पिता ने दोस्त के साथ मिलकर की जवान बेटे की हत्या, उधारी नहीं चुकाने के विवाद पर मारी गोली

0
1449
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ में रखे गजराज के शव के पास मौजूद हनुमतपुर चौकी प्रभारी एवं मृतक के परिजन।

* पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र के वन ग्राम झिन्ना की घटना

* दोस्त से छोटे बेटे के ऊपर भी चलवाई गोली लेकिन वह बाल-बाल बच गया

* हत्या का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों की सरगर्मी से तलाश में जुटी पुलिस

अजयगढ़/पन्ना।(www.radarnews.in) उधार लिए रुपए नहीं चुकाने पर एक पिता-पुत्र के बीच विवाद हो गया। इस घटनाक्रम से पिता इतना आक्रोशित हो उठा कि उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर पुत्र की हत्या कर दी। देर रात पुत्र जब घर के बाहर चारपाई पर लेटा था तभी पिता ने अपने दोस्त से अवैध शस्त्र से गोली चलवाकर उसकी हत्या करा दी। आरोपियों ने छोटे बेटे देवी सिंह राजगौंड़ के ऊपर भी फायरिंग की लेकिन वह इस जानलेवा हमले में किसी तरह बाल-बाल बच गया। हत्या की यह जघन्य और अप्रत्याशित वारदात पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना की हनुमतपुर पुलिस चौकी अंतर्गत वन ग्राम झिन्ना के मजरा औरियापुरवा में सोमवार देर रात सामने आई है। हत्याकाण्ड को अंजाम देने के बाद से दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। अजयगढ़ थाना पुलिस ने गजराज सिंह राजगौंड़ 25 वर्ष निवासी ग्राम झिन्ना मजरा औरियापुरवा की हत्या पर उसके पिता प्रह्लाद सिंह राजगौंड़ एवं पिता के दोस्त राजेन्द्र सिंह यादव पिता किशोर सिंह यादव दोनों निवासी हीरापुर टपरियन कोतवाली थाना पन्ना के विरुद्ध हत्या का मामला पंजीबद्ध किया है। पुलिस के द्वारा फरार हत्यारोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रह्लाद सिंह राजगौंड़ निवासी ग्राम हीरापुर टपरियन ने दो शादियां की है। उसकी पहली पत्नी और बच्चे ग्राम झिन्ना मजरा औरियापुरवा में रहते हैं। जबकि प्रह्लाद अपनी दूसरी पत्नी के साथ पिछले डेढ़ दशक से ग्राम हीरापुर टपरियन में रह रहा है। रविवार 2 अगस्त की शाम प्रह्लाद सिंह औरियापुरवा पहुंचा और अपने बड़े बेटे गजराज सिंह राजगौंड़ 25 वर्ष से बोला कि, पन्ना में तुमने जिस व्यक्ति से रुपए उधार लिए है उसे चुकता क्यों नहीं करते। प्रह्लाद ने बेटे को उलाहना देते हुए कहा कि समय पर अपना उधार चुकता नहीं करके तुम मेरा नाम बदनाम कर रहे हो। गजराज ने पिता को समझाया कि कोरोना संकट के कारण लॉकडाउन की स्थिति निर्मित होने से फिलहाल रोजगार ठप्प है इसलिए थोड़ी समस्या है लेकिन मैं जल्द ही उधार लिए रुपये चुकता कर दूंगा। इस बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विवाद बढ़ते देख पत्नी और दूसरे बेटे ने हस्तक्षेप करके दोनों को शांत कराया और फिर प्रह्लाद वापस चला गया।
सांकेतिक फोटो।
रविवार की रात गजराज सिंह राजगौंड़ अपने घर के बाहर चारपाई पर सोया हुआ था। सोमवार को देर रात करीब एक बजे प्रह्लाद सिंह राजगौंड़ अपने दोस्त राजेन्द्र सिंह यादव पिता किशोर सिंह यादव दोनों निवासी हीरापुर टपरियन के साथ वापस लौटा और बेटे गजराज को गालियां देते हुए राजेन्द्र से कहकर उसके ऊपर बंदूक से फायर करवा दिया। बंदूक की गोली से निकले छर्रों से सीना छलनी होने के कारण गजराज मौके पर ही तड़पने लगा। उधर, गोली चलने की आवाज सुनकर गजराज का छोटा भाई देवी सिंह राजगौंड़ घर से बाहर निकला तो राजेन्द्र सिंह यादव ने उसे भी जान से मारने के लिए फायर किया लेकिन वह बाल-बाल बच गया। इस बीच दोनों हत्यारोपी मौके से फरार हो गए। खून से लथपथ गजराज चारपाई पर पड़ा काफी देर तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा।
बमुश्किल मोटरसाइकिल की व्यवस्था होने के पर आज तड़के 4 बजे उसे किसी तरह इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ लाया गया। जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने अचेत हालत में लाए गजराज सिंह राजगौंड़ का परीक्षण करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सोमवार की सुबह झिन्ना-बरियारपुर क्षेत्र के लोग जब नींद से जागे तो रात्रि में हुए जघन्य हत्याकाण्ड के सम्बंध में जानकर स्तब्ध रह गए। इस हत्याकाण्ड के बाद से इलाके में सनसनी व्याप्त है। हत्याकाण्ड की सूचना मिलने पर आज सुबह पुलिस अधिकारियों एवं एफएसएल टीम ने ग्राम झिन्ना पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। साथ ही मृतक के परिजनों एवं आसपास रहने वालों से घटना के सम्बंध में पूंछतांछ की गई।

दो मासूम बच्चों का पिता था मृतक

मृतक गजराज सिंह के शव को देखते हुए अजयगढ़ एसडीओपी इसरार मंसूरी।
मामूली से विवाद पर एक पिता के द्वारा दोस्त के साथ मिलकर अपने ही जवान बेटे की गोली मारकर हत्या कराने की अप्रत्याशित घटना चर्चा का विषय बनीं है। मृतक गजराज सिंह राजगौंड़ 25 वर्ष के सम्बंध में पता चला है कि वह कुछ समय पूर्व पन्ना में रहकर मजदूरी करता था। इसी दौरान पन्ना में उसने किसी नसीम भाईजान नाम के व्यक्ति से कथित तौर पर कुछ रुपए उधार लिए थे, जिनकी अदायगी को लेकर यह विवाद हुआ। गजराज शादीशुदा था और उसके दो मासूम बच्चे भी हैं। इस हत्याकाण्ड के समय उसकी पत्नी अपने बच्चों के साथ मायके में थी। देवी सिंह ने बताया कि उसकी भाभी रक्षाबंधन का त्यौहार मनाने के लिए कुछ दिन पूर्व ही अपने मायके गई थी। पुलिस ने गजराज सिंह की हत्या के मामले में उसके छोटे भाई देवी सिंह की रिपोर्ट पर प्रह्लाद सिंह राजगौंड़ और राजेन्द्र सिंह यादव के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है। हनुमतपुर चौकी प्रभारी एवं उप निरीक्षक रवि सिंह जादौन ने बताया कि हत्या के प्रकरण में फरार दोनों आरोपियों की धरपकड़ के लिए हमारे प्रयास जारी हैं। जिन स्थानों पर आरोपियों के छिपे होने की संभावना है उन सभी स्थानों पर पुलिस के द्वारा दबिश दी जा रही। साथ ही मुखबिर तंत्र को भी अलर्ट किया किया गया है। उन्होंने दोनों हत्यारोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की उम्मीद जताई है।