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मध्यप्रदेश: आदिवासी की जमीन हड़पने के मामले में कांग्रेस नेता श्रीकांत दीक्षित गिरफ्तार, जेल भेजा

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पुलिस अभिरक्षा में कोतवाली थाना पन्ना से जिला अस्पताल के लिए रवाना होते कांग्रेस नेता श्रीकांत उर्फ पप्पू दीक्षित। (हुडी जैकेट पहने)

*    दो आदिवासी महिलाओं की शिकायत पर जांच के बाद दर्ज हुआ था आपराधिक प्रकरण

*     सीने में दर्द की शिकायत पर रात्रि में जेल से जिला अस्पताल लाकर कराया भर्ती

*     गिरफ्तारी की कार्रवाई शहर में बनी चर्चा का विषय, मामले में अन्य आरोपी फरार

पन्ना।(www.radarnews.in) बेबस और लाचार आदिवासी महिलाओं की बेशकीमती भूमि को हड़पने के मामले में पुलिस ने खनिज ठेकेदार एवं प्रदेश कांग्रेस के पूर्व महामंत्री श्रीकांत उर्फ पप्पू दीक्षित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हैरान करने वाला फर्जीवाड़ा कर दो आदिवासी महिलाओं की पैतृक भूमि को क्रय करके अपने नाम पर नामांतरण कराने के आरोप में पुलिस ने गुरुवार 15 जनवरी 2026 की सुबह पप्पू को उनके घर से गिरफ्तार कर शाम को न्यायालय में पेश किया। जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए गए। न्यायालय के आदेश पर अमल करते हुए पुलिस ने आरोपी को देर शाम जिला जेल में दाखिल करा दिया। जमीन हड़पने के इस बहुचर्चित मामले में कोतवाली थाना पन्ना में श्रीकांत उर्फ पप्पू दीक्षित समेत 3 आरोपियों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 419, 409, 34 आईपीसी एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम 1989 की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध है। मामले में शामिल अनुपम त्रिपाठी निवासी इंद्रपुरी कॉलोनी पन्ना सहित अन्य आरोपी फरार हैं, जबकि एक आरोपी राजाराम सौंर निवासी जैतूपुरा की वर्ष 2023 में मृत्यु हो चुकी है। कांग्रेस नेता पप्पू को गिरफ्तार करने
की कार्रवाई पन्ना एसडीओपी एसपी सिंह के बघेल के नेतृत्व वाली पुलिस टीम के द्वारा की गई।

यह है पूरा मामला

पन्ना जिला मुख्यालय से लगे मनौर ग्राम की दो आदिवासी महिलाओं ने कांग्रेस नेता श्रीकांत उर्फ़ पप्पू दीक्षित और अनुपम त्रिपाठी पर उनकी 2 हेक्टेयर पैतृक कृषि भूमि को फर्जीवाड़ा करते हुए अवैध तरीके से क्रय कर कब्जाने का आरोप लगाया था। फरियादिया संतोष रानी गौंड़ पुत्री स्वर्गीय जगोला आदिवासी 50 वर्ष निवासी ताखौरी थाना रैपुरा ने इस मामले की शिकायत दिनांक 25 सितंबर 2025 कोतवाली थाना पन्ना में दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसके पिता जगोला गौंड़ की मृत्यु हो चुकी है। मां मलन बाई नेत्रहीन है। परिवार में केवल दो बहनें हैं, कोई भाई नहीं है। इसके बावजूद एक व्यक्ति राजाराम सौंर निवासी जैतूपुरा थाना अमानगंज ने फर्जी तरीके से स्वयं को मेरे पिता का एकमात्र पुत्र बताकर मनौर ग्राम में स्थित हमारी पैतृक आराजी भूमि खसरा नंबर 148/4 रकवा 2.000 हेक्टेयर का फौती नामांतरण अपने नाम पर करा लिया है। पूर्व में इस प्रकरण की अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पन्ना द्वारा की गई जांच में कई बेहद चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए थे। जांच प्रतिवेदन में यह बात सामने आई कि श्रीकांत उर्फ पप्पू ने अपने मित्र अनुपम त्रिपाठी के साथ मिलकर कथित तौर पर राजराम सौंर निवासी जैतपुरा को उनके माता पिता एकमात्र पुत्र दर्शाया। इसके आधार पर राजाराम से मनौर ग्राम की 2 हेक्टेयर कृषि भूमि क्रय करके अपने नाम पर नामांतरण करा लिया। इसी आधार पर पुलिस के द्वारा पप्पू दीक्षित, अनुपम त्रिपाठी और राजाराम सौंर के विरुद्ध कोतवाली थाना में अपराध क्रमांक 824/2025 पंजीबद्ध कर मामले को जांच में लिया था।

पिता के मिलते-जुलते नाम के आधार किया फर्जीवाड़ा

खनिज ठेकेदार एवं कांग्रेस नेता पप्पू उर्फ़ श्रीकांत दीक्षित।
कुसुम रानी गौंड़ व संतोष रानी पुत्री स्वर्गीय जगोला गौंड़ द्वारा फर्जीवाड़े की पहली शिकायत कलेक्टर पन्नासे की गई थी। जिसमें बताया गया कि, ग्राम जैतूपुर तहसील अमानगंज निवासी एक फर्जी व्यक्ति द्वारा अपने एवं हमारे पिता के मिलते-जुलते नाम का फायदा उठाया गया है और हमारा भाई एवं माता-पिता का एक मात्र फर्जी पुत्र बनाकर फर्जी तरीके से हमारी जमीन अनुपम त्रिपाठी एवं श्रीकांत दीक्षित द्वारा क्रय की गई। पूर्व कलेक्टर सुरेश कुमार ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पन्ना से जांच प्रतिवेदन मंगाया था। जांच में खुलासा हुआ कि, शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत शिकायत पत्र और संलग्न दस्तावेज शपथ पत्र में उल्लेख है कि उनके पिता की ग्राम मनौर स्थित भूमि खसरा नंबर 148/4 रकवा 2.000 हेक्टेयर को अनुपम एवं श्रीकांत ने जैतुपुरा के एक फर्जी व्यक्ति राजाराम को आवेदिकाओं का भाई और उनके माता पिता का फर्जी पुत्र बनाकर जमीन अवैध तरीके से क्रय की गई, जबकि दोनों बहनों के संलग्न शपथ पत्र में लेख है कि हमारा कोई भाई नहीं है। आवेदिकाओं के निकट संबंधी एवं दो साक्षियों के प्रस्तुत शपथ पत्र में भी इस बात का उल्लेख है कि दिवंगत पिता की केवल दो पुत्रियां है एवं कोई भाई नहीं है। उक्त खसरा नंबर की भूमि को कुछ लोगों ने धोखाध़ड़ी करके ट्रांसफर करवा ली है। इनमें राजाराम सौंर सहित श्रीकांत दीक्षित एवं अनुपम त्रिपाठी शामिल हैं। शपथ पत्रों में यह भी लेख है कि श्रीकांत दीक्षित एवं रामलखन त्रिपाठी ने इस फर्जी कार्य के लिए राजाराम को 35 हजार रूपए दिए थे।

नामांतरण प्रक्रिया पर भी उठाए थे सवाल

पन्ना एसडीएम ने अपनी जांच में ग्राम मनौर की नामांतरण पंजी प्रविष्टि क्रमांक 10 पर तहसीलदार पन्ना द्वारा पारित आदेश की प्रति के संबंध में मूल नामांतरण पंजी से मिलान की कार्यवाही की गई। इस दौरान पाया गया कि यह प्रविष्टि हल्का पटवारी द्वारा खसरा नंबर के खातेदार की 15 वर्ष पूर्व मृत्यु और उनकी पत्नी 10 वर्ष पूर्व फौत होना लेखकर उनके फर्जी पुत्र के पक्ष में नामांतरण किए जाने के संबंध में दर्ज की गई थी। तहसीलदार पन्ना द्वारा मृतक के स्थान पर वारिश के नाम नामांतरण स्वीकृत किया गया। मूल नामांतरण पंजी के साथ उद्घोषणा पत्र चस्पा है, किंतु तामीली, मुनादी या प्रकाशन कराने संबंधी कोई रिपोर्ट इसमें अंकित नहीं है। दिनांक 9 नवम्बर 2020 की नकल अनुसार पंजीकृत विक्रय पत्र 05 सितंबर 2020 के आधार पर श्रीकांत दीक्षित एवं अनुपम त्रिपाठी के पक्ष में स्वीकृत किया गया है। इस मामले में दस्तावेजों के अवलोकन उपरांत पाया गया कि उक्त भूमि जगोला पिता बल्दुआ गौड़ निवासी मनौर के नाम दर्ज रही है, जबकि जैतुपुरा निवासी राजाराम आदिवासी गौड़ नहीं बल्कि सौंर जनजाति के हैं। कलेक्टर न्यायालय द्वारा प्रकरण में कुछ माह पूर्व निर्णय पारित करते हुए तहसीलदार पन्ना का 28 जुलाई 2018 का आदेश निरस्त कर उक्त आराजी मूल भूमि स्वामी जगोला गौड़ पिता बल्दुआ के वैध वारिसों के नाम पुनः दर्ज करने का आदेश दिया गया। साथ ही फर्जीवाड़ा करने वाले क्रेताओं के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई हेतु लेख किया था। इसी आधार पर पुलिस ने संतोष रानी की शिकायत पर कांग्रेस नेता पप्पू दीक्षित, अनुपम त्रिपाठी और राजाराम सौंर के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया था।

जेल से अस्पताल लाकर कराया भर्ती

पप्पू दीक्षित को गिरफ्तार करने की खबर आने के बाद कोतवाली थाना में भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
आदिवासी महिलाओं की जमीन हड़पने के मामले में कई दिनों से फरार चल रहे मुख्य आरोपी खनिज ठेकेदार एवं कांग्रेस नेता श्रीकांत उर्फ़ पप्पू दीक्षित को पुलिस द्वारा गुरुवार को गिरफ्तार करने की खबर आने के बाद बड़ी संख्या में उनके परिचित, समर्थक, कांग्रेस-भाजपा नेता और विप्र समाज के लोगों का हुजूम कोतवाली थाना में उमड़ पड़ा। गिरफ़्तारी की दस्तावेजी कार्रवाई के चलते कोतवाली थाना में काफी देर लोगों और स्थानीय मीडिया का जमावड़ा लगा रहा। शाम को पुलिस वाहन से मेडिकल परीक्षण के लिए पप्पू को जब जिला अस्पताल लाया गया तो कोतवाली थाना में जमा भीड़ पीछे-पीछे वहां भी पहुंच गई। इस दौरान काफी गहमा-गहमी भरा माहौल रहा। देर शाम उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान न्यायालय परिसर में भी काफी भीड़-भाड़ देखी गई। न्यायालय के आदेश पर देर शाम पप्पू को जिला जेल भेज दिया गया। जहां लगभग डेढ़ घंटे बाद सीने में दर्द, घबराहट होने की शिकायत पर डॉ. आरके ठाकुर ने जेल पहुंचकर उसका परीक्षण किया। और फिर डॉक्टर की सलाह पर बेहतर उपचार के लिए रात्रि में करीब 9.30 बजे प्रहरियों द्वारा जेल से जिला अस्पताल ले जाकर लाकर भर्ती कराया गया। समाचार लिखे जाने तक पप्पू दीक्षित का जिला अस्पताल में उपचार जारी था।
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9 करोड़ की सड़क, एक साल भी नहीं चली: गड्ढों में तब्दील 4 किमी. डायवर्सन रोड; भ्रष्टाचार की परतें उघाड़ती तस्वीरें

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पन्ना-अजयगढ़ मार्ग पर रुन्ज बांध क्षेत्र में निर्मित वैकल्पिक मार्ग की जर्जर स्थिति के फोटो दे रहे घटिया निर्माण कार्य की गवाही।

*      स्टेट हाईवे-55 पर पन्ना–अजयगढ़ के बीच रुंज बांध क्षेत्र का मामला

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) स्टेट हाईवे-55 पर पन्ना–अजयगढ़ मार्ग के बीच रुंज बांध क्षेत्र में जल संसाधन विभाग पन्ना द्वारा निर्मित 4 किलोमीटर लंबी डायवर्सन रोड आज अपने निर्माण के महज एक साल के भीतर ही पूरी तरह उखड़ चुकी है। लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह सड़क अब कागजी गुणवत्ता और जमीनी हकीकत के बीच के भयानक अंतर को उजागर कर रही है। सड़क की मौजूदा हालत की तस्वीरें (फोटो) किसी बयान या सफाई की मोहताज नहीं हैं। जगह-जगह उखड़ी परतें, धंसी हुई सतह, बड़े-बड़े गड्ढे और बिखरा हुआ मटेरियल साफ संकेत देता है कि सड़क की यह जर्जर स्थिति सामान्य घिसावट का नहीं, बल्कि घटिया निर्माण और तकनीकी अनदेखी का परिणाम है। सड़क निर्माण से जुड़े जानकारों का मानना है कि नई बनी सड़क में समय के साथ सूक्ष्म पेंच या सतही दरारें आ सकती हैं, लेकिन यदि सड़क गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बनी हो तो एक साल के भीतर उसका इस कदर जर्जर हो जाना असंभव है। यह स्थिति सीधे तौर पर इस ओर इशारा करती है कि या तो निर्माण के समय सब-स्टैंडर्ड मटेरियल का उपयोग हुआ, या फिर तकनीकी निगरानी केवल फाइलों तक ही सीमित रही।

गारंटी पीरियड में सड़क खस्ताहाल, जवाबदेह कौन?

सालभर पहले बनी 4 किलोमीटर लंबी सड़क गारंटी पीरियड में ही जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी।
सबसे गंभीर तथ्य यह है कि यह सड़क अभी गारंटी पीरियड में है। नियमों के अनुसार इस अवधि में सड़क के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होती है। इसके बावजूद सड़क को उसकी बदहाली पर छोड़ दिया जाना यह दर्शाता है कि ठेकेदार को खुली छूट और विभागीय संरक्षण प्राप्त है। सड़क की हालत को देखकर यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या जल संसाधन विभाग किसी बड़े हादसे या जनहानि का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद जांच और बयानबाजी का सिलसिला शुरू होगा? रुंज सिंचाई परियोजना के डूब क्षेत्र में पुरानी सड़क का कुछ हिस्सा आने के बाद यातायात को चालू रखने के उद्देश्य से यह वैकल्पिक मार्ग बनाया गया था। लेकिन आज यही मार्ग दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए खतरे का पर्याय बन गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक आए दिन वाहन अनियंत्रित होकर पलटने का खतरा बढ़ गया है। वहीं दुपहिया चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं और छिटपुट दुर्घटनाएं अब आम हो चुकी हैं। यातयात को सुरक्षित बनाने के बजाए वाहन चालकों-यात्रियों को खस्ताहाल सड़क पर चलने के लिए मजबूर करके उनके जीवन को जानबूझकर खतरे में डाला जा रहा है। जिम्मेदारों की यह बेपरवाही गंभीर आपराधिक लापरवाही की श्रेणी में आती है।

कार्यपालन यंत्री की भूमिका पर सवाल

सतीश शर्मा, प्रभारी कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग पन्ना।
इस पूरे मामले का सबसे गंभीर और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करने वाला पहलू यह है कि सड़क का निर्माण सालभर पहले पूरा हो जाने के बावजूद जल संसाधन विभाग अब तक इसे मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) को हैंडओवर नहीं कर पाया है। एमपीआरडीसी द्वारा सड़क को अपने अधीन लेने के लिए जिन आवश्यक तकनीकी, गुणवत्ता और प्रशासनिक दस्तावेजों की मांग की गई, वे आज तक उपलब्ध नहीं कराए गए। यह स्थिति सीधे तौर पर जल संसाधन संभाग पन्ना के प्रभारी कार्यपालन यंत्री सतीश शर्मा की घोर लापरवाह और गैर-जिम्मेदार कार्यप्रणाली को उजागर करती है। एक ओर गारंटी पीरियड में ही जर्जर हो चुकी सड़क की मरम्मत कराने में आपराधिक स्तर की उदासीनता बरती जा रही है, वहीं दूसरी ओर सड़क को एमपीआरडीसी को हैंडओवर न कर पाना यह दर्शाता है कि विभाग में जवाबदेही की पूरी व्यवस्था ही ठप है। सड़क को हैंडओवर करने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन होने के रटे-रटाए जवाब देकर लापरवाही पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। जबकि जमीनी हकीकत यह है कि सड़क आज भी जल संसाधन विभाग के अधीन है और उसकी हालत दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। अब सवाल यह नहीं है कि सड़क कब सुधरेगी, बल्कि यह है कि क्या किसी बड़ी जनहानि के बाद ही जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई होगी, या फिर सार्वजनिक धन और आमजन की जान यूं ही दांव पर लगी रहेगी?

इनका कहना है

“कुछ समय पहले जल संसाधन विभाग ने सड़क को हैंडओवर करने के लिए पत्र भेजा था, जिसके जबाव में उनसे सड़क निर्माण की अनुमतियों से जुड़े आवश्यक दस्तावेज मंगाए थे लेकिन फिर उनका कोई जवाब नहीं आया। अभी उक्त सड़क जल संसाधन विभाग के ही पास है और गारंटी पीरियड में है।”

एमके पटेल, एजीएम, एमपीआरडीसी सागर

“वैकल्पिक सड़क का निर्माण कार्य 8 करोड़ 88 लाख रुपए की लागत से अग्रवाल कंस्ट्रक्शन टीकमगढ़ ने किया था। सड़क अभी गारंटी पीरियड में इसलिए सुधार की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। सड़क एमपीआरडीसी को हैंडओवर करने की कार्रवाई प्रचलन में है। सड़क की मरम्मत के लिए भी ठेकेदार को वरिष्ठ अधिकारियों ने पत्राचार किया है। इस संबंध में जानकारी के लिए आपको कार्यपालन यंत्री से सम्पर्क करना पड़ेगा।”

देवेन्द्र अहिरवार, उपयंत्री, जल संसाधन संभाग, पन्ना

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EOW का एक्शन: कार्यपालन यंत्री समेत फर्म के प्रोप्रराइटर पर कई संगीन धाराओं में अपराध पंजीबद्ध           

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सागर में स्थित आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ का कार्यालय भवन। (फाइल फोटो)

*     जालसाजी कर फर्म के नाम फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने का मामला

पन्ना। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) सागर में आवेदक सम्यक जैन एवं मनन अग्रवाल द्वारा अनावेदक तत्कालीन कार्यपालन यंत्री (Executive Engineer) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खण्ड दमोह के विरूद्ध मेसर्स अमन इन्टरप्राइजेज पन्ना को फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में शिकायत की थी। शिकायत आवेदन पत्र की जांच में मेमर्स अमन इन्टरप्राइजेज को फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जारी करना पाए जाने से तत्कालीन कार्यपालन यंत्री व फर्म के प्रोपराइटर अमन ओमरे के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

ठेका उमापति का प्रमाण पत्र मेसर्स अमन को जारी

ईओडब्ल्यू (Economic Offences Wing) सागर द्वारा की गई जांच में पाया गया कि जिला दमोह में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जारी टेंडर क्रमांक 31/21-22 उमापति ड्रिलर्स को प्राप्त हुआ। फर्म द्वारा कार्य पूर्ण करने पर कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र मेसर्स उमापति ड्रिलर्स को जारी किया गया था। इसके विपरीत तत्कालीन कार्यपालन यंत्री एम. के. उमरिया द्वारा वर्ष 2022 में टेंडर प्राप्तकर्ता फर्म से भिन्न फर्म मेसर्स अमन इन्टरप्राईजेस को अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया गया। मेसर्स अमन इन्टरप्राईजेस द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) से कोई भी टेंडर प्राप्त नहीं किया गया था एवं न ही किसी प्रकार का अनुबंध किया गया। मेसर्स अमन इन्टरप्राईजेस द्वारा इस फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र का उपयोग पन्ना जिले में टेंडर प्राप्त करने के लिए किया गया।

 … तो अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध भी होगी कार्रवाई

इस प्रकार तत्कालीन कार्यपालन यंत्री द्वारा पद का दुरुपयोग करते हुए षडयंत्रपूर्वक मेसर्स अमन इंटरप्राइजेज के प्रोप्रराइटर अमन ओमरे के साथ मिलकर मेसर्स अमन इन्टरप्राईजेज को अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया गया, जबकि उक्त टेंडर उमापति ड्रिलर्स को प्राप्त हुआ था व कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र भी उमापति ड्रिलर्स को जारी किया गया था। जांच उपरांत आरोपियों एम.के. उमरिया तत्कालीन कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खण्ड दमोह, अमन ओमरे प्रोप्रराइटर मेसर्स अमन इन्टरप्राईजेज पन्ना एवं मेसर्स अमन इन्टरप्राईजेस, अजयगढ़ चौराहा पन्ना के विरूद्ध अपराध अंतर्गत धारा 420, 120 बी भादवि. एवं धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के घटित करना पाए जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। विवेचना के दौरान अन्य व्यक्तियों की भूमिका आने पर भी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
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सामाजिक भेदभाव का प्रतीक मनुस्मृति को जलाकर संविधान बचाने लिया संकल्प

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पन्ना के अंबेडकर चौक पर मनुस्मृति की प्रतियों को आग के हवाले करते आजाद समाज पार्टी एवं भीम आर्मी भारत एकता मिशन के पदाधिकारी।

* आजाद समाज पार्टी के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष की अगुवाई में अंबेडकर चौक पर हुआ प्रदर्शन

पन्ना।(www.radarnews.in) आजाद समाज पार्टी एवं भीम आर्मी भारत एकता मिशन पन्ना के तत्वाधान में गुरुवार 25 दिसंबर 2025 को अंबेडकर चौक में मनुस्मृति दहन दिवस मनाया गया। शाम के समय आयोजित हुए इस सांकेतिक प्रदर्शन में बहुजन समाज के लोगों द्वारा मनुस्मृति (मनु विधान) की प्रतियां जलाई गईं।
इस आयोजन की पृष्ठभूमि बताते हुए आजाद समाज पार्टी पन्ना के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष शैलेष विश्वकर्मा ने कहा कि आज ही के दिन बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी द्वारा सन 1927 में काले कानून अर्थात मनुस्मृति का लाखों लोगों की उपस्थिति में सार्वजनिक रूप से दहन किया था और समाज में समरसता पैदा करने का संकल्प लिया था। इसी तारतम्य में प्रत्येक वर्ष 25 दिसंबर को मनुस्मृति दहन दिवस मनाया जाता है। श्री विश्वकर्मा ने बताया, मनुस्मृति को एक ऐसा ग्रंथ माना जाता है, जो सामाजिक भेदभाव और असमानता को बढ़ावा देता रहा है। इसी के विरोध और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष मनुस्मृति दहन दिवस मनाया जाता है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय संविधान में निहित समानता, स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के मूल्यों की रक्षा का संकल्प लेना तथा बहुजन समाज को एकजुट कर उनके सामाजिक उत्थान की दिशा में विचार-विमर्श करना रहा। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने सार्वजनिक रूप से मनुस्मृति का दहन कर संविधान की रक्षा की प्रतिज्ञा ली। इसके उपरांत शाम 7 बजे धरमसागर तालाब के समीप स्थित निषादराज भवन में एक सामाजिक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें बहुजन समाज के सामाजिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक उत्थान को लेकर रूपरेखा तैयार करने पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में आजाद समाज पार्टी, ओबीसी महासभा एवं भीम आर्मी एकता मिशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिसमें मुख्य रूप से आजाद समाज पार्टी से शैलेष विश्वकर्मा एडवोकेट, नंदकिशोर अहिरवार एडवोकेट, कमलेश वर्मा एडवोकेट, बृजेश रैकवार, सतीश यादव एवं सुनील टाइगर जिलाध्यक्ष भीम आर्मी भारत एकता मिशन पन्ना, नत्थू सिंह यादव (पूर्व सरपंच दरेरा), देवू सिंह गौड़, रामेश्वर कुशवाहा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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मांग : पिछड़ा वर्ग की सामजिक सुरक्षा के लिए ‘बैकवर्ड क्लास एट्रोसिटी प्रिवेंशन एक्ट’ किया जाए लागू

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 ओबीसी महासभा पन्ना ने राज्यपाल के नाम सात सूत्रीय मांगों का सौंपा ज्ञापन

 आईएस संतोष वर्मा की टिप्पणी की गलत व्याख्या के आधार पर न हो कार्रवाई

 ओबीसी आरक्षण से होल्ड समाप्त कर नौकरियों में बहाल किया जाए 27 फीसदी आरक्षण

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) ओबीसी महासभा जिला इकाई पन्ना द्वारा प्रदेश के महत्वपूर्ण मसलों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की मांग को लेकर शनिवार 13 दिसम्बर को राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम सात सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन पन्ना एसडीएम संजय कुमार नागवंशी को सौंपा गया। पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंचे ओबीसी महासभा के कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों की द्वारा जमकर नारेबाजी की गई। ज्ञापन में अन्य पिछड़ा वर्ग को सामाजिक सुरक्षा एवं संवैधानिक संरक्षण प्रदान करने के लिए एससी-एसटी एक्ट की तर्ज पर ‘बैकवर्ड क्लास एट्रोसिटी प्रिवेंशन एक्ट’ लागू करने, आईएस संतोष वर्मा के विरुद्ध किसी दबाव या आंशिक टिप्पणी की गलत व्याख्या के आधार पर कार्रवाई न करने, सरकारी नौकरियों में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण की तत्काल बहाली तथा पन्ना जिले के स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स भर्ती में अवैध वसूली की जांच कराए जाने सहित अन्य मुद्दे शामिल हैं। ओबीसी महासभा की मांगों का आदिवासी और दलित संगठनों ने न सिर्फ पूर्ण समर्थन किया है बल्कि एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए इनके प्रतिनिधि भी ज्ञापन में सम्मलित हुए।
राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन में लेख है कि, देश में संविधान लागू हुए 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति, जनजाति को समान अधिकार, सामजिक सुरक्षा, न्याय तथा सम्मानपूर्वक जीवन जीने हेतु अनेक स्तरों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। समय-समय पर समाज विभाजनकारी शक्तियां सामाजिक सौहार्द एवं संवैधानिक मर्यादाओं को ठेस पहुंचाने का कार्य कर रही है। अतः ओबीसी महासभा, अनुसूचित जाति एवं जनजाति आपसे ज्ञापन के बिंदुओं पर गम्भीरता पूर्वक विचार कर त्वरित कार्रवाई करने की मांग करती हैं।

आईएएस वर्मा के साथ हो न्याय

ज्ञापन लेख है कि, अन्य पिछड़ा वर्ग को सामाजिक सुरक्षा एवं संवैधानिक संरक्षण प्रदान करने हेतु “पिछड़ा वर्ग अत्याचार निरोधक अधिनियम” को लागू किया जाए, जिससे इस वर्ग के सामाजिक, आर्थिक राजनीतिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। आईएएस संतोष वर्मा जी ने अपने समूचे प्रशासनिक जीवन में सामाजिक न्याय, समान अवसर और पिछड़े वर्गों की आवाज़ को मजबूती से उठाने का कार्य किया है। वर्तमान विवाद में उनके वक्तव्य को वास्तविक संदर्भ से हटाकर देखा गया जिससे एक समर्पित अधिकारी की छवि प्रभावित हुई है। ओबीसी महासभा की मांग है कि उनके समग्र सेवा रिकॉर्ड, सामाजिक योगदान और सकारात्मक कार्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें निष्पक्ष सुनवाई व प्राकृतिक न्याय का पूर्ण अवसर प्रदान किया जाए। किसी भी अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, न कि दबाव या आंशिक व्याख्या के आधार पर। ज्ञापन में मांग की गई है कि श्री वर्मा जी को न्याय दिया जाए।

किसानों के साथ वादाखिलाफी बंद करो

ओबीसी महासभा ने मांग की है कि, मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण पर लगे होल्ड को समाप्त कर नौकरियों में 27 फीसदी आरक्षण पुनः लागू किया जाए। अटकी हुई नियुक्ति प्रक्रियाओं को तत्काल प्रारंभ किया जाए। ज्ञापन में सूबे की भाजपा सरकार को उसके चुनावी वादों की याद दिलाते हुए धान की खरीदी 3,100/- (इक्तीस सौ) रुपए और गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी 2,700/- (सत्ताइस सौ) रुपए प्रति क्विंटल की दर से करने की मांग की है। ओबीसी महासभा ने अन्नदाता किसानों के साथ की जा रही वादाखिलाफी तथा अन्य चुनावी घोषणओं पर ईमानदारी से अमल के लिए राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की है। साथ ही मध्यप्रदेश में रिक्त पड़े बैकलॉग (एससी, एसटी, ओबीसी) के लगभग 70 लाख सरकारी पदों पर शीघ्र भर्ती सुनिश्चित करने तथा पन्ना के स्वास्थ्य विभाग आउटसोर्स की भर्तियों में अवैध वसूली, भाई-भतीजावाद की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।

ये रहे शामिल

ओबीसी महासभा जिला अध्यक्ष पन्ना राम भगत कुशवाहा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से जयस जिला अध्यक्ष मुकेश गौंड़, एडवोकेट शैलेष विश्वकर्मा, सोनेलाल प्रजापति, राजकुमार कुशवाहा, नत्थू यादव, संगीता पटेल, सुनील टाइगर जिला अध्यक्ष भीम आर्मी, देवीदीन कुशवाहा परशुराम पटेल विधानसभा अध्यक्ष ओबीसी महासभा पन्ना नंदकिशोर अहिरवार, बृजेश रैकवार सहित अन्य लोग शामिल रहे।
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पन्ना में जेके सीमेंट 1850 करोड़ के अतिरिक्त निवेश से करेगा यूनिट विस्तार, 800 लोगों को मिलेगा रोजगार

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  मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में खजुराहो में हुई निवेश संवर्धन पर मंत्रि-परिषद समिति की बैठक

पन्ना। राज्य में निवेश संवर्धन और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खजुराहो में मंगलवार 9 दिसंबर को निवेश संवर्धन पर मंत्रि-परिषद समिति की अहम बैठक ली। बैठक में 5 औद्योगिक इकाइयों के निवेश प्रकरणों को मंजूरी दी गई। साथ ही प्रदेश के जिलों में प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं को दी जाने वाली वित्तीय सुविधाओं के संबंध में अहम निर्णय लिए गए। बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्रि-परिषद समिति की बैठक में जेके सीमेंट कंपनी के निवेश प्रकरण पर चर्चा हुई। कंपनी वर्तमान में पन्ना जिले में 2600 करोड़ रुपये के इंटीग्रेटेड क्लिंकर और सीमेंट प्रोडक्शन प्रोजेक्ट पर काम कर रही है और 6 हजार से अधिक लोगों को रोजगार भी दे रही है। जेके सीमेंट भविष्य में 1850 करोड़ रूपये से अधिक के अतिरिक्त निवेश से यूनिट का विस्तार कर रही है, जिससे 800 लोगों को रोजगार मिलेगा।
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रेड लाइट एरिया के पास नाले में युवक की लाश मिलने से फैली सनसनी

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पन्ना के देवेंद्रनगर में घटनास्थल के समीप जमा भीड़ और मौके पर मौजूद थाना पुलिस।

*   मृतक के पन्ना निवासी होने की चर्चा, पुलिस ने पहचान को लेकर नहीं की आधिकारिक पुष्टि

पन्ना।(www.radadnews.in) जिले के देवेंद्रनगर क़स्बा के बाहरी इलाके में रेड लाइट एरिया के नजदीक राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक- 39 किनारे स्थित नाले में आज सुबह अज्ञात व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सनसनी फ़ैल गई। देखते ही देखते घटनास्थल के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंची स्थानीय थाना पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर लोगों से पूछताछ की और वरिष्ठ अधिकारियों को शव मिलने की जानकारी दी गई। मृतक की आयु लगभग 30-32 वर्ष बताई जा रही है। घटना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अज्ञात मृतक की पहचान कथित तौर पर पन्ना निवासी सेन समाज के युवक रूप में होने की जनचर्चा है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक युवक की शिनाख्ती (पहचान) के संबंध में पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी।
आज मंगलवार 9 दिसंबर की सुबह देवेन्द्रनगर की कंजर बस्ती में रहने वाले कुछ लोगों ने मुख्य सड़क किनारे स्थित नाले में जब एक युवक की लाश को पानी में तैरते हुए देखा तो जबरदस्त हड़कंप मच गया। तत्काल इसकी सूचना देवेंद्रनगर थाना पुलिस को दी गई। थाना प्रभारी रामहर्ष सोनकर ने हमराही बल के साथ मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी देने के बाद पन्ना से पहुंची फॉरेंसिक टीम ने शव की फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी कर स्थल की जांच की। तदुपरांत स्थानीय लोगों की मदद से शव को पानी से बाहर निकाला गया। आसपास के लोगों से पूछताछ कर पंचनामा कार्रवाई करने के बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले गई। पुलिस की प्रारंभिक जांच-पड़ताल में युवक की न तो आधिकारिक तौर पर शिनाख्त हो सकी और ना ही उसकी मौत के कारणों का पता चल सका।

युवक को लेकर क्या है जनचर्चा

देवेंद्रनगर क़स्बा में शाम के समय अज्ञात मृतक को लेकर कई तरह की चर्चाएं रहीं। इनके अनुसार, मृतक पन्ना निवासी सेन जाति का युवक है। कथित तौर पर वह सोमवार की शाम देवेन्द्रनगर में किसी से व्यक्ति से रुपए लेने के लिए आया था। युवक की मौत को लेकर आशंका जताई जा रही है कि शायद उसने कंजर बस्ती में पहले अवैध शराब का सेवन किया और फिर वापस लौटते समय नशे की हालत में नाले गिरने से ठंडे पानी में डूबकर मर गया। युवक की मौत कैसे हुई इसका खुलासा आधिकारिक तौर पर मृतक की शिनाख्त तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होने की बात कही जा रही है।

 

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हीरा खदान ने खोली किस्मत: 20 दिन की मेहनत में लखपति बने 2 दोस्त

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पन्ना जिले के पटी क्षेत्र की उथली खदान में दो दोस्तों को मिला 15.34 कैरेट वजन वाला जैम क्वॉलिटी का हीरा।

15 कैरेट वजन वाला उज्जवल किस्म का 70 लाख रुपए मूल्य का मिला हीरा

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) अक्सर ही यह कहा जाता है, पन्ना की रत्नगर्भा वसुंधरा किसी को कभी भी रंक से राजा बना सकती है! ऐसा ही चमत्कार आज पन्ना में एकबार फिर से हुआ है। यहां महज 20 दिन पूर्व उथली हीरा खदान लगाने वाले दो दोस्तों को 15.34 कैरेट का बेशक़ीमती हीरा मिला है। उज्जवल किस्म (जैम क्वॉलिटी) के इस हीरे का अनुमानित बाजार मूल्य 70 लाख रुपए बताया जा रहा है। दोनों युवकों ने अपने हीरे को जिला हीरा कार्यालय पन्ना में जमा कराया है जिसे आगामी हीरों की नीलामी में बिक्री के लिए रखा जाएगा।
बता दें कि सतीश खटीक पिता मुन्ना खटीक 24 वर्ष ने अपने दोस्त साजिद मोहम्मद पिता नफीस मोहम्मद 23 वर्ष निवासी रानीगंज मोहल्ला पन्ना के साथ मिलकर हीरा कार्यालय से उथली खदान का पट्टा बनवाकर करीब 20 दिन पूर्व कृष्णा कल्याणपुर क्षेत्र में खदान लगाई थी। दोनों नवयुवकों की किस्मत आज अचानक उस समय चमक उठी जब उन्हें खदान में चमचमाता हुआ बड़े साइज का हीरा मिला। हीरा पाने की तमन्ना पूरी होने से दोनों दोस्तों की ख़ुशी देखते ही बनती है। आज दोपहर में दोनों ने हीरा कार्यालय पहुंचकर पारखी अनुपम सिंह से जांच एवं वजन कराने के पश्चात अपने हीरे को विधिवत जमा करा दिया।

अब धूमधाम से हो सकेगी बहनों की शादी

सतीश खटीक ने बताया कि वह अपने पिता के साथ बकरे की मटन की दुकान चलाता है और उसकी दो बहनें हैं जो आप शादी के लायक हो गई हैं और उसके दोस्त साजिद मोहम्मद की भी दो बहने हैं और वह अपनी पिता के साथ फ्रूट की दुकान में काम करता है। उसने बताया कि बहनों की शादी के लिए उन्हें पैसों की सख्त जरूरत थी जिसके चलते उन्होंने हीरा कार्यालय से पट्टा बनवाकर अपनी किस्मत आजमाई। संयोग से आज उन्हें पटी हीरा खदान क्षेत्र में चमचमाता हुआ15.34 कैरेट का जैम क्वालिटी का हीरा मिला। हीरा मिलने का एहसास इनके लिए मन मांगी मुराद पूरी हो होने जैसा है। सतीश ने बताया कि नीलामी से मिलने वाले पैसों को वह दोनों दोस्त बराबर बराबर बाटेंगे और उनसे अपनी बहनों की धूमधाम से शादी करेंगे। इसके बाद जो रुपए बचेंगे उनसे पुनः खदान लगाएंगे साथ ही अपने काम-धंधे को बढ़ाने पर खर्च करेंगे।

दादा ने भी आजमाई किस्मत मगर पोते को मिली सफलता

पन्ना के हीरा कार्यालय में सतीश और साजिद ने पत्रकारों को अपना बेशकीमती हीरा दिखाया।
साजिद मोहम्मद बताते हैं कि उनके दादा मोहम्मद हबीब करीब 50 वर्षों तक अपनी किस्मत आजमाते रहे लेकिन उन्हें एक कैरेट का भी हीरा नहीं मिला। इसके बाद उनके पिता नफीस मोहम्मद ने भी करीब 20 साल तक उथली हीरा खदानें खोदी लेकिन हमेशा ही छोटे-मोटे हीरे ही मिले। दो पीढ़ियों की निराशा के बाद आज जब उसे 15.34 कैरेट का हीरा मिला तो परिवार में ख़ुशी की लहर दौड़ गई। वहीं जिला हीरा कार्यालय पन्ना के हीरा पारखी अनुपम सिंह ने बताया कि उक्त हीरा जैम क्वालिटी का है, जिसकी मार्केट में अच्छी डिमांड है। उन्होंने बताया कि इस हीरे को आगामी नीलामी में बिक्री के लिए रखा जाएगा। उल्लेखनीय है कि हाल ही में पन्ना डायमंड को जियो टैग मिलने के बाद और इस साल जमा होने वाले हीरों में यह अब तक का सबसे बड़ा हीरा है।
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विधानसभा अध्यक्ष ने किया महाराजा छत्रसाल की प्रतिमा का अनावरण

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पन्ना। महाराजा छत्रसाल की राजधानी एवं हीरा, तालाब और मंदिरों की नगरी पन्ना में धरम सागर तालाब के किनारे छत्रसाल जी की प्रतिमा का अनावरण गौरवशाली क्षण है। इस गरिमामयी कार्यक्रम में नगरवासी भी साक्षी बनकर उत्साहित हैं। मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक स्थान के रूप में मान्यता प्राप्त पन्ना भगवान श्री जुगल किशोर की पावन स्थली तथा महाराजा छत्रसाल के गुरु प्राणनाथ की तपस्थली भी है। यह बात विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने शनिवार को पन्ना नगर के धरम सागर तालाब परिसर में महाराजा छत्रसाल की अष्टधातु की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की हैसियत से कही। उन्होंने उपस्थितजनों को बधाई व शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर विस अध्यक्ष का तलवार एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया।
खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि यह कार्यक्रम मात्र प्रतिमा के अनावरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि महाराजा छत्रसाल के संघर्ष को निरंतर स्मरण करने का अवसर भी है। कार्यक्रम को विधायक पन्ना बृजेन्द्र प्रताप सिंह एवं नपाध्यक्ष मीना पाण्डेय ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में मुम्बई की प्लेबैक सिंगर इशिता विश्वकर्मा एवं शरद मलिक की टीम द्वारा गीत एवं भजनों की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, भाजपा नेता अधिकारी-कर्मचारी समेत गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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आपत्तिजनक टिप्पणी मामला: आक्रोशित कुर्मी-क्षत्रिय समाज ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

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कुर्मी-क्षत्रिय समाज को अपमानित करने के विरोध स्वरूप पन्ना कलेक्ट्रेट परिसर में समाज के लोगों ने जमकर नारेबाजी-प्रदर्शन किया।

*     आरोपी मुरारी पाण्डेय के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की मांग

*     कार्रवाई न होने पर सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी

पन्ना।(www.radarnews.in) सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक आपत्तिजनक वीडियो को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो में मध्य प्रदेश के सागर जिले के एक युवक द्वारा कुर्मी-क्षत्रिय समाज को अपमानित करते हुए घोर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाले असमाजिक तत्व के कृत्य पर कुर्मी-क्षत्रिय समाज में तीव्र आक्रोश व्याप्त है। जिसकी बानगी गुरुवार को पन्ना में देखने को मिली। आरोपी युवक के विरुद्ध तत्परता से कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर कुर्मी-क्षत्रिय समाज के लोगों द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर नारेबाजी-प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कुर्मी समाज ने आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं समेत राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई करते हुए तत्काल गिरफ्तार करने मांग की गई। जातिगत विद्वेष फ़ैलाने से जुड़े इस गंभीर मामले में शीघ्रता से कठोर कार्रवाई न होने पर मध्य प्रदेश कुर्मी-क्षत्रिय समाज ने सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

क्या है पूरा मामला

ज्ञापन के अनुसार, यह मामला 30 नवंबर 2025 को वायरल हुए एक वीडियो से जुड़ा है। आरोप है कि वीडियो में मुरारी पाण्डे पिता भगवत शरण उर्फ झुन्नी पाण्डे निवासी ग्राम मड़िया (संदई) तहसील एवं थाना रहली, जिला सागर ने करीब 6–7 मिनट के वीडियो में कुर्मी-क्षत्रिय समाज को निशाना बनाते हुए कथित रूप से कई बार जातिगत गालियां दी और बेहद अपमानजनक टिप्पणियां की। वीडियो में समाज के महापुरुषों के प्रति भी अत्यंत ही आपत्तिजनक एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। विवादित वीडियो के वायरल होने के बाद से मध्य प्रदेश समेत पूरे देश के कुर्मी-क्षत्रिय समाज में गहरा रोष व्याप्त है।

एमपी में उपजा जबरदस्त तनाव

आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने वाले आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पन्ना में कुर्मी-क्षत्रिय समाज के लोगों ने ज्ञापन सौंपा।
कुर्मी-क्षत्रिय समाज को अपमानित करने एवं जातिगत विद्वेष फैलाने की मंशा से जानबूझकर विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के बाद से मध्यप्रदेश में तनावपूर्ण स्थिति निर्मित है। विशेषकर बुंदेलखंड अंचल में कुर्मी समाज के लोग जगह-जगह सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार 4 दिसंबर को पन्ना जिला मुख्यालय में कुर्मी क्षत्रिय समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में सांकेतिक विरोध-प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। सभी ने मेहनतकश एवं प्रगतिशील कुर्मी-क्षत्रिय समाज को अपमानित करने वाले कृत्य को घोर निंदनीय करार दिया है। कुर्मी-क्षत्रिय समाज के प्रदेश पदाधिकारी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रामभगत पटेल ने कहा कि सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली इस घटना को गंभीरता से लेकर आरोपी युवक को एनएसए के तहत तत्काल गिरफ्तार किया जाए। अन्यथा की स्थिति में हमें सड़कों पर उतरने और धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश होना पड़ेगा। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

जातिगत अपमान बर्दाश्त नहीं

राज्यपाल के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कुर्मी-क्षत्रिय समाज ने आरोपी युवक के विरुद्ध कार्रवाई न होने की सूरत में उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी।
खजुराहो संसदीय क्षेत्र के पूर्व बसपा प्रत्याशी कमलेश भाई पटेल ने पत्रकारों से चर्चा में साफ़ शब्दों में कहा कि, जातिगत अपमान, समाज के महापुरुषों के अपमान को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि, सत्ताधारी दल का संरक्षण प्राप्त कुछ लोग बहुजन समाज की एकता से बौखलाए हुए हैं। इनकी कुंठा-बैचेनी बहुजन समाज के खिलाफ लगातार आपत्तिजनक टिप्पणी के रूप में सामने आ रही है। जिससे समाज में नफरत और आक्रोश फ़ैल रहा है। पूर्व सैनिक एवं ओबीसी महासभा के पन्ना विधानसभा अध्यक्ष परशराम पटेल ने आरोपी मुरारी पांडेय के कृत्य की कड़ी निंदा है। उन्होंने मांग की है आरोपी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति न हो। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से ओबीसी महासभा जिलाध्यक्ष रामभगत कुशवाहा, एडवोकेट प्रमोद पटेल, एडवोकेट शैलेष विश्वकर्मा, संजय पटेल, शंकर पटेल, कमलेश पटेल बाबाजी, नंदकिशोर पटेल, नंदकिशोर अहिरवार सहित बड़ी संख्या में कुर्मी-क्षत्रिय समाज तथा अन्य समाज के लोग शामिल रहे।
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