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MP : लेखा अधिकारी व कोषालयीन लिपिकों के सामूहिक अवकाश पर रहने से वित्तीय और लेखा संबंधी कार्य ठप्प पड़े, सरकार के राजस्व पर पड़ा असर

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पन्ना के प्रभारी एसडीएम अशोक अवस्थी को ज्ञापन सौंपते हुए मध्य प्रदेश अधीनस्थ लेखा सेवा संवर्ग अधिकारी एवं कोषालयीन सेवा के लिपिक।

*     वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

पन्ना। (www.radarnews.in) शासकीय विभागों के अधिकारी-कर्मचारी संगठनों की विगत कई वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण के लिए शुक्रवार को मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया है। संयुक्त मोर्चा जिला इकाई पन्ना एवं अन्य कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर अधिकारी-कर्मचारी आज एक दिवस के सामूहिक अवकाश में शामिल हुए। इसमें मध्य प्रदेश अधीनस्थ लेखा सेवा संघ भी शामिल रहा। इस कारण कोषालय, उप कोषालय तथा पेंशन कार्यालय और अन्य विभागों में वित्तीय व लेखा संबंधी कार्यों को देखने वाले समस्त अधीनस्थ लेखा सेवा संवर्ग के अधिकारियों द्वारा सामूहिक अवकाश पर रहने से शासन के कार्य पर प्रभाव भी पड़ा है। कोषालयीन सेवा के लिपिक संवर्ग द्वारा भी वेतन विसंगति को लेकर अवकाश में सहभागिता की गई। इस कारण कोषालय में कोई भी देयक आहरित नहीं हो सका और न ही आज पेंशन प्रकरणों का निराकरण हो सका है। सेवा पुस्तिका का वेतन अनुमोदन भी नहीं हो पाया। इसका असर शासन के राजस्व पर हुआ है।

ग्रेड वेतन- 4200/- करने की मांग

मध्य प्रदेश अधीनस्थ लेखा सेवा संवर्ग द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में लेख किया गया है कि अधीनस्थ लेखा सेवा संवर्ग से कनिष्ठ संवर्ग अधीक्षक का वेतन अधिक है एवं राजपत्रित है, इस वेतन विसंगति को दूर करते हुए कनिष्ठ संवर्ग अधीक्षक के समान ग्रेड वेतन 4200 किया जाए और राजपत्रित घोषित किया जाए। अधीनस्थ लेखा सेवा संवर्ग को अन्य संवर्ग की भांति समयमान में उच्च वेतनमान पदोन्नति पद का दिया जाए अर्थात पदोन्नति पद का प्रथम समयमान 5400, द्वितीय 6600, तृतीय 7600, चतुर्थ 8700 ग्रेड वेतन दिया जाए। इसी प्रकार अधीनस्थ लेखा सेवा संवर्ग को वित्त सेवा की भांति उच्च वेतन के लिए चयन संबंधी भर्ती नियम में संशोधन जो कि प्रशासकीय अनुमोदन के बाद वित्त विभाग में लंबित है, उसे कैबिनेट में बुलाकर पारित करवाया जाए। ज्ञापन में अन्य जायज मांगों को पूर्ण करने का उल्लेख भी किया गया है।
ये रहे शामिल
एसडीएम पन्ना अशोक अवस्थी को सहायक पेंशन अधिकारी मुकेश साहू एवं अध्यक्ष संयुक्त मोर्चा आधिकारी कर्मचारी संघ पन्ना कृष्णपाल सिंह यादव के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान सहायक कोषालय अधिकारी रामप्रताप प्रजापति एवं अंशु खरे, सहायक पेंशन अधिकारी आर.के. रवि, परियोजना लेखाधिकारी लोक निर्माण विभाग (भवन) देवेन्द्र कुमार सिंह, लेखा अधिकारी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना इकाई-1 धीरेन्द्र सिंह परिहार, आर. डी. चौरसिया अध्यक्ष लिपिक संवर्ग, दिनेश पटेल अध्यक्ष पशु चिकित्सक संघ सहित समस्त संघों के पदाधिकारी व सदस्य भी सम्मिलित हुए।

खोरा को महाविद्यालय की सौगात मिलने पर खनिज मंत्री का ग्रामीणों ने किया अभिनंदन

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पन्ना जिले के खोरा ग्राम को महाविद्यालय की सौगात मिलने पर खनिज मंत्री का भव्य स्वागत करते खोरा-धरमपुर क्षेत्रवासी।

*      दो दशक से खोरा-धरमपुर क्षेत्र के लोग कर रहे थे कॉलेज की मांग

*      बहुप्रतीक्षित मांग पूरी होने से युवाओं और क्षेत्रवासियों में ख़ुशी की लहर

मुस्तकीम खान, अजयगढ़। (www.radarnews.in) पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील अंतर्गत आने वाली सबसे बड़ी ग्राम पंचायत खोरा में नवीन शासकीय महाविद्यालय के सृजन की स्वीकृति मिल गई है। इस खबर के आने के बाद से समूचे तराई अंचल में ख़ुशी की लहर देखी जा रही है। मंगलवार 22 अगस्त को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में राजधानी भोपाल में मंत्रि-परिषद की बैठक मुख्यमंत्री निवास ‘समत्व भवन’ में संपन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में 07 नवीन शासकीय महाविद्यालय के सृजन की स्वीकृति दी गई है। जिसमें पन्ना जिले का खोरा ग्राम शामिल है। मंत्रि-परिषद की इस बैठक में प्रदेश के खनिज साधन एवं श्रम विभाग के मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह उपस्थित रहे।
शिवराज सरकार से खोरा-धरमपुर क्षेत्र को महाविद्यालय की बहुप्रतीक्षित सौगात क्षेत्रीय (पन्ना) विधायक एवं खनिज साधन मंत्री बृजेन्द्र प्रताप के विशेष प्रयास से मिली है। महाविद्यालय की दशकों पुरानी मांग पूरी होने से खोरा-धरमपुर अंचल के लोगों की ख़ुशी का ठिकाना नहीं है। जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, आज जब मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह अपने तयशुदा कार्यक्रम के तहत धरमपुर क्षेत्र के भ्रमण पर पहुंचे तो लोग स्वप्रेरणा से उनके स्वागत के लिए उमड़ पड़े। उत्साहित क्षेत्रवासियों द्वारा अपनी प्रसन्नता का इज़हार करते हुए रास्ते में जगह-जगह अपने विधायक का गर्मजोशी के साथ आत्मीय स्वागत किया गया।
क्षेत्र के बुजुर्गों-गणमान्य नागरिकों ने मंत्री जी के काफिले को रोककर पुष्पहार पहनाकर एवं तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया। साथ ही खोरा को महाविद्यालय की सौगात दिलाने के लिए मंत्री बृजेन्द्र प्रताप व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति हृदय से आभार जताया। लोगों ने मंत्री श्री सिंह की मुक्त कंठ से सराहना करने हुए कहा कि, कॉलेज की सौगात मिलना इस क्षेत्र के शैक्षणिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इस दौरान मंत्री श्री सिंह ने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा, आपका स्नेह-आशीर्वाद और विश्वास इसी तरह मिलता रहा तो पन्ना विधानसभा क्षेत्र समग्र-समावेशी विकास का मॉडल बनकर पूरे प्रदेश में चमकेगा। आप लोगों ने विकास के जो सपने वर्षों से संजोए हैं, उन्हें पूरी ईमानदारी के साथ यथार्थ के धरातल पर साकार करके दिखाऊंगा।
खोरा ग्राम को महाविद्यालय की सौगात मिलने की ख़ुशी में क्षेत्र के लोगों ने मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के काफिले को रोककर जगह-जगह उनका अभिन्दन किया।
मंत्री बृजेन्द्र प्रताप ने कहा कि, जल्द ही खोरा में शासकीय कॉलेज संचालित होने लगेगा, अब क्षेत्र के गरीब परिवारों के छात्र-छात्राओं को हायर सेकेंडरी परीक्षा के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। खोरा के कॉलेज में दाखिला लेकर छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा अर्जित करके अपने भविष्य को संवार सकेंगे। आपने बताया कि, कॉलेज खुलने से समूचे खोरा-धरमपुर इलाके में उच्च शिक्षा का ग्राफ बढ़ेगा, साथ ही सरकारी नौकरियों में क्षेत्र के युवाओं की संख्या में इजाफ़ा होगा। भव्य स्वागत पश्चात ग्रामीणों के द्वारा खनिज मंत्री से बालूपुर-परनियापुरवा रोड निर्माण की मांग की गई। ग्रामीणों की मांग को गंभीरता से लेते हुए खनिज मंत्री ने जल्द से जल्द सड़क निर्माण स्वीकृत कराने का आश्वासन दिया है।
बता दें कि, खोरा-धरमपुर क्षेत्र के 95 फीसदी छात्र-छात्राएं कक्षा 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने को मजबूर है। क्योंकि, आसपास एकमात्र सरकारी कॉलेज अजयगढ़ में स्थित है और खोरा-धरमपुर क्षेत्र के ग्रामों से अजयगढ़ की औसत दूरी 30-35 किलोमीटर है। अजयगढ़ जाकर उच्च शिक्षा अर्जित करने में गरीब परिवारों के छात्रों को यह समस्या पेश आती है, या तो वे रोजाना 70 किलोमीटर का सफर तय करें या फिर अजयगढ़ में किराए से कमरा लेकर रहें। दोनों ही सूरत में उच्च शिक्षा पर होने वाले खर्च को वहन कर पाने में अभिभावकों के सक्षम-समर्थ न होने के कारण अधिकांश छात्र-छात्राएं अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा! जल्द ही खोरा में कॉलेज खुलने पर क्षेत्र के युवा उच्च शिक्षा अर्जित करके अपने सपनों को नई उड़ान दे सकेंगे।

बड़ी कामयाबी | भारत चांद पर पहुंचा, चंद्रयान-3 ने रच दिया इतिहास

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फोटो साभार : ANI

  चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक उतरने वाला भारत पहला देश बना

भारत को चांद पर पहुँचने में सफलता मिल गई है। चंद्रयान-3 ने बुधवार शाम को चांद की सतह पर उतरकर इतिहास रच दिया है। पूरी तरह तय रूप से ही यह अभियान सफल रहा। श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से 14 जुलाई को दोपहर 2:35 बजे उड़ान भरने वाले चंद्रयान-3 ने अपनी 40 दिनों की लंबी यात्रा पूरी कर ली है। विक्रम लैंडर सॉफ्ट लैंडिंग के ज़रिए चांद पर उतरा। इसके साथ ही भारत चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बन गया है और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला देश हो गया।
इसरो द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, चंद्रयान-3 के लिए मुख्य रूप से तीन उद्देश्य निर्धारित हैं। जिसमें चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग कराना, चंद्रमा की सतह कही जाने वाली रेजोलिथ पर लैंडर को उतारना और घुमाना लैंडर तथा रोवर्स से चंद्रमा की सतह पर शोध कराना शामिल है। इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा है, ‘सबसे कठिन हिस्से थे चंद्रमा की कक्षा में प्रक्षेपण, लैंडिंग, लैंडर को उतरने के लिए लॉन्च करना और अंतिम लैंडिंग। अब लैंडर के स्वास्थ्य का आंकलन किया जाएगा और अगले कुछ घंटों में रोवर लैंडर से बाहर आ जाएगा।’
अगले 14 दिनों तक प्रज्ञान रोवर चंद्रमा की सतह से  भेजेगा। 14 दिनों के बाद इसकी गतिविधि धीमी होने की संभावना है, यह देखते हुए कि यह सौर ऊर्जा द्वारा संचालित है। मून रोवर लैंडर विक्रम और चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर के संपर्क में रहेगा। लैंडर इसरो को डेटा रिले करेगा, जिसका रोवर से कोई सीधा संबंध नहीं है।
फोटो साभार। इसरो (ट्विटर)
चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 का उतरना बेहद खास है। यह इसलिए कि अब तक के पिछले मिशन चंद्रमा के भूमध्यरेखा क्षेत्र के आसपास उतरे हैं। इसमें उस अपोलो की लैंडिंग भी शामिल है जिसमें क्रू सदस्य भी शामिल थे। चाँद का दक्षिणी ध्रुव गड्ढों और गहरी खाइयों वाला क्षेत्र है। चंद्रमा सूर्य के सापेक्ष कुछ इस तरह स्थित है कि सूर्य की किरणें चंद्रमा के कुछ ध्रुवीय क्षेत्रों को छू भी नहीं पातीं और वहां के गड्ढों की गहराई तक नहीं पहुंच पाती हैं। ये गड्ढे ठंडी अवस्था में हैं। ऐसे क्षेत्रों में तापमान शून्य से 230 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है। ज़ाहिर है, ऐसी जगहों पर लैंडिंग करना और तकनीकी प्रयोग करना काफी मुश्किल है।
दक्षिणी ध्रुव महत्वपूर्ण है क्योंकि माना जाता है कि इस क्षेत्र में पानी की बर्फ है जो भविष्य में चंद्रमा पर मानव के बसने की संभावना को बल देता है। चंद्रयान-3 लैंडर विक्रम अपने साथ ‘प्रज्ञान’ नामक रोवर ले गया है जो चंद्रमा की सतह की रासायनिक संरचना का विश्लेषण करेगा और पानी की खोज करेगा। प्रज्ञान रोवर अपने लेजर बीम का उपयोग चंद्रमा की सतह के टुकड़े को पिघलाने के लिए करेगा और इस प्रक्रिया में उत्सर्जित गैसों का विश्लेषण करेगा। इस मिशन के माध्यम से भारत न केवल चंद्रमा की सतह के बारे में ज्ञान का खजाना हासिल करेगा, बल्कि भविष्य में मानव निवास के लिए इसकी क्षमता भी हासिल करेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दी बधाई

चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिग के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख एस. सोमनाथ ने अभियान की सफलता की घोषणा की। इसरो चीफ़ ने पीएम मोदी का अभिवादन करते हुए उन्हें बोलने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा, “मैं अपने पीएम से हमें आशीर्वाद देने को कहूंगा।” ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए दक्षिण अफ़्रीका गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैज्ञानिकों को वर्चुअली संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा, “हमारे परिवारजनों जब हम अपनी आंखों के सामने ऐसा इतिहास बनते हुए देखते हैं, जीवन धन्य हो जाता है। ऐसी ऐतिहासिक घटनाएं राष्ट्र जीवन की चेतना बन जाती हैं. ये पल अविस्मरणीय है।” उन्होंने कहा, “ये क्षण अभूतपूर्व है। ये क्षण विकसित भारत के शखनांद का है। ये क्षण नए भारत के जय घोष का है। ये क्षण मुश्किलों के महासागर को पार करने का है। ये क्षण जीत के चंद्रपथ पर चलने का है। ये क्षण 140 करोड़ धड़कनों के सामर्थ्य का है। ये क्षण भारत में नई ऊर्जा नई चेतना का है।”

कैबिनेट बैठक | पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के भत्तों में वृद्धि की स्वीकृति

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय स्थित समत्व भवन में मंत्रि-परिषद की बैठक संपन्न हुई।

*      7 नवीन शासकीय महाविद्यालय के सृजन पर लगी मुहर

   पन्ना के खोरा में स्थापित होगा नवीन शासकीय महाविधायलय

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मुख्यमंत्री निवास ‘समत्व भवन’ में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तों में वृद्धि के लिये स्वीकृति प्रदान की गई है। पुलिस थानों में पदस्थ आरक्षक से उपनिरीक्षक स्तर के कर्मचारियों को प्रत्येक माह शासकीय कार्य के लिए की गई यात्रा के लिए 15 लीटर पेट्रोल की कीमत की प्रतिपूर्ति, आरक्षक से निरीक्षक स्तर के अराजपत्रित कर्मचारियों के लिये पौष्टिक आहार भत्ते की राशि 650 रूपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1000 रूपये प्रतिमाह, आरक्षक एवं प्रधान आरक्षक को मिलने वाले किट क्लोदिंग भत्ता राशि क्रमश: प्रतिवर्ष 2,500 रूपये एवं 3 हजार रूपये से बढ़ाकर 5 हजार रूपये प्रतिमाह, सहायक उप निरीक्षक से निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को प्रत्येक 3 वर्ष में दिये जाने वाले वर्दी नवीनीकरण अनुदान की राशि 500 रूपये से बढ़ाकर 2500 रुपये प्रति 3 वर्ष और कानून व्यवस्था में लगे पुलिस कर्मियों को मिलने वाले निःशुल्क भोजन की दरों को 70 रूपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 100 रूपये प्रतिदिन की गई है। साथ ही मध्यप्रदेश विशेष सशस्त्र बल (SAF) के कर्मचारियों को भी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा।

पेंशनरों के महंगाई राहत दर में वृद्धि की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य शासन के पेंशनरों / परिवार पेंशनरों को 01 जुलाई, 2023 (भुगतान माह अगस्त, 2023 ) से देय मंहगाई राहत की दर में वृद्धि करने की स्वीकृति दी गई है। निर्णय अनुसार मंहगाई राहत की दर सातवें वेतनमान अंतर्गत 42% और छठवें वेतनमान अंतर्गत 221% की गई है। इस निर्णय से शासन पर अनुमानित 410 करोड़ रूपये का अतिरिक्त व्यय भार संभावित है ।

नक्सली आत्म-समर्पण, पुर्नवास नीति की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा आत्म-समर्पण करने वाले नक्सलियों को लाभकारी रोजगार और उद्यमशीलता के अवसरों को प्रदान करने के उद्देश्य से “मध्यप्रदेश नक्सली आत्मसमर्पण, पुर्नवास सह राहत नीति 2023” स्वीकृत की गई है। मध्यप्रदेश नक्सली आत्म-समर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति राज्य में उत्पन्न वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य हिंसा का रास्ता त्यागकर स्वेच्छा से आत्म-समर्पण करने वालों को मुख्यधारा में शामिल करना है। नीति के अनुसार आत्म-समपर्णकर्ता को पुनर्वास हेतु गृह निर्माण के लिये 1 लाख 50 हजार रूपये, हथियार समर्पण के लिये अनुग्रह राशि 10 हजार रूपये से 4 लाख 50 हजार रूपये तक, विवाह के लिये प्रोत्साहन राशि 50 हजार रूपये, तात्कालिक आवश्यकता पूर्ति के लिये 5 लाख रूपये या घोषित पुरस्कार राशि जो भी अधिक हो, अचल सम्पत्ति क्रय के लिये 20 लाख रूपये, व्यवसायिक प्रशिक्षण के लिए 1 लाख 50 हजार रूपये दिये जायेंगे। साथ ही आयुष्मान भारत योजना और खाद्यान्न सहायता योजना का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।
नक्सल हिंसा में प्रभावितों की सहायता के लिये नीति में प्रावधान किये गये है। जिसके अनुसार हिंसा से प्रभावित नागरिक की मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को 15 लाख रूपये, मृत सुरक्षा कर्मी के परिवार को 20 लाख रूपये और शारीरिक अक्षमता पर 4 लाख रूपये प्रदान किये जायेंगे। नक्सल हिंसा में नागरिक की मृत्यु होने पर परिवार के सदस्य को तृतीय/चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियुक्ति दी जायेगी। नक्सल हिंसा में अचल सम्पत्ति की पूर्णत: क्षति होने पर 1 लाख 50 हजार रूपये और आंशिक क्षति होने पर अधिकतम 50 हजार रूपये दिये जायेंगे। इसके साथ ही शासन की विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ पीड़ित परिवार को आयुष्मान भारत योजना और खाद्यान्न सहायता योजना का लाभ भी दिया जायेगा।

जिला बैतूल में नवीन अनुविभाग आमला के सृजन की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा जिला बैतूल में नवीन अनुविभाग आमला के सृजन की स्वीकृति दी गई है। नवीन अनुविभाग आमला में तहसील आमला के पटवारी हल्का 01 से 70 तक कुल 70 पटवारी हल्के समाविष्ट होंगे। इसके बाद अनुविभाग मुलताई में तहसील मुलताई के पटवारी हल्का 01 से 69 तक एवं तहसील प्रभातपट्टन के पटवारी हल्का 70 से 133 तक कुल 133 पटवारी हल्का समाविष्ट होंगे। नवीन अनुविभाग आमला के संचालन के लिये कुल 12 पद स्वीकृत किये गये है। जिसमें अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) का 1, स्टेनो टायपिस्ट का 1, सहायक ग्रेड-2 के 2, सहायक ग्रेड-3 के 3, वाहन चालक का 1 और भृत्य के 4 पद शामिल है।

नर्सिंग महाविद्यालयों के लिए 305 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा और सागर में संचालित नर्सिंग महाविद्यालयों के लिए आई. एन.सी. के मापदण्डों की पूर्ति तथा नर्सिंग छात्राओं को उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए नर्सिंग शिक्षक तथा अन्य संवर्गो के कुल 305 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन पदों की पूर्ति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए गठित शासी निकाय द्वारा मध्यप्रदेश स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय शैक्षणिक आदर्श नियम, 2018 के प्रावधानों अनुसार की जायेगी। प्रदेश के विद्यार्थियों को नर्सिंग क्षेत्र के स्नातक/ स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में उत्कृष्ट शिक्षा के साथ-साथ सह चिकित्सकीय तकनीकियों को उपयोग करने का अवसर प्राप्त होगा जिससे वे अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट सह चिकित्सकीय एवं शल्य सह चिकित्सकीय तकनीकी ज्ञान ग्रहण कर देश के विभिन्न चिकित्सालयों में रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।

जिला पंचायत सदस्यों के मानदेय में वृद्धि करने की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा जिला पंचायत सदस्यों एवं जनपद पंचायत सदस्यों के मानदेय में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। जिला पंचायत सदस्यों का मानदेय 4500 से बढ़ाकर 13 हजार 500 रूपये और जनपद पंचायत सदस्यों का मानदेय 1500 से बढ़ाकर 4500 रूपये करने का निर्णय लिया गया है। इससे 771 जिला पंचायत सदस्यों और 6145 जनपद पंचायत सदस्यों के मानदेय में वृद्धि होगी। मानदेय वृद्धि किये जाने पर अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार 30 करोड़ 44 लाख 88 हजार रूपये आना संभावित है।

सात नवीन शासकीय महाविद्यालयों एवं पदों के सृजन की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा उच्च शिक्षा विभाग में 07 नवीन शासकीय महाविद्यालय, 01 शासकीय महाविद्यालय में नवीन संकाय एवं 01 शासकीय महाविद्यालय में स्नातकोत्तर स्तर पर नवीन विषय प्रारंभ किए जाने के लिये कुल 367 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। जिला सतना के कोठी, ग्वालियर के बेहट, जबलपुर के बघराजी, सागर के शाहपुर, पन्ना के खोरा, इंदौर के कम्पेल और दतिया के बसई में नवीन शासकीय महाविद्यालय के सृजन की स्वीकृति दी गई है। साथ ही शासकीय महाविद्यालय देवतालाब रीवा में स्नातक स्तर पर नवीन संकाय वाणिज्य और स्नातकोत्तर स्तर पर समाज शास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र, हिन्दी साहित्य, रसायन शास्त्र, वनस्पति शास्त्र, प्राणी शास्त्र, भौतिक शास्त्र एवं गणित नवीन विषयों को प्रारंभ किये जाने के लिये नवीन पद सृजित किये गये है। पद सृजन पर आवर्ती व्यय भार 20 करोड़ 33 लाख 50 हजार रूपये प्रतिवर्ष एवं अन्य अनावर्ती व्यय 107 करोड़ 96 लाख रूपये इस प्रकार कुल 128 करोड़ 29 लाख 50 हजार के व्यय की स्वीकृति दी गई है।

रबी वर्ष 2021-22 और 2022-23 में प्राईस सपोर्ट स्कीम के उपार्जन की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा रबी वर्ष 2022-23 (विपणन वर्ष 2023-24 ) एवं आगामी दो वर्षों में भारत सरकार के प्राईस सपोर्ट स्कीम अंतर्गत चना, मसूर एवं सरसों तथा ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द का पंजीकृत कृषकों से उपार्जन राज्य उपार्जन एजेंसी म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही रबी वर्ष 2021-22 (रबी विपणन वर्ष 2022-23) में प्राईस सपोर्ट स्कीम अंतर्गत भारत सरकार द्वारा चना के लिये 8 लाख 71 हजार 100 मेट्रिक टन एवं मसूर के लिये 1 लाख 67 हजार 130 मेट्रिक टन तथा सरसों के लिये 3 लाख 48 हजार 935 मेट्रिक टन के नियत उपार्जन लक्ष्य के भीतर चने के 8 लाख 01 हजार 662.86 मेट्रिक टन का उपार्जन राज्य उपार्जन एजेंसी म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा किये जाने का कार्योत्तर अनुमोदन किया गया।

IFMIS Next Gen परियोजना के लिये 484 करोड़ स्वीकृत

मंत्रि-परिषद द्वारा IFMIS Next Gen परियोजना के अंतर्गत IFMIS के सुचारू संचालन, सॉफ्टवेयर के विकास और संधारण, आईटी हार्डवेयर अधो-संरचना के विकास और पी.एम.यू के संचालन के लिये कुल 484 करोड़ 11 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। IFMIS Next Gen के विकास की ट्रांजीशन अवधि में IFMIS के सुचारू संचालन के लिये 59 करोड़ 50 लाख रूपए और IFMIS Next Gen परियोजना (अवधि वर्ष 2023 से 2029) के अंतर्गत सॉफ्टवेयर के विकास एवं संधारण के लिये पारदर्शी प्रक्रिया मे सिस्टम इंटीग्रेटर का चयन करने के लिये 218 करोड़ 26 लाख रूपये स्वीकृत किये गये है। साथ ही वर्ष 2023 से 2029 तक आवश्यकतानुसार चरणबद्ध तरीके से आई.टी. हार्डवेयर अधोसंरचना के विकास के लिये 64 करोड़ 9 लाख रूपये एवं मॉडल कोषालयों/कार्यालयों के विकास के लिये नॉन-आई.टी. अधो-संरचना के विकास के लिये 37 करोड़ 27 लाख रूपये स्वीकृत किये गये है। इसके अलावा पी.एम.यू. के संचालन के लिये अनुमानित लागत 29 करोड़ 85 लाख रूपये और परियोजना पर अन्य व्यय अनुमानित राशि 74 करोड़ 33 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। मंत्रि-परिषद् द्वारा लिया गया यह निर्णय ई-गवर्नेस एवं वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण होगा। शासकीय कार्यालयों, शासकीय सेवकों और प्रदेश के नागरिकों एवं हितग्राहियों को त्वरित एवं ऑनलाईन सेवाये प्राप्त होगी तथा विभागीय कार्यो का पारदर्शी एवं बेहतर प्रबंधन के साथ क्रियान्वयन किया जा सकेगा।

चोर बैखोफ़। लग्ज़री कार से आए और दिनदहाड़े कोतवाली थाना के सामने से चुरा ले गए बकरियां

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फाइल फोटो।

*      आधा घण्टे के अंदर चुराईं 50 हजार रुपए मूल्य की पांच बकरियां

*      पन्ना सहित समूचे जिले से लगातार सामने आ रहीं चोरी की घटनाएं

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में चोरों का आतंक काफी बढ़ गया है। जिले में सक्रिय शातिर चोर बड़ी आसानी से अपने मंसूबे में न सिर्फ सफल हो रहे है बल्कि बेख़ौफ़ अंदाज में चोरी की वारदातों को अंजाम देकर पुलिस की सक्रियता की पोल भी खोल रहे है। चोरी की घटनाओं के लगातार सामने आने से आम नागरिक चिंतित और भयभीत हैं। पन्ना में विगत दिवस अज्ञात चोरों द्वारा बकरियों की चोरी की दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया गया। लग्ज़री कार से आए चार युवक दिनदहाड़े थाना कोतवाली के गेट के सामने और आसपास से पांच बकरियां चुरा ले गए। चोरी की यह वारदात सीसीटीव्ही कैमरों में कैद हुई है। जिसका पता चलने के बाद से लोग हैरान है।
प्राप्त जानकारी अनुसार बकरियों की चोरी की घटना 14 अगस्त की है। पन्ना के कटरा मोहल्ला निवासी नसीर खान की तीन बकरियां कोतवाली थाना के गेट के सामने चंद कदम दूर सड़क के उस पार शिक्षक रामू साहू के घर के सामने खड़ी थी। तभी दोपहर करीब 12:30 बजे गोल्डन कलर की स्विफ्ट डिज़ायर कार क्रमांक UP 78-CC-4818 वहां आकर रुकी, कोई कुछ समझ पाता उससे पहले कार से उतरे युवक बड़े ही शातिर तरीके से तीनों बकरियों पकड़कर ले गए। इसके बाद अज्ञात चोरों ने कोतवाली थाना के बाजू में स्थित राजेन्द्र उद्यान (पार्क) के सामने विचरण कर रही रानू खान की उन्नत नस्ल की एक बकरी को पकड़ा और के अंदर डालकर बल्देव चौक की तरफ रवाना हो गए। रास्ते में अज्ञात चोरों द्वारा फल-सब्जी मण्डी के सामने तीसरी वारदात को अंजाम दिया गया। फल-सब्जी मंडी के सामने से दोपहर करीब 1:00 बजे सोहेल राईन का बकरा उनके द्वारा उठाया गया।
इस तरह दिनदहाड़े करीब आधा घंटे के अंदर शातिर चोर कोतवाली थाना के सामने और आसपास से पांच नग बकरे-बकरियां बड़ी आसानी से चोरी कर ले गए। किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। कई घण्टे बाद बकरियां जब वापस घर नहीं लौटी तो पालकों के द्वारा खोजबीन शुरू की गई। लेकिन देर शाम तक कुछ पता नहीं चल सका। इस दौरान तीन अलग-अलग लोगों की पांच बकरियों के गायब होने की बात सामने आने से चोरी का संदेह गहरा गया। बकरी पालकों के द्वारा थाना कोतवाली पन्ना में बकायदा आवेदन पत्र देकर पुलिस को बकरियों के गायब होने की सूचना दी गई। और फिर पुलिस के सीसीटीव्ही कंट्रोल रूम पहुंचकर सीसीटीव्ही कैमरों के वीडियो फुटेज चेक करवाए गए। फुटेज खंगालने पर अज्ञात शातिर चोरों की पूरी करतूत सामने आ गई। चोरी की तीनों घटनाएं सीसीटीव्ही कैमरों में कैद होने से अज्ञात चोरों के संबंध में कई अहम सुराग पुलिस को मिले है। उल्लेखनीय है कि, थाना कोतवाली पुलिस के द्वारा बकरी चोरों को पकड़ने के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई इसका पता नहीं चल सका। बकरी पालकों को उनके आवेदन पत्र की पावती भी पुलिस के द्वारा नहीं दी गई।
कोतवाली थाना पन्ना में पदस्थ उप निरीक्षक श्री कुशवाहा से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने गुनौर में 18 अगस्त को संपन्न हुए मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर पुलिस बल के कई दिन पूर्व से व्यस्त रहने का हवाला देते हुए कहा कि निःसंदेह बकरी चोरी की घटनाएं हमारे लिए चिंताजनक है। शातिर चोरों के कद-काठी-हुलिया आदि का पता लग चुका है, बहुत जल्द उनकी धरपकड़ की कार्रवाई की जाएगी। आवेदन पत्र की पावती न देने के सवाल पर उन्होंने अपने अधीनस्थों का बचाव करते हुए कहा कि चोरी की घटना पर सीधे एफआईआर दर्ज करके उसकी एक प्रति सम्बंधित को दी जाएगी। लेकिन बकरियों की चोरी की घटना सीसीटीव्ही कैमरों में कैद होने के बावजूद कई दिन तक इस मामले में एफआईआर दर्ज़ न होने से पुलिस की सक्रियता के साथ ही मंशा और कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है। नवागत पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण एस थोटा से लोगों को अपेक्षा है कि उनके द्वारा पन्ना जिले में पुलिस की लचर व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ ही अपराधों की रोकथाम को लेकर प्रभावी क़दम उठाये जाएंगे। साथ ही जिले के समस्त पुलिस थानों एवं चौकी पर आमजन से प्राप्त होने वाले आवेदन पत्र की पावती संबंधित को तुरंत प्रदान करना सुनिश्चित कराया जाएगा।

गाजर घास भीषण समस्या | फसलों के साथ इंसान और पशुओं के लिए भी हानिकारक

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गाजर घास उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत कृषि महाविद्यालय पन्ना के परिसर को गाजर घास से को जड़ से उखाड़कर नष्ट करते छात्र-छात्राएं।

*      एग्जिमा, एलर्जी, बुखार, दमा जैसी बीमारियां होने का रहता है खतरा

*      कृषि महाविद्यालय में गाजरघास जागरूकता अभियान चलाया गया

पन्ना। (www.radarnews.in) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के निर्देशानुसार कृषि महाविद्यालय पन्ना, मध्यप्रदेश में 18वां राष्ट्रीय गाजरघास जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ विगत 16 अगस्त को किया गया। गाजर घास उन्मूलन कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारियों और विद्यार्थियों द्वारा महाविद्यालय परिसर में लगी गाजर घास को जड़ सहित उखाड़कर नष्ट किया गया। समस्त विद्यार्थियों द्वारा महाविद्यालय परिसर को गाजर घास से मुक्ति दिलाने के लिए शपथ भी ली गई।

गाजर घास उन्मूलन के लिए जनभागीदारी जरुरी

गाजर घास उन्मूलन कार्यक्रम सप्ताह के द्वितीय दिवस डॉ. विजय यादव, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय द्वारा गाजर घास (खरपतवार) के नियंत्रण के लिए जैवकीय नियत्रंण सहित अन्य विधियों का प्रयोग के विषय में छात्र-छात्राओं को अवगत कराया गया। उन्होंने कहा कि इस भीषण समस्या से मुक्ति पाने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। गाजर घास के नियंत्रण के लिए सभी विधियों का आवश्यतानुसार उपयोग कर इस भीषण समस्या से छुटकारा मिल सकता है। गाजरघास की भयावहता को ध्यान में रखकर जनभागीदारी से इसके प्रबंधन के प्रयास करने की आवश्यकता है।

खाली स्थानों पर फलता-फूलता है साल भर

फाइल फोटो।
अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय पन्ना श्री यादव ने यह भी कहा कि गाजर घास न केवल फसलों, बल्कि मनुष्यों और पशुओं के लिए भी एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। गाजर घास पूरे वर्ष भर हर मौसम में उगता एवं फलता-फूलता रहता है। गाजर घास बहुतायत रूप से खाली स्थानों, अनुपयोगी भूमियों, औद्योगिक क्षेत्रों, सड़क के किनारों, रेलवे लाइनों, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों आदि पर पाए जाते हैं, परन्तु अब इसका दुष्प्रभाव विभिन्न खाद्यान्न फसलों, सब्जियों एवं उद्यानिकी में भी बढ़ रहा है। गाजर घास के तेजी से फैलने के कारण अन्य उपयोगी वनस्पतियों, स्थानीय जैव विविधता एवं पर्यावरण पर गंभीर विपरीत प्रभाव भी पड़ रहा है। गाजर घास उन्मूलन कार्यक्रम सप्ताह के तृतीय दिवस इस खरपतवार के संपर्क में आने से मनुष्यों में एग्जिमा, एलर्जी, बुखार, दमा आदि जैसी बीमारियां होने के बारे में बताया गया। जानकारी दी गई कि पशुओं द्वारा इसको चारे के साथ खा लेने से उनमें विभिन्न प्रकार के रोग पैदा हो जाते हैं एवं दुधारू पशुओं के दूध में कड़वाहट आने लगती है।

खरपतवार उन्मूलन हेतु विभिन्न विधियां बताई

छात्र-छात्राओं को गाजरघास (खरपतवार) उन्मूलन की विभिन्न विधियों यांत्रिक, रासायनिक एवं विशेष रूप से जैविक कीट मैक्सिकन बीटल के द्वारा इसके नियंत्रण के की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त गाजर घास से होने वाले दुष्प्रभावों और इसके नियंत्रण के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। गाजरघास को खाने वाले कीट जाइगोग्रामा बाइकोलोराटा के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया गया कि इस कीट को भी गाजर घास के नियंत्रण के लिए उपयोग किया जा सकता है।

एमपी के इस खूबसूरत वाटरफॉल में प्रदेश का पहला ग्लास ब्रिज बनेगा

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पन्ना जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बेहद खूबसूरत और खतरनाक बृहस्पति कुण्ड का विहंगम दृश्य।

*     पर्यटन विकास निगम की टीम ने बृहस्पति कुण्ड पहुँचकर लोकेशन का अध्ययन और सर्वे किया

पन्ना। (www.radarnews.in) बुंदेलखंड का नियाग्रा कहे जाने वाले पन्ना जिले में स्थित बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात (वाटरफॉल) की खूबसूरती निहारने के लिए ग्लास ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अधिकारियों द्वारा पन्ना के सर्किट हाउस में पर्यटन निगम की टीम के साथ बैठक कर बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात और आसपास के क्षेत्र का पर्यटन बढ़ाने के उद्देश्य से बनाये प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला पुरातत्व, पर्यटन और संस्कृति परिषद पन्ना के सदस्य के रूप में शामिल आबकारी उप निरीक्षक मुकेश पाण्डेय द्वारा भी बैठक में आवश्यक सुझाव दिए गए।
पर्यटन विकास निगम की तकनीकी टीम ने बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात पहुँचकर वास्तविक स्थिति लोकेशन का अध्ययन और सर्वे किया।
मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम की तकनीकी टीम द्वारा बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात पहुँचकर वास्तविक स्थिति और लोकेशन का अध्ययन और सर्वे किया गया। वास्तुविद सतीश कालान्तरे ने बताया कि बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात के आसपास फिलहाल सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना हमेशा बनी रहती है। इसलिए बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात के चारों तरफ सुरक्षा के लिए रेलिंग लगाई जाएगी। रेलिंग भी इस तरीके से लगाई जाएगी कि स्थान की खूबसूरती भी बनी रहे और सुरक्षा भी। बृहस्पति कुण्ड आश्रम की तरफ एक मजबूत ग्लास ब्रिज बनाया जाएगा, जिस पर चढ़कर पर्यटक जलप्रपात के ठीक सामने खड़े होकर जलप्रपात की खूबसूरती को निहार सकेंगे।
यह देश का दूसरा और मध्यप्रदेश का पहला ग्लास ब्रिज होगा। कार्यपालन यंत्री श्री चौरसिया ने बताया कि जलप्रपात के आसपास लोगो को धूप-बारिश से बचने के लिए पैगोडा डिजाइन के विश्राम स्थल भी बनाये जाएंगे। दिनों-दिन पर्यटकों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए समुचित संख्या में प्रसाधन गृह और एक बड़ी पार्किंग की भी व्यवस्था होगी। जलप्रपात के पास खाली पड़े चट्टानी मैदान में खूबसूरत लैंडस्केप और उद्यान (पार्क) विकसित किया जाएगा। इस क्षेत्र के महत्व और जानकारी को दर्शाते हुए कई सूचना पट्ट लगाए जाएंगे। बृहस्पति कुण्ड क्षेत्र को विकसित करने का कार्य कई चरणों मे पूर्ण होगा। पहले चरण में जलप्रपात के चारों तरफ सुरक्षा रेलिंग, ग्लास ब्रिज, विश्राम स्थल, पार्किंग, प्रसाधन गृह, कैफेटेरिया आदि का निर्माण होगा। दूसरे चरण में जलप्रपात के नीचे की तरफ स्टॉप डैम बनाकर नौकायन और एडवेंचर गतिविधियों की व्यवस्था भी की जाएगी।

आदिवासी सरपंच पति की पिटाई के वायरल वीडियो मामले में आया नया मोड़ !

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ग्राम रोजगार सहायक एवं पंचायत सचिव कर्मचारी संघ अजयगढ़ के पदाधिकारी एवं सदस्यगण।

*     जीआरएस के विरुद्ध फर्जी एफआईआर दर्ज़ कराने का लगाया आरोप

   ग्राम रोजगार सहायक एवं पंचायत सचिव कर्मचारी संघ ने खनिज मंत्री को सौंपा ज्ञापन

मुस्तक़ीम खान, अजयगढ़। (www.radarnews.in) पन्ना जिले की जनपद पंचायत अजयगढ़ अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नंदनपुर में पंचायत भवन के सामने आदिवासी महिला सरपंच सुआकली के पति श्यामलाल गौंड़ के साथ मारपीट करने संबंधी वीडियो गत दिनों सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ था। वीडियो को इस दावे के साथ शेयर किया गया कि, ग्राम पंचायत नंदनपुर के ग्राम रोजगार सहायक सुरेंद्र कुमार लोध एवं अन्य लोगों द्वारा आदिवासी सरपंच के पति के साथ दिनदहाड़े मारपीट की गई। साथ ही गाली-गलौंज कर उसे अपमानित किया गया। धरमपुर थाना पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए सरपंच पति श्यामलाल गौंड़ की रिपोर्ट पर 16 अगस्त 2023 को ग्राम रोजगार सहायक सुरेन्द्र लोध, राजेन्द्र लोध, छितारी लोध एवं कमलेश लोध के विरुद्ध आईपीसी की धारा 294, 323, 506, 34 एवं एससी-एसटी एक्ट के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध था। अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है !
ग्राम रोजगार सहायक एवं पंचायत सचिव कर्मचारी संघ जनपद पंचायत अजयगढ़ ने दावा किया है, घटना के वायरल वीडियो में नंदनपुर जीआरएस कहीं नजर ही नहीं आ रहा है। मारपीट में उसकी किसी तरह की संलिप्तता या हस्तक्षेप भी नहीं है, लेकिन फिर भी जीआरएस को आरोपी बनाया गया है। ग्राम रोजगार सहायक एवं पंचायत सचिव कर्मचारी संघ ने शनिवार 19 अगस्त 2023 को प्रदेश के खनिज साधन मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपकर नंदनपुर जीआरएस सुरेन्द्र लोध के खिलाफ दर्ज मामले को पूर्णतः फर्जी बताया है। संघ ने घटना के वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच करवाकर एफआईआर से नाम विलोपित कर न्याय दिलाने की मांग की है।
फाइल फोटो।
नंदनपुर के जीआरएस के विरुद्ध दर्ज कथित फर्जी आपराधिक प्रकरण को लेकर ग्राम रोजगार सहायक एवं पंचायत सचिव कर्मचारी संघ में नाराजगी व्याप्त है। ग्राम रोजगार सहायक संघ अजयगढ़ के ब्लॉक अध्यक्ष केशव प्रताप सिंह ने पत्रकारों से चर्चा में आरोप लगाया कि, पुरानी बुराई के चलते सरपंच पति के द्वारा ग्राम रोजगार सहायक सुरेन्द्र लोध के खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज कराया गया है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों का भूमि पूजन करने शहपुरा पहुंचे कैबिनेट मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपकर इस मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की गई है। जिस पर मंत्री श्री सिंह ने सहमति जताते हुए प्रकरण की जांच करवाने का भरोसा दिलाया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान अजयगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के रोजगार सहायक मौजूद रहे।

कलेक्टर से शिकायत करना नागवार गुजरा

ग्राम पंचायत नंदनपुर की आदिवासी सरपंच सुआकली गौंड़।
उल्लेखनीय है कि, ग्राम पंचायत नंदनपुर की आदिवासी महिला सरपंच सुआकली गौंड़ ने करीब डेढ़ माह पूर्व पन्ना कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से रोजगार सहायक सुरेन्द्र लोध के कारनामों की लिखित शिकायत की थी। आदिवासी सरपंच ने शिकायत में बताया था, रोजगार सहायक उसके साथ अभद्रता करता है, जातिसूचक शब्दों का उपयोग करते हुए अपमानित करता है। और गालियां देकर पंचायत से भगा चुका है। इस कारण वह शारीरिक-मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रही है। सरपंच ने पंचायत के कार्यों में सुरेन्द्र के रूचि न लेने तथा निर्माण कार्यों में 7 प्रतिशत कमीशन मांगने का उल्लेख भी अपनी शिकायत में किया है। सरपंच के इस कदम से जीआरएस कथित तौर पर काफी नाराज चल रहा था। और उससे बदला लेने की फ़िराक में था।
जीआरएस ने मारपीट नहीं, गाली-गलौंज की
आदिवासी सरपंच के पति को पंचायत भवन के बाहर सरेआम पीटते हुए ग्राम रोजगार सहायक के कथित साथी।
श्यामलाल गौंड़ की ओर से धरमपुर थाना में लिखाई गई रिपोर्ट में बताया है, दिनांक 16 अगस्त को दोपहर में 1 बजे जब वह अपनी सरपंच पत्नी सुआकली को लेकर पंचायत भवन में आयोजित ग्राम सभा में पहुंचा तो, कथित तौर पर वहां मौजूद जीआरएस सुरेन्द्र लोध अचानक आगबबूला हो उठा। कलेक्टर से शिकायत करने पर धमकाते हुए आदिवासी दम्पत्ति को गालियां देने से लगा। गाली-गलौंज करने से मना किया तो वहां मौजूद कमलेश लोध, छितारी लोध, राजेंद्र लोध भी अश्लील गालियां देने लगे। इस बीच कमलेश लोध ने श्यामलाल गौंड़ को जमीन पर पटककर लात-घूंसों से मारपीट की गई थी। वहां मौजूद पीड़ित की पत्नी एवं अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर उसे छुड़ाया था। इस दौरान आरोपियों के द्वारा श्यामलाल को अगली बार मिलने पर जान से मारने तथा दोबारा ग्राम सभा में दिखने पर मार डालने की धमकी दी गई थी। सरपंच पति के साथ की गई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ था।

चोरी का खुलासा : आरोपी के कब्ज़े सोने-चाँदी के गहने और सामान जब्त

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अजयगढ़ थाना के तरौनी ग्राम में मजदूर के सूने घर में चोरी करने वाले आरोपी के कब्ज़े से गहने और सामान जब्त करने वाली पुलिस टीम।

*      पन्ना जिले के थाना अजयगढ़ पुलिस को मिली सफलता

मुस्तक़ीम खान, अजयगढ़। (www.radarnews.in) थाना क्षेत्र के ग्राम तरौनी में हीरालाल रजक के सूने घर में विगत दिनों हुई चोरी का अजयगढ़ थाना पुलिस ने तत्परता से खुलासा किया है। मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी हुए गहने और सामान को जब्त करने में सफलता प्राप्त की है।
जानकारी अनुसार, हीरालाल रजक पिता मइयादीन रजक निवासी ग्राम तरौनी ने शुक्रवार 18 अगस्त 2023 को अजयगढ़ थाना आकर रिपोर्ट किया कि, वह कुछ दिनो के लिये अपने बच्चों के साथ मजदूरी करने बाहर चला गया था। तभी पड़ोसी ने बताया कि तुम्हारे घर का ताला टूटा है। अनहोनी की आशंका के चलते वापस गांव आकर देखा तो, घर के अंदर से सोने-चांदी के जेवरात टीव्ही, पंखा गायब थे। कोई अज्ञात चोर सूने घर का ताला तोड़कर सामान चुरा ले गया है। फरियादी हीरालाल की रिपोर्ट पर थाना अजयगढ़ में अपराध क्रमांक 339/23 धारा 457,380 का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। थाना प्रभारी अजयगढ़ के द्वारा सम्पूर्ण घटना की जानकारी पुलिस अधीक्षक साईं एस थोटा को दी गई। मामले के गंभीरता को देखते हुये पुलिस अधीक्षक ने अज्ञात चोर को जल्द से जल्द पकड़ने एवं चोरी गये गहनों व सामान को बरामद करने के निर्देश दिये।
थाना प्रभारी अजयगढ़ उपनिरीक्षक रतिराम प्रजापति द्वारा उक्त चोरी के खुलासे के लिये थाना स्तर पर संदेहियों से पूंछतांछ की। साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। इस बीच पुलिस को मुखबिर के द्वारा चोरी के संदेही व्यक्ति के संबंध में पुलिस को महत्वपूर्ण सूचना दी गई। थाना पुलिस ने उक्त सूचना के आधार पर सिंहपुर तिराहा पहुंचकर वहां संदेहास्पद अवस्था खड़े व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि, फिर चोरी के संबंध में पूंछतांछ करने उसने अपना जुर्म क़बूल कर लिया। थाना पुलिस ने चोरी गए गहने सोने का मंगल सूत्र वजनी 5 ग्राम, चांदी का बिछुआ, पायल वजनी करीब 250 ग्राम तथा एक टीव्ही व एक स्टैण्ड पंखा कुल कीमती 70000/- रूपये का सामान आरोपी के कब्जे से जब्त होने का दावा किया है।
चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर शनिवार 19 अगस्त को न्यायालय पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में पन्ना जिला जेल भेजने की कार्यवाही की पुलिस के द्वारा की गई। चोरी का तत्परता से खुलासा करने में उपनिरीक्षक रतिराम प्रजापति, प्रधान आरक्षक पुष्पेन्द्र मौर्य, वृषकेतु रावत, गणेश सिंह, शंकर सिंह, जयेन्द्र पाल, संतोष तोमर, आरक्षक शिवप्रताप सिंह, रामनरेश गुप्ता, प्रदीप सिंह, प्रमोद पाल, इन्द्रपाल अहिरवार, तरूण वर्मा, अरूण प्रताप सिंह, नरेन्द्र अहिरवार का सराहनीय योगदान रहा।

घोषणा | पन्ना जिले तक नर्मदा का जल लाने के होंगे प्रयास – शिवराज

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पन्ना जिले के गुनौर में जन दर्शन के दौरान उमड़ा जन सैलाब का अभिवादन करते हुए।

*     पन्ना जिले के गुनौर में मुख्यमंत्री के जनदर्शन में उमड़े नागरिक

*     677 करोड़ 49 लाख के विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण, भूमिपूजन

*     सीएम बोले- रक्षा-बंधन के पूर्व लाड़ली बहनों को मिलेगा उपहार

*    गुनौर महाविद्यालय में विज्ञान कक्षाएँ शुरू होंगी, कन्या विद्यालय का होगा उन्नयन
*    क्षतिग्रस्त तालाब की मरम्मत और भितरी मुटमुरू बांध का निर्माण किया जाएगा

पन्ना। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पन्ना जिले के गुनौर क्षेत्र में नर्मदा जल लाने के लिए तकनीकी परीक्षण करवाया जाएगा। जिले के नागरिकों को नर्मदा मैया का पानी उपलब्ध कराया जायेगा। गुनौर के महाविद्यालय में विज्ञान की कक्षाएँ प्रारंभ की जाएंगी। साथ ही स्थानीय कन्या विद्यालय के उन्नयन की कार्यवाही भी की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान पन्ना जिले के गुनौर में जनदर्शन के पश्चात लाड़ली बहनों और नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने 677 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा ध्यान आकर्षित किए जाने पर कहा कि क्षेत्र में क्षतिग्रस्त तालाब की मरम्मत और भितरी मुटमुरू बांध निर्माण का कार्य किया जाएगा।

3 नगर परिषदों को एक-एक करोड़ रूपए

पन्ना जिले के गुनौर क़स्बा में लाड़ली बहना सम्मलेन एवं विकास कार्यों के भूमिपूजन-शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जन-कल्याण में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। जिले के गुनौर, अमानगंज और देवेन्द्रनगर नगरीय निकायों के विकास कार्यों के लिए एक-एक करोड़ रूपए की राशि दी जाएगी। विभिन्न मांग पत्रों और नागरिकों के सुझावों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। क्षेत्र में क्षतिग्रस्त तालाब की मरम्मत और बांध निर्माण का कार्य किया जाएगा।

पूर्व सरकार ने लगाया योजनाओं को पलीता

पन्ना जिले के गुनौर क़स्बा में आयोजित हुए लाड़ली बहना सम्मलेन एवं विकास कार्यों के भूमिपूजन-शिलान्यास कार्यक्रम में अपार विशाल जनसमूह उमड़ा।
मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि पूर्व सरकार ने योजनाओं के क्रियान्वयन पर पलीता लगा दिया था। आज मध्यप्रदेश तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिन-रात जनसेवा में लगे हैं। उन्होंने निर्धन तबके को नि:शुल्क राशन उपलब्ध करवाने का कार्य किया है। मध्यप्रदेश सरकार भी आम जनता के कल्याण के लिए सक्रिय है। यहाँ 600 करोड़ रूपए की राशि से घर-घर तक पाइप लाइन से पानी पहुंचाने का कार्य हुआ है। पूर्व सरकार द्वारा बैगा, सहरिया और भारिया परिवारों के लिए आहार अनुदान की राशि का भुगतान, बहनों को मिलने वाली 16 हजार रूपए की प्रसव सहायता राशि, कन्या विवाह योजना और तीर्थ-दर्शन योजना का क्रियान्वयन बंद कर दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बुजुर्गों को रेल ही नहीं प्लेन से भी तीर्थों के दर्शन करवा रही है।

बहनों को उपहार देने की तिथि आ रही है नजदीक

पन्ना जिले के गुनौर क़स्बा में आयोजित कार्यक्रम में लाड़ली बहनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को विशाल राखी भेंट की।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आगामी 30 अगस्त को रक्षा-बंधन पर्व है। बहनों को भाई का उपहार मिलने वाला है। आगामी 27 अगस्त को दोपहर 1.00 बजे महत्वपूर्ण फैसला लिया जाएगा। लाड़ली बहनों ने यहाँ पगड़ी पहनाकर मेरा स्वागत किया है, इनका सम्मान कभी कम नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि फूल बरसाकर स्वागत करने वाली लाड़ली बहनों की राह में कभी कांटे आने दिए जाएंगे। लाड़ली बहनों की जिन्दगी में कभी अंधेरा न आए, यह मेरा संकल्प है। राखी का कच्चा धागा स्नेह का प्रतीक है। बहनों की आँखों में आँसू नहीं रहने दूंगा। हम मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण का इतिहास बनाएंगे। लाड़ली लक्ष्मी योजना के बाद लाड़ली बहना योजना का क्रियान्वयन प्रारंभ किया गया है। बहनों का सम्मान इस योजना से बढ़ रहा है।
पन्ना जिले के गुनौर क़स्बा में आयोजित लाड़ली बहना सम्मलेन में मंचासीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह एवं अन्य अतिथिगण।
मुख्यमंत्री ने बताया, लाड़ली बहना योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने 15 हजार करोड़ रूपए का प्रबंध किया है। प्रयास यह है कि विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से बहनों की मासिक आमदनी 10 हजार रूपए तक हो जाए। प्रदेश में दुराचारियों के लिए कठोर सजा और फांसी तक के प्रावधान किए गए हैं। कार्यक्रम में खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, खजुराहो सांसद वी.डी.शर्मा, गुनौर से भाजपा उम्मीदवार एवं पूर्व विधायक राजेश वर्मा  और अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि, जनदर्शन में गुनौर के नागरिक मुख्यमंत्री श्री चौहान के स्वागत के लिए उमड़ पड़े। अनेक स्थानों पर मंच बनाकर मुख्यमंत्री का पुष्पहारों से स्वागत किया गया।

विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुनौर में 677 करोड़ 49 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 677 करोड़ 49 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। गुनौर विधानसभा क्षेत्र के लिए 677 करोड़ 49 लाख 46 हजार रूपये के 9 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इनमें 60 करोड़ 17 लाख के 3 विकास कार्यों का लोकार्पण और 617 करोड़ 32 लाख 41 हजार रूपये के 9 विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं शिलान्यास शामिल है। इन कार्यों में 27-27 करोड़ के बिरवाही, देवेन्द्र नगर वितरण केन्द्र एवं पवई क्षेत्र के ग्राम सिमरिया में 132/33 केवी उप केन्द्रों का निर्माण और 6.17 करोड़ लागत का गुनौर बायपास मार्ग- लंबाई 3.30 कि.मी. शामिल है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिन विकास कार्यों के लिए भूमि-पूजन किया, उनमें 506 करोड़ 54 लाख की पवई व्यारमा समूह जल-प्रदाय योजना, 38 करोड़ से शासकीय उत्कृष्ट उमावि, गुनौर का पुनर्विकास कार्य, 31 करोड़ 70 लाख से उत्कृष्ट उमावि ककरहटी का पुनर्विकास, 27 करोड़ 65 लाख की गुनौर की अमृत 2.0 जल-प्रदाय योजना, 12 करोड़ 63 लाख 41 हजार रूपये की लागत से शाहनगर में नवीन शासकीय आईटीआई का निर्माण और 80 लाख से गुनौर नगर परिषद के कार्यालय भवन का निर्माण शामिल है।

सीएम के समक्ष पूर्व विधायक राजेश ने रखी अनेक मांगें

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के उद्बोधन के दौरान गुनौर सीट से भाजपा के उम्मीदवार राजेश वर्मा दोनों हाथ जोड़कर कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का अभिवादन करते हुए नजर आए।
पूर्व विधायक राजेश वर्मा ने गुनौर विधानसभा क्षेत्र के विकास से जुड़ी अनेक मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कन्याओं और लाड़ली बहनों का पूजन तथा दीप प्रज्ज्वलन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को एक बड़ी राखी भेंट की। लाड़ली बहनों ने भी शासकीय योजनाओं पर केन्द्रित पोस्टर को मुख्यमंत्री के सामने प्रदर्शित किया। स्कूल एवं कॉलेज की छात्राओं द्वारा श्री चौहान को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। सम्मेलन में पवई विधायक प्रहलाद सिंह लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मीना राजे, पूर्व विधायक गोरेलाल अहिरवार, नगर परिषद गुनौर की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना सिंह, मलखान सिंह, पूर्व विधायक गुनौर महेन्द्र सिंह बागरी, सतानंद गौतम, पूर्व विधायक उमेश शुक्ला, जयप्रकाश चतुर्वेदी, रामबिहारी चौरसिया, रामअवतार पाठक, अमानगंज नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरिता खटीक, देवेन्द्रनगर नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवांगी गुप्ता, सर्वश्री सुशील त्रिपाठी, मदनमोहन शांडिल्य, दशरथ गुप्ता, अमिता बागरी, गिरधारी चौधरी, धर्मेन्द्र अवधिया, हीरालाल पटेल, दीपक शर्मा, हरेन्द्र त्रिपाठी, मदनमोहन पाण्डेय, प्रशांत चतुर्वेदी आदि उपस्थित थे।