* प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने पर पन्ना कलेक्टर ने की अपील
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दूसरे राज्यों से पन्ना लौटे 1,000 से अधिक नागरिकों का परीक्षण जारी
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जनता कर्फ्यू के चलते समूचा पन्ना जिला रविवार रात 9 बजे तक थमा रहा
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कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने धारा-144 के पालन को लेकर शुरू की सख्ती
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम को लेकर रविवार 22 मार्च को पन्ना जिले के लोगों ने जनता कर्फ्यू का पूर्ण समर्थन किया। शनिवार देर रात से लेकर आज रात 9 बजे तक अधिकाँश लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकले। इस दौरान पन्ना सहित आंचलिक कस्बों व ग्रामों में के बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। सड़कें पूरी तरह सुनसान रहीं। लोगों ने जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाते हुए संकट की घड़ी में कर्फ्यू को स्वयं पर लागू किया। यहाँ तक कि लोग अलसुबह मॉर्निंग वॉक पर भी नहीं गए। यात्री बसों का संचालन पूर्णतः बंद रहा। केवल दवा दुकानें और पेट्रोल पम्प खुले रहे। वहीं पन्ना में शाम 5 बजे लोगों ने कोरोना के खिलाफ मैदान में डटे डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टॉफ, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति हृदय से आभार जताने के लिए ताली, थाली बजाई और शंखनाद किया। ऐसा करके इन सब योद्धाओं को अनूठे अंदाज में सैल्यूट किया गया।

शाम के समय शहर की सड़कों पर गिनती के लोग चहलकदमी करते नजर आए जोकि आवश्यक कार्य के चलते अपने घरों से बाहर निकले थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना संकट के मद्देनजर देश के नागरिकों से रविवार 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक जनता कर्फ्यू लगाने और इससे लड़ रहे लोगों के प्रति आभार जताने का आव्हान किया था। देश-प्रदेश के अन्य स्थानों की तरह पन्ना जिले में भी 14 घण्टे का जनता कर्फ्यू पूर्णतः सफल रहा। शहर के बुजुर्गों ने बताया कि उन्होंने इसके पहले कभी इस तरह का ऐतिहासिक मुकम्मल बंद नहीं देखा। ऐसा पहली बार है जब लोगों ने लोकहित में किसी बंद/जनता कर्फ्यू में इस तरह से अपनी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई है।
जनता कर्फ्यू 24 तक जारी रखने की अपील

पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने रविवार के जनता कर्फ्यू पूरी तरह सफल बनाने के लिए पन्ना की जनता का आभार जताया है। लेकिन मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने से स्थिति जिस तरह ख़राब हो रही है उस पर चिंता भी जताई है। इस वैश्विक महामारी के प्रसार को रोकने के लिए पन्ना में जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। मगर विशेष एहतियात बरतने के उद्देश्य से पन्ना कलेक्टर ने जिले के नागरिकों से लोकहित में “जनता कर्फ्यू” को अगले 2 दिन अर्थात 23 एवं 24 मार्च को भी निरंतर(जारी) रखने की अपील की है। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने बताया कि अभी तक जिले में 1000 से अधिक नागरिक दूसरे प्रदेशों से वापस आए हैं, जिनका परीक्षण करने का कार्य विभिन्न टीमों के माध्यम से युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस काम को पूरा करने में कुछ और समय लगेगा।
बसों के संचालन पर जारी रहेगी रोक

इस बीच जिस प्रकार से करोना की समस्या बढ़ी है उसे देखते हुए केवल 1 दिन के बंद से इस संकट से निजात मिल पाना संभव नहीं है। इसलिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने पन्ना जिले के लोगों की सुरक्षा के लिए धारा-144 लगाई गई है। कोरोना के संक्रमण को जिले में प्रवेश करने से रोकने के लिए पन्ना जिले में प्रवेश करने वाले एवं बाहर जाने वाली सभी बसों अगले कुछ दिनों तक बंद रखा जाएगा। कलेक्टर श्री शर्मा ने लोगों से आव्हान किया है कि दूध, सब्जी, किराना, दवाई जैसी अत्यावश्यक वस्तुओं को छोड़कर बाकी सभी व्यापारिक एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठान को बंद रखें एवं घरों से बाहर न निकलकर इस “जनता कर्फ्यू” को अगले 2 दिन अर्थात 24 मार्च को भी जारी रखें। आपने लोकहित में धारा-144 को सख्ती से आगे भी लागू कराने में प्रशासन की मदद करने की अपील की है।
निज अनुशासन-सयंम और सतर्कता बरतें

पन्ना के युवा पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने रविवार को जारी रहे जनता कर्फ्यू की ऐतिहासिक सफलता के लिए जिले के नागरिकों की प्रशंसा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी अपने सन्देश में कहा कि, आज के दिन कोरोना वायरस से स्वयं एवं समाज के बचाव के लिये पन्ना जिले की जनता ने जिस संयम, जिम्मेदारी एवं अनुशासन का परिचय दिया हैवह काबिले तारीफ है। उसके लिये पन्ना पुलिस आपका आभार प्रकट करती है। पन्ना जिला प्रशासन ने निकटवर्ती जिलों मे कोरोना के संक्रमण के मद्देनजर धारा-144 लागू की है। जोकि आज के बाद भी आगामी आदेश तक निरंतर लागू रहेगी। आपने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण वैश्विक महामारी का रूप ले रहा है। इसलिए अगले कुछ दिनों की आपकी-हमारी सतर्कता एवं स्वयं पर लगाया गया समाजिक बंधन (पाबंदी) यह तय करेगा कि हमारा जिला आगे इस महामारी से बचा रहता है या नहीं।








गंभीर संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री की अपील पर लोग जनता कर्फ्यू को स्वप्रेरणा से अपना समर्थन देते हुए शनिवार देर रात्रि के बाद से ही अपने घरों से बाहर नहीं निकले। देशव्यापी जनता कर्फ्यू का पन्ना जिले में में दोपहर 1 बजे तक मुकम्मल असर देखा गया। सुबह से ही सड़कें-गली-चौराहे सूने नजर आए। अपवाद स्वरूप गिनती के लोग ही आवश्यक काम के चलते घरों से बाहर निकले। जबकि अधिकाँश लोगों ने आज घर पर ही अपना ज्यादातर समय परिवार के सदस्यों के साथ बिताया।
कोरोना वायरस संक्रमण की ताजा स्थिति, जनता कर्फ्यू और देश-दुनिया की ख़बरें जानने के लिए लोगों ने टेलीविज़न और मोबाइल फोन पर भी काफी समय बिताया। माता-पिता और परिवार के बुजुर्गों ने बच्चों को कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रति जागरूक कर इससे बचाव हेतु आवश्यक सावधानी बरतने के बारे में विस्तार से बताते हुए उनके भय और जिज्ञासाओं को शांत किया। कामकाजी महिलाओं ने रविवार के अवकाश और जनता कर्फ्यू का पूरा लाभ उठाते हुए घरों की साफ़-सफाई की, पेंडिंग पड़े घरेलू काम निपटाए जिसमें परिवार के दूसरे सदस्यों ने भी उनका सहयोग किया। कुछ घरों में लजीज जायकेदार पकवान बनाकर लोगों ने परिवार के सदस्यों के साथ होम पार्टी का लुत्फ़ उठाया। वहीं जनता कर्फ्यू के दौरान पुलिस एवं प्रशासन की मुस्तैदी के मद्देनजर अशिक्षित तथा जागरूकता के आभाव में कई लोग इसे प्रशासन द्वारा लगाया गया कर्फ्यू समझते रहे।
कोरोना वायरस संक्रमण के मानवीय संकट के समय जिला मुख्यालय पन्ना में मास्क और सैनिटाइज़र की बिक्री में मुनाफाखोरी हावी होने की खबरें कई दिनों से आ रहीं थी। पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा को शनिवार 21 मार्च को इस सम्बंध में एक शिकायत प्राप्त हुई, जिसे उन्होंने गंभीरता से लेते हुए पन्ना एसडीएम शेर सिंह मीणा के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम को तत्परता से कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। उक्त टीम ने देर शाम करीब 8:30 बजे शहर के जिला चिकित्सालय के तिराहा के समीप संचालित राज मेडिकल स्टोर में छापामार कार्रवाई को अंजाम देकर बिल/चालान और स्टॉक रजिस्टर जब्त कर लिया। इस कार्रवाई के चलते जिला चिकित्सालय के आसपास संचालित मेडिकल स्टोरों के संचालक काफी घबरा गए। इसकी जद में आने से बचने के लिए चंद मिनिट में ही अधिकाँश दवा विक्रेता अपनी दुकानें बंद कर भूमिगत हो गए।
छापामार कार्रवाई करने वाली संयुक्त टीम में शामिल रहीं खाद्य निरीक्षक सुश्री सरिता अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार को उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारी कविता राठौर के साथ शहर के 15 मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान राज मेडिकल स्टोर संचालक ने उनके स्टोर में मास्क और सैनिटाइज़र उपलब्ध न होने का कथन लिखित रूप में दिया था। लेकिन आज जब मास्क और सैनिटाइज़र की कालाबाजारी होने का वीडियो वायरल हुआ और इसकी लिखित शिकायत पर जब छापा मारा तो राज मेडीकल में मास्क और सैनिटाइज़र की उपलब्धता पाई गई।
महत्वपूर्ण बात यह है कि, जय मेडीकल एजेन्सी पन्ना से 80 रुपए में ख़रीदा गया 100 मिली लीटर का सैनिटाइज़र राज मेडिकल संचालक के द्वारा कथित तौर पर 150 से लेकर 175 एवं 200 रुपये तक में बेंचा जा रहा था। जबकि सैनिटाइज़र की बॉटल पर अधिकतम खुदरा मूल्य 220 रुपए अंकित है। इसके अलावा मास्क खरीदी के बिल में मूल्य दर्ज होना नहीं पाया गया। एक दिन पूर्व हुए निरीक्षण में मास्क और सैनिटाइज़र उपलब्ध न होने की जानकारी देने के पश्चात शनिवार को छापामार कार्रवाई के दौरान राज मेडीकल में न सिर्फ इनकी उपलब्धता पाई गई बल्कि जब्त किए खरीदी बिल/चालान बैक डेट में जारी मिले। जिससे मेडीकल स्टोर संचालक पर कालाबाजरी करने के साथ-साथ गलत जानकारी देकर गुमराह करने का आरोप भी लग रहा है। छापामार कार्रवाई करने वाली संयुक्त टीम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एल. के. तिवारी भी शामिल थे।
छापामार कार्रवाई में प्रथम दृष्टया कथित तौर पर अनियमितताएं सामने आने पर प्रभारी तहसीलदार पन्ना दीपा चतुर्वेदी की मौजूदगी में पन्ना कोतवाली थाना पुलिस ने राज मेडीकल में ताले लगाकर उसे सील कर दिया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में आवश्यक वास्तु अधिनियम अंतर्गत कार्रवाई करने के पश्चात प्रकरण को अग्रिम कार्रवाई हेतु ड्रग इंस्पेक्टर को सौंपा जायेगा। उधर, दवा व्यापारी संघ अध्यक्ष श्रीकांत दीक्षित एवं राज मेडीकल स्टोर संचालक ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ती और विरोध दर्ज कराया है। दोनों ने संयुक्त टीम की छापामार कार्रवाई के बाद मेडिकल स्टोर को सील करने को अनुचित और प्रशासन की मनमानी बताया है। जबकि जिला चिकित्सालय के तिराहा पर इस कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे लोगों ने कोरोना संकट के समय मास्क और सैनिटाइज़र की जमाखोरी व कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई को जनहित में बताते हुए इसकी सराहना की है। मालूम हो कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु जानकारों के द्वारा थ्री लेयर मास्क लगाने और सैनिटाइज़र से दिन में कई बार हाथ साफ़ करने की सलाह दी जा रही है। जिससे मास्क और सैनिटाइज़र की माँग बढ़ने के साथ ही इनकी कालाबाजारी भी तेजी से चल रही है।

सनसनीखेज हत्या की वारदात की सूचना मिलते ही धरमपुर थाना प्रभारी एम. डी. शाहिद हमराही पुलिस बल के साथ तुरंत अमरछी पहुँचे। अज्ञात हत्यारों के नदी की ओर भागने की जानकारी मिलने पर आसपास के इलाके की सघन सर्चिंग कराई गई। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए अजयगढ़ से एसडीओपी इसरार मंसूरी, पन्ना से पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी एवं एडिशनल एसपी बीकेएस परिहार भी रात्रि में ही मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों तथा फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर पीड़ित परिजनों से घटना की जानकारी प्राप्त की गई। पुलिस अधिकारियों के द्वारा सनसनीखेज हत्याकाण्ड के खुलासे और अज्ञात हत्यारोपियों की धरपकड़ के लिए धरमपुर थाना पुलिस को आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। प्रारंभिक पुलिस जांच के आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि अज्ञात बदमाश चोरी करने के इरादे से आए थे। इस मामले में धरमपुर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 294,323,34 एवं आर्म्स एक्ट की धारा 25-27 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। सीमावर्ती इलाके को दहला देने वाले इस हत्याकाण्ड के 36 घण्टे बाद भी पुलिस अज्ञात बदमाशों का सुराग नहीं लगा सकी।







उन्होंने निर्देश दिए कि सब्जी मंडी, गल्ला मंडी में भीड़ इकठ्ठी होने से रोकने के लिए राजस्व अधिकारी नगर सैनिकों एवं स्वयं सेवकों का सहयोग प्राप्त करें। नगरीय क्षेत्रों में लगने वाले हाट बाजार 31 मार्च 2020 तक नहीं लगाए जाएं। इसी प्रकार ऐसे स्थानों पर चयन किया जाए जहां भीड़भाड़ होती है वहां पर भी भीडभाड को रोकने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।





