* जिले में कोरोना वायरस रोकथाम एवं बचाव हेतु कार्यवाही जारी
* बीमार व्यक्तियों का घर-घर सर्वे एवं लोगों को जागरूक करने में जुटीं टीमें
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा महामारी घोषित नोवल कोरोना वायरस(कोविड-19) संक्रमण की रोकथाम के लिए पन्ना जिले में कार्यवाही निरंतर जारी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अन्य राज्यों से 08 अप्रैल को जिले में आए 208 व्यक्ति का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस प्रकार बाहर से आए कुल 11743 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। जिले के 540 व्यक्तियों का स्क्रीनिंग की गयी। जिले में अब तक 15606 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें बुधवार 8 अप्रैल को 40 लोगों को होम क्वारेंटाइन किया गया है। अब तक जिले में कुल 1507 व्यक्तियों को होम क्वारेंटाइन में रखा गया है। कोरोना ओपीडी में सर्दी, खांसी के 57 व्यक्तियों की जांच आज की गयी। अब तक जिले में कोरोना ओपीडी से 1575 व्यक्तियों की जांच की जा चुकी है। आज दिनांक को 5 नमूने लिए गए। अब तक 31 नमूने लिए जा चुके हैं। जिसमें जांच के लिए 26 नमूने भेज गए थे जो सभी निगेटिव पाए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में ग्राम एवं शहरी स्तर पर घर-घर सर्वे, सर्विलेन्स एवं जागरूकता कार्य हेतु एएनएम, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं शिक्षक की गठित टीम द्वारा सामुदाय स्तर पर घर-घर जाकर सर्वे, काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग, बाहर से आए हुए लोगों की जानकारी एवं कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में लोगों को जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है।
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विश्रामगंज रेन्ज के जंगल में भड़की आग को लेकर भी वन विभाग का मैदानी अमला दबी जुबान महुआ बीनने वालों को दोषी मान रहा है। उल्लेखनीय है कि जंगल में महुआ बीनने वाले लोग महुआ पेड़ के नीचे साफ़-सफाई करने के लिए अज्ञानतावश आग लगाते हैं, जिससे कई बार हवा के चलते आग बेकाबू होकर जंगल के बड़े क्षेत्र में फैल जाती है। परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर जंगल और वन्यजीवों को क्षति पहुँचती है। जंगल में आग को फैलाने में हवा, तापमान, सूखे पत्ते-टहनियां और घास बारूद का काम करती है। इसलिए गर्मी के मौसम में जंगल में आग लगने पर यदि तत्परता से उसे काबू करने के प्रयास नहीं किये गए तो उसे भीषण रूप लेते देर नहीं लगती।




सुश्री मेहदेले ने कहा कि कोरोना की विनाशलीला की रोकथाम के लिए केन्द्र की तर्ज पर मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार भी बेहतर कार्य कर रही है। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बधाई के पात्र हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि देश के 130 करोड़ लोग प्रधानमंत्री मोदी जी के आव्हान पर कोरोना को हारने के लिए एकजुटता का संदेश दे रहे हैं। अब तक लोगों ने गजब की संकल्प शक्ति, धैर्य, संयम और अनुशासन का परिचय दिया है। आपने जोर देते हुए कहा कि मुझे पूरी उम्मीद और विशवास है कि इस जंग में कोरोना जरूर हारेगा। पूर्व मंत्री सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले ने नागरिकों से अपील की है कि कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें, लॉकडाउन के दौरान अपने घरों पर रहें और शासन-प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण के खतरे से निपटने के लिए पिछले माह लोगों ने प्रधानमंत्री के आव्हान पर जनता कर्फ्यू लगाया था। जनता कर्फ्यू की शाम समय उन सभी योद्धाओं के लिए ताली-थाली-घंटी बजाकर आभार जताया था जोकि अपनी जान की परवाह न कर इस संकट से मुकाबला करने में रात-दिन जुटे हैं। रविवार को दीपक-मोमबत्ती आदि जलाने दौरान कुछ उत्साही लोगों ने आतिशबाजी भी की। लॉकडाउन के चलते अपने घरों में रह रहे लोगों में दीपक प्रज्जवलित करने को लेकर काफी उत्साह देखा गया।


इन महिलाओं का कहना है कि कलेक्टर के आदेश के बाद भी गरीब-जरूरतमंदों एवं अन्य पात्र परिवारों को निः शुल्क राशन नहीं मिल रहा है। जबकि बिना राशन कार्ड वाले मजदूर परिवारों एवं बाहरी मजदूर परिवारों को उचित मूल्य दुकानों से प्रति व्यक्ति 4 किलो गेहूं,1 किलो चावल एवं अधिकतम हर परिवार को 16 किलो गेहूं और 4 किलो चावल देने आदेश जारी किया गया है। लेकिन खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की मौखिक मनाही चलते सेल्समैन बिना राशन कार्ड वाले बाहरी गरीब श्रमिक परिवारों को खाद्यान नहीं दे रहे हैं। जिससे प्रभावित परिवार भूखों मरने की कगार पर पहुंच चुके हैं। जिला प्रशासन को चाहिए कि खाद्यान्न संकट से जूझ रहे परिवारों को तत्परता से मदद पहुंचाने के लिए मैदानी अमले को आवश्यक निर्देश दिए जायें।

उल्लेखनीय है कि पन्ना और बाँदा जिले की सीमाएं आपस में जुड़ीं हैं, जिसकी लम्बाई करीब 50-60 किलोमीटर है। पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने अन्तर्राज्जीय सीमा नाका पन्ना चौकी के निरीक्षण के दौरान यूपी बार्डर पर निगरानी बढ़ाने के लिए सीसीटीव्ही कैमरे लगाने की बात कही है। उन्होंने बताया कि इन कैमरों की निगरानी पन्ना में स्थित कण्ट्रोल रूम से की जायेगी। इसके पश्चात उन्होंने बरौली और रामनई का दौरा किया। पुलिस कप्तान के भ्रमण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीकेएस परिहार, अजयगढ़ एसडीएम बी. बी. पाण्डेय, अजयगढ़ एसडीओपी इसरार मन्सूरी, रक्षित निरीक्षक देविका सिंह एवं अजयगढ़ थाना प्रभारी अरविन्द कुजूर उपस्थित रहे।
अजयगढ़ एसडीएम बी. बी. पाण्डेय ने बताया कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर अजयगढ़-पन्ना मार्ग को पूर्णता बंद कर दिया गया है। उत्तरप्रदेश जाने वाले मुख्य मार्ग- रामनगर, पन्ना चौकी व नरदहा पहले से ही बंद हैं। उत्तरप्रदेश की सीमा के अंदर पन्ना जिले के जो गांव स्थित हैं या फिर यूपी से घिरे हैं जैसे कि- चंदौरा, बरौली, खरौनी, नरदहा, रामनई, कटर्रा, मौक़छ, बीरा, नयागांव, बीहर सरवरिया, नयापुरवा, कीरतपुरवा का तिराहा, हरनामपुर एवं खोरा आदि को अजयगढ़ और पन्ना से जोड़ने वाले हर छोटे-बड़े रास्ते को पूरी तरह सील करते हुए वहाँ पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। उत्तर प्रदेश के अंदर स्थित पन्ना के ग्रामों में लॉकडाउन की अवधि में सिर्फ प्रशासनिक अमले की आवाजाही रहेगी। आम लोगों के आवागमन पर रोक लगाई गई है। उत्तर प्रदेश के बाँदा जिले से मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में लोगों के प्रवेश को पूर्णतः प्रतिबंधित करते हुए इसे सख्ती से रोकने के लिए बार्डर पर पुलिस की थ्री लेयर सिक्योरिटी लगाई गई है, ताकि की कोई भी चोरी-छिपे दाखिल न हो सके।

