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पन्ना के सीएमएचओ ऑफिस में लोकायुक्त की कार्रवाई, लिपिक को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

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लोकायुक्त टीम की के साथ लाल घेरे में रिश्वत लेने वाला आरोपी लिपिक विमल खरे।

 अवकाश स्वीकृत करवाने के एवज में सीएमएचओ के नाम पर मांग रहा था रिश्वत

 क्षय केन्द्र के टेक्नीशियन की शिकायत पर लोकायुक्त की टीम ने की ट्रैप कार्रवाई

  पिता की मृत्यु के बाद मिली अनुकंपा नियुक्ति को रिश्वत के लालच में दांव पर लगाया

  पन्ना जिले में महज पखवाड़े भर के अंदर लोकायुक्त की दूसरी कार्रवाई से मचा हड़कंप

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) बेइंतहा भ्रष्टाचार और घूसखोरी के लिए बदनाम मध्यप्रदेश के अति पिछड़े पन्ना जिले में लोकायुक्त सागर की टीम द्वारा महज पखवाड़े भर के अंदर आज दूसरी ट्रैप कार्रवाई करने के बाद से प्रशासनिक हलकों में जबरदस्त हड़कंप मचा है। लोकायुक्त टीम ने आज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पन्ना के स्थापना शाखा के सहायक लिपिक विमल खरे को जिला क्षय केन्द्र में पदस्थ लैब टेक्नीशियन दिलीप डामोर से 2500/- (पच्चीस सौ) रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। लिपिक द्वारा अवकाश स्वीकृत करवाने के एवज में कथित तौर पर सीएमएचओ के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही थी। लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय समेत परिसर में स्थित अन्य विभागीय कार्यालयों में भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई। इस कार्रवाई से भयभीत स्वास्थ्य विभाग के अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी देखते ही देखते कार्यालय से गायब हो गए। सीएमएचओ ऑफिस की पहली मंजिल जहां पर यह कार्रवाई की गई वहां पर बैठने वाले कर्मचारी तो 3-4 घंटे बाद भी वापस नहीं लौटे थे।

बीमार मां का इलाज कराने मांगा था अवकाश

शिकायतकर्ता लैब टेक्नीशियन दिलीप डामोर।
लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई के संबंध में प्राप्त जानकारी अनुसार, जिला क्षय केंद्र पन्ना में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत दिलीप डामोर पिता देवचंद डामोर 28 वर्ष निवासी ग्राम नवापाड़ा तहसील थांदला जिला झाबुआ की मां कई दिनों से बीमार चल रहीं थी। अपनी बीमार मां का इलाज करवाने लिए दिलीप ने 25 दिन के अर्जित अवकाश स्वीकृति हेतु सीएमएचओ कार्यालय में दिनांक 10 सितंबर 2025 को आवेदन पत्र था। अवकाश स्वीकृत न होने पर उसने स्थापना शाखा के सहायक लिपिक विमल खरे से सम्पर्क किया। लिपिक विमल ने उसे बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अवकाश स्वीकृत नहीं कर रहे हैं, कथित तौर पर साहब द्वारा अवकाश स्वीकृत करने के एवज़ एक दिन के अवकाश के 100 रुपए के मान से 25 दिन के कुल 2500/- रुपए की डिमांड की जा रही है।
फाइल फोटो।
लिपिक द्वारा सीएमएचओ के नाम पर रिश्वत की मांग करने के कारण परेशान होकर लैब टेक्नीशियन दिलीप ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर योगेश्वर शर्मा से शिकायत की। दिनांक 03 अक्टूबर 2025 को शिकायत का सत्यापन कराने पर लिपिक ने 25 दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत करवाने के एवज में 2500 (पच्चीस सौ) रुपए की रिश्वत की स्पष्ट मांग की गई। शिकायत सही पाए जाने पर घूसखोर बाबू को रंगे हाथ दबोंचने फुलप्रूफ प्लान तैयार किया गया।

रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोंचा गया आरोपी

रिश्वत लेने वाले आरोपी के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध करने की कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त सागर की टीम।
आज बुधवार 8 अक्टूबर दोपहर में लगभग 1 बजे लैब टेक्नीशियन दिलीप डामोर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पहुंचकर पहली मंजिल पर बैठे स्थापना शाखा के सहायक लिपिक विमल खरे को पूर्व चर्चानुसार रिश्वत के रूप में 2500/- रुपए देते हुए जल्दी अवकाश स्वीकृत करवाने आग्रह किया। इसके अगले ही पल वहां लोकायुक्त निरीक्षक रोशनी जैन के नेतृत्व वाली टीम ने दबिश देकर घूसखोर लिपिक विमल खरे को रंगे हाथ दबोंच लिया। आरोपी के कब्जे से रिश्वत की राशि जब्त करके उसके हाथ धुलवाए गए। समाचार लिखे जाने तक लोकायुक्त की टीम आरोपी लिपिक के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध करने की कार्रवाई में जुटी थी। उल्लेखनीय है कि, रिश्वत लेने के मामले गिरफ्तार आरोपी लिपिक विमल खरे का मूल पद डाटा एंट्री ऑपरेटर है। उसकी पदस्थापना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहनगर में है लेकिन वह पिछले कई माह से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पन्ना में अटैच है और यहां स्थापना शाखा में सहायक लिपिक के रूप में कार्यरत है। विदित हो कि विमल को उसके पिता की मृत्यु के बाद लगभग 3 साल पहले अनुकंपा नियुक्ति मिली थी, जिसे उसने कथित तौर पर अपने अधिकारी के लिए धन उगाही करने अथवा अधिकारी के नाम पर स्वयं रिश्वत डाकरने के लालच में दांव पर लगा दिया।

10 दिन पूर्व अमानगंज में हुई थी बड़ी कार्रवाई

निरीक्षक रोशनी जैन के नेतृत्व में पन्ना के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई करने वाली लोकायुक्त सागर की टीम।
लोकायुक्त की लगातार कार्रवाई के बाद भी पन्ना जिले के सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी का बोलबाला है। हाल यह है कि, सरकारी कार्यालयों में रिश्वत दिए बगैर आम आदमी का कोई काम ही नहीं होता। योजनाओं का लाभ लेने से लेकर अन्य जायज काम कराने के लिए लोगों को रिश्वत देनी पड़ती है। जो लोग रिश्वत नहीं देते उन्हें भ्रष्ट सरकारी अमले के द्वारा भटकाया और परेशान किया जाता है। जिले के अमानगंज में महज 10 दिन पूर्व लोकायुक्त सागर की टीम द्वारा की गई कार्रवाई इस बात का प्रमाण है। बाल विवाह से संबंधित एक मामले में समझाइश के बाद लड़का-लड़की पक्ष द्वारा विवाह टालने के बावजूद लड़के पक्ष को अमानगंज थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक रिश्वत के लिए लगातार परेशान कर रहा था। थकहार कर पीड़ित पक्ष ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। इस मामले में लोकायुक्त सागर की टीम ने 29 सितंबर 2025 की रात ट्रैप कार्रवाई करते हुए राममोल नामदेव नामक एक व्यक्ति को 30000/- (तीस हजार) रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। लोकायुक्त टीम ने इस बहुचर्चित प्रकरण में राममोल के साथ फरार आरोपी प्रधान आरक्षक मुकेश सोनी, पुलिस आरक्षक सतीश श्रीवास एवं रामलाल सोनी के खिलाफ भी आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को जांच में लिया है। प्रधान आरक्षक ने रिश्वत लेने के चक्कर में तीन अन्य लोगों से मोबाइल से बात करके उन्हें इस मामले में शामिल कर लिया था।

इनका कहना है-

‘संबंधित कर्मचारी का अवकाश पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है। मैं कभी किसी से किसी भी काम के एवज कोई डिमांड नहीं करता हूं, यदि लिपिक मेरा नाम लेकर रिश्वत मांग रहा था तो यह सरासर गलत है इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पन्ना में मेरी पदस्थापना के पूर्व से ही लिपिक विमल खरे सीएमएचओ ऑफिस में अटैच है। लोकायुक्त से ट्रैप कार्रवाई की लिखित जानकारी प्राप्त होने पर इस मामले में नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।’

राजेश प्रसाद तिवारी, प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला पन्ना।

पन्ना टाइगर रिजर्व में तेंदुए की संदिग्ध मौत, शरीर पर कई जगह थे घाव

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पन्ना टाइगर रिजर्व का मड़ला ग्राम में स्थित प्रवेश द्वार। (फाइल फोटो)

मौत के लगभग 2-3 दिन बाद शव मिलने से जंगल गश्ती पर उठ रहे सवाल

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve) अंतर्गत बीती शाम एक अर्धवयस्क नर तेंदुए का शव संदिग्ध हालत में मिलने से हड़कंप मचा है। घटना गहरी घाट रेंज की है। मृत तेंदुए (Leopard) की गर्दन और पेट में चोट के निशान मिलने की चर्चाएं है। शव की स्थिति को देखते हुए तेंदुए की मौत लगभग 2-3 दिन पूर्व होने की संभवाना जताई जा रही है। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन तेंदुए की मौत को प्रथम दृष्टया आपसी संघर्ष (Mutual Conflict) मान रहा है लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
रडार न्यूज़ को पन्ना टाइगर रिजर्व (पटारि) के मैदानी सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार, शुक्रवार 3 अक्टूबर 2025 की देर शाम गहरी घाट रेंज अंतर्गत अर्धवयस्क नर तेंदुआ (2 वर्ष) मृत अवस्था में पड़ा मिला। प्रारंभिक जांच और गर्दन एवं शरीर पर कई जगह घाव की वजह से पार्क के अधिकारी आपसी संघर्ष में मौत होना मान रहे हैं। एक मैदानी कर्मचारी ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि अर्धवयस्क तेंदुए की मौत अन्य किसी तेंदुए के साथ संघर्ष में होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि जिस क्षेत्र में तेंदुए का शव बरामद हुआ है वहां बाघों का मूवमेंट भी बना रहता है। मौत के लगभग 2-3 दिन बाद तेंदुए का शव बरामद होने से पन्ना टाइगर रिजर्व की सतत निगरानी एवं गश्ती पर सवाल उठ रहे हैं।
फाइल फोटो।
शुक्रवार देर रात तेंदुए के शव को जंगल से लाकर बड़ौर ग्राम स्थित वाइल्ड लाइफ हॉस्पिटल की मोर्चरी (Mortuary) में सुरक्षित रखवाया गया। जहां आज शनिवार सुबह पन्ना टाइगर टाइगर रिजर्व के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव गुप्ता एवं पशु चिकित्सक डॉ. प्रियंका बुंदेला की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया। इस दौरान मौके पर पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक (Field Director) नरेश सिंह यादव, उप संचालक एवं पटारि के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। पोस्टमार्टम पश्चात तेंदुए के शव को जला दिया गया। उल्लेखनीय है कि तेंदुए की मौत के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक नरेश सिंह यादव से मोबाइल फोन पर संपर्क किया गया लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।

नवागत पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार ने पदभार ग्रहण किया

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नवागत पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत करतीं पन्ना की पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू।

2011 बैच की आईएएस अधिकारी श्रीमती परमार को पहली बार मिली कलेक्टर पद की जिम्मेदारी

पन्ना। नवागत कलेक्टर ऊषा परमार ने शुक्रवार 3 अक्टूबर को सुबह कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर पन्ना कलेक्टर का पदभार ग्रहण किया। निवर्तमान कलेक्टर एवं चंबल संभागायुक्त बनाए गए सुरेश कुमार ने नवागत जिला कलेक्टर को पदभार ग्रहण कराया और कार्यभार सौंपा। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू, डीएफओ गर्वित गंगवार एवं अनुपम शर्मा, जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी, एसडीएम संजय कुमार नागवंशी, तहसीलदार अखिलेश प्रजापति सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। नवागत कलेक्टर श्रीमती परमार का अधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया एवं कलेक्टर पद पर पहली पदस्थापना पर बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी गईं।

ओएसडी सह कमिश्नर बनाए गए सुरेश कुमार

नवागत पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार को कार्यभार सौंपते हुए निवर्तमान कलेक्टर सुरेश कुमार।
उल्लेखनीय है कि गत 30 सितम्बर को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा के 24 अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए थे। आदेश अनुसार अपर आयुक्त भोपाल संभाग के पद पर पदस्थ रहीं एवं वर्ष 2011 बैच की आईएएस अधिकारी श्रीमती परमार को पन्ना कलेक्टर बनाया गया है, जबकि जिला कलेक्टर पद पर पदस्थ रहे वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारी सुरेश कुमार को पदोन्नत कर विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह कमिश्नर चंबल संभाग मुरैना के पद पर पदस्थापना की गई थी। पदभार ग्रहण के दौरान नवागत कलेक्टर ने अधिकारियों से संक्षिप्त चर्चा की और आगामी कार्ययोजना के बारे में भी अवगत कराया।

डबल मर्डर केस: मां-बेटे के हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस ने थाने में दिया धरना, पुलिस अफसरों के मुंह पर बोले अध्यक्ष- ‘दारु-बारू माफिया को संरक्षण दे रही पुलिस’

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अजयगढ़ में मां-बेटे की जघन्य हत्या करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर स्थानीय पुलिस थाना में धरना देते कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता।

*    अजयगढ़ के एसडीओपी समेत समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों को हटाने की मांग

*    कांग्रेस पार्टी के धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए मृतकों के परिजन

*    क्षेत्रीय सांसद, विधायक एवं भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी

*    पुलिस महानिदेशक के नाम एसडीएम को सौंपा सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ में वार्ड क्रमांक-13 में रहने वाली 25 वर्षीय महिला और उसके 5 वर्षीय मासूम बेटे की जघन्य हत्या की सनसनीखेज वारदात का 48 घंटे बाद भी खुलासा न होने से आक्रोशित कांग्रेस पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं ने आज अजयगढ़ में जमकर बवाल काटा। जिला कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष अनीस खान की अगुवाई में बड़ी संख्या में कांग्रेसजन पैदल मार्च करते हुए अजयगढ़ थाना पहुंचे जहां थाने का घेराव कर धरने पर बैठ गए। थाना परिसर में लगभग आधा घण्टे तक चले धरना-प्रदर्शन के दौरान स्थानीय पुलिस और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने पुलिस अधिकारियों के मुंह पर ही उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई। मौके पर एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया, थाना प्रभारी बखत सिंह, बृजपुर थाना प्रभारी महेन्द्र सिंह, धरमपुर थाना प्रभारी अनिल सिंह राजपूत मौजूद रहे।

माफिया के लिए काम कर रही पुलिस

अजयगढ़ थाना परिसर में कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन के दौरान नेताओं के आरोपों को सुनते हुए पुलिस अधिकारी।
धरना के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री खान ने आरोप लगाया कि, अजयगढ़ क्षेत्र में पुलिस आमजनता के लिए नहीं बल्कि भाजपा सरकार का संरक्षण प्राप्त दारु-बारू (शराब-रेत) माफिया के लिए काम कर रही है। माफियाओं की मौजूदगी के कारण इस इलाके की शांति भंग हो चुकी है और अपराध चिंताजनक तेजी से बढ़ रहे हैं। कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन में मृतकों के परिजन भी शामिल हुए। शोक संतृप्त परिजनों ने जल्द से जल्द हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की। एसडीओपी ने कांग्रेसियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन कांग्रेसी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। एसडीओपी ने उन्हें बताया कि पुलिस पूरी निष्पक्षता के साथ कार्यवाही कर रही है कुछ संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछतांछ की जा रही है। संभवतः जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा। तदुपरांत जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना के द्वारा पुलिस महानिदेशक के नाम पर अजयगढ़ एसडीएम को सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें दोहरे अंधेकत्ल का अतिशीघ्र खुलासा करने सहित अन्य मांगें शामिल हैं। कांग्रेसियों ने चेतावनी दी है यदि शीघ्र ही कातिलों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो उन्हें पुनः सड़कों पर उतरकर पन्ना से लेकर भोपाल तक प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

दरिंदों ने बड़ी बेरहमी से की हत्या

कमरे के अंदर मृत अवस्था में पड़े मां-बेटे के शवों को देखते एवं घटनास्थल का मुआयना करते अजयगढ थाना टीआई बखत सिंह।
बुधवार 17 सितंबर की सुबह अजयगढ़ क़स्बा के वार्ड क्रमांक-13 रहुनियां निवासी सोनू पत्नी रामनारायण कुशवाहा 25 वर्ष और उसका बड़ा बेटा देवेन्द्र 5 वर्ष कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत अवस्था में मिले थे। अज्ञात दरिंदों ने 16-17 सितंबर की दरम्यानी रात कथित तौर पर सोनू को जबरन अपनी हवश का शिकार बनाया। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने मां-बेटे का गला दबाकर दोनों की निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी। उनकी चींख-पुकार कोई सुन न सके इसलिए हत्यारोपियों ने गला दबाने के पूर्व दोनों के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था। जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद अज्ञात हत्यारोपी बड़ी आसानी से भाग निकले। मृतिका सोनू अपने दो बच्चों के साथ ससुराल में एक कमरे में रहती थी। उसका डेढ़ वर्षीय छोटा बेटा जीवित है। सोनू घर पर छोटी सी किराना दुकान चलाकर अपना और बच्चों का भरण-पोषण करती थी। उसका पति रामनारायण मजदूरी करने पंजाब गया था।

पूर्व में लोगों ने किया था चक्काजाम

मां-बेटे की जघन्य हत्या की वारदात की खबर आने के बाद अजयगढ़ के आक्रोशित लोगों ने बुधवार को माधौगंज चौराहा पर चक्काजाम किया।
मां-बेटे की हत्या की दिल दहला देने वाली इस वारदात ने पूरे जिले झकझोर कर रख दिया है। नगरीय क्षेत्र में दोहरे अंधे क़त्ल की असहनीय वारदात से आक्रोशित अजयगढ़ के लोग घटना दिनांक 17 सितंबर को ही सड़कों पर उतर आए थे। स्थानीय माधौगंज चौराहा पर चक्काजाम कर लोगों ने पुलिस के खिलाफ जबरदस्त तरीके से प्रदर्शन किया था। चक्काजाम के चलते कटनी-कानपुर स्टेट हाइवे पर आधा घण्टे तक वाहनों का आवागमन बाधित रहा। इस दौरान नाराज लोगों ने पन्ना विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के सामने प्रदेश की भाजपा सरकार व पुलिस के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए थे। वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीस खान ने इस घटना पर गहरा दुःख और रोष प्रकट करते हुए हत्यारोपियों की 24 घंटे के अंदर गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन करने का ऐलान किया था।
दोहरे क़त्ल की दरिंदगी को छुपा रही पुलिस
डबल मर्डर केस के पीड़ितों से बात करतीं पूर्व रैगांव विधायक कल्पना बागरी एवं पन्ना जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीस खान।
पन्ना जिला कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री खान अपनी घोषणा के तहत आज शुक्रवार 19 सितंबर को अजयगढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले कांग्रेस नेताओं के साथ रहुनियां स्थित महिला सोनू कुशवाहा के घर पहुंचकर शोक संतृप्त परिजनों से मुलाकत की। इस दौरान उन्होंने शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाते हुए अपनी संवेदना प्रकट की। उन्होंने कुशवाहा परिवार को भरोसा दिलाया कि दुःख की इस घड़ी में कांग्रेस पार्टी मजबूती से उनके साथ खड़ी है। तदुपरांत कांग्रेसजन करीब 1 किलोमीटर तक पैदल मार्च करते हुए अजयगढ़ थाना पहुंचे। पैदल मार्च के दौरान कांग्रेसियों ने अजयगढ़ पुलिस, भाजपा सरकार, विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह एवं खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अजयगढ़ थाना पहुंचकर कांग्रेस नेतागण थाना का घेराव करते हुए वहीं धरने पर बैठ गए। जिससे स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन की धड़कनें तेज हो गईं।
अजयगढ़ थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए पन्ना के पूर्व विधायक श्रीकांत दुबे।
धरने पर बैठे जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीस खान, पूर्व विधायक पन्ना श्रीकांत दुबे, पूर्व विधायक रैगांव कल्पना बागरी, पूर्व विधायक गुनौर महेन्द्र बागरी, वरिष्ठ नेता भरत मिलन पाण्डेय ने पुलिस अधिकारियों को उनके मुंह पर ही जमकर सुनाया। साथ ही थाना परिसर में पुलिस और भाजपा सरकार के खिलाफ तीखी नारेबाजी की। आधा घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने पीड़ित परिजनों के हवाले से पुलिस एवं प्रशासन पर दोहरे हत्याकांड की दरिंदगी के खौफनाक सच को दबाने का बेहद गंभीर आरोप लगाया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने डीजीपी के नाम ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है, यदि शीघ्र ही हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो जिला मुख्यालय पर आंदोलन किया जाएगा।

पुलिस की मिलीभगत से चल रहा अवैध कारोबार

जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीस खान के नेतृत्व में अजयगढ़ एसडीएम को सौंपे गए सात सूत्रीय मांगों के ज्ञापन में अजयगढ़ अनुभाग की पुलिस पर क्षेत्र में सक्रिय खनन माफिया एवं अपराधियों के लिए काम करने का आरोप लगाया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि अजयगढ़ क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के आपराधिक माफियाओं द्वारा बिना किसी वैध मंजूरी के बड़े पैमाने पर खुलेआम अवैध रेत खनन-परिवहन किया जा रहा है। रेत का अवैध कारोबार बंदूकधारी बदमाशों के आतंक के बल पर पुलिस एवं प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है। इसके अलावा पूरे जिले का शराब ठेका एक ही व्यक्ति एक ही व्यक्ति का होने के कारण हर गली-मोहल्ले और गांव में अवैध शराब की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। कांग्रेस ने दोहरे हत्याकांड में नशे की भूमिका से इनकार नहीं किया है। मृतकों के परिजन भी शारब की अवैध बिक्री तथा उनके घर के आसपास शराबियों के जमघट से काफी समय से परेशान बताए जा रहे हैं।

पीड़ित परिवार को दी जाए 1 करोड़ की सहायता 

डबल मर्डर केस के आरोपियों की गिरफ़्तारी एवं पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता की मांग को लेकर एसडीम को ज्ञापन सौंपते कांग्रेस नेतागण।
जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से यह मांग की गई है कि, दोहरे हत्याकांड के पीड़ित परिवार को 1 करोड़ की सहायता राशि प्रदान की जाए। मृतक महिला के डेढ़ वर्षीय मासूम बच्चे के भरण-पोषण और शिक्षा का पूरा खर्च सरकार उठाए। पीड़ित परिवार को तत्काल आवास योजना का लाभ दिया जाए। अजयगढ़ में सक्रिय खनन और शराब माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। क्षेत्र में कार्यरत बड़ी कंपनियों जैसे एलएनटी, हर्षा इंफ्रास्ट्रक्चर और अडानी ग्रुप में कार्यरत बाहरी व्यक्तियों का पुलिस सत्यापन तत्काल प्रभाव से करवाकर उनकी मुसाफिरी दर्ज की जाए। अजयगढ़ में पदस्थ एसडीओपी, समेत समस्त थाना प्रभारी एवं चौकी प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और इनकी चल-अचल संपत्ति की जांच कराने एवं दोहरे हत्याकांड की न्यायिक जांच कराने की मांग प्रमुखता से उठाई है।

ये रहे शामिल

जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से पूर्व विधायक रैगांव कल्पना बागरी, पूर्व विधायक पन्ना श्रीकांत दुबे , पूर्व विधायक गुनौर महेन्द्र बागरी, पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष अजयगढ़ भरत मिलन पाण्डेय, श्रीमती रमा बुंदेला, दादूराम मिश्रा, आनंद शुक्ला, भन्नू राजा, शंकर द्विवेदी, जन्मेजय अरजरिया, मार्तंड सिंह बुंदेला, सत्यजीत सिंह परमार, अंकित शर्मा, आशीष यादव, हसीब खान, स्वतंत्र अवस्थी, जयराम यादव, कदीर खान, देवू गोंड, आकाश जाटव, रहीमा खातून, चांदनी जाटव, कपूर यादव, जगदीश यादव, अभिषेक चौरसिया, पेशवानी अहिरवार, राजा जी बुंदेला, मैकू नन्ना, रामदास जाटव, रामबहादुर द्विवेदी, केशरी अहिरवार, रावेंद्र मिश्रा, हिम्मत बागरी, श्रवण तिवारी, बालो सोंनकर, बुद्धू प्रजापति, पिंकू सिद्दीकी, रवि यादव, विकास तिवारी, जीतू यादव, जनक सिंह यादव, लखन, कोशलेंद्र सिंह, तोहीद आलम, यूनिश खान, अकरम खान, ऋषि यादव, मलखान सिंह अज्जू राजा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

डबल मर्डर: एकसाथ उठी मां-बेटे की अर्थी, नगर में पसरा मातम, हर आंख में आए आंसू

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पन्ना जिले के अजयगढ़ क़स्बा में महिला सोनू कुशवाहा और उसके बेटे का गुरुवार को बेहद ही ग़मगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।

*    पंजाब से लौटे रामनारायण ने दी पत्नी को मुखाग्नि

*    मासूम बेटे देवेन्द्र को मां की चिता के बगल में दफनाया

*    पुलिस बल की मौजूदगी में आज हुआ अंतिम संस्कार

पन्ना।(www.radarnews.in) जिले के अजयगढ़ क़स्बा में अज्ञात दरिंदों द्वारा बड़ी ही बेरहमी से क़त्ल किए गए मां-बेटे के शवों का अंतिम संस्कार आज गुरुवार को पुलिस बल की मौजूदगी में हुआ। सुबह जब मां-बेटे की एक साथ अर्थी उठी तो वहां मौजूद महिलाएं अज्ञात हत्यारों को कोसते हुए छाती पीट-पीटकर रोने लगीं। मां-बेटे के शवों को देख लोगों की आंखें छलक उठीं और नगर में मातम पसर गया। पंजाब से लौटे रामनारायण कुशवाहा ने बेहद ही ग़मगीम माहौल में पत्नी सोनू के शव को मुखाग्नि दी और उसकी चिता के बगल में अपने छह वर्षीय बेटे देवेन्द्र को दफना दिया। शव यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। इधर, असहनीय वारदात के 24 घंटे बाद भी पुलिस कातिलों को गिरफ्तार करना तो दूर उनका सुराग भी नहीं लगा सकी। दोहरे अंधेक़त्ल की दिल दहला देने वाली वारदात के बाद से ही लोगों में स्थानीय पुलिस के प्रति जबरदस्त गुस्सा व्याप्त है। तीव्र जनाक्रोश को देखते हुए पुलिस पर जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने का भारी दवाब है। पुलिस द्वारा कुछ संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछतांछ की जा रही है।
कमरे के अंदर मृत अवस्था में पड़े मां-बेटे के शवों को देखते एवं घटनास्थल का मुआयना करते अजयगढ थाना टीआई बखत सिंह।
बुधवार 17 सितम्बर की सुबह अजयगढ़ क़स्बा के वार्ड क्रमांक 13 में दो मासूम बच्चों के साथ रहने वाली महिला सोनू कुशवाहा 25 वर्ष और उसके बड़े बेटे देवेन्द्र कुशवाहा के संदिग्ध परिस्थितियों में मृत अवस्था में मिलने से सनसनी फ़ैल गई थी। थोड़ी देर बाद पुलिस की तहक़ीत और परिजनों से पता चला कि अज्ञात आरोपियों द्वारा 16-17 की दरम्यानी रात मां-बेटे की निर्ममतापूर्वक हत्या की गई है। अज्ञात आरोपियों ने दरिंदगी की हदें पार करते हुए सोनू और उसके पुत्र को गला दबाकर मौत के घाट उतारा। दोनों की चींख-पुकार कोई सुनने न पाए इसलिए उनके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था। सुबह परिजन एवं पुलिस जब सोनू के कमरे में पहुंचे तो वहां मृत पड़े मां-बेटे के मुंह में कपड़ा ठुंसा हुआ मिला। अज्ञात हत्यारोपियों द्वारा महिला को अपनी हवश का शिकार बनाते हुए उसके साथ जबरन दुष्कर्म करने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी।
सोनू का छोटा बेटा (उम्र डेढ़ वर्ष) जीवित मिला है। माना जा रहा है कि अज्ञात दरिंदों को शायद यह डर था कि सोनू का बड़ा बेटा देवेन्द्र उनकी पहचान उजागर कर सकता है इसलिए मां के साथ उसे भी बेरहमी से मार डाला। महिला का पति रामनारायण कुशवाहा मजदूरी करने पंजाब गया था। सोनू अपने ससुराल में एक छोटे से कमरे में अलग रहती थी। अपने और बच्चों के भरण-पोषण के लिए वह उसी कमरे में छोटी सी किराना दुकान चलाती थी। पुलिस की अब तक की जांच में मां-बेटे की जघन्य हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका।

चक्काजाम कर किया था प्रदर्शन

मां-बेटे की जघन्य हत्या की वारदात की खबर आने के बाद अजयगढ़ के आक्रोशित लोगों ने बुधवार को माधौगंज चौराहा पर चक्काजाम किया।
अजयगढ़ क़स्बा में मां-बेटे के अंधे कत्ल की खौफनाक वारदात की खबर आते ही पूरे बुधवार सुबह पूरा नगर दहल उठा। सुरक्षित माने-जाने वाले क़स्बा क्षेत्र में दिल दहला देने वाली खौफनाक वारदात सामने आने से लोगों में स्थानीय पुलिस के निकम्मेपन को लेकर गुस्सा स्वाभाविक था। कुछ देर बाद जब यह खबर फैली कि कथित तौर पर अज्ञात कातिलों द्वारा महिला के साथ दरिंदगी (दुष्कर्म) किया गया तो लोगों का गुस्सा देखते ही देखते आक्रोश में तब्दील हो गया। फलस्वरूप असहनीय घटना के विरोधस्वरूप सैंकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और अजयगढ़ के माधौगंज में चक्काजाम कर दिया था। प्रदर्शनकारियों द्वारा पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह के सामने प्रदेश की भाजपा सरकार, स्थानीय पुलिस और अजयगढ़ थाना टीआई की मुर्दाबाद के नारे लगाए थे। आधा घंटे बाद चक्काजाम समाप्त होने पर कटनी-कानपुर मार्ग पर वाहनों आवागमन बहाल हो पाया था। बता दें कि, दोहरे अंधे हत्याकांड की जानकारी मिलने पर बुधवार को पन्ना की नवागत एसपी निवेदिता नायडू, डीआईजी छतरपुर रेंज विजय खत्री एवं पुलिस महानिरीक्षक सागर हिमानी खन्ना ने घटनास्थल का मुआयना कर जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने की बात कही थी।

डबल मर्डर :  मां-बेटे की निर्मम हत्या से दहल उठा शांति का टापू

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कमरे के अंदर मृत अवस्था में पड़े मां-बेटे के शवों को देखते एवं घटनास्थल का मुआयना करते अजयगढ थाना टीआई बखत सिंह।

*   पन्ना जिले के अजयगढ़ में दोहरे हत्याकांड से उपजा जबरदस्त जनाक्रोश

*    पुलिस महानिरीक्षक सागर एवं डीआईजी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

*   सनसनीखेज हत्याकांड से आक्रोशित लोगों ने चक्काजाम कर विधायक के सामने की नारेबाजी

पन्ना।(www.radarnews.in) शान्ति का टापू कहलाने वाला मध्य प्रदेश का पन्ना जिला बुधवार 17 सितंबर 2025 को सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड की जघन्य वारदात से दहल उठा। पन्ना के अजयगढ़ क़स्बा में 25 वर्षीय एक महिला और उसके 5 वर्षीय मासूम बच्चे की अज्ञात आरोपी ने गला दबाकर हत्या कर दी। महिला का शव जिस हालत में मिला उसे देखते हुए उसके साथ दरिंदगी (दुष्कर्म) किए जाने की आशंका जताई जा रही है। दिल दहला देने वाली इस घटना के सामने आने के बाद अजयगढ़ समेत समूचे तराई अंचल में जबरदस्त आक्रोश की लहर दौड़ गई। सनसनीखेज हत्याकांड की जानकारी मिलने पर अजयगढ़ थाना प्रभारी, एसडीओपी हमराही बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचें। इसके बाद पन्ना की नवागत पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू, छतरपुर रेंज के डीआईजी विजय खत्री और पुलिस महानिरीक्षक सागर हिमानी खन्ना ने क्रमशः अजयगढ़ पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया।
मां-बेटे की जघन्य हत्या के मामले में घटनस्थल की बारीकी से जांच करते हुए पन्ना जिले की अजयगढ़ थाना पुलिस टीम।
शहरी क्षेत्र डबल मर्डर की दुस्साहसिक और असहनीय वारदात से आक्रोशित स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। गुस्साए लोगों ने अजयगढ़ के प्रमुख माधौगंज चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान मौके प्रदर्शनकारियों ने पन्ना विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के सामने अपने गुस्से का इजहार करते हुए भाजपा सरकार मुर्दाबाद, अजयगढ़ पुलिस मुर्दाबाद और टीआई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लगभग एक घंटे तक चले चक्क्जाम के कारण कटनी-कानपुर स्टेट हाइवे पर कुछ देर के लिए वाहनों की आवाजाही ठप्प रही। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने डबल ब्लाइंड मर्डर को चुनौती के रूप में लेते हुए जल्द से जल्द खुलासा कर अज्ञात हत्यारोपी को गिरफ्तार करने बात कही है। मृतिका सोनू कुशवाहा का दूसरा बेटा (डेढ़ वर्षीय बालक) जीवित है। अजयगढ़ में वह अपने दो बच्चों के साथ एक तंग कमरे में रहती थी। महिला का पति मजदूरी करने के लिए पंजाब गया है। समाचार लिखे जाने तक दोहरे अंधेकत्ल के कारणों का पता नहीं चल सका।

ब्रह्माकुमारी बहिन जी एवं डॉक्टर प्रदीप ‘उत्कृष्ट सेवा सम्मान’ से अलंकृत

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बीके सीता बहन जी को उत्कृष्ट सेवा सम्मान से अलंकृत करते पत्रकार कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेदांती त्रिपाठी एवं अन्य पदाधिकारी।

 पत्रकार कल्याण परिषद के प्रांतीय सम्मेलन में किया गया सम्मानित

 मासूम को दरिंदगी का शिकार बनने से बचाने वाली किशोरी को मिला वीरता सम्मान

समाजहित में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करने वरिष्ठ पत्रकार संजय तिवारी ने शुरू की अनूठी पहल 

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) रविवार को पन्ना में सम्पन्न हुए पत्रकार कल्याण परिषद के प्रांतीय कार्यसमिति सम्मेलन में समाजसेवा, चिकित्सा, जनसुरक्षा सहित अन्य क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आधा दर्जन व्यक्तित्व को सम्मानित किया गया। जिसमें मुख्य रूप से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की पन्ना स्थित शाखा प्रमुख ब्रह्माकुमारी सीता बहिनजी एवं जिला चिकित्सालय पन्ना में पदस्थ डॉक्टर प्रदीप द्विवेदी को मानव सेवा के लिए उत्कृष्ट सेवा सम्मान से अलंकृत किया गया। इस अवसर पर पत्रकार कल्याण परिषद के शीर्ष पदाधिकारी, पन्ना समेत मध्य प्रदेश के अन्य जिलों के पत्रकार एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। जनसेवा के प्रति निःस्वार्थ भाव से समर्पित दोनों व्यक्तित्व को उनके असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किए जाने पर उपस्थितजनों ने तालियों की करतल ध्वनि से स्वागत किया।
कोतवाली थाना पन्ना के आरक्षक अभिषेक यादव के अपराधों के खुलासे में सराहनीय योगदान देने के लिए सम्मानित करते पत्रकार कल्याण परिषद के पदाधिकारी।
देश के पत्रकारों के वृहद संगठन पत्रकार कल्याण परिषद की मध्य प्रदेश इकाई का प्रांतीय कार्यसमिति सम्मेलन रविवार 14 सितंबर को जिला मुख्यालय पन्ना में स्थित होटल कुमकुम छाया में आयोजित हुआ। जिसमें प्रदेश के अनेक जिलों के पत्रकारों ने सहभागिता की। सम्मेलन की अध्यक्षता पत्रकार कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेदांती त्रिपाठी ने की। जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय महासचिव सैय्यद महमूद अली चिश्ती, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीनिवास पाठक, राष्ट्रीय संयोजक नईम खान, प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर विश्वकर्मा, संजय शर्मा, कमलेश घोष, हमीद खान उपस्थित रहे। सम्मलेन में पत्रकारिता का उद्देश्य, उसका स्वरूप, समाज में पत्रकारिता की उपयोगिता तथा पत्रकार संगठन की भूमिका आदि विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। विचार-मंथन पश्चात समाजहित में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। प्रांतीय सम्मेलन के आयोजक एवं पत्रकार कल्याण परिषद पन्ना के जिलाध्यक्ष संजय तिवारी (मंटू भइया) द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मान देने की अनूठी पहल को सभी ने खूब सराहा।

नया जीवन देने के लिए हुआ सम्मान

कोरोना की आपदा के दौरान मरीजों के इलाज के लिए जिला अस्पताल पन्ना के डॉक्टर प्रदीप द्विवेदी को पत्रकार कल्याण परिषद द्वारा उत्कृष्ट सेवा सम्मान से नवाजा गया।
पत्रकार कल्याण परिषद द्वारा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की पन्ना स्थित शाखा प्रमुख ब्रह्माकुमारी सीता बहिनजी को पन्ना जिले के इतिहास में अब तक सबसे अधिक 91 यूनिट रक्तदान करवाने तथा जिले में सैंकड़ा भर से अधिक लोगों को राजयोग के नियमित अभ्यास द्वारा नशे की लत से मुक्ति दिलाने के लिए उत्कृष्ट सेवा सम्मान से अलंकृत किया गया। बता दें पन्ना जिले में रक्तदान को लेकर ग्रामीण अंचल में जागरूकता के आभाव के कारण कई बार लोग जरुरत पड़ने पर अपने सगे-संबंधियों को भी ब्लड डोनेट नहीं करते। ऐसे माहौल में बीके सीता बहनजी की प्रेरणा से संस्था से जुड़े भाई-बहनों ने दादी प्रकाशमणि जी के 18 में पुण्य स्मृति दिवस पर रक्तदान रुपी महादान का रिकार्ड कायम करके कई जरूरतमंदों को नया जीवन देने का पुनीत कार्य किया है। जिला अस्पताल पन्ना के डॉक्टर प्रदीप द्विवेदी को कोरोना की वैश्विक महामारी (आपदा) के दौरान पूर्ण समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा एवं सेवाभाव से मरीजों का इलाज करने के लिए उत्कृष्ट सेवा सम्मान से नवाज़ा गया। विदित हो कि, कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के दौरान डॉ. द्विवेदी स्वयं संक्रमित हो गए थे, लेकिन वे अपनी जान की परवाह न करते हुए आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों के साथ लगातार मरीजों की जान बचाने में जुटे रहे। पत्रकार कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेदांती त्रिपाठी एवं अन्य मंचासीन अतिथियों द्वारा बीके सीता बहनजी और डॉ. प्रदीप द्विवेदी को शॉल-श्रीफल, शील्ड प्रदान कर उनके असाधारण योगदान की मुक्त कंठ से सराहना की गई। अथितियों ने उन्हें रियल हीरो बताते हुए उनसे प्रेरणा लेने की बात कही।

 छात्रा पूनम को मिला वीरता सम्मान

साहस का परिचय देते हुए मासूम बच्ची को दरिंदगी का शिकार बनने से बचाने वाली छात्रा पूनम को वीरता सम्मान प्रदान करते पत्रकार कल्याण परिषद के पदाधिकारी।
प्रांतीय कार्यसमिति सम्मलेन में पन्ना पुलिस के आरक्षक अभिषेक यादव को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। आरक्षक अभिषेक यादव को चोरी समेत विभिन्न अपराधों खुलासे में सराहनीय योगदान देने के लिए उत्कृष्ट सेवा सम्मान प्रदान किया। वहीं मासूम बच्ची को उसके पड़ोसी की हैवानियत से बचाने वाली किशोरी पूनम कुशवाहा को साहसिक कार्य के लिए वीरता सम्मान दिया गया। मालूम हो कि, जिले के देवेन्द्रनगर थाना अंतर्गत विगत दिनों सात वर्षीय एक मासूम बच्ची अपने घर के पास खेल रही थी तभी पड़ोस में रहने वाला युवक बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर के अंदर ले गया और फिर उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इस घटनाक्रम को देखने वाली दो छोटी बच्चियों ने पूनम उर्फ लल्लो कुशवाहा 16 वर्ष को तुरंत जानकारी दी। अनहोनी की आशंका के चलते तीनों बच्चियों ने आरोपी युवक का दरवाजा खटखटाया जो नहीं खुला। तीनों बेटियां घर के पिछले हिस्से की तरफ पहुंची जहां दीवाल गिरी होने से खण्डहर जैसा स्थल था। हिम्मत करके पूनम खण्डर को पार करते हुए अंदर दाखिल हुई जहां कामांध वहशी मासूम को अपनी हवश का शिकार बनाने ही वाला था। तभी पूनम के जोर-जोर से चिल्लाने पर आरोपी मासूम बच्ची को छोड़कर मौके से तुरंत भाग निकला था। इस तरह नाबालिग पूनम की तत्परता और साहस से मासूम बच्ची दरिंदगी का शिकार होने से बच गई थी। पूनम कक्षा 12वीं की छात्रा है। अतिथियों ने पूनम के साहसिक कार्य के लिए उसकी भूरि-भूरी प्रशंसा की है।
पत्रकार कल्याण परिषद के राष्ट्रीय महासचिव सैय्यद महमूद अली चिश्ती को ईश्वरीय सौगात भेंट करतीं प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था पन्ना की प्रमुख बीके सीता बहन जी।

वनाधिकार पट्टों को लेकर मोहन सरकार के उदासीन रवैये से आदिवासी समुदाय नाराज

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विश्व आदिवासी अधिकार दिवस के उपलक्ष्य पर जनजाति समुदाय को वनाधिकार पट्टा प्रदान करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपते जयस के पदाधिकारी।

*    पन्ना विधानसभा क्षेत्र के सैंकड़ों सुपात्र आदिवासी वनाधिकार से वंचित

*    कब्जे की भूमि से वन विभाग द्वारा बेदखल करने से उपजा आक्रोश

*    प्रभावित परिवारों को उनका हक दिलाने जयस संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) वन अधिकार अधिनियम 2006 का मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में सुचारू तरीके से क्रियान्वयन न होने के कारण आज भी अनुसूचित जनजाति (आदिवासी) एवं अन्य परंपरागत वनवासी बड़ी संख्या में कब्जे की वन भूमि पर मालिकाना हक़ रूपी अधिकार पत्र (भूमि पट्टा) पाने से वंचित हैं। आदिवासी परिवार वषों से जंगल में जहां भी अपनी झोपड़ी बनाकर परिवार के साथ रह रहे या फिर जिस वन भूमि पर खेती-किसानी करके अपना जीविकोपार्जन कर रहे हैं, उस भूमि पर उनके व्यक्तिगत दावे को मान्यता न मिलना आदिवासियों के कल्याण को लेकर सूबे की मोहन सरकार के बड़े-बड़े दावों पर सवाल खड़े करता है। वनाधिकार के व्यक्तिगत तथा सामुदायिक दावों को मान्यता दिलाने के प्रति राज्य सरकार और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता वन भूमि से आदिवासियों की बेदखली का कारण बन रही है। जिसे लेकर जिले की पन्ना विधानसभा क्षेत्र के आदिवासियों में गुस्सा देखा जा रहा है। शनिवार को डोभा ग्राम में जयस के बैनर तले जुटे आदिवासियों ने खुलकर अपनी पीड़ा जाहिर की। इस अवसर पर जयस ने मुख्यमंत्री के नाम पन्ना एसडीओपी एसपी सिंह बघेल को ज्ञापन सौंपते वनाधिकार पट्टों के मामले में कार्रवाई न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

आदिवासी अधिकार दिवस पर गूंजा वनाधिकार का मुद्दा

विश्व आदिवासी अधिकार दिवस शनिवार 13 सितम्बर को जनपद पंचायत पन्ना की ग्राम पंचायत डोभा में आसपास के आधा दर्जन गांवों में रहने वाले आदिवासी समुदाय के लोग एकत्र हुए। जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में वनाधिकार के मालिकाना हक़ से वंचित सुपात्र आदिवासी परिवारों की आवाज़ को बुलंद किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जयस (JAYS) के पन्ना जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार गौंड़ एवं विशिष्ट अतिथि मुन्ना सिंह मरकाम रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिजू गौड़ ने की। सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा धरती आबा बिरसा मुंडा, बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। तदुपरांत आदिवासियों के आराध्य बड़ा देव का पुण्य स्मरण किया गया।

कब्जे की भूमि से बेदखल कर रहा वन विभाग

उल्लेखनीय वन भूमि में निवास करने वाले आदिवासियों तथा अन्य परंपरागत वनवासियों को उनके कब्जे की भूमि का मालिकाना हक़ प्रदान करने के उद्देश्य से वर्ष 2006 में केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस के नेतृत्व वाली मनमोहन सिंह सरकार ने वन अधिकार अधिनियम को लागू किया था। इस ऐतिहासिक कानून के तहत देशभर में लाखों आदिवासियों को व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टा देकर उनके कब्जे को क़ानूनी मान्यता दी गई। साथ ही वनों में रहने वालों को बेरोकटोक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मंशा से वनाधिकार के सामुदायिक दावों को मान्य किया गया। लेकिन विडंबना यह है कि पन्ना जिले में आज भी सैंकड़ों सुपात्र वनाधिकार क़ानून के लाभ से वंचित हैं। कारण वन क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय समुदायों और अन्य पारंपरिक वनवासियों के अधिकारों की रक्षा को लेकर राज्य सरकार, जिला प्रशासन एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि घोर उदासीन बरत रहे हैं। कार्यक्रम में जुटे आदिवासियों ने बताया कि वर्षों से या फिर कई पीढ़ियों से वे जिस वन भूमि पर काबिज हैं, वन विभाग द्वारा उन्हें उससे बेदखल किया जा रहा है। कब्जे की भूमि का मालिकाना हक़ देने के बजाए उल्टा वनभूमि से बेदखल किये जाने से प्रभावित आदिवासियों ने गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे वनाधिकार कानून का खुला उल्लंघन करार दिया।

भूख हड़ताल करने की चेतावनी

अतिथियों ने अपने उद्बोधन आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार को लेकर गहरा रोष प्रकट किया है। जयस नेताओं ने राज्य सरकार पर आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा को लेकर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वनाधिकार के व्यक्तिगत एवं सामुदायिक दावों को मान्यता न मिलने के कारण बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार सम्मानपूर्वक जीवन यापन नहीं कर पा रहे हैं। वन विभाग के अफसर जंगल का कानून चलाते हुए उनके हक़-अधिकार को कुचल रहे हैं। परिणामस्वरूप वन क्षेत्र में जनजाति समुदाय के लोग न तो चैन से रह पा रहे और ना ही वे वनोपज संग्रहण तथा वन भूमि का उपयोग और प्रबंधन कर पा रहे हैं। जिससे जनजातीय समुदाय का पारम्परिक जीवन और संस्कृति पर संकट में है। जयस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपकर आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए तत्परता से वंचित परिवारों को वनाधिकार पट्टा प्रदान करने की पुरजोर मांग की है। इस संबंध में शीघ्रता से कार्रवाई न होने पर जयस ने भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है। कार्यक्रम में प्रकाश गौंड़ जनपद सदस्य, मनसुख गौंड़ समाना सरपंच, भीम आर्मी जिला अध्यक्ष सुनील टाइगर, रामू गौंड़ पूर्व सरपंच डोभा, एडवोकेट सोनेलाल प्रजापति, सुरेश कुमार गौंड़, रामशरण गौंड़, बीरन सिंह गौंड़, दुर्गेश अरविंद, जोगेंदर, रिंकू, बबलू गौंड़ सहित बड़ी संख्या जनजाति समुदाय के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम सफल संचालन समाजसेवी रामविशाल गौंड़ एवं उपस्थितों का आभार प्रकट अरविंद कुमार गौंड़ ने किया।

कुल्हाड़ी से हमला कर दलित वृद्ध की जघन्य हत्या, आरोपी गिरफ्तार

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हत्यारोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सलेहा थाना परिसर में प्रदर्शन करते बसपा और भीम आर्मी नेतागण।

*    गंभीर रूप से घायल वृद्ध की इलाज के दौरान जबलपुर में हो गई थी मौत

*    आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर बसपा और भीम आर्मी ने सौंपा था ज्ञापन

पन्ना। (www.radarnews.in) जिले के सलेहा थाना अंतर्गत बछरवारा ग्राम में पखवाड़े भर पूर्व एक युवक द्वारा कुल्हाड़ी से किए गए प्राणघातक हमले में गंभीर रूप से घायल दलित वृद्ध सुखलाल वर्मा 65 वर्ष की गुरुवार 11 सितंबर को मेडिकल कॉलेज जबलपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। कई दिनों से जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहे वृद्ध की सांसें थमने की दुखद खबर आते ही सलेहा क्षेत्र में तनाव फ़ैल गया था। मृतक के हत्यारोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एवं भीम आर्मी के नेताओं ने संयुक्त रूप से सलेहा थाना परिसर में प्रदर्शन करते हुए एसडीओपी गुनौर को ज्ञापन सौंपा था। घटना की गंभीरता को देखते थाना प्रभारी सलेहा बलवीर सिंह यादव द्वारा आरोपी अंकित द्विवेदी के विरुद्ध थाना में पूर्व से दर्ज जानलेवा हमले के अपराध में हत्या की धारा का इजाफा किया गया। साथ ही मुखबिर तंत्र एवं साइबर सेल की मदद से आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश देकर शनिवार को उसे तत्परता से गिरफ्तार कर लिया।
पन्ना जिले के सलेहा थाना परिसर में एकत्र बहुजन समाज पार्टी एवं भीम आर्मी के पदाधिकारी-कार्यकर्ता।
सलेहा थाना प्रभारी एवं उप निरीक्षक बलवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 27 अगस्त 2025 को अनुज वर्मा 36 वर्ष निवासी ग्राम बछरवारा ने थाना आकर रिपोर्ट लिखवाई थी कि, दोपहर के समय उसके पिता सुखलाल वर्मा कछार हार में बकरी चरा रहे थे। उसी समय गांव का अंकित पिता रामजी द्विवेदी 29 वर्ष वहां आया और पुरानी बुराई के चलते बुरी-बुरी जातिसूचक गालियां देने लगा। जब मेरे पिता ने गाली देने से मना किया तो बौखलाए अंकित ने कुल्हाड़ी और कुल्हाड़ी के बेंत से जानलेवा हमला कर बुरी तरह लहूलुहान कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। अनुज की रिपोर्ट पर थाना सलेहा में अंकित के विरुद्ध अपराध क्र. 283/25 धारा 296, 115(2), 118(1), 351(2) बीएनएस 3 (1) (द), 3(1) (ध), 3(2) (वा) एससी एसटी एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। उधर परिजन घायल वृद्ध को इलाज के लिए जिला अस्पताल पन्ना ले गए, जहां सुखलाल की नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सक ने मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर कर दिया था। मेडिकल कॉलेज जबलपुर में कई दिनों से जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहे वृद्ध ने गुरुवार 11 सितंबर की शाम दम तोड़ दिया। वृद्ध सुखलाल की मौत होने की खबर आते ही सलेहा-गुनौर क्षेत्र में तनाव फ़ैल गया। देखते ही देखते यह मामला दलित बनाम सवर्ण का रूप लेने लगा।
दलित वृद्ध की हत्या के मामले में सलेहा थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी अंकित द्विवेदी।
वृद्ध की जघन्य हत्या को लेकर शुक्रवार 12 सितंबर को आक्रोश उस समय और अधिक बढ़ गया जब बहुजन समाज पार्टी एवं भीम आर्मी के नेताओं ने फरार आरोपी की गिरफ्तारी एवं पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने सहित अन्य मांगों को लेकर सलेहा थाना परिसर में धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। और न्यायोचित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई न होने की स्थिति में उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी सलेहा बलवीर सिंह ने मजरूब (वृद्ध) की इलाज के दौरान मेडीकल कॉलेज जबलपुर में मृत्यु हो जाने पर पूर्व से दर्ज प्रकरण में धारा 103(1) बीएनएस (302 भादवि) का इजाफा किया गया। तदुपरांत मुखबिर तंत्र एवं साइबर सेल की मदद से आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश देकर शनिवार को उसे पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। पुलिस का दावा है, पूंछतांछ करने पर आरोपी अंकित ने अपना जुर्म कबूल किया है। पुलिस ने आरोपी से हत्या की वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी जब्त की है। पुलिस द्वारा आरोपी को शनिवार को ही न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल पन्ना भेजा गया है।

फर्जीवाड़ा | आदिवासी किसान की मृत्यु के बाद फर्जी बेटे से खरीद ली बेशकीमकती जमीन

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पन्ना का नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन। (फाइल फोटो)

  ग्राम मनौर में स्थित गरीब आदिवासी परिवार की अवैध तरीके से भूमि क्रय करने का मामला

*     खनिज ठेकेदार श्रीकांत दीक्षित पप्पू के खिलाफ आदिवासी किसान की बेटियों ने की शिकायत

  शपथ पत्र देकर बताया हमारा कोई भाई नहीं, रिश्तेदारों एवं साक्षियों ने भी की पुष्टि

*     कलेक्टर ने श्रीकांत दीक्षित एवं अनुपम त्रिपाठी को जारी किया कारण बताओ नोटिस

पन्ना। जिले के चर्चित खनिज ठेकेदार एवं कांग्रेस नेता श्रीकांत दीक्षित पप्पू एवं उनके परिजनों की बेशुमार अचल संपत्ति से जुड़े नित नए हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं, इसी कड़ी में एक और चकित करने वाला मामला उजागर हुआ। पप्पू एवं अनुपम त्रिपाठी पर ग्राम मनौर में स्थित गरीब आदिवासी परिवार की बेशकीमती भूमि को अवैध तरीके से क्रय कर कब्जाने का आरोप लगा है। दो आदिवासी महिलाओं ने पन्ना कलेक्टर से लिखित शिकायत की है कि, उनके पिता जगोला आदिवासी की मृत्यु के पश्चात फर्जी तरीके से राजाराम सौंर को एकमात्र फर्जी पुत्र बनाकर उससे 2 हेक्टेयर कृषि भूमि श्रीकांत दीक्षित एवं अनुपम त्रिपाठी द्वारा कथित तौर पर अवैध तरीके से क्रय की गई। आवेदिकाओं का दावा है कि उनका कोई भाई नहीं है। इस तथ्य की पुष्टि उनके निकट संबंधियों एवं साक्षियों द्वारा शपथ पत्र देकर की गई है। शपथ पत्र में लेख किया गया है कि जगोला की सिर्फ दो पुत्रियां है कोई पुत्र नहीं है।
पन्ना कलेक्टर सुरेश कुमार।
कलेक्टर सुरेश कुमार द्वारा ग्राम मनौर में गरीब आदिवासी परिवार की अवैध रूप से जमीन कब्जाने के प्रकरण में टिकुरिया मोहल्ला पन्ना निवासी श्रीकांत दीक्षित पिता स्व. भास्कर दीक्षित एवं इंद्रपुरी कॉलोनी पन्ना निवासी अनुपम त्रिपाठी पिता रामलखन त्रिपाठी को कारण बताओ नोटिस जारी कर आगामी 15 सितम्बर को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए सुबह 11 बजे कलेक्टर न्यायालय में समक्ष में उपस्थित होने के लिए आहूत किया है अन्यथा मामले की सुनवाई और निपटारा के संबंध में आगामी कार्रवाई की जाएगी। जिला कलेक्टर ने तहसीलदार पन्ना को नोटिस की प्रतियां अनावेदकों को व्यक्तिशः तामील कराने तथा तामीली न होने पर संबंधितजन के निवास स्थल पर चस्पा कराने के निर्देश भी दिए हैं।

पिता के मिलते-जुलते नाम का उठाया फायदा

इस संबंध में एक आवेदिका द्वारा 13 जनवरी 2022 को शिकायत प्रस्तुत कर बताया गया था कि मेरे पिता की मृत्यु हो गई है तथा जीवित माता नेत्रहीन हैं। अपने माता-पिता की हम केवल दो संतानें पुत्रियां हैं। ग्राम जैतूपुर तहसील अमानगंज निवासी एक फर्जी व्यक्ति द्वारा अपने एवं हमारे पिता के मिलते-जुलते नाम का फायदा उठाया गया है और हमारा भाई एवं माता-पिता का एक मात्र फर्जी पुत्र बनाकर फर्जी तरीके से हमारी जमीन अनुपम त्रिपाठी एवं श्रीकांत दीक्षित द्वारा क्रय की गई। इस मामले में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पन्ना से जांच कराई गई।
खनिज ठेकेदार एवं कांग्रेस नेता पप्पू उर्फ़ श्रीकांत दीक्षित।
एसडीएम द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में लेख किया गया कि शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत शिकायत पत्र और संलग्न दस्तावेज शपथ पत्र में उल्लेख है कि उनके पिता की ग्राम मनौर स्थित भूमि खसरा नंबर 148/4 रकवा 2.000 हेक्टेयर को अनुपम एवं श्रीकांत ने जैतुपुरा के एक फर्जी व्यक्ति राजाराम को आवेदिकाओं का भाई और उनके माता पिता का फर्जी पुत्र बनाकर जमीन अवैध तरीके से क्रय की गई, जबकि दोनों बहनों के संलग्न शपथ पत्र में लेख है कि हमारा कोई भाई नहीं है। आवेदिकाओं के निकट संबंधी एवं दो साक्षियों के प्रस्तुत शपथ पत्र में भी इस बात का उल्लेख है कि दिवंगत पिता की केवल दो पुत्रियां है एवं कोई भाई नहीं है। उक्त खसरा नंबर की भूमि को कुछ लोगों ने धोखाध़ड़ी करके ट्रांसफर करवा ली है। इनमें राजाराम सौंर सहित श्रीकांत दीक्षित एवं अनुपम त्रिपाठी शामिल हैं। शपथ पत्रों में यह भी लेख है कि श्रीकांत दीक्षित एवं रामलखन त्रिपाठी ने इस फर्जी कार्य के लिए राजाराम को 35 हजार रूपए दिए थे।

नामांतरण प्रक्रिया पर भी सवाल

इस प्रकरण में ग्राम मनौर की नामांतरण पंजी प्रविष्टि क्रमांक 10 पर तहसीलदार पन्ना द्वारा पारित आदेश की प्रति के संबंध में मूल नामांतरण पंजी से मिलान की कार्यवाही की गई। इस दौरान पाया गया कि यह प्रविष्टि हल्का पटवारी द्वारा खसरा नंबर के खातेदार की 15 वर्ष पूर्व मृत्यु और उनकी पत्नी 10 वर्ष पूर्व फौत होना लेखकर उनके फर्जी पुत्र के पक्ष में नामांतरण किए जाने के संबंध में दर्ज की गई थी। तहसीलदार पन्ना द्वारा मृतक के स्थान पर वारिश के नाम नामांतरण स्वीकृत किया गया। मूल नामांतरण पंजी के साथ उद्घोषणा पत्र चस्पा है, किंतु तामीली, मुनादी या प्रकाशन कराने संबंधी कोई रिपोर्ट इसमें अंकित नहीं है। 9 नवम्बर 2020 की नकल अनुसार पंजीकृत विक्रय पत्र 05 सितंबर 2020 के आधार पर श्रीकांत दीक्षित एवं अनुपम त्रिपाठी के पक्ष में स्वीकृत किया गया है। इस मामले में दस्तावेजों के अवलोकन उपरांत पाया गया कि प्रश्नाधीन भूमि जगोला पिता बल्दुआ गौड़ निवासी मनौर के नाम दर्ज रही है, जबकि जैतुपुरा निवासी राजाराम आदिवासी गौड़ नहीं बल्कि सौंर जनजाति के हैं।

वैध वारिसों के नाम भूमि दर्ज करने कार्रवाई जारी

अनावेदकों द्वारा फर्जी तरीके से जमीन क्रय करने के बाद प्रभावित परिवार को भूमि पर फसल बोने से मना करने पर जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को इसकी शिकायत की गई थी। दोनो बहनों द्वारा क्रेता अनुपम त्रिपाठी और श्रीकांत दीक्षित से कई बार संपर्क साधा गया, लेकिन अनावेदकों ने जातिगत अपमान करते हुए गाली-गलौंच कर भगा दिया। ससुराल में भरण पोषण के लिए पर्याप्त भूमि नहीं होने पर उक्त भूमि वापस दिलाने तथा फर्जीवाड़ा करने वाले क्रेताओं के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही करने की मांग की गई। इस संबंध में प्रश्नाधीन सर्वे नंबर की भूमि के राजाराम सौंर के पक्ष में किए गए नामांतरण आदेश को म.प्र. भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 50 के तहत पुनरीक्षण में लिया जाकर तहसीलदार पन्ना का 28 जुलाई 2018 का आदेश निरस्त कर मूल भूमि स्वामी जगोला गौड़ पिता बल्दुआ के वैध वारिसों के नाम पुनः दर्ज करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।