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बगैर अनुमति शासकीय भूमि से सैंकड़ों ट्रक मुरूम का उत्खनन, सड़क ठेकेदार की मनमानी पर अफसर मौन

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मुरुम का अवैध उत्खनन कर बनाई जा रही झलाई ग्राम की सड़क।

* मनकी पंचायत के झलाई ग्राम के पहुँच मार्ग निर्माण का मामला

* साँठगाँठ के चलते शासन को पहुँचाई जा रही खनिज राजस्व की क्षति

* कलेक्टर से लिखित शिकायत कर अवैध उत्खनन की जाँच कराने की माँग

पन्ना। (www.radarnews.in) बहुमूल्य खनिज सम्पदा के अनियंत्रित दोहन के लिए बदनाम पन्ना जिले में बड़े पैमाने पर मुरूम का अवैध उत्खनन होने का मामला प्रकाश में आया है। जिला मुख्यालय के समीपी ग्राम झलाई में निर्माण कम्पनी डीएलएच इन्फ्रा प्रोजेक्ट भोपाल के द्वारा कथिततौर बिना किसी वैधानिक अनुमति के सैकड़ों ट्रक मुरूम का अवैध उत्खनन कर सड़क निर्माण कराया जा रहा है। मैदानी अमले की साँठगाँठ से चल रहे मुरुम के अवैध उत्खनन से शासन को लाखों रूपए के खनिज राजस्व का नुकसान होने का अंदेशा है। संबंधित पंचायत सचिव, हल्का पटवारी सहित तहसील कार्यालय पन्ना के राजस्व अधिकारियों को जानकारी होने के बाद भी मुरुम के अवैध उत्खनन के खिलाफ इनके द्वारा अब तक कोई एक्शन न लेकर जानबूझकर इसकी अनदेखी की जा रही है। पन्ना जिले की खनिज सम्पदा के लिए नासूर बन चुके अवैध उत्खनन को प्रत्यक्ष-परोक्ष तौर पर प्रशासनिक संरक्षण के प्राप्त होने का ही यह दुष्परिणाम है कि यहाँ खनन माफिया लगातार हावी हो रहे हैं। इनके द्वारा पर्यावरण के विनाश की इबारत लिखते हुए नदियों, पहाड़ों, वन और राजस्व भूमि को खोखला कर खुलेआम खनिज सम्पदा को लूटा जा रहा है।

पड़ताल से पकड़ा गया झूठ

पन्ना शहर से लगभग 5 किलोमीटर पन्ना-अमानगंज मार्ग से लेकर झलाई ग्राम तक मुख्यमंत्री सड़क योजना अंतर्गत जीएसबी सड़क का निर्माण कार्य ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग (आरईएस) पन्ना द्वारा ठेके पर कराया जा रहा है। इस पहुंच मार्ग का ठेका भोपाल की निर्माण कम्पनी डीएलएच इन्फ्रा प्रोजेक्ट का है। पिछले एक माह से चल रहे सड़क निर्माण हेतु ठेका कम्पनी द्वारा झलाई ग्राम के बाहरी इलाके में वन सीमा के नजदीक रिक्त पड़ी शासकीय भूमि पर दैत्याकार मशीनों से खुदाई कर मुरूम निकाली जा रही है। तकरीबन 7 किलोमीटर लम्बाई और 6 मीटर चौड़ाई वाली इस सड़क में अब तक एक फिट ऊंची मुरूम की परत बिछाई जा चुकी है। इससे अवैध उत्खनन कर निकाली गई मुरूम की मात्रा का अंदाजा लगाया जा सकता है। बिना किसी वैधानिक अनुमति के मुरूम का उत्खनन कार्य मौके पर अभी भी जारी है। निर्माण कम्पनी के डायरेक्टर मनदीप सिंह से बात करने पर उन्होंने बताया कि मुरूम के खनन की अनुमति तहसील कार्यालय पन्ना से प्रदान की गई है। जबकि खनिज सम्पदा के उत्खनन की अनुमति नियमानुसार खनिज विभाग द्वारा दी जाती है। ठेका कम्पनी डायरेक्टर के दावे पर संदेह के चलते पड़ताल करने पर जिला खनिज अधिकारी कार्यालय से पता चला कि उनके विभाग के द्वारा ग्राम झलाई में किसी तरह के खनन की किसी को भी अस्थाई अनुमति या लीज प्रदान नहीं की गई है।

गोलमोल जबाब दे रहे राजस्व अधिकारी

पन्ना तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी से बात करने पर उन्होंने पहले तो बताया कि उनके कार्यालय से किसी को भी झलाई ग्राम में मुरूम के खनन की अनुमति नहीं दी गई है। हालांकि बाद में उन्होंने संबंधित लिपिक से चर्चा करने के पश्चात मोबाइल पर पुख्ता तौर पर जानकारी देने की बात कही है। तहसीलदार से जब इसकी अधिकारिक पुष्टि हेतु उनके मोबाइल फोन पर अलग-अलग समय पर कॉल कर उनसे सम्पर्क करने की कोशिश की गई तो कई बार घंटी बजने के बाद भी उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ। उधर, संबंधित हलका पटवारी राजेश सोनी से जब बात की गई तो उन्हें सिर्फ इतना ही पता था कि झलाई पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन, उसमें जो मुरूम डाली जा रही है वह कहां से लाई जा रही है इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। पटवारी से जब यह पूंछा गया कि झलाई में क्या मुरूम खदान की लीज स्वीकृत है या फिर किसी व्यक्ति अथवा विभाग को मुरूम खनन की अस्थाई अनुमति दी गई है तो वे सीधे तौर पर सच्चाई स्वीकार करने के बजाए जानकारी न होने की बात कहकर जबाब देने से बचते रहे। हद तो तब हो गई जब बुधवार 17 जुलाई को झलाई कोठी पहुंचकर स्थल का निरीक्षण करने के बाद भी पटवारी राजेश सोनी मुरूम के खनन की अनुमति तहसील कार्यालय से जारी होने अथवा न होने के के सम्बंध कोई जबाब नहीं दे सके।

अनुमति मिलने की प्रत्याशा में खोद डाली खदान

शासकीय भूमि से बिना अनुमति के मुरुम का अवैध उत्खनन करती ठेकेदार की मशीनरी।
लाखों रूपये मूल्य की मुरूम के अवैध उत्खनन को लेकर राजस्व विभाग के मैदानी कर्मचारी और अधिकारियों की रहस्मय चुप्पी हैरान करने वाली है। इससे पूरे मामले में इनकी संलिप्तता को लेकर संदेह पैदा होना स्वाभाविक है। बुधवार को इस सम्बंध में कलेक्टर को एक आवेदन पत्र देकर मुरूम के उत्खनन की जांच कराने तथा अवैध उत्खनन पाए जाने पर जबाबदेही तय कर कार्यवाही करने की मांग की गई है। आवेदन पत्र की कॉपी आवश्यक कार्यवाही हेतु उत्तर वन मण्डल पन्ना के डीएफओ, एसडीएम पन्ना और जिला खनिज अधिकारी को भेजी गई है। मुरुम के उत्खनन की कलेक्टर से शिकायत होने की भनक लगने के बाद सड़क ठेका कम्पनी के डॉयरेक्टर की भाषा बदल गई है, अब वह मुरुम खनन की अनुमति हेतु फाइल तहसील कार्यालय लंबित होने की बात कह रहे हैं। जबकि पूर्व में यह बताया जा रहा था कि मुरुम के खनन हेतु तहसीलदार दवारा जारी अनुमति उनके पास उपलब्ध है।
निर्माणाधीन सड़क में पानी की निकासी के लिए पाईप डालकर इस तरह व्यवस्था बनाई गई।
यहाँ महत्वपूर्ण सवाल यह कि खनन की अनुमति का आवेदन पत्र विचाराधीन होने की स्थिति में मुरुम का उत्खनन कर सड़क निर्माण करना क्या वैधानिक रूप से उचित है। पूरे मामले की गहराई से पड़ताल करने पर यह प्रतीत होता है कि ठकेदार को किसी न किसी का खुला संरक्षण अथवा आश्वासन प्राप्त है, तभी तो उसने खनन की अनुमति मिलने तक इंतजार न कर बड़े पैमाने पर मुरुम का अवैध उत्खनन कर उसे सड़क में बिछा दिया। सड़क ठेकेदार की इस मनमानी से शासन को लाखों रुपये के खनिज राजस्व की क्षति पहुँची है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में क्या कार्यवाही होती है।

इनका कहना है-

“झलाई ग्राम में खनिज विभाग की ओर से किसी भी व्यक्ति अथवा विभाग को मुरूम के उत्खनन की अनुमति प्रदान नहीं की गई और न ही वहां पर मुरूम खदान की लीज स्वीकृत है।”

– आर. के. पाण्डेय जिला खनिज अधिकारी पन्ना।

विश्वकप फाइनल-2019 : मैच भी टाई और सुपर ओवर भी टाई लेकिन पहली बार इंग्लैंड बना विजेता

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Hindustan Times

* मैच में ज्यादा बाउंड्री लगाने के आधार पर इंग्लैंड चैम्पियन घोषित

* क्रिकेट के इतिहास में विश्वकप फाइनल का बेहद रोमांचक मुकाबला

लंदन एजेन्सी। क्रिकेट विश्पकप-2019 का फाइनल मुकाबला रोमांच की सारी की सारी हदें पार करते हुए धड़कनों को रोक देने वाला रहा। लॉर्ड्स मैदान पर सुपर ओवर तक खिंचे मुक़ाबले में इंग्लैंड ने न्यूज़ीलैंड को हराकर पहली बार विश्व कप जीता। कभी न भूलने वाले विश्वकप फाइनल के इस मुकाबले में मैच के साथ-साथ सुपर ओवर भी टाई रहा लेकिन मैच में सर्वाधिक बाउण्ड्री लगाने के चलते इंग्लैंड की टीम को विजेता घोषित किया गया। इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को वर्ल्ड कप के फाइनल में हरा दिया। वह पहली बार खिताब जीतने में सफल रहा। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड वर्ल्ड कप जीतने वाला छठा देश बन गया है। इसके पूर्व वेस्टइंडीज, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान,भारत और श्रीलंका ने विश्व विजेता का खिताब जीता था। न्यूजीलैंड की टीम लगातार दूसरे फाइनल में हारी है। उसे पिछली बार उसे ऑस्ट्रेलिया ने हराया था।
Gareth Copley/Getty
मैच में बेन स्टोक्स और जोस बटलर की शतकीय साझेदारी की बदौलत इंग्लैंड की टीम 241 रन बना सकी। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 8 विकेट के नुक्सान पर 241 रन बनाए थे। इंग्लैंड की टीम के भी 50 ओवर में 241 रन ही बनाने से मैच टाई हो गया। इसलिए मैच का फैसला कराने के सुपर ओवर में डाला गया। इंग्लैंड की ओर से बटलर और स्टोक्स ने सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी करते हुए 15 रन बनाए। न्यूजीलैंड के लिए ट्रेंट बोल्ट ने गेंदबाजी की।
The Hindu
सुपर ओवर में न्यूजीलैंड के लिए मार्टिन गुप्टिल और जेम्स नीशम ने बल्लेबाजी की। इन दोनों ने भी 15 रन बनाए। इस तरह सुपर ओवर भी टाई हो गया। इंग्लैंड के लिए जोफ्रा आर्चर ने गेंदबाजी की। मैच में ज्यादा बाउंड्री लगाने के आधार पर इंग्लैंड चैम्पियन घोषित किया गया। इस तरह क्रिकेट का जनक कहलाने वाला इंग्लैंड कई दशक बाद विश्पकप-2019 का विजेता बन गया।

पटवारियों ने वेतन विसंगति दूर करने राजस्व मंत्री को ज्ञापन सौंपा

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राजस्व मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत से मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रतिनिधि-मण्डल ने भेंट की।.

* मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत से म.प्र. पटवारी संघ प्रतिनिधि मण्डल की भेंट

भोपाल।(www.radarnews.in) राजस्व मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत से मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रतिनिधि मण्डल ने भेंट की। राजस्व मंत्री को प्रतिनिधि मण्डल ने पटवारियों के वेतनमान में विसंगतियों और पीएम किसान सम्मान योजना के क्रियान्वयन में परेशानियों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। मंत्री श्री राजपूत ने प्रतिनिधि मण्डल को उनकी माँगों पर राज्य सरकार द्वारा यथाशीघ्र न्यायोचित कार्यवाही किये जाने के लिये आश्वस्त किया। म.प्र. पटवारी संघ के प्रतिनिधि मंडल में मार्गदर्शक काका कोदर सिंह मौर्य, संरक्षक प्रकाश माली, संघ के विभिन्न जिलों से आये जिलाध्यक्ष तथा प्रांतीय कार्यकारिणी के सदस्य शामिल थे।

आदिवासियों और वनकर्मियों के बीच मारपीट की घटना की मजिस्ट्रियल जाँच के आदेश

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सांकेतिक फोटो।

* अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान हुआ था विवाद

* बुरहानपुर जिले के नेपानगर वन परिक्षेत्र के बदनापुर बीट की घटना

भोपाल।(www.radarnews.in) बुरहानपुर जिले के नेपानगर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत अति-संवेदनशील बदनापुर बीट में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान आदिवासी महिला-पुरूष और वनकर्मियों के बीच कथित मारपीट की घटना के सम्बन्ध में जिला प्रशासन ने 10 जुलाई को मजिस्ट्रियल जाँच के आदेश दे दिए थे। मजिस्ट्रियल जाँच अपर कलेक्टर एवं अपर जिला मजिस्ट्रेट बुरहानपुर रोमानुस टोप्पो द्वारा की जा रही है। एक माह के भीतर जाँच पूरी करने के निर्देश दिये गये हैं।
मजिस्ट्रियल जाँच में महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। क्या अतिक्रमण हटाने की मुहिम के दौरान यह परिस्थिति निर्मित हुई। क्या इस घटना में गोली चालन हुआ है? यदि गोली चालन हुआ तो किन परिस्थितियों में किया गया है? क्या गोली चालन के पर्याप्त कारण थे? ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसकी रोकथाम के लिये उपाय और अन्य संबंधित बिन्दु पर जाँच चल रही है।

भारतीय प्रशासनिक सेवा के 5 अधिकारियों की नवीन पद-स्थापना

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सांकेतिक फोटो।
भोपाल । (www.radarnews.in) राज्य शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के 5 अधिकारियों की नवीन पद-स्थापना की है। अध्यक्ष माध्यमिक शिक्षा मण्डल इकबाल सिंह बैंस को अध्यक्ष राजस्व मण्डल, ग्वालियर और अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा श्रीमती सलीना सिंह को अध्यक्ष मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल पदस्थ किया गया है। प्रमुख सचिव, श्रम अशोक शाह को वर्तमान दायित्वों के साथ संचालक, आदिम-जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा गया है।
प्रमुख सचिव, पर्यटन तथा विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी-सह-आयुक्त पर्यटन एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम हरिरंजन राव को प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा पदस्थ किया गया है। सचिव, फैज अहमद किदवई को सचिव, मुख्यमंत्री, पर्यटन तथा आयुक्त पर्यटन और प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम पदस्थ किया गया है।

पवित्र रिश्ता हुआ कलंकित, चाची को भगा ले गया था भतीजा, महिला को चरित्रहीन बताकर पति ने रखने से किया इंकार

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सांकेतिक फोटो।

* सामाजिक पंचायत के फैसले से तय होगा पति-पत्नी के रिश्ते का भविष्य

* महिला का आरोप, बेहोशी की दवा खिलाकर भतीजा ले गया था सूरत

* पति का दावा, उसे फोन पर अपनी मर्जी से भतीजे संग भागने की दी थी सूचना

* सूरत से वापस लौटने के बाद मायके में रहने को मजबूर है दो बच्चों की माँ

* भतीजे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने पुलिस थाना के चक्कर काट रही महिला

पन्ना/सलेहा । (www.radarnews.in) समाज के नैतिक पतन और बढ़ती संस्कारहीनता के कारण रिश्तों की मर्यादा तार-तार हो रही है। फलस्वरूप अनाचार तेजी से फ़ैल रहा है। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के सलेहा थाना क्षेत्र की घटना इसका एक उदाहरण मात्र है। माँ-बेटे के सामान चाची-भतीजे के पवित्र रिश्ते को कलंकित करते हुए यहाँ एक नवयुवक अपनी चाची को भागकर सूरत ले गया। कुछ दिन बाद जब महिला वापिस अपने घर लौटी तो उसके पति ने चरित्रहीनता का आरोप लगाते हुए उसे अपने साथ रखने से इंकार कर दिया। पवित्र रिश्तों को कलंकित करने और विशवास का घोंटने वाली यह घटना सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली है। यह घिनौनी घटना समूचे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी है। महिला सरिता चौधरी 28 वर्ष का आरोप है कि भतीजा कल्याण चौधरी पुत्र विशाल चौधरी (सभी परिवर्तित नाम) 20 वर्ष उसे प्रसाद के बहाने बेहोशी की दवा खिलाकर अपने साथ ले गया था।
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यह घटना तब हुई जब वह कुछ दिन पूर्व नागौद जिला सतना में रहने वाली अपनी सहेली के घर जा रही थी। ट्रेन से सूरत पहुँचने पर होश में आने बाद वह वापस अपने गाँव लौट आई। फिलहाल मायके में रह रही दो बच्चों की माँ की इस कहानी के उलट उसके पति राजू चौधरी (परिवर्तित नाम) का दावा है कि वह अपनी मर्जी से ही भतीजे के साथ भागी थी। इसकी जानकारी सरिता ने स्वयं उसे कॉल करके फोन पर दी थी। भतीजे कल्याण और पत्नी के बीच कथिततौर पर नाजायज़ सम्बंध होने और दोनों के सूरत भागने के कारण चौतरफा बदनामी का दंश झेल राजू ने सरिता को फिलहाल अपने साथ रखने से साफ इंकार कर दिया है।
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अपने माता-पिता के घर पर रह रही सरिता चौधरी के साथ राजू के दाम्पत्य जीवन का भविष्य अब सामाजिक पंचायत के फैसले पर टिका है। राजू के अनुसार पत्नी को आगे साथ रखने अथवा न रखने के सम्बंध उसके समाज के प्रमुख लोग जो भी फैसला लेंगे वह उसे स्वीकार होगा। उधर, सरिता का का कहना है कि राजू ने उसे पुनः रखने को लेकर भतीजे कल्याण के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की शर्त रखी है। वैसे भी उसने मेरे साथ विश्वासघात किया है। मैं तो उसे बेटे की तरह मानती थी, लेकिन वह मुझ पर गलत नजर रखता था। उसकी वजह से मेरा परिवार-बच्चे तक छूटने की नौबत आ चुकी है। सुनीता ने बताया कि पिछले एक पखवाड़े में तीन बार सलेहा थाना जाकर रिपोर्ट लिखवाने लिए वह प्रधान आरक्षक और तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार दुबे से मिली लेकिन कार्यवाही करने का कोरा आश्वासन देकर उसे हर बार लौटा दिया गया। रिपोर्ट दर्ज कराने भटक रही महिला सलेहा थाना पुलिस के इस रवैये से काफी परेशान है।

इनका कहना है –

“मेरी पदस्थापना कुछ दिन पूर्व ही सलेहा थाना में हुई है। इस प्रकरण के सम्बंध में मुझे पता चला है कि महिला के लापता होने पर थाना में गुम इंसान का प्रकरण कायम हुआ था, महिला के मिलने(दस्तयाब होने) पर उसने अपनी मर्जी से जाने के बयान दर्ज कराए थे। इसलिए उसके साथ गए भतीजे के खिलाफ पूर्व में कोई कार्यवाही नहीं की गई। अब यदि महिला पुनः शिकायत करती है तो उसकी जाँच उपरांत आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।”

– निरंकार सिंह, थाना प्रभारी सलेहा जिला पन्ना।

गुड न्यूज : सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने लगेंगे स्पीड रडार, ड्रिंक एण्ड ड्राइव रोकेंगे अल्कोहल मीटर

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विशेष पुलिस महानिदेशक पुरूषोत्तम शर्मा ने सड़क सुरक्षा संबंधी नोडल अधिकारियों के साथ चर्चा की।

* राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य सचिव ने की व्यवस्थाओं की समीक्षा

भोपाल। (www.radarnews.in) राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य सचिव और विशेष पुलिस महानिदेशक पुरुषोत्तम शर्मा ने आज पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान में सड़क सुरक्षा संबंधी विभाग के नोडल अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने सड़कों पर स्पीड रडार लगाये जायेंगे। श्री शर्मा ने बताया कि ड्रिंक एण्ड ड्राइव से होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिये अच्छी गुणवत्ता के 1500 अल्कोहल मीटर खरीदे जा रहे हैं। यह सभी थानों में एक-डेढ़ माह के अंदर उपलब्ध करा दिये जायेंगे। इसमें फूँकने मात्र से वाहन चालक की फोटो सहित ड्रिंक की स्थिति भी तुरंत रिकार्ड होगी।

दुर्घटना होने पर डायल 100 को मिल जाएगी सूचना

विशेष पुलिस महानिदेशक पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में 10 प्रतिशत कमी लाने के प्रयास किये जायें। उन्होंने कार्य-योजना के लिये नोडल अधिकारियों से भी सुझाव माँगे। श्री शर्मा ने कहा कि टी और एक्स जंक्शन सहित अंधे मोड़ पर दोनों तरफ कैमरों सहित स्पीड रडार लगाये जायेंगे। ऐसे स्थानों पर गति नियंत्रण के लिये वाहन चालकों को साइन-बोर्ड के जरिये भी जागरूक किया जायेगा। दुर्घटना की दशा में तकनीकी संदेश के माध्यम से डॉयल-100 को सूचना उपलब्ध होगी और तुरंत एम्बुलेंस को सूचित किया जायेगा। एम्बुलेंस से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को बेसिक ट्रीटमेंट देकर सुविधाजनक नजदीकी अस्पताल में पहुँचाया जायेगा।

मार्गों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा

परिषद के सदस्य सचिव श्री शर्मा ने कहा कि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिये व्यस्त मार्गों को अतिक्रमण-मुक्त करने के लिये सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिये जा रहे हैं। थाना प्रभारियों को शहरी क्षेत्र में कम उम्र के युवाओं के वाहन चलाने तथा बिना लायसेंस और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई करने के लिये कहा गया है। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग को भी पत्र भेजकर बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले छात्र-छात्राओं को कठोरता से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने को कहा जायेगा।

खाली खजाने के बीच मध्यप्रदेश की खुशहाली का बजट : मुख्यमंत्री कमलनाथ

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मुख्यमंत्री कमलनाथ।
भोपाल। (www.radarnews.in) मुख्यमंत्री कमल नाथ ने बजट-2019-20 पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह खाली खजाने के बीच मध्यप्रदेश की खुशहाली का बजट है। किसान, युवा, गरीब, अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक और मध्यम वर्ग के हित में बजट में जो चिंता की गई है, उससे अगले 5 साल में प्रदेश के वास्तविक विकास का नक्शा बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट नए मध्यप्रदेश के निर्माण का ऐसा आईना है, जिसमें समृद्ध प्रदेश की तस्वीर साफ दिखलाई देती है।
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि पिछले 6 माह में खाली खजाने के बावजूद प्रदेश के विकास की दिशा में सुविचारित कदम उठाये गए हैं। जनता से किए गए वचनों को पूरा करने की इच्छाशक्ति इस बजट से स्पष्ट होती है। ग्रामीण विकास के साथ शहरी क्षेत्रों के लिये पर्याप्त प्रावधान किया गया है। औद्योगीकरण के साथ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिये भी योजनाओं का प्रावधान किया गया हैं। पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरी करने की व्यवस्था की गई है।

संवेदनशीलता : जब कलेक्टर ने जमीन पर बैठकर सुनी विकलांग की समस्या, बीमार बुजुर्गों को इलाज कराने एसडीएम के साथ भेजा हॉस्पिटल

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जनसुनवाई के दौरान पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा जमीन पर बैठकर विकलांग भारत आदिवासी की सुनवाई करते हुए।

* जनसुनवाई में गरीबों के आवेदन स्वयंसेवक लिखेंगे निःशुल्क

* जनसुनवाई में आने वालों के लिए किया गया सुविधाओं का विस्तार

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के युवा कलेक्टर कर्मवीर शर्मा इन दिनों अपने सराहनीय और अनुकरणीय कार्यों को लेकर चर्चाओं में है। श्री शर्मा ने अल्प समय में ही शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, प्रशासनिक तंत्र में कसावट लाने के लिए अपने नवाचारों, अति कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए पोषण संजीवनी अभियान अंतर्गत उन्हें गोद लेने की मानवीय पहल को कुपोषण के खिलाफ प्रभावी मुहिम बनाने, जिले के विकास से जुड़े मुद्दों पर फोकस करने के साथ-साथ आमजन के आवेदन पत्रों का तत्परता से संतोषजनक निराकरण कराने जैसे कार्यों से आमजन मानस के बीच कर्मठ, संवेदनशील और योग्य अधिकारी की छवि बनाई है।

सहयोग के लिए आगे आए कॉलिज के छात्र

गरीब आवेदकों के निःशुल्क आवेदन लिखने वाले कॉलिज के छात्रों से चर्चा करते पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।
लोगों की सुविधा दृष्टि से व्यवस्था में सुधार को लेकर सतत प्रयत्शील रहने वाले कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने अपने कार्यालय में प्रत्येक मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में आने वाले गरीब आवेदकों के लिए सुविधाओं का विस्तार करते हुए आज से निःशुल्क आवेदन लिखने की व्यवस्था शुरू की गयी है। कलेक्टर की पहल पर आवेदन लिखने की जिम्मेदारी स्थानीय छत्रसाल महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्रों ने ली है। यह छात्र प्रत्येक मंगलवार को 4 से 5 की संख्या में आकर जनसुनवाई के लिए आवेदन लिखने का काम स्वयं सेवक के रूप में करते हैं। जिससे गरीब आदमी को किसी तरह का आर्थिक भार नहीं पड़ता, वहीं आवेदन लिखने वाले छात्रों को अनेक तरह की जानकारियां प्राप्त होती है, जो उनके जीवन के लिए उपयोगी साबित होंगी।

कलेक्टर की सरलता देख विकलांग हुआ भाव-विभोर

पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा।
जनसुनवाई में नवीन कलेक्ट्रेट कार्यालय आने वाले आवेदकों के लिए यहाँ एक ओर निःशुल्क आवेदन लिखने की व्यवस्था की गयी है। दूसरी तरफ लोगों के बैठने के लिए दरी एवं पीने के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। कलेक्टर श्री शर्मा मंगलवार 9 जुलाई को इस व्यवस्था का स्वयं अवलोकन करने स्वयं पहुंचे। निरीक्षण के दौरान जब विकलांग भारत आदिवासी निवासी ग्राम हरदुआ रावजू पर कलेक्टर की नजर पड़ी तो उन्होंने वहीं जमीन पर बैठकर उसका आवेदन लिया और चर्चा कर उसकी समस्या पूंछी। उसके द्वारा बैंक से ऋण दिलाए जाने बात कही। कलेक्टर ने आवेदन अपने पास रखते हुए कहा कि शीघ्र ही शासन योजनान्तर्गत आपको ऋण दिलाया जाएगा। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा की सरलता, संवेदनशीलता और करुणा को देखते हुए विकलांग भारत आदिवासी भाव-विभोर हो गया। उसने हाथ जोड़कर आभार ज्ञापित किया तो कलेक्टर श्री शर्मा ने बड़ी ही विनम्रता के साथ मुस्कुराते हुए जबाब दिया कि इसकी कोई आवश्यकता नहीं है, यह तो मेरी ड्यूटी है। इस अविस्मरणीय दृश्य को वहाँ मौजूद जितने भी लोगों ने देखा वे कलेक्टर कर्मवीर शर्मा की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं सके।

बुजुर्गों ने भी दी दुआएँ

दूर-दूर से आए लोगों के आवेदन पत्र लेकर उन पर सुनवाई करते पन्ना कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ।
कलेक्टर ने आज जनसुनवाई में आई दिव्यांग श्रीमती गुड्डी निवासी अजयगढ़ को ट्रायसाइकिल दिलाने, पन्ना के रानीगंज मोहल्ला निवासी दिव्यांग रिजवान की पेंशन स्वीकृत करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में बुजुर्ग आवेदकों द्वारा इलाज कराने संबंधी आवेदन दिए गए। इस पर कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पन्ना को निर्देश दिए कि सभी बुजुर्गों को अपने साथ ले जाकर चिकित्सालय में डॉक्टरों से परीक्षण कराकर उचित उपचार कराएं। अपने नाम को सार्थक करते कलेक्टर कर्मवीर शर्मा की कार्यशैली और जन सामान्य के साथ उनके व्यव्हार की बुजुर्गों ने मुक्त कण्ठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे सहज-सरल और तत्परता निर्णय लेने वाले अधिकारी जहाँ होंगे वहाँ शायद कोई निराश नहीं रहेगा।

वन विभाग के अफसरों की घोर लापरवाही ने प्रभारी मंत्री की कराई किरकिरी, जानिए क्या है पूरा मामला !

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वनमंडलाधिकारी उत्तर वन मण्डल पन्ना के कार्यालय का फाइल फोटो।

* पन्ना की जिला स्तरीय तबादला सूची को बनाया मजाक

* दूसरे जिलों में पदस्थ वनकर्मियों के भी कर दिए स्थानांतरण

* विवादास्पद डिप्टी रेंजर मनोज बघेल का पीटीआर में तबादला

* पीटीआर में रेंज का प्रभार प्राप्त करने के लिए भिड़ाई जुगत

* बहुचर्चित रैपुरा शिकार प्रकरण का सच बताने वाले चालक का किया स्थानांतरण

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश में इस समय मानसून के साथ ट्रांसफर सीजन का दौर जारी है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा घोषित तबादला नीति के अनुसार अंतर जिला स्तरीय और जिले के अंदर सम्बंधित जिले के प्रभारी मंत्री के अनुमोदन पश्चात तबादले किए जा रहे हैं। इसके पीछे सरकार का मकसद काफी हद तक अपने मनमाफिक प्रशासनिक जमावट करना और लम्बे समय से तबादलों के इंतजार में बैठे अधिकारियों-कर्मचारियों को सुविधा प्रदान करना है। बहरहाल, प्रदेश के पन्ना जिले के वन विभाग में जिले के अंदर उप वनक्षेत्रपालों, वनक्षेत्रपाल और वनरक्षकों के हुए थोकबंद तबादले सुर्ख़ियों में है। इसकी वजह वनरक्षकों की स्थानांतरण सूची में गम्भीर विसंगतियाँ उजागर होना है।
पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री प्रभुराम चौधरी।
वन विभाग के घोर उदासीन और नाकारा अफसरों ने हद दर्जे की लापरवाही बरतते हुए प्रभारी मंत्री प्रभुराम चौधरी के अनुमोदन से दूसरे जिलों में पदस्थ वनरक्षकों के भी तबादले करा दिए है। जिला स्तरीय तबादला सूची में दूसरे जिलों में पदस्थ वनरक्षकों के नाम होने यह सूची न सिर्फ मजाक बन गई है बल्कि इससे प्रभारी मंत्री की भी काफी किरकिरी हो रही है। कथिततौर प्रभारी मंत्री को गुमराह करके अफसरों ने कुछ ऐसे तबादले भी कराए हैं जिसकी वजह से विभाग के अंदर जहाँ असंतोष पनप रहा है वहीं आमजन में भी गलत सन्देश जा रहा है। मामले को तूल पकड़ते देख बैकफुट पर आए वन विभाग के अफसर अब अपनी गलती स्वीकारते हुए सुधार करने की बात कह रहे हैं।

जिले में पदस्थ नहीं ये वनरक्षक

वनरक्षकों की विसंगतिपूर्ण स्थानांतरण सूची।
मजेदार बात यह है कि प्रभारी मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर के. एस. भदौरिया के हस्ताक्षर से दिनाँक 4 जुलाई को जारी आदेश क्रमाँक/स्था/2019/86 में 4 तथा 15वें नम्बर पर क्रमशः वनरक्षक धर्मेन्द्र शाक्य, अरविन्द राय का तबादला उत्तर वन मण्डल पन्ना से पन्ना टाईगर रिजर्व में किया गया है। जबकि उक्त दोनों वनरक्षक पन्ना जिले में पदस्थ ही नहीं है। पता चला है कि अरविन्द राय सामान्य वन मण्डल दमोह तथा धर्मेन्द्र शाक्य गुना जिले के सामान्य वन मण्डल में अपनी सेवायें दे रहे हैं। उक्त दोनों वनरक्षक लोकसभा चुनाव के पूर्व ही पन्ना जिले से स्थानांतरित होकर जा चुके हैं। 22 वनरक्षकों की तबादला सूची के आदेश में स्पष्ट है कि इनके नाम तबादले के लिए वन वृत्त कार्यालय छतरपुर ने प्रस्तावित किए जिसका अनुमोदन पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री एवं मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी द्वारा किया गया। प्रभारी मंत्री के अनुमोदन पश्चात प्रशासकीय दृष्टि से 22 वनरक्षकों को स्थानांतरित करते हुए नवीव पदस्थापना आदेश जारी किए गए।

विभाग की खबर नहीं जंगल कैसे बचा पाएँगे

नरेश सिंह यादव, डीएफओ उत्तर वन मंडल पन्ना।
उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले का उत्तर-दक्षिण वन मण्डल एवं पन्ना टाईगर रिजर्व पिछले कुछ महीनों से बड़े पैमाने पर सागौन की अवैध कटाई, वन क्षेत्र में हीरा-पत्थर खदानों के अवैध उत्खनन, वन्यजीवों के शिकार, विभागीय कार्यों में बेइंतहां भ्रष्टाचार और अराजकता को लेकर चर्चाओं में बना है। हर मोर्चे पर बुरी तरह नाकाम रहने वाले विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। यहाँ महत्वपूर्ण सवाल यह है कि जिन्हें यह भी पता नहीं है कि उनके द्वारा जिन वनरक्षकों का स्थानांतरण प्रस्तावित किया गया है, वे कई माह पहले ही पन्ना जिले को छोड़कर जा चुके हैं, ऐसे अफसर वन सम्पदा और वन्यजीवों कैसे महफूज रख पाएँगे ? कहना मुश्किल पर इसे समझना आसान है। वनरक्षकों की स्थानांतरण सूची में विसंगति के सम्बंध में जब उत्तर वन मण्डल पन्ना के डीएफओ नरेश सिंह यादव से उनका पक्ष जानने के लिए सम्पर्क किया गया तो घण्टी बजने के बाबजूद उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ।

सच बोलने की मिली सजा !

वाहन चालक दशरथ सिंह।
पन्ना जिले के दक्षिण वन मण्डल की रैपुरा रेंज अंतर्गत होली के त्यौहार के समय हुए जंगली सुअर के बहुचर्चित शिकार मामले में आरोपी को एक दिन तक अभिरक्षा में रखने के बाद रुपए लेकर वन अपराध दर्ज किए बगैर उसे छोड़ने तथा जब्त माँस को नष्ट कराने में रेंजर देवेश गौतम सहित अन्य वनकर्मियों की भूमिका को जाँच टीम के समक्ष उजागर करने वाले वाहन चालक दशरथ सिंह का भी स्थानांतरण किया गया है। शिकार मामले की जाँच करने सतना जिले से आई टाईगर स्ट्राइक फोर्स की टीम को दर्ज कराए गए अपने बयान में वाहन चालक दशरथ सिंह ने पूरी ईमानदारी के साथ सच्चाई को बयां करते हुए इस मामले को रैपुरा रेंजर देवेश गौतम के संज्ञान रफादफा किए जाने का खुलासा किया था। इसके अलावा साक्ष्य नष्ट करने के लिए जिस नदी में शिकार का माँस फेंका गया था उसे भी जाँच टीम को जब्त कराया था। इस आधार पर टाईगर स्ट्राइक फोर्स की जाँच ने अपनी जाँच में स्पष्ट तौर पर रेंजर देवेश गौतम को दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की सिफारिश की है। उधर, सच बताकर विभाग के बड़े अफसरों को नाराज करने वाले वाहन चालक दशरथ सिंह का नुकसान होने का अंदेशा पहले से लगाया जा रहा था।

सरकार की छवि हो रही धूमिल

रुपए लेकर शिकारी को छोड़ने मामले में निहित स्वार्थपूर्ति होने पर रेंजर को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाने वाले अधिकारियों ने अदने से कर्मचारी दशरथ सिंह को संरक्षण प्रदान करने के बजाए उसे अघोषित तौर पर सजा देने के इरादे से प्रभारी मंत्री को गुमराह कर उसका स्थानांतरण दक्षिण वन मण्डल से पन्ना टाईगर में करा दिया है। दक्षिण वन मण्डल पन्ना की डीएफओ मीना कुमारी मिश्रा के द्वारा प्रस्तुत इस स्थानांतरण प्रस्ताव का जिले प्रभारी मंत्री प्रभुराम चौधरी ने अनुमोदन किया है। फलस्वरूप मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर के. एस. भदौरिया के हस्ताक्षर से स्थानांतरण जारी किया गया। वाहन चालक दशरथ सिंह के स्थानंतरण को लेकर विभाग में तीव्र असंतोष व्याप्त है। वन कर्मचारियों के इसके विरोध लामबंद होने की ख़बरें मिल रहीं है। वन विभाग के अफसरों के कथित द्वेषभावनापूर्ण इस कृत्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार की छवि धूमिल हो रही है।

रेंज का प्रभार हाँसिल करने की कवायद

फाइल फोटो।
खुद को कथिततौर पन्ना के भाजपा विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह का रिश्तेदार बताने वाले विवादास्पद उप वनक्षेत्रपाल मनोज बघेल ने जुगाड़ लगाकर अपना तबादला पन्ना टाईगर रिजर्व में करा लिया है। वर्तमान में उत्तर वन मण्डल पन्ना में उड़नदस्ता प्रभारी का दायित्व संभाल रहे श्री बघेल के स्थानांतरण को लेकर विभाग के अंदरखाने यह आम चर्चा है कि रेंज का प्रभार पाने लिए उन्होंने पन्ना टाईगर रिजर्व का रुख किया है। पन्ना टाईगर रिजर्व में वर्तमान में रेंजरों के कई पद रिक्त हैं। शासन ने इसकी पूर्ती के लिए कुछ रेंजरों के तबादले पन्ना टाईगर रिजर्व में किए हैं। जिले में इनके आमद देने के पूर्व ही डिप्टी रेंजर मनोज बघेल पन्ना टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक से नजदीकी के चलते किसी रेंज का प्रभार प्राप्त कर सकते है।मालूम होकि मनोज बघेल पन्ना जिले में लम्बे समय से पदस्थ हैं। उत्तर वन मण्डल अंतर्गत विश्रामगंज रेंज में प्रभारी रेंजर रहते हुए इनके कारनामों ने विभाग की अच्छी-खासी फजीहत कराई थी।

इनका कहना है –

“स्थानांतरण सूची पुरानी है, डीएफओ उत्तर वन मण्डल ने जिस स्थानांतरण प्रस्ताव को भेजा था मैंने उसे सिर्फ आगे बढ़ाया है। यदि सूची में दूसरे जिलों में पदस्थ वनरक्षकों के नाम हैं तो उन्हें निरस्त कर दिया जाएगा।”

– के. एस. भदौरिया, प्रभारी मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर