बीच चर्चाएं डॉ. नेहा खटीक, डॉ. श्रद्धा दक्ष की तरह डॉ. नीलम पटेल को भी सुनियोजित तरीके से परेशान करके पन्ना से भगाने की साजिश की जा रही है।
इनका कहना है-
“डॉक्टर्स को मानव सेवा के धर्म का ईमानदारी से पालन करते हुए ओपीडी मरीजों को ज्यादा से ज्यादा देखने का प्रयास करना चाहिए। शनिवार से मैं भी जिला चिकित्सालय में अपनी पीडियाट्रिक की ओपीडी देखूंगा। आपके द्वारा दिए गए सुझाव अनुरूप ही व्यवस्था होनी चाहिए, इसे बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।”

डॉ. राजेश तिवारी, सीएमएचओ, जिला पन्ना।

2

बड़ी कार्रवाई | खनिज ठेकेदार पप्पू दीक्षित पर 62 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना

0
खनिज ठेकेदार एवं कांग्रेस नेता पप्पू उर्फ़ श्रीकांत दीक्षित।

*     स्वीकृत खदान क्षेत्र से बाहर उत्खनन करने पर कलेक्टर ने थमाया नोटिस

*     तय समयसीमा में राशि जमा न करने पर भरना पड़ेगा 1 अरब से अधिक का जुर्माना

पन्ना। (www.radarnews.in) भू-माफियाओं एवं अवैध कॉलोनाइजर्स के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रहे पन्ना कलेक्टर सुरेश कुमार ने अवैध खनन से संबंधित एक शिकायत का संज्ञान लेकर चर्चित खनिज ठेकेदार एवं कांग्रेस नेता श्रीकांत दीक्षित पप्पू को 62 करोड़ 27 लाख से अधिक की जुर्माना (प्रशमन) राशि का नोटिस थमाया है। यह कार्रवाई स्वीकृत खदान क्षेत्र के बाहर उत्खनन पाए जाने की गई है। प्रशमन राशि जमा न करने पर श्रीकांत पर दोगुनी राशि 1 अरब 24 करोड़ 55 लाख 85 हजार 600 रूपए का जुर्माना लगाया जाएगा। पन्ना कलेक्टर की इस कार्रवाई के बाद से नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए खनन करने वाले पत्थर खदान ठेकेदारों, क्रेशर मालिकों एवं खनन माफियाओं में जबरदस्त हड़कंप मचा है।
कलेक्टर सुरेश कुमार ने एक शिकायती आवेदन के आधार पर टिकुरिया मोहल्ला पन्ना निवासी श्रीकांत दीक्षित एवं डायमंड स्टोन क्रेशर के प्रोपराइटर को मध्यप्रदेश खनिज अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण निवारण नियम 2022 की धाराओं के उल्लंघन पर नियत प्रावधानों के तहत कार्यवाही के लिए नोटिस जारी किया है। इस संबंध में पेशी तिथि आगामी 01 सितम्बर को उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं अन्यथा प्रकरण में एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन के माध्यम से अवगत कराया कि पप्पू उर्फ श्रीकांत दीक्षित की ग्राम बिलघाड़ी तहसील गुनौर की धुवयाई पत्थर खदान में स्वीकृत क्षेत्र से बाहर उत्खनन किया जा रहा है, जिसका संचालन रोककर नाप कराई जाए तो बड़ी रॉयल्टी बनेगी। इसके अतिरिक्त गुनौर में गिट्टी क्रेशर के लिए जहां से पत्थर निकाला जा रहा है, उसमें भी स्वीकृत क्षेत्र के बाहर खुदाई की जा रही है।

माइनिंग प्लान की शर्तों का भी उल्लंघन

जिला कलेक्टर द्वारा इस मामले में उप संचालक खनिज प्रशासन जिला पन्ना से जांच प्रतिवेदन लिया गया था। जांच के तथ्यों के आधार पर कई प्रकार की अनियमितताएं पाए जाने पर कुल प्रशमन राशि 62 करोड़ 27 लाख 92 हजार 800 रूपए जमा कराया जाना तथा राशि जमा न करने की स्थिति में दोगुनी राशि अर्थात् 1 अरब 24 करोड़ 55 लाख 85 हजार 600 रूपए शास्ति अधिरोपित किया जाना प्रस्तावित है। श्रीकांत दीक्षित द्वारा भौमिकी तथा खनिकर्म क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर की स्वीकृत माइनिंग प्लान में उल्लेखित शर्तों का भी उल्लंघन किया गया है।
2

शराब के अवैध कारोबार पर इस संगठन ने फिर किया प्रहार, शराब माफिया में मचा हड़कंप

0
शराब ठेकेदार के कथित कर्मचारी से जब्त की गई अवैध शराब एवं मोटरसाइकिल।

  बाइक से शराब की तस्करी करते एक युवक को पकड़ा, दूसरा आरोपी भाग निकला

पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में शराब का अवैध कारोबार वृहद स्तर पर चल रहा है। शराब की तस्करी एवं अवैध बिक्री के मामले यहां हर दिन सामने आ रहे हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि शराब के गैरकानूनी कारोबार पर ईमानदारी से कड़ा शिकंजा कसने के बजाए आबकारी एवं पुलिस महकमा तमाशबीन बना बैठा है। अवैध शराब की रोकथाम को लेकर इनकी कार्रवाई महज औपचारिकता निभाने तक ही सीमित है। जिले के आबकारी विभाग के लाइसेंसी ठेकेदार की अवैध शराब पकड़ने पर दोनों ही महकमों में अघोषित तौर पर रोक लगा रखी है। नतीजतन गांव-गांव धड़ल्ले से अवैध शराब पहुंचने के कारण समाज पर व्यापक दुष्प्रभाव पड़ रहा है। जिससे चिंतित भगवती मानव कल्याण संगठन एवं भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इन संगठनों के कार्यकर्ता अपने सामाजिक दायित्व और नैतिक कर्तव्य को बखूबी निभाते हुए लगातार अवैध शराब पकड़ने की कार्रवाई कर रहे हैं।
पिछले सप्ताह इनके द्वारा रैपुरा क़स्बा में अवैध शराब से लोड पिकअप वाहन को पकड़ा गया था। जिसमें ड्यूटी पैड शराब की चंद पेटियों के साथ भारी मात्रा में लाखों रुपए मूल्य की अवैध शराब मिली थी। इस मामले में आबकारी ठेकेदार आशीष शिवहरे के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करवाने के लिए भगवती मानव कल्याण संगठन एवं भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के कार्यकर्ताओं को 48 घंटे तक आंदोलन करना पड़ा था। इनके जबरदस्त संघर्ष की चर्चाएं अभी चल ही रहीं थी कि इस बीच सोमवार रात को एक ओर शराब तस्कर को रंगे पकड़कर भगवती मानव कल्याण संगठन एवं भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के कार्यकर्ताओं ने साफ़ सन्देश दे दिया है कि वे नशे से समाज को बचाने की अपनी मुहिम हर हाल में जारी रखेंगे। फिर चाहे अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करवाने के लिए उन्हें कितना भी परेशान होना पड़े लेकिन वे हार नहीं मानेंगे।
शराब की तस्करी करते रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी आशीष राय।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले के सिमरिया थाना अंतर्गत हरदुआ खमरिया ग्राम में सोमवार 18 अगस्त 2025 की रात लगभग 9 बजे बिना नंबर की बाइक से शराब की तस्करी कर रहे दो युवकों को भगवती मानव कल्याण संगठन एवं भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय बस स्टैंड के समीप घेराबंदी करके पकड़ लिया। मौके पर आरोपियों के कब्जे से 2 पेटी अवैध शराब जब्त की गई। आरोपियों को स्थानीय पुलिस चौकी ले जाने के दौरान एक आरोपी मौका पाकर फरार हो गया। संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा आरोपी आशीष राय को हरदुआ चौकी प्रभारी एवं उप निरीक्षक योगेन्द्र गायकवाड़ के हवाले कर जब्त शराब की पेटियां और बिना नंबर की एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल पुलिस को सौंप दी। इस मामले पर पुलिस ने आरोपी आशीष राय व उसके फरार साथी के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया है। शराब तस्कर की धरपकड़ की साहसिक कार्रवाई में भगवती मानव कल्याण संगठन एवं भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के कार्यकर्ता राजू लोधी, नीरज लोधी एवं नंदकुमार साहू की अहम भूमिका रही।
2

प्रभारी मंत्री इंदर सिंह को पवई विधायक ने जमकर सुनाया, बैठक का किया बहिष्कार

0
इन्दर सिंह परमार प्रभारी मंत्री जिला पन्ना एवं पवई विधायक प्रहलाद लोधी।

वनरक्षक का स्थानांतरण आदेश निरस्त होने पर निकाला गुस्सा

 पूछा सवाल- मेरी विधानसभा अब क्या छुटभैये नेता चलाएंगे

 विधायक प्रहलाद लोधी के बेहद तल्ख़ तेवरों के चलते समीक्षा बैठक में कुछ देर तक खिंचा रहा सनाका

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री तथा पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार को विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान रविवार को बेहद असहज और अप्रिय स्थिति का सामना करना पड़ा। प्रभारी मंत्री पर पवई विधायक प्रहलाद लोधी ने अपना गुस्सा निकालते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई। विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्र में पदस्थ एक वनरक्षक का तबदला निरस्त किए जाने के कारण सख्त नाराज थे। अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए विधायक बैठक छोड़कर बाहर चले गए। प्रभारी मंत्री ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। बैठक के बहिष्कार से पहले विधायक ने जिला पंचायत सीईओ को भी ग़जब हड़काया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के चलते बैठक में कुछ देर तक सनाका खिंचा रहा। नाराज़ पवई विधायक के बैठक छोड़कर जाने को सत्तारूढ़ दल भाजपा के अंदर मची जबरदस्त खींचतान-घमासान के सतह पर आने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। यह मामला जिले के राजनैतिक, प्रशासनिक हलकों समेत आमजन के बीच चर्चा का विषय बना है।
पन्ना के कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक लेते प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार।
रविवार 17 अगस्त 2025 को पन्ना के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक शुरू होने से पहले स्वागत की औपचारिकता चल रही थी तभी पवई विधायक प्रहलाद बैठक में शामिल होने पहुंचे। अधिकारियों ने विधायक का स्वागत करने का अनाउंस किया तो विधायक ने उन्हें रोक दिया। अपनी पीड़ा और गुस्सा जाहिर करते हुए वे बोले- जब मेरी बात नहीं सुनीं जाती तो मैं किस बात का विधायक? मंत्री से मुखातिब होते कहा जब हमारा कोई काम नहीं होता तो इन बैठकों का क्या औचित्य है। दक्षिण वन मण्डल पन्ना के एक वनरक्षक का स्थानांतरण निरस्त किए जाने से नाराज विधायक प्रहलाद ने मंत्री जी को उलाहना देते हुए कहा आपने मुझसे एक बार भी पूंछना उचित नहीं समझा। मेरे अपने निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े मामलों क्या मेरा कोई दखल नहीं? माहौल को सामान्य करने के लिए प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह ने विधायक से बैठक के बाद अलग से चर्चा करने की बात कही। इस पर विधायक ने तल्ख़ लहजे में कहा मेरे पास अलग से चर्चा करने का समय नहीं है। विधायक ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में अनुचित हस्तक्षेप और अपनी उपेक्षा पर कड़ी आपत्ति जताते हुए दो टूक शब्दों में कहा जब तक मैं हूं, तब तक मेरी विधानसभा को कोई दूसरा व्यक्ति नहीं चलाएगा। अब क्या छुटभैये नेता मेरी विधानसभा में नेतागिरी करेंगे? विधायक प्रहलाद लोधी यहीं नहीं रुके। उन्होंने हाल ही में हुए पंचायत सचिवों एवं रोजगार सहायकों के स्थानांतरण को लेकर भी अपनी नाराजगी जताई। और जिला पंचायत सीईओ को जमकर हड़काया।
प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने पवई विधायक को शांत कराने की कोशिश करते हुए उनसे बैठ जाने का आग्रह किया लेकिन प्रहलाद नहीं माने। विधायक इतना तेज गुस्से में थे कि उन्होंने मंत्री की बात ही नहीं सुनीं। अपनी उपेक्षा और अपमान का आरोप लगाते हुए वे बैठक का बहिष्कार कर बाहर निकल गए। इस दौरान मंत्री श्री परमार ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन पवई विधायक प्रहलाद लोधी नहीं रुके। सूत्र बताते हैं कि पवई एवं पन्ना के कतिपय भाजपा नेता पवई विधानसभा क्षेत्र में काफी समय से दखल दे रहे थे। जाहिर है यह सब विधायक प्रहलाद को नागवार गुजरने के साथ उनके गुस्से को बढ़ा रहा था। रविवार को आख़िरकार प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह के सामने उनका गुस्सा फूट पड़ा। समीक्षा बैठक के दौरान विधायक श्री लोधी द्वारा खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर करने से प्रभारी मंत्री श्री परमार को अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ा। बैठक छोड़कर बाहर निकलने के बाद पवई विधायक पन्ना में आयोजित रानी अवंती बाई के कार्यक्रम में शामिल हुए। बता दें कि भाजपा जिलाध्यक्ष पन्ना बृजेन्द्र मिश्रा ने पवई विधायक द्वारा प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक का बहिष्कार करने की ख़बरों ख़ारिज करते हुए बताया कि उन्हें कुछ शारीरिक समस्या थी इसलिए उन्हें बैठक से जाना पड़ा।

विधायक के गुस्से की ये है वजह

प्राप्त जानकारी अनुसार हाल ही में जिला स्तर पर हुए स्थानांतरण के दौरान दक्षिण वन मण्डल पन्ना के वन परिक्षेत्र पवई में पदस्थ वनरक्षक चेतन अहिरवार का स्थानांतरण हुआ था। जिसे लेकर चर्चा है कि वनरक्षक का स्थानांतरण विधायक ने ही करवाया था। कुछ दिन बाद वनरक्षक का तबादला आदेश प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने निरस्त कर दिया। वनरक्षक का स्थानांतरण पन्ना टाइगर रिजर्व या उत्तर वन मण्डल में करने का पुनः प्रस्ताव भेजा गया। लेकिन उस प्रस्ताव पर अमल होने के बजाए असहमति की टीप अंकित कर दी गई। जिससे विधायक का नाराज होना स्वाभाविक था। कथित तौर पर विधायक द्वारा कराए गए वनरक्षक के स्थानांतरण को पवई क्षेत्र के ही एक बीजेपी नेता ने निरस्त कराने में अहम भूमिका निभाई थी। पवई विधायक ने इसे अपने अपमान के तौर पर लिया। उन्हें लगा जब मैं अपने ही क्षेत्र के एक वनरक्षक स्थानांतरण नहीं करा सकता तो इससे बड़ी उपेक्षा और क्या होगी। प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार द्वारा भोपाल में बैठकर जिले के स्थानांतरण करने से भी विधायक प्रहलाद लोधी नाराज चल रहे थे। रविवार को पन्ना में आयोजित बैठक में बैठक में प्रभारी मंत्री श्री सिंह से जब पवई विधायक की मुलाकात हुई तो वे गुस्से से फट पड़े। खबर के संबंध में जब पवई विधायक से सम्पर्क करने का प्रयास किया तो उनका मोबाइल फोन बंद था।
2

मध्यप्रदेश: कांग्रेस ने ‘संगठन का सृजन’ करने चुने 71 जिला अध्यक्ष, 6 विधायकों को सौंपी जिम्मेदारी

0
प्रतीकात्मक फोटो।

*      4 महिलाओं को भी सौंपी कमान, अनीस खान बने पन्ना जिला अध्यक्ष

भोपाल/पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश में संगठन सृजन अभियान के तहत की लगभग दो माह तक चली सघन रायशुमारी की प्रक्रिया, आंतरिक सर्वे और गहन विचार-विमर्श के बाद पार्टी ने जन्माष्टमी के शुभ दिन अपने 71 नवनिर्वाचित कर दी है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल के हस्ताक्षर से जारी जिलाध्यक्षों की सूची में 6 विधायकों के नाम शामिल हैं । जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह और ओमकार सिंह मरकाम सिंह जैसे बड़े नाम हैं। प्रदेश के 4 जिलों में कांग्रेस संगठन की कमान अब महिलाएं संभालेंगी।
अनीस खान, नव-निर्वाचित जिला कांग्रेस अध्यक्ष पन्ना।
नए जिलाध्यक्षों के चयन में कांग्रेस ने युवा नेतृत्व पर भरोसा जताकर पार्टी के अंदर-बाहर साफ़ संकेत दिया है कि अब वक्त युवाओं का है। जारी की गई सूची में धर्मेन्द्र भदौरिया को भोपाल शहर जबकि अनोखी मान सिंह पटेल को भोपाल ग्रामीण की कमान सौंपी है। ग्वालियर शहर जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र यादव, ग्वालियर ग्रामीण जिला अध्यक्ष प्रभुदयाल जोहरे, इंदौर शहर जिलाध्यक्ष चिंटू चौकसे, इंदौर ग्रामीण जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े और पन्ना जिला अध्यक्ष अनीस खान को बनाया गया है।

इन विधायकों को सौंपी जिलों की कमान

कांग्रेस पार्टी ने अपने छह युवा विधायकों को जिला कांग्रेस अध्यक्ष बनाया है। इसमें महेश परमार को उज्जैन ग्रामीण, देवेन्द्र पटेल को रायसेन, सिद्धार्थ कुशवाहा को सतना ग्रामीण, जयवर्धन सिंह को गुना, ओमकार सिंह मरकाम को डिंडौरी और संजय उइके को बालाघाट जिले में संगठन को अधिक सशक्त और सक्रिय बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं युवा नेत्री प्रतिभा रघुवंशी को खंडवा शहर, विजयलक्ष्मी तंवर को आगर मालवा, सुनीता पटेल को नरसिंहपुर एवं सरस्वती सिंह मरकाम को सिंगरौली ग्रामीण जिलाध्यक्ष बनाया है।

संगठन की मजबूती में मील का पत्थर साबित होगा यह निर्णय

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शनिवार 16 अगस्त 2025 की शाम अपने नव निर्वाचित जिला अध्यक्षों की सूची सोशल मीडिया पर एक सन्देश के साथ पोस्ट की है। जिसे हम अपने पाठकों के लिए यहां शब्दशः प्रसारित कर रहे हैं-
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आदरणीय मल्लिकार्जुन खड़गे जी के मार्गदर्शन एवं नेता प्रतिपक्ष, जननायक श्री राहुल गांधी जी की मंशानुरूप मध्यप्रदेश में संगठन सृजन अभियान के तहत जिला अध्यक्षों के निर्वाचन की प्रक्रिया संपन्न हुई। यह सम्पूर्ण प्रक्रिया गहन विचार-विमर्श, सांगठनिक मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करते हुए सफलतापूर्वक पूर्ण की गई। इस अभियान के अंतर्गत नव-निर्वाचित जिला अध्यक्षों का चयन किया गया, जो संगठन की मजबूती और विस्तार में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।
सभी नव-निर्वाचित जिला अध्यक्षों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। पूर्ण विश्वास है कि आप सभी प्रदेश प्रभारी श्री हरीश चौधरी जी एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी की आशाओं के अनुरूप कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाते हुए अपने-अपने जिलों में संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करेंगे और संगठन सृजन अभियान की सार्थकता को धरातल पर साकार करेंगे।

मध्य प्रदेश के नव निर्वाचित कांग्रेस जिला अध्यक्षों की सूची देखें-

प्रथम पृष्ठ-01

दिव्तीय पृष्ठ-02

तृतीय पृष्ठ-03
2

स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया, कलेक्टर ने किया ध्वजारोहण

0

  मुख्य समारोह में लाइव टेलीकास्ट जरिए सुना गया मुख्यमंत्री का संदेश

पन्ना। देश का 79वां स्वतंत्रता दिवस समारोह 15 अगस्त को जिले में भी हर्षोल्लास एवं गरिमामय ढंग से मनाया गया। जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन स्थानीय पुलिस परेड ग्राउण्ड में हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं कलेक्टर सुरेश कुमार ने सुबह 9 बजे ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। इस दौरान राष्ट्रगान की धुन बजाई गई। ध्वजारोहण के पश्चात कलेक्टर श्री कुमार ने खुली जिप्सी में पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण एस थोटा के साथ परेड का निरीक्षण किया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा उन्मुक्त गगन में गुब्बारे छोड़े गए। समारोह में परेड की विभिन्न टुकड़ियों द्वारा पुलिस बैण्ड की सुमधुर ध्वनि के बीच आकर्षक मार्च पास्ट का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर प्रजातंत्र रक्षकों का सम्मान भी हुआ। मुख्य अतिथि ने परेड कमाण्डरों से परिचय प्राप्त किया।
स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में परेड के साथ कई स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा सामूहिक रूप से पीटी का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं। सशस्त्र और गैर शस्त्र परेड का प्रदर्शन भी हुआ। अतिथियों द्वारा कार्यक्रम के समापन पर पुरस्कारों का वितरण किया गया। शासकीय दायित्वों के उत्कृष्ट निर्वहन पर विभिन्न शासकीय विभागों के लोकसेवक भी सम्मानित किए गए।

उत्कृष्ट विद्यालय को मिला प्रथम स्थान

सांस्कृतिक कार्यक्रम के सीनियर वर्ग में शासकीय आर.पी. उत्कृष्ट उ.मा. विद्यालय क्रमांक 1 पन्ना को प्रथम, सांदीपनि विद्यालय पन्ना को द्वितीय और महर्षि विद्या मंदिर उ.मा. विद्यालय पन्ना को तृतीय स्थान मिला। इसी तरह जूनियर वर्ग में सरस्वती उ.मा. विद्यालय पन्ना को प्रथम, ब्लू स्काई स्कूल पन्ना को द्वितीय और लिस्यू आनंद विद्यालय को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। सशस्त्र बल परेड वर्ग में जिला पुलिस बल पुरूष की टुकड़ी को प्रथम, विशेष सशस्त्र बल की 10वीं वाहिनी को द्वितीय और होमगार्ड की टुकड़ी को तृतीय स्थान मिला। इसी तरह गैर शस्त्र परेड के सीनियर वर्ग में वन विभाग उत्तर वन मंडल की टुकड़ी को प्रथम, शासकीय छत्रसाल महाविद्यालय पन्ना की एनसीसी टुकड़ी को द्वितीय एवं एनसीसी सीनियर महिला टुकड़ी को तृतीय स्थान मिला, जबकि जूनियर परेड वर्ग में एनसीसी जूनियर विंग को प्रथम, शासकीय मनहर कन्या उ.मा. विद्यालय पन्ना के गाइड दल को द्वितीय एवं स्काउट दल को तृतीय स्थान मिला। कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों एवं शिक्षकगण ने मानव श्रृंखला बनाकर देशप्रेम की भावना विकसित करने और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान का संदेश दिया। इसमें उपस्थित अतिथियों ने भी सहभागिता कर तिरंगा लहराया।
उल्लेखनीय है कि, शासन के निर्देशानुसार जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में पहली बार एलईडी स्क्रीन के माध्यम से मुख्यमंत्री के संदेश के लाइव टेलीकास्ट की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान सुबह आधा घंटे तक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उद्बोधन को उपस्थितजनों द्वारा कार्यक्रम स्थल पर देखा एवं सुना गया। इसके उपरांत मुख्य अतिथि एवं जिला कलेक्टर द्वारा अपने संक्षिप्त उद्बोधन में जिलेवासियों को आजादी के पर्व की बधाई दी गई।

इनकी रही उपस्थिति

कार्यक्रम में विधायक गुनौर डॉ. राजेश वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे, उपाध्यक्ष संतोष सिंह यादव, नपाध्यक्ष मीना पाण्डेय, नपा उपाध्यक्ष आशा गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शासकीय सेवक, गणमान्य नागरिक और पत्रकारगण भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रमोद अवस्थी एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक डॉ. कल्पना वर्मा द्वारा किया गया।
2

विश्व की सबसे बुजुर्ग हथिनी ‘वत्सला’ की स्मृति को चिरस्थायी बनाने अनूठी पहल

0
विश्व हाथी दिवस के अवसर पर दुनिया सबसे बुजुर्ग हथिनी वत्सला के नाम पर वृक्षारोपण के नामकरण कार्यक्रम में उपस्थित पन्ना जिले के वन विभाग के अधिकारी।

 दक्षिण वन मण्डल पन्ना ने 50 हेक्टेयर के पौधारोपण का नामकरण ‘वत्सला वन’ किया

 विश्व हाथी दिवस पर सबसे बुजुर्ग हथिनी को दी गई श्रद्धांजलि

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में कई वर्षों तक पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र रही विश्व की सबसे बुजुर्ग हथिनी वत्सला की स्मृति को चिरस्थायी बनाने दक्षिण वन मण्डल पन्ना ने अनूठी पहल करते हुए 50 हेक्टेयर क्षेत्र के पौधारोपण को ‘वत्सला वन’ नाम दिया है। वत्सला को दी गई यह अनोखी श्रद्धांजलि है। प्रेम और वात्सल्य की प्रतिमूर्ति रही वत्सला को याद कर वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भावुक हो गए। उसकी मौत पिछले माह (जुलाई 2025) पैर में चोट लगने के कारण हो गई थी। विश्व हाथी दिवस के उपलक्ष्य पर मंगलवार 12 अगस्त को दक्षिण वन मण्डल पन्ना के शाहनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत बीट बोरी में एक गरिमामयी कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें विशेष रूप से वन संरक्षक वृत्त छतरपुर एवं क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व नरेश यादव, वनमण्डलाधिकारी दक्षिण पन्ना अनुपम शर्मा एवं मैदानी वन अमला उपस्थित रहा। इस मौके पर पूजा-अर्चना उपरांत पौधारोपण का नामकरण किया गया।

वत्सला के योगदान को जान पाएगी भावी पीढ़ी

नरेश सिंह यादव, क्षेत्र संचालक, पन्ना टाइगर रिजर्व।
वन संरक्षक वृत्त छतरपुर एवं क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व नरेश यादव ने वत्सला को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि, हमें इस बात का गर्व है कि सबसे उम्रदराज हथिनी का घर पन्ना टाइगर रिजर्व है। पन्ना में बाघों को पुनः आबाद करने की योजना अर्थात बाघ पुनर्स्थापना कार्यक्रम में वत्सला का अहम योगदान रहा है। पन्ना पार्क में हाथियों के कुनबे की सदस्य संख्या वर्तमान में अगर डेढ़ दर्जन से अधिक है तो इसमें भी वत्सला का अविस्मरणीय योगदान है। श्री यादव ने बताया कि, पीटीआर अंतर्गत कैम्प के हाथियों में सबसे वयस्क सदस्य होने के नाते वत्सला अंतिम समय तक अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाते हुए पूरे दल का नेतृत्व करती रही। सबसे खास बात, कैम्प की हथिनियों के प्रसव के दौरान वह एक प्रशिक्षित दाई की भूमिका निभाती और प्रसव उपरांत वह नवजात बच्चों की नानी-दादी जैसी देखभाल करती थी। बुंदेलखंड पन्ना के विरल एवं शुष्क वन क्षेत्र में मादा हाथी वत्सला का लगभग 100 वर्ष से अधिक समय तक जीवित रहना किसी चमत्कार से कम नहीं। क्योंकि हाथियों की औसत आयु 60-70 वर्ष होती है। क्षेत्र संचालक श्री यादव ने बताया कि पन्ना पार्क प्रबंधन की ओर से भी वत्सला को सम्मान देने, उसके योगदान से भावी पीढ़ी को परिचित कराने एवं स्मृति को सदैव जीवित बनाए रखने की दिशा में काम किया जा रहा है। संभवतः वह जल्दी ही आप सबके सामने होगा।
वन्यजीव संरक्षण के प्रति आएगी जागरूकता
दक्षिण वन मण्डल पन्ना ने विश्व की सबसे उम्रदराज हथिनी वत्सला को विश्व हाथी दिवस के अवसर श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में उपस्थित वन विभाग के अधिकारीगण।
दक्षिण वन मण्डल पन्ना के डीएफओ अनुपम शर्मा ने कहा कि, वत्सला आज भले ही भौतिक रूप से जीवित नहीं है लेकिन उसके संबंध में जानने वालों के जेहन में वह आज भी जीवित है। उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है। उसी की याद में परिक्षेत्र शाहनगर की बीट बोरी के वन कक्ष क्रमांक-पी 925 में वर्ष 2022-23 रकबा 50 हेक्टेयर में स्थित वृक्षारोपण का नामकरण ‘वत्सला वन’ किया गया है। वत्सला के योगदान को याद करके उसे सम्मान देने के लिए विश्व हाथी दिवस सबसे उपयुक्त अवसर था। श्री शर्मा ने बताया, पन्ना टाइगर रिजर्व में वत्सला की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उसने अपने जीवनकाल में अनेक वन्यजीव बचाव अभियानों (Wildlife Rescue Operations) में योगदान दिया और कई हथिनियों के बच्चों की देखभाल एवं पालन-पोषण में अहम भूमिका निभाई। वत्सला की मातृसुलभ देखभाल और सेवाभाव ने उसे पन्ना के वन्यजीव परिवार में एक विशेष स्थान दिलाया। आपने बताया कि वत्सला के नाम पर वन के नामकरण की यह पहल न केवल ‘वत्सला’ के योगदान का स्मरण कराएगी बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति जन जागरूकता को भी बढ़ाने का काम करेगी।

बुजुर्ग हथिनी ने पिछले माह ली थी अंतिम सांस

विश्व की सबसे उम्रदराज हथिनी वत्सला का जीवित अवस्था का चित्र।
विदित हो कि, दुनिया की सबसे बुजुर्ग हथिनी ने पिछले माह 08 जुलाई 2025 को अंतिम सांस ली थी। पन्ना टाइगर रिजर्व की सुरक्षा में करीब 4 दशक तक सक्रिय भूमिका निभाती रही वत्सला 100 वर्ष से अधिक की हो चुकी थी। वह पन्ना टाइगर रिजर्व के हिनौता स्थित हाथी कैम्प में रहती। वत्सला पिछले कुछ सालों से आयु संबंधी समस्याओं से जूझ रही थी। मोतियाबिंद होने के कारण उसकी आंखों की रोशनी चली गई थी। जिससे वह अधिक दूरी तक चल नहीं पाती थी। वत्सला की पार्क प्रबंधन के द्वारा विशेष देखभाल की जा रही थी। रोजाना महावत उसका कान या सूंढ़ पकड़कर नजदीकी खैरइया नाला में नाहने के लिए ले जाता था। दिनांक 08 जुलाई को नहाने के लिए जाते समय नाले में गिरने के कारण उसके अगले पैर का नाख़ून टूटा गया था। चोटिल वत्सला नाला में ऐसी बैठी की फिर दुबारा उठ नहीं पाई। वनकर्मियों ने उसे अपने पैरों पर खड़ा करने का काफी प्रयास किया लेकिन इसी बीच दोपहर में करीब 1:30 बजे उसने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।
2

जंगलराज| वन क्षेत्र में लाखों की लागत के आधा दर्जन तालाब एवं परकोलेशन टैंक फूटे

0
पन्ना जिले के उत्तर सामान्य वनमण्डल की अजयगढ़ रेन्ज अंतर्गत बारिश में फूटा नवनिर्मित तालाब।

  पन्ना जिले के चर्चित उत्तर सामान्य वन मण्डल का मामला

 डीएफओ को नहीं थी जानकारी, बोले- आपके द्वारा भेजे गए वीडियो-फोटो से चला पता

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में पिछले माह जुलाई में हुई बारिश ने घटिया निर्माण कार्यों की पोल खोलकर रख दी है। लोक निर्माण विभाग की लगभग 60 करोड़ की लागत वाली नवनिर्मित 3 सड़कों के धंसने-गड्ढों में तब्दील होने एवं पुलियों-रपटों के बहने के कारण पन्ना से लेकर राजधानी भोपाल तक जबरदस्त हड़कंप मचा है। अब इसी कड़ी में पन्ना के उत्तर सामान्य वन मण्डल अंतर्गत वन क्षेत्र में निर्मित आधा दर्जन तालाब एवं परकोलेशन टैंक के फूटने का मामला सामने आया है। इनकी लागत लगभग 1 करोड़ रुपए के आसपास बताई जा रही है। उत्तर वनमंडल में व्याप्त अंधेरगर्दी का अंदाजा सिर्फ इसी बात से लगाया जा सकता है कि, वन परिक्षेत्र अजयगढ़ एवं धरमपुर के जंगल में महीने भर से फूटी पड़ी जल संरचनाओं की डीएफओ गर्वित गंगवार को जानकारी ही नहीं थी। आज शाम मोबाइल पर हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान डीएफओ ने बिना किसी लागलपेट के स्वीकार किया ‘रडार न्यूज़’ द्वारा भेजे गए फोटो-वीडियो से उन्हें तालाबों एवं पी-टैंकों के क्षतिग्रस्त होने का पता चला। डीएफओ की इस स्वीकारोक्ति से उत्तर वन मंडल की बहुमूल्य वन संपदा की सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवालिया लग गया है।
फाइल फोटो।
सूबे की मोहन सरकार के वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप अहिरवार के निर्वाचन क्षेत्र चंदला विधानसभा सीट की सीमा से लगे पन्ना जिले का उत्तर सामान्य वन मण्डल टाइगर-तेंदुओं की संदिग्ध मौत, सागौन की अवैध कटाई, वन क्षेत्र में हीरा-पत्थर के बेतहाशा अवैध खनन, वन भूमि पर अतिक्रमण और भारी भ्रष्टाचार के चलते पिछले कई महीनों से सुर्ख़ियों में बना है। उत्तर वन मण्डल हावी कमीशनखोरी और अराजकता को देखते यह कहना अतिश्यक्तिपूर्ण न होगा कि यहां जंगलराज चल रहा है। कथित प्री-पेड रीचार्ज व्यवस्था से मनचाही मैदानी पोस्टिंग पाने वाले अफसरों ने उत्तर वन मण्डल को चारागाह में तब्दील कर दिया है। वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को पूरी तरह से श्रमिकों के भरोसे छोड़कर उत्तर वन मण्डल के वनरक्षक से लेकर बड़े अफसर विभागीय निर्माण कार्यों में ठेकेदारी, सामग्री खरीदी में कमीशनखोरी और हर महीने बिल-बाउचर भुगतान सुनिश्चित करवाकर अपने आर्थिक हित साधने के एक सूत्रीय अभियान में जुटे हैं। ज्यादा से ज्यादा राशि डकारने के चक्कर में वन विभाग के अफसरों के बीच मची होड़ ने विभागीय निर्माण कार्यों का दिवाला निकाल दिया है। जिसका ताज़ा उदाहरण वन परिक्षेत्र अजयगढ़ एवं धरमपुर अंतर्गत बारिश में क्षतिग्रस्त हुए आधा दर्जन तालाब और परकोलेशन टैंक (पी-टैंक) हैं।
अजयगढ़ रेंज की धवारी बीट अंतर्गत बारिश में क्षतिग्रस्त परकोलेशन टैंक।
बता दें कि, पिछले महीने हुई बारिश में बहने वाले अधिकांश तालाब एवं परकोलेशन टैंक का निर्माण हाल ही में हुआ था। जल संरक्षण से जुड़े इन कार्यों की गुणवत्ता का सहज अंदाजा सिर्फ इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी ये पहली बारिश भी नहीं झेल सके। बारिश ने उत्तर वन मण्डल में चल रहे घटिया निर्माण कार्यों एवं कमीशनखोरी के गोरखधंधे की पोल खोलकर रख दी है।

इन स्थानों पर फूटे तालाब

सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार उत्तर वन मण्डल की अजयगढ़ रेंज अंतर्गत अटल भू-जल योजना से कुछ माह पूर्व निर्मित करीब 25 लाख की लागत का तालाब पहली बारिश में ही गुब्बारे की तरह फूट गया। अजयगढ़ रेंज की धवारी बीट में भी नवनिर्मित तालाब फूटा है। धावरी बीट में ही वर्ष 2025 में कैम्पा मद तथा आरडीएफ (विकास) से वर्ष 2022 से हुए पौधरोपण के नजदीक स्थित परकोलेशन टैंक और परकोलेशन पिट भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। धरमपुर रेंज अंतर्गत सिल्हाई बीट में निर्मित परकोलेशन टैंक के फूटने के वीडियो और तस्वीरें भी निकलकर आई हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो अजयगढ़ एवं धरमपुर रेंज की अन्य बीटों में भी अटल भू-जल योजना के तालाब फूटे हैं। साथ ही उत्तर वन मण्डल के अन्य वन परिक्षेत्रों देवेन्द्रनगर, पन्ना एवं विश्रामगंज में अन्य योजनाओं से बने तालाबों-परकोलेशन टैंक, परकोलेशन पिट के क्षतिग्रस्त होने की चर्चाएं भी दबी जुबान विभाग के अंदरखाने चल रही हैं।

इनका कहना है-

“बारिश में अजयगढ़ एवं धरमपुर रेंज अंतर्गत तालाब और परकोलेशन टैंक फूटने की मुझे जानकारी नहीं थी। आपके द्वारा भेजे गए वीडियो-फोटो से मुझे पता चला है। सभी रेंज ऑफिसर्स को जंगल में निर्मित जल संरचनाओं की स्थिति का भौतिक सत्यापन करके 3 दिवस के अंदर जानकारी भेजने के निर्देश दिए हैं। आपने जो फोटो भेजे हैं उसमें कुछ परकोलेशन पिट भी शामिल हैं। फील्ड से जानकारी आने के बाद जल संरचनाओं के फूटने के कारणों का पता लगाया जाएगा यदि कार्य की गुणवत्ता से समझौता होने के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधितों की जवाबदेही सुनिश्चित कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।”

गर्वित गंगवार, डीएफओ, उत्तर सामान्य वनमण्डल, पन्ना।

2

हंगामा बरपा: अवैध शराब मामले में कार्रवाई न होने से आक्रोश, पुलिस थाना के बाहर 29 घंटे से धरना-प्रदर्शन जारी

0
पिकअप में मिली अवैध शराब मामले में प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग को लेकर रैपुरा थाना के बाहर नारेबाजी करते हुए भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ता।

  भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं ने रैपुरा में पकड़ा था शराब से लोड पिकअप वाहन

  कार्यकर्ताओं का आरोप शराब परिवहन परमिट और शराब पेटियों में अंकित बैच नंबर में पाई गई भिन्नता

  जिला आबकारी अधिकारी पन्ना का दावा पिकअप में नियमानुसार ड्यूटी पैड शराब का हो रहा था परिवहन

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में शराब की अवैध बिक्री एवं तस्करी के मामले हर दिन सामने आने से जमकर बवाल मच रहा है। मौजूदा आबकारी ठेकेदार द्वारा गांव-गांव संचालित की जा रहीं शराब की अवैध दुकानों में शराब की बेरोकटोक डिलेवरी होने से आक्रोशित ग्रामीण आंदोलित हो रहे हैं। तेज़ी से फलफूल रहे शराब के अवैध कारोबार पर जिला प्रशासन के द्वारा प्रभावी रोक न लगाने के कारण ग्रामीणों एवं नशा मुक्ति आंदोलन चलाने वाले संगठन के कार्यकर्ताओं को मज़बूरी में आगे आना पड़ रहा है। आमजन के द्वारा पकड़ी जाने वाली अवैध शराब के मामलों में कार्यवाही को लेकर आबकारी और पुलिस महकमे की ढुलमुल रवैये के कारण तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो रही है। जिले के अजयगढ़ थाना अंतर्गत देवरा भापतपुर गांव के बाद अब रैपुरा क़स्बा में ऐसा ही मामला सामने आया है। सोमवार शाम भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा अवैध शराब से लोड पिकअप वाहन पकड़ने के मामले में आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध न होने से जमकर हंगामा बरपा है। ठोस कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ता रैपुरा थाना के बाहर पिछले 29 घंटे से अनवरत धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक उनका आंदोलन जारी था।
जिले के दूरस्थ क़स्बा रैपुरा में सोमवार 11 जुलाई 2025 की शाम लगभग 6 बजे भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा सफ़ेद रंग के एक पिकअप वाहन को पकड़ा गया। जिसमें 121 पेटी शराब लोड थी। वाहन के चालक व हेल्पर के पास उपलब्ध परिवहन परमिट अनुसार कथित तौर पर मोहन्द्रा से बघवारकला दुकान के लिए शराब का परिवहन किया जाना था। लेकिन पिकअप वाहन को अवैध तरीके से रैपुरा लाया गया। भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ता कार्यवाही कराने पिकअप को स्थानीय पुलिस थाना ले गए। जहां थाना प्रभारी से आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग की गई। कथित तौर पर थाना प्रभारी ने शराब की मात्रा अधिक होने का हवाला देते हुए कार्रवाई को लेकर आबकारी विभाग से सम्पर्क करने का सुझाव दिया।
अवैध शराब पकड़ने की सूचना मिलने पर सोमवार मध्य रात्रि में क्षेत्र के आबकारी निरीक्षक हरीश पांडेय रैपुरा पहुंचे। इस दौरान जब उनकी मौजूदगी में शराब परिवहन परमिट में दर्ज बैच नम्बर एवं शराब की पेटियों-बोतलों में अंकित बैच नंबर की जांच की गई तो दोनों में कथित भिन्नता पाई गई। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि, बैच नंबर में भिन्नता पाए जाने पर प्रथम दृष्टया अवैध शराब का मामला प्रतीत होने के बाद भी आबकारी निरीक्षक ने आबकारी एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध नहीं किया। नियमानुसार कार्यवाही न होने आक्रोशित भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ता पूरी रात और मंगलवार 12 अगस्त को रात्रि 11 बजे तक रैपुरा थाना के बाहर धरना-प्रदर्शन करते रहे। स्थानीय पुलिस बल द्वारा उन्हें थाना परिसर को खाली करने के लिए धमकाया गया जिसके चलते कई बार पुलिस से उनकी नोंकझोक भी हुई। कार्यकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया जब तक प्रकरण पंजीबद्ध करने की न्यायोचित मांग पूरी नहीं होती वे थाना परिसर में ही डटे रहेंगे।
शराब का अवैध परिवहन करते पकड़ी पिकअप से शराब की पेटियों को उतारकर रैपुरा थाना परिसर में रखते हुए भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ता।
आज (मंगलवार) देर शाम सहायक जिला आबकारी अधिकरी शम्भू दयाल जाटव एवं आबकारी निरीक्षक हरीश पाण्डेय ने रैपुरा पहुंचकर वहां धरना-प्रदर्शन कर रहे भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं से विस्तृत चर्चा कर गतिरोध को समाप्त कराने का प्रयास किया। लेकिन देर रात्रि 11 बजे तक उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। आबकारी अधिकारियों की ओर से शराब मामले की जांच करने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही का आश्वासन दिए जाने पर आंदोलनरत कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन समाप्त करने के लिए राजी नहीं हुए। उनकी मांग थी कि प्रकरण दर्ज करने के बाद विस्तृत जांच की जाए। प्रदर्शकारियों का आरोप है, प्रथम दृष्टया शराब का अवैध परिवहन साबित होने के बाद भी पुलिस एवं आबकारी अधिकारी ठेकेदार को बचाने के लिए प्रकरण दर्ज करने से इंकार कर रहे हैं। शराब ठेकेदार से सांठगांठ के चलते प्रशासन स्वयं तो उसकी अवैध शराब को पकड़ता नहीं लेकिन आमलोग जब इस पर अंकुश लगाने की पहल करते हैं तो उन्हें प्रोत्साहित करने के बजाए हतोत्साहित किया जाता है।
इनका कहना है-
‘रैपुरा में सोमवार को पकड़ी गई शराब का ड्यूटी पैड करने के बाद नियमानुसार परिवहन किया जा रहा था। हमारे एडीओ साहब शम्भू दयाल जाटव और क्षेत्र के आबकारी निरीक्षक आज शाम से ही रैपुरा में मौजूद हैं। गतिरोध को समाप्त कराने उनके द्वारा भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं से लगातार चर्चा की जा रही है। हमने उनके पास सन्देश पहुंचाया है, प्रकरण की विस्तृत जांच करने का अवसर दिया जाए, जांच में यदि शराब अवैध पाई जाती है तो संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।’

मुकेश मौर्य, जिला आबकारी अधिकारी पन्ना।

2