* पन्ना नगर के गल्ला मण्डी क्षेत्र में बीती रात सामने आई घटना
* गरीबी-बेरोज़गारी के चलते आग लगाकर आत्महत्या करने की चर्चा
पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय में शनिवार की रात एक वृद्धा और उसके जवान बेटे की आग से जलकर दर्दनाक मौत हो गई। आगजनी की यह घटना घर के अंदर की है और उस समय घर के दरवाजे अंदर से बंद थे। फिलहाल प्रारंभिक पुलिस जांच में घटना के कारणों का आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल सका। मृतक के रिश्तेदार और पड़ोसियों की मानें तो गरीबी-बेरोजगारी के चलते माँ-बेटे ने स्वयं को आग के हवाले कर आत्महत्या की है। ह्रदय विदारक घटना की खबर आने के बाद से पन्ना नगर में शोक की लहर व्याप्त है। कोतवाली थाना पुलिस ने घटना की वास्तविकता का पता लगाने के लिए मर्ग कायम कर घटना के हर पहलू की गहनता से पड़ताल शुरू कर दी है।

पन्ना नगर के गल्ला मण्डी क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक-04 में स्थित एक घर से शनिवार 05 दिसम्बर की रात करीब 10 आग की तेज लपटें उठने से इलाके में अफरा-तफरी फ़ैल गई। गंभीर हादसे की आशंका से घिरे आस-पड़ोस के लोगों द्वारा तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को कॉल कर आगजनी की सूचना दी गई। फायर ब्रिगेड के मौके पर पहुँचने तक स्थानीय लोग बिना समय गंवाए अपने स्तर पर आग को बुझाने में जुट गए। इस दौरान घर के दरवाजे अंदर से पाए गए। साथ ही दरवाजे के पीछे ईंटें रखी हुई मिलीं। कुछ देर बाद मौके पर पहुंची नगर पालिका की फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने पानी की बौछारें छोड़कर आग पर काबू पाया। कोतवाली थाना पुलिस के जवानों एवं पड़ोसियों ने जब अंदर जाकर देखा तो वही हुआ जिसका सबको डर था ! कमरे के अंदर विनोद जाटव पुत्र स्व. बिहारी लाल जाटव 35 वर्ष व उसकी माँ धंती बाई जाटव पत्नी स्व. बिहारी लाल जाटव 65 वर्ष की आग से जलने के कारण मौके पर ही दर्दनाक मौत हो चुकी थी। माँ-बेटे के शव आग की लपटों से बुरी तरह झुलस चुके थे। फिलहाल इस घटना के कारणों का आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल सका। लेकिन मृतक के पड़ोसियों और रिश्तेदारों का ऐसा मानना है कि, गरीबी-बेरोजगारी के चलते माँ-बेटे ने आत्मघाती कदम उठाया है। दिल दहला देने वाली इस घटना की खबर आने के बाद से नगर में शोक की लहर व्याप्त है।
कई माह से रिश्तेदार खिला रहे थे खाना

रविवार को शवों के पोस्टमार्टम के दौरान शव विच्छेदन गृह के बाहर बैठे हेमन्त जाटव ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि मृतक विनोद जाटव उसका चचेरा भाई था। जोकि पेशे से मोटर साईकिल मैकेनिक था। विनोद की दो बहनें और एक छोटा भाई गणेश जाटव है। उसकी दोनों बहनों का विवाह हो चुका है जबकि छोटा भाई गणेश अविवाहित है और वर्तमान में ग्वालियर में रहकर मजदूरी करता है। करीब 10 वर्ष पूर्व विनोद का विवाह हुआ था। लेकिन पति से अलगाव के चलते कई सालों से उसकी पत्नी अपने मायके में रह रही है। दोनों का एक पुत्र भी है वह अपनी माँ के साथ रहता है। दाम्पत्य जीवन में दरार पड़ने के बाद से विनोद नशे का आदी हो गया था। गरीबी से जूझ रहे इस दलित परिवार की मुश्किलें कोरोना लॉकडाउन के चलते काफी बढ़ गईं थी। बेरोजगार हो चुका विनोद अपना और वृद्ध माँ का भरण-पोषण करने असमर्थ हो गया था। कोरोना की आपदा के इस कठिन समय में हेमन्त व अन्य रिश्तेदार उन्हें खाना देते थे। हेमन्त ने एक सवाल के जवाब में बताया कि विनोद का बीपीएल कार्ड बना था जिसमें उसे राशन भी मिलता था। लेकिन सूखा राशन तो नहीं खाया जा सकता, खाना पकाने के लिए और भी बहुत कुछ लगता है। हेमन्त के अनुसार गरीबी-बेरोजगारी एवं जबरदस्त आर्थिक तंगी के चलते ही उसके चचेरे भाई तथा चाची ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या की है।
शाम के समय भी किया था आत्महत्या का प्रयास

गल्ला मण्डी के समीप रहने वाले बलीराम जाटव ने बताया कि मृतक विनोद रिश्ते में उसका साला लगता था। शनिवार की शाम को विनोद ने अपने घर के बाहर कुछ कपड़े रखकर और कैरोसीन डालकर स्वयं को आग लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। तब पड़ोस में रहने वाले लोगों ने समय रहते उसे देख लिया और डांट-फटकार कर भगा दिया था। बलीराम के अनुसार विनोद अपनी निजी जिंदगी में कई परेशानियों व चुनौतियों से जूझ रहा था जिससे उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि शाम के समय खुदखुशी करने में असफल रहने पर विनोद जाटव ने रात के समय घर के अंदर आखिरकार कैरोसीन डालकर खुद को आग के हवाले कर दिया। विनोद की वृद्ध माँ ने भी आत्महत्या की या फिर कमरे में लगी आग में जलने से उनकी मौत हुई, इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।
कलेक्टर ने दी आर्थिक सहायता

माँ-बेटे की जिंदा जलने से मौत होने की स्तब्ध कर देने वाली घटना की जानकारी मिलने पर पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने रविवार की सुबह मौके पर पहुंचकर घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस घटना पर गहरा दुःख और शोक संतृप्त परिवार के प्रति अपनी सवेदनायें व्यक्त करते हुए उन्होंने मृतकों के आश्रितों को फौरी तौर पर बीस हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की। कलेक्टर ने घटना की सच्चाई का पता लगाने के लिए पुलिस अधिकारियों को सूक्ष्मता से जांच करने के आदेश दिए हैं। इस दौरान पन्ना एसडीएम शेर सिंह मीणा (आईएएस) भी मौके पर मौजूद रहे। वहीं पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली थाना पन्ना के निरीक्षक एवं फोरेंसिक टीम को घटना की जांच के संबंध आवश्यक निर्देश दिए हैं।
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इस घटनाक्रम के संबंध में युवा नेता अमित भटनागर ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि बहन-बेटियों को न्याय, सुरक्षा, सम्मान-स्वाभिमान और अधिकारों के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा। हम प्रशासन के दमन के आगे झुकने या रुकने वाले नहीं हैं। हमें 15 दिनों में सागर पहुंचना है, इसके बाद जरूरत पड़ने पर भोपाल और दिल्ली भी जाने को तैयार हैं।

पीड़ित परिजनों ने बताया कि पन्ना कोतवाली अंतर्गत ग्राम कोहनी में कीर्ति लोधी की निर्ममता पूर्वक धारदार हथियार से दिन दहाड़े हत्या कर दी गई थी। जिसके आरोपी को पुलिस द्वारा आज दिनांक तक नहीं पकड़ा गया। हत्यारोपी के फरार होने से परिवार दहशत में जी रहा है। इसी प्रकार ग्राम मड़ैयन की पिंकी कुशवाहा को कथित तौर पर कुछ वहशी दरिंदों द्वारा बेरहमी से सिर का मुण्डन कर निर्दयता पूर्वक गला घोंटकर एवं चाकुओं से गोदकर मौत के घट उतार कर गुंदलहा जंगल के नाला में फेंक दिया गया था। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी का अर्धनग्न शव बरामद होने एवं घटनास्थल के आसपास शराब की बोतल एवं अन्य साक्ष्य मिलने के बावजूद कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म के इस मामले को दिया गया। पुलिस ने इस मामले में सिर्फ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पीड़ित परिजनों ने इन आरोपों के साथ मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाने एवं बेटियों के हत्यारों को फांसी दिलाने की मांग करते हुये पदयात्रा प्रारंभ की है।



क्षेत्र संचालक के द्वारा पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को बताया गया कि वर्तमान पन्ना पार्क में गिद्धों पर अध्ययन करने के लिए उनकी रेडियो टैगिंग की जा रही है। देश में गिद्धों की रेडियो टैगिंग पहली बार होने के संबंध में जानकर श्री सिंह ने सुखद आश्चर्य प्रकट करते हुए इस अनूठे प्रयोग व अध्ययन की सफलता हेतु पार्क के अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। लगभग तीन घण्टे तक पार्क भ्रमण करने के पश्चात कोंग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह अपनी पत्नी अमृता सिंह के साथ जब हिनौता गेट से बाहर निकले तो वे प्रफुल्लित और आनंदित नजर आए। कुछ क्षण हिनौता गेट पर रुकने बाद श्री सिंह स्थानीय कोंग्रेस नेता रामप्रसाद यादव के घर पहुंचे और फिर थोड़ी देर बाद पन्ना के लिए रवाना हो गए।


श्री सिंह जोर देते हुए कहा कि एनआईएसपी नगरनार संयंत्र के डिमर्जर विनिवेशीकरण एवं सार्वजानिक उपक्रमों में विनिवेश/निजीकरण को राष्ट्रहित में तत्काल वापस लिया जाए। किसानों के हितों पर कुठाराघात करने वाले मनमाने कानून बनाकर इस सरकार ने देश भर के अन्नदाताओं को भी सड़कों पर उतरने के लिए विवश कर दिया है। श्रमिक नेता समर बहादुर सिंह ने कहा कि श्रमिक संगठनों की हड़ताल ऐसे समय पर हो रही है, जब कथित तौर पर कृषि सुधारों से जुड़े तीन कानूनों के खिलाफ अन्नदाता किसानों ने भी आंदोलन का बिगुल फूंक रखा है। किसान संगठन सरकार से कृषि सुधार संबंधी काले कानून वापस लेने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
पीएचकेएमएस के महामंत्री भोला प्रसाद सोनी ने हड़ताली कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मजदूरों की चिंताजनक स्थिति को सुधारने के लिए केन्द्र सरकार यदि वाकई संजीदा है तो देश के प्रत्येक श्रमिक को ईपीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी, नियमित रोजगार, पेंशन व दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता का लाभ प्रदान किया जाए। प्रत्येक श्रमिक को सामजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जाए। न्यूनतम वेतन को 21 हजार रुपये किया जाए और केन्द्र व राज्यों में एक समान वेतन व्यवस्था को लागू किया जाए। कर्मचारी हित में नई पेंशन नीति की जगह पुरानी पेंशन नीति को बहाल किया जाए। ठेका, फिक्स टर्म, आउटसोर्स व ठेका प्रणाली की शोषण वाली व्यवस्था को समाप्त करके नियमित रोजगार दिया जाए।
श्री सोनी ने कहा कि केन्द्र सरकार की कार्यप्रणाली की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि यह सरकार हर मोर्चे पर नाकाम साबित हो रही है। सरकारी खजाने को भरने के लिए लोगों से पेट्रोलियम पदार्थों जैसे पेट्रोल-डीजल-रसोई गैस के मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम निम्नतम स्तर पर होने के बाद भी लोगों के ऊपर महंगाई का बोझ डाला जा रहा है। खाद्य सामग्री के दाम भी कई गुना बढ़ चुके हैं। इस कारण आम-आदमी के लिए अपने परिवार का उदर-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
मालूम हो कि धरना-प्रदर्शन के पूर्व हीरा खनन परियोजना के दोनों श्रमिक संगठनों एमपीआरएचकेएमएस के महामंत्री एवं पीएचकेएमएस के महामत्री भोला प्रसाद सोनी एवं अन्य पदाधिकारियों के द्वारा संयुक्त रूप से 20 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन एमएमडीसी लिमिटेड, हीरा खनन परियोजना मझगवाँ के मुख्य महाप्रबंधक एस. के. जैन को सौंपा गया। इस ज्ञापन के ही जरिए राष्ट्रव्यापी हड़ताल में जाने की सूचना प्रबंधन को दी गई। बीस सूत्रीय ज्ञापन में राष्ट्रव्यापी हड़ताल से संबंधित अहम मांगों के 16 बिन्दु शामिल हैं।
इसके आलावा ज्ञापन के चार बिन्दुओं में स्थानीय मुद्दों को शामिल किया गया है। जिसमें हीरा खनन परियोजना के नियमित संचालन की प्रक्रिया को दिसम्बर 2020 के उपरान्त भी खनन कार्य अनवरत और निर्बाध रूप से चालू रखने की माँग को प्रमुखता से उठाया गया है। इसके आलावा परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, एनएमडीसी में यथाशीघ्र कर्मचारियों की भर्ती करने तथा कोरोना महामारी से मृत व्यक्ति के परिवार के किसी एक सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति एवं पीड़ित परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

