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मनमानी : जूनियरों पर करम, सीधी भर्ती वाले और सीनियरों पर सितम, पीटीआर प्रबंधन का “ज़ुल्म”…?

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फाइल फोटो।

* पन्ना टाइगर रिजर्व में शासन के आदेशों की उड़ाईं जा रहीं धज्जियां

* रेंजरों और सीनियर डिप्टी रेंजरों को दरकिनार कर जूनियरों को दिया रेन्ज का प्रभार

* कथित परफॉर्मेंस की आड़ में चहेतों को उपकृत करके निहित स्वार्थ साधने पर जोर

* उपेक्षित और अपमानित महसूस कर रहा है अन्याय का शिकार मैदानी अमला

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघ पुनर्स्थापना के अनूठे प्रयोग की चमत्कारिक सफलता के चलते यहां बाघों का उजड़ा हुआ संसार पुनः आबाद होने और इनकी ज्ञात संख्या अब तक के रिकार्ड अनुसार पहली बार 60 से अधिक के आंकड़े के पार पहुँचने से जुड़ीं कई अच्छी और सकारात्मक खबरें आपने पढ़ीं-सुनीं और देखी होंगीं। बड़े ही रोचक अंदाज वाली इन खबरों को पढ़ने वाले पाठकों को लगता है कि पन्ना पार्क में सबकुछ अच्छा है, लेकिन ऐसा नहीं है। बेशक पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या निरंतर तेजी से बढ़ रही है लेकिन वनराज के लिए यहां खतरा भी उसी अनुपात में बढ़ रहा है। बाघ और दूसरे वन्यजीवों की सुरक्षा एवं निगरानी से जुड़ीं चुनौतियों भी पहले से कई गुना बढ़ गईं हैं। पन्ना के जंगलों में शिकारी और वन्यजीव तस्कर गिरोहों ने अपना जाल बिछा रखा है। मगर बाघों के पुनः आबाद होने एवं उनकी वंशवृद्धि की ऐतिहासिक सफलता की गौरव गाथा से जुड़ी आत्ममुग्धता में पार्क के शीर्ष अधिकारी पिछले कुछ सालों से इतने डूबे हुए हैं कि उन्हें दिनों-दिन लचर पड़ता पार्क का प्रबंधन नजर ही नहीं आ रहा है।
कड़ी सुरक्षा और निगरानी वाले पार्क के कोर क्षेत्र में पिछले छः माह में दो बाघों की संदेहास्पद मौत होने का पता कई दिनों बाद तब चला जब बाघों के शव कंकाल में तब्दील हो गए। इन परिस्थितयों में बाघों की संदिग्ध मौत का सच सामने आने की उम्मीद न के बराबर है। वहीं लगभग ढाई वर्ष पूर्व पीटीआर की गहरीघाट रेन्ज अंतर्गत कोर क्षेत्र में रेडियो कॉलर वाली बाघिन का फंदा लगाकर शिकार किये जाने और कुछ समय पूर्व पन्ना बफर रेन्ज क्षेत्र की टपकनियाँ बीट में बड़े पैमाने पर सागौन की अवैध कटाई होने के हैरान करने वाले मामलों ने पार्क प्रबंधन की बड़ी नाकामी को उजागर किया था। पन्ना पार्क का स्याह पहलू कुप्रबंधन के साथ-साथ भ्रष्टाचार और अफसरों की मनमानी से जुड़ा है, जिस पर मीडिया में चर्चा कम ही होती है। ये दोनों बुराईयां पीटीआर को जंगलराज की तरफ ले जा रहीं हैं।
अभी ज्यादा दिन नहीं हुए जब पन्ना पार्क की अमानगंज रेन्ज में पदस्थ युवा वनरक्षक ब्रह्मप्रकाश सिंह को अपनी लंबित वेतन के भुगतान के एवज में रिश्वत की मांग से परेशान होकर लोकायुक्त पुलिस संगठन की शरण लेनी पड़ी थी। पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक कार्यालय में लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देते हुए दो लिपिकों को वनरक्षक से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति इसलिए बनीं क्योंकि पार्क के बड़े अफसर कथित तौर पर मैदानी वन अमले की समस्याओं और जायज मांगों के निराकरण को लेकर जानबूझकर उदासीनता बरत रहे हैं। साथ ही पार्क के कार्यालयों में दाम कराए काम की नीति से प्रभावित होकर मनमाने फैसले लिए जा रहे हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के अफसरों की हद दर्जे की मनमानी के आगे शासन के आदेश-निर्देश एवं नियम-क़ानून तक बेमानी बन चुके हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण रेन्जरों और सीनियर डिप्टी रेंजरों को दरकिनार करते हुए जूनियर डिप्टी रेन्जरों को रेन्ज का प्रभार देना है। इन सब वजहों से पार्क मैदानी अमले में अधिकारियों के खिलाफ तीव्र असंतोष पनप रहा है।
फाइल फोटो।
उल्लेखनीय है कि पार्क की पन्ना बफ़र रेन्ज का प्रभार मनोज सिंह बघेल एवं अमानगंज और पन्ना कोर रेन्ज का प्रभार लालबाबू तिवारी को दिया गया है। जबकि पार्क में इनसे काफी सीनियर आधा दर्जन से अधिक डिप्टी रेन्जर पदस्थ हैं। काफी विवादित और सीनियरटी के क्रम में निचले पायदान पर आने वाले इन दोनों डिप्टी रेन्जरों पर बड़े साहब मेहरबान हैं इसलिए वे पहलवान बने हुए है। कई सालों से पन्ना जिले में पदस्थ डिप्टी रेन्जर लालबाबू तिवारी और मनोज सिंह बघेल को लेकर विभाग के अंदरखाने आम चर्चा है कि इनकी सबसे बड़ी क़ाबलियत ऊँची राजनैतिक पहुँच और अफसरों को नियमित रूप से फील गुड का एहसास कराना है। मौजूदा व्यवस्था में कुर्सी के लिए सबसे अहम योग्यता और मापदण्ड अब यही है, शेष अन्य का इनके आगे कोई महत्व नहीं रहा। मजेदार बात तो यह है कि जूनियरों को रेन्ज के प्रभार की रेवड़ी बांटने के मामले में सीनियर डिप्टी रेंजरों के अलावा एमपी पीएससी से चयनित रेंजरों तक की घोर उपेक्षा की जा रही है।
रेन्जर गौरव नामदेव को फील्ड से हटाकर कई महीनों से उड़नदस्ता प्रभारी बनाया हुआ है। इसी तरह पार्क क्षेत्र में आने वाली दमोह जिले की मड़ियादौ रेन्ज जिसे शासन ने अब तक रेन्ज घोषित नहीं किया है वहां रेन्जर हृदेश भार्गव को पदस्थ किया गया है। पार्क के वरिष्ठ अधिकारियों की यह मनमानी नहीं तो और क्या है ? रेन्जों के प्रभार को लेकर कथित तौर अपने साथ हो रहे अन्याय से प्रभावित सीधी भर्ती के रेन्जर और सीनियर डिप्टी रेन्जर ऑफ रिकार्ड बात करने पर इस भेदभाव को अपने अधिकारों और हितों पर कुठाराघात बताते हैं। इनका मानना है कि जूनियर डिप्टी रेन्जरों को उपकृत करके प्रधान मुख्य वन संरक्षक के आदेश व शासन के नियम-कानूनों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाईं जा रहीं हैं। इनकी चिंता और हैरानी इस बात को लेकर है कि राजधानी भोपाल में बैठे वन विभाग के शीर्ष अधिकारी अपने ही निर्देशों की अवहेलना पर मौन हैं। जिससे पन्ना टाइगर रिजर्व के अफसरों के मनमाने फैसलों को शीर्ष अधिकारियों की मूक सहमति प्राप्त होने की चर्चाओं को बल मिल रहा है।

उपेक्षा और अपमान से जुड़ा मामला

पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के कार्यालय के बाहर पार्किंग में खड़ा उनका वाहन।
पन्ना पार्क के वरिष्ठ अधिकारी रेन्जों का प्रभार देने के मामले में कथित तौर पर अपनी हनक और निहित स्वार्थपूर्ती के चक्कर में न सिर्फ टीम भावना को कमजोर कर रहे हैं बल्कि इनके द्वारा गलत प्रतिमान स्थापित किये जा रहे हैं। रेन्जर गौरव नामदेव को कई माह से रेन्ज का प्रभार न देने और रेन्जर हृदेश भार्गव को मड़ियादो में पदस्थ कर इन दोनों युवा अधिकारियों को प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से उपेक्षित और अपमानित किया जा रहा है। विदित हो कि मड़ियादो शासन से घोषित रेन्ज नहीं है, पन्ना टाइगर रिजर्व अंतर्गत आने वाले दमोह जिले के इस वन क्षेत्र की गिनती स्थानीय स्तर पर रेन्ज के रूप में होती है। इसका मतलब यह है कि रेन्जर हृदेश भार्गव भी रेन्ज के प्रभार से वंचित हैं।
मजेदार बात यह कि डिप्टी रेन्जरों की प्रदेश स्तरीय वरिष्ठता सूची में 271 नम्बर पर आने वाले लालबाबू तिवारी को पन्ना कोर और अमानगंज दो रेन्ज का प्रभार दिया गया है। इसी तरह वरिष्ठता सूची में 546 नम्बर पर आने वाले डिप्टी रेन्जर मनोज सिंह बघेल को पन्ना बफर रेन्ज के प्रभार मिला है। गौरतलब है कि उक्त दो रेन्जरों के अलावा पन्ना पार्क में पदस्थ डेढ़ दर्जन सीनियर डिप्टी रेंजरों को दरकिनार करते हुए जूनियर डिप्टी रेन्जरों को वन परिक्षेत्र का प्रभार सौंपने के मामले वरीयता दी गई। बताते चलें इससे प्रभावित डिप्टी रेन्जर कृपाल सिंह गौंड़ का नाम वरिष्ठता सूची में क्रमांक-03, रमेश रामधुनिया-04, रामयश श्रीवास्तव-07, मुन्नालाल चौरसिया-46, बुद्ध सेन कोल-51,राम सिंह यादव-65, संतोष हरने-77, रामप्रसाद प्रजापति-121, विश्राम सिंह-137 और अमर सिंह का-542 नम्बर पर है।
फॉरेस्ट के एक अधिकारी ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि रेन्ज का प्रभार सर्वप्रथम रेन्जर को दिया जाना चाहिए। यदि कहीं रेन्जर नहीं है तो वहां शासन के निर्देशानुसार सबसे वरिष्ठ डिप्टी रेन्जर को रेन्ज का प्रभार मिलना चाहिए। लेकिन रेन्जर और सीनियर डिप्टी रेन्जरों की उपेक्षा कर जूनियर डिप्टी रेन्जरों को प्रभार सौंपना तो अनुचित और आपत्तिजनक है। पीटीआर के अधिकारियों की इस मनमानी से पार्क के प्रबंधन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के साथ-साथ विचित्र और हास्यास्पद स्थितियां भी निर्मित हो रहीं है। जैसे कि- पन्ना बफर रेन्ज में पदस्थ सीनियर डिप्टी रेन्जर राम सिंह यादव का नाम प्रदेश स्तरीय वरिष्ठता सूची में-65 वें स्थान पर है जबकि वह प्रभारी रेन्जर मनोज सिंह बघेल के अधीन काम कर रहे हैं जिनका नम्बर डिप्टी रेन्जरों की वरिष्ठता सूची में काफी नीचे-546 है। सवाल यह है कि अपने पद और अधिकारों का मनमाने तरीके से उपयोग कर अधीनस्थ अमले के साथ भेदभाव, उनके अधिकारों का हनन करने और प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से उन्हें प्रताड़ित करने वाले अधिकारी क्या अपने साथ इस तरह के बर्ताव को सहन कर पाएंगे ?

रेन्जों के प्रभार देने में की गई मनमानी से प्रभावित रेंजर एवं डिप्टी रेंजर

नाम 
पद 
वरिष्ठता क्रमांक
 रेंज का प्रभार
1. गौरव नामदेव
रेंजर
 नहीं
2. हृदेश भार्गव
रेंजर
नहीं
3. कृपाल सिंह गौड़
डिप्टी रेंजर
 03
नहीं
4. रमेश रमधुनिया
 डिप्टी रेंजर
04
नहीं
5. रामयश श्रीवास्तव
डिप्टी रेंजर
07
नहीं
6. मुन्नालाल चौरसिया 
 डिप्टी रेंजर
 46
नहीं
7. बुद्ध सेन कोल
डिप्टी रेंजर
 51
नहीं
8. राम सिंह यादव
डिप्टी रेंजर
65
नहीं
9. संतोष हरने
डिप्टी रेंजर
 77
 नहीं
10. रामप्रसाद प्रजापति
डिप्टी रेंजर
121
नहीं
11. लालबाबू तिवारी
डिप्टी रेंजर
271
पन्ना कोर एवं अमानगंज
12. अमर सिंह
 डिप्टी रेंजर
542
 नहीं
13. मनोज सिंह बघेल
डिप्टी रेंजर
546
पन्ना बफर रेंज

साहब का अपना राग

पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के. एस. भदौरिया।
पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के. एस. भदौरिया से जब रेन्जरों और सीनियर डिप्टी रेन्जरों को नजरअंदाज करके बेहद जूनियर डिप्टी रेन्जरों को वन परिक्षेत्र कार्यालयों का प्रभार सौंपने के फैसले के सम्बंध में पूंछा गया तो उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि इससे प्रभावितों में किसी तरह की कोई हीन भावना नहीं आएगी। क्योंकि उन लोगों को अपनी कार्यक्षमता और कार्य कुशलता का पता है। उन्होंने साफ़ कहा कि मुझे सीनियरटी-जूनियर्टी से कोई सरोकार नहीं मैं तो बस फील्ड पर काम चाहता हूँ। उन्होंने उड़नदस्ता प्रभारी रेन्जर गौरव नामदेव का उदाहरण देते हुए कहा कि पन्ना बफर रेन्ज के चार्ज में रहते हुए इनके समय टपकनियां बीट बड़े पैमाने पर अवैध कटाई हुई थी। श्री भदौरिया को लगता है कि आधा दर्जन से अधिक अन्य जो सीनियर डिप्टी रेन्जर हैं उनका परफॉर्मेंस इस लायक नहीं हैं कि उन्हें रेन्ज का प्रभार सौंपा जाए। उनके मुताबिक ऐसा करने का मतलब किसी बड़ी घटना का जोखिम उठाना और खुद को भी संकट में डालना है।
क्षेत्र संचालक के. एस. भदौरिया के अनुसार वन्यजीवों और जंगल की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता में है, इसी को केन्द्र रखकर पार्क हित में प्रत्येक निर्णय लिया जाता है। इसमें मेरा किसी तरह का कोई व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं है। उनका कहना है कि बेहतर व्यवस्था बनाने के उद्देश्य से किसी को रेन्ज का प्रभार देने का यह मतलब नहीं है कि दूसरे को उपेक्षित या अपमानित किया जा रहा है। पार्क की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना हमारी जिम्मेदारी है इसके बाद भी अगर किसी को कुछ अन्यथा मतलब निकालना है तो इसके लिए वह स्वतंत्र है।
पन्ना के गंगऊ अभ्यारण क्षेत्र में स्थित हरसा ग्राम का प्रवेश द्वार, इसी रास्ते से होकर रेत और पिपरमेंट का अवैध परिवहन कराने का है आरोप।
यहाँ गौर करने वाली बात यह है कि वर्तमान में अमानगंज और पन्ना कोर दो रेन्ज का प्रभार संभाल रहे जूनियर डिप्टी रेंजर लालबाबू तिवारी के रहते हुए पन्ना कोर रेन्ज की रमपुरा बीट अंतर्गत करीब 6 माह पूर्व बाघ का कंकाल वनरक्षक नाका के समीप मिला था। नाका के समीप बाघ की संदेहास्पद मौत होने का पता मैदानी अमले को तब चला जब उसका शव पूरी तरह कंकाल में तब्दील हो गया। इसी इलाके में कुछ समय पूर्व शिकारी भी पकड़े गए थे। इसके अलावा लालबाबू पर श्रम कानूनों का उल्लंघन करके श्रमिकों से बंधुआ मजदूरों की तरह काम कराने तथा गंगऊ अभ्यारण के प्रभार में रहते हुए रेत और पिपरमेंट के अवैध परिवहन को संरक्षण देने सरीके कई गंभीर आरोप हैं।

इनका कहना है –

“पन्ना टाइगर रिजर्व में रेंजरों और डिप्टी रेन्जरों को वन परिक्षेत्र (रेंज) का प्रभार न देकर काफी जूनियर डिप्टी रेंजरों को प्रभार देना पूर्णतः अनुचित है। इसका विरोध मेरे द्वारा विभागीय संयुक्त परामर्शदात्री समिति की बैठक में किया गया था। शासन के निर्देशों के विपरीत लिए जाने वाले इस तरह के निर्णयों से पार्क में बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सेवाएं देने वाले मैदानी कर्मचारियों का मनोबल गिरता है। इस तरह के मनमाने फैसले उनके हितों पर कुठाराघात है। लॉकडाउन समाप्त होने पर वन कर्मचारी संघ की ओर इस मुद्दे पर पुनः अपना प्रभावी विरोध दर्ज कराया जाएगा।”

– महीप कुमार रावत, अध्यक्ष वन कर्मचारी संघ शाखा जिला पन्ना।

“आपके द्वारा मेरे संज्ञान में जानकारी लाई गई ऐसा आखिर क्यों है इस सम्बंध में पन्ना टाइगर रिजर्व के अधिकारियों से बात करने बाद ही कुछ कह पाऊंगा।”

– राजेश श्रीवास्तव प्रधान मुख्य वन संरक्षक भोपाल।

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एक हजार फिट की ऊंचाई से कुण्ड में छलांग लगाकर युवक ने दी जान

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बृहस्पति कुण्ड से पड़े मृतक गप्पू पाल के शव को बाहर निकालने के लिए प्रायसरत परिजन एवं पुलिसकर्मी।

* अज्ञात कारणों के चलते युवक ने की आत्महत्या

* खोजबीन के दौरान बृहस्पति कुण्ड में मिला शव

* पन्ना जिले के बृजपुर थाना अंतर्गत पहाड़ीखेरा चौकी क्षेत्र की घटना

पन्ना/पहाड़ीखेरा। (www.radarnews.in) पन्ना की पड़ोसी जिला सतना से सटी सीमा पर स्थित करीब एक हजार फिट की गहराई वाले प्रसिद्द बृहस्पति कुण्ड में शनिवार की सुबह एक युवक ने छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस को खोजबीन के दौरान युवक का शव कुण्ड में पड़ा मिला। मृतक की शिनाख्त गप्पू पाल पिता रामधनी पाल 30 वर्ष निवासी ग्राम अमरैया पुलिस चौकी पहाड़ीखेरा थाना बृजपुर के रूप में हुई है। बृहस्पति कुण्ड के नीचे पानी के समीप जिस हिस्से युवक शव मिला है वह सतना जिले के बरौंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत आता है, इसलिए पन्ना पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई करके शव को बाहर निकालने के बाद मामले को बरौंधा थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। बरौंधा थाना पुलिस ने फिलहाल इस घटना पर मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सतना के शव विच्छेदन गृह भेजा है। प्रारम्भिक पुलिस जांच में इस बात का पता नहीं चला सका है कि आखिर ऐसी क्या वजह थी जिससे के कारण एक मासूम बेटी के पिता गप्पू पाल को आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पहाड़ीखेरा चौकी के समीपी ग्राम अमरैया निवासी गप्पू पाल पिता रामधनी पाल 30 वर्ष शनिवार 9 मई की सुबह अचानक अपने घर से गायब हो गया। परिजनों ने आसपास उसकी खोजबीन की लेकिन जब कुछ पता नहीं चला तो चौकी पुलिस को सूचना दी गई। चौकी प्रभारी आर. जी. तिवारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हमराही पुलिस बल के साथ तुरंत युवक की तलाश शुरू की। इस दौरान दोपहर के समय चौकी प्रभारी को बृहस्पति कुण्ड में एक लाश पड़ी होने की सूचना मिली। पुलिस बल और पीड़ित परिजनों ने जब मौके पर पहुंचकर देखा तो मृतक गप्पू पाल ही निकला।
घटनास्थल पड़ोसी जिला सतना के बरौंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने के कारण पहाड़ीखेरा चौकी पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पश्चात शव को बाहर निकालकर उसे अग्रिम कार्रवाई हेतु बरौंधा पुलिस को सौंप दिया है। प्रारम्भिक जांच के आधार पर पुलिस इस घटना को आत्महत्या मान रही है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका पेशे से कृषक गप्पू ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया। आखिर ऐसी क्या बात थी जिसके चलते उसने एक झटके में अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतक गप्पू के परिजनों ने बताया कि चार भाईयों में वह में तीसरे नंबर का था। उसकी एक 4 साल की मासूम बेटी थी। गप्पू की मौत को लेकर लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि इस घटना की सच्चाई मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और मर्ग जांच पूर्ण होने पर ही आधिकारिक तौर सामने आने की बात कही जा रही है। पेशे से कृषक गप्पू पाल के आत्महत्या करने की दुखद खबर आने के बाद से क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।
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हादसा : नगर सेना के गोताखोरों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर धरमसागर तालाब में डूबे नवयुवक का शव निकाला

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युवक के शव को धरमसागर तालाब में खोजते प्रशिक्षित नगर सैनिक एवं एसडीआरएफ टीम के सदस्य।

* तीन घण्टे की कड़ी मशक्कत के बाद पानी से बाहर निकाला गया शव

* अपने चचेरे भाइयों के साथ तालाब में नहाने गया था नवयुवक श्रमिक

पन्ना।(www.radarnews.in) नगर के धरम सागर तालाब में नहाने गए कटरा मोहल्ला निवासी एक नवयुवक श्रमिक की पानी में डूबने से दर्दनाक मौत गई। वह अपने चचेरे भाईयों के साथ दोपहर के समय नहाने के लिए तालाब गया था। तालाब में उतरकर नहाते समय वह गहराई में पहुँच गया और पानी में डूब गया। अचानक नजरों से ओझल हुए युवक का काफी खोजबीन के बाद भी जब कोई पता नहीं चला तो कोतवाली थाना पुलिस को घटना की सूचना दी गई। पुलिस से जानकारी मिलने पर नगर सेना और एसडीआरएफ़ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बिना किसी देरी के विशाल झीलनुमा तालाब में डूबे युवक की खोजबीन के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर करीब 3 घण्टे की मशक्कत के बाद शाम के समय शव को बाहर निकाला गया। इस दौरान धरमसागर तालाब के मुसाब घाट पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के कटरा मोहल्ला में कोतवाली थाना के नजदीक रहने वाला रमजान खान पिता इबरार खान इब्बू 20 वर्ष अपने पिता के साथ दिल्ली में रहकर मजदूरी करता था। कोरोना संकट के चलते वह लॉकडाउन घोषित होने के कुछ दिन पूर्व ही पन्ना लौट आया था। शुक्रवार 8 मई को रमजान दोपहर के समय अपने चचेरे भाईयों के साथ धरमसागर तालाब में नहाने के लिए गया हुआ था। तालाब के अत्याधिक गहराई वाले क्षेत्र केन्द्रीय विद्यालय के पीछे मुसाब घाट के पानी में उतरकर नहाने के दौरान वह गहरे पानी में चला गया। उसे तैरना नहीं आता था। रमजान कब गहरे पानी में डूब गया उसके भाईयों को इसकी भनक तक नहीं लगी। अचानक नजरों से ओझल हुए अपने भाई को लेकर परेशान युवकों ने अपने स्तर पानी में उसकी खोजबीन की लेकिन कोई पता नहीं चल सका।
पन्ना के केन्द्रीय विद्यालय के पीछे मुसाब घाट में डूबे युवक की के सम्बंध में सूचना मिलने पर पहुंचे पुलिसकर्मी।
रमजान के पानी में डूबने से हैरान-परेशान युवकों के द्वारा घटना की सूचना कोतवाली थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने नगर सेना को सूचित किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पन्ना एसडीओपी रामसुहावन रावत, कोतवाली थाना निरीक्षक हरी सिंह ठाकुर हमराही बल के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में नगर सेना और एसडीआरएफ की टीम वोट व अन्य साजो-सामान के लेकर पहुँच गईं और बिना किसी देरी के रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान नगर सेना के गोताखोरों द्वारा मुसाब घाट के बड़े क्षेत्र में तलहटी को खंगाला गया। इस दौरान शाम होते देख मौके पर मौजूद कई लोग निराश होने लगे और अगले दिन पुनः रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की स्थिति निर्मित होने की आशंका जताने लगे। लेकिन तभी कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार गोताखोरों ने पानी की गहराई से रमजान के शव खोज निकाला। करीब तीन घण्टे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शाम लगभग 6:30 बजे युवक के शव को पानी से बाहर लाया गया।

फूट-फूटकर रोए परिजन

तालाब में डूबे युवक की खोजबीन के लिए जारी रेस्क्यू ऑपरेशन को मौके पर देखते हुए लोग।
जवान बेटे रमजान की हादसे में असमय दर्दनाक मौत से व्यथित पीड़ित परिजन उस समय फूट-फूटकर रोने लगे जब उसके शव को पानी से बाहर निकाला गया। सोशल मीडिया के माध्यम से इस हादसे की खबर के फैलने से लॉकडाउन के बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन को देखने तालाब के घाट पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इस दौरान पीड़ित परिजनों को रोते-बिलखते हुए जिसने भी देखा उसका भी दिल भर आया और आँखें छलक उठीं। शव को पानी से निकालने के बाद पोस्टमार्टम के लिए शव विच्छेदन गृह में रखवाया गया। इस घटना पर पंचनामा कार्रवाई उपरान्त पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है। शाम होने की वजह से मृतक के शव का पोस्टमार्टम शनिवार को सुबह होने की बात कही जा रही है।
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खरीफ सीजन 2020-21 की तैयारियों को लेकर कलेक्टर ने की चर्चा, फसल बोनी के लक्ष्यों में वृद्धि कर कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश

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खरीफ सीजन 2020-21 की तैयारियों को लेकर चर्चा करते पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा एवं समीप बैठे उप संचालक ए. पी. सुमन।

* कलेक्ट्रेट कार्यालय में एपीसी संबंधी बैठक सम्पन्न

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण के चलते वतर्मान जिले में अति आवश्यक होने पर ही प्रशासनिक बैठकों का आयोजन पूर्ण सुरक्षात्मक उपायों के साथ किया जा रहा है। पन्ना कलेक्ट्रेट कार्यालय में होने वाली बैठकों में अधिकारी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए चेहरे पर मास्क पहनकर शामिल हो रहे हैं। बैठक से पूर्व सभाकक्ष एवं फर्नीचर को सेनेटाईज्ड किया जाता है इसके उपरांत बैठक आयोजित की जाती है। बैठक में कम से कम अधिकारियों को बुलाया जाता है। इसी क्रम में आज खरीफ सीजन 2020-21 की तैयारियों के सम्बंध में कलेक्टर कर्मवीर शर्मा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में रबी सीजन 2019-20 की समीक्षा एवं खरीफ मौसम 2020-21 की तैयारी के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने निर्देश दिए कि आगामी खरीफ मौसम 2020-21 की तैयारी करते समय कृषि विभाग से संबंधित लक्ष्यों को बढाकर कार्ययोजना तैयार की जाए। किसानों को अधिक से अधिक नवीन गुणवत्तायुक्त बीजों के उपयोग करने की सलाह दी जाए। आपने कृषि विभाग के उप संचालक ए. पी. सुमन को कृषि आदानों की उपलब्धता के लिए अपने मांग पत्र में आगामी मौसम के लिए आवश्यक बीज, औषधि, उर्वरक आदि के संबंध में निर्धारित लक्ष्य अनुसार लेख करने के निर्देश दिए। जिले में बीज प्रतिस्थापन को प्रोत्साहित करें। आगामी सीजन में किसानों को धान, अरहर, मूंग, उड़द आदि के गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें।
कलेक्टर ने कहा कि जो किसान ज्वार, मक्का की खेती करते हैं उन्हें अधिक से अधिक शंकर प्रजाति के उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने उप संचालक ए. पी. सुमन कृषि को निर्देश दिए कि किसानों को जिप्सम के उपयोग करने की सलाह दें। जिप्सम बुलाने के लिए मांग पत्र अभी से भेज दिया जाए। सम्पन्न हुई बैठक में संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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यूपी के बांदा में कोरोना संक्रमण के नए मामले सामने आने पर पड़ोसी पन्ना जिले में बढ़ाई गई सतर्कता, अंतर्राज्जीय सीमा से सटे चेकपोस्ट और गांवों का कलेक्टर-एसपी ने किया सघन निरीक्षण

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* जिले के बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग करने के दिए निर्देश

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में कोरोना पॉजिटव केस तेजी से बढ़ने के मद्देनजर पड़ोसी जिला पन्ना में प्रशासन ने इस खतरनाक संक्रमण के प्रसार की रोकथाम एवं इससे बचाव के लिए सतर्कता बढ़ा दी है। मंगलवार को बांदा जिले में एक दिन में रिकार्ड 10 नए कोरोना संक्रमित सामने आने की खबर से पन्ना जिले में भी हड़कम्प मचा है। बांदा में कोरोना संक्रमितों की संख्या डेढ़ दर्जन के आंकड़े को पार कर गई है। बांदा से पन्ना जिले की अजयगढ़ और पन्ना तहसील क्षेत्र की करीब 50-60 किलोमीटर लम्बी सीमा लगती है। इसलिए एहतियात बरतना और भी जरुरी हो जाता है।
इसी सिलसिले में बुधवार 6 मई को पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बांदा जिले से सटी अंतर्राज्जीय सीमा के नजदीक स्थित चेकपोस्ट एवं ग्रामों का संयुक्त रूप से सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा निर्देश दिए गए कि जिले की सीमा के बाहर से एवं अन्य राज्यों से आने वाले शत-प्रतिशत लोगों की स्क्रीनिंग की जाए। सभी की सम्पूर्ण जानकारी पंजीबद्ध करने के साथ गूगल शीट पर दर्ज की जाए। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने अनुभाग क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में निरंतर भ्रमण कर लोगों को समझाईश देने के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्र से आवश्यक सूचना प्रसारित करें। जिससे लोग घरों से अनावश्यक बाहर न निकलें।
कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के साथ अजयगढ़ अनुभाग के एसडीएम, सीईओ, बीएमओ एवं संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ अन्तर्राज्यीय पन्ना नाका नरैनी, रामनई, नहरी, बरौली, चंदौरा आदि क्षेत्रों का भ्रमण कर क्षेत्र के सभी नाकों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए गए है कि जो भी श्रमिक अथवा अन्य लोग किसी भी रेड जोन से आ रहे हैं उन पर विशेष निगरानी रखी जाए। रेड जोन से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को होम क्वारंटाइन कराया जाए। ऐसे व्यक्तियों पर सतत निगरानी रखने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में पदस्थ अभ्युदल दल के सदस्यों के साथ खण्ड स्तर से चिकित्सक दल एवं पुलिस दल समय समय पर निगरानी रखें। इन लोगों को निर्देश दिए जाए कि उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्या जैसे सर्दी, जुखाम, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, बुखार आदि होने पर तत्काल चलित चिकित्सा इकाई के डाॅक्टरों से अपने स्वास्थ्य की जांच कराएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश की सीमा से लगने वाले प्रत्येक गांव में सतत निगरानी रखी जाए। उत्तर प्रदेश की सीमा वाले जिन गांवों में कोरोना संक्रमित मरीज पाया जाए उन गांव की तीन किलो मीटर की दायरे वाले जिले के सभी ग्रामों को क्वारेंटाइन करने के साथ सर्वे कर जिनमें भी सर्दी, खांसी, बुखार आदि के लक्षण दिखाई दें उनका अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। ऐसे व्यक्तियों को समझाईश दी जाए कि वे अनावश्यक घरों से बाहर न निकलें।
इसके उपरांत अजयगढ़ पुलिस थाने में पहुंचकर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से स्थानीय लोगों एवं पत्रकारों से चर्चा की गयी। चर्चा के दौरान बाजार खोलने के संबंध में चर्चा करते हुए कलेक्टर श्री शर्मा ने कहा कि जिन स्थानों पर मार्ग के दोनों ओर सघन दुकानें उन बाजारों में पृथक पृथक दिन दाहिने और बाएं की तरफ की दुकानें खोली जाए। यदि बाजार में निर्देशानुसार शारीरिक दूरी, चेहरे को कपड़े से ढकने के निर्देशों का पालन नहीं किया जाता तो संबंधित दुकानदार की दुकान खोलने से रोक दिया जाए। कलेक्टर श्री शर्मा ने कहा कि आम जनता एवं मीडिया के प्रतिनिधिगण समय-समय पर कहीं भी धारा 144 के तहत जारी किए गए आदेशों और छूट का उल्लंघन किया जाता है तो इसकी जानकारी जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को दी जाए। जिससे त्वरित कार्यवाही की जा सके। इस अवसर पर भ्रमण के दौरान उन्होंने कृषि उपज मंडी अजयगढ़ का निरीक्षण करने के साथ निर्देश दिए कि खरीदे गए माल का त्वरित परिवहन कर सुरक्षित भण्डारण कराएं।
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लॉकडाउन के बीच प्रेमी युगल ने लगाई फाँसी, घरवालों ने जब दोनों के शव देखे तो उड़ गए होश

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डुंगरहो ग्राम में घटनास्थल पर पहुंचकर प्रेमी युगल के शवों को देखते हुए हनुमतपुर पुलिस चौकी प्रभारी रवि सिंह जादौन।

* घटना को लेकर क्षेत्र में है चर्चा इनके विवाह में आड़े आ रहा था दूर का रिश्ता

* पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना की हनुमतपुर चौकी अंतर्गत डुंगरहो ग्राम की घटना

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में अजयगढ़ थाना अंतर्गत डुंगरहो ग्राम में लॉकडाउन के बीच एक प्रेमी युगल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अपने प्यार को वैवाहिक रिश्ते में बदलने में नाकाम इस जोड़े ने मंगलवार देर रात लड़की के घर पर ही मौत को गले लगाया। पुलिस ने मर्ग कायम कर दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया और फिर उनका अंतिम संस्कार करने शव लड़के-लड़की के परिजनों को सौंप दिए। इस प्रेम कहानी के बेहद दर्दनाक दुखांत को लेकर इलाके में चर्चा है कि कथित तौर पर दोनों के विवाह में उनका दूर का रिश्ता आड़े आ रहा था, दूर के रिश्ते में दोनों भाई-बहिन लगते थे। शायद इस वजह से इनके परिजनों को इस रिश्ते पर ऐतराज था।
मंगलवार 5 मई की सुबह जब क्रांति कोंदर 19 वर्ष के वृद्ध दादा-दादी नींद से जागे तो कमरे में क्रांति और राजेश कोंदर 20 वर्ष के शव फांसी के फंदे पर लटकते हुए देखकर उनके होश उड़ गए। वृद्ध दंम्पत्ति के फूट-फूटकर रोने की आवाज सुनकर आस-पड़ोस के लोग जब मौके पर पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर वे भी दंग रह गए। ग्राम डुंगरहो में प्रेमी युगल के फांसी लगाने की सूचना मिलने पर हनुमतपुर पुलिस चौकी प्रभारी रवि सिंह जादौन हमराही बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और मौके से ही वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। कुछ घण्टे बाद पन्ना से पुलिस की फॉरेंसिक टीम जांच के लिए गांव पहुंची।
हनुमतपुर पुलिस चौकी प्रभारी रवि सिंह जादौन ने जानकारी देते हुए बताया कि राजेश पुत्र भगवान दास कौंदर 20 वर्ष अजयगढ़ थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम झगरहा का रहने वाला है। लेकिन वह पिछले कई सालों से अपने मामा के पास डुंगरहो में रह रहा था। वहीं क्रांति अपने दादा-दादी के साथ रहती है। उसके माता-पिता मजदूरी करने बाहर गए हैं। उप निरीक्षक श्री जादौन ने बताया कि घटना की प्रारम्भिक जांच में दोनों के बीच कई वर्षों से प्रेम सम्बंध होने का पता चला है। राजेश दूर के किसी रिश्ते से क्रांति भाई लगता था। आपने बताया कि सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात आंधी-तूफ़ान चलने और बारिश होने पर क्रांति के बुजुर्ग दादा-दादी अपने कमरे में सोने के लिए चले गए। सुबह नींद से उठकर देखा तो दूसरे कमरे में नातिन क्रांति और राजेश फांसी के फंदे पर लटके मिले। पुलिस को मौके से किसी तरह का कोई सुसाइट नोट नहीं मिला है। इस दुखद घटना के बाद से ग्राम डुंगरहो सहित पूरे इलाके में शोक की लहर व्याप्त है।
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ख़बर जरा हट के : लॉकडाउन निकाह …  “बैण्ड-बाजा न बरात सिर्फ मियां-बीबी और काज़ी, फिर क्या- तूँ मुझे कुबूल- मैं तुझे कुबूल”

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पन्ना में शहबाज बानो और राजा खान का निकाह पढ़वाते शहर काजी मोहम्मद फ़य्याज़।

* मुस्लिम जोड़े ने लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर सादगी से रचाई शादी

शादिक खान/राजेन्द्र कुमार लोध- पन्ना।(www.radarnews.in) शादी को लेकर हर इंसान के दिल में बड़े अरमान होते हैं, क्योंकि यह उसकी जिंदगी के सबसे अहम फैसलों में से एक होता है। यह एक ऐसा यादग़ार लम्हा होता जिसके बाद जिंदगी ताउम्र के लिए नया मोड़ लेती है। इसलिए शादी का फैसला घर वालों के साथ-साथ लड़का-लड़की बहुत सोच-विचार के बाद लेते हैं। वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते जारी लॉकडाउन के कारण पूर्व से तय कई विवाह संपन्न नहीं हो रहे हैं। बार-बार लॉकडाउन की म्यांद बढ़ने और कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए अधिकांश विवाह लगातार टल रहे हैं। जबकि कुछ ऐसे भी जोड़े हैं जोकि लॉकडाउन की तमाम पाबंदियों का उल्लंघन किये बगैर बड़ी ही सादग़ी के साथ खुशी-ख़ुशी शादी रचा रहे हैं।
लॉकडाउन के चलते बिना बैण्ड-बाजा-बारात के सादगी के साथ संपन्न अनूठी शादी की है पूरे शहर में चर्चा।
ऐसा ही एक निकाह मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में सोमवार 4 मई को मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार संपन्न हुआ। पन्ना के रानीगंज मोहल्ला के वार्ड क्रमांक- 17 में रहने वालीं शहबाज बानो और इसी मोहल्ले के  राजा खान की शादी चर्चे कल से पन्ना के लोगों की जुबान पर है। इस जोड़े को इस बात का जरा भी मलाल नहीं है कि उनकी शादी लॉकडाउन की बंदिशों के चलते बिना किसी जश्न के बेहद सादगी साथ संपन्न हुई। पॉजिटिव सोच रखने वाले इस जोड़े का कहना है कि लोगों को जब हमारी शादी के बारे में पता चलेगा तो वे शायद यही कहेंगे कि एक निकाह बिना बैण्ड-बाजा-बारात के हुआ, इसमें बुरा क्या है। लोग कम से कम हमारी अनूठी शादी की चर्चा तो करेंगे।

बच्चे खुश रहें यही सबसे बड़ी दौलत

इस शादी में पूरे समय एक साथ चार से अधिक लोग एकत्र नहीं हुए।
इस शादी में सिर्फ दूल्हा-दुल्हन बने युवक-युवती, शहर काजी मोहम्मद फ़य्याज़ समेत कुल पांच लोग सरीक हुए। लेकिन निकाह के दौरान किसी भी सूरत में चार से अधिक लोग एक साथ एक जगह पर मौजूद नहीं रहे। अलग-अलग कमरों में बैठे इस जोड़े ने जब निकाह कुबूल किया तो दोनों के पास उनका कबूलनामा जानने के लिए शहर काजी और दोनों पक्षों के दो गवाह ही पहुंचे। बिना बैण्ड-बाजा बरात, किसी बड़े खर्च और धूमधाम के बगैर बेहद सादगी के साथ संपन्न हुई शहबाज बानो और राजा खान की शादी से इनके घर वाले भी काफी खुश हैं। लड़की के पिता हसन खान का कहना है कि शादियाँ अब इसी तरह होनी चाहिए जिससे महज अपनी झूठी हैसियत या शान के दिखावे पर होने वाली फिजूलखर्ची बचेगी और हम जैसे गरीब लोगों पर कोई बोझ भी नहीं पड़ेगा। इस शादी की एक और अच्छी बात यह रही कि जिसकी काफी चर्चा है कि इसमें किसी तरह के दहेज़ आदि का लेन-देन भी नहीं किया गया। लड़के के पिता अब्दुल हमीद का कहना है कि उनके बच्चे हर हाल में खुश रहें बस यही हमारे लिए सबसे बड़ी दौलत है।

कोरोना से हिफ़ाजत लिए मांगी दुआ

निकाह सम्पन्न होने के बाद ख़ुशी से अपने हाथों की मेहंदी दिखती दुल्हन।
निकाह के पूर्व शहर काजी मोहम्मद फ़य्याज़ ने सभी को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जरुरी एहतियात बरतने और शासन-प्रशासन के निर्देशों पर पूरी तरह अमल करने की समझाइश दी गई। निकाह के बाद काजी साहब ने दुआ पड़ी जिसमें इस जोड़े ने अपने शादीशुदा खुशहाल जिंदगी के साथ-साथ पूरी दुनिया के लोगों की कोरोना महामारी से हिफाजत के लिए अल्लाह से दुआएं मांगी। दिन में हुई महज तीन-चार घण्टे की इस अनूठी शादी के बाद लड़की के घर वालों ने बेटी को ख़ुशी-ख़ुशी विदा किया।
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क्राइम : फेसबुक आईडी हैककर दुनिया के सबसे खूँखार आतंकी संगठन की फोटो प्रोफ़ाइल में डाली

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फेसबुक आईडी हैककर प्रोफ़ाइल में डाली गई पिक्चर।

* पीड़ित युवक ने पन्ना कोतवाली थाना में की लिखित शिकायत

* दुरूपयोग की आशंका के चलते अस्थाई रूप से बंद किया अकाउंट

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय में गोविंद जी मंदिर के पीछे वार्ड क्रमांक- 16 रानीगंज मोहल्ला में रहने वाले एक युवक ने अपने दोस्तों से फेसबुक चैट करने के लिए जब अपना अकाउंट ओपन( लागिन) किया तो प्रोफ़ाइल पिक्चर देख कर उसके होश उड़ गए। काफी डरा-सहमा हुआ पीड़ित युवक मदद के लिए सीधा पुलिस थाना पहुंचा। दरअसल युवक के फेसबुक अकाउंट को किसी ने हैककर प्रोफ़ाइल में उसकी फोटो के साथ दुनिया के सबसे खूंखार और खतरनाक आतंकी संगठन आईएसआईएस के हथियारबंद सदस्यों की फोटो पोस्ट कर दी। एक धर्म विशेष को मानने वाले युवक का कहना है कि किसी ने निश्चित तौर पर उसे बुरी तरह फंसाने और बदनाम करने के लिए यह शरारतपूर्ण घिनौनी साजिश रची है।
पीड़ित युवक ने कथित तौर पर अपनी फेसबुक आईडी हैक किये जाने की लिखित सूचना पन्ना कोतवाली थाना में दी है। उसने बताया कि मेरी प्रोफ़ाइल पिक्चर बदल दी गई इसलिए मैनें अपना अकाउंट अस्थाई रूप से बंद कर दिया है। ताकि मेरी फेसबुक आईडी का कोई दुरूपयोग न कर सके। युवक ने पुलिस से इस मामले की जांच करके अज्ञात हैकर के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग की है। कोतवाली थाना पन्ना पुलिस के द्वारा पीड़ित युवक के शिकायती आवेदन पत्र पर साइबर सेल की मदद से मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित का कहना है कि इस मामले कार्रवाई जरुरी है ताकि ऐसा करने वालों को यह पता चल सके कि इतनी गहरी साजिश करने का अंजाम क्या होता है।
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कोरोना संक्रमित प्रवासी श्रमिक को पन्ना जिला चिकित्सालय में शिफ्ट किया, सीएमएचओ बोले- इस केस की चैन टूट चुकी है घबराने की जरुरत नहीं, युवक के प्राइमरी कॉन्टेक्ट में आए सभी लोगों की जाँच रिपोर्ट निगेटिव आई

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फाइल फोटो।

* बनौली ग्राम के कोविड सेंटर से कड़ी सुरक्षा में सोमवार को अलसुबह पन्ना लाया गया

* मरीज को स्वास्थ्य सम्बंधी कोई समस्या नहीं जल्द पूर्ण स्वस्थ होने की है उम्मीद

* श्रमिक ने कहा मैं एकदम नार्मल हूँ, हॉस्पिटल में घर से भी अच्छी हैं सुविधाएं

* अपने बारे में गलत जानकारी फैलने से आहत और परेशान प्रवासी युवा श्रमिक

* संक्रमित का इलाज कर रही मेडिकल टीम को परिवार से अलग कर होटल में ठहराया

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में दो दिन पूर्व कोरोना संक्रमित पहला मरीज मिलने के बाद उसे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए दूरस्थ ग्राम बनौली के कोविड सेंटर से पन्ना जिला चिकित्सालय स्थित स्पेशल कोविड यूनिट में शिफ़्ट किया गया है। सोमवार तड़के करीब 4 बजे उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में पुख्ता इंतजाम के साथ पन्ना जिला चिकित्सालय लाया गया। मुंबई से चार दिन पूर्व लौटा प्रवासी युवा श्रमिक जांच में कोरोना संक्रमित तो निकला है लेकिन उसमें अभी तक कोरोना बीमारी का कोई प्रत्यक्ष लक्षण नज़र नहीं आ रहा है। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एल. के. तिवारी ने स्वयं इस बात की पुष्टि है। उनका दावा है कि कोरोना संक्रमित श्रमिक को अभी तक स्वास्थ्य सम्बंधी कोई समस्या नहीं है, वह पूरी तरह सामान्य है। जिला चिकित्सालय में उसका इलाज जारी है। स्वास्थ्य विभाग की प्रशिक्षित टीम उसके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रख रही है। सीएमएचओ ने कोरोना संक्रमित युवक के जल्द स्वास्थ्य स्वस्थ्य होने की उम्मीद जताई है।
सांकेतिक फोटो।
इस केस से जुड़ी एक राहत देने वाली खबर भी आई है। दरअसल संक्रमित युवक के प्रायमरी व सेकेण्डरी कॉन्टेक्ट में आए सभी लोगों को चिन्हित करके प्राइमरी कॉन्टेक्ट के लोगों के 10 सैम्पल कोरोना जांच हेतु भेजे गए थे जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। सीएमएचओ डॉक्टर तिवारी ने समझया कि इसका यह अर्थ है कि कोरोना वायरस के इस केस में चैन यहीं पर टूट गई है। सोमवार 4 मई तक की स्थिति में जिले एक व्यक्ति के अलावा कोई और कोरोना पॉजिटिव नहीं है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि कोरोना मरीज को कोविड सेन्टर बनौली से पन्ना जिला चिकित्सालय के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट करने की वजह कोई इमरजेंसी नहीं है, चिकित्सा सेवाओं की सुविधा एवं प्रबंधन की दृष्टि से यह फैसला लिया गया है। उधर, कोरोना संक्रमित प्रवासी श्रमिक ने भी स्वयं को एकदम नार्मल होना बताया है। मरीज की मानें तो वह पिछले चार दिनों से स्वास्थ्य विभाग की सघन निगरानी में है उसे स्वास्थ्य सम्बंधी किसी तरह की कोई समस्या अब तक नहीं है। अपनी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने से वह खुद भी काफी अचरज में है। मरीज के मुताबिक वह और उसके दो भाई एवं अन्य साथी मुंबई के सांताक्रूज के जिस इलाके में रहते थे वहां कोरोना संक्रमण नहीं था। ऐसे में वह इस संक्रमण की चपेट में कैसे आया इस बारे में उसे कुछ भी पता नहीं है।
कोरोना संक्रमित और संदिग्ध मरीजों का उपचार करने वाली चिकित्सा टीम के सदस्य।
पन्ना जिले में दो दिन पूर्व कोरोना पॉजिटिव पहला केस सामने आने की नकारात्मक और चिंताजनक खबर के बीच अच्छी बात यह है कि संक्रमित मरीज चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टॉफ़ का सम्मान करते हुए उपचार में उन्हें पूर्ण सहयोग कर रहा है। इस युवक ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं की तारीफ़ करते हुए बताया कि उसके सैम्पल की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद से स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा हर घड़ी उसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। पहले बनौली और अब पन्ना में उसे घर से भी बेहतर सुविधाएं मिल रहीं हैं। इलाज कर रहे चिकित्सक और देखभाल करने वाले पैरामेडिकल स्टॉफ़ की भी उसने तारीफ की है।
फाइल फोटो।
प्राप्त जानकारी अनुसार 30 अप्रैल को अपने भाई समेत 10 सदस्यों के ग्रुप में मुंबई से पन्ना लौटा 31 वर्षीय प्रवासी श्रमिक जिले की अजयगढ़ तहसील क्षेत्र का मूल निवासी है। पन्ना जिले के सीमावर्ती इलाके सिमरिया के चेकपोस्ट में इस ग्रुप के पहुँचने पर सभी सदस्यों की स्क्रीनिंग करने के बाद उन्हें नजदीकी बनौली ग्राम के क्वारंटाइन सेंटर में आइसोलेट किया गया था। इनके सैम्पल लेकर कोरोना की जांच हेतु भेजे गए। शनिवार 2 मई की शाम को ग्रुप के 10 सदस्यों में से 9 नेगेटिव और एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। पॉजिटिव मरीज शुरु से ही बीमारी के प्रत्यक्ष लक्षण से मुक्त है। कोरोना संक्रमित मरीज का करीब 36 घण्टे तक प्ररम्भिक उपचार बनौली ग्राम के कोविड सेंटर में किया गया। सोमवार तड़के करीब 4 उसे बनौली से सुरक्षात्मक तरीके से पन्ना लाकर जिला चिकित्सालय के सर्व सुविधायुक्त आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया है।
संक्रमित मरीज के साथ रहे उसके छोटे भाई को भी अलग से पन्ना लाकर एहतियात के तौर पर सुरक्षित दूरी रखते हुए दूसरे कमरे में रखा गया। कोरोना संक्रमित मरीज ने “रडार न्यूज़” से चर्चा में बताया कि मेरी जाँच रिपोर्ट भले ही पॉजिटिव आई है लेकिन मुझे इसका जरा भी टेंशन नहीं है, उसने बड़ी ही साफगोई के साथ कहा कि मैं पहले की तरह एकदम नार्मल हूँ क्योंकि मुझे सिरदर्द तक नहीं है। इसलिए किसी तरह के टेंशन होने या घबराहट का सवाल ही नहीं उठता है। युवा मरीज से मोबाइल पर हुई बातचीत में उसकी सकारात्मक सोच, समझदारी, मजबूत आत्मबल और जिजीविषा का एहसास होता है।
डॉ. एल. के. तिवारी, सीएमएचओ पन्ना।
उधर, सीएमएचओ ने डॉ. एल. के. तिवारी ने कोरोना हेल्थ ब्रीफिंग जारी कर बताया है कि कोरोना पॉजिटिव युवक का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसमें अभी भी कोई लक्षण नहीं है और युवक को किसी प्रकार की समस्या नहीं है। उसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। आपने आशा व्यक्त की है कि भविष्य में वह जल्द स्वस्थ हो जाएगा। संक्रमित युवक के प्रायमरी व सेकेण्डरी कॉन्टेक्ट में आए सभी लोगों को चिन्हित किया गया। इसके उपरांत प्रायमरी कॉन्टेक्ट से जुड़े 10 सैम्पल लेकर जाँच हेतु भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आने पर स्वास्थ्य महकमे ने राहत की साँस ली है। इसका मतलब यह कि कोरोना वायरस के इस केस में चैन यहीं पर टूट गई है। सोमवार 4 मई तक की स्थिति में जिले एक व्यक्ति के अलावा कोई और कोरोना पॉजिटिव नहीं है।

मेडिकल स्टॉफ को होटल में ठहराया

सांकेतिक फोटो।
पन्ना जिले की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आमधारणा नकारात्मक रही है लेकिन कोरोना संकट के समय हमारे फ्रंट लाइन योद्धाओं ने लॉकडाउन के दौरान पिछले डेढ़ माह में रात-दिन कड़ी मेहनत करते हुए स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार जिले में कोरोना वायरस की प्रभावी रोकथाम एवं बचाव हेतु हर स्तर पर जो व्यापक तैयारियां की हैं वे वाकई क़ाबिले तारीफ हैं। कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमित पहला मरीज जिले में मिलने के बाद इसके प्रसार की रोकथाम को लेकर कोरोना योद्धा संवेदनशीलता के साथ राज्य और केन्द्र सरकार के बताये हुए सुरक्षात्मक उपायों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने में पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ जुटे हैं।
जानकारी मिली है कि कोरोना संक्रमित प्रवासी श्रमिक का इलाज करने वाले चिकित्सक और उसकी देखभाल करने से लेकर उक्त वार्ड में साफ़-सफाई करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षा की दृष्टि से रविवार की रात्रि में ही परिवार से दूर करते हुए पन्ना के बाहरी इलाके में स्थित एक सर्व सुविधायुक्त होटल में ठहराया गया है। ताकि कोई भी व्यक्ति इनके सीधे सम्पर्क में न आने पाए। आइसोलेशन वार्ड में सेवाएं देने वाले मेडिकल स्टॉफ की जीवन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्हें समस्त पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई किट) पर्याप्त संख्या में उपलब्ध कराये गए हैं। इसके अलावा हॉस्पिटल में जगह-जगह संक्रमित क्षेत्र लिखकर आइसोलेशन वार्ड वाले हिस्से में बाहरी लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। वहीं सोमवार की रात्रि से ही पन्ना हॉस्पिटल की सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।

देर रात्रि तक चलीं तैयारियां

पन्ना जिला चिकित्सालय में स्थित कोरोना संक्रमित एवं संदिग्ध मरीज वार्ड।
पन्ना के जिला चिकित्सालय में कोरोना संक्रमित मरीज के उपचार हेतु हेतु बनाये गए आइसोलेशन वार्ड में समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं और सुविधाएं काफी पहले ही सुनिश्चित कर ली गईं थीं। लेकिन रविवार की शाम जब कोरोना संक्रमित मरीज को बनौली ग्राम से पन्ना लाने का निर्णय लिया गया तो पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने स्वयं जिला चिकित्सालय पहुंचकर बारीकी से हर व्यवस्था को जांचा-परखा। जहां कहीं भी थोड़ी बहुत सुधार की गुंजाइश दिखी उसमें आवश्यक सुधार और तब्दीली कराई गई। रविवार शाम से लेकर देर रात्रि तक कलेक्टर श्री शर्मा, पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एल. के. तिवारी, सिविल सर्जन डॉ. आर. एस. त्रिपाठी ने इलाज और सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की कसौटी पर व्यवस्थाओं को बारीकी से जांचा-परखा गया। पूर्ण संतुष्ट होने पर सोमवार 4 मई की देर रात्रि करीब डेढ़-दो बजे बनौली से अलग-अलग एम्बुलेंस में मरीज और उसके छोटे भाई को सुबह 4 बजे के आसपास पन्ना लाकर जिला चिकित्सालय में शिफ्ट किया गया।
यहाँ यह विशेष उल्लेखनीय है कि शनिवार 2 मई की शाम को मुंबई से लौटे प्रवासी श्रमिक के कोरोना पॉजिटिव होने का पता चलने पर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एल. के. तिवारी, सिविल सर्जन डॉ. आर. एस. त्रिपाठी समेत अन्य अधिकारीगण आनन-फानन बनौली पहुँच गए थे और तड़के 3 बजे तक वहां रूककर उपचार आदि की व्यवस्था पूरी कराई गई थी।

गलत जानकारी फ़ैलने से है दुखी

सांकेतिक फोटो।
पन्ना जिला चिकित्सालय के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीज ने आज दोपहर में “रडार न्यूज़” से मोबाइल के माध्यम से बात की। इस दौरान उसने अपने बारे में पिछले दिनों फैलीं गलत और भ्रामक जानकारी वालीं ख़बरों पर दुःख और आपत्ती जताते हुए बताया कि 30 अप्रैल को मुंबई से पन्ना आने पर उसने और ग्रुप के सभी सदस्यों ने सिमरिया बार्डर पर तथा बाद में बनौली के क्वारंटाइन सेंटर में अपने सम्बंध में पूर्ण जानकारी दी थी। जिसमें उसने बताया था कि वह दिहाड़ी मजदूर है और मुंबई अपने छोटे भाई और और अन्य युवाओं के साथ सांताक्रूज इलाके में मछली बाजार के नजदीक रहकर पेंटिंग का काम करता था। इन लोगों ने मिलकर 30 हजार रुपये मासिक रुपये पर कमरा किराया पर ले रखा है। जिसका किरायानामा अनुबंध भी उसके पास मौजूद है। मगर पन्ना में कई दिनों से यह प्रचारित किया गया है कि संक्रमित प्रवासी युवक मुंबई की झुग्गी बस्ती धारावी में रहता था।
देश में कोरोना संक्रमण से मुंबई महानगर सर्वाधिक प्रभावित है और वहां की झुग्गी बस्ती धारावी में भी कोरोना संक्रमण के कई मामले सामने आए हैं। जबकि इस युवक का दावा है कि मुंबई में वह सांताक्रूज के जिस इलाके में रहता था वहां एक भी केस नहीं निकला। सोशल मीडिया में कुछ लोगों ने यह भी लिखा कि पुलिस के द्वारा उन्हें पकड़ा गया जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है, हम कहीं भागे थोड़ी हैं बल्कि हम तो स्वयं अपने गृह जिले में लौटे हैं।
सांकेतिक फोटो।
प्रवासी श्रमिक ने बताया कि पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील क्षेत्र में स्थित अपने गांव में परिजनों से मोबाइल पर उसे बात करने पर पता चला है कि कतिपय पुलिसकर्मी उसके सम्बंध में गांव में झूठी अफवाह फैला रहे थे कि मेरी हालत गंभीर होने के कारण मुझे पन्ना से जबलपुर रेफर किया गया है। इससे मेरे परिजन थोड़े परेशान हो गए। इस युवक ने बताया कि पन्ना में निवासरत उसके मामा ने फोन पर बात की और वह कहने लगे कि मैं तुम्हें देखना चाहता हूँ। उसने अपने मामा को समझाया कि मैं पन्ना में ही हूँ और पूरी तरह से ठीक भी हूँ, आप लोग हॉस्पिटल न आएं क्योंकि प्रशासन के लोग किसी को भी अभी मुझसे मिलने की इजाजत नहीं देंगे। यहाँ से जब छुट्टी मिलेगी तो मैं स्वयं आप लोगों से मिलने आऊंगा।

इनका कहना है –

“कोरोना संक्रमित युवक को बनौली कोविड सेंटर से सोमवार सुबह पन्ना जिला चिकित्सालय में शिफ्ट किया गया है। उसकी सेहत पूरी तरह सामान्य है। युवक में अब तक कोरोना का कोई भी लक्षण नहीं पाया गया है। उसका इलाज जारी है और संक्रमित व्यक्ति की सेहत पर स्वास्थ्य विभाग के प्रशिक्षित कर्मचारी 24⤯7 घण्टे नजर रख रहे हैं। हम लोगों को संक्रमित युवक के जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होने की उम्मीद है। अच्छी बात यह कि इस केस में संक्रमण की चेन टूट गई है। संक्रमित युवक के प्राइमरी कॉन्टेक्ट में आए सभी चिन्हित लोगों के सैम्पल की जाँच रिपोर्ट निगेटिव आई है। बनौली ग्राम में जब यह युवक आइसोलेट था तब उसकी कोरोना जांच पॉजिटिव आई थी इसलिए बनौली क्षेत्र को कंटेन्मेंट जोन घोषित किया गया है।”

– डॉ. एल. के. तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, पन्ना।

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पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघ शावक की संदेहास्पद मौत, वनकर्मियों को गश्त के दौरान पत्थरों पर पड़ा मिला कंकाल

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मृत बाघ शावक का कंकाल रुपी क्षत-विक्षत शव।

* कुछ माह पूर्व पार्क की रमपुरा बीट में भी मिला था एक बाघ का कंकाल

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व से एक बुरी खबर आई है। पार्क की गहरीघाट रेन्ज की कोनी बीट अंतर्गत वन कक्ष क्रमांक- 510 में एक बाघ शावक संदेहास्पद परिस्थितियों में मृत मिला है। करीब डेढ़ वर्ष की आयु के इस शावक का शव क्षत-विक्षत अवस्था में जल स्रोत के पत्थरों के बीच कंकाल के रूप में मिला। शव की हालत को देखते हुए इसकी मौत 5-6 दिन पूर्व होने का अनुमान लगाया जा रहा है। मृत शावक की पहचान बाघिन पी-213 (32) के पहले लिटर के शावक के रूप में की गई है। शावक की मौत का पता पार्क के मैदानी अमले को नियमित जंगल की गश्ती की दौरान चला। पन्ना टाइगर रिजर्व के शीर्ष अधिकारियों को जैसे ही यह हैरान करने वाली खबर मिली तत्काल डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाकर इलाके की सर्चिंग कराई गई।
फाइल फोटो।
पार्क प्रबंधन का दावा है कि घटनास्थल पर शिकार या अन्य किसी भी अवैध गतिविधि के कोई चिन्ह (साक्ष्य) नहीं पाए गए। ऐसे में शावक बाघ की मौत का रहस्य बरक़रार है। पन्ना टाइगर रिजर्व के वन्य प्राणी चिकित्सक डॉक्टर संजीव गुप्ता द्वारा मौके से मृत बाघ शावक के सैम्पल एकत्र किये गए। बाघ के कंकाल का पोस्टमार्टम करने के उपरांत उसके अवशेष का जंगल में ही दाह संस्कार किया गया। पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के. एस. भदौरिया ने बताया कि फ़िलहाल बाघ की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। बाघ की मौत का पता लगाने के लिए उसके सैम्पल विषाणु विज्ञान और विष विज्ञान प्रयोगशाला में जांच हेतु भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के पश्चात ही बाघ शावक की मौत की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
पन्ना टाइगर रिजर्व की रमपुरा बीट अंतर्गत कुछ माह पूर्व मिला बाघ का कंकाल। (फाइल फोटो)
उल्लेखनीय है कि पन्ना टाइगर रिजर्व अंतर्गत कुछ माह पूर्व पार्क के कोर क्षेत्र में ही रमपुरा बीट में इसी तरह एक बाघ का कंकाल मिला था। रमपुरा के वनरक्षक नाका के समीप बाघ की संदेहास्पद मौत होने के कई दिनों बाद मैदानी अमले को इसकी भनक लगी थी। तब तक मृत बाघ का शव कंकाल में तब्दील हो चुका था। पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की संदेहास्पद मौत के मामले लगातार सामने आने से पार्क क्षेत्र में इनकी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पार्क की बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और चौबीसों घण्टे निगरानी वाले कोर क्षेत्र में बाघों की इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होना और कई दिन बाद इसका पता चलना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि बाघों की मॉनिटरिंग में तैनात मैदानी अमला और तमाम अत्याधुनिक तकनीकी व्यवस्थाएं ठीक तरह से अपना काम नहीं कर रही हैं। इस स्थिति यदि में जल्द सुधार नहीं किया गया तो पन्ना में आबाद बाघों के संसार पर खतरा बढ़ सकता है। वैसे भी जिले के जंगलों में शिकारी और वन्यजीवों के अंगों की तस्करी करने वाले गिरोह खासे सक्रिय हैं।
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