* वन परिक्षेत्र पन्ना में वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह का हुआ समापन
पन्ना।(www.radarnews.in) उत्तर वनमण्डल पन्ना के वन परिक्षेत्र पन्ना अन्तर्गत ग्राम विक्रमपुर में वन मण्डलाधिकारी उत्तर गौरव शर्मा के निर्देशन में वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह का आयोजन किया गया। बुधवार 7 अक्टूबर को ग्राम वन समिति विक्रमपुर की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें वनों और वन्य प्राणियों के संरक्षण के महत्व पर चर्चा की गई। तत्पश्चात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें गांव के बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर बच्चों ने बड़े ही प्रभावी तरीके से बेजुवान वन्य जीवों को बचाने और पर्यावरण संरक्षण का सन्देश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परिक्षेत्राधिकारी पन्ना कौशलेन्द्र पाण्डेय ने कहा वन्य प्राणियों और वनों का रिश्ता अभिन्न। वन ही वन्य प्राणियों का घर हैं। वन प्रकृति का ऐसा वरदान हैं, जिन पर मनुष्य का अस्तित्व, उन्नति और समृद्धि निर्भर है। तेजी से बढ़ती आबादी की आवश्यकताओं की पूर्ति और औद्योगिकरण के कारण वनों का रकबा लगातार सिकुड़ रहा है। इसका स्वभाविक दुष्परिणाम वन्य प्राणियों की तादाद घटने, कई वन्य जीवों के विलुप्त होने और संकटग्रस्त होने के रूप में सामने आना खतरे का संकेत है। श्री पाण्डेय ने बताया, वन्य जीवों से मानव जाति को अनेक लाभ प्राप्त हो रहे है। पर्यटन के क्षेत्र में वन्य प्राणियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वन्य प्राणियों से प्राकृतिक संतुलन बना रहता है। इसलिए हमें वनों और वन्य प्राणियों को बचाने के लिए हर सम्भव प्रयास करने चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में ग्राम विक्रमपुर में जन जागरूकता रैली निकाली गई। इस अवसर पर 29 छात्र-छात्राओं को जब वनक्षेत्रपाल रजत तोमर व प्रभारी वन परिक्षेत्राधिकारी पन्ना कौशलेंद्र प्रसाद पाण्डेय ने स्कूल बैग वितरित किए तो वे ख़ुशी से चहक उठे। कार्यक्रम में देवेन्द्र सिंह वनपाल, पंकज कुशवाहा, अरुण त्रिवेदी, कृष्ण कुमार विश्वकर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
2




कार्यक्रम में वनक्षेत्रपाल (प्रशिक्षु) परिक्षेत्र सहायक देवेन्द्रनगर वृन्दावन यादव, वनरक्षक बीटगार्ड देवेन्द्रनगर राजेश सिंह, वनरक्षक रमेश प्रसाद कोंदर, स्कूल प्राचार्य विनीत द्विवेदी, स्कूल स्टाफ डी.पी. साहू, ओ.पी. चतुर्वेदी, राजेश कोरी, सुनील केशरी उपस्थित रहे।











मामला बेहद संवेदनशील होने के मद्देनजर पन्ना से पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी भी घटनास्थल गुंदलहा नाला पहुंचे। युवती की मौत 5 दिन पूर्व होने की वजह उसका शव सड़ने के बाद गलने लगा था। युवती के सिर के बाल और शरीर की चमड़ी नाले के पानी के प्रवाह में लगातार बह रही थी। जंगल में मृतिका का शव अर्ध नग्न अवस्था में मिलने और गले में तौलिया बंधा होने से रेप के बाद गला घोंटकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पन्ना पुलिस की फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास के क्षेत्र की डॉग स्क्वॉड से सर्चिंग कराई गई। पन्ना में पोस्टमार्टम कराने के बाद युवती के शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रारंभिक पुलिस जांच में पता चला है कि युवती ने घटना दिनांक 27 सितंबर को अपने पूर्व परिचित युवक से आखरी बार बात की थी। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। वहीं संदेही युवक के मोबाइल की लोकेशन भी घटनास्थल के आसपास पाई गई। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए संदेही युवक को हिरासत में ले लिया है। उससे घटना के संबंध में पूंछतांछ की जा रही है। साथ ही मृतिका और संदेही युवक के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल को खंगाला जा रहा है। वहीं मृतिका के गांव में दबी जुबान यह चर्चा है कि प्रेम प्रसंग के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया है। पता चला कि युवती का विवाह तय हो चुका था और कुछ समय बाद उसकी शादी होनी थी। इस बीच रोंगटे खड़े कर देने वाली इस वारदात सामने आने से हर कोई हैरान है। वारदात की वजह को लेकर तमाम चर्चाओं के चलते पुलिस हर एंगल मामले की गहन जांच में जुटी है। ऐसी खबर मिल रही है कि पुलिस जल्द ही इस मामले का खुलासा कर सकती है।
“युवती की अंतिम बार जिस व्यक्ति से बात हुई थी उसकी लोकेशन घटना दिनांक को घटनास्थल के पास मिली है। हम घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रहे हैं। फिलहाल मृतिका का गला दबाकर हत्या किए जाने की बात सामने आई है। उसके साथ रेप होने के संबंध स्पष्ट तौर पता नहीं चल सका। मेडिकल जांच रिपोर्ट और मृतिका के कपड़ों की कैमिकल जांच उपरांत ही आधिकारिक तौर सच्चाई का पता चल सकेगा। इस केस का जल्द से जल्द खुलासा करने की दिशा में हमारे प्रयास जारी हैं।”









तीनों विधायकों ने मीडियाकर्मियों से चर्चा करते हुए बताया कि इस मामले की तथ्यपरक रिपोर्ट शीघ्र ही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को सौंपी जाएगी। इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई का निर्णय उन्हें ही लेना है। बताते चलें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सर्वप्रथम सोशल मीडिया के माध्यम से सैंकड़ों गरीबों से जुड़े पन्ना के इस ज्वलंत मुद्दे को उठाते हुए कोंग्रेसजनों से प्रभावितों के पक्ष में खड़े होने का आव्हान किया था। जिसके बाद तत्काल प्रभाव से विधायकों की टीम को मौके पर जांच करने के लिए भेजा गया। विधायकों की टीम के साथ वरिष्ठ कोंग्रेस नेता सरमन रजक, रामकिशोर मिश्रा, दीपचंद्र अग्रवाल, आनंद शुक्ला, मनीष शर्मा एवं जुबैर खान मौजूद रहे। जबकि पन्ना के कोंग्रेस के अधिकांश चर्चित चेहरों ने इस टीम से पूरे समय दूरी बनाए रखी। वहीं पन्ना का मीडिया भी कथित तौर पर सत्ता से जुड़े ताकतवर लोगों के कारण इस प्रकरण को कवर करने से परहेज कर रहा है।






