* आईसीएमआर जबलपुर ने रिजेक्ट किए सैम्पल इसलिए दूसरी बार भेजने पड़े
* पिछले दो दिनों से जानकारी देने में आनकानी कर रहे स्वास्थ्य विभाग अधिकारी
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) दुनिया भर में कहर बरपा रहे नोवल कोरोना वायरस संक्रमण के मामले हमारे देश और प्रदेश में लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। इस महामारी की रोकथाम एवं बचाव हेतु वर्तमान में देशव्यापी लॉकडाउन चल रहा है। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लॉकडाउन के दौरान उन सभी लोगों की स्क्रीनिंग करने जुटीं हैं जोकि 15 फरवरी 2020 या उसके बाद विदेश यात्रा, दूसरे राज्य और दूसरे जिले की यात्रा कर वापिस पन्ना लौटे हैं। प्रदेश में कोविड-19 (कोरोना वायरस) संक्रमित व्यक्तियों की संख्या में वृद्धि के मद्देनजर एहतियात के तौर पर पन्ना जिले से चार कोरोना संदिग्ध व्यक्तियों के सैम्पल जांच के लिए जबलपुर भेजे गए हैं। चारों संदिग्ध व्यक्ति पिछले दिनों विदेश से लौटे थे।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि चारों व्यक्तियों की लार (सलाइवा) के सैम्पल को दो दिन पूर्व जांच हेतु भेजा गया था लेकिन उनके मानक-मापदण्ड अनुसार न होने के कारण आईसीएमआर प्रबंधन जबलपुर ने सभी सैम्पल को रिजेक्ट कर दिया। इसलिए शुक्रवार 27 मार्च को चिकित्सकों की देखरेख में उन व्यक्तियों के सैम्पल पुनः सावधानीपूर्वक लेकर उन्हें जांच हेतु जबलपुर भेजा गया है। कोरोना वायरस संदिग्ध चारों व्यक्ति पन्ना के निवासी बताए जा रहे हैं। इनमें दो व्यक्तियों के दुबई, एक नेपाल और एक के अमेरिका से आने की जानकारी मिली है। दुबई से लौटने वाले दोनों व्यक्ति युवा हैं, उनकी आयु 35 व 28 वर्ष है। जबकि नेपाल से आने वाली वृद्धा की आयु 65 वर्ष और अमेरिका से आने वाली युवती की आयु लगभग 21 वर्ष है।

सूत्रों के अनुसार विदेश से लौटने वाले और उनके सीधे सम्पर्क में आने वाले व्यक्तियों में कोविड-19 कोई लक्षण नहीं पाया गया। मगर इन सभी को सुरक्षा की दृष्टि से 14 दिन के लिए होम क्वारेंटाईन में रखा गया है। इनको स्वास्थ्य विभाग की होम क्वारेंटाईन गाईड लाईन की जानकारी देकर आवश्यक सावधानियां बरतते हुए उसका ईमानदारी से पालन करने के लिए कहा गया। साथ ही उनके घर से निकलने पर सख्त मनाही है। फिहलहाल स्वास्थ्य विभाग को इनके सैम्पल की जाँच रिपोर्ट आने का इंतजार है। मालूम हो कि 15 फरवरी 2020 या फिर उसके बाद विदेश से पन्ना लौटने वालों की संख्या चार से अधिक लेकिन सिर्फ चार व्यक्तियों के ही सैम्पल जांच हेतु क्यों भेजे गए, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।

उल्लेखनीय है कि जब इस खबर की पुष्टि और इस सम्बंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए पन्ना जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एल. के. तिवारी से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने आनाकानी करते हुए कहा कि उतनी जानकारी देना उचित जो आपके और हमारे हित में है। वहीं पिछले दो दिनों से मीडियाकर्मियों के बार-बार पूंछने पर भी जिले प्रशासनिक अधिकारी इस सम्बंध में कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। स्वास्थ्य विभाग पन्ना के जिला सर्विलेंस अधिकारी प्रतीश ठाकुर ने आज रडार न्यूज़ से मोबाइल पर चर्चा के दौरान चार कोरोना संदिग्ध व्यक्तियों के सैम्पल जाँच हेतु जबलपुर भेजने की पुष्टि की है। जब उनसे पूंछा गया कि कोरोना वायरस संक्रमण की जाँच हेतु पूर्व में भेजे गए सैम्पल किस कारण रिजेक्ट हुए, तो श्री ठाकुर ने अपने जबाब में ज्यादा कुछ नहीं बताया सिर्फ इतना ही कहा ऐसा तकनीकी कारणों से हुआ है।
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वहीं अब बारिश होने से फसलों की कटाई-गहाई कुछ दिनों तक संभव नहीं हो पाएगी। समाचार लिखे जाने तक जिले भर में आसमान में काले बादल छाए रहे। जिससे फिलहाल मौसम साफ होने की संभावना कम है। जानकारों का मानना है, यदि मौसम की बेरुखी इसी तरह जारी रही तो किसानों की मुसीबतें और भी बढ़ सकती है। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के दौरान फसलों की कटाई-गहाई हेतु किसानों, कृषि मजदूरों को घरों से बाहर निकलने, हार्वेस्टर, थ्रेशर एवं फसल के भंडारण हेतु परिवहन हेतु विशेष छूट दी गई है।










इस कार्य के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के. को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनके द्वारा इस कार्य के लिए दल गठित किए गए हैं। गठित किए गए दल प्रत्येक नगरीय निकाय में जितने वार्ड हैं उस निकाय के लिए उतने ही दल गठित किए गए हैं। इन दलों में बीएलओ, आंगनवाडी कार्यकर्ता, शिक्षक, आशा, नगरीय निकाय के वार्ड प्रभारियों को शामिल किया गया है। यह दल अपने-अपने दायित्व वाले वार्डो में ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार करेंगे जो 25 फरवरी से अब तक देश या प्रदेश से जिले मेें आए हैं। इन लोगों द्वारा ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार करने के साथ-साथ जिले के उन व्यक्तियों की सूची भी तैयार की जाएगी जिन्होंने इस अवधि में जिले से बाहर की यात्राएं की हैं। जानकारी में व्यक्ति किस स्थान से यात्रा कर किस दिनांक को जिले में आया, उनका पूर्ण पता, मोबाइल नम्बर, संबंधित व्यक्ति को सर्दी, बुखार, खांसी, सांस फूलने आदि की जानकारी पंजीबद्ध की जाएगी।

जिले में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं संभावित व्यक्तियों की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी द्वारा 31 चलित चिकित्सा दल गठित किए हैं। यह चिकित्सा दल ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में 25 फरवरी से अब तक देश या प्रदेश के बाहर से आए हुए व्यक्तियों की स्क्रीनिंग करेंगे। ऐसे व्यक्तियों की जानकारी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में गठित दलों द्वारा पहचान की जा रही है। पहचान के उपरांत चिकित्सा दल को जानकारी दी जाएगी। जानकारी मिलने के उपरांत चिकित्सा दल संबंधित के घर जाकर उनकी स्क्रीनिंग करने के उपरांत आवश्यक उपचार एवं परामर्श देगा। इसके अलावा 15 चलित चिकित्सा दल रिजर्व में रखे गए हैं। चिकित्सक दल में एक चिकित्सक एवं एक सहायक रखे गए हैं। यह चिकित्सा दल भ्रमण के दौरान आवश्यक औषधियां भी साथ रखेगा। आवश्यकतानुसार लोगों को औषधी भी कराई जाएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी द्वारा बताया गया कि जिले में नियुक्त समस्त आशा कार्यकर्ता एवं बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पास आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी हैै। कोई भी व्यक्ति सर्दी, जुखाम, खांसी, बुखार आदि से पीडित है तो आशा कार्यकर्ता या बहुउद्देशीय कार्यकर्ता से दवाएं प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा अन्य बीमारियों की संबंध में भी आशा कार्यकर्ता एवं बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता से सम्पर्क स्थापित कर आवश्यक उपचार एवं परामर्श प्राप्त करें।


मंगलवार तड़के पड़ोसी मोहन जाटव की जब नींद खुली तो उन्होंने देखा कि बिहारी के मकान के बाहरी कमरे से भीषण धुआँ उठ रहा था। आग लगने की आशंका के मद्देनजर मोहन ने तुरंत बिहारी जाटव व उनके परिजनों को सूचित किया। जिस कमरे से धुआँ निकल रहा था जब उसके दरवाजे खोले गए तो अंदर रखा बेटी के विवाह का सामान आग की प्रचण्ड लपटों में जलता हुआ देखकर सबके होश उड़ गए। आनन-फानन पड़ोसियों की मदद से कमरे की आग को बुझाने पानी डाला गया। करीब आधा घण्टे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालाँकि तब तक अधिकाँश सामान जल कर ख़ाक हो चुका था। आगजनी की घटना में फ्रिज, कूलर, टीव्ही, सोफा सेट, डबल बैड, अलमारी, गद्दे, कपड़े, खाद्यान्न सामग्री सहित करीब 3 लाख रुपए मूल्य का सामान जल गया। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि गृहस्थी के सामान में आग मंदिर के दीपक से लगी है।
आगजनी की घटना के बाद से जाटव परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कल तक बिहारी के घर पर जहाँ ख़ुशी और उत्साह का माहौल था आज वहाँ परिवार के प्रत्येक सदस्य के चेहरे पर उदासी और चिंता साफ़ नजर आ रही है। इन हालात में पूर्व निर्धारित तिथि पर पिंकी के हाथ पीले कैसे होंगे, अपनी लाड़ली को अरमानों के साथ वे कैसे विदा कर पाएंगे यह चिंता जाटव परिवार को हर पल बेचैन कर रही है। बहरहाल अच्छी बात यह है कि इस मुश्किल घड़ी में कुछ संवेदनशील लोग आगजनी प्रभावित इस गरीब दलित परिवार की मदद के लिए आगे आए हैं। उधर कोतवाली थाना पन्ना पुलिस को आगजनी की घटना की सूचना दी गई। पीड़ित बिहारी जाटव ने शासन-प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से उदारतापूर्वक मदद करने की गुहार लगाई है।







