* नई नियुक्तियों से उपजे असंतोष के मद्देनज़र करेंगे संगठनात्मक समीक्षा
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना की जंबो जिला कार्यकारिणी के गठन एवं चार ब्लॉकों में नए अध्यक्षों की नियुक्ति से पार्टी में उपजे असंतोष को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संज्ञान लिया है। कांग्रेस नेतृत्व ने मामले की वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त करने तथा पन्ना जिले की संगठनात्मक समीक्षा हेतु अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव एवं मध्य प्रदेश के सह प्रभारी सीपी मित्तल को विशेष रूप से ज़िम्मेदारी सौंपी है। इसी सिलसिले में श्री मित्तल अपने तीन दिवसीय प्रवास पर रविवार 16 अप्रैल की शाम करीब 7:30 बजे पन्ना पहुंचेंगे।
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी राजीव सिंह ने कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव का पन्ना जिले का दौरा कार्यक्रम जारी किया है। आधिकारिक तौर पर जारी कार्यक्रम के अनुसार कांग्रेस के प्रदेश सह प्रभारी सीपी मित्तल दिनांक 16 से 18 अप्रैल 2023 तक पन्ना जिले दौरे पर रहेंगे। श्री मित्तल दिल्ली से स्पाईस जेट विमान के द्वारा 16 अप्रैल की शाम 6:20 खजुराहो विमानतल (हवाई अड्डा) पहुंचेंगे। जहां से कार द्वारा सड़क मार्ग से होते हुए वे पन्ना पहुंचकर रात्रि विश्राम करेंगे। सोमवार 17 एवं मंगलवार 18 अप्रैल को श्री मित्तल पन्ना में लगातार दो दिन जिले में कांग्रेस की संगठनात्मक स्थिति की गहन समीक्षा करेंगे। चर्चा है कि इस दौरान वे कांग्रेस की जिला कार्यकारिणी के गठन में की गईं कथित मनमानी से जुड़े आरोपों की जांच करेंगे और इसके विरोध में सामूहिक इस्तीफ़ा देने वाले पार्टी नेताओं से मुलाकत कर उनकी आपत्तियों को सुनेंगे। मंगलवार 18 अप्रैल की शाम 5 बजे श्री मित्तल पन्ना से वापस खजुराहो के लिए रवाना होंगे। वहां से स्पाईस जेट की फ्लाईट से वे दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।
ब्रेकिंग न्यूज : मप्र के पन्ना में कांग्रेस की नवगठित जिला कार्यकारिणी और 4 ब्लाकों में अध्यक्ष पद पर नियुक्तियों में की गई मनमानी के विरोध स्वरूप कांग्रेस से बड़ी संख्या में पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफ़ा दिया। पन्ना जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवम जिला प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए। pic.twitter.com/rqS8Y3R197
— Radar News (@RadarNews4) April 12, 2023
उल्लेखनीय है कि नई नियुक्तियों को लेकर पन्ना जिला कांग्रेस अध्यक्ष शारदा पाठक पर बड़े पैमाने पर खुलकर मनमानी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इसके विरोध स्वरूप सैंकड़ा भर पदाधिकारियों ने 12 अप्रैल को जिला मुख्यालय में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करते हुए अपने पदों से सामूहिक इस्तीफ़ा दे दिया था। नाराज पदाधिकारियों ने यह मांग रखी थी कि पद से इस्तीफ़ा सौंपने के 15 दिवस के अंदर अगर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शारदा पाठक एवं पन्ना जिला कांग्रेस प्रभारी सम्मति सैनी को हटाया नहीं गया तो उन्हें सामूहिक रूप से पार्टी से इस्तीफा देने के लिए विवश होना पड़ेगा।
जिले में कांग्रेस पार्टी में मचे जबरदस्त घमासान के बीच पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सीपी मित्तल के संगठनात्मक समीक्षा के सिलसिले में पन्ना आने की खबर से कांग्रेस नेताओं की हलचल काफी बढ़ गई है। एक ओर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के करीबी सिपहसालार और दूसरी तरफ उन्हें भाजपा का एजेंट बताने वाले बागी नेताओं की फ़ौज है। दोनों ही पक्षों ने मित्तल के समक्ष तथ्यों, तर्कों व साक्ष्यों के साथ एक-दूसरे घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। राष्ट्रीय सचिव के दौरे को जिले में कांग्रेस संगठन के भावी स्वरूप व इसकी दशा-दिशा के लिहाज़ से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।














उल्लेखनीय है कि सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पिछले 17-18 सालों से लगातार प्रदेश की सभी महिलाओं को सार्वजनिक तौर पर अपनी बहन और खुद को उनका भाई बताते रहे हैं। शिवराज ऐसा करके आधी आबादी से पवित्र स्नेह भरा रिश्ता कायम करके स्वयं को सबसे बड़े हमेशा महिला हितैषी के रूप में पेश करते रहे हैं। पहले लाड़ली लक्ष्मी योजना और अब चुनाव से पहले लाड़ली बहना योजना के जरिये सीएम शिवराज अपनी इस इमेज को चमकाने में लगे हैं। लेकिन वर्तमान में प्रदेश के हर जिले में आंगनवाड़ी वर्कर्स ने हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरकर उनकी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। अपनी उपेक्षा से आहत आंगनवाड़ी वर्कर्स जमकर हल्ला बोलते हुए बहनों के साथ भेदभाव के मुद्दे को जिस तरह से उठा रहीं है उससे मुख्यमंत्री की “संवेदनशील भइया” वाली छवि को गहरा धक्का लग रहा है। मगर, सत्ताधारी दल भाजपा के रणनीतिकारों लिए असली चिंता की बात यह है कि आंगनवाड़ी वर्कर्स ने इस बार आगामी विधानसभा चुनाव में शिवराज सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए उसे वोट न देने का ऐलान कर दिया है। अपनी न्यायोचित मांगों के प्रति प्रदेश सरकार का उपेक्षा पूर्ण रवैया बरकरार रहने से दुखी और नाराज़ होकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ ने यह कठोर निर्णय लिया है। इसकी जानकारी संघ प्रदेश सचिव योगिता कावड़े ने विगत दिवस बालाघाट में पत्रकारों से चर्चा में दी। आंगनवाड़ी वर्कर्स के इस ऐलान से सूबे की सियासत में हलचल तेज़ हो गई है। कुछ जानकार इसे प्रदेश की सत्ता में भाजपा की वापसी की राह बेहद मुश्किल होने के तौर पर देख रहे हैं।








युवक कांग्रेस के प्रदर्शन में पूर्व अध्यक्ष दिव्यरानी सिंह, पीसीसी मेबंर श्रीकान्त पूप्पू दीक्षित, डी.के.दुबे, जिला संगठन मंत्री पवन जैन, कार्यवाहक अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना अनीस खान, दीपक तिवारी, मार्तण्ड बुंदेला, रेहान मोहम्मद अक्षय तिवारी, मनोज सेन, जीवनलाल सिद्धार्थ, मनीष मिश्रा, कदीर खांन, मृग्रेन्द्र सिंह नृपेन्द्र सिंह, भूपेन्द्र सिंह परमार, अंकित शर्मा, अरविन्द राय, , रवि तिवारी, अमित शर्मा, सौरभ पटैरिया, शिवप्रकाश दीक्षित, रामबहादुर द्विवेदी, देवू गौड़, वेद प्रकाश रैकवार भोले कुशावहा, हंस राज गुड्डू बागरी, सोनू अहिरवार, ऋषभ गर्ग,अरविन्द सोनी, सत्या उपाध्याय, राजेन्द्र वर्मन, सुनील अवस्थी आदि शामिल रहे।

