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झोलाछाप डॉक्टर रायपुर से गिरफ्तार: पन्ना में गलत इलाज से महिला की हो गई थी मौत

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कोतवाली थाना पन्ना। (फाइल फोटो)

*     बिना पंजीयन और चिकित्सीय योग्यता के कर रहा था ग्रामीणों का इलाज

पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में कोतवाली थाना अंतर्गत गलत इलाज के कारण महिला की असमय मृत्यु होने के मामले में लगभग 2 माह से फरार चल रहे झोलाछाप डॉक्टर (फर्जी डॉक्टर) को पन्ना पुलिस ने छत्तीसगढ़ के रायपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी फकरूद्दीन अली अहमद खान उर्फ डब्बू पिता मजीद अहमद 44 वर्ष निवासी किशुनगढ़ जिला छतरपुर (हाल निवासी हिनौता, जिला पन्ना) के विरुद्ध कोतवाली थाना पन्ना में क्रमांक 782/25 धारा 24 आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987, धारा 8 (1) मध्यप्रदेश चिकित्सा शिक्षा नियंत्रण अधिनियम 1973 एवं धारा 105 BNS के तहत प्रकरण पंजीबद्ध है। कथित तौर पर आरोपी बिना किसी चिकित्सीय योग्यता एवं पंजीयन के हिनौता ग्राम में अवैध रूप से क्लीनिक संचालित कर ग्रामीणों का उपचार करता था।
सोशल मीडिया पर पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि, दिनांक 24 अगस्त 2025 को जिला चिकित्सालय पन्ना से सूचना प्राप्त हुई थी कि महिला श्यामबाई यादव को मृत अवस्था में लाया गया है। मृतका के परिजन भरतलाल यादव पिता दरबारी यादव निवासी हिनौता थाना कोतवाली पन्ना द्वारा उसकी मृत्यु को संदिग्ध बताया गया। जिस पर थाना कोतवाली में मर्ग क्रमांक 74/25 धारा 194 BNSS पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ की गई।
जांच के दौरान परिजनों ने बताया कि मृतका श्यामबाई को सर्दी-बुखार होने पर उसका इलाज तथाकथित डॉक्टर फकरूद्दीन अली अहमद खान उर्फ डब्बू पिता मजीद अहमद 44 वर्ष निवासी किशुनगढ़ जिला छतरपुर (हाल निवासी हिनौता जिला पन्ना) द्वारा किया गया था। कथित तौर पर आरोपी ने बिना किसी वैध डिग्री या अनुमति के इंजेक्शन व दवाइयाँ देकर इलाज किया था, जिससे महिला की तबीयत बिगड़ गई और उसे मुंह से खून आने लगा। परिजन तत्काल उसे एनएमडीसी के मझगवां स्थित हॉस्पिटल ले गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल पन्ना रेफर किया गया। जिला चिकित्सालय पन्ना में अचेत अवस्था में लाई गई महिला श्यामबाई का परीक्षण करने के उपरांत डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रकरण की जांच के दौरान मृतिका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, उपचार रिकॉर्ड और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, पन्ना से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह प्रमाणित हुआ कि आरोपी बिना वैध पंजीकरण एवं अनुमति के अवैध रूप से उपचार कार्य कर रहा था। इसके पश्चात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 782/25 धारा 24 आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987, धारा 8(1) मध्यप्रदेश चिकित्सा शिक्षा नियंत्रण अधिनियम 1973 एवं धारा 105 BNS के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। जांच में पता चला कि आरोपी फकरूद्दीन अली अहमद खान उर्फ डब्बू ने फार्मासिस्ट की डिग्री धारक था।
कथित तौर पर गलत इलाज के कारण महिला की मौत होने के बाद से आरोपी फरार चल रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा आरोपी झोलाछाप डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक रोहित मिश्रा के नेतृत्व एक पुलिस टीम गठित की गई। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने आरोपी को भिलाही जिला रायपुर (छत्तीसगढ़) से गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से उसका फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, ऐलोपैथिक दवाएं, सिरिंज, मलहम, पट्टियाँ एवं ट्यूब आदि जब्त करने का दावा किया है। प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि, आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने मृतका को लगाई गई दवाएं एवं इंजेक्शन नष्ट कर दिए।
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दर्दनाक सड़क हादसा : कार और बाइक की सीधी भिड़ंत, ज्वेलरी दुकानदार की मौके पर मौत; एक गंभीर घायल

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*       पन्ना जिले के पवई थाना अंतर्गत शिकारपुरा ग्राम के समीप हुआ हादसा

पन्ना। (www.radarnews.in)  मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में पवई थाना अंतर्गत शिकारपुरा ग्राम के नजदीक रविवार 26 अक्टूबर को कार और बाइक की जोरदार भिड़ंत में ज्वेलरी दुकानदार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में बाइक सवार एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है। पुलिस एवं राहगीरों ने घायल व्यक्ति को 108 एम्बुलेंस से इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पवई पहुंचाया और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सड़क हादसे में ज्वेलर्स की असमय मौत होने की दुखद खबर आने के बाद से पवई समेत क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
पवई क़स्बा के वार्ड क्रमांक 11 निवासी सचिन सोनी पिता स्वर्गीय सुरेश सोनी 38 वर्ष अपने मित्र अनंत राम पिता मिट्ठू लाल प्रजापति 35 वर्ष के साथ बाइक से वापस पवई लौट रहे थे। कटनी-पन्ना मार्ग पर रास्ते में शिकारपुर के समीप पहुंचें तभी सामने से आई सफ़ेद रंग की तेज रफ़्तार बेकाबू कार क्रमांक एमपी- 35 सीए- 0936 सीधी भिड़ंत हो गई। कार की ठोकर इतनी जोरदार थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे। भीषण हादसे में अत्यंत ही गंभीर रूप से घायल सचिन सोनी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि बाइक में पीछे बैठे अनंत राम प्रजापति की हालत नाजुक बताई जा रही है। सड़क हादसे की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने राहगीरों की मदद से घायल युवक को 108 एम्बुलेंस से इलाज के लिए तुरंत पवई स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया। जबकि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए लिए भेज दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में घायल युवक का प्राथमिक उपचार करने के बाद ड्यूटी डॉक्टर ने उसे रिफर कर दिया। अनंत राम को बेहतर इलाज के लिए परिजन कटनी ले गए। सड़क हादसे पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पवई समेत क्षेत्र में शोक का माहौल

पवई में ज्वेलरी की दुकान चलाने वाले सचिन सोनी 38 वर्ष की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत होने की दुखद खबर साने के बाद से पवई नगर सहित क्षेत्र में शोक का माहौल है। सचिन के असामयिक निधन से पत्नी और एकमात्र 7 वर्षीय बेटी पर दुखों पहाड़ टूट पड़ा है। पारिवारिक सूत्रों ने बताया, वह अपने छोटे से परिवार का मुखिया होने के साथ ही कमाने वाला अकेला सदस्य भी था। उनके माता-पिता और बड़े भाई का पहले ही स्वर्गवास हो चुका है। सड़क दुर्घटना में सचिन की मौत के बाद उसकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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पुलिस टीम को ग्रामीणों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, 2 बंदूकें भी छीन ले गए; थाना प्रभारी और आरक्षक को आई गंभीर चोटें

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बुधवार की शाम बृजपुर थाना की पुलिस टीम पर हमले के बाद पन्ना से अतिरिक्त पुलिस बल को कानून-व्यवस्था की दृष्टि से तुरंत बृजपुर भेजा गया।

*    पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम धरमपुर की घटना

*    एक मामले में पंचम यादव को गिरफ्तार करने पर भड़क उठे ग्रामीण

*    देर रात पुलिस ने कार्रवाई कर लूटी गई बंदूकें बरामद की

*    दुस्साहसिक घटना के बाद दहशत में आई पुलिस, छावनी में तब्दील रहा बृजपुर थाना

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में बुधवार देर शाम पुलिस टीम पर 50 से अधिक लोगों की भीड़ ने प्राणघातक हमला कर दिया। आरोपियों ने पुलिस जवानों से दो बंदूकें भी छीन लीं। घटना में गंभीर रूप से घायल थाना प्रभारी महेन्द्र सिंह भदौरिया और आरक्षक रामनिरंजन का उपचार सतना के निजी हॉस्पिटल में जारी है। पुलिस टीम को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने की अप्रत्याशित घटना बृजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम धरमपुर की है। भीड़ के हमले से दहशत में आए पुलिसकर्मी किसी तरह जान बचाकर मौके से भाग निकले। घटना की जानकारी मिलने पर पन्ना से पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू भारी पुलिस बल के साथ बृजपुर पहुंचीं। देर रात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लूटी गई राइफलों को बरामद कर लिया है।
घायल पुलिस आरक्षक रामनिरंजन।
प्राप्र्त जानकारी अनुसार, बुधवार 22 अक्टूबर को बृजपुर थाना पुलिस बल गैर इरादतन हत्या के एक मामले में आरोपी पंचम सिंह यादव पुत्र शिव सिंह यादव को गिरफ्तार करने धरमपुर ग्राम गई थी। कथित तौर पर आरोपी एवं उसके परिजनों ने पुलिस हो हड़काते हुए भगा दिया। इसके बाद थाना प्रभारी महेन्द्र सिंह भदौरिया दल-बल के साथ देर शाम धरमपुर पहुंचे। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस जब बृजपुर के लिए रवाना होने लगी तो अचानक ग्रामीणों ने घेरकर पथराव कर दिया। हिंसक भीड़ ने ने पुलिसवालों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। पथराव और लाठी-डंडों के प्राणघातक हमले से सशस्त्र पुलिस जवान दहशत में आ गए। मौके से जान बचाकर भागने के दौरान ग्रामीणों उनसे दो राइफल छीन लीं। इस घटना में थाना प्रभारी बृजपुर महेन्द्र सिंह भदौरिया और आरक्षक रामनिरंजन को गंभीर चोटें आई हैं।
घायल थाना प्रभारी बृजपुर महेन्द्र सिंह भदौरिया।
पुलिस टीम पर जानलेवा हमला होने की जानकारी मिलने पर एसपी निवेदिता नायडू पन्ना से बड़ी तादाद में अतिरिक्त पुलिस बल लेकर तुरंत बृजपुर पहुंची। घायल पुलिस जवानों को उपचार के लिए रवाना कराया। देर रात पुलिस ने धरमपुर गांव में कई जगह दबिश देकर लूटी गई बंदूकें बरामद कर लीं। छतरपुर रेंज के डीआईजी विजय खत्री ने बृजपुर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। रातभर बृजपुर थाना पुलिस छावनी में तब्दील रहा। क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई ताकि स्थिति स्थिति नियंत्रण में रहे। वहीं गिरफ्तार आरोपी पंचम यादव को भारी सुरक्षा के बीच गुरुवार को पन्ना जिला अस्पताल लाकर मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस टीम पर हमला करने वाले आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास लगातार जारी हैं।
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डॉक्टर की दहलीज़ पर मरीज की मौत : परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर किया हंगामा, डॉक्टर को बीएमओ प्रभार से हटाया; एफआईआर भी दर्ज

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पन्ना जिले के अमानगंज डॉक्टर की लापरवाही से मरीज की मौत होने पर आक्रोशित परिजनों ने जमकर नारेबाजी की।

*    पन्ना जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अमानगंज का मामला

 *   ड्यूटी टाइम पर बंगले में थे डॉक्टर, कई बार बुलाने पर आधा घंटे तक बाहर नहीं आए

*    असहनीय दर्द से तड़पते मरीज की इलाज के आभाव में मौत होने से उपजा आक्रोश

*    मृतक के परिजनों ने डॉक्टर पर अभद्रता और गाली-गलौज करने के लगाए आरोप

 डॉक्टर ने सीसीटीव्ही फुटेज जारी कर बताया मृतक के परिजनों ने की गाली-गलौज और धक्का-मुक्की

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) पिछले कई सालों से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे पन्ना जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। एक तो डॉक्टरों की भारी कमी, उसमें भी गिनती के जो डॉक्टर कार्यरत हैं, उनके द्वारा कथित तौर पर मरीजों के इलाज में घोर लापरवाही बरतने के कारण मरीजों की असमय मौत होने पर आए दिन जमकर बवाल मच रहा है। मंगलवार रात ऐसा ही मामला जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अमानगंज में सामने आया है। जहां डॉक्टर आशीष तिवारी द्वारा इलाज में घोर लापरवाही बरतने के कारण 55 वर्षीय मरीज अजय पाल सिंह की असमय मौत हो गई। पीड़ित परिजनों का आरोप है, ड्यूटी के समय डॉक्टर आशीष तिवारी अपने बंगले पर थे। कई बार बुलाने के बाद भी काफी देर तक डॉक्टर साहब बाहर नहीं आए जिससे असहनीय दर्द से तड़पते हुए अधेड़ ने दम तोड़ दिया। डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही और अभद्रता करने सहित कई गंभीर आरोप लगाते हुए पीड़ित परिजनों जमकर हंगामा किया। पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार ने मरीज की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए डॉक्टर आशीष तिवारी को तत्काल प्रभाव से अमानगंज बीएमओ के प्रभार से पृथक कर प्राथमिक जांच के आदेश दिए हैं। वहीं मरीज के परिजन की रिपोर्ट पर अमानगंज थाना पुलिस ने डॉक्टर आशीष के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
समय पर समुचित इलाज न मिलने से मृत मरीज से लिपटकर विलाप करते शोक संतृप्त परिजन।
मंगलवार 21 अक्टूबर की रात लगभग 8 बजे ग्राम डहर्रा निवासी अजयपाल सिंह 55 वर्ष को गैस की वजह से असहनीय दर्द होने पर परिजन इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमानगंज ले गए। जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर आशीष तिवारी स्वास्थ्य केन्द्र से नदारद थे। पूछताछ करने पर पता चला डॉक्टर साहब अपने बंगले पर हैं। मरीज को लेकर परिजन डॉक्टर के बंगले पर चले गए। कई बार बुलाने और आधा घंटे से अधिक समय तक इंतजार करने के बाद भी डॉक्टर बंगले से बाहर नहीं आए। नतीजतन असहनीय दर्द से तड़पते अजय पाल सिंह ने इलाज के आभाव में दम तोड़ दिया। कुछ मिनिट बाद डॉक्टर आशीष तिवारी जब बाहर आए तो कथित तौर पर मरीज के परिजनों से कथित तौर पर अभद्रता करने लगे। मृत मरीज के भतीजे सुजय सिंह का आरोप है कि डॉक्टर तिवारी शराब के नशे में थे। उन्होंने मेरे भाई एवं परिजनों के साथ अभद्रता की और हाथ में चप्पल लेकर मारने के लिए दौड़े। इसका विरोध करने डॉक्टर अपने पुनः बंगले में चले गए और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। बंगले के बाहर जुटे मरीज के परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ जमकर हंगामा करते हुए कार्रवाई की मांग की गई।

FIR दर्ज होने के बाद हंगामा हुआ शांत

इलाज के आभाव में मरीज की मौत के मामले की जानकारी मृतक के भतीजे सुजय सिंह ने मीडिया को दी।
रात्रि के साथ बवाल बढ़ने से बेहद तनावपूर्ण स्थिति निर्मित होने पर अमानगंज थाना पुलिस, नायब तहसीलदार अमानगंज और पन्ना से प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर राजेश प्रसाद तिवारी मौके पर पहुंचे। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा आक्रोशित लोगों को समझाइश दी गई लेकिन हंगामा शांत नहीं हुआ। आक्रोशित परिजन कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे। इस गतिरोध को दूर कर प्रदर्शन को समाप्त कराने के लिए सीएमएचओ की ओर से डॉक्टर तिवारी के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने एवं मरीज की मौत की जांच कराने का आश्वासन दिया गया। इसके अलावा मृतक अजय पाल सिंह के परिजनों की शिकायत पर डॉ. आशीष के विरुद्ध गाली-गलौच और अभद्रता करने का मामला अमानगंज थाना में धारा 294 के तहत पंजीबद्ध किया गया है। इस कार्रवाई के बाद हंगामा बमुश्किल शांत हुआ और स्थिति सामान्य हो सकी। उल्लेखनीय है कि, अमानगंज पहुंचे सीएमएचओ ने डॉक्टर आशीष तिवारी को मौके पर बुलाने के लिए कई बार संदेश भिजवाए और मोबाइल पर कॉल भी किये लेकिन वह बंगले से बाहर नहीं आए।

बीएमओ के प्रभार से हटाया

ऊषा परमार, कलेक्टर, जिला पन्ना।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद तिवारी द्वारा गत मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अमानंगज में ग्राम डहरा निवासी अजय पाल सिंह के इलाज में लापरवाही बरतने पर संबंधित चिकित्सक के विरूद्ध कार्रवाई की गई है। जिला कलेक्टर ऊषा परमार द्वारा मामले का संज्ञान लेकर संबंधित चिकित्सक के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे, जिसके तहत चिकित्सकीय कार्य में लापरवाही बरतने पर स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी एवं प्रभारी खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष तिवारी को खंड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अमानगंज के प्रभार से पृथक किया गया है। साथ ही प्राथमिक जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।

इनका कहना है-

‘इलाज के अभाव में मरीज की मौत होने का मामला अत्यंत ही गंभीर है, इसमें प्रथम दृष्टया ड्यूटी डॉक्टर आशीष तिवारी की लापरवाही परिलक्षित होने पर उन्हें कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से अमानगंज बीएमओ के प्रभार से पृथक कर दिया गया है। घटना की जांच के लिए जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एमके गुप्ता के नेतृत्व में तीन सदस्यीय दल गठित किया गया है। जिसे तीन दिवस के अंदर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। जांच के तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।’

राजेश प्रसाद तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला पन्ना।

‘मृतक मरीज के परिजनों के आरोप पूर्णतः असत्य और बेबुनियाद हैं। मरीज के इलाज के लिए मैं बाहर आया और उनका परीक्षण भी मेरे द्वारा किया गया था। लेकिन तभी परिजन मेरे साथ अभद्रता कर गाली-गलौच करने लगे। उनमें से कई लोग शराब के नशे में थे, उन्होंने जब मेरे साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई की तो मैं जान बचाकर अपने बंगले के अंदर चला गया। मैं और मेरा परिवार इस घटना से काफी भयभीत था इसलिए मैं रात्रि में बाहर नहीं निकला। मुझे डर था, यदि बाहर गया तो आक्रोशित भीड़ मेरे साथ अप्रिय घटना कर सकती है। मैं जल्द ही वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर उन्हें सत्यता से अवगत कराऊंगा।’

डॉक्टर आशीष तिवारी, पूर्व बीएमओ अमानगंज। 

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कर्तव्य पथ पर शहीद हुए पुलिस जवानों को किया नमन

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पुलिस अधीक्षक पन्ना निवेदिता नायडू ने पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में शहीद पुलिस कर्मियों को पुष्प चक्र अर्पित कर सेल्यूट किया।

*     पन्ना पुलिस ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद परेड का किया आयोजन

*     कलेक्टर, एसपी एवं डीएफओ ने शहीद पुलिस जवानों को अर्पित की श्रद्धांजलि

पन्ना। पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती निवेदिता नायडू ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर वीर पुलिस जवानों की शहादत को नमन करते हुए कहा कि कर्तव्य पथ पर शहीद होने वाले जवान अमर हो जाते हैं। उनका बलिदान हमें सदैव वीरता, कर्तव्यनिष्ठा एवं सेवा भावना की प्रेरणा देता रहेगा। आज मंगलवार 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद परेड का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उन सभी वीर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नमन किया गया जिन्होंने कर्तव्य पथ पर अपने प्राणों की आहुति दी। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमति निवेदिता नायडू द्वारा शहीद हुए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नामों का वाचन किया। इसके पूर्व उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर पुलिस जवानों की शहादत को सलामी दी। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने शहीदों की स्मृति में मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद दिवस परेड नेतृत्व रक्षित निरीक्षक खिलावन सिंह कंवर एवं सूबेदार संजय सिंह जादौन ने किया। परेड के दौरान पुलिस बल की टुकड़ियों द्वारा वीर शहीदों को सलामी दी गई और उनके अमर बलिदान को स्मरण किया गया।

पुलिस स्मृति दिवस का महत्व

देश में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस (Police Commemoration Day) मनाया जाता है। यह दिवस उन वीर पुलिसकर्मियों को समर्पित है जिन्होंने अपने कर्तव्य का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए राष्ट्र सेवा में अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। इस दिन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वर्ष 1959 की उस घटना से जुड़ी है जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय पुलिस बल पर हमला किया गया था। इस संघर्ष में 10 भारतीय पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। उनके साहस और बलिदान की स्मृति में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को यह दिवस मनाया जाता है।

अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन पन्ना स्थित शहीद स्मारक की आकर्षक पुष्प सज्जा की गई।
पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में पन्ना कलेक्टर श्रीमति उषा परमार, पुलिस अधीक्षक पन्ना निवेदिता नायडू, डीएफओ दक्षिण वनमंडल अनुपम शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत उमराव सिंह मरावी, एडीएम मधुवंतराव धुर्वे, अध्यक्ष नगरपालिका परिषद पन्ना श्रीमति मीना पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमति वन्दना चौहान, पार्षद वार्ड क्रमांक 12 श्रीमति कीर्ती त्रिवेदी एम जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, सभी थाना प्रभारी, पुलिस बल के सदस्यगण एवं नगर के प्रतिष्ठित नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने शहीद पुलिसकर्मियों के बलिदान को नमन किया।
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वीरता और कर्तव्यनिष्ठा से चिरकाल तक प्रेरणा देते रहेंगे शहीद पुलिस जवान : मुख्‍यमंत्री

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाल परेड ग्राउंड शहीद स्मारक में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में शहीद पुलिस कर्मियों को पुष्प चक्र अर्पित कर सेल्यूट किया।

 मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद पुलिस जवानों को अर्पित की श्रद्धांजलि

भोपाल। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीर पुलिस जवानों की शहादत को नमन करते हुए कहा कि यह दिवस प्रत्येक वर्दीधारी के लिए प्रेरणा का पुंज है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1959 की वह ठंडी सुबह आज भी हमारे मन में गहराई से अंकित है। लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में हमारे 10 वीर पुलिस जवानों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनके बलिदान के उपरांत ही भारत में पुलिस स्मृति दिवस मनाने की परंपरा प्रारंभ हुई। “हमारे लिए यह दिवस एक पर्व की तरह है, क्योंकि अपने कर्तव्य की बेदी पर प्राणों का उत्सर्ग, हमारे जवानों का सौभाग्य और हमारे लिए प्रेरणा है।” जो अपने कर्तव्य की वेदी पर प्राणों की आहुति देता है, वह वास्तव में अमर है।” यह शहादत हमें समर्पित भाव से ड्यूटी की प्रेरणा देती है और सरकार के दृष्टिकोण से यह गर्व का विषय है कि हमारे जवान कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण से सदैव अपने साथियों को प्रेरणा देते रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को पुलिस स्मृति दिवस परेड 2025 के अवसर पर लाल परेड ग्राउंड शहीद स्मारक प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम का संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पुलिसकर्मियों से अपने कर्तव्य पथ पर समपर्ण और निष्ठा के भाव से निरंतर अग्रसर रहने का आहवान किया।

शहीद परिवारों के साथ खड़ी सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाल परेड ग्राउंड शहीद स्मारक में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में शहीद पुलिस कर्मियों के शौर्य और पराक्रम प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को शांति का टापू कहा जाता है। इसका श्रेय प्रदेश पुलिस की सतर्कता, अनुशासन और समर्पण को जाता है। हमारे पुलिस कर्मी प्रदेश में नक्सलवाद, माफिया, साइबर अपराध के नियंत्रण और महिला सुरक्षा, तकनीकी नवाचार तथा जन-जागरूकता अभियानों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीरो टॉलरेंस की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते वर्ष डेढ़ करोड़ के इनामी 10 नक्सलवादियों का खातमा, जयपुर सीरियल ब्लास्ट के आरोपियों की गिरफ्तारी और आतंकवादियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई पुलिस के पराक्रम के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सदैव पुलिसकर्मियों के साथ है। यदि हमारे बीच कोई शहीद होता है, तो सरकार उसके परिवार के साथ खड़ी दिखाई देती है, इस परंपरा को निभाते हुए शहीद पुलिसकर्मी के परिजनों को 1 करोड़ रूपए की आर्थिक सहायता देने की नीति लागू की गई है। यह राशि केवल सहायता नहीं, बल्कि हमारे जवानों के मनोबल को बढ़ाने का प्रतीक है।

3 वर्ष में 21,000 पदों पर होगी भर्ती

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस जवान ठंड, गर्मी, बरसात और त्यौहार सब भूलकर अपनी ड्यूटी करती हैं, ऐसे में सरकार का दायित्व है कि उनके कल्याण और आधुनिकरण पर पूरा ध्यान दें। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पुलिस कर्मियों के लिए 5700 करोड़ रुपये की लागत से 25 हजार से अधिक मकान बनाए जा रहे हैं। पुलिस के कल्याण, आधुनिकीकरण और मनोबल वृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। रिक्त पदों की पूर्ति के लिए लगभग 7500 पदों की भर्ती हर वर्ष करते हुए 21 हजार पदों की भर्ती अगले तीन वर्ष में पूरी की जाएगी।

अमर शहीदों का बलिदान हमारे लिए प्रेरणा : श्री मकवाणा

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस स्‍मृति दिवस श्रद्धा, स्मरण और संकल्प का दिन है। यह हमारे उन वीर साथियों की स्मृति को समर्पित है, जिन्होंने ‘निष्ठा से सेवा’ के अपने संकल्प को अपने रक्त से लिखा और देश व प्रदेश की शांति और सुरक्षा की खातिर अपने प्राणों की आहुति दी। आज का दिन हमें उनकी याद दिलाता है। उनका खालीपन हमें हमेशा महसूस होगा, लेकिन उनका साहस, उनकी निष्ठा और उनका बलिदान हमारे लिए एक ऐसी मशाल है जो हमारे पुलिस बल को हमेशा रास्ता दिखाती रहेगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मध्‍यप्रदेश पुलिस के 11 जवानों ने देश के लिए अपनी शहादत दी है। शहीदकर्मियों में निरीक्षक स्‍व. संजय पाठक, निरीक्षक स्‍व. रमेश कुमार धुर्वे, सहायक उप निरीक्षक स्‍व. रामचरण गौतम, सहायक उप निरीक्षक स्‍व. महेश कुमार कोरी, प्रधान आरक्षक स्‍व. संतोष कुशवाह, प्रधान आरक्षक स्‍व. प्रिंस गर्ग, प्रधान आरक्षक स्‍व. अभिषेक शिंदे, प्रधान आरक्षक स्‍व. गोविंद पटेल, आरक्षक स्‍व. अनुज सिंह, आरक्षक स्‍व. सुंदर सिंह बघेल एवं आरक्षक स्‍व. अनिल यादव शामिल हैं। डीजीपी श्री मकवाणा ने कहा कि 21 अक्‍टूबर 1959 से 31 अगस्‍त 2025 तक मध्‍यप्रदेश के 1,009 जवान कर्तव्‍य की वेदी पर शहीद हो गए। सभी शहीदों के परिवार की रक्षा एवं कल्‍याण हमारा दायित्‍व है।

पुष्प चक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाल परेड ग्राउंड शहीद स्मारक में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में शहीद पुलिस कर्मियों के परिवारजन से भेंट की।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस बैंड द्वारा देशभक्ति की धुन पर सभी वरिष्ठ अधिकारियों एवं सेवानिवृत्‍त पुलिस अधिकारियों ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। आरंभ में पाल-बेयरर पार्टी द्वारा सम्मान सूची को स्मारक कोष में स्थापित किया गया और शहीद स्मारक को सलामी दी गई। आयोजित परेड का नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी एसडीओपी सर्वप्रिय सिन्‍हा ने किया। परेड के टू-आई-सी राज्‍य पुलिस सेवा के प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक हेमंत पाण्‍डेय रहे। परेड में परेड में जिला बल एवं विशेष सशस्‍त्र बल की महिला प्‍लाटून, विशेष सशस्‍त्र बल की पुरूष प्‍लाटून, जिला पुलिस बल की पुरूष प्‍लाटून, होमगार्ड प्‍लाटून, पाल-बेयरर पार्टी, कलर पार्टी, रीथ पार्टी, पुलिस बैंड प्‍लाटून, अश्‍वरोही दल और श्वान दल की टुकड़ियाँ शामिल थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीरगति को प्राप्त पुलिस कर्मियों के परिजन से भेंट कर संवेदनाएं साझा कीं। उन्होंने सभी परेड कमांडर व पाल बेयरर पार्टी से भेंट कर परिचय प्राप्त किया। कार्यक्रम में भोपाल महापौर मालती राय, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और शहीदों के परिजन उपस्थित थे।
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कृष्णपाल सिंह यादव: अपाक्स के नए युग के प्रेरक नेतृत्व

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मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग (अल्पसंख्यक) अधिकारी कर्मचारी संगठन (अपाक्स) के नव निर्वाचित प्रांतीय अध्यक्षकृष्ण पाल सिंह यादव को पुष्पहार पहनाते हुए संगठन के पदाधिकारी।

*     पन्ना के कृष्णपाल सिंह सर्वसम्मति से अपाक्स के प्रदेश अध्यक्ष चुने गए

*     प्रदेश के सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों का वृहद एवं महत्वपूर्ण संगठन है अपाक्स

भोपाल/पन्ना। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार 12 अक्टूबर को एक नया इतिहास रचा गया, जब मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग (अल्पसंख्यक) अधिकारी कर्मचारी संगठन (अपाक्स) के प्रांतीय अध्यक्ष के रूप में कृष्ण पाल सिंह यादव को सर्वसम्मति से चुना गया। यह क्षण न केवल संगठन के लिए, बल्कि समस्त मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय है, क्योंकि श्री यादव जैसे समर्पित, दूरदर्शी और कर्मठ व्यक्तित्व का नेतृत्व अपाक्स को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सक्षम है।
उल्लेखनीय है कि, कृष्ण पाल सिंह यादव का नाम नेतृत्व, निष्ठा और सामाजिक समावेशन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का पर्याय है। पन्ना जिले में 25 वर्षों तक अपाक्स के जिलाध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन की नींव को मजबूत करने में अभूतपूर्व योगदान दिया। प्रांतीय महामंत्री के रूप में भी उनकी संगठनात्मक कुशलता और सहज नेतृत्व ने सभी को प्रभावित किया है। उनकी सौम्यता, सहृदयता और कर्मठता ने उन्हें न केवल संगठन के सदस्यों, बल्कि समाज के हर वर्ग के बीच सम्मान का पात्र बनाया है। श्री यादव की कार्यशैली में समन्वय, सहयोग और समर्पण का अनूठा संगम देखने को मिलता है, जो उन्हें एक आदर्श कर्मचारी नेता बनाता है।
अपाक्स की स्थापना 1994 में मध्यप्रदेश के दिग्गज प्रशासनिक अधिकारियों जैसे वरिष्ठ आईएएस स्वर्गीय सरदार सिंह डंगस, इंजीनियर भुवनेश कुमार पटेल और इंजीनियर सी.एस. यादव द्वारा की गई थी। इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री यादव तीसरे प्रांतीय अध्यक्ष के रूप में चुने गए हैं। इससे पूर्व, इंजीनियर भुवनेश कुमार पटेल ने लंबे समय तक संगठन का नेतृत्व किया, और उनके सेवानिवृत्त होने के बाद कैलाश सूर्यवंशी ने यह दायित्व संभाला। अब श्री यादव के कंधों पर यह जिम्मेदारी है कि वे संगठन के उद्देश्यों को और सशक्त बनाएं।
श्री यादव के निर्विरोध निर्वाचन पर मध्यप्रदेश के सभी जिलों और संभागों के अपाक्स पदाधिकारियों ने हर्षोल्लास के साथ उन्हें बधाई दी। संगठन के प्रांतीय संरक्षक इंजीनियर भुवनेश कुमार पटेल के प्रति भी सभी ने आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन में अपाक्स निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। बधाई देने वालों में संगठन के तमाम गणमान्य सदस्य शामिल रहे, जिन्होंने श्री यादव के नेतृत्व में सामाजिक न्याय और समानता के लिए संगठन के संकल्प को और मजबूत होने की आशा जताई।
श्री यादव का यह निर्वाचन केवल एक पद का दायित्व नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है- एक ऐसे भविष्य की, जहां अपाक्स सामाजिक समावेशन और अधिकारों की रक्षा के लिए और भी सशक्त होकर उभरेगा। उनके नेतृत्व में संगठन निश्चित ही नई ऊंचाइयों को छुएगा यह भरोसा संगठन के प्रत्येक सदस्य को है।
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भाजपा राज में क़ानून-व्यवस्था ध्वस्त होने से अराजकता चरम पर : इंजीनियर पिप्पल

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पन्ना जिले की ज्वलंत समस्याओं को लेकर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए बसपा प्रदेश अध्यक्ष इंजी. रमाकांत पिप्पल, पूर्व प्रत्याशी बसपा खजुराहो लोकसभा कमलेश भाई पटेल एवं अन्य बसपा नेतागण।

 कमजोर तबकों को न्याय दिलाने बसपा ने प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

 आपराधिक घटनाओं पर कार्रवाई न होने पर जताया आक्रोश

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) महिलाओं-बालिकाओं एवं कमजोर वर्गों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को संवेदनशीलता से लेकर उन पर तत्परता से प्रभावी कार्रवाई करने संबंधी तमाम दिशा-निर्देशों के बावजूद पन्ना जिले की पुलिस का असंवेदनशील रवैया बरक़रार है। आरक्षित वर्गों के विरुद्ध घटित कई सनसनीखेज आपराधिक घटनाओं का खुलासा न होने अथवा पीड़ितों को न्याय दिलाने के प्रति पुलिस द्वारा घोर उदासीनता बरतने पर बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) ने गहरा असंतोष-आक्रोश जताया है। बसपा नेताओं-कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार 10 अक्टूबर 2025 को जिले की ज्वलंत समस्याओं पर कार्रवाई की मांग को लेकर पन्ना जिला मुख्यालय में इंद्रपुरी कॉलोनी स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर नारेबाजी प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम 12 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा है। बहुजन समाज पार्टी प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर रमाकांत पिप्पल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी शामिल रहे।

चेतावनी! … तो होगा वृहद आंदोलन

भाजपा शासित मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों एवं पिछड़े वर्गों पर बढ़ते अत्याचार पर बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर रमाकांत पिप्पल ने तीव्र आक्रोश जताया है। उन्होंने पन्ना में पत्रकारों से कहा कि, मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त होने से अराजकता चरम सीमा पर पहुंच चुकी है, हर तरफ गुंडागर्दी का माहौल है। लोगों को फांसी पर लटकाया जा रहा है। सरेआम बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या की जा रही है। हमारी बेटियों-बहनों की आबरू लूटी जा रही है। दबाव बनाकर इन मामलों को दबाया जा रहा है। कृषि सीजन के समय अन्नदाता किसानों को खाद नहीं मिल रही है। दबंगों द्वारा जमीनों पर कब्जे किए जा रहे हैं और कई सरपंचों को प्रताड़ित किया जा रहा है। जिसके विरोध में बसपा ने प्रदर्शन करके स्पष्ट कर दिया है कि, हम इस स्थिति को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इंजीनियर पिप्पल ने भाजपा एवं कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि दोनों की मिलीभगत के चलते कमजोर तबकों के हितों पर कुठाराघात हो रहा है। जमीनों के सीमांकन एवं आवंटन की प्रक्रिया बाधित की जा रही है। हमने प्रशासन को आगाह कर दिया है अगर शीघ्र ही न्यायोचित मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो बसपा के द्वारा जिले में वृहद अंदोलन किया जाएगा।

दोहरे हत्याकांड का जल्द हो खुलासा

राज्यपाल के नाम पर सौंपे गए ज्ञापन में बहुजन समाज पार्टी ने पिछले माह जिले के अजयगढ़ क़स्बा में हुए मां-बेटे के अंधे कत्ल की जघन्य वारदात का अब तक खुलासा न होने पर गुस्सा जाहिर करते हुए पन्ना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। बसपा ने इसे पुलिस की नाकामी करार दिया है। साथ ही अंधेक़त्ल का जल्द से जल्द खुलासा कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। गड़ोखर ग्राम में संदिग्ध परिस्थितियों में दलित लड़के का शव मिलने एवं सुनवानी थाना क्षेत्र अंतर्गत मनपुरा ग्राम में कथित तौर पर एक युवक की आंखें निकालकर शव पेड़ पर टांगने के मामले का अब तक खलासा न होने पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। ग्राम बछरवारा में सुखलाल चौधरी की हत्या किए जाने पर उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। अनुसूचित जाति की 70 वर्ष पुरानी बस्तियों में दबंगों का अवैध तरीके से पट्टे जारी करने से उनके द्वारा दलितों को बस्ती खाली करने की धमकियां दी जा रही हैं। इस कारण तिघरा बुजुर्ग, बेली हिनौती, सिंघौरा, विष्णु मानिकपुर आदि ग्रामों में टकराव की स्थिति निर्मित हो रही है। ज्ञापन में सुपात्र आदिवासियों को वन भूमि के पट्टे वितरित एवं किसानों को मांग अनुरूप खाद समय पर उपलब्ध कराने सहित अन्य मांगें शामिल हैं।

ये रहे शामिल

बहुजन समाज पार्टी द्वारा कानून व्यवस्था, किसानों की समस्या एवं कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पन्ना में राज्यपाल के नाम 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
पन्ना जिले की जन समस्याओं को लेकर बहुजन समाज पार्टी मध्य प्रदेश के अध्यक्ष इंजीनियर रमाकांत पिप्पल के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन पन्ना कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में पन्ना के नायब तहसीलदार को सौंपा गया। इस दौरान मुख्य रूप से भागवत प्रसाद वर्मा जिलाध्यक्ष बसपा पन्ना, कमलेश भाई पटेल पूर्व प्रत्याशी बसपा खजुराहो लोकसभा क्षेत्र, देवीदीन आशू पूर्व प्रत्याशी गुनौर विधानसभा क्षेत्र, विमला अहिरवार पूर्व प्रत्याशी पन्ना विधानसभा क्षेत्र, महेन्द्र वर्मा पूर्व जिलाध्यक्ष बसपा, रामरतन वर्मा, नंदकिशोर पटेल, रामपत सेन, रमेश प्रसाद, संतकुमार, रामकुमारी, दिनेश वर्मा, मोहन वर्मा सहित बहुजन समाज पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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पन्ना के सीएमएचओ ऑफिस में लोकायुक्त की कार्रवाई, लिपिक को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

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लोकायुक्त टीम की के साथ लाल घेरे में रिश्वत लेने वाला आरोपी लिपिक विमल खरे।

 अवकाश स्वीकृत करवाने के एवज में सीएमएचओ के नाम पर मांग रहा था रिश्वत

 क्षय केन्द्र के टेक्नीशियन की शिकायत पर लोकायुक्त की टीम ने की ट्रैप कार्रवाई

  पिता की मृत्यु के बाद मिली अनुकंपा नियुक्ति को रिश्वत के लालच में दांव पर लगाया

  पन्ना जिले में महज पखवाड़े भर के अंदर लोकायुक्त की दूसरी कार्रवाई से मचा हड़कंप

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) बेइंतहा भ्रष्टाचार और घूसखोरी के लिए बदनाम मध्यप्रदेश के अति पिछड़े पन्ना जिले में लोकायुक्त सागर की टीम द्वारा महज पखवाड़े भर के अंदर आज दूसरी ट्रैप कार्रवाई करने के बाद से प्रशासनिक हलकों में जबरदस्त हड़कंप मचा है। लोकायुक्त टीम ने आज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पन्ना के स्थापना शाखा के सहायक लिपिक विमल खरे को जिला क्षय केन्द्र में पदस्थ लैब टेक्नीशियन दिलीप डामोर से 2500/- (पच्चीस सौ) रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। लिपिक द्वारा अवकाश स्वीकृत करवाने के एवज में कथित तौर पर सीएमएचओ के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही थी। लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय समेत परिसर में स्थित अन्य विभागीय कार्यालयों में भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई। इस कार्रवाई से भयभीत स्वास्थ्य विभाग के अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी देखते ही देखते कार्यालय से गायब हो गए। सीएमएचओ ऑफिस की पहली मंजिल जहां पर यह कार्रवाई की गई वहां पर बैठने वाले कर्मचारी तो 3-4 घंटे बाद भी वापस नहीं लौटे थे।

बीमार मां का इलाज कराने मांगा था अवकाश

शिकायतकर्ता लैब टेक्नीशियन दिलीप डामोर।
लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई के संबंध में प्राप्त जानकारी अनुसार, जिला क्षय केंद्र पन्ना में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत दिलीप डामोर पिता देवचंद डामोर 28 वर्ष निवासी ग्राम नवापाड़ा तहसील थांदला जिला झाबुआ की मां कई दिनों से बीमार चल रहीं थी। अपनी बीमार मां का इलाज करवाने लिए दिलीप ने 25 दिन के अर्जित अवकाश स्वीकृति हेतु सीएमएचओ कार्यालय में दिनांक 10 सितंबर 2025 को आवेदन पत्र था। अवकाश स्वीकृत न होने पर उसने स्थापना शाखा के सहायक लिपिक विमल खरे से सम्पर्क किया। लिपिक विमल ने उसे बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अवकाश स्वीकृत नहीं कर रहे हैं, कथित तौर पर साहब द्वारा अवकाश स्वीकृत करने के एवज़ एक दिन के अवकाश के 100 रुपए के मान से 25 दिन के कुल 2500/- रुपए की डिमांड की जा रही है।
फाइल फोटो।
लिपिक द्वारा सीएमएचओ के नाम पर रिश्वत की मांग करने के कारण परेशान होकर लैब टेक्नीशियन दिलीप ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर योगेश्वर शर्मा से शिकायत की। दिनांक 03 अक्टूबर 2025 को शिकायत का सत्यापन कराने पर लिपिक ने 25 दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत करवाने के एवज में 2500 (पच्चीस सौ) रुपए की रिश्वत की स्पष्ट मांग की गई। शिकायत सही पाए जाने पर घूसखोर बाबू को रंगे हाथ दबोंचने फुलप्रूफ प्लान तैयार किया गया।

रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोंचा गया आरोपी

रिश्वत लेने वाले आरोपी के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध करने की कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त सागर की टीम।
आज बुधवार 8 अक्टूबर दोपहर में लगभग 1 बजे लैब टेक्नीशियन दिलीप डामोर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पहुंचकर पहली मंजिल पर बैठे स्थापना शाखा के सहायक लिपिक विमल खरे को पूर्व चर्चानुसार रिश्वत के रूप में 2500/- रुपए देते हुए जल्दी अवकाश स्वीकृत करवाने आग्रह किया। इसके अगले ही पल वहां लोकायुक्त निरीक्षक रोशनी जैन के नेतृत्व वाली टीम ने दबिश देकर घूसखोर लिपिक विमल खरे को रंगे हाथ दबोंच लिया। आरोपी के कब्जे से रिश्वत की राशि जब्त करके उसके हाथ धुलवाए गए। समाचार लिखे जाने तक लोकायुक्त की टीम आरोपी लिपिक के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध करने की कार्रवाई में जुटी थी। उल्लेखनीय है कि, रिश्वत लेने के मामले गिरफ्तार आरोपी लिपिक विमल खरे का मूल पद डाटा एंट्री ऑपरेटर है। उसकी पदस्थापना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहनगर में है लेकिन वह पिछले कई माह से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पन्ना में अटैच है और यहां स्थापना शाखा में सहायक लिपिक के रूप में कार्यरत है। विदित हो कि विमल को उसके पिता की मृत्यु के बाद लगभग 3 साल पहले अनुकंपा नियुक्ति मिली थी, जिसे उसने कथित तौर पर अपने अधिकारी के लिए धन उगाही करने अथवा अधिकारी के नाम पर स्वयं रिश्वत डाकरने के लालच में दांव पर लगा दिया।

10 दिन पूर्व अमानगंज में हुई थी बड़ी कार्रवाई

निरीक्षक रोशनी जैन के नेतृत्व में पन्ना के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई करने वाली लोकायुक्त सागर की टीम।
लोकायुक्त की लगातार कार्रवाई के बाद भी पन्ना जिले के सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी का बोलबाला है। हाल यह है कि, सरकारी कार्यालयों में रिश्वत दिए बगैर आम आदमी का कोई काम ही नहीं होता। योजनाओं का लाभ लेने से लेकर अन्य जायज काम कराने के लिए लोगों को रिश्वत देनी पड़ती है। जो लोग रिश्वत नहीं देते उन्हें भ्रष्ट सरकारी अमले के द्वारा भटकाया और परेशान किया जाता है। जिले के अमानगंज में महज 10 दिन पूर्व लोकायुक्त सागर की टीम द्वारा की गई कार्रवाई इस बात का प्रमाण है। बाल विवाह से संबंधित एक मामले में समझाइश के बाद लड़का-लड़की पक्ष द्वारा विवाह टालने के बावजूद लड़के पक्ष को अमानगंज थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक रिश्वत के लिए लगातार परेशान कर रहा था। थकहार कर पीड़ित पक्ष ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। इस मामले में लोकायुक्त सागर की टीम ने 29 सितंबर 2025 की रात ट्रैप कार्रवाई करते हुए राममोल नामदेव नामक एक व्यक्ति को 30000/- (तीस हजार) रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। लोकायुक्त टीम ने इस बहुचर्चित प्रकरण में राममोल के साथ फरार आरोपी प्रधान आरक्षक मुकेश सोनी, पुलिस आरक्षक सतीश श्रीवास एवं रामलाल सोनी के खिलाफ भी आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को जांच में लिया है। प्रधान आरक्षक ने रिश्वत लेने के चक्कर में तीन अन्य लोगों से मोबाइल से बात करके उन्हें इस मामले में शामिल कर लिया था।

इनका कहना है-

‘संबंधित कर्मचारी का अवकाश पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है। मैं कभी किसी से किसी भी काम के एवज कोई डिमांड नहीं करता हूं, यदि लिपिक मेरा नाम लेकर रिश्वत मांग रहा था तो यह सरासर गलत है इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पन्ना में मेरी पदस्थापना के पूर्व से ही लिपिक विमल खरे सीएमएचओ ऑफिस में अटैच है। लोकायुक्त से ट्रैप कार्रवाई की लिखित जानकारी प्राप्त होने पर इस मामले में नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।’

राजेश प्रसाद तिवारी, प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला पन्ना।

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पन्ना टाइगर रिजर्व में तेंदुए की संदिग्ध मौत, शरीर पर कई जगह थे घाव

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पन्ना टाइगर रिजर्व का मड़ला ग्राम में स्थित प्रवेश द्वार। (फाइल फोटो)

मौत के लगभग 2-3 दिन बाद शव मिलने से जंगल गश्ती पर उठ रहे सवाल

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve) अंतर्गत बीती शाम एक अर्धवयस्क नर तेंदुए का शव संदिग्ध हालत में मिलने से हड़कंप मचा है। घटना गहरी घाट रेंज की है। मृत तेंदुए (Leopard) की गर्दन और पेट में चोट के निशान मिलने की चर्चाएं है। शव की स्थिति को देखते हुए तेंदुए की मौत लगभग 2-3 दिन पूर्व होने की संभवाना जताई जा रही है। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन तेंदुए की मौत को प्रथम दृष्टया आपसी संघर्ष (Mutual Conflict) मान रहा है लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
रडार न्यूज़ को पन्ना टाइगर रिजर्व (पटारि) के मैदानी सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार, शुक्रवार 3 अक्टूबर 2025 की देर शाम गहरी घाट रेंज अंतर्गत अर्धवयस्क नर तेंदुआ (2 वर्ष) मृत अवस्था में पड़ा मिला। प्रारंभिक जांच और गर्दन एवं शरीर पर कई जगह घाव की वजह से पार्क के अधिकारी आपसी संघर्ष में मौत होना मान रहे हैं। एक मैदानी कर्मचारी ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि अर्धवयस्क तेंदुए की मौत अन्य किसी तेंदुए के साथ संघर्ष में होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि जिस क्षेत्र में तेंदुए का शव बरामद हुआ है वहां बाघों का मूवमेंट भी बना रहता है। मौत के लगभग 2-3 दिन बाद तेंदुए का शव बरामद होने से पन्ना टाइगर रिजर्व की सतत निगरानी एवं गश्ती पर सवाल उठ रहे हैं।
फाइल फोटो।
शुक्रवार देर रात तेंदुए के शव को जंगल से लाकर बड़ौर ग्राम स्थित वाइल्ड लाइफ हॉस्पिटल की मोर्चरी (Mortuary) में सुरक्षित रखवाया गया। जहां आज शनिवार सुबह पन्ना टाइगर टाइगर रिजर्व के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव गुप्ता एवं पशु चिकित्सक डॉ. प्रियंका बुंदेला की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया। इस दौरान मौके पर पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक (Field Director) नरेश सिंह यादव, उप संचालक एवं पटारि के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। पोस्टमार्टम पश्चात तेंदुए के शव को जला दिया गया। उल्लेखनीय है कि तेंदुए की मौत के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक नरेश सिंह यादव से मोबाइल फोन पर संपर्क किया गया लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
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