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चिकित्सक के कोरोना संक्रमित वृद्ध पिता की भोपाल में मौत, 19 नए मरीज मिल

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(फाइल फोटो)

* पन्ना जिले में लगातार तेजी से फ़ैल रहा है कोरोना संक्रमण

* कुल पॉजिटिव केस 552 और एक्टिव केस का आंकड़ा 170 तक पहुंचा

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण पिछले कुछ समय से बेहद तेजी से फ़ैल रहा है। जिले के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से जो तस्वीर उभर कर सामने आ रही है वह कोरोना वायरस संक्रमण के खतरनाक रूप लेने की तरफ इशारा करती है। इसलिए वर्तमान में चिंताजनक हालात को देखते हुए कोरोना से बचाव को लेकर अब पहले से कहीं अधिक सतर्कता और सावधनी बरतने की आवश्यकता है। कोरोना वायरस संक्रमण से मृत्यु के मामलों में भी इजाफा हो रहा है। सोमवार 21 सितंबर को जिले के देवेन्द्रनगर बीएमओ के वृद्ध पिता की उपचार के दौरान भोपाल के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। सोमवार शाम सोशल मीडिया पर जैसे ही यह दुखद ख़बर आई जिले में शोक और चिंता की लहर दौड़ गई।
कोरोना से अब तक जिले के आधा दर्जन लोग काल कवलित हो चुके हैं। उल्लेखनीय है कि देवेन्द्रनगर बीएमओ समेत उनके वृद्ध पिता और परिवार के अन्य सदस्य कुछ दिन पूर्व कोरोना संक्रमित पाए गए थे। चिकित्सक समेत परिवार के अन्य सदस्य कोरोना को हराने में कामयाब रहे लेकिन उनके वृद्ध पिता की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए भोपाल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य संबंधी कुछ अन्य समस्याओं के चलते चिकित्सक के वृद्ध पिता की हालत कोई ख़ास सुधार नहीं हो पाया, इस बीच सोमवार की शाम उनकी मौत हो गई। सोमवार को जिले में कोरोना के 19 नए मरीज मिले हैं। इसी के साथ जिले में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 552 हो चुकी है। वर्तमान में कोरोना के एक्टिव मामले 170 हो चुके हैं। इनमें से 74 मरीज होम आइसोलेट हैं जबकि अन्य मरीज जिले में और जिले के बाहर स्थिति स्वास्थ्य संस्थाओं में उपचार हेतु भर्ती हैं।

नए मिले मरीजों की जानकारी के लिए मीडिया बुलेटिन देखें –

कोरोना वायरस मीडिया बुलेटिन जिला पन्ना दिनांक 21 सितंबर 2020 (पेज-1)

कोरोना वायरस मीडिया बुलेटिन जिला पन्ना दिनांक 21 सितंबर 2020 (पेज-2)

वन्य जीवों के अंगों की तस्करी मामले में एसटीएसएफ को मिली एक और सफलता, छतरपुर जिले में दबिश देकर जप्त की तेन्दुआ और चीतल की खाल

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स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स के द्वारा छतरपुर जिले में दबिश देकर तस्कर से जप्त की गई तेंदुए और चीतल की खाल।

* तस्कर गिरोह के पन्ना निवासी सरगना एवं कोंग्रेस नेता से पूंछतांछ के आधार पर की गई कार्रवाई

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) जिले के सामान्य वन मण्डलों एवं पन्ना टाइगर रिजर्व अंतर्गत तेन्दुओं-बाघों की अत्यंत ही संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत होने और इनके शिकार की बेहद चिंताजनक घटनाओं के बीच गत दिवस स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स भोपाल तथा वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो जबलपुर ने बीते दिनों संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश के बुन्देलखण्ड अंचल में लंबे समय से चल रहे वन्य जीवों के शिकार एवं उनके अंगों की तस्करी के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा कर सबको चौंका दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर इन एजेंसियों ने जबलपुर में योजनाबद्ध तरीके से कार्यवाही करते हुये दिनांक 17 सितंबर को होटल दत्त रेसीडेन्सी के पास से 3 युवकों को गिरफ्तार कर उनके पास से वन्यप्राणी तेन्दुए व चीतल की एक-एक नग खाल और एक चार पहिया वाहन की जप्ती की गई।
इस मामले में एसटीएसएफ ने किसान कोंग्रेस प्रदेश महामंत्री जीतेन्द्र उर्फ़ जीतू तिवारी निवासी ग्राम बृजपुर जिला पन्ना, ओमप्रकाश सेन पिता प्रकाशचन्द्र सेन निवासी ग्राम सुनहरा जिला पन्ना एवं उमेश पटेल पिता रामनारायण पटेल निवासी छतरपुर को भी गिरफ्तार किया था। इनके विरुद्ध दर्ज प्रकरण की अग्रिम विवेचना करते हुये टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने गिरोह के सरगना एवं कोंग्रेस नेता जीतेन्द्र उर्फ़ जीतू तिवारी को पांच दिन की फॅारेस्ट रिमांड लेकर उससे कड़ी पूंछतांछ की गई। जीतू से मिले कई अहम सुराग के आधार पर गत दिवस एसटीएसएफ ने पन्ना एवं पड़ोसी छतरपुर जिलों में कई जगह दबिश दी तथा छतरपुर जिले से वन्य प्राणियों की अन्य दो खाल जप्त कीे है।
इनमें वन्य प्राणी तेंदुआ और चीतल की एक-एक नग खाल शामिल है। इस तरह पांच दिन के अंदर जबलपुर एवं छतरपुर में अलग-अलग कार्रवाई को अंजाम देते हुए तेन्दुए एवं चीतल की क्रमश: 2-2 नग खालें जप्त की जा चुकीं हैं। यह गिरोह फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर खालों को बेंचने का अवैध कारोबार कई दिनों से कर रहा था। इनके पास से वन अभ्यारण खजुराहो की सील लगा हुआ फर्जी सर्टिफिकेट भी जप्त किया गया है। प्रथम दृष्टया इसमें एक संगठित गिरोह के शामिल होने के साक्ष्य मिले है, जिस दिशा में विवेचना जारी है।

सेक्शन राइटरों का सहायक ग्रेड-3 के पद पर संविलियन करने की उठी मांग

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सेक्शन राइटरों का सहायक ग्रेड-3 के पद पर संविलियन करने की मांग को लेकर मंत्री बृजेन्द्र सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारी।

अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने खनिज मंत्री को ज्ञापन सौंपा

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) सेक्शन राइटरों का सहायक ग्रेड-3 के पद पर संविलियन करने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा जिला शाखा पन्ना के अध्यक्ष कृष्णपाल सिंह यादव के नेतृत्व में शनिवार 19 सितंबर को इस सम्बंध में मुख्यमंत्री के नाम प्रदेश के खनिज साधन एवं श्रम विभाग विभाग के मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह को मध्य प्रदेश सेक्शन राइटर संघ की एक सूत्रीय संविलियन की मांग का ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान संयुक्त मोर्चा के संयोजक कमलेश कुमार त्रिपाठी, महामंत्री राजकिशोर शर्मा, उप संयोजक पुष्पराज सिंह परमार एवं कृष्ण कुमार उपस्थित थे।
संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों के द्वारा इस न्यायोचित मांग के संबंध में दी गई जानकारी को मंत्री श्री सिंह ने गंभीरता पूर्वक सुना। साथ ही उन्होंने इस मांग से जुड़ी फाइल का अवलोकन किया। जिसमें पाया कि मध्य प्रदेश के कलेक्ट्रेट कार्यालय एवं तहसील कार्यालयों में विगत 20-25 वर्षों से सेक्शन राइटर कार्यरत हैं, जोकि श्रमिक के समान वेतन पर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। मध्यप्रदेश के श्योपुर, छिंदवाड़ा, सतना, दतिया, अशोकनगर, कटनी, बुरहानपुर, दमोह, रायसेन, देवास, टीकमगढ़ में समय-समय पर कलेक्टरों के द्वारा सेक्शन राइटरों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदस्थ किया जा चुका है। विधानसभा चुनाव-2013 के दौरान जम्बूरी मैदान भोपाल में सेक्शन राइटर को सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदस्थ किये जाने की घोषणा की गई थी। जिसका पालन उप चुनाव- 2020 के पूर्व राजस्व विभाग मंत्रालय भोपाल में लंबित फाइल नम्बर आर-3276/2015/सात-4 ए में कराए जाने का अनुरोध किया गया।
मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा सेक्शन राइटरों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर संविलियन कराने का भरोसा दिलाया गया। ज्ञापन सौंपने के दौरान सेक्शन राइटर संघ की ओर से रामभजन तिवारी, मयंक पाण्डेय, राजेश मिश्रा, अभय भार्गव, रामानंद त्रिपाठी, रघुनंदन गौतम, गंगेश्वर शुक्ला, अजय कुमार खरे, अब्दुल वहीद, लक्ष्मी नारायण खरे, मूल चन्द्र खरे, अजय खरे, रमेश नामदेव, जवीन आरा रिजवी एवं दीपक गुप्ता शामिल रहे।

वनाधिकार पट्टा वितरण कार्यक्रम में खनिज मंत्री बोले- “पर्यावरण की सुरक्षा के लिए वनों का होना आवश्यक है”

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समारोहपूर्वक 50 हितग्राहियों को बांटे गए वन भूमि के पट्टे

जिला स्तरीय समिति ने वनाधिकार के 1264 प्रकरणों का किया अनुमोदन

पन्ना।(www.radarnews.in) प्रदेश के साथ जिला स्तर पर वनाधिकार पट्टों का वितरण कार्यक्रम प्रदेश के खनिज साधन एवं श्रम विभाग मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए वनों का होना आवश्यक है। वन ग्रामों का विस्थापन न करते हुए उन्हें वहीं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना चाहिए।
आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं आमंत्रित अतिथियों के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर किया गया। इस अवसर पर मंत्री श्री सिंह ने उपस्थितों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे वनवासी भाई लम्बे समय से जिस भूमि पर खेती करके अपना जीवन यापन कर रहे थे उनके पास उसका कोई मालिकाना हक नहीं था। प्रदेश शासन द्वारा इन गरीब परिवारों के हित में निर्णय लिया कि इन्हें उस भूमि का मालिकाना हक दिया जाए। जिससे उस भूमि पर उनका अधिकार सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि वन ग्रामों में रह रहे लोगों को विस्थापित न करते हुए उनको उन्ही के गांव में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। वनों में रहने वाले लोग वनों को हानि नहीं पहुंचाते। विशेषकर हमारे आदिवासी समाज के लोगों का जीवन वनों पर आधारित है। वनों से मिलने वाली फसलें आंवला, महुआ, चिरौंजी एवं अन्य औषधीय फसलों पर शासन द्वारा उनका अधिपत्य निर्धारित किया गया है। इसलिए इनके द्वारा वनों का संरक्षण किया जाता है।

वन-राजस्व सीमा विवाद का हो निराकरण

इस अवसर पर कलेक्टर संजय कुमार मिश्र द्वारा बताया गया कि वनाधिकार पट्टों के लिए जिले में त्रिस्तरीय समिति गठित की गयी थी। ग्राम स्तर की समिति द्वारा प्रकरणों को तैयार कर विकासखण्ड स्तरीय समिति को भेजा गया। इसके उपरांत विकासखण्ड स्तर पर जांच करने के उपरांत अनुशंसा सहित जिला स्तर पर भेजा गया। जिला स्तरीय समिति द्वारा 1264 वनाधिकार के प्रकरणों का अनुमोदन कर पट्टे तैयार किए गए। जिनका वितरण आज से किया जाएगा। कार्यक्रम स्थल पर 50 पट्टों का वितरण कर वनाधिकार पट्टे वितरण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव द्वारा अपने सम्बोधन में कहा गया कि हमारे आदिवासी भाईयों की लम्बे समय से मांग थी कि उन्हें जिस भूमि पर खेती कर रहे हैं उसका मालिकाना हक मिले। उन्होंने वनाधिकारियों से अपेक्षा करते हुए कहा कि राजस्व और वन भूमि के विवाद का निराकरण किया जाना चाहिए। जिससे क्षेत्र के विकास कार्य न रूकें।
सम्पन्न हुए इस कार्यक्रम में मीना कुमारी मिश्रा डीएफओ दक्षिण वन मण्डल, गौरव शर्मा डीएफओ उत्तर वन मण्डल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बालागुरू के, अपर कलेक्टर जे.पी. धुर्वे, जयप्रकाश चतुर्वेदी, रामबिहारी चौरसिया, सतानन्द गौतम के साथ जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं हितग्राही उपस्थित रहे।

ग्रामीण आजीविका मिशन पन्ना के 232 महिला स्व सहायता समूहों को 3 करोड़ के ऋण वितरित

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महिला स्व सहायता समूह की सदस्यों को स्वीकृत ऋण राशि का चैक प्रदान करते हुए पन्ना जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव एवं कलेक्टर।

महिलाओं के उत्पादों की मार्केटिंग की व्यवस्था करें : रविराज

कलेक्टर बोले, महिलाएं ऋण की अदायगी करने में पुरूषों से आगे हैं

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) महिला स्व सहायता समूहों का ऋण वितरण कार्यक्रम का आयोजन मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन पन्ना अंतर्गत समूहों के आजीविका सुदृणीकरण हेतु मुख्यमंत्री के द्वारा प्रदेश के समस्त जिलों में एक साथ समूह ऋण वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के 232 समूहों को 3 करोड़ 02 लाख वितरित किये गये। इस अवसर पर कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने अपने पूर्व अनुभवों को बताते हुए कहा कि महिलाएं उन्हें होने वाली आमदानी को व्यवस्थित ढंग से खर्च करती हैं और ऋण अदायगी करने में पुरूषों से आगे रहती हैं।
कार्यक्रम में ग्राम बिलखुरा की राजकुमार पटेल एवं बबली यादव ने अपने अनुभवों को साझा किया। उक्त महिलाओं ने बताया कि वे किस तरह से अपने परिवार को आर्थिक रूप से सक्षम कर पाईं। मुख्यमंत्री द्वारा उद्बोधन में महिलाओं को संबोधित करते हुये कहा कि समूहों को ब्याज अनुदान दिया जाएगा जिससे समूह सदस्यों को 4 प्रतिषत ही ब्याज चुकाना पड़ेगा। समूहों द्वारा उत्पादित उत्पाद की मार्केटिंग हेतु राज्य स्तरीय विपणन संघ की स्थापना की जावेगी। समूहों को छोटे छोटे उद्योग स्थापित करने हेतु राशि की कमी महसूस नहीं होने दी जावेगी।
कलेक्टर श्री मिश्र द्वारा कहा गया कि महिलाएं समूह से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ कर सकती है। महिलाओं के द्वारा कोविड काल में मास्क, सेनेटाइजर, पीपीई किट बनाकर सराहनीय कार्य किया गया है। कोरोना से बचाव हेतु ग्राम में मास्क लगाना, 2 गज की दूरी रखना तथा हाथ धुलने हेतु सभी को समझाइश देने हेतु कहा गया। बैंक लिंकेज की राषि का उपयोग आजीविका गतिविधियों में करें ताकि परिवार की आमदनी बढ सकें।
जिला पंचायत अध्यक्ष रविराज सिंह यादव द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि समूह द्वारा उत्पादित उत्पादन की उचित मार्केंटिग की व्यवस्था की जाए। इस ओर कलेक्टर का ध्यान आकर्षित किया गया। तद्पश्चात् चैक वितरण कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन संजय सिंह परिहार, परियोजना अधिकारी नरेगा जिला पंचायत पन्ना द्वारा किया गया। जबकि आजीविका मिषन पन्ना के जिला परियोजना प्रबंधक डी.के. पाण्डेय ने सभी का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम बैंकर्स अंतर्गत सेण्ट्रल बैंक ऑफ़ इण्डिया पन्ना, यूनियन बैंक पन्ना एवं मध्यांचल बैंक का सराहनीय योगदान रहा।
कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के, अति. मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अशोक चतुर्वेदी, श्रीमती तपस्या जैन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पन्ना, राजेन्द्र दुबे, अरविन्द सिंह यादव, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत पन्ना, घनश्याम शर्मा, राज्य ग्रामीण आजीविका के जिला परियोजना प्रबंधक सुशील शर्मा, ओ.पी. त्रिवेदी, विवेक कुमार मिश्रा, अंकित पाण्डेय, रोहिणी रमन द्विवेदी, वेदप्रकाश, आकाश शर्मा, हरिराम एवं लाखन यादव उपस्थित थे।

हीरा खनन परियोजना में हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ ‘राजभाषा पखवाड़ा’

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राजभाषा पखवाड़ा के समापन राजभाषा कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए एनएमडीसी लिमिटेड, हीरा खनन परियोजना मझगवां के मुख्य महाप्रबंधक, एस.के. जैन।

विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों के घोषित किये नाम

विजेता प्रतिभागियों के घर जाकर वितरित किए गए पुरुष्कार

पन्ना/मझगवां।(www.radarnews.in) हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में एनएमडीसी लिमिटेड हीरा खनन परियोजना मझगवां जिला पन्ना में दिनांक 01 से 19 सितंबर 2020 तक ‘हिंदी पखवाड़ा’ मानया गया। जिसका समापन शनिवार 19 सितंबर को विधिवत पूर्ण गरिमा के साथ हुआ। अपराह्न 3:30बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित हुए इस कार्यक्रम में मुख्य महाप्रबंधक, हीरा खनन परियोजना एस.के. जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। जबकि विशेष अतिथि एवं डायमंड इव्स क्लब की अध्यक्षा श्रीमती रेखा जैन ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में भाग लिया।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्रबंधक कार्मिक भूपेश कुमार, उप प्रबंधक राजभाषा देबाशीष घोष, श्रमिक संघ के महामंत्री समर बहादुर सिंह व अध्यक्ष बाबूलाल, महामंत्री भोला प्रसाद सोनी व उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह मुख्य महाप्रबंधक के कक्ष में उपस्थित थे। जबकि विभागाध्यक्षों,परियोजना के अधिकारी वकर्मचारियों और विभिन्न प्रतियोगिता के प्रतिभागियों ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समापन समारोह में भाग लिया।
वैश्विक महामारी नोबल कोरोना वायरस (COVID-19) संक्रमण के कारण उत्पन्न चुनौतियों को स्वीकारते हुए एवं राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इस संबंध में जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुपालन में पखवाड़े के अंतर्गत परियोजना अधिकारी और कर्मचारियों, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, पन्ना के सदस्य कार्यालयों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और गृहिणियों के लिए 09 विविध प्रतियोगिताओं काआयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया।‘हिन्दी दिवस’14 सितंबर 2020को परियोजना अधिकारी और कर्मचारियों के लिए ‘राजभाषा कार्यशाला’ का आयोजन किया गया, जिसमें एनएमडीसी लिमिटेड, हैदराबाद से राजभाषा विभाग के विभागाध्यक्ष एवं उप महाप्रबंधक (राजभाषा) रूद्रनाथ मिश्र अतिथि वक्ता के रूप में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
समापन कार्यक्रम में विजेता प्रतिभागियों के नामों की औपचारिक घोषणा की गई और प्रतिभागियों को उनके निवास स्थान पर पुरस्कार वितरित किए गए। अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में मुख्य महाप्रबंधक एस.के. जैन ने सभी कर्मचारियों को राजभाषा विभाग, गृह मंत्रलाय, भारत सरकार द्वारा जारी किए गए ‘राजभाषा वार्षिक कार्यक्रम’ के अनुसार कार्यालयीन काम-काज में हिन्दी के प्रयोग को सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

“जिज्जी” आपसे हाथ जोड़कर विनती है- “दबंग भू-माफिया के कहर से हमें बचा लो, पहले जमीन हड़प ली अब पुलिस से करवा रहा प्रताड़ित”

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पूर्व मंत्री सुश्री कुसुम महदेले ने नयापुरा मुड़िया पहाड़ के झुग्गीवासियों के संबंध में क्षेत्रीय सांसद वीडी शर्मा एवं कोतवाली थाना टीआई से मोबाइल पर अपने चिरपरिचित अंदाज में बात की गई।

* नयापुरा मुड़िया पहाड़ के वाशिंदों ने पूर्व मंत्री कुसुम महदेले से लगाई गुहार

* पानी भरने लेकर झुग्गीवासियों का भाजपा नेता के कर्मचारी से हुआ था विवाद

* झुग्गीवासियों ने झूठी शिकायत कर पुलिस से प्रताड़ित कराए जाने का लगाया आरोप

* भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद ने फोन पर बात कर कहा जमीन के विवाद से मेरा कोई लेना-देना नहीं

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय से सटी ग्राम पंचायत मनौर के ग्राम नयापुरा-मुड़िया पहाड़ की राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमाँक-39 के दोनों तरफ स्थित करीब 15 एकड़ बेशक़ीमती भूमि से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस भूमि पर कई पीढ़ियों से काबिज गरीब झुग्गीवासियों ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं क्षेत्रीय सांसद विष्णु दत्त शर्मा के करीबी माने-जाने वाले युवा नेता अंकुर त्रिवेदी पर आरोप लगाया है कि स्थानीय राजस्व विभाग के अमले से सांठगांठ कर तथ्यों को छिपाते हुए उसने राजनैतिक रसूख के दम उक्त भूमि की अपने नाम पर रजिस्ट्री और नामांतरण कराया लिया। कई दशकों के कब्जे वाली भूमि को कथित तौर पर हेराफेरी कर हड़पने से सैंकड़ों गरीब परिवारों सामने बेघर होने की नौबत आ गई है। भाजपा नेता के द्वारा जमीन खाली करने की धमकी दिए जाने के कारण अपना आशियाना उजड़ने को लेकर हैरान-परेशान गरीब झुग्गीवासी पिछले कुछ दिनों से आंदोलित हैं।
पन्ना के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग- 39 किनारे स्थित मुड़िया पहाड़ की विवादित भूमि जिस पर गरीब तबके के सैंकड़ों लोग कई पीढ़ियों रह रहे हैं।
सुर्ख़ियों में बने इस मामले में दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जिसके चलते इस बेशक़ीमती भूमि की क्रय-विक्रय और नामांतरण की पूरी प्रक्रिया से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य हर दिन उजागर हो रहे हैं। पन्ना जिले के प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, सत्ता पक्ष-विपक्ष के राजनेताओं, मीडिया, सामाजिक कार्यकर्ताओं और एक्टिविस्ट का इम्तिहान ले रहे इस ज्वलंत मुद्दे ने अब तक विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कई लोगों की भूमिका को सबके सामने ला दिया है। सोशल मीडिया पर सक्रिय कतिपय एजेण्डा छाप रायचन्द बतोलेबाजों की तो इस मुद्दे पर जैसे घिग्घी ही बंध ही गई है। बहरहाल, करोड़ों रुपए के मूल्य वाली प्राइम लोकेशन की इस जमीन के स्वत्व और कब्जे की कानूनी लड़ाई को अब कई स्तर पर लड़ा जा रहा है। पन्ना से लेकर राजधानी भोपाल तक सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी के खेमे में खलबली मचाने वाले इस बहुचर्चित मसले पर शुक्रवार की शाम अचानक पुलिस की इंट्री के बाद आज जो कुछ हुआ उसमें निहित सियासी संकेत के मायने बहुत गहरे हैं।

विवाद को लेकर अपना-अपना पक्ष

मुड़िया पहाड़ की झुग्गी बस्ती के लोग अपनी आपबीती सुनाते हुए।
भाजपा नेता अंकुर त्रिवेदी की प्रेसवार्ता के जवाब में शुक्रवार 18 सितंबर को दोपहर में नयापुरा मुड़िया पहाड़ के वाशिंदों ने प्रेसवार्ता कर अपना पक्ष मीडिया के समक्ष रखा। इसके कुछ घण्टे बाद शाम को पानी भरने को लेकर कथित तौर पर विवाद होने की सूचना मिलने पर पन्ना कोतवाली थाना के निरीक्षक अरुण सोनी दलबल के साथ मुड़िया पहाड़ पहुंच गए। भाजपा नेता के खिलाफ संघर्ष की अगुवाई कर रहे झुग्गी बस्ती निवासी युवा बृजेश गौतम, रामकिशुन शर्मा और प्रदीप शर्मा के घर पहुंचकर पुलिस ने मौके पर मिले परिजनों से उनके संबंध में जानकारी प्राप्त की तो पता चला कि वे कहीं घूमने निकल गए हैं।
नगर निरीक्षक ने फोन पर चर्चा में बताया कि अंकुर के निर्माणाधीन मकान में लगी बोरिंग से पानी भरने को लेकर वहाँ कार्यरत कर्मचारी से बस्ती के लोगों का कुछ विवाद हुआ जिसकी सूचना श्रीमति गंगा शर्मा द्वारा पुलिस को दी गई थी, जिसे गंभीरता से लेते विवाद को बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस मौके पर गई थी। हमने दोनों पक्षों को शांति और संयम बनाए रखने एवं मकान मालिक अंकुर त्रिवेदी की आपत्ति के चलते उनके निजी बोर से पानी ने भरने की समझाइश दी है। मजेदार बात यह है कि गंगा शर्मा इस संबंध में पुलिस में स्वयं के द्वारा किसी तरह की लिखित या मौखिक सूचना देने से साफ़ इंकार कर रही हैं।
भाजपा नेता अंकुर त्रिवेदी।
उधर, भाजपा नेता अंकुर त्रिवेदी ने मोबाइल पर हुई बातचीत में बताया कि उनके निर्माणाधीन मकान में पुताई कर रहे श्रमिक भरत प्रजापति के साथ बृजेश गौतम, रामकिशुन शर्मा और प्रदीप शर्मा द्वारा गाली-गलौंज की गई। उक्त लोग जबरन घर के अंदर घुस आए और भरत से बोरिंग चालू करने के लिए कहने लगे। भरत के मना करने पर उसके साथ गाली-गलौंज कर धमकी दी गई। अंकुर ने बताया कि मैनें इस घटनाक्रम की सूचना पन्ना पुलिस अधीक्षक को दी थी तब उनके द्वारा पुलिस को तफ्तीश के लिए मौके पर भेजा गया था। वहीं जिन युवकों के ऊपर विवाद करने का आरोप है वे इस घटना को मनगढ़ंत और फर्जी बताते हुए कह रहे हैं कि राजनैतिक रसूख के दम पर पुलिस के जरिए प्रताड़ित कराकर उन्हें शांत कराने का यह षड्यंत्र मात्र है। ताकि दूसरे झुग्गीवासियों की तरह हम भी डरकर इस जमीन को छोड़कर चले जाएं। उन्होंने बताया कि पूर्व में पुलिस अधीक्षक को आवेदन पत्र देकर हमने पहले ही यह आशंका जताई थी कि हमारी झूटी रिपोर्ट हो सकती है।

आपने गुण्डों-माफियाओं को कभी पनपने नहीं दिया

प्रभावित झुग्गी वासियों के दस्तावेजों को गौर से देखते हुए पूर्व मंत्री सुश्री कुसुम सिंह महदेले।
पानी भरने के विवाद की कथित तौर पर फर्जी रिपोर्ट को लेकर पन्ना कोतवाली थाना पुलिस की भूमिका के प्रति आशंकित नयापुरा मुड़िया पहाड़ के वाशिन्दे शनिवार 19 सितंबर की सुबह पूर्व मंत्री एवं भाजपा की दिग्गज नेत्री सुश्री कुसुम सिंह महदेले के निज निवास सफरबाग पहुँच गए। बृजेश गौतम और गंगा शर्मा उन्हें पूरे घटनाक्रम और इसके केन्द्र में स्थित जमीन के विवाद से अवगत करा ही रहे थे कि तभी मीडियाकर्मी भी वहाँ पहुंच गए। झुग्गी वासियों ने सुश्री महदेले से कहा कि आपने लंबे समय तक पन्ना का प्रतिनिधित्व किया है, आपके रहते हुए हम गरीबों को कभी कोई समस्या नहीं आई। लेकिन आपके पद में न रहने से आज हमें एहसास हो रहा है कि पन्ना में कितनी अराजकता फ़ैल चुकी है। आपने कभी गुण्डों-माफियाओं को पनपने तक नहीं दिया। मगर, आज सब उल्टा हो रहा है। नेता-माफिया और भ्रष्ट अफसरों ने मिलकर पहले तो हमारी जमीन हड़प ली अब उल्टा हमें झूठे प्रकरण में जेल भेजने की साजिश की जा रही है।
झुग्गीवासियों ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए आरोप लगाया कि कथित तौर सांसद वीडी शर्मा से नजदीकी की आड़ लेकर और उनके नाम की धौंस जमाकर अंकुर ने हमारा तो जीना ही दूभर कर दिया है। बेवश और असहाय महिलाओं ने गुहार लगाते हुए कहा कि “जिज्जी” आपसे हाथ जोड़कर विनती है- “दबंग भू-माफिया के कहर से हमें बचा लो, पहले हमाई जमीन हड़प लई अब पुलिस से प्रताड़ित करवा रहो है।”

जो कुछ हो रहा है वह अच्छा नहीं है

कुछ दिन पूर्व पन्ना में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद वीडी शर्मा को मुड़िया पहाड़ के रहवासियों ने अपनी समस्या सुनाई थी।
गरीबों को गिड़गिड़ाते, मदद के लिए गुहार लगाते हुए देख पूर्व मंत्री सुश्री महदेले बैचेन हो उठीं और उन्होंने तुरंत भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं क्षेत्रीय सांसद विष्णु दत्त शर्मा से मोबाइल पर बात करते हुए बड़े ही अफ़सोस के साथ कहा कि मुड़िया पहाड़ की जमीन के मामले में आपका नाम उछलने से मुझे अच्छा नहीं लगा। उन्होंने सीनियर होने के नाते बातों ही बातों में सार्वजानिक जीवन में सुचिता और नैतिकता के उच्चतम मानदण्डों को कायम रखने की परोक्ष रूप से सलाह देते हुए श्री शर्मा की झुग्गीवासियों से भी बात कराई। इस दौरान सांसद वीडी शर्मा ने बृजेश गौतम से हुई बातचीत में स्पष्ट किया कि नयापुरा-मुड़िया पहाड़ की जमीन से उनका दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। मेरे लिए पार्टी के सभी कार्यकर्ता एक सामान है मैनें कभी किसी को भी अनुचित कार्य करने के लिए न तो संरक्षण दिया है और न ही कभी दूंगा।
सड़क के दूसरी तरफ स्थित नयापुरा बस्ती निर्मित मकान इस बस्ती की रजिस्ट्री और नामांतरण भाजपा नेता अंकुर त्रिवेदी के नाम हो गया।
उल्लेखनीय है कि चार दिन पूर्व इन प्रभावित झुग्गीवासियों ने कई दशकों पुरानी अपने कब्जे की भूमि और अपने घर को बचाने के लिए गले में फांसी का फंदा डालकर शहर से कलेक्ट्रट तक पैदल मार्च करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं क्षेत्रीय सांसद विष्णु दत्त शर्मा एवं अंकुर त्रिवेदी के खिलाफ जमकर नोरबाजी की थी। हालांकि सांसद वीडी शर्मा से आज मोबाइल पर हुई लंबी चर्चा के बाद झुग्गीवासी कुछ हद तक संतुष्ट नजर आए।

पहले कोतवाली का रिकार्ड चैक करो

झुग्गीवासियों के संबंध में मोबाइल पर कोतवाली थाना पन्ना टीआई से बात करते हुए पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री सुश्री कुसुम सिंह महदेले।
गरीबों और वंचित तबकों से जुड़े मसलों को लेकर सदैव संवेदनशील एवं मुखर रहने वालीं पूर्व मंत्री सुश्री कुसुम सिंह महदेले ने पानी भरने के कथित विवाद में कोतवाली थाना पन्ना पुलिस की भूमिका तथा कार्यप्रणाली को लेकर निरीक्षक अरुण सोनी से मोबाइल पर बात की। सुश्री महदेले ने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि- टीआई साहब ऐसा है कि शिकायत पर कोई कार्रवाई करने से पहले आप आपने थाना का रिकार्ड चैक कर लेना। झुग्गीवासियों की जो लोग शिकायत करा रहे हैं वे आपराधिक प्रकृति के व्यक्ति हैं, उनके विरुद्ध दर्ज आपराधिक प्रकरणों की लंबी सूची है। आप शिकायत की अच्छी तरह से जांच कर लें ताकि जमीनी विवाद के इस मामले में किसी भी निर्दोष को झूठे प्रकरण में फंसाया न जाए। इस पर टीआई श्री सोनी ने उन्हें आश्वस्त किया कि पुलिस की और से निष्पक्ष तरीके से उचित कार्रवाई की जाएगी। मालूम होकि कुछ दिन पूर्व इन झुग्गी वासियों ने प्रदेश खनिज मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक बृजेन्द्र प्रताप से मिलकर उनसे अपने पुश्तैनी घरों को बचाने और न्याय दिलाने की मांग की थी, जिस पर उन्होंने बीच का रास्ता निकालते हुए इस विवाद का शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया था।

इनका कहना है-

“जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से विनम्र अपील है कि मेरे ऊपर लगाए जा रहे आरोपों की शीघ्र गहन जांच कराई जाए, इसमें अगर मैं कहीं दोषी पाया जाऊं तो हर दण्ड भुगतने के लिए तैयार हूँ। मुझे पूर्ण विश्वास है कि निष्पक्ष जांच से सच सामने आ जाएगा। संरक्षण देने के नाम पर मेरी राजनैतिक-आर्थिक हत्या का षड्यंत्र रचकर मुझे बदनाम करने का जो खेल चल रहा है उसकी सच्चाई भी लोगों को पता चल जायेगी।”

– अंकुर त्रिवेदी, भाजपा नेता पन्ना।

गरीबी के कलंक के साथ कुपोषण को मिटाने के प्रयास जारी- मंत्री बृजेन्द्र प्रताप

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* पोषण महोत्सव अंतर्गत कुपोषण मुक्त कार्यक्रम आयोजित

* जिले से कुपोषण को समाप्त करने की कार्ययोजना बनाई – कलेक्टर

पन्ना। (www.radarnews.in) गरीब कल्याण सप्ताह के प्रथम दिवस कुपोषण मुक्त का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के खनिज साधन एवं श्रम विभाग मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह रहे। इस अवसर पर मंत्री श्री सिंह ने कहा कि शासन द्वारा गरीबी के कलंक को दूर करने के साथ कुपोषण के कलंक को मिटाने के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जितना सुन्दर हरा-भरा हमारा यह जिला है उतने सुन्दर ही आंगनवाडी केन्द्र होने चाहिए।
मंत्री श्री सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन से पूरे प्रदेश में एक साथ गरीब कल्याण सप्ताह आयोजित किया जा रहा है। इस सप्ताह के दौरान गरीब कल्याण के अनेकों कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिससे गरीब परिवार गरीबी से ऊपर उठकर सामान्य जनजीवन जिये। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य शासन द्वारा गरीबों के कल्याण के लिए अनेकों योजनाएं संचालित की जा रही हैं। कोरोना महामारी संक्रमण के साथ प्रवासी श्रमिकों को उनके गांव तक पहुंचने के लिए परिवहन एवं भोजन की व्यवस्था की गयी। उन सब गरीब श्रमिकों को निःशुल्क खाद्यान्न वितरित किया गया। आगामी आने वाले समय में गरीबों के कल्याण की अनेक योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। जिससे गरीबों को शीघ्र लाभान्वित किया जाएगा। उन्होंने संबल योजना के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि इस योजना के अन्तर्गत श्रमिकों के कल्याण की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। आगामी 23 सितंबर को संबल योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों के खाते में राशि अंतरण की कार्यवाही पूरे प्रदेश में प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा की जाएगी।
कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने कहा कि जिले की मातृ एवं शिशु मृत्युदर को घटाकर नीचे लाने के लिए कुपोषण के चक्र को तोड़ना होगा। इन सब कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के दायित्व निर्धारित किए गए हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने नारा दिया है ’’स्वस्थ बचपन सुरक्षित मातृत्व’’ इसे लागू करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में अतिकम वजन वाले 1391 बच्चे हैं एवं कम वजन वाले 10381 बच्चे हैं इन सभी बच्चों को आगामी 6 माह में कुपोषण से मुक्ति दिलाई जाएगी। इस कार्य में महिला बाल विकास के साथ लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शहरी विकास अभिकरण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, कृषि एवं कृषक कल्याण, स्कूल शिक्षा, उद्यानिकी, पशुपालन विभाग को साथ लेकर कार्ययोजना बनाई गयी है। इसके अन्तर्गत बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार, खून की कमी का निवारण किया जाएगा। कार्ययोजना में नवाचार के रूप में जिले में प्रोजेक्ट संजीवनी-2 की शुरूआत की गयी है। जिसमें कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर के सुधार के लिए बच्चों को 14 दिवस तक पोषण पुर्नवास केन्द्र में भर्ती कराया जाएगा।
जिले के कुपोषित बच्चों को दो माह तक पौष्टिक दुग्ध पाउडर एवं पौष्टिक आहार का वितरण एवं लाडली लक्ष्मी योजना की अध्ययनरत बालिकाओं को छात्रवृत्ति का वितरण किया गया। जिले की एक हजार नवीन लाडली लक्ष्मी योजना की बालिकाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। 15 नवनिर्मित आंगनवाड़ी भवनों का लोकार्पण किया गया।

पन्ना में चल रहे वन्य प्राणियों के अंगों की तस्करी के क़ारोबार का भंडाफोड़, किसान कोंग्रेस प्रदेश महामंत्री समेत तीन आरोपी जबलपुर में गिरफ्तार

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जबलपुर में पकड़े गए वन्यजीवों के अंगों की तस्करी करने वाले पन्ना एवं छतरपुर के आरोपियों से जप्त तेंदुए एवं चीतल की खाल।

* पकड़े गए युवकों से तेन्दुए और चीतल की खाल जप्त की गई

* फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर खालों को बेंचने की फिराक में थे आरोपी

* स्टेट टाइगर स्ट्राइक फ़ोर्स को मिले संगठित गिरोह के शामिल होने के सबूत

* नदी में मिले सिर विहीन बाघ के मामले का खुलासा होने की जागी उम्मीद

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के जंगलों में पिछले करीब तीन साल से दो दर्जन तेन्दुओं एवं आधा दर्जन बाघों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने और इनके शिकार की अत्यंत ही हैरान करने वाली घटनाओं के मद्देनजर जिस बात की आशंका जताई जा रही थी, वह सच साबित हुई है। पन्ना में चल रहे वन्य जीवों के अंगों की तस्करी के अवैध कारोबार से जुड़ा बड़ा खुलासा स्टेट टाइगर स्ट्राइक फ़ोर्स भोपाल और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो जबलपुर की संयुक्त कार्रवाई से हुआ है। वन्यजीवों से जुड़े अपराधों की रोकथाम करने वाली इन एजेंसियों ने गुरुवार 17 सितंबर को गुप्त सूचना के आधार पर जबलपुर में एक चार पहिया वाहन की तालाशी लेते हुए उसमें छिपाकर रखी गई तेन्दुए और चीतल की एक-एक नग खाल बरामद की।
किसान कोंग्रेस प्रदेश महामंत्री जीतेन्द्र उर्फ़ जीतू तिवारी।
इस मामले में पन्ना एवं छतरपुर जिले के तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों में किसान कोंग्रेस का प्रदेश महामंत्री जीतेन्द्र उर्फ़ जीतू तिवारी निवासी ग्राम बृजपुर जिला पन्ना शामिल है। जीतू तिवारी पुलिस आरक्षक का पुत्र है। इसके अलावा ओमप्रकाश सेन पिता प्रकाशचन्द्र सेन निवासी ग्राम सुनहरा जिला पन्ना एवं उमेश पटेल पिता रामनारायण पटेल निवासी छतरपुर को भी गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में वन्यजीवों के अंगों की तस्करी के अवैध कारोबार में संगठित गिरोह के शामिल होने से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। इस मामले में अभी अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी होना बाकी है। बहरहाल इस भड़ाफोड़ के बाद से पन्ना टाइगर रिजर्व समेत जिले के उत्तर एवं दक्षिण वन मण्डल समेत समूचे छतरपुर वृत्त अंतर्गत वन विभाग में हड़कम्प मचा है। वन विभाग के स्थानीय अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

खाल बेंचने की फिराक में थे आरोपी

प्राप्त जानकारी के अनुसार तेन्दुए और चीतल की खाल बेंचने के लिए तीन युवक पन्ना से चार पहिया वाहन से जबलपुर आए थे। मध्य प्रदेश वन्यप्राणी मुख्यालय भोपाल को इनके संबंध में गुप्त सूचना प्राप्त होने पर कार्रवाई के लिए स्टेट टाइगर स्ट्राइक फ़ोर्स भोपाल-जबलपुर एवं वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो जबलपुर की टीम गठित की गई। इस टीम के द्वारा संयुक्त रूप से योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए जबलपुर में होटल दत्त रेसीडेन्सी के पास से वाहन को रोककर संदेह के आधार पर पूंछतांछ की गई और वाहन की तलाशी ली गई तो उसमें तेन्दुए और चीतल की एक-एक नग खाल पाई गई। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पकड़े गए आरोपी फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर खालों को बेंचने की फिराक में थे।
इस मामले में कोंग्रेस नेता जीतेन्द्र उर्फ़ जीतू तिवारी निवासी ग्राम बृजपुर, ओमप्रकाश सेन पिता प्रकाशचन्द्र सेन निवासी ग्राम सुनहरा जिला पन्ना एवं उमेश पटेल पिता रामनारायण पटेल निवासी छतरपुर के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण कायम किया गया है। पकड़े गए आरोपियों से पूंछतांछ जारी है। इस मामले में अभी कुछ और आरोपियों की गिरफ्तारी होना शेष है। इस दिशा में आवश्यक प्रयास जारी हैं। गिरफ्तार युवकों को विशेष टीएफएस न्यायालय जबलपुर में पेश कर विस्तृत पूंछतांछ के लिए उन्हें रिमांड पर लेने की बात कही जा रही है।

पहले भी जप्त हुए वन्य प्राणियों के अंग

फाइल फोटो।
वन्यजीवों के अंगों की तस्करी करने वाले गिरोह के भंडाफोड़ के बाद पन्ना टाइगर रिजर्व में पिछले माह केन नदी में मिले सिर विहीन बाघ पी-123 के शिकार मामले की गुत्थी सुलझने की उम्मीद की जा रही है। इस युवा बाघ का सिर समेत अन्य अंग अज्ञात शिकारी अथवा तस्कर धारदार हथियार से काट ले गए। इस बहुचर्चित प्रकरण में शामिल आरोपियों का सुराग लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने एवं बाघ के गायब अंगों को बरामद करने के लिए जांच एजेन्सी स्टेट टाइगर स्ट्राइक फ़ोर्स भोपाल की टीम कुछ दिनों के अंतराल में दूसरी बार पन्ना के दौरे पर आई है। मालूम होकि पन्ना जिले में वन्यजीवों के शिकार के बाद उनके अंग काट ले जाने की घटनाएं पहले भी प्रकाश में आईं हैं। जिले के उत्तर वन मण्डल की धरमपुर रेन्ज अंतर्गत कुछ माह पूर्व जंगल में करंट बिछाकर तेंदुए का शिकार किया गया था। जिसके कई अंग गायब थे बाद में इस मामले में गिरफ्तार शिकारियों से गायब अंग जप्त किये गए थे। वहीं दक्षिण वन मण्डल पन्ना अंतर्गत फंदा लगाकर तेन्दुए का शिकार किये जाने की घटनाएं कुछ समय पूर्व सामने आईं थीं।
फाइल फोटो।
इसके अलावा दक्षिण वन मण्डल की ही पवई रेन्ज अंतर्गत डेढ़ वर्ष पूर्व भालू का शिकार कर उसके शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग शिकारी काट ले गए थे। तत्कालीन पवई रेंजर शिशुपाल अहिरवार ने भालू के शिकारियों को गिरफ्तार कर उनके द्वारा तस्करों को बेंचने के लिए छिपाकर रखे गए अंगों को जप्त किया था। वहीं पन्ना में एक झोलाछाप चिकित्सक के क्लीनिक में छापा मारकर एसटीएसएफ ने पेंगोलिन के कई अंग जप्त किये थे। वन्यजीवों के कुछ ख़ास अंगों का इस्तेमाल जोशवर्धक दवाएं बनाने में होने की वजह से अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में इनकी काफी मांग है। इनका एक एक-एक अंग लाखों रुपए में बिकता है।

वन विभाग के स्थानीय अफसरों की नाकामी उजागर

केन नदी में सर्चिंग के दौरान बाघ पी-123 का शव इस स्थिति में बरामद हुआ था, उसका सिर गायब था। (फाइल फोटो)
उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले में लम्बे समय से बड़े पैमाने पर चल वन्यजीवों के शिकार और उनके अंगों की तस्करी के अवैध कारोबार की वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों-कर्मचारियों और विभागीय ख़ुफ़िया तंत्र को भनक न लगना बड़ी नाकामी के तौर पर देखा जा रहा है। यह खुलासा ऐसे समय हुआ है जब पन्ना जिले में बाघों-तेन्दुओं व दूसरे शाकाहारी वन्यप्राणियों के शिकार की घटनाओं, संदिग्ध परिस्थितियों में इनकी मौत से जुड़े मामलों में प्रभावी तरीके से रोक लगा पाने में पूरी तरह विफल और अक्षम साबित हो रहे पन्ना टाइगर रिजर्व, उत्तर एवं दक्षिण वन मण्डल के अधिकारियों पर सच्चाई को छिपाकर कर अपनी विफलताओं अथवा कारगुजारियों पर पर्दा डालने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। पन्ना में पिछले कुछ समय से तेजी से बढ़ती वन्यजीवों खासकर बाघों एवं तेन्दुओं की मृत्यु से जुड़ीं चिंताजनक घटनाएं वन्यजीव प्रेमियों, स्थानीय लोगों को लगातार असहज और विचलित कर रहीं थीं। इसका ताजा उदाहरण पिछले महीने 10 अगस्त को पन्ना टाइगर रिजर्व के कड़ी सुरक्षा व्यवस्था वाले कोर क्षेत्र में आपसी संघर्ष के बाद केन नदी में गिरे युवा बाघ पी-123 का सिर विहीन शव मिलना है।

बाघ के अंग गायब होने की बात छिपाई

बाघ पी-123 के पोस्टमार्टम की कार्रवाई के दौरान लिया गया चित्र। (फाइल फोटो)
जंगल के राजा बाघ के अंगों की तस्करी से सीधे जुड़े इस संवेदनशील प्रकरण के समूचे घटनाक्रम में महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने और आपराधिक लापरवाही के आरोप पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन पर लग रहे हैं। इस युवा बाघ का तीसरे दिन नदी में जब शव मिला तो उसका सिर, यौन अंग और पंजा गायब था। युवा बाघ के सिर विहीन धड़ को देखकर साफ़ नजर आ रहा था कि धारदार हथियार से उसका सिर एवं अन्य अंग काटे गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का स्पष्ट उल्लेख वन्यप्राणी चिकित्सक के द्वारा किया गया। लेकिन इसके बाद भी पार्क के क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया ने बाघ पी-123 की शव मिलने संबंधी जो प्रेस नोट जारी किया उसमें बाघ के सिर को नदी में सम्भवतः मगरमच्छों के द्वारा निवाला बनाए जाने की कहानी गढ़ी गई। प्रेस रिलीज में बाघ के सिर के अलावा अन्य अंगों के भी गायब होने का उल्लेख तक नहीं किया गया। करीब एक माह तक यह सनसनीखेज मामला दबा रहा। मगर जब प्रधान मुख्य वन संरक्षक भोपाल को इसकी भनक लगी तो उन्होंने आनन-फानन में 3 सितंबर को इसकी जांच स्टेट टाइगर स्ट्राइक फ़ोर्स भोपाल को सौंपते हुए सहयोग के लिए दो दो विषय विशेषज्ञों को भी जांच कमिटी में बतौर सदस्य शामिल किया। फिलहाल एसटीएसएफ की टीम इस मामले की गहन जांच-पड़ताल में जुटी है।

पार्क प्रबंधन की कारगुजारियों को लेकर आक्रोश

फाइल फोटो।
पन्ना टाइगर रिजर्व अंतर्गत पिछले 9 माह में पांच बाघों की मौत के मामले सामने आए हैं। इनमें एक रेडियो कॉलर्ड बाघिन भी शामिल है। विदित होकि रेडियो कॉलर्ड बाघों की निगरानी के लिए टाइगर ट्रेकिंग टीम चार पहिया वाहन में सवार होकर चौबीसों घण्टे उनके पीछे लगी रहती है और नियमित अंतराल में सिग्नल चैक करती है। हैरानी इस बात की है कि रेडियो कॉलर्ड बाघिन समेत चार बाघों के शव मृत्यु के कई दिन बाद काफी सड़े-गले एवं कंकाल की हालत में मिले थे। जिससे इनकी मौत के वास्तविक कारणों का पता चल पाना संभव नहीं है। पन्ना टाइगर रिजर्व अंतर्गत बाघ-तेंदुओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने के कई दिन बाद उनके शव कंकाल की हालत में मिलने एवं नदी में गिरे बाघ का सिर विहीन शव बरामद होने के मामले में सच्चाई को छिपाकर अपने नाकारेपन पर पर्दा डालने के लिए बाघ की मौत की काल्पनिक कहानी गढ़ने वाले अफसरों के इस आपराधिक कृत्य को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है। दरअसल इसी तर्ज पर बाघों की मृत्यु की सच्चाई और तथ्यों को लम्बे समय तक छिपाने के कारण पन्ना टाइगर रिजर्व वर्ष 2009 में बाघ विहीन हो गया था।

.. कहीं फिर बाघ विहीन न हो जाए पन्ना

मृत बाघ शावक का कंकाल रुपी क्षत-विक्षत शव।
सदियों से बाघों का प्राकृतिक रहवास रहे पन्ना के जंगलों को बाघों से पुनः आबाद करने के लिए करीब 10 वर्ष पूर्व यहां बाघ पुनर्स्थापना कार्यक्रम शुरू किया गया था। पार्क के पूर्व अफसरों एवं मैदानी अमले के अथक परिश्रम से बाघ पुनर्स्थापना कार्यक्रम ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए। फलस्वरूप पन्ना में बाघों के संरक्षण और उनकी वंशवृद्धि पूरे विश्व के लिए शोध का विषय बनीं है। लेकिन विडंबना यह है कि पन्ना टाइगर रिजर्व में में जब बाघों की संख्या रिकार्ड स्तर पर पहुँच चुकी तब इनकी मौत व शिकार से जुड़ीं बेहद चिंताजनक घटनाओं के सामने आने और यहां वन्यजीवों के शिकार, उनके अंगों की तस्करी करने वाले गिरोह के सक्रिय होने के भंडाफोड़ के मद्देनजर वन विभाग के मौजूदा अधिकारियों के रहते हुए पन्ना के एक बार फिर बाघ विहीन होने का डर सताने लगा है।

“सच्चे जनसेवक थे श्रीयुत उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा”- मनीष

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* पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की जंयती पर दी गयी श्रृद्धांजली

पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय श्रीयुत श्रीनिवास तिवारी की आज 17 सिंतबर को कांग्रेसजनों ने जयंती मनाते हुये उन्हे याद किया। मौजूद कांग्रेस नेताओं ने स्वर्गीय श्री तिवारी के चित्र पर पुष्पांजली अर्पित की। शाम 4 बजे स्थानीय यादवेन्द्र क्लब प्रांगण में आयोजित हुई श्रृद्धांजली सभा में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री तिवारी को एक सच्चा जनसेवक बतलाते हुये कहा गया कि वह अपनी आखिरी सांस तक जनता के लिये संघर्ष करते रहें, कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिये कि जिस तरह से तिवारी जी सदैव सक्रिय रहकर अन्याय व अत्याचार के खिलाफ संघर्ष करते रहे, हम सभी को भी राजनीति के माध्यम से ऐसे लोगो की आवाज को बुलंद करना चाहिये। इस अवसर पर कोंग्रेस नेता मनीष मिश्रा ने कहा कि विंध्य क्षेत्र के चंहुमुखी विकास और कांग्रेस संगठन को सशक्त बनाने के लिए श्रीयुत श्री निवास तिवारी के योगदान को हमेश याद रखा जायेगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राम किशोर मिश्रा, श्रीकांत दीक्षित, मनीष मिश्रा, अनीष खान, सुनील अवस्थी, शशिकांत दीक्षित, मैकूलाल अहिरवार, स्वतंत्र प्रभाकर अवस्थी, सौरभ पटैरिया, दीपू दीक्षित, हीरालाल विश्वकर्मा, अंका रिछारिया, मुकेश अहिरवार, अनुराग मिश्रा, सोमेश त्रिपाठी, गफ्फार खान, राजू खान, पुष्पेन्द्र कुशवाहा सहित कांग्रेसजन उपस्थित रहे।