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विदेश यात्रा से लौटे चार व्यक्तियों की कोरोना वायरस संक्रमण जाँच के लिए सैम्पल जबलपुर भेजे

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कोरोना संदिग्ध व्यक्तियों की लार के सैम्पल को सुरक्षित तरीके जाँच हेतु जबलपुर भेजा गया।

* आईसीएमआर जबलपुर ने रिजेक्ट किए सैम्पल इसलिए दूसरी बार भेजने पड़े

* पिछले दो दिनों से जानकारी देने में आनकानी कर रहे स्वास्थ्य विभाग अधिकारी

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) दुनिया भर में कहर बरपा रहे नोवल कोरोना वायरस संक्रमण के मामले हमारे देश और प्रदेश में लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। इस महामारी की रोकथाम एवं बचाव हेतु वर्तमान में देशव्यापी लॉकडाउन चल रहा है। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लॉकडाउन के दौरान उन सभी लोगों की स्क्रीनिंग करने जुटीं हैं जोकि 15 फरवरी 2020 या उसके बाद विदेश यात्रा, दूसरे राज्य और दूसरे जिले की यात्रा कर वापिस पन्ना लौटे हैं। प्रदेश में कोविड-19 (कोरोना वायरस) संक्रमित व्यक्तियों की संख्या में वृद्धि के मद्देनजर एहतियात के तौर पर पन्ना जिले से चार कोरोना संदिग्ध व्यक्तियों के सैम्पल जांच के लिए जबलपुर भेजे गए हैं। चारों संदिग्ध व्यक्ति पिछले दिनों विदेश से लौटे थे।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि चारों व्यक्तियों की लार (सलाइवा) के सैम्पल को दो दिन पूर्व जांच हेतु भेजा गया था लेकिन उनके मानक-मापदण्ड अनुसार न होने के कारण आईसीएमआर प्रबंधन जबलपुर ने सभी सैम्पल को रिजेक्ट कर दिया। इसलिए शुक्रवार 27 मार्च को चिकित्सकों की देखरेख में उन व्यक्तियों के सैम्पल पुनः सावधानीपूर्वक लेकर उन्हें जांच हेतु जबलपुर भेजा गया है। कोरोना वायरस संदिग्ध चारों व्यक्ति पन्ना के निवासी बताए जा रहे हैं। इनमें दो व्यक्तियों के दुबई, एक नेपाल और एक के अमेरिका से आने की जानकारी मिली है। दुबई से लौटने वाले दोनों व्यक्ति युवा हैं, उनकी आयु 35 व 28 वर्ष है। जबकि नेपाल से आने वाली वृद्धा की आयु 65 वर्ष और अमेरिका से आने वाली युवती की आयु लगभग 21 वर्ष है।
सांकेतिक फोटो।
सूत्रों के अनुसार विदेश से लौटने वाले और उनके सीधे सम्पर्क में आने वाले व्यक्तियों में कोविड-19 कोई लक्षण नहीं पाया गया। मगर इन सभी को सुरक्षा की दृष्टि से 14 दिन के लिए होम क्वारेंटाईन में रखा गया है। इनको स्वास्थ्य विभाग की होम क्वारेंटाईन गाईड लाईन की जानकारी देकर आवश्यक सावधानियां बरतते हुए उसका ईमानदारी से पालन करने के लिए कहा गया। साथ ही उनके घर से निकलने पर सख्त मनाही है। फिहलहाल स्वास्थ्य विभाग को इनके सैम्पल की जाँच रिपोर्ट आने का इंतजार है। मालूम हो कि 15 फरवरी 2020 या फिर उसके बाद विदेश से पन्ना लौटने वालों की संख्या चार से अधिक लेकिन सिर्फ चार व्यक्तियों के ही सैम्पल जांच हेतु क्यों भेजे गए, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
डॉ. एल. के. तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।
उल्लेखनीय है कि जब इस खबर की पुष्टि और इस सम्बंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए पन्ना जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एल. के. तिवारी से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने आनाकानी करते हुए कहा कि उतनी जानकारी देना उचित जो आपके और हमारे हित में है। वहीं पिछले दो दिनों से मीडियाकर्मियों के बार-बार पूंछने पर भी जिले प्रशासनिक अधिकारी इस सम्बंध में कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। स्वास्थ्य विभाग पन्ना के जिला सर्विलेंस अधिकारी प्रतीश ठाकुर ने आज रडार न्यूज़ से मोबाइल पर चर्चा के दौरान चार कोरोना संदिग्ध व्यक्तियों के सैम्पल जाँच हेतु जबलपुर भेजने की पुष्टि की है। जब उनसे पूंछा गया कि कोरोना वायरस संक्रमण की जाँच हेतु पूर्व में भेजे गए सैम्पल किस कारण रिजेक्ट हुए, तो श्री ठाकुर ने अपने जबाब में ज्यादा कुछ नहीं बताया सिर्फ इतना ही कहा ऐसा तकनीकी कारणों से हुआ है।
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बेमौसम बारिश ने अन्नदाता की मुश्किलें बढ़ाई, जिले में रुक-रुक कर हुई हल्की बारिश

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* खेतों में खड़ी और खलिहानों में रखी फसलें भीगीं

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मौसम के बदले मिज़ाज ने जिले के अन्नदाता किसानों की मुश्किलें और चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पन्ना सहित आंचलिक क्षेत्रों में रुक-रूककर हल्की बारिश होने से खेतों में कटाई के लिए तैयार और कटकर खलिहान में गहाई के लिए रखी फसलें पानी में भीग गईं। बेमौसम बारिश के कारण रबी फसलों के नुकसान का खतरा बढ़ गया है। खासकर रबी की दलहनी-तिलहनी फसलों लिए यह बारिश सर्वाधिक नुकसानदेह साबित हो सकती है। इसलिए अन्नदाता किसान अपने खून-पसीने की कमाई रुपी फसल की सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित नजर आ रहे हैं। तमाम विपरीत परिस्थितियों एवं समस्याओं जूझते हुए जिले के अधिकाँश किसानों ने रात-दिन कड़ी मेहनत करके किसी तरह अपनी फसल तैयार की है। लेकिन बेमौसम बारिश और कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु जारी लॉकडाउन के कारण उन्हें अब अपनी फसल के बर्बाद होने का डर सताने लगा है।
हालात के सामने बेबश और मायूस किसानों ने बताया कि बारिश की वजह से खलिहान में रखी फसल गीली हो चुकी है, जिससे गहाई के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है। मिट्टी गीली होने से खेतों में पकी खड़ी फसल भी काटना मुश्किल होगा। आंचलिक प्रतिनिधियों एवं किसानों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पन्ना सहित आसपास के क्षेत्र- देवेन्द्रनगर, अमानगंज, अजयगढ़, सलेहा आदि में अचानक बारिश होने से किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोराना वायरस संक्रमण के प्रकोप के चलते लॉकडाउन के दौरान घर से बाहर निकलने पर संक्रमित होने का डर, पुलिस की सख्ती की वजह से फसलों कटाई और गहाई के लिए मजदूर व थ्रेशर मिलना पहले से ही मुश्किल हो रहा है।
वहीं अब बारिश होने से फसलों की कटाई-गहाई कुछ दिनों तक संभव नहीं हो पाएगी। समाचार लिखे जाने तक जिले भर में आसमान में काले बादल छाए रहे। जिससे फिलहाल मौसम साफ होने की संभावना कम है। जानकारों का मानना है, यदि मौसम की बेरुखी इसी तरह जारी रही तो किसानों की मुसीबतें और भी बढ़ सकती है। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के दौरान फसलों की कटाई-गहाई हेतु किसानों, कृषि मजदूरों को घरों से बाहर निकलने, हार्वेस्टर, थ्रेशर एवं फसल के भंडारण हेतु परिवहन हेतु विशेष छूट दी गई है।
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जिले में देश के बाहर एवं अन्य राज्यों से आए नागरिक जानकारी दर्ज कराएं : कलेक्टर

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पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।

* जानकारी दर्ज न कराने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध होगी कार्यवाही

पन्ना। (www.radarnews.in) कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने जिले के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि 25 फरवरी से लेकर अब तक देश के बाहर एवं अन्य प्रदेश से जो भी व्यक्ति जिले में आए हैं उनकी जानकारी जिला कन्ट्रोल रूम में दर्ज कराना आवश्यक है। ऐसे व्यक्ति अपनी जानकारी दूरभाष क्रमांक 07732-252363 अथवा मोबाइल नम्बर 9425962024 या 9425383782 पर अनिवार्य रूप से दर्ज करा दें। बाहर से आए हुए व्यक्ति 24 घण्टे के अन्दर अपनी जानकारी दर्ज कराएं। जानकारी दर्ज न कराने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध धारा 144 के तहत उनके विरूद्ध पुलिस में प्रकरण दर्ज कराया जाएगा।
उन्होंने आमजनता से भी अपील करते हुए कहा है कि यदि आपके गांव में अथवा पास पड़ोस में अन्य देशों अथवा अन्य राज्यों से आए हुए व्यक्ति रह रहे हैं तो इनकी जानकारी अनिवार्य रूप से जिला कन्ट्रोल रूम में दर्ज कराएं। जानकारी को छिपाना भी अपराध की श्रेणी में आता हैै। इसलिए इस तरह की जानकारी को अनिवार्य रूप से दर्ज करा दें। जिससे मानव समाज को कोरोना वायरस जैसी भीषण बीमारी के संक्रमण से समाज के प्रत्येक व्यक्ति को बचाया जा सके। इस कार्य के लिए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में दल गठित किए गए हैं। जो इस तरह की सम्पूर्ण जानकारी एकत्र कर रहे हैं। आपके घर जानकारी प्राप्त करने के लिए आने वाले दलों से किसी भी तरह की जानकारी छिपाए नहीं। यदि आपके परिवार में किसी को सर्दी, जुखाम, बुखार, खांसी एवं सांस फूलने संबंधी तकलीफ है उसकी जानकारी भी उन्हें दें। जिससे रोगी की घर पर ही जांच कराकर दवा एवं परामर्श दिया जाएगा।
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पंजीकृत मजदूरों को प्रति मजदूर मिलेगी 1000 रुपए की सहायता, सभी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन का दो माह का एडवांस भुगतान

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फाइल फोटो।

* मुख्यमंत्री शिवराज ने कोरोना से प्रभावित होने वालों के लिये सहायता पैकेज की घोषणा

* जनजातीय परिवारों के खातों में दो माह की एडवांस राशि

* वीडियो कान्फ्रेंसिग के माध्यम से आयुक्तों, आईजी, कलेक्टरों को दिए निर्देश

शादिक खान, भोपाल। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी आयुक्तों, आई.जी., जिला कलेक्टरों, एस.पी., सीएमएचओ, नगर निगम आयुक्तों, नगर पालिका, सीएमओ से कोरोना वायरस की रोकथाम और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन के आह्वान के संबंध में चर्चा की ।
मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन के कारण उत्पन्न होने वाली स्थिति और इससे प्रभावित वर्गों के लिये सहायता पैकेज की देने की बात की । उन्होंने कहा कि प्रदेश के 46 लाख पेंशनर्स को 600 रु. प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा योजना अंतर्गत रुपए 275 करोड़ प्रतिमाह भुगतान किया जा रहा है। सभी प्रकार के सामाजिक सुरक्षा पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धा अवस्था पेंशन निराश्रित पेंशन इत्यादि का दो माह का एडवांस भुगतान किया जायेगा।
संनिर्माण कर्मकार मंडल के अंतर्गत मजदूरों को लगभग 8.25 लाख रूपये की सहायता प्रति मजदूर 1000 रुपए के हिसाब से उपलब्ध करायी जायेगी। इसी प्रकार 2.20 लाख राशि सहरिया, बैगा, भारिया जनजातियों के परिवारों के खातों में दो माह की एडवांस राशि दो हजार रुपए भेजी जाएगी।

मिलेगा निःशुल्क उपचार

कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर शासकीय हॉस्पिटल-मेडिकल कॉलेज में नि:शुल्क इलाज किया ही जायेगा साथ-साथ चिन्हित प्राइवेट मेडिकल कॉलेज/प्राइवेट हॉस्पिटल में भी‍ नि:शुल्क इलाज सभी वर्गों के लिए उपलब्ध रहेगा। प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान भारत में निर्धारित दरों के हिसाब से भुगतान किया जावेगा। ग्राम पंचायतों में पंच-परमेश्वर योजना की प्रशासनिक मद में राशि उपलब्ध है। इसे कोरोना के नियंत्रण तथा लॉकडाउन के कारण जहाँ भी लोगों को भोजन-आश्रय की व्यवस्था करना हो खर्च की अनुमति प्रदान की जा रही है।

बच्चों के खातों में आएगी एमडीएम की राशि

स्कूल बंद होने से मध्यान्ह भोजन योजना का लाभ बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। अप्रैल 2020 तक का खाद्यान्न रिलीज किया जा चुका है। इसे अब पी.डी.एस. अन्तर्गत राशन दुकानों को उपलब्ध कराया जायेगा। इसके फलस्वरूप कुल 65 लाख 91 हजार विद्यार्थियों के खाते में मध्यान्ह भोजन की 156 करोड़ 15 लाख रूपए की राशि का वितरण किया जायेगा – प्राथमिक शालाओं के 60.81 लाख विद्यार्थियों को 155 रु. प्रति विद्यार्थी की दर से 94.25 करोड़ रुपये और माध्यमिक शाला के 26.68 लाख विद्यार्थियों को 232 रु. प्रति विद्यार्थी की दर से 61.90 करोड़ दिये जायेंगे।

बनाए रखें सोशल डिस्टेंसिंग

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी संबंधित अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जरूरी है कि लोग अपने घरों में रहें । भीड़-भाड़ न हो। सभी धार्मिक सामाजिक कार्यक्रम पूरी तरह बंद रहेंगे। सभी धार्मिक स्थानों को भी आम जनता के लिये बंद रखा जायेगा। जिला कलेक्टरों को निर्देश दिये ककि वे स्थानीय धर्म गुरूओं से चर्चा करें।

मुख्यमंत्री के निर्देश

फाइल फोटो।
मेले आदि का आयोजन भी अगले 21 दिनों तक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सोशल डिस्टेंसिंग के मापदण्डों का सभी जगह कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिये हैं।
सामुदायिक निगरानी को बढ़ाया जाये जिससे बुखार, सर्दी, खांसी के मरीजों के बारे में जिला प्रशासन को तत्काल सूचना मिल सके।
जिन मरीजों को सामान्य सर्दी-खांसी और बुखार हो उन्हें जांच के बाद समाधान होने पर घर में ही दवा पहुंचाने के प्रयास करें। कलेक्टर इस कार्य के लिये मोहल्ले या वार्ड की स्वयंसेवी और सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी आगे मदद के लिये प्रेरित करें।
कॉल सेंटर को 24 घंटे सक्रिय रखा जाये। कॉल सेंटर से सूचना प्राप्त होने पर घर पर दवाई पहुँचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हो सकते है, जिन्हें लॉकडाउन के कारण भोजन की व्यवस्था करने में कठिनाई आ रही हो ऐसी स्थिति में स्वयं सेवी संस्थाओं आदि को प्रेरित कर भोजन के पैकेट बनवाये जाये एवं वितरण की व्यवस्था की जाये ताकि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे।
सभी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। दवाई की दुकान, किराने की दुकान एवं फल सब्जियों की दुकानों के सामने नगर निगम एवं नगर पालिका एवं ग्राम पंचायत के माध्यम से पेंट तथा चूने से निशान लगाये जाए, जिससे खरीदी करने वाले व्यक्ति आपस में सोशल डिस्टेंसिंग रख सके।
ऐसी दुकान एवं संस्थाओं के खुले रहने का समय अधिक से अधिक हो ताकि किसी एक समय पर भीड़ लगने की संभावना कम हो।
सुनिश्चित करें कि प्रदेश में माल परिवहन बिना बाधित हुए चलता रहें ताकि वस्तुओं की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं आवे। पैकेजिंग मटेरियल के परिवहन में भी बाधा नहीं आए। माल परिवहन से संबंधित वाहनों को चेक पांईट पर भी नहीं रोका जाये।
सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि अत्यावश्यक वस्तु एवं दैनिक उपयोगी एवं मार्केट में दवाई की सामान्य कीमत पर मिल सके। अधिक कीमतें वसूल करने की शिकायत प्राप्त होने पर कड़ी कार्यवाही की जावे।
डॉक्टर, नर्स तथा आवश्यक कार्य करने वाले अमले को पर्याप्त सुरक्षा एवं आवश्यक सुविधा मिल सके, यह सुनिश्चित करें।
समस्त संभागीय आयुक्तों का यह दायित्व है कि वे अपने सभी जिलों में समन्वय रखें। यदि आपूर्ति तथा लॉजिस्टिक्स की कोई समस्या है तो तत्काल अवगत करायें।
उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक सामग्री जैसे सब्जियाँ, किराना, दूध, फल आदि सामग्री निर्बाध रूप से उपलब्ध करायी जाये।
सब्जी मंडियों में अनावश्यक भीड़-भाड़ ना हो। वहाँ से केवल रिटेल व्यापारी ही सब्जियाँ खरीदें उपभोक्ता नहीं। अगर संभव हो तो उन्हें फैला दें।
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सड़क हादसा : मोटरसाइकिलों की जबरदस्त भिड़न्त में दोनों के चालकों की दर्दनाक मौत, 2 गम्भीर घायल

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फाइल फोटो।

* पन्ना जिले के रैपुरा थाना क्षेत्रान्तर्गत ताखौरी-बघवार मार्ग पर हुआ हादसा

* हैलमेट पहना होता तो शायद बच सकती थी दोनों नवयुवकों की जान

* कोरोना संकट के बीच ग्रामीण अंचल में बेअसर साबित हो रहा लॉकडाउन

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में रैपुरा थाना क्षेत्रान्तर्गत ताखौरी-बघवार मार्ग पर दो तेज रफ़्तार मोटरसाइकिलों में आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों मोटरसाइकिलों के परखच्चे उड़ गए और उनमें सवार चारों युवक उछलकर दूर जा गिरे। इस भीषण सड़क हादसे में एक बाइक चालक फूल सिंह यादव 32 वर्ष की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जबकि दूसरी मोटरसाइकिल के चालक आनन्द चौधरी 18 वर्ष ने इलाज के दौरान पड़ोसी जिला कटनी में दम तोड़ दिया। हादसे के समय दोनों बाइक में पीछे सवार रहे दो युवकों को गम्भीर चोटें आई हैं। घायलों में एक की हालत काफी नाजुक बताई जा रही है। सड़क हादसे में असमय काल-कवलित होने वाले दोनों मोटरसाइकिल चालकों ने हैलमेट नहीं पहना हुआ था। लोगों का मानना है यदि उन्होंने हैलमेट पहना होता तो शायद आज वे जीवित होते। उधर, इस भीषण सड़क हादसे के बाद से समूचे रैपुरा क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।
रैपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आनन्द चौधरी के इलाज के दौरान लिया गया चित्र।
प्राप्त जानकारी के अनुसार फूल सिंह यादव पिता कुंजीलाल यादव 32 वर्ष मोटरसाइकिल से अपने दोस्त बहादुर यादव पिता रामलाल यादव दोनों निवासी ग्राम ताखौरी मंगलवार 24 मार्च की रात करीब 8:30 बजे किशनपाटन की ओर जा रहे थे। सामने से आनन्द चौधरी 18 वर्ष निवासी किशनपाटन मोटरसाइकिल से आ रहा था। मोटरसाइकिल में पीछे उसका गाँव का ही स्वजातीय दोस्त दीपक चौधरी बैठा था। रास्ते में दोनों तेज रफ़्तार मोटरसाइकिलों के बीच सीधी टक्कर हो गई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि चारों मोटरसाकिल सवार उछलकर दूर जा गिरे और उनकी मोटरसाकिलों के परख्च्चे उड़ गए। इस हादसे में खून से लथपथ और अत्यंत ही गंभीर रूप से घायल फूल सिंह यादव की मौके पर ही मौत हो गई। युवकों के गांवों के बीच हुए इस हादसे की भनक लगते ही उनके परिजन-रिश्तेदार तुरंत मौके पर पहुँच गए। चंद मिनिट बाद थाना प्रभारी रैपुरा संदीप भारती हमराही बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। खून से लथपथ चारों युवकों को अचेत हालत में तुरंत इलाज हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रैपुरा लाया गया। जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने फूल सिंह यादव का मेडिकल परीक्षण करने के बाद उसे अधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया।
हादसे में अत्यंत ही गम्भीर रूप से घायल आनन्द चौधरी और बहादुर यादव की नाजुक हालत को देखते हुए दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद कटनी के लिए रेफरल किया गया। रैपुरा थाना प्रभारी एवं उप निरीक्षक संदीप भारती ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार देर रात जिला चिकित्सालय कटनी में इलाज के दौरान आनन्द चौधरी की भी मौत हो गई। जबकि मृतक फूल सिंह यादव के साथी बहादुर यादव 22 वर्ष निवासी ताखौरी की हालत अभी भी काफी गम्भीर बनीं हुई है। वहीं घायल युवक दीपक चौधरी का इलाज रैपुरा में ही जारी है।
घटनास्थल पर घायलों को देखते और उनके फोटो मोबाइल से निकालते लोग।
भीषण सड़क हादसे में असमय मृत दोनों नवयुवक विवाहित बताये जा रहे हैं। मोटरसाइकिल चलाते समय दोनों युवकों ने हैलमेट नहीं पहना था। उनके साथी भी बगैर हैलमेट के यात्रा कर रहे थे। लोगों का ऐसा मानना है यदि दोनों बाइक चालक हैलमेट पहने होते तो शायद उनकी जान बच सकती थी। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए पन्ना जिले में मंगलवार 24 मार्च की शाम से 27 मार्च तक के लिए लॉकडाउन घोषित किया गया है। इस दौरान लोगों से अपने घरों पर रहने के लिए कहा जा रहा है। बेहद जरुरी होने पर परिवार से केवल एक व्यक्ति को सीमित अवधि के लिए बाहर आने की छूट दी गई है। यह दुखद हादसा बताता है कि ग्रामीण अंचल में लोग लॉकडाउन का पालन पूरी तरह नहीं कर रहे हैं। कोरोना वायरस के लाइफ साइकल को ब्रेक करने लिया गया लॉकडाउन का फैसला लोगों की लापरवाही के चलते अपने लक्ष्य को कैसे और कितना प्राप्त कर पाएगा, इसका पता तो आने वाले दिनों में ही चलेगा।
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कोरोना संकट : पन्ना जिले में 27 मार्च तक लाॅकडाउन घोषित, धारा-144 लागू और बार्डर भी सील, जरुरी होने पर परिवार का कोई एक सदस्य सीमित समय के लिए निकल सकेगा घर से बाहर

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जनता कर्फ्यू के चलते पन्ना में मंगलवार को अघोषित लॉकडाउन नजारा देखने को मिला।

* कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम को लेकर प्रशासन अलर्ट

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) पूरी दुनिया में कहर बरपा रहे नोवल कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार-प्रभाव को रोकने के लिए पन्ना जिले में मंगलवार 24 मार्च की शाम से शुक्रवार 27 मार्च तक के लिए अधिकारिक तौर पर लॉकडाउन घोषित किया गया है। जिले में लोकहित एवं नागरिकों को संक्रमण से बचाने के लिए धारा-144 पहले से ही लागू है। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के प्रयासों के तहत जिले की सभी सीमाओं को लॉक (सील) कर आवाजाही पर भी पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है।
जनता कर्फ्यू के चलते लोगों के सुबह से घरों में रहने से सूनी पड़ीं पन्ना की सड़कें।
कोरोना को हारने के लिए जिले के अधिकाँश लोग शासन-प्रशासन का पूर्ण सहयोग करते हुए शनिवार 21 मार्च की रात्रि से ही अपने घरों से बाहर नहीं निकले। कोरोना के खिलाफ जारी जंग में रविवार 22 मार्च को नागरिकों के जनता कर्फ्यू को स्वेच्छा से पूर्ण समर्थन देते हुए ऐतिहासिक बंद रखकर संयम और समझ का अभूतपूर्व उदाहरण प्रस्तुत किया था। हालाँकि शाम 5 बजे के बाद कतिपय लोग ताली और थाली बजाते हुए अति उत्साह में घरों से बाहर निकलकर ऐसा प्रदार्शन कर रहे थे जैसे महज कुछ घण्टों के जनता कर्फ्यू से कोरोना वायरस के खतरे पर पूरी तरह विजय प्राप्त कर ली है। हालाँकि ऐसे लोगों को कुछ ही देर में यह समझ आ गया कि कोरोना से लड़ाई कितनी लम्बी और चौनौतीपूर्ण है।
पन्ना जिले में रविवार 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद से अर्थात 9 बजे से ही अब तक अघोषित तौर पर लॉकडाउन चल रहा था। यह अलग बात कि प्रशासन ने इसे आमजन की स्वेच्छा से जनता कर्फ्यू में वृद्धि बताया। इस दौरान सड़कें सूनीं रहीं, बाजार बंद रहा और लोग घरों में दुबके रहे। बहरहाल मंगलवार शाम से अधिकारिक तौर पर लॉकडाउन घोषित किया जा चुका है। इस दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी कार्यालय एवं व्यापारिक-व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। लॉकडाउन घोषित होने से नागरिकों पर कई तरह की पाबंदी लागू हो गई है। अब हर कोई मनमाने तरीके से घर से बाहर नहीं निकल सकेगा। सिर्फ अतिआवश्यक वस्तुओं के लिए परिवार का कोई एक सदस्य सीमित अवधि के लिए बाहर निकल सकता है। लॉकडाउन की अवधि में लोगों से अपने घरों पर ही रहने के लिए कहा गया है। इसका पालन न करने वालों के विरुद्ध प्रशासन सख्त कार्रवाई कर सकता है।

कलेक्टर ने की सहयोग की अपील

पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।
कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने पन्ना जिले के नागरिकों को बधाई देते कहा है कि तीन दिनों तक सयंम के साथ कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ने के लिए स्वैच्छा से कार्य किया है। आगे आने वाले समय में भी जिले के नागरिक इसी तरह संयम के साथ कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में कार्य करेंगे। आप सभी को विदित है कि यह समस्या बहुत बड़ी है और अभी आगे भी हमें इसके बचाव के लिए और अधिक संयमित होकर कार्य करना पड़ेगा। इसलिए 27 मार्च तक जिले में लाॅकडाउन घोषित किया जाता है। पूरी प्रक्रिया में जिले की सीमाओं को लाॅक किया जाएगा तथा समस्त प्रकार के आवागमन को निषिद्ध किया जा रहा है। अतिआवश्यक वस्तुओं छोड़कर समस्त व्यापारिक प्रतिष्ठान जैसे अभी तक बंद है वैसे ही पूर्णताः बंद रहेंगे।

धारा-144 के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

लोगों को अपने घरों में रहने की समझाइश देते हुए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी।
पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने बताया कि अब केवल अतिआवश्यक वस्तुओं के लिए परिवार का कोई एक सदस्य सीमित अवधि के लिए बाहर निकल सकता है। अनावश्यक सभी को बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने कहा कि आप लोगों से आग्रह है कि आप अपने घर में ही रहें तथा संक्रमण से मुक्त पन्ना जिले को करने के लिए जिला प्रशासन की मदद करें। लोकहित एवं जनता को संक्रमण से बचाने के लिए धारा-144 के उल्लंघन करने पर कार्यवाही की जाएगी।

बाहर से आने वालों की बनेगी सूची

कोरोना संक्रमण की रोकथाम पर बैठक में चर्चा करते कलेक्टर पन्ना।
कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने एक आपातकालीन बैठक आयोजित कर कोरोना वायरस रोकथाम के लिए अब तक जिले में की गयी कार्यवाही एवं आगामी दिनों में की जाने वाली कार्यवाही के संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में 25 फरवरी से लेकर अब तक देश व प्रदेश के बाहर से जिले मेें आए लोगों की पहचान कर उनकी स्क्रीनिंग करना अतिआवश्यक है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में यह कार्य प्रभावी ढंग से प्रारंभ है। जिले के नगरीय क्षेत्रों में इस कार्य को प्राथमिकता के साथ दो दिवस के अन्दर पूर्ण किया जाना है।

25 फरवरी के बाद आने वालों जुटाई जाएगी जानकारी

इस कार्य के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के. को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनके द्वारा इस कार्य के लिए दल गठित किए गए हैं। गठित किए गए दल प्रत्येक नगरीय निकाय में जितने वार्ड हैं उस निकाय के लिए उतने ही दल गठित किए गए हैं। इन दलों में बीएलओ, आंगनवाडी कार्यकर्ता, शिक्षक, आशा, नगरीय निकाय के वार्ड प्रभारियों को शामिल किया गया है। यह दल अपने-अपने दायित्व वाले वार्डो में ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार करेंगे जो 25 फरवरी से अब तक देश या प्रदेश से जिले मेें आए हैं। इन लोगों द्वारा ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार करने के साथ-साथ जिले के उन व्यक्तियों की सूची भी तैयार की जाएगी जिन्होंने इस अवधि में जिले से बाहर की यात्राएं की हैं। जानकारी में व्यक्ति किस स्थान से यात्रा कर किस दिनांक को जिले में आया, उनका पूर्ण पता, मोबाइल नम्बर, संबंधित व्यक्ति को सर्दी, बुखार, खांसी, सांस फूलने आदि की जानकारी पंजीबद्ध की जाएगी।

बीमार व्यक्तियों की भी बनेगी सूची

जिले सीमाओं को सील कर आवागमन पर पूर्णतः रोक लगाई गई है, सीमाओं की निगरानी में तैनात पुलिस जवान।
इसके अलावा यह दल अपने-अपने दायित्व क्षेत्र के उन लोगों की जानकारी भी तैयार करेंगे जिन व्यक्तियों द्वारा 25 फरवरी से अब तक की अवधि में जिले से बाहर आना जाना नहीं किया है लेकिन उन्हें सर्दी, खांसी, बुखार आदि की समस्या है। ऐसे व्यक्तियों का पंजीकरण कर उन्हें आवश्यक उपचार उनके घर पर ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है। निर्धारित अवधि में देश या राज्य से बाहर से आने वाले लोगों की जानकारी चलित चिकित्सा दल को दी जाएगी। इन सभी व्यक्तियों की जानकारी गूगल सीट पर दर्ज की जाएगी। यह दल संबंधित व्यक्ति के घर पर पहुंचकर आवश्यक जांच एवं उपचार उपलब्ध कराएगा। कोेई भी व्यक्ति चिकित्सालय तब तक नहीं आएगा जब तक की जांच उपरांत उसे चिकित्सालय चिकित्सा दल द्वारा भेजा नहीं जाता।

महिला स्व सहायता समूहों ने बनाए मास्क

पन्ना के जिला पंचायत परिसर में लगा महिला स्व सहायता समूहों द्वारा निर्मित मास्क एवं सेनिटाइजर का स्टॉल।
इस बैठक में निर्देश दिए गए हैं कि एनआरएलएम के स्वसहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे सेनेटाइजर एवं मास्क प्रथम चरण में उन अधिकारियों/कर्मचारियों को दिए जाएंगे जो वर्तमान में शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लगाए गए हैं। इसके उपरांत इन दोनों सामग्रियों का शासन द्वारा निर्धारित दर पर विक्रय किया जाएगा। सम्पन्न हुई बैठक में अपर कलेक्टर जे.पी. धुर्वे, एसडीएम शेर सिंह मीना, डिप्टी कलेक्टर कु. रचना शर्मा, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अशोक चतुर्वेदी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास उदल सिंह, परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण ओ.पी. दुबे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पन्ना श्रीमती तपस्या जैन, तहसीलदार पन्ना दीपा चतुर्वेदी, एपीओ संजय सिंह के साथ संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

जिला स्तरीय टीम गठित

नोबल कोरोना वायरस से संबंधित जारी दिशा निर्देशानुसार संबंधित जानकारी हेतु एकीकृत संचार नियंत्रण प्रणाली के संचालन हेतु जारी हेल्पलाईन नम्बर 104 एवं 181 के माध्यम से प्राप्त होने वाली काॅल के निराकरण हेतु जिले में कन्ट्रोल रूम ई-दक्ष केन्द्र यादवेन्द्र क्लब (धरम सागर तालाब के पास) पन्ना में स्थापित किया जा रहा है। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने कन्ट्रोल रूम के नोडल अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को बनाया है। उन्होंने जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम में जिले के डेशबोर्ड पर प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों में आवश्यक कार्यवाही किए जाने हेतु जिला स्तरीय टीम गठित की है। गठित टीम अपने कार्य के साथ-साथ प्रदाय किए गए अन्य कार्य भी निष्पादित करेंगे। उन्होंने गठित टीम को निर्देशित किया है कि किसी भी प्रकार के भारमुक्ति की प्रतीक्षा किए बिना तत्काल कर्तव्य स्थल पर उपस्थित होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करना सुनिश्चित करें। इस कन्ट्रोल रूम में 29 कम्प्यूटर आपरेटरों की नियुक्ति की गयी है जो प्रत्येक जानकारी को पंजीकृत करेंगे।

जिले में 31 चलित चिकित्सा दल गठित

जिले में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं संभावित व्यक्तियों की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी द्वारा 31 चलित चिकित्सा दल गठित किए हैं। यह चिकित्सा दल ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में 25 फरवरी से अब तक देश या प्रदेश के बाहर से आए हुए व्यक्तियों की स्क्रीनिंग करेंगे। ऐसे व्यक्तियों की जानकारी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में गठित दलों द्वारा पहचान की जा रही है। पहचान के उपरांत चिकित्सा दल को जानकारी दी जाएगी। जानकारी मिलने के उपरांत चिकित्सा दल संबंधित के घर जाकर उनकी स्क्रीनिंग करने के उपरांत आवश्यक उपचार एवं परामर्श देगा। इसके अलावा 15 चलित चिकित्सा दल रिजर्व में रखे गए हैं। चिकित्सक दल में एक चिकित्सक एवं एक सहायक रखे गए हैं। यह चिकित्सा दल भ्रमण के दौरान आवश्यक औषधियां भी साथ रखेगा। आवश्यकतानुसार लोगों को औषधी भी कराई जाएगी।

आशा एवं एएनएम के पास दवाएं उपलब्ध

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी द्वारा बताया गया कि जिले में नियुक्त समस्त आशा कार्यकर्ता एवं बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पास आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी हैै। कोई भी व्यक्ति सर्दी, जुखाम, खांसी, बुखार आदि से पीडित है तो आशा कार्यकर्ता या बहुउद्देशीय कार्यकर्ता से दवाएं प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा अन्य बीमारियों की संबंध में भी आशा कार्यकर्ता एवं बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता से सम्पर्क स्थापित कर आवश्यक उपचार एवं परामर्श प्राप्त करें।
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बेटी के विवाह से पहले गृहस्थी का सामान जला, पाई-पाई जोड़कर और उधार लेकर खरीदा था सामान

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आग लगने से पूरी तरह जला बेटी के विवाह के लिए जमा गृहस्थी का सामान।

* पन्ना में आगजनी प्रभावित गरीब दलित परिवार की बढ़ी मुश्किलें

* जिस कमरे में सामान रखा था वहां भगवान के मंदिर में जलाया था दीपक

* बंद कमरे से धुआँ उठता देखकर पड़ोसी ने दी आग लगने की जानकारी

मनीष सारस्वत, रोहित रैकवार- पन्ना। (www.radarnews.in) शहर के धाम मोहल्ला में रहने वाले एक दलित परिवार की बेटी के विवाह से पहले उसकी गृहस्थी का पूरा सामान जलकर खाक हो गया। पाई-पाई जोड़कर और उधार लेकर खरीदे गए सामान के जलने से पीड़ित परिवार काफी दुखी व चिंता में डूबा हुआ है। बेटी के विवाह का पूरा सामान जलने से मानों उनके ऊपर मुश्किलों का पहाड़ टूट पड़ा है। इनकी चिंता इस बात को लेकर है कि वे पहले से तय तिथि में बेटी का विवाह अब कैसे कर पाएंगे ? क्योंकि दूर के रिश्तेदारों व परिचितों को वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रण पत्र (कार्ड) भेजा जा चुका है।
आगजनी प्रभावित बिहारी जाटव अपनी बेटी पिंकी और पत्नी के साथ।
पन्ना के धाम मोहल्ला निवासी फल विक्रेता बिहारी जाटव के घर पिछले कुछ दिनों से चहल-पहल बढने के साथ उत्साह व ख़ुशी का माहौल था। दरअसल, उनकी बेटी पिंकी के विवाह की तारीख़ जो नजदीक आ रही थी। पिंकी का विवाह 14 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के मौदहा में होना तय हुआ है। बेटी के लिए सुयोग्य वर की तलाश करने के बाद बिहारी जाटव व परिवार के अन्य सदस्य बड़े अरमानों के साथ उसे ख़ुशी-ख़ुशी विदा करने के लिए विवाह की आवश्यक तैयारियों में जुट गए।
जले हुए गृहस्थी के सामान को देखते मोहल्ले के लोग।
वैवाहिक सीजन शुरू होने पर घर-गृहस्थी का सामन महंगा होने की संभावना को देखते हुए बिहारी जाटव ने अपनी जमा पूँजी से और परचितों से कुछ रूपए उधार लेकर बेटी के विवाह में उसे उपहार के रूप में देने के लिए अधिकाँश सामान खरीद कर रख लिया था। दूर रहने वाले रिश्तेदारों-परिचितों को विवाह में शामिल होने के लिए आमंत्रण पत्र भी भेज दिए गए। इस बीच सोमवार 23 मार्च की शाम बिहारी के घर पर जिस कमरे में बेटी के विवाह का सामान रखा था उसके अंदर स्थित भगवान के मंदिर में उनकी माँ ने रोज की तरह शाम को पूजा-पाठ कर दीपक जलाया और फिर कमरे के दरवाजे पर ताला डालकर वापस घर के उस हिस्से में चलीं गईं जहाँ सभी सदस्य निवास करते हैं। रात्रि में खाना खाने के बाद बिहारी जाटव और परिवार के अन्य सदस्य अपने-अपने कमरों में सोने के लिए चले गए।
मंगलवार तड़के पड़ोसी मोहन जाटव की जब नींद खुली तो उन्होंने देखा कि बिहारी के मकान के बाहरी कमरे से भीषण धुआँ उठ रहा था। आग लगने की आशंका के मद्देनजर मोहन ने तुरंत बिहारी जाटव व उनके परिजनों को सूचित किया। जिस कमरे से धुआँ निकल रहा था जब उसके दरवाजे खोले गए तो अंदर रखा बेटी के विवाह का सामान आग की प्रचण्ड लपटों में जलता हुआ देखकर सबके होश उड़ गए। आनन-फानन पड़ोसियों की मदद से कमरे की आग को बुझाने पानी डाला गया। करीब आधा घण्टे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालाँकि तब तक अधिकाँश सामान जल कर ख़ाक हो चुका था। आगजनी की घटना में फ्रिज, कूलर, टीव्ही, सोफा सेट, डबल बैड, अलमारी, गद्दे, कपड़े, खाद्यान्न सामग्री सहित करीब 3 लाख रुपए मूल्य का सामान जल गया। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि गृहस्थी के सामान में आग मंदिर के दीपक से लगी है।
आगजनी की घटना के बाद से जाटव परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कल तक बिहारी के घर पर जहाँ ख़ुशी और उत्साह का माहौल था आज वहाँ परिवार के प्रत्येक सदस्य के चेहरे पर उदासी और चिंता साफ़ नजर आ रही है। इन हालात में पूर्व निर्धारित तिथि पर पिंकी के हाथ पीले कैसे होंगे, अपनी लाड़ली को अरमानों के साथ वे कैसे विदा कर पाएंगे यह चिंता जाटव परिवार को हर पल बेचैन कर रही है। बहरहाल अच्छी बात यह है कि इस मुश्किल घड़ी में कुछ संवेदनशील लोग आगजनी प्रभावित इस गरीब दलित परिवार की मदद के लिए आगे आए हैं। उधर कोतवाली थाना पन्ना पुलिस को आगजनी की घटना की सूचना दी गई। पीड़ित बिहारी जाटव ने शासन-प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से उदारतापूर्वक मदद करने की गुहार लगाई है।
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एमपी में एक बार फिर “शिव राज”, मुख्यमंत्री पद की चौथी बार शपथ लेकर बनाया रिकार्ड

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की रिकार्ड चौथी बार शपथ लेते शिवराज सिंह चौहान।

* बोले- कोरोना वायरस (कोविड-19) से मुकाबला पहली प्राथमिकता

* राज्यपाल ने श्री चौहान को दिलायी मुख्यमंत्री पद की शपथ

* पूर्व सीएम कमलनाथ और भाजपा नेता सिंधिया ने दी बधाई

भोपाल। (www.radarnews.in) शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार रात 9 बजे राजभवन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रूप में शपथ ली। वे पहले ऐसे नेता हैं जो चौथी बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं। राज्यपाल लालजी टंडन ने शिवराज सिंह चौहान को प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव एम.गोपाल रेड्डी ने किया। शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ एवं सुश्री उमा भारती, भारतीय जनता पार्टी के विधायक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे को देखते हुए शपथ ग्रहण समारोह बेहद संक्षिप्त रहा और 10 मिनिट से भी कम चला।
पदभार ग्रहण करते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान।
शिवराज ने अकेले शपथ ली, उनके मंत्रिमण्डल के किसी सदस्य ने आज शपथ नहीं ली। वे करीब 1 वर्ष और 3 माह बाद रिकार्ड चौथी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं। शिवराज के अलावा अब तक अर्जुन सिंह व श्यामाचरण शुक्ल तीन-तीन बार मुख्यमंत्री रहे हैं। विगत दिनों फ्लोर टेस्ट से पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ के इस्तीफ़ा देने के बाद मुख्यमंत्री की दौड़ में शिवराज सिंह चौहान को सबसे सशक्त दावेदार माना जा रहा था। चौथी बार मुख्यमंत्री बने शिवराज सिंह चौहान को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बधाई दी है। मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि “मेरी सबसे प्राथमिकता कोरोना वायरस (कोविड-19) से मुकाबला है, बाकी सब बाद में।”

ट्वीट करके दी बधाई

पूर्व मुख्यमंत्री, कमलनाथ।
शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट करके बधाई दी है। इसके अलावा प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं भजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी उन्हें बधाई दी है। कमलनाथ ने अपने ट्वीट में कहा कि- “प्रदेश के 19 वे मुख्यमंत्री के रूप में श्री शिवराज सिंह चौहान के शपथ लेने पर मैं उन्हें बधाई देता हूँ।साथ ही उम्मीद करता है कि कांग्रेस सरकार द्वारा विगत 15 माह में शुरू किये गये जनहितैषी कार्यों, निर्णयों व योजनाओं को प्रदेश हित में वे आगे बढ़ाएँगे।“ वहीं सिंधिया ने अपने ट्वीट में कहा कि- “मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार बनने और चौथी बार मुख्यमंत्री का पद संभालने पर श्री शिवराजसिंह चौहान जी को हार्दिक बधाई। प्रदेश के विकास प्रगति और उन्नति में मैं सदैव आपके साथ खड़ा हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि आप के नेतृत्व में मप्र विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।“
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कोरोना के कहर को रोकने जनता कर्फ्यू को अगले 2 दिन और जारी रखें, दुकानें बंद रखकर लोगों से घरों में रहने की अपील, थाली-ताली बजाकर कोरोना के खिलाफ डटे लोगों को किया सैल्यूट

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जनता कर्फ्यू के चलते पन्ना में मंगलवार को अघोषित लॉकडाउन नजारा देखने को मिला।

* प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने पर पन्ना कलेक्टर ने की अपील

  • दूसरे राज्यों से पन्ना लौटे 1,000 से अधिक नागरिकों का परीक्षण जारी

  • जनता कर्फ्यू के चलते समूचा पन्ना जिला रविवार रात 9 बजे तक थमा रहा

  • कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने धारा-144 के पालन को लेकर शुरू की सख्ती

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम को लेकर रविवार 22 मार्च को पन्ना जिले के लोगों ने जनता कर्फ्यू का पूर्ण समर्थन किया। शनिवार देर रात से लेकर आज रात 9 बजे तक अधिकाँश लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकले। इस दौरान पन्ना सहित आंचलिक कस्बों व ग्रामों में के बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। सड़कें पूरी तरह सुनसान रहीं। लोगों ने जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाते हुए संकट की घड़ी में कर्फ्यू को स्वयं पर लागू किया। यहाँ तक कि लोग अलसुबह मॉर्निंग वॉक पर भी नहीं गए। यात्री बसों का संचालन पूर्णतः बंद रहा। केवल दवा दुकानें और पेट्रोल पम्प खुले रहे। वहीं पन्ना में शाम 5 बजे लोगों ने कोरोना के खिलाफ मैदान में डटे डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टॉफ, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति हृदय से आभार जताने के लिए ताली, थाली बजाई और शंखनाद किया। ऐसा करके इन सब योद्धाओं को अनूठे अंदाज में सैल्यूट किया गया।
थाली और ताली बजाकर कोरोना संक्रमण के खिलाफ मैदान में डटे सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति आभार जताते हुए महिलाएं एवं बच्ची।
शाम के समय शहर की सड़कों पर गिनती के लोग चहलकदमी करते नजर आए जोकि आवश्यक कार्य के चलते अपने घरों से बाहर निकले थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना संकट के मद्देनजर देश के नागरिकों से रविवार 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक जनता कर्फ्यू लगाने और इससे लड़ रहे लोगों के प्रति आभार जताने का आव्हान किया था। देश-प्रदेश के अन्य स्थानों की तरह पन्ना जिले में भी 14 घण्टे का जनता कर्फ्यू पूर्णतः सफल रहा। शहर के बुजुर्गों ने बताया कि उन्होंने इसके पहले कभी इस तरह का ऐतिहासिक मुकम्मल बंद नहीं देखा। ऐसा पहली बार है जब लोगों ने लोकहित में किसी बंद/जनता कर्फ्यू में इस तरह से अपनी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई है।

जनता कर्फ्यू 24 तक जारी रखने की अपील

पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।
पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने रविवार के जनता कर्फ्यू पूरी तरह सफल बनाने के लिए पन्ना की जनता का आभार जताया है। लेकिन मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने से स्थिति जिस तरह ख़राब हो रही है उस पर चिंता भी जताई है। इस वैश्विक महामारी के प्रसार को रोकने के लिए पन्ना में जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। मगर विशेष एहतियात बरतने के उद्देश्य से पन्ना कलेक्टर ने जिले के नागरिकों से लोकहित में “जनता कर्फ्यू” को अगले 2 दिन अर्थात 23 एवं 24 मार्च को भी निरंतर(जारी) रखने की अपील की है। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने बताया कि अभी तक जिले में 1000 से अधिक नागरिक दूसरे प्रदेशों से वापस आए हैं, जिनका परीक्षण करने का कार्य विभिन्न टीमों के माध्यम से युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस काम को पूरा करने में कुछ और समय लगेगा।

बसों के संचालन पर जारी रहेगी रोक

रविवार को पन्ना शहर का मुख्य बाजार बड़ा बाजार सहित शहर की समस्त दुकानें पूर्णतः बंद रहीं।
इस बीच जिस प्रकार से करोना की समस्या बढ़ी है उसे देखते हुए केवल 1 दिन के बंद से इस संकट से निजात मिल पाना संभव नहीं है। इसलिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने पन्ना जिले के लोगों की सुरक्षा के लिए धारा-144 लगाई गई है। कोरोना के संक्रमण को जिले में प्रवेश करने से रोकने के लिए पन्ना जिले में प्रवेश करने वाले एवं बाहर जाने वाली सभी बसों अगले कुछ दिनों तक बंद रखा जाएगा। कलेक्टर श्री शर्मा ने लोगों से आव्हान किया है कि दूध, सब्जी, किराना, दवाई जैसी अत्यावश्यक वस्तुओं को छोड़कर बाकी सभी व्यापारिक एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठान को बंद रखें एवं घरों से बाहर न निकलकर इस “जनता कर्फ्यू” को अगले 2 दिन अर्थात 24 मार्च को भी जारी रखें। आपने लोकहित में धारा-144 को सख्ती से आगे भी लागू कराने में प्रशासन की मदद करने की अपील की है।

निज अनुशासन-सयंम और सतर्कता बरतें

पन्ना के अजयगढ़ चौराहा के समीप स्थित दवा दुकान से शाम के समय आवश्यक दवाईयां खरीदते लोग।
पन्ना के युवा पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने रविवार को जारी रहे जनता कर्फ्यू की ऐतिहासिक सफलता के लिए जिले के नागरिकों की प्रशंसा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी अपने सन्देश में कहा कि, आज के दिन कोरोना वायरस से स्वयं एवं समाज के बचाव के लिये पन्ना जिले की जनता ने जिस संयम, जिम्मेदारी एवं अनुशासन का परिचय दिया हैवह काबिले तारीफ है। उसके लिये पन्ना पुलिस आपका आभार प्रकट करती है। पन्ना जिला प्रशासन ने निकटवर्ती जिलों मे कोरोना के संक्रमण के मद्देनजर धारा-144 लागू की है। जोकि आज के बाद भी आगामी आदेश तक निरंतर लागू रहेगी। आपने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण वैश्विक महामारी का रूप ले रहा है। इसलिए अगले कुछ दिनों की आपकी-हमारी सतर्कता एवं स्वयं पर लगाया गया समाजिक बंधन (पाबंदी) यह तय करेगा कि हमारा जिला आगे इस महामारी से बचा रहता है या नहीं।
पन्ना एसपी मयंक अवस्थी।
पुलिस कप्तान मयंक अवस्थी ने लोगों से इस खतरनाक संक्रमण से बचाव हेतु विशेष सतर्कता बरतने एवं आज ही की तरह अगले कुछ दिन और इसी तरह अपने घरों में रहकर”जनता कर्फ्यू” की स्थिति को इसी प्रकार जारी रखने का आव्हान किया है। आपने स्पष्ट किया कि सभी आवश्यक वस्तुओं एवं खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को छोड़कर समस्त व्यापारिक प्रतिष्ठान धारा-144 के आदेशानुसार बंद रहेंगे। आपने आशा व्यक्त की है, अगले कुछ दिन और यदि हम इसी प्रकार के निज अनुशासन से रहेंगे और सामजिक दूरी बनाकर रखेंगे तो शीघ्र ही हम इस बीमारी के कुचक्र से मुक्त हो खुद भी बचे रहेंगे एवं अपने प्रियजनों को भी बचा सकेंगे।
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कोरोना के प्रकोप से नागरिकों को बचाने की सर्तकता बरतने के निर्देश, कार्यवाहक मुख्यमंत्री कमलनाथ की मुख्य सचिव और डीजीपी से चर्चा

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पूर्व मुख्यमंत्री, कमलनाथ।
भोपाल। (www.radarnews.in) कार्यवाहक मुख्यमंत्री कमल नाथ ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से चर्चा कर उन्हें निर्देशित किया कि कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए प्रदेश में पर्याप्त सतर्कता रखी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रदेश में आवश्यकता अनुसार तब तक सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को बंद करते हुए कंप्लीट शटडाउन रखा जाए जब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ जाती है। उन्होंने आम जनता से भी आह्वान किया कि वे स्वेच्छा से अपने-अपने प्रतिष्ठानों को बंद करके अपने घरों में रहें, सामाजिक समारोहों का आयोजन न करें तथा यात्राएँ न करें ताकि कोरोना वायरस की महामारी को प्रदेश में फैलने से रोका जा सके।
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