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हिमाचल प्रदेश में बस गहरी खाई में गिरी, हादसे में 7 यात्रियों की मौत

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शिमला। रडार न्यूज़ हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के नजदीक सिरमौर के सनोरा के पास बस गहरी खाई में  गिर जाने के कारण सात लोगों की मौत हो गयी और 12 गंभीर रूप से घायल हो गये। पुलिस ने बताया कि यह वाहन मानव से राजगढ़ की ओर जा रहा था और उसी समय खाई में गिर गई। उन्होंने बताया कि ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। हादसे में सात लोगों की मौत हो गयी और 12 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये।  पुलिस ने बताया कि बचाव अभियान चल रहा है और घायलों को नजदीक के अस्पताल ले जाया गया।  साथ ही शव भी बरामद कर लिये गये हैं। मिली जानकारी के मुताबिक सिरमौर के सनोरा के पास बस गहरी खाई में लुढ़कते हुये चली गई। घटना के दौरान कई यात्रियों के सिर बस में टकरा जाने से जिससे उनको गहरी चोट लग गई। जब तक राहत और बचाव का काम शुरू होता 7 यात्रियों की मौत हो चुकी थी। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने घायलों को बस से बाहर निकाला है।

बुन्‍देलखण्ड क्षेत्र में ग्रीष्मकाल के दौरान पेयजल व्यवस्था की विशेष निगरानी

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सांकेतिक फोटो

पीएचई विभाग के प्रमुख सचिव एवं प्रमुख अभियंता कर रहे सघन भ्रमण 

भोपाल। रडार न्यूज़ प्रदेश के बुन्‍देलखण्ड क्षेत्र के सागर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, दमोह एवं दतिया जिलों के साथ प्रदेश के अन्य जिलों में भी ग्रामीण क्षेत्र में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पेयजल प्रदाय करने के लिये पर्याप्त प्रयास किये जा रहे हैं। बुन्देलखण्ड क्षेत्र के जिलों में पिछले 2-3 वर्षों में अल्प-वर्षा के कारण पेयजल अथवा जल से संबंधित अन्य समस्याएँ प्रदेश की तुलना में अधिक थीं। विभाग ने बुन्देलखण्ड क्षेत्र में विशेष प्रयास कर स्थापित नल-जल योजनाओं/स्थल जल योजनाओं एवं हैण्ड-पम्पों को चालू बनाये रखने के लिये विशेष प्रयास किये हैं। समूचे बुन्देलखण्ड क्षेत्र के 6 जिलों में कुल 2177 नल-जल योजनाएँ एवं कुल 54 हजार 780 हैण्ड-पम्प स्थापित हैं। सागर जिले में 10 हजार 686 स्थापित हैण्ड-पम्पों में से वर्तमान में 10 हजार 6 हैण्ड-पम्प चालू एवं 620 जल-स्तर नीचे जाने एवं 60 हैण्ड-पम्प अन्य कारणों से बंद हैं। छतरपुर जिले में 10 हजार 124 स्थापित हैण्ड-पम्पों में से वर्तमान में 8828 हैण्ड-पम्प चालू एवं 1199 जल-स्तर नीचे जाने एवं 197 हैण्ड-पम्प अन्य कारणों से बंद हैं। पन्ना जिले में 9510 स्थापित हैण्ड-पम्पों में से वर्तमान में 8612 हैण्ड-पम्प चालू एवं 738 जल-स्तर नीचे जाने एवं 160 हैण्ड-पप अन्य कारणों से बंद हैं। टीकमगढ़ जिले में 9606 स्थापित हैण्ड-पम्पों में से वर्तमान में 7931 हैण्ड-पम्प चालू एवं 1339 जल-स्तर नीचे जाने एवं 336 हैण्ड-पम्प अन्य कारणों से बंद हैं। दमोह जिले में 9376 स्थापित हैण्ड-पम्पों में से वर्तमान में 9043 हैण्ड-पम्प चालू एवं 206 जल-स्तर नीचे जाने एवं 127 हैण्ड-पम्प अन्य कारणों से बंद हैं। इसी प्रकार दतिया जिले में 5478 स्थापित हैण्ड-पम्पों में से वर्तमान में 5372 हैण्ड-पम्प चालू एवं 62 जल-स्तर नीचे जाने एवं 44 हैण्ड-पम्प अन्य कारणों से बंद हैं। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सागर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, दमोह एवं दतिया जिले में क्रमश: 664, 347, 348, 319, 355 एवं 144 नल-जल योजनाएँ/स्थल जल-योजनाएँ स्थापित हैं। इनमें से क्रमश: 547, 272, 267, 155, 330 एवं 138 योजनाएँ कार्यरत हैं। ग्रीष्म ऋतु में स्रोत सूखने से बंद योजनाओं को तत्काल नवीन नल-कूप खनन कर चालू करने का भरपूर प्रयास विभाग द्वारा किया जा रहा है।

जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित

लघु सुधार की योजनाएँ, जिनमें बहुत कम राशि में कार्य करके पंचायत के माध्यम से ही पेयजल योजना चालू की जा सके, इसके लिये जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। इस समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत एवं कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य विभाग सदस्य हैं, इन्हें 20 लाख रुपये प्रति योजना प्रति वर्ष तक की राशि की स्वीकृति के अधिकार दिये गये हैं। स्थानीय स्तर पर जिलों के कलेक्टर एवं जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से भी समन्वय स्थापित कर लघु सुधार की योजनाओं को ग्राम पंचायतों के माध्यम से चालू करवाया गया है। वृहद सुधार वाली योजनाओं को विभाग द्वारा चालू किया गया है।

 प्रत्येक विकासखण्ड में 8-8 नवीन योजना का चयन

प्रत्येक घर को नल के माध्यम से जल उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से नवीन ‘मुख्यमंत्री ग्राम पेयजल योजना’ के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक विकासखण्ड में कुल 8-8 नवीन योजनाओं का चयन किया गया है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र के सागर जिले की कुल 40 योजनाएँ लागत रुपये 36 करोड़ 4 लाख की स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 18 योजनाओं के लिये निविदाएँ प्राप्त हो चुकी हैं। छतरपुर जिले की कुल 23 योजनाएँ लागत रुपये 25 करोड़ 25 लाख की स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 2 योजनाओं के लिये निविदाएँ प्राप्त हो चुकी हैं। पन्ना जिले की कुल 8 योजनाएँ लागत रुपये 9 करोड़ 47 लाख की स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 5 योजनाओं के लिये निविदाएँ प्राप्त हो चुकी हैं। टीकमगढ़ जिले की कुल 24 योजनाएँ लागत रुपये 36 करोड़ 4 लाख की स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 9 योजनाओं के लिये निविदाएँ प्राप्त हो चुकी हैं। दमोह जिले की कुल 16 योजनाएँ लागत रुपये 14 करोड़ 65 लाख की स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 13 योजनाओं के लिये निविदाएँ प्राप्त हो चुकी हैं एवं दतिया जिले की कुल 18 योजनाएँ लागत रुपये 15 करोड़ 90 लाख की स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 12 योजनाओं के लिये निविदाएँ प्राप्त हो चुकी हैं। इस वित्तीय वर्ष में 4-4 योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाना है। निविदाओं की शर्तों का सरलीकरण करने से इन योजनाओं में से अधिकतर योजनाओं के लिये निविदाएँ प्राप्त हो गई हैं एवं इनके क्रियान्वयन की कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।

हैण्ड-पम्पों का संधारण

पहले से स्थापित हैण्ड-पम्पों के संधारण के लिये विभाग ने सतत गंभीर प्रयास किये हैं। पिछले एक वर्ष में सागर जिले में 3406 हैण्ड-पम्पों में कुल 28 हजार 204 मीटर पाइप बढ़ाकर, छतरपुर जिले में 3037 हैण्ड-पम्पों में 11 हजार 214 मीटर, पन्ना जिले में 3242 हैण्ड-पम्पों में 17 हजार 943 मीटर, टीकमगढ़ जिले में 3036 हैण्ड-पम्पों में 17 हजार 932 मीटर, दमोह जिले में 2673 हैण्ड-पम्पों में 18 हजार 269 मीटर एवं दतिया जिले में 805 हैण्ड-पम्पों में 3979 मीटर पाइप बढ़ाकर उन्हें चालू किया गया है। इसके अतिरिक्त पिछले एक वर्ष में सागर जिले में 16 हजार 265 हैण्ड-पम्पों के मरम्मत का कार्य, छतरपुर जिले में 19 हजार 766, पन्ना जिले में 12 हजार 458, टीकमगढ़ जिले में 14 हजार 85, दमोह जिले में 9511 और दतिया जिले में 3185 हैण्ड-पम्पों के मरम्मत का कार्य करवाकर पेयजल उपलब्ध करवाया गया है। इस प्रकार हैण्ड-पम्पों को राइजर पाइप बढ़ाकर या साधारण खराबी होने पर त्वरित गति से सुधार कार्य कर चालू करने का भरपूर प्रयास किया जा रहा है।

सिंगल फेस सब-मर्सिबल पम्प

ऐसे ग्राम जिनके हैण्ड-पम्पों में जल-स्तर 200 फिट से नीचे जाने के कारण अधिकतर हैण्ड-पम्प बंद होने की स्थिति में थे, उनमें भी आवश्यकता अनुसार एक या दो नल-कूपों में, जिनमें कि पर्याप्त आवक क्षमता है, उनमें सिंगल-फेस सब-मर्सिबल पम्प स्थापित कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध करवाया गया है। जिला सागर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, दमोह एवं दतिया में क्रमश: 60, 130, 114, 122, 141 एवं 49 सब-मर्सिबल पम्प स्थापित किये गये हैं। ग्रीष्म ऋतु में पेयजल की समस्याओं के निदान के लिये विभाग ने माह दिसम्बर से ही कार्य-योजना बनाकर उसका क्रियान्वयन शुरू कर दिया है। बुन्देलखण्ड के सभी जिलों में पर्याप्त मात्रा में हैण्ड-पम्पों में बढ़ाने के लिये राइजर पाइप एवं प्राथमिक दृष्टि से प्रत्येक जिले में 200-200 सिंगल-फेस सब-मर्सिबल पम्प आवश्यकतानुसार स्थापित करने के लिये उपलब्ध करवा दिये गये हैं।

पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाये रखने अधिकारी सजग

विभागीय प्रमुख सचिव  प्रमोद अग्रवाल एवं प्रमुख अभियंता के.के. सोनगरिया, पूरे प्रदेश के साथ बुन्देलखण्ड क्षेत्र के सभी जिलों में सतत भ्रमण कर पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाये रखने के लिये सभी प्रयास कर रहे हैं। विभाग द्वारा माह फरवरी में ही प्रत्येक जिले के ऐसे कठिन ग्रामों का चिन्हांकन मैदानी अधिकारियों से करवा लिया गया है, जहाँ आगामी ग्रीष्म ऋतु में पेयजल समस्या की संभावना हो। प्रत्येक जिले के कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं विभाग से जिले के कार्यपालन यंत्री-सहायक यंत्री – उपयंत्री भी जिलों में बैठक कर तत्काल कार्यवाही के निर्देश दे रहे हैं। इसके लिये प्रमुख अभियंता द्वारा आदेश जारी कर प्रत्येक वरिष्ठ अधिकारी को 2-3 जिलों की जिम्मेदारी दी गई। इसमें उन्हें ग्रीष्मकाल में प्रत्येक बसाहटों में पेयजल की सुनिश्चितता करने के निर्देश दिये गये हैं। ये अधिकारी अपने प्रभार के जिलों का दौरा कर चिन्हांकित समस्याग्रस्त क्षेत्र के साथ समूचे जिले में कहीं भी व्यवस्थाओं में व्यवधान होने पर उनका समाधान किया जा रहा है। निचले स्तर पर फील्ड में सहायक यंत्री, उप यंत्री एवं हैण्ड-पम्प मैकेनिक भी अपने कार्य-क्षेत्रों में नल-जल योजनाएँ एवं हैण्ड-पम्पों को चालू रखने में सतत भ्रमण कर आवश्यक कार्यवाही कर रहे हैं। वरिष्ठतम अधिकारियों के अतिरिक्त संबंधित मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री एवं कार्यपालन यंत्री भी अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर पेयजल की उपलब्धता पर दृष्टि बनाये हुए हैं। इस प्रकार प्रशासन एवं विभाग का समूचा अमला ग्रीष्म ऋतु में प्रत्येक बसाहट में पेयजल की सुनिश्चितता बनी रहे इसके लिये सजग है।

राज्यों को ओडीएफ बनाने में केन्द्र सरकार करेगी  वित्तीय मदद : सुश्री उमा भारती

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दो अक्टूबर 2018 तक मध्यप्रदेश होगा पूर्ण ओडीएफ राज्य – मुख्यमंत्री श्री चौहान 
उल्लेखनीय प्रगति के लिये मध्यप्रदेश की सराहना 
गोवर्धन योजना का शुभारंभ
 

भोपाल। रडार न्यूज़ केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री सुश्री उमा भारती ने कहा है कि देश को 2 अक्टूबर, 2019 तक पूरी तरह खुले में शौच जाने से मुक्त बनाने का लक्ष्य है। यह लक्ष्य पूरा करने के लिये राज्यों को केन्द्र सरकार भरपूर वित्तीय सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य को वर्ष 2014 से अब तक 3 हजार 180 करोड़ रूपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। वित्त आयोग से स्वच्छता के लिये अलग से धनराशि निर्धारित करने का आग्रह किया जायेगा, जिससे खुले में शौच जाने से मुक्त घोषित होने के आगे की गतिविधियाँ को क्रियान्वित किया जा सके। सुश्री भारती आज यहाँ रविन्‍द्र भवन परिसर में राज्य-स्तरीय स्वच्छता पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रही थीं। सुश्री उमा भारती ने कहा कि प्लास्टिक स्वच्छता का सबसे बड़ा शत्रु है। उन्होंने नागरिकों का आव्हान किया कि सड़क पर किसी भी प्रकार का प्लास्टिक का सामान अथवा पॉलीथीन नहीं फेकें, इससे गौ-धन की हानि होती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की शुरूआत स्व-प्रेरणा से होती है। इसलिये खुले में शौच जाने से मुक्त हो चुकी ग्राम पंचायतों के सरपंचों की यह जिम्मेदारी है कि वे अब ओडीएफ के आगे की गतिविधियों की तैयारी करें। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि स्वच्छता निरंतर चलने वाला काम है। इसे करने में सरकारी पहल का इंतजार नहीं करें। उपलब्ध संसाधनों में ही पहल शुरू करें। उन्होंने स्वच्छता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश द्वारा की गई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की।

स्वच्छता जन-अभियान से बदली है मानसिकता : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि दो अक्टूबर 2018 तक मध्यप्रदेश खुले में शौच जाने से पूरी तरह मुक्त प्रदेश हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को जन-अभियान का स्वरूप दिया है। इससे लोगों की मानसिकता बदली है। लोगों ने स्वच्छता के महत्व को स्वीकारा है। मुख्यमंत्री ने स्वच्छाग्रहियों से अपील की कि लोगों को शौचालय का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। मध्यप्रदेश को स्वच्छ और स्वस्थ प्रदेश बनाने का संकल्प लें। श्री चौहान ने कहा कि स्वच्छता के लिए प्लास्टिक का उपयोग अत्यंत हानिकारक है। इससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचता है। उन्होंने स्वच्छाग्रहियो को संकल्प दिलवाया कि वे धीरे-धीरे प्लास्टिक का उपयोग करना छोड़ दें। नागरिकों को भी इसके लिये प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने असंगठित श्रमिक कल्याण योजना की चर्चा करते हुए स्वच्छाग्रहियों का आह्वान किया कि इस योजना के क्रियान्वयन में पूरा सहयोग करें। उन्होंने बताया कि इस योजना में हर गरीब का अपना मकान होगा, उसे आवासीय भूमि का पट्टा मिलेगा। मुफ्त में इलाज होगा। दुर्घटना होने पर 4 लाख रूपये और सामान्य मृत्यु पर दो लाख रूपये उसके आश्रितों को मिलेंगे। सुश्री उमा भारती और श्री चौहान ने भारत सरकार की गोवर्धन योजना का शुभारंभ किया। यह योजना नरसिंहपुर की ग्राम पंचायत कोदसा एवं ग्वालियर की ग्राम पंचायत चिरूली से शुरू हुई है।

मध्य प्रदेश को अग्रिम बधाई

केन्द्रीय स्वच्छता एवं पेयजल मंत्रालय के सचिव श्री परमेश्वरन अय्यर ने बताया कि वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत अभियान शुरू होने से पहले देश में 55 करोड़ लोग खुले में शौच जाते थे। मात्र साढे़ तीन साल में इनकी संख्या घटकर 20 करोड़ रह गई है। उन्होंने कहा कि पिछले साढे़ तीन सालों में देश को स्वच्छ बनाने के अभियान में जितना काम हुआ, उतना बीते सात दशकों में भी नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि आज 400 जिले और साढे़ तीन लाख लाख गाँव खुले में शौच जाने से मुक्त हो गए हैं। उन्होंने बताया कि दो अक्टूबर, 2019 तक पूरे देश को खुले में शौच जाने से मुक्त करने का लक्ष्य है। श्री अय्यर ने मध्यप्रदेश की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान के संचालन में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने दो अक्टूबर 2018 तक मध्यप्रदेश को पूरी तरह से ओडीएफ राज्य बनाने के संकल्प के लिए अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि अब हर प्रदेश को ओडीएफ से एक कदम आगे बढ़कर कार्य करने की दिशा में रणनीति बनानी होगी।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले हुए सम्मानित 

केन्द्रीय मंत्री सुश्री उमा भारती और मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिला और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, सरपंचों और स्वच्छाग्रहियों को पुरस्कार एवं उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र प्रदान किये। इस अवसर पर सुश्री उमा भारती ने ओडीएफ सत्यापन मार्गदर्शिका का विमोचन किया।पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  गोपाल भार्गव, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विश्वास सारंग, जिला पंचायत अध्यक्ष मनमोहन नागर, सीहोर जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री उर्मिला मरेठा और अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास इकबाल सिंह बैंस उपस्थित थे।

सीधी को मिनी स्मार्ट सिटी बनाया जायेगा : शिवराज

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सीधी में असंगठित मजदूर सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री 

भोपाल। रडार न्यूज़  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीधी को मिनी स्मार्ट सिटी बनाये जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि इसके लिये विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत रिपोर्ट बनवायी जायेगी और सीधी का समुचित विकास किया जायेगा। मुख्यमंत्री सीधी में ग्राम पनवार तथा पूजा पार्क में असंगठित श्रमिकों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 13 जून को ग्रामसभाएँ कर असंगठित श्रमिक कल्याण योजना के पात्र हितग्राहियों को हित-लाभ वितरित किये जायेंगे। इसके बाद यह काम लगातार जारी रहेगा। मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उनका मकसद प्रदेश के गरीबों के जीवन में नया सवेरा लाना है। प्राकृतिक संसाधनों में सभी का समान हक है और गरीबों को उनका ये हक प्रदेश की सरकार प्रदान करेगी। प्रत्येक गरीब भूमिहीन को जमीन का पट्टा देकर मालिक बनायेंगें। अगले 4 वर्षों में प्रत्येक गरीब को पक्का मकान बनाने के लिये प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सहायता प्रदान की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी वर्गों के गरीब छात्र-छात्राओं की उच्च शिक्षा जैसे इंजीनियरिंग, मेडिकल, आई.आई.टी. आदि पाठ्क्रमों में लगने वाली फीस की राशि राज्य सरकार भरेगी। सभी गरीबों का इलाज निःशुल्क करवाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक परिवार की गर्भवती माताओं को छः माह से नौ माह तक 4 हजार रूपये एवं प्रसव के बाद पौष्टिक आहार के लिये 12 हजार रूपये की राशि महिलाओं के खातों में जमा करवाई जायेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि 60 वर्ष से कम आयु के मजदूर की मृत्यु होने पर 2 लाख की और दुर्घटना से मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये की राशि परिवार को दी जायेगी। मजदूरों के परिवारों को 200 रूपये फ्लेट रेट पर बिजली दी जायेगी। श्रमिक की मृत्यु होने पर उसके अंतिम संस्कार के लिए 05 हजार रूपये की सहायता दी जायेगी। कार्यक्रम में सांसद रीति पाठक, राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह, विधायक कुँवर सिंह टेकाम, विन्ध विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  सुभाष सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष अभ्युदय सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुश्री शकुन्तला सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह उपस्थित थे। सम्मेलन में श्रमिकों को पंजीयन प्रमाण-पत्र और हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत हित-लाभ पत्र बाँटे गये।

पूर्व विधायक ने बोलेरो से बाइक सवारों को रौंदा

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महिला सहित चार व्‍यक्तियों को किया घायल

घायलों का इलाज कराने के बजाए मौके से भाग निकले गोरेलाल

अमानगंज थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच

पन्ना। रडार न्यूज गुनौर के पूर्व विधायक एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता गोरेलाल अहिरवार ने आज लापरवाहीपूर्वक बोलेरो जीप चलाते हुए लगातार दो  सड़क दुर्घटनाओं को अंजाम दिया गया। एक घटना में जहां उन्होंने घटारी ग्राम के समीप बाइक सवार दो लोगों को सीधी ठोकर मारी, वहीं अमानगंज के समीप एक महिला और उसके पुत्र को  जीप की ठोकर मारकर मौके से भाग निकले।

पूर्व विधायक गोरेलाल अहिरवार

पहला हादसा शनिवार सुबह करीब 10 बजे अमानगंज के समीपी ग्राम घटारी में हुआ। बोलेरो की ठोकर लगने से जमीन पर गिरे घायल बाइक सवार इन्द्रभान सिंह पुत्र करन सिंह ठाकुर 33 वर्ष व सुरेश पड़ रहा को इलाज हेतु अपनी जीप से स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाने की बजाये, आरोपी वाहन चालक पूर्व विधायक मौके से ही भाग निकले। इस घटना में घायल इन्द्रभान सिंह कि शिकायत पर अमानगंज थाना पुलिस ने पूर्व विधायक गोरेलाल अहिरवार के खिलाफ अपराध क्रमांक 189/18 धारा 279,337 आईपीसी एवं धारा 184 मोटर ह्नीकल एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया हैं। घायलों के अनुसार वे अपने गांव सिंघौरा से सथनिया जा रहे थे, तभी अमानगंज-गुनौर मार्ग पर घटारी के समीप सामने से आ रही बोलेरो ने उन्हें ठोकर मार दी। घायलों के अनुसार घटना के समय पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता गोरेलाल अहिरवार निवासी झरकुआ वाहन चला रहे थे। घटारी में दुर्घटना केा अंजाम देकर भागे पूर्व विधायक ने अमानगंज में प्रवेश होते ही पानी की टंकी के पास अमानगंज से महेवा जा रही महिला श्रीमति मल्लू पति रमेश व उसके पुत्र नंदकिशोर को भी ठोकर मार दी। इस हादसे में महिला को गंभीर चोटें आई व उसका पुत्र भी घायल हुआ, जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया गया। इस घटना में गंभीर रूप से घायल महिला को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज के लिये रिफर किया गया। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। इन दुर्घटनाओं को लेकर अफवाह यह भी है कि पूर्व विधायक शराब के नशे में थे। हालांकि इस बात की कहीं से पुष्टी नहीं हुई है। विधायक से जब दुर्घटनाओं को लेकर उनका पक्ष्‍ा जानने के की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। प्रत्यक्षदर्शियों को अनुसार दुर्घटनाएं घटित करने के बाद पूर्व विधायक ने घायलों का हालचाल जानना भी उचित नहीं समझा। पूर्व विधायक के इस रवैये से लोगों में गहरी नाराजगी व्याप्त हैं।

बारातियों से भरा ट्रक पलटा, 50 से अधिक घायल

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शराब के नशे में मदहोश था चालक, गंभीर हादसे में बाल-बाल बचीं लोगों की जान

पन्ना-कटनी मुख्य मार्ग पर आमा मोड़ पर हुआ हादसा

पन्ना। राडार न्यूज़ जिले के शाहनगर में थानांतर्गत पन्ना-कटनी मुख्य मार्ग पर आज दोपहर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 50 से अधिक लोग बुरी तरह घायल हो गये। उपलब्ध जानकारी के मुताबित ग्राम लुधगमा से रहुनियां चौधरी परिवार की बारात पहुंची थी। बारातियों के लिये एक मिनी ट्रक की व्यवस्था की गई थी। आज दोपहर करीब 12 बजे रहुनियां से बारात वापिस हुई तो 407 ट्रक एमपी 20 जीए 5528 का चालक बुरी तरह से शराब के नशे में मदहोश था। लेकिन फिर भी उसने 50 से अधिक लोगों को अपने ट्रक में सवार किया और यात्रा प्रारंभ कर दी। जैसे ही वह आमा मोड पर पहुंचा, तो उसका ट्रक तेज रफ्तार के कारण आनियंत्रित हो गया। शराब के नशे में मदहोश चालक ने वाहन को नियंत्रण में करने का पूरा प्रयास किया, लेकिन ट्रक खेत से होता हुआ नाले के समीप पलट गया। इस हादसे में ट्रक में सवार लगभग सभी बारातियों को गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहनगर पहुंचाया गया। जहां गंभीर रूप से घायल करीब 12 लोगों को उपचार के लिये कटनी जिला चिकित्सालय के लिये रिफर कर दिया गया। घायल अशोक चौधरी निवासी लुधगमा ने बताया कि चालक की लापरवाही और शराब के नशे में होने के कारण यह हादसा हुआ है। उसने बताया कि वाहन में करीब 50 से अधिक लोग सवार थे। जिसकी तरह सभी की जान बच सही। इस घटना में राहत की बात यह रही कि इतने गंभीर हादसे में किसी की जान नहीं गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची शाहनगर थाना पुलिस ने आरोपी चालक को तुरंत ही हिरासत में लिया और घटना पर उसके विरूद्ध अपराध क्रमांक 142 धारा 279,33,,184 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया। इस घटना में छब्बू चौधरी, छग्गा चौधरी, पप्पू चोधरी, अशोक चौधरी, छोटू चौधरी, मोहन चौधरी, मनीष चौधरी, प्यारे चौधरी, सतीश चौधरी, डरे चौधरी, रमेश चौधरी, विष्णु चौधरी को गंभीर चोटें आई हैं।

आमा मोड़ पर अक्सर होते हैं हादसे

पन्ना-कटनी मुख्य मार्ग पर आमा मोड़ में आये दिन हादसा होने की खबरें आती रहती है। इस मोड़ पर बड़ी संख्या में लोगों की जानें जा चुकी हैं। मोड़ पर सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण हादसों की संख्या में इजाफा हो रहा है। विदित हो कि पूर्व हुए एक हादसे में पिकप वाहन में सवार 8 लोगों की इसी स्थान पर दर्दनाक मौत हो गई थी। बावजूद इसके इस मोड़ पर संभावित दुर्घाटना क्षेत्र मानते हुए यहां कोई विशेष प्रबंध नहीं किये गये है। जिसके चलते आये दिन यहां हादसे होते रहते हैं।

कपिलधारा कूपों ने बदली पिछड़ा वर्ग बाहुल्य ग्राम महाराजगंज की तस्वीर

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किसानों की आय हुई दोगुनी, जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव दिखने लगे हैं

पन्ना। रडार न्यूज कपिलधारा कूप योजना ने पन्ना जिले के पिछड़ा वर्ग बाहुल्य ग्राम महाराजगंज की तकदीर बदल दी है। पन्ना जिले की जनपद पंचायत शाहनगर अन्तर्गत आने वाले पिछड़ा वर्ग बाहुल्य ग्राम महाराजगंज में कुल 452 परिवार निवासरत है। यहां के लोगों की आय का मुख्य स्त्रोत कृषि या मजदूरी है। यहां का किसान खेती के मामले में ज्यादातार वर्षा जल पर ही आश्रित है। इस कारण से ज्यादातर केवल धान की फसल ही ले पाते है। इस ग्राम पंचायत में मनरेगा योजनान्तर्गत छोटे किसानों को कपिलधारा उपयोजना के अन्तर्गत सिंचाई कूप की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिसके अन्तर्गत 35 कपिलधारा कूप इस ग्राम पंचायत में पूर्ण हो चुके है। सभी कूपों में पर्याप्त पानी है। कल तक जो किसान मुश्किल से केवल एक फसल ले पाते थे, कपिलधारा कूप की मदद सेे दो फसलें ले रहे है। जो किसान पहले सिर्फ धान की फसल लेते थे, वह अब चना, मसूर, गेहूं आदि की फसल भी लेने लगे है। जिससे इन किसानों को कृषि से प्राप्त होने वाली आय लगभग दोगुनी हो गई है। वर्तमान समय में कपिलधारा कूप के माध्यम से लगभग 80 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हो रही है। जिसमें कुछ किसान दो फसलों के अतिरिक्त सब्जी आदि का भी उत्पादन करके अपनी आमदनी में वृद्धि कर रहे है। निश्चित् रूप से कपिलधारा कूप योजना का लाभ जिन किसानों को मिला है, उनकी आर्थिक उन्नति तो हुई ही है, साथ ही उनका रहन सहन में भी सुधार आया है। वर्तमान समय में महाराजगंज में 2.2 लाख रूपये की लागत से 10 नये स्वीकृत हितैषी कपिलधारा कूप का कार्य स्वयं हितग्राहियों द्वारा किया जा रहा है। सभी कूपों में 8.10 फिट पानी उपलब्ध है एवं कूपों में बंधाई का कार्य तेजी से चल रहा है। वर्तमान समय में हितग्राही पहलवान आदिवासी, लोकेश कुमार, बाई लोधी, मानिक लाल, श्यामले लोधी, बेनी प्रसाद, हक्के, कुसुम बाई, सोना बाई एवं राजाराम लोधी के कूपों में काम चल रहा है। कूप पूर्ण होने पर निश्चित् ही इन किसानों को भी अपनी खेती में पर्याप्त लाभ प्राप्त होगा। गत दिवस दिनांक 11 मई 2018 को ग्राम पंचायत महाराजगंज में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत पन्ना डाॅ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा भी हितैषी कपिलधारा कूपों का निरीक्षण किया गया। जिसमें उन्होंने पाया कि हितैषी कपिलधारा कूपों का कार्य हितग्राहियों द्वारा पूरी लगन के साथ किया जा रहा है और शीघ्र ही ये कूप पूर्ण हो जायेंगे। उन्होने ग्राम पंचायत में निर्मित कपिलधारा कूपों के पर्याप्त जल स्तर एवं उससे किसानों को होने वाले लाभ को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की है। यह कहना अतिश्योक्ति नहीं है कि कपिलधारा कूप योजना मकरंदगंज के कृषकों के लिए वरदान साबित हुई है जिसने गांव की तस्वीर ही बदल दी है।

परीक्षा परिणाम से हताश ना हों विद्यार्थी

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बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट घोषित होने के पूर्व कलेक्टर ने की अपील

पन्ना। रडार न्यूज आगामी दिवसों में माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा कक्षा 10 वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम जारी किए जाने हैं। पन्ना जिले के 29 हजार से भी ज्यादा विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है। इस संबंध में जानकारी देते हुए कलेक्टर मनोज खत्री ने जिले के सभी परीक्षार्थियों से कहा है कि आप सभी बच्चों ने अपनी क्षमता के अनुरूप इन बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर करने का प्रयास किया होगा। निश्चि ही सभी को अपनी मेहनत के अनुरूप परीक्षा परिणाम भी मिलेंगे। उन्होंने बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि यदि किन्हीं कारणों से किसी बच्चे का परीक्षा परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं आता है अथवा वे परीक्षा में असफल हो जाते हैं तो भी उन्हें घबराने या निराश होने की आवश्यकता नहीं है। जीवन में परीक्षा परिणाम ही सब कुछ नहीं होते। अच्छे केरियर बनाने के और भी बेहतर विकल्प मौजूद हैं। आपका जीवन और खुशी आपके एवं आपके परिवार के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं। परीक्षा परिणाम को सुधारने के लिए दूसरा अवसर मिलता है। अंकों की पुनर्गणना के लिए भी आवेदन किया जा सकता है। लेकिन जीवन को बचाने के लिए कोई दूसरा अवसर नहीं मिलता। इसीलिए हताशा और निराशा की स्थिति में भी अपने जीवन से किसी तरह का खिलवाड़ न करेें। साथ ही कलेक्टर श्री खत्री ने विद्यार्थियों के अभिभावकों से कहा कि आपका बच्चा अपने आप में विशिष्ट है। परीक्षा पिरणाम को लेकर उसकी किसी से तुलना न करें। उन्होने अभिभावकों से बच्चों का परीक्षा परिणाम चाहे जैसा आए, उसे स्वीकारने और हर स्थिति में बच्चों का साथ देने की अपील की है।

सूचना प्रौद्योगिकी से लाभ उठायें पर दूसरों को नुकसान न पहुंचायें

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एडीजी नारकोटिक्स वरूण कपूर ने सायबर अपराधों का दिया प्रशिक्षण

सायबर सुरक्षा पर आयोजित कार्यशाला में बोले – ‘‘सायबर अपराधों के प्रति जागरूकता ही है बचाव‘‘

पन्ना। रडार न्यूज   संचार क्रांति के फलस्वरूप सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का दायरा लगातार जिस तेजी से बढ़ रहा है उसी गति से सायबर क्राईम में भी वृद्धि हो रही है। सायबर अपराधों के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करने के उद्देश्य से पन्ना के छत्रशाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को ‘‘सायबर सुरक्षा‘‘ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई। जिसमें अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नारकोटिक्स विभाग एवं पुलिस महानिदेशक पुलिस रेडियो प्रशिक्षण शाला इन्दौर वरूण कपूर मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, फेकल्टीज एवं पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों ने भाग लिया व सायबर सुरक्षा के मूलमंत्रों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर एडीजी वरूण कुमार ने कहा कि वर्चुअल वल्र्ड में डाटा ही सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है, इसलिए अपना डाटा सुरक्षित रखने के लिए हर संभव उपाय करें। सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग को लेकर छात्र-छात्राओं को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह देते हुए आपने कहा कि वर्चुअल वर्ल्ड  में कुछ भी शेयर या लाईक आदि अच्छी तरह सोच समझकर ही करें। सायबर अपराध बढ़ने के कारण बताते हुये उन्होंने कहा कि सायबर स्पेस में जो दिखता है वह होता नहीं है। लोग सुरक्षा के उपाय नहीं करते है साथ ही इससे संबंधित कानून की जानकारी भी नहीं रखते है, इसलिए सायबर अपराध का शिकार होते है। आज जहाँ पूरा विश्व मोबाईल, इंटरनेट के माध्यम से आपस में जुड़ गया है, दैनिक कार्यों में इंटरनेट का उपयोग अब सामान्य बात है, लेकिन हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वर्तमान समय में सबसे तीव्र गति से बढ़ने वाला अपराध सायबर अपराध है। आज आपके और आपकी डिवाईस के बीच अपराध होने की संभावना बढ़ गई है। इसी प्रकार डिजिटल फुटप्रिंट, आईडेंटीटी थेप्ट, एटीएम फ्राॅड, काल स्पूफिंग, फिसिंग, आर्थिक धोखाधड़ी, एटीएम फ्राॅड, सायबर स्टाकिंग एवं सायबर से जुड़े अपराध है जिनके बारे में जानकारी होना आवश्यक है। श्री कपूर ने कहा कि आधुनिक टेक्नालाॅजी का इस्तेमाल सुरक्षित ढंग से अपने लाभ के लिये करें न कि दूसरों को नुकसान पहुंचाने में। अब समय आ गया है जब छात्र-छात्राऐं सायबर सुरक्षा के क्षेत्र में अपना कैरियर बना सकते है। यह रोजगार का एक अत्यंत विस्तृत क्षेत्र बनकर उभरा है। छात्र-छात्राएं सायबर लाॅ के क्षेत्र में, अनुसंधान के क्षेत्र में प्रशिक्षण लेकर अपने लिये सुरक्षित रोजगार तो प्राप्त कर ही सकते हैं साथ ही देशसेवा का कार्य भी कर सकते है। कार्यशाला में एडीजी वरूण कपूर ने आईटी एक्ट एवं इसकी विभिन्न धाराओं की भी जानकारी दी गई ।

इन बातों का रखें ध्यान-

  • युवा सोच-समझकर ही फेसबुक पर दोस्त बनायें।
  • इलेक्ट्रानिक्स डिवाईस का उपयोग करते समय हमेशा सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखें।
  • सायबर दुनिया के मायाजाल में काल्पनिक चीजों के पीछे भागने की अपेक्षा मेहनत कर अपनी मंजिल प्राप्त करें।
  • मोबाईल-इंटरनेट का उपयोग करते समय प्रलोभन वाले मैसेज से बचें, क्योंकि बगैर किसी कार्य के आपको कोई भी कुछ भी निःशुल्क नहीं देगा।
  • सायबर अपराधों को नियंत्रित करने व इसके दुष्प्रभावों से बचने का सबसे सशक्त माध्यम इसकी जानकारी होना-जागरूक होना है।

छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित-

कार्यशाला में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दो सक्रिय छात्र-छात्राओं को श्री कपूर ने प्रमाण-पत्र व गोल्डन बैज प्रदान कर सम्मानित किया। श्री कपूर को कार्यशाला समापन पर प्राचार्य द्वारा स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या श्रीमति किरण खरे, पुलिस अधीक्षक पन्ना रियाज इकबाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना बीके सिंह परिहार, एसडीओपी पन्ना उमराव सिंह, सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्रायें एवं पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

ग़रीब परिवार की मदद के लिए आगे आये लोग

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परिवार के मुखिया की बीमारी से हो गई थी मौत

मोहन्द्रा – रडार न्यूज़  नगर के चौरसिया समाज के लोगों ने मानवता की मिशाल कायम करते हुए एक गरीब परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की बीमारी से मौत होने पर उसके आश्रितो को तत्परता से आर्थिक सहायता प्रदान की है। चौरसिया समाज के नवयुवकों ने दुःखी परिवार की मदद के लिए हाँथ आगे बढ़ाते हुए मृतक राजेंद्र चौरसिया की बेबा को आर्थिक सहायता के तौर पर 9300 रुपये दिए हैं। स्वप्रेरणा से युवाओं द्वारा की गई पीड़ित मानवता की सेवा से जुड़ी इस नेक पहल की सर्वत्र सराहना हो रही है। उल्लेखनीय है कि राजेंद्र चौरसिया का 38 वर्ष की आयु में ब्लड कैंसर की बजह से भोपाल में उपचार के दौरान दुखद निधन हो गया था। पान की खेती करके जीवनयापन करने वाला राजेंद्र अपने परिवार का एकमात्र कामांने वाला सदस्य था। उसकी मौत के बाद दो छोटे बच्चों और पत्नी की जिम्मेदारी वृद्ध पिता के कंधों पर आगई है।