* समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित कराने कार्यपालन यंत्री ने की सख्ती
* कार्रवाई की जद में आए ठेकेदारों में जबरदस्त हड़कंप
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) लोक निर्माण विभाग संभाग पन्ना में सड़क निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर अब सख्ती का दौर शुरू हो गया है। तय समयसीमा में गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण कराने को लेकर कार्यपालन यंत्री जे.पी. सोनकर द्वारा लगातार की जा रही कठोर कार्रवाई से विभागीय ठेकेदारों में जबरदस्त हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि सड़क निर्माण और गारंटी पीरियड वाली सड़कों के संधारण कार्यों में लगातार लापरवाही बरतने वाले लगभग दो दर्जन संविदाकारों के विरुद्ध चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई है। इनमें बैंक गारंटी राजसात करना, अनुबंध समाप्त और ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई शामिल है।
बैंक गारंटी राजसात कर लाखों रुपये लोनिवि खाते में जमा
प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यपालन यंत्री द्वारा 8 लापरवाह ठेकेदारों की बैंक गारंटी (सुरक्षा निधि) राजसात कर संबंधित बैंकों से जमा राशि पीडब्ल्यूडी खाते में अंतरित करा ली गई है। विभाग द्वारा जिन कार्यों में यह कार्रवाई की गई उनमें मोहन्द्रा-रैपुरा मार्ग के नवीनीकरण कार्य में मेसर्स श्री बिल्डअप प्राइवेट लिमिटेड छतरपुर की 11 लाख 11 हजार 847 रुपये, अमानगंज-गुनौर-सुवंशा मार्ग के नवीनीकरण कार्य में मेसर्स व्ही.एस. कंस्ट्रक्शन सतना की 15 लाख 31 हजार 686 रुपये, शाहनगर-हरदुआ-ठेपा बोरी मार्ग के मजबूतीकरण कार्य में मेसर्स पूजाबोर वेल्स की 12 लाख 91 हजार रुपये, मोहन्द्रा-गोल्ही-पलोही मार्ग की ठेका कंपनी मेसर्स आरएसव्ही इंफ़्रा तथा कृष्णा कल्याणपुर से दहलानचौकी वाया रानीपुर मार्ग के नवीनीकरण कार्य में मेसर्स जयमहाकाल कंस्ट्रक्शन की 8 लाख 96 हजार 168 रुपये की सुरक्षा निधि राजसात की गई है। इसके अलावा सुनहरा पहुंच मार्ग, गांधीग्राम पहुंच मार्ग तथा गांधीग्राम से रानीपुर पहुंच मार्ग के कार्यों में ठेकेदार संतोष कुमार गुप्ता की भी बैंक गारंटी राशि राजसात की गई है। इस तरह अब तक कुल 8 ठेकेदारों की 50 लाख 39 हजार 171 रुपए की बैंक गारंटी राशि राजसात की गई है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक संबंधित ठेकेदारों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि तय समयसीमा में कार्य पूर्ण नहीं किए गए तो विभाग शेष कार्यों के लिए नई निविदाएं जारी करेगा तथा भुगतान संबंधित ठेकेदारों की सुरक्षा निधि से किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई का सीधा असर संबंधित फर्मों की साख और भविष्य के अनुभव प्रमाण-पत्रों पर पड़ेगा। यही वजह है कि बैंक गारंटी राजसात होते ही कई ठेकेदार अधूरे पड़े कार्यों को पूरा कराने में जुट गए हैं।



इसके अलावा कार्यपालन यंत्री द्वारा 9 ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट (Blacklist) करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। जिन कार्यों के संबंध में मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग परिक्षेत्र सागर को प्रस्ताव भेजे गए हैं उनमें अमानगंज-गुनौर मार्ग से तुन्ना-मेहंदवा मार्ग, ग्राम करिया से महोड़खुर्द मार्ग, मोहन्द्रा-गोल्ही-पलोही मार्ग, मोहन्द्रा-रैपुरा मार्ग, देवेंद्रनगर-सलेहा मार्ग, मकरंदगंज से बरबसपुर मार्ग, पवई-इटांय-मैहर मार्ग, खमरिया-अतरहाई से रीठी मार्ग तथा सिंहपुर-धरमपुर से मझपुरवा मार्ग शामिल हैं। इन कार्यों से जुड़े ठेकेदारों में मेसर्स रतन बिल्डर्स बांदा उत्तर प्रदेश, मेसर्स आर.के. ट्रेडर्स प्रोप्राइटर ऋषिकांत नगायच पवई जिला पन्ना, मेसर्स आरएसव्ही इंफ्रा कांट्रेक्टर, मेसर्स श्री बिल्डअप प्राइवेट लिमिटेड छतरपुर, कौशल प्रसाद पटेल रीवा, मेसर्स मारुति नंदन नागौद जिला सतना, मेसर्स दिग्विजय कंस्ट्रक्शन कंपनी शहडोल, मेसर्स राधा वल्लभ ट्रेडर्स शाहनगर जिला पन्ना तथा मेसर्स शारदा कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स इंद्रपुरी कॉलोनी पन्ना के नाम शामिल हैं। जानकारों का कहना है कि यदि किसी ठेकेदार अथवा फर्म का पंजीयन काली सूची में दर्ज हो जाता है तो उसे भविष्य में सरकारी कार्यों के ठेके मिलना लगभग असंभव हो जाता है। यही वजह है कि कार्यपालन यंत्री जे.पी. सोनकर की इन सख्त कार्यवाहियों के बाद लापरवाह ठेकेदारों में भारी बेचैनी देखी जा रही है। विभागीय हलकों में यह भी चर्चा है कि लंबे समय बाद पीडब्ल्यूडी में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर इतनी सख्त कार्रवाई देखने को मिली है। माना जा रहा है कि ठेकेदार अब कार्य अनुबंध शर्तों एवं विभागीय निर्देशों को हल्के में लेने की गलती नहीं करेंगे।


