निरीक्षण के दौरान रेलवे संरक्षा आयुक्त ने रेल पथ, पुल-पुलियाओं, सिग्नल एवं दूरसंचार प्रणाली, विद्युत अधोसंरचना तथा परिचालन व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। इसके बाद देवेन्द्रनगर से फुलवारी तक 12 डिब्बों वाली विशेष निरीक्षण ट्रेन को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाकर ट्रैक की गुणवत्ता, मजबूती और सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा। देवेन्द्रनगर स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं और परिचालन व्यवस्थाओं का भी विस्तृत अवलोकन किया गया। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कुछ समय पहले ही नागौद से फुलवारी रेल खंड पर सफल ट्रायल रन के साथ पहली बार ट्रेन पन्ना जिले की सीमा तक पहुंची थी। अब देवेन्द्रनगर तक रेल पहुंचने से परियोजना ने एक और महत्वपूर्ण मुकाम हासिल कर लिया है।
पन्ना जिले में रेल लाने की मांग नई नहीं है। क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, व्यापारिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों ने कई दशकों तक रेल संपर्क के लिए लगातार आवाज उठाई। लंबे संघर्ष, जनआंदोलनों और लगातार किए गए प्रयासों के बाद ललितपुर-सिंगरौली नई रेल लाइन परियोजना को गति मिली। बुधवार को जब निरीक्षण विशेष ट्रेन देवेन्द्रनगर स्टेशन पहुंची तो क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। लोगों ने इसे पन्ना के विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि फुलवारी-देवेन्द्रनगर रेल खंड शुरू होने से क्षेत्रीय रेल संपर्क और मजबूत होगा। इससे पन्ना तथा आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से हीरा नगरी पन्ना और आसपास के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने का मार्ग प्रशस्त होगा।