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लॉकडाउन के मुश्किल वक़्त में मनरेगा बनी मजदूरों का सहारा, 1182 कार्यों में 8180 मजदूरों को मिल रहा रोजगार

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मनरेगा से चल रहे कार्यों में मजदूरी करते जाबकार्डधारी श्रमिक।

* प्रशासन का दावा कोरोना से बचाव हेतु कार्यस्थल पर बरती जा रही सतर्कता

* सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन और मास्क लगाकर काम कर रहे मजदूर

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) प्रदेश में कोरोना संकट के कारण लागू लाॅकडाउन के दौरान श्रमिकों को काम मिलना बंद हो गया था। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के मार्गदर्शन में जिले में मनरेगा के कार्यो को प्रारंभ कराया गया है। मजदूरों को उनके ग्राम पंचायत क्षेत्र में कार्य उपलब्ध हो सके इसके लिए प्रत्येक पंचायत क्षेत्र में मनरेगा के कार्यो को प्रारंभ कराया गया।
मनरेगा योजना से निर्माण कार्यों को मंजूरी मिलने के बाद जिले की ग्राम पंचायतों में 1182 निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। इन कार्यो में जल संरक्षण एवं कृषि से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। जिले में चल रहे कार्यो में 8180 श्रमिकों को मजदूरी का काम मिल रहा है। इससे लाॅकडाउन के दौरान मजदूरों को मनरेगा योजना से रोजगार प्राप्त होने पर बड़ी राहत प्राप्त हुई है।

गुटखा-तम्बाखू प्रतिबंधित

मनरेगा से चल रहे कार्यों में मजदूरी करते जाबकार्डधारी श्रमिक।
कार्यस्थल पर श्रमिकों के बीच उचित दूरी बनाए रखने के साथ चेहरे को ढंककर रखना अनिवार्य किया गया है। प्रत्येक कार्य में मेट तैनात है जो इन शर्तों को सुनिश्चित करवाएगा। इन कार्यो की ग्राम पंचायत के उपयंत्रियों द्वारा निरंतर माॅनीटरिंग कराई जा रही है। आवश्यकतानुसार उपकरणों एवं हांथों को सेनेटाइजर अथवा साबुन से धोने के निर्देशों का पालन कराया जा रहा है। कार्य स्थल पर धूम्रपान, गुटखा, तम्बाखू आदि का सेवन प्रतिबंधित किया गया है। कार्यस्थल पर थूकना पूर्णता प्रतिबंधित किया गया है। ऐसे श्रमिक जिन्हें सर्दी, जुखाम, खांसी, बुखार, सांस फूलने आदि के लक्षण दिखाई दे रहे हो उन्हें कार्य में नहीं लगाया जा रहा है। काम पर रखे जाने वाले श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश हैं।

हितग्राहीमूलक 960 कार्य प्रारंभ

बालगुरु के. सीईओ जिला पंचायत पन्ना।
कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में मनरेगा के कार्य प्रारंभ कराकर मजदूरों की आवश्यकता एवं मांग अनुसार कार्य उपलब्ध कराया जाए। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालागुरू के. द्वारा बताया गया कि जिले में 960 हितग्राहीमूलक कार्य, 222 सामुदायिक कार्य मनरेगा योजना अन्तर्गत प्रारंभ किए गए हैं। इनमें कुल 8180 मजदूरों को लाॅकडाउन की अवधि में रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जिले के समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि अपने अपने क्षेत्र अन्तर्गत अधिक से अधिक मनरेगा योजना के कार्यो को प्रारंभ करते हुए स्थानीय स्तर पर श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराएं।

घर में अकेली रह रही बेवा महिला की हत्या, सड़क किनारे शव मिलने से सनसनी

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घटनास्थल का मुआयना करते पुलिस अधिकारी एवं एफएसएल टीम के सदस्य।

* पन्ना जिले के बृजपुर थाना अंतर्गत ग्राम चैन सिंह धरमपुर की घटना

* अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाने सभी पहलुओं की बारीकी से जांच में जुटी पुलिस

पन्ना/बृजपुर।(www.radarnews.in) पन्ना जिले में लॉकडाउन के दौरान पुलिस कितनी अलर्ट है ? इस सवाल का जवाब विगत एक सप्ताह के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में घटित सनसनीखेज अपराधों एवं घटनाओं पर गौर करने से पता चलता है। लॉकडाउन के दौरान पुलिस की सख्ती आम लोगों पर तो पूरे दम से जारी है लेकिन इसके उलट अपराधी पूरी तरह बैखोफ हैं। पुलिस को खुली चुनौती देते हुए बेख़ौफ़ अपराधी बड़े ही दुस्साहसिक अंदाज में जघन्य वारदातों अंजाम देते हुए अपने कारनामों से जनमानस को स्तब्ध कर रहे हैं। जिले में जिस तरह से लगातार दहला देने वाली आपराधिक घटनाएं सामने आ रहीं हैं, उससे जनमानस में भय और दहशत का माहौल निर्मित है। लॉकडाउन में भी अपराधों पर नियंत्रण न होने से पुलिस के मैदानी अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है।
मृतिका कुंताबाई आदिवासी का शव।
उल्लेखनीय है कि अमानगंज थाना के महेबा ग्राम में किसान की संदेहास्पद मौत के कुछ घण्टे बाद ही जिले के बृजपुर थाना अंतर्गत समीपी ग्राम चैन सिंह धरमपुर में अकेली रहने वाली एक 45 वर्षीय आदिवासी विधवा की हत्या की खबर आने से समूचे जिले में सनसनी फ़ैल गई। मंगलवार 28 अप्रैल की सुबह बेवा महिला अपने घर से ही कुछ दूरी पर संदेहास्पद परिस्थितियों में मृत अवस्था में मिली। मृतिका का हाथ और पैर का घुटना टूटा हुआ पाया गया। परिस्थितियों के आधार पर प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत होने पर पुलिस ने अज्ञात अपराधी के खिलाफ हत्या का मामला पंजीबद्ध कर अंधे हत्याकाण्ड की जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुंता बाई बेवा सोबरन सिंह आदिवासी 45 वर्ष निवासी ग्राम चैन सिंह धरमपुर को सोमवार 27 अप्रैल को स्थानीय लोगों द्वारा सकुशल देखा गया। लेकिन मंगलवार की सुबह घर से कुछ दूरी पर सड़क किनारे कुंता बाई के मृत अवस्था में मिलने से ग्रामीण दंग रह गए।
फाइल फोटो।
इस घटना की सूचना मिलने पर पनारी ग्राम में रहने वाला मृतिका का पुत्र सुजू गौंड़ एवं परिवार के अन्य सदस्य ग्राम चैन सिंह धरमपुर पहुंचे। बृजपुर थाना से पीएसआई स्मिता सिंह बघेल एवं एएसआई भानु प्रताप ने घटनास्थल का मुआयना कर आसपास रहने वाले लोगों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। अजयगढ़ एसडीओपी इसरार मंसूरी और एफएसएल टीम ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। इस मामले में पुलिस ने मृतिका के पुत्र की रिपोर्ट पर अज्ञात अपराधी के विरुद्ध हत्या का मामला पंजीबद्ध किया है। वेबा महिला की हत्या को लेकर गांव में कई तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह और इसे अंजाम देने वाले अज्ञात आरोपी का सुराग नहीं चल सका। बृजपुर थाना पुलिस के द्वारा अंधी हत्या के खुलासे के लिए मृतिका कुंता बाई से मेलजोल रखने एवं उसके घर आने-जाने वालों की जानकारी जुटाने की खबर मिली है। दरअसल लोगों का यह मानना है कि हत्या की वारदात को किसी परिचित व्यक्ति ने ही अंजाम दिया है।

इनका कहना है –

“महिला की हत्या पर अज्ञात अपराधी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले की विवेचना की जा रही है, फिलहाल घटना की वजह को लेकर किसी भी सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता है इसलिए हर पहलू से मामले की बारीकी से पड़ताल जारी है। इस प्रकरण में कुछ संदेहियों को चिन्हित कर उनका क्रॉस चेक किया जा रहा है। अंधी हत्या का जल्द खुलासा होने की उम्मीद है।”

– सिद्धार्थ शर्मा थाना प्रभारी बृजपुर जिला पन्ना।

जघन्य हत्या : वृद्ध को लाठी-डण्डों से पीट-पीटकर मार डाला, आंखें फोड़ीं और फिर शव को तालाब में फेंक दिया ? लॉकडाउन के दौरान भी पन्ना में नहीं थम रहे अपराध

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घटना की सूचना मिलने पर ग्राम महेबा में मृतक के घर के बाहर मौजूद अमानगंज थाना प्रभारी एवं हमराही पुलिस जवान।
  • पन्ना जिले के अमानगंज थाना क्षेत्र के महेबा ग्राम की घटना

  • बेरहमी से वृद्ध की हत्या के बाद से इलाके में दहशत और तनाव का माहौल

  • परिजनों ने जताई आशंका पुराने विवाद में राजीनामा न करने पर की गई हत्या

  • अमानगंज थाना प्रभारी बोले जब तक पीएम रिपोर्ट नहीं आती हत्या कहना जल्दबाजी

  • जिले के बृजपुर थाना अंतर्गत बेवा आदिवासी की हत्याकर सड़क किनारे फेंका शव

    पन्ना।(www.radarnews.in) लॉकडाउन के दौरान भी पन्ना जिले में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक के बाद एक जिस तरह से झकझोर देने वालीं सनसनीखेज वारदातें सामने आ रहीं हैं उससे मैदानी पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली, क्षेत्र की गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान लग रहा है। जिले के अमानगंज थाना अंतर्गत दो दिन के अंदर दो हैरान करने वाली घटनाएं सामने आईं हैं, पहली थाना क्षेत्र के महेबा ग्राम में एक वृद्ध की कथित तौर पर लाठी-डण्डों से पीट-पीटकर बड़ी ही बेरहमी से हत्या कर दी गई। वृद्ध के खून के प्यासे क्रूर अपराधियों ने उसकी आंखें भी फोड़ीं और फिर अपने गुनाह को छिपाने के लिए शव को तालब में फेंक दिया। दूसरी घटना अमानगंज क़स्बा के शासकीय महाविद्यालय भवन में स्थित क्वारंटाइन सेंटर की है। जहां चौबीसों घण्टे सुरक्षा में पुलिसकर्मी तैनात रहने एवं प्रशासनिक अमले की मौजूदगी के बाद भी वहां एक नवयुवक प्रवासी श्रमिक के साथ उसके गांव के ही एक अन्य श्रमिक के द्वारा मारपीट की गई। कथित तौर पर इस घटना से आहत होकर पीड़ित प्रवासी श्रमिक लख्खू उर्फ़ रामलखन कुशवाहा ने क्वारंटाइन सेंटर के ही एक कमरे में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
फाइल फोटो।
मंगलवार 28 अप्रैल को दोपहर के समय उसका शव संदेहास्पद परिस्थितियों में खिड़की की ग्रिल के सहारे फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। जनमानस को स्तब्ध कर देने वालीं इन घटनाओं के बाद अमानगंज थाना एवं महेबा चौकी पुलिस की लॉकडाउन के दौरान सजगता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
अपराधियों ने बड़ी ही बेरहमी से वृद्ध की हत्या की, विचलित करने वाले इस फोटो में मृतक के चेहरे को धुंधला किया गया।
अमानगंज थाना की महेबा चौकी अंतर्गत सामने आई हत्या की दहला देने वाली वारदात के सम्बंध प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को वृद्ध राम सिंह बिसेन 65 वर्ष निवासी ग्राम महेबा सोमवार 27 अप्रैल को रोज की तरह अपनी भैंसें लेकर तालाब की ओर चराने गया था। शाम को भैंस तो वापस घर लौट आईं लेकिन राम सिंह नहीं आया। इससे चिंतित और अनहोनी को लेकर आशंकित परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से तालाब के आसपास खोजबीन शुरू की। इस दौरान राम सिंह का शव तालाब के पानी की सतह पर उतराता हुआ मिला। शव को आनन-फानन बाहर निकालकर चौकी पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा तो वृद्ध के साथ की गई क्रूरता की कहानी उसके शरीर पर उभरे जख़्म चींख-चींखकर बयां कर रहे थे। अज्ञात अपराधियों ने दरिंदगी की हदें पार करते हुए कथित तौर पर वृद्ध की दोनों आंखें भी फोड़ डालीं।
इस दौरान वृद्ध की हत्या पर विलाप करते हुए परिजन कह रहे थे कि आखिरकार वही हुआ जिसका उन्हें डर था। अपुष्ट सूत्रों से पता चला है, कुछ माह पूर्व खेत में मवेशी घुसने की घटना को लेकर राम सिंह का गांव के ही कुछ लोगों से विवाद हुआ था। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। प्रकरण के आरोपीगण राम सिंह पर समझौता करने का दबाब डाल रहे थे। कथित तौर पर सोमवार 27 अप्रैल को आरोपियों द्वारा धमकी दी गई थी यदि आज समझौता नहीं किया तो राम सिंह की जिंदगी का यह आखिरी दिन होगा। पीड़ित परिजनों के अनुसार इन धमकियों को राम सिंह ने और उनके द्वारा ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया गया। लेकिन उन्होंने आशंका जताई है कि, राम सिंह की हत्या करने वाले वही लोग हो सकते हैं जोकि समझौते ना करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। मंगलवार 28 अप्रैल को पुलिस ने अमानगंज में मृतक का पोस्टमार्टम कराया और घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपनी उपस्थिति में उसी दिन अंतिम संस्कार संपन्न कराया। इस जघन्य वारदात पर अमानगंज थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच और आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी है।

इनका कहना है –

“राम सिंह की मौत की घटना सामने आने पर डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया है, अभी रिपोर्ट अप्राप्त है, रिपोर्ट आने पर ही मौत की वास्तविकता सामने आएगी इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतक के परिजनों ने घटना को लेकर जिन व्यक्तियों पर संदेह या आरोप जताया है उन्हें अति शीघ्र हिरासत में लेकर पूंछतांछ की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस की कार्रवाई इस दिशा में जारी है।”

– राकेश तिवारी, थाना प्रभारी, अमानगंज जिला पन्ना।

क्वारंटाइन सेंटर में फांसी के फंदे पर लटकी मिली प्रवासी श्रमिक की लाश, कोरोना सक्रंमित सागर जिले से पन्ना लौटा था नवयुवक श्रमिक

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* पन्ना जिले के आमानगंज तहसील मुख्यालय की घटना

* गांव के ही कुछ युवको के साथ क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहा था मृतक

* पिता बोला बेटे ने बताया था गांव का ही एक हमउम्र साथी करता था परेशान

राजदीप गोस्वामी पन्ना/अमानगंज(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के तहसील मुख्यालय अमानगंज में स्थित शासकीय महाविद्यालय में बने क्वारंटाइन सेंटर में आज दोपहर एक 19 वर्षीय प्रवासी श्रमिक का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक रामलखन उर्फ लख्खू कुशवाहा चार दिन पूर्व मध्यप्रदेश के ही सागर जिले के गढ़ाकोटा से पांच अन्य श्रमिको के साथ वापस लौटा था। प्रारम्भिक पुलिस जांच में नवयुवक की मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका।
हालांकि पुलिस घटना को आत्महत्या बता रही है। मृतक के पिता रामप्रसाद कुशवाहा निवासी ग्राम घटारी का आरोप है कि गढ़ाकोटा से साथ में लौटे गांव का ही एक युवक उनके बेटे को कथिततौर पर परेशान करता था। यह बात आज सुबह ही रामलखन उर्फ लख्खू ने उन्हें बताई थी। अमानगंज थाना पुलिस ने घटना पर मर्ग कायम कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। क्वारंटाइन सेंटर में युवक के कथिततौर आत्महत्या करने के खबर आने के बाद से जिले के प्रशासनिक हल्कों और स्वास्थ्य विभाग में हड़कम्प मच गया है। क्वारंटाइन सेंटर में सुरक्षाकर्मी एवं अन्य कर्मचारी चौबीसों घण्टे तैनात रहने के बावजूद इस तरह की आप्रत्याशित घटना का घटित होना स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही के तौर पर देखा जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अमानगंज के समीप स्थित ग्राम घटारी निवासी रामलखन उर्फ लख्खू कुशवाहा पुत्र रामप्रसाद कुशवाहा 19 वर्ष सागर जिले के गढ़ाकोटा में अपने गांव के चार-पांच अन्य युवकों के साथ मजदूरी करता था। कोरोना संक्रमण के चलते लाॅकडाउन होने पर ये सभी लोग गढ़ाकोटा में ही कई दिनों तक फंसे रहे। किसी तरह वापस घर लौटने के प्रयास के चलते 24 अपै्रल को रामलखन उर्फ लख्खू कुशवाहा अपने साथियों कल्लू साहू, अनिल कुशवाहा, मंजा साहू सभी निवासी ग्राम घटारी एवं सूरज आदिवासी निवासी ग्राम पाठा के साथ अमानगंज पहुंचा था। स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा सभी प्रवासी श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के पश्चात उन्हें अमानगंज के काॅलेज भवन में बने क्वारंटाइन सेंटर में 14 दिनों का क्वारंटाइन पूरा करने के लिये रखा गया था।
मंगलवार 28 अपै्रल को दोपहर करीब 12 बजे क्वारंटाइन सेंटर के एक कमरे की खिड़की के सहारे रामलखन उर्फ लख्खू का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। आनन-फानन इसकी सूचना पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। बेटे की मौत का पता चलते ही रामप्रसाद कुशवाहा भी कुछ ही देर बाद मौके पर पहुंच गया। पुलिस घटना को आत्महत्या बता रही है। लेकिन फिल्हाल पुलिस के पास इस सवाल का जवाब नहीं है कि नवयुवक श्रमिक किस वजह से आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हुआ। मृतक के पिता रामप्रसाद ने मौके पर पुलिस अधिकारियों और पत्रकारों को जानकारी देते हुये बताया कि वे आज सुबह घर से अपने बेटे के लिये नास्ता खाना लेकर आये थे इस दौरान कथिततौर पर लख्खू ने उन्हें बताया था कि ग्राम घटारी के ही कल्लू साहू ने उसके साथ क्वारंटाइन सेंटर में मारपीट की थी।
मृतक के पिता ने बताया कि इस बात की जानकारी क्वारंटाइन सेंटर में सफाई करने वाले एक सफाईकर्मी को दी गई थी जिसके बाद उक्त सफाईकर्मी ने कल्लू साहू को डांटा भी था। पिता ने आशंका जताई है कि शायद इसी वजह से उनके बेटे ने फांसी लगाई है। अमानगंज थाना पुलिस ने इस घटना पर मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के सामने आने के बाद यह सवाल प्रमुखता से उठ रहा है कि क्वारंटाइन सेंटर में सुरक्षाकर्मियों से लेकर अन्य कर्मचारी तैनात होने के बावजूद वहां श्रमिक के साथ मारपीट होना और पर इसी वजह से उसके द्वारा कथिततौर आत्महत्या करने के लिये आाखिर कौन जिम्मेदार है। मर्ग जांच के अलावा प्रथम दृष्टया इस अक्ष्मय लापरवाही के लिये क्वारंटाइन सेंटर में तैनात कर्मचारियों की जावबदेही तय कर उनके खिलाफ भी क्या कार्यावाही की जायेगी यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा।

लॉकडाउन में सशर्त राहत : पन्ना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आज से सभी दुकानें खुलीं, शहरी इलाकों में स्टेशनरी व इलेक्ट्रानिक दुकानों को छूट

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पन्ना के बल्देव मंदिर चौक के समीप स्थित विजय बुक स्टोर एवं स्टोर के संचालक । फाइल फोटो

* दुकान खोलने का समय सुबह 10 बजे से 4 बजे तक निर्धारित

* शहरी क्षेत्र की कई दुकानों में पहले दिन नजर नहीं आये ग्राहक

शादिक खान पन्ना। (www.radarnews.in) कोरोना संकट के चलते एक माह से भी अधिक समय से लॉकडाउन होने से छोटे दुकानदारों की आर्थिक समस्याओं और आम लोगों को हो रही परेशानी के मद्देनजर शुक्रवार की रात केन्द्र सरकार ने लॉकडाउन में थोड़ी राहत देने के आदेश जारी किये थे। मीडिया रिपोर्ट्स में इस आदेश के तहत हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट जोन के बाहर मोबाइल फोन, स्टेशनरी, गारमेंट्स और हार्डवेयर जैसे सामान की दुकानें खुलने की बात कही गई थी। हालंकि इस आदेश को लेकर भ्रम की स्थिति निर्मित होने पर गृह मंत्रालय द्वारा शनिवार 25 अप्रैल को इस सम्बंध में स्पष्टीकरण जारी किया गया। गृह विभाग के नवीन दिशा-निर्देशों के तहत मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में शनिवार 26 अप्रैल की देर शाम दुकानों को खोलने के सम्बंध पूर्व में दी गई छूट में वृद्धि का आदेश पन्ना कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कर्मवीर शर्मा ने जारी किया है। इस आदेश के तहत पन्ना जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में दुकानें प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे खोलने का समय निर्धारित किया गया। है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने अपने आदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में सभी प्रकार की दुकानें एवं शहरी क्षेत्र में सिर्फ बुक/स्टेशनरी की दुकान, इलेक्ट्राॅनिक दुकानें (वायर, पंखा, कूलर आदि) प्लंबर रिपेरिंग से संबंधित, मोटर रिपेरिंग/गैरिज की दुकानें खोलने की छूट दी है। जारी आदेश में यह साफ़ किया गया है कि शहरी क्षेत्र में शाॅपिंग माॅल, मार्केट, काॅम्पलेक्स एवं मुख्य बाजार क्षेत्र पूर्ववत बंद रहेगा। इस आदेश के आने के बाद आज पन्ना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश जगह सभी दुकानें खुलीं रहीं। जबकि शहरी इलाकों में सिर्फ स्टेशनरी, इलेक्ट्राॅनिक दुकानें (वायर, पंखा, कूलर आदि) प्लंबर रिपेरिंग मोटर रिपेरिंग/गैरिज की दुकानें ही खुलीं।
दुकानें खोलने की छूट में वृद्धि सम्बंधी पन्ना कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेश की कॉपी।
शहरी इलाकों के दुकानदारों ने कई दिनों बाद आज बड़े उत्साह से अपनी दुकानें खोलीं लेकिन छूट मिलने का पहला दिन होने और लॉकडाउन के चलते लोगों के अपने घरों पर ही रहने से अधिकांश दुकानों पर ग्राहक नहीं पहुंचे। सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक ज्यादातर दुकानदार ग्राहकों के आने का इंतजार करते देखे गए। उल्लेखनीय पन्ना जिला अभी तक कोरोना के ग्रीन जोन में बना है। अर्थात पन्ना जिले में अभी तक एक भी कोरोना पॉजिटिव केस नहीं पाया गया। इसके बाद भी जिले के शहरी इलाकों में जिस तरह सीमित व्यापारिक गतिविधियों एवं दुकानों को को खोलने की छूट दी गई है उसे आमलोगों से लेकर दुकानदार तक अपर्याप्त मान रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि आर्थिक संकट से जूझ रहे छोटे दुकानदारों को राहत पहुंचाने के लिए के लिए अन्य दुकानों को भी लॉकडाउन से छूट देने पर गंभीरता पूर्वक विचार किया जाना चाहिए।

लाॅकडाउन का पालन कराने पहुंची पुलिस टीम पर पन्ना में हमले का प्रयास, संकट के समय कोरोना वॉरियर्स से दुर्व्यवहार की घटना को लेकर तनाव

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सांकेतिक फोटो।

* दो सगे भाईयों के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया आपराधिक मामला

* देश जिन पर फूल बरसा रहा है देश उन पर हमले की कोशिश कर पन्ना को किया शर्मिंदा

* आसामाजिक तत्वों के कृत्य को दुर्भाग्यपूर्ण बताकर जनमानस ने की कड़ी भर्त्स्ना

पन्ना।(www.radarnews.in) पूरी दुनिया में कहर बरपा रहे नोवल कोरोना वायरस से मानवता को बचाने के लिये अपने जीवन की परवाह किये बगैर फ्रंट लाइन पर खड़े होकर कोरोना से जंग लड़ रहे वॉरियर्स का प्रदेश और देश सहित पूरी दुनिया में लोग सम्मान कर रहे हैं। लेकिन अपवाद स्वरुप कुछ ऐसे भी लोग हर जगह मौजूद हैं जो कि कोरोना वॉरियर्स का हौसला बढाने के बजाय उन पर हमले कर अथवा उन्हें असहयोग करके कोरोना के खिलाफ जारी जंग में मानवता की जीत में मुश्किलें पैदा कर रहे हैं। पिछले दिनों देश के अनेक हिस्सों में कोरोना वॉरियर्स के साथ आभद्रता और हमले की कई चिंताजनक घटनायें सामने आईं है। जिनमें से कुछ पर नेताओं, खबरिया चैनलों और सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई लेकिन कुछ पर विशेष गौर नहीं किया गया। जबकि संकट के समय ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को अंजाम देने वाले तत्व चाहे जो भी हों उनके कृत्य की बिना किसी किन्तु-परन्तु के कड़ी निंदा होनी चाहिए। ताकि हमारे कर्त्वनिष्ठ कोरोना वॉरियर्स का मनोबल बना रहे है और अपने आपराधिक कृत्य से समाज को शर्मिन्दा करने वालों को गलती का एहसास हो सके।
फाइल फोटो।
केन्द्र और राज्य सरकार के द्वारा कोरोना वॉरियर्स को तमाम कानूनी संरक्षण प्रदान करने के बाद भी इनके खिलाफ हिंसा-अभद्रता की घटनाएं थम नहीं रहीं हैं। कोरोना योद्धाओं के साथ दुर्व्यवहार की ऐसी ही एक घटना मध्यप्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय में शुक्रवार की शाम प्रकाश में आई है। जहां लाॅकडाउन का पालन कराने के दौरान दो सगे भाईयों ट्विंकल लखेरा और उसके भाई बाॅबी लखेरा से पुलिस टीम को गालियां देते हुए सब्बल से हमला करने का प्रयास किया। यह सनसनीखेज घटना पन्ना शहर के हद्य स्थल कहलाने वाले किशोर जी मंदिर चौराहे की है। शुक्रवार 24 अपैल की शाम तकरीबन 7ः30 बजे पन्ना कोतवाली थाना प्रभारी हमराही पुलिस बल के साथ शासकीय वाहन से नगर में गश्त करते हुये लाॅकडाउन का जायजा ले रहे थे, तभी किशोर जी मंदिर के सामने दो युवक अपने घर के बाहर बगैर मास्क लगाये बैठे मिले। पुलिस टीम की जैसे ही उन पर नजर पड़ी तभी दोनों को घर के अंदर जाने और मास्क लगाकर जरूरी कार्य होने पर ही बाहर निकलने की समझाईश दी गई।
सांकेतिक फोटो।
इस दौरान ट्विंकल लखेरा और उसका भाई बाॅबी शंकर लखेरा पुत्र पुरूषोत्तम लखेरा अचानक पुलिस टीम पर भड़क उठे और गालियां देते हुये घर के अंदर से सब्बल लाकर मारने के लिये दौड़े। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से पुलिसकर्मी पल भर के लिए दंग रह गए। मौके की नजाकत को देखते हुये नगर निरीक्षक ने आनन-फानन काॅल करके अतिरिक्ति पुलिस बल को मदद के लिए बुलाया गया और फिर दोनों उपद्रवी भाईयों को दबोंच कर पुलिसकर्मी अपने साथ थाना ले गये। इस घटना पर कोतवाली थाना पन्ना के प्रधान आरक्षक चालक एम.एल. कोल की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने हमलावर ट्विंकल लखेरा और उसके भाई बाॅबी लखेरा के विरूद्व अपराध क्रमांक-367/20 धारा 353, 188, 34 आईपीसी 51 (बी), 71 (1) ए महामारी अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है। इस घटना के सामने आने के बाद से पन्ना नगर के लोगों में दोनों युवकों की करतूत को लेकर गहरी नाराजगी देखी जा रही है।

मकान मालिक को बंधक बनाकर किरायेदारों ने की हैवानियत, जबरन कपड़े उतरवाकर मोबाइल से नग्न वीडियो बनाया, अप्राकृतिक दुष्कर्म का भी प्रयास किया

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सांकेतिक फोटो।

* पन्ना के पॉश इलाके में सामने आई बेहद शर्मनाक अप्रत्याशित घटना

* लॉकडाउन के दौरान देर रात घर न आने की हिदायत देने पर भड़के थे आरोपी

* पेशे से ठेकेदार जीजा-साले ने मिलकर घिनौनी वारदात को दिया अंजाम

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के दमोह जिले में मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी को लोग अभी भूल भी नहीं थे कि इस बीच पन्ना में एक बेहद शर्मनाक और अप्रत्याशित घटना के सामने से हर कोई हैरान है। दमोह और पन्ना की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं कथित सभ्य समाज में तेजी से बढ़ती विकृत मानसिकता के बेहद घिनौने व डरावने चेहरे को उजागर करती हैं। जिला मुख्यालय पन्ना के बाहरी इलाके में एनएच-39 किनारे स्थित एक पॉश कॉलोनी में में रहने वाले 43 वर्षीय दलित युवक को अपने किरायेदारों को लॉकडाउन के दौरान प्रतिदिन देर रात्रि में घर आने पर टोकते हुए समय से आने की हिदायत देना बहुत महंगा पड़ा। इससे बौखलाए दो युवकों ने मिलकर अपने मकान मालिक को पहले तो उसके ही कमरे में बंधक बनाया और फिर दोनों ने मिलकर उसके साथ कई घण्टे तक कथित तौर पर दरिंदगी करते रहे।
पीड़ित युवक ने पुलिस को बताया कि आरोपी किरायेदार अमित मिश्रा एवं उसका साला गोलू तिवारी शुक्रवार की देर रात लगभग 1 बजे उसके कमरे में खाना खाने के बहाने आये और फिर वहीं पर उसे बंधक बनाकर जबरन शराब पिलाई गई। युवक का आरोप है कि विरोध करने पर उसे नग्न कर मोबाइल से उसका वीडियो बनाया। इतना ही नहीं कथित तौर पर उसके साथ जोर-जबरदस्ती करते हुए अप्राकृतिक दुष्कर्म करने की कोशिश भी की गई। इस दौरान करीब चार घण्टे तक दलित युवक रोता-गिड़गिड़ाता और रहम की भीख मांगता रहा लेकिन नशेड़ी कामान्ध जीजा-साले ने उसकी एक न सुनीं। शुक्रवार 24 अप्रैल को तकरीबन 5 बजे दोनों आरोपी मकान मालिक को घटना के सम्बंध जुबान खोलने पर जान से मारने की धमकी देकर अपने कमरे में चले गए।
सांकेतिक फोटो।
इस घटना को लेकर चर्चा है कि रात्रि में दलित युवक की चींख-पुकार आसपास रहने वाले लोगों ने सुनीं लेकिन मदद के लिए आगे आना तो दूर किसी ने पुलिस को फोन करना तक उचित नहीं समझा। पन्ना कोतवाली थाना टीआई हरी सिंह ठाकुर ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्परता से घटनास्थल पर पहुंचकर प्रारम्भिक जांच की गई और फिर दोनों आरोपियों अमित मिश्रा निवासी नौगाँव जिला छतरपुर एवं उसके साले गोलू तिवारी निवासी राजनगर जिला छतरपुर हिरासत ले लिया। लेकिन समाचार लिखे जाने तक आरोपियों की धरपकड़ से जुड़ी खबर की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी। कोतवाली थाना पुलिस ने पीड़ित दलित युवक की लिखित शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 294, 506, 377, 511, 34 एवं अनुसूचित जाति जनजाति नृशंसता निवारण अधिनियम 1989 संशोधन 2005 की धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पन्ना के बाहरी इलाके में स्थित एक पॉश कालोनी में अकेले रहने वाले 43 वर्षीय दलित युवक ने अपने मकान के कुछ कमरे किराए पर दे रखे हैं। उसके मकान में छतरपुर जिले का नौगांव निवासी सिविल वर्क ठेकेदार अमित मिश्रा करीब 3 साल से कराये पर रह रहा है। अमित के साथ उसका साला गोलू तिवारी भी पन्ना में रहता है। वर्तमान कोरोना वायरस संक्रमण के चलते पिछले एक माह जारी लॉकडाउन के दौरान अमित मिश्रा और गोलू तिवारी कुछ दिनों से रोजाना देर रात्रि में घर आ रहे थे। दरअसल, रात्रि में मकान मालिक या दूसरे किरायेदारों को उठकर उनके लिए गेट खोलने पड़ते थे इसलिए वे काफी परेशान थे। मकान मालिक का कहना है कि उसने पहले भी कई मर्तबा दोनों से समय पर घर आने की बात कही लेकिन उसे अनसुना कर दिया। लॉकडाउन के दौरान भी दोनों का देर से घर आना जारी रहा। इसके चलते गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात जब अमित और गोलू दोनों देर से घर पहुंचे तो माकन मालिक ने कड़ा एतराज जताते हुए सख्त लहजे में समय पर घर आने की हिदायत दे डाली। कथित तौर पर शराब के नशे में धुत जीजा-साले ने इसे अपना अपमान समझा लेकिन दोनों चुपचाप अपने कमरे में चले गए।
कुछ देर बाद खाना लेकर दोनों मकान मालिक के कमरे में पहुंचे और उससे माफ़ी मांगते हुए वहीं पर बैठकर खाना खाने का बहाना बनाया। अकेला रहने वाला मकान मालिक और उसके किरायेदार अक्सर एक-दूसरे के रूम में मिल बैठकर खाते-पीते थे इसलिए उसे दोनों किरायेदारों की घिनौने इरादों का जरा भी एहसास नहीं हुआ। रात्रि में करीब एक बजे अचानक अमित मिश्रा और उसके साले ने कथित तौर पर अपने मकान मालिक को उसके ही कमरे में बंधक बना लिया। मकान मालिक के द्वारा हिदायत देने से बौखलाए इन आरोपियों उसे अपमानित करने लिए कपड़े उतरवाकर उसे नग्न कर दिया। और फिर मोबाइल फोन से कथित तौर अश्लील वीडियो बनाते हुए मकान मालिक के साथ जबरन अप्राकृतिक दुष्कर्म करने का प्रयास किया गया। बंधक बनाये रखने के दौरान उसे गंदे कृत्य करने के लिए भी मजबूर किया। किरायेदारों के बुरे बर्ताव और यातनाओं से पीड़ित दलित युवक रात्रि में मदद के लिए जोर-जोर से चींखता-चिल्लाता रहा लेकिन कॉलोनी के रहवासी इसे शराबखोरी की हुड़दंग समझकर अपने घरों में ही दुबके रहे और इस चक्कर में किसी ने पुलिस को फोन लगाना भी उचित नहीं समझा।
फाइल फोटो।
मकान मालिक के साथ करीब चार घण्टे तक हैवानियत करने के बाद शुक्रवार की सुबह 5 बजे आरोपियों ने उसे मुक्त कर दिया। रात्रि के घटनाक्रम की जानकारी किसी को भी देने पर जान से मारने की धमकी देते हुए दोनों आरोपी अपने कमरे में सोने के लिए के चले गए। अत्याचार का शिकार दलित युवक के द्वारा अपने बड़े भाई एवं परचितों को मोबाइल पर घटना की जानकारी दी गई। तत्पश्चात पन्ना कोतवाली थाना पहुंचकर पीड़ित ने निरीक्षक हरी सिंह ठाकुर को अपनी आपबीती सुनाई। निरीक्षक श्री ठाकुर ने प्ररकण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी गई और फिर उनके निर्देशानुसार बगैर किसी देरी के दलित युवक के आरोपों की तहकीकात कर प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है।

इनका कहना है –

“युवक के शिकायती आवदेन पत्र के आधार पर उसके मकान में किराए से रहने वाले अमित मिश्रा व गोलू तिवारी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। मामला अनुसूचित जाति-जनजाति का होने से प्रकरण की जांच डीएसपी अजाक के द्वारा की जा रही है, अभी तक इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।”

हरी सिंह ठाकुर, निरीक्षक कोतवाली थाना पन्ना।

लॉकडाउन में बेरोज़गार पन्ना के 70 टूरिस्ट गाइडों को पुणे की पर्यटन कम्पनियों ने दी आर्थिक सहायता

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सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आर्थिक सहायता राशि लेने के लिए एकत्र पन्ना के टूरिस्ट गाइड।

* संकट के समय 3-3 हजार रुपए की सहायता राशि मिलने पर आभार जताया

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए पिछले एक माह से देशव्यापी लॉकडाउन जारी है। इस कारण पन्ना जिले के टूरिस्ट गाइड पूरी तरह बेरोजगार हो चुके हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व अंतर्गत मड़ला, हिनौता, रनेहफाल, पाण्डव फॉल आदि में पर्यटकों को सेवाएं देने वाले पन्ना जिले के टूरिस्ट गाइडों का रोजगार ठप्प होने और आर्थिक तंगी के चलते इनके लिए परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा था। कोरोना संकट के साथ-साथ आर्थिक संकट से जूझते टूरिस्ट गाइडों की खराब हालत का पता चलने पर पुणे महाराष्ट्र की पर्यटन कम्पनियों (उद्योग) से जुड़े लोग इनकी मदद के लिए आगे आये हैं। पुणे की करीब आधा दर्जन पर्यटन कम्पनियों ने संयुक्त रूप से पन्ना जिले के 70 टूरिस्ट गाइडों को 3-3 हजार रुपये की नकद आर्थिक सहायता प्रदान की है। बेहद मुश्किल वक्त में मिली आर्थिक मदद के लिए टूरिस्ट गाइडों ने पर्यटन कंपनियों का शुक्रिया अदा करते हुए उनका आभार जताया है।
आर्थिक सहायता राशि प्राप्त करते हुए पन्ना के टूरिस्ट गाइड।
उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण के चलते लाॅकडाउन की वजह से पर्यटन पूरी तरह से बंद है जिससे गाइडों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। केन्द्र या राज्य सरकार से अब तक किसी तरह की मदद न मिलने से इनकी मुश्किलें लगातार बढ़ रहीं थी। प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियोें को इनके द्वारा अपनी बदहाली बताई गई लेकिन जवाब नहीं मिला। संकट की इस घड़ी में नेशनल अवार्ड प्राप्त स्थानीय टूरिस्ट गाईड आर.पी. ओमरे द्वारा इसकी जानकारी पुणे महाराट्र की पर्यटन कंपनियों को दी गई। टूरिस्ट गाइडों की समस्या सुनकर पुणे पर्यटन उद्योग से जुड़े लोग सहर्ष मदद के लिये आगे आए। उनके द्वारा पन्ना टाइगर रिजर्व के 70 गाइडों को तीन-तीन हजार रुपये की आर्टिक सहायता प्रदान की गई।
गाइडों की मदद करने वालों में पुणे की टूरिज़्म इंडस्ट्री से जुड़े नेचर वाॅक के संचालक अनुज खरे, जीविधा के संचालक राजीव पांड्या, जंगल सफारी के संचालक ओमकार, टेरिटोरी के संचालक संदेश गुर्जर, फूटलूज जर्नी के संचालक परेश देशमुख शामिल हैं। यह सभी संस्थायें टूरिस्ट गाइडों को प्रशिक्षण एवं पर्यटकों को घुमाने, उनके ठहरने-भोजन आदि की सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य करती हैं। इनके द्वारा पन्ना टाईगर रिजर्व के नेशनल अवार्ड प्राप्त टूरिस्ट गाईड आर.पी. ओमरे के माध्यम से 2 लाख 10 हजार रुपये की सहायता राशि भेजी गई। सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए बुधवार 22 अप्रैल को 2020 को पन्ना टाईगर रिजर्व के 70 गाइडों को सहायता राशि का वितरण किया गया। इस अवसर पर परिक्षेत्र अधिकारी देवेन्द्र नायक सहित पन्ना टाईगर रिजर्व के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। आर्थिक सहयता दिलाने में पन्ना टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर का भी अहम योगदान रहा।

भीषण सड़क हादसे का सबब बनी नरवाई की आग, प्रचण्ड लपटों से बचाव के चक्कर ट्रक-बाइक की भिड़न्त, एक की दर्दनाक मौत और ट्रक जलकर हुआ ख़ाक

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हादसे की भयावता को बयां करती इस तस्वीर में आप साफ देख सकतें है कि आग से जलते ट्रक के समीप पड़े घायल भाइयों को बचाकर ले जाते स्थानीय लोग एवं पुलिसकर्मी।

* आग बुझाने बुलानी पड़ी फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां

* हादसे के बाद आरोपी ट्रक चालक और क्लीनर हुआ फरार

* पन्ना जिले के अमानगंज क़स्बा के समीप कटनी मार्ग की घटना

* आरोपी ट्रक चालक एवं नरवाई जलाने पर खेत मालिक के खिलाफ प्रकरण दर्ज

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) एनजीटी की सख्त रोक के बाबजूद बुंदेलखंड अंचल के किसान अज्ञानतावश या जानबूझकर नरवाई (पलारी) जला रहे हैं। इसके धुएं से जहां वायु प्रदुषण बढ़ने पर आबोहवा में जहर घुलता है वहीं खेत में फसलों अवशेष जलाने पर मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी घटती है। गर्मी के मौसम में नरवाई जलाना भीषण अग्निकाण्ड को आमंत्रण देना है। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के तहसील मुख्यालय अमानगंज में बुधवार को कुछ ऐसा ही हुआ। अमानगंज-कटनी मार्ग किनारे स्थित एक खेत में कथित तौर पर नरवाई जलाने लिए के लिए लगाई गई आग हवा में इतनी तेजी से फैली कि आस-पास के खेतों को इसने अपनी चपेट में ले लिया। प्रचण्ड आग की झुलसाने वाली लपटों की तपिश मुख्य मार्ग तक पहुँचने लगीं। परिणामस्वरूप इनसे बचाव के चक्कर में एक ट्रक और बाइक की भिड़न्त हो गई।
आगजनी की घटना के कारण सड़क हादसे हादसे का शिकार बने चचेरे भाइयों की बाइक।
दिल दहला देने वाले इस भीषण हादसे में बाइक सवार चचेरे भाइयों में एक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई जबकि दूसरे की हालत अत्यंत ही नाजुक बनीं है। इस हादसे के तुरंत बाद आग की तेज लपटों ने कोयले से भरे ट्रक को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि चंद मिनिट में ही पूरे ट्रक में फ़ैल गई। गनीमत यह रही कि सड़क हादसे के तुरंत बाद ट्रक का चालक और क्लीनर खुद को जिन्दा जलने से बचाने के लिए ट्रक से कूदकर भाग गए। ट्रक में लगी आग को बुझाने के लिए दमकल की चार गाड़ियां बुलानी पड़ीं। आग पर जब तक पूरी तरह काबू पाया गया तब तक कोयले से भरा ट्रक काफी हद तक जल चुका था।
ट्रक में लगी आग को बुझाते दमकल वाहन के फायर फाइटर।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार 22 अप्रैल को अमानगंज क़स्बा के समीप कटनी मार्ग किनारे स्थित राजेन्द्र भारद्द्वाज के खेत में फसल के अवशेष डण्ठल (नरवाई) जलाने के लिए कथित तौर पर आग लगाई गई। तेज धूप-गर्मी के बीच हवा के चलने पर आग आसपास के खेतों में भी फ़ैल गई। कुछ ही देर में आग इतनी प्रचण्ड हो गई कि इससे उठतीं तेज लपटों की तपिश हवा के साथ सड़क से गुजरने वालों को झुलसाने लगी। इस दौरान दोपहर करीब 11 बजे कटनी से अमानगंज की ओर आ रहे ट्रक क्रमांक एम.पी. 35 एच.बी.- 4675 और पवई की तरफ जा रहे बाइक सवार जब वहां से गुजरे तो आग की लपटों की चपेट में आने से खुद को बचाने के चक्कर में दोनों की भिड़न्त हो गई। ट्रक की ठोकर से बाइक सवार दोनों चचेरे भाई सड़क पर गिर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक चालक ने बाइक सवारों को बचाने के लिए अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। इस चक्कर में ट्रक को उसका चालक आग की ही तरफ ले गया गया। ट्रक को छूतीं आग की लपटों में जिन्दा जलने से बचने के लिए बिना किसी देरी के उसका चालक और क्लीनर कूदकर भाग गए।
आग में काफी हद तक जल चुका ट्रक।
उधर, इस भयानक हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस जब मौके पर पहुंची तब तक घायल वृन्द किशोर कुशवाहा की दर्दनाक मौत हो चुकी थी। जबकि उसका भाई प्रमोद कुशवाहा निवासी मझगवां सरकार जिंदगी और मौत से जूझ रहा था। आग की लपटों के समीप अचेत अवस्था में पड़े दोनों भाइयों को बचाते हुए पुलिसकर्मी आनन-फानन सामुदायिक स्वास्थय केन्द्र अमानगंज ले गए। जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने वृन्द कुमार कुशवाहा को मृत घोषित कर दिया। जबकि प्रमोद की अत्यंत ही नाजुक हालत को देखते प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला चिकित्सालय पन्ना के लिए रेफरल कर किया गया। इस बीच घटनास्थल पर खड़ा कोयले से भरा ट्रक आग की लपटों में जलने लगा। अमांगजन का दमकल वाहन तुरंत मौके पर पहुंचा और पानी की बौछारें छोड़कर आग को काबू करने की कोशिश की गई। लेकिन लगातर भीषण होती आग के मद्देनजर पन्ना, पवई और ककरहटी से भी फायर ब्रिगेड को बुलाना पड़ा। करीब एक घण्टे की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रक और खेतों में लगी आग को काबू किया गया। हालांकि ट्रक तब तक 80 फीसदी से अधिक जल चुका था।
अमानगंज थाना प्रभारी राकेश तिवारी ने रडार न्यूज़ को जानकारी देते हुए बताया कि ट्रक में आग क्लीनर की तरफ से लगी और तेजी से पूरे ट्रक में फ़ैल गई। ट्रक में लगी आग सबसे पहले काबू किया गया क्योंकि उसके डीजल टैंक में विस्फोट होने का खतरा बढ़ गया था। गनीमत यह रही कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। थाना प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि हादसे पर दो आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किये गए। जिसमें ट्रक के अज्ञात चालक के विरुद्ध आईपीसी की धारा- 279, 337, 304 ए के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। खेत में नरवाई जलाने को लेकर खेत मालिक राजेन्द्र भारद्द्वाज के खिलाफ आईपीसी की धारा- 285, 434, 427 के अंतर्गत प्रकरण कायम किया है।
इनका कहना है –
“खेत में नरवाई जलाने के लिए लगाई गई आग की लपटों के मुख्य मार्ग तक फैलने पर उनसे बचाव की कोशिश में ट्रक और बाइक की भिड़न्त हुई है। जिसमें बाइक सवार एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हुई है जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। हादसे के बाद कोयले से भरा ट्रक भी आग की लपटों में जल गया। खेत की नरवाई जलाने के कारण हुए इस हादसे के लिए जिम्मेदार किसानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।”

– अवंतिका तिवारी, तहसीलदार, अमानगंज जिला पन्ना।

कोरोना अपडेट : जांच में 78 नमूने निगेटिव पाए गए, 24 नमूनों की रिपोर्ट आना शेष, पैथाॅलोजी लैब ने 4 सेम्पल रिजेक्ट किए

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सांकेतिक फोटो।

* जिले में कोरोना वायरस रोकथाम एवं बचाव हेतु कार्यवाही जारी

* दूसरे राज्य एवं जिलों से आज पन्ना आए 89 लोगों की स्क्रीनिंग की गई

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा महामारी घोषित नोवल कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले में निरंतर कार्यवाही जारी है। प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना डाॅ. एल.के. तिवारी ने बताया कि अन्य राज्यों एवं जिलों से 22 अप्रैल को आए 89 व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस प्रकार बाहर से आए कुल 12632 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। जिले के 89 व्यक्तियों का स्क्रीनिंग की गयी। जिले में अब तक 12632 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें आज दिनांक को 89 लोगों को होम क्वारेंटाइन किया गया है। अब तक जिले में कुल 6196 व्यक्तियों को होम क्वारेंटाइन में रखा गया है। जिसमें 4439 व्यक्तियोें का होम क्वारेंटाइन पूर्ण किया गया। हाॅस्पिटल आईसोलेशन में अब तक 2 मरीज भर्ती किए गए थे। प्रभारी सीएमएचओ ने बताया कि पन्ना जिले में अब तक कोरोना संदिग्ध 106 व्यक्तियों के नमूने लेकर जांच के लिए जबलपुर स्थित लैब भेजे गए। जिसमें से 78 नमूने निगेटिव पाए गए हैं। फिलहाल 24 कोरोना वायरस सैम्पल की रिपोर्ट अप्राप्त है तथा पैथाॅलोजी द्वारा 4 सेम्पल रिजेक्ट किए गए हैं।