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जिले में 12250 व्यक्तियों को कम्युलेटिव किया गया, होम आइसोलेशन वालों के हाथ में सील और घर में लगा रहे स्टीकर

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पन्ना जिले में होम क्वारेंटाइन में रह रहे लोगों के सतत सम्पर्क हैं आरआरटी मोबाइल टीम।

* पन्ना जिले में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव हेतु कार्यवाही जारी

* होम क्वारेन्टाइन लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण में जुटीं 32 आरआरटी मोबाइल टीम

पन्ना। (www.radarnews.in) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी द्वारा बताया गया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा महामारी घोषित नोवल कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले में निरंतर कार्यवाही जारी है। अन्य राज्यों से 03 अप्रैल को 808 व्यक्ति आए हैं। इस तरह जिले अब तक अन्य राज्यों से आए हुए 8728 लोगों को कम्युलेटिव किया गया है। इन सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है।
एक घर में स्वैच्छिक होम आईसोलेशन का स्टीकर चस्पा कर वापस लौटते चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी।
जिले में अब तक 12250 लोगों को कम्युलेटिव किया गया है। आज दिनांक को 27 लोगों को घर पर आइसोलेशन में रखा गया है। जिले में अब तक 964 व्यक्ति घरों में ही आइसोलेशन में रह रहे हैं। अब तक 5 नमूने लिए गए। यह सभी नमूने निगेटिव पाए गए हैं।
होम आइसोलेशन में रहने वाले नवयुवक की पहचान के लिए उसकी हथेली में सील लगाते चिकित्सक।
जिले में नोबल कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु शासन के निर्देशानुसार आवश्यक मानव संसाधन की पूर्ति हेतु जिले में आयुष चिकित्सक हेतु प्राप्त आवेदन के तहत आयुष चिकित्सकों को नियोजित कर 15 एसआरआरटी टीम का गठन कर कोरोना वायरस संक्रमण स्क्रीनिंग, टेस्टिंग हेतु सैम्पल कलेक्शन, दवा वितरण तथा काॅन्ट्रेक्ट हिस्ट्री लेने का कार्य किया जाएगा।
अपने हाथ में लगी को सील को दिखाता होम आईसोलेशन में रहने वाला नवयुवक।
जिले की 32 आरआरटी मोबाइल टीम के द्वारा जिले के ग्रामों का भ्रमण कर चिन्हित होम क्वारेन्टाइन घरों में पहुंचकर पुनः स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। उनके घरों में स्वैच्छिक होम आईसोलेशन का स्टीकर चस्पा कर उनकी पहचान सुनिश्चित करने हेतु ऐसे व्यक्तियों की कलाई में स्वैच्छिक होम आइसोलेशन एवं मुझे दूसरों को सुरक्षित रखने का गर्व है की सील लगाए जाने का कार्य किया जा रहा है।
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पन्ना जिले के शहरी क्षेत्रो में अब रोज नहीं खुलेंगी किराना दुकानें, सिर्फ निर्धारित तिथियों में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक खरीद सकेंगे किराना सामग्री

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लॉकडाउन के चलते पूर्णतः बंद पड़े पन्ना के बड़ा बाजार में सड़कों पर पसरा संन्नाटा।

* दूध की दुकानें खुलेंगी, हाथ ठेला पर वार्डों में बेंच सकेंगे सब्जी

* लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर सख्त हुआ प्रशासन

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) वैश्विक महामारी घोषित कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं इससे बचाव में टोटल लॉकडाउन तथा सोशल डिस्टेंसिग बेहद जरूरी है। पन्ना जिले के प्रशासनिक मुखिया कलेक्टर कर्मवीर शर्मा इस बात को भलीभांति जानते हैं। इसलिए लॉकडाउन तथा सोशल डिस्टेंसिग को पूर्णतः सफल बनाने के लिए जनहित में कई कड़े निर्णय लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिले में नए सिरे से किराना सामग्री, फल-सब्जी, दूध की बिक्री को लेकर समयसीमा और तिथियां निर्धारित की गईं हैं। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट कर्मवीर शर्मा ने बताया है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के स्वास्थ्य एवं जीवन की सुरक्षा से उत्पन्न खतरे के परिपेक्ष्य में जनसामान्य के स्वास्थ्य हित एवं लोक शांति बनाए रखने एवं सोशल डिस्टेंसिंग के उद्देश्य से जिले की समस्त शहरी सीमा के अन्तर्गत सघन जनसंख्या को दृष्टिगत रखते हुए और लोक जीवन की सुरक्षा हेतु सख्ती से कराया जाना अनिवार्य प्रतीत हो रहा है।
उन्होंने पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, मुख्य नगरपालिका/नगर परिषद अधिकारी द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर पन्ना जिले के समस्त शहरी क्षेत्रों की घनी आबादी को दृष्टिगत रखते हुए कोरोना के संक्रमण की रोकथाम हेतु आवश्यक वस्तुओं की दूकानें खुलने का समय निर्धारित किया है।

नए सिरे से किया समय का निर्धारण

कलेक्टर ने किराना दुकान खोलने हेतु 03, 05, 07, 09, 11 एवं 15 अप्रैल 2020 की तिथि निर्धारित की है इस बीच अन्य दिवसों पर दुकानें पूर्णतः बंद रहेगी। किराना दुकान खोलने हेतु प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक का समय निर्धारित किया है। इसी प्रकार दूध की दुकान प्रत्येक दिवस प्रातः 7 बजे से 11 बजे तक एवं शाम 5 बजे से शाम 7 बजे तक खोली जाएंगी। फल एवं सब्जी विक्रेता हाथ ठेला सहित केवल अपने-अपने वार्डो में हाथ ठेला के माध्यम से या ऑनकॉल सब्जी उपलब्ध कराएंगे। इसका समय प्रातः 7 बजे से 11 बजे तक एवं दोपहर बाद 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। दवाईयों की दुकान प्रत्येक दिवस खोली जाएगी। इसके अतिरिक्त कार्यालयीन आदेश के द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत लाॅकडाउन संबंधी शेष निर्धारित शर्ते यथावत रहेंगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। इस आदेश का उल्लंघन धारा 188 भारतीय दण्ड विधान के तहत दण्डनीय होगा।
सोशल डिस्टेंसिग का पालन कराने कुछ दिन पूर्व सब्जी एवं किराना दुकानों में की गई मार्किंग।
उल्लेखनीय है कि कुछ समय पूर्व कलेक्टर ने किराना एवं फल-सब्जी विक्रेताओं के साथ बैठक कर उनसे समक्ष लॉकडाउन की अवधि में लोगों को ऑनकॉल सामन की होम डिलेवरी उचित दर पर उपलब्ध कराने सुझाव रखा था। जिस पर शहर के कई किराना दुकान संचालकों सब्जी विक्रेताओं ने अपनी सहमति दी थी। इसके उपरान्त आमजन की सुविधा हेतु इनके मोबाइल नम्बर बकायदा जारी किये गए थे।
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कलेक्टर और एसपी ने किया जिले के विभिन्न आइसोलेशन सेंटरों का निरीक्षण, सेंटर में रखे गए लोगों को संक्रमण मुक्त एवं स्वस्थ होने तक वहाँ रहने की दी समझाइश

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आइसोलेशन सेंटरों में रह रहे लोगों से सीधे रूबरू होते पन्ना कलेकटर कर्मवीर शर्मा।

* वयस्कों को भोजन, नाश्ता और बच्चों को मिल रहा दूध-बिस्किट

* संक्रमित व्यक्ति द्वारा दूसरे को संक्रमित करना अपराध है – एसपी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) नोवल कोरोना वायरस संक्रमण की प्रभावी रोकथाम एवं इससे बचाव को लेकर पन्ना जिला प्रशासन पूरी तरह सजग है। इसके लिए सभी जरूरी उपाए कर बाहर से लौटे प्रवासी श्रमिकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। बाहर से आने वाले जो श्रमिक स्क्रीनिंग के दौरान सर्दी-खाँसी-जुकाम या बुखार से पीड़ित पाए उन्हें फिलहाल उनके गाँव के नजदीक स्थित आइसोलेशन सेंटरों में रखा गया है। शुक्रवार को पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी के साथ संबंधित अधिकारियों द्वारा जिले के विभिन्न आइसोलेशन सेंटरों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सेंटरों में रखे गए व्यक्तियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी गयी। सेंटर में रह रहे व्यक्तियों द्वारा बताया गया कि हमें चाय, नाश्ता, भोजन एवं बच्चों को दूध और बिस्किट दिया जा रहा है। सभी को साबुन एवं मास्क उपलब्ध कराए गए हैं।
कलेक्टर श्री शर्मा द्वारा सभी को समझाइश देते हुए कहा कि आप लोगोें को शासन द्वारा निर्धारित अवधि तक यहां रहना होगा। यहां हर तरह की सुविधा शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। डाॅक्टरों द्वारा समय समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार की व्यवस्था की गयी है। निर्धारित अवधि के उपरांत आप लोगों को आपके घर तक जिला प्रशासन द्वारा पहुंचाया जाएगा।

अनुमति बगैर घर जाने पर दर्ज होगी एफआईआर

आइसोलेशन सेंटरों में रह रहे बच्चों को वितरित दूध की गुणवत्ता देखते कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।
पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी आइसोलेशन सेंटरों में रखे गए लोगों को समझाइश देते हुए कहा गया कि निर्धारित अवधि तक आप लोग इन्ही सेंटरों में रहेंगे। जब तक डाॅक्टरों द्वारा यह सुनिश्चित नहीं कर दिया जाता कि आप लोग पूरी तरह से संक्रमण मुक्त एवं स्वस्थ है तब तक आप लोगों को यहां रहना होगा। आइसोलेशन सेंटर से घर जाने के लिए अनावश्यक विवाद करना एवं संक्रमित व्यक्ति द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को संक्रमित करना अपराध की श्रेणी में आता है। यदि आप लोगोें द्वारा जिला प्रशासन की अनुमति के बगैर सेंटर से घर की ओर रवानगी डाली जाएगी तो आप के विरूद्ध पुलिस में प्रकरण दर्ज किया जाएगा। जो आपके लिए परेशानी का सबब बनेगा। संयुक्त टीम द्वारा विभिन्न छात्रावास जिनमें आइसोलेशन सेंटर बनाए गए हैं उनका निरीक्षण किया गया। निरीक्षण की शुरूआत अमानगंज महाविद्यालय से की गयी। इसके उपरांत सिमरिया छात्रावास, रैपुरा छात्रावास, शाहनगर छात्रावास, पवई छात्रावास, गुनौर छात्रावास, सिली आदि में स्थापित छात्रावासों का निरीक्षण किया।

चेक पोस्ट का किया निरीक्षण

जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों स्थित चेक पोस्ट का निरीक्षण कर वहाँ तैनात पुलिसकर्मियों आवश्यक निर्देश देते हुए पन्ना एसपी मयंक अवस्थी।
इसके उपरांत कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा सिमरिया चेक पोस्ट का निरीक्षण किया गया। चेक पोस्ट पर नियुक्त अधिकारी, कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि जो भी व्यक्ति बाहर से जिले में आ रहे हैं यदि वह जिले का निवासी है तो उसकी डाॅक्टर से स्क्रीनिंग कराने के उपरांत आइसोलेशन सेंटर में रखे जाने की व्यवस्था की जाए। यदि कोई मालवाहक जिले के लिए आवश्यक सामग्री जैसे खाद्यान्न, गैस, ईंधन, सब्जी आदि लाता है तो संबंधित जिस व्यापारी के यहां ले जाना है उससे बात करने के उपरांत उसे प्रवेश दिलाकर माल उतारने के बाद वाहन को जिले से बाहर भेजा जाए।
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घर-घर जाकर बीमार व्यक्तियों की जानकारी जुटाने वाली टीमें कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे से हैं कितनी सुरक्षित ?

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आवश्यक सुरक्षा सामान के बगैर घर-घर जाकर बीमार व्यक्तियों की जानकारी एकत्र करते ग्रामीण दल।

* टीम के सदस्यों के पास जरूरी सुरक्षा सामान का आभाव

* मुँह में कपड़ा बांधकर या साधारण मास्क लगाकर सर्वे कर रहीं 450 टीमें

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) पूरी दुनिया में कहर बरपा रहे कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के फैलाव के बीच आवश्यक संसाधनों की कमी महसूस की जा रही है। पन्ना के जिला चिकित्सालय में सेवाएं देने वाले डॉक्टरों, नर्सेस एवं अन्य पैरामेडिकल स्टॉफ के पास जरूरी सामान न होने की ख़बरों को पिछले दिनों स्थानीय समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। जिसमें विस्तारपूर्वक यह बताया गया कि इस गंभीर संकट के समय पन्ना के डॉक्टर एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी आवश्यक सुरक्षा सामान के बगैर किस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर रात-दिन काम कर रहे हैं। इस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना डॉक्टर एल. के. तिवारी की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी करके सफाई दी गई। उन्होंने दावा किया कि स्वास्थ्य विभाग के पास एन-95, मास्क, पीपीई किट, ग्लब्स, सैनिटाइजर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। मगर विज्ञप्ति में उपलब्ध सामग्री की मात्रा/संख्या नहीं बताई गई। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया, यदि व्यक्तिगत सुरक्षा सामग्री पर्याप्त मात्रा में मौजूद है तो फिर उसे पन्ना जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ को उपलब्ध क्यों नहीं कराया जा रहा है।
सवाल यह भी है, व्यक्तिगत सुरक्षा सामग्री की अगर वाकई पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता है तो फिर इसे प्रशासन की उन 450 टीमों को प्रदान क्यों नहीं गया जोकि गाँव-गाँव और वार्ड-वार्ड जाकर बीमार व्यक्तियों की जानकारी जुटाने का काम कर रहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन सर्वे टीमों को कम से कम मास्क, ग्लब्स, हेयर कैप, आँखों की सुरक्षा सहित सैनिटाइजर तो दिया ही जाना चाहिए था। क्योंकि इन टीमों का काम भी जोखिम भरा है। सर्वे टीमों को सुरक्षा सामग्री देने की बात इसलिए भी उठ रही है क्योंकि इन टीमों के अधिकाँश सदस्यों की जो तस्वीरें आ रहीं हैं उनमें वे सिर्फ मुँह में कपड़ा या रूमाल बांधकर अथवा साधारण मास्क लगाकर बीमार व्यक्तियों की जानकारी जुटाते दिख रहे हैं। इनके पास व्यक्तिगत सुरक्षा सामान का आभाव साफ़ दिख रहा है।
हैरानी इस बात को लेकर भी है कि इन सर्वे टीमों को गठित करने का निर्णय लेने वाले अधिकारियों ने टीम के सदस्यों की सुरक्षा के सम्बंध में एक बार भी नहीं सोचा। जबकि कोरोना संक्रमण के गंभीर खतरे को दृष्टिगत रखते हुए घर-घर जाकर बीमार व्यक्तियों की जानकारी जुटाने वाली टीम के प्रत्येक सदस्य को खुद के बचाव के लिए मास्क और ग्लब्स तो बेहद जरूरी हैं। देश और प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की चिंताजनक स्थिति को देखते हुए इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि पन्ना जिले में बीमार व्यक्ति की जानकारी जुटाने और घर पर ही उन्हें दवा मुहैया कराने के काम में जुटीं टीमों के सदस्य आवश्यक सुरक्षा सामग्री के बगैर कितने सुरक्षित हैं।

कोरोना की रोकथाम में है अहम भूमिका

पन्ना जिले में कोरोना वायरस संक्रमण की प्रभावी रोकथाम करने के लिए हेतु जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीमें युद्ध स्तर पर कार्य कर रही हैं। इसमें आमजन का आपेक्षित सहयोग भी प्रशासन को मिल रहा है। कुछ दिन पूर्व पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी थी कि जिले की प्रत्येक पंचायत और नगरीय निकायों के प्रत्येक वार्ड में एक-एक टीम गठित की गई हैं, ये टीमें घर-घर जाकर सर्दी-खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ के लक्षणों वाले मरीजों की जानकारी एकत्र कर रहीं है। पूरे जिले में 450 टीमें इस काम में जुटीं हैं। इसके अलावा डॉक्टरों की 30 टीमें भी भ्रमण कर रहीं हैं।
कलेक्टर ने आमजन से आग्रह किया था कि इन दलों (टीमों) को सही जानकारी दें ताकि वह आपको आपके घर पर ही दवा उपलब्ध करा सकें। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया था कि यह प्रोएक्टिव स्टेप उठाकर हम प्रत्येक घरों में हमारी टीम को भेज रहे हैं ताकि आपको बाहर निकलने की जरूरत ना पड़े तथा दवाइयां आपके घर तक पहुंच सकें । कलेक्टर ने लोगों को आगाह भी किया था कि, किसी भी स्थिति में जानबूझकर जानकारी छुपाने, भ्रामक जानकारी देने, या संक्रमण फैलाने का काम करने वालों के विरुद्ध पब्लिक सेफ्टी एक्ट और सीआरपीसी की धारा-144 के तहत कठोर से कठोर कार्रवाई की जायेगी। इससे कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए जारी प्रयासों में इन टीमों की भूमिका, इनके कार्य से जुड़ी चुनौतियों और जोखिम को भलीभांति समझा जा सकता है।

हताशा और चिंता का भाव

बीमार व्यक्तियों की जानकारी जुटाने के काम में लगीं टीमों को उन सभी व्यक्तियों की वांछित जानकारी हांसिल करनी है जो कि पहले से ही जिले में हैं या फिर कुछ समय पूर्व बाहर से वापस पन्ना आए हैं। बीमार व्यक्ति के मिलने पर इन्हें उसकी तकलीफ से लेकर यात्रा से सम्बंधित और अन्य जानकारी प्राप्त करनी पड़ती है। अर्थात बीमार व्यक्ति से टीम के सदस्यों को बात करने में करीब 10-15 मिनिट लगते हैं। अभी तक बीमार व्यक्तियों की जो संख्या सामने आई है, उसके मद्देनजर बीमार व्यक्ति को साधारण सर्दी-जुकाम, बुखार हो सकता और वह कोरोना संदिग्ध भी हो सकता है। जरा सोचिए, जरूरी सुरक्षा सामान के बगैर ऐसे लोगों से रूबरू होना कितना जोखिम भरा काम है। सर्वे टीमों में शामिल मैदानी शासकीय कर्मचारियों को इसका अहसास है। और शायद यही वजह है कि सुरक्षा सामान के बगैर सर्वे का काम कर रहीं टीमों के अधिकाँश सदस्य मानसिक परेशानी महसूस कर रहे हैं। निजी बातचीत में वे अपने स्वास्थ्य और जीवन सुरक्षा से जुड़ी चिंता को खुलकर व्यक्त करते हैं लेकिन सार्वजानिक तौर पर कुछ भी कहने से डरते हैं।
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24 घण्टे में पन्ना आए 1686 प्रवासी मजदूरों का किया परीक्षण, 1134 को होम आईसोलेशन और सर्दी-जुकाम से पीड़ित 552 को सेल्टर प्वाइंट पर रोका

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सांकेतिक फोटो।

* बीमार मजदूरों का निरंतर किया जा रहा स्वास्थ्य परीक्षण

* दावा : जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के बचाव हेतु तैयारी एवं व्यवस्था पूर्ण

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कोरोना वायरस संक्रमण को समुदाय में फैलने से रोकने के लिए 21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन किया गया है, जिसके चलते महानगरों में फंसे श्रमिक वापस अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। पिछले 24 घण्टे के दौरान विभिन्न राज्यों एवं जिलों से पलायन कर 1686 मजदूर पन्ना जिले में आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की मोबाईल आरआरटी टीम द्वारा सभी प्रवासी श्रमिकों की स्क्रीनिंग की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एल. के. तिवारी का दावा है कि स्क्रीनिंग में सामान्यतः सभी श्रमिक स्वस्थ्य पाये गये हैं। मगर एहतियात के तौर पर पलायन कर आये मजदूरों में से 1134 व्यक्तियों को 14 दिन तक घर पर रहने (होम आईसोलेशन) की सलाह दी गई है। जबकि सामान्य सर्दी, जुकाम वाले 552 व्यक्तियों को ब्लाक स्तर पर निर्धारित किए गये सेल्टर प्वाइंट पर अस्थाई रूप से रोक कर रखा गया है। उनके लिए भोजन-पानी की व्यवस्था स्थल पर की गई है। सेल्टर प्वाइंट में ठहरे श्रमिकों का स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा निरंतर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। सीएमएचओ का कहना है कि जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के बचाव हेतु तैयारी एवं व्यवस्था पूर्ण है।

विदेश से लौटने वाले भी होम आईसोलेशन में

सांकेतिक फोटो।
जिले में पिछले 15 दिवस के दौरान विदेश से आये हुए कुल 8 व्यक्तियों को सख्त रूप से होम आईसोलेशन में रखा गया है तथा निरंतर स्वास्थ्य टीम द्वारा इनके परीक्षण किया जा रहा है एवं वह सभी स्वस्थ्य है। इसके अलावा अन्य राज्य/जिलों से आये हुए लगभग 95 व्यक्तियों को होम आईसोलेश न में रखा गया है, जिनका मोबाईल आरआरटी द्वारा निरंतर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। जिसमें अभी तक सभी स्वस्थ्य अवस्था में है। जिले में आने वाले संदिग्ध कोविड-19 कोरोना वायरस संक्रमित मरीज हेतु जिला चिकित्सालय पन्ना में पृथक से 20 बिस्तरीय आईसोलेशन वार्ड की व्यवस्था की गई है, जिसमें सभी प्रकार के आवश्यक उपकरण एवं सामग्री जैसे- वेन्टिलेटर, पीपीई किट, एन-95 मास्क, ग्लव्स, सैनिटाइजर इत्यादि उपलब्ध करा दिये गये है। आईसोलेशन वार्ड प्रभारी डाॅ.प्रदीप द्विवेदी मेडिसिनि चिकित्सक को नियुक्त करते हुए 24×7 पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। सभी स्टाफ को कोविड-19 वायरस के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण प्रदाय किया जा चुका है।

विशेष भर्ती के लिए आए आवेदन

डॉ. एल. के. तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।
सीएमएचओ डॉक्टर एल. के. तिवारी ने बताया कि जिले में आगामी दिनों में कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी को भांपते हुए आवश्यक अत्याधिक मानव संसाधन की पूर्ति किए जाने हेतु शासन के निर्देशानुसार विशेष भर्ती अभियान के तहत चिकित्सकों, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ के आवेदन जमा कराये जा रहे है, जिसके अंतर्गत अभी तक कार्यालय में चिकित्सकों के 26, नर्सिंग के 34 तथा पैरामेडिकल स्टाफ के 10 आवेदन प्राप्त हुए है। प्राप्त आवेदन के आधार पर जिले में एक एलौपेथिक चिकित्सक डाॅ. केवल कुमार अहिरवार की अस्थाई नियुक्ति की जाकर पन्ना शहरी क्षेत्रांतर्गत रैपिड रिस्पॉन्स टीम में के साथ ड्यूटी लगाई गई है। शेष प्राप्त आवेदनों पर 02 दिवस के अंतर्गत आवश्यकतानुसार नियुक्ति पूर्ण की जाएगी।
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आँगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका ने केन्द्र में दर्ज बच्चों एवं माताओं को घर-घर जाकर वितरित किया सत्तू

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आँगनवाड़ी केन्द्र में दर्ज बच्चे को सत्तू का पैकेट प्रदान करतीं कार्यकर्ता शहनाज़ बेगम एवं सहायिका सुधा शिवहरे।

* गुणवत्तायुक्त रेडी टू ईट पूरक पोषण आहार अंतर्गत किया वितरण

* कोरोना संकट चलते कई दिनों से बंद हैं प्रदेश भर के आंगनवाड़ी केन्द्र

राजेन्द्र कुमार लोध, पन्ना। (www.radarnews.in) कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु पिछले एक सप्ताह से लॉकडाउन के चलते प्रदेश भर के आँगनवाड़ी केन्द्र बंद हैं। इस स्थिति में आँगनवाड़ी सेवा से सम्बंधित हितग्राहियों को निर्बाध रूप से पूरक पोषण आहार प्रदान करने के लिए पन्ना शहरी क्षेत्र में आँगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका घर-घर दस्तक देकर केन्द्र में दर्ज बच्चों एवं गर्भवती/धात्री माताओं को सत्तू वितरित कर रहीं हैं। टोटल लॉकडाउन के चलते अपने घरों में कैद छोटे बच्चों और माताओं को गुणवत्तायुक्त रेडी टू ईट पूरक पोषण आहार अंतर्गत सत्तू के पैकेट घर बैठे मिलने से उनके चेहरों ख़ुशी की चमक साफ़ नजर आ रही है।
पन्ना के बल्देव वार्ड क्रमाँक-15 में स्थित आँगनवाड़ी केन्द्र क्रमाँक-36 की कार्यकर्ता शहनाज़ बेगम एवं सहायिका सुधा शिवहरे द्वारा मंगलवार 31 मार्च को छः माह से लेकर 06 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों और गर्भवती/धात्री माताओं को तीन सप्ताह के लिए सत्तू के पैकेट घर पहुंच कर प्रदान किए गए। साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए सतर्कता बरतने एवं आवश्यक उपाए करने के प्रति जागरूक किया गया।
उल्लेखनीय है कि संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग भोपाल के निर्देश पर विगत दिनों नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु प्रदेश के समस्त आँगनवाड़ी केन्द्रों को तत्काल प्रभाव से 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया था। वर्तमान में इस खतरनाक संक्रमण से बचाव हेतु देशव्यापी लॉकडाउन चलते आँगनवाड़ी केन्द्र बंद रहने की स्थिति में संचालनालय ने आँगनवाड़ी सेवा से सम्बंधित हितग्राहियों को निर्बाध रूप से गुणवत्तायुक्त रेडी टू ईट पूरक पोषण आहार प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। जिसके परिपालन में पन्ना में सत्तू का वितरण किया जा रहा है।
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प्रदेश की जेलों में बंद आठ हजार बंदियों को इमरजेंसी पैरोल और अंतरिम जमानत

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सांकेतिक फोटो।
भोपाल। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए मानवीय आधार पर जेलों में बंद 8 हजार कैदियों को राहत देने का निर्णय लिया है। जेल विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार पाँच हजार बंदियों को 60 दिन के इमरजेंसी पैरोल पर रिहा किया जायेगा। इसके अतिरिक्त, अगले दो दिनों में अन्य तीन हजार बंदियों को 45 दिन की अंतरिम जमानत पर रिहा किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस संक्रमण को दृष्टिगत रखते पिछले दिनों शीर्ष अदालत ने जेल में बंद कैदियों को पैरोल पर रिहा करने का आदेश दिया था। जिसके पालन में राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है।
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देशव्यापी लॉकडाउन के चलते मजदूर हुए मजबूर, महानगरों से दो दिन में वापस पन्ना लौटे ढाई हजार श्रमिक, कोरोना संक्रमण की अनदेखी कर बसों में भूसे की तरह भरा गया

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लॉकडाउन के चलते महानगरों से वापस लौटे मजदूरों को बसों में इस तरह भरकर पन्ना लाया गया।

* अधिकाँश श्रमिकों को सिर पर गठरी रखकर सैंकड़ों किलोमीटर पैदल चलना पड़ा

* पन्ना पहुँचने पर प्रशासन ने की भोजन, आवास, स्क्रीनिंग, परिवहन की व्यवस्था

* प्रवासी श्रमिकों को नेताओं और समाजसेवियों ने भी बाँटा नाश्ता और भोजन

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) नोवल कोरोना वायरस संक्रमण के गंभीर खतरे को देखते हुए इससे बचाव के लिए पूरे देश में पिछले पाँच दिनों से लॉकडाउन चल रहा है, जिसकी वजह से दूसरे राज्यों एवं जिलों में फंसे प्रवासी श्रमिकों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। कोरोना और भूख की वजह से श्रमिकों का देशभर से पलायन शुरू हो गया है। काम की तलाश में महानगरों में गए श्रमिक अब वापस अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। लेकिन लॉकडाउन के चलते यातायात व्यवस्था और सार्वजानिक परिवहन सेवा बंद होने से श्रमिकों की समस्या और अधिक बढ़ गई है। घबराहट और चिंता से घिरे श्रमिक अपने सिर पर गठरी रखकर भूखे-प्यासे सैंकड़ों किलोमीटर पैदल चलने के बाद बसों में भूसे की तरह भरकर पन्ना पहुँच रहे हैं। पिछले दो दिनों से इनके आने का सिलसिला जारी है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार सिर्फ दो दिनों में अलग-अलग स्थानों से लगभग ढाई हजार श्रमिक जिले में पहुंच चुके हैं।
छतरपुर से आने वालीं बसों में इन गरीब मजदूरों को जिस तरह ठूँस-ठूँस कर भेजा जा रहा है उससे कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु जारी दिशा-निर्देशों का माखौल उड़ रहा है। प्रवासी श्रमिकों की वापसी की दर्दनाक तस्वीरें इनकी बेबसी को बयां करने के साथ सिस्टम की संवेदनहीनता और आपराधिक लापरवाही को उजागर करती हैं। बसों में निर्धारित यात्री क्षमता से दो से तीन गुना अधिक मजदूरों को बैठाकर पन्ना भेजने वाले पड़ोसी जिलों के अफसरों ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए बेहद जरूरी सोशल डिस्टेंसिंग को मजाक बना दिया है। ऐसा करके न सिर्फ गरीब श्रमिकों की फ़जीहत की गई बल्कि उनके जीवन और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी किया गया।
कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के खतरे को नजरअंदाज कर प्रवासी श्रमिकों को पन्ना से उनके क्षेत्रों में इस तरह भेजा गया।
पन्ना से इन श्रमिकों को जब उनके गृह क्षेत्र के नजदीकी छात्रावास के लिए बसों से रवाना किया गया तब भी उन्हें भेड़-बकरियों की तरह भरकर भेजा गया। कुल मिलाकर रविवार और सोमवार को दूसरे राज्यों एवं जिलों से जिन हालात में प्रवासी मजदूर वापस पन्ना लौटे और फिर अपने गृह क्षेत्र के लिए रवाना हुए उसके मद्देनजर जिले में कोरोना वायरस संक्रमण फैलने का डर लोगों को सताने लगा है।

पंजीयन कर स्क्रीनिंग की गई 

कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम हेतु देश में लाॅकडाउन होने के उपरांत अन्य राज्यों एवं जिलों में फंसे श्रमिकों के जिले में आने के उपरांत उन्हें पन्ना के बाहरी इलाके पुराना पन्ना स्थित छात्रावास में बने अस्थाई कैम्प में ठहराया गया। जहाँ स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन की टीमों के द्वारा श्रमिकों का पंजीकरण कर स्क्रीनिंग करने के साथ भोजन एवं आवास की व्यवस्था की गयी। सभी श्रमिकों को उनके तहसील क्षेत्र भेजने के लिए 11 वाहन लगाए गए। इन सभी श्रमिकों को जिले में स्थापित 40 छात्रावासों में रूकने की व्यवस्था की गयी है। अब तक लगभग ढाई हजार श्रमिक जिले में पहुंच चुके हैं।

आइसोलेशन में रखने की है व्यवस्था

बाहर से लौटे श्रमिकों के नाश्ता-भोजन एवं उनकी स्क्रीनिंग की व्यवस्था प्रशासन, नेताओं और समाजसेवियों के द्वारा की गई
कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के निर्देशानुसार प्रत्येक श्रमिक का पंजीयन के दौरान उनकी सम्पूर्ण जानकारी दर्ज करने के साथ विशेष तौर से जिन श्रमिकों को खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, गले में दर्द आदि होने की जानकारी दर्ज की गयी। इन सभी श्रमिकों की स्क्रीनिंग स्वास्थ्य विभाग के दल द्वारा की जा रही है। स्क्रीनिंग के उपरांत कोई भी श्रमिक संदेस्पद श्रेणी में आता है उसे आइसोलेशन में रखने की व्यवस्था की गयी है। श्रमिकों को उनके क्षेत्र में पहुंचाकर निकटतम छात्रावासों में रखने की व्यवस्था की गयी है।

स्वस्थ श्रमिकों को उनके घर पहुँचाया जाएगा

पलायन से वापस लौटने वाले श्रमिकों के लिए शाहनगर, रैपुरा, पवई, कलेही, मोहन्द्रा, कुवंरपुरा, बनौली (सिमरिया तहसील), सिंगवारा, अमानगंज, सुनवानीकला, सलेहा, कल्दा, गुनौर, बिलधाडी, सरवारा, खोरा, अजयगढ, बरियारपुर, नरदहा, पन्ना नगर के विभिन्न स्थानों पर स्थापित 15 छात्रावासों एवं बड़ागांव देवेन्द्रनगर में आवास की व्यवस्था की गयी है। इन सभी श्रमिकों को अस्थाई आवास में रहने तक भोजन एवं उपचार की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है। इन श्रमिकों में सामान्य पाए जाने वाले श्रमिकों को उनके गृहग्राम तक पहुंचाने की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है।
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ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से पुलिस ने शुरू की लॉकडाउन की निगरानी, बेबजह घर से निकलने वालों की तस्वीरों से पहचान कर दर्ज किया जाएगा आपराधिक मामला

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पन्ना में ड्रोन कैमरे से लॉकडाउन की निगरानी व्यवस्था का शुभारम्भ करते पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी।

* लॉकडाउन व धारा-144 का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ शुरू हुई सख्ती

* पुलिस अधीक्षक ने ड्रोन उड़ाकर शुरू की आसमान से निगरानी की नई व्यवस्था

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कोरोना से जंग जीतने में समाज और सेहत के दुशमन आड़े आ रहे हैं। घर में रहने की सलाह ना मानकर बेबजह सड़कों पर तफरी करने के लिए निकल रहे हैं। पुलिस ने ऐसे लोगों को पूर्व में कई बार समझाइश दी, सार्वजानिक रूप से मुर्गा बनाया, उठक-बैठक लगवाई और डण्डे भी चटकाए। बाबजूद इसके कतिपय नासमझ और लापरवाह लोग अपनी जान को जोखिम में डालने के साथ अन्य लोगों के लिए भी संकट पैदा करते हुए बेबजह घरों से बाहर निकलने से बाज नहीं आ रहे हैं। शासन-प्रशासन व पुलिस की चेतावनी को नजरअंदाज कर अकारण घर से निकलकर लॉकडाउन और धारा-144 का उल्लंघन वालों के खिलाफ पन्ना जिले की पुलिस ने अब सख्ती शुरू कर दी है।
आसमान में उड़ान भरते हुए तस्वीरें निकलता ड्रोन कैमरा।
जिला मुख्यालय में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से पुलिस ने ऐसे लोगों की निगरानी शुरू कर दी है। अब क़ानून तोड़ने वालों की तस्वीरें ड्रोन कैमरा और नगर के चौराहों-तिराहो में लगे सीसीटीव्ही कैमरों में कैद होने पर सम्बंधित की पहचान कर उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा। लॉकडाउन को प्रभावी बनाने के मकसद से पुलिस को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उधर आँचलिक थाना क्षेत्रों में पुलिस को पेट्रोलिंग के दौरान व सीमावर्ती चेक पोस्ट पर जाँच में मिले बेबजह घरों से बाहर निकलने वाले आधा दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किए गए। कुछ प्रकरणों में पुलिस ने दुपहिया-चारपहिया वाहन भी जप्त किये हैं।
अपने हाथ में ड्रोन कैमरे को उठाए हुए पुलिस आरक्षक नत्थू सिंह यादव।
उल्लेखनीय है कि नोवल कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से समूचे देश में 21 दिन का लॉकडाउन पीरियड चल रहा है। मानव इतिहास में शायद यह पहला अवसर है जब इस महामारी से बचाव के लिए पूरी दुनिया घरों में बंद है। लेकिन कतिपय लोगों की लापरवाही से हमारे देश और प्रदेश में हर दिन तेजी से कोविड-19 (नोवल कोरोना वायरस) से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह वायरस अब तक कई लोगों की जान ले चुका है। इस भीषण आपदा से बचाव का कारगर उपाय आवश्यक सतर्कता बरतना और अपने घरों में रहकर कुछ दिनों तक सामाजिक दूरी बनाए रखना है। इसलिए गंभीर संकट की इस घड़ी में शासन-प्रशासन के द्वारा लोगों से अपने घरों में ही रहने की अपील की जा रही है।
पन्ना के गाँधी चौक में उड़ान भरने के लिए तैयार ड्रोन कैमरा।
पन्ना जिले में अधिकाँश लोग लॉकडाउन का पालन कर जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय देते हुए पिछले एक सप्ताह से अपने घर पर ही रह रहे हैं। मगर कुछ लोग ऐसे भी हैं जोकि तमाम समझाइश को नजरअंदाज कर बेबजह घर से बाहर निकलने से बाज नहीं आ रहे हैं। लॉकडाउन और धारा-144 का उल्लंघन कर ऐसे लोग जहाँ स्वयं कोरोना वायरस के संक्रमण खतरा मोल ले रहे हैं वहीं जाने-अनजाने इस जानलेवा वायरस का संवाहक बन पूरे समाज के लिए संकट पैदा कर सकते हैं। परिणामस्वरूप कोरोना वायरस से जंग लम्बी होती जा रही है। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातर बढ़ने से अब इसके समुदाय तक पहुँचने का खतरा काफी बढ़ गया। इस संकट से निपटने के लिए लॉकडाउन का पालन सख्ती से सुनिश्चित कराने के लिए पन्ना पुलिस ने ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से शहर की निगरानी शुरू कर दी है। 24 घण्टे शहर के चप्पे-चप्पे निगरानी सुनिश्चित करने के लिए रविवार 29 मार्च को स्थानीय गाँधी चौक पर दोपहर के समय पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने ड्रोन कैमरे को उड़ाकर परीक्षण किया। इस दौरान ड्रोन के द्वारा ली गई तस्वीरों का भी उनके द्वारा अवलोकन किया गया।
ड्रोन कैमरे को ऑपरेट करते हुए पन्ना के प्रसिद्द छायाकार संजय साहू उर्फ़ संजू।
पुलिस अधीक्षक ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि ड्रोन के अलावा शहर में 25 प्वॉइंट पर लगे सीसीटीव्ही कैमरों के जरिये भी लॉकडाउन की सतत निगरानी की जा रही है। सीसीटीव्ही कन्ट्रोल रूम से लोगों की आवाजाही तथा सम्बंधित क्षेत्र की प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। पुलिस कप्तान ने बताया कि ड्रोन और सीसीटीव्ही कैमरों में अब यदि सड़क किनारे खड़े होकर गप्प मारने, घर के बाहर चबूतरे पर बैठकर टाइम पास करने, बेबजह घरों से बाहर निकलकर तफरी करने और एक से अधिक लोगों के एक साथ नजर आने की गतिविधियों की तस्वीरें कैद होंगी तो सम्बंधित व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा।

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें

पन्ना एसपी मयंक अवस्थी।
पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने नागरिकों से संकट की इस घड़ी में कोरोना वायरस संक्रमण और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए लॉकडाउन व धारा-144 का पालन करने की अपील की है। उन्होंने दुकानदारों से कहा कि वे अपनी दुकानों पर भीड़ न लगाएं एवं अनिवार्य रूप से सोशल डिस्टेंस बनाये रखें। आपने शहर की गलियों के अंदर बच्चों के खेलने पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि कोविड-19 (कोरोना वायरस) से सर्वाधिक खतरा बच्चों और बुजुर्गों को है। ऐसे में माता-पिता एवं अभिभावकों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह स्वयं घर में रहें और बच्चों को घरों पर ही रखें। उन्हें इस खतरनाक संक्रमण के प्रति जागरूक कर आवश्यक सतर्कता बरतने के लिए प्रेरित करें। अति आवश्यक कार्य होने या जरूरी सामग्री की खरीदी के लिए ही घर से कोई एक व्यस्क सदस्य मास्क लगाकर एवं गलब्स पहनकर सीमित अवधि के लिए बाहर निकल सकता है। आपने कहा कि आपेक्षित जनसहयोग से कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ जारी जंग जीती जा सकती है। बशर्ते इसके लिए नागरिकों को दृंढ संकल्प साथ अपने घरों में रहकर सयंम, अनुशासन का परिचय देते हुए शासन-प्रसाशन के निर्देशों पर अमल करना आवश्यक है।
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कोरोना के खिलाफ गरीब-मजदूर परिवारों की मदद के लिए आगे आए किन्नर, खाद्यान्न सामग्री वितरित कर महामारी से बचाव के लिए किया जागरूक

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पन्ना में पहाड़कोठी स्थित झुग्गी बस्ती के गरीबों को राशन सामग्री वितरित करतीं किन्नर रजनी एवं उनके सहयोगी।

* बधाई देकर लोगों ने हमेशा हमें खिलाया आज वे संकट में हैं इसलिए उनकी मदद करना हमारा फ़र्ज : रजनी किन्नर

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) कोरोना वायरस संक्रमण पूरी दुनिया में कहर बरपा रहा है। इस महामारी के रोकने के लिए 21 दिन के लिए देशव्यापी लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन के चलते लोग अपने-अपने घरों में ही कैद हैं। तेजी से फैलने वाले कोरोना वायरस संक्रमण की चैन को तोड़ने के लिए लोगों से अपने घरों से बाहर न निकलने के लिए के लिए कहा जा रहा है। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में लॉकडाउन को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने सम्पूर्ण जिले में धारा-144 भी लागू कर रखी है। परिणामस्वरूप दैनिक मजदूरी पर आश्रित गरीब श्रमिक परिवारों के सामने दो जून की रोटी का संकट गहराने लगा। रोजाना मजदूरी करके अपना और परिवार का भरण-पोषण करने गरीब, आदिवासी, श्रमिक परिवारों का काम-धंधा कोविड-19 (कोरोना वायरस संक्रमण) रुपी भीषण आपदा के कारण ठप्प होने और घर पर ही रहने की मजबूरी के चलते कतार के आखिरी छोर पर खड़े इन परिवारों को भोजन के लाले पड़ गए हैं।
इस मुश्किल घड़ी में प्रशासन जहाँ अपने स्तर से लोगों के भोजन मुहैया करा रहा है वहीं जिले में कई संस्थायें और परोपकारी लोग जरुरतमंदों की मदद के लिए आगे आए हैं। इस पुनीत कार्य में पन्ना के किन्नर भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए मानवता की मिशाल कायम कर रहे हैं। पन्ना में किन्नरों द्वारा आज पहाड़कोठी की झुग्गी बस्ती में रहने वाले गरीब परिवारों के बीच पहुंचकर उन्हें खाद्यान्न सामग्री वितरित की गई। लोगों से विभिन्न शुभ अवसरों पर नैंग (बधाई) लेकर अपना गुजारा करने वाले किन्नरों के गरीब-जरूरतमंद परिवारों की मदद करते हुए फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इनकी दरियादिली की जहाँ चौतरफा सराहना हो रही है वहीं इससे दूसरों को प्रेरणा भी मिल रही है।
रविवार 29 मार्च को दोपहर के समय किन्नर रजनी अपने सहयोगियों के साथ दो हाथ ठेला में किराना सामग्री लेकर झुग्गी बस्ती पहाड़कोठी पहुंची। जहाँ उनके द्वारा गरीब-जरूरतमंद परिवारों की मदद करते हुए उन्हें चावल, दाल, आटा, तेल, नमक, साबुन आदि खाद्य सामग्री वितरित की गई। लॉकडाउन के चलते परेशान गरीब परिवारों को जब खाद्य सामग्री मिली तो उनके चेहरे ख़ुशी से खिल उठे। हमेशा दूसरों को दुआयें देने वाले किन्नरों को आज आमलोगों ने दिल से दुआ देते हुए उन्हें सच्चा हमदर्द और परोपकारी बताया। किन्नरों के द्वारा दी गई मदद गरीब परिवारों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।

सतर्कता बरतने की दी सलाह

सांकेतिक फोटो।
शहर के किन्नरों के द्वारा गरीबों को राशन सामग्री वितरित कर उनकी मदद करने के साथ-साथ उन्हें नोवल कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु जागरूक भी किया गया। किन्नरों ने कोविड-19 बीमारी से बचाव के लिए लोगों से अपने घरों में रहकर सामाजिक दूरी कायम रखने की सलाह दी ताकि खतरनाक कोरोना वायरस संक्रमण की चैन को तोड़ा जा सके। लोगों को मास्क लगाने, दिन में कई बार साबुन से अच्छी तरह अपने हाँथ धोने, घरों में साफ़-सफाई रखने, अति आवश्यक कार्य होने पर परिवार के किसी एक सदस्य को सीमित समय के लिए मॉस्क लगाकर घर से बाहर निकलने, अपने हाथ से नाक-मुँह और चेहरे को न छूने, शासन-प्रशासन के निर्देशों का पालन करने, खाँसते-छींकते समय कोहनी या रूमाल लगाने, लोगों से दूर से बात करने, बुजुर्गों एवं बच्चों को घर से बाहर निकलने न देने की सलाह दी गई। किन्नरों ने बताया कि लॉकडाउन से थोड़ी परेशानी जरूर है लेकिन इसका सही तरीके पालन करते हुए अपने घरों में रहकर ही हम इस वैश्विक महामारी के प्रकोप से खुद का बचाव कर सकते हैं।

गुरु ने दिखाया था रास्ता

किन्नर रजनी।
किन्नर रजनी ने बताया कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा उन्हें अपने गुरु हमीद से मिली। करीब 4-5 पूर्व पन्ना के धरमसागर तालाब का जनभागीदारी से गहरीकरण कार्य कराया गया था। उस समय किंन्नर गुरु हमीद ने जल संरक्षण एवं संवर्धन के इस कार्य में अपनी ओर आर्थिक सहयोग दिया था। रजनी ने कहा कि गुरु के दिखाए गए सामाजिक सरोकार एवं सेवाभाव के रास्ते पर चलने के लिए आज उन्होंने किराना दुकान से पहले राशन सामग्री खरीदी और फिर झुग्गी बस्ती के गरीब जरूरतमंद परिवारों में उसे वितरित किया। लॉकडाउन से बेहाल परिवारों के प्रति सहानुभूति जताते हुए किन्नर रजनी ने कहा कि इन लोगों ने बधाई (नेंग) देकर हमेशा हमें खिलाया है, आज जब ये संकट में हैं तो उनकी मदद करना हमारा भी फर्ज बनता है। क्योंकि कल यही लोग तो फिर से हमें ख़ुशी-ख़ुशी बधाई देंगे।
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