Home Blog Page 20

MP : एसआई के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर पत्रकार आज देंगे गिरफ्तारी

0
पत्रकार के साथ अभद्रता करने वाले एसआई के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर पन्ना जिला मुख्यालय के पत्रकारों ने गत दिवस पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरना दिया था।

*     पन्ना में पत्रकार के साथ अभद्रता मामले पर चरणबद्ध आंदोलन जारी

*     जिला जनसम्पर्क कार्यालय प्रभारी की भूमिका को लेकर भी जबरदस्त आक्रोश व्याप्त

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) सरेआम वर्दी का रौब दिखाकर आंचलिक पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस उप निरीक्षक भानु प्रताप सिंह के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध न होने से पन्ना जिले के पत्रकारों के साथ आमजन में भी रोष व्याप्त है। बदमिजाज़ उप निरीक्षक के खिलाफ नियमानुसार क़ानूनी कार्यवाही की जायज़ मांग को लेकर जिले के पत्रकार सप्ताह भर से चरणबद्ध आंदोलन कर रहे है। इसी क्रम में शुक्रवार 25 अक्टूबर को समस्त पत्रकार अपनी गिरफ़्तारी देकर पुलिस और प्रसाशन के हठधर्मी रवैये के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज करवाएंगे। जिले के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार होगा जब व्यवस्था के अन्यायपूर्ण रवैये से क्षुब्ध कलमकार (पत्रकार) सांकेतिक जेल भरो आंदोलन के तहत अपनी गिरफ्तरी देंगे।
पत्रकार शिवकिशोर पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि, शुक्रवार 25 अक्टूबर को जिले भर के पत्रकार साथी दोपहर 1 बजे श्री जुगुल किशोर जी मंदिर के बाहर एकत्र होंगें। इसके पश्चात दोपहर 2 बजे पैदल मार्च करते हुए कोतवाली थाना पहुंचकर सभी पत्रकार साथी अपनी गिरफ़्तारी देंगे। विदित हो कि, कुछ दिन पूर्व एसआई एवं बृजपुर थाना प्रभारी भानु प्रताप सिंह ने टिकरिया ग्राम में स्थानीय पत्रकार सतीश विश्वकर्मा के साथ सरेआम मारपीट, गाली-गलौंज और अभद्रता करते हुए मोबाइल फोन जबरन छुड़ा लिया था। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम उस समय हुआ जब टिकरिया ग्राम के एक दुकानदार को कथित तौर पर एसआई और एक पुलिसकर्मी के द्वारा नियम-प्रक्रिया का पालन न करते हुए गिरफ्तार कर अपने साथ ले जाने रहे थे। मौके पर भीड़ जुटने पर दुकानदार को ले जा रही पुलिस के नकली होने की अफवाह फ़ैल गई।
स्थानीय पत्रकार सतीश विश्वकर्मा ने वहां पहुंचकर पुलिसकर्मियों से उनका परिचय और दुकानदार को गिरफ्तार करने का सबब पूंछा। लेकिन एसआई भानु प्रताप ने स्पष्टता के साथ संतोषजनक उत्तर न देकर पत्रकार से बाहर जाने के लिए कहा गया। बिना किसी देरी के सतीश बाहर निकलकर पुलिस की कार्यवाही का वीडियो बनाने लगे तो यह देखकर एसआई भानु प्रताप अचानक भड़क उठे। उन्होंने सरेआम वर्दी का रौब दिखाते हुए ‘पुलिसवाला गुंडा’ की तरह पत्रकार के साथ मारपीट, गाली-गलौज कर मोबाइल फोन छुड़ा लिया। पत्रकार के साथ अभद्रता करने में एक पुलिसकर्मी भी शामिल था।
लोकतंत्र के अघोषित चौथे स्तंभ के साथ अपराधियों जैसा सुलूक करने के बेहद अफ़सोसनाक घटनाक्रम का सर्वाधिक विचलित और चिंतित करने वाला पहलू यह है कि, निरपराध पत्रकार को सरेआम बेइज्जत करने के बाद एसआई ने उल्टा उसी पर शासकीय कार्य में बाधा डालने सहित अन्य आरोप लगाकर शाहनगर थाना में आनन-फानन में आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करवा दिया। लेकिन पुलिस ने वास्तविक पीड़ित पत्रकार की शिकायत पर अब तक एसआई व पुलिसकर्मी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध नहीं किया। घटना का वीडियो वायरल होने से लेकर सच्चाई सामने आने के बाद भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की ओर से एसआई के खिलाफ प्रथम दृष्टया सख्त एक्शन भी नहीं लिया गया। जिससे यह मामला लगातार तूल पकड़ रहा है।
अपने साथी को न्याय दिलाने के लिए पन्ना जिले के पत्रकार सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर है। बता दें कि, एसआई भानु प्रताप सिंह पत्रकारों के साथ पूर्व में पन्ना जिला चिकित्सालय में एक मामले का कवरेज करने के दौरान अभद्रता कर चुके हैं। पत्रकार सतीश विश्वकर्मा प्रकरण में जिले के पत्रकारों में जनसम्पर्क कार्यालय पन्ना प्रभारी देवेन्द्र सिंह की भूमिका को लेकर भी जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। जनसम्पर्क कार्यालय प्रभारी पन्ना में अपनी पदस्थापना के बाद से ही अंग्रेजों की नीति पर चलते हुए पत्रकारों के बीच फूट डालने और प्रशासन को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।

संत वैराग्यसदन साहेब को चंदन तिलक और पुष्पहार पहनाकर घोषित किया कबीर आश्रम महंत

0
कबीर मंदिर गद्दी रीवा के वरिष्ठ महंत‌ सनाथ साहब ने संत वैराग्यसदन साहेब को तिलक लगाकर सदगुरु कबीर ध्यान-योग मंदिर ट्रस्ट शाला सिमरा खुर्द का महंत घोषित किया।

 पन्ना जिले की पवई तहसील के ग्राम सिमरा खुर्द स्थित कबीर मंदिर में महंती कार्यक्रम‌ संपन्न

  शरदपूर्णिमा के पावन अवसर पर ‌आयोजित कार्यक्रम में कई जिलों के कबीर भक्त हुए शामिल

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) सदगुरु कबीर ध्यान-योग मंदिर ट्रस्ट शाला सिमरा खुर्द के तत्वाधान में ‌बुधवार 16 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर पर महंती कार्यक्रम‌ सैंकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में परंपरनुसार संपन्न हुआ। इस गरिमामयी कार्यक्रम में कबीर मंदिर गद्दी रीवा के वरिष्ठ महंत‌ सनाथ साहब द्वारा ‌संत श्री वैराग्यसदन साहेब का चंदन तिलक करके और पुष्पहार पहनाकर कबीर आश्रम गद्दी सिमरा खुर्द का महंत घोषित किया गया। संत वैराग्यसदन सिमराखुर्द कबीर आश्रम गद्दी के 12वें महंत है। उन्हें सर्वसम्मति से महंत घोषित किए जाने पर कबीर भक्तों द्वारा पुष्प वर्षा और सदगुरु कबीर साहेब, सनाथ साहेब, मंगलदास साहब एवं महाराज पूरनदास का जयघोष करके अपार प्रसन्नता जाहिर की गई।
महंती कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार ज्ञापित करते हुए नवनियुक्त महंत‌ वैराग्यसदन साहेब और सभी को आशीर्वाद देते वरिष्ठ महंत सनाथ साहब।
कार्यक्रम के मुख्य प्रवक्ता वरिष्ठ महंत‌ सनाथ साहब जी ने नव नियुक्त महंत वैराग्यसदन साहेब का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। इस अवसर पर सनाथ साहब ने महान आध्यात्मिक सद्गुरु कबीर साहेब के जीवन दर्शन, पारख ज्ञान पर प्रकाश डालते हुए उनकी शिक्षाओं को जीवन में उतारकर आत्मिक उन्नति करने के लिए श्रद्धालुओं को प्रेरित किया। कबीर पंथ की सेवा का अवसर प्राप्त होने पर अनुग्रह के भाव से भरे नवनियुक्त महंत वैराग्यसदन ने विम्रतापूर्वक उपस्थित श्रद्धालुओं के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए इसे अपना सौभाग्य माना है। तदुपरांत श्रद्धालुओं ने साधु-संतों को पुष्प अर्पित कर और उनकी आरती उतारकर बंदगी की। साथ ही नए महंत वैराग्य सदन साहेब को शुभकामनाएं देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कबीर भक्तों ने उम्मीद जताई है कि नए महंत के प्रयासों एवं सबके सहयोग से सदगुरु कबीर ध्यान योग मंदिर ट्रस्ट शाला सिमरा खुर्द मानव कल्याण और आध्यात्मिक विकास के उच्चतम शिखर पर पहुंचेगी। मंचीय कार्यक्रम के अंत में भंडारे का आयोजन किया जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
पन्ना जिले की पवई तहसील के ग्राम सिमरा खुर्द स्थित कबीर मंदिर में आयोजित महंती कार्यक्रम‌ बड़ी संख्या कबीर भक्त शामिल हुए।
कबीर ध्यान योग मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में  विशिष्ट अतिथि  के रूप में रामबिहारी कुशवाहा (अधिवक्ता नागौद), मोहनलाल कुशवाहा (धनेह, उचेहरा) , रामसजीवन कुशवाहा, डॉ. ईश्वरदीन पटेल (जबलपुर), सामाजिक कार्यकर्ता पन्नालाल पंथ जबलपुर, रूपलाल बम्हौरी, शिवराज पटेल, कन्छेदी, सीताराम, रामस्वरूप, सरूपा, शिवप्रसाद, फदाली, हरीराम (सिमराखुर्द), बलीराम पटेल पूर्व सरपंच सिमराकला, सदगुरु कबीर ध्यान-योग मंदिर ट्रस्ट शाला सिमरा खुर्द के अध्यक्ष  इंजी. जवाहर लाल कुशवाहा, उपाध्यक्ष जवाहर पटेल, महासचिव अजुद्धी पटेल, कोषाध्यक्ष रामखिलावन, सहसचिव गुलजारी पटेल सहित पन्ना जिला के अलावा पड़ोसी जिला सतना, कटनी, जबलपुर और रीवा के सैंकड़ों कबीर भक्त शामिल रहे।

अनियमितता | ठेकेदार को आर्थिक लाभ पहुंचाने नियम-प्रक्रिया को मज़ाक बनाकर किया 35 लाख रुपए का अतिरिक्त भुगतान

0
जिले सिंह बघेल, मुख्य अभियंता, (भवन) लोनिवि, संभाग रीवा।

*     माप पुस्तिका में पेज चस्पा करके तैयार किया गया कूटरचित बिल

*     पन्ना जिले के लोक निर्माण विभाग (भवन) का मामला

*     उपयंत्री ने उजागर किया कार्यपालन यंत्री और सहायक यंत्री का फर्जीवाड़ा

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के अति पिछड़े पन्ना जिले में व्याप्त भ्रष्टाचार सारी सीमाएं लांघ चुका है। जिले के कतिपय प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारियों, सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधि-राजनेता मिलकर संगठित तरीके से सरकारी धन को लूटकर अपनी तिजोरी भरने के एक सूत्रीय अभियान में जुटे है। यहां आए दिन सरकारी योजनाओं एवं कार्यों में गंभीर अनियमितता से जुड़े हैरान करने वाले मामले सामने आने से सूबे की मोहन सरकार का भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का दावा पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है। पन्ना के लोक निर्माण विभाग (भवन) के कार्यपालन यंत्री व सहायक यंत्री का फर्जीवाड़ा इसका ताज़ा उदाहरण है। दोनों ही तकनीकी अधिकारियों पर जिला चिकित्सालय उन्नयन कार्य के ठेकेदार को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए पद का दुरुपयोग करते हुए भुगतान संबंधी नियम-प्रक्रिया को ठेंगा दिखाने का आरोप लगा है।
कथित तौर पर निहित स्वार्थपूर्ति के चक्कर में तकनीकी अधिकारियों ने माप पुस्तिका के साथ छेड़छाड़ करते हुए कूटरचित बिल तैयार कर हॉस्पिटल ठेकेदार को 35 लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान कर दिया। बिल्डिंग का जो कार्य अभी हुआ भी नहीं ठेकेदार को उसकी राशि का भुगतान कर शासन को आर्थिक क्षति पहुँचाने से जुड़े इस मामले का खुलासा किसी ओर ने नहीं बल्कि संबंधित कार्य के प्रभारी उपयंत्री ने विभाग के प्रमुख सचिव को भेजी गई शिकायत में किया है। कार्यपालन यंत्री के मनमाफिक ठेकेदारों को अतिरिक्त भुगतान करने में आवश्यक सहमति न देने पर उपयंत्री के प्रभार से संबंधित कार्यों में चार साल के अंदर सात बार बदलाव किया गया। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए प्रमुख सचिव ने मामले की जांच के निर्देश दिए है। आर्थिक अनियमितता एवं प्रताड़ना से संबंधित इस प्रकरण की जांच अधीक्षण यंत्री (भवन) लोक निर्माण विभाग मण्डल रीवा ने शुरू कर दी है।
निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग (पीआईयू) वर्तमान नाम लोक निर्माण विभाग (भवन) पन्ना ने माह नवंबर 2020 में दो सौ बिस्तरीय जिला चिकित्सालय पन्ना का 300 बिस्तरीय में उन्नयन करने के लिए कार्यादेश जारी किया था। लगभग 11 करोड़ 80 लाख से अधिक की लागत से नवीन हॉस्पिटल बिल्डिंग का निर्माण कार्य ठेके पर लक्ष्मी चन्द एण्ड कम्पनी, ग्वालियर द्वारा कराया जा रहा है। कार्य पूर्णता के लिए निर्धारित समयसीमा दो वर्ष पूर्व समाप्त होने के बाद भी हॉस्पिटल बिल्डिंग अधूरी पड़ी है। घटिया फिनिशिंग वर्क तथा कार्य की गुणवत्ता को लेकर शुरू से ही बिल्डिंग निर्माण पर सवाल उठते रहे हैं। लेकिन कमीशन के चक्कर जिम्मेदार तकनीकी अधिकरियों से लेकर कंसल्टेंट एजेंसी ने निर्माण कार्य को गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप कराने के लिए ठेकेदार पर कभी भी जोर डाला। जानबूझकर बरती जाने वाली इस उदासीनता से जिम्मेदार अधिकारीयों और ठेकेदार के बीच सांठगांठ होने के संकेत मिलता है। इनके बीच सांठगांठ कितनी गहरी है, इसका अंदाजा सिर्फ इसी बात से लगाया जा सकता है कि तकनीकी अधिकारियों पर ठेकेदार को आर्थिक लाभ पहुँचाने के बेहद गंभीर आरोप लगे हैं।
जिला अस्पताल पन्ना के उन्नयन भवन का सूचना बोर्ड।
बता दें कि, ठेकेदार को 11(A) रनिंग बिल के जरिए दिनांक 22 मई 2024 को चेक क्रमांक 28040000676 से रुपए 2,0347920/- रुपए का भुगतान किया गया था। हॉस्पिटल बिल्डिंग के प्रभारी उपयंत्री पीके जैन का दावा है, 11(A) रनिंग बिल में ठेकेदार को रुपए 34,70,256/- का अतिरिक्त भुगतान किया गया है। नियम-कायदों से समझौता न करने और ठेकेदारों पर प्रभावी नियंत्रण रखते हुए हर हाल में गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित कराने के लिए बाल सी बारीकी को लेकर सजग रहने वाले उपयंत्री जैन ने अतिरिक्त भुगतान मामले में अपने वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका को लेकर हैरान करने वाला खुलासा किया है। इस संबंध में विभाग के प्रमुख सचिव एवं पन्ना कलेक्टर को भेजी गई शिकायत में उपयंत्री ने बताया है कि, उनके द्वारा ठेकेदार का 11(A) रनिंग बिल रुपए 1,68,77,664/- भुगतान हेतु माप पुस्तिका क्रमांक 148 के पृष्ठ क्रमांक 37 पर प्रस्तुत किया गया था। लेकिन तत्कालीन कार्यपालन यंत्री जगदीश प्रसाद सोनकर द्वारा संविदकार को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए माप पुस्तिका के पेज क्रमांक 38 पर दिनांक 22 मई 2024 को चेक क्रमांक 28040000676 से रुपए 2,0347920/- रुपए का भुगतान कर दिया गया।
यहां गौर करने वाली बात यह है कि, ठेकेदार को रुपए 34,70,256/- का अतिरिक्त भुगतान माप पुस्तिका (मेजरमेंट बुक) क्रमांक 148 के पृष्ठ क्रमांक 37 पर पूर्व से बने बिल के ऊपर अतिरिक्त पृष्ठ चस्पा करके किया था। अर्थात एमबी (मेजरमेंट बुक) के साथ छेड़छाड़ करते हुए कूटरचित बिल तैयार किया गया था। सिर्फ इतना ही नहीं, ठेकेदार को अतिरिक्त भुगतान करने के लिए तत्कालीन कार्यपालन यंत्री जेपी सोनकर व सहायक यंत्री यशवंत सिंह ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना भी उचित नहीं समझा। नियमानुसार भुगतान किए गए बिल पर कार्य की देखरेख करने वाले प्रभारी उपयंत्री जैन के हस्ताक्षर नहीं कराए गए।
उपयंत्री ने अपनी शिकायत में बताया, उनके द्वारा ठेकेदार के 11(A) रनिंग बिल में भुगतान हेतु मेजरमेंट चेक करके जो आइटम स्वीकृत एनआईटी में नहीं है, जिस आइटम में ठकेदार के द्वारा पूरा कार्य नहीं कराया गया अथवा गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं किया गया है, उसमें उचित कारण दर्शाते हुए माप पुस्तिका क्रमांक 183 (पृष्ठ क्रमांक- 6, 9, 14, 22, 23, 57, 63, 71 एवं 78) पर भुगतान कम करके रुपए 1,68,77,664/- का बिल माप पुस्तिका क्रमांक 148 के पृष्ठ क्रमांक 37 पर प्रस्तुत किया गया था। कथित तौर पर ठेकेदार के बिल में कटौती करना वरिष्ठ अधिकारियों को इतना नागवार गुजरा कि उन्होंने भुगतान प्रक्रिया का माखौल उड़ाते हुए उपयंत्री को बाइपास करके ठेकेदार को मनमाने तरीके से रुपए 2,0347920/- का भुगतान कर दिया। पूर्व में छटवें रनिंग बिल का भुगतान भी इसी तर्ज पर उपयंत्री के हस्ताक्षर के बगैर किया गया था। उपयंत्री पीके जैन का आरोप है, बिना मेरे बिल की जांच एवं हस्ताक्षर के संविदाकार को माप पुस्तिका क्रमांक- 99 के पृष्ठ क्रमांक 66 में रुपए 34,31,751/- का भुगतान नियम विरुद्ध तरीके से किया गया था। जिसकी लिखित जानकारी उनके द्वारा दिनांक 22 दिसंबर 2023 तत्कालीन कार्यपालन यंत्री (भवन) को दी गई थी। लेकिन उनके द्वारा आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई।

पीएस से शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

प्रमोद कुमार जैन, उपयंत्री।
निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बगैर हॉस्पिटल बिल्डिंग ठेकेदार को बार-बार मनमाने तरीके से लाखों रुपए का भुगतान कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के मामले में स्थानीय स्तर पर कोई कार्यवाही न होने से निराश प्रभारी उपयंत्री पीके जैन काफी समय से मानसिक आघात की स्थिति से जूझ रहे थे। वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराने पर भी अवैध भुगतान पर रोक नहीं लग सकी। इस स्थिति से परेशान होकर उपयंत्री द्वारा अतिरिक्त भुगतान मामले की शिकायत लोक निर्माण विभाग के शीर्ष अधिकारी प्रमुख सचिव से की गई। एमबी से छेड़छाड़ करके कूटरचित बिल तैयार कर संविदाकार को मनमाना भुगतान करने से जुड़ी शिकायत को प्रमुख सचिव ने गंभीरता से लेते हुए मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग (भवन) संभाग रीवा को कमेटी गठित कर जांच करने के निर्देश दिए है। लेकिन मुख्य अभियंता द्वारा कमेटी गठित न करके प्रभारी अधीक्षण यंत्री मण्डल रीवा केके सिंघारे को जांच के सिलसिले में दिनांक 9 अक्टूबर 2024 को पन्ना भेजा। अधीक्षण यंत्री सिंघारे ने शिकायत की जांच हेतु पन्ना आगमन की पूर्व सूचना शिकायतकर्ता को नहीं दी। उन्होंने पन्ना पहुँचने के बाद उपयंत्री जैन को मोबाइल पर कॉल करके उन्हें निर्माणाधीन हॉस्पिटल बिल्डिंग में बुलाया था। कार्य का सत्यापन करने के लिए जांच अधिकारी के पास मौके पर स्वीकृत एनआईटी, डिटेल स्टीमेट, टाइम एक्सटेंशन लेटर आदि आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं थे।

समझौता न करने पर प्रभार में बदलाव की सजा

अधीक्षण यंत्री एवं जांच अधिकारी श्री सिंघारे को उपयंत्री जैन ने बताया कि, कार्यपालन यंत्री व सहायक यंत्री की ठेकेदार से सांठगांठ के चलते बिल भुगतान के समय प्रभार वाले कार्यों में बार-बार बदलाव करके उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। वर्ष 2015 से लेकर 2018 तक छह बार और वर्ष 2021 से लेकर 2024 तक सात बार प्रभार वाले कार्यों में बदलाव किया गया। उपयंत्री का आरोप है, कार्यों की गुणवत्ता से समझौता न करने और ठेकेदार को अतिरिक्त भुगतान जैसे अवैध कार्य में सहयोग न करने की उन्हें लगातार सजा दी जा रही है। हद तो तब हो गई जब मनमाफिक कार्य करवाने एवं निर्माण कार्यों की प्रगति के कागजी घोड़े दौड़ने के लिए कार्यपालन यंत्री (भवन) लोनिवि पन्ना ने जिले के कार्यों की निगरानी का अतिरिक्त प्रभार पड़ोसी जिला सतना में पदस्थ उपयंत्रियों को सौंपने का आदेश जारी कर दिया। यह अजब-गजब व्यवस्था पिछले कई सालों से चल रही है। इस अव्यवहारिक और अदूरदर्शी फैसले के दुष्परिणाम निर्माण कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित होने के तौर पर सामने आने के बाद भी वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी अपनी गलती को सुधारने के लिए तैयार नहीं हैं।

जल उपयोग राशि कटौती में विलंब क्यों ?

जिला चिकित्सालय पन्ना के उन्नयन भवन की ठेका फर्म लक्ष्मी चन्द एण्ड कम्पनी द्वारा पूर्व में साइट पर स्थित कुआं तथा वर्तमान में बोरिंग के पानी का उपयोग निर्माण कार्य में किया जा रहा है। शासन के सर्कुलर अनुसार निर्माण कार्य में शासकीय स्रोत से पानी का उपयोग किए जाने पर निर्माण की कुल लागत की एक प्रतिशत राशि काटकर ठेकेदार को भुगतान किया जाना चाहिए। हॉस्पिटल भवन के प्रभारी उपयंत्री द्वारा जल उपयोग की राशि कटौती का मामला कार्यपालन यंत्री के संज्ञान में लाया गया। बावजूद इसके कार्यपालन यंत्री द्वारा नियम-निर्देशों को ताक पर रखकर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाते हुए लगातार गलत भुगतान किया जा रहा है। ठेकेदार को आर्थिक लाभ पहुंचाकर अपने हित साधने में जुटे तकनीकी अधिकारियों के मनमाने रवैये का अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि पिछले चार साल से ठेकेदार शासकीय स्रोत से पानी का उपयोग कर बिल्डिंग बना रहा है लेकिन माप पुस्तिका में इसे दर्ज नहीं किया गया।

टाइम एक्सटेंशन के बगैर निर्माण और भुगतान जारी

उपयंत्री के द्वारा निर्माण कार्य के टाइम एक्सटेंशन हेतु ठेकेदार को तीन पत्र लिखे गए जिसकी कॉपी सूचनार्थ कार्यपालन यंत्री को प्रेषित की गई।
हॉस्पिटल भवन उन्नयन के लिए निर्माण एजेंसी के द्वारा दिनांक 6 नवंबर 2020 को संविदाकार को जारी किए गए कार्यादेश में कार्य पूर्णता के लिए 2 वर्ष की समयसीमा निर्धारित की गई थी। कथित तौर पर साइट पर अवैध कब्ज़ा होने के कारण तय समयसीमा में निर्माण पूरा नहीं हो सका। कार्य पूर्णता की समयावधि समाप्त हुए करीब दो वर्ष का लंबा अर्सा गुजरने के बाद भी आज तक कार्यपालन यंत्री (भवन) लोक निर्माण विभाग पन्ना ने समय विस्तार हेतु सक्षम अधिकारी से आवश्यक अनुमति प्राप्त नहीं ली। जबकि समयावधि बढ़ाने हेतु आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के लिए प्रभारी उपयंत्री की ओर से बकायदा पत्राचार कर संबंधित ठेकेदार और कार्यपालन यंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया गया। लेकिन लोनिवि (भवन) पन्ना में व्याप्त हद दर्जे की अंधेरगर्दी का हाल यह है कि, टाइम एक्सटेंशन की अनुमति/स्वीकृति के बगैर पिछले दो साल से नियम-प्रक्रिया का माखौल उड़ाते हुए न सिर्फ ठेकेदार अपनी गति से कार्य करवा रहा है बल्कि विभाग के द्वारा बिना किसी पेनाल्टी के उसके बिलों का भुगतान भी नियमित रूप से किया जा रहा है।

इनका कहना है –

“ठेकेदार को सभी भुगतान नियमनुसार किए गए। किसी भी भुगतान में कहीं कोई फर्जीवाड़ा नहीं हुआ, जिसका सत्यापन मौके पर कार्य की प्रगति का एमबी से मिलान करके किया जा सकता है। शासन ने जांच टीम गठित कर दी है, जांच दल को प्रत्येक आरोप का जवाब दिया जाएगा।”

जगदीश प्रसाद सोनकर, पूर्व कार्यपालन यंत्री (भवन) लोनिवि पन्ना।

“पन्ना के निरीक्षण के दौरान कार्य का सत्यापन करने के लिए मौके पर आवश्यक दस्तावेज मंगाए गए थे। भवन की गुणवत्ता तथा कार्य के अनुपात में भुगतान से संबंधित जो भी कुछ देखा है उसका उल्लेख रिपोर्ट में किया जाएगा। रिपोर्ट तैयार करने के लिए पन्ना से आवश्यक दस्तावेज मंगाए है। अगले सप्ताह तक मुख्य अभियंता को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दूंगा। उपयंत्री के प्रभार में बार-बार बदलाव किया जाना मेरे कार्यक्षेत्र और जांच से संबंधित विषय नहीं है इसलिए मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।”

केके सिंघारे, अधीक्षण यंत्री (भवन) लोनिवि सर्किल रीवा।

“उपयंत्री प्रमोद कुमार जैन के आरोपों की जांच केके सिंघारे, प्रभारी अधीक्षण यंत्री, (भवन) मण्डल रीवा को सौंपी है। वे पिछले सप्ताह पन्ना जाकर स्थल का निरीक्षण और दस्तावेजों से कार्य का सत्यापन कर चुके है। .संभवतः अगले सप्ताह तक उनके द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। जांच रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार आगे की कार्यवाही की जाएगी।

जिले सिंह बघेल, मुख्य अभियंता, (भवन) लोनिवि, संभाग रीवा।

स्मार्ट बिजली मीटर परियोजना : हंगामा है क्यूं बरपा!

0
प्री-पेड स्मार्ट बिजली मीटर लगाने का विरोध करते हुए उपभोक्ता। (फाइल फोटो)

(आलेख : संजय पराते)

क्षिण मुंबई में बेस्ट (विद्युत वितरण कंपनी) ने स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के काम को स्थगित कर दिया है। इस कंपनी के 10.8 लाख आवासीय और व्यवसायिक उपभोक्ता है और 3 लाख स्मार्ट मीटर वह लगा चुकी है। जिन घरों या दुकानों में ये मीटर लगाए गए हैं, सबकी शिकायत है कि पहले की अपेक्षा दुगुने और तिगुने बिजली बिल आ रहे हैं। उपभोक्ताओं का विरोध इतना जबरदस्त है कि बेस्ट को स्मार्ट बिजली मीटर लगाने की यह परियोजना स्थगित करनी पड़ी है। यह ‘स्थगन’ इसलिए जरूरी था कि कुछ दिनों के बाद ही महाराष्ट्र में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं।
रांची में सरकार द्वारा जोर-जबरदस्ती से स्मार्ट मीटर लगाए जाने की खबरों के बीच एक खबर यह भी है कि बिहार के भागलपुर जिले के जगदीशपुर ब्लॉक में नेहा कुमारी नामक एक बीपीएल उपभोक्ता को 64 लाख रुपये का बिजली बिल भेजा गया है और उसकी शिकायत की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बिहार में स्मार्ट मीटरों के जरिए उपभोक्ताओं को लूटने और फ्रॉड बिलिंग की शिकायतें बहुत बढ़ गई है।
ये स्मार्ट मीटर अडानी और टाटा की कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा बनाए जा रहे हैं। उत्तरप्रदेश में विद्युत वितरण निगम ने अडानी समूह के स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का 25000 करोड़ रुपयों का टेंडर निरस्त कर दिया है, क्योंकि अडानी प्रति मीटर 10000 रूपये ले रहा था। निगम का मानना है कि इन मीटरों की कीमत वास्तविक लागत से बहुत ज्यादा है।
पूरे देश में इन स्मार्ट मीटरों को लगाए जाने के खिलाफ प्रदर्शनों की बाढ़ आ गई है और जगह-जगह उपभोक्ता इन मीटरों को उखाड़ कर फेंक रहे हैं और पुराने मीटरों को ही लगाने की मांग कर रहे हैं। विभिन्न राज्यों की विद्युत वितरण कंपनियां (डिस्कॉम) भी स्मार्ट बिजली मीटर परियोजना के पक्ष में नहीं है। लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार इस परियोजना के पक्ष में अड़ी हुई है। उसका कहना है कि बिजली क्षेत्र के ‘आधुनिकीकरण’ (इसे ‘निजीकरण’ पढ़ें) के लिए यह जरूरी है। लेकिन सरकार के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि यह कैसा ‘आधुनिकीकरण’ है, जो उपभोक्ताओं पर कहर ढा रहा है!
संजय पराते।
भाजपा सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं को नए स्मार्ट मीटरों का विरोध नहीं करना चाहिए, क्योंकि पुराने और नए में कोई अंतर नहीं है। लेकिन भाजपा सरकार चुप है कि यदि दोनों मीटरों में कोई अंतर नहीं है, तो देश के 28 करोड़ मीटरों को बदलने के लिए 2.80 लाख करोड़ रुपयों को खर्च करने की कवायद क्यों की जा रही है। अंततः इस खर्च से फायदा किसे होना है?
इसी सवाल के जवाब में पूरी ‘राम कहानी’ छिपी है। चूंकि ये स्मार्ट मीटर अडानी और टाटा द्वारा बनाए जा रहे हैं, पुराने मीटरों को बदलने का सीधा फायदा अडानी और टाटा को ही होगा। जिस धनराशि का उपयोग आम जनता के लिए समाज कल्याण कार्यों के लिए होना चाहिए था, उसकी जगह 2.80 लाख करोड़ रुपए इन दो कॉर्पोरेटों की तिजोरियों में डाला जा रहा है।
लेकिन मामला केवल यही तक नहीं है। असली मामला है बिजली क्षेत्र के निजीकरण का और कॉरपोरेट कंपनियों के लिए बाजार बनाने का। इन मीटरों को प्री-पेड योजना से जोड़ा जा रहा है, जिसका अर्थ है कि इन मीटरों को (मोबाइल की तरह) पहले रिचार्ज करना होगा- याने पैसा खतम, बिजली गुल! यदि एजेंसी की किसी तकनीकी खराबी के कारण भी स्मार्ट मीटर नो-बैलेंस दिखाएगा, तो आपकी बिजली कट जायेगी और फिर से जोड़ने के लिए जुर्माना अदा करना पड़ेगा।
लेकिन खतरा केवल यहीं तक नहीं है। यदि बिजली क्षेत्र का निजीकरण होता है, तो बिजली वितरण और इसकी दरों को निर्धारित करने का काम भी अडानी और टाटा की कॉरपोरेट कंपनियां ही करेगी और ये कंपनियां ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए बढ़े-चढ़े दामों पर बिजली बेचने के लिए स्वतंत्र होगी। विद्युत नियामक आयोग निष्प्रभावी हो जाएगा और इनके दामों पर लगाम लगाने के लिए सरकार के पास कोई ताकत नहीं होगी। क्रॉस सब्सिडी, जिसके कारण आज गरीबों, घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों को सस्ती बिजली मिलती है, बंद हो जाएगी। आर्थिक रूप से कमजोर ये तबके इन दामों को वहन करने की स्थिति में ही नहीं होंगे। इसके साथ ही, भाजपा सरकार बिजली की कीमतों को टाइम ऑफ डे (टीओडी) से भी जोड़ने जा रही है, जिसका अर्थ है कि रात के समय बिजली महंगी मिलेगी, जबकि सभी लोग बिजली का अधिकतम उपयोग रात को ही करते हैं।
भाजपा सरकार द्वारा प्रस्तावित जन विरोधी बिजली संशोधन विधेयक में ये सभी प्रावधान हैं और पूरे देश में स्मार्ट मीटर लगाने की परियोजना इसी का हिस्सा है। इन मीटरों का जीवनकाल केवल 7 साल है। जैसे कुछ सालों बाद मोबाइल काम करना बंद कर देते हैं, वैसे ही इन मीटरों को 7 साल बाद बदलना जरूरी हो जाएगा। आज सरकार अपने खजाने से पैसा दे रही है, कल उपभोक्ताओं को अपनी जेब से देना होगा। आज इन मीटरों की कीमत 10000 रूपये हैं, 7 साल बाद इनकी कीमत दुगुने से भी ज्यादा होगी।
फाइल फोटो।
आज पूरी दुनिया में बिजली वितरण का 70% से ज्यादा हिस्सा सार्वजनिक स्वामित्व में है, जिसके चलते क्रॉस सब्सिडी देना संभव होता है और कमजोर तबकों को वहनीय कीमतों पर बिजली मिलती है। लेकिन हमारे देश में भाजपा सरकार क्रॉस सब्सिडी को खत्म करने और पूरे बिजली वितरण के काम का निजीकरण करने की दिशा में बढ़ रही है। महंगी बिजली देश के खाद्यान्न उत्पादन और खाद्यान्न सुरक्षा को भी प्रतिकूल रूप से प्रभावित करेगी। वैश्विक भूख सूचकांक में आज देश 105वें स्थान पर है। महंगी बिजली इस दर्जे को और नीचे ले जाएगी। साफ है कि यह नीति कॉर्पोरेटों को मालामाल करेगी और गरीबों को और ज्यादा कंगाल। यह नीति देश को अंधेरे में ढकेलने की साजिश है।
आज आम जनता के लिए बिजली एक बुनियादी जरूरत है, जिसके बिना मानव सभ्यता के विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती। यदि कोई सरकार आम जनता को इस बुनियादी जरूरत से ही वंचित करने की कोशिश करती है, तो ऐसी सरकार को असभ्य और बर्बर ही कहा जाएगा। सभ्यता को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है कि ऐसी असभ्य सरकार की विदाई सुनिश्चित की जाए। इतिहास बताता है कि आम जनता की लामबंदी और राजनैतिक इच्छा शक्ति से ऐसा होना मुमकिन है।

(लेखक अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध छत्तीसगढ़ किसान सभा के उपाध्यक्ष हैं। संपर्क : 94242-31650)

डिस्क्लेमर :- इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं। इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति “रडार न्यूज़” उत्तरदायी नहीं है।

डेयरी से लिया घी और पनीर का सैम्पल, ज्वेलर्स का तौल-कांटा सत्यापित न होने पर प्रकरण दर्ज

0

*      शहडोल के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का प्रशासन की संयुक्त जांच टीम ने किया निरीक्षण

*     नगर के दुकानदारों में मचा हड़कंप, गुप्ता होटल से 2 नग घरेलू सिलेण्डर जब्त

शहडोल। (www.radarnews.in) कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के निर्देशन में आज खाद्य विभाग, नापतौल विभाग, खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग एवं नगर पालिका परिषद शहडोल के संयुक्त जांच दल द्वारा शहडोल नगर के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान श्री महरवार डेयरी वार्ड 30 सिंहपुर रोड शहडोल में घी एवं पनीर का नमूना लिया गया। गुप्ता होटल सिंहपुर रोड शहडोल में घरेलू प्रवर्ग के एलपीजी गैस का व्यवसायिक दुरुपयोग होने पर 2 नग घरेलू सिलेण्डर जप्त कर प्रकरण बनाया गया। मेसर्स अंश ट्रेडर्स सिंहपुर रोड शहडोल में टाइल्स/सेनेट्री क्लीनर की बॉटल में मैन्युफैक्चरर की जानकारी दर्ज न होने व पैक बंद वस्तु नियम के तहत घोषणाएं नहीं पाए जाने पर प्रकरण दर्ज किया गया।
हीरा स्वीट्स बुढ़ार चौक शहडोल में खाद्य पदार्थों के पैकेज आइटम में पैक बन्द वस्तु नियम के तहत घोषणाएं नहीं पाए जाने पर प्रकरण निर्मित किया गया। वहीं श्री कृष्णा ज्वेलर्स बुढार चौक शहडोल में एक तौल कांटा सत्यापित नहीं होना पाए जाने पर प्रकरण निर्मित किया गया। जांच दल में जिला आपूर्ति नियंत्रक विपिन पटेल, नापतौल निरीक्षक आरएस दहायत, खाद्य सुरक्षा अधिकारी रामेन्द्र सोनी, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी प्रदीप द्विवेदी, प्रभांश मौर्य एवं स्वच्छता निरीक्षक मोतीलाल सिंह शामिल रहे।

नवरात्रि पर चैतन्य देवियों के दर्शन कर आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर रहे श्रद्धालु

0
पन्ना जिले के देवेंद्रनगर क़स्बा में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के द्वारा चैतन्य देवियों की आकर्षक झांकी सजाई गई।

*    पन्ना जिले के देवेन्द्रनगर में ब्रह्माकुमारी संस्था ने सजाई चैतन्य देवियों की भव्य झांकी

*    अपने अंदर के विकार रूपी राक्षसों का संहार करें : सीता बहनजी

पन्ना। (www.radarnews.in) देवी शक्ति की उपासना के पर्व नवरात्रि के पावन उपलक्ष्य पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के राजयोग प्रशिक्षण केंद्र पन्ना के द्वारा देवेंद्रनगर क़स्बा में चैतन्य देवियों की भव्य झांकी सजाई गई है। विशेष आकर्षण का केंद्र बनी इस झांकी में पहुँचने वाले श्रद्धालुओं को नवरात्रि पर्व का आध्यात्मिक रहस्य सरल-सहज तरीके से समझाते हुए उन्हें अपनी आंतरिक शक्तियों को जागृत कर नर से नारायण बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। देवेंद्रनगर नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचल के भाई-बहनें यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में चैतन्य देवियों के दर्शन करने और ब्रह्माकुमारी सीता बहनजी से वास्तविक आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए पहुँच रहे हैं।

संसाररुपी कीचड़ में कमल की तरह खिलें

इस अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था पन्ना की प्रमुख बीके सीता बहनजी ने, उपस्थित जनसमुदाय को देवियों के आध्यात्मिक रहस्य से अवगत कराते हुए बताया कि मां दुर्गा से तात्पर्य दुर्गुणों को दूर करने वाली शक्ति से है। देवियों के व्रत के साथ हमें मन से दुर्गुणों को त्यागने का संकल्प लेना चाहिए। मां लक्ष्मी वह हैं, जिसमें महान लक्ष्य होते हैं, इसलिए यह कहा जाता है कि “नर ऐसी करनी करे जो नारायण बन जाए, और नारी ऐसी करनी करे जो लक्ष्मी के समान पूजी जाए।” हमें अपने जीवन में यह लक्ष्य रखना चाहिए कि संसार रूपी कीचड़ में रहते हुए भी कमल की तरह बुराइयों और गलत संस्कारों से मुक्त रहें। बहनजी ने बताया कि, मां सरस्वती को हंस पर विराजमान, हाथ में वीणा लिए और धवल वस्त्रों में दिखाया गया है। इसका आध्यात्मिक अर्थ यह है कि कलियुग के अंत में जो आत्मा सादगी और पवित्रता का धवल वस्त्र धारण करती है और जिसके मन एवं मुख से सदा ज्ञान रूपी वीणा झंकृत होती रहती है, वही हंस के समान नीर-क्षीर विवेक कर दुर्गुणों से दूर रह पाती है।

परमात्मा दे रहे आत्मा की शक्तियों को जागृत करने की शिक्षा

ब्रह्माकुमारी सीता बहन जी नवरात्रि का अर्थ समझाते हए कहा की रात्रि अर्थात् अज्ञान, अंधकार, बुराइयों और आसुरीयता का समय। नवरात्रि का उद्देश्य है अपने भीतर घर कर चुकी बुराइयों को नव संकल्पों के साथ दूर कर जीवन में दिव्यता और पवित्रता का आह्वान करना। जागरण का अर्थ है अपनी शक्तियों का जागरण करना। देवियों को आदिशक्ति और शिव शक्ति भी कहा जाता है। कालांतर में इन शक्तियों ने शिव से योग बल द्वारा शक्ति प्राप्त की थी, इसलिए इन्हें शिव शक्ति कहा जाता है। जब संसार में अज्ञानता की रात्रि छा जाती है, तब परमात्मा आत्मा की शक्तियों को जागृत कर अंधकार को समाप्त कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। वर्तमान समय में यही परिवर्तन का काल चल रहा है। परमात्मा धरती पर आकर आत्माओं की शक्तियों को पुनः जागृत करने की शिक्षा दे रहे हैं।

माताओं-बहनों का सम्मान करने पर मिलेगा देवी माँ का आशीर्वाद

चैतन्य देवियों की झांकी के पंडाल में नगर परिषद देवेंद्रनगर की अध्यक्ष शिवांगी गुप्ता को ब्रह्माकुमारी सीता बहन जी ने ईश्वरीय सौगात प्रदान की।
बहनजी ने आगे कहा कि हमारे समाज में नारी को देवी का रूप माना जाता है, लेकिन आज समाज एक ओर नवरात्रि के रूप में देवियों की पूजा करता है और दूसरी ओर देवियों के वास्तविक स्वरूप– नारियों का अपमान करता है। भारत की परंपराओं में नारी का स्थान सर्वोच्च है। नवरात्रि का वास्तविक अर्थ है कि केवल नौ दिनों तक नहीं, बल्कि सदा नारी शक्ति का सम्मान करना चाहिए। हम जितना सम्मान नौ देवियों को देते हैं, उतना ही हमें अपनी माताओं-बहनों का भी सम्मान करना चाहिए। तभी देवी मां प्रसन्न होकर हमें अपने आशीर्वाद से मालामाल करेंगी। आध्यात्मिक प्रवचन के इस कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष देवेंद्रनगर शिवांगी गुप्ता सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में सभी ने मुक्त कंठ से कार्यक्रम की सराहना की।

डायमंड पार्क के लिए आवंटित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने चलाया बुलडोजर

0
प्रस्तावित डायमंड पार्क के लिए आवंटित जमीन को अवैध अतिक्रमण निर्मित पक्के और कच्चे मकानों को प्रशासन ने बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त करवा दिया।

*      पन्ना तहसीलदार के नेतृत्व में जनकपुर की 10 एकड़ भूमि से हटाया अवैध अतिक्रमण

पन्ना। जिला मुख्यालय पन्ना के नजदीक जनकपुर ग्राम में प्रशासन द्वारा प्रस्तावित डायमण्ड पार्क के लिए 8.94 हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई है। यहां बहुप्रतीक्षित पार्क निर्माण के पूर्व अवैध अतिक्रमण हटाने सहित पहुंच मार्ग सुगम करने और अन्य आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करने की शुरुआत हो चुकी है। कलेक्टर सुरेश कुमार के निर्देश पर आज तहसीलदार पन्ना अखिलेश प्रजापति के नेतृत्व में डायमण्ड पार्क की भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई।
इस दौरान लगभग 10 एकड़ भूमि से अतिक्रमण हटाया गया। नगर पालिका, राजस्व और पुलिस विभाग की टीम के कर्मचारियों के सहयोग से जेसीबी मशीन से पक्के एवं अस्थायी निर्माण को गिराने की कार्यवाही की गई। मुख्य मार्ग से पार्क के लिए चिन्हित भूमि के पहुंच मार्ग से भी अतिक्रमण हटाया गया। आगामी दिवसों में भी वृहद विकास कार्य निर्माण स्थल से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।

कमिश्नर के निरीक्षण में शाला में अनुपस्थित मिले शिक्षक, 36 विद्यार्थियों में से सिर्फ 13 की उपस्थिति पर जताई कड़ी नाराजगी

0
आंगनवाड़ी केंद्र खुशरवाह के औचक निरीक्षण के दौरान प्रभारी कमिश्नर शहडोल संभाग बीएस जामोद ने कार्यकर्ता से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।

*     कमिश्नर ने प्राथमिक शाला व आंगनवाड़ी केंद्र खुशरवाह का किया निरीक्षण

*     शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दो वेतन वृद्धि रोकने के दिए निर्देश

*     आंगनवाड़ी केन्द्र के संचालन में लापरवाही पर कार्यकर्ता को थमाया नोटिस

शहडोल।(www.radarnews.in) प्रभारी कमिश्नर शहडोल संभाग बीएस जामोद ने सोमवार 30 सितम्बर को जनपद पंचायत जयसिंहनगर के शासकीय प्राथमिक शाला एवं आंगनबाड़ी केंद्र खुशरवाह का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शासकीय प्राथमिक शाला खुशरवाह में पदस्थ शिक्षक सोमनाथ सिंह को अनुपस्थित पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित करने व दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को दिए। प्रभारी कमिश्नर ने निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शाला खुशरवाह में विद्यार्थियों की उपस्थिति पंजी का भी अनलोकन किया, जिसमें पाया गया कि 36 विद्यार्थियों में से 13 विद्यार्थी ही उपस्थित पाए गए, जिस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शाला खुशरवाह की अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं 10 दिवस के भीतर सुधरवाना सुनिश्चित करें।
इसी प्रकार प्रभारी कमिश्नर शहडोल संभाग श्री जामोद ने आंगनबाड़ी केंद्र खुशरवाह का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को कार्यों में लापरवाही बरतने पर नोटिस देने के निर्देश दिए। साथ ही प्रभारी कमिश्नर ने आंगनबाड़ी केंद्र में दी जा रही संदर्भ सेवाओं व बच्चो के टिका कारण के संबंध में भी जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व प्रगति वर्मा, तहसीलदार सुषमा धुर्वे सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

नवरात्र एवं दीपावली का त्योहार शांति और सौहार्द पूर्वक मनाएं : कलेक्टर

0
जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में शहडोल कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने आगामी त्यौहारों को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए।
  •  शांति समिति की बैठक में आगामी पर्वों की व्यवस्थाओं को लेकर दिए आवश्यक निर्देश

  • दुर्गा पंडालों में डीजे बजाने सहित अन्य विषयों पर सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय
शहडोल। (www.radarnews.in) आगामी नवरात्र एवं दीपावली पर्व को दृष्टिगत रखते हुए आज कलेक्टर कार्यालय शहडोल के सभागार में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक एवं शांति समिति के सदस्यगण उपस्थित रहे। बैठक में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जिले के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि आगामी नवरात्र का पर्व एवं दीपावली का पर्व शांति और सौहार्दपूर्वक मनाया जाए।

छोटी प्रतिमाओं के विसर्जन हेतु बनाएं कुंड

बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देश दिए कि नगर में छोटी-छोटी दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन हेतु स्थलों को चिन्हित कर कुंड बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विसर्जन स्थालों के घाटों की साफ-सफाई, लाइटिंग, पेयजल व्यवस्था जैसे अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं। कलेक्टर ने कहा कि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं थाना प्रभारी संयुक्त रूप से भ्रमण कर पटाखे बनाने वाले लाइसेंसधारियों के पटाखा स्थलों का निरीक्षण कर लें तथा पटाखा स्थल निर्धारित मापदंडों के अनुसार रहें यह सुनिश्चित करें।

जवारे विसर्जन का समय और रूटचार्ट करें निर्धारित

बैठक में पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि रावण दहन में सभी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाए। उन्होंने कहा कि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, थाना प्रभारी एवं तहसीलदार संयुक्त रूप से अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत मंदिरों का निरीक्षण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जवारे विसर्जन हेतु समय व रूटचार्ट भी निर्धारित कर लें। बैठक में शांति समिति के सदस्यों द्वारा पंडालों में डीजे बजाने, मार्ग परिवर्तन जैस अन्य विषयों पर चर्चा की गई तथा सर्वसम्मति से आवश्यक निर्णय लिए गए।

इनकी रही उपस्थिति

गौरतलब है कि, 2 अक्टूबर को दुर्गा प्रतिमा स्थापना, 12 अक्टूबर को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन, विजयादशी (दशहरा) एवं 31 अक्टूबर को दीपावली का त्यौहार मनाया जाएगा। बैठक में अध्यक्ष नगर पालिका घनश्याम जायवाल, उपाध्यक्ष प्रवीण शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री आर. अंजली (IAS), अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अरविंद शाह (IAS), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक दीवान, शांति समिति के सदस्यगण सहित थाना प्रभारी व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बैंकों द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाएं : कलेक्टर

0

*        जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न

शहडोल। (www.radarnews.in) कलेक्टर डॉ. केदार सिंह की उपस्थिति में जिला स्तरीय परामर्शदात्राी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने बैंकरों को निर्देश दिए कि बैंकों द्वारा संचालित योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाएं, जिससे सुपात्र लोगों को प्राथमिकता के साथ उनका लाभ मिल सके। बैठक में जिले के जमा-साख अनुपात, जमा साख अनुपात को बढ़ान के उपायों, जिले की वार्षिक साख योजना की प्रगति, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम प्रगति, स्व सहायता समूहों के बैंक लिंकेज, पीएम स्वनिधि स्वरोजगार योजना, पशुपालन एवं मत्स्य पालन पर क्रेडिट कार्ड दिये जाने, बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, टांटया मामा आर्थिक कल्याण योजना, संत रविदास स्वरोजगार, डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना, सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ तथा अटल पेंशन की प्रगति, सीएम हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों के निराकरण, एनपीए खातों की ऋण वसूली एवं प्रगति पर चर्चा की गई तथा कलेक्टर ने आवश्यक निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शहडोल सुश्री आर. अंजली (IAS), अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सोहागपुर अरविंद शाह (IAS), महाप्रबंधक स्टेट बैंक क्षितेश्वर पटेल सहित अन्य बैंकर्स उपस्थित थे।