* सोशल डिस्टेन्सिंग पालन करने एवं अतिआवश्यक कार्य होने पर ही मुँह ढंककर बाहर निकलने की अपील
शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कोविड-19 के विश्व महामारी घोषित होने के बाद प्रदेश को कोरोना वायरस संक्रमित सूची में शामिल होने के साथ ही जिला प्रशासन द्वारा मुस्तैदी से कार्यवाही शुरू कर दी गयी थी। जिले की प्रत्येक सीमा पर चैकपोस्ट स्थापित करने के साथ जिले के बाहर से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग करने के साथ उन्हें जिले में प्रत्येक तहसील क्षेत्र में स्थापित किए गए क्वारेंटाइन सेंटरों में रखने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गयी थी।
कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के द्वारा की जा रही कार्यवाही की निरंतर समीक्षा एवं निर्देशों के चलते जिले में जैसे ही कोरोना का संदिग्ध मरीज का प्रवेश हुआ उसकी तुरंत सेम्पलिंग कराकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट में पाॅजिटिव पाए गए मरीज को तुरंत जिला चिकित्सालय में स्थापित कोविड हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती कर उसे आवश्यक उपचार, पौष्टिक आहार, मनोरंजन उपलब्ध कराया गया। जिसके चलते एक मरीज पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने घर चला गया है। वहीं दूसरे कोरोना के संदिग्ध मरीज की जांच पाॅजिटिव मिलते ही उसे जिला चिकित्सालय के कोविड हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती कराकर उपचार प्रारंभ कर दिया गया है।
कलेक्टर श्री शर्मा ने शाम 6 बजे कोरोना पाॅजिटिव पाए जाने के बाद कोविड केयर सेंटर गुनौर पहुंचकर मरीज के प्रथम सम्पर्क एवं द्वितीय सम्पर्क वाले लोगों की सूची रात में ही तैयार कराकर प्रथम सम्पर्क वाले लोगों को कोविड केयर सेंटर लाकर आइसोलेट कराया गया। प्रथम सम्पर्क वाले सभी व्यक्तियों का सेम्पल रात में ही लेने के साथ मरीज के गांव घाट सिमरिया को रात में ही कन्टेनमेंट क्षेत्र घोषित कर पूरे गांव को सेनेटाइज करने के साथ सील कर दिया गया है। उस गांव के शत-प्रतिशत लोगों की स्क्रीनिंग कराई गयी है। इसके साथ ही द्वितीय सम्पर्क वाले लोगों की रात में ही पहचान प्रारंभ कराई गयी। इन सभी व्यक्तियों की भी स्क्रीनिंग कराकर उन्हें होम आइसोलेट कराया गया है।
पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने जिले के नागरिकों से कहा है कि इस समय घबराए नहीं बल्कि साहस के साथ कोरोना वायरस की जंग जीतने के लिए आवश्यक सतर्कता बरतें एवं शासन-प्रशासन द्वारा बताए गए सुरक्षात्मक उपाए करें। आपने लोगों से अति आवश्यक कार्य होने पर ही मुंह ढंककर घर से बाहर निकलने, सोशल-फिजीकल डिस्टेंसिंग का पालन करने एवं साबुन से अच्छी तरह कई बार हाथ धोने की अपील की है।
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“जिले में गेहूँ के भण्डारण हेतु एकमात्र पाठक वेयर हाउस सिली में 1500 मैट्रिक टन के लिए स्थान उपलब्ध है, शेष सभी वेयर हाउस पैक हो चुके हैं। शाहनगर, रैपुरा, अजयगढ़ में तीन स्थानों पर ओपन कैपों का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा कटनी जिले के रीठी क़स्बा के ओपन कैप में 22 हजार मैट्रिक टन अनाज भण्डारण हेतु स्थान आरक्षित किया गया है लेकिन अभी वहां उपलब्ध क्षमता महज 3-4 हजार मैट्रिक टन ही है। वर्तमान में जिले के उपार्जन केन्द्रों से रीठी और कुछ हद तक शाहनगर कैप के लिए गेहूँ परिवहन किया जा रहा है। स्थान की उपलब्धता के अभाव गेहूँ भण्डारण की व्यवस्था प्रभावित हुई है लेकिन इसमें शीघ्र ही सुधार होने की उम्मीद है।”








“मैं सेवानिवृत्त फौजी हूँ और पिछले 30 वर्षों से गजना की राजस्व भूमि पर काबिज रहते हुए खेती कर रहा हूँ। मेरे अलावा अन्य लोग भी वहां काबिज हैं। चूँकि मैं वन विभाग के गलत कार्यों का विरोध करता हूँ इसलिए दुर्भावनावश सिर्फ मेरे विरुद्ध फर्जी प्रकरण बनाया गया जिसकी जानकारी आपके माध्यम से मुझे मिल रही है। अगर में गलत होता तो इतने सालों से खेती कैसे कर पता ? मुझे पहले भी झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास हुआ है, जिसमें मैं निर्दोष साबित हुआ हूँ। वन विभाग के अधिकारियों के कारनामों को जल्दी ही उजागर करूँगा।”
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कोविड केयर सेंटर में रखे जाने वाले पाॅजीटिव एवं संदेहास्पद व्यक्तियों के लिए सभी व्यवस्थाएं की जाएं। इनके भोजन के लिए अभी से किसी अच्छे होटल या ढाबे से अनुबंध कर लिया जाए जो पौष्टिक एवं शुद्ध भोजन तैयार कर डिब्बे में पैक कर दे सके। इसी प्रकार सुबह दूध एवं स्वल्पाहार देने की व्यवस्था की जाए। किसी भी केयर सेंटर में भोजन, चाय, नाश्ता नही बनाया जाएगा। होटल से आने वाला भोजन ही निर्धारित समय पर निर्धारित व्यक्ति द्वारा लोगों को दिया जाएगा। कोविड केयर सेंटरों में कोई भी अनावश्यक व्यक्ति प्रवेश नहीं करेगा और न ही कोविड केयर सेंटर के आसपास आएगा। इसके लिए पुलिस व्यवस्था प्रत्येक कोविड केयर सेंटर पर की गयी है जो कोविड केयर सेंटर के अन्दर एवं बाहर की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।