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कोरोना के कहर को रोकने जनता कर्फ्यू को अगले 2 दिन और जारी रखें, दुकानें बंद रखकर लोगों से घरों में रहने की अपील, थाली-ताली बजाकर कोरोना के खिलाफ डटे लोगों को किया सैल्यूट

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जनता कर्फ्यू के चलते पन्ना में मंगलवार को अघोषित लॉकडाउन नजारा देखने को मिला।

* प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने पर पन्ना कलेक्टर ने की अपील

  • दूसरे राज्यों से पन्ना लौटे 1,000 से अधिक नागरिकों का परीक्षण जारी

  • जनता कर्फ्यू के चलते समूचा पन्ना जिला रविवार रात 9 बजे तक थमा रहा

  • कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने धारा-144 के पालन को लेकर शुरू की सख्ती

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम को लेकर रविवार 22 मार्च को पन्ना जिले के लोगों ने जनता कर्फ्यू का पूर्ण समर्थन किया। शनिवार देर रात से लेकर आज रात 9 बजे तक अधिकाँश लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकले। इस दौरान पन्ना सहित आंचलिक कस्बों व ग्रामों में के बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। सड़कें पूरी तरह सुनसान रहीं। लोगों ने जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाते हुए संकट की घड़ी में कर्फ्यू को स्वयं पर लागू किया। यहाँ तक कि लोग अलसुबह मॉर्निंग वॉक पर भी नहीं गए। यात्री बसों का संचालन पूर्णतः बंद रहा। केवल दवा दुकानें और पेट्रोल पम्प खुले रहे। वहीं पन्ना में शाम 5 बजे लोगों ने कोरोना के खिलाफ मैदान में डटे डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टॉफ, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति हृदय से आभार जताने के लिए ताली, थाली बजाई और शंखनाद किया। ऐसा करके इन सब योद्धाओं को अनूठे अंदाज में सैल्यूट किया गया।
थाली और ताली बजाकर कोरोना संक्रमण के खिलाफ मैदान में डटे सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति आभार जताते हुए महिलाएं एवं बच्ची।
शाम के समय शहर की सड़कों पर गिनती के लोग चहलकदमी करते नजर आए जोकि आवश्यक कार्य के चलते अपने घरों से बाहर निकले थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना संकट के मद्देनजर देश के नागरिकों से रविवार 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक जनता कर्फ्यू लगाने और इससे लड़ रहे लोगों के प्रति आभार जताने का आव्हान किया था। देश-प्रदेश के अन्य स्थानों की तरह पन्ना जिले में भी 14 घण्टे का जनता कर्फ्यू पूर्णतः सफल रहा। शहर के बुजुर्गों ने बताया कि उन्होंने इसके पहले कभी इस तरह का ऐतिहासिक मुकम्मल बंद नहीं देखा। ऐसा पहली बार है जब लोगों ने लोकहित में किसी बंद/जनता कर्फ्यू में इस तरह से अपनी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई है।

जनता कर्फ्यू 24 तक जारी रखने की अपील

पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।
पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने रविवार के जनता कर्फ्यू पूरी तरह सफल बनाने के लिए पन्ना की जनता का आभार जताया है। लेकिन मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने से स्थिति जिस तरह ख़राब हो रही है उस पर चिंता भी जताई है। इस वैश्विक महामारी के प्रसार को रोकने के लिए पन्ना में जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। मगर विशेष एहतियात बरतने के उद्देश्य से पन्ना कलेक्टर ने जिले के नागरिकों से लोकहित में “जनता कर्फ्यू” को अगले 2 दिन अर्थात 23 एवं 24 मार्च को भी निरंतर(जारी) रखने की अपील की है। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने बताया कि अभी तक जिले में 1000 से अधिक नागरिक दूसरे प्रदेशों से वापस आए हैं, जिनका परीक्षण करने का कार्य विभिन्न टीमों के माध्यम से युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस काम को पूरा करने में कुछ और समय लगेगा।

बसों के संचालन पर जारी रहेगी रोक

रविवार को पन्ना शहर का मुख्य बाजार बड़ा बाजार सहित शहर की समस्त दुकानें पूर्णतः बंद रहीं।
इस बीच जिस प्रकार से करोना की समस्या बढ़ी है उसे देखते हुए केवल 1 दिन के बंद से इस संकट से निजात मिल पाना संभव नहीं है। इसलिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने पन्ना जिले के लोगों की सुरक्षा के लिए धारा-144 लगाई गई है। कोरोना के संक्रमण को जिले में प्रवेश करने से रोकने के लिए पन्ना जिले में प्रवेश करने वाले एवं बाहर जाने वाली सभी बसों अगले कुछ दिनों तक बंद रखा जाएगा। कलेक्टर श्री शर्मा ने लोगों से आव्हान किया है कि दूध, सब्जी, किराना, दवाई जैसी अत्यावश्यक वस्तुओं को छोड़कर बाकी सभी व्यापारिक एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठान को बंद रखें एवं घरों से बाहर न निकलकर इस “जनता कर्फ्यू” को अगले 2 दिन अर्थात 24 मार्च को भी जारी रखें। आपने लोकहित में धारा-144 को सख्ती से आगे भी लागू कराने में प्रशासन की मदद करने की अपील की है।

निज अनुशासन-सयंम और सतर्कता बरतें

पन्ना के अजयगढ़ चौराहा के समीप स्थित दवा दुकान से शाम के समय आवश्यक दवाईयां खरीदते लोग।
पन्ना के युवा पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने रविवार को जारी रहे जनता कर्फ्यू की ऐतिहासिक सफलता के लिए जिले के नागरिकों की प्रशंसा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी अपने सन्देश में कहा कि, आज के दिन कोरोना वायरस से स्वयं एवं समाज के बचाव के लिये पन्ना जिले की जनता ने जिस संयम, जिम्मेदारी एवं अनुशासन का परिचय दिया हैवह काबिले तारीफ है। उसके लिये पन्ना पुलिस आपका आभार प्रकट करती है। पन्ना जिला प्रशासन ने निकटवर्ती जिलों मे कोरोना के संक्रमण के मद्देनजर धारा-144 लागू की है। जोकि आज के बाद भी आगामी आदेश तक निरंतर लागू रहेगी। आपने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण वैश्विक महामारी का रूप ले रहा है। इसलिए अगले कुछ दिनों की आपकी-हमारी सतर्कता एवं स्वयं पर लगाया गया समाजिक बंधन (पाबंदी) यह तय करेगा कि हमारा जिला आगे इस महामारी से बचा रहता है या नहीं।
पन्ना एसपी मयंक अवस्थी।
पुलिस कप्तान मयंक अवस्थी ने लोगों से इस खतरनाक संक्रमण से बचाव हेतु विशेष सतर्कता बरतने एवं आज ही की तरह अगले कुछ दिन और इसी तरह अपने घरों में रहकर”जनता कर्फ्यू” की स्थिति को इसी प्रकार जारी रखने का आव्हान किया है। आपने स्पष्ट किया कि सभी आवश्यक वस्तुओं एवं खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को छोड़कर समस्त व्यापारिक प्रतिष्ठान धारा-144 के आदेशानुसार बंद रहेंगे। आपने आशा व्यक्त की है, अगले कुछ दिन और यदि हम इसी प्रकार के निज अनुशासन से रहेंगे और सामजिक दूरी बनाकर रखेंगे तो शीघ्र ही हम इस बीमारी के कुचक्र से मुक्त हो खुद भी बचे रहेंगे एवं अपने प्रियजनों को भी बचा सकेंगे।

कोरोना के प्रकोप से नागरिकों को बचाने की सर्तकता बरतने के निर्देश, कार्यवाहक मुख्यमंत्री कमलनाथ की मुख्य सचिव और डीजीपी से चर्चा

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पूर्व मुख्यमंत्री, कमलनाथ।
भोपाल। (www.radarnews.in) कार्यवाहक मुख्यमंत्री कमल नाथ ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से चर्चा कर उन्हें निर्देशित किया कि कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए प्रदेश में पर्याप्त सतर्कता रखी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रदेश में आवश्यकता अनुसार तब तक सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को बंद करते हुए कंप्लीट शटडाउन रखा जाए जब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ जाती है। उन्होंने आम जनता से भी आह्वान किया कि वे स्वेच्छा से अपने-अपने प्रतिष्ठानों को बंद करके अपने घरों में रहें, सामाजिक समारोहों का आयोजन न करें तथा यात्राएँ न करें ताकि कोरोना वायरस की महामारी को प्रदेश में फैलने से रोका जा सके।

जनता कर्फ्यू : कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने घरों में लोग, सड़कों पर पसरा सन्नाटा, अघोषित लॉकडाउन जैसा नजारा

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जनता कर्फ्यू के चलते लोगों के सुबह से घरों में रहने से सूनी पड़ीं पन्ना की सड़कें।

* पन्ना एवं गुनौर में नहीं लगा साप्ताहिक रविवारीय बाजार

* संकट के समय घरों में रहकर आमजन ने निभाई अपनी जिम्मेदारी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) पूरी दुनिया में मानव जाति के लिए बेहद गम्भीर खतरा बन चुके नोवल कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए पन्ना में रविवार 22 मार्च की सुबह जनता कर्फ्यू के साथ हुई। इस दौरान जिला मुख्यालय पन्ना समेत आंचलिक कस्बों एवं ग्रामों में एक जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। लोग अपने घरों में हैं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। जनता कर्फ्यू की अपील वैसे तो सुबह 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक के लिए की गई थी लेकिन लोग आज अलसुबह मॉर्निंग वॉक पर भी नहीं गए। मस्जिदों में भी सुबह बहुत कम नमाज़ी पहुंचे। बसों की आवाजाही बंद होने से पन्ना के बस स्टैण्ड में पूरी तरह सुनसान नजर आया।
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने लागू जनता कर्फ्यू के असर को दिखता सुनसान पड़े पन्ना बस स्टैण्ड का नजारा।
जनता कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए पन्ना में पिछले कई दिनों से लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट (ऐलान) कर लोगों से अपने घरों में रहने की अपील की जा रही थी, जिसका असर आज सुबह से देखने को मिला। रविवार को भी अनाउंसमेंट कराकर लोगों से रात्रि 9 बजे तक घरों में रहने एवं व्यापारियों से अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की गई। उधर, प्रशासन की रोक के चलते जिला मुख्यालय पन्ना एवं तहसील मुख्यालय गुनौर में आज साप्ताहिक रविवारीय बाजार नहीं लगा। कोरोना वायरस संक्रमण लोगों के सम्पर्क में आने से तेजी से फैलता इसलिए रोकथाम के उद्देश्य से भीड़-भाड़ को एकत्र होने से रोकने के लिए हाट-बाजार पर रोक लगाई गई है।
जनता कर्फ्यू का व्यापक असर देवेन्द्रनगर क़स्बा में भी देखा गया वहां बाजार पूरी तरह बंद रहा और सड़कों पर सन्नाटा दिखा।
देश- दुनिया में तेजी से फ़ैल रही कोरोना वायरस नामक महामारी के लगातार बढ़ते संक्रमण, इससे होने वाली मौतों और प्रदेश के जबलपुर में कोरोना संक्रमित मरीजों के मिलने के मद्देनजर लोग पहले से ही काफी डरे हुए हैं। इसलिए कोरोना से बचाव के लिए आवश्यक सतर्कता बरतने के साथ-साथ जनता कर्फ्यू को पूर्ण समर्थन देते हुए लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकले। जनहित में जनता कर्फ्यू को सफल बनाने में प्रशासन के फैसलों का भी असर देखने को मिला। बसों की आवाजाही ठप्प होने से, सार्वजानिक स्थानों को बंद किए जाने, धारा-144 लागू करने, जिले की सीमायें सील होने एवं रविवारीय अवकाश के चलते पन्ना जिले में अघोषित तौर लॉक डाउन जैसी स्थिति आज सुबह से नजर आई।
उल्लेखनीय है कि जनता कर्फ्यू- “जनता का, जनता के द्वारा, जनता के लिए” है। विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ समय के लिए लोगों के घरों पर रहने से बेहद खतरनाक और तेजी से फैलने वाले नोवल कोरोना वायरस का प्रसार कम होगा। लोग के बीच सम्पर्क न होने से इस वायरस का सर्किल टूटेगा परिणामस्वरूप कोरोना संक्रमण में कमी आएगी। हालाँकि वैश्विक स्तर पर जिस तरह के भीषण हालात बने हैं उसके मद्देनजर महज कुछ घण्टों के जनता कर्फ्यू से कोरोना वायरस की रोकथाम में कोई विशेष फर्क पड़ने को लेकर विशेषज्ञों की राय काफी बंटी हुई। बहरहाल यह जनता के लिए जनता द्वारा स्वयं पर लगाया गया कर्फ्यू है। जिसे लोगों ने पूर्ण समर्थन देकर न सिर्फ अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को निभाया बल्कि प्रशासन को सहयोग भी प्रदान किया गया।

घरों में क्या कर रहे लोग

गंभीर संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री की अपील पर लोग जनता कर्फ्यू को स्वप्रेरणा से अपना समर्थन देते हुए शनिवार देर रात्रि के बाद से ही अपने घरों से बाहर नहीं निकले। देशव्यापी जनता कर्फ्यू का पन्ना जिले में में दोपहर 1 बजे तक मुकम्मल असर देखा गया। सुबह से ही सड़कें-गली-चौराहे सूने नजर आए। अपवाद स्वरूप गिनती के लोग ही आवश्यक काम के चलते घरों से बाहर निकले। जबकि अधिकाँश लोगों ने आज घर पर ही अपना ज्यादातर समय परिवार के सदस्यों के साथ बिताया।
कोरोना वायरस संक्रमण की ताजा स्थिति, जनता कर्फ्यू और देश-दुनिया की ख़बरें जानने के लिए लोगों ने टेलीविज़न और मोबाइल फोन पर भी काफी समय बिताया। माता-पिता और परिवार के बुजुर्गों ने बच्चों को कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रति जागरूक कर इससे बचाव हेतु आवश्यक सावधानी बरतने के बारे में विस्तार से बताते हुए उनके भय और जिज्ञासाओं को शांत किया। कामकाजी महिलाओं ने रविवार के अवकाश और जनता कर्फ्यू का पूरा लाभ उठाते हुए घरों की साफ़-सफाई की, पेंडिंग पड़े घरेलू काम निपटाए जिसमें परिवार के दूसरे सदस्यों ने भी उनका सहयोग किया। कुछ घरों में लजीज जायकेदार पकवान बनाकर लोगों ने परिवार के सदस्यों के साथ होम पार्टी का लुत्फ़ उठाया। वहीं जनता कर्फ्यू के दौरान पुलिस एवं प्रशासन की मुस्तैदी के मद्देनजर अशिक्षित तथा जागरूकता के आभाव में कई लोग इसे प्रशासन द्वारा लगाया गया कर्फ्यू समझते रहे।

कोरोना संकट : मास्क और सैनिटाइज़र की कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त, छापामार कार्रवाई कर मेडिकल स्टोर को किया सील

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* वीडियो वायरल होने के बाद पन्ना के राज मेडिकल स्टोर में पड़ा छापा

* गलत जानकारी देकर मनमाने दाम पर बेंच रहे थे मास्क और सैनिटाइज़र

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) वैश्विक महामारी बन चुके नोवल कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते संक्रमण से बचाव और रोकथाम के मद्देनजर मेडिकल एडवाइजरी जारी होने के बाद मास्क और सैनिटाइज़र की कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाने की कार्रवाई पन्ना जिला प्रशासन ने शुरू कर दी है। शहर के राज मेडीकल स्टोर में मास्क और सैनिटाइज़र की कालाबाजारी से जुड़ा वीडियो वायरल होने और इसकी लिखित शिकायत मिलने पर पन्ना एसडीएम शेर सिंह मीणा के नेतृत्व में शनिवार देर शाम एक संयुक्त टीम ने राज मेडिकल छापामार कार्रवाई करते उसे सील कर दिया। इस कार्रवाई से मचे हड़कम्प के चलते पन्ना जिला चिकित्सालय के आसपास संचालित मेडिकल स्टोरों में ताला लग गया। छापामार कार्रवाई के दौरान जिला चिकित्सालय के तिराहे पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
कोरोना वायरस संक्रमण के मानवीय संकट के समय जिला मुख्यालय पन्ना में मास्क और सैनिटाइज़र की बिक्री में मुनाफाखोरी हावी होने की खबरें कई दिनों से आ रहीं थी। पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा को शनिवार 21 मार्च को इस सम्बंध में एक शिकायत प्राप्त हुई, जिसे उन्होंने गंभीरता से लेते हुए पन्ना एसडीएम शेर सिंह मीणा के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम को तत्परता से कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। उक्त टीम ने देर शाम करीब 8:30 बजे शहर के जिला चिकित्सालय के तिराहा के समीप संचालित राज मेडिकल स्टोर में छापामार कार्रवाई को अंजाम देकर बिल/चालान और स्टॉक रजिस्टर जब्त कर लिया। इस कार्रवाई के चलते जिला चिकित्सालय के आसपास संचालित मेडिकल स्टोरों के संचालक काफी घबरा गए। इसकी जद में आने से बचने के लिए चंद मिनिट में ही अधिकाँश दवा विक्रेता अपनी दुकानें बंद कर भूमिगत हो गए।
छापामार कार्रवाई करने वाली संयुक्त टीम में शामिल रहीं खाद्य निरीक्षक सुश्री सरिता अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार को उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारी कविता राठौर के साथ शहर के 15 मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान राज मेडिकल स्टोर संचालक ने उनके स्टोर में मास्क और सैनिटाइज़र उपलब्ध न होने का कथन लिखित रूप में दिया था। लेकिन आज जब मास्क और सैनिटाइज़र की कालाबाजारी होने का वीडियो वायरल हुआ और इसकी लिखित शिकायत पर जब छापा मारा तो राज मेडीकल में मास्क और सैनिटाइज़र की उपलब्धता पाई गई।
महत्वपूर्ण बात यह है कि, जय मेडीकल एजेन्सी पन्ना से 80 रुपए में ख़रीदा गया 100 मिली लीटर का सैनिटाइज़र राज मेडिकल संचालक के द्वारा कथित तौर पर 150 से लेकर 175 एवं 200 रुपये तक में बेंचा जा रहा था। जबकि सैनिटाइज़र की बॉटल पर अधिकतम खुदरा मूल्य 220 रुपए अंकित है। इसके अलावा मास्क खरीदी के बिल में मूल्य दर्ज होना नहीं पाया गया। एक दिन पूर्व हुए निरीक्षण में मास्क और सैनिटाइज़र उपलब्ध न होने की जानकारी देने के पश्चात शनिवार को छापामार कार्रवाई के दौरान राज मेडीकल में न सिर्फ इनकी उपलब्धता पाई गई बल्कि जब्त किए खरीदी बिल/चालान बैक डेट में जारी मिले। जिससे मेडीकल स्टोर संचालक पर कालाबाजरी करने के साथ-साथ गलत जानकारी देकर गुमराह करने का आरोप भी लग रहा है। छापामार कार्रवाई करने वाली संयुक्त टीम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एल. के. तिवारी भी शामिल थे।
छापामार कार्रवाई में प्रथम दृष्टया कथित तौर पर अनियमितताएं सामने आने पर प्रभारी तहसीलदार पन्ना दीपा चतुर्वेदी की मौजूदगी में पन्ना कोतवाली थाना पुलिस ने राज मेडीकल में ताले लगाकर उसे सील कर दिया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में आवश्यक वास्तु अधिनियम अंतर्गत कार्रवाई करने के पश्चात प्रकरण को अग्रिम कार्रवाई हेतु ड्रग इंस्पेक्टर को सौंपा जायेगा। उधर, दवा व्यापारी संघ अध्यक्ष श्रीकांत दीक्षित एवं राज मेडीकल स्टोर संचालक ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ती और विरोध दर्ज कराया है। दोनों ने संयुक्त टीम की छापामार कार्रवाई के बाद मेडिकल स्टोर को सील करने को अनुचित और प्रशासन की मनमानी बताया है। जबकि जिला चिकित्सालय के तिराहा पर इस कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे लोगों ने कोरोना संकट के समय मास्क और सैनिटाइज़र की जमाखोरी व कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई को जनहित में बताते हुए इसकी सराहना की है। मालूम हो कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु जानकारों के द्वारा थ्री लेयर मास्क लगाने और सैनिटाइज़र से दिन में कई बार हाथ साफ़ करने की सलाह दी जा रही है। जिससे मास्क और सैनिटाइज़र की माँग बढ़ने के साथ ही इनकी कालाबाजारी भी तेजी से चल रही है।

चोरी करने आए बदमाशों के गोली चलाने से महिला की मौत, सनसनीखेज वारदात के बाद सीमावर्ती इलाके में दहशत का माहौल

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पन्ना जिला मुख्यालय में महिला के शव के पोस्टमार्टम कराने के लिए शव को वाहन से उतारकर पोस्टमार्टम भवन में ले जाते परिजन।

* पन्ना जिले धरमपुर थाना के अमरछी ग्राम की घटना

* अज्ञात बदमाशों ने पकड़े जाने पर मारपीट की और फिर गोली चलाकर भाग निकले

मुस्तकीम खान, पन्ना/अजयगढ़। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में अज्ञात बदमाशों ने एक महिला को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के बाँदा जिले की सीमा से सटे धरमपुर थाना के ग्राम अमरछी से गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात हत्या की खबर आते ही इस दूरस्थ इलाके में सनसनी फ़ैल गई। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि अज्ञात सशस्त्र बदमाश चोरी की वारदात को अंजाम देने की नियत से रात के अंधेरे में आए थे। धरमपुर थाना पुलिस ने इस घटना पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या, मारपीट, आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर उनकी पहचान व धरपकड़ के प्रयास तेजी से शुरू कर दिए हैं। उधर, इस वारदात के बाद से अमरछी गाँव सहित पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

पकड़े जाने पर गोली चलाकर भागा

वाहन में शव के पास बैठीं पीड़ित परिवार की शोक संतृप्त महिलाएं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार 19 जनवरी की रात ग्राम अमरछी निवासी शमीम खान अपने घर के बाहर बाड़े में सो रहा था जबकि उसकी पत्नी साजदा खातून (38) अंदर कमरे में बच्चों के साथ लेटी हुई थी। मध्य रात्रि में शमीम को अजीब सी आहट सुनाई दी जिससे उसकी नींद टूट गई। उसने आवाज लगाते हुए पूँछा कौन है वहाँ, तभी उसे दो अज्ञात संदिग्ध व्यक्ति छिपते हुए नजर आए। शमीम ने तुरंत पास जाकर देखा तो उक्त व्यक्ति गाली-गलौंज करते हुए उससे दूर हटने के लिए कहने लगे। इस बीच शमीम ने एक बदमाश को दबोंचकर उसके ऊपर डण्डे से प्रहार कर दिया। अपने साथी को छुड़ाने के लिए दूसरे बदमाश ने शमीम के सिर पर कट्टे की बट और पत्थर से हमला कर किया। इस बीच शोरगुल सुनकर साजदा कमरे से बाहर आई और पति को बदमाशों से संघर्ष करते हुए देखकर वह दंग रह गई। साजदा अपने पति की मदद के लिए चींखते-चिल्लाते हुए जैसे ही आगे बढ़ी तभी अज्ञात बदमाशों ने गोली चला दी जोकि उसके सीने में जा धंसी। गोली लगते ही खून से लथपथ साजदा जमीन पर गिर गई और इससे अवाक् शमीम जैसे ही उसे उठाने के लिए दौड़ा तभी दोनों अज्ञात बदमाश मौके से भाग निकले। गोली चलने और शमीम के रोने की आवाज सुनकर आस-पड़ोस के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक साजदा खातून की साँसें हमेशा के लिए थम चुकीं थी।

अज्ञात बदमाशों का नहीं लगा सुराग

सनसनीखेज हत्या की वारदात की सूचना मिलते ही धरमपुर थाना प्रभारी एम. डी. शाहिद हमराही पुलिस बल के साथ तुरंत अमरछी पहुँचे। अज्ञात हत्यारों के नदी की ओर भागने की जानकारी मिलने पर आसपास के इलाके की सघन सर्चिंग कराई गई। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए अजयगढ़ से एसडीओपी इसरार मंसूरी, पन्ना से पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी एवं एडिशनल एसपी बीकेएस परिहार भी रात्रि में ही मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों तथा फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर पीड़ित परिजनों से घटना की जानकारी प्राप्त की गई। पुलिस अधिकारियों के द्वारा सनसनीखेज हत्याकाण्ड के खुलासे और अज्ञात हत्यारोपियों की धरपकड़ के लिए धरमपुर थाना पुलिस को आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। प्रारंभिक पुलिस जांच के आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि अज्ञात बदमाश चोरी करने के इरादे से आए थे। इस मामले में धरमपुर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 294,323,34 एवं आर्म्स एक्ट की धारा 25-27 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। सीमावर्ती इलाके को दहला देने वाले इस हत्याकाण्ड के 36 घण्टे बाद भी पुलिस अज्ञात बदमाशों का सुराग नहीं लगा सकी।

ब्रेकिंग न्यूज़ : पन्ना टाइगर रिजर्व के दो लिपिकों को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा

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रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार पन्ना टाइगर रिजर्व के दोनों लिपिक लाल घेरे में एवं समीप बैठा शिकायतकर्ता वनरक्षक ब्रह्म प्रकाश सिंह।

* वनरक्षक के लम्बित वेतन भुगतान और वेतनवृद्धि के नाम पर लिए रुपए

* लोकायुक्त पुलिस की ट्रैप कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में मचा हड़कम्प

* अति पिछड़े पन्ना जिले में चरम सीमा पर है घूसखोरी और भ्रष्टाचार

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में लोकायुक्त पुलिस संगठन सागर की टीम ने बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देते हुए पन्ना टाइगर रिजर्व के दो लिपिकों को पाँच रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। वनरक्षक ब्रह्म प्रकाश सिंह की लम्बित वेतन भुगतान और वेतनवृद्धि लगाने के एवज में पन्ना टाइगर रिजर्व के मुख्य लिपिक आलोक खरे एवं स्थापना शाखा लिपिक इमानुल हक़ कुरैशी के ने आज जैसे ही उनसे क्रमशः चार हजार रुपए और एक हजार रुपए की रिश्वत ली, अगले ही पल लोकायुक्त पुलिस ने दबिश देकर दोनों गिरफ्तार कर लिया। पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक कार्यालय में लोकायुक्त पुलिस की ट्रैप कार्रवाई के चलते सनाका खिंचा गया। सोशल मीडिया पर इस खबर के आते ही जिले के प्रशासनिक हलकों व खासकर उत्तर-दक्षिण वन मण्डल कार्यायल में अंदरखाने हड़कम्प की स्थति निर्मित रही।
पीटीआर कार्यालय के बाहर पत्रकारों को अपनी आपबीती सुनाता वनरक्षक ब्रह्म प्रकाश सिंह।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पन्ना टाइगर रिजर्व की अमानगंज बफर रेन्ज में पदस्थ युवा वनरक्षक ब्रह्म प्रकाश सिंह के मेडिकल अवकाश की वेतन का भुगतान काफी समय से अटका हुआ था। इसके अलावा वर्ष 2016 में वनरक्षक के रूप में पदस्थ होने के बाद उनकी एक भी वेतनवृद्धि नहीं लगाई गई। अन्य वनरक्षकों की वेतनवृद्धि लगाने के बाबजूद ब्रह्म प्रकाश सिंह को इसके लाभ से वंचित रखा गया। सम्बंधित लिपिक आलोक खरे एवं स्थापना शाखा लिपिक इमानुल हक़ कुरैशी से बात करने पर उनके द्वारा पांच हजार रुपए की रिश्वत की मांग की गई। रिश्वत लिए बगैर लिपिकों के काम न करने से परेशान होकर युवा वनरक्षक ब्रह्म प्रकाश सिंह ने बुधवार 18 मार्च को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर के कार्यालय में शिकायत की। वन रक्षक की शिकायत की तस्दीक कर रिश्वत की मांग संबंधी वॉइस रिकार्डिंग कराई गई।
प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई को अंजाम देती लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम।
रिश्वत माँगने की शिकायत सही पाए जाने पर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर रामेश्वर सिंह यादव के निर्देशन में ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार कर उसे अंजाम देने के लिए एक टीम गठित की गई। पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार शुक्रवार 20 मार्च को दोपहर करीब 2 बजे वनरक्षक ब्रह्म प्रकाश सिंह ने पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक कार्यालय में पहुंचकर स्थापना लिपिक इमानुल हक़ कुरैशी को एक हजार रुपए दिए। जबकि कथित तौर पर मुख्य लिपिक आलोक खरे कहने पर चार हजार रुपए उनकी टेबिल में फाइल के नीचे रख दिए। इस दौरान क्षेत्र संचालक कार्यालय के आसपास लोकायुक्त पुलिस की टीम सादे कपड़ों में पहले से मुस्तैद रही। रिश्वत का लेनदेन होने का इशारा मिलते ही लोकायुक्त पुलिस ने दबिश देकर दोनों लिपिकों को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के चलते पीटीआर कार्यालय में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। समीप स्थित उत्तर वन मण्डल एवं दक्षिण वन मण्डल कार्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों को जैसे ही इस कार्रवाई की भनक लगी उनकी धड़कनें तेज हो गईं।

पैंट उतरवाकर जब्त की गई

कार्रवाई सम्बंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते हुए पीटीआर के लिपिक इमानुल हक़ कुरैशी।
लोकायक्त पुलिस अधीक्षक सागर कार्यालय में पदस्थ डीएसपी राजेश खेड़े ने जानकारी देते हुए बताया कि रिश्वत के रूप में लिए गए कैमिकलयुक्त करेन्सी नोट में 1000 हजार रुपए लिपिक इमानुल हक़ कुरैशी, सहायक ग्रेड-2 की पैंट की जेब में मिले। लिपिक के घर से दूसरी पेंट आने पर उनकी पैंट उतरवाकर जेब वाले हिस्से को पानी से धुलने पर उससे निकले रिश्वत के रंग का सेम्पल भरा गया। रिश्वत के रुपए के साथ उनकी पेंट भी साक्ष्य के रूप में जब्त की गई। जबकि मुख्य लिपिक आलोक खरे सहायक ग्रेड-1 के कक्ष में उनकी टेबिल पर फाइल के नीचे से रखी रिश्वत की राशि 4,000 रुपए जब्त हुए हैं। पत्रकारों के पूँछने पर मुख्य लिपिक आलोक खरे ने अपनी सफाई में खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि मुझे साजिश के तहत फंसाने के लिए रुपए मेरी अनुपस्थिति में फाइल के नीचे रखे गए। उनका कहना है कि इन रुपयों की मुझे किसी तरह की कोई जानकारी ही नहीं थी। उन्होंने, अपने इस दावे की पुष्टि कमरे में लगे सीसीटीव्ही कैमरे के फुटेज से करने की बात कही है।

शिकायतकर्ता ने लगाई फटकार

शिकायकर्ता वनरक्षक ब्रह्म प्रकाश सिंह।
उल्लेखनीय है कि, मुख्य लिपिक जब खुद को पाक-साफ़ बता रहे थे उसी दौरान समीप खड़ा शिकायतकर्ता वनरक्षक ब्रह्म प्रकाश सिंह गुस्से से भड़क उठा। उसने लोकायुक्त पुलिस व पत्रकारों के ही सामने लिपिक आलोक खरे को झूठ बोलने के लिए फटकार लगाते हुए कथिततौर उनके द्वारा रिश्वत की मांग करने की मोबाइल रिकार्डिंग सुनाकर उन्हें चुप करा दिया। भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े होने वाले युवा वनरक्षक ब्रह्म प्रकाश सिंह ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि भ्रष्टाचार और घूसखोरी मौजूदा समय में सबसे बड़ी समस्या है, जिससे आम आदमी और मध्यवर्गीय लोग काफी परेशान हैं। उसने बताया कि जायज काम के लिए लम्बे समय से रिश्वत के खातिर परेशान किए जाने के कारण मुझे मजबूर होकर यह सब करना पड़ा क्योंकि और कोई शेष नहीं बचा था।
लोकायुक्त डीएसपी राजेश खड़े एवं समीप बैठे पीटीआर के मुख्य लिपिक आलोक खरे (पीली शर्ट में)।
पीटीआर के मुख्य लिपिक आलोक खरे की गिनती जिले के प्रमुख कर्मचारी नेताओं में होती है। लेकिन आज जब विभागीय मैदानी कर्मचारी से रिश्वत लेने आरोप में उनके पकड़े जाने की खबर आने से कर्मचारी नेताओं को तगड़ा झटका लगा। लोगों के बीच यह चर्चा रही कि जब कर्मचारी संघ के नेता ही अपने कर्मचारियों का शोषण करने लगेंगे तो उनके हितों की रक्षा फिर कौन करेगा। समाचार लिखे जाने तक दोनों रिश्वत लेने आरोप में दोनों लिपिकों के विरुद्ध लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम के द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध करने की कार्रवाई की जा रही थी।

पन्ना में बेइंतहा भ्रष्टाचार

पन्ना जिले में पिछले कुछ वर्षों से लोकायुक्त पुलिस की लगातर ट्रैप कार्रवाई के बाबजूद रिश्वतखोरी का खेल खुलेआम जारी है। यहाँ सरकारी कार्यालयों में आमजन और विभागीय कर्मचारियों के छोटे-छोटे जायज काम भी बगैर रिश्वत के नहीं होते हैं। लोगों से रिश्वत लेने के लिए सरकारी अमला नियम-कानूनों का लेकुना बताकर उन्हें बेबजह भटकाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि परेशान होने पर सम्बंधित से आसानी से रिश्वत के रूप में मोटी रकम ऐंठी जा सके। जिले के सरकारी कार्यालयों में नीचे से लेकर ऊपर तक भ्रष्टाचार व्याप्त होने के कारण आम आदमी और निचले स्तर के कर्मचारियों की सुनवाई ही नहीं होती। इसलिए परेशान होकर लोग लोकायुक्त पुलिस संगठन की शरण में जाते हैं।
जनवरी माह में रिश्वत लेने के आरोप में लोकायुक्त पुलिस टीम की गिरफ्त में आए गुनौर के तत्कालीन नायब तहसीलदार और चौकीदार लाल घेरे में। फाइल फोटो
दो माह पहले ही एक शिक्षक की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने रेत से भरे एक ट्रेकर को छोड़ने के एवज में रिश्वत लेने के आरोप में गुनौर के नायब तहसीलदार और एक चौकीदार को गिरफ्तार किया था। पन्ना टाइगर रिजर्व में पिछले कुछ वर्षों में लोकायुक्त पुलिस की यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। इसके पूर्व अमानगंज बफर रेन्ज के पूर्व वन परिक्षेत्राधिकारी संतोष सिंह मर्स्कोले और चंद्रनगर रेन्ज के वनपाल बाबू सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था। मालूम हो कि जिले के उत्तर-दक्षिण वन मण्डल, पन्ना टाइगर रिजर्व समेत विभिन्न कार्यालयों में भ्रष्टाचार और घूसखोरी चरम पर होने का परिणामस्वरूप कई लिपिकों तथा अधिकारियों के द्वारा बड़े पैमाने पर अनुपातहीन बेनामी सम्पत्ति बनाने की ख़बरें भी जन चर्चाओं में हैं।

कोरोना संकट : नगरीय क्षेत्रों में लगने वाले हाट-बाजार पर लगी रोक ! व्यापारियों की बैठक में कोरोना की रोकथाम एवं जागरूकता पर चर्चा

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  • नोवल कोरोना वायरस हवा से नहीं, सम्पर्क से फैलता है : डाॅ. तिवारी

  • कलेक्टर बोले कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सभी का सहयोग आवश्यक

पन्ना। (www.radarnews.in) वैश्विक महामारी बन चुके नोवल कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा की अध्यक्षता में स्थानीय व्यापारियों की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में कोरोना वायरस की रोकथाम एवं जागरूकता फैलाने के संबंध में चर्चा की गयी। बैठक में विभिन्न व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक को सम्बोधित करते हुए कलेक्टर श्री शर्मा ने कहा कि कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए सभी को एक साथ सम्मिलित प्रयास करने होंगे। इससे बचने के लिए स्वयं को सावधानी बरतने के साथ दूसरे लोगों में जागरूकता लानी होगी।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी ने कोरोना वायरस के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सभी सर्दी-जुखाम, खांसी से पीडित हर व्यक्ति कोरोना वायरस से पीडित नही हो सकता। हमारे प्रदेश में अभी तक कोरोना से संबंधित कोई भी संदेहस्पद मरीज प्राप्त नही हुआ है। हमारे पडोसी राज्यों में कोरोना से संबंधित मरीजों का पाया जाना हमारे लिए भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। यह बीमारी एक-दूसरे को हवा से नही फैलती। बीमारी कोरोना वायरस से पीडित व्यक्ति की खांसी से निकलने वाले कफ के छीटों से फैलती है। यह छीटे एक मीटर की दूरी तक रखी वस्तुओं को संक्रमित कर देती हैं। इसलिए हमें इससे बचाव करने की आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को मास्क लगाने की आवश्यकता नही है। यदि व्यक्ति को किसी तरह की आशंका है तो रूमाल का उपयोग नाक और मुंह को ढकने के लिए करें। हांथों को दिन में कई बार साबुन से धोए। उन्होंने यह भी बताया कि जिन व्यक्तियों के शरीर में रोकप्रतिरोधक क्षमता का अभाव होता है उन व्यक्तियों में यह वायरस तेजी से असर करता है।
कलेक्टर श्री शर्मा ने बैठक में सम्बोधित करते हुए कहा कि व्यापारी वर्ग अपने संस्थान में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को साबुन से हांथ धोकर अंदर प्रवेश की व्यवस्था करें। इसके लिए दुकान के बाहर पानी, साबुन एवं टावेल रखें। रह ग्राहक को समझाईश दें कि वह हांथ धोकर ही दुकान में आए। दुकान पर भीड़ इकठ्ठी होने से रोके। इसी प्रकार पेट्रोल पम्प मालिक एक साथ भीड इकठ्ठी करके ईधन न दें। एक-एक कर लोगों को ईधन उपलब्ध कराएं। उन्होंने लीड बैंक प्रबंधक को निर्देश दिए हैं कि जिले में जितने भी बैंकों के एटीएम स्थापित हैं उन एटीएम पर रहने वाले गार्ड मशीन को सेनेटाईजर करने के लिए आवश्यक सामग्री जैसे डीटाल और रूई रखें एक ग्राहक के उपयोग करने के बाद एटीएम मशीन की स्क्रीन एवं की बोर्ड को साफ करें।
उन्होंने बैठक में उपस्थित खाद्य अधिकारी को निर्देश दिए कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली की उचित मूल्य दुकानों पर स्थापित मशीनों से राशन कार्ड धारकों की वायोमेट्रिक मशीन से पहचान करने के उपरांत हर बार मशीन को रोगाणु मुक्त करने की व्यवस्था की जाए। दुकानों पर हितग्राहियों के मध्य 3 मीटर की दूरी बनाई जाए। वृद्ध एवं बीमार व्यक्तियों की पृथक से लाईन लगाई जाए। दुकान पर भीड इकठ्ठी न होने दें।
उन्होंने निर्देश दिए कि सब्जी मंडी, गल्ला मंडी में भीड़ इकठ्ठी होने से रोकने के लिए राजस्व अधिकारी नगर सैनिकों एवं स्वयं सेवकों का सहयोग प्राप्त करें। नगरीय क्षेत्रों में लगने वाले हाट बाजार 31 मार्च 2020 तक नहीं लगाए जाएं। इसी प्रकार ऐसे स्थानों पर चयन किया जाए जहां भीड़भाड़ होती है वहां पर भी भीडभाड को रोकने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

कोरोना संकट : पर्यटकों के लिए प्रदेश के टाइगर रिजर्व और अभयारण्य 31 मार्च बंद रहेंगे

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फाइल फोटो।

* बुकिंगकर्ता पर्यटकों की राशि लौटाने के निर्देश

भोपाल। (www.radarnews.in) राज्य शासन ने नोवल कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर प्रदेश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों, टाइगर रिजर्व, अभयारण्य और चिड़िया-घर को 31 मार्च, 2020 तक पूर्णत: बंद रखने का निर्णय लिया है। मुख्य वन्य-प्राणी अभिरक्षक एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-प्राणी) राजेश श्रीवास्तव ने प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक, राष्ट्रीय उद्यानों के संचालक, अभयारण्यों के वन मण्डलाधिकारी और संबंधित वन अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिये हैं।
पन्ना टाइगर रिजर्व के भ्रमण पर पहुंचे पर्यटकों की स्क्रीनिंग करती जिले के स्वास्थ्य विभाग की टीम।
राजेश श्रीवास्तव ने एम.पी. ऑनलाइन, भोपाल के बिजनेस मैनेजर शालीन विरमानी को प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व के कोर, बफर क्षेत्र और विशिष्ट पर्यटन-स्थलों के लिये जारी अग्रिम अनुज्ञा-पत्र निरस्त कर पूर्ण राशि बुकिंगकर्ता को लौटाने को कहा है। श्री श्रीवास्तव ने जारी आदेश में कहा है कि कोविड-19 वायरस के प्रसार से उपजी परिस्थितियों, स्थानीय समुदायों, पर्यटकों, शासकीय कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा और इस संक्रामक वायरस के प्रसार पर नियंत्रण के उद्देश्य से वन्य-प्राणी संरक्षण अधिनियम-1972 की धारा-27 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से 31 मार्च तक प्रदेश के सभी संरक्षित क्षेत्रों और मुकुंदपुर चिड़िया-घर को पर्यटन के लिये पूर्णत: बंद किया जाता है।
पन्ना टाइगर रिजर्व के भ्रमण पर पहुंचे पर्यटकों की स्क्रीनिंग करती जिले के स्वास्थ्य विभाग की टीम।
अधिनियम की धारा-28 के अंतर्गत इस अवधि के लिये अग्रिम रूप से जारी समस्त प्रकार के पर्यटन अनुज्ञा-पत्र निरस्त कर दिये गये हैं। इन क्षेत्रों में फिल्मांकन की अनुमति भी निरस्त की जा रही है।

111 नग हीरों की नीलामी अप्रैल माह में, बोलीदार सुबह कर सकेंगे हीरों का निरीक्षण उसके बाद शुरू होगी नीलामी

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लैंस के जरिए एक हीरे को देखते पन्ना के पूर्व जिला हीरा अधिकारी रत्नेश दीक्षित। फाइल फोटो

* करीब 40 लाख रुपये है हीरों की अनुमानित कीमत

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in)  मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की उथली खदानों से प्राप्त कुल 111 नग हीरों की नीलामी हीरा कार्यालय संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन पन्ना में की जाएगी। इस संबंध में कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने बताया कि नीलामी 07 अप्रैल 2020 से प्रारंभ होकर कुल हीरों की नीलामी पूर्ण होने तक शासकीय अवकाश को छोड़कर चालू रहेगा। प्रतिदिन सुबह 9 बजे से लेकर 11 बजे तक हीरों का निरीक्षण किया जाएगा तत्पश्चात उनकी बोली की जाएगी।
सांकेतिक फोटो।
इसमें उज्जवल, मैले एवं औद्योगिक किस्म के लगभग 111 हीरे जिनका कुल वजन लगभग 129.21 कैरेट है। इनकी अनुमानित राशि लगभग 39 लाख 62 हजार 988 रूपये है। इच्छुक बोलीदार 5 हजार रूपये की अमानत राशि जमा करके बोली में भाग ले सकते हैं। उच्चतम बोली वाले बोलीदार को अंतिम निर्णय के तुरन्त बाद नीलामी राशि का 20 प्रतिशत तत्काल जमा करना होगा। शेष राशि 30 दिन में जमा करना अनिवार्य होगी।

नाबालिग छात्रा के हत्यारोपी को गिरफ्तार करने की मांग, लोधी सेना ने एसपी को ज्ञापन सौंपा

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* फरार आरोपी से पीड़ित परिजनों की जान को बताया खतरा

* शीघ्र गिरफ्तारी न होने पर दी गई धरना प्रदर्शन की चेतावनी

पन्ना।(www.radarnews.in) जिले के कोतवाली थाना पन्ना अंतर्गत ग्राम कोहिनी पिपरी में नाबालिग छात्रा कीर्ति लोधी पिता स्वर्गीय रूपलाल लोधी 16 वर्ष की आरोपी इंद्रजीत लूनिया द्वारा निर्दयता पूर्वक धारदार बका से गले में प्रहार कर हत्या कर दी गई थी। डेढ़ माह से भी अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा हत्यारे को गिरफ्तार नहीं किया गया। जिससे आक्रोशित क्षेत्रवासियों एवं लोधी सेना ने सोमवार 16 मार्च 2020 को बड़ी संख्या में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर हत्यारे को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की है।

असुरक्षित हैं मृतका के परिजन

लोधी सेना ने ज्ञापन के माध्यम से बताया है कि हत्या के आरोपी इंद्रजीत लूनिया के अभी तक फरार रहने की वजह से पीड़ित परिवार खतरे में है। हत्यारे द्वारा गवाहों पर भी हमला किया जा सकता है। जिसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस द्वारा शीघ्र गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना चाहिए। हत्यारे को गिरफ्तार नहीं करने की दशा में लोधी सेना धरना-प्रदर्शन एवं उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी। जिसकी समस्त जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी ज्ञापन सौंपने वालों में राजेश कुमार, रामदयाल, कुलदीप लोधी, रामसहाय लोधी, रामजस लोधी, जयपाल सिंह लोधी, श्रीराम लोधी, रामखेलावन लोधी, राम दुलारे लोधी, राजकिशोर लोधी, रामसुख लोध, आनंद कुमार, शारदा सिंह, किशोर लोधी, मिस्त्री लाल, सरपंच रामसहाय, सरपंच रामसुख लोधी, मीराबाई सिंगरौल, रामबली, देवीदीन वर्मा सहित बड़ी संख्या में लोधी सेना के सदस्य एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।