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अवैध फर्नीचर निर्माता के ठिकाने पर छापा, सागौन समेत मिनी आरा मशीन जप्त

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छापामार कार्यवाही में जप्त सागौन चिरान एवं कार्यवाही को अंजाम देने वाले उत्तर वन मण्डल पन्ना के अधिकारी-कर्मचारी।

जंगल में जारी बेतहाशा अवैध कटाई का वन विभाग की कार्यवाही से हो रहा खुलासा

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के जंगलों में सागौन समेत दूसरे पेड़ों का कत्लेआम बड़े पैमाने पर जारी है। आये दिन सामने आ रहीं अवैध कटाई की ख़बरें और वन विभाग के छापों में जप्त होने वाली सागौन की मात्रा इस बात का प्रमाण है। पन्ना के आसपास लम्बे समय से सक्रिय सागौन तस्करों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए उत्तर वन मंडल के द्वारा लगातार छापामार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार 28 जनवरी 2022 को वन विभाग की टीम के द्वारा पन्ना के आगरा मोहल्ला में स्थित छोटे खान के घर पर छापामार कार्यवाही की गई। जिसमें बड़ी मात्रा में अवैध सागौन एवं एक मिनी आरा मशीन जप्त की गई।
जप्तशुदा सागौन की अनुमानित कीमत 1 लाख रुपए बताई जा रही है। मालूम हो कि महज पखवाड़े भर के अंदर पन्ना में अवैध फर्नीचर निर्माताओं के खिलाफ यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इसके पूर्व आगरा मोहल्ला में ही उत्तर वन मण्डल की टीम ने पच्चू खरे के घर से बड़ी मात्रा में सागौन की अवैध लकड़ी और मिनी आरा मशीन जप्त की थी। उत्तर वन मंडल पन्ना डीएफओ गौरव शर्मा ने बताया कि सागौन के अवैध व्यापार में शामिल फर्नीचर निर्माताओं, तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। शुक्रवार को की गई कार्यवाही में उत्तर वन मण्डल के अधिकारी-कर्मचारी सहित पन्ना टाइगर रिजर्व का अमला और पुलिस बल शामिल रहा।
अवैध फर्नीचर निर्माता के ठिकाने पर संचालित मिनी आरा मशीन को दिखाते हुए वनकर्मी।
उल्लेखनीय है कि वन विभाग की छापमार कार्रवाई के बीच पन्ना के जंगलों में सागौन की अवैध कटाई थमने का नाम नहीं ले रही है। इसका मुख्य कारण जंगल की सुरक्षा में तैनात मैदानी अमला सुरक्षा श्रमिक, बीटगार्ड, वन समितियां अपने दायित्वों के निर्वहन को लेकर ईमानदार नहीं है। स्थिति यह है कि अधिकाँश बीट गार्ड जंगल में स्थित वन चौकी/वनरक्षक आवास में निवास न करके अपने परिवार के साथ जिला मुख्यालय/रेन्ज मुख्यालय में रहते हैं। बीटगार्डों ने जंगल की सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षा श्रमिकों के भरोसे छोड़ रखी है। उत्तर वन मण्डल के अंतर्गत आने वाले जंगलों में अवैध कटाई के साथ अन्य वन अपराध जैसे- हीरों का अवैध खनन. वन्यजीवों के शिकार तथा वन भूमि पर अतिक्रमण की समस्या भी काफी चिंताजनक और गंभीर है। लेकिन इन तमाम चुनौतियों का मुकाबला प्रभावी तरीके से नहीं किया जा रहा है।

हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा

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फाइल फोटो।

*   प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना ने सुनाया फैसला

पन्ना। (www.radarnews.in) प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना उपेन्द्र कुमार सिंह ने नारायण आदिवासी (गौंड़) 40 वर्ष निवासी दरेरा की हत्या के आरोपी हिम्मत सिंह पिता पूरन सिंह 30 वर्ष निवासी मड़ैयन थाना मड़ला जिला पन्ना को दोषी मानते हुये आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दो हजार रूपये के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया है। अर्थदण्ड की राशि अदा न करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगताये जाने का आदेश न्यायालय ने दिया है।
जिला लोक अभियोजक किशोर श्रीवास्तव ने अभियोजन के मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 16 दिसम्बर 2019 की रात्रि लगभग 9 बजे ग्राम ककरी थाना सलेहा में पत्थर खदान के पास बनी टपरिया में फरियादी विद्या बाई भोजन तैयार कर अपने पति नारायण आदिवासी के साथ टपरिया में थी, तभी हिम्मत सिंह गौंड़ वहां आया और नारायण से लड़ाई-झगड़ा करते हुए बुरी-बुरी गालियां देने लगा। विद्या बाई और नारायण ने गाली देने से मना किया तो आरोपी हिम्मत ने टायर के लीवर से नारायण आदिवासी के सिर पर इरादतन प्रहार किया। जिससे घायल नारायण आदिवासी जमीन पर गिर कर बेहोश हो गया। इलाज के दौरान रीवा मेडीकल कॉलेज नारायण की मौत हो गई थी। जिस पर थाना सलेहा में हत्यारोपी हिम्मत सिंह के विरुद्ध अपराध क्रमांक-336/2019 पंजीबद्ध कर प्रकरण की विवेचना उपरांत चालान न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
सांकेतिक चित्र।
प्रकरण के विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय के समक्ष साक्षियों के कथन कराये गए। साक्षियों के कथन एवं समग्र परिस्थितियों की श्रृंखला में अभियोजन के प्रकरण को युक्तियुक्त संदेह से परे मानते हुये प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना उपेन्द्र कुमार सिंह ने मृतक नारायण आदिवासी (गौंड़) निवासी दरेरा की हत्या के आरोपी हिम्मत सिंह पिता पूरन सिंह निवासी मड़ैयन को दोषसिद्ध मानते हुये आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

बूथ विस्तारक योजना भाजपा का सबसे बड़ा अभियान : शर्मा

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*    भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने पन्ना जिले के दूरस्थ पोलिंग बूथ समिति की ली बैठक

पन्ना। (www.radarnews.in) भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने आज पन्ना जिले की गुनौर विधानसभा के सलेहा मंडल अंतर्गत ग्राम कुलगवां मड़ैयन में बूथ पर पहुंचकर पोलिंग बूथ समिति की बैठक ली। इस अवसर उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अभी तक जितने भी अभियान हाथ में लिए हैं उन सभी में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। कुशाभाऊ ठाकरे जी की जन्म शताब्दी वर्ष में शुरू होने वाली बूथ विस्तारक योजना राजनीतिक इतिहास में अभी तक का पार्टी का सबसे बड़ा अभियान है। इस अभियान के माध्यम से हमारे बूथ डिजिटल तो होंगे ही साथ ही संगठन का कार्य विस्तार भी होगा। “संगठन एप्प” बूथ को डिजिटल बूथ बनाने में महत्वपूर्ण कड़ी है।
श्री शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र व प्रदेश सरकार ने जन कल्याणकारी योजनाएं बनाई है, उनका लाभ बूथ तक पहुंचे, हमारा बूथ मजबूत हो इसके लिए हम सब कार्यकर्ताओं को मिलकर काम करना है। बूथ समिति में महिलाएं व सभी वर्गों के लोग सम्मलित हो यही हमारी मंशा है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने बूथ विस्तारक योजना के तहत कुलगवां मड़ैयन ग्राम में करीब 10 घण्टे का समय देकर दूरस्थ आदिवासी अंचल में भाजपा संगठन और बूथ स्तरीय समिति को मजबूत बनाने का कार्य किया।
भारतीय जनता पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी दुर्गेश शिवहरे ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश द्वारा कुशाभाऊ ठाकरे जी के जन्मशताब्दी वर्ष को संगठन पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। जिसके तहत 20 से 30 जनवरी के बीच बूथ विस्तारक योजना का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 20 हजार बूथ विस्तारक प्रदेश के लगभग 65 हजार बूथों को सशक्त, सक्षम व डिजिटल बनाने के लिए निकलेंगे।

हनुमान जी की क़सम देकर रिश्वत लेने वाले पटवारी को लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

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*   पन्ना जिले के शाहनगर क़स्बा में की गई कार्रवाई

*   सीमांकन करने के एवज में किसान से ली तीन हजार रुपए की घूस

*   जिले के सरकारी कार्यालयों में घूसखोरी और भ्रष्टाचार हावी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने गुरुवार को पन्ना जिले के शाहनगर क़स्बा में दबिश देकर पटवारी मनोज शुक्ला को एक किसान से 3 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। घूसखोरी से परेशान किसान लड्डू सिंह की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस के द्वारा ट्रैप कार्रवाई को पटवारी के आवास पर अंजाम दिया गया। शाहनगर तहसील के हल्का नंबर-06 पदस्थ पटवारी मनोज शुक्ला ने किसान लड्डू सिंह से उसके निर्माणाधीन मकान के सीमांकन की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के एवज में पांच हजार रुपये बतौर रिश्वत की मांग की थी। लोकायुक्त पुलिस के द्वारा पटवारी को घूस लेते हुए गिरफ्तार करने की खबर आते ही शाहनगर तहसील मुख्यालय समेत समूचे जिले के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। रिश्वत लिए बगैर कोई काम न करने वाले और भ्रष्टाचार में आकण्ठ डूबे सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों की धड़कनें तेज हो गईं। पन्ना जिले में नव वर्ष 2022 में लोकायुक्त पुलिस की यह पहली ट्रैप कार्रवाई है।

आख़िरी दिन चरम पर रही अंधेरगर्दी, लक्ष्मीपुर केन्द्र पर सैंकड़ों क्विंटल अमानक स्तर की धान की हुई तुलाई

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*   सर्वेयर ने दवाब में आकर घटिया धान की तौल कराना स्वीकारा

*   सवाल पूंछने पर बोला- आप निश्चिंत रहें, मैं घटिया धान को रिजेक्ट कर दूंगा

*   यूपी से आयातित घटिया धान की किसानों के फर्जी पंजीयन पर खरीदी की चर्चा

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) भ्रष्टचार और घूसखोरी के लिए बदनाम अति पिछड़े पन्ना जिले में धान की सरकारी खरीदी में इस बार शुरू से ही गड़बड़ी हावी रही। लेकिन, धान उपार्जन के आखिरी दिन शनिवार 15 जनवरी को अंधेरगर्दी अपने चरम पर पहुँच गई। इसकी बानगी जिला मुख्यालय की नजदीकी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति लक्ष्मीपुर के धान खरीदी केन्द्र अर्चना वेयर हाउस कृष्णा-कल्याणपुर में देखने को मिली। जहां अंतिम दिनों में बड़े पैमाने पर अमानक स्तर की धान खरीदी का खेल हुआ। एफ़एक्यू के मानकों को ठेंगा दिखाकर सैंकड़ों क्विंटल घटिया क्वॉलिटी का धान खरीदा गया और तौल कराई गई। मामला मीडिया के संज्ञान में आने पर धान खरीदी की धांधली पर पर्दा डालने की कवायद तेज हो गई। केन्द्र पर नागरिक आपूर्ति निगम के सैंकड़ों बारदानों में रखी घटिया धान की तौल होने के बाद अब उसे रिजेक्ट करने की बात कही जा रही है। कमोबेश इसी तरह की अनियमितताएं जिले के अन्य धान उपार्जन केन्द्रों में की गई हैं।
लक्ष्मीपुर समिति के धान खरीदी केन्द्र अर्चना वेयर हाउस कृष्णा-कल्याणपुर में शनिवार को बड़ी मात्रा में गुणवत्ता विहीन धान की खरीदी होने की सूचना मिलने पर पन्ना से मीडिया कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। इस दौरान केन्द्र के मुख्य गेट पर ताला जड़ा मिला। और बाहर सड़क के दोनों तरफ खड़े दो दर्जन से अधिक वाहनों में हजारों क्विंटल धान लोड थी। जोकि केन्द्र का गेट खुलने पर धान को अनलोड कर बिक्री के लिए उसकी तौल कराने अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे थे। हालाँकि, कतिपय लोग बाहर की तरफ से ट्रेक्टर-ट्रॉली को गेट से सटाकर बमुश्किल अपनी धान को केन्द्र पर भंडारित करने की जद्दोजहद में जुटे थे।
वहीं केन्द्र के अंदर वेयर हाउस प्रांगड़ में बड़ी मात्रा में रखी धान की तीन अलग-अलग स्थानों पर कथित तौर पर किसानों की बोरियों से सीधे नागरिक आपूर्ति निगम के बारदानों में पलटी करके तुलाई की जा रही थी। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि, धान की तौल के बाद सिलाई के लिए रखे सैकड़ों बारदानों में बेहद ही घटिया किस्म की धान भरी मिली। मीडिया कर्मियों ने जब उसे अपने कैमरों में कैद करना शुरू किया तो धान उपार्जन केन्द्र के अमले और वहाँ मौजूद संदिग्ध किसानों में जबरदस्त हड़कंप मच गया।
केन्द्र प्रभारी की अनुपस्थिति में खरीदी की जिम्मेदारी सम्भाल रहे नागरिक आपूर्ति निगम के सर्वेयर से अमानक स्तर की धान खरीदने को लेकर सवाल पूंछने पर उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते हुए सारा दोष किसानों पर ही मढ़ दिया। सर्वेयर ने बड़े पैमाने पर अमानक स्तर की धान की तौल होने की बात कैमरे पर स्वीकार करते हुए अपनी सफाई में बताया कि मेरे ऊपर दवाब बनाकर किसानों ने जबरदस्ती तौल कराई है, लेकिन आप निश्चिंत रहें तौल होने के बाद भी मैं घटिया धान नहीं खरीदूंगा उसे रिजेक्ट कर दूंगा।
सर्वेयर से जब यह पूंछा गया कि अमानक धान की मात्रा कुल कितनी है और वह किन-किन किसानों की है? सवाल के जवाब में उसने बताया कि संबंधित किसान तौल कराकर अपना पंजीयन समेत अन्य दस्तावेज लेने घर चले गए हैं। सर्वेयर का यह ज़वाब न सिर्फ असंतोषजनक है बल्कि कई सवालों को जन्म देने और धान खरीदी में हुई धांधली की आशंकाओं को बल देने वाला है। मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर मीडिया कर्मियों के द्वारा मौके से ही अमानक स्तर की धान खरीदी की जानकारी मोबाइल पर नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक को दी गई।
एफ़एक्यू के मानकों की अनदेखी करके घटिया क्वॉलिटी की धान की तौल कराने को लेकर कृष्णा-कल्याणपुर केन्द्र पर यह चर्चा रही कि, उक्त धान किसानों की नहीं बल्कि अनाज व्यापारियों की है। कथित तौर पर पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से आयात करके लाई गई घटिया धान को किसानों के फर्जी पंजीयन पर बेंचने की कोशिश की जा रही थी। दरअसल, धान उपार्जन से जुड़े विभिन्न विभागों के अफसरों, व्यापारियों और खरीदी केन्द्र प्रभारियों की मिलीभगत से धान उपार्जन में धांधली का खेल इस बार बड़े पैमाने पर खेला गया है।
सूत्रों की मानें तो उत्तर प्रदेश से लाकर बेंची जाने वाली धान में प्रति क्विंटल 300 से 200 रुपए तक की बचत होती है। जिसमें लगभग 100 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से राशि विभिन्न स्तर पर कमीशन के तौर पर देनी पड़ती है। बताते चलें कि शनिवार 15 जनवरी की दोपहर तक यानी कि अंतिम तारीख तक लक्ष्मीपुर समिति के धान खरीदी केन्द्र अर्चना वेयर हाउस कृष्णा-कल्याणपुर में 12 हजार क्विंटल धान खरीदी जा चुकी थी। जबकि रिजेक्ट की गई धान की मात्रा सिर्फ 40 क्विंटल रही है।

युवा सकारात्मक जीवन शैली अपनाकर समाज और संसार नई को दिशा दें : ब्रह्माकुमारी बहन जी

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"सकारात्मक जीवन शैली" विषय पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
  •    राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवाओं ने लिया व्यसन मुक्त जीवन जीने का संकल्प

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) युवा उत्साह, ऊर्जा और गतिशीलता का झरना है। यह युवा ही हैं जो हमारे देश की विरासत को आगे बढ़ाने वाले हैं। युवा ही देश को विकास और उपलब्धियों की नई ऊंचाईयों को हांसिल करने में मदद करेंगे। लेकिन, अगर यह युवा दिशाहीन हो जाता है तो उस देश का भाग्य अंधेरे में ही होगा। ऐसा राष्ट्र प्रगति नहीं कर सकता है। इसलिए हमारे युवाओं को सही दिशा देना बहुत महत्वपूर्ण है। आज समय की आवश्यकता है कि, युवा शक्ति का सही व रचनात्मक रूप से दिशा-निर्देशन किया जाये ताकि वे समाज और संसार को बेहतर एवं मूल्यनिष्ठ बनाने के योग्य बन सकें। यह विचार ब्रह्माकुमारी सीता बहन जी ने व्यक्त किये। वे राष्ट्रीय युवा दिवस एवं स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहीं थीं।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, पन्ना में बुधवार 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस एवं स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य पर “सकारात्मक जीवन शैली” विषय पर एक कार्यक्रम आयोजित गया। इस कार्यक्रम में डॉ. देवव्रत सिंह, सुनील श्रीवास्तव, मनोज मिश्रा, अजय राय एवं समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, पन्ना की प्रमुख बीके सीता बहनजी ने कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए युवाओं में छिपी असीम संभावनाओं, उनकी मौजूदा चिंताजनक स्थिति और युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा में ले जाने की आवश्यकता पर विशेष जोर देते हुए इससे होने बदलाव के संबंध में विस्तारपूर्वक बताया।
बहन जी ने कहा कि, आज हम बाह्य जगत में तो बहुत आगे होते जा रहे हैं परन्तु आंतरिक जगत में बहुत कमजोर हो गये हैं। युवा वर्ग देश के रीढ़ की हड्डी होते हैं। अगर रीढ़ की हड्डी ही रोगी हो जाये तो फिर हमारा शरीर सीधा जुड़ा नहीं रह सकता और ना ही उसका विकास हो सकता है। युवाओं में मूल्यनिष्ठ, दिव्य संस्कार की आज आवश्यकता है। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय सम्पूर्ण विश्व में शांति स्थापित करने का कार्य कर रहा है। आपने युवाओं से आव्हान करते हुए कहा कि, इस शुभ कार्य में हे युवा जागो, उठो फिर से अपने प्यारे भारत को विश्व गुरू के सिंहासन पर आसीन करो।
बहनजी ने आगे समझाते हुये बताया कि, समाज में युवा का स्थान बहुत ही महत्वपूर्ण है। युवा में अनेक प्रकार की योग्यतायें हैं जैसे शारीरिक शक्ति, बौद्धिक क्षमता और रचनात्मक मन। उनमें चुनौतियों का सामना करने की अत्याधिक हिम्मत व साहस, मुश्किलों को पार करने की दृढ़ता, नई-नई खोज करने की तमन्ना और विशेष कार्य करने का उत्साह होता है।
बहन जी के विचारों से प्रेरित होकर व्यसन मुक्त जीवन जीने का संकल्प लेते हुए कार्यक्रम में उपस्थित युवा।
लेकिन बड़े खेद से कहना पड़ता है कि, वास्तविकता कुछ और है। आज युवा अनेक प्रकार के व्यसनों से ग्रसित है। गलत तथा अनैतिक कार्यों में शामिल होकर, वह अपनी शक्तियों का हृास कर रहा है। वह बुरी आदतों तथा सांसारिक प्रलोभनों का शिकार बनता जा रहा है। इन सब का प्रभाव उस पर इस तरह पड़ रहा है जैसे आंधी और तूफान का दीपक पर। इसी कारण युवा जो आशा का दीपक है, वह चिराग बुझता हुआ नजर आ रहा है। समय की आवश्यकता है कि, युवा शक्ति का सही व रचनात्मक रूप से दिशा-निर्देशन किया जाये ताकि वे समाज और संसार को बेहतर एवं मूल्य निष्ठ बनाने के योग्य बन सकें।
बहनजी ने सभी युवाओं को सात्विक जीवन शैली के बारे में समझाया। युवा वह जो चरित्रवान-गुणवान हो, जिसके आचार-विचार ऊंचे वह श्रेष्ठ एवं शक्तिशाली हो। आध्यात्मिक सशक्तिकरण से हमारे अन्दर नैतिक बल जागृत होता है जिससे हम अपना जीवन एक श्रेष्ठ दिशा की ओर ले जा सकते हैं। अनेक कहानियों के माध्यम से युवाओं को उनके जीवन को सम्पूर्णता की ओर ले जाने के लिए मार्गदर्शन किया गया। अंत में कार्यक्रम में उपस्थित सभी युवाओं ने व्यसन मुक्त जीवन जीने का संकल्प लिया। साथ ही उनके द्वारा कार्यक्रम की सराहना की गई।

कोविड-19 के रोगियों को डिस्चार्ज करने के संबंध में संशोधित निर्देश जारी

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सांकेतिक फोटो।
भोपाल। (www.radarnews.in) केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से प्राप्त गाइड-लाइन्स के आधार पर कोविड-19 के रोगियों को डिस्चार्ज करने के संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश सभी कलेक्टर्स और सीएमएचओ को दिये गये हैं। स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने बताया कि संशोधित डिस्चार्ज नीति कोविड-19 के संशोधित प्रबंधन, प्रोटोकॉल्स, होम आइसोलेशन गाइड-लाइन और कोविड-19 स्ट्रेटजी के अनुपालन में तैयार की गई है। साथ ही तय किया गया है कि मध्यम लक्षण वाले कोविड-19 रोगियों को डेडीकेटेड कोविड-19 हेल्थ सेंटर पर भर्ती किया जाये।
जारी निर्देशों में कोविड-19 के मंद लक्षण वाले रोगी होम आइसोलेशन में रहेंगे, जिनकी नियमित रूप से निगरानी की जायेगी। रोगी के पॉजिटिव पाए जाने के सातवें दिन डिस्चार्ज किया जायेगा और यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि पिछले 3 दिनों में रोगी को लगातार बुखार नहीं आया है। डिस्चार्ज से पूर्व कोविड जाँच की आवश्यकता नहीं होगी।
कोविड-19 के ऐसे रोगी, जिनके लक्षणों में सुधार हो रहा है। ऑक्सीजन सेचुरेशन 93 प्रतिशत 3 दिन तक लगातार पाया जाता है और ऑक्सीजन सपोर्ट की आवश्यकता नहीं पड़ती है। साथ ही यदि कोई कोमार्बिडिटी है, परंतु उसके कारण कोई जटिलता नहीं है, उस स्थिति में ऐसे रोगियों को चिकित्सा प्रदान करने वाले मेडिकल ऑफिसर द्वारा डिस्चार्ज किया जा सकता है। डिस्चार्ज के पहले कोविड-19 की जाँच की आवश्यकता नहीं होगी।
ऐसे रोगी, जिनके लक्षणों में सुधार परिलक्षित नहीं हुआ और ऑक्सीजन की आवश्यकता निरंतर बनी रहती है, उन्हें उपचार देने वाले चिकित्सक द्वारा क्लीनिकल लक्षणों में सुधार होने, बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के 3 दिन तक लगातार ऑक्सीजन सेचुरेशन मेंटेन रहने और कोमार्बिलिटी में जटिलता नहीं होने पर डिस्चार्ज किया जायेगा। कोविड-19 के गंभीर रोगी, जिनमें एचआईवी पेशेंट, ट्रांसप्लांट थैरेपी और कैंसर रोगी, जो इम्यूनोकॉम्प्रोमाइज्ड सम्मिलित हैं, को डिस्चार्ज का क्राइटेरिया रोगी के क्लीनिकल सुधार और उपचार करने वाले चिकित्सक पर निर्भर करेगा।
डिस्चार्ज के बाद सभी कोविड-19 रोगी अपने स्वास्थ्य की निगरानी अगले 7 दिन तक करेंगे और मास्क पहनेंगे। डिस्चार्ज के बाद यदि रोगी को बुखार, खाँसी या श्वांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण उत्पन्न होते हैं और यह लक्षण लगातार बने रहते हैं, ऐसी स्थिति में रोगी को चिकित्सक से तत्काल सम्पर्क कर क्लीनिकल मार्गदर्शन लेना चाहिये। रोगी जिले के कोविड-19 कंट्रोल सेंटर की हेल्पलाइन पर सम्पर्क कर सकता है। स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने कोविड-19 रोगियों के डिस्चार्ज संबंधी संशोधित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिये सभी कलेक्टर्स और सीएमएचओ को कहा है।

मध्यप्रदेश के युवा अब नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे हैं : शिवराज

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कुशाभाऊ ठाकरे हॉल में रोजगार दिवस पर हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति-पत्र/चेक प्रदान किये।

*   सीएम बोले, बीते दो माह में सवा पाँच लाख युवाओं को मिला रोजगार

*   प्रदेश में प्रत्येक माह मनाया जाएगा रोजगार दिवस

भोपाल। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आत्म-निर्भर भारत और आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में युवा महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगे। रोजगार आज एक प्रमुख आवश्यकता है। मध्यप्रदेश में बीते दो माह में सवा पाँच लाख युवाओं को विभिन्न योजनाओं में रोजगार और वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्म-निर्भर बनने का अवसर दिया गया है। प्रतिमाह एक लाख लोगों को रोजगार से जोड़ने और आर्थिक उन्नयन का लाभ देने के लक्ष्य के मुकाबले दोगुनी उपलब्धि प्राप्त हुई है। प्रतिमाह ढाई लाख लोगों को लाभान्वित करने में सफलता मिली है। अब प्रत्येक माह रोजगार दिवस मनाया जाएगा। हमारे नौजवानों को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार मिले, इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। मध्यप्रदेश के नौजवान अब नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में रोजगार दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। स्वामी विवेकानंद जयंती, राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वामी विवेकानंद की तस्वीर के समक्ष दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री श्री ओम प्रकाश सखलेचा, विधायक श्रीमती कृष्णा गौर तथा म.प्र. कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड के अध्यक्ष श्री शैलेंद्र शर्मा भी उपस्थित थे।

योजनाओं में मिला लाभ

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश को आत्म-निर्भर बनाने की दिशा में प्रयास बढ़ाए गए हैं। गत 15 नवम्बर 2021 से 12 जनवरी 2022 की अवधि में प्रदेश में 5 लाख 26 हजार 510 युवाओं को लाभान्वित करने का ठोस कार्य हुआ है। हमारा प्रयास ऐसी शिक्षा प्रदान करना है, जो रोजगार भी उपलब्ध करवाए। नई शिक्षा नीति में भी संपन्न भारत के निर्माण की कल्पना है। कक्षा 6वीं से व्यावसायिक शिक्षा के प्रावधान से यह स्पष्ट होता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि युवाओं के हाथ में कौशल हो और उन्हें जीविका मिले, यह बहुत आवश्यक है। मध्यप्रदेश के नौजवान अब नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे हैं। वास्तव में युवा नया इतिहास रच सकते हैं।

बेकलॉग के पदों की पूर्ति

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रदेश में बेकलॉग के पदों की पूर्ति और नवीन पदों पर नियुक्तियों के लिए चयन प्रक्रिया चल रही है। आयुष चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, सहायक, कौशल प्रशिक्षण अधिकारी, जेल प्रहरी, उप यंत्री के पदों के साथ ही सहकारिता और अन्य विभाग में पदों पर चयन के लिए कार्यवाही की जा रही है।

कोर्ट के आदेश के बाद जनपद पंचायत अध्यक्ष का पुनः संभाला पदभार

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जनपद पंचायत अध्यक्ष अजयगढ़ का पुनः पदभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय।

*   पन्ना कलेक्टर के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट ने जारी किया स्थगन आदेश

*   कांग्रेस नेता ने पदभार संभालते ही सत्ता पक्ष व जिला प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

पन्ना/अजयगढ़ (www.radarnews.in) जिले की जनपद पंचायत अजयगढ़ के पूर्व अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय के विरुद्ध कलेक्टर एवं विहित प्राधिकारी पन्ना के द्वारा मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम धारा 40 की उपधारा (1) के तहत कार्यवाही करते हुए पद से पृथक करने एवं चुनाव लड़ने पर 6 वर्ष तक के लिए रोक लगाने संबंधी पारित आदेश पर उच्च न्यायालय जबलपुर ने रोक लगा दी है। उच्च न्यायालय ने कलेक्टर के फैसले के विरुद्ध याचिकाकर्ता भरत मिलन को फौरी तौर पर राहत देते हुए स्थगन आदेश जारी किया है। हाईकोर्ट के आदेश के फ़लस्वरुप बुधवार 5 दिसंबर को भरत मिलन पाण्डेय ने पुनः जनपद पंचायत अध्यक्ष अजयगढ़ का पदभार ग्रहण कर लिया है।
इस अवसर पर श्री पाण्डेय ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि, अजयगढ़ क्षेत्र में हुए सैंकड़ों करोड़ के रेत खनन घोटाले की शिकायत मेरे द्वारा की गई थी। जिससे बौखलाए सत्ताधारी दल के क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के राजनैतिक दवाब में आकर पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए दुर्भावनावश मुझे पद से पृथक करने का निर्णय दिनांक 22 अक्टूबर 2021 पारित किया था। साथ ही 6 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी। कलेक्टर के द्वारा मेरे विरुद्ध धारा 40 की कार्रवाई जिस प्रकरण को आधार बनाकर की गई थी उसमें न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने दिनांक 11 दिसम्बर 2020 को पारित अपने निर्णय में मुझे दोषमुक्त कर दिया था। इसके बाद भी कलेक्टर के द्वारा मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 का दुरूपयोग करते हुए मनमाने तरीके से कार्रवाई की गई।
कांग्रेस नेता भरत मिलन का कहना है, मुझे साजिश के तहत पद से हटाकर परेशान किया गया। क्योंकि, रेत खनन घोटाले में मैंने जिला प्रशासन, क्षेत्रीय सांसद व मंत्री पर संलिप्तता के गंभीर आरोप लगाए थे। हाईकोर्ट ने इन सभी तथ्यों पर गौर करने के बाद मेरे खिलाफ की गई कार्रवाई को प्रथम दृष्टया अनुचित मानते हुए मेरे पक्ष में स्टे आर्डर दिया है। पाण्डेय ने न्यायालय पर पूर्ण भरोसा जताते हुए कहा कि आगे भी न्याय की जीत होगी। उन्होंने कहा कि, जिला प्रशासन और सत्ता पक्ष के हथकण्डों से वे डरने वाले नहीं है। अन्याय, अत्याचार खिलाफ और जनहित से जुड़े मुद्दों पर मेरा संघर्ष अनवरत जारी रहेगा।

स्मार्ट सिटी ठेकेदार की मनमानी | सीसी सड़क निर्माण के लिए पहाड़ पर वन भूमि में खोद डाली खदान

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पन्ना की पहाड़कोठी में बीएसएनएल के टावर के समीप वन भूमि पर स्मार्ट सिटी ठेकेदार के द्वारा सीसी सड़क निर्माण के लिए खोदी गई अवैध खदान।

*    वन संपदा के विनाश को नजरअंदाज करते रहे उत्तर वन मंडल पन्ना के अफसर

*    सवाल उठने पर आनन-फानन में कार्रवाई कर जप्त किया हाइवा और जेसीबी मशीन

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय में मिनी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अनेक निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। करोड़ों रूपये की लागत से निर्मित एवं निर्माणाधीन कार्यों से छोटा सा यह शहर कितना स्मार्ट बन पाएगा ! इसका पता तो समस्त कार्यों की पूर्णता के बाद ही चलेगा। लेकिन, फिलहाल स्मार्ट सिटी के कार्यों से अधिक उनमें अपनाए रहे भ्रष्टाचार के स्मार्ट तौर-तरीके चर्चा में हैं। पन्ना बस स्टैण्ड की नव निर्मित सीसी सड़क की तेजी से उखड़ती गिट्टी के साथ उधड़ती भ्रष्टाचार की परतों को ढंकने के लिए सड़क के लोकार्पण के सप्ताह भर के अंदर उसके ऊपर डामरीकरण कराने वाले ठेकेदार का अब एक नया कारनामा सामने आया है।
पन्ना की पहाड़कोठी में अटल रोड निर्माण के लिए ठेकेदार मेसर्स अतुल क़ुरारिया सतना ने नियम-कानूनों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाते हुए पहाड़ पर वन भूमि में अवैध खदान ही खोद डाली। पन्ना कलेक्टर के बंगले से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर बड़े पैमाने पर हुए इस अवैध खनन को जिले के जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की मूक सहमति प्राप्त रही है।
शायद इसीलिये निर्माण कार्य पूर्ण होने तक उत्तर वन मण्डल पन्ना के मैदानी अमले से लेकर वन अधिकारी तमाशबीन बने रहे, लेकिन जब अवैध खनन को जानबूझकर नजरअंदाज करने पर सवाल उठने शुरू हुए तो वन अधिकारियों का अचानक कर्तव्य बोध जाग उठा। खुद को वन संपदा का सजग संरक्षक साबित करने के लिए सीसी सड़क निर्माण कार्य पूर्ण होने के इन्तजार में बैठे उत्तर वन मण्डल के अफसरों ने बीते दिनों रात के अंधेरे में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ठेकेदार की मशीनरी जब्त कर ली।
वन क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर सवाल उठने पर वन विभाग के द्वारा जब्त की की गई ठेकेदार जेसीबी मशीन हाइवा।
उत्तर वन मण्डल पन्ना के उप वनमण्डलाधिकारी आरकेएस चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि, पन्ना रेन्ज की बीट पन्ना के वन कक्ष क्रमांक पी- 427 पहाड़कोठी में सीसी सड़क निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार के द्वारा अवैध खनन करने की जानकारी मिली थी, जिसे गंभीरता से लेकर दिनांक 31 दिसम्बर 2021 को रात्रि में करीब 9-10 बजे मौके पर दबिश देते हुए कार्रवाई की गई। आपने बताया, सीसी सड़क का निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार की एक जेसीबी मशीन और एक हाइवा को मौके से जब्त किया है।
अवैध खनन के मामले में ठेकेदार के कर्मचारियों के विरुद्ध वन अपराध पंजीबद्ध किया गया है। इस मामले में जब्तशुदा मशीनरी को राजसात करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसकी सूचना भी न्यायालय को भेजी जा चुकी है। एसडीओ फॉरेस्ट श्री चौहान से जब यह पूंछा गया कि, अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई इतनी देरी से क्यों की गई ! वन विभाग के ऊपर प्रत्यक्ष-परोक्ष तौर पर क्या कोई दवाब था? उन्होंने इन सवालों का खुलकर कोई उत्तर न देते हुए सिर्फ इतना ही कहा कि, आप सब जानते हैं।

साहब की नाराजगी की फ़िक्र, पदीय दायित्व की नहीं !

मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी लिमिटेड भोपाल के द्वारा मिनी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पन्ना की पहाड़कोठी में अटल पार्क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। ऊंची पहाड़ी पर वन भूमि में निर्माणधीन इस पार्क तक लोगों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए एक करोड़ इकतालीस लाख से अधिक की लागत से अटल रोड का निर्माण कार्य कराया गया है। उक्त निर्माण कार्यों को लेकर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने विशेष दिलचस्पी दिखाई है। जिसका अनुचित लाभ उठाते हुए ठेकेदार ने सीसी सड़क निर्माण के लिए नियम-कानूनों को धता बताते हुए पहाड़ की चोटी पर वन भूमि में करीब 30 फिट गहरी और 60 फिट लंबी खदान खोद डाली।
अवैध खदान में खनन को रोकने लिए वन विभाग के मैदानी अमले से लेकर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा समय पर कार्रवाई नहीं की गई।
जिला मुख्यालय में कुछ दिन पूर्व तक संचालित रही इस अवैध खदान में मशीनों से खनन कराकर ठेकेदार खुलेआम निर्माण सामग्री को लूटता रहा और उत्तर वन मण्डल पन्ना के अधिकारी वन सपंदा के विनाश को निर्लज्जता के साथ नजरअंदाज करते रहे। दरअसल, इन्हें डर था कि उनके हस्तक्षेप करने से साहब नाराज हो जाएंगे। साथ ही उनके ऊपर विकास कार्यों में बाधक बनने का आक्षेप लग सकता था। इन्हीं सब आशंकों के बीच नफा-नुकसान का आंकलन करने के बाद कुर्सी सलामत रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वन विभाग के अफसर 2 माह से अधिक समय तक अपने पदीय दायित्व के निर्वहन को भूले रहे।
वन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन होने तथा निर्माण कार्य हेतु दी गई अनुमति की शर्तों के उल्लंघन के मामले में ठकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने का नैतिक साहस उत्तर वन मंडल के अधिकारियों ने तब दिखाया जब सीसी सड़क बनकर तैयार हो गई। वन सम्पदा के विनाश के दौरान तमाशबीन बने रहे वन विभाग के अधिकारियों ने इस कार्रवाई के जरिए एक तरह से अपनी भूमिका पर पर्दा डालने का काम किया है।