* पन्ना जिले में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव हेतु कार्यवाही जारी
* होम क्वारेन्टाइन लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण में जुटीं 32 आरआरटी मोबाइल टीम
पन्ना। (www.radarnews.in) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी द्वारा बताया गया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा महामारी घोषित नोवल कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले में निरंतर कार्यवाही जारी है। अन्य राज्यों से 03 अप्रैल को 808 व्यक्ति आए हैं। इस तरह जिले अब तक अन्य राज्यों से आए हुए 8728 लोगों को कम्युलेटिव किया गया है। इन सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है।

जिले में अब तक 12250 लोगों को कम्युलेटिव किया गया है। आज दिनांक को 27 लोगों को घर पर आइसोलेशन में रखा गया है। जिले में अब तक 964 व्यक्ति घरों में ही आइसोलेशन में रह रहे हैं। अब तक 5 नमूने लिए गए। यह सभी नमूने निगेटिव पाए गए हैं।

जिले में नोबल कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु शासन के निर्देशानुसार आवश्यक मानव संसाधन की पूर्ति हेतु जिले में आयुष चिकित्सक हेतु प्राप्त आवेदन के तहत आयुष चिकित्सकों को नियोजित कर 15 एसआरआरटी टीम का गठन कर कोरोना वायरस संक्रमण स्क्रीनिंग, टेस्टिंग हेतु सैम्पल कलेक्शन, दवा वितरण तथा काॅन्ट्रेक्ट हिस्ट्री लेने का कार्य किया जाएगा।

जिले की 32 आरआरटी मोबाइल टीम के द्वारा जिले के ग्रामों का भ्रमण कर चिन्हित होम क्वारेन्टाइन घरों में पहुंचकर पुनः स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। उनके घरों में स्वैच्छिक होम आईसोलेशन का स्टीकर चस्पा कर उनकी पहचान सुनिश्चित करने हेतु ऐसे व्यक्तियों की कलाई में स्वैच्छिक होम आइसोलेशन एवं मुझे दूसरों को सुरक्षित रखने का गर्व है की सील लगाए जाने का कार्य किया जा रहा है।
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कलेक्टर ने किराना दुकान खोलने हेतु 03, 05, 07, 09, 11 एवं 15 अप्रैल 2020 की तिथि निर्धारित की है इस बीच अन्य दिवसों पर दुकानें पूर्णतः बंद रहेगी। किराना दुकान खोलने हेतु प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक का समय निर्धारित किया है। इसी प्रकार दूध की दुकान प्रत्येक दिवस प्रातः 7 बजे से 11 बजे तक एवं शाम 5 बजे से शाम 7 बजे तक खोली जाएंगी। फल एवं सब्जी विक्रेता हाथ ठेला सहित केवल अपने-अपने वार्डो में हाथ ठेला के माध्यम से या ऑनकॉल सब्जी उपलब्ध कराएंगे। इसका समय प्रातः 7 बजे से 11 बजे तक एवं दोपहर बाद 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। दवाईयों की दुकान प्रत्येक दिवस खोली जाएगी। इसके अतिरिक्त कार्यालयीन आदेश के द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत लाॅकडाउन संबंधी शेष निर्धारित शर्ते यथावत रहेंगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। इस आदेश का उल्लंघन धारा 188 भारतीय दण्ड विधान के तहत दण्डनीय होगा।




हैरानी इस बात को लेकर भी है कि इन सर्वे टीमों को गठित करने का निर्णय लेने वाले अधिकारियों ने टीम के सदस्यों की सुरक्षा के सम्बंध में एक बार भी नहीं सोचा। जबकि कोरोना संक्रमण के गंभीर खतरे को दृष्टिगत रखते हुए घर-घर जाकर बीमार व्यक्तियों की जानकारी जुटाने वाली टीम के प्रत्येक सदस्य को खुद के बचाव के लिए मास्क और ग्लब्स तो बेहद जरूरी हैं। देश और प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की चिंताजनक स्थिति को देखते हुए इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि पन्ना जिले में बीमार व्यक्ति की जानकारी जुटाने और घर पर ही उन्हें दवा मुहैया कराने के काम में जुटीं टीमों के सदस्य आवश्यक सुरक्षा सामग्री के बगैर कितने सुरक्षित हैं।
पन्ना जिले में कोरोना वायरस संक्रमण की प्रभावी रोकथाम करने के लिए हेतु जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीमें युद्ध स्तर पर कार्य कर रही हैं। इसमें आमजन का आपेक्षित सहयोग भी प्रशासन को मिल रहा है। कुछ दिन पूर्व पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी थी कि जिले की प्रत्येक पंचायत और नगरीय निकायों के प्रत्येक वार्ड में एक-एक टीम गठित की गई हैं, ये टीमें घर-घर जाकर सर्दी-खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ के लक्षणों वाले मरीजों की जानकारी एकत्र कर रहीं है। पूरे जिले में 450 टीमें इस काम में जुटीं हैं। इसके अलावा डॉक्टरों की 30 टीमें भी भ्रमण कर रहीं हैं।
बीमार व्यक्तियों की जानकारी जुटाने के काम में लगीं टीमों को उन सभी व्यक्तियों की वांछित जानकारी हांसिल करनी है जो कि पहले से ही जिले में हैं या फिर कुछ समय पूर्व बाहर से वापस पन्ना आए हैं। बीमार व्यक्ति के मिलने पर इन्हें उसकी तकलीफ से लेकर यात्रा से सम्बंधित और अन्य जानकारी प्राप्त करनी पड़ती है। अर्थात बीमार व्यक्ति से टीम के सदस्यों को बात करने में करीब 10-15 मिनिट लगते हैं। अभी तक बीमार व्यक्तियों की जो संख्या सामने आई है, उसके मद्देनजर बीमार व्यक्ति को साधारण सर्दी-जुकाम, बुखार हो सकता और वह कोरोना संदिग्ध भी हो सकता है। जरा सोचिए, जरूरी सुरक्षा सामान के बगैर ऐसे लोगों से रूबरू होना कितना जोखिम भरा काम है। सर्वे टीमों में शामिल मैदानी शासकीय कर्मचारियों को इसका अहसास है। और शायद यही वजह है कि सुरक्षा सामान के बगैर सर्वे का काम कर रहीं टीमों के अधिकाँश सदस्य मानसिक परेशानी महसूस कर रहे हैं। निजी बातचीत में वे अपने स्वास्थ्य और जीवन सुरक्षा से जुड़ी चिंता को खुलकर व्यक्त करते हैं लेकिन सार्वजानिक तौर पर कुछ भी कहने से डरते हैं।





छतरपुर से आने वालीं बसों में इन गरीब मजदूरों को जिस तरह ठूँस-ठूँस कर भेजा जा रहा है उससे कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु जारी दिशा-निर्देशों का माखौल उड़ रहा है। प्रवासी श्रमिकों की वापसी की दर्दनाक तस्वीरें इनकी बेबसी को बयां करने के साथ सिस्टम की संवेदनहीनता और आपराधिक लापरवाही को उजागर करती हैं। बसों में निर्धारित यात्री क्षमता से दो से तीन गुना अधिक मजदूरों को बैठाकर पन्ना भेजने वाले पड़ोसी जिलों के अफसरों ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए बेहद जरूरी सोशल डिस्टेंसिंग को मजाक बना दिया है। ऐसा करके न सिर्फ गरीब श्रमिकों की फ़जीहत की गई बल्कि उनके जीवन और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी किया गया।
कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम हेतु देश में लाॅकडाउन होने के उपरांत अन्य राज्यों एवं जिलों में फंसे श्रमिकों के जिले में आने के उपरांत उन्हें पन्ना के बाहरी इलाके पुराना पन्ना स्थित छात्रावास में बने अस्थाई कैम्प में ठहराया गया। जहाँ स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन की टीमों के द्वारा श्रमिकों का पंजीकरण कर स्क्रीनिंग करने के साथ भोजन एवं आवास की व्यवस्था की गयी। सभी श्रमिकों को उनके तहसील क्षेत्र भेजने के लिए 11 वाहन लगाए गए। इन सभी श्रमिकों को जिले में स्थापित 40 छात्रावासों में रूकने की व्यवस्था की गयी है। अब तक लगभग ढाई हजार श्रमिक जिले में पहुंच चुके हैं।
पलायन से वापस लौटने वाले श्रमिकों के लिए शाहनगर, रैपुरा, पवई, कलेही, मोहन्द्रा, कुवंरपुरा, बनौली (सिमरिया तहसील), सिंगवारा, अमानगंज, सुनवानीकला, सलेहा, कल्दा, गुनौर, बिलधाडी, सरवारा, खोरा, अजयगढ, बरियारपुर, नरदहा, पन्ना नगर के विभिन्न स्थानों पर स्थापित 15 छात्रावासों एवं बड़ागांव देवेन्द्रनगर में आवास की व्यवस्था की गयी है। इन सभी श्रमिकों को अस्थाई आवास में रहने तक भोजन एवं उपचार की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है। इन श्रमिकों में सामान्य पाए जाने वाले श्रमिकों को उनके गृहग्राम तक पहुंचाने की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है।






इस मुश्किल घड़ी में प्रशासन जहाँ अपने स्तर से लोगों के भोजन मुहैया करा रहा है वहीं जिले में कई संस्थायें और परोपकारी लोग जरुरतमंदों की मदद के लिए आगे आए हैं। इस पुनीत कार्य में पन्ना के किन्नर भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए मानवता की मिशाल कायम कर रहे हैं। पन्ना में किन्नरों द्वारा आज पहाड़कोठी की झुग्गी बस्ती में रहने वाले गरीब परिवारों के बीच पहुंचकर उन्हें खाद्यान्न सामग्री वितरित की गई। लोगों से विभिन्न शुभ अवसरों पर नैंग (बधाई) लेकर अपना गुजारा करने वाले किन्नरों के गरीब-जरूरतमंद परिवारों की मदद करते हुए फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इनकी दरियादिली की जहाँ चौतरफा सराहना हो रही है वहीं इससे दूसरों को प्रेरणा भी मिल रही है।
रविवार 29 मार्च को दोपहर के समय किन्नर रजनी अपने सहयोगियों के साथ दो हाथ ठेला में किराना सामग्री लेकर झुग्गी बस्ती पहाड़कोठी पहुंची। जहाँ उनके द्वारा गरीब-जरूरतमंद परिवारों की मदद करते हुए उन्हें चावल, दाल, आटा, तेल, नमक, साबुन आदि खाद्य सामग्री वितरित की गई। लॉकडाउन के चलते परेशान गरीब परिवारों को जब खाद्य सामग्री मिली तो उनके चेहरे ख़ुशी से खिल उठे। हमेशा दूसरों को दुआयें देने वाले किन्नरों को आज आमलोगों ने दिल से दुआ देते हुए उन्हें सच्चा हमदर्द और परोपकारी बताया। किन्नरों के द्वारा दी गई मदद गरीब परिवारों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।

